धर्मशाला : साध-संगत रविवार को मनाएगी डेरा सच्चा सौदा का रूहानी स्थापना माह
नामचर्चा में 138 मानवता भलाई कार्यो को दी जाएगी गति
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला
डेरा सच्चा सौदा के रूहानी स्थापना माह की खुशी का पावन भंडारा 17 अप्रैल रविवार को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश की साध-संगत बड़ी धूम-धाम व हर्षोल्लास के साथ मना रही है। पावन भंडारे की खुशी में धर्मशाला के पुलिस ग्राउंड में होने वाली नामचर्चा का समय सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक रहेगा। नामचर्चा को लेकर हिमाचल प्रदेश की साध-संगत द्वारा लगभग सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। नामचर्चा के दौरान पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्च्चा सौदा की साध-संगत द्वारा किए जा रहे 138 मानवता भलाई के कार्यों को भी गति दी जाएगी। नामचर्चा को लेकर हिमाचल प्रदेश की साध-संगत में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। साध-संगत नामचर्चा को लेकर कितनी उत्सुक हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के विभिन्न जिलों बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल एवं स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना से भारी संख्या में साध-संगत अपने वाहनों में नामचर्चा स्थल पर पहुंचना आरंभ हो चुकी है। वहीं, स्थानीय साध-संगत की तरफ से नामचर्चा पंडाल को मनमोहक ढंग से सजाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के जिम्मेदारों ने बताया कि नामचर्चा में पहुंचने वाली साध-संगत को किसी प्रकार की परेशानी न हाे, इसके लिए शहर के चारों ओर सफेदी के निशान लगाए जा रहे हैं।
पारंपरिक वेशभूषा में नाचते गाते पहुंच रही साध-संगत
45 मेंबर संजय कुमार इन्सां, रमेश इन्सां व सूबेदार उत्तम चंद इन्सां ने बताया कि पावन भंडारे की नामचर्चा को लेकर हिमाचल प्रदेश की पूरी साध-संगत में अद्भुत श्रद्धाभाव और उत्साह देखने को मिल रहा है। पावन भंडारे में शिरकत करने के लिए साध-संगत हिमाचली वेशभूषा और पारंपरिक वाद्यों पर नृत्य करते हुए पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि सतगुरु जी से खुशियां प्राप्त करने के लिए हर कोई आतुर नजर आ रहा है। नामचर्चा को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं।
मेडिकल कैंप भी लगाया जाएगा
पावन भंडारे की खुशी में नामचर्चा पंडाल में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। इसके साथ ही विभिन्न बीमारियों से संबंधित रोगियों की जांच के साथ बहुमूल्य परामर्श भी देंगे। इसके साथ ही दवाइयां भी नि:शुल्क दी जाएंगी। कोई भी व्यक्ति इस शिविर का लाभ उठा सकता है। वहीं, जरूरतमंद बच्चों को पौष्टिक आहार की किटें व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीनें भी बांटी जाएंगी।
29 अप्रैल 1948 को बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ने की थी डेरा सच्चा सौदा की स्थापना
डेरा सच्चा सौदा की पहली पातशाही पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ने 29 अप्रैल 1948 को डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की थी। आप जी ने लोगों को गुरु मंत्र दे कर मानवता भलाई कार्यों पर चलने का रास्ता बताया। इनके पश्चात दूसरी पातशाही परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने देश के विभिन्न हिस्सों में हजारों सत्संग किए और लाखों लोगों को गुरु मंत्र देकर इंसानियत की राह पर चलाया और अब पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु 138 मानवता भलाई कार्यों में जुटे हुए हैं, जिनमें 29 अप्रैल, 2007 को पूज्य गुरु जी ने रूहानी जाम की शुरूआत कर मर चुकी इंसानियत को जिंदा करने का बीड़ा उठाया। 138 मानवता भलाई कार्यों में रक्तदान, शरीर दान, गुर्दा दान, पौधारोपण, गरीबों को मकान बनाकर देना, गरीब कन्याओं की शादी करवाना, राशन वितरण, नेत्रदान, लोगों का नशा छुड़वाना, आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का निशुल्क इलाज करवाना, निशक्त जनों को सहारा देने के लिए ट्राई साइकिल देना सहित अनेक कार्य शामिल हैं।
