प्रदेश की पहली फूल मंडी तैयार, अब किसानों को नहीं करना पड़ेगा बाहरी राज्यों का रुख
किसानों को फूल बेचने के लिए अब सिर्फ परवाणू फूल मंडी तक जाना पड़ेगा और खरीदार भी वहीं पहुंचेंगे। प्रदेश के पांच जिलों सिरमौर, सोलन, शिमला, बिलासपुर और किन्नौर के किसानों को परवाणू की फूल मंडी में फूल बेचने की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रदेश सरकार ने करीब 75 लाख की राशि से फूल मंडी विकसित की है। इस फूल मंडी में दस दुकानें और फूलों की नीलामी के लिए ऑक्शन यार्ड तैयार हो चुका है। मंडी का काम पूरी होते ही इसका उद्घाटन किया जाएगा है। अभी तक प्रदेश के पुष्प उत्पादकों को अपने स्तर पर पड़ोसी राज्यों की मंडियों या बाजारों में फूल बेचने के लिए भटकना पड़ता था। एक अनुमान के अनुसार पिछले साल कोरोना काल में हिमाचल के फूल उत्पादक को 200 करोड़ की मार पड़ी थी। पुष्प उत्पादक अपने फूल बेचने को बाहरी राज्यों में खुद बाजार तलाशते रहे हैं। करोड़ों के फूल कारोबार को व्यवस्थित करने के लिए परवाणू में पहली फूल मंडी विकसित की जा रही है ताकि यह कारोबार प्रदेश के बाहर न जाए। इससे फूल उत्पादकों और सरकार को अच्छी आय होगी।
