शिमला : पीएचडी में प्रवेश का फैंसला वापिस ले विश्वविद्यालय प्रशासन-अभाविप
आखिल भारतीय परिषद् हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की मांगो को लेकर अधिष्ठाता अध्ययन का किया घेराव। इकाई सचिव आकाश नेगी ने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यूजीसी के नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी प्रवेश परीक्षा व नेट जेआरएफ के पीएचडी में विश्वविद्यालय कर्मचारियों के बच्चों को दाखिला देने का फैंसला कार्यकारी परिषद में लिया गया जो बिल्कुल गलत है और आम छात्रों के साथ धोखा है। ऐसा कर प्रशासन सीधे तौर पर उन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जो पीएचडी में प्रवेश लेने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे है। इस फैसले ने प्रदेश भर में विश्वविद्यालय के नाम को खराब करने का काम किया है और हर जगह इस फैसले को लेकर विश्वविद्यालय की किरकिरी हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे भी मामले सामने आए है जिसमें प्रशासन ने अपने चहितों को प्रवेश देने के लिए विभागों में सीटों को 2 से 10 तक कर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर अपनी सहूलियत के अनुसार फैसले ले रहा है। उन्होंने कहा कि पीएचडी दाखिलों में रिजर्वेशन रोस्टर को लागू किया जाए। ताकि समाज के सभी वर्गों के छात्रों को प्रवेश मिल सके। साथ ही साथ अन्य एनएफएसई स्कॉलरशिप वाले छात्रों को भी पीएचडी दाखिले में तवजो दिया जाना चाहिए। आकाश नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना प्रवेश परीक्षा व नेट जेआरएफ पीएचडी में प्रवेश देने की जो अधिसूचना निकाली है। उससे जल्द वापिस किया जाए और विभागों में पीएचडी की खाली पड़ी सीटों को जल्द भरा जाए।
