कांगड़ा : इनकम टैक्स बचाना चाहते हैं तो 31 मार्च से पहले कीजिए ये निवेश : सुनील डोगरा
मनोज कुमार। कांगड़ा
वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार सुनील डोगरा ने बताया सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ , सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, एनएससी, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है, तो उसका इंट्रेस्ट भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा। इसलिए एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। सुनील डोगरा ने कहा कि यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इन्वेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा। इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी।
अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है, तो उसे आप 31 मार्च से पहले चुका दें। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा। न्यू पेंशन स्कीम भी है अच्छा विकल्प है, अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है, तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपए इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी (हेल्थ पालिसी )से भी बचा सकते हैं पैसा, मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपये खर्च कर 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपए के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है। इनकम टैक्स बचाना चाहते हैं, तो 31 मार्च से पहले कीजिए ये निवेश। अगर आप भी इनकम टैक्स ज्यादा कटने से बचाना चाहते हैं, तो 31 मार्च तक आपके पास मौका है, जानिए कहां-कहां कर सकते हैं निवेश।
वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार सुनील डोगरा ने बताया सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ, सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, एनएससी, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है, तो उसका इंट्रेस्ट भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा। इसलिए एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। सुनील डोगरा ने कहा कि यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इनवेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा।
इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी। अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है, तो उसे आप 31 मार्च से पहले चुका दें। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा। न्यू पेंशन स्कीम भी है अच्छा विकल्प है। अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है, तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपए इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी (हेल्थ पालिसी) से भी बचा सकते हैं। पैसा, मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपए खर्च कर 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपए के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है।
