कांगड़ा : बीजेपी सरकार को केवल वोट मांगने के समय ही आती है कांगड़ा की याद- अजय वर्मा
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अजय वर्मा ने सरकार को घेरा
मनाेज कुमार। कांगड़ा
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में लंबे समय से किसी कंपनी का कोई बड़ा निवेश न होने के चलते प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अजय वर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जिला कांगड़ा व यहां पर पढ़ रहे हजारों छात्रों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि बहुत ही दुख की बात है कि हिमाचल प्रदेश में एक और यूनिवर्सिटी मंडी में खुलने जा रही है, जिसकी जरूरत जिला कांगड़ा को सबसे अधिक थी। मंडी में यदि यूनिवर्सिटी खुल भी जाए, तो उन्हें इससे कोई एतराज नहीं है लेकिन, प्रदेश का सबसे बड़ा जिला कांगड़ा होने के नाते कांगड़ा में भी एक बेहतरीन यूनिवर्सिटी खुलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में मौजूद रीजनल सेंटर को यूनिवर्सिटी में सरकार को बदलना चाहिए था।
सरकार ने जो धोखा जिला कांगड़ा से किया है, उसे कांग्रेस पार्टी द्वारा बर्दाश नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा की जनता आने वाले समय में भाजपा की सरकार को नकार कर इसका जवाब बेहतरीन तरीके से देगी और मुझे पूर्ण विश्वास है कि कांग्रेस सरकार जिला कांगड़ा और साथ लगते जिलों में पूरी सीटें लेकर विजय होगी। हिमाचल के लगभग 10 लाख से ज्यादा लोग, जिनमें अधिकतर युवा है वह पढ़े-लिखे होने के बाबजूद बेरोजगार हो गए हैं। कुछ ही नौकरियां हिमाचल में निकलती हैं, लेकिन बाद में जब उनका रिजल्ट आता है, तो इसमें पता चलता है कि 60 प्रतिशत से 70 प्रतिशत नौकरियां मंडी जिला के लोगों को मिली है। इस के पीछे सरकार की मिलीभगत होने का शक होना आम बात है। उन्होंने कहा की कांग्रेस पार्टी के समय में हर जिला में 4,5 मेडिकल कॉलेज कांग्रेस पार्टी ने स्थापित किए। बीजेपी की सरकार ने हिमाचल में 4.5 वर्ष में कहां कितने कॉलेज स्थापित किए इस बात का वह जवाब दें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हिमाचल प्रदेश का आधा बजट बीजेपी सरकार केवल मंडी में ही खर्च कर रही है, और बाकि जिलाें के साथ बिल्कुल अन्याय हाे रहा है।
सुरक्षा की दृष्टि से हिमाचल में उन्होंने बात करते हुए बताया कि हिमाचल में सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत बुरा हाल है। कोई भी व्यक्ति आकर किसी भी तरह का झंडा सरकारी स्थानों में लगा कर चला जाता है व सरकार उन्हें पकड़ने में नाकाम रहती है। अजय वर्मा ने कहा कि बीजेपी सरकार को केवल वोट मांगने के समय ही कांगड़ा जिला की याद आती है, लेकिन जब विकास करने की बात हो तो सरकार केवल मंडी जिला की ओर अपना ध्यान देती है। कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट हो तो उसे मंडी जिला में शिफ्ट कर लिया जाता है। अगर ऐसा ही भेदभाव सरकार कांगड़ा जिला के साथ करती रही तोह कांग्रेस को मजबूर होकर इस भेदभाव का विरोध करना पड़ेगा।
एक मेडिकल कॉलेज होने के बाबजूद भी मंडी में एक और मेडिकल यूनिवर्सिटी को बना दिया गया, जबकि कांगड़ा में आसपास मेडिकल कॉलेज चंबा में, हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज, बिलासपुर में एम्स उसके बावजूद क्यों मेडिकल यूनिवर्सिटी को मंडी में ले जाया गया। उसको क्यों नहीं यहां पर बनाया जा सका। इसी तरह जितने भी जिला में बड़े विभाग थे उनके बड़े-बड़े कार्यालयों को मंडी शिफ्ट कर दिया गया। एयरपोर्ट सीएम साहब मंडी बनाने की क्यों जिद कर रहे हैं। गग्गल के लिए आज तक नहीं कुछ सोचा गया। यह सिर्फ और सिर्फ दर्शाता है कि हिमाचल के सीएम कांगड़ा के साथ भेदभाव करते हैं। हिमाचल में भेदभाव की राजनीति नहीं चलेगी। हिमाचल एक है यहां पर समान विकास करने वाली पार्टी ही राज कर सकती है। शीघ्र ही चुनाव आने वाले हैं। जनता भाजपा को चुनाव में जरूर नकारेगी। सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन्वेस्टवर मीट के नाम पर कांगड़ा को धोखे में रखकर सरकार द्वारा कई कंपनियों को बुलाया गया, लेकिन आजतक कोई बड़ी कंपनी कांगड़ा में इन्वेस्ट करने नही आई।
