केन्द्रीय मंत्री ने की हिमाचल को निवेश के लिए उत्कृष्ट केन्द्र विकसित करने पर राज्य सरकार के प्रयासों की सरहाना
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास पर उद्योग जगत के हितधारकों, निवेशकों और व्यापारिक घरानों के संचालकों के साथ आज यहां आयोजित संवाद सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि 20 से 26 सितम्बर, 2021 के सप्ताह को वाणिज्य सप्ताह के रूप में आयोजित किया जा रहा है ताकि देश भर में भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को मनाया जा सके। उन्होंने हिमाचल प्रदेश को निवेशकों के लिए उत्कृष्ट केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार की पहल को सराहा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में निवेशक मित्र पारिस्थितिक तंत्र है और निवेशकों के साथ बेहतर औद्योगिक संबंध स्थापित हैं। व्यापार में सुगमता की दिशा में भी हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश सरकार हिमाचल को देश के निवेश केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक घरानों और निवेशकों के साथ हमेशा मधुर संबंध बनाए रखे हैं।
राज्य में निवेश के लिए उपयुक्त वातावरण है जो यहां निवेशकों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार यहां ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट आयोजित की जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये का निवेश आकर्षित हुआ। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में शुरू की गई औद्योगिक विकास योजना को 2022 के बाद भी जारी रखा जाना चाहिए ताकि प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने निवेशकों की सुविधा के लिए बेहतर निवेशक मित्र पर्यावरण और व्यापार में सुगमता के लिए की गई पहल के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। उन्होंने प्रदेश के लिए चिकित्सा उपकरण पार्क स्वीकृत करने के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। निवेशकों ने प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचना को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका यह भी कहना था कि राज्य में एपीआई निगरानी कोष्ठ स्थापित किया जाए। प्रदेश के कई निर्यातकों ने वर्चुअल माध्यम से केन्द्रीय मंत्री के साथ बातचीत की और अपने विचार साझा किए। सांसद सुरेश कश्यप, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा और निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति भी बैठक में उपस्थित थे।
