बिहार में 3 लाख 'संदिग्ध' वोटर्स को ECI का नोटिस, इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चुनाव आयोग (ECI) ने प्रदेश के करीब 3 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजा है। जानकारी के अनुसार इन लोगों पर ‘संदिग्ध नागरिक’ होने की आशंका जताई जा रही है। आपको बता दें कि सबसे ज्यादा नोटिस सीमा से लगे जिलों में दिए गए हैं जिनमें किशनगंज, पूर्णिया, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, अररिया, सहरसा, सुपौल और मधुबनी शामिल हैं। ये नेपाल और बंगाल से सटे वो क्षेत्र हैं जहां नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे अक्सर उठते रहते हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूचि को संशोधित करने के लिए SIR शुरू किया गया। आपको बता दें कि बिहार में SIR की प्रक्रिया 24 जून 2025 से शुरू की गई थी। देश में मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर SIR प्रक्रिया होती रहती है । यह प्रक्रिया ECI द्वारा करवायी जाती है। इसके तहत मतदाता सूची में अगर कोई त्रुटि रहती है तो उसे ठीक किया जाता है। योग्य नागरिकों को मतदाता लिस्ट में शामिल किया जाता है और जो योग्य नहीं होते हैं उन्हें मतदाता सूची से हटा दिया जाता है।
क्यों भेजा गया नोटिस?
SIR ( स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के तहत मतदाता सूची की जांच कि जा रही है जिसमें मतदाता से पहचान और नागरिकता से जुड़े कागजात मांगे जा रहे हैं। ECI के मुताबिक, जिन भी लोगों के डॉक्युमेंट पूरे नहीं हैं या डॉक्यूमेंट्स में गड़बड़ी है, उन्हें संदिग्ध मानकर नोटिस दिया गया है। नोटिस में लिखा हुआ है कि कुछ लोगों के दस्तावेजों में गड़बड़ियां हैं जिससे इस विधानसभा क्षेत्र में उनके मतदाता के रूप में होने पर संदेह होता है। हालांकि ECI ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना सवाल-जवाब के किसी भी वोटर का नाम सूचि से नहीं हटाया जाएगा।
बिहार में SIR क्यों किया जा रहा
बिहार चुनाव से पहले ECI ने SIR प्रक्रिया को बहुत ही जरूरी माना है। इसके पीछे चुनाव आयोग की दलीलें यह है कि इस राज्य के कुछ जिलें जो सीमा से सटे हैं, वहां दूसरे देश के बहुत से लोग अवैध रूप से रह रहे हैं और वे चुनाव में मतदाता के रूप में शामिल भी होते हैं। इसीलिए इस SIR प्रक्रिया से मतदाता लिस्ट से उन अवैध प्रवासियों को अलग कर दिया जाएगा।