देहरा : नाग मंदिर करियाडा के प्रबंधक कुलदीप सिह गुलेरिया बने सफल किसान
विनायक ठाकुर । देहरा
एक कहावत है कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता यह लोगों की सोच पर निर्भर करता है, वो काम को किस नजरिये से देखते है। अगर आप पूरी ईमानदारी से किसी भी कार्य को करते हैं, तो यकीनन सफलता एक दिन आपके कदम चूमती है। जी हां बात कर रहे हैं। उपमंडल देहरा के अंतर्गत सुप्रसिद्ध प्राचीन ऐतिहासिक शक्तिपीठ नाग मंदिर करियाडा की, वहां 60 वर्षीय नाग मंदिर प्रबंधक कुलदीप सिह गुलेरिया विगत करीब आठ वर्षों से लगातार अपनी पांच सेेेे सात कनाल भूमि में धीया, टमाटर, तोरी, करेला, मटर फली, बीनस, लौंकी, खीरा व डानी सहित और भी कई तरह की मौसमी व बेमौसमी सब्जियां उगाकर अपने क्षेत्रभर मे एक मिसाल कायम की है। इसके अलावा कुलदीप सिंह गुलेरिया ने इलीचि, चीखू, मौसमी संतरा, गरगल देशी व विदेशी थाईलैन, निम्बू, लुगैंठ, सीताफल, जूस बाल, बिल्ल, कटहल व केला सहित चौसा, बाम्बे, ग्रीन, दशहरी व तोता देसी आदि आमों की भिन्न भिन्न वेराइटी तैयार की है।
खास बात तो यह है कि नाग मंदिर प्रबंधक कुलदीप सिह गुलेरिया अपने बगीचे में उगाई किसी भी सब्जी किसी भी ग्रामीण को पैसा लेकर मोल नहीं बेचते हैं। लिहाज़ा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं व क्षेत्र भर के लोगों को घर की उगी सब्जी प्रसाद के तौर पर निःशुल्क दे रहे हैं, जो कि किसी मिसाल से कम नहीं है। कुलदीप सिंह गुलेरिया ने सब्जी को पानी की सिचाईं के लिए अपने खेत में ही खोद रखा है। तीस फूट गहरा कूआं व नाग मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के तौर पर निःशुल्क दी जा रही है। मंदिर प्रबंधक कुलदीप सिह गुलेरिया ने बताया कि यहांं सब्जी की अच्छी पैदावार के लिए अपने खेत मे ही तीस फूट गहरा कुआं खोद रखा है, जिससे हर रोज सब्जियों को पानी की सिचाईं इसी कूएं से की जा रही है। बचपन से ही खेतबाड़ी का शौक रखने बाले कुलदीप सिह गुलेरिया ने पत्रकारों से रु-ब-रु होते हुए कहा कि यहां हमारे बगीचे में जब भी सब्जी या अन्य फल आदि की फसल तैयार होती है, तो सबसे पहले अपने आस-पड़ाेस के लोगों व यहां मंदिर मे आने वाले श्रद्धालुओं को निःशुल्क बांटी जाती है।
देसी गोबर से तैयार हो रही है हर सब्जी
कुलदीप सिंह गुलेरिया ने बताया कि में अपने बगीचे में हर सब्जी के उत्पादन के लिए केबल और केवल देसी गोबर का ही प्रयोग करते हैं। इन्होंने कहा कि हर किसान को चाहिए की वह हमेशा अपने खेतों मे ही सब्जी उगाएं और अपनी सेहत को भी कायम रखे कुलदीप सिह गुलेरिया ने बताया कि उन्होंने कभी भी अपने खेतों में बाजार या बाहरी राज्यों से मिलने वाली खाद का प्रयोग नहीं किया। हमेशा अपने पशुओं के देशी गोबर (खाद) के इस्तेमाल से ही सब्जियां पैदा की हैं। यही कारण है कि यहां हर कोई बगीचे में उगी लैहलदार सब्जियां खाने के लिए पंसद करते हैं।
