देहरा : फल और सूखे बेलपत्र खाकर माता पार्वती ने शिव को किया प्राप्त किया- सुमित शर्मा
विनायक ठाकुर।देहरा
'फल और सूखे बेलपत्र खाकर माता पार्वती ने कठिन तपस्या से भगवान शिव को प्राप्त किया है'। उक्त वाक्य शिव मंदिर निचला गढ़ प्रागपुर में चल रही शिव महापुराण की कथा के पांचवें दिन कहे। शास्त्री न वर्णन करते हुए कहा कि भगवती पार्वती ने फल व पत्ते खाकर भी भगवान शिव को पाने के कठिन तपस्या की इसके बाद पार्वती द्वारा पत्तों का भी आहार छोड़ देने के कारण उनका नाम देवाताओं ने अपर्णा रखा। उस घनघोर जंगल में भगवती के दिव्य तपोबल के कारण शेर-गाय, चूहा- बिल्ली जिनका स्थाई बैर था, वे भी एक-दूसरे को पीड़ित नहीं करते थे।
भगवान शिव पार्वती की तपस्या से प्रसन्न हुए और हिमालय राजा की मैना ने अपनी पुत्री पार्वती का हाथ भोलेनाथ को सौंप दिया। इसके बाद सभी दूर-दराज से आए भक्तों ने भगवान शिव पार्वती के विवाहोत्सव का आनंद लिया। कथा के बीच सुंदर भजन सजा दो घर को गुलशन सा व शिव चले ने गोरां कोल भगड़ा भूता दा ने भक्तों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कथा में ईशु, मीता, सतीश, फांदू, पाली पटियाल, इंदू, पूनम, नीना, चंचला व सुरेखा ने भाग लिया।
