हिमाचल: मनरेगा मजदूरों के लिए खुशखबरी, अब ये मनरेगा मजदूर होंगे बीपीएल में शामिल

हिमाचल प्रदेश के उन मेहनती मजदूरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब 100 दिन तक काम करने वाले मजदूरों को बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) श्रेणी में शामिल किया जाएगा। यह नया फैसला उनके लिए आर्थिक मदद और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का बेहतरीन मौका है। पंचायतीराज विभाग ने बीपीएल के लिए नए मापदंड तय कर दिए हैं, जिनके तहत मनरेगा मजदूरों को भी सशर्त लाभ दिया जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों मजदूरों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, जो उनके जीवन में एक नई आशा जगाएगा। वर्तमान में हिमाचल में कुल 1,07,907 मजदूरों ने मनरेगा के तहत 100 दिन का काम पूरा किया है। इसमें बिलासपुर के 2,965, चंबा के 28,502, हमीरपुर के 2,851, कांगड़ा के 8,678, किन्नौर के 1,147, कुल्लू के 11,169, लाहौल-स्पीति के 76, मंडी के 30,284, शिमला के 9,933, सिरमौर के 6,605, सोलन के 2,350 और ऊना के 3,347 मजदूर शामिल हैं। वही प्रदेश में अब तक 15,14,909 जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे 7,14,728 परिवारों को रोजगार मिला है। खास बात यह है कि इनमें से 6,04,410 महिलाओं को ही विशेष रूप से रोजगार दिया गया है। कुल मिलाकर 3 करोड़ 91 लाख 83 हजार 154 व्यक्तिगत कार्य दिवस अर्जित किए गए हैं, जिसमें से 2 करोड़ 49 लाख 43 हजार 244 कार्य दिवस केवल महिलाओं ने किए हैं। डीआरडीए के कार्यकारी परियोजना अधिकारी, केएल वर्मा के अनुसार, मनरेगा मजदूर अब 1 अप्रैल से बीपीएल में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद गठित समितियों द्वारा मापदंडों के आधार पर उनकी पात्रता की जांच की जाएगी। अगर वे आवश्यक मानदंडों पर खरे उतरते हैं, तो उन्हें बीपीएल श्रेणी में शामिल किया जाएगा।