धर्मशाला :सेवानिवृत्त पैरामिलिट्री कल्याण संगठन कांगड़ा ने आयाेचजित किया प्रदेश स्तरीय रैली एवं सम्मेलन
पंकज सिंगटा। धर्मशाला
धर्मशाला में सेवानिवृत्त पैरामिलिट्री कल्याण संगठन कांगड़ा ने आज प्रदेश स्तरीय रैली एवं सम्मेलन का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष वीके शर्मा (एक्सडीआईजी) की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश के मुख्य पैट्रोन एमएल ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी जिलों के पैरामिलिट्री संगठनों के बीएसएफ, आईटीबीपी ,एसएसबी, सीआईएसफ, सीआरपीएफ के सदस्यों एवं वीर नारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैठक की शुरूआत में सदस्यों ने सभी शहीदों को दाे मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित दी और मातृभूमि की रक्षा में अपना जीवन कुर्बान करने वाले पैरामिलिट्री बलिदानियों के परिवारों के परिजनों को सम्मानित किया गया। प्रदेश में जिला स्तर पर पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन। प्रदेश सरकार के पत्र संख्या होम-सी (वी)10-1/2017, 04 अगस्त 2020 को पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड गठन के लिए नोटीफिकेशन तो कर दी थी, लेकिन धरातल पर आज तक कुछ नहीं हुआ है। उन्हाेंने कहा कि केंद्र सरकार/प्रदेश सरकार को पैरामिलिट्री की कैंटीनों को सीएसडी कैंटीनों की तर्ज में जीएसटी में छूट देनी चाहिए। पहले पैरामिलिट्री की कैंटीनों को सेना की कैंटीनाें कि तर्ज बैट टैक्स में रियायत मिलती थी, लेकिन जीएसटी लगने के बाद यह सुविधा समाप्त हो चुकी है और पैरामिलिट्री की कैंटिन आम दुकान हो चुकी है।
उन्हाेंने कहा कि 2004 के बाद पैरामिलिट्री की बंद की गई पुरानी पेंशन को बहाल किया जाना चाहिए। क्योंकि पैरामिलिट्री के सभी बलों का गठन सेना की तरह आर्म्ड फोर्स ऑफ दी यूनियन से हुआ है। सभी से ज्यादा जरुरी स्वास्थ्य सुविधा होती है, लेकिन इसी सुविधा से भी पैरामिलिट्री के सेवानिवृत्त सदस्य ओर उनके आश्रित अभी तक वंचित है। सेवारत पैरामिलिट्री सदस्यों ओर उनके परिवारों के आश्रितों को तो केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से जोड़ा जा चुका है, लेकिन उसी तर्ज पर सेवानिवृत्त सदस्यों को आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से नहीं जोड़ा गया है, जो समझ है, केंद्र सरकार को सेवानिवृत्त सदस्य एवं उनके परिवारों को भी जल्दी आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से जोड़ा जाना चाहिए। प्रदेश में एकमात्र सीजीएचएस (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) डिस्पेंसरी शिमला में ही है। प्रदेश के केंद्र स्थान में न होने कारण सेवानिवृत्त पैरामिलिट्री सदस्यों का बुढ़ापे में आना-जाना बहुत मुश्किल है और बहुत ज्यादा महंगा भी है। इसी कारण सेवानिवृत्त सदस्य एवं पैरामिलिट्री की वीर नारिया अपनी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है। जिला कांगड़ा में सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोलने के लिए लंबे समय से पैरामिलिट्री संगठन ओर केंद्र कर्मचारी संगठन संघर्ष कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली द्वारा बताए गए सभी जरूरी दस्तावेज भी काफी समय पहले भेजे जा चुके हैं, लेकिन आज तक सीजीएचएस डिस्पेंसरी नहीं खोली गई, जबकि नजदीक के सभी पड़ोसी राज्यों में दर्जनों के हिसाब से CGHS डिस्पेंसरियां खोली जा चुकी है और सैंकड़ों अस्पताल इंपैलन भी किए जा चुके हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सरकार को जिला स्तर पर सीजीएचएस डिस्पेंसरीज खोलना चाहिए और सभी बड़े अस्पतालों को इंपैलन करना चाहिए। प्रदेश सरकार को पैरामिलिट्री के सेवारत एवं सेवानिवृत्त सदस्यों के बच्चों को को नौकरी में कोटा देना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि पैरामिलिट्री की देश की सरहदों की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में 24 घंटे रात-दिन अपनी जान तक की परवाह न करते हुए अहम भूमिका निभा रहे हैं और आज तक सबसे ज्यादा बलिदान भी पैरामिलिट्री के सैनिकों ने दिए हैं और देश की आन-बान-शान के लिए हर रोज लगातार अपनी कुर्बानियां दे रहे हैं। सरकार को पैरामिलिट्री की सेवाओं को ध्यान में देखते हुए उन्हें सेंट्रल सिविल सर्विस रूल की जगह जल्दी अलग 'पैरामिलिट्री सेवा एवं पेंशन सर्विस रूल' बनना चाहिए।
केंद्र सरकार को पैरामिलिट्री के लिए अलग पैरामिलिट्री मिनिस्ट्री का गठन करना चाहिए। देश की सरहदों और आंतरिक सुरक्षा में अपना पूरा जीवन देश को कुर्बान करने वाले पैरामिलिट्री सेवानिवृत्त सदस्यों की सेवाओं ओर उनके मनोबल का ध्यान में रखते हुए को देखते हुए सरकार को जल्दी से मंथन कर जल्दी उनकी जायज मूलभूत जेसी मांगों को जल्दी पूरा करने में अव देरी नहीं करनी चाहिए। प्रदेश के मुख्य मीडिया प्रभारी एव प्रवक्ता मनवीर चंद कटोच ने बताया। बैठक में प्रदेश के सीनियर वाइस उपाध्यक्ष नंद लाल नेहरूटू उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सचिव सरवन सिंह, जनरल सेक्रेटरी वीर सिंह वर्मा, एडवाइजर आरके शर्मा एक्स (डीआईजी) और जिला चंबा के अध्यक्ष के एस माहड (एक्सडीआईजी), हमीरपुर के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह, ऊना के अध्यक्ष जोगिंदर बिंद्रा, बिलासपुर के अध्यक्ष कश्मीर सिंह, सोलन के अध्यक्ष हरी सिंह, सिरमौर के अध्यक्ष देवदत्त शर्मा, मंडी के अध्यक्ष संतराम, कुल्लू के अध्यक्ष चंद्रशेख, लाहौल-स्पीति से अध्यक्ष रघुवीर सिंह पालमपुर संगठन के अध्यक्ष सीएस खरवाल अपने संगठन के सदस्यों के साथ आयोजन एवं रैली में शामिल हुए।
