पालमपुर की बेटी डॉक्टर श्वेता सूद को पशु चिकित्सा में उनके अतुल्य योगदान के लिए इंडिया इंटरनैशनल पोल्ट्री एक्सपो 2024 में" बेस्ट इन्फ्लुएन्सियल फीमेल वेटेरिनारियन अवार्ड 2024" से सम्मानित किया गया। गत रात्री पुणे में आयोजित इंडिया इंटरनैशनल पोल्ट्री एक्सपो 2024 के समापन समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार पशु विज्ञानं में अनुसन्धान के माध्यम से पशुओं में बेहतर पौषण , पशु फीड की गुणबत्ता और पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़े बिभिन्न मुद्दों पर अनुसन्धान के लिए दिया गया। डॉक्टर श्वेता सूद मुलत काँगड़ा जिला के पालमपुर से सम्बन्ध रखती हैं और पालमपुर में उनकी आरम्भिक शिक्षा के बाद उन्होंने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के वेटेरिनरी और एनीमल साइंस कॉलेज से 2007 में मास्टर्स डिग्री ग्रहण की। उन्होंने इण्डियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट कोलकत्ता से सीनियर मैनेजमेंट प्रोग्राम की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपना कैरियर राज्य सरकार में पशु चिकित्स्क के रूप में शुरू किया तथा बाद में बेहतर कैरियर की तलाश में उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर ज्वाइन किया। वह इस समय एनीमल हेल्थ केयर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित कंपनी ज़मीरा के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत हैं। उसका परिवार मुलतपालमपुर में रहता है और बह अपने पति और बेटे के साथ पुणे में रहती हैं तथा यहीं उनका कार्य क्षेत्र भी है।
शिमला जिले में रामपुर के समेज में आज चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है। सुबह से ही घटनास्थल पर एनडीआरएफ, सेना, पेरामिलिट्री के जवान सर्च ऑपरेशन जुटे चुके हैं। समेज गांव में आई त्रासदी को 4 दिन हो चुके हैं, लेकिन तबाही के निशान हर ओर फैले हुए हैं। समेज में 5 एलएनटी और 301 जवान सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि आज सुबह से ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस मौके पर एसडीएम रामपुर खुद मौके पर मौजूद रहे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी आज समेज क्षेत्र का दौरा करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने समेज के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए रामकृष्ण मिशन के सौजन्य से भेजी जा रही राहत सामग्री के वाहन को रामपुर में आज पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रवाना किया। इस दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि 'इस आपदा में आम लोग और गैर सरकारी संस्थान आगे आई और बढ़-चढ़कर सहयोग कर रही हैं। इसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। रामपुर से आज लगभग 6 लाख के करीब राहत सामग्री प्रभावित परिवारों के लिए रवाना की गई है। जिन लोगों के परिवार के सदस्य गए हैं हम उनको नहीं लौटा सकते, लेकिन जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास कर सकते हैं। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने बताया कि समेज और बागीपुल, मंडी में भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें 50 के करीब अभी भी लोग लापता हैं। यह हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद ही दुखद घटना है। इसको लेकर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जी से भी बात की गई है। वो भी सहायता करने का प्रयास करेंगे। इस घटना से वो भी चिंतित हैं। आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं न हो उसके लिए अध्ययन करने की आवश्यकता है और इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है।
कुनिहार: पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बरावरी-हरिपुर के अध्यक्ष डीडी कश्यप व महासचिव जगदेव गर्ग ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा कि पट्टा बरावरी- हरिपुर पेंशनर इकाई का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है और नई कार्यकारिणी के चुनाव के लिए 11 अगस्त को ठीक 11 बजे पट्टा बरावरी पंचायत के समुदाय भवन के नजदीक प्राचीन दुर्गा माता मंदिर परिसर में जरनल हाउस का आयोजन रखा गया है। उन्होेंने कहा कि जाड़ली पंचायत, हरिपुर पंचायत, जाबल झमरोट तथा पट्टाबरावरी पंचायत के सभी पेंशनर सदस्यों से अनुरोध किया है, कि नई कार्यकारिणी के गठन के लिए अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करे। उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से भी आग्रह किया कि 11अगस्त को ठीक 11 बजे पट्टाबरावरी के दुर्गामाता मंदिर परिसर में पहुंच कर नई कार्यकारिणी के गठन में अपना सहयोग करे।
शिमला: सुन्नी के डैम क्षेत्र में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार सुबह एक शव बरामद किया गया है। सुबह सात बजे स्थानीय लोगों को डैम के एक किनारे पर एक शव दिखाई था। इसकी सूचना सर्च ऑपरेशन में लगी टीम को दी गई। इसके बाद टीम ने शव को पानी से बाहर निकाला। शव एक महिला का है, जिसकी उम्र 20 से 25 वर्ष के करीब है। महिला की एक टांग शरीर के हिस्से के साथ नहीं थी। इसके साथ ही सिर का ऊपरी हिस्सा भी नहीं है। चेहरे पर काफी चोटें लगी हैं। महिला के कानों में टॉप्स है। रेस्क्यू टीम ने शव को सीएचसी सुन्नी में पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि एक शव सुन्नी में चल रहे सर्च अभियान में बरामद हुआ है। अभी इसकी पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन प्रथम दृष्टया से यह शव हाल ही का लगता है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। शव की पहचान का काम तीव्र गति से चला हुआ है। इसके साथ ही कुल्लू प्रशासन को भी शव की पहचान के लिए सूचित कर दिया गया है। गौरतलब है कि रामपुर में 31 जुलाई को बादल फटने के बाद 36 लोग लापता हैं उनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। बता दें कि समेज गांव में बादल फटने की घटना के बाद कुछ लोगों सतलुज नदी में बहने की संभावना है। ऐसे में इनकी तलाश के लिए समेज से करीब 120 किलोमीटर दूर सुन्नी-तत्तापानी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है, क्योंकि बादल फटने और बाढ़ आने से जैसी घटना होने पर 90 फीसदी शव कोल डैम साइट में शिमला-मंडी जिले की सीमा पर स्थित दोगरी गांव के आसपास ही मिलते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गुरुवार दोपहर से पुलिस और प्रशासन की टीमें यहां सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
मंडी: पंडोह डैम के सभी पांचों गेट फंक्शनल हो गए हैं और अब बीबीएमबी प्रबंधन द्वारा पावर जनरेशन पर फोकस किया जा रहा है। बता दें कि भारी मात्रा में सिल्ट आने के कारण पंडोह डैम के दो गेट जाम हो गए थे, जिन्हें खोल पाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में चंडीगढ़ से बीबीएमबी के चेयरमैन टेक्निकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इन्हें खोलने का कार्य शुरू हुआ। बीबीएमबी के मजदूरों और बड़ी-बड़ी मशीनों की मदद से बीती शाम को करीब 7 बजे डैम के गेट नंबर 2 को खोल दिया गया और यहां से पानी की निकासी शुरू कर दी गई। गेट नंबर 2 के खुलने के बाद से गेट नंबर 1 के पास जमा हुई सिल्ट भी निकलने लग गई, जिससे गेट नंबर 1 को खोलना आसान हो गया और रात करीब 10 बजे इसे भी खोल दिया गया। अब डैम के सभी पांचों गेट पूरी तरह से फंक्शनल हैं और सभी से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बीबीएमबी के चीफ इंजीनियर सुनील दत्त शर्मा ने सभी गेट फंक्शनल होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, "गेट जाम होने के कारण कुछ लोग घबरा गए थे, जबकि घबराने वाली कोई जरूरत नहीं थी। जाम हुए गेट को खोलना मुश्किल काम था, लेकिन इसे सभी के प्रयासों से अब खोल दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 15 अगस्त को देहरा में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उनके अलावा जिलास्तरीय कार्यक्रमों में भी मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सोलन, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शिमला, कर्नल धनीराम शांडिल हमीरपुर, चंद्र कुमार ऊना, हर्षवर्धन चौहान लाहौल स्पीति के केलांग, जगत सिंह नेगी किन्नौर के रिकांगपिओ, रोहित ठाकुर चंबा, अनिरुद्ध सिंह नाहन, विक्रमादित्य सिंह कुल्लू, राजेश धर्माणी मंडी और यादविंद्र गोमा बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उधर, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि 15 अगस्त को सुबह 11 बजे देहरा के शहीद भुवनेश डोगरा स्टेडियम में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत होगी। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल भी समारोह में शिरकत करेंगे। समारोह के लिए पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, भाषा विभाग, नगर परिषद देहरा सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका से अवगत करवा दिया गया है। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में बैठक हुई। उपमंडल स्तर के अधिकारियों और नगर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में एसडीएम ने व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए सबको जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए परेड का पूर्वाभ्यास 12, 13, 14 अगस्त को किया जाएगा।
उपमंडल ज्वालामुखी के तहत पुलिस थाना खुंडियां के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिहडी गलोटी में एक 32 वर्षीय युवक की पहाड़ी से गिरकर मौत होने का मामला सामने आया है। गांव पंचायत पिहडी गलोटी के प्रधान विक्रम सिंह ने बताया कि उक्त व्यक्ति घास काटने के लिए गया था और वहां पहाड़ी से पैर फिसल गया और नीचे गहरी खाई में जा गिरा। प्रधान विक्रम सिंह का कहना है कि उक्त व्यक्ति की शादी अभी सात-आठ माह पहले ही हुई थी। मृतक अपने पीछे माता पिता व पत्नी को छोड़ गया। पुलिस थाना खुंडियां प्रभारी रणजीत सिंह परमार ने बताया कि देर रात फोन के माध्यम से सूचना मिली कि एक व्यक्ति दुर्ग खड्ड के पास पहाड़ी से नीचे गिर गया है और उसका कुछ भी अता-पता नहीं लग रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर पूरी रात सर्च आपरेशन किया तो पाया कि उक्त व्यक्ति पहाड़ी से लगभग 400 फीट नीचे मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। थाना प्रभारी रणजीत सिंह परमार ने बताया कि उक्त मृतक व्यक्ति की पहचान सुमित कुमार पुत्र विक्रम सिंह डाकघर घरना तहसील खुंडियां जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों के बयान कलमबद्ध किए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल देहरा भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया। पुलिस धारा 194 के मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई जारी रखी है।
जवाली विधानसभा क्षेत्र की पंचायत ढोल के दुराना गांव के शुभम धीमान 26 साल की उम्र में शहीद हो गए हैं। शुभम धीमान पुत्र स्वर्गीय रूमाल सिंह जो कि 14 डोगरा रेजीमेंट में थे व वर्तमान में लेह में अपनी सेवाएं दे रहे थे वह शुक्रवार शाम को लेह में अपनी ड्यूटी करते हुए गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण शहीद हो गए। शुभम धीमान अभी अविवाहित थे। वह अपने पीछे माता संतोष देवी उम्र 53 साल और बड़ा भाई पंकज कुमार को छोड़ गए हैं। शुभम धीमान का बड़ा भाई पंकज धीमान लखनऊ में प्राईवेट नौकरी करता है। शुभम धीमान के पिता भी आर्मी से रिटार्यड हुए थे व डेढ़ साल पहले ही उनका देहांत हुआ है। इस परिवार के ज्यादातर सदस्य आर्मी की पृष्ठभूमि से संबंधित रहे हैं। शुभम धीमान डेढ़ महिना पहले ही छुट्टी काट कर गया था। उसके चाचा कैप्टन सतीश धीमान व दूसरे चाचा सूबेदार मेजर रिटायर्ड जोगिंद्र धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कल रात को सेना की तरफ से दुर्घटना के बारे जानकारी दी थी, लेकिन शनिवार सुबह बेटे के शहीद होने की सूचना दी गई। सेना की तरफ से बताया है कि पार्थिव शरीर रविवार को दोपहर 2 बजे तक गांव में पहुंच जाएगा। वहीं, पंचायत प्रधान शालू, मेजर पीसी आजाद, उपप्रधान साधू राम राणा, कैप्टन दूनी सिंह, सूबेदार मेजर अवतार सिंह पठानिया, रक्षपाल शास्त्री, कैप्टन पवन सिंह, कैप्टन हरवंस सिंह राणा, कैप्टन जगदीश राणा, कैप्टन बलदेव सिंह राणा सहित दुराना गांव के लोगों ने छोटी उम्र में वीर जवान शुभम के इस तरह से जाने पर गहरा दुख प्रकट किया।
रामपुर: शिमला जिले के उपमंडल रामपुर में समेज त्रासदी के तीसरे दिन सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद देर रात को डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई। ये बैठक मोनाल कॉन्फ्रेंस हॉल एसजेवीएनएल रामपुर में आयोजित की गई, जिसमें ये फैसला लिया गया कि रविवार यानी आज से समेज में सर्च ऑपरेशन के लिए 6 एलएनटी मशीनों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही तैनात रेस्क्यू टीम में भी वृद्धि की जाएगी। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को प्रभावित सभी सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग को सभी प्रभावित पेयजल आपूर्ति की लाइनें जल्द बिछाने के निर्देश दिए हैं। विद्युत विभाग को तीन दिनों में प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग को 37 प्रभावित परिवारों को एक महीने का मुफ्त राशन मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को टीडी नियमों के मुताबिक प्रभावितों को लकड़ी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। डीसी शिमला ने बताया कि समेज में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक मेडिकल टीम नियुक्ति की जाएगी। रविवार से रेस्क्यू और मेडिकल टीम सुबह से लेकर शाम तक घटनास्थल पर ही सक्रिय रहेगी। बैठक के दौरान अभी तक के सर्च ऑपरेशन और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बैठक को संबोधित किया। इस दौरान आर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, सीआईएसएफ, अग्निशमन के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों के बारे में चर्चा की। बैठक में सर्च ऑपरेशन को लेकर आगामी रणनीति भी तैयार की गई। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को रामपुर में भारी बारिश हुई और समेज गांव की पहाड़ियों में बादल फट गया। जिसके चलते गांव के साथ बहते नाले में बाढ़ आ गई। बादल फटने के चलते फ्लैश फ्लड आया, जिसमें भारी मात्रा में मलबा और बड़ी-बड़ी चट्टानें थी। लोग घरों में सो रहे थे जब ये सैलाब आया और सबको बहा ले गया। 1 अगस्त की सुबह तक समेज गांव का अस्तित्व ही मिट गया। जहां कभी एक भरा-पूरा गांव हुआ करता था, अब वहां हर ओर सिर्फ मलबा ही मलबा है। इस त्रासदी में 36 लोग लापता हैं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। आज समेज में रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन है, लेकिन किसी का कोई नामोनिशान नहीं है।
जिला कुल्लू में पुलिस की नशा तस्करों पर कार्रवाई लगातार जारी है। इसी के तहत पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते प्रीणी में पुलिस की टीम ने दो आरोपियों के कब्जे से 882 ग्राम चरस बरामद की है। पुलिस ने चरस को अपने कब्जे में ले लिया और अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं, दोनों आरोपियों से इस बात की पूछताछ की जा रही है कि आखिर वो कहां से यह चरस लेकर आए थे और आगे किसे बचने के लिए जा रहे थे। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि कुल्लू की एंटी नारकोटिक्स ट्रैफिक फोर्स की टीम ने प्रीणी नाला पुल पास पुराना ग्रीन टैक्स बैरियर में नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान एक गाड़ी (नंबर HP 01K 9279) को रूटिन चेंकिग के लिए रोका गया, तो चैकिंग के दौरान गाड़ी सवार व्यक्ति से 882 ग्राम चरस बरामद की। आरोपी की पहचान शिवू राम (उम्र 40 वर्ष) निवासी बालीचौकी जिला मंडी और भीमी राम (उम्र 61 वर्ष) निवासी मनाली के तौर पर हुई है। मामले को लेकर दोनों आरोपी शिवू राम व भीमी राम के खिलाफ पुलिस थाना मनाली में धारा 20, 25 व 29 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज करके गिरफ्तार किया गया है। मामले को लेकर आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पीटीए, पीरियड, एसएमसी और वर्क लोड आधार पर शिक्षकों और गैर शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया है कि ऐसी नियुक्तियों के लिए सरकार से वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी। भविष्य में कानूनी अड़चनें पड़ने पर संबंधित शिक्षण संस्थान प्रमुख ही जिम्मेवार होंगे। ऐसे मामले सामने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के पास लगातार इस प्रकार की नियुक्तियां किए जाने की शिकायतें आई हैं। ऐसी नियुक्तियां होने के बाद संबंधित शिक्षक या गैर शिक्षक की ओर से स्थायी तौर पर रखने को लेकर कोर्ट की शरण ली जा रही है। ऐसे में सरकार ने इस बाबत सख्ती बरतते हुए स्कूल स्तर पर इस प्रकार की नियुक्तियां नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूलों में अस्थायी तौर पर किसी भी शिक्षक या गैर शिक्षक को नियुक्त नहीं किया जा सकता है। जिन स्कूलों में इस प्रकार की नियुक्तियां दी गई हैं, वहां की रिपोर्ट तलब की गई है। सरकार की ओर से इन नियुक्तियों के लिए वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी।
कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक स्थानीय रेस्टोरेन्ट में ई० रत्न तनवार की अध्यक्षता मे आयोजित की गई । बैठक में सदस्यों को बोर्ड की विभिन्न गतिविधियो से अवगत करवाते हुए सभा अध्यक्ष से लोगों को आगामी चुनौतियों से सावधान रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो बोर्ड के लिए मन्त्रिमण्डलीय उप समिति मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में गठित की गई है उसकी सिफारिशो पर ही विद्युत बोर्ड का भविष्य निर्धारित होगा । यदि सिफारिशे बोर्ड व कर्मचारी विरोधी होंगी तो उससे विद्युत पैन्शनर वर्ग भी अछूता नहीं रहेगा । इसलिए समय की यही मांग है कि सभी कर्मचारी व पैन्शनर्ज अपनी एकता को अभी से मजबुत बनाए रखे तथा भविष्य के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ले । ई तनवर ने हिमाचल प्रदेश सरकार व विद्युत बोर्ड प्रबन्धन वर्ग से मांग की है कि जैसे हरियाणा सरकार ने पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के विभिन्न मुकदमों की अपीले स्वीकार करने के बाद सभी पैशनर्ज जिन्हे लगभग 11 वर्ष या ज्यादा सेवानिवृति के हो चुके हैं उनकी कम्युटेशन रिकवरी को स्थगित करने के आदेश जारी किए है उसी आधार पर हिमाचल के पेन्शनर्ज की कम्युटेशन रिकवरी को 10 वर्ष 8 महिने पूरे होने पर स्थगित कर दिया जाए । धरातल में विद्युत सप्लाई का ढ़ाचा पूरी तरह से चरमरा चुका है इसलिए सैक्शन लेवल तक फिल्ड कर्मचारियो की भर्ती करके इस नामवर आर्गेनाईजेशन का अस्तित्व बचाया जाए । कर्मचारियो को ओपीएस तुरन्त लागू किया जाए। पेंशनर्ज को ग्रेच्यूटी 'लीव एनकैशमेंट ' कम्युटेशन तथा अन्य सभी रोके गए देयलाभ तुरन्त जारी किए जाए । बहुत से पैन्शनर्ज तो इन लाभों का स्वाद चखे बिना ही परलोक सिधार चुके हैं जो कि इस बोर्ड को बहुत ही शर्ममाक बात है। बहुत से पैन्शनर्ज की 7- 8 बर्षो बाद भी पे फिक्शेषन नहीं हो पाई है जिसे अकाऊंटस ऑफिसर पेंशनर्ज को संज्ञान लेते हुए जांच कर तुरन्त पैन्शनर्ज को नए पे स्केल मे फिक्स किया जाए । यह भी संगठन के संज्ञान में आया है कि 65-70 व 75 वर्ष की आयु पुर्ण कर चुके पेंशनर्ज की आवश्यक पैन्शन आलाऊंस नही दिया जा रहा है उसे भी जल्दी पैन्शन के साथ एरियर सहित दिया जाए। हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की गई कि जल्द से जल्द 12% डीए जारी किया जाए ताकि पैन्शनर्ज व कर्मचारी इस भयानक मंहगाई के दौर से बाहर निकल सके । सभा में बोर्ड द्वारा मुख्य लेखा अधिकारी से केन्द्रीय कार्यकारिणी के मांग पत्र पर बातचीत के लिए कार्यकारिणी को आमंत्रित किए जाने की भी भत्सर्ना की गई कि इतने शार्ट टर्म नोटिस पर खराब मौसम के दौरान दो दिनों के अन्दर पुरे प्रदेश से सदस्यों का शिमला पहुंचना असम्भव है तथा हमारे मांग पत्र के सभी विषय केवल मुख्य लेखा अधिकारी के अधिकारक्षेत्र में नहीं आते उनमें से बहुत से विषय बोर्ड प्रबन्धन व बोर्ड सैक्रिटेरिएट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं अतः बोर्ड से केन्द्रीय कार्यकारिणी ने इसी लिए इस मिटिंग को स्थगित कर आगामी दिनों में आयोजित करने का आग्रह 2-8-2024 को लिखे पत्र द्वारा कर दिया है । बैठक में बहुत दूर दराज के क्षेत्रो से पधारे लगभग 60 सम्मानीय सदस्यो ने भाग लिया तथा पांच नए सदस्यो ने एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण की ।
** चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रदान की जाएंगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, जिला कांगड़ा तथा इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों को सशक्त करने के लिए साधन और संसाधनों को व्यापक स्तर पर सृजित और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त स्टाफ की समुचित तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों को भविष्य की जरूरतों और तकनीक के आधार पर सुदृढ़ करने तथा संसाधन सृजन पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर विषयों की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कमियों को चिन्हित कर उनका उचित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणात्मक चिकित्सा देखभाल के लिए छह मरीजों के अनुपात पर एक स्टाफ नर्स तैनात की जाएगी। मुख्यमंत्री ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों से परामर्श के लिए प्रतीक्षा अवधि कम की जाएगी और परामर्श अवधि बढ़ाई जाएगी, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। मरीजों के पंजीकरण के लिए पंजीकरण कांउटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को चिकित्सक से परामर्श के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में वर्ष 2023 में मेडिसिन विभाग में 72,069 मरीजों, ऑर्थोपेडिक्स में 56,124, जनरल सर्जरी में 25,856 मरीजों सहित सभी विभागों में कुुल 6,05,489 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। मुख्यमंत्री ने टांडा महाविद्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में 100 बिस्तर क्षमता का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ विकसित किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही कार्यशील कर दिया जाएगा तथा बीएससी नर्सिंग कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल तथा अन्य श्रेणियों के विभिन्न पदों को भरने की स्वीकृति भी दी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा करते हुए इसमें विभिन्न श्रेणियों के पदों के सृजन और लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित सभी निर्णय व्यापक स्तर पर जन कल्याण भावना के दृष्टिकोण से लिए जाएं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में विभिन्न भवनों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 में इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन विभाग में 1,43,291 मरीजों, आर्थोपेडिक्स विभाग में 85,161, जनरल सर्जरी विभाग में 77,012 मरीजों सहित सभी विभागों में 8,72,829 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। सुक्खू ने कहा कि अटल सुपर स्पेशिएलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा को भी निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, मलेंद्र राजन व हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, टांडा व शिमला चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य व चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** बोले, जनसमस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित करें अधिकारी पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से युवाओं का पलायन नहीं हो सके और घर द्वार पर ही रोजगार प्राप्त हो सके। शनिवार को पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने नगरोटा के ओबीसी भवन में जनसमस्याएं सुनने के उपरांत कहा कि कि स्टार्ट अप योजना को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की विशेष तौर पर कैरियर कांउसलिंग भी की जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा स्टार्टअप के साथ जुड़कर स्वाबलंबी बन सकें।उन्होंने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के गांव और गरीब का विकास करना मेरा प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव और गरीब के विकास कार्यो में किसी भी तरह की कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा विधानसभा क्षेत्र में बड़े विकास कार्यो के साथ.साथ गांव और गरीबों तक विकास पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है ताकि प्रत्येक व्यक्ति तक सभी तरह की मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि गांव और गरीब की समस्याओं को जानने के लिए उन्होंने पंचायत संवाद कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत के ग्रामीणों से मिलकर उनकी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। उन्होंने प्रत्येक गांव के अति निर्धन परिवारों के सदस्य को रोजगार के अवसर देने के कार्य को भी प्रमुखता में लिया है ताकि इन परिवारों का जीवन बेहतर हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को उसके उचित हकदार तक पहुंचना हमारा प्रथम लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आम जनमानस की शिकायतों का त्वरित निदान सुनिश्चित करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर एसडीएम मुनीष शर्मा, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी सुरेश वालिया, अधिशासी अभियंता आईपीएच विवेक ठाकुर, अधिशासी अभियंता बिजली विभाग कमल चैधरी, कांग्रेस के उपाध्यक्ष प्रताप रियाड़, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुंता देवी, महासचिव अरूण कटोच, महासचिव नरेंद्र धीमान, शहरी कांग्रेस के उपाध्यक्ष नीरज दुसेजा प्रताप रियाड वरिष्ठ उप प्रधान,महासचिव ,अजय सिपहिया,अजय भनियारी,रोशन लाल खन्ना,अशोक स्रोत्री, सुमितर मसंद,राज मल,अशोक गौतम, गिरीश धवन,सोनु कटोच, मुकेश मेहता ,जोनू , केहर सिंह,कुलदीप कौशल,स्वरूप चौहान,अशोक मल्होत्रा,प्रकाश चंद,संजय शर्मा,वीना ठाकुर, नरेंद्र ,कुलदीप धीमान,राहुल धीमान, दिनेश शर्मा अधिवकता प्रेम राणा, डिंपी कटोच, शामिल रहे।
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज सोलन ज़िला की ग्राम पंचायत भोजनगर के कालथ वन क्षेत्र में पौधरोपण अभियान एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव एवं सीनियर सिविल जज आकांक्षा डोगरा ने की। आकांक्षा डोगरा ने बाण का पौधा रोपित कर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अभियान में तेजी लाने, व आमजन की भागीदारी सुनिश्चित बनाने का भी आह्वान किया ताकि बदलते जलवायु परिवर्तन से पर्यावरण को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व है। वर्तमान में पर्यावरण की सुरक्षा ही भविष्य को हरा-भरा बना कर रख सकती है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करें ताकि भविष्य में यह पौधे, पेड़ बनकर सभी के लिए लाभदायक बन सकें। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोजनगर के विद्यार्थियों ने इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के लगभग 80 पौधे रोपित किए। कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी धर्मपुर केवल राम पुंडीर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोजनगर की प्रधानाचार्य सोनिया कौर, पुलिस विभाग के अधिकारी सहित विद्यार्थियों व अध्यापकों ने भाग लिया।
**सीएम करेंगे शिरकत, तैयारियों में जुटा प्रशासन धर्मशाला: 78वां राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह इस बार जिला कांगड़ा के उपमंडल देहरा में धूम-धाम से मनाया जाएगा। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस अवसर पर देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता समारोह की अध्यक्षता करेंगे। 15 अगस्त, 2024 को सुबह 11 बजे देहरा के शहीद भुवनेश डोगरा स्टेडियम में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरूआत होगी। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल भी मुख्यमंत्री के साथ राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करेंगे। डीसी ने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, भाषा विभाग, नगर परिषद देहरा सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका से अवगत करा दिया गया है। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयारियों में जुट गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा राज्य स्तरीय समारोह के सफल संचालन को लेकर विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। विभागीय अधिकारियों को संबंधित कार्यों और व्यवस्थाओं के लिए निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम में शिक्षण संस्थानों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। उपायुक्त ने अधिकारियों व विभागों को समारोह के सफल आयोजन के लिए पूर्व योजना एवं पूर्ण योजना से तैयारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। देहरा में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर आज देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। उपमंडल स्तर के अधिकारियों और नगर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में एसडीएम ने व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के लिए सबको जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए परेड का पूर्वाभ्यास 12, 13, 14 अगस्त को किया जाएगा। बैठक में सुनीता राणा अध्यक्ष नगर परिषद देहरा, मलकियत सिंह परमार अध्यक्ष व्यापार मंडल देहरा, आदर्श शर्मा तहसील कल्याण अधिकारी, अंजू चौहान प्रिंसिपल राजकीय महाविद्यालय ढलियारा, डॉ. विशाल गर्ग एसएमएस हॉर्टिकल्चर, अश्वनी कुमार नायब तहसीलदार प्रागपुर, डॉक्टर सुशील कुमार प्रिंसिपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देहरा, कुशल कुमार आरएम देहरा, लवनीत डोगरा फूड इंस्पेक्टर, दीपक शर्मा सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित
सोलन: पुलिस थाना परवाणू की टीम ने सोलन जिला के युवाओं को चिट्टे की सप्लाई करने आए हरियाणा के 2 तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इनमें एक युवती भी शामिल है। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली की हरियाणा के युवक-युवती एक स्कूटी (पीबी 10एफआर-1183) पर सवार होकर चिट्टे की तस्करी करने सोलन की तरफ आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने टीटीआर परवाणू के नजदीक नाका लगा दिया। जब उक्त युवक-युवती स्कूटी लेकर वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 10 ग्राम से अधिक चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने चिट्टे को कब्जे में लेकर आरोपी 35 वर्षीय मनदीप व 22 वर्षीय युवती सविता निवासी चंडी मन्दिर जिला पंचकूला हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया तथा उनके खिलाफ पुलिस थाना परवाणू में धारा 21,29 एनडी एंड पीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की स्कूटी को भी जब्त कर लिया है। पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी मनदीप पहले भी नशा तस्करी के मामले में संलिप्त रह चुका है और इसके खिलाफ चंडी मंदिर थाने में एक मामला भी दर्ज है, जिसमें वह जमानत पर रिहा हुआ है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री ने किया समेज घटनास्थल का निरीक्षण लोक निर्माण एंव शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को समेज घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभावित लोगों और पीड़ितों से भी मिले। घटना स्थल पर स्थानीय लोगों ने घटना के बारे में कैबिनेट मंत्री को बताया।कैबिनेट मंत्री ने कहा कि समेज गांव में दो वैली ब्रिज स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शिमला से वैली ब्रिज का सामान मंगवा लिया गया है। कुछ ही दिनों में वैली ब्रिज सुचारू हो जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यहां पर अतिरिक्त मशीनरी की तैनाती की जा रही है ताकि खोज एवं बचाव कार्य को और तीव्रता मिल सके। इस बारे में संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए है। कैबिनेट ने कहा कि यह त्रासदी झकझोरने वाली है। हम पूरी तरह लोगों के साथ खड़े है। प्रदेश सरकार हर संभव सहायता कर रही है। इस हादसे में लापता लोगों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चला हुआ है। लेकिन भारी मलबा होना के कारण सर्च ऑपरेशन में कई चुनौतियां पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि 85 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी, पैरा मिलिट्री फोर्स, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग के सदस्य रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत दिवस समेज दौरे के दौरान आपदा प्रभावितों को 50 हजार रुपए की फौरी राहत राशि और किराए पर मकान के लिए 5000 रुपये देने की घोषणा की है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को आपदा से निपटने के लिए दिल खोल कर आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने इस दौरान कैबिनेट मंत्री को खोज एवं बचाव कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक रामपुर नंद लाल, पूर्व सांसद एवं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव कुमार गांधी, उपमंडल दण्डाधिकारी रामपुर निशांत तोमर सहित कई विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
** केवल जुलाई माह में ही 31,500 राजस्व मामले निपटाए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कहा कि प्रदेशभर में अक्तूबर, 2023 से जुलाई, 2024 के मध्य राज्य सरकार द्वारा विशेेष राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से 1,63,268 इंतकाल, 9,417 तकसीम, 12,453 निशानदेही और 2,427 राजस्व त्रुटियों के मामलों का निस्तारण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार किसी प्रदेश सरकार ने वर्षों से पड़े राजस्व मामलों की समस्या का समाधान करने के लिए इस तरह की लोक अदालतों का आयोजन कर मिशन मोड में कार्य किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में 30 और 31 जुलाई, 2024 को 10,746 इंतकाल, 408 तकसीम और 541 निशानदेही के मामले निपटाने के साथ-साथ 131 राजस्व त्रुटियों को सुधारा गया। इसके अतिरिक्त जुलाई, 2024 में 16,514 इंतकाल, 554 तकसीम और 2,142 निशानदेही तथा 464 राजस्व त्रुटियों के मामलों का निस्तारण किया गया और जुलाई माह में 31,500 राजस्व मामलों का निपटारा किया गया। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के लोगों को इन अदालतों के माध्यम से घर-द्वार पर अपनी समस्याओं का समाधान मिल रहा है और राजस्व लोक अदालतों की सफलता का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि लोग इस सुविधा का बढ़-चढ़ कर लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से वर्षों से लंबित पड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप ही आमजन को राहत मिल रही है और लंबित राजस्व मामलों के समाधान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अक्तूबर, 2023 से राजस्व लोक अदालतों का आयोजन करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह के अंतिम दो कार्य दिवस में इन लोक अदालतों का आयोजन कर लंबित राजस्व मामलों का समाधान किया जाता है ताकि लोगों को राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में पारदर्शी और त्वरित प्रशासन प्रदान करने को अधिमान दे रही है। सरकार द्वारा लिए गए जन हितैषी निर्णयों से लोग उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जन-जन की सरकार है और आमजन की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर उनका समाधान किया जा रहा है।
शिमला के उपनगर न्यू टूटू में दिव्ययोग रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित दिव्य फिजियोथैरेपी सेंटर में रविवार, 4 अगस्त रविवार 11, 2024 तक जांच शिविर लगाया जा रहा है। इस शिविर में गठिया, फालिज, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, कन्धों और घुटनों का जाम होना, सरवाइकल,स्पाॅडिंलोसिज, बच्चों का समय से न चल पाना, इत्यादि की निशुल्क जांच की जाएगी। इस सेंटर में उपरोक्त रोगों का इलाज मैनुअल थेरेपी एवं आधुनिक उपकरणों द्वारा किया जाता है। संस्थान के अध्यक्ष विजय कुमार सूद ने कहा कि फिजियोथेरेपी सेहतमंद रहने के लिए बहुत जरूरी है। फिजियोथेरेपी कराने से मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है उन्होंने कहा कि पुराने दर्द से राहत दिलाने में फिजिकल थेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है। फिजियोथेरेपी ने दवाइयों पर लोगों की निर्भरता कम कर दी है क्योंकि शरीर में होने वाले दर्द का इलाज बिना दवाई फिजियोथेरेपी से भी दूर किया जा सकता है। कोई भी अन्य जानकारी संस्थान के हेल्पलाइन 92185-38001 पर संपर्क कर ली जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश विवि (एचपीयू) ने स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की खाली सीटों को भरने के लिए इस बार प्रवेश प्रक्रिया में ही बदलाव कर दिया है। पहली बार बदली प्रवेश प्रक्रिया के तहत एचपीयू पीजी की खाली सीटों को भरने के लिए कुछ शर्तें लगाकर छात्र-छात्राओं को आवेदन का मौका देने वाला है। इतना ही नहीं, एचपीयू सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटें भरने को प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 700, मेरिट आधारित कोर्स के लिए 500 रुपये फीस भी वसूल करेगा। फिर चाहे छात्र ने एडमिशन के लिए पहले ही आवेदन फीस चुका ली हो। हालांकि, यह परोक्षरूप से छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त फीस थोपी गई है। एचपीयू के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने सभी शैक्षणिक विभागों को कार्यालय आदेश जारी किए हैं। आदेशों में तय प्रक्रिया के अनुसार ही विभाग खाली सीटों के लिए फिर से आवेदन आमंत्रित करेंगे। अधिष्ठाता अध्ययन ने विभागों से तीन अगस्त तक खाली सीटों का ब्योरा और सीट भरने के लिए आवेदन मंगवाने से संबंधित जानकारी मांगी है। इसी के आधार पर एचपीयू पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने को एडमिशन पोर्टल खोलेगा। बता दें कि यह पहला मौका होगा जब विवि खाली सीटें भरने के लिए फीस की वसूली करेगा। पहले खाली सीटों पर वीसी की मंजूरी पर प्रवेश दिया जाता था। डीएस कार्यालय के सर्कुलर के मुताबिक प्रवेश, आवेदन और सीट आवंटन के लिए तीन नियमों के अनुसार सीटें भरी जानी हैं।
ऊना जिला में अवैध खनन पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उपायुक्त जतिन लाल ने इस मुहिम को और तेज करते हुए खुद शुक्रवार की देर रात खानपुर, फतेहपुर और घालूवाल में दबिश दी। रात 12 से 2 बजे तक चली इस सख्त कार्रवाई में उन्होंने खानपुर में पकड़े गए अवैध खनन भंडारण के दो मामलों में एफआईआर के निर्देश दिए। इस दौरान डीसी ने वाहनों की चेकिंग भी की। उनके साथ एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान, पुलिस उप निरीक्षक मैहतपुर सौरभ ठाकुर और खनन निरीक्षक पंकज कुमार भी मौजूद थे। ज्ञात रहे, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बीते कल ऊना में आयोजित बैठक में अधिकारियों को अवैध खनन पर सख्ती से निपटने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध खनन में लिप्त व्यक्तियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। इन निर्देशों की अनुपालना में ऊना जिला प्रशासन अवैध खनन पर कड़े तेवरों के साथ निगरानी और रोकथाम में जुटा है। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि ऊना जिले में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों के साथ-साथ अवैध भंडारण करने वाले मालिकों पर भी एफआईआर दर्ज की जाएंगी। उपायुक्त ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार रात खानपुर में पकड़े गए अवैध खनन भंडारण के दो मामलों में एफआईआर के निर्देश दिए हैं। इससे पहले फतेहपुर और उदयपुर में भी माइनिंग विभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध खनन भंडारण के मामलों में 4 एफआईआर दर्ज कराई हैं। उपायुक्त ने कहा कि प्रकृति से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खनन और पर्यावरण अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अवैध खनन के लिए प्रयोग की जा रही वाहन व मशीनरी को भी जब्त किया जाएगा। सभी एसडीएम और संबंधित विभागों को अवैध खनन पर सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने हिमकेयर योजना को संशोधित किया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी सरकारी सेवारत, सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्यमंत्री हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना (हिमकेयर) से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही निजी अस्पतालों का इंपेनलमेंट 1 सितंबर 2024 से वापस लेने का निर्णय लिया गया है। अब इन अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज नहीं होगा। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य एम सुधा देवी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने सोलन में कहा था कि बहुत से लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए जाते हैं। जहां पर इलाज काफी महंगा है। जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहता। कुछ निजी अस्पताल मनमर्जी के रेट भी मरीजों को लगाते हैं। बताया जा रहा है कि इसी के चलते निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज की सुविधा को बंद करने का फैसला लिया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 5 अगस्त से तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद केवल सरकारी कर्मचारियों के तबादलों के ऐसे प्रस्तावों पर कार्रवाई और कार्यान्वयन किया जाएगा, जो व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 के पैरा 8 के तहत विशेष रूप से प्रदान की गई परिस्थितियों के अनुरूप होंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाध्यक्षों, मंडलायुक्तों व उपायुक्तों को इन निर्देशों की कड़ाई से अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 1 मार्च, 2024 को जारी पत्र के जरिये बताया था कि 1 अप्रैल, 2024 से या आदर्श आचार संहिता लागू होने की तारीख से जो भी पहले हो, कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध फिर से प्रभावी हो जाएगा। इसी के तहत अब तबादलों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
जसवां:प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत लिटिल फ्लावर संस्कार हाई स्कूल की विद्यार्थी 15 वर्षीय कृष्टिका सुपुत्री संदीप कुमार निवासी गरली का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय ऊना में हुआ है। स्कूल के मुख्याध्यापक राजीव कुमार ने भी उन्हें बधाई दी है।कृष्टिका के अभिभावकों ने भी स्कूल को बधाई दी है और कहा कि बच्चों को इस कामयाबी का पूरा श्रेय स्कूल अध्यापकों को जाता है।
राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 70 आवेदन आ चुके हैं। जिला उपनिदेशकों के माध्यम से आवेदनों की जानकारी निदेशालय को देने का कार्य अभी भी जारी है। 5 अगस्त को इस बाबत शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में पहली बैठक होगी। इस बैठक में आवेदनों की छंटनी की जाएगी। इस बार से साक्षात्कार के आधार पर सामान्य श्रेणी क्षेत्रों के 15 और जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों के 9 शिक्षकों का चयन किया जाएगा। फ्लैगशिप योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए छह विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को चयन में प्राथमिकता मिलेगी। चयनित शिक्षकों को पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल सम्मानित करेंगे। उधर, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 28 आवेदन आए हैं। अब इन आवेदनों की छंटनी कर केंद्र सरकार को कुछ नाम भेजे जाएंगे। गैर शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षक राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे। वार्षिक परीक्षा परिणाम के आधार पर शिक्षकों को अंक दिए जाएंगे। शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी साक्षात्कार भी लेगी। 24 शिक्षकों का आवेदनों के आधार पर चयन होगा। 6 शिक्षकों को उनके कार्यों के आधार पर सरकार खुद चुनेगी। ऐसे शिक्षक जिनके पास कम से कम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव और प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य के मामले में पांच वर्ष का प्रशासनिक अनुभव होगा, वो ही चयन के लिए पात्र होंगे। सेवानिवृत्त शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे। वे शिक्षक जिन्होंने चालू वर्ष की 31 मार्च तक सेवा की है, वे पात्र होंगे यदि वे अन्य सभी शर्तों को पूरा करते होंगे। विशेष पुरस्कार की श्रेणी में डाइट, एससीईआरटी, एसएसए और आरएमएसए में तैनात शिक्षकों को पुरस्कार दिया जाएगा। जिन शिक्षकों के पिछले पांच सालों की एसीआर गुड ग्रेड से नीचे है, उन्हें भी यह पुरस्कार नहीं मिलेंगे। बोर्ड कक्षाओं में कम से कम 75 फीसदी रिजल्ट हर साल देने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी। मुख्य अध्यापकों और प्रधानाचार्यों के लिए 75 फीसदी रिजल्ट की शर्त रखी गई है।
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार को बड़ा झटका लगा है। पर्यटन स्थल सूने हैं। हिमाचल में अब तक ढाई हजार सैलानियों ने बुकिंग रद्द या होल्ड कर दी है। इसके अलावा ट्रैकिंग ट्रिप पर जाने का कार्यक्रम भी सैलानियों ने स्थगित कर दिया है। हालांकि बरसात के चलते हिमाचल में इन दिनों ऑफ सीजन चल रहा है, लेकिन इन दिनों में भी होटलों में 30 से 40 फीसदी तक एक्यूपेंसी रहती है। लेकिन प्राकृतिक आपदा के आपदा वीकेंड पर भी ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी से कम है। हिमाचल की राजधानी शिमला के अलावा मनाली, धर्मशाला, मैक्लोडगंज, चंबा और डलहौजी में होटलों के कमरे खाली चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में बीते साल 2023 में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हुआ था। उस समय कारोबारियों को करोड़ों की चपत लगी थी। आपदा के चलते कुल्लू-मंडी और मनाली में तबाही के डर से सैलानी पर्यटन नगरी धर्मशाला-मैक्लोडंगज आने से भी कतरा रहे हैं। वीकेंड पर एक आध कमरे की ही बुकिंग हो रही है। धर्मशाला का पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज और भागसूनाग भी वीकेंड पर सूना है। हालांकि पर्यटन कारोबारियों को 15 अगस्त की छुट्टियों के दौरान तीन-चार दिन के लिए अच्छे कारोबार की उम्मीद है। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्विनी बांबा का कहना है कि बरसात में होटलों में एक-दो कमरे ही लग पा रहे हैं। ऑफ सीजन में सैलानियों को होटलों में 30 फीसदी तक छूट भी दी जा रही है, लेकिन फिर भी वीकेंड पर ऑक्यूपेंसी 15 फीसदी भी नहीं पहुंच रही। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एजीएम नवदीप थापा ने बताया कि बरसात के मौसम में प्रदेश में हो रही तबाही के कारण सैलानियों में डर का माहौल है। पर्यटन कारोबार काफी कम हो गया है। निगम के होटलों में सैलानी बुकिंग रद्द करवा रहे हैं। सैलानी हिमाचल आने से डर रहे हैं। टूरिस्टों ने ट्रैकिंग ट्रिप होल्ड कर दिए हैं। अगर भारी बारिश का क्रम थम जाता है तो करीब 15 दिन बाद स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। बादल फटने से नालों में आई बाढ़ से कई लोग लापता हुए हैं। वहीं, भारी बारिश के साथ आए तेज तूफान ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रदेश में सेब की फसल तैयार है। इस बीच तेज तूफान के कारण पेड़ों से झड़ कर सेब के खेतों में ढेर लग गए हैं। ऐसे में सरकार ने बागवानों की पीड़ा को समझते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए एपीएमसी ने निर्धारित समय से पहले झड़े हुए सेब को खरीदने का फैसला लिया है, ताकि बागवानों का नुकसान होने से बचाया जा सके। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि दो दिन पहले मौसम बिगड़ने की वजह से सेब की फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एचपीएमसी को बागवानों से सेब की खरीद करने को कहा गया है, जिसके लिए बागवानी को एचपीएमसी के केंद्र प्रभारियों से लिखित में आवेदन करना होगा। एचपीएमसी ने शुरुआती तौर पर अभी 20 केंद्रों पर सेब की खरीद शुरू कर दी है। इसके अलावा अगले कुछ दिनों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों सहित कम ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में 40 के करीब क्षेत्रों में सेब खरीद शुरू हो जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से आई बाढ़ के बाद लापता हुए 45 से अधिक लोगों का पता लगाने के लिए बचावकर्मियों ने ड्रोन तैनात किये हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। बुधवार रात तीन जिलों- कुल्लू, मंडी और शिमला में बादल फटने से अचानक बाढ़ आने के बाद मंडी के राजबन गांव से दो शव और कुल्लू के निरमंड से एक शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार तीन शवों की बरामदगी के साथ, कुल्लू, मंडी पधर और शिमला के रामपुर उपमंडल के निरमंड, सैंज और मलाणा क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। 45 लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लापता लोगों में 17-18 महिलाएं और 8-9 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने पीड़ितों के लिए 50 हजार रुपये की तत्काल राहत और अगले तीन महीने तक 5,000 रुपये प्रति माह किराया देने की भी घोषणा की। इसके अलावा, गैस, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सामग्री भी मुहैया कराई जाएगी।
बादल फटने और बाढ़ आने से प्रदेश में 17 पुल ढहे और क्षतिग्रस्त हुए है। प्रदेश सरकार ने जरूरत के मुताबिक इन जगहों पर बेली ब्रिज लगाने के निर्देश दिए हैं। सेब बहुल क्षेत्रों की सड़कें दुरुस्त करने को कहा है। जिन सड़कों को ज्यादा नुकसान हुआ है और समय रहते ठीक नहीं हो सकती हैं, उन क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लिए डोजर और जेसीबी लगाए गए हैं। प्रदेश सरकार ने विभाग से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी है। बीते साल आई आपदा से सबक लेते हुए सरकार ने पहले ही बेली ब्रिज खरीद रखे थे। जोन स्तर पर इन ब्रिजों को रखा गया था। अब इन वेली ब्रिज को जिला शिमला, मंडी, कुल्लू के लिए भेजा जाएगा। हालांकि इससे पहले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर क्षतिग्रस्त पुलों का निरीक्षण करेंगे। अगर कोई पुल रिपेयर करने योग्य होगा तो उसकी मरम्मत होगी। जो पुल ढह गया है, वहां तुरंत बेली ब्रिज लगाने का काम शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि जिला कुल्लू के निरमंड में सबसे ज्यादा 9 पुल ढहे व क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते 455 सड़कें यातायात के लिए प्रभावित हुई हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका नामोनिशान मिट गया है। हालांकि विभाग का दावा है कि 100 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बहाल की गई हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल ने कहा कि विभाग का हर कर्मचारी मुस्तैदी के साथ सड़कों को बहाल करने में डटा है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के चलते विभाग को अब तक 300 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। सड़कें और पुुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। ऐसे में जहां जहां पुल ढह गए हैं, वहां बेली ब्रिज लगाए जाएंगे।
इन्दौरा/ मनीष ठाकुर: आयुष्मान कार्ड को लेकर हिमाचल प्रदेश में हुई ईडी की रेड पर कैबिनेट मंत्री रैंक एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुई कहा कि ये प्रेस कॉन्फ्रेंस पिछले दो दिन के घटनाक्रम को लेकर की जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि ईडी रेड को लेकर मेरे पास नगरोटा बगवां समेत हिमाचल प्रदेश के कोने-कोने से लोगों के फोन आ रहे था. ऐसे में ये प्रेस कॉन्फ्रेंस करना बहुत जरूर हो गया था। आरएस बाली बोले विकास पुरुष श्री जीएस बाली के जन्मदिवस के उपलक्ष में बाल मेला आयोजित किया गया था। जिस बाल मेला में रोजगार से लेकर मेडिकल कैंप का लाभ प्रदेश भर से आए लोगों ने लिया। इस बाल मेला से हम अभी फ्री हुए थे कि एक चीज सामने आ गई। उन्होंने कहा हिमाचल में कई जगह जांच एजेंसी गईं और सुबह साढ़े 8 बजे मुझे मेरी बुआ जी का फोन आया. मैं अपनी धर्मपत्नी और अपने बेटे को लेकर छुट्टियों में एक दिन पहले मैक्लोडगंज आया था। आरएस बाली आगे बोले प्रेस में कई तरह की खबरें छपी जिसे क्लियर करना जरूरी है. किसी ने छापा कि मैं दिल्ली से आया और मुझे एयरपोर्ट से ईडी के साथ घर लाया गया, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। मेरी बुआ जी का फोन आया कि यहां कुछ जांच एजेंसी के अधिकारी आए हैं। तो मैंने कहा कि आप इनको पूरा सपोर्ट करिए, ये लोग जहां जाना चाहें वहां जाने दीजिए। आरएस बाली ने कहा मैं खुद अपने आप वहां पहुंच रहा हूं, सिर्फ मैंने अपने बेटे से कहा था कि हमने मंदिर जाना है, तो मैं मैक्लोडगंज से बैजनाथ मंदिर गया और अपनी पत्नी और अपने बेटे के साथ मैंने भोलेनाथ जी के दर्शन किए, मैंने माथा टेका और ये सबकुछ सीसीटीवी पर है, सबकुछ कैमरे में है, क्योंकि वहां पर भी कैमरे लगे हैं। आरएस बाली बोले वहां पर दर्शन करने के बाद मैंने एक और वादा किया था हमारे ब्लॉक के अध्यक्ष चौधरी मान सिंह जी उनके बेटे की तबीयत बहुत खराब है. मुझे लगा कि अब जब ये जांच एजेंसियां काम करेंगी तो हो सकता है मेरे दो तीन दिन लग जाएं. उनका बेटा जो था उसकी हालत बहुत गंभीर थी तो मैंने सोचा कि मैं पहले अपने ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी मान सिंह जी के घर जाऊंगा. मैं उनके घर पहुंचा और अपनी पत्नी और बेटे के साथ उनके बेटे से मिला। आधे घंटे उनसे मिलने के बाद मैंने कहा मैं आधे घंटे में घर पहुंच जाऊंगा। आरएस बाली ने कहा मैं खुद बिना किसी दबाव के जांच में सहयोग देने के लिए अपनी पत्नी और बेटे साथ अपने घर पहुंचा। मैं जब घर पहुंचा तो वहां जांच एजेंसी के लोग अपना काम कर रहे थे. पूरे देश में आयुष्मान भारत योजना में बहुत सी अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने कहा आयुष्मान भारत में एक गरीब और जरूरतमंद मरीजों का इलाज होता है. किसी मरीज के साथ धोखाधड़ी होना संगीन मामला है। अगर किसी अस्पताल ने धोखाधड़ी की है तो जांच होना बहुत जरूरी है और उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इसमें कुछ भी राजनीति से प्रेरित नहीं है। देश के बहुत से अस्पतालों में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत अनियमितताएं और धोखाधड़ी पाई गई हैं और यह बहुत गंभीर मामला है। आरएस बाली ने कहा इस कड़ी में कांगड़ा समेत हिमाचल के अलग-अलग जगह यह छापामारी हुई है.कांगड़ा के अंतर्गत हमारा एक भवन है, जिसे फोर्टिस कंपनी को अस्पताल चलाने के लिए पिछले तेरह सालों से दिया हुआ है। मेरे परिवार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। फिर भी उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2020 से यह अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि फोर्टिस अस्पताल में आयुष्मान भारत पीएम केयर योजना में महज 22 लोगों का उपचार हुआ और इस पर 4,85,500 रुपये खर्च हुए हैं। ईडी की टीम मरीज से संबंधित रिकॉर्ड लेने के लिए यहां आई थी। मरीजों के फोन नंबर, आधार कार्ड, पैन नंबर समेत जो-जो जानकारी ईडी के अधिकारियों ने मांगीं थी, वह प्रत्येक जानकारी उन्हें उपलब्ध करवाई गई हैं। घर पर राशन समेत अन्य जरूरतें पूरा करने के लिए जितना पैसा चाहिए होता है, उतना ही पैसा मेरे आवास पर भी रहता है। सारे भुगतान बैंक चेक से होते हैं। आरएस बाली ने कहा कि इसके अलावा जांच एजेंसियों को कुछ भी बरामद नहीं हुआ। मुझे न तो ईडी के किसी अधिकारी का फोन आया और न ही किसी अन्य तरह कोई दबाव था।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के रामपुर में बादल फटने के कारण प्रभावित हुए समेज क्षेत्र का दौरा कर राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। इस दुःखद् घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और आपदा प्रभावितों के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को तत्काल वित्तीय सहायता के रूप में 50 हजार रुपये और किराए पर आवासीय सुविधा के लिए तीन महीने के लिए प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार भोजन, रसोई गैस, कंबल और चूल्हे जैसी मूलभूत वस्तुएं निःशुल्क प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को आश्वासन दिया कि उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए शीघ्र वित्तीय सहायता की घोषणा की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को विस्थापित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि इन परिवारों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेज के विद्यार्थियों से भेंट की, जिनके आठ सहपाठी इस घटना के बाद लापता हैं। आठवीं कक्षा के विद्यार्थी राखी और कार्तिक ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस घटना से वे सदमें में हैं और उनका स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ढाढस बंधाते हुए उन्हें हौसला रखने और परिवार का सहयोग करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बेहतर और बड़ा स्कूल फिर से निर्मित किया जाएगा। समेज की निवासी बिमला देवी ने बादल फटने की घटना वाली भयानक रात को याद करते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि गांव के लोग डर के साए में जी रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों के दुःख-दर्द को साझा किया और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। दुःख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और आपदा प्रभावितों को भरपूर सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आपदा को झेल रहा हर प्रभावित परिवार मेरे परिवार के सदस्य के समान है और प्रभावित परिवारों के लिए शीघ्र ही आपदा राहत की घोषणा की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि समेज में 33 लोग लापता हैं और आपदा में फंसे दस लोगों को सफलतापूर्वक सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा गांव में 38 घर और दो पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाद में समेज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला, मंडी और कुल्लू में बादल फटने और भारी बारिश से मानव जीवन और संपत्ति को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इन जिलों में पांच स्थानों पर बादल फटेे हैं जिससे क्षेत्र में हर तरफ तबाही का खौफनाक मंजर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में यातायात और पैदल चलने योग्य 14 पुल, 115 घर, 23 गोशाला, 10 दुकानें और मछली फॉर्म की तीन दुकानें तबाह हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर बचाव और राहत कार्य कर रही है। अब तक आपदा में फंसे 55 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका हैै। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों को बहाल करने के लिए कहा गया है ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सातवें वित्त आयोग के अध्यक्ष नदंलाल, आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार, उपायुक्त शिमला अनुुपम कश्यप, उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस. रवीश और अन्य अधिकारी इस दौरान उपस्थित थे।
कागंड़ा /इंदौरा : मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में बी.एड प्रथम सत्र के परीक्षा परिणाम में अव्वल आए छात्रों का शानदार प्रदर्शन रहा। इसमें सभी प्रशिक्षु अध्यापकों ने प्रथम श्रेणी में आकर कॉलेज का नाम रोशन किया है। इसमें से 25 छात्रों ने 81से 85% और 47छात्रों ने 76से 80 % एवं 26 छात्रों ने 71 से 75% और 65 से 70%अंक प्राप्त किए हैं। यह परीक्षा परिणाम शैक्षणिक योग्यता की सफलता को दर्शाता है। सभी बच्चों ने प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त करके मिनर्वा कॉलेज का नाम रोशन किया है। इसके अलावा कोई भी विद्यार्थी किसी भी विषय में अनुत्तीर्ण नहीं है। आंचल सोनी, काजल और मिनाक्षी ने 82.2% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान व शीतल और तनीषा शर्मा ने 82.% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा अविनाश डडवाल, अक्षय,दिवांशी और अदिति सुपहिया ने 81.7% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया है । मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चेयरमैन जे. एस पटियाल ने सभी छात्रों और अध्यापक वर्ग को बधाई दी और कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि हमारे कॉलेज के छात्रों ने हर साल की तरह अच्छे अंक प्राप्त करके प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह हमारे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है। मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रिंसिपल डॉ प्रशांत कुमार ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए सम्मानित किया। कहा कि हमें अपने विद्यार्थियों पर गर्व है जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे है तथा महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे है। और उन्होंने बताया कि वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में अव्वल आए मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।
कुनिहार:-आज शिव कुमार (उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा, सोलन) की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न प्रखंडों के बीईईओ ने भाग लिया। प्राचार्य केके यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य केके यादव ने जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा की प्रवेश प्रक्रिया समझाते हुए इसमें आने वाली समस्याओं का जिक्र किया और उसका समाधान भी बताया। प्राचार्य केके यादव ने आए हुए बीईईओ से प्रवेश प्रक्रिया पर खुलकर चर्चा की और सहयोग की अपील की। उपनिदेशक शिव कुमार ने उनकी टीम को हरसंभव सहयोग देने का वादा किया। अंत में अतिथियों को सम्मानित किया गया।
मनीष ठाकुर/इन्दौरा: पूर्व छात्र संघ (OSA) सदस्यों की प्राचार्या डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता तथा सलाहकार समिति के साथ बैठक हुई। बैठक में महाविद्यालय में नैक के संदर्भ के बारे में कार्य करने के बारे मे बताया गया और उसके समाधान हेतु विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया तथा विचार विमर्श किया गया। इस संदर्भ में सदस्यों ने कार्य प्रणाली की प्रशंसा की। तथा नेक कार्य करने में सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर OSA के प्रधान एडवोकेट पंकज शर्मा ने ₹21000 का अनुदान दिया OSAनिधि में ₹21000 का दियाl इस इस बैठक में OSA के सदस्य कुलदीप शर्मा अजीज ,अभिनय शुभम मोहन कुलदीप उपस्थित रहे। अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर समीक्षा गुप्ता, OSAके सचिव डॉक्टर कमल सिंह ने सभी का स्वागत किया तथा महाविद्यालय की सलाहकार समिति के सदस्यों में डॉक्टर अवस्थी ,प्रोफेसर योगेश, प्रोफेसर कुलवंत परमार प्रोफेसर अंजना तथा राजेंद्र पाल उपस्थित रहे।
काँगड़ा: उपमंडल ज्वालामुखी के गांव करयाडा निवासी 93 वर्षीय पूर्व सैनिक सिपाही शक्ति चंद का अल्प बीमारी के उपरांत शुक्रवार सुबह देहांत हो गया। पूर्व सैनिक लीग खुंडियां ज्वालामुखी के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने बताया कि शक्ति चंद इक्कीस वर्ष की आयु में अगस्त 1954 में सेना में भर्ती हुए थे। 1962 भारत चीन युद्ध और 1965 व 1971 के भारत पाक युद्ध का हिस्सा रहे शक्ति चंद 1973 में 15 डोगरा से सेवानिवृत हुए थे। इलाके में अच्छी पैठ रखने वाले दिवंगत पूर्व सैनिक ने तदोपरांत खेती में हाथ आजमाया और अपनी पंचायत के वार्ड पंच भी रहे। शुक्रवार को स्टेशन हेडक्वार्टर योल के सैन्य दल ने सेना प्रमुख की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा अंतिम सलूट दिया गया। इस अवसर पर इलाके के रिटायर्ड कर्नल हेम राज, कैप्टन रणवीर, कैप्टन विजय, सूबेदार जगदीश, हवलदार रविंद्र, हवलदार धनी राम के इलावा अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद आई भारी तबाही ने सभी को चौंका कर रख दिया। गुरूवार देर रात आई बारिश ने किसी को आपनो से दूर किया तो किसी के आशियानों की उजाड़ कर रख दिया लेकिन बारिश का ये कर्म अभी यही नहीं रखने वाला। मौसम विभाग केंद्र शिमला ने आगामी पांच दिनों के लिए भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 7 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना ज़ाहिर की है। जिसमें मंडी , शिमला , सिरमौर ,कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर शामिल है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालो से दूर रहने की भी अपील की है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद प्रदेश के लोगों डर भी बैठ गया है। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर से ऐसी ऐसी खबरे सामने आई कि लोग अभी भी डरे और सहमे हुए है।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल स्पीति में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार हिली धरती। रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। जमीन के अंदर इसकी गहराई 5 किलोमीटर रही। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, वीरवार सुबह 9 बजकर 49 बजे तीन से चार बार धरती कांपी। बुधवार रात में भी यहां लाहौल स्पीति में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था। हिमाचल में आपदा के बीच बार-बार भूकंप के झटकों से लोग डरे व सहमे हुए है। हालांकि तीव्रता कम होने के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। लाहौल स्पीति जिला जोन 5 में आता है, जो भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है।
पुलिस थाना मनाली में बीते कल पंजीकृत हत्या के प्रकरण में संलिप्त दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है | पिछले कल को पुलिस थाना मनाली में सूचना प्राप्त हुई कि अलेउ में एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है जिस सूचना पर उप नि0 नारायण अन्वेषणाधिकारी पुलिस थाना मनाली अन्य पुलिस कर्मियों सहित मौके पर रवाना हुए तो होटल मनाली ग्रैंड अलेउ से करीब 200-250 मीटर आगे पगडंडी रास्ते के दाहिनी तरफ पर एक व्यक्ति मृत अवस्था में पाया गया। मौके पर उपस्थित पवन कुमार पुत्र श्री धनी राम निवासी गांव सुकराईं बाईं डाकघर वाथरी तहसील डलहौजी जिला चम्बा उम्र 48 वर्ष हाल-मैनेजर होटल मनाली ग्रैंड अलेऊ मनाली का ब्यान कलमबन्द किया गया। जिसके मुताबिक मृतक का नाम व पता सुभाष चन्द पुत्र मान सिंह निवासी गांव धार चानणा डा0 ऊरन त0 व थाना कुपवी जिला शिमला हिमाचल प्रदेश उम्र 32 वर्ष बतलाया तथा बतलाया कि मृतक सुभाष उपरोक्त होटल मनाली ग्रैंड अलेऊ में बतौर सहायक मैनेजर तैनात था। मृतक सुभाष चन्द अपनी पत्नी व दो बच्चों सहित अपने साढू राजीव कुमार निवासी अलेऊ के मकान में किराए पर रहता था। जिसका मकान होटल से 500-600 मीटर की दूरी पर चचोगा की तरफ है। मौके पर पुलिस अधीक्षक कुल्लू भी आए थे तथा घटनास्थल का निरीक्षण क्षेत्रीय न्यायालिक विज्ञान प्रयोगशाला मण्डी के विशेषज्ञों से करवाया गया। यह एक ब्लाईंड मर्डर था लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए इस ब्लाईंड मर्डर की गुत्थी को महज चंद घंटों में ही सुलझाने में सफलता हासिल की है तथा आरोपी राजीव कुमार उम्र 32 वर्ष पुत्र अमर सिंह निवासी बजाथल डाकघर व तहसील नेरवा ज़िला शिमला तथा बीरबल उम्र 32 वर्ष पुत्र मोहन सिंह निवासी रोलिंग डाकघर तहसील पधर ज़िला मण्डी को स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतर आज दिनांक 02.08.2024 को मनाली में प्रक्रिया अनुसार गिरफ्तार किया गया है।मृतक सुभाष चन्द की लाश को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री मैडिकल कॉलेज नेरचौक जिला मण्डी भेजा गया है और दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत रिमाण्ड हासिल करने के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
लाहौल-स्पीति: उदयपुर से पांगी-किलाड मार्ग (SKTT) पर काडू नाला के पास पत्थर गिरने से रोड ब्लॉक हो गया है। लाहौल एवं स्पीति पुलिस अधीक्षक ने लोगों को सूचित करते हुआ कहा कि दिनांक 30/06/2024 को उदयपुर से पांगी-किलाड मार्ग पर काडू नाला के पास रोड ब्लॉक होने के कारण मार्ग पर बड़े पत्थर गिर गए थे। जिस पर प्रभारी पुलिस चौकी तिंदी एवं उनकी टीम मौके पर पहुंच कर वाहनों एवं लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले आए। बीआरओ द्वारा मार्ग खोलने का कार्य किया जा रहा है पर लगातार पत्थर गिरने के कारण सड़क को साफ करने के काम में देरी हो रही है। तिंदी में लगभग 22 वाहन, जिनमें 8 भारी मोटर वाहन (HMV), 3 टैक्सियाँ और अन्य कैंपर सड़क अवरुद्ध होने के कारण रुके हुए हैं, जिनमें लगभग 80 लोग हैं। पुलिस चौकी तिंदी के सहयोग से इन लोगों को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, फॉरेस्ट रेस्ट हाउस, रोहन होमस्टे जिनमे कुल 10 कमरों में ठहराया गया है और कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में रुके है। अभी स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है और जिला पुलिस द्वारा नियमित रूप से इन लोगों की खैर-खबर ली जा रही है। जिला पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी की जरूरतें पूरी हों और किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
** क्यू॰आर॰टी॰ बैठक में पुष्प उत्पादन पर दिया बल डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पुष्प एवं भूदृश वास्तुकला विभाग’ में दो दिवसीय क्यू॰आर॰टी॰ की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पुष्प कृषि अनुसंधान निदेशालय, पुणे के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत देश भर के 7 केंद्रों के पुष्प वैज्ञानिकों ने भाग लिया। बैठक के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्य अतिथि रहे। प्रो चंदेल ने क्यू.आर.टी. के अध्यक्ष डॉ एस.के. चक्रवर्ती और सदस्यों डॉ प्रीतम कालिया, डॉ सी अस्वथ, डॉ रंजीत कुमार, डॉ व राममूर्ति और पुष्प अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ के.वे. प्रसाद का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. चंदेल ने कहा कि पुष्प उत्पादन का देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका है क्योंकि किसानों की आय को दो से तीन गुना बढ़ाने में यह बहुत मददगार हो सकती है। उन्होनें सभी वैज्ञानिकों को नई तकनीकों के विकास करने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। बैठक के पहले दिन सभी विश्वविद्यालयों से आए वैज्ञानिकों ने अपने अपने केन्द्रों द्वारा वर्ष 2018-2023 के बीच किए गए अनुसंधान कार्यों पर प्रस्तुति दी, जिसकी समीक्षा की गई। दूसरे दिन पुष्प विज्ञान विभाग का क्षेत्र का भ्रमण किया, जिसमें अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के विभिन्न प्रयोगों का आकलन किया गया। क्यू.आर.टी. के सभी सदस्यों द्वारा नेटिव ओरनामेंटल्स पर किए गए कार्यों का सहराया गया। अध्यक्ष द्वारा विभाग द्वारा बनाए गए कारनेशन के म्यूटेंट्स, गुलदाउदी एवं एल्स्ट्रोमीरिया की ओपन पोलिनेटेड सिलेक्शन एवं ग्लैडिओलस के हाइब्रिड पर शोध कार्यों पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। विभाग की ड्राई फ्लावर प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया गया। इसके पश्चात हिमाचल प्रदेश के पुष्प उत्पादकों एवं वैज्ञानिकों की संवाद बैठक की गई, जिसमें कारनेशन उत्पादक सुरेश चंदेल, जिप्सोफिला एवं कारनेशन उत्पादक रवि दत्त शर्मा एवं व्यर्थ फूलों की अगरबत्ती बनाने वाली कंपनी युवान वेंडरज के प्रबंध निदेशक रविंद्र पराशर ने अपने-अपने अनुभव एवं समस्याओं का साझा किया। सभी किसानों ने उनके विकास में पुष्प विभाग के वैज्ञानिकों की भागीदारी की प्रशंसा की और संतोष जताया। धारों की धार में प्रगतिशील किसान कारण ठाकुर की कारनेशन के पॉलीहाउस का भ्रमण भी किया। इस बैठक में विभाग के हैड डॉ एस.आर. धीमान सहित सभी वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के शिक्षा एवं सूचना प्रभाग रिकांग पिओ द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत अम्बेडकर भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पहली अगस्त से सात अगस्त तक किन्नौर में स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं को छः माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया जाएगा। जिला किन्नौर में स्तनपान कराने की प्रतिशत्ता 98 प्रतिशत है इसको शत-प्रतिशत करना है। जैसा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा बताया जाता है कि माँ का पहला दूध बच्चे के लिए पहली वैक्सीन का काम करता है जो नवजात शिशु में रोग-प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाता है। इसलिए छः माह तक नवजात शिशु को केवल स्तनपान ही करवाएं। डॉ. सोनम नेगी ने बताया कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को स्तन कैंसर की बहुत कम सम्भवानाएं होती हैं और प्रसूति महिला को प्रसूति से हुए घाव भरने में सहायता मिलती है। स्तनपान कराने वाली महिला को अवसाद, मधुमेह इत्यादि बीमारियां होने का भी कम खतरा होता है। इस कार्यशाला में नारा-लेखन प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें महिला मण्डल, स्वयं सहायता समूहों, महिला जन-प्रतिनिधियों, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की महिलाओं ने भाग लिया और एक लघु-नाटिका के द्वारा भी स्तनपान कराने का संदेश दिया गया। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली महिलाओं को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी द्वारा सम्मानित भी किया गया। जिला शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अन्वेषा नेगी ने भी इस अवसर पर स्तनपान कराने के फायदों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की तथा इसके सकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के शिक्षा एवं सूचना प्रभाग से हेमलता, विभिन्न महिला मण्डलों, स्वयं सहायता समूहों, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की महिलाएं उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिला मंडी के जोगिन्द्रनगर में 110 मेगावाट की शानन जल विद्युत परियोजना को लेकर जारी कानूनी लड़ाई के संदर्भ में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार का मामला मजबूती से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश के लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों को वापिस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल के दौरान शानन जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया गया था। वर्ष 1925 में मंडी के तत्कालीन राजा जोगिन्द्र बहादुर और पंजाब के मुख्य अभियंता के बीच 99 वर्षों के लिए लीज़ समझौता हस्ताक्षरित हुआ था। उस समय से ही इसका प्रशासनिक अधिकार पंजाब के पास है। इस वर्ष 2 मार्च, 2024 को लीज़ समाप्त हो गई है। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र अधिकार में हैं और पंजाब सरकार को अविलम्ब इस परियोजना को हिमाचल प्रदेश को लौटा देना चाहिए। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के लोगों के हितों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए प्रदेश सरकार इस परियोजना से लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कानूनी कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार परियोजना को हासिल करने के लिए एक मजबूत मामला तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप रतन, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव अरिन्दम चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
**डायरिया की रोकथाम के लिए 31 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा जागरूकता अभियान **09 अगस्त को आयोजित होगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने वर्षा ऋतु में विभिन्न जनजनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को पूर्ण तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां जल जनित रोगों की रोकथाम के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि गर्मी एवं वर्षा ऋतु के समय जल जनित रोगों के साथ-साथ डेंगू जैसे रोग होने की सम्भावना अधिक होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धतता पर ध्यान दिया जाए और किसी भी स्थान पर पानी न खड़ा होने दिया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं नगर परिषद परवाणू को संयुक्त टीमें गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह टीमें नियमित अंतराल पर प्रभावित क्षेत्रों में फोगिंग सुनिश्चित बनाएंगे, विभिन्न पेयजल आपूर्ति भण्डारण टैंको और पारम्परिक जल स्त्रोतों का निरीक्षण कर स्वच्छता सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह टीमें लोगों को जल जनित रोगों के विषय में जागरूक भी करेंगे। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को बरसात के मौसम में लोगों को दूषित पानी का उपयोग न करने के विषय में जागरूक करने तथा समय-समय पर प्राकृतिक जल स्त्रोतों की जांच करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला में डायरिया रोग की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 31 अगस्त, 2024 तक जागरूकता अभियान आयोजित किया जा रहा है। जागरूकता अभियान के तहत लोगों को डायरिया रोग के लक्षणों एवं बचाव के विषय में जागरूक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला में 09 अगस्त, 2024 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन स्कूलों बच्चों को कृमि मुक्त दवा एलबेंडाजोल और विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। मनमोहन शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के समय में जल जनित रोगों से बचाव के साथ-साथ विभिन्न दुर्घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों का भण्डारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिन्द्र राणा, विभिन्न खण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** पदाधिकारियों ने ली दायित्व निभाने की शपथ पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन राजगढ़ खण्ड इकाई द्वारा लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में नवगठित कार्यकारिणी सदस्यों के लिए शपथ समारोह का आयोजन किया गया। प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिदत्त शर्मा ने समस्त पदाधिकारियों को पद संगठन के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रति तन, मन व धन से सेवा करने के लिए तत्पर रहने, दिए गए दायित्व को निष्ठा से निभाने, जाती- धर्म और राजनीती से ऊपर उठकर पेंशनर्ज बंधुओ और समाज के प्रती समर्पित रहने तथा संघ के संविधान के अनुसार कार्य करने की शपथ ग्रहण की। राजगढ़ इकाई के अध्यक्ष विजय भारद्वाज ने कहा कि पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सभी पेंशनर्ज बंधुओ की हर तरह की समस्याओं का पहले भी निवारण किया गया है और भविष्य में भी निवारण करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश कोली समाज के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष एवं पेंशनर कल्याण संघ कुनिहार यूनिट के प्रधान जगदीश सिंह ने अपना 79वां जन्म दिवस समारोह अपने पैतृक गांव ग्राम पंचायत पट्टाबरावरी के पन्याली में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान हरीश कौशल सहित दर्जनों पेंशनरों ने यहां पहुंचकर जगदीश सिंह को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। पेंशनर यूनिट पट्टाबरावरी के प्रधान डी डी कश्यप ने बताया कि इस मौके पर जगदीश सिंह ने सभी के साथ मिलकर पट्टाबराबरी में निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर परिसर व सड़क के दोनो ओर जामुन, भेड़ा, आंवला, बांस, दाड़ू, अमरूद, शीशम आदि विभिन्न प्रजाति के 105 पौधे रोपित किए। पौधारोपण कार्यक्रम के बाद जगदीश सिंह ने पंचायत प्रधान सहित पेंशनरों को शॉल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रूपेंद्र कौशल, राम नाथ कश्यप, परमानंद गर्ग, दौलत राम गर्ग, ख्याली राम कश्यप, रमेश कश्यप, जगदेव गर्ग, ख्याली राम, प्रेम चंद कश्यप, कन्हैया लाल, डी डी कश्यप, जी आर शेख आदि पेंशनर मौजूद रहे। अंत में जगदीश सिंह ने सभी को भोजन करवाया।
**प्रदेश में अभी जारी रहेगा बारिश का दौर हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी बारिश से तबाही का मंजर देखने को मिला है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के विज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, कुछ जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर हमीरपुर, सोलन शिमला में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। आज चंबा कांगड़ा कुल्लू मंडी में एक दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। 2 से 6 अगस्त तक कुछ स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इस दौरान ऊना, बिलासपुर, सोलन, मंडी, सिरमौर, शिमला, चंबा, कांगड़ा में एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगो को नदी नालों के नजदीक न जाने की सलाह है क्योंकि भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है।
जिला कुल्लू में बीती रात हुई भारी बारिश के चलते रायसन में सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके चलते वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। ऐसे में अब लेफ्ट बैक होते हुए कुल्लू से मनाली के लिए गाड़ियों को भेजा जा रहा है। वहीं, सैंज में भी नदी में बाढ़ आने के चलते सड़क बह गई है। इसके अलावा सड़क किनारे खड़ी की गई एक बस और एक ऑल्टो कार भी पानी में बह गई। वहीं, पारला भुंतर में भी एक निर्माणाधीन भवन पार्वती नदी की भेंट चढ़ गया है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोग अपने घरों को खाली कर रहे हैं। जिला प्रशासन के द्वारा भी लोगों से आग्रह किया गया है कि वह नदी नालों से दूर रहें। बीती रात हुई भारी बारिश के चलते कुल्लू जिले में नदी नाले उफान पर हैं और कई जगह पर लोगों का संपर्क भी सबसे कट गया है। ऐसे में जिला प्रशासन भी नुकसान का जायजा लेने में जुट गया है और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी कार्य किया जा रहा है। कुल्लू जिले के जिया गांव में भी पार्वती नदी में आई बाढ़ के चलते भूमि कटाव हुआ है, जिससे नदी किनारे बने घरों को खतरा पैदा हो गया है। जिया गांव के ग्रामीण संजीव कुमार और मेघ सिंह ने बताया कि यहां पर नदी किनारे से लोगों को हटाया जा रहा है। हालांकि अभी तक घरों को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन अगर दोपहर को फिर से भारी बारिश होती है तो इससे नदी किनारे बने मकान ढह सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान भारी बारिश से तबाही हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से हुई तबाही को लेकर सचिवालय में आपात बैठक की और सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट लेने के साथ सभी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक शिमला, कुल्लू और मंडी में 50 लोग बादल फटने की घटनाओं से लापता हैं, जबकि तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 3 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश से तीन जिलों ने नुकसान हुआ है। रामपुर के झाखड़ी समेज खड्ड में 36 लोग लापता हैं जिसमें दो लोगों के शव बरामद हो गए हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसी तरह मंडी पधर में 9 लोग लापता हैं एक शव बरामद हो गया है एक व्यक्ति को जख्मी हालत में बाहर निकाल लिया है। कुल्लू के मलाणा में पॉवर प्रॉजेक्ट के डैम को भी भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री ख़ुद मौके के लिए रवाना हो रहे हैं। मौके पर राहत बचाव कार्य के लिए NDRF,SDRF, ITBP सहित स्थानीय प्रशासन जुटा हुआ है और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है। केन्द्र सरकार में मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से फोन पर बात हुई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
**फसलों की बर्बादी पर किसान अब मुआवजे की आस में कुनिहार क्षेत्र में लंबे समय बाद बुधवार रात भारी बारिश हुई, जिससे लोगो को गर्मीं से तो काफी राहत मिली लेकिन इस बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की मक्की की फसल खेतो में ही बिछा दी। किसानों को भारी नुकसान हुआ है और किसान अपनी बर्बाद फसल को देखकर मायूस हो गए है। किसानों का कहना है कि पहले तो बारिश न होने की वजह से आधी से ज्यादा फसल वैसे ही बर्बाद हो चुकी थी और रही-सही कसर बुधवार रात हुई बारिश के साथ चली तेज हवा ने पूरी कर दी। गौर रहे कि क्षेत्र में अधिकतर किसान खेती बाड़ी करके अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं और फसल की अच्छी पैदावार के लिए बारिश पर ही निर्भर रहते है। गांव हरीपुर, सहबार, नमोल, हरडी, उच्चागांव, थावना आदि के किसानों वीरेंद्र, शंकर, मदन, जयपाल, राकेश, विक्रम, संतलाल, रोशन आदि ने बताया कि इस बार पहले बारिश हुई ही नहीं, जिससे आधी से ज्यादा मक्की सहित नगदी फसलें बर्बाद हों गई, लंबे समय बाद बुधवार रात जब अच्छी बारिश हुई तो लगा कि अब कुछ फसल आ जाएगी, लेकिन जब सुबह उठकर फसल को देखा तो मक्की की फसल खेतो में बिछी पड़ी थी। किसानों ने सरकार से इस बार मौसम के कारण बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा देने की मांग की है।


















































