धर्मशाला : देवभूमि हिमाचल के माहौल को खराब न करे केजरीवाल-विश्व चक्षु
कहा, दिल्ली के सीएम को देवभूमि से सीख लेने की है जरूरत
केंद्र के आठ, राज्य के साढ़े चार साल में विकास की नई गाथा लिख रहा हिमाचल
पंकज सिंगटा। धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मीडिया कॉर्डिनेटर एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि देवभूमि हिमाचल के माहौल को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल खराब करने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार के आठ वर्ष व हिमाचल प्रदेश में साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में देश व राज्य ने विकास की नई गाथा लिखी है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश में दूसरे नबंर पर है। ऐसे में दिल्ली को देवभूमि से सीख लेने की जरूरत हैं, यंहा आकर हिमाचली शिक्षा, साहित्य, संस्कृति व भविष्य की पढ़ी-लिखी युवा पीढ़ी को ठगने का प्रयास न करें। विश्व चक्षु ने कहा कि कांग्रेस व आप की सरकारें जंहा भी है, उनके मंत्री ही भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त पाए जा रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार के आठ वर्षों व जयराम सरकार के साढ़े चार वर्षों में कोई भी घोटाला नहीं हुआ है।
ईमानदार प्रयास के साथ पहाड़ी राज्य हिमाचल के हर शहर से लेकर गांव तक विकास को लेकर ही काम किया गया है। मीडिया कॉर्डिनेटर ने कहा कि केजरीवाल को दिल्ली के प्रदुषण को पंजाब में फैलाने के बाद हिमाचल की शुद्ध फिजाओं में घोलने का प्रयास न करें। दिल्ली के बाद पंजाब में जिस तरह से कानून-व्यवस्था एक मज़ाक बनकर रह गई है, हिमाचल एक शांत राज्य जिसे वीरभूमि भी कहा जाता है, उसे कतई बर्दास्त नहीं करेगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है हि हिमाचल को देश ही नहीं विश्व भर में इसकी स्मृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है, जबकि आम आदमी पार्टी के दो राज्यों के सीएम आकर उसका ही मज़ाक बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप नेताओं को अपने-अपने घर राज्यों को संभालने व संस्कृति को समझने की जरूरत है।
पंजाब के मुख्यमंत्री अपनी शिक्षा व ज्ञान को दरुस्त करें, हिमाचल एक देव राज्य और 12 जि़लों में देवता बसते हैं। ऐसे में हर मेले, पर्व-त्यौहार व कार्यक्रम से यंहा के लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, उनकी जानकारी न होने पर भी उनके नाम की तालियां बटौरने का जो ढ़ोंग रचा जा रहा है, वह कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पंजाब के सीएम को नसीहत देते हुए बताया कि हिमाचल का ऐतिहासिक मिंजर मेला जिला हमीरपुर में नहीं बल्कि जिला चम्बा के चौगान मैदान में होता है। ऐसे में ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व के विषयों को मिटाने व भड़काने का प्रयास आप नेताओं को नहीं करना चाहिए।
