पालमपुर : समाज सेवा में समर्पित इंसाफ संस्था के अध्यक्ष बेहद खफा
प्रतिमा राणा। पालमपुर
नहीं दिखेंगी पालमपुर हल्के की सड़कों पर आवारा एवं बेसहारा गौमाताएं। इसी संकल्प को लेकर समाज सेवा में समर्पित इंसाफ संस्था ने भूमि चयन के लिए पूरे हल्के का प्रवास किया। अंतत: ग्रांम पंचायत बड़सर के कुंडन स्थित रकबे को अंतिम रूप दिया गया। तत्पश्चात तमाम औपचारिकताओं को पूरी करने हेतु सर्वप्रथम ग्रांम सभा का अनापत्ति प्रमाण पत्र चाहिए था। इस संदर्भ में इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 300 कनाल भूमि का काऊ सेंचुरी के निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए स्थानीय पंचायत प्रधान ने अपनी पंचायत के निवासियों को समझाने-बुझाने में कितने प्रयास किए होंगे। इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने बताया कि ग्राम सभा का अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के उपरांत एक-एक विभाग का मौका निरिक्षण करवा कर, अनापति प्रमाण पत्र लिए गए।
इस तरह एक के बाद एक ऐसे में कई बार कभी संयुक्त निरिक्षण तो, कभी निशानदेही में लंबी प्रक्रिया अमल में लाई गई। तब जाकर इस जमीन को पशु पालन विभाग के नाम दर्ज करते तीन वर्ष लग गए। पूर्व विधायक ने बताया कि संस्था इस स्थल को काऊ सेंचुरी के साथ-साथ गोधाम के नाम से धार्मिक पर्यटन स्थल बनाना चाहती थी, लेकिन वर्तमान में जिस तरह से लोक निर्माण विभाग द्वारा इतने बड़े एरिया को घटाकर शेड का निर्माण किया जा रहा है। उससे यहां काऊ सेंचुरी का स्वरूप दिखता नजर नहीं आता। संस्था के संकल्प के साथ मजाक है। माननीय मुख्यमंत्री एवं पशुपालन मंत्री ने तो, संस्था के आग्रह पर लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए प्राकलन के आधार पर जितना रुपया मांगा, उतना दिल खोल कर दे दिया, जिसके लिए उन्होंने जयराम ठाकुर व वीरेन्द्र कंबर का धन्यवाद किया है, लेकिन यहां धरातल पर जिस तरह स्तर का काम हो रहा है, उससे इन्साफ संस्था के अध्यक्ष पूर्व विधायक प्रवीन कुमार बेहद खफा हैं।
