धर्मशाला में पहली बार हुई यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा
--अभ्यर्थियों को मिली सुविधा
--2 सत्रों में ली गई परीक्षा
धर्मशाला में 5 जून 2022 को पहली बार यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा करवाई गई। इस परीक्षा के लिए 3 केंद्र निर्धारित किए गए थे। इनमे राजकीय महाविद्यालय धर्मशाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र), राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) शामिल थे। परीक्षा का आयोजन कोविड नियमों का पालन करते हुए दो सत्रों में किया गया। पहला सत्र प्रातः 9.30 से 11.30 बजे तक तथा दूसरा सत्र 2.30 से 4.30 बजे तक आयोजित किया गया। दिशानिर्देशों के अनुसार परीक्षा के लिए उम्मीदवार प्रवेश परीक्षा आरंभ होने से एक घंटा पूर्व परीक्षा केंद्र में पहुंचे। कांगड़ा में परीक्षा केंद्र के होने से जिला के साथ-साथ अन्य साथ लगते जिलों के उम्मीदवारों के लिए भी यह सहूलियत थी और उन्हें परीक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ा। परीक्षा में पहुंचे अभ्यर्थियों ने कहा कि धर्मशाला में यूपीएससी की परीक्षा होने से काँगड़ा, चम्बा और आस पास लगते क्षेत्र के अभ्यर्थिओं को सहूलियत हुई है। इससे पहले अभ्यर्थिओं को परीक्षा देने के लिए शिमला या चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता था जिस कारण उनके 2 से 3 खराब हो जाते थे। कई अभ्यार्थी अपनी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण भी परीक्षा देने नहीं पहुंच पाते थे क्यूंकि शिमला या चंडीगढ़ जाने में बहुत खर्चा हो जाता है। अभ्यर्थियों ने कहा कि अब धर्मशाला में परीक्षा होने से उनका समय और पैसा दोनों ही कम लगे है।
यूपीएससी परीक्षा के संचालन के लिए पर्यवेक्षकों को दी गई थी ट्रैंनिंग :
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा की प्रारंभिक लिखित परीक्षा को लेकर परीक्षा पर्यवेक्षक तथा केंद्र प्रभारियों के लिए उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने परीक्षा की प्रक्रिया तथा पारदर्शिता के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे और इसके साथ ही संघ लोक सेवा आयोग के दिशा निर्देशों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई थी। उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों से परीक्षा केंद्रों में विद्युत, पेयजल तथा बैठने की उचित व्यवस्था समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी पुलिस कर्मचारियों की सेवाएं ली गई।
