हिमाचल प्रदेश सरकार सेवारत प्रशिक्षित सभी वरिष्ठ स्नातक अध्यापकों ने वर्चुअल मीटिंग कर शिक्षक महासंघ के ब्यान पर कड़ा ऐतराज जताया है। स्नातक वर्ग का कहना है कि वे लगभग 25 वर्षों से ऊपर से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं फिर भी उन्हें पदोन्नति नहीं मिल रही है। शिक्षक महासंघ द्वारा 2010 से पूर्व नियुक्त टीजीटी को दोनों ऑप्शन यानी मुख्याध्यापक व प्रवक्ता बहाल करने की सरकार से मांग रखी गई है, जबकि हाई कोर्ट के निर्णय के अनुसार जो भी टीजीटी 26.4.2010 के बाद ऑप्शन दे पीजीटी या प्रवक्ता स्कूल न्यू के पद पर प्रोन्नत हो चुके हैं वे चाहे 2010 से पूर्व नियुक्त टीजीटी हो या 2010 के बाद टीजीटी नियुक्त हो। वह मुख्याध्यापक के पद के लिए एलिजिबल नहीं हैं, क्योंकि विभाग के नियमानुसार एक बार जो ऑप्शन दे देता है वह चेंज नहीं होती यदि विभाग 2010 से पूर्व नियुक्त टीजीटी जो 26.4.2010 के बाद पीजीटी या प्रवक्ता स्कूल पद पर प्रोन्नत हो चुके है, उनको मुख्याध्यापक की ऑप्शन बहाल करती है तो यह कोर्ट के निर्णय की अवमानना होगी और जो टीजीटी लगभग 25 से 30 वर्षों तक टीजीटी पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं वे प्रोन्नत नहीं होंगे और न ही उन्हें सीएंडवी की तरह 20 साल की सेवा के बाद दो इंक्रीमेंट मिलती है। यह टीजीटी के साथ अन्याय होगा यदि विभाग कुछ लोगों के कहने पर ऑप्शन बहाल करता है तो टीजीटी कोर्ट में जाने के लिए बाध्य होंगे।
पर्यटकों की आमद को देखते हुए नायब तहसीलदार ग्रामीण एच एल गैजटा की अगुवाई में मशोबरा, हसन वैली ,छराबरा तथा कुफरी क्षेत्र में निरीक्षण व निगरानी की गयी। नायब तहसीलदार ने बताया की इस दौरान मासक ना पहनने वाले 9 पर्यटकों के चालान किए गए। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में निरीक्षण दल द्वारा कोविड-19 मानक संचालन की पालना के प्रति लोगों को जागरूक भी किया गया। मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखें, हाथों को सैनिटाइज करने तथा अनावश्यक रूप से भीड़ ना बढ़ने के प्रति जानकारी व जागरूकता प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि ढल्ली थाना के पुलिस कर्मचारी इस दौरान जांच प्रक्रिया में शामिल हुए।
शिमला के डीएफओ सुशील राणा ने कहा है कि वृक्षारोपण, वन संरक्षण और पर्यावरण को बचाने में युवक मंडल और पंचायतें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने आज स्थानीय युवक मंडल व पंचायतों द्वारा राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों- लक्कड़ बाजार - क्यार कोटी सड़क के किनारे भोटड़ू गावं से नेरी गावं तक आयोजित वन महोत्सव का उद्घाटन किया इसके अंतर्गत लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र में देवदार के 250 और बान के 50 पौधे लगाए। वन महोत्सव के संयोजक विनोद योगाचार्य ने बताया कि पौधारोपण में लगभग 70 ग्रामीणों ने पौधे लगाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत चैड़ी के प्रधान भुवनेश्वर दत्त शर्मा ने की। डीएफओ सुशील राणा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और पंचायतों की पहल अत्यंत सराहनीय है। भुवनेश्वर दत्त शर्मा ने बताया की पंचायतों और युवक मंडलों के माध्यम से नए लगाए गए पौधों का संरक्षण भी किया जाएगा। संयोजक विनोद योगाचार्य ने कहा कि भविष्य में भी युवाओं को पर्यावरण के साथ जोड़ने के लिए वन महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन फॉरेस्ट गार्ड द्रोपदी वर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि आदर्श महिला मण्डल क्यार कोटी की प्रधान सुमन, सचिव रीना एवं आशा वर्मा, युवा मंडल क्यार कोटी, युवक मण्डल चैड़ी, ग्राम पंचायत चैड़ी, ग्राम पंचायत कोहलू जुब्बड़, जन कल्याण विकास समिति चैड़ी, गोवर्धन धाम जनकल्याण समिति के सदस्यों ने पौधारोपण में हिस्सा लिया। फॉरेस्ट गार्ड पम्मा, उपप्रधान सुमित ठाकुर, वार्ड सदस्य अणु -बत्ती देवी, वार्ड सदस्य मूंगर- रमा देवी, वार्ड सदस्य चैड़ी -ललित ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत कोहलू जुब्बड़ मोहन ठाकुर, कट्टली वार्ड सदस्य देवेंदर, कोषाध्यक्ष जन कल्याण विकास समिति चैड़ी मोहन ठाकुर ने भी वन महोत्सव के आयोजन में योगदान किया।
स्व. राजा वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद हिमाचल कांग्रेस ने जो उनकी अस्थियों को पूरे प्रदेश की नदियों और संगमों पर विसर्जित करने का निर्णय लिया है, वह निश्चित तौर पर कांग्रेस को लाभ देगा। एक ऐसी विभूति की अस्थि का प्रदेश के हर इलाके में जाने से उस पार्टी को लाभ देगा। ऐसा मानना है जाने-माने अंक ज्योतिषाचार्य एवं वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष पं. शशिपाल डोगरा का। उन्होंने यह आंकलन अंक गणना के आधार पर किया है। पं. डोगरा कहते हैं कि अंकों की विडबना देखो, 16 अगस्त 2018 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वर्गवास हुआ था। उनके मुताबिक 1+6+8+2+0+1+8=26=2+6=8 अंक शनि का अंक है। वाजपेयी की अस्थि का विसर्जन देश के 22 राज्यों में किया गया। 2+2=4 राहु का अंक है। राहु शमशान का कारक है और शमशान की भस्म पूरे देश में प्रवाहित की, जिस कारण भाजपा को लाभ मिलने का योग बना। उनका कहना है कि ज़ब किसी बड़ी विभूति का आशीर्वाद पूरे देश को मिला तो भाजपा को 2019, यानी 2+0+1+9=12=1+2=3 अंक गुरु का है और इस अंक ने सत्ता दिला दी। पं. शशिपाल डोगरा कहते हैं कि उसी प्रकार का योग आज हिमाचल प्रदेश में राजा वीरभद्र सिंह के इस संसार को छोड़ के चले जाने से बना है। वीरभद्र सिंह ने 8 जुलाई को अपने प्राण त्याग दिए। 8 शनि का अंक है। 2021 का 5 अंक है। 8+5=13=1+3=4 राहु का अंक है जो शमशान योग बनाता है।10 जुलाई 2021को अंतिम संस्कार किया गया। 10=1+0=1 अंक सूर्य का अंक है और सूर्य ग्रहों का राजा है। राजा की तरह अंतिम विदाई हुए।17 जुलाई 2021 को राजा वीरभद्र सिंह का अस्थि विसर्जन किया गया। 1+7=8 शनि के अंक पर और शनि बहुत कुछ देता भी है और लेता भी है। उनका मानना है कि शनि न्याय का कारक है। झूठ और फरेब को नहीं मानता है। हिमाचल कांग्रेस द्वारा पूरे प्रदेश में उनकी अस्थि का विसर्जन करने का निर्णय लिया गया। एक ऐसी विभूति की अस्थि का प्रदेश के हर इलाके में जाने से उस पार्टी को लाभ देगा। पं. डोगरा कहते हैं कि अंक ज्योतिष के हिसाब से अगर देखें तो हिमाचल कांग्रेस को जहां राजनितिक लाभ मिलने का योग है, वहीं यह एकजुटता का योग बनाता है। जो 2018 में वाजपेयी के वक्त में बना था। वहीं, विरोधी दल के लिए नुकसान देता है। जैसे 2019 में कांग्रेस को हुआ था। वे कहते हैं कि भाजपा का 1 अंक है और 1 अंक सूर्य का है। सूर्य व शनि आपस में शत्रु है। इस कारण भाजपा को नुकसान होने का योग बन रहा है, बाकि सर्वज्ञ तो ईश्वर है।
भाजपा के प्रवक्ता ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया की प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जब भी आधिकारिक दौरे पर दिल्ली गए हैं तो वे वापस कभी खाली हाथ नहीं लौटे। एक समय था जब केंद्र में कांग्रेस पार्टी की अपनी सरकार होने के बाबजूद उनके मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री कार्यालय मिलने तक का समय नहीं देते था लेकिन 2014 के बाद जब से देश की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाली है तब से पी.एम.ओ. के द्वार हर किसी के लिए खुले हैं। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह हो या वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी हों, दोनों से प्रधानमंत्री गर्मजोशी से मिलते रहे हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर जब भी दिल्ली गए हैं तो प्रदेश के लिए कोई न कोई बड़ी खेप लेकर ही लौटे हैं। यही नहीं प्रधानमंत्री प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की फीडबैक लेकर उनके क्रियान्वयन से भी संतुष्ट होकर मुख्यमंत्री की पीठ थपथपा चुके हैं। यही कारण है कि जब भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मिलते हैं तो उन्हें उनका अपार स्नेह मिलता रहा है और मुख्यमंत्री जो भी निवेदन प्रदेश की तरक्की और विकास के लिए प्रधानमंत्री से करते हैं वो उन्हें खुले मन से मिलता है जिससे प्रदेश भी विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। गत दिन भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और उन्हें राज्य सरकार द्वारा अपनाए जा रहे कोविड प्रोटोकाॅल और टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना की दूसरी लहर से सफलतापूर्वक निपटने संबंधी जानकारी देते हुए संभावित तीसरी लहर से निपटने के प्रबंधों के बारे में जानकारी दी, जिस पर प्रधानमंत्री ने टीकाकरण कार्यक्रम को तेजी से निष्पादित करने के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य को बल्क ड्रग एवं मेडिकल डिवाइसेज पार्क स्वीकृत करने का आग्रह किया है, जिससे प्रदेश में न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार सृजन भी होगा। हमें पूरी उम्मीद है कि ये सौगात भी हमें मुख्यमंत्री प्रयासों से जल्द मिलेगी। इसके अलावा प्रदेश में हवाई संपर्क सदृढ़ करने के लिए मंडी जिला के नागचला में प्रस्तावित हवाई अड्डे के निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने की भी मुख्यमंत्री ने मांग की है और प्रदेश में सड़क नेटवर्क सुदृढ़ करने के बारे में भी चर्चा हुई है। पर्यटन अधोसंरचना विकास परियोजना के अन्तर्गत केन्द्र सरकार को भेजे गए वित्त पोषण दस्तावेज को स्वीकृति देने, 111 मेगावाट क्षमता की सावड़ा-कुड्डू जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करने तथा सतलुज जलविद्युत निगम द्वारा निर्मित 210 मेगावाट लुहरी स्टेज-1 तथा 66 मेगावाट धौलासिद्ध परियोजनाओं के शिलान्यास करने का भी मुख्यमंत्री ने आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में पहाड़ी प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर हुआ है।
अर्की विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव को देखते हुए अर्की कल्याण संस्था द्वारा एक विशाल सम्मेलन का आयोजन चौधरी कॉम्प्लेक्स दाड़लाघाट में हुआ। सम्मेलन के मुख्यातिथि गोविंद राम शर्मा रहे। जबकि सम्मेलन की अध्यक्षता अमर नाथ कौशल ने की। इस दौरान सम्मेलन में काफी संख्या में पंचायत प्रधान, उपप्रधान सहित बीडीसी के सदस्य व अन्य समाजसेवी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन के संयोजक सुरेन्द्र ठाकुर ने सभी विशेष अतिथियों व विभिन्न पंचायतों से आए प्रतिनिधियों का स्वगात एवं अभिनन्दन किया। सम्मेलन में मौजूद लोगों ने खुलकर अपने समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा के समक्ष रखी। सम्मेलन में अर्की क्षेत्र के प्रमुख नेताओं को अपनी समस्याओं को बताने के बाद भी उनका निपटारा ना होने के चलते रोष जताया गया। अर्की का प्रतिनिधित्व कैसा होना चाहिए आने वाले चुनाव व उपचुनाव में एक आवाज उठाकर उच्च नेतृत्व तक पहुँचने के लिए सहयोग दिया जाना, आज के समय मे बहुत जरूरी हो गया है। सभी वक्ताओं ने गोविंद राम शर्मा के पक्ष में टिकट की मांग को लेकर आवाज बुलन्द करके सभी वक्ताओं व अन्य कार्यकर्ता ने इच्छा जाहिर की। वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा को टिकट नही मिलता है तो अर्की कल्याण संस्था से एक उम्मीदवार परगना मलोन से दिया जाएगा। अर्की का नेतृत्व सभी को साथ लेने वाले एक ऐसे शख्सियत वाले व्यक्ति के साथ खड़े होकर मिलकर एकत्रित होकर अर्की का विकास करने में सहयोग करने वाले ऐसे व्यक्ति को अर्की क्षेत्र से टिकट मिलना चाहिए। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य आशा परिहार ने कहा कि दो बार अर्की क्षेत्र के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा जो कि पिछले वर्षों से सक्रिय थे आज ऐसे नेताओं के अनदेखी की जा रही है।आशा परिहार ने कहा कि आज के समय मे संगठन में व्यक्ति विशेष को जोड़कर इस तरह से संगठन आगे कैसे बढ सकता है। इसी को लेकर आज दाड़लाघाट में अर्की कल्याण संस्था द्वारा आयोजित सम्मेलन में गोविंद राम शर्मा के पक्ष में एकजुटता से चलने के लिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो भी दायित्व दिया गया, उसे पूर्ण रूप से पूरा किया। आज भी हम पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर खड़े रहना है और अभी समय बहुत है सभी शीर्ष नेतृत्व से मिलकर अपनी बात रखेगे। सम्मेलन में जिला परिषद सदस्य अमर सिंह ठाकुर ने पुरजोर देते हुए कहा कि अर्की के कल्याण व विकास के लिए संस्था चिंतित हैं। इसलिए हम सभी एक साथ इक्कठे होकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी है। उन्होंने कहा कि आज अर्की के जो वरिष्ठ नेता है वो सभी आज इस सम्मेलन में मौजूद है, तो आज पूर्व प्रत्याशी के साथ कोन साथ खड़ा है। इस लिए आज संगठन द्वारा नए कार्यकर्ता को तो जोड़ा जा रहा है लेकिन पुराने कार्यकर्ता के साथ इस तरह की अनदेखी करना गलत है।सम्मेलन में अमर सिंह ठाकुर ने पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा के पक्ष में बात करते हुए कहा की आप मायूस नही हो आपके साथ अर्की क्षेत्र की जनता साथ खडी है। हम सब मिलकर आपके साथ खड़े है। उन्होंने बीजीपी कार्यालय सोलन में जमीन विवाद को लेकर हुई खरीद फरोख्त के भी आरोप लगाए। वरिष्ठ नेता बालक राम शर्मा ने कहा कि आज का कार्यक्रम कोई राजनीति नही था, केवल इतना था कि चिंतन करना है कि कौन अर्की क्षेत्र का नेतृत्व करेगा। बालक राम शर्मा ने दाड़लाघाट क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को उजागर करके सरकार द्वारा अनदेखी पर अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आज अर्की कल्याण संस्था द्वारा अर्की क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने पर चलने के लिए कहा। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे अमर नाथ कौशल ने कहा कि संस्था के उत्थान पर अर्की क्षेत्र में इस तरह कोई भी संस्था नही है आज के सम्मेलन के संयोजक बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि हमारा टारगेट अगला है जो अर्की क्षेत्र के विकास करने में अपना भरपूर सहयोग दे ऐसा ही अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम ही चहुमुखी विकास करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए रात दिन एक करके एक कर्मठ नेता है, जिसके लिए आप सभी का सहयोग आने वाले समय मे भरपूर मिलना चाहिए। सम्मेलन में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा को आगे आने के लिए प्रमुख पक्ष रखने के लिए कहा। अर्की कल्याण संस्था द्वारा कही गयी बात नही मानी जाती है तो आने वाले समय मे अर्की उत्सव का आयोजन किया जाएगा ओर इस लड़ाई को पूरी ईमानदारी के साथ लड़ेंगे। सम्मेलन के अंत मे पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा ने कहा कि दाड़लाघाट में आयोजित सम्मेलन था यह कोई राजनीति सम्मेलन नही था, लेकिन पिछले कल शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया में गलत ब्यान बाजी करके कार्यकर्ताओं के खिलाफ रोष व्याप्त हुआ, जिसके चलते आज ये सम्मेलन राजनीति कार्यक्रम में तब्दील हुआ। उन्होंने कहा कि 2003 से 2017 तक जो व्यक्ति मेरे साथ खड़ा नही था। उसी व्यक्ति के साथ 2017 में शीर्ष नेतृत्व के आदेशों को स्वीकार करते हुए तन मन धन से कार्य किया। आज वही पूर्व प्रत्याशी मेरे खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, उन्हें 2017 के समय का ध्यान नही जब उन्हे कोई भी व्यक्ति जानता नही था, उस समय मे एक एक व्यक्ति के साथ मिलकर पूर्व प्रत्याशी के साथ खड़ा रहा। गोविंद राम शर्मा ने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा की मुझे नजरअंदाज किया गया। उन्होंने सभी से निवेदन किया कि सभी कार्यकर्ताओं का पहले भी आर्शीवाद रहा और आने वाले समय मे भी आर्शीवाद भरपूर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में विधायक रहते हुए अर्की क्षेत्र में विकासात्मक कार्यो का भरपूर विकास करके अर्की के विकास में अपना सहयोग दिया और आने वाले समय मे भी भरपूर प्रयास करता रहूंगा। सम्मेलन में एसके पाल, नरेश गौतम, सुनंदा गौतम, धर्मपाल धर्मा, जितेंद्र, सुरेश ठाकुर सहित वरिष्ठ सदस्यों ने अपने विचार रखे। बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं अर्की के विधायक वीरभद्र सिंह व रत्न मिश्रा सहित अन्य गणमान्य लोगों के निधन पर दुख प्रकट करते हुए दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, संयोजक सुरेंद्र ठाकुर, जिला परिषद सदस्य आशा परिहार, अमर सिंह ठाकुर, अमर नाथ कौशल, बालक राम शर्मा, परमिंदर वर्मा, एसके पाल, जीत राम ठाकुर, नरेंद्र सिंह चौधरी, धर्मपाल धर्मा, जितेन्द्र, नरेश गौतम, अजीत, नरेंद्र हांडा, राम जी वर्मा, गीता राम कौशल, हेमराज शर्मा सहित काफी संख्या में विभिन्न पंचायतों से आए प्रतिनिधि व कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन द्वारा पर्यटकों की आमद को देखते हुए सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क पहनने, तथा अन्य विशेष मानक संचालन की अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोगों को जागृत किया गया । सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जिला शिमला के कर्मचारी किशोर कुमार द्वारा रविवार को शिमला नगर के रिज मैदान, माल रोड, लक्कड़ बाजार , सी टी ओ, लोअर बाजार आदि क्षेत्रों में घोषणाएं की गई। इस दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने ,सही रूप से मासक पहनने रिज और माल रोड पर ना बैठने अनावश्यक भीड ना करने की उद्घोषणाएं की गई। पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों को इन उद्घोषणा के माध्यम से कोविड-19 प्रोटोकाल की अनुपालन करने की अपील की गयी ताकि कोविड से बचाव किया जा सके।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी के आदेश अनुरूप जिला पर्यटन विकास अधिकारी द्वारा गठित दल ने रविवार को शिमला नगर के तारा हॉल से लककड़ बाजार क्षैत्र तक विभिन्न होटलों में कोविड-19 के तहत विशेष मानक संचालन की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 11 होटलों का औचक निरीक्षण किया। जिला पर्यटन विकास अधिकारी जी डी कालटा ने बताया की निरीक्षण के लिए विशेष दल का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा पर्यटकों एवं होटल कर्मचारियों द्वारा मास्क ना पहनने के प्रति 22 लोगों का चालान किया गया। 11000 रूपए चालान राशि वसूली गयी है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 4 होटलों में अनियमितताएं पाई गई जिनके प्रति पर्यटन विकास एवं पंजीकरण अधिनियम के तहत कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। उन्होने बताया कि पिछले कल फिंगास्क क्षेत्र के 13 होटलों का औचक निरीक्षण किया गया था जिसमें से 8 होटलों मैं कोविड प्रोटोकॉल की अनियमितताएं पाई गई इनके प्रति भी अधिनियम के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान होटलों में कॉविड 19 के प्रोटोकॉल को अमल में लाने की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। होटलों में पर्याप्त सैनिटाइजर तथा थर्मल स्कैनिंग की उपलब्धता व अन्य प्रोटोकॉल की सुनिश्चिता को देखा जा रहा है। होटल मालिकों अथवा प्रबंधकों द्वारा कॉविड 19 के तहत जारी आदेशों व मानकों के अनुपालन अमल में लाई जा रही है इस बात की जांच निरीक्षण दल द्वारा विभिन्न होटलों में की जा रही है। उन्होंने बताया कि आज होटल कपिल, वाइट, डिप्लोमेट, आशीर्वाद, ऑकलैंड, ध्रुव, ग्रीनलैंड, फोर सीजन b&b, सत्कार, स्टैंडर्ड बीएनबी, अमर सिरी b&बी, होटलों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि यह जांच व निरीक्षण कार्य निरंतर जारी रहेगा ताकि शिमला नगर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी होटल मालिकों व प्रबंधकों द्वारा कोविड-19 के संबंध में जारी आदेशों व विशेष मानक संचालन की अनुपालन सुनिश्चित की जा सके तथा कोविड के फैलाव को रोका जा सके। प्रक्रिया के दौरान होटल निरीक्षक दिलीप ठाकुर पर्यटन सूचना अधिकारी विक्रम तथा पुलिस विभाग के कर्मचारी जांच दल में शमिल थे।
जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में पांवटा नगर पालिका परिषद में उप मंडल अधिकारी विवेक महाजन के नेतृत्व में रविवार को प्रशासन द्वारा एकीकृत वार्ड सुधार कार्यक्रम कायाकल्प का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत पांवटा प्रशासन के सभी अधिकारियों, दोनों वार्ड के पार्षद, नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारियों, आशा वर्करों व स्थानीय लोगों ने साथ मिलकर वार्ड नंबर 3 व 4 में पौधारोपण के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने, वार्डों में स्ट्रीट लाइट का पुख्ता इंतजाम करने, सभी पानी की टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर डलवाने और वार्ड में व्याप्त कचरा साफ करने व सड़कों के किनारे और लोगों के घरों के आसपास घास पर दवा छिड़काव कराने का काम किया गया। उप मंडल अधिकारी विवेक महाजन ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जन सहभागिता की मदद से नगर पालिका परिषद पांवटा साहिब के सभी वार्डों का कायाकल्प करना है जिसके तहत सभी वार्डों में बिजली, पानी, सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा और शहर के सभी पार्कों का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा। सभी पार्क में बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था, पार्क में गेट की व्यवस्था और क्रमवार सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जेसीबी की मदद से दोनों वार्डो में नालियों की सफाई की गई और सभी एकत्रित किए गए कचरे को ट्रैक्टर की मदद से कूड़ेदान तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाने के लिए बीते 1 सप्ताह से बैठकों का दौर चला और स्थानीय व निजी संस्थाओं को भी इस कार्यक्रम के अंतर्गत जोड़ा गया, जिसमें निरंकारी सभा व रोटरी इंटरनेशनल भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। उन्होंने बताया कि आज वार्ड नंबर 3 व 4 में आमला, बेल और अनानास के पौधे लगाए गए और इन पौधों की देखरेख का जिम्मा निरंकारी सभा व स्थानीय पूर्व पार्षद चंद्रमोहन शर्मा व सीताराम शर्मा को सौंपी गई। इसके अतिरिक्त, जलपान की व्यवस्था रोटरी इंटरनेशनल व गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों वार्डो में कोरोना वायरस के मद्देनजर लोगों को सैनिटाइजर और मास्क वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर सभी वार्डों को सेनीटाइज भी किया जाएगा ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डॉ. राजीव सैजल 19 जुलाई से 22 जुलाई, 2021 तक सोलन जिला के प्रवास पर रहेंगे। डॉ. सैजल 19 जुलाई, 2021 को प्रातः 10.00 बजे सोलन जिला के कण्डाघाट स्थित बाहरा विश्वविद्यालय में ‘कीप हिमाचल क्लीन एण्ड ग्रीन’ कार्यक्रम के शुभारम्भ के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री 20 जुलाई, 2021 को कसौली विधानसभा क्षेत्र के दत्यार में प्रातः 11.00 बजे वन महोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ करेंगे। डॉ. सैजल 21 जुलाई, 2021 को कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में जन समस्याएं सुनेंगे। आयुष मंत्री 22 जुलाई, 2021 को दिन में 02.00 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र के सुल्तानपुर में अपनी एच्छिक निधि से पात्र व्यक्तियों को चैक वितरित करेंगे।
सामाजिक सरोकारों में आगे रहने वाले कैप्टन संजय बरसात के मौसम में पर्यावरण प्रहरी की भूमिका में नजर आ रहे हैं। मानसून शुरू होते ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर पराशर द्वारा छेड़ी गई मुहिम जारी है और इस कड़ी में रविवार को जसवां-परागपुर क्षेत्र की पंचायतों बठरा व अप्पर भलवाल में पौधरोपण किया गया। पराशर द्वारा शुरू किए गए अभियान के तीसरे चरण में 1001 औषधीय व फलदार पाैधे रोपे गए। इस दौरान ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखा गया। इस अभयान के तहत अगस्त माह के पहले पखवाड़े तक दस हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है और अभी तक कुल 2500 से ज्यादा पौधरोपण क्षेत्र में किया जा चुका है। अप्पर भलवाल में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन संजय ने कहा कि जंगलों का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है और बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण उत्पन्न समस्याओं को देखते हुए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की आवश्यकता है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान सभी ने महसूस किया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में औषधीय पौधों का ही महत्व है। इसलिए वह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय वासियों के सहयोग से इन पौधों के रोपण के लिए कार्य कर रहे हैं। गांवों में नीम, हरड़, बेहड़, आंवला और अर्जुन के पौधे रेापित किए जा रहेे हैं। इस अभियान को लेकर गांव-गांव में औषधीय पौधे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। ग्रामीणों में पौधरोपण में दिलचस्पी भी बनी है और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरोकार भी बन रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं व बच्चों के इस मुहिम में आगे आने से ग्रामीण परिवेश में लोग अब खुद एक-दूसरे को पौधरोपण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वहीं, अप्पर भलवाल के पंचायत प्रधान वीरबल ने कहा कि कैप्टन संजय के सौजन्य से पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पौधरोपण हो रहा है। औषधीय पौधों के रोपित होने के बाद पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। उधर, गांववासियों लखविन्द्र सिंह, अमित कुमार, बंसी लाल सतीश कुमार, सुरजीत, ममता रानी, मीना कुमारी, अंजलि और जसविन्द्र सिंह ने निशुल्क में पौधे मुहैया करवाने के लिए पराशर का आभार जताया और कहा कि वे इन पौधों की उचित देखभाल भी करेंगे।
सावन मास व जेष्ठ सोमवार के उपलक्ष पर प्राचीन शिव ताण्डव गुफा कुनिहार में रविवार 18 जुलाई से गुफा परिसर में दो दिवसीय श्री राम चरित मानस कथा के अखण्ड पाठ का शुभारम्भ हुआ। गुफा विकास समिति के अध्यक्ष रामरतन तनवर, उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर व सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा ने बताया कि समिति व शम्भू परिवार के सौजन्य से आज पाठ का शुभारम्भ हुआ जिसे सोमवार 19 जुलाई को हवन व पूर्णाआहुति के साथ विराम दिया जाएगा। उन्होंने सभी शिव भक्तों को सावन मास की शुभकामनाएं देते हुए अपील की है कि सभी शिव भक्त प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए मास्क सैनिटाइजर व उचित दूरी का विशेष ध्यान रखते हुए गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करें। गुफा के अन्दर धूप न जलाने की भी समिति ने भक्तों से अपील की है।
सोलन जिला में लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए नियम पालन के विषय में जागरूक बनाने तथा टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित करने के लिए कार्यान्वित किया जा रहा अभियान आज सम्पन्न हो गया। यह जानकारी क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो (एफओबी) शिमला के क्षेत्रीय प्रदर्शनी अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून, 2021 को देश में 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लिए मुफ्त कोरोना वैक्सीन की घोषणा की थी।प्रधानमंत्री ने कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार एवं नियम पालन की भी लोगों से अपील की थी। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए देश में मुफ्त टीकाकरण अभियान की जानकारी देने और कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार अपनाने के लिए केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के शिमला स्थित क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो (एफओबी) द्वारा सोलन जिला में 14 जुलाई से 18 जुलाई, 2021 तक मोबाइल जागरुकता वैन और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरुक किया गया। लोगों को अवगत करवाया गया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनना तथा बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करना ज़रूरी है। लोगों को बताया गया कि टीकाकरण करवाकर कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है। लोगों से आग्रह किया गया कि कोविड से बचाव के लिए टीके की दोनों खुराक लें तथा टीकाकरण के उपरान्त भी मास्क पहनना न छोड़ें। सोलन की उपायुक्त कृतिका कुल्हारी ने 14 जुलाई, 2021 को राधा स्वामी सत्संग ब्यास केंद्र रबौण से एफओबी शिमला की मोबाइल जागरूकता वैन को हरी झंड़ी दिखा कर रवाना किया था। अनिल दत्त शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन सोलन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से सचल अभियान के तहत मोबाइल वैन ने जिला के अलग-अलग व दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर लोगों को कोरोना टीकाकरण अभियान में भाग लेने और कोविड से बचाव के लिए जरूरी उपायों के बारे में ऑडियो संदेशों, पंपलेट द्वारा जागरूक किया। इस दौरान लोगों को मास्क भी निःशुल्क वितरित किए गए।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के समान एवं संतुलित विकास और जनजातीय लोगों के कल्याण के प्रति अपने दृढ़संकल्प पर कार्य करते हुए प्रदेश सरकार ने कई पहले की है जिसके परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों का तेजी के साथ विकास हो रहा है। प्रदेश में जनजातीय समुदाय की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 5.71 प्रतिशत है और इस समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत कुल राज्य योजना राशि का 9 प्रतिशत भाग चिन्हांकित है। जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम का आकार वर्ष 2018-19 में 567 करोड़ रुपये, वर्ष 2019-20 में 639 करोड़ रुपये जबकि वर्ष 2020-21 में 711 करोड़ रुपये किया गया। वर्ष 2021-22 के लिए सरकार ने 846.49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सीमा क्षेत्र विकास योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में 25.95 करोड़ रुपये केन्द्रीय हिस्से व 2.88 करोड़ रुपये राज्य के हिस्से के रूप में, 2019-20 में 27.50 करोड़ रुपये केन्द्रीय व 3.05 करोड़ रुपये राज्य की हिस्सेदारी के रूप में प्रदान किये गए। वर्ष 2021-22 के लिए 25 करोड़ रुपये केन्द्रीय हिस्से और 2.78 करोड़ रुपये का राज्य के अंश के रूप में प्रावधान किया गया है। जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत परिवहन, सड़कों एवं पुलों और भवन निर्माण पर वर्ष 2018-19 के दौरान 127.69 करोड़ रुपये, 2019-20 में 147.33 करोड़ रुपये, 2020-21 के दौरान 195.90 करोड़ रुपये खर्च किए गए जबकि वर्ष 2021-22 के लिए 244.06 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। 20 सूत्रीय कार्यक्रम- 2006 के प्रावधानों के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में निर्धारित 7095 लक्ष्यों के विरुद्ध 8669 जबकि वर्ष 2020-21 के लिए निर्धारित 6829 लक्ष्यों के मुकाबले 7509 लक्ष्यों की प्राप्ति हुई। वर्ष 2018-19 के दौरान जनजातीय क्षेत्र पांगी व भरमौर में टैलीमेडिसन की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया जिसके अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में 200 लाख रुपये, 2019-20 में 174 लाख रुपये और 2020-21 में 193 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। वर्ष 2021-22 में 84 लाख रुपये प्रस्तावित किए जा रहे हैं। भारत सरकार ने 2018-19 के दौरान तीन नए एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल भरमौर, पांगी ओर लाहौल में खोलने की स्वीकृति प्रदान की जिन्हें शैक्षणिक सत्र 2019-20 से आरम्भ कर किया दिया है। केंद्र सरकार से इन आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए अब तक 32 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। वर्तमान में प्रदेश में चार एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कार्यशील हैं जिनमें 554 अनुसूचित जनजातीय छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 को जनजातीय क्षेत्रों व गैर-जनजातीय क्षेत्रों में तीव्र गति से क्रियान्वित करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय निगरानी समिति गठित की गई है। प्रदेश के पंचायत चुनावों के उपरान्त जिला व उप-मंडल स्तरीय समितियों के गठन की प्रक्रिया प्रगति पर है। अब तक पांच जिला स्तरीय एवं 35 उप-मण्डल स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, ग्राम स्तर पर 17,503 वन अधिकार समितियों का गठन किया गया है। प्रदेश में अभी तक 1918.9369 हेक्टेयर वन भूमि पर सामुदायिक वन अधिकारी और 2.4129 हेक्टेयर वन भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार चिन्हित व निहित किए गए हैं। जनजातीय क्षेत्र लाहौल व पांगी के लिए रोहतांग अटल टनल का निर्माण कर राष्ट्र को समर्पित किया गया है जो इस क्षेत्र के लोगांे के लिए वरदान साबित हो रही है और प्रदेश में पर्यटन विकास को भी नया आयाम मिला है। स्पिति (काजा) में समुद्र तल से 12040 फीट की ऊंचाई पर युवा सेवाएं एवं खेल विभाग और लद्दाख वुमेन आइस हाॅकी फाउंडेशन द्वारा प्रथम बुनियादी आइस हाॅकी प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया।
शिमला के अंतर्गत नेरवा के 'गुमनाल्टा' पर एक पिकअप गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। हादसे में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। इसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान भुपेंद्र चमनाईक उर्फ काकू 28 साल और कमलेश बनाईक 30 साल गांव दियालडी डाकघर और तहसील नेरवा जिला शिमला के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक़ पिकअप गाड़ी सेब से लदी थी ओर नेरवा से विकासनगर की और जा रही थी कि अचानक चालक गुम्मा लोहाणा मार्ग पर गुमनाल्टा के पास टक्कर में नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी सड़क से बाहर होकर लगभग 500 मीटर नीचे टौंस नदी में जा गिरी।
किसानों एवम मजदूरों के 25 जुलाई से 9 अगस्त तक होने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन को सफल बनाने के लिए हिमाचल किसान सभा व सीटू के प्रदेश नेतृत्व की संयुक्त बैठक डॉ ओंकार शाद की अध्यक्षता में शिमला में सम्पन्न हुई। बैठक में डॉ कश्मीर ठाकुर, डॉ कुलदीप तंवर, विजेंद्र मेहरा, प्रेम गौतम, जगत राम व सत्यवान पुंडीर आदि किसान-मजदूर नेता शामिल रहे। हिमाचल किसान सभा प्रदेशाध्यक्ष डॉ कुलदीप तंवर, महासचिव डॉ ओंकार शाद, सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने संयुक्त बयान जारी करके कहा है कि 25 जुलाई से 9 अगस्त तक तीन कृषि कानूनों, चार लेबर कोडों, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण, न्यूनतम समर्थन मूल्य व महंगाई आदि मुद्दों पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आह्वान पर हिमाचल किसान सभा व सीटू द्वारा प्रदेश भर में किसान-मजदूर अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जिलों व ब्लॉकों में हिमाचल किसान सभा व सीटू की संयुक्त बैठकें की जाएंगी। इस अभियान के तहत केंद्र सरकार की मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के बारे में जनता को जागरूक करने के लिए एक लाख पर्चे बांटे जाएंगे। इस अभियान के समापन पर 9 अगस्त को अंग्रेजो भारत छोड़ो दिवस के उपलक्ष्य पर मोदी-शाह गद्दी छोड़ो, अम्बानी-अडानी भारत छोड़ो दिवस मनाया जाएगा। इस दिन शिमला, ठियोग, रामपुर, रोहड़ू, निरमण्ड, टापरी, सोलन, नालागढ़, अर्की, पौण्टा साहिब, कुल्लू, आनी, बंजार, बालीचौकी, मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, धर्मशाला, चम्बा, भरमौर, ऊना व हमीरपुर सहित बाईस स्थानों पर प्रदर्शन किये जाएंगे। डॉ ओंकार शाद ने कहा है कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए दोनों संगठनों ने जिम्मेवारियां तय कर दी हैं। नाहन में 21 जुलाई को कॉमरेड विजेंद्र मेहरा, डॉ कुलदीप तंवर, मंडी में 21 जुलाई को डॉ कश्मीर ठाकुर, कॉमरेड कुशाल भारद्वाज, हमीरपुर में 24 जुलाई को डॉ कश्मीर ठाकुर, डॉ ओंकार शाद, चम्बा में 24 जुलाई को कॉमरेड प्रेम गौतम, डॉ ओंकार शाद, सोलन में 25 जुलाई को कॉमरेड जगत राम, डॉ कुलदीप तंवर, कांगड़ा में 25 जुलाई को कॉमरेड विजेंद्र मेहरा, डॉ ओंकार शाद, कुल्लू में 25 जुलाई को कॉमरेड प्रेम गौतम, कॉमरेड होतम सोंखला व शिमला में 27 जुलाई को कॉमरेड विजेंद्र मेहरा व डॉ ओंकार शाद की अध्यक्षता में बैठकें की जाएंगी। उन्होंने कहा है कि इस अभियान के तहत प्रदेश के किसानों व मजदूरों के बहुत बड़े हिस्से तक पहुंचने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा है कि 9 अगस्त को प्रदेश के बाईस स्थानों पर किसानों मजदूरों द्वारा जबरदस्त संयुक्त प्रदर्शन किए जाएंगे।
रविवार दिनांक 18 जुलाई, 2021 को हिमाचल किसान सभा जिला कमेटी सोलन द्वारा नकली बीज और टमाटर में लगने वाली बीमारियों, टमाटर पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग लगाने, किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलवाने व केंद्र सरकार द्वारा पारित 3 किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर जिला स्तरीय अधिवेशन सोलन में आयोजित किया गया। गौरतलब है कि इस वर्ष सोलन क्षेत्र में ट्रूजैनिक सीड्स के रॉकस्टार वैरायटी के टमाटर बीज किसानों द्वारा लगाए गए थे। जिससे उपजी टमाटर की पूरी की पूरी फसल बीमारी से ग्रसित है व इस कारण क्षेत्रीय किसानों को फसल खराब होने के कारण बहुत नुकसान सहना पड़ रहा है। इस अधिवेशन के माध्यम से किसान सभा ने प्रदेश सरकार से यह मांग की है कि इस खराब गुणवत्ता के बीज की जांच करवाई जाए, इससे हुए नुकसान का मूल्यांकन करते हुए किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए व सरकार किसानों को बीज व दवाईयां बेचने वाली कंपनियों को रेगुलेट करने का काम करे ताकि भविष्य में इस तरह से खराब गुणवत्ता के बीज व दवाइयों के कारण किसानों को नुकसान ना सहना पड़े। इसके साथ-साथ इस अधिवेशन में किसान सभा ने जिला में किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की ताकि किसान अपनी फसल को कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रख सकें और जब बाजार में अच्छी कीमतें मिल रही हों तो अपनी फसल को बेच पाए। इस मौके पर किसान सभा ने सोलन जिला में टमाटर पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग लगाने की मांग के साथ साथ किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने व किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग भी उठाई। इस अधिवेशन में जिला से लगभग 100 किसान शामिल हुए। इस अधिवेशन में मुख्य तौर पर किसान सभा राज्य सचिव ओंकार शाद, राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर सहित जिला सचिव प्यारे लाल वर्मा, अशोक वर्मा, एनडी रनौत, केशव, चंद्र दत्त, गणेशम कौशल, मोहित वर्मा, अमन, भूमित, संजय, राकेश, अमन, रेखा, प्रीति, पारुल, ममता व मीना सहित अन्य किसानों ने भाग लिया। इस अधिवेशन में यह फैसला लिया गया कि आने वाले दिनों में जिला में किसानों के बीच इन मुद्दों को लेकर एक व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाएगा व 3 अगस्त 2021 को सोलन जिलाधीश कार्यालय पर पूरे जिला से किसानों को इकट्ठा करते हुए एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
देहरा डिवीज़न में आने बाले परागपुर ढलियारा स्लेटी चमुखा के सभी क्रशरों को बंद करने का फरमान निजी क्रशर कमेटी द्वारा जारी कर दिया गया है। समस्त क्रशर मंलिको ने साफ कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। देहरा डिवीज़न के क्रशर मालिकों का कहना है कि सरकार के सहयोग न करने, असामाजिक तत्वों द्वारा परेशान करने, निर्माण कार्यों में सहयोग देने वाले उद्योग को परेशान करने और मैकेनिकल माइनिंग की अनुमति न मिलने को लेकर सख्त निर्णय लेना पड़ा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उनके पूरे उद्योग क्रैशरों को मैकेनिकल माइनिंग, यानी 80 एचपी पावर तक माइनिंग की अनुमति दी जाए। किसी भी लीज एरिया तथा क्रैशर एरिया में अधिकृत अधिकारी के अतिरिक्त असामाजिक अनाधिकृत, शरारती एवं गतिरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति न दी जाए। सरकार निर्माण से जुड़े इस उद्योग की समस्याओं के बारे में समय-समय पर बैठक कर उनकी समस्याओं का निवारण करे। प्रत्येक क्रैशर और लीज एरिया में नियमों के अनुसार मशीनों से माइनिंग करने की अनुमति दी जाए। सडक़ों, सरकारी विकास और दूसरे निर्माण कार्यों से जुड़े इस उद्योग को पर्याप्त सहायता दी जाए। समय-समय पर ऐसे नोडल आफिसर बनाए जाएं, जो उनकी समस्याओं का निवारण करें, एसोसिएशन तब तक अपने क्रैशर बंद रखेगी, जब तक कि उनकी मांगें पूरी तरह से मानी नहीं जाती।
परिवहन विभाग के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत जुर्माने की राशि में परिवर्तन किया गया है। इस संशोधित अधिनियम में बढ़ी हुई जुर्माना राशि के साथ गंभीर अपराधों के लिए कारावास का प्रावधान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रावधान की अनुपालना में प्रदेश सरकार द्वारा संशोधित जुर्माने की राशि के निर्धारण को प्रदेश मंत्रीमंडल ने पहले ही स्वीकृति प्रदान कर दी है और इसे आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण कर शीघ्र ही अधिसूचित किया जा रहा है, जो पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता से आग्रह किया कि वे सड़क पर सुरक्षा एवं यातायात नियमों का गंभीरता से पालन कर सरकार के सुरक्षा संबंधी प्रयासों में पूर्ण सहयोग करें, ताकि नियमों की उल्लंघना से होने वाली क्षति पर अंकुश लग सके और ट्रैफिक नियमों की अनुपालना न करने पर होने वाली जुर्माने की राशि से असुविधा न हो।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि इन्साकाॅग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार कोरोना का नया रूप डेल्टा, भारत के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में पाया गया एक प्रमुख वेरिएंट है जो विश्वभर में तेजी से फैल रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार कोरोना से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट पर भी प्रभावी है। जन स्वास्थ्य इंग्लैंड द्वारा वैक्सीन के प्रभाव को लेकर जारी रिपोर्ट के अनुसार कोविशील्ड की दो खुराक 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में कोविड-19 से होने वाली मृत्यु के खिलाफ 94 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि लोगों को वायरस के खिलाफ टीका लगवाने के लिए स्वयं आगे आना चाहिए। प्रवक्ता ने बताया कि 1 से 16 जुलाई, 2021 तक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में दाखिल कोरोना रोगियों के संबंध में किए गए विश्लेषण के अनुसार पिछले 16 दिनों में आईजीएमसी शिमला में कोरोना के सबसे अधिक मरीज दाखिल हुए हैं। गत 16 दिनों में आईजीएमसी में एक दिन में अधिकतम 20 कोविड मरीज भर्ती हुए हैं। उन्होंने बताया कि डाॅ. वाईएस परमार राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन में 11 जुलाई, 2021 तक 43 कोविड रोगियों को भर्ती किया गया था और तब से 16 जुलाई 2021 तक कोई भी कोविड मरीज भर्ती नहीं हुआ है। प्रवक्ता ने लोगों से हाथ धोने, मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार प्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए गठित जिला स्तरीय समिति ने शनिवार को शिमला के आईएसबीटी ,पुराना बैरियर, संकट मोचन ,तारा देवी मंदिर, संकट मोचन मंदिर, गोयल मोटर्स शोघीबाजार तथा तारा देवी बाजार आदि का औचक नीरिक्षण किया और आम जन मानस व दुकानदारों को कोविड नियमों के बारे में जागरूक करने के साथ साथ लापरवाही बरत रहे 15 लोगों व दुकानदारों के चालान भी किए। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रमणीक शर्मा ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह कार्यवाही अमल में लाई जा रही है । उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोविड नियमों की पालना करते हुए मास्क आवश्यक पहने, उचित दूरी बनाए रखे एवं समय पर सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा दी गई हिदायतों का आवश्यक रूप से पालन करें। उन्होंने नीरिक्षण के दौरान अंतर राज्य बस अड्डे पर सरकारी एवं निजी बसों में सवारियों को जागरूक व जानकारी प्रदान की तथा बस अड्डा परिसर में भी निरीक्षण किया। पुराना बैरियर के साथ लगती दुकानों और आसपास के क्षेत्रों मैं भी निरीक्षण किया तथा लोगों को मास्क पहनने और कॉविड प्रोटोकॉल के अनुपालन सुनिश्चित करने के संबंध में जागरूक किया। संकट मोचन तथा तारा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं को कोविड-19 मानक संचालन के अनुपालन के प्रति जागरूक किया तथा मास्क लगाने और सैनिटाइजेशन के संबंध में भी जांच व निरीक्षण की। तारा देवी व शोधी क्षेत्र में दुकानों में मासक ना लगाने वालों के चालान भी किए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शोघी में जाकर स्थिति का जायजा लिया तथा कोविड-19 से संबंधित विभिन्न सामग्री की उपलब्धता के संबंध में डॉक्टर सूरज से जानकारी भी प्राप्त की। वहां कोविड से सम्बन्धित अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों को देखने के उपरान्त अधिकारियों से वैक्सीनेशन की स्तिथि का जायजा भी लिया तथा कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता भी जांची। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोगों की वैक्सीनेशन करवाने के दौरान कोरोना महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाेघी के समीप मजदूरों एवं कर्मचारियों को जागरूक करते हुए बताया कि वैक्सीन के साथ साथ मास्क एवं सामाजिक दूरी आवश्यक है, तभी हम कोरोना महामारी से बच सकते है। इस दौरान कोविड नियमों की अवहेलना करने वाले तथा मास्क न पहनने वाले लोगों के 15 चालान किए गए। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए बताया कि देश में कोरोना के बढ़ते मामलों से तीसरी लहर का अंदेशा जताया जा रहा है। सभी लोग वैक्सीनेशन के उपरांत भी मास्क का सही से प्रयोग करे, सामाजिक दूरी बनाए रखे, भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में मत जाए एवं सरकार द्वारा समय समय पर जारी निर्देशों का पालन करे ताकि कोरोना महामारी से जिला शिमला, प्रदेश तथा देश को बचाया जा सके। इस अवसर पर नायब तहसीलदार एच एल गैज़टा, पुलिस एवं प्रशासन के कर्मचारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने शनिवार को यहां हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग की चैथी बैठक की अध्यक्षता की और आयोग की प्रगति की समीक्षा की। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए प्रदेश में गौ सदनों और गौ अभ्यारण्यों को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में छोड़े हुए पशुओं को संरक्षण, पुनर्वास और आश्रय प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार अनेक प्रयास कर रही है। अब तक सरकार ने 17407 बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान करने के मामले में हिमाचल को आदर्श राज्य बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने गौ सेवा आयोग के सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहली अप्रैल, 2021 से 13 जुलाई, 2021 से लगभग 12 करोड़ 44 लाख, जिसमें से आठ करोड़ 71 लाख व्यय किए जा चुके हैं। वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि गौ सदन, गौशाला, गौ अभ्यारण्य सहायता योजना के अंतर्गत जो मार्च, 2021 से जून 2021 तक दो करोड़ 85 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है, जिसमें गौ सदन, गौशाला, गौ अभ्यारण्य को प्रत्येक गौवंश के भरण-पोषण के लिए हर महीने 500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा आयोग द्वारा लोगों को सूचना प्रदान करने के लिए शीघ्र एक वेबसाईट आरम्भ की जाएगी जिसमें अंशदान की सुविधा भी उपलब्ध होगी।गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, सचिव पशुपालन डाॅ. अजय शर्मा, सचिव ग्रामीण विकास संदीप भटनागर, निदेशक पशुपालन डाॅ. अजमेर सिंह और गौ सेवा आयोग के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य भी बैठक में उपस्थित थे।
जिला किन्नौर के खारो समीप एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, पुलिस थाना मूरँग से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेफ का एक वाहन चंडीगढ़ से समदो की ओर राशन लेकर जा रहा था अचानक वाहन अनियंत्रित होकर सतलुज में जा गिरा। फिलहाल उस वाहन में कितने लोग सवार थे इस बारे में छानबीन की जा रही है। पुलिस मौके पर पहुंची कर इस दुर्घटना के बारे में गहराई से छानबीन कर रही है जैसे ही मामले की तपतिश पूरी हो जाएगी उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल ग्रेफ के प्रबंधन को भी इसकी सूचना दी गयी है ताकि इस मामले में और जानकारी हासिल हो सके।
“Himachal Pradesh girls are breaking the conventional barrier of society by outperforming boys in every field at Chandigarh University. Be it academics, sports, campus placements, research or entrepreneurship, the girls from Himachal Pradesh are shining and proving their mettle with their outstanding achievements”. This was stated by Dr. R.S Bawa, Pro-Chancellor, Chandigarh University during the Press Conference at Baddi. Dr.Bawa further added, “In Himachal Pradesh girls are not only taking up careers in the male-dominated areas but are also reaching at the top giving boys a challenging competition”. This can be ascertained from the fact that girls’ accounts for 62% of the total number of Himachal Pradesh students who have bagged job offers during campus placements 2020”. “Priya Bansal a student of Computer Science Eng. from Baddi managed to grab 4 offers from VMware, Wipro, Birlasoft, and Hexaware while Amisha Rana a student of Computer Science Eng. from Palampur managed to grab 3 offers from L&T, Cognizant, and DXC Technology while another student Rohita Soni from Kangra of Computer Science grab 2 offers from Accenture and Open Access Technology India Private Limited”, said Dr. Bawa. While interacting with media, Dr. Bawa said, “In total 7412 students bagged job offers from MNCs during the placement season 2020, in which more than 460 girls out of the total 740 students from Himachal Pradesh bagged a job offer with top companies”. Speaking further Dr. Bawa said, “Top-notch companies like Microsoft, IBM, Amazon, TCS have been the regular recruiter of young talent from Chandigarh University and the trend has continued for 2021 passing out batch also as more than 7000 offers has already been made by 757 companies that participated during campus placement despite Covid-19 Pandemic”. While mentioning the accomplishments of the students from Himachal Pradesh and particularly by the girls in the field of research and entrepreneurship, Dr. Bawa said, “The students and the faculty of the Chandigarh University have filed 900 patents during the last 4 years out of them 31 patents have been filed by students from Himachal Pradesh which comprise the 11 patents from the girls alone”. The university students have filed patent in diversified fields engineering, IT, Sciences, and Health Care. It is important to mention here that Chandigarh university has emerged as the leading University of India by the Office of The Controller General of Patents and trademark for filing the highest number of patent s during 2018-19. Dr. Bawa said, “Always known for their entrepreneurship skills, the young students from Himachal Pradesh at Chandigarh University are also contributing big time by establishing their own start-ups at University’s Technology Business incubator. Out of the total 108 start-ups at CU-TBI, 11 start-ups have been established by the students from Himachal Pradesh over the period of three years”. Dr. Bawa further added, “Understanding the aspirations of modern-day youth to undergo world-class academic learning Chandigarh University has emerged as the First University of India to have established an academic tie-up with 308 top-ranked universities across the globe which not only provides international academic exposures to the students but also offers new avenues in the field of research, international placements, internships, and learning opportunity from global professionals. Under the International Academic Alliance program of Chandigarh University, till date more than 1200 university students have been provided an opportunity to undergo Internships, Semester Abroad, part of Joint Research Initiatives at world’s top universities by the Department of International Affairs at Chandigarh University. Dr. Bawa said, “The students at Chandigarh University are not only performing exceptionally in the academics but they are leading in the field of sports also”. He further said, “It is a matter of proud for Chandigarh University that Vaibhav Arora, a fast bowler from Himachal Pradesh is all set to make debut in IPL-2021 as he has been picked up by Kolkata Knight Riders (KKR) for Rs 20 lakh in the recent IPL auctions”. “Chandigarh University has positioned itself amongst India’s elite and prestigious higher education institutions as it has been awarded A+ grade by the National Assessment and Accreditation Council (NAAC) and also bagged Diamond rating by QS I-Gauge rankings in 2020. With this achievement, CU stands amongst the top 24 ranked universities of India which have been awarded A+ grade by NAAC ”, Dr. R.S Bawa added. While launching National Level Entrance cum Scholarship test of Chandigarh University Dr.R. S Bawa said, “With the mission to motivate and reward talent amongst Indian youth, CU has launched CUCET-2021 which offers a golden chance for the student community to earn scholarships worth Rs 33 crores”. CUCET-2021 is an online examination which offers flexibility to the students to choose their slot and makes them eligible to grab academic scholarship up to 100% in the course of their choice. The National Level Entrance Cum Scholarship test is mandatory for Engineering, MBA, Pharmacy, Integrated Law and Agriculture programs while for the other programs the online examination offers an opportunity to grab scholarships. Dr. R.S Bawa inaugurated the online portal https://cucet.cuchd.in/ where the students can register for the Entrance Cum Scholarship test from today itself.
नेहरू युवक मंडल गलोग द्वारा गलोग के सार्वजनिक मंदिर देवधार के समीप युवक मंडल प्रधान दिलीप वर्मा की अध्यक्षता में सफाई अभियान चलाया गया। वही पौधा रोपण भी किया गया। इस दौरान गलोग के देवधार मंदिर के समीप सफाई अभियान मंडल प्रधान दिलीप वर्मा की अध्यक्षता में हुआ। मंडल प्रधान दिलीप वर्मा ने बताया कि सर्वप्रथम सभी युवाओं ने मंदिर परिसर के आसपास उगी झाड़ियों को काटा व साफ सफाई की। तत्पश्चात सभी सदस्यों द्वारा पीपल, बड़ व बिल पत्र के पौधे लगाए गए तथा मंदिर परिसर में फूलों के पौधे भी रोपे गए। इस अभियान में हेमराज, नरोत्तम, राजकुमार, कर्म ठाकुर, यशपाल सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
उपायुक्त सोलन कृतिक कुल्हारी ने शनिवार को सोलन में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों द्वारा सोलन के मालरोड पर चिल्ड्रन पार्क के समीप अपने उत्पाद विक्रय करने के लिए चिन्हित स्थान पर स्थपित 09 केनोपी का विधिवत लोकार्पण किया। इन केनोपी के स्थापित होने से अपने उत्पाद विक्रय करने वाले स्वयं सहायता समूहों को खराब मौसम एवं वर्षा इत्यादि में भी अपने उत्पाद विक्रय करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने में स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह जहां अन्य को भी इस दिशा में प्रेरित कर रहे हैं वहीं ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम भी बन रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इन स्वयं सहायता समहुओं को विश्व स्तरीय मंच प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ‘हिम ईरा’ ब्राण्ड एवं लोगो पंजीकृत किया है। स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद अब इस कार्य के लिए स्थपित ‘हिम ईरा’ दुकान एवं साप्ताहिक बाजार के माध्यम से विक्रय किए जा रहे हैं। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि साप्ताहिक हिम ईरा बाजार का मुख्य उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर निर्मित गुणवत्तायुक्त उत्पादों के विक्रय के लिए एक सुदृढ़ मंच प्रदान करना है। इसके सकारात्मक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं और गत 08 माह में यहां उत्पाद विक्रय करने वाले स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 04 लाख रुपए की बिक्री की है। उन्होंने आशा जताई कि केनोपी स्थापित होने से महिला स्वयं सहायता समूह अब अपने कार्य को अधिक विस्तार देकर अच्छा लाभांश प्राप्त करने में सक्षम होंगे। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद रखने के लिए स्थान उपलब्ध करवाने सहित अन्य मांगों पर विचार किया जाएगा। उपायुक्त ने इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्थानीय उत्पादों का अवलोकन किया तथा उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा ने कहा कि विभाग ऐसे स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करेगा जो स्थानीय व्यंजन विक्रय करना चाहते हैं। उन्हें स्थानीय व्यंजनों सहित आचार, चटनी सहित चीड़ की पत्तों से निर्मित उत्पाद तैयार करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने इस अवसर पर मांग की कि साप्ताहिक बाजार के लिए 02 दिन प्रदान किए जाए और उत्पाद रखने के लिए स्थान दिया जाए। सोलन स्थित हिम ईरा बाजार में विकास खण्ड सोलन की बसाल, पड़ग एवं भोजनगर ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने स्थानीय उत्पाद विक्रय किए जाते हैं। विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि केनोपी स्थापित होने से न केवल बाजार आकर्षक लग रहा है अपितु यह बिक्री बढ़ाने का साधन भी बनेगा। इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा सहित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं।
महामारी के प्रभाव के कारण देश में शिक्षा क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। ऐसे समय में हिमाचल प्रदेश में भी काफी दिक्कतों का सामना छात्रों को करना पड़ रहा है। पिछले लगभग 2 वर्षों से शिक्षण संस्थान बंद है ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा का संचालन हो रहा है, लेकिन ऐसे समय में शोधार्थी छात्रों को शोध कार्य को लेकर खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि शोधार्थी छात्रों का शोध कार्य रुका है जिसमे खासकर विज्ञान विषय से संबंधित छात्रों को प्रयोगशाला और छात्रावास की सुविधा न मिलने के कारण शोध कार्य और शिक्षा को भारी असर पड़ रहा है। विक्रांत ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में शोध कार्यों को बढ़ाव दिया जाना चाहिए ताकि देश का गौरव विश्वपटल पर नए कीर्तिमानों के साथ स्थापित हो जिसके लिए शोधार्थी छात्रों को शोध कार्यों हेतु विश्वविद्यालयों और सरकार को उचित सुविधाएं मुहैया करवानी चाइए। लेकिन यदि वर्तमान समय के परिप्रेक्ष्य में बात करें तो एकदम विपरीत परिस्थितियां चल रही है। उन्होंने कहा कि रोजाना छात्र अनेकों विश्वविद्यालयों से संपर्क करते है कि छात्रावासों को खोला जाए ताकि शोधार्थी छात्रों का पिछले डेढ़ वर्षों से लंबित शोध कार्य पूरा हो सके। अभाविप ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है विक्रांत ने कहा कि शोधार्थियों के लिए छात्रावास शीघ्र खोलें जाने चाइए ताकि किसी भी छात्र को सुविधा के अभाव के कारण शोध कार्य में दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों में भी इस दिक्कत का सामना अनेकों छात्रों को करना पड़ रहा है। छात्र जब विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर रहे है तो निक्कमे प्रशासन द्वारा नियामक आयोग और प्रदेश सरकार के आदेशों की इंतजारी और नियमों का हवाला दिया जा रहा है जिस कारण लाखों शोधार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विक्रांत ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से मांग करती है कि बचाव के सभी मापदंडों को मद्देनजर रखते हुए शीघ्र अति शीघ्र शोधार्थी छात्रों के लिए छात्रावास खोलें जाए और प्रयोगशालाओं की सुविधा को मुहैया करवाया जाए ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके, उन्होंने कहा कि यदि यह मांग जल्द से जल्द पूरी नहीं की गई तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
रोड़ी-कोड़ी पंचायत में गंभीर रूप से घायल गौवंश को बचाने के प्रयास सफल नहीं हो पाए। बेसहारा गाय पिछले दस दिनों से पहाड़ी से गिरने के बाद चलने-फिरने में असमर्थ हो गई थी। हालांकि स्थानीय स्तर पर भी लोग गाय की लाचारी को देखकर घास और पानी का प्रबंध कर रहे थे, लेकिन इस गाय का उपचार नहीं हो पा रहा था। बरसात के मौसम में खुले में पड़ी गाय की हालत पर सभी को तरस आ रहा था। इस निरीह गौवंश की हालत को देखकर गांववासियों रविन्द्र पठानिया, राकेश ठाकुर ने शुक्रवार शाम को कैप्टन संजय से इस बाबत बातचीत की। संजय पराशर ने भी मानवता का परिचय देते हुए तत्काल डेरा बाबा हरि शाह गौशाला के मुख्य संचालक बाबा राकेश शाह से संपर्क किया और बताया कि अचेतावस्था में पड़ी गाय को वह गौशाला में लाना चाहते हैं और उसका उपचार करवाना चाहते हैं। इस पर राकेश शाह ने कहा कि वह गौवंश को भेजने की व्यवस्था कर दें तो गाय का इलाज शुरू किया जा सकता है। पराशर की टीम ने जेसीबी मंगवाकर गाय को पिक अप ट्राले में लादकर गौशाला में पहुंचा दिया। लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। गौशाला में पहुंचते ही गाय ने दम तोड़ दिया। वहीं, बाबा राकेश शाह ने बताया कि उनकी गौशाला में इन दिनाें काफी दुर्घटनाग्रस्त गौवंश आ रहे हैं। अधिकतर गौ वंश सड़क दुर्घटनाओं में घायल हो रहे हैं। गौशाला में इन सभी का उपचार करवाया जा रहा है। रोड़ी-कोड़ी गांव से जो गाय आई थी, वह उठ भी नहीं सकती थी और यहां पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई। शायद गौ वंश बाबा के दरबार में ही प्राण त्यागना चाहती थी, तभी पराशर एक तरह से माध्यम बने और पवित्र भूमि पर आकर गौवंश ने अंतिम सांस ली। वहीं, संजय ने बताया कि डेरा बाबा हरि शाह गौशाला के प्रबंधक निस्वार्थ भाव से गौ सेवा कर रहे हैं और बाबा राकेश शाह तो खुद गायों की देखभाल के लिए दिन-रात जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद गौशाला में जाकर सारी व्यवस्था देखेंगे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने लेडी गवर्नर अनघा आर्लेकर के साथ शनिवार को शिमला में हनुमान मंदिर जाखू के दर्शन किए और वहां पूजा-अर्चना की। राज्यपाल सुबह रोप-वे से जाखू मंदिर गए। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में राजभवन सेे बाहर यह उनका पहला दौरा था। राज्यपाल ने मंदिर परिसर का दौरा भी किया और यहां की भव्यता, प्राकृतिक सौंदर्य और वातावरण की सराहना की। राज्यपाल ने भगवान हनुमान से प्रदेशवासियों को आशीर्वाद व अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने तथा राष्ट्र को कोरोना महामारी से मुक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थन की।राज्यपाल ने कहा कि यह धार्मिक स्थल न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उपमंडलाधिकारी शिमला मंजीत शर्मा ने राज्यपाल को मंदिर के इतिहास और इसकी धार्मिक मान्यताओं से अवगत करवाया।
मुकेश ठाकुर पूरे प्रदेश भर में एक समाजसेवी के रूप में उभरता हुआ चेहरा सामने आ रहा है। लगातार दिन रात लोगो की सेवा में लगे हुए समाजसेवी मुकेश ठाकुर ने इसी कड़ी में शनिवार को ग्राम पंचायत सलेटी, शांतला व कूहना में बेटियों की शादी के लिए शगुन और राशन दिया। वहीं कुछ गांव के जरूरत मंद बच्चो को किताबे भी वितरित की। मुकेश ठाकुर की समाज सेवा से जहां पूरे क्षेत्र के लोग खुश है वही अब साथ लगती विधानसभा देहरा ओर चिंतपूर्णी के पात्र लोगो तक सहायता पहुंचाने का काम भी उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। वहीं मुकेश ठाकुर उर्फ सोनु सूद के नाम से चर्चित इस चेहरे ने पूरे जिला कांगड़ा भर में अपने सामाजिक कार्यो से राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मचा दी है हालांकि मुकेश ठाकुर से जब पूछा जाता है तो उनके द्वारा एक तर्क दिया जाता है कि राजनीति में उतरने का उनका फिलहाल कोई विचार नही है और भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है कोई नही जानता। फिलहाल उनका मकसद केवल रोटी कपड़ा और मकान है जिसको वह लोगो को दिन रात मुहैया करवाते रहेंगे।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जल संरक्षण सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है तथा इस दिशा में विभागों के सार्थक प्रयास आवश्यक हैं। कृतिका कुल्हारी गत सांय जल शक्ति अभियान-‘कैच दी रेन’ के अन्तर्गत विभिन्न विभागों की जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थीं। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जल जीवन के लिए नितांत आवश्यक है और जल का संरक्षण वर्तमान समय की मांग है। उन्होंने कहा कि जल की एक-एक बून्द को बचाकर और जल का सदुपयोग कर ही हम भावी पीढ़ी को उपयोग के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध करवा पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकारी एवं प्रशासनिक प्रयत्नों के साथ-साथ आमजन की भागीदारी आवश्यक है। उपायुक्त ने कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारीयों को निर्देश दिए कि जिला में पारम्परिक एवं अन्य जल स्त्रोतों की जीआईएस मेपिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जीआईएस मैपिंग से जहां पारम्परिक एवं अन्य जल स्त्रोतों के वास्तविक उद्गम जल स्थल की जानकारी मिलेगी वहीं इनके संरक्षण में सहायता मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य में नेहरू युवा केन्द्र के स्वयंसेवियों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संग्रहण के लिए सभी सरकारी भवनों, पंचायत घरों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित अन्य सरकारी भवनों के समीप जल सरंक्षण टैंक निर्मित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने भवनों के प्रांगण में भूमि की उपलब्धता एवं भवन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर जल संरक्षण पिट बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहाड़ी प्रदेश में प्रचूर मात्रा में वर्षा जल उपलब्ध है और इसका संरक्षण प्रदेश को भविष्य के जल संकट से निजात दिला सकता है। उपायुक्त ने वन विभाग के अधिकारियों के निर्देश दिए कि जिला के भू-कटाव सम्भावित क्षेत्रों एवं नदी-नालों के समीप अधिक से अधिक पौध रोपण सुनिश्चित करें ताकि कृषि योग्य भूमि के कटाव को रोकने के साथ-साथ जल संरक्षण सुनिश्चित हो सके। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए प्रभावी वैज्ञानिक योजना बनाई जानी आवश्यक है। इसके लिए जल संरक्षण की नवीनतम तकनीक के साथ-साथ इस क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तियों से जानकारी प्राप्त की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में गुणवत्ता नियंत्रण मानकों का ध्यान रखा जाना भी आवश्यक है। बैठक में जिला में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में इस अभियान के अंतर्गत अधिक कार्य करने और पारंपारिक जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन पर चर्चा की गई। उन्होंने जल शक्ति विभाग, राजस्व विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग की कार्यकारी समिति गठित करने और अन्य विभागों को इस समिति की देखरेख में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने नेहरू युवा केंद्र के साथ-साथ महिला एवं युवक मण्डलों के सदस्यों सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों को इस कार्य के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि वर्षा जल संग्रहण एवं जल संरक्षण के लिए आमजन को जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्रमदान के माध्यम से जिला में बेहतर जल संरक्षण संरचनाएं तैयार की जा सकती हैं। इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी केशव राम, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियन्ता बी.बी गोयल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रदेश में हर पात्र व्यक्ति की सहायता के लिए जयराम सरकार कृतसंकल्पित है। जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के कोटला बेहड़ में 223 पात्र लाभार्थियों को लगभग 58 लाख की सहायता राशि के चेक वितृत करने के अवसर पर उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने यह शब्द कहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक साधारण परिवार से निकले हुए व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने जीवन में अभावों को झेला है इसलिए वह जन साधारण के संकटों और परेशानियों को भलिभांति जानते हैं। उन्होंने कहा कि जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में इसी प्रकार जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता करते हुए उनके द्वारा लगभग 5 करोड़ रूपये सहायता राशि के रूप में वितृत किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहायता निधि से सबसे ज्यादा राशि यदि कहीं मिली है तो वह जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिली है। इसके अतिरिक्त अपनी ऐच्छिक निधि और तहसीलों के माध्यम से भी उन्होंने हर जरूरतमंद परिवार को सहायता उपलब्ध करवाने का सदा प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के अतिरिक्त जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में निरंतर विकास कार्यों को बढ़ावा देना उनका एकमात्र लक्ष्य है। इसी कड़ी में क्षेत्र को अपना लोक निर्माण विभाग और जलशक्ति विभाग का मंडल उपलब्ध करवाया गया। जिसके तहत अभी शुक्रवार को ही लगभग 174 लाख रूपये की लागत से बनने वाले जलशक्ति विभाग मंडल परागपुर के भवन की आधारशिला उनके द्वारा रखी गई। साथ ही लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सड़कों का ऐसा सुदृढ़ जाल पूरे विधानसभा क्षेत्र में बिछाया जा रहा है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। चाहे बात स्वास्थ्य सुविधाओं की हो, आर्थिक सहायता की हो या क्षेत्र को नए संस्थान उपलब्ध करवाने की, वह दिन-रात इसके लिए कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि यह काल जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए सवर्णिम काल है, इसलिए लोग क्षेत्र के विकास के लिए सरकार का साथ दें और क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए नए सुझावों के साथ उनके पास आएं। उन्होंने कहा कि लोगों की आकांक्षांए पूर्ण करने के लिए धन और संसाधनों की किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर वर्ग की आवश्यकताओं को समझते हुए सबके उत्थान हेतु विभिन्न योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने लोगों को वृद्ध पेंशन योजना, सहारा योजना, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, कामगार बोर्ड द्वारा मनरेगा में पंजीकृत लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाएं और अन्य योजनाओं की जानकारी लोगों को देते हुए उनका लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वह घरों में जाकर लोगों को इन योजनाओं से अवगत करवाएं और पंजीकृत करें। उद्योग मंत्री ने जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकत्म का स्थान पर निपटारा किया और शेष के समयबद्ध निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर मंडलाध्यक्ष विनोद शर्मा, एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर, तहसीलदार जसवां अंकित शर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग हर्ष पूरी, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग कुलदीप राणा, नायब तहसीलदार जसवां सुशील कुमार, नायब तहसीलदार डाडासीबा अभिराय सिंह ठाकुर, गुलशन मनकोटिया, ज्योतिरंजन कलिया, शेर सिंह डोगरा, सुरेश ठाकुर, विरेंदर ठाकुर, मनमोहन, राकेश पठानिया सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
डॉ॰ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अध्यापक वर्ग के प्रशिक्षण के लिए ब्रिटेन की क्यूडेस्क नामक कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में चल रही आईसीएआर की राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की संस्थागत विकास परियोजना (आईडीपी) के तहत इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। विश्वविद्यालय में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान डॉ. रविंदर शर्मा ने विश्वविद्यालय की ओर से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जबकि कासपिर के सीईओ स्टुअर्ट ब्लैकलॉक ने क्यूडेस्क का प्रतिनिधित्व किया। इस कंपनी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के लिए वर्चुअल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारतीय विश्वविद्यालय संघ के साथ भी करार किया है। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आईडीपी के प्रधान अन्वेषक डॉ केके रैना ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य संकाय प्रशिक्षण के लिए एक वर्चुअल ढांचा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि क्यूडेक्स में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर विश्वविद्यालय के अध्यापक वर्ग को वर्चुअल प्रशिक्षण शामिल होगा। एक साल के इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय के 200 फ़ैकल्टि मेम्बर्स इस प्लेटफॉर्म पर ऑफर किए गए 300 कोर्स में शामिल हो सकेंगे। प्रत्येक अध्यापक को कम से कम पांच कोर्स करने होंगें। कोई संकाय अगर चाहे तो पांच से अधिक कोर्स भी कर सकता है। पाठ्यक्रम ऑनलाइन शिक्षण, बैठकों के प्रबंधन, पाठ्यक्रम योजना, सीखने के परिणाम, प्रस्तुति कौशल आदि विषयों पर आधारित हैं। इस अवसर पर डॉ. रविंदर शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी ने दुनिया भर में शिक्षा को नया रूप दिया है और यह बहुत महत्वपूर्ण हो गया है कि अध्यापक वर्ग के कौशल में सुधार हो और वे आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में नवीनतम ज्ञान से लैस हों। उन्होंने कहा कि समझौते से विश्वविद्यालय को शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाने और इसका उचित प्रसार सुनिश्चित करने में अत्यधिक लाभ होगा। स्टुअर्ट ब्लैकलॉक ने कहा कि यह साझेदारी नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में मदद करेगी, जिसमें शिक्षकों का सतत प्रॉफ़ेशनल डेव्लपमेंट विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि क्यूडेस्क\ अपने विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से, मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता, सीखने के परिणामों के रचनात्मक और अनुकूल मूल्यांकन, योग्यता-आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक शिक्षा, कला-एकीकृत और खेल-एकीकृत के बारे में नवीनतम शिक्षाशास्त्र को व्यवस्थित रूप से कवर करेगा। ब्लैकलॉक ने कहा कि वह समझौते की अवधि के दौरान विश्वविद्यालय के लिए क्यूडेक्स में माइक्रो कम्यूनिटी का निर्माण करेंगे जिससे संकाय तक सभी पाठ्यक्रमों की पहुंच होगी। निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. दिवेंद्र गुप्ता, डीन डॉ. अंजू के धीमान, डॉ. डीडी शर्मा, डॉ. कमल शर्मा, एसडब्ल्यूओ डॉ. जेके दुबे , लाइब्रेरियन डॉ. एचआर शर्मा, कुलपति के ओएसडी डॉ. एमके ब्रह्मी, सह प्रधान अन्वेषक (आईडीपी) डॉ मनीष शर्मा, डॉ निवेदिता शर्मा और विभिन्न कॉलेज के संकाय ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
धर्मशाला से विधायक और 2019 बैच की HAS अधिकारी ओशीन शर्मा के बीच बहुचर्चित घरेलू हिंसा मामले में एक और नया मोड़ सामने आया है। ओशीन शर्मा ने अपने पति विशाल नैहरिया के खिलाफ पुलिस में जाने के बजाये अदालत का रुख किया है और ओशीन शर्मा ने अपने वकील मुनीश कुमार की जरिये धर्मशाला की फैमिली कोर्ट में कानूनी तौर पर अलग होने के लिए याचिका दाखिल कर दी है। गुरुवार को इस याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रतिवादी विशाल नैहरिया को 31 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया है। हालांकि, यह तलाक से जुड़ी याचिका नहीं है, जिसके तहत फैमिली कोर्ट में अलग होने की मांग की गई है। जबकि तलाक से जुड़े मामले सीजीएम कोर्ट में दायर होते हैं। बता दें कि ढाई माह पहले 25 अप्रैल को ही ओशीन और नेहरियां की शादी हुई थी. बता दे की एचएएस अधिकारी ओशीन शर्मा ने अपने पति विधायक विशाल नैहरिया के खिलाफ पहले एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन के पास जाकर लिखित शिकायत देते हुए अपने पति पर मानसिक, शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इससे पहले युवा एचएएस अधिकारी ओशीन शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने अपने पति और युवा विधायक विशाल नैहरिया पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। इस वीडियो के वायरल होने के तुरंत बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और फिर ओशीन को कांगड़ा पुलिस के पास भी जाना पड़ा. जहां उन्होंने लिखित शिकायत भी दी। इस मामले को ज्यादा तूल न मिले इसके लिए ओशीन शर्मा ने समझदारी दिखाते हुए एफआईआर दर्ज न करने की बात कहते हुए इससे साफ इनकार कर दिया। ओशीन के मुताबिक, वे नहीं चाहतीं कि उनके पति की गिरफ्तारी हो। इसके बाद दोनों ने आपसी रजामंदी से तलाक लेने का मन बनाते हुए अदालत में जाने का फैसला किया। इस पुरे प्रकरण की शुरुआत 25 जून को ओशीन शर्मा के 11 मिनट के एक वीडियो से हुई थी जिसमें उनकी ओर से कई गंभीर आरोप अपने पति पर लगाए गए थे।अब हालात सामान्य हो जाने के बाद ओशीन शर्मा ने अदालत का रुख किया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर से भेंट की। मुख्यमंत्री ने अनुराग सिंह ठाकुर को कैबिनेट मंत्री बनने पर बधाई दी और कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने राज्य में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेषकर इंडोर स्टेडियम के निर्माण के बारे में भी चर्चा की, जिससे राज्य के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद मिल सके। अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह की अस्थि कलश गुरुवार शाम ज्यों ही डाडासिबा पहुंचा वही इस दौरान जहां मौजूद पूर्व कामगार एवम कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया भावुक हो उठे तो वहीं समूचा क्षेत्र राजा नही फकीर है यह हिमाचल की तकदीर है, राजा वीरभद्र सिंह अमर रहे अमर रहे आदि जोरदार नारो से गूजं उठा । वही इसके पश्चात सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया के नेतृत्व में महा मानव की महायात्रा निकाली गई यह महायात्रा शुक्रवार सुबह 8 बजे डाडासीबा से प्रस्थान करती हुई स्युल, मेहरा, रैल, सांडा, बाड़ी, बरनाली घाटी पहुची सूबह 9 बजे टैरस रीड़ी, कुठेड़ा, जंडौर, कोटला बेहड़, 10 बजे कस्बा कोटला(अम्बेडकर भवन) 11.00 बजे कोटला प्रस्थान गुरालधार, न्याड़, पक्का टियाला, जौड़बड़, बाथु, बठड़ा, अपर बलवाल, जदामन, आरा, होती हुई बापिस 1बजे डाडसीबा पहुची और डाडासीबा से 2.00 बजे नंगल चौक, लोअर बलवाल, बही, जनबल, बस्सी, बड्ल, बीहन, ढलियारा, नैहरनपुखर के लिए रवाना हुई और 4.00 बजे प्रागपुर पहुंची।
भाजपा महामंत्री एवं सुंदरनगर से विधायक राकेश जमवाल ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से शिमला राजभवन में भेंट की, भाजपा महामंत्री ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त होने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की विकासात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा भी की और राजपाल को सभी गतिविधियों से अवगत करवाया। राकेश जमवाल ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ को हिमाचल में राजनीतिक परिस्थितियों के बारे में अवगत करवाया और साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार की उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से हिमाचल सरकार ने कोविड-19 महामारी की मुश्किल परिस्थिति को संभाला और जिस प्रकार से महामारी से निपटने की तैयारियां धरातल पर की उससे हिमाचल प्रदेश की जनता को बड़ी राहत मिली। आज भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार जन सेवा के लिए तत्पर है।
भारतीय राज्य पैन्शनर्ज महासंघ हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश महासंघ के महामंत्री इन्दर पाल शर्मा के नेतृव में कल देर रात प्रदेश के स्वस्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल से लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह कुनिहार में बैठक का आयोजन किया। बैठक में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, कृषि विपणन बोर्ड सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप साथ रहे। जारी बयान में इन्दर पाल शर्मा ने बताया कि मंत्री से पैन्शनरो की प्रमुख मांगो पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनसे इन मांगो को मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाने का आग्रह किया गया। प्रमुख रुप से 7वें वेतनमान को लागू करने, राज्य स्तर पर संयुक्त सलाहकार समिति का गठन करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त कर्मचारियो व पैन्शनरो के लिये चिकित्सा भते का कैशलेस भुगतान किये जाने की व्यवस्था लागू किये जाने पर बात हुई। मंत्री ने इसकी सराहना करते हुये महासंघ से इसका प्रारुप उन्हे भेजे जाने को कहा। इस अवसर पर महा संघ के उपाध्याय केसी शर्मा, जिला अध्यक्ष बाबु राम ठाकुर, महामंत्री श्यामा नंद शान्डील, उपाध्य्क्ष हेत राम, शंकर सिंह, इकाई के अध्यक्ष ओंम प्रकाश भारद्वाज, महामंत्री मनी राम करड, नरेंदर कालिया, चेत राम तंवर, राजिंदर धीमान, कंचन माला, कुलदीप, ओंम प्रकाश गर्ग, ठाकुर दत मेहता आदि उपस्थित रहे।
शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए 16 जुलाई, 2021 एक स्मरणीय दिन रहेगा क्योंकि आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने खड़ापत्थर में जिला स्तरीय स्वर्ण जंयती ग्राम स्वराज सम्मेलन के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जुब्बल और कोटखाई में उपमंडलाधिकारी कार्यालय (नागरिक) खोलने के साथ-साथ मण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत सेब खरीद के मूल्य में एक रूपया प्रति किलो वृद्धि की घोषणा की। जय राम ठाकुर ने कोटखाई में खण्ड विकास कार्यालय, टिक्कर में अग्निशमन उपकेंद्र, कलबोग में उप-तहसील खोलने और उप-तहसील सावड़ा (सरस्वती नगर) और पुलिस स्टेशन सावड़ा को एचपी पावर काॅरपोरेशन के नए भवन में स्थानातंरित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रोहड़ू और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्रों में सृजित 9 नई पंचायतों के भवन निर्माण के लिए 20 लाख प्रति पंचायत की राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों के लिए धन की पर्याप्त उपलब्धता है और निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी-अपनी पंचायतों के विकास के लिए नवीन सुझाव और योजनाएं सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है लेकिन कोरोना महामारी के कारण इन संस्थानों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा है और हमारा प्रदेश व देश भी इससे अछूता नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय पर लिए गए प्रभावी निर्णयों के फलस्वरूप देश को न्यूनतम नुकसान हुआ और अब राष्ट्र इस विकट स्थिति से धीरे-धीरे उबर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महामारी के कारण प्रदेश का विकास बाधित न हो। राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान भी चार हजार करोड़ रूपये की विकासात्मक परियोजनाओं के वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण और शिलान्यास किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल के साढ़े तीन साल पूर्ण कर लिए हैं, जो उपलब्धियोंपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश कोविड-19 के प्रबंधन में देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश में कोविड-19 मरीजों के लिए प्रदान की जाने वाली सुविधाओं जैसे ऑक्सीजन, बिस्तर, वेंटिलेटर इत्यादि की कोई कमी नहीं है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 3.15 लाख परिवारों को गृहिणी सुविधा योजना के अंतर्गत मुफ्त गैस कनैक्शन प्रदान किए गए हैं। सहारा योजना के अंतर्गत 15 हजार ऐसे परिवारों को तीन हजार प्रति परिवार की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिनका कोई सदस्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उन्होंने पूर्व मंत्री नरेन्द्र बरागटा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश के सेब क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया। जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर विभिन्न गैर सरकारी संगठनों और विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि प्रदेश का नेतृत्व जयराम ठाकुर के रूप में ऊर्जावान और युवा मुख्यमंत्री कर रहे हैं जो स्वयं विनम्र पृष्ठभूमि से हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रथम निर्णय गरीबों और कमजोर वर्गों का उत्थान सुनिश्चित करने पर केन्द्रित था। उन्होंने कहा कि देश की विभिन्न मंडियों में कमीशन एजेंटों द्वारा किसानों के साथ धोखाधड़ी की जाती थी, पर अब राज्य में प्रदेश की भाजपा सरकारों और पूर्व मंत्री नरेन्द्र बरागटा के द्वारा किए गए प्रयासों से राज्य में कई मंडियां खोली गई हैं। उन्होंने कहा कि रोहडू के मेहंदली और शिमला के भट्टाकुफर में फल एवं सब्जी मण्डियों के निर्माण के लिए इस वर्ष 20 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बागवानों की सुविधा के लिए एमआईएस के तहत सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का आग्रह किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की जमीनी स्तर की संस्थाएं हैं और राज्य सरकार उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार बागवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पराला स्थित फल मंडी का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए कोटखाई में खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय (बीडीओ) खोलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में पंचायत घरों के निर्माण के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की जाएगी। बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सशक्त नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में कम वोल्टेज की समस्या का समुचित रूप से समाधान सुनिश्चित किया है। उन्होंने गरीब और समाज के कमजोर वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। निदेशक ग्रामीण विकास और पंचायती राज ऋग्वेद ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं के नव निर्वाचित सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों को सूचना प्रौद्योगिकी टूल्स का प्रभावी उपयोग करने सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भाजपा मण्डलाध्यक्ष अनिल कालटा ने क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व मंत्री नरेन्द्र बरागटा के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।विधायक बलबीर वर्मा, लैंड माॅर्टगेज बैंक की अध्यक्षा शशिबाला, एपीएमसी के अध्यक्ष नरेश शर्मा, भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय श्याम, राज्य भाजपा के आईटी संयोजक चेतन बरागटा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी और भाजपा के अन्य प्रमुख नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
नेशनल पब्लिक स्कूल धुन्दन का बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। विद्यालय की छात्रा नूपुर ठाकुर ने 97.6% अंक प्राप्त किए। विज्ञान संकाय में नूपुर ठाकुर ने 97.6 प्रतिशत अंक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि रितिका शर्मा ने 92 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा स्थान और आकांक्षा वर्मा ने 90 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार वाणिज्य विषय में आरती ठाकुर ने 92.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान।कामिनी ने 74 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा स्थान और मुस्कान ठाकुर ने 73 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। कला संकाय में नेहा तंवर ने 95.4 प्रतिशत अंक लेकर पहला स्थान, वरुण ठाकुर ने 92.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान, हर्षित वर्मा ने 90% अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्कूल प्रधानाचार्य भीमा वर्मा ने विद्यालय की इस उपलब्धि पर कहा की यह सब बच्चों की मेहनत का फल है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों तथा उनके माता-पिता व अध्यापकों को हार्दिक बधाई दी।
श्री साई मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, नाहन में श्री साई आई ० वी ० एफ सेंटर, अम्बाला की निदेशिका डॉ श्रद्धा बेदी द्वारा नाहन के कोरोना वारियर को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ श्रद्धा बेदी ने कोविड -19 महामारी के दौरान बेहतर कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बी एम ओ दंगेड़ा डॉ. मोनिशा अग्रवाल, डॉ संजीव सहगल सी एम ओ, कृष्णा हेल्थ वर्कर, डॉ ललित महाजन, डॉ वीणा संघल, डॉ विनोद संघल, इन्नर विहल क्लब की अध्यक्षा एवं कॉउंसलर रचना गौतम, सेक्रेटरी अल्का गर्ग एवं भूतपूर्व अध्यक्ष अनुभा गुप्ता को सम्मानित किया गया। फ्रंट लाइन वर्कर द्वारा कोविड -19 महामारी में दिन रात लोगों की सहायता करने व् आम जन मानस को कोविड -19 के बारे में जागरूक किया था। इस अवसर पर डॉ श्रद्धा बेदी ने सभी सम्मानित हुए कोरोना वारियर द्वारा किये गए कार्य की सराहना की व् सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा की कोरोना महामारी के दौरान सभी फ्रंट लाइन वर्कर्स ने दिन रात एक कर के आम जनता को जागरूक किया। समय समय पर हर महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध करवाने में सहायता प्रदान की। जिस से नाहन क्षेत्र में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में मदद हुई।
संत नामदेव समाज महासभा सोलन के तत्वावधान में 25 जुलाई 2021 को कुनिहार में बैठक का आयोजन किया जाएगा। संत नामदेव समाज महासभा के सदस्य संतराम पंवर ने बताया कि 25 जुलाई को कुनिहार में आयोजित होने वाली बैठक में जिला स्तरीय समिति बनाने के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, मुख्य सलाहकार की कार्यकारिणी के गठन सहित अन्य गतिविधियों व समस्याओं के ऊपर विचार विमर्श किया जाएगा। इस दौरान बैठक में राज्य स्तरीय समिति के अनुसार बैठक में चुनाव व अन्य गतिविधियों के बारे में रणनीति तैयार की जाएगी। संतराम पंवर ने बताया कि जिला सोलन के नामदेव समाज के सदस्यों से आग्रह है कि 25 जुलाई, 2021 को समय 11 बजे कुनिहार में आयोजित होने वाली बैठक में अधिक से अधिक संख्या में पहुँच कर इस बैठक को सफल बनाए। बैठक में नामदेव समाज सभा के संस्थापक सदस्य हिमाचल प्रदेश डॉ.संजय कौशल, डॉ.शशि पाल अत्री, राजेश नाम देव, डॉ अशोक राठौर सहित अन्य संत नामदेव समाज महासभा के सदस्य मौजूद रहेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने शुक्रवार को जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के कुम्हारहट्टी में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। डाॅ. सैजल ने कुम्हारहट्टी में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अस्थि कलश को श्रद्धासुमन अर्पित किए। आयुष मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह एक कुशल राजनेता होने के साथ-साथ महान व्यक्तित्व के धनी थे और प्रदेश की जनता पर उनका विशेष प्रभाव था। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी किसी भी परिस्थिति में हार न मानने वाले जननायक को मैं हृदय की गहराईयों से श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। इस अवसर पर क्षेत्रवासी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रारम्भिक शिक्षा विभाग सोलन द्वारा शासत्रि पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह जानकारी शुक्रवार को सोलन में उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा रोशन जसवाल ने दी। उन्होंने कहा कि नियुक्त उम्मीदवारों को आज आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर सभी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के उपरान्त अपने नियुक्ति स्थान पर उपस्थित देनी अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा के सोलन स्थित कार्यालय में दूरभाष नम्बर 01792-230440 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में गत दिवस विश्व कौशल विकास दिवस पर युवाओं को कौशल विकास के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में कौशल विकास निगम के जिला समन्वयक नरेंद्र त्यागी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा रविन्द कुमार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों की भाषण व कविता प्रतियोगिता करवाई गई। प्रशिक्षणार्थियों ने ‘बेस्ट आउट ऑफ बेस्ट’ के तहत माॅडल भी प्रदर्शित किए। संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न रोजगार प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवस पर संस्थान के पूर्व छात्रों को सफल प्रशिक्षण के उपरांत नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (एनटीसी) भी वितरित किए गए। मुख्यातिथि ने इस अवसर पर कौशल विकास से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन के प्रधानाचार्य अजेश कुमार एवं अनुदेशक इस अवसर पर उपस्थित थे।
अंबुजा सीमेंट इंप्लाइज एसोसिएशन की ओर से एक विशाल भंडारे का आयोजन देवता श्री मढोड जी महाराज के प्रांगण में किया गया। इस दौरान कोविड-19 से प्लांट व समस्त कर्मचारी व इलाके के वासी सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना हेतु यह भंडारा आयोजित किया गया। इस मौके पर कोविड के नियमों का पालन करते हुए लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया एवं कंपनी के यूनिट हेड मनोज श्रीवास्तव तथा अन्य समस्त आला अधिकारी गण ने भी इस भंडारे में शिरकत की व देवता जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह जानकारी देते हुए एसोसिएशन के प्रधान पवन शर्मा ने बताया की समस्त इलाके के वासियों के अच्छे स्वास्थ्य हेतु व इस महामारी से बचाव रखने हेतु देवता जी महाराज से निवेदन किया गया तथा सभी हाजरीन का भी धन्यवाद किया। सभी लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण करके देवता जी महाराज से सर्व शुभ की कामना की। इस भंडारे में मंदिर कमेटी डवारु के सभी गुर व सदस्य भी मौजूद रहे व अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया। इस मौके पर एसोसिएशन के महासचिव सुरेश शुक्ला, सुरेंद्र वर्मा, अनिल वर्मा, नागेंद्र गांधी, कमल देव, धर्म सिंह, प्रवीण कुमार, मोहन चंदेल व अन्य कार्यकारिणी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की समय-2 पर अनेकों मांगे सरकार से रहती है। यदि इस समय कर्मचारियों की मांगो पर गौर करें तो सबसे शोषित समुह आउटसोर्स कर्मचारियों का है। ऐसे कर्मचारी जो किसी मैनपावर एजेंसी के माध्यम से सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों तथा केन्द्र की योजनाओं में कार्य कर रहे है। ये कर्मचारी सरकारी कार्यालय के दूसरेे नियमित कर्मचारियों की भांति कंधा से कंधा मिलाकर काम करते है लेकिन वेतन के नाम पर इनकी झोली हमेशा से ही खाली रहती है क्योंकि वेतन का एक बडा हिस्सा तो मैनपावर एजेंसी की कमीशन, सर्विस चार्ज तथा जी0 एस0 टी के रूप में कर्मचारियों से छिन्न लिया जाता है। उदाहरण के लिए एक 25000 रूपये वेतन का मैनपावर एजेंसी द्वारा केवल 15000 ही दिया जाता है। 30 दिन तक कार्यालय में लगातार काम करने के उपरांत 40 प्रतिशत वेतन कट जाता है। आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्यांए यहीं खत्म नहीं होती, एक ओर नौकरी की कोई सुरक्षा नहीं है कि कब तक है वहीं दूसरी ओर नाममात्र का वेतन वो भी कई कर्मचारियों को 2-3 महिने बाद मिन्नते करने के बाद मुश्किल से मिलता है। ई0 पी0 एफ0 में भी अनियमिततांए बरती जा रही है जिसकी कटौती कई कर्मचारियों को 5 महिने देरी से भी चल रही है जिस वजह से कर्मचारी ब्याज से वंचित रह जाता है। ई0 पी0 एफ0 का एक हिस्सा जो मैनपावर एजेंसी द्वारा जमा किया जाना होता है उसकी कटौती भी कर्मचारी के वेतन से ही की जाती है। ई0 एस0 आई0 सी0 के नाम पर भी कटौती की जाती है लेकिन इसका नंबर सभी को नहीं दिया जाता। सालाना इंक्रीमैंट से भी बहुत से कर्मचारी वंचित है। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए लगाातार काम कर रहा है चाहे हिमाचल प्रदेश के लगभग 35000 कर्मचारियों में से कोई भी कर्मचारी किसी समस्या से जुझ रहा हो। हमेशा से ही सभी सरकारों द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगो को उनकी समस्याओं को मुख्य धारा से अलग समझा है। गत दिनों भी आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा ने फतेहपूर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हिमाचल सरकार में उद्योग मंत्री विक्रम सिंह, पंचायती राज मंत्री विरेन्द्र कंवर तथा स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल को कर्मचारी महासंघ की मांगो को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महासंघ ने कहा :- -कर्मचारियों के लिए एक स्थायी नीति बनाई जाए जिसमें उनकी नौकरी की सुरक्षा हो -सम्मानजनक तथा समय पर वेतन मिले -ई पी एफ को सही तरह के काटा जाए -वार्षिक वेतन वृद्धि मिले तथा सरकारी भर्तियों में आरक्षण मिले जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण रूक सके। प्रदेश के मुख्यमंत्री को इन मांगों को पूरा करने का प्रयास अवश्य करना चाहिए क्योंकि किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश के लगभग 35000 परिवारों की मांग है। यदि सरकार इन मांगों को मानती है तो यह हिमाचल के इतिहास में एक महत्वपुर्ण निर्णय होगा। साथ ही साथ मुख्यमंत्री ने बज़ट सत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए माड्ल टेंडर डाक्यूमेंट को तैयार करने की बात कही थी जो आज तक तैयार नहीं हुआ है कम से कम सरकार को बजट की घोषणाओं को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि हजारों लोगों को इस डाक्यूमेंट का इंतजार है।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने कहा कि हम सभी को कोविड-19 से बचाव के लिए ‘मास्क पहनो, कोरोना रोको’ के सूत्र को जीवन में अपनाना है। कृतिका कुल्हारी शुक्रवार को सोलन में कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला कार्यबल के साथ-साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नियम पालन अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से सुरक्षित रहने के लिए शत-प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि जन-जन का यह कर्तव्य है कि वह ‘टीकाकरण करवाए और मास्क पहने ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके’। उन्होंने कहा कि टीके की दोनों खुराक लेने के उपरान्त भी हमें सभी सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से मास्क पहनना है। मास्क का प्रयोग न केवल संक्रमण के प्रसार को रोकने में सहायक है अपितु इसके माध्यम से जन-जन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में भी कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बचाव के लिए यह आवश्यक है कि सभी सही प्रकार से मास्क पहने, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से साफ करें तथा अपना टीकाकरण करवाएं। उपायुक्त ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि नियम पालन न करने पर विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों का चालान काटा जाए जो मास्क न पहनकर तथा नियमों की अवहेलना कर अन्य के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों का प्रदेश एवं जिला में स्वागत है किन्तु यह सुनिश्चित बनाया जाए कि सभी पर्यटक कोविड से बचाव के लिए विभिन्न नियमों का पालन करें और राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों को मानें। कृतिका कुल्हारी ने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि उपमण्डल स्तर पर निगरानी टीमें गठित करें ताकि सभी होटलों और ढाबों के साथ-साथ पर्यटकों की गतिविधियों का अनुश्रवण किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए यह आवश्यक है कि होटलों एवं ढाबों में आने वाले एवं कार्य करने वालों की समय-समय पर सैम्पलिंग की जाए ताकि यदि कोई कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है तो उसका समुचित उपचार कर अन्य को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने ग्राम स्तर तक कार्यबल गठित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग यह सुनिश्चित बनाए कि कोविड सैम्पलिंग के तहत 50 प्रतिशत आरटीपीसीआर तथा 50 प्रतिशत रेपिड एंटीजन परीक्षण (आरएटी) किए जाएं। कृतिका कुल्हारी ने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, विभिन्न व्यापार मण्डलों, होटल एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक कर उन्हें कोविड-19 से बचाव के लिए अपनाए जा रहे नियमों की जानकारी दें और यह सुनिश्चित बनाएं कि सभी स्तरों पर नियम पालन के साथ-साथ परीक्षण भी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ और परवाणू औद्योगिक क्षेत्र में भी बैठक कर कोविड नियम पालन सुनिश्चित बनाया जाए। इन क्षेत्रों में भी सैम्पलिंग पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है तो उसके सम्पर्क में आने वाले प्राथमिक सम्पर्कों की सघन जांच सुनिश्चित बनाई जाए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला में मास्क नहीं तो, सेवा नहीं (नो मास्क-नो सर्विस) की नीति का कड़ाई से पालन किया जाए। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जिला में कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिए आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित बनाए जा रहे हैं। समर्पित कोविड केयर केन्द्रों तथा मेकशिफ्ट अस्पतालों के अतिरिक्त क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, नागरिक अस्पताल अर्की, ईएसआई परवाणू, नागरिक अस्पताल चायल तथा नागरिक अस्पताल कुनिहार में ऑक्सीजन सयंत्र स्थापित करने का कार्य विभिन्न चरणों में है। उपायुक्त ने सभी से आग्रह किया कि जन-जन को सही प्रकार से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेन्सिग अपनाने तथा टीकाकरण करवाने के विषय में जागरूक बनाएं ताकि लोगों को कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। अतिरिक्त उपायुक्त ज़फ़र इकबाल ने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीम भावना के साथ एकजुट होकर कार्य करें और नियमित तौर पर अपने सुझाव प्रशासन को देते रहें। उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी अर्की शहजा़द आलम, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, नगर निगम सोलन के आयुक्त एलआर वर्मा, सहायक आयुक्त सोलन भानु गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी, डाॅ. गगनदीप राजहंस, डाॅ. वीके गोयल, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन की एनएसएस इकाई के स्वयंसेवियों ने औषधीय पौधे तुलसी का पौधारोपण कर समाज को पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। कोरोना महामारी के दौरान रोगियों की संख्या अत्यधिक बड़ी, जिसके कारण ऑक्सीजन व औषधीय पौधों के महत्व की आवश्यकता महसूस हुई। इस संदेश को कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू व डॉक्टर करुणा के साथ सभी स्वयंसेवकों ने अपने-अपने घरों में रहकर 2 से 5 तुलसी के पौधे लगाकर सामाजिक जागरूकता के दायित्व का निर्वहन किया।इस अवसर पर 50 स्वयंसेवकों ने 201 तुलसी के पौधे लगाए। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाते हुए कार्यक्रम की सराहना की तथा बरसात के मौसम में अन्य पौधों को लगाने का आह्वान भी किया।
लडभडोल: लांगणा पंचायत के वार्ड नंबर 2 समोंण में अच्छर सिंह के घर के आँगन में लगाये गए डंगे के गिरने से 4 परिवारों के घरों को खतरा पैदा हो गया है तथा गाँव को जोड़ने वाला रास्ता भी बन्द हो गया है | यह घटना सुबह लगभग 4:00 बजे के आसपास घटित हुई | सुरक्षा की दृष्टि से देखते हुए लोगों को पहले ही घरों से बाहर रहने को कहा गया था| क्योंकि अच्छर सिंह के घर के आंगन में लगा डंगा कुछ दिन पहले धस चुका था | जिससे उस डंगे के गिरने का खतरा था | प्रभावितों में अच्छर सिंह, जसवंत सिंह, हरि सिंह और शेर सिंह के परिवार शामिल है | पंचायत प्रधान चंद्रमणि राणा, उप प्रधान जीवनलाल ने भी घटनास्थल का मौका करके राजस्व कर्मियों को सूचित कर दिया तथा प्रभावित परिवारों को उचित भरपूर सहायता देने का भी आश्वासन दिया |


















































