हिमाचल के बागवान आज दिल्ली में निकालेंगे ‘जन आक्रोश रैली’, करेंगे प्रदर्शन
हिमाचल प्रदेश के 3000 से अधिक किसान-बागवान आज दिल्ली में अपने हकों की लड़ाई लड़ेंगे। बागवानों द्वारा आज दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘जन आक्रोश रैली’ निकाली जाएगी। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही ट्रेड डील, सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 50 से घटाकर 25 फीसदी करने, मनरेगा योजना के पुराने स्वरूप की बहाली और चार नए श्रम कानूनों के लिए खिफाफ होगा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान और बागवान बीती रात को ही दिल्ली कूच कर चुके हैं।
किसानों बागवानों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा अमेरिकी सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करना और यूरोपीय यूनियन के सेब पर इसे 20 प्रतिशत तक कम करना उनके हितों के खिलाफ है। इस फैसले से विदेशी सेब सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे हिमाचल का 5500 करोड़ रुपए का सेब उद्योग उजड़ जाएगा। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य, जहां बड़ी आबादी सेब उत्पादन पर निर्भर है, वहां इस निर्णय का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा।
साथ ही दिल्ली कूच से पहले किसानों-बागवानों को जागरूक करने के लिए गांव गांव में नुक्कड़ सभाएं और नाटक किए गए। इस दौरान लोगों को बताया गया कि किस प्रकार किसानों-बागवानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केंद्र सरकार कमजोर कर रही है।
