कांगड़ा : तकीपुर कॉलेज में समाज के बदलते परिवेश विषय पर राष्ट्रीय कांफ्रेंस
मनाेज कुमार। कांगड़ा
अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय तकीपुर कांगड़ा में शिक्षा, प्रबन्ध तथा समाज के बदलते परिवेश विषय पर राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस का शुभारंभ मुख्यातिथि हिमाचल प्रदेश शिक्षा काउंसिल के अध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सुनील गुप्ता द्वारा किया गया, जब कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक प्रो. कुलवंत राणा ने मुख्य वक्ता के रूप में एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के प्रो. ओएसकेएस शास्त्री और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स नई दिल्ली के प्रो. एस प्रकाश ने आमंत्रित वक्ता के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. एनएन शर्मा ने अपने स्वागत संबोधन में कहा की एक ग्रामीण क्षेत्र के नए महाविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन इसके शैक्षणिक एवं सार्वभौमिक विकास में नए आयाम स्थापित करेगा।
कांफ्रेंस विषय का चयन तथा उस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जहां एक ओर शिक्षा का परिवेश बदला है। वहीं, दूसरी और प्रबंध कला तथा नीतियों का अहम योगदान समाज में जागरूकता पैदा कर रहा है। उन्हों ने नई शिक्षा नीति को नए तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील पत्थर बताया। मुख्य वक्ता ने शिक्षा प्रबंध तथा समाज के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की तथा कहा की कोविड के बावजूद भी इन क्षेत्रों ने अपना अहम योगदान जारी रखा। आमंत्रित वक्ता डॉ. शास्त्री ने नई शिक्षा नीति चुनौतियों तथा अवसर विषय पर अपना व्याख्यान दिया तथा कहा की चुनौतियों पर विजय पाने तथा अवसरों का सदुपयोग करने हेतु जहां एक ओर शिक्षकों को अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी होगी।
वहीं, दूसरी ओर छात्रों तथा अभिभावकों को भी आगे आना होगा। कार्यक्रम सचिव प्रो. श्रुति ने बताया कि समापन सत्र में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य डॉ. राजेश शर्मा ने मुख्यातिथि जब की राजकीय महाविद्यालय लंज के प्राचार्य डॉ. वेद पटियाल ने सम्मानित अतिथि के रूप में शिरकित की तथा समस्त प्रतिभागियों सम्मानित कर बधाई संदेश दिया। प्रो. श्रुति ने समस्त प्रायोजकों का भी धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से कांफ्रेंस का सफल आयोजन संभव हो पाया। इस अवसर पर महावियालय की समस्त टीम शिक्षक डॉ. स्नेह, डॉ. प्रीति डॉ. अश्वनी, प्रो. पवन, विजय, लेखराज ताथा सतपाल के साथ पुस्तकालय अध्यक्ष सविता, जनक राज, मनीष योगेश्वर तथा अन्य स्टाफ सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
