देहरा : ढलियारा स्कूल में बंद हो सकता है एनसीसी सेंटर, बदसलूकी से नाराज एनसीसी अधिकारी
विनायक ठाकुर । देहरा
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढलियारा में एक नया बवाल अब सामने आ गया है। गुप्त सूचना के मुताबिक 1993 से ढलियारा के सरकारी स्कूल में एनसीसी सेंटर चल रहा है। अब इसमें लगभग 100 एनसीसी कैडेट्स की संख्या हो गई है। जानकारी मिली है कि स्कूल प्रिंसिपल व एनसीसी के नायब सूबेदार के बीच किसी बात को लेकर बहस हो रही है, जबकि दो वर्षों से यहां एनसीसी का कोई केयर टेकर भी नहीं है। अब यह डर सता रहा है कि कहीं आदर्श स्कूल ढलियारा से एनसीसी सेंटर बंद न हो जाए। वहीं, स्कूल प्रिंसिपल राजेश वैध ने कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने अभी तीन महीने पहले ही स्कूल प्रिंसिपल का कार्यभार संभाला है। एनसीसी सेंटर के लिए नियमानुसार केयर टेकर की उम्र 45 वर्ष से कम होनी चाहिए। जिनमें योगा टीचर, पीटीआई व डीपीई ही इस पद पर नियुक्त हो सकते हैं, जिनमें से दो पद खाली हैं और एक डीपीई की उम्र 45 वर्ष से अधिक है।
एनसीसी अधिकारी नायब सूबेदार सुनील ने कहा कि उनकी कंपनी के अधीन 6 कॉलेज और 37 स्कूल हैं। इन्हीं में से ढलियारा आदर्श स्कूल भी एक है। सभी स्कूलों व कॉलेजों में ट्रेनिंग क्लास लगाई जाती है। सभी का नंबर भी बारी-बारी आता है। यहां ढलियारा स्कूल के प्रिंसिपल हमें सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते हमने अपने उच्चाधिकारियों से शिकायत भी की है और एक नोटिस भी स्कूल को जारी किया गया है। स्कूल में उनके साथ बदसलूकी की जा रही है और इस कारण एनसीसी सेंटर बंद करने का निर्णय लिया गया है। ग्राम पंचायत ढलियारा के उपप्रधान वीरेंद्र मनकोटिया ने कहा कि हम आदर्श स्कूल ढलियारा से एनसीसी सेंटर बंद नहीं होने देंगे। स्कूल प्रिंसिपल द्वारा एनसीसी अधिकारी के साथ बदसलूकी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह एनसीसी कंपनी से सभी ग्राम वासी अनुरोध करते हैं कि वह आदर्श स्कूल ढलियारा के सेंटर को बंद न करें।
पूर्व बीडीसी सदस्य अविनाश सेठी ने भी आदर्श स्कूल ढलियारा से एनसीसी सेंटर को बंद किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ प्रिंसिपल द्वारा बदसलूकी करने की बजह से एनसीसी सेंटर को बंद करने का कदम कंपनी को नहीं उठाना चाहिए। यहां ग्रामीणों के बच्चे पढ़ते है कि कंपनी के अधिकारियों से अनुरोध करते हैं कि एनसीसी सेंटर बंद न करें। स्कूल के प्रिंसिपल राजेश वैध ने बदसलूकी के आरोपों को नकारते हुए कहा कि हमने इतना आग्रह किया था कि स्कूल के समय में बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। इसके चलते उन्होंने कहा कि एनसीसी अधिकारी को सुबह 9 बजे से पहले व शाम को 3 बजे के बाद क्लास ले।
प्रिंसिपल राजेश वैध ने कहा कि यह समस्या दो साल पुरानी है और मैंने अभी तीन महीने पहले ही स्कूल प्रिंसिपल का कार्यभार संभाला है। सरकार के नियमानुसार एनसीसी कैडेट्स का केयर टेकर वही होगा, जिसकी उम्र 45 वर्ष से कम हो। यहां केयर टेकर सिर्फ योगा टीचर, डीपीई और पीटीआई ही बन सकते हैं, जिनमें से दो टीचर्स की पोस्ट खाली है और डीपीई की उम्र 45 वर्ष से अधिक है। प्रिंसिपल ने कहा कि नोटिस आया है उसका जबाव जल्द ही दिया जाएगा।
