मानसून सत्र : ऑनलाइन आवेदन पर ही दिया जाएगा विधानसभा सचिवालय में ई-प्रवेश पत्र
विधानसभा अध्यक्ष ने की सुरक्षा प्रबंधों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने 11:30 बजे आगामी मानसून सत्र के दृष्टिगत सुरक्षा प्रबंधों से संबंधित विधानसभा सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
गौरतलब है कि विधानसभा का 7 दिवसीय मानसून सत्र 18 सितंबर से आरंभ होने जा रहा है। इस बैठक में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों संजय कुंडू, पुलिस महानिदेशक, सतवंत अटवाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, डीसी शिमला आदित्य नेगी, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा, एसपी शिमला संजीव गांधी तथा अन्य कई विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि विधानसभा सचिवालय में ई-प्रवेश पत्र ऑनलाइन आवेदन पर ही दिया जाएगा। ई-विधान प्रणाली के तहत विधान सभा सचिवालय इसे ऑनलाइन तरीके से मुद्रित करेगी। यह आवेदन सभी ई- प्रवेश पत्र पाने वालों को अनिवार्य है। विधानसभा सचिवालय में ई- प्रवेश पत्र की जांच हेतु पुलिस द्वारा कम्पयुट्रीकृत जांच केंद्र मुख्य द्वारों पर स्थपित किए जाएंगे, ताकि कम से कम असुविधाहो तथा जांच भी पूर्ण हो। पठानिया ने कहा कि पूर्व की भांति इस बार भी क्युआर कोड के माध्यम से फोटो युक्त ई-प्रवेश पत्र को लेपटॉप के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा। इन केंद्रों पर हर व्यक्ति का डाटाबेस बनेगा। जिसे पुलिस नियन्त्रण कक्ष से मॉनिटर करेगी। उन्होने कहा कि ई- प्रवेश पत्र ई-विधान के अंतर्गत बनाये जाएंगे। बैठक में सदस्यों तथा सत्र के कार्य से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को कम से कम असुविधा हो के दृष्टिगत यह निर्णय लिस गया कि विधान सभा सचिवालय द्वारा जारी अधिकारी दीर्घा पास, स्थापना पास तथा प्रैस संवाददाताओं को जारी किए गए पास प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा कर्मियों द्वारा फ्रिस्किंग की कम से कम आवश्यकता रहे। श्री पठानियां ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए तथा सीसीटीवी तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी सुनिश्चित की जाए। प्रेस संवाददाताओं की सुविधा एवं सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रैस संवाददाताओं का प्रवेश यथावत गेट नं 3,4,5 व 6 से ही रखा जाए। विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने पहचान पत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे। इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी सरकारी अधिकारी/ कर्मचारी व अन्य पास धारक अपना शासकीय पास किसी अन्य को स्थानांतरित नहीं करेगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि विधान सभा परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही पार्किंग करने की अनुमति प्रदान की जाएगी।
