पालमपुर : पहाड़ी कृषि में कृषि महिलाओं की भूमिका की सराहनीय : प्रो. एचके चौधरी
प्रतिमा राणा। पालमपुर
चौसकु हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के गेहूं और चावल अनुसंधान केंद्र मलां (नगरोटा बगवां) में फसल दिवस का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए पहाड़ी कृषि में कृषि महिलाओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के मलां केंद्र में विकसित गेहूं और धान की किस्मों से उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों को अपने खेतों से अधिक कमाई हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि-जलवायु विविधता कई चुनौतियों का सामना करती है, लेकिन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इसे एक अवसर के रूप में लिया है। उन्होंने लाल चावल की दो किस्मों के विकास, इसे पंजीकृत कराने और किसानों को पुरस्कार दिलवाने सहित विश्वविद्यालय की कई उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर जिला और क्षेत्र में विशिष्ट फसलें होती हैं, जो हैं विश्वविद्यालय द्वारा लोकप्रिय बनाया जा रहा है। कुलपति ने किसानों से ऐसी फसलों की ताकत को पहचानने और अधिक कमाई के लिए ऐसी फसलों को लोकप्रिय बनाने के लिए कहा।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण बीज, नई तकनीक, जलवायु परिवर्तन आदि के महत्व को भी रेखांकित किया और किसानों से विश्वविद्यालय और इसके स्टेशनों का बार-बार दौरा करने के लिए कहा। नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र से विधायक मुख्यातिथि अरुण कुमार मेहरा ने किसानों से अपनी कृषि आय बढ़ाने के लिए विकसित वैज्ञानिक तकनीक को अपनाने के लिए कहा। उन्होंने किसानों की कुछ समस्याओं जैसे आवारा पशुओं, जंगली जानवरों की समस्या पर चर्चा की और बताया कि सरकार ने ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के शहद में औषधीय गुण हैं, लेकिन उचित विपणन की आवश्यकता है। मुख्यातिथि ने किसानों को स्थानीय फसलों की पारंपरिक किस्मों के बीजों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने प्राकृतिक संसाधनों का ध्यान रखना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान अनुसंधान निदेशक डा. एसपी.दीक्षित और प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. वीके शर्मा ने विश्वविद्यालय में अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. अजय दीप बिंद्रा ने केंद्र की प्रमुख अनुसंधान गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। डॉ. आरके कपिला, डॉ. डीआर चौधरी, डॉ. केडी शर्मा, डॉ. वीके सूद, डॉ. जनार्दन सिंह, डॉ. एसके उपाध्याय, डॉ. एनके भूपिंदर मनकोटिया, डॉ. संजय शर्मा व डॉ. सुरिंदर शर्मा आदि ने भी किसानों को संबोधित किया। प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जहां वैज्ञानिकों ने किसानों के कृषि संबंधी सवालों के जवाब दिए। इस अवसर पर कृषि उपज प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। कुलपति और प्रमुख अतिथि ने प्रायोगिक क्षेत्र का भी दौरा किया और कुछ कृषि प्रकाशनों का विमोचन किया। किसानों ने भी खेत का दौरा किया। फसल दिवस में आसपास के गांवों के लगभग 200 किसानों ने भाग लिया।
