धर्मशाला: 16वीं ITHC अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का हुआ समापन
धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में 21–23 नवंबर 2025 के बीच आयोजित 16वीं ITHC अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन समारोह की अध्यक्षता प्रो. डॉ. सत प्रकाश बंसल ने की। सम्मेलन का विषय “सतत पर्यटन और कल्याण: हरित भविष्य का मार्ग” रहा। अपने संबोधन में प्रो. बंसल ने 21वीं सदी में भारत के तेज़ उभार पर प्रकाश डाला और बताया कि हाल के G20 शिखर सम्मेलन तथा जोहान्सबर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य स्वागत ने विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की यह सफलता हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित है, जो आज विश्व को नेतृत्व दे रही है। सम्मेलन में कई विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विचार रखे। यूनाइटेड किंगडम की सुंडरलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ब्रेमपोटन ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम व्यक्तिगत और संस्थागत स्तर पर सतत पर्यटन को व्यवहार में उतारें। इसी प्रकार, हरियाणा स्किल यूनिवर्सिटी के प्रो. दिनेश कुमार ने पर्यटन और आतिथ्य उद्योग में वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही अच्छी प्रथाओं को भारत में लागू करने का आह्वान किया।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रो. काबिया ने चेतावनी दी कि अनियंत्रित भीड़भाड़ और अत्यधिक पर्यटन हमारे प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुँचा रहा है चाहे वह तटीय मैंग्रोव हों या हिमालय की ऊँची पर्वत श्रृंखलाएँ। उन्होंने जिम्मेदार और पुनर्जीवित करने वाले (regenerative) पर्यटन को अपनाने पर बल दिया, ताकि “स्वर्ण हंस” जैसी हमारी अमूल्य विरासत सुरक्षित रह सके। सम्मेलन में पूर्व शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा की उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र की नाज़ुकता को ध्यान में रखते हुए कहा कि पहाड़ों ने सदियों तक पारंपरिक ज्ञान के आधार पर संतुलन बनाए रखा। आधुनिक विकास मॉडल की “कट-कॉपी-पेस्ट” पद्धति ने इस संतुलन को तोड़ा है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि हमें फिर से अपनी परंपरागत ज्ञान प्रणाली की ओर लौटना होगा, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण मिल पाएगा।
सम्मेलन का एक अनूठा और महत्वपूर्ण हिस्सा रहा बोह वैली में ऑफ-ट्रैक अकादमिक सत्र और खब्रू जलप्रपात तक ट्रेक आधारित सत्र, जिसका नेतृत्व प्रो. बंसल, डॉ. सुनीता बंसल और प्रो. दिनेश कुमार ने किया। इसमें विश्वविद्यालय के छात्र, शोधार्थी और प्रोफेसर भी शामिल रहे। अगले दिन प्रतिभागी धर्मशाला लौटे और हावर्ड यूनिवर्सिटी, वॉशिंगटन डी.सी. के साथ एक विशेष हाइब्रिड सत्र आयोजित हुआ, जिसमें केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. नरेंद्र संख्यान, प्रो. कुलश्रेष्ठ, प्रो. लवकुश मिश्रा, प्रो. सुमन शर्मा, प्रो. नाग, प्रो. काबिया सहित कई विद्वान उपस्थित रहे।
