शिमला : आईजीएमसी अस्पताल कांड पर सीटू ने उठाये सवाल
सीटू ने राज्य स्तरीय आईजीएमसी अस्पताल में महिला सफाई कर्मी के कपड़े बदलते समय बनाए गए वीडियो पर आईजीएमसी अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़े किये हैं। राज्य कमेटी ने मानवाधिकार आयोग व महिला आयोग हिमाचल प्रदेश से आग्रह किया है कि वे इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जिम्मेदार सफाई कर्मी के साथ ही इस पर तुरन्त हस्तक्षेप करें व इस कृत्य के लिए अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी प्रबंधन व ठेकेदार के समक्ष चेंजिंग रूम की मांग आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू वर्ष 2014 से निरन्तर कई बार उठाती रही है। लेकिन सात वर्ष बीतने के बावजूद भी अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार ने चेंजिंग रूम की कोई उचित व्यवस्था नहीं की। कई चेंजिंग रूम में ठेकेदारों के कार्यालय भी चल रहे हैं व केवल एक चादर से ही चेंजिंग रूम का विभाजन किया गया है। उन्होंने कहा कि चेंजिंग रूम व अन्य मांगों को लेकर 26 अगस्त 2021 को दोबारा से आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू ने अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदारों को मांग-पत्र दिया था। जिस पर प्रबंधन व ठेकेदारों ने कोई समाधान नहीं किया जिसके फलस्वरूप यह वीडियो कांड हुआ। इन मांगों पर 15 सितंबर को श्रम विभाग ने समझौता वार्ता बुलाकर ठेकेदारों को चेंजिंग रूम की उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता इस बात से भी साफ झलकती है कि इस समझौता वार्ता में प्रबंधन की ओर से कोई भी शामिल नहीं हुआ। अतः अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदारों की गलत कार्यप्रणाली के कारण ही इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रबंधन व ठेकेदारों को चेताया है कि अगर उन्होंने शीघ्र ही हर ब्लॉक में उचित चेंजिंग रूम की व्यवस्था व अन्य मांगें पूर्ण न की गयी तो सीटू आंदोलन का बिगुल बजाएगा।
