हिमाचल: IGMC में मारपीट मामले ने पकड़ा तूल, आज SP से मिलेंगे परिजन
प्रदेश के (IGMC) शिमला में डॉक्टर द्वारा मरीज से कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मरीज के परिजन डॉक्टर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर आज परिजन एसपी शिमला से मुलाकात करेंगे। हालांकि, IGMC प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं है और वह डॉक्टर की सेवा से बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मारपीट के समय मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। हाथापाई के दौरान ऑक्सीजन निकल गई, जिससे मरीज की जान को खतरा पैदा हुआ। परिजनों का कहना है कि यह हमला जान से मारने की नीयत से किया गया है।
बता दे कि चौपाल क्षेत्र के नेरवा निवासी अर्जुन पंवार का बीते सोमवार को IGMC में एंडोस्कोपी टेस्ट करवाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे कुछ समय आराम करने की सलाह दी थी। इसके बाद, अर्जुन अपने परिजनों के साथ चेस्ट OPD वार्ड में शिफ्ट हो गए। वहां एक खाली बेड देखकर वह उस पर लेट गया। इसी दौरान एक डॉक्टर वहां पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने आते ही मरीज से तू-तड़ाक में बात की और कहा,“तू यहां कहां से आ गया?” मरीज अर्जुन ने डॉक्टर को बताया कि उसकी एंडोस्कोपी हुई है और डॉक्टरों ने ही उसे आराम करने की सलाह दी थी, इसलिए वह खाली बेड पर लेट गया। मरीज के अनुसार, जब उसने डॉक्टर की बदतमीजी पर सवाल उठाया और कहा कि 'क्या आप घर पर भी ऐसे ही बात करते हैं? तो डॉक्टर भड़क गया और हाथापाई शुरू कर दी।
IGMC के सीनियर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने बताया कि मरीज के साथ मारपीट मामले में डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन ने इस मामले की जांच को लेकर कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
