इंदाैरा : जनता चाहेगी तो लड़ुगां विधायक पद का चुनाव-निर्मल प्रसाद
मनीष ठाकुर। इंदाैरा
प्रदेश में चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे टिकटार्थी अपना अपना दमखम दिखाने के लिए लोगों से जनसंपर्क साधना शुरू हो गए हैं और जनता जनार्दन के घर दरबार पहुंच उनका हाल चाल पूछना शुरू कर गए हैं। विधानसभा सभा इंदाैरा के भूतपूर्व विधायक स्व. देसराज जो कि इंदाैरा से 4 बार विधायक रहे, जिनकी शालीनता वाले व्यवहार के कारण इंदाैरा की जनता आज भी उनको याद करती है और उनकी तारीफ करती नहीं थकती। वहीं, उनके बड़े बेटे निर्मल प्रसाद में भी लाेग स्व. देस राज की छवि को देख रही है। निर्मल प्रसाद ने पिछली बार भी चुनाव लड़ने के लिए हुंकार भरी थी, लेकिन सीनियर नेतृत्व की बात मानते हुए उन्होंने विधायक रीता धीमान को चुनाव लड़ने का मौका दिया व अमित शाह की रैली में मंच पर उन्होंने रीता धीमान को बहन बोलते हुए यहां तक कह दिया कि रीता धीमान की जीत उनके पिता को सच्ची श्रद्धाजंलि होगी।
वहीं, भाजपा के एक कार्यकर्ता जो कि पूर्व में एक ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि थे। उन्होंने बताया कि उस समय विधायक रीता धीमान को लोगों ने भरपूर मत देकर उनको जीत दर्ज करवाई, लेकिन राजनीति की गर्मी तब अपनों को कहां पहचानती हैं और वही हुआ विधायक बनने के बाद रीता धीमान ने भी निर्मल प्रसाद को धन्यवाद करना, तो दूर उनसे मिलना भी उचित न समझा और जब पंचायती चुनाव आए, तब भाजपा संगठन को अपनी छवि अच्छी बताने के लिए वह निर्मल प्रसाद से मिली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और आपसी रिश्ते ठीक होना एक सपना ही बन कर रह गया था।
अब पुराने भाजपा के मंडल कार्यकर्ता व पुराने प्रधान उपप्रधान, बीडीसी ओर आम जनता ने निर्मल प्रसाद से मिल कर उनको चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया है कि आप इस बार चुनाव लड़ें ओर जो राजनीति का स्तर हर रोज गिर रहा है, उसको संभाले, ताकि जनता को उनका हक ईमानदारी से मिलता रहे। वहीं, आम जनता ने कहा कि अगर आप विधायक बनते हैं, तो आप भी अपने पिता की तर्ज पर ही काम करना और जनता जनार्दन की सेवा करना। जनता जनार्दन का जो फैसला होगा, उसी के आधार पर चुनाव लड़ने का फैसला लेंगे, बाकी पार्टी के हक में सेवा करना कार्यकर्ता का परम धर्म है।
