कोरोना महामारी के चलते बाहर से आने वाले कई लोग जहां सरकार के दिशानिर्देशों को दरकिनार कर क्वारंटाइन का उल्लंघन कर रहे हैं वहीं आनी के घोरला गांव के पवन श्याम ने प्रशासन के आग्रह पर खुद को होम क्वारंटाइन कर मिसाल पेश की है। पवन क्वारंटाइन हुए भी तो घऱ से करीब 16 किलोमीटर दूर करीब 8 हजार फीट की ऊंचाई पर। उनका परिवार घोरला गांव में रहता है जोकि करीब 5 हजार फीट की ऊंचाई पर है। वह छह महीने बाद राजस्थान से घर लौटे हैं। 2 मई को घर लौटने के बाद वह घर नहीं गए, परिवार वालों से दूर से ही मिले। काफी समय बाद घर लौटने के कारण 7 साल और डेढ़ साल की बेटी को गले लगाने का मन था लेकिन परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीधे होम क्वारंटाइन के स्थान की ओर चल पड़े। 2 मई के बाद से पवन अकेले 8 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित अपने सेब के बगीचे में बने घर में क्वारंटाइन है। वह अकेले ही खाना बनाते हैं और अपनी देखभाल भी खुद ही कर रहे हैं। पवन श्याम आनी उपमंडल के पलेही पंचायत के घोरला गांव के रहने वाले हैं। राजस्थान में ऑलफ्रेश कंपनी में काम करते हैं। लॉकडाउन लगने के बाद घर आने की कोशिश की लेकिन प्रदेश सरकार से 30 अप्रेल को घर आने की अनुमति मिली। वह 2 मई को लुहरी पहुंचे। पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटाइन में रहने का आग्रह किया। इसके बाद पवन ने घर से करीब 4 घंटे की पैदल दूरी और 16 किलोमीटर सड़क की दूरी पर नित्थर के बुआई नामक स्थान पर अपने बगीचे में बने घर में खुद को क्वारंटाइन किया। पवन का कहना है कि वह राजस्थान के रेड जोन से आए हैं। 24 मार्च से 30 अप्रेल तक राजस्थान में घर के अंदर ही रहे। घर लौटने के पश्चात परिवार और समाज को प्राथमिकता देते हुए खुद को नित्थर के बुआई में क्वारंटाइन किया। हालांकि पवन के पास खुद को अपने परिवार के पास घोरला गांव में भी खुद को क्वारंटाइन करने का विकल्प था लेकिन वो कोई जोखिम लेना नहीं चाहते थे, इसलिए वो 8 हजार फीट की ऊंचाई पर खुद को क्वारंटाइन करने चले गए। पवन का कहना है कि उन्हें कोरोना महामारी के लक्षण अभी तक नहीं दिखें हैं। हल्की सिरदर्द हुई थी लेकिन प्रशासन द्वारा दवा उपलब्ध करवाने के बाद अब ठीक है। उनका कहना है कि क्वारंटाइन समाप्त होने के बाद ही वह घर जाएंगे। उन्होंने प्रदेश के बाहर से आने वाले लोगों से अपील की है कि क्वारंटाइन का इमानदारी से इसलिए पालन करें क्योंकि ये आपके परिवार और समाज का बीमारी से बचाव का सवाल है। स्थानीय लोग पवन श्याम द्वारा खुद को इस तरह क्वारंटीन करने के फैसले की सराहना कर रहे हैं। एसडीएम आनी चेत सिंह का कहना है कि बाहर से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन किया जा रहा है। ऐसे में यदि कोई सरकारी आदेशों को दरकिनार करता है या क्वारंटाइन का उल्लंघन करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चेत सिंह ने लोगों से यह भी अपील की है कि सरकार के दिशा निर्देशों का लोग इमानदारी से पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें और अपने परिवार-समाज को बीमारी से बचाने के लिए बाहर से आने वाले लोग क्वारंटाइन सही प्रकार पालन करें।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक रणधीर शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पर लगातार तथ्यहीन बयानबाजी करने का अरोप लगाया है। उन्होनें कहा कि मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए कांग्रेसी नेता निराधार आरोप लगाकर सनसनी फैलाने का प्रयास करते हैं। कोरोना महामारी के संकट के इस दौर में इस तरह की तथ्यहीन व निराधार बयानबाजी करना किसी को शोभा नहीं देता। इस तरह की बयानबाजी से प्रदेश की जनता का मनोबल गिरता है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी नेता स्वारघाट से युवक की मौत का जो मुद्दा उठा रहे हैं उसकी मैजिस्ट्रीयल जांच के आदेश मुख्यमंत्री जी ने दे दिए है। इसी तरह महंगी दरों पर सैनिटाईजर खरीदने के मुद्दे पर एफआईआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद भी इन मुद्दों को उठाने का क्या औचित्य है। कांग्रेसी नेताओं को जांच का इंतजार करना चाहिए। उन्होनें कहा कि इसके अलावा जनता के पैसे से 3 लाख रू० के मोबाईल खरीदने का आरोप भी तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि यह मोबाईल जनता द्वारा जो हिमाचल प्रदेश कोविड-19 सोलिडिट्री रिस्पांस फंड में पैसा दिया है उसमें से नहीं खरीदे गए हैं बल्कि यह मोबाईल केन्द्र सरकार द्वारा तीन महीने पहले नेशनल डिजास्टर मेनेजमैंट फंड के तहत जारी 20 लाख रू० में से खरीदे गए हैं, क्योंकि इसमें मोबाईल खरीदने का प्रावधान था और इन मोबाईलों का इस्तेमाल सम्बन्धित अधिकारी आपदा के दौरान ही करेंगे। शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी नेता संकट के इस दौर में इस तरह की निराधार व तथ्यहीन बयानबाजी करने से बाज आए और कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को रचनात्मक सहयोग दें।
देश व दुनिया में दिन प्रति दिन कोरोना वायरस के बढ़ते मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इस से स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ भी अछूती नहीं रही है। यहाँ आए दिन कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। तो वही दूसरी ओर लोग ठीक भी हो रहे हैं। अब तक चंडीगढ़ में कुल 35 लोगों ने कोरोना से जंग जीत ली है। बुधवार को चंडीगढ़ पीजीआई से 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होकर अपने घर पहुंच चुके हैं l इनमें एक दो महीने की बच्ची भी शामिल है जिसने इस महामारी से जंग जीत ली है l
होम्योपैथिक कॉलेज कुमारहट्टी ने सोलन व्यापार मंडल के साथ मिलकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तकरीबन 500 लोगों को मुफ्त दवाई का वितरण किया। काॅलेज के डॉक्टर अंकित दुबे, डॉ मनीष तिवारी व डॉ अवनीश ने व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता के सहयोग से माल रोड़ और अप्पर बाजार की दुकानों पर इस Arsenicum Album 30 दवा को बांटकर दुकानदारों को कोरोना महामारी से बचने के लिए व दवाई के इस्तेमाल और फायदे के बारे मे जागृत किया, वहीं डॉक्टरों की टीम ने पंजाब नेशनल बैंक सोलन के पूरे स्टाफ को भी दवाई का वितरण किया। इस टीम ने पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर का सहयोग के लिए धन्यवाद किया। कुमारहटी होम्योपैथिक के डॉक्टरों की टीम ने व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता को बताया की उनका लक्ष्य हर व्यापारी तक इस दवा को निशुल्क पहुंचाना है क्योंकि व्यापारी हर रोज बहुत से ग्राहकों से मिलता है तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ होनी चाहिए। मुकेश गुप्ता ने डाक्टरों की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने व्यापारी वर्ग के बारे में सकारात्मक सोच रखते हुए हमारे व्यापारी भाईयों को कोरोना से लड़ने के लिए मुफ्त में दवा उपलब्ध करवाई। मुकेश गुप्ता ने इसके लिए होम्योपैथिक कॉलेज कुमारहट्टी के प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। इस समय पूरा देश व विश्व करोना जैसी महाविनाशक बीमारी से जंग लड़ रहा है। इस बीमारी में सरकार को विभिन्न संस्थाएं सहयोग कर रही है, ताकि हम करोना को हरा सकें और आमजन को इस महाविनाशक बीमारी से बचा सकें। इस समय आयुष मंत्रालय हर आमजन की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की दिशा निर्देश जारी कर रहा है, इसके लिए चाहे आयुर्वेदिक काढ़ा हो या होम्योपैथिक दवाई हो साथ ही इस बीमारी से बचने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी जा रही है। इसी क्रम में होम्योपैथिक काॅलेज कुमारहट्टी ने आमजन को मुफ्त दवा वितरण का अभियान शुरू किया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लगाए लाॅकडाउन के कारण प्रभावित अर्थ-व्यवस्था से निपटने के लिए देश को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा के लिए उनका धन्यवाद किया। मंत्रिमण्डल ने कहा कि यह आर्थिक पैकेज कमजोर वर्गों, एमएसएमई, व्यापार समुदाय, कामगारों व आम जनता को आवश्यक राहत प्रदान कर देश की अर्थ-व्यवस्था को पुनर्जिवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पैकेज भारत को मजबूत, जीवंत और आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मंत्रिमण्डल ने रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने, लघु एवं छोटी इकाइयों के नियोक्ताओं व छोटे ठेकेदारों को सुविधा प्रदान करने के लिए काॅन्ट्रेक्ट लेबर (आर एंड ए) अधिनियम, 1970 (1970 का 37वां) को प्रदेश में लागू करने के लिए धारा-1 सब सेक्सन-4 में जरूरी संशोधन को अनुमति प्रदान की। संशोधन में अनुबन्ध रोजगार की सीमा को 20 से बढ़ाकर 30 श्रमिक करने का प्रस्ताव है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, उत्पादन और व्यापार करने में आसानी के लिए भी सहायता मिलेगी। मंत्रिमण्डल ने फैक्ट्री एक्ट 1948 में ऑफिसेस को कम्पाउंड करने के लिए धारा-2 (एम) (प), 2 (एम) (पप), धारा-65 (3) (पअ), धारा-85(1) (प) में संशोधन करने और नई धारा 106 (बी) की प्रविष्टि करने की अनुमति दी। इससे राज्य में छोटी इकाइयों में उत्पाद गतिविधियों के लिए श्रमिकों की वर्तमान सीमा 10 और 20 को बढ़ाकर क्रमशः 20 और 40 किया जाएगा। इस संशोधन से छोटी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रमिकों को रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे। इसी तरह, वर्तमान में कोई भी कर्मचारी किसी भी तिमाही में अधिकतम 75 घंटे ओवर टाइम काम कर सकता है। लेकिन धारा-65 के खंड (4) 3 संशोधन में इस सीमा को बढ़ाकर 115 घंटे करना प्रस्तावित है। इसमें ओवरटाइम का भुगतान साधारण मजदूरी की दर से दोगुना करने की शर्त होगी, ताकि श्रमिकों को आय के अधिक अवसर मिल सकें। मंत्रिमण्डल ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14वां) की धारा-22, (1) धारा 25 एफ (बी) धारा-25-के में संशोधन करने पर भी अपनी सहमति दी। इससे औद्योगिक निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य में व्यापार करने में आसानी होगी। इससे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अनुकूल और व्यापार मित्र वातावरण पर्यावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और कामगारों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्रिमण्डल ने जिला मंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीहरा को 50 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने की मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिले के भेखली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में जिला सिरमौर की तहसील नाहन में ग्राम कंुडला (गुमटी) में मैसर्स एल्को स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में आश्रय पत्र की वैधता अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि कंपनी को परियोजना के काम को पूरा करने में सुविधा हो सके, इसमें कोविड-19 महामारी के कारण विलम्ब हो रहा था। मंत्रिमंडल ने पोस्ट कोविड-19 इकाॅनोमिक रिवाइवल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय सब कमेटी के प्रस्ताव पर आयकर दाताओं को लक्षित सार्वजनिक वितरण योजना के तहत सब्सिडी का लाभ पाने से एक साल के लिए बाहर रखने की मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने बीपीएल/प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों के चयन के लिए ऊपरी आय सीमा को बढ़ाकर 45000 रुपये प्रस्तावित किया। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम परिवारों की संख्या 1,50,000 तक बढ़ जाएगी, जिससे वे 3.30 रुपये प्रति किलो गेहूं आटा और 2 रुपये प्रति किलो चावल बहुत ही रियायती दरों पर लेने के लिए पात्र हो जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा एपीएल परिवारों को दी जा रही दालों, खाद्य तेल और चीनी पर सब्सिडी के युक्तिकरण के लिए भी अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 15 अटल आदर्श विद्यालय खोलने का निर्णय लिया, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के आदेशों पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, जो गुणवत्ता नियंत्रण सैल के अध्यक्ष भी है, ने जिला शिमला के रोहड़ू (बाईपास) में पब्बर नदी पर निर्माणाधीन बखीरना पुल के ढह जाने की जांच के लिए तीन सदस्यीय गुणवत्ता नियंत्रण दल का गठन किया है। संजय कुंडू ने कहा कि इस दल में अधीक्षक अभियन्ता दीपक शर्मा, अधिशाषी अभियन्ता ललित ग्रोवर और सहायक अभियन्ता देवेश ठाकुर शामिल होंगे। संजय कुंडू ने इन अधिकारियों को इस मामले की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संजय कुंडू ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट के अनुसार दोषी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत ग़रीबी रेखा से ऊपर वाले लोगों के राशन में 50 प्रतिशत की कटौती को गलत करार देते हुए कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने सरकार के इस निर्णय को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही पहले तो लाखों लोगों को गरीबी रेखा की सूची से बाहर कर दिया था और अब उनके राशन में कटौती का फरमान जारी कर मध्यम वर्ग के ऊपर कुठाराघात किया है। केंद्र सरकार की नज़रों में ऊंचा उठने के चक्कर में सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के आंकलन का पैमाना बदल कर इस वर्ग के साथ बड़ा अन्याय किया है। उन्होंने कहा है कि उस समय कहा गया था कि जिन लोगों को ग़रीबी रेखा से बाहर किया है उनका आर्थिक स्तर ऊपर किया जाएगा लेकिन नतीजा यह हुआ कि पात्र लोग गरीबी रेखा से बाहर हो गए और अब उनको दी जाने वाली रियायतों में कटौती कर उनके साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने कहा कि ये फैसला तर्कसंगत नहीं है।मध्यम वर्ग के कर्मचारी के वेतन एवं डी ए में कटौती करके पहले ही सरकार ने अन्याय किया है।मध्यम वर्ग के कर्मचारी, छोटे दुकानदार, व्यपारी, निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग इस फैसले से प्रभावित होंगे। उन्होनें कहा कि करोना संकट में पहले ही सभी वर्गों की कमर टूटी पड़ी है। बेरोज़गारी चरम पर पहुंच गई है ,किसान-बागवान को उचित दाम और मार्किटिंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण उसकी कमर टूट चुकी है। ऐसे में जनवितरण प्रणाली में भी कटौती करने का कांग्रेस पार्टी कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग को दी जाने वाली ये सुविधा जारी रखी जानी चाहिए और इनको करोना के लॉक डाउन काल के बिजली पानी के बिलों में भी रियायत देनी चाहिए तथा छोटे दुकानदारों को बिजली बिल में कमर्शियल रेट में भी राहत देनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों के लिए भी आय सीमा को 45 हज़ार किए जाने को कम बताया है। उन्होंने कहा कि इसकी सीमा बड़ाई जानी चाहिए जिससे कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों का सही आकलन करके राहत दी जा सके। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि यह समय किसी भी वर्ग को दी जाने वाली राहत में कटौती का नहीं बल्कि और राहत देने का है। राठौर ने कहा है कि प्रदेश सरकार का यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला है जिसका कांग्रेस कड़े शब्दों में विरोध करती है। उन्होंने इस फैंसले को तुरन्त वापस लेने की मांग की है।कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि किसान और बागवान हिमाचल की आर्थिकी की रीढ़ हैं लेकिन इनके बारे में सरकार ने कोई भी राहत का पैकज न दे कर कृषि बागवानी क्षेत्र को निराश किया है।
हिमाचल प्रदेश डाक सेवा के निदेशक दिनेश कुमार मिस्त्री तथा सहायक पोस्ट मास्टर जनरल बिशन सिंह ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को डाक सेवाओं के माध्यम से राज्य में लाॅेकडाउन अवधि के दौरान दी जा रही सेवाओं की जानकारी दी। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर में लगभग 4 लाख पैंशन भोगियों को उनके घरद्वार पर पैंशन राशि का भुगतान किया गया है। डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) द्वारा 25 मार्च, 2020 से आज दिन तक 11413 लेने-देन के माध्यम से लगभग 5 करोड़ की राशि का भुगतान भी घरद्वार पर किया गया है। प्रदेशभर से देशभर के लिए लगभग 7000 ग्राहकों को दवाइयां पहुंचाई गई। प्रतिदिन देशभर के लिए लगभग 250 पार्सल, जिनमें कैंसर से संबंधित दवाइयां शामिल हैं, की बुकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में जरूरी डाक के वितरण के लिए हर रोज़ सरकारी एवं निजी वाहनों के माध्यम से डाक का निपटान किया जा रहा है। लगभग 170 जरूरतमंद लोगों को 30 क्विंटल राशन का आवंटन भी किया गया है। दत्तात्रेय ने कोरोना महामारी के दौरान डाक विभाग द्वारा आम लोगों को दी जा रही सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी कर्मी कोरोना योद्धाओं की अग्रणी पक्ति में सेवाएं दे रहे हैं। विशेषकर, पैंशन वितरण का कार्य करते हुए सकारात्मक संदेश दे रहे हैं। उन्होंने ऊना जिले के डाक अधीक्षक राम तीर्थ शर्मा और उनकी टीम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 30000 खाताधारकों को 12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि घर-घर जाकर देकर उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने विभाग में तकनीकी का पूर्ण उपयोग करते हुए सेवाओं को विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विशेषकर प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों, किन्नौर और लाहुल-स्पीति के इलाकों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पारम्परिक तरीकों में अब बदलाव की आवश्यकता है।
जयराम कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता पीटरहॉफ में हुई। कैबिनेट ने पीएम नरेंद्र मोदी का देश के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज घोषित करने के फैसले का स्वागत किया। इस आर्थिक पैकेज का हिमाचल को भी लाभ होगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए कई फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने अनुबंध श्रम अधिनियम की धारा-1 में जरूरी संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत अब 20 के बजाय 30 लोग उद्योग में अनुबंध पर रखे जा सकेंगे। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। कारखाना अधिनियम में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे छोटी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रमिकों को अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसमें श्रमिकों की संख्या 20 से 40 की गई है। सरकार के अनुसार इससे श्रमिकों को ज्यादा से ज्यादा अर्जन के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही औद्योगिक विवाद अधिनियम में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि राशन में दी जाने वाली सब्सिडी अब आयकर देने वाले डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को एक साल तक नहीं मिलेगी। इसके अलावा दाल, चीनी और तेल पर सब्सिडी कम कर दी गई है। दूसरी तरफ बीपीएल राशनकार्ड धारकों को पहले की तरह की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, आय सीमा को बढ़ाकर करीब 45 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे एपीएल के करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को बीपीएल की तरह आटा और चावल मिल पाएगा। इस तरह डेढ़ लाख आयकर देने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी खत्म होगी, जबकि डेढ़ लाख नए उपभोक्ता शामिल होंगे। आयकर देने वालों की सब्सिडी में पूरी तरह से कटौती की गई है। जबकि सभी उपभोक्ताओं के चीनी, दाल और तेल की सब्सिडी में भी थोड़ी-थोड़ी कटौती की गई है कैबिनेट बैठक में एक से दूसरे जिले में वाहनों की आवाजाही शुरू करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही 50 फीसदी क्षमता के साथ बसों को चलाने पर भी चर्चा हुई। लॉकडाउन-3 खत्म होने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने कहा कि कोविड -19 जैसी विश्वव्यापी महामारी के दौरान देश के प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की है जो कि देश के सकल घरेलू उत्पाद का दस प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उनके भी राजनैतिक जीवन मे इतना बड़ा राहत पैकेज पहले कभी नहीं आया था। इस बारे उन्होंंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि यह समय है कि प्रदेश में छोटे -छोटे कुटीर व लघु उद्योग स्थापित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि प्रदेश में किसानों व बागवानों को खास प्रोत्साहित किया जाए ताकि हमारे छोटे- छोटे किसान, फल-फूल उत्पादक, दुग्ध उत्पादक, सब्जी उत्पादक सुदृढ़ हो सके और हमारे गाँव आत्मनिर्भर हो कर मान सम्मान का जीवन जी सके। राम लाल ठाकुर ने जोर देकर कहा कि इस आपदा ने यह साबित कर दिया जब तक हमारे गांव के किसान व बागवान सुदृढ़ नहीं होंगे तब तक हम विदेशों की तरह ही ताकते रहेंगे और हमारा देश व प्रदेश तरक्की नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि आज लगता है कि महात्मा गांधी कितने प्रासंगिक थे उन्होंने ग्राम स्वराज की अवधारणा पर हमेशा जोर दिया था जो आज की परिस्थितियों में एकदम सच साबित होती नजर आती है। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार मंत्री बने तो उस समय के प्रधानमंत्री मंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी भी यही कहते थे कि जब तक सरकार का एक-एक पैसा देश के सबसे गरीब किसान व मजदूर तक नहीं पहुच जाता तब तक सरकार को सतत प्रयास करते रहना होगा। पूर्व को यूपीए सरकार के द्वारा चलाई गई मनरेगा योजना भी उसी कड़ी का प्रारुप है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इतना बड़ा राहत पैकेज देश के प्रधानमंत्री ने घोषित किया है केंद्र और प्रदेश में भी भाजपा सरकार है, वित्त राज्य मंत्री भी इस प्रदेश से है, प्रदेश के चारों सांसद भी इसी सरकार के है और राष्ट्रीय भाजपा के अध्यक्ष भी यहीं से हैं बहुत बड़ा मौका प्रदेश के किसानों व बागवानों और मजदूरों के उत्थान का है कि अगर सभी केंद्र की सरकार के समक्ष कोई छोटे-छोटे कुटीर व लघु उद्योगों से सम्बंधित, किसानों व बागवानों व मज़दूरों से सम्बंधित एक व्यापक जनयोजना रखें और इस राहत पैकेज का लाभ उठाएं तो प्रदेश में रोजगार भी बढ़ेगा और महात्मा गांधी, स्व लाल बहादुर शास्त्री, स्व राजीव गांधी के द्वारा सोची देश के अंतिम आदमी के उत्थान के बारे में योजना भी साकार रूप ले सकती है। उन्होंने बताया कि मनरेगा जैसी आमजन की योजना व ग्राम स्वराज की अवधारणा को इससे बल भी मिलेगा और प्रदेश और सुदृढ़ और आत्मनिर्भर होगा।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि लाॅकडाउन अवधि के दौरान महिलाओं की शिकायतों के निवारण के लिए, हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने फोन पर परामर्श प्रदान करने के लिए तीन काउंसलर नामित किए हैं, जिनसे 9805520079, 9805520097 और 9736011071 पर सम्पर्क किया जा सकता है। प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने लाॅकडाउन की अवधि के दौरान पीड़ित महिलाओं तक पहुंचने और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9459886600 भी शुरू किया है। उन्होंने कहा कि शिकायतें आयोग की ईमेल आईडी shimlahpscw@gmail.com पर भी दर्ज की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आयोग से उनके कार्यालय नंबरों 0177-2622929 व 0177-2627171 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ० प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 815 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई०जी०एम०सी० शिमला भेजे गए, उनमें से 758 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 2 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटीव आई है। शेष सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि आज कल बाहर से बहुत ज्यादा संख्या में लोग अपने-अपने घरों को आ रहें हैं सभी की बाॅर्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और सरकार के आदेशानुसार जो रैड जोन क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें इंस्टिटूशनल क्वारनटाईन में रखा जाएगा और बाकी को डाॅक्टर की अनुमति के हिसाब से रखा जाएगा, सरकार द्वारा निर्धारित सभी आदेशों का पालन किया जा रहा है।
सम्पूर्ण भारत में कोरोना वाईरस ‘‘कोविड 19 के कारण लाॅकडाउन के चलते सभी शिक्षक्षण संस्थान बन्द चल रहे हैं । वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा महत्वकांशी हर घर पाठशाला कार्यक्रम के तहत् ऑन लाईन पाठ्यक्रम सामग्री उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अभी हाल ही में दूरदर्षन, व रेडियो के माध्यम् से भी पाठ्यक्रम को लागू किया जा रहा है। लेकिन लाहौल स्पिति के स्पिति उपमण्ड़ल के विषम परिस्थितियों एवं इन्टरनेट सेवा के अभाव में, यहां हर घर पाठशाला पूर्णतः लागू करने में कठिनाई आई है। इस समस्या के मध्य नज़र अतिरिक्त ज़िला दण्ड़ाधिकारी ज्ञान सागर नेगी के दिशा निर्देषानुसार, स्पिति शिक्षा खण्ड़ के तत्वाधान में, आफ लाईन ‘‘हर घर पाठशाला 2020’’ के तहत् शिक्षण कार्यक्रम चला रहें है, जिसमें स्पिति उपमण्डल के 27 रिसोर्स पर्सनस एवं 7 कर्लकों को ‘‘आफ लाईन अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में प्रतिनियुक्त किया गया है । साथ ही सभी पाठशाला (प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, वरिष्ठ माध्यमिक) प्रभारियों को अध्ययन सामग्री को घर-घर पहुंचाने एवं निरीक्षण का दायित्व दिया गया है। समस्त प्रतिनियुक्त शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी लाॅक डाउन के समस्त नियमों का पालन कर रहें है व सामाजिक दूरी और मास्क का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। कुमारी देकित डोलकर, प्रर्धानाचार्या राजकीय वरिश्ठ माध्यमिक पाठषाला काजा एवं नोडल अधिकारी, आफ लाईन ‘‘हर घर पाठषाला कार्यक्रम 2020’’ के अनुसार शिक्षण कार्यक्रम के तहत् पहली से पांचवी कक्षा के कुल 527 छात्र एवं छात्रायें तथा छठी से बारहवीं कक्षा के कुल 490 छात्र एवं छात्रायें लभान्वित हो रहें है और छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी इस कार्यक्रम से काफी उत्साहित है क्योंकि उनके बच्चे इन्टरनेट सुविधाओं के अभाव में भी घर बैठकर सूचारू रूप से पढ़ाई कर पा रहे हैं। ऑफ लाईन ‘‘हर घर पाठशाला कार्यक्रम 2020 ’’ अध्ययन् सामग्री का वितरण नोड़ल अधिकारी की निगरानी में प्रत्येक शनिवार को किया जाता है। इसी कडी में अपने विधान सभा क्षेत्र के दौरे में स्पिति आये डा0 राम लाल मारकण्डा, कृषि, जनजातीय विकास व सूचना एवं प्रोद्योगिकी मन्त्री हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस अनूठे प्रयास की प्रशंसा की व इस कार्यक्रम को सफल बनाने का श्रेय यहां प्रतिनियुक्त रिसोर्स परर्सनस व समस्त कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा कि पूरे हिमाचल प्रदेश में स्पीति क्षेत्र ऐसा है जहां पर इस तरह का कार्यक्रम प्रशासन ने शुरू किया है। घर घर बच्चो के लिए स्टडी मैटेरियल मुहैया करवाया जा रहा है। हर शनिवार को बच्चो को असाइनमेंट दी जाती है जिसका फिर मूल्यांकन किया जाता है। जब तक लॉक डाउन है स्पीति में इसी तरह बच्चों को घर घर पढ़ाया जा रहा है।
कोविड-19 कोरोना वायरस महामारी जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए लाॅकडाउन/कफ्र्यू के दौरान जिला रैड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर मानवीय सेवा में लगे फ्रंट लाईन वर्करज की सहायता करके पुण्य का काम कर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला रैड क्राॅस सोसाइटी कर्मठ, समर्पित और कतव्र्यनिष्ठ स्वयं सेवकों के माध्यम से अग्रणी पंक्ति में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस जवान, सफाई कर्मचारी, सैनीटाईज करने वाले कर्मी, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करवाने वालों की सहायता के लिए दिन-रात जुटे हुए है। जिला रैड क्राॅस सोसाइटी के स्वयं सेवी कडकती धूप में काम करने वाले फ्रंट लाईन वर्करज को चाय, पानी, भोजन, मास्क और सैनीटाईजर उपलब्ध करवाकर उन्हें सहयोग प्रदान कर रहे है। रैड क्राॅस वाॅलंटियर्स अपने वाहनों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर जाकर आवश्यकता अनुसार संकट की इस घड़ी में लोगों के उपयोग में लाई जाने वाली वस्तुएं उपलब्ध करवाकर राहत प्रदान कर रहे है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसी कड़ी में जिला रैड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा कोका-कोला कम्पनी के सहयोग से 25 मार्च से लगातार प्रतिदिन स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस जवान, सफाई कर्मचारी, सैनीटाइज करने वाले कर्मी, आशा वर्करस, गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने वाले और सहयोग में लगे विभिन्न स्वयं सेवियों को पेयजल उपलब्ध करवा के पुण्य का काम कर रही है। अभी तक 3 हजार से भी अधिक पानी की बड़ी बोतलें उपलब्ध करवा चुकी है।
प्रदेश मे न्यूरो सर्जरी को लाने और इसे डवेलप करने मे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डा. आर सी ठाकुर ने सोमवार को श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कालेज एंव अस्पताल के प्रिसींपल का कार्य भार संभाल लिया। डा. आर सी ठाकुर नेरचौक मेडिकल कालेज मे ही जनरल सर्जरी विभाग मे प्रोफेसर और बतौर विभागाध्यक्ष कार्य कर रहे थे। इससे पहले यहां के प्रिसींपल व प्रदेश के जाने माने हार्ट सर्जन डा. रजनीश पठानिया को आईजीएमसी का प्रिसींपल बनाए जाने के बाद डा. आर सी ठाकुर को नेरचौक मेडिकल कालेज के प्रिसींपल का कार्यभार सौंपा है। नेरचौक मेडिकल कालेज मे प्रिसींपल की जिम्मेवारी संभालने के बाद डा. आर सी ठाकुर ने कहा कि अब वह नेरचौक मेडिकल कालेज मे भी न्यूरो सर्जरी का सेटअप बनाने के लिए प्रयास करेंगे। उन्होने कहा कि यहां एक्सीडेंट रेसो भी ज्यादा है और ऐसे मे न्यूरो सर्जरी सेंटर यहां की जरूरत भी है। उन्होने कहा कि नेरचौक मेडिकल कालेज का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत अच्छा है और वह इसे और बेहतर बनाने का प्रयास करेगें। लौहुल जिला से संबध रखने बाले डा. आर सी ठाकुर ने 1992 मे आईजीएमसी मे बतौर एसीस्टेटं प्रोफेसर ज्वाईन किया था जबकि शिमला से पहले वह पीजीआई चंडीगढ़ मे सात वर्ष कार्यरत रहे। डा. आर सी ठाकुर ने 15 साल आईजीएमसी के न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट मे बतौर एचओडी अपनी सेवाएं दी और आईजीएमसी तथा टांडा मे न्यूरो सर्जरी के सेंटर चलाने का श्रेय भी डा. आर सी ठाकुर को ही जाता है। उन्होने कहा कि नेरचौक के इस अस्पताल को सपर्पित कोविड 19 अस्पताल बनाया गया है और अभी उनका फोकस इसी ओर है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इलैक्ट्राॅनिक मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपट रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए त्रि-स्तरीय रणनीति अपनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कोविड-19 से संक्रमित लोगों के उपचार के लिए तीन प्रकार के संस्थान स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 लक्षण प्रकट न होने वाले लोगों के लिए राज्य में अब तक 1300 बिस्तर की क्षमता वाले 24 कोविड केयर सेंटर, माॅडरेट लक्षण वाले लेागों के लिए 500 बिस्तर की क्षमता वाले 11 समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त गंभीर लक्षण वाले लोगों को 700 बिस्तरों की क्षमता वाले प्रदेश के चार कोविड अस्पतालों में रखा जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 115 वेंटिलेटर, 25,000 पीपीई किट्स और 20,000 एन-95 मास्क उपलब्ध हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आपातकालीन स्थिति के लिए प्रदेश को 60 अन्य वेंटिलेटर्ज उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी कोविड-19 के उपचार में निःसन्देह ही अपनी बेहतरीन सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिसके कारण 65 मामलों में से अब तक 38 लोगों का उपचार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोरोना से निपटने के लिए उचित प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से निपटना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है, परंतु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ विपक्षी नेता इस महामारी को अनावश्यक राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस शासित पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों की स्थिति को देखना चाहिए, क्योंकि हिमाचल प्रदेश की स्थिति इन राज्यों के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वारघाट के एक युवक की मौत के मामले में एडीएम बिलासपुर द्वारा मैजिस्ट्रियल जांच करवाने का फैसला लिया है, जिसे उपचार के लिए शिमला रैफर किया गया था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग एक लाख लोग पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों से राज्य में पहुंच चुके हैं और आने वालेे कुछ दिनों में हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार अतिरिक्त सावधानी बरत रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन सभी लोगों की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच की जा सके और रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा।
Chief Minister Jai Ram Thakur, while interacting with electronic media, said that State Government was effectively tackling the menace of COVID-19 pandemic in the State. He said that Government has adopted three pronged strategy to deal with the situation in wake of threat of coronavirus. Chief Minister said that Government had set up three types of institutions in the State where treatment of COVID-19 could be done. He said 24 COVID Care Centres have been established having bed capacity of 1300 patients for asymptotic people, 11 Dedicated COVID Health Centres with bed capacity of 500 for moderate symptomatic people and severe symptomatic persons would be kept in four COVID Hospitals having capacity of 700 beds in the State. Jai Ram Thakur said that there were 115 ventilators, 25,000 PPE Kits, 20 thousand N-95 masks. in the State. He said Central Government has been urged to provide 60 more ventilators to the State to meet out the emergent situation. Chief Minister said that medical fraternity was rendering yeoman service for the treatment of COVID-19 patients due to which 38 persons have been cured so far out of 65 reported cases. He said that proper training was being imparted to doctors and para medical staff to tackle the corona virus. Jai Ram Thakur said that the top most priority of the State Government was to fight COVID-19 pandemic in the State but it was unfortunate that some opposition leaders were un-necessarily politicising the matter. He said that the Congress leaders should first have a look at the situation in the Congress ruled States like Punjab and Rajasthan as things were far much better in Himachal Pradesh than these States. He said that the State Government has decided to conduct a magisterial inquiry by ADM Bilaspur regarding death of a youth of Swarghat who was referred to Shimla for treatment. He said that any laxity in this regard would not be tolerated and strict action would be taken against erring officials. Chief Minister said that as many as one lakh people have already reached the State from different parts of the country and thousands more are expected to arrive within next few days. He said that government has taken extra precautions to ensure that all these people were thoroughly medically examined and those coming from red zone would be kept in institutional quarantine.
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा० राजीव बिन्दल ने बाहर से प्रदेश में आने वाले लोगों के सहयोग के लिए प्रदेश व जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया है। जिसमें रामस्वरूप शर्मा, सांसद को मण्डी संसदीय क्षेत्र, राकेश शर्मा (बबली), प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा, को हमीरपुर संसदीय क्षेत्र, वीरेन्द्र चौधरी, प्रदेश सचिव, को कांगड़ा संसदीय क्षेत्र तथा संजय सूद, प्रदेश कोषाध्यक्ष को शिमला संसदीय क्षेत्र का प्रमुख बनाया गया है। भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि इसी प्रकार जिला स्तर पर 3-3 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है जिसमें राजेन्द्र बोद्ध को जिला लाहौल स्पिति का प्रमुख तथा संजीव कुमार एवं शमशेर सिंह को सदस्य बनाया गया है। इसी प्रकार जिला कुल्लू प्रमुख भीम सेन होंगे तथा जोगिन्द्र शुक्ला व अखिलेश कपूर सदस्य, जिला मण्डी प्रमुख रणवीर सिंह होंगे तथा महेन्द्र पाल तथा प्रियंता शर्मा सदस्य, जिला सुन्दरनगर का प्रमुख दलीप कुमार ठाकुर को बनाया गया है और ओमप्रकाश एवं हुकम चंद ठाकुर सदस्य होंगे। जिला किन्नौर का प्रमुख संजीव हारा होंगे तथा राजपाल नेगी व यशवंत सिंह सदस्य, जिला हमीरपुर का प्रमुख बलदेव शर्मा को बनाया गया है और उनके साथ हरीश शर्मा व अभयवीर सिंह सदस्य होंगे। जिला ऊना प्रमुख मनोहर लाल शर्मा तथा राजकुमार पठानिया व अर्जन सिंह सदस्य, जिला बिलासपुर प्रमुख स्वतंत्र संख्यान, आशीष ढिल्लो व नवीन शर्मा सदस्य, जिला देहरा प्रमुख संजीव शर्मा व अभिषेक पाधा तथा जगदीप डढवाल सदस्य, जिला चम्बा प्रमुख योग सिंह तथा धीरज नरयाल व वीरेन्द्र ठाकुर सदस्य, जिला कांगड़ा प्रमुख चंद्रभूषण नाग तथा रमेश बराड़ व सचिन शर्मा सदस्य, जिला नूरपुर प्रमुख रमेश राणा तथा सतीश शर्मा व रणवीर सिंह को सदस्य, जिला पालमपुर प्रमुख हरिदत शर्मा तथा विजय भट्ट व देवेन्द्र राणा को सदस्य तथा जिला शिमला प्रमुख रवि मेहता तथा उनके साथ गगन शर्मा व अंजना शर्मा सदस्य तथा जिला महासू प्रमुख अजय श्याम व शशिभूषण तथा संजय वर्मा को सदस्य, जिला सिरमौर का प्रमुख श विनय कुमार गुप्ता तथा राजेन्द्र ठाकुर व बलदेव कश्यप को सदस्य तथा जिला सोलन का प्रमुख आशुतोष वैद्य तथा नंदराम कश्यप व अमर सिंह परिहार को सदस्य बनाया गया है। डा० बिन्दल ने बताया कि यह कमेटी रामस्वरूप शर्मा, सांसद की अध्यक्षता में कार्य करेगी।
केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस से लड़ाई के लिए हिमाचल प्रदेश को 952 करोड़ रुपए का विकास राजस्व घाटा अनुदान जारी किया है। यह दूसरी मासिक किश्त है जो हिमाचल समेत 14 राज्यों को जारी की गई है। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामले मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर विकास राजस्व घाटा अनुदान की दूसरी समान मासिक किस्त जारी की गई है। यह राज्यों को कोरोना संकट के दौरान अतिरिक्त संसाधन प्रदान करेगा। इसके तहत 14 राज्यों को 6,195.08 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 13 मई को होगी कैबिनेट की बैठक हिमाचल कैबिनेट की बैठक बुधवार 11 बजे बुलाई गई है। इस बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित फैसले होंगे। एपीएल के राशन की कटौती, बिजली बोर्ड और शिक्षा विभाग से संबंधित फैसले होंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यह बैठक राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में होगी। नहीं खुलेंगे स्कूल, छुट्टियां समाप्त होते ही कॉलेजों में परीक्षाएं होंगी शुरू वहीं, कोरोना वायरस से बचाव के लिए हिमाचल के सरकारी और निजी स्कूलों को अभी खोलने का सरकार जोखिम नहीं उठाना चाहती है। ऐसे में स्कूलों को 31 मई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। कॉलेजों में 25 मई से होने वाली छुट्टियों को 18 मई से 10 जून तक देने का विचार है। इन छुट्टियों के समाप्त होते ही कॉलेजों में परीक्षाएं शुरू होंगी। शिक्षा विभाग ने 17 मई को लॉकडाउन समाप्त होने के बाद शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने के लिए एक्जिट प्लान तैयार कर लिया है। 13 मई को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
बाहरी राज्यों से आने वाले स्थानीय लोग 13 मई को ऊना से एचआरटीसी के ऊना डिपो की बसों से आकर चंबा जिला में प्रवेश करेंगे। इन 9 बसों में 200 व्यक्ति आएंगे। सभी लोगों को चंबा जिला की सीमा में रिसीव करने के लिए विभिन्न उपमंडलों के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ड्यूटी के लिए तैनात कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रोटोकॉल के मुताबिक स्वास्थ्य जांच करेंगी। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि जिला में बाहर से आने वाले ऐसे सभी लोगों को क्वॉरेंटाइन करने की सुविधाएं तय कर ली गई हैं। सभी उपमंडलों के एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्वॉरेंटाइन सुविधाओं में सभी एहतियातों का भी पूरा ख्याल रखें और इनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि कुछ क्वॉरेंटाइन सुविधाओं का स्वयं भी जायजा लिया है और आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि सरु में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के नए होस्टल ब्लॉक को भी क्वॉरेंटाइन सुविधा के लिए चिन्हित कर लिया गया है। जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द इस भवन में बिजली ,पेयजल इत्यादि की सुविधाएं उपलब्ध करें ताकि इसका उपयोग भी संस्थागत क्वॉरेंटाइन सुविधा के तौर पर किया जा सके। जिला के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में और ऐसे भवन चिन्हित करने और उनमें सुविधाएं जुटाने के लिए भी कहा गया है ताकि आने वाले समय में बाहरी राज्यों से आने वाले चंबा जिला के स्थानीय लोगों को क्वॉरेंटाइन किया जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वॉरेंटाइन की 14 दिनों की अवधि के बाद होम क्वॉरेंटाइन की अगली अवधि भी बहुत ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में होम क्वॉरेंटाइन हुए व्यक्ति की निगरानी के लिए भी अब पंचअस्त्र निगरानी विधि अपनाई जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन के नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में ना कर सके। उन्होंने कहा कि होम क्वॉरेंटाइन एक ऐसा समय है जिसमें ना केवल उस व्यक्ति बल्कि उसके परिवार को भी पूरी जागरूकता और संवेदनशीलता के साथ कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता को समझते हुए अपनी जिम्मेदारी को हर हाल में पूरा करना होगा तभी हम कोरोना महामारी की इस लड़ाई में कोरोना वायरस को हरा पाने में सक्षम होंगे। उपायुक्त ने एक बार फिर पंचायती राज प्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे इस आपदा की घड़ी में अपने पद के उत्तरदायित्व के अलावा अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को भी समझते हुए होम क्वॉरेंटाइन को सबसे बड़ी प्राथमिकता देकर होम क्वॉरेंटाइन किए लोगों की निगरानी में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।
उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि लॉक डाउन अवधि के दौरान चंबा जिला में बागवानों को अब तक 11 लाख 87 हजार रुपए की अनुदान सहायता राशि मुहैया की जा चुकी है। लॉक डाउन में बागवानी विभाग के अधिकारियों का एकमात्र लक्ष्य बागवानी से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ बागवानों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग एक विशेष कार्य योजना के तहत काम करते हुए बागवानों की सभी समस्याओं और शंकाओं का समाधान तुरंत प्रतिक्रिया दे कर प्राथमिकता के आधार पर करे। विवेक भाटिया ने कहा कि बागवानी विभाग को ये हिदायत भी दी गई थी कि वे खुम्ब उत्पादकों को भी उनकी फसल को मंडी तक पहुंचाने में विभाग आवश्यक मदद दे। इस अवधि में खुम्ब उत्पादक द्वारा करीब 70 क्विंटल खुम्ब उपभोक्ताओं तक पहुंचाई गई। बागवानों को उनकी जरूरत और मांग केेेे अनुरूप कर्फ्य पास भी जारी किए गए ताकि उन्हें बगीचों में आवश्यक कार्य निपटाने में दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि चंबा जिला का काफी क्षेत्र बागवानी के तहत आता है और बागवानी वहां की आर्थिकी का बहुत बड़ा आधार भी है। विवेक भाटिया ने कहा कि चंबा जिला में कृषि और पशुपालन के अलावा बागवानी क्षेत्र भी विशेष तौर से ग्रामीण आर्थिकी का बहुत बड़ा आधार है। बागवानी विभाग को इसी के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि सभी पात्र बागवान योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि बागवानी विभाग उद्यान विकास योजना के तहत पावर टिलर मुहैया करने के अलावा पुष्प क्रांति योजना में पुष्प उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी सहायता राशि उपलब्ध करता है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश कृषि योजना के तहत बागवानों को बागवानी के औजार अनुदान पर दिए जाते हैं। मधुमक्खी पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए मुख्यमंत्री मौन पालन योजना में भी बागवानों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। बागवानी विभाग ओला अवरोधक जाली लगाने के लिए भी अनुदान राशि उपलब्ध करता है। बागवानी विभाग द्वारा सेब और अन्य फल पौधों के बेहतर स्वास्थ्य और अच्छी क्वालिटी के फल लेने के लिए जिले के सभी सरकारी पौध संरक्षण केंद्रों के माध्यम से बागवानों को सरकारी अनुदान राशि पर दवाइयां भी वितरित की गई। उपायुक्त ने बागवानों का आह्वान करते हुए कहा कि जिला में फलों की पैदावार के साथ-साथ पुष्प उत्पादन की भी बहुत बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। बागवानों को पुष्प उत्पादन की ओर भी अपना रुझान बढ़ाना चाहिए ताकि वे फूलों की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकें।
आयुर्वेदिक विभाग बिलासपुर द्वारा कोविड-19 महामारी कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए जिला बिलासपुर में सीमावर्ती कार्यकर्ताओं (फ्रंट लाईन वर्कस) में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढा मधुयष्टियादी कषाय के 3 हजार पैक्ट जिला स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों के कार्यालयों में वितरित किए जा चुके है। उपायुक्त राजेश्वर गोयल और जिला आयुर्वेदिक डाॅ. जमीर खान चंदेल ने सभी विभागीय प्रमुखों से कहा है कि कोविड-19 महामारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए सीमावर्ती कार्यकर्ताओं (फ्रंट लाईन वर्कस) को वितरित करना सुनिश्चित करें ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियो की निगरानी के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार बाहरी राज्यों के रेड जोन से आ रहे सभी परिवारों एवं व्यक्तियों को सोलन जिला में स्थित अंतरराज्यीय बैरियर पर संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा। इन सभी व्यक्तियों को 14 दिन की सक्रिय निगरानी में रखा जाएगा। ओरेंज जोन तथा ग्रीन जोन से आ रहे सभी परिवारों एवं व्यक्तियों को 14 दिन के लिए होम क्वारेनटाइन किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में जैसे कि गर्भवती स्त्रियां, नवजात शिशुओं की माताएं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को होम क्वारेनटाइन किया जाएगा। आदेशों के अनुसार होम क्वारेनटाइन की निगरानी के लिए जिला दंडाधिकारी सोलन द्वारा जारी 07 स्तरीय प्रणाली एवं इससे संबंधित दिशा-निर्देशों का अनिवार्य पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा। जो व्यक्ति होम क्वारेनटाइन नियम का उल्लंघन करेगा उसे ग्राम पंचायत में स्थित संस्थागत क्वारेनटाइन में भेज दिया जाएगा और उसके विरूद्ध महामारी अधिनियम, 1897 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आदेशों के अनुसार यदि किसी मामले में संशय उत्पन्न होता है तो उक्त व्यक्ति ऐसे मामले में संबंधित उपमंडलाधिकारी से आगामी दिशा-निर्देश प्राप्त करेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
जनजातीय पांगी घाटी को चंबा जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले चंबा- किलाड़ वाया साच पास सड़क मार्ग को इस महीने के अंत तक खोल दिया जाएगा। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरों के साथ सड़क बहाली के कार्य का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते दूरस्थ पांगी घाटी को सड़क मार्ग के जरिए भी जिला मुख्यालय के साथ जोड़ना प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इस दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि वे स्वयं सड़क बहाली के कार्य की रोज समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किलाड़- चंबा सड़क के वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल होने के बाद पांगी घाटी सड़क मार्ग के साथ भी देश के अन्य हिस्सों के साथ जुड़ जाएगी। आपात स्थिति में पांगी घाटी के लिए हवाई सेवा के साथ सड़क यातायात सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। हंस राज ने ये भी कहा कि सड़क बहाली का काम पूरा हो जाने के बाद पांगी घाटी के किसानों को भी अपने उत्पाद सड़क मार्ग के जरिए मंडियों तक पहुंचाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने कोरोना महामारी के चलते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में कोविड-19 के मामले बढ़ते जा रहे है व चिंता का विषय है जबकि अब तक हिमाचल प्रदेश कोरोना फ्री राज्य घोषित होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जैसे ही बाहरी राज्यों से लोंगो का आवागमन हिमाचल प्रदेश में हुआ उसमे प्रदेश सरकार राज्यो के एंट्री पॉइंट्स पर पुख्ता व्यवस्था न कर पाने पर यह मामले बढ़े है। जहाँ-जहाँ पर प्रदेश के एंट्री पॉइंट्स थे वहां पर प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य विभाग बाहर से आने वाले लोंगो की प्राथमिक जांच करने में ही असफल रहा। इन एंट्री पॉइंट्स पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास उपयुक्त स्वास्थ्य जांच इंस्ट्रूमेंट्स न होने से इन लोंगो की शुरुआती जांच भी नहीं हो पाई जिसके कारण बाहरी राज्यो से आने वाले लोग प्रदेश मे प्रवेश कर गए और अब इन लोंगो की सेहत की देखभाल सिर्फ और सिर आशा वर्करों या वार्ड पंचो के हवाले कर दी गई है। राम लाल ठाकुर ने यह भी कहा कि इस महामारी के समय प्रदेश सरकार ने जो 80 प्रतिशत लोंगो की स्वास्थ्य जांच का दावा किया है वह सरासर गलत है। यह सारा दावा प्रदेश सरकार का आशा वर्करों के द्वारा इक्कठी की गई रिपोर्टों के आधार पर है। बहुत सी आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फोन पर निर्देश देते है कि अपनी पंचायत के लोगों की बीमारियों के बारे में पता लगाओ। अब यह बताओ कि एक पंचायत को सिर्फ दो आशा वर्करों के सहारे छोड़ देना कहां तक उचित है और फिर क्या यह स्वास्थ्य वर्कर क्या स्वास्थ्य विषय विशेषज्ञ है? उन्होंने कहा कि मेरी सलाह प्रदेश सरकार को है कि यदि कोविड 19 जैसी महामारी से लड़ना है तो स्वास्थ्य विशेषज्ञों, प्रशानिक अधिकारियों और सरकार के पक्ष और विपक्ष के नेताओं को साथ लेकर एक सयुक्त टीम का गठन करना चाहिए ताकि कोई बुनयादी योजना बन सके और इस महामारी को मात दी जा सके, केवल विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के सहारे सरकार नहीं चल सकती है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि आज लॉक डाउन का पचासवां दिन है अभी तक तो प्रदेश के हर जिला अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग की सुविधा दी जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा 50 दिन लॉक डाउन होने के बावजूद भी अभी तक भी कोरोना के मरीजों के लिए कोई पर्याप्त इसोलेशन वार्डस विकसित नहीं हो पाए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि कोरोना की लड़ाई में बहुत सी वित्तिय धांधलियों को भी जन्म दिया गया है जो कि एक गम्भीर व चिंता का विषय है। इसकी भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the members of Zila Parishad, BDC members and Panchayat Pradhans of various Gram Panchayats of Hamirpur and Una districts through video conferencing from Shimla said that they were playing a vital role in fighting the COVID-19 in the State by sensitizing people regarding importance of isolation and social distancing to break the cycle of the virus. Chief Minister said during the last few days as many as one lakh Himachalis stranded in various parts of the Country have come back to the State and about 55000 were expected to come back within next few days. He said that since few of them were coming from red or orange zones it was essential to ensure proper medical check up of these persons and to keep them under quarantine. He said that State Government has launched ‘Nigah’ programme to keep close watch on people coming from other States. He said the programme aims to sensitize people of the State to ensure proper protocol to avoid corona infection. Jai Ram Thakur said that the panchayat pradhans must ensure that they keep a close surveillance on people arriving in their areas from other parts of the country. He said efforts must be made that pradhans alongwith ASHA workers and other health functionaries visit the house of such persons before their arrival, so that the family members could be educated regarding social distancing even within the family. Chief Minister said that the pradhans were also doing a commendable job in motivating people to download ‘Aarogya Setu App’. He said that they were also distributing face masks and face covers besides providing food to poor and needy. He also urged the pradhans to ensure proper sanitization of their panchayats to check outbreak of any disease. He said that they should also educate the people regarding social stigma associated with the disease as it was fight against the disease and not the infected person. Jai Ram Thakur said that it was due to the strong and dynamic leadership of Prime Minister Narendra Modi that the magnitude of COVID-19 was not so alarming as compared to other developed countries. He said that Prime Minister during the video conferencing with the Chief Ministers of the States yesterday has urged the people to collectively fight corona but at the same time try to live with this pandemic with care and precautions. Chief Minister said that all the panchayat pradhans must help the family members who have limited accommodation to ensure proper social distancing by providing them isolated accommodation in community centres, panchayat ghar and mahila mandal bhawans etc. He said that proper vigil should be kept on the persons to ensure that they does not jump from home quarantine. He said that if a person was found that he was not following the home quarantine norms, the matter should be brought before the district administration so that he could be kept under institutional quarantine. Jai Ram Thakur said that elected representatives of Panchayati Raj Institutions must also come forward to start various developmental activities in their respective panchayats. He said that work under MNREGA be expedited but at the same time it must be ensured that proper social distancing norms were followed. Rural Development Minister Virender Kanwar thanked the Chief Minister for sparing his valuable time to guide the elected representatives of PRIs in the wake of COVID-19 pandemic. Pradhan of Gram Panchayat, Jambali of Bijhari block in Hamirpur district Satish Soni, Pradhan Gram Panchayat Kakkar of Bamsan Block in Hamirpur district Jyoti Thakur, Pradhan Gram Panchayat Anu in Hamirpur district Sunder Dhiman, Pradhan Gram Panchayat Amb Tika of Amb Block in Una district Darshran Singh and Pradhan Gram Panchayat Laroli of Amb Block in Una district also shared their views during the video conferencing. Director Rural Development and Panchayati Raj Lalit Jain conducted the proceeding of the video conferencing. Chief Secretary Anil Khachi, Secretary Rural Development Dr. R.N. Batta and Director Information and Public Relations Harbans Brascon were also present during the meeting.
युवा कांग्रेस ने कहा है कि अगर बिलासपुर के स्वारघाट में क्वॉरेंटाइन किए गए युवक की मौत की निष्पक्षता के साथ जांच नही हुई तो क्षेत्र के लोगो के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा और इसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी। युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर बिलासपुर में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मांग की है कि बिलासपुर जिला के स्वारघाट क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए युवक की मौत की गुथी को सुलझाने के लिए इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए, जो भी लोग इसमे संलिप्त पाए जाते है उनके खिलाफ कठोर से कठोर सजा का प्रावधान होना चाहिए।आशीष ठाकुर ने कहा कि आईजीएमसी शिमला में जिस तरह उक्त युवक के शव के साथ अमानवीयता का व्यवहार हुआ है वो बहुत ही निंदनीय है जिसने हिन्दू समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई है,युवा नेता ने कहा कि इस तरह के कृत से उस युवक के परिवार पर क्या बीती होगी इसका अंदेशा लगाना भी सम्भव नही है। आशीष ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि भविष्य में शवों के साथ अमानवीयता का व्यवहार न हो उसके लिए ठोस नीति बनाए।
नर्बदा देवी ठाकुर भाषा शिक्षिका राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोट-तुंगल तहसील कोटली जिला मण्डी हिमाचल प्रदेश को कोरोना काव्य "सांझा संग्रह" में अपनी रचनाओं "आधा शहर गांव आ गया","अदृश्य आतंकी" , "ये जंग सीमा पर नहीं है" और प्रधानमंत्री केयर फंड में योगदान के लिए निखिल प्रकाशन समूह आगरा उत्तर प्रदेश द्वारा 11 मई 2020 को "कोरोना वरियर सम्मान" से ऑनलाईन सम्मानित किया गया। इन्होंने अपनी ये रचनाएं 4 मई 2020 को निखिल प्रकाशन समूह आगरा उत्तर प्रदेश को भेजी थी जो कोरोना काव्य "सांझा संग्रह"में प्रकाशन हेतु चुन ली गई है।
सड़कें पहाड़ की भाग्य रेखाएं हैं। हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में जन-जन तक विकास के लाभ सड़कों के माध्यम से ही पहुंचते हैं। सड़कें ही किसानों तथा बागवानों की उपज को मंडियों तक तथा उद्योगों से उत्पादों को लोगों तक पहुंचाती हैं। लोक निर्माण विभाग प्रदेश में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ अन्य विकास संबंधी निर्माण गतिविधियों का प्रमुख अभिकरण है। विभाग अपने इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश के विकास को गति प्रदान कर रहा है। कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश सरकार से कार्य आरंभ करने की अनुमति मिलते ही एक साथ करोड़ों रुपये के कार्य आरंभ कर न केवल विकास की नींव को मज़बूत करना आरंभ किया है अपितु प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति भी प्रदान की है। प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के खतरे के मध्य विभिन्न विभाागों को सभी एहतियाती उपाय अपनाते हुए विभिन्न विकास कार्य आरंभ करने की अनुमति प्रदान की। इसका उद्देश्य जहां विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना है वहीं ज़रूरतमंद एवं गरीब व्यक्तियों को श्रम के माध्यम से लाभ पहुंचाना भी है। सोलन जिला में लोक निर्माण विभाग ने इस दिशा में ठोस कार्य आरंभ किया है। जिला में 11 मई, 2020 तक लोक निर्माण विभाग द्वारा अनुमति मिलने के उपरांत लगभग 63 करोड़ रुपये की लागत से 80 निर्माण कार्य आरंभ किए गए हैं। इनके माध्यम से 786 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। जिला में कोविड-19 के दृष्टिगत अनुमति मिलने के उपरांत 55 सड़क निर्माण कार्य, 05 पुल निर्माण कार्य तथा 20 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सड़क निर्माण कार्यों में 553, पुल निर्माण कार्य में 44 तथा भवन निर्माण कार्य में 189 कामगार लाभान्वित हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा सोलन शहर की यातायात संबंधी अनेक समस्याआंे को दूर करने वाले तथा शिमला, सोलन एवं सिरमौर के किसानों एवं बागवानों की उपज को सुगमता से मंडियों तक पहुंचाने वाले शामती बाईपास के रूके हुए निर्माण कार्य को भी आरंभ कर दिया गया है। इस पर लगभग 16 करोड़ रुपये व्यय होंगे। शहर के साथ लगती ग्राम पंचायत कोठों में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे बहुद्देशीय सभागार का निर्माण कार्य भी आरंभ हो गया है। यह सभागार विभिन्न कलाओं के मंचन एवं अन्य गतिविधियों के लिए बहुपयोगी सिद्ध होगा। जिला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 15 करोड़ रुपये के 12 विभिन्न कार्य तथा नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित लगभग 12 करोड़ रुपये के 10 आवश्यक निर्माण कार्य भी आरंभ कर दिए गए हैं। सोलन में 08 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे परिधि गृह का कार्य भी आरंभ हो गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सोलन मंडल में 13 सड़कों के निर्माण कार्य में 110 श्रमिकों, 01 पुल के निर्माण कार्य में 03 श्रमिकों तथा 05 भवनों के निर्माण कार्य में 65 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। कसौली मंडल में 22 सड़कों के निर्माण कार्य में 208 श्रमिक, 02 पुलों के निर्माण कार्य में 11 श्रमिक तथा 06 भवनों के निर्माण कार्य में 42 श्रमिक लाभान्वित हो रहे हैं। जिला के अर्की मंडल में 04 सड़क निर्माण कार्यों में 42 श्रमिक तथा 01 भवन निर्माण कार्य में 05 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। नालागढ़ मंडल में 16 सड़क निर्माण कार्यों से 183, 02 पुल निर्माण कार्यो से 30 तथा 08 भवन निर्माण कार्यों से 77 कामगारों को लाभ मिल रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कैप्टन एसपी जगोता ने कहा कि प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के उपरांत विभिन्न निर्माण कार्य आरंभ किए गए हैं। सभी निर्माण कार्यों में कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के 290 श्रमिक जिला में सड़कों के रखरखाव के कार्य में भी संलग्न हैं। विभाग के 60 श्रमिक प्रशासन को ज़रूरतमंद व्यक्तियों को खाद्य सामग्री प्रदान करने में भी सहायता पहुंचा रहे हैं।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर राजभवन में नर्सों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में नर्सें समाज को बहुत बड़ा योगदान दे रही हैं। वे खुद के संक्रमण होने के खतरे के बावजूद अपनी जान की परवाह किए बिना ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने में जुटी हैं। 12 मई को मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सों के इसी योगदान को नमन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 को ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल के त्याग व समर्पण को याद करते हुए हम इस व्यवसाय से जुड़े सभी कोरोना योद्धाओं का आभार व्यक्त करते हैं। राज्यपाल ने सिस्टर निवेदिता राजकीय नर्सिंग काॅलेज (एसएनजीएनसी), शिमला की प्रधानाचार्य ऊषा मेहता, दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल, शिमला की मैट्रन परवीन सूद, कमला नेहरू अस्पताल, शिमला की नर्सिंग अधीक्षक वीना कौंडल तथा इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज, शिमला की नर्सिंग अधीक्षक सुनीता शर्मा को सम्मानित किया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अर्की भाजपा मंडल की बैठक वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से हुई । बैठक की अध्यक्षता अर्की भाजपा के मंडलाध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय ने की। महामंत्री यशपाल कश्यप ने बताया कि इस बैठक में मंडल, जिला,प्रदेश कार्यकारीणी के पदाधिकारयों व सदस्यों ने भाग लिया। शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल,प्रदेश सचिव पायल वैद्य ने भी कांफ्रैस के माध्यम से बैठक में भाग लिया । मंडलाध्यक्ष उपाध्याय ने बताया कि अर्की भाजपा मंडल की यह दसवीं वीडियो कांफ्रैस थी जिसमें बूथ स्तर हो रही गतिविधियों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर पीएम केयर फंड,सीएम केयर फंड,राशन देने बारे तथा कोरोना पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पन्ना प्रमुखों के साथ अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
लाहौल स्पीति की स्थिति क्षेत्र में अब ढिंगरी मशरूम की खेती व्यापक स्तर पर की जाएगी। कृषि एवं जनजातीय प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ रामलाल मार्कंड़य सोमवार को एडीसी कार्यालय में विभिन्न विभागों के कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि स्पीति में मटर की फसल काफी प्रचलित है। लेकिन अब ढिंगरी मशरूम की फसल को यहां पर विकसित करने के लिए कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। इसी कड़ी में 50 किसानों को मशरूम की खेती करने के बारे में प्रशिक्षित किया गया है तथा उन्हें ढिंगरी मशरूम के स्पून तैयार करके हॉर्टिकल्चर विभाग ने वितरित कर दिया है। स्पीति में पर्यटन का बहुत बड़ा कारोबार है । ऐसे में यहां पर उगने वाली ढिंगरी मशरूम की खपत यह पर हो जाया करेगी। अभी तक चिचिम कलजग लादे प्रगतिशील किसान ढिंगरी मशरूम की खेती पिछले कुछ सालों से कर रहा है। उसके सारे प्रयोग सफल हुए हैं और सालाना 150 किलो से अधिक मशरूम की पैदावार कर रहा है। अपनी पूरी फसल को स्पीति के होटल होम स्टे में ही बेच देता है। स्पीति का तापमान मशरूम की पैदावार के के लिए उपयुक्त है ऐसे में स्पीति के हर गांव में मशरूम की खेती की जा सकती है । प्रशिक्षित किसान इस बार ढिंगरी मशरूम की खेती करेंगे। साथ ही साथ किस तरह और पैदावार को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए भी कार्य करेंगे । जब यहां पर ढिंगरी मशरूम की फसल काफी अधिक हो जाया करेगी तो उसे प्रदेश के अन्य जिलों प्रदेश से बाहर भी बेचने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री रामलाल मार्कंडेय ने बताया कि सभी किसानों को मुफ्त में ढिंगरी मशरूम की स्पून दी गई है।बैठक में एडीएम ज्ञान सागर नेगी सहित अन्य विभागों के अधिकारी टी ए सी सदस्य राजेन्द्र बोध भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। प्राकृतिक खेती है आपको बताते चलें कि ढिंगरी मशरूम खेती करने के लिए खेती के प्राप्त किसी अवशेषों का प्रयोग किया जा सकता है जैसे कि सूखा हो उसने फफूंद नहीं लगी होनी चाहिए। मटर, जौ और गेहूं के भूसे का प्रयोग किया जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर इसमें बहुत औषधीय गुण पाए जाते हैं। दवाई के लिए भेजता इस्तेमाल किया जा रहा है। ढिंगरी मशरूम में प्रोटीन होती है। इसके साथ ही कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, फास्फोरस , आयरन आदि होते है। इसके सेवन से लेते केंसर प्रतिरोधी क्षमता, खून में कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता, ब्लड शुगर कम करने की क्षमता, आदि के लिए काफी चर्चित है ऐसे में जहां इस ढिंगरी मशरूम की फसल से लोगों की आय बढ़ेगी इसके साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर भोजन उपलब्ध हो पाएगा। पर्यावरण के लिए आवश्यक ढिंगरी मशरूम ,उत्तम भोजन, सेहत और वातावरण इन तीनों समस्या का समाधान करती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि अन्य फसलों की तरह उपजाऊ भूमि नहीं चाहिए होता है। छोटे किसानों के लिए उपयुक्त होता है । इसकी जैव परिवर्तन क्षमता अधिक होती है। और उगने के लिए प्रयोग किए जा रहे पदार्थ के अनुपात में मशरूम का उत्पादन अच्छा होता है ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से उगाया जा सकता है बेरोजगारों के लिए रोजगार का साधन बन सकता है । महिलाओं के लिए घर द्वार पर रोजगार के साधन उपलब्ध हो जाएंगे। ग्रामीण महिला स्व सहायता समूह मशरूम का अचार , सुखा मशरूम मशरूम पाउडर आदि बनाकर अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर सकते हैं।
ग्राम पंचायत धुन्दन के पसल वाला में सोमवार को प्रकाश चंद की गोशाला में अचानक आग भड़क गई। आग की वजह से गोशाला में रखा चारा और इमारती लकड़ी जलकर राख हो गए है। गनीमत रही कि गोशाला में बंधे मवेशियों को समय रहते बचा लिया गया। हालांकि आग की लपटों से एक गाए और भैंस आंशिक रूप से झुलस गए है। शार्ट सर्केट को आग लगने की वजह बताया जा रहा है। घटना में लगभग काफी नुकसान हुआ है। गांव के अन्य लोगों ने गोशाला से धुआं उठते देखा और इसकी सूचना गोशाला के मालिक को दी। फायर चौकी अर्की को घटना की सूचना दी गई।लगभग तीस मिनटों में दमकल की गाड़ी मैके पर पहुँच गयी। अग्निशामक टीम प्रभारी धर्म सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम में मदन लाल, कर्म चंद, राम गोपाल शामिल थे। उन्होंने लगभग 45 मिनटों की मुश्कत के बाद आग पर काबू पा लिया और गोशाला से सटे दो मकानों को आग की भेंट चढ़ने से बचा लिया गया। आग की वजह से किसान का लगभग तीन लाख का नुकसान हुआ है।
सिप्ला कम्पनी के साइट हैड संजय मिश्रा और एच.आर. हैड मृणाल कांति ने सिप्ला लिमिटेड बद्दी की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को हिमाचल प्रदेश एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅन्स फंड के लिए 50 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल ने खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला के सभी स्वास्थ्य खण्डों में कोविड-19 के संभावित रोगियों के क्वारेनटाइन, उनके रक्त नमूने एकत्र करने वाली टीमों तथा कोविड-19 देखभाल केंद्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। डॉ. राजन उप्पल मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला में कोविड-19 के दृष्टिगत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने कोरोना वायरस संक्रमण, रक्त नमूने लेने एवं अन्य सुरक्षा मानकों के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। बैठक में मलेरिया व डेंगू रोकथाम विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह ने कहा कि मलेरिया तथा डेंगू से बचाव के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जन जागरण अभियान चलाया जाना चाहिए। बैठक में मलेरिया तथा डेंगू संबंधी जागरूकता पोस्टर एवं बैनर मुख्य स्थानों पर लगाने के निर्देश भी दिए गए। डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बैठक में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, एचआईवी एड्स व स्वैच्छिक रक्तदान आदि के विषय में जानकारी दी। बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों ने कोरोना वायरस संक्रमण एवं जिला में कार्यान्वित किए जा रहे अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी दी।
कहलूर सेवा विकास संस्थान बिलासपुर द्वारा पूरे षहर को सेनेटाइज करने के बाद अब अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए सोमवार से बेसहारा पशुओं के रखरखाव का जिम्मा उठाया है। इसके लिए प्रथम चरण में पषुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना है। यह जानकारी देते हुए संस्थान के प्रधान सन्नी कुमार और महासचिव पंडित भरत डोगरा ने बताया कि इस कड़ी में सोमवार को धौलरा रोड़ के डायवर्सन पर स्थित पानी की टंकी की सफाई के साथ नीचे पशुओं को पीने के पानी के लिए बनाई गई खुरली की सफाई की गई। उन्होंने बताया कि यहां पर कुछ मरम्मत की आवष्यक्ता है। एक दो दिन में मरम्मत कार्य कर यहां पर पशु पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। उन्होने बताया कि गर्मियों के मौसम में पशु पक्षियों को पानी की समस्या आम हो जाती है। पानी के लिए पशुओं को मजबूरन गोविंद सागर झील की ओर जाना पड़ता है जहां पर इन दिनों दल-दल का साम्राज्य है और पशु इसमें फंस जाते हैं। कई बार पशु यहां पर काल का ग्रास भी बन जाते हैं। महासचिव भरत डोगरा ने बताया कि नगर के प्रत्येक सेक्टर में ऐसे स्थान खोजे जाएंगे जहां पर पशुओं के पीने के लिए पानी की व्यवस्था हो सके। ऐसे स्थानों पर छोटी-छोटी टंकियों का निर्माण संस्था द्वारा करवाया जाएगा तथा पशुओं को पानी की किल्लत न हो इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान पानी के स़्त्रोतों को भी संवारने का काम किया जाएगा। सोमवार के इस अभियान उपप्रधान मनीष कौंडल, सहसचिव अजय राणा, विवेक आनंद, विनय कुमार, दीपक, रजत, गौरव ने अपना अहम योगदान दिया।
उपमंडल अधिकारी (ना.) घुमारवीं शशिपाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ४ मई को जारी आदेशानुसार जिला बिलासपुर के नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं को डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि आदेश के अनुसार जिला बिलासपुर में कोरोना (कोविड-19 ) वायरस के संदिग्ध और ऐसे लोगों जिनमें कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है (सस्पेक्टेड और कंफर्म) की देखभाल एवं उपचार इस अस्पताल में किया जाना निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि आदेश के अनुसार दिनांक 11 मई से नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आपातकालीन एवं मरीजों को अस्पताल में दाखिल कर उनका उपचार करने की सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार कोविड-19 से संबंधित व्यक्तियों एवं मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा 5 टीमों का गठन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उपमंडल की जनता स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरलोग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुठेडा या जिला अस्पताल बिलासपुर की सेवाएं प्राप्त कर सकते है। खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं ने बताया कि जब तक इस अस्पताल में कोरोना वायरस (कोविड़-19)से संक्रमित कोई व्यक्ति इलाज के लिए नहीं आता है तब तक अस्पताल प्रशासन ने आम जनता की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बाहय रोगी विभाग की सेवाए सुचारू रूप से बनाएं रखने का फैसला लिया है, लेकिन जैसे ही कोरोना वायरस से संक्रमित कोई रोगी अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल होता है उसी समय वाह्य रोगी विभाग की यह सेवा भी तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने ऑनलाइन ज्ञापन के माध्यम से कुलपति के समक्ष ICDEOL में हुई 25-30% फीस वृद्धि के मामले को रखा। जिसमें विद्यार्थी ने परिषद् ने जुलाई 2019 के सत्र के साथ हो रहे अन्याय की तरफ उनका ध्यान केंद्रित किया । इसमें इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा व इकाई मंत्री मुनीष वर्मा ने बताया की ICDEOL में जो फीस वृद्धि हुई है वो अधिसूचना जनवरी 2020 में जारी हुई थी परंतु वह फीस अब जुलाई 2019 में ICDEOL में दाखिला लेने वाले छात्रों पर भी लागू की जा रही है, जो तर्कसंगत नहीं है। इसमें विद्यार्थी परिषद् ने साफ शब्दों में प्रशासन से माँग करते हुए कहा कि यह फीस उन्ही छात्रों पर लागू होनी चाहिए जिन्होंने जनवरी 2020 में ICDEOL में दाखिला लिया हो न जुलाई 2019 में दाखिला लेने वाले छात्रों पर । जुलाई 2019 में दाखिला लेने वाले छात्रों पर पुरानी फीस संरचना ही लागू की जाए। इस ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद् ने प्रशासन से आशा की कि विद्यार्थी परिषद की माँग को संज्ञान में लेते हुए इसपर तुरंत प्रभाव से कार्यवाही की जाए तथा साथ ही प्रशासन को चेतावनी भी दी की अगर विद्यार्थी परिषद की इस माँग पर जल्द कार्यवाही नहीं की जाती तो विद्यार्थी परिषद लॉक डाउन के तुरंत बाद स्थिति सामान्य होने पर प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोलेगी।
कृषि उत्पादन विपणन समिति (एपीएमसी) सोलन में अपनी उपज विक्रय करने के लिए आने वाले तथा देश की विभिन्न मंडियों से सब्जी एवं फल इत्यादि लेकर पहुंच रहे चालकों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक उपाय किए गए हैं। यह सभी उपाय कोरोना वायरस के खतरे से सफलतापूर्वक निपटने के लिए सुनिश्चित बनाए गए हैं। यह जानकारी एपीएमसी सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र कुमार शर्मा ने दी। रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि एपीएमसी में किसानों-बागवानों एवं अन्य की सुविधा के लिए इन्फ्रारेड थर्मल स्केनर स्थापित कर दिया गया है। इसके माध्यम से एपीएमसी सोलन में आने वाले सभी व्यक्तियों का तापमान मापा जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिगत एपीएमसी सोलन में कांच का एक कैबिन स्थापित किया गया है। तापमान की जांच के लिए व्यक्ति इस कैबिन के अंदर बैठेगा जबकि जांच के लिए व्यक्ति कैबिन के बाहर खड़ा होगा। इन्फ्रारेड तरंग के माध्यम से तापमान मापा जाएगा। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी में सभी आने वाले व्यक्तियों की प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। इसमें व्यक्ति का नाम, पता और तापमान अंकित रहेगा। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ साझा की जाएगी ताकि संक्रमण की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। रविंद्र शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत एपीएमसी सोलन में पांव द्वारा संचालित हस्त प्रक्षालन प्रणाली (फुट ऑपरेटिड हैण्ड वॉश सिस्टम) भी स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से हाथ धोने के लिए पांव से बटन दबाना होगा। हाथ धोने के उपरांत ही व्यक्ति का तापमान मापा जाएगा। इसके माध्यम से सब्जी मंडी में स्वच्छता सुनिश्चित बनाने एवं विभिन्न संक्रमण से बचाव में सहायता मिलेगी। एपीएमसी के सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सब्जी मंडी में सुरक्षा उपाय अपनाने के साथ-साथ किसानों को समयबद्ध लाभ पहुंचाने की दिशा में भी सकारात्मक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के किसानों द्वारा उगाई जा रही ब्रॉकली एवं अन्य एक्सोटिक किस्मों की सब्जियों को बेहतर मूल्य पर विक्रय करने का प्रबंध सुनिश्चित बनाया गया है। इसके लिए रिलायंस फ्रेश तथा बिग बास्केट की सहायता ली गई है। किसान रिलायंस फ्रेश के साथ जिला के जनेड़घाट में तथा बिग बास्केट के साथ सलोगड़ा स्थित एकत्रिकरण केंद्र से सपंर्क स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एपीएमसी सोलन द्वारा अभी तक लगभग 9.50 करोड़ रुपये मूल्य का 42 हजार क्विंटल मटर विक्रय किया गया है। सभी किसानों को ऑनलाइन भुगतान सुनिश्चित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह गत वर्ष की तुलना में लगभग 15 हजार क्विंटल अधिक है। रविंद्र शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार एपीएमसी सोलन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने एवं बेहतर विक्रय सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प हैं। उन्होंने किसानों एवं बागवानों से आग्रह किया कि उचित जानकारी एवं लाभप्रद मूल्य अर्जित करने के लिए एपीएमसी सोलन से संपर्क करें।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लगभग पिछले 50 दिनों से जँहा सभी लोग लॉक डाउन है। तो वन्ही एक ऐसा वर्ग भी है जो इस दौरान अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बगैर लगातार कोरोना की इस लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं उन सफाई कर्मचारियों की जो सुबह से शाम तक क्षेत्र की साफ सफाई में जुटे रहते है। सोमवार इन्ही योद्धाओं के सम्मान के लिए क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने कुनिहार में एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें नायब तहसीलदार दौलत राम चौधरी के हाथों इन सफाई कर्मचारियों को हैंडटावल, साबुन, सेनेटाइजर, मास्क व ग्लब्ज देकर सम्मानित करवाया गया। नायब तहसीलदार व संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इन सफाई कर्मचारियों के कार्य की खूब प्रशंसा कर इनके स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर सर्व एकता मंच कुनिहार के अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, नव चेतना संस्था के प्रधान कुलदीप कंवर, एहसास कल्याण समिति के अध्यक्ष रुमित ठाकुर, हरजिंदर ठाकुर, प्रदीप चौधरी, सुभाष ठाकुर आदि मौजूद रहे।
लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष एवं रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत एवं जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट ममता, की संयुक्त अगुवाई में कोरोना वायरस के चलते प्रभाव को देखते हुए, बिलासपुर शहर में कुल्लू मनाली रोड में रहने वाले लोगों तथा स्थानीय नागरिकों को मास्क एवं सैनिटाइजर बांटे गए। लाडली फाउंडेशन के कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट में जिला प्रशासन राजेश्वर गोयल अनुरोध किया कि अगर सामाजिक क्षेत्र में युवा स्वयंसेवकों की जरूरत पड़ती है तो शहर के सभी प्रमुख संस्थाओं रेनबो स्टार क्लब, हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सर्वधर्म समभाव, शिव शक्ति विकास समिति, विशाल हिंदू सभा इत्यादि का सहयोग लेकर लगभग लगभग सैकड़ों युवाओं की युवा समाजसेवियों की टीम हमारी तैयार है। लाडली फाउंडेशन के राज्य अध्यक्ष शालू ने बताया कि पूरे प्रदेश में लाडली फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं समाजसेवी कोराना वायरस के चलते लोगों को मुफ्त सैनिटाइजर मास्क व भोजन लगातार पिछले कई दिनों से बांट रहे हैं।
उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने कहा कि चंबा जिला के जो व्यक्ति ट्रेन के जरिए ऊना पहुंचेंगे उन्हें हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की 14 बसें चंबा जिला वापिस लाएंगी। पथ परिवहन निगम की यह बसें 13 मई को चंबा जिला में प्रवेश करेंगी। इन बसों के माध्यम से आने वाले लोगों को चिकित्सकीय जांच के बाद क्वॉरेंटाइन केंद्रों में भेज दिया जाएगा। उपायुक्त ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन के सभी नियमों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्हें होम क्वॉरेंटाइन से निकालकर संस्थागत क्वॉरेंटाइन में भेज दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि होम क्वॉरेंटाइन किए व्यक्ति की यह नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है कि वह ना केवल अपनी, अपने परिवार बल्कि पूरे समुदाय की भी चिंता करे। वर्तमान परिप्रेक्ष्य की बात करें तो कोरोना वायरस से हम तभी जीत पाएंगे जब हम सभी जरूरी एहतियातों का पालन सख्ती से करेंगे। उन्होंने बताया कि चंबा जिला के सभी उपमंडलों में पंचायत क्वॉरेंटाइन केंद्र बन रहे हैं और अब बाहर से आने वाले सभी व्यक्तियों को इन केंद्रों में 14 दिन की अवधि पूरी करनी होगी। इस अवधि के बाद 14 दिनों के लिए वे होम क्वॉरेंटाइन में रहेंगे। लेकिन इस दौरान भी उन्हें अब सभी नियमों की आवश्यक तौर पर अनुपालना करनी ही होगी। होम क्वॉरेंटाइन में पंचअस्त्र मैकेनिज्म से निरंतर निगरानी की जाएगी। उपायुक्त ने आम जनमानस से भी अपील करते हुए कहा कि वे कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता को समझते हुए विशेष कर होम क्वॉरेंटाइन के सभी आवश्यक नियमों की अनदेखी न करें और यदि कोई अनुपालना करने में कोताही बरत रहा है तो उसकी जानकारी तुरंत दें ताकि उस व्यक्ति के कारण अन्य लोग प्रभावित ना हों। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में पंचायती राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधियों की भी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि ना केवल अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें बल्कि होम क्वॉरेंटाइन, सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य सभी एहतियातों को मानना हर हाल में सुनिश्चित करवाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 721 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई जी एम सी शिमला भेजे गए, उनमें से 657 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 2 की रिपार्ट अभी तक पाजिटिव आई है। शेष 62 सैंपलों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि अब बाहर से बहुत ज्यादा संख्या में लोग अपने-अपने घरों को आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले सभी व्यक्तियों का बाॅर्डर पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और उन्हें अब इंस्टीचयूशनल क्वारंटाईन में रखा जाएगा और सरकार के सभी आदेशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आम जनता में किसी को भी बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो तो वो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाकर बताएं में जाकर कोरोना टैस्ट अवश्य करवाएं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यस्थल पर सामाजिक दूरी व मास्क अनिवार्य कर दिऐ है। उन्होंने बताया कि घर से बाहर जाने पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य है तथा सार्वजनिक स्थानों पर थूकना भी दण्डनीय अपराध माना गया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्षा अंजना धीमान ने कोरोना योद्धाओं को उनके काम के लिए सम्मानित किया। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिनग के नियम का पालन करते हुए कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ये वही योद्धा है जो समाज मे जागरूकता को फैला रहे है और लोगों को कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए सही नियम पर कायदे बता रहे है। उन्होंने इस मौके पर एस डी एम घुमारवीं शशि पाल शर्मा व उनके सहायक स्टाफ और डी एस पी राजेन्द्र जसवाल घुमारवीं व उनके सहायक पुलिस स्टाफ को भी सम्मानित किया और इस कठीन घड़ी में उनके अदम्य साहस की सराहना की। इस मौके पर उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस घुमारवीं के अध्यक्ष जगीर सिंह मेहता, महिला मंडलो की सदस्य व अन्य सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए लोग व राजीव शर्मा, सुनील कुमार ,मनोहर लाल, राहुल, विजय व ध्यानचंद व अन्य लोग भी मौजूद थे। अंजना धीमान ने कहा कि जिला जिला कांग्रेस इस महामारी की घड़ी में कोरोना योद्धाओं के साथ खड़ी है और सामाजिक नियमो का पालन करते हुए लोगों को इस महामारी से लड़ने हेतु हर सम्भव सहायता करेगी। अंजना धीमन ने कहा जिला में कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस महामारी से निपटने के लिए किसी न किसी रूप में सहायता प्रदान की है और आगे भी करती रहेगी। अंजना धीमान ने इस मौके पर कोरोना योद्धाओं को फूल देकर सम्मानित किया और मास्क व सेनेटाइजर भी बांटे। उन्होंने सभी लोगों से एक बार फिर अपील की कि सोशल डिस्टेंसिनग के महत्व को समझना बहुत आवश्यक है नहीं तो इस बीमारी की कीमत पूरे विश्व को चुकानी पड़ेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब जिले के भीतर आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास बनाना अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि एक से दूसरे जिले में जाने के लिए कर्फ्यू पास अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिलों के डीसी और एसपी के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हिमाचलियों को अपने गृह क्षेत्र आने की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिला की संस्थागत क्वारंटीन सुविधा को मजबूत करना होगा। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और राज्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 68000 लोगों ने राज्य में प्रवेश करने के लिए ई-पास के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में लोग रेड जोन क्षेत्रों से आएंगे, इसलिए उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन सुविधा की आवश्यकता होगी। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में इस तरह की सुविधाओं की पर्याप्त संख्या में पहचान कर उन्हें चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ये केन्द्र व्यस्त क्षेत्रों से दूर हों और इनमें शौचालय इत्यादि जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में उचित स्वच्छता व्यवस्थता को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड जोन से आने वाले सभी लोगों और इंफ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले सभी लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच की जानी चाहिए और उसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि उसे संस्थागत क्वारंटाइन या होम क्वारंटाइन के अन्तर्गत रखा जाना है। जय राम ठाकुर ने कहा कि बेंगलुरु से विशेष ट्रेन 13 मई को सुबह 6.00 बजे ऊना पहुंचेगी और थिविम, मड़गांव और करमाली (गोवा) से एक और विशेष ट्रेन 15 मई, 2020 को ऊना पहुंच जाएगी। उन्होंने उपायुक्त ऊना को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की प्रदेश वापसी के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और स्थिति सामान्य बनी रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले लोगों की चिकित्सा जांच सुनिश्चित करने के उपरांत ही उन्हें उनके सम्बन्धित जिलों में जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों की सुविधाएं प्रदान के लिए भोजन के पैकेट, पानी आदि की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टी.एस. रावत से बात कर वहां फंसे हिमाचलियों की सहायता प्रदान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार फंसे हुए हिमाचलियों को देहरादून तक पहुंचाने की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए सहमत हो गई है, जहां से उन्हें उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि जिला के अंदर आवाजाही की अनुमति अब बिना पास के दी जानी चाहिए जबकि बद्दी पुलिस जिला जिसमें बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र भी शामिल है को छोड़कर दूसरे जिलों के लिए आवाजाही की अनुमति परमिट से दी जाए। उन्होंने राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन को और प्रभावी बनाने के लिए प्रणाली विकसित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों से कहा कि जिन घरों में लोगों को होम क्वारंटाइन रखा गया है ऐसे घरों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थाओं व स्वास्थ्य कर्मियों के प्रतिनिधियों को आवश्यक रूप से शामिल किया जाए ताकि कोई भी व्यक्ति होम क्वारंटाइन का उल्लघन न कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत क्वारंटाइन सुविधाएं इस तरह से बनाई जाए कि जो लोग भुगतान करने के इच्छुक है उन्हें भुगतान के आधार पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि शीघ्र ही लगभग 300 विद्यार्थी यूक्रेन से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी छात्रों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि राज्य से जाने वाले प्रवासी मजदूरों को एक साथ न भेज कर इन्हें चरणबद्ध तरीके से भेजा जाए और मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए उन्हें राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएं। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा व जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने भी अपने विचार रखे। राज्य के उपायुक्तों ने देश के विभिन्न भागों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अपने-अपने जिलों में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्र के सभी प्रांतों के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला परिषदों के अध्यक्ष- उपाध्यक्ष साथ संवाद किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा के जिला पंचायत अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ कोरोना महामारी को रोकने के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी ने एक सूत्र में बंधकर सामने से इस लड़ाई को लड़कर काफी हद तक विजय हासिल की है। हिमाचल प्रदेश से जगत प्रकाश नड्डा ने कांगड़ा की जिला परिषद के अध्यक्ष मधु गुप्ता, जिला हमीरपुर के आमलेट के उपाध्यक्ष चंदूलाल, किन्नौर से प्रीतेशवरी नेगी और हमीरपुर के जिला परिषद के अध्यक्ष राकेश ठाकुर से फीडबैक लिया। सभी जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने इस पहल को अपने आप में बड़ा बताया जिससे इनको पता लगा कि भारतवर्ष में किस प्रकार से अन्य जिला परिषद के सदस्य कार्य कर रहे हैं इस सब को बहुत कुछ सीखने को भी मिला। कांगड़ा से जिला परिषद मधु गुप्ता ने राष्ट्रीय नेतृत्व को बताया कि भारतीय जनता पार्टी रात दिन कार्य कर रहे हैं और ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो यहां भूखा रहा है। उन्होंने बताया कि पालमपुर में महिला मोर्चा बहुत अच्छा कार्य कर रही है और बड़ी मात्रा में फेस मास्क वितरित कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कहीं जिला परिषद के सदस्यों ने अपना 1 माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है। जिला हमीरपुर से जिला परिषद उपाध्यक्ष चंदूलाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि उनकी पंचायत ने अभी तक 7 से 8 क्विंटल राशन वितरित कर दिया है और प्रधानमंत्री राहत कोष में ₹31000 की राशि जुटाई है। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन के सभी अधिकारी यहां पर अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जिस प्रकार सामाजिक दूरी एवं प्रवासियों के साथ कार्य करने के बारे में चर्चा की वह बहुत लाभदायक थी। किन्नौर की प्रीतेशवरी नेगी ने बताया कि उनका जिला ग्रीन जोन है और यहां पर भाजपा एवं संगठन अच्छा कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वॉरेंटाइन में किस प्रकार रखना चाहिए उसके बारे में अच्छा ज्ञान प्राप्त हुआ। हमीरपुर के जिला परिषद राकेश ठाकुर का कहना है कि उन्होंने केंद्र नेतृत्व को बताया कि यहां पर बाहर से 9212 कामगार थे जिनको दो बार यह पंचायत राशन दे चुकी है जिसके अंदर 19 किलो राशन था। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा पीएम केयर में ₹100000 और सीएम केयर में ₹500000 दिए गए हैं। यहां पर 170 क्वॉरेंटाइन सेंटर है और सभी जिला परिषद के सदस्य अच्छी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभी जिला परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से वार्ता करके बहुत प्रफुल्लित हुए और उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है ।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी कार्य योजना के तहत अपने विभिन्न दायित्वों को अंजाम दिया है। जिला में लॉक डाउन लागू होते ही जिला प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण विभाग को अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर विशेष दिशा निर्देश जारी किए थे। कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला में चलाए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान में भी विभाग के फील्ड कर्मचारियों ने अपनी भूमिका निभाई। 130 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्य किया। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की हर घर तक पहुंच है। कोरोना वायरस की इस लड़ाई में विभाग के गांव स्तर के कर्मी सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर होम क्वॉरेंटाइन लोगों पर पैनी निगाह रखने में भी यह कर्मी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्य करें। कोई व्यक्ति उल्लंघन करता है तो उसकी तुरंत सूचना दी जाए ताकि उस व्यक्ति को ना केवल संस्थागत क्वॉरेंटाइन किया जाए बल्कि उसके खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा सके। उपायुक्त ने कहा कि लॉक डाऊन अवधि के दौरान विभाग के नियमित कार्यों के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग ने मास्क तैयार करके उन्हें आम जनमानस में वितरित करने का भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। उपायुक्त विवेक भाटिया ने ये भी बताया कि 150 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने ना केवल 10,213 मास्क घर में तैयार किए बल्कि उनका वितरण भी किया जो एक सराहनीय कदम है। इसके अलावा 19 महिला स्वयं सहायता समूहों ने भी 3816 मास्क तैयार करके वितरित किए। उपायुक्त ने कहा कि जिला में संचालित किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान में भी कार्यकर्ताओं द्वारा सक्रिय सहयोग दिया गया। लॉक डाऊन के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अप्रैल माह में 6 माह से 6 वर्ष तक के 47986 बच्चों, 8306 गर्भवती और धात्री माताओं के अलावा 11 से 14 वर्ष की आयु तक की स्कूल जाने वाली 218 बालिकाओं को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के माध्यम से पूरक पोषाहार बांटा गया। कोविड महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों के 52 बच्चों और 15 माताओं को भी विभाग द्वारा राशन वितरित किया गया। मई माह में भी अब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में ही 6 माह से 6 वर्ष तक के 47980 बच्चों, 8462 गर्भवती व धात्री महिलाओं के अलावा 11 से 14 वर्ष तक की आयु की स्कूल जाने वाली 218 बालिकाओं को कर्फ्यू में छूट की अवधि के दौरान पूरक पोषाहार वितरित किया जा चुका है। विवेक भाटिया ने बताया कि लॉक डाऊन के दौरान घरेलू हिंसा उत्पीड़न के विरुद्ध उठाए गए कदमों में घरेलू हिंसा उत्पीड़न से संबंधित मामलों के समाधान के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों के मोबाइल नंबरों को आम जनमानस तक पहुंचाया गया है ताकि इसके माध्यम से घरेलू हिंसा उत्पीड़न की जानकारी दी जा सके। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी हर दिन रैंडम आधार पर 25 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से दूरभाष पर बात करके ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि आंगनवाड़ी केंद्रों द्वारा सभी दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
पठानकोट से जसूर में कारोबार करने वाले दुकानदारों को अपना कोविड टेस्ट दिखाने के बाद ही क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने सोमवार को जसूर कस्बा के कारोबारियों के साथ अहम बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि कस्बा में सीमांत राज्य से जसूर में कारोबार करने वाले करीब 77 लोग हैं, चूंकि पठानकोट कोरोना संक्रमित जोन में होने के बाद सरकार के ही आदेश थे कि जो भी उक्त जगह से आएगा, वह अपनी टेस्ट रिपोर्ट प्रशासन को दिखा कर ही अंदर आ सकता है। पठानिया ने कहा बैठक में अधिकांश लोगों का मत था कि पठानकोट से जसूर में कारोबार करने वाले दुकानदारों को प्रशासन के मानकों पर सही उतरने के बाद ही प्रवेश दिया जाए। इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। पठानिया ने कहा कि कुछ लोग बिना वजह मामले को तूल देने में जुटे हुए हैं और बतौर विधायक होने के चलते मुझे बेवजह इस विवाद में घसीटा जा रहा है। पठानिया ने कहा जो भी कारोबारी औपचारिकता पूरी कर कस्बा में अपनी दुकान खोलता है, उसका स्वागत है। लेकिन उसे प्रतिदिन आवागमन की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी, बल्कि कस्बा में रहकर ही लाकडाउन का पालन करना होगा। बकौल पठानिया इस वक्त नूरपूर क्षेत्र में करीब 6600 लोग बाहरी राज्यों से आए हैं, जिनकी निगरानी के लिए दिन रात प्रशासन जुटा हुआ है और उसी का परिणाम है कि क्षेत्र में कोई भी कोरोना संक्रमित केस नहीं है। ऐसे में सुरक्षा की लिहाज से ऐसा कोई भी कदम नही उठाया जाएगा, जिससे क्षेत्र का सुरक्षा घेरा टूटे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन की समस्या बढ़ाने की बजाय सहयोग करें, ताकि इस जंग को मिलकर जीता जा सके।
कर्फ्यू ढील के दौरान आड इवन फार्मूले की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालको के खिलाफ पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है जिसके चलते कुनिहार पुलिस सोलन मार्ग कोठी चोंक में नाका लगाकर उन वाहनों के चलान काटती नजर आई जो बिना वजह अपनी निजी गाडियों को सडको पर घुमा रहे थे। चलान से बचने के लिए कई वाहन चालक तरह तरह के बहाने बनाते भी नजर आये कोई अपने वाहन में हवा भरवाने का बहाना बनाता दिखाई दिया तो कुछ किसी जरूरत मंद साथी को छोड़कर आने का बहाना बनाते दिखाई दिए। गौर है कि कुनिहार क्षेत्र अर्की उपमंडल का सबसे बड़ा व्यपारिक क्षेत्र है व् यंहा दूरदराज के अधिकतर लोग अपनी अपनी निजी गाडियों में खरीदारी करने यंहा पंहुच रहे हैं कर्फ्यू ढील के दौरान उक्त क्षेत्र में अक्सर वाहनों की आवाजाही भी अधिक हो जाती है। जिला सोलन में कर्फ्यू में ढील के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए प्रशासन की ओर से ऑड-ईवन फार्मूला शुरू किया गया है। गत एक सप्ताह से उक्त योजना पर कार्य भी शुरू हो गया है। हालांकि अभी भी अधिकतर ग्रामीण लोगों को ऑड-ईवन के बारे में अधिक जानकारी नहीं है, पहले एक दो दिन पुलिस प्रशासन की ओर से भी कुनिहार क्षेत्र में वाहन चालको को इसके बारे में जागरूक किया गया था। कुनिहार थाना प्रभारी जीत सिंह ने कहा कि कुनिहार क्षेत्र में कर्फ्यू ढील के दौरान बेवजह अपनी निजी गाडियों को सडको पर उतारने वाले वाहन चालको के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा निजी वाहनों के लिए आड इवन का फार्मूला लागु किया गया है इसके बावजूद भी कई वाहन चालक तरह तरह के बहाने बनाकार सडको पर अपने वाहन इधर उधर घुमा रहे हैं पुलिस द्वारा नाका लगाकर ऐसे वाहनों के चलान काटे गए हैं व कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने लोगो से अपील की है कि सरकार व जिला प्रसासन के दिशा निर्देशों का पालन कर कोरोना की लड़ाई में सहयोग करें।
कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में कर्फ्यू लगा हुआ है और ऐसे में मजदूर ओर गरीबो को खाने के लिए तरसना न पड़े इसको लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ धार्मिक संस्थाओं व उपमडल करसोग मे अनेक दानी सज्जन मदद के लिए आगे आ रहे है। वही महिलाएं भी अपनी अहम भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में महिला मडल पोखी द्वारा 5000 रु की राशि एस डी एम करसोग के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष मे दी गई। वहीं महिला मंडल पोखी की प्रधान नैना देवी ने कहा कि अभी तक उपमडल करसोग के अनेको महिला मडलो ने कोरोना वायरस के चलते अपनी अहम भूमिका निभाई है तथा सभी महिला मंडलो ने अपना भरपूर सहयोग दिया है। ऐसे समय में जहां तक संभव हो जरूरतमंदो की मदद के लिए हमें आगे आना चाहिए। इसमे इनके साथ समाजसेवी कृष्ण लाल व महिला मंडल सचिव जमना देवी भी उपस्थित रहे।


















































