धर्मशाला : माउंट एवरेस्ट को राधानाथ शिखर बनाया जाए-अश्वनी राणा
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला
केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में महान गणितज्ञ राधानाथ सिकदर का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर राष्ट्र उन व्यक्तित्वों को स्मरण कर रहा है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर विश्व पटल पर भारत को पहचान दिलाई। ऐसे ही महान व्यक्तित्व में बंगाल के विद्वान गणितज्ञ राधानाथ सिकदर थे जिन्होंने पी १५ (माउंट एवरेस्ट) की ऊंचाई को मापा। सर्वे ऑफ़ इंडिया का मुखिया एवरेस्ट इसको अपने नाम से नाम्हित करा लिया, अभी भी हम उसे माउंट एवरेस्ट मानते हैं। प्रो. सत प्रकाश बंसल, कुलपति केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश ने विज्ञान भारती द्वारा आयोजित राधानाथ सिकदर का राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका विषय पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में भारतीय वैज्ञानिकों का विश्वसतरीय शोध के वारे में वताते हुए आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र, आचार्य जगदीश चद्र, सर सीवी रमण, शांतिस्वरूप भटनगर का जिग्र किया। उन्होंने कहा आज हमें उनके विचारों व ज्ञान को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
मुख्य वक्ता प्रांत अध्यक्ष विज्ञान भारती, हिमाचल प्रदेश व राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्थान हमीरपुर के सह-आचार्य अश्विनी राणा ने राधानाथ सिकदर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने उस समय कठिन परिस्थितियों में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई की पैमाइश की, जो अंग्रेजों के लिए भी दुष्कर कार्य था। जब उन्होंने यह जानकारी अपने उच्च अधिकारी एंड्रयू को दी, तो वे इस चोटी का नाम सर जॉन एवरेस्ट के नाम पर रखना चाहते थे और रखा गया। यह बड़े दुःख की बात है कि आज उन्हें बहुत कम लोग जानते हैं। उन्होंने कहा उनके अतुलनीय कार्य को विस्मृत नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्योति प्रज्ज्वलन से किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत परिसर निर्देशक और प्रांच उपाध्यख्य प्रो. भाग चंद चौहान ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन इकाई सचिव, डॉ. विक्रम सिंह द्वारा किया गया। इकाई अध्यख्य डॉ. शिवराम राव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गण मान्यवरों का परिचय प्रस्तुत किया।
प्रो. राकेश कुमार ने अतिथियों का परिचय प्रदान किया, जिनमें प्रान्त संगठन मंत्री और हि. प्र. तकनिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान, हि. प्र. के. विवि. के अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार जुड़े हुए थे। डॉ. नूरजहाँ, डॉ. विकास आनंद, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. जगदीश कुमार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाए। कार्यक्रम में 100 से ज्यादा अध्यापक व छात्र उपस्थित रहे। प्रचार विभाग के सदस्य डॉ. विवेक शील, डॉ. मनिष कुमार, डॉ. सुदाम चरण ने कार्यक्रम के वारे में प्रेस बार्ता के जरिए बताया है।
