शाहपुर : जब खालिस्तान के झंडे लगाए तो सुरक्षा कर्मी कहां थे : पंकज पंकू
पहले प्रदेश में पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला उजागर हुआ। ठीक उसके बाद तपोवन स्थित विधानसभा भवन के बाहर खालीस्तान के झंडे बरामद होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान है। यह बात जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पंकज कुमार पंकू ने कही। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में युवाओं के हितों से लगातार खिलवाड़ किया जाता रहा है। पहले कोविड की वजह से कई युवा बेरोजगार हुए, वहीं अब पुलिस भर्ती के जरिए युवाओं को रोजगार की आस जगी थी, लेकिन पेपर लीक मामले ने मेहनत करने वाले युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में इस तरह के फर्जीवाड़े करने वालों के हौंसले बुलंद हैं। दो वर्ष पहले भी इस तरह से पुलिस भर्ती में गड़बड़झाला सामने आया था। अब फिर से लाखों रुपए लेकर पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र दिखाने की बात सामने आई है। सरकार को इस मामले में पूरी गंभीरता दिखाते हुए अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। इस मामले की गंभीरता से जांच करके जो भी दोषी हों, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं घटित न हों। साथ ही पंकज कुमार ने मांग उठाई है कि पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए। उधर तपोवन विधानसभा भवन के बाहर दीवार पर खालीस्तान के झंडे मिलना और दीवार पर खालिस्तार लिखे जाने की घटना ने पुलिस कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला दिया है। पंकज ने कहा कि हालांकि तपोवन विधानसभा भवन में शीतकालीन सत्र का ही आयोजन किया जाता है, लेकिन इसकी सुरक्षा का पूरा इंतजाम है, ऐसे में जिसने भी खालिस्तान के झंडे लगाए या दीवार खालिस्तान लिखा गया, उस समय सुरक्षा कर्मी कहां थे। विधानसभा भवन के बाहर सीसीटीवी कैमरा होने चाहिए थे, जिससे कि इस भवन की सुरक्षा को पुख्ता किया जा सकता, लेकिन शायद ऐसी व्यवस्था करना सरकार व प्रशासन भूल गए। युवा कांग्रेस ने इस घटना की निंदा करते हुए इसकी जांच निष्पक्ष करवाने की मांग की है।
