परागपुर- समस्त पापों से मुक्त करता भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग का पूजन: सुमित शास्त्री
"समस्त पापों से मुक्त करता भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग का पूजन" उक्त वाक्य पंडित सुमित शास्त्री ने शिव मन्दिर निचला गढ़ प्रागपुर में चल रही शिव महापुराण कथा के दसवें दिन कहे। शास्त्री ने वर्णन करते हुए कहा कि चन्द्रमा को प्रजापति दक्ष ने अपनी पत्नियों से भेदभाव करने पर क्षय रोग होने का शाप दे दिया और कहा चंद्रदेव आपको अपनी करनी का फल भोगना पड़ेगा। अब तो चंद्रदेव क्षीण होने लग पड़े और पीले पड़ गए। तब पिता ब्रह्मा ने कहा कि प्रारब्ध को भी टालने की शक्ति भगवान शंकर में है, इसलिए तुम उनकी आराधना करो तब सोमनाथ में चंद्रदेव ने कुंड खोदकर शिव स्थापना की और दस करोड़ महामृतयुंजय का जप किया। भगवान शिव पिंडी में से सोमेश्वर महादेव के रूप में प्रकट हुए और चन्द्रमा को दिव्य आशीर्वाद देकर अंतर्धान हो गए। शास्त्री ने आगे बताया कि सतयुग में सफेद शिवलिंग, त्रेता में अत्यंत लाल, द्वापर में पीले व कलियुग में काले रंग के होंगे। कल इस कथा की पूर्णाहुति भंडारे के साथ होगी। कथा में महिंद्र ठाकुर, सीटू पटियाल, राजू पटियाल, मुख्तियार सिंह, जीत राम, शालु, अंकु, कृष्णा देवी, सुलेखा व वीना सूद ने भाग लिया।
