पालमपुर में विश्व पशु चिकित्सा दिवस का हुआ आयोजन
प्रतिमा राणा। पालमपुर
हर वर्ष अप्रैल माह का आखिरी शनिवार पूरे विश्व में विश्व पशु चिकित्सा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसी कड़ी में पालमपुर प्रक्षेत्र में सहायक निदेशक, पशु पालन, पालमपुर के सौजन्य से इस अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। इस बार का विषय 'पशु चिकित्सा के क्षेत्र को अधिक लचीला और मजबूत करने बारे' था । डॉ. सुजय शर्मा सहायक निदेशक ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए 'पशु चिकित्सा में लचीलापन' विषय पर अपने विचार साझा किए। समारोह के मुख्यीतिथि त्रिलोक कपूर, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन थे। मुख्यातिथि ने कहा कि पशु स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता के साथ लोग धीरे-धीरे पशु चिकित्सकों के महत्व को भी समझ रहे हैं।
उन्होंने पशुओं के प्रति मन में प्रेम और दयाभाव रखने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर डॉ सौरभ शर्मा और डॉ शालमली ने इस बार के विषय पर उपस्थित चिकित्सकों से अपने विचार साझा किए। डॉ. संदीप मिश्रा, सहायक निदेशक ने मुख्यातिथि का धन्यवाद करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान तनाव, बर्नाउट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में काफी वृद्धि हुई है। अतः पशु चिकित्सकों को भी अपने रोगियों की तरह व्यक्तिगत स्वास्थ्य को उचित बनाए रखने की आवश्यकता है। डॉ. रवि प्रकाश, संयुक्त निदेशक ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में पशुपालन का व्यवसाय न केवल गांव तक सीमित रहेगा, बल्कि शहरों तक भी पहुंचेग।
ऐसे में पशु चिकित्सकों का कार्य और भी ज़रूरी हो जाएगा और यह उनकी नैतिक ज़िम्मेदारी रहेगी कि पशु चिकित्सा एवं प्रबंधन के अलावा वह स्वस्थ दुग्ध, मीट और अंडा उत्पादन और पशुपालक व पशु के परस्पर स्वास्थ्य बिन्दुओं पर भी पशुपालकों को आवश्यक जानकारी मुहैया कराएं। इस अवसर पर डॉ नरेश कौशल, उप निदेशक डॉ विनय शर्मा, सहायक निदेशक भी उपस्थित रहे। डॉ. अजय कटवाल, वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी ने मुख्यातिथि और आए हुए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
