The State Government is committed to the welfare of the working class and has initiated several schemes for their socio-economic upliftment and redressal of all their genuine demands from time to time. This was stated by Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the inaugural session of the two-day session of the 18th state-level annual convention of Bharatiya Mazdoor Sangh, Himachal Pradesh (BMS, HP), here today. The Chief Minister said that since its creation on July 23, 1955, the Bharatiya Mazdoor Sangh has made commendable efforts for the welfare of the workers and protecting their rights. It has always opposed the anti-labor policies of the Congress and the Left governments. He said that as many as 326 Unions of the workers were associated with the BMS in the State, which shows its strength. He said that the members of the BMS have also raised their voices against the exploitation of the workers from time to time. Jai Ram Thakur said that the State Government has enhanced the daily wages of daily wagers from Rs 275 to Rs 300 with effect from April 2021, benefiting thousands of daily wage workers. The State Government has enhanced the minimum wages of the daily wagers and outsourced employees by Rs. 2700 per month during the last three and half years. He said that the State Government has decided to enhance the honorarium of Anganwadi workers by Rs 500 and that of Mini Anganwadi workers and Anganwari helpers by Rs. 300 per month. He said that ASHA worker has played a major role in making the active case-finding campaign a success. He said that in view of the valuable contribution of ASHA workers during the Corona period, the State Government has increased their honorarium by Rs 750 per month. He said that all the financial benefits announced to ASHA workers during the pandemic would be released at the earliest. The Chief Minister said that under the National Pension Scheme, the State Government has increased the contribution being provided by the State Government to 14 percent, and Rs 200 crore was being spent on this. He said that several schemes were being implemented to protect the interests of workers and workers of the unorganized sector. He said that Himachal Pradesh Building and Other Construction Workers Welfare Board has been constituted for the welfare of workers in the unorganized sector in the state. He said that a few so-called worker-friendly organizations were trying to mislead the workers by making tall claims and projecting themselves as their benefactors but they did nothing for their welfare. He urged the members of the BMS to come forward to help the workers to derive the benefits of several welfare schemes of the State and Centre government. He said that the economy of the State got badly affected due to the pandemic last year, but the State Government was ensuring the relief was provided to various sectors. Jai Ram Thakur said that all the genuine demands of the BMS would be considered sympathetically by the State Government. Pradesh Mahamantri, BMS Mangat Ram Negi welcomed the Chief Minister on the occasion. Rashtriya Sangathan Mantri BMS Surendran, Regional Sangathan Mantri BMS Pawan Kumar, Kshetriya Sah-Sangthan Mantri BMS Rakesh Sharma, Pradeshadhyaksh BMS Himachal Pradesh Madan Singh Rana, and senior officers of the State Government were also present on the occasion.
आने वाले लोकसभा के उप चुनाव और 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुये आईटी सैल भाजपा सह सयोंजक मुनीश नेगी ने निचार मंडल ग्रामकेन्द्रो का प्रवास शुरू कर दिया है । मुनीश नेगी ने बताया की वो अलग अलग ग्राम केन्द्रो में जाकर प्रवास तथा वंहा के बूथों की बैठक ले रहे है और आईटी सैल भाजपा के लिये बूथ स्तर तक सयोंजक नियुक्त कर रहे है उनका कहना है की आने वाले चुनाव में भाजपा की जीत में आईटी सैल की अहम भूमिका रहने वाली है।
एसएफआई ने मांग उठाई है कि विश्विद्यालय को छात्रों के लिए जल्द से जल्द खोला जाए। विश्वविद्यालय और देश के विभिन शिक्षण संस्थान काफी लंबे समय से महामारी के चलते बंद रहे है जिसके चलते पूरे देश और प्रदेश के छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है एक ओर महामारी का प्रकोप और दूसरी तरफ विश्वविद्यालय का छात्रों के प्रति नकारात्मक रवैया भी चिंता का विषय है। एसएफआई ने पहले भी विश्वविद्यालय को खोलने की मांग विश्वविद्यालय प्रशासन से की है लेकिन हमेशा की तरह विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया नकारात्मक ही रहा है। आने वाले समय में छात्रों की परीक्षाएं होने जा रही है लेकिन महामारी के चलते छात्र अपनी पढ़ाई को सुचारू रूप से नहीं कर पाया है। उसे इस दौरान बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के दबाव के चलते विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी को खोल दिया गया है लेकिन जो छात्र छात्रावास में रहते है वे अभी भी लाइब्रेरी जाने में सक्षम नहीं है क्योंकि विश्वविद्यालय के छात्रावास अभी भी बंद पड़े हैं इसलिए एसएफआई मांग करती है की विश्वविद्यालय के छात्रावास को भी जल्द से जल्द खोला जाए। विश्वविद्यालय को बंद रखने के पीछे छिपी विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा भी साफ जगजाहिर है। विश्वविद्यालय में VC द्वारा की जा रही अवैध भर्तियों को छुपाया जा सके ।ताकि प्रशासन और VC द्वारा की गई फर्जी भर्तियों की सचाई छात्रों के समक्ष न आ सके और कोई भी उसका विरोध न कर सके। एसएफआई ये भी मांग करती है कि विश्विद्यालय को खोलने के साथ ही विश्वविद्यालय के अंदर स्थाई वैक्सीनेशन सेंटर सभी स्टूडेंट्स ,टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए रखा जाए ताकि कोई भी छात्र वैक्सीनेशन से वंचित न रहे और छात्र अपने आप को विश्वविद्यालय मे सुरक्षित महसूस कर सके। इसके साथ हम देखते है कि पिछले डेढ़ साल पहले विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा पंचायत सहायक और नॉन टीचिंग स्टाफ की परीक्षाओं के फॉर्म भरे गए हैं लेकिन अभी तक उनकी परीक्षाओं को नही कराया गया है। उसके बाद भी अभी प्रशासन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा हुआ है। एसएफआई मांग करती है की इन परीक्षाओं को भी शीघ्र ही करवाया जाए ताकि जो छात्र इन परीक्षाओं की तयारी कर रहा है उसे राहत प्रदान की जा सके। एसएफआई मांग करती है कि विश्वविद्यालय आने वाले सत्र की प्रवेश परीक्षाओं को जल्द करवाने की कोशिश करे, क्योंकि पिछले वर्ष विश्विद्यालय प्रशासन ने प्रवेश परीक्षाएं न करवा कर मेरिट के आधार पर विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रवेश किया। प्रशासन ने उस वक्त महामारी की आड़ मे बहुत छात्रों से उनके समान अवसर के अधिकार के साथ खिलवाड़ किया है, इसलिए एसएफआई मांग करती है कि अभी से प्रशासन द्वारा प्रवेश परीक्षाओं की तयारी की जाए ताकि प्रदेश के सभी छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने का समान मौका मिल सके। एसएफआई ने बताया कि जैसे हम सभी जानते है और ये अनुभव भी किया जा रहा कि हमारे देश के अंदर कोरोना की 3rd wave आने की संभावना है जिसके लिए प्रशासन को चाहिए कि वो पहले से ही इसके लिए जरूरी तयारी कर। एसएफआई ने अपने ज्ञापन मे प्रशासन को सुझाव भी दिए हैं जिनको प्रशासन कोरोना की 3rd wave मे अमल मे ला सकती है और छात्रों को सुरक्षा के साथ साथ उनकी पढ़ाई को भी सुचारू रख सकते है। 1. छात्रों के प्रैक्टिकल एग्जाम को उनके बैच वाइस कराया जाए । 2. लाइब्रेरी के अंदर फेस शील्ड को लगाया जाए ताकि लाइब्रेरी की सिटिंग कैपेसिटी को बड़ाया जा सके। 3. विश्वविद्यालय परिसर को सैनिटाइज किया जाए जिसमे हॉस्टल, लाइब्रेरी, डिपार्टमेंट, रेजिडेंस आदि शामिल हो। 4. एसएफआई मांग करती है कि यदि आने वाले समय मे कोरोना की 3rd wave के चलते विश्वविद्यालय ऑनलाइन क्लासेज की ओर जाता है तो प्रशासन छात्रों को मुफ्त डाटा प्रदान करे, ताकि छात्र अपनी क्लासेज और पढ़ाई को सुचारू रूप से कर सके क्योंकि हम जानते है कि विश्विद्यालय प्रशासन छात्रों से उनकी फीस ले चुका है लेकिन कोरोना के चलते पूरे वर्ष भर कोई भी फिजिकल क्लासेज नही हुई है इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ये जिम्मेवारी बनती है कि वे छात्रों को मुफ्त डाटा प्रदान करे या उनकी फीसों में उन्हें राहत प्रदान करे। इसके साथ ही एसएफआई ने मांग की है कि उन सभी छात्रों के लाइब्रेरी कार्ड जो छात्र चौथे सेमेस्टर में है या जिनकी एडमिशन खत्म होने वाली है को तब तक बढ़ाया जाए जब तक परीक्षाएं न हो, ताकि छात्र अपनी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइब्रेरी का उपयोग कर सके। अतः एसएफआई प्रशासन से मांग करती है कि शीघ्र अति शीघ्र इन सभी मांगों पर काम किया जाए अन्यथा एसएफआई छात्रों को लामबंद करते हुए प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी।
शनिवार को पैंशनरज वैलफेयर एसोसिएशन करसोग इकाई की त्रैमासिक बैठक प्रधान हेतराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। पैंशनरज वैलफेयर एसोसिएशन करसोग इकाई के प्रधान हेतराम ठाकुर ने बताया कि इस बैठक में पंजाब सरकार द्वारा जनवरी 2016 से अदा किए गए वेतनमान के आधार पर हिमाचल प्रदेश के पैंशन भोगियों की पैन्शन का निर्धारण भी अतिशीघ्र किए जाने के बारे में प्रदेश सरकार से अनुरोध किया गया। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा करोना काल में रोकी गई डी0ए0 की किश्तों को भी प्रदेश के पैंशन भोगियों के पक्ष में निर्मुक्त करने का प्रदेश सरकार से अनुरोध किया ।
शिमला ग्रामीण के घोड़ाचौकी, कच्ची घाटी, चक्कर, संकट मोचन, बढ़ई तथा तारादेवी क्षेत्र के निवासियों का दूसरा वार्षिक रक्तदान शिविर 4 जुलाई को पत्रकार विहार में होगा। रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन घोड़ा चौकी कच्ची घाटी, शिमला द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर में पत्रकार विहार के निवासी और उमंग फाउंडेशन सहयोग दे रहे हैं। शिविर के संयोजक एवं उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी संजीव शर्मा ने बताया कि आईजीएमसी ब्लड बैंक की मदद के लिए लगाए जा रहे इस रक्तदान शिविर को लेकर समूचे क्षेत्र के लोगों, विशेषकर युवाओं में काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि इलाका निवासियों ने पिछले साल भी लॉकडाउन के दौरान रक्तदान शिविर लगाया था। उन्होंने सभी से पुण्य कार्य में भागीदार बनने की अपील की।
डीएवी पब्लिक स्कूल भड़ोली में एक्टिविटी डे मनाया गया। भड़ोली स्कूल के बच्चों ने घरों में रहकर पूरे उत्साह से एक्टिविटी डे में भाग लिया। जिसमें बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार राणा ने बताया कि घर में रह रहें बच्चों को व्यस्त रखने के लिए इन गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। कक्षा एलकेजी से दूसरी तक के बच्चों के लिए प्रिकॉशन अगेंस्ट कोरोना एक्टिविटी रखी गई जिसमे बच्चों को दो पंक्तियां कोरोना के ऊपर बोली थी। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को इस महामारी से सचेत करवाना था। कक्षा तीसरी से सातवीं तक के बच्चों के लिए ओरिगेमी एक्टिविटी करवाई गई जिसमें बच्चों ने विभिन्न रंगों के पेपर से विभिन्न प्रकार की आकृतियां बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं कक्षा नौवीं और दसवीं के बच्चों के लिए इंग्लिश सॉन्ग एक्टिविटी रखी गई। बच्चों ने पश्चिमी गानों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रधानाचार्य ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और दूसरे बच्चों को भी एक्टिविटी में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। एक्टिविटी में भाग लेने वाले बच्चों में यशवी ठाकुर ,रीद्धिमा सान्वी, जिया, शाईना ,यश्मिता, अभिनव ,पारूल ,आर्यन ,शिवम, पटियाल कनिष्का, अभय, सारा, नंदिनी ,कर्मण्य ,सृष्टि ,आरव, अंशिका जैन, सेजल, प्रॆक्षा, हर्षवर्धन पीयूष पारुल ,अवनीत ,वंशिका, सक्षम, काव्य , निहारिका सहित अन्य उपस्थित रहें।
सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं जिसके चलते आए दिन कहीं ना कहीं सड़क हादसे की सूचना मिलती रहती है। शनिवार को चंबा जिला के तीसा के चांजु से तीसा को जा रही एक निजी बस दहरोग के समीप मझोगा मोड़ पर पलट गई और अफरा तफरी का माहोल देखने को मिला गनीमत ये रही है की बस सड़क से नीचे नहीं पलटी अन्यथा बड़ा हादसा देखने को मिल सकता था, वहीं दूसरी ओर घटना की सूचना मिलते ही तीसरा पुलिस मौके के लिए रवाना हो गई। जिसके चलते यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आखिरकार सड़क के बीचो बीच बस कैसे पलटी पुलिस पूरी तफशीश कर रही है बताया जा रहा है कि 5 से 6 लोगों को मामूली चोट आई है और दो लोगों को मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किया गया है जहां उनका इलाज चलेगा। बताया जा रहा है कि बस में 30 के करीब लोग सवार थे जो चांजू से तीसा के लिए जा रहे थे तभी ये हादसा देखने को मिला हैं। हालांकि एसडीएम मनीष चौधरी ने कहा है कि प्रशासन की ओर से भी टीम मौके के लिए रवाना हुई है और रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों का पता लग पाएगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिंद्र गर्ग ने कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के प्रत्येक स्थान पर खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने में नागरिक आपूर्ति निगम की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप निगम की स्वच्छ छवि बनी है। वह आज यहां खाद्य आपूर्ति विभाग और निगम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उत्पादों की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए और उचित उत्पाद दरें रखने के साथ-साथ निगम का कारोबार बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। राजिंद्र गर्ग ने निगम के अधिकारियों को नागरिक आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए और कहा कि परिचालन लागत को कम करने के लिए रणनीति तैयार की जानी चाहिए ताकि निगम लाभ अर्जित करने वाली संस्था बन सके। उन्होंने मांग आदेश समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये ताकि हर माह की 10 तारीख तक राज्य के गोदामों में खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक अस्पतालों में नागरिक आपूर्ति की नई दुकानें खोलने के भी प्रयास किए जाने चाहिए। प्रबंध निदेशक नागरिक आपूर्ति निगम ललित जैन ने निगम के कार्यों से सम्बन्धित प्रस्तुति दी और आय बढ़ाने के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किए जा रहे विभिन्न नए प्रयासों और उपक्रमों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि निगम ने ऊर्जा साधनों से सम्बन्धित उत्पादों की आपूर्ति के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। इसके अतिरिक्त, अगरबत्ती व धूप के साथ-साथ अग्निशमन उपकरणों व सहायक सामग्री, विभिन्न प्रकार के फर्नीचर का सामान और कीटाणुनाशक उपकरणों की आपूर्ति के लिए एजेंसियों तथा विक्रेताओं को भी सूचीबद्ध किया गया है। बैठक में सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सी पालरासु, कार्यकारी निदेशक नागरिक आपूर्ति निगम डाॅ. तनुजा जोशी, सहित विभाग एवं निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
नीति आयोग द्वारा राॅकी माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ कैलिफोर्निया के सहयोग से हिमाचल प्रदेश के लिए प्रारूप विद्युत वाहन नीति को अन्तिम रूप देने के लिए शुक्रवार को हितधारकों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग, परिवहन, श्रम व रोजगार राम सुभग सिंह ने प्रस्तावित विद्युत वाहन नीति के लिए नीति आयोग द्वारा प्रस्तावित विभिन्न हस्तक्षेपों का जायजा लिया। उन्होंने परिवहन विभाग को इस उद्यम से जुड़े विभिन्न उद्यमियों की सिफारिशों को सम्मिलित कर प्रारूप नीति को शीघ्र अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रारूप नीति अगस्त माह में राज्य सरकार के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाएगी। ईवी सेगमेंट के सभी प्रमुख उद्यमियों ने बैठक में भाग लिया और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में विद्युत वाहन नीति के कार्यान्वयन में विभिन्न चुनौतियों के बारे में अपनी टिप्णियां प्रस्तुत कीं। प्रो. राजन कपूर ने बैठक में आईआईटी मण्डी द्वारा विद्युत वाहन, विशेष रूप से तिपहिया वाहन सेगमेंट में किए गए नवोन्मेष कार्य के बारे में अवगत करवाया। सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण घनश्याम चन्द ने प्रारूप नीति के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, प्रबन्ध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम संदीप कुमार तथा राज्य सरकार के विभिन्न हितधारक विभागों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। नीति आयोग की ओर से सलाहकार सुधेन्दू सिन्हा ने बैठक में हिस्सा लिया। महेन्द्रा एण्ड महेन्द्रा, टाटा ऑटोमोबाइल, अमेजन, फ्लिपकार्ट, हीरो इलैक्ट्रिक, ईवीएस मोटर्ज, स्विगी, ओला और बजाज ऑटोमोबाइल के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
काजा उपमंडल में शुक्रवार को चार दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्यातिथि टीके लोचेन टूल्कू रिनपोंछे मौजूूद रहें। मुख्यतिथि ने दीप प्रज्ज्वल करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छेरिंग पलकित ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। टोंगलेन व आर्युज्ञान न्यास के संयुक्त तत्वाधान से कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। यह कार्यक्रम 14वें दलाई लामा द्वारा निर्देशित नैतिकता के प्रति लोगों को जागरूक करने और सम्बध दर्शन को आत्मसात करने के लिए आयोजित हो रहा है। पांच जुलाई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दो सत्रों में 45- 45 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जो कि पांचवी कक्षा तक के बच्चों का आगे मार्गदर्शन करेंगे। प्रोग्राम मैनेजर दीपक ने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी रखी। इसके साथ ही संस्था की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। कार्यक्रम में एडीएम ज्ञान सागर नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्रों में नए आयामों की स्थापना होती है। स्पिति में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव हो रहा है। यहां पर शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार हो रहा है। उन्होंने मुख्यातिथि व संस्था के सदस्यों का स्वागत किया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि टीके लोचेन टूल्कू रिनपोंछे ने कहा की आज बच्चों के व्यवहार में काफी बदलाव आ रहा है। बच्चों को सही शिक्षा और संस्कारों की जरूरत है। हमारा दायित्व बनता है आने वाली पीढ़ी के लिए क्या योगदान दे रहे है। बच्चों का भविष्य तभी बनेगा जब उन्हें सही मार्ग पर चलना बचपन से सिखाया जाएगा। हम सभी को इस क्षेत्र में मिलकर काम करना होगा। कार्यक्रम में मुख्यातिथि को थंका पेटिंग और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा निदेशक लोवजंग जामयांग, छेरिंग तेजिंन, छेरिंग पालकित, सयैदा सना, दीपक तिवारी, छेवांग दोरजे, संजीवन रॉय को भी मुख्यातिथि ने सम्मानित किया। टोंगलेन ट्रस्ट के निदेशक लोवजंग जामयांग ने अपनी संस्था के कार्यो प्रशिक्षिण कार्यक्रम के समक्ष रखे। कार्यक्रम में धन्यवाद भाषण एसडीएम जीवन सिंह नेगी ने दिया। इस मौके पर कहा कि शिक्षक बच्चों को भविष्य सवारनें में दिन रात मेहनत करें। ये क्रम निरंतर चलता रहना चाहिए। उन्होंने संस्था के अतिथियों का आभार व्यवक्त किया। इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांत शर्मा, नायब तहसीलदार विद्या सिंह नेगी सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। स्पिति प्रशासन के सौजन्य से स्नो फेस्टिवल पर बनी डॉक्यूमेंट्री को विधिवत रूप से टी के लोचेन टूलकु रिंपोछे ने आधिकारिक रिलीज किया। इसके अलावा कॉफी टेबल बुक भी लांच की गई। मुख्यातिथि ने डॉक्यूमेंट्री और कॉफी टेबल बुक की काफी सराहना की।
भाजपा राज में दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई के कारण दूध, सब्जियां, पेट्रोल-डीजल व सरसों का तेल इत्यादि सब महंगा हो गया है जिसके बारे में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष अभिषेक राणा ने कहा कि भाजपा सरकार के राज में महंगाई ने तूफानी रफ्तार पकड़ ली है। सत्ता में आने से पहले जयराम ठाकुर भी प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही महंगाई के मुद्दे पर रोज बयान दिया करते थे लेकिन अब तो एक अरसा हुआ महंगाई पर कोई भी बात नहीं करते। अभिषेक राणा ने पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के सफल नेतृत्व में देश में महंगाई नहीं थी और जो दाम 10 या 20 पैसा महीनों-सालों में बढ़ते और कम भी होते थे वही दाम भाजपा राज्य में हर दिन लगातार बढ़ रहे हैं। भाजपा ने पेट्रोल कंपनियों को इतनी सहुलियत दे दी है कि वह अपनी मनमर्जी से हर रोज ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। इस वर्ष अनगिनत बार पेट्रोल के दाम थोड़ा-थोड़ा करके बढ़ा दिए गए हैं और नतीजा यह की आज प्रदेश ही नहीं देश के विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोल ₹100 के पार जा चुका है। हिमाचल प्रदेश की बात करें तो ऐसे दुर्गम सुदूर क्षेत्र जहां पर लोगों का आम दिनों में ही आजीविका चलाना मुश्किल होता है वहां पर बढ़ती महंगाई से लोगों को और अधिक परेशानियां आ रही हैं। सरकार ने इन्हें राहत तो नहीं दी लेकिन इनकी कमर जरूर तोड़ दी। महंगाई काबू से बाहर हुई तो जयराम सरकार ने तो मानो चुप्पी की चादर ही ओढ़ ली है और महंगाई के मुद्दे पर बोलना व जनता से बात करना ही बंद कर दिया है। जयराम सरकार बेरोजगारी पर भी कोई बात नहीं करती। महामारी के समय प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगार हुए, कितने ही उद्योग बंद हो गए लेकिन जयराम सरकार ने कांग्रेस के बार-बार मांग उठाने पर भी इस पर कोई भी खाका तैयार नहीं किया और न ही कोई डाटा सार्वजनिक किया। आज हिमाचल प्रदेश बेरोजगारी, महंगाई और महामारी की मार से गुजर रहा है जिस पर डबल इंजन की सरकार मौन धारण किए हुए हैं। जीएसटी की नीति पर कटाक्ष करते हुए राणा ने कहा कि सरकार आज हर चीज का टैक्स बढ़ा रही है। महंगाई आसमान छू रही है लेकिन जीएसटी का उत्सव मनाने वाली यह सरकार पेट्रोल डीजल को इससे बाहर क्यों रख रही है? पेट्रोल डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और यह जीएसटी के अंदर भी नहीं आता जिसका मतलब साफ है कि भाजपा जनता का जीवन मुश्किल में डाल कर अपने व्यापारी मित्रों की कंपनियों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचा रही है। क्योंकि यदि पेट्रोल और डीजल जीएसटी की कैटेगरी में आ गया तो उन कंपनियों को बहुत नुकसान होगा। ऐसे में कांग्रेस सदैव जनता के साथ खड़ी है और हम लगातार प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई को कम करने की मांग उठाते रहेंगे।
भाजपा महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं 4 जुलाई रविवार को वह दिल्ली से लुहनु मैदान हेलीपैड हेलीकॉप्टर के माध्यम से आएंगे उसके उपरांत वह अपने निवास स्थान विजयपुर प्रातः 10:40 पर पहुंच जाएंगे, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे। 5 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा लुहनु मैदान से मनाली हेलीकॉप्टर द्वारा जाएंगे वहां प्रातः 10:35 से 11:05 तक वह अटल टनल की इंस्पेक्शन करेंगे उसके उपरांत वह हेलीकॉप्टर मार्ग से कुल्लू प्रस्थान करेंगे जहां दोपहर 12:00 से 1:00 तक वह एक बैठक में भाग लेंगे और इसके बाद वह शास्त्री नगर में रात्रि विश्राम करेंगे। 6 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष 10:35 पर कुल्लू भुंतर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से दिल्ली रवाना हो जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग की एक बैठक वर्चुअल आधार पर प्रशिक्षण विभाग के चेयरमैन हरिकृष्ण हिमराल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई। बैठक में वासु सोंनी, विक्रम चौधरी, विद्या सागर चौहान, अलक नंदा हांडा, रीना कुमारी, निर्मला वर्मा, रीना पुंडीर, इंद्र जीत सिंह, उदय नंद शर्मा, पंकज मुसाफिर, अतुल शर्मा, राजकुमारी सोंनी व डॉक्टर दलीप सिंह धीमान ने भाग लिया। इस दौरन हिमराल ने कहा कि प्रदेश में सभी जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण कैम्प आयोजित करने का जो निर्णय लिया गया था, वह कोविड के चलते पूरा नही हो सका। उन्होंने कहा कि अब यह कैम्प पूरे किए जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के प्रभारी सचिव संजय दत्त ने भी साफ कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सभी अग्रणी संगठनों के साथ पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द आयोजित किये जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला पहले ही पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता और इसकी आवश्यकता के बारे में स्पष्ट कर चुके है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाना चाहिए। हिमराल ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के मुख्य, कांग्रेस कार्यकारणी के सदस्य सचिन राव व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश प्रभारी महेंद्र जोशी ने भी सभी पदाधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन उप चुनाव होने जा रहें है। उन्होंने कहा कि अगले साल प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी होने है, इसलिए सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर चुनाव मैदान में डटना है जिससे पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सकें। इस दौरान प्रशिक्षण विभाग के पदाधिकारियों ने भरोसा दिया कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी अग्रणी संगठनो के प्रमुखों से उन्होंने इन कार्यक्रमों की रूप रेखा तय करने का आग्रह किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा सड़को के किनारे वैक्सीन को लेकर लगाए गए बड़े बड़े होल्डिंग पर हैरानी जताते हुए कहा है कि जितना खर्च सरकार इन होल्डिंग बनाने और लगाने पर खर्च कर रही है अगर उतना वैक्सीन पर खर्च कर देती तो आज प्रदेश में सभी को वैक्सीन उपलब्ध हो जाती। उन्होंने कहा है कि सरकार वैक्सीन को लेकर अपना प्रचार ज्यादा कर रही है और काम कम कर रही है। उन्होंने कहा है कि देश मे आज़ादी के बाद से ही निशुल्क टीकाकरण के बड़े बड़े कार्यक्रम कांग्रेस सरकारों ने किए है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी सरकार का दायित्व होता है। उन्होंने प्रदेश में 18 साल से 44 साल के लोगों के वैक्सीन टीकाकरण रोके जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह निर्णय न तो जनहित में है और न ही प्रदेश हित मे है। उन्होंने कहा कि अभी इस महामारी का खतरा टला नही है और युवाओं के स्वास्थ्य के प्रति टीकाकरण बहुत ही आवश्यक है जो जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। राठौर ने सरकार से वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ दूर दराज के क्षेत्रों में सभी लोगों का वेक्सिनेशन एक निश्चित समय के अंदर जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। इस बारे में सरकार की कोई कोताही लोगों के लिए खतरा साबित हो सकती है,क्योंकि देश मे अब कोरोना की तीसरी लहर की सम्भावना भी बनी हुई है। राठौर ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि इस महामारी के दौर में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह अस्त व्यस्त हो कर रह गई है। राठौर ने गैस सिलेंडर में 25 रुपये की बृद्धि पर भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बृद्धि से सरकार अपना खजाना तो भरने में लगी है पर लोगों पर महंगाई थोप रही है ।उन्होंने कहा है कि गैस सिलेंडर पर हुई इस बृद्धि का विशेष कर गृहणियों के बजट पर व्यापक असर पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से इस मूल्यों बृद्धि को जनहित में वापिस लेने की मांग की है।
पुलिस थाना ज्वालामुखी के अंतर्गत धनोट निवासी व्यक्ति ने बुधवार को घर पर गलती से कोई जहरीली दवाई पी ली थी जिसकी शुक्रवार को टांडा में उपचार के दौरान मौत हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार गलती से जहरीली दवाई पीने के उपरांत ही परिजन उसे उपचार हेतू सिविल अस्पताल ज्वालामुखी लाये थे। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उक्त व्यक्ति की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए उसे उसी दिन टाण्डा अस्पताल रैफर कर दिया था। मिली जानकारी के अनुसार उक्त व्यक्ति की मौत हो गयी है। मृतक की पहचान चमन लाल(53) पुत्र विधि चंद निवासी धनोट, डाकघर अधवानी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है मृतक चमन लाल पेशे से इलेट्रॉनिक की दुकान अधे दी हट्टी में काम करता था व उक्त व्यक्ति के दो बेटे 18 व 23 वर्ष के है,जिनमे 18 वर्षीय बेटा घर पर ही रहता है,व 23 वर्षीय बेटा किसी कंपनी में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि चमन लाल अक्सर मानसिक तौर पर परेशान रहता था, परंतु परेशानी की वजह अभी तक पता नही चल पाई है। मामले की पुष्टि करते हुए एसएचओ ज्वालामुखी जीत सिंह ने बताया कि पुलिस मामले पर कार्यवाही कर रहा है वहीं मृतक का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने के लिए जयराम सरकार कृतसंकल्प है। इसके लिए प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढावा दिया जा रहा है। जसवां परांगपुर मण्डल भाजपा किसान मोर्चा की मीटिंग के उपरांत मोर्चा अध्यक्ष सुदर्शन कुमार सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करने को कटिवद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की पैदावार भी बढ़ेगी और उनकी लागत भी कम होगी। कृषि और किसानों को भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए मोर्चा अध्यक्ष सुदर्शन ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सरकार प्रशिक्षण भी दे रही है। अब तक 9.61लाख किसानों में से 1.28 लाख किसान प्रशिक्षण ले चुके हैं। सुदर्शन कुमार ने बताया कि किसानों को प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना के अंतर्गत लाया जा रहा है जो कि किसानों के लिए रक्षा कवच सिद्ध हो रही है। उन्होने बताया कि गत वर्ष इस योजना के अंतर्गत 17000 करोड़ का प्रीमियम सरकार को मिला जबकि किसानों को बदले में 95000 करोड़ की फसल का मुआवजा दिया गया है। गत वर्ष 5.5 करोड़ किसानों ने इस योजना में अपना पंजीकरण करवाया है। इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि गांव की आर्थिकी में किसान की भूमिका की अनदेखी नही की जा सकती। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष डाक्टर राकेश बबली हुक्म चंद बैंस भाजपा जिला महामंत्री अभिषेक पाधा प्रधान सुषमा देवी उप प्रधान लक्की, बिट्टू प्रदेश सदस्य मिंट भी शामिल हुए तदोपरान्त पौधारोपण भी किया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश ने शुक्रवार को तकनीकी विश्वविद्यालय की विभिन्न मांगों को उठाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। प्रांत सह मंत्री मोनिका राणा ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों में अभी भी शिक्षकों के पदों को नहीं भरा गया है छात्रों को केंद्रीय विश्वविद्यालय से शिक्षकों की कमी होने की वजह से अपने प्रतिदिन की कक्षाओं को लगा पाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में तकनीकी विश्वविद्यालय के अधिकतर विभागों में शिक्षकों के पड़े रिक्त पद छात्रों के लिए मानसिक तनाव का विषय बना हुआ है। विभागों में शिक्षकों के पड़े रिक्त पद भी हिमाचल प्रदेश शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करने के लिए काफी है प्रशासन इन मांगों पर मंद्द बैठा है ।विद्यार्थी परिषद ने तकनीकी विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न मांगों को गंभीरता से उठाया है लेकिन अभी भी प्रशासन के कान में जुं तक नहीं रेंग रही है। मोनिका राणा ने कहा कि प्रदेश भर में ऐसे भी छात्र है जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं या जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी नहीं है कि वह विश्वविद्यालय से अपने निरंतर पढ़ाई कर सकें इसीलिए विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए सब्सिडाइज और नॉन सब्सिडी सीटों का आवंटन कर प्रावधान किया जाए ताकि वे छात्र जो अत्याधिक फीस चुकाने के लिए समर्थ नहीं है वे छात्र सब्सिडाइज सीट में आवेदन कर सके। इसके साथ-साथ उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 2019 में विश्वविद्यालय के लिए 10 करोड़ की आवर्ती अनुदान राशि की घोषणा को पूरा करने की बात को भी सामने लाया उन्होंने कहा कि 2019 में प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय को 10 करोड़ आवर्ती अनुदान राशि की घोषणा करती है लेकिन अभी भी विश्वविद्यालय को वो राशि नहीं दी गई है। मोनिका ने कहा की सरकारी और अधिकारी दोनों मिलकर राजनीतिक चक्की में छात्रों को बेचने का काम कर रही है वह मात्र विश्वविद्यालय की समस्याओं को अपना राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना चाहती है ताकि आने वाले समय में इस विषय को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक सके। मोनिका ने सरकार की गंभीर आलोचना करते हुए कहा कि जल्द से जल्द प्रदेश सरकार द्वारा 10 करोड की आवर्ती अनुदान राशि को विश्वविद्यालय को सौंप दिया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय में खाली पड़े गैर शिक्षकों के 70 पदों पर आउटसोर्स के स्थान पर नियमित भर्ती करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय में गैर शिक्षकों के 70 पद आउटसोर्स के स्थान पर भरे जा रहे हैं लेकिन विद्यार्थी परिषद उन सभी गैर शिक्षक कर्मचारियों की नियमित भर्ती करने की मांग करती है।
दाड़लाघाट की दावटी पंचायत के शिवनगर में 12 ज्योतिर्लिंगों की स्थापना विधि-विधान के साथ शुक्रवार को संपन्न हो गई। इसी हफ्ते सोमवार से इन ज्योतिर्लिंगों की स्थापना के लिए महापाठ का आयोजन चल रहा था। दावटी पंचायत के शिवनगर के लिए धार्मिक दृष्टि से हमेशा के लिए यादगार रहेगा। इस अवसर पर अर्की विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। यह महा आयोजन घनागुघाट पंचायत के तीन बार प्रधान रहे, समाज सेवी व एक उद्यमी हरिराम कौंडल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। बता दे कि इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए हरिराम कौंडल का विशेष योगदान रहा है। इस क्षेत्र में आज से 30-35 साल पहले लोग जहां दिन के समय आने जाने में भी कतराते थे, अब यहां रात को भी लोग घूमते हुए देखे जा सकते हैं। शिवनगर आज इतना प्रसिद्ध हो गया है की यहां पर लोगों की दिनभर काफी संख्या में आवाजाही रहती है। इसके अलावा शिवनगर में एक व्यवसायिक परिसर, पशु औषधालय और सरस्वती विद्या मंदिर प्राथमिक विद्यालय मौजूद है। 12 ज्योर्तिलिंगों की स्थापना के साथ इस क्षेत्र का धार्मिक दृष्टि से कितना महत्व बढ़ गया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां पर श्री बजरंगबली का मंदिर होने के साथ शनिदेव का मंदिर भी है। मंगलवार व शनिवार के दिन यहां पर काफी भीड़ रहती है।अब ज्योर्तिलिंगों के स्थापित होने से सोमवार को भी शिवनगर में काफी भीड़ एकत्रित होगी। इसका पूरा श्रेय दावटी पंचायत की जनता ने हरिराम कौंडल और मंदिर कमेटी सदस्यों को दिया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक गोबिंद राम शर्मा, हरिराम कौंडल, बाबूराम ठाकुर, धर्मपाल शर्मा, दावटी पंचायत की प्रधान इंदिरा शर्मा, उपप्रधान हीरा कौंडल व सभी वार्डों के सदस्यों सहित दावटी पंचायत के गणमान्य व प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।
कुनिहार के प्रसिद्ध व्यापारी व समाज सेवी स्व लाला सुशिल मित्तल की 14 वी पुण्यतिथि पर उनके पुत्रों अमित मित्तल व सुमित मित्तल ने कुनिहार पँचायत कार्यलय के लिए एक वाटर कूलर भेंट किया तथा एक बड़ा वाटर कूलर दिगल बस स्टैंड पर स्थापित करवाया जंहा लोगों को हर समय शुद्ध व शीतल पेयजल मिलेगा। गौर रहे कि कुनिहार बाजार के प्रसिद्ध व्यापारी व समाज सेवी मित्तल परिवार हमेशा समाज सेवा में आगे रहता है। दशकों से यह परिवार समाज सेवा से जुड़ा हुआ है। अपने पिता स्व सुशील मित्तल के नक्शे कदम पर चलते हुए अपनी कड़ी मेहनत की नेक कमाई से अमित मित्तल व सुमित मित्तल समाज सेवा में हर समय आगे रहते है। कोरोना काल मे गरीबों को राशन व जरूरत का सामान भेंट करना हो या किसी सार्वजनिक सामाजिक व धार्मिक स्थान को सामग्री उपलब्ध करवाने सहित कई अन्य पुनीत कार्यों मे मित्तल परिवार हमेशा निस्वार्थ भाव से आगे रहता है। इस पुनीत कार्य के लिए दिगल पँचायत प्रधान पवन कुमार ,व्यापार मण्डल दिगल, कुनिहार पँचायत प्रधान राकेश ठाकुर व स्थानीय लोगों ने मित्तल परिवार का धन्यवाद किया है।
उपमंडल सरकाघाट के निवासी तथा प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य किशोर राणा ने युथ क्लब चौक को 20 कुर्सीयां तथा एक निर्धन परिवार की बेटी की शादी के लिए सहयोग राशि प्रदान की। संजय कुमार गांव एवं डाकघर देवब्राडता जो काफ़ी निर्धन परिवार से ताल्लुक रखते हैं उन्होंने जब अपनी बेटी की शादी के बारे किशोर राणा से बात की तो उन्होंने तुरंत नक़द राशि बेटी के परिवार को सौंप दी। किशोर राणा कोविड-19 में अब तक काफ़ी लोगों की सहायता कर चुके हैं। इस मौके पर किशोर राणा खुद भी मौजूद रहते हैं। इनके साथ इस मौके पर विजय ठाकुर, योगराज प्रधान, पाल, मधू मोहन, संजय डोगरा, पवन कुमार, पंकज कुमार, प्रदीप कुमार तथा देश राज आदि मौजूद रहे। मधू मोहन ठाकुर,नरेश कुमार, पुर्व प्रधान बरच्छवाड विजय कुमार ने इस कार्य की काफ़ी सराहना की है। बता दें कि किशोर राणा उपमंडल सरकाघाट की ग्राम पंचायत रोपडी के गांव नौणू के निवासी हैं तथा पेशे से व्यवसाई हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग की एक बैठक वर्चुअल आधार पर प्रशिक्षण विभाग के चेयरमैन हरिकृष्ण हिमराल की अध्यक्षता में सम्पन हुई। बैठक में वासु सोंनी, विक्रम चौधरी, विद्या सागर चौहान, अलक नंदा हांडा, रीना कुमारी, निर्मला वर्मा, रीना पुंडीर, इंद्र जीत सिंह, उदय नंद शर्मा, पंकज मुसाफिर,अतुल शर्मा, राजकुमारी सोंनी व डॉक्टर दलीप सिंह धीमान ने भाग लिया। इस दौरन हिमराल ने कहा कि प्रदेश में सभी जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण कैम्प आयोजित करने का जो निर्णय लिया गया था, वह कोविड के चलते पूरा नही हो सका। उन्होंने कहा कि अब यह कैम्प पूरे किए जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के प्रभारी सचिव संजय दत्त ने भी साफ कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सभी अग्रणी संगठनों के साथ पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द आयोजित किये जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला पहले ही पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता और इसकी आवश्यकता बारे स्पष्ट कर चुके है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाना चाहिए। हिमराल ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के मुख्य, कांग्रेस कार्यकारणी के सदस्य सचिन राव व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश प्रभारी महेंद्र जोशी ने भी सभी पदाधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन उपचुनाव होने जा रहें है। अगले साल प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी होने है,इ सलिए सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर चुनाव मैदान में डटना है जिससे पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सकें।
पूर्व प्रधान सचिव विधि यशवंत सिंह ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत नियामन आयोग के सदस्य (विधि) के रूप में शपथ ग्रहण की। मुख्य सचिव अनिल खाची इस अवसर पर उपस्थित थे।
समाजसेवी मुकेश ठाकुर लगातार लोगो की सेवा में लगे हुए है। मुकेश ठाकुर ने इसी कड़ी में बुधवार को ग्राम पंचायत बणी और ग्राम पंचायत कुहना में बेटियों की शादी के लिए ग्यारह-ग्यारह हजार रुपये अपनी ओर से दिए है। वंही त्यामल और हण्डाल गांव के जरूरत मंद बच्चों को उन्होंने किताबे वितरित की। इस बाबत अब साथ लगती विधानसभा देहरा ओर चिंतपूर्णी के पात्र लोगों तक सहायता पहुचाने का काम भी उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। मुकेश ठाकुर उर्फ़ सोनु सूद के नाम से चर्चित है। मुकेश ठाकुर ने इससे पहले कोरोना काल में भी लोगों की हरसंभव सहायता की थी। उन्होंने कहा की वह राजनीती में उतरने के लिए ऐसा नहीं कर रहे है, उनका सिर्फ एक ही लक्ष्य है की गरीब व जरुरत मंद लोगों की सहायता किस तरह से की जाए। मुकेश ठाकुर ने कहा की आने वाले दिनों में भी वह जरुरतमंद लोगों की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।
भारतीय स्टेट बैंक का 66 वां स्थापना दिवस 1 जुलाई को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा काली बाड़ी शिमला तथा एसएसईसी शिमला द्वारा पवन कुमार, उपमहाप्रबंधक, अंचल कार्यालय, शिमला के सक्षम नेतृत्व में मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को समझते हुए एसबीआई के कर्मचारियों द्वारा 'गो ग्रीन सेव ग्रीन' के नारे के तहत शिमला के मशोबरा क्षेत्र में देवदार और चिनार के 200 पेड़ लगाकर कार्यक्रम को चिह्नित किया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य लोगों ने शिरकत की। वृक्षारोपण के तहत क्षेत्र को बैंक द्वारा पांच साल तक बनाए रखा जाएगा। देवेंद्र सिंह नेगी, एजीएम, एसबीआई मुख्य शाखा शिमला और अनिल कुमार, एजीएम, एसएमईसी, शिमला सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
होम्योपैथिक कॉलेज सोलन में डॉक्टर्स डे मनाया गया। इसके साथ ही कोरोना काल में जान गवाने वाले डॉक्टर्स को भी याद किया गया। गौरतलब है कि कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना डॉक्टर दिन-रात देश सेवा में लगे है। अपनी जान को हथेली पर रख कर डॉक्टर निरन्तर कोरोना मरीज़ों की सेवा में जुटे है। इस मौके पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ एनपी सिंह ने सभी को डॉक्टर्स डे की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सभी डॉक्टर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस मौके पर उन्होंने कोरोना काल सेवाएं दे रहे सभी डॉक्टर्स की प्रशंसा की और कोरोना काल में जान गवाने वाले डॉक्टर्स को श्रधंजलि दी गई।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से वीरवार को कृषि निदेशालय, हिमाचल प्रदेश, शिमला से संयुक्त निदेशक कृषि डाॅ. देशराज ठाकुर द्वारा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिला कुल्लू की निरमंड तहसील के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की सफलता के लिए कमर कस चुका है। इसके अंतर्गत जिला के सभी कृषि उप-निदेशक, परियोजना निदेशक (आतमा) व जिला कृषि अधिकारियों को इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जून माह में जारी कर दिए गए हैं। वे सभी खण्ड स्तर व जिला स्तर पर कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, किसान मेलों, गोष्टियों व विभाग के प्रचार व प्रसार कार्यक्रमों में किसानों को इस योजना की विशेष जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग ने इस योजना के प्रसार अभियान सप्ताह के दौरान आकाशवाणी, दूरदर्शन, समाचार पत्रों व प्रचार-प्रसार सामग्री (बैनर, पोस्टर, पत्रक इत्यादि) के माध्यम से किसानों को इस योजना से जागरूक करने का कार्यक्रम बनाया है ताकि योजना की जानकारी अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाई जा सके। कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों व सहयोग से कृषि बीमा कंपनी, एस.वी.आई. तथा जनरल बीमा कंपनी भी इस योजना की सफलता के लिए प्रचार वाहनों द्वारा समस्त हिमाचल प्रदेश में प्रचार कार्य में जुट गई हैं। यह कार्यक्रम पूरा सप्ताह 1-7 जुलाई, 2021 तक जागरूकता अभियान के रूप में जोर शोर से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा इस योजना की जानकारी एवं प्रचार जनमंच कार्यक्रमों में व हिमाचल प्रदेश के आदान विक्रेताओं (इनपुट डीलर्स) के माध्यम से भी किया जाएगा, ताकि जो भी किसान उनके सम्पर्क में आता है, उन्हें इस बारे में जागरूक करवाया जा सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को मण्डी जिले के सिराज विधानसभा क्षेत्र में लगभग 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जय राम ठाकुर ने ग्राम पंचायत पखरैर और कांडा बगस्याड़ की लाॅट, करसवाली और कटियाली की शेष बस्तियों को कवर करने के लिए 50 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, थुनाग तहसील में ग्राम पंचायत लम्बा थाच के केवली गांव में 97 लाख रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना, थुनाग तहसील में थुनाग बाजार और आस-पास के क्षेत्र के लिए 6.57 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण दीवार, तांदी में 55 लाख रुपये के निरीक्षण केन्द्र, थुनाग में 35.12 लाख रुपये से कला मंच और मुरहग में 25 लाख रुपये के पशु चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इसके उपरांत, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों के संतुलित और चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए उन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रह है, जो किसी न किसी कारण विकास के मामले में उपेक्षित रहे है। जय राम ठाकुर ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने आज 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जनता से सीधा संवाद करना संभव नहीं है, इसलिए राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिराज विधानसभा क्षेत्र राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में एक है और जब वह पहली बार इस क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे, तो लगभग 17 पंचायतें ही सड़कों से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र की लगभग सभी 77 पंचायतों को सड़कों से जोड़ दिया गया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मण्डी जिला के थुनाग से वर्चुअल माध्यम से चिकित्सकों को संबोधित करते हुए समाज की पीड़ाओं को कम करने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल बहुमूल्य जीवन ही नहीं बचाते हैं, बल्कि मरीजों का उपचार कर उनके दर्द और पीड़ा को भी कम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और विख्यात चिकित्सक डाॅ. बिधान चन्द्र राॅय की जयन्ती और पुण्य तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। डाॅ. राॅय एक महान चिकित्सक थे जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान जोखिम को डालकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने एक बार पुनः विश्वभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान और बलिदान का स्मरण करवाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उप महाद्वीप में डाॅ. राॅय को प्रथम चिकित्सा सलाहकार भी कहा जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जरनल के अनुसार वह अपने समकालीन चिकित्सकों से प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी थे। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस लोगों का जीवन बचाने में चिकत्सकों की भूमिका और दायित्व तथा उनके कार्यों व कर्तव्यों को स्मरण करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने सैकड़ों जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में विचार न करके उन्होंने देश की सेवा को सर्वोपरि माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए संकल्पबद्ध है और कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी आपदा से निपटने के लिए बिस्तर क्षमता को 1200 से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया है। पिछले एक साल के दौरान प्रदेश में आठ पीएसए संयत्र स्थापित किए गए और इस वर्ष 15 अगस्त तक लगभग 28 पीएसए संयत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन, हमीरपुर और चंबा में भवन निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। जय राम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश को देश का खुशहाल और स्वस्थ राज्य बनाने के लिए प्रदेश के चिकित्सक इसी समर्पण और सेवा भाव से कार्य करते रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कोविड-19 महामारी की इस परीक्षा की घड़ी के दौरान प्रदेश का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिकित्सकों पर पूर्ण विश्वास है और यह किसी भी व्यवसाय के लिए सच्ची पूंजी और पुरस्कार है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक लगभग 39 लाख खुराकें लगाई जा चुकी हैं। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रोफेसर और श्वसन चिकित्सा प्रमुख डाॅ. मलय सरकार ने कोविड और इस महामारी के प्रसार के नियंत्रण संबंधी प्रस्तुति दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी देवेन्द्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री इस अवसर पर उपस्थित थे।
डॉ वाई एस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरेस्ट्री विभाग ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में वन महोत्सव मनाया। यह कार्यक्रम भारतीय स्टेट बैंक द्वारा बैंक की 66वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रायोजित किया गया था। इस अवसर पर बांस, कचनार और बियूल के 500 से अधिक पौधे लगाए गए। आने वाले सप्ताह में इस मुहिम के तहत विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 1,600 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। सभा को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. परविंदर कौशल ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम वृक्षारोपण अभियान के दौरान स्थान-विशिष्ट वृक्ष किस्मों का चयन करें ताकि वे अपने स्थानीय वातावरण में ठीक से विकसित हो सकें। डॉ. कौशल ने कहा कि हिमाचल जैसे राज्य में यह जरूरी है कि हम बरसात के मौसम के साथ-साथ सर्दियों के महीनों में भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा कि सर्दियों के महीनों में कई फलों के पेड़ लगाए जाते हैं और इस तरह की गतिविधियों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने वनों में स्थानीय जंगली प्रजातियों के फलों के बड़े पैमाने पर रोपण को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया ताकि जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में भोजन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विभिन्न मौसमों के लिए पौधारोपण कार्यक्रम विकसित करेगा ताकि विश्वविद्यालय के हरित आवरण को बढ़ाया जा सके। इस अवसर पर डॉ. कौशल ने भारतीय स्टेट बैंक के स्थापना दिवस पर बैंक को बधाई दी। एसबीआई सोलन के क्षेत्रीय प्रबंधक जवाहर कौल ने कहा कि यह एक महान अवसर हैं क्योंकि अपने अपने क्षेत्रों के दो महान संस्थान पर्यावरण को हरा-भरा करने में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत इस तरह की और गतिविधियों में योगदान देगा। इससे पहले निदेशक अनुसंधान डॉ. रविंदर शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और गतिविधि को प्रायोजित करने के लिए एसबीआई का धन्यवाद दिया। सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरेस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विमल चौहान ने वन महोत्सव और इस पहल के तहत विभाग द्वारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. देवेंद्र गुप्ता, छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. जेके दुबे; कुलपति के ओएसडी डॉ एम के ब्रह्मी, एसबीआई से मुख्य प्रबंधक सुधीर कुमार झा, रजनीश कंवर, नौणी शाखा प्रबंधक राजीव गर्ग; वैज्ञानिक, स्टाफ और छात्रों ने इस अवसर पर वृक्षारोपण किया।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 जुलाई, 2021 को 33 केवी सराहन फीडर को स्थानांतरित करने एवं रखरखाव कार्य के दृष्टिगत 33/11 केवी ओच्छघाट विद्युत उपकेन्द्र की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत ओच्छघाट, नौणी, धारों की धार, धरजा, कालाघाट, जटोली, कोठों, टटूल, डमरोग, अप्पर सूर्य विहार, बलाना व इसके आस-पास के क्षेत्रों में 02 जुलाई, 2021 को दोपहर 01.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
सरकार की उपलब्धियों, कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का विश्वास होगा 2022 में मिशन रिपीट का मूल मंत्र। यह बात ठियोग में भाजपा की जिला बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष व खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुलेरिया ने कही। बीते बुधवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में सेमि वर्चुअल माध्यम से ठियोग के होटल एक्सओटिका से भाजपा के 24 प्रतिभागियों ने जिला अध्यक्ष अजय श्याम की अध्यक्षता में हिस्सा लिया। जिसमे प्रदेश उपाध्यक्ष पुरषोतम गुलेरिया सहित चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा, प्रदेश सचिव बिहारी लाल शर्मा, कुसुम सदरेट, कृषि ग्रामीण बैंक की अध्यक्षा शशिबाला, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अरुण फाल्टा, नरेश शर्मा, सुरेश शर्मा सहित, ज़िला के सभी पांच मंडल अध्यक्षो ने भाग लिया। इस अवसर पर पुरषोतम गुलेरिया ने कार्यकर्ताओं के साथ आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए बूथ स्तर तक संगठन को चाक चौबंद करने के टिप्स देते हुए कहा कि केंद और प्रदेश की सरकारों ने कोरोना संकट में बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने कहा कि महामारी के कारण विपति में विकास की अविरल धारा बह रही है। जंहा प्रदेश में भाजपा का संगठन एकजुटता से काम कर रहा है वंही कांग्रेस कई खेमो में बंटी हुई है। जुब्बल कोटखाई के विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र बरागटा के आकस्मिक निधन पर बैठक में शोक प्रकट किया गया। विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव को लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का टिकट मांगना कार्यकर्ताओ का हक़ है किंतु सार्वजनिक तौर पर मीडिया के माध्यम से टिकट की मांग करना अनुशासनहीनता है, पार्टी इस प्रकार की अनुशासनहीनता को सहन नही करेगी और ऐसे कार्यकर्ताओ पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा ने नरेंद्र बरागटा के आकस्मिक निधन को संपूर्ण जिला एवं प्रदेश भाजपा के लिए अपूरणीय क्षति कहा और उन्होंने कहा कि नरेंद्र बरागटा किसानों बागवानों के हितैषी नेता थे और सम्पूर्ण बागवानी क्षेत्र में उन्होंने बागवानी के विकास के नए आयाम स्थापित किये है और अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। हम सब के लिए नरेंद्र बरागटा का नेतृव प्रेरणा स्रोत रहेगा।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 महामारी की वर्तमान स्थिति के दृष्टिगत जिला के सभी धार्मिक स्थलों को खोलने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला में सभी धार्मिक स्थल प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना के अनुसार ही खुलेंगे। इसके अतिरिक्त सोलन जिला के सभी धार्मिक स्थानों पर किसी प्रकार के लंगर एवं सामुदायिक भोजन की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक स्थलों में बार-बार स्पर्श करने वाले स्थानों को एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट घोल के साथ साफ करना होगा। धार्मिक स्थलों में स्थापित घण्टियों को या तो हटाया जाएगा अथवा कपड़े से ढक दिया जाएगा ताकि श्रद्धालु इन्हें हाथ न लगाएं। श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों में गर्भ गृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। देव मूर्ति के समक्ष किसी को भी एक मिनट से अधिक खड़े नहीं होने दिया जाएगा। 65 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के व्यक्ति, गंभीर रोगी, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों को धार्मिक स्थानों में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पूजा हाॅल एवं परिसर में आवागमन की अनुमति नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर पूजा परिसर में न्यूनतम उपस्थिति रखी जाएगी। यदि सम्भव हुआ तो विभिन्न स्थानों पर लाईव दर्शन के लिए एलईडी स्क्रीन स्थापित की जाएंगी। धार्मिक स्थल के समीप लक्षणयुक्त रोगियों को आईसोलेट करने के लिए आईसोलेशन कक्ष स्थापित किए जाएगा। इस कक्ष में लक्षणयुक्त रोगियों को रखने के उपरान्त सम्बन्धित चिकित्सक को सम्पर्क कर सैम्पलिंग एवं अन्य कार्य किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य संस्थान के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के आपाताकाल में कोविड परीक्षण के लिए प्रबन्ध करेंगे। पूजारी अथवा अन्य किसी व्यक्ति द्वारा ऐसी कोई पूजा नहीं सम्पन्न करवाई जाएगी जिसमें श्रद्धालु का स्पर्श करना हो। धार्मिक स्थल परिसर में भजन-कीर्तन करने, विवाह अथवा मुंडन संस्कार की अनुमति नहीं होगी। आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग काउन्टर स्थापित किए जाएंगे। धार्मिक परिसरों में रात्रि ठहराव की अनुमति नहीं है। धार्मिक स्थलों में यदि सम्भव हो तो श्रद्धालुओं के अनुश्रवण के लिए सीसीटीवी कैमरा स्थापित किए जाएंगे। दिव्यांग जनों के देव दर्शन के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। धार्मिक स्थल के भीतर हवन अथवा अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं है। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार एवं अन्य मुख्य स्थानों पर हाथ धोने की सुविधा एवं टच फ्री सोप डिस्पेन्सर स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएंगी। प्रवेश एवं निकासी द्वार पर हैण्ड सेनिटाइजर डिस्पेन्सर स्थापित किए जाएंगे। मूर्ति एवं पवित्र पुस्तकों को छूने की अनुमति नहीं होगी। प्रसाद चढ़ाने, पवित्र जल के छिड़काव की अनुमति भी नहीं होगी। श्रद्धालुओं अथवा न्यास कर्मियों द्वारा उपयोग के उपरान्त छोड़े गए मास्क, फेस कवर, दस्तानों इत्यादि का समुचित निपटान सुनिश्चित बनाना होगा। जिला दण्डाधिकारी ने इस सम्बन्ध में जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को आदेश जारी कर मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने जीएसटी की चौथी वर्षगाँठ के अवसर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में जीएसटी की भूमिका को गेमचेंजर बताया है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “ देश में आर्थिक सुधारों को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार 4 वर्ष पूर्व जीएसटी लेकर आई। 1 जुलाई 2017 को 17 स्थानीय टैक्स खत्म कर देशभर में जीएसटी लागू किया गया था और आज जीएसटी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में एक गेम चेंजर साबित हुई है। भारत जैसे बड़े और विविधता वाले देश में बड़े पैमाने पर किया जाने वाला कोई भी सुधार बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रधानमंत्री ने जीएसटी के लागू होने के दिन संसद के सेंट्रल हॉल में कहा था कि समय के साथ व्यवहारिक दिक्कतों को दूर किया जाएगा। समय के साथ जीएसटी के क्रियान्वयन में जो दिक्कतें आ रही थीं उसका बेहतर समाधान निकाला गया है। पिछले चार वर्षों में करदाताओं का आधार 66.25 लाख से लगभग दोगुना होकर 1.28 करोड़ हो गया है। जीएसटी धोखाधड़ी से निपटने के लिए कर अधिकारियों की भी सराहनीय भूमिका है"। आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा " कोरोना काल के बावजूद पिछले 8 महीने से लगातार जीएसटी रेवेन्यू एक लाख करोड़ रुपये के आँकड़े को पार कर रहा है और अप्रैल 2021 में 1.41 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी राजस्व संग्रह किया गया है। आज एक करोड़ 28 लाख रजिस्टर्ड उद्यमी इसका लाभ ले रहे हैं। जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से अब तक 66 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल की गई हैं। जीएसटी के तहत दरें कम होने से कर अनुपालन बढ़ा है और इस दौरान जीएसटी राजस्व में धीरे धीरे वृद्धि होती रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा “वित्त मंत्रालय 54,000 से अधिक जीएसटी करदाताओं को सही समय पर रिटर्न दाखिल करने और कर का नकद भुगतान करने पर प्रशंसा प्रमाणपत्र जारी कर उन्हें सम्मानित करेगा। पहचान किये गये इन करदाताओं में 88 प्रतिशत से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमी है। इसमें सूक्ष्म (36 प्रतिशत), लघु (41 प्रतिशत) और मध्यम श्रेणी के उद्यमी (11 प्रतिशत) शामिल हैं। ये उद्यमी विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से हैं जहां यह माल की आपूर्ति और सेवा प्रदाता कार्य करते हैं। जीएसटी के तहत अप्रत्यक्ष करों के एक से अधिक अंक को कम करके, भारत को एक आर्थिक संघ बनाने के लिए अप्रत्यक्ष कर के एक सामंजस्यपूर्ण प्रणाली की राह प्रशस्त हुई है, जिसने उच्च दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है”
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की दाड़लाघाट शाखा ने अपना 66वां स्टेट बैंक दिवस मनाया। एसबीआई के प्रबंधक गोवर्धन शर्मा ने बताया कि इन 66 वर्षों में भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने इस पावन दिवस पर अपने सहयोगियों तथा अपने ग्राहकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस दिवस को यादगार बनाने के लिए एसबीआई के स्टाफ ने वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट के प्रधानाचार्य राजीव गौतम को विद्यालय परिसर में देवदार के पौधे लगाने हेतु प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने बताया की एसबीआई बैंक ने अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देते हुए वीडियो केवाईसी की सुविधा प्रदान की है, अब ग्राहकों को बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ग्राहक घर बैठे ही अपने खाते खोल सकेंगे। एसबीआई बैंक ने एक कवच योजना भी लागू की है जिसके अंतर्गत कोविड संक्रमित हुए ग्राहकों को सहायतार्थ कम ब्याज पर लोन सुविधा दी जा रही है।
दूरदराज की ग्राम पंचायत मांगल, बागा (करोग) के छोटे एवं सीमांत किसानों को राज्य परियोजना कार्यान्वन्यन इकाई द्वारा एक ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पदमश्री सुभाष पालेकर जीरो बजट प्राकृतिक खेती के जनक एवं कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर आदि ने ऑनलाइन के माध्यम से प्रांत के किसानों व बागवानों को प्राकृतिक विधि से खेती-बाड़ी करने के लिए प्रेरित किया।मांगल व बागा (करोग) पंचायतों में मास्टर ट्रेनर मस्तराम, मांगल पंचायत प्रधान उर्मिला देवी, उपप्रधान सीताराम, बागा करोग की प्रधान सुरेंद्रा देवी, उप प्रधान श्यामलाल चौहान, बीडीसी सदस्य वनिता देवी व दोनों पंचायतों के लगभग 20-20 किसानों ने प्राकृतिक खेती के बारे में ऑनलाइन संगोष्ठी में भाग लिया।
पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू की बाहरवीं कक्षा की छात्रा इप्सिता थापा ने उपनिर्देशक उच्च शिक्षा विभाग सोलन द्वारा आयोजित काँगड़ा भूकंप के उपलक्ष पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले भर में पाइन ग्रोव स्कूल का नाम रोशन किया है। गौरतलब है कि प्रदेश के काँगड़ा जिला में 1905 में भयानक भूकंप आया था इस भूकंप के आने से काँगड़ा जिला में तभी मच गयी थी। स्कूल में प्रथम आने के बाद इप्सिता का चयन विभिन निजी, आवासीय और राज्य द्वारा संचालित पब्लिक स्कूल एवं सरकारी के लिए आयोजित प्रतियोगिता के लिए हुआ था, जिसमे इप्सिता ने प्रथम स्थान हासिल किया है। उनकी कलात्मक प्रतिभा के लिए उन्हें 1100 रुपए की नगद राशि पुरुस्कार के रूप में दी गयी है। इप्सिता थापा की इस कामयाबी से उनके माता-पिता और पूरा स्कूल बेहद खुश है।
अटल शिक्षा कुञ्ज, कालूझिंडा स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में "उच्च शिक्षण संस्थानों में टीचिंग, लर्निंग और रिसर्च पर्सपेक्टिव्स" विषय पर एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न विषयों के शिक्षकों और शोधकर्ताओं के भीतर पेशेवर गुणों का विकास करना और उन्हें आधुनिक समय के बदलावों के लिए तैयार करना है। दो सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विद्वान अपना ज्ञान और अनुभव साझा करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध रहेंगे। कार्यक्रम के लिए अभी तक 200 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवा लिया है। इस क्रम में अभी तक डॉ० प्रभजीत सिंह नरूला, मनोचिकित्सा और परामर्श विशेषज्ञ, नई दिल्ली, प्रो० (डॉ०) पी० मल्याद्री, आईसीएसएसआर सीनियर फेलो, प्रो० (डॉ०) गीतिका सूद, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, प्रो० (डॉ०) के० वी० ठक्कर, डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स, मुंबई यूनिवर्सिटी, प्रो० (डॉ०) ओपी अग्रवाल, पूर्व कुलपति, जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर, प्रो० (डॉ०) अम्पू हरिकृष्णन, वाइस चांसलर हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड, प्रो० (डॉ०) अभय कुमार, वाइस चांसलर प्रताप यूनिवर्सिटी जयपुर ने वर्चुअल माध्यम से अपने विषय प्रस्तुत किये। आईईसी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो० (डॉ०) जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षाविदों व सोधार्थिओं के लिए आवश्यक विभिन्न रिसर्च और डिजिटल टूल्ज के बारे में जानने का एक सुनहरा अवसर है। कार्यक्रम के आयोजन सचिव प्रो० (डॉ०) आशीष कुमार शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम रिसर्च पेपर राइटिंग, रिसर्च प्रपोजल राइटिंग जैसे विषयों पर अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा। रिपोर्ट राइटिंग, अनुसंधान पद्धति, साइबर क्राइम, साहित्यिक चोरी को कम करना, स्ट्रेस मैनेजमेंट, राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020, प्रश्नावली का महत्व और इसकी रूपरेखा और अन्य विषयों को समझने के लिए बहुत लाभकारी होगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मण्डी जिले के सिराज विधानसभा क्षेत्र में लगभग 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जयराम ठाकुर ने ग्राम पंचायत पखरैर और कांडा बगस्याड़ की लाॅट, करसवाली और कटियाली की शेष बस्तियों को कवर करने के लिए 50 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, थुनाग तहसील में ग्राम पंचायत लम्बा थाच के केवली गांव में 97 लाख रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना, थुनाग तहसील में थुनाग बाजार और आस-पास के क्षेत्र के लिए 6.57 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण दीवार, तांदी में 55 लाख रुपये के निरीक्षण केन्द्र, थुनाग में 35.12 लाख रुपये से कला मंच और मुरहग में 25 लाख रुपये के पशु चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इसके उपरांत, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों के संतुलित और चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए उन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रह है, जो किसी न किसी कारण विकास के मामले में उपेक्षित रहे है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने आज 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जनता से सीधा संवाद करना संभव नहीं है, इसलिए राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिराज विधानसभा क्षेत्र राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में एक है और जब वह पहली बार इस क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे, तो लगभग 17 पंचायतें ही सड़कों से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र की लगभग सभी 77 पंचायतों को सड़कों से जोड़ दिया गया है।
आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है तो इस संकट की घड़ी में चिकित्सक अपने जीवन की परवाह किए बिना पहली पंक्ति में खड़े होकर मानव सेवा में जुटे हैं। उनके इसी महत्वपूर्ण योगदान के लिए आज इनरव्हील क्लब मिडटाउन सोलन द्वारा चिकित्सक दिवस पर उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौक़े पर सोलन मिडटाउन ने सोलन अस्पताल के CMO डॉक्टर राज उप्पल और उनकी टीम की सहयोगी डॉक्टर मुक्ता व आयुर्वेदिक हॉस्पिटल के डॉक्टर हितेश, डॉक्टर मनीष मित्तल और अन्य 27 डॉक्टरों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया । क्लब सदस्यों ने डॉक्टरों को सम्मान के रूप में पौधे, कैंडल और सम्मान पत्र भेंट किए। कार्यक्रम के दौरान क्लब के सदस्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया। इस मौक़े पर क्लब की ओर से CCC ऊषा ठाकुर, सविता भला, मनजीत, ज्योति, अनीता और ऑडिटर दीपाली ठाकुर मौजूद रही।
हिमाचल प्रदेश में किसानों-बागवानों को पहली बार क्रेट खरीदने के लिए सरकार 134 रुपये सब्सिडी देगी। पहले चरण में प्रदेश सरकार सीजन में बागवानों और किसानों को डेढ़ लाख क्रेट उपलब्ध करवाएगी, जिससे फसलों की पैकिंग के लिए इन क्रेटों का बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। प्लास्टिक के एक क्रेट की कीमत 335 और 320 रुपये है। सरकार ने क्रेट खरीदने और सब्सिडी देने के लिए दो करोड़ की राशि जारी कर दी है। प्रदेश भर में करीब चार करोड़ पेटी सेब होने का अनुमान है। गौरतलब है कि सरकार बागवानों को बार-बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के क्रेट उपलब्ध करा रही है। पहले बागवानों को 10 से 15 क्रेट दिए जाएंगे। किसान-बागवान फसलें बेचने के बाद क्रेट अपने साथ वापस ले आएंगे।
विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई टीम चीफ वार्डन अधिकारी से मिले। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने कहा की विद्यार्थी परिषद छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलनरत रही है। 30 जून को लाइब्रेरी 50% की क्षमता से खुली और विद्यार्थी परिषद की एक आंदोलन की जीत हुई। ऐसे में विश्वविद्यालय में छात्रों की तादाद बढ़ रही है। अब छात्रों को शिमला में रहने के लिए अलग से कमरे लेने पड़ रहे हैं कमरों में रहने के लिए अत्याधिक खर्चा उठाना पड़ रहा है। इसी बाबत विद्यार्थी परिषद ने छात्रों के लिए छात्रावास खोलने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। विद्यार्थी परिषद ने जनजातीय क्षेत्र के उन सभी छात्रों को ध्यान में रखते हुए और जो छात्र अभी विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी में पढ़ने आए हैं, उन सभी छात्रों के लिए छात्रावास खोले जाने की मांग उठाई है। पहले से ही छात्र करोना महामारी से काफी ग्रसित है छात्रों को अपनी पढ़ाई में काफी रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के लिए हॉस्टल खोलने में काफी देरी कर रहा है वह छात्र जो हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों से विश्वविद्यालय में पढ़ने आते हैं उन छात्रों को शिमला में कमरा लेकर के रहना काफी खर्चीला साबित हो रहा है ऐसे में जनजातीय क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी की वजह से वहां पर ऑनलाइन कक्षाएं लगा पाना भी संभव नहीं है। एबीपी विश्वविद्यालय इकाई ने आंदोलन को अग्रसर करते हुए यह मांग उठाई है की जल्द से जल्द छात्रों के छात्रावास खोले जाएं।
राजकीय बाबा कांशी राम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाडासीबा में वीरवार को गणेश दत्त शर्मा ने बतौर प्रिंसिपल अपना कार्य भार संभाल लिया है। कार्यभार सम्भालते ही प्रिंसिपल गणेश दत्त शर्मा ने बताया कि यहां तैनात समस्त स्टाफ के साथ तालमेल से किसी भी छात्र- छात्राओं के लिए पढ़ाई मे दिक्कत पैदा न हो इसके लिए पहले की अपेक्षा और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। बताते चलें कि गणेश दत्त शर्मा इससे पहले वर्ष 1995 से वर्ष 2012 तक इसी डाडासीबा स्कूल में बतौर पॉलिटिकल साइंस लैक्चरार अपनी सेवाएं दे चुके हैं। और अब गणेश शर्मा ने इसी स्कूल में बतौर प्रिंसिपल कार्यभार सम्भाला है।
प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सहजल आज निजी दौरे पर कुनिहार पहुंचे। जंहा उन्होंने भाजपा अर्की मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय के बेटे की नई मैडिकल शॉप का रिबन काटकर शुभारम्भ किया। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल विशेष रूप से मौजूद रहे। कुनिहार पहुंचने पर लोगों ने फूलमालाओं के साथ डॉ सहजल व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों द्वारा सिविल अस्पताल कुनिहार की खामियों के बारे सवाल पूछने पर डॉ सहजल ने कहा कि सिविल अस्पताल कुनिहार की जरूरतों को जल्द पूरा किया जाएगा व 108 एम्बुलेंस भी अस्पताल को जल्द ही मुहैया करवाई जाएगी। इसके बाद मन्त्री ने सिविल अस्पताल कुनिहार का निरक्षण भी किया व अस्पताल इंचार्ज डॉ सिद्धार्थ से पूरी जानकारी ली। उन्होने अस्पताल में व्यवस्था जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री सहजल ने अस्पताल में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का निरक्षण कर वैक्सीन लगवाने आए लोगों से भी बातचीत की। इस मौके पर मार्किट कमेटी के चेयरमैन संजीव कश्यप, दलीप सिंह पाल, जय नन्द शर्मा, अमर सिंह परिहार, अनिल गर्ग, सुरेश कुमार जोशी, रघुवीर कंवर, रूपराम शर्मा, जगदीश अत्रि, रोहित जोशी, प्रतिभा कंवर, किरण कौंडल, कौशल्या कंवर, शिप्रा जोशी, सीमा महंत आदि उपस्थित रहे।
फॉल आर्मी नामक कीट मक्की की फसल को भारी नुक्सान पहुंचा सकता है। इस बार भी हमीरपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में फॉल आर्मी कीट के पनपने का पता चलते ही कृषि विभाग ने ऐहतियाती कदम उठाए हैं तथा जिला के किसानों को आगाह किया है। विभाग के उपनिदेशक डॉ. पीसी सैणी ने वीरवार को स्वयं बड़सर उपमंडल के कुछ क्षेत्रों का दौरा करके मक्की की फसल का जायजा लिया और कीट के प्रबंधन के संबंध में किसानों का मार्गदर्शन किया। डॉ. पीसी सैणी ने बताया कि फॉल आर्मी वर्म मक्की की फसल को बहुत ज्यादा नुक्सान पहुंचाता है। पिछले वर्ष हमीरपुर जिला के कई क्षेत्रों में इस कीट ने किसानों का काफी नुक्सान किया था। इस वर्ष भी बिझड़ी ब्लॉक के गांव बैरी, पाहलु, ढंढवीं, बल्ह, बिहाल और कई अन्य गांवों में इस कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि यह कीट मुख्यत: मक्की की पत्तियों को खा लेता है। शुरुआती दिनों में यह कीट पत्तियों के किनारों को छील देता है तथा पत्ती पर छोटे-छोटे छेद कर देता है। पौधे की खाई गई पत्तियों से ऊपर की पत्तियां भी गिरने लगती है। डॉ.पीसी सैणी ने कहा कि किसानों को अगर अपनी फसल में इस तरह के लक्षण नजर आते हैं तो वे तुरंत नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क करें। फॉल आर्मी कीट से बचाव के लिए कीटनाशकों का छिडक़ाव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि किसान अजढिरिक्टन 1 ईसी (1000 पीपीएम) की 2 मिली लीटर मात्रा को एक लीटर पानी में घोलकर छिडक़ सकते हैं। इसके अलावा थायोडिकार्ब 75 डब्ल्यूपी को 2 ग्राम प्रति लीटर पानी या फ्ल्यूबेंडाईमाईड को 0.3 मिली प्रति लीटर पानी अथवा स्पिनोसैड 45 एससी को भी 0.3 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे की जा सकती है। ये सभी दवाईयां कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त दुकानों से प्राप्त की जा सकती हैं। इनके अलावा क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी को 2 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर या साईपरमैथरीन 25 ईसी का छिडक़ाव भी किया जा सकता है। ये दवाईयां जिले में सभी कृषि विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि कृषि विभाग इसी हफ्ते कीटनाशकों की लगभग 200 लीटर की खेप कृषि विक्रय केंद्रों तक पहुंचा रहा है। उन्होंने जिला के किसानों से फॉल आर्मी वर्म के प्रति सावधानी बरतने तथा किसी भी तरह की जानकारी के लिए नजदीकी कृषि अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मण्डी जिला के थुनाग से वर्चुअल माध्यम से चिकित्सकों को संबोधित करते हुए समाज की पीड़ाओं को कम करने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल बहुमूल्य जीवन ही नहीं बचाते हैं, बल्कि मरीजों का उपचार कर उनके दर्द और पीड़ा को भी कम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और विख्यात चिकित्सक डाॅ. बिधान चन्द्र राॅय की जयन्ती और पुण्य तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। डाॅ. राॅय एक महान चिकित्सक थे जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान जोखिम को डालकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने एक बार पुनः विश्वभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान और बलिदान का स्मरण करवाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उप महाद्वीप में डाॅ.राॅय को प्रथम चिकित्सा सलाहकार भी कहा जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जरनल के अनुसार वह अपने समकालीन चिकित्सकों से प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी थे। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस लोगों का जीवन बचाने में चिकित्स्कों की भूमिका और दायित्व तथा उनके कार्यों व कर्तव्यों को स्मरण करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने सैकड़ों जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में विचार न करके उन्होंने देश की सेवा को सर्वोपरि माना। राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए संकल्पबद्ध है और कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी आपदा से निपटने के लिए बिस्तर क्षमता को 1200 से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया है। पिछले एक साल के दौरान प्रदेश में आठ पीएसए संयत्र स्थापित किए गए और इस वर्ष 15 अगस्त तक लगभग 28 पीएसए संयत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन, हमीरपुर और चंबा में भवन निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। जयराम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश को देश का खुशहाल और स्वस्थ राज्य बनाने के लिए प्रदेश के चिकित्सक इसी समर्पण और सेवा भाव से कार्य करते रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कोविड-19 महामारी की इस परीक्षा की घड़ी के दौरान प्रदेश का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिकित्सकों पर पूर्ण विश्वास है और यह किसी भी व्यवसाय के लिए सच्ची पूंजी और पुरस्कार है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक लगभग 39 लाख खुराकें लगाई जा चुकी हैं। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रोफेसर और श्वसन चिकित्सा प्रमुख डाॅ. मलय सरकार ने कोविड और इस महामारी के प्रसार के नियंत्रण संबंधी प्रस्तुति दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी देवेन्द्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चैधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री इस अवसर पर उपस्थित थे।
राजधानी की पुलिस ने वीरवार दोपहर करीब 12 बजे पर्यटकों पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। हरियाणा से शिमला घूमने पहुंचे पर्यटक सर्कुलर रोड पर विक्ट्री टनल के नजदीक पहुंच थे। यहां पुलिस ने गाड़ी रुकवाकर कागजों के बारे में पर्यटकों से पूछताछ की। थोड़ी ही देर बाद ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने घूमने आए पर पर्यटकों पर थप्पड़ बरसा दिए। दरसल, जब पर्यटकों को विक्ट्री टनल में तैनात ट्रैफिक कर्मी द्वारा रोकने पर पर्यटक नहीं रुके और उन्होंने पुलिस के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद आगे बढ़ने पर विक्ट्री टनल के नजदीक बने ओवर ब्रिज के समीप पर्यटकों को रोका गया। यहां पहुंच कर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कर्मी ने पर्यटकों से मारपीट की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने आज संगठन के विस्तार हेतु 2 नियुक्तियां की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ज्वालामुखी मंडल से संबंध रखने वाले लोकप्रिय गायक करनैल राणा को हिमाचल प्रदेश सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है। यह प्रकोष्ठ हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को लेकर अनेक गतिविधियों में कार्य करता है। करनैल राणा ने कल भाजपा कार्यसमिति के दौरान भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके साथ वन मंत्री राकेश पठानिया एवं पूर्व मंत्री रविंद्र रवि उपस्थित रहे थे। इसी प्रकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले पूर्व मंत्री रूप दास कश्यप को बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है इस प्रकोष्ठ की समाज मे अहम भूमिका है। अब भारतीय जनता पार्टी के कुल मिला के 16 प्रकोष्ठों का गठन हो चुका है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा की इन नियुक्तियों से भाजपा को प्रदेश में बल मिलेगा और भाजपा का कार्य सुदृण रूप से आगे बढ़ेगा।
केंद्र से सप्लाई कम आने के कारण हिमाचल प्रदेश में वैक्सीन की कमी चल रही है। इसके चलते सरकार ने एक सप्ताह तक 18 से 44 साल आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगानी बंद की है। अभी स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन की तीन लाख डोज हैं। यह सिर्फ 45 साल से अधिक आयु और विशेष श्रेणी के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रदेश में 18 से 44 साल तक के करीब 9 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा लोगों को डोज लगाने से वैक्सीन की कमी हो गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में 21 जून से केंद्र सरकार की ओर से सभी वर्गों के लोगों को वैक्सीन लगाने को लेकर वैक्सीन मुहैया करवाई जा रही है। इसके तहत 18 से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। करीब 806 सेंटरों में वैक्सीनेशन ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में नई आबकारी नीति एक जुलाई से लागू हो रही है। 31 मार्च, 2022 तक नौ महीने के दौरान नई नीति के तहत शराब बिक्री और सप्लाई का काम होगा। नई नीति के तहत लाइसेंस फीस और एक्साइज ड्यूटी कम होने से देशी और भारत में निर्मित विदेशी शराब के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पड़ोसी राज्यों से शराब तस्करी रोकने, शराब की कीमतों में कटौती करने और सरकारी राजस्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से खुदरा आबकारी ठेकों को यूनिट, ठेके की कीमत के तीन प्रतिशत की नवीनीकरण फीस पर 2021-22 के लिए ठेकों का नवीनीकरण किया जाएगा। नीति में शराब उत्पादक कंपनियों को ईएनए की कंपलसरी टेस्टिंग के प्रावधानों में छूट की व्यवस्था की गई है। लोगों की सहूलियत के लिए इस साल डिपार्टमेंटल स्टोर में भी कुछ शर्तों के साथ शराब बिक सकेगी।
हिमाचल प्रदेश में गुरुवार से बाहरी राज्यों के लिए पथ परिवहन निगम की बसें दौड़नी शुरू हो गई हैं। पहले दिन गुरुवार को 500 रूटों पर 317 बसें चलेंगी। इनमें 298 साधारण बसें, 15 वोल्वो और चार डीलक्स बसें चलेंगी। हिमाचल से बाहरी राज्यों के 708 रूट हैं। ये सभी बसें एसओपी के साथ चलेंगी। सरकार की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक सभी बसें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी से चलेंगी। सर्दी, खांसी जैसी बीमारी से ग्रसित लोगों को बसों में चढ़ने नहीं दिया जाएगा। चालक के पास कोई सवारी नहीं जा सकेगी। बसें उचित स्टेशन पर ही रुकेंगी। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों के लिए बसें चलनी शुरू हो गई है। रूट वेबसाइट पर भी अपलोड होंगे। शिमला-दिल्ली, धर्मशाला-दिल्ली, रिकांगपिओ-दिल्ली, मनाली-दिल्ली, शिमला-हरिद्वार, धर्मशाला-हरिद्वार के अलावा पंजाब, हरियाणा, अमृतसर के लिए बसें चलेंगी। ये बसें सुबह 7 बजे से रवाना होनी शुरू हुईं।


















































