कुनिहार: श्रीमद्भागवत कथा पुराण में मनाया गया कृष्ण प्रकट उत्सव
श्री राम लीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से प्राचीन ठाकुर द्वारा मंदिर हाटकोट में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में कथा श्रवण कर श्रोता निहाल हो रहे हैं। दिन प्रतिदिन कथा में श्रोताओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इस पावन कथा का श्रवण करवा रही बाल व्यास स्मृति भारद्वाज ने अपनी ज्ञान भक्ति मई मधुर वाणी से कथा के चतुर्थ दिवस श्री कृष्ण जन्म की कथा का सुंदर वर्णन कर कथा के अनेक प्रशंग सुनाए। इस दौरान बाल रूप में श्री कृष्ण की सुंदर झांकी निकाल कर श्री कृष्णा प्रकट उत्सव मनाया गया l कथावाचक ने अपने कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए बताया कि जब जब इस धरा पर अधर्म का बोलबाला होता है, तब तब इस धारा की रक्षा के लिए भगवान विष्णु चौबीस अवतार धारण करके मानव रूप में अवतरित हुए और इस धारा की रक्षा की l द्वापर युग में भगवान विष्णु ने मां देवकी के गर्भ में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी में रोहिणी नक्षत्र में मथुरा में कंस के कारागार में जन्म लिया और वासुदेव ने उन्हें गोकुल में नंदबाबा और यशोदा के पास पालने के लिए छोड़ दिया ल भगवान कृष्ण ने जन्म से ही अपनी दिव्य अलौकिक शक्तियों का दिखाना आरंभ कर दिया था l भगवान कृष्ण ने बाल रूप में गोकुल में बहुत सारी लीलाएं की l इसके साथ कथावाचक ने अपने कथा प्रसंग में आधुनिक युग में गंभीर चुनौतियां और समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने युवा शक्ति में बढ़ते नशे के प्रचलन के प्रति सभी को आगाह किया साथ ही सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने का आह्वान भी किया l उन्होंने युवा शक्ति को संस्कार पूर्ण नैतिक शिक्षा देने का सभी अभिभावकों से आह्वान किया l आज का मानव असीमित इच्छाओं के कारण इस भौतिकता वादी युग में बहुत आत्म केंद्रित हो गया है वह देह से मानव प्रतीत होता है परंतु विचार से दानव जैसे कृत्य वह करता है। उन्होंने कथा प्रसंग में उपस्थित जनसमुदाय से श्रीमद् भागवत में लिखी हुई शिक्षाओं को अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं राम लीला जन कल्याण समिति के अध्यक्ष रितेश जोशी, हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री, देवेंद्र उपाध्याय, अमन अत्री, सूर्यांश गर्ग, दीपक कुमार, हितेंद्र, प्रियांशु शर्मा, कार्तिक भारद्वाज, योगेश, राकेश झांझी , जय, सुमित, गौतम, रूपेश शर्मा,हितेंद्र, मनीष, गौरव, मृदुल गर्ग, अच्युतम, तन्मय, अजय जोशी, प्रदीप पूरी सहित समिति के सभी सदस्यों के अलावा सैकड़ों ने कथा का रसपान किया।
