धर्मशाला : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर लैंगिक समानता, टीवी व एचआईवी पर कार्यशाला
टीवी हारेगा देश जीतेगा अभियान के अंतर्गत प्रतिभागियों ने ली शपथ
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर टीबी हारेगा देश जीतेगा पर बैठक का आयोजन क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरुदर्शन गुप्ता ने बताया कि टिकाऊ विकास के लिए लैंगिक समानता बहुत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव हमें अपने घरों से शुरू करना चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों को लैंगिक समानता की शपथ भी दिलवाई। चर्चा में भाग लेते हुए प्रतिभागियों ने बताया कि मरीज सबसे पहले देसी इलाज करवाते हैं, जिसको गांव में टाइफाइड के रूप में जानते हैं तथा दो-तीन सप्ताह के विलंब के साथ सरकारी अस्पताल में पहुंचते हैं। प्रतिभागियों ने बताया कि कुछ लोग सरकारी अस्पतालों की लाइन में लगने के बजाय प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुझान रखते हैं।
यह रुझान शहरी क्षेत्रों में गांव की अपेक्षा ज्यादा है।महिलाओं को कई प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ता है। हमें एक अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है, जहां पर लैंगिक समानता व भेदभाव मुक्त समाज द्वारा सुविधाओं तक पहुंच सुलभ हो सके। मृत्यु दर को कम करने के लिए डिफरेंटशिएटिड देखभाल पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें मरीजों की अतिरिक्त जांच व आवश्यकता अनुसार देखभाल की रणनीति बनाई गई है।जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर राजेश सूद ने सभी प्रतिभागियों से अपने अपने मोबाइल में सोशल मीडिया द्वारा संचालित ट्विटर ऐप पर फॉलोवर्स के अकाउंट बनवाए ताकि सभी प्रतिभागी टीवी तथा एड्स से संबंधित नई जानकारी के साथ अपडेट रहें। उन्होंने बताया कि टीवी प्रीवेंटिव ट्रीटमेंट जो कि एचआईवी से ग्रसित मरीज व टीवी मरीज के संपर्क में रहने वाले लोगों को सप्ताह में एक बार दी जाती है तथा इगरा टेस्ट में पॉजिटिव यदि मरीज पॉजिटिव आता है, तो उसका छाती का एक्स-रे और एलएफटी टेस्ट भी कराया जाना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि टीवी के मरीजों के लिए मेडिकेशन इवेंट रिमाइंडर मॉनिटरिंग (MERM) तकनीक के बारे में सभी प्रतिभागियों को विस्तार से बताया तथा कहा कि इस तकनीक के जरिए मरीजों का दवाई खाना सुनिश्चित होगा, जिससे कि टीवी के रोग को जड़ से मिटाने में सहायता मिलेगी। अंत में डॉक्टर सूद ने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि टीवी, एचआईवी व एड्स से समाज में जुड़े कलंक और भेदभाव को सही जानकारी के द्वारा खत्म करना है।बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विक्रम कटोच, डॉ. दीपिका कंसलटेंट, जन सूचना एवं शिक्षा अधिकारी सीआर ठाकुर, जिला टीवी पर्यवेक्षक विशाल तथा जिला के सभी खंडों के टीवी, एचआईवी/एड्स के काउंसलर, सुपरवाइजर ने भाग लिया।
