स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के सहयोग से बच्चों के लिए नया कोविड-19 रोकथाम और प्रबंधन प्रोटोकाॅल जारी किया है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों को कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे बार-बार हाथ धोने और कम से कम 6 फीट की परस्पर दूरी बनाए रखने का पालन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और 5 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों को घर से बाहर निकलतेे समय मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि सामान्य स्वस्थ बच्चों की अपेक्षा कुपोषण, विशेष रूप से सक्षम, एचआईवी, हृदय, किडनी व लीवर आदि जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों को कोविड-19 का अधिक खतरा होता है। बच्चों में व्यस्कों के समान ही कोविड के लक्षण पाए जाते हैं, जिनमें बुखार, ठंड लगना, खांसी, नाक बंद होना या नाक बहना, स्वाद में कमी या सांस लेने में कठिनाई, दस्त लगना और भूख कम होना शामिल हैं। ऐसे कोई लक्षण पाए जाने पर बच्चों को डाॅक्टर को दिखाना आवश्यक होता है यदि कोई बच्चा कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है और डाॅक्टर द्वारा उसे होम आइसोलेशन की सलाह दी जाती है, तो ऐसी स्थिति में माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी मापदंडों की निगरानी करनी चाहिए, जिसमें बच्चों की श्वसन दर की दिन में 2 से 3 बार गणना करना, त्वचा के नीले पड़ने व हर 4 घंटे में पेशाब व आॅक्सीजन लेवल तथा शरीर के तापमान की जांच करना, 24 घंटे में तरल पदार्थ का सेवन करना, आहार लेना और आहार चार्ट बनाने के साथ-साथ बच्चे की गतिविधियों की जांच करते रहना शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में माता-पिता को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि कोविड-19 पाॅजिटिव बच्चे की घर पर आसानी से देखभाल की जा सकती है। कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करते हुए माताओं को 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को स्तनपान करवाना जारी रखना चाहिए और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को होम आइसोलेशन के दौरान हमेशा मां या केयर टेकर के साथ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे में कोविड-19 के भय को कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए और माता-पिता को बच्चे को कोविड-19 के भय से दूर रखने के लिए उनकी बातें सुनकर उनका मनोबल बनाए रखने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि राज्य में एक से नौ जुलाई, 2021 तक केवल श्रेणी-ए यानी 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए ही टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी पात्र लाभार्थियों के लिए कोविशील्ड की पहली व दूसरी खुराक, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित सभी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं, अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली व दूसरी खुराक और राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित सभी प्राथमिकता समूह वाले पात्र लाभार्थियों को वैक्सीन की पहली व दूसरी खुराक लगाने के लिए जिलों में वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रेणी-ए लाभार्थियों के लिए पहली खुराक लगाने की समय सीमा भी नौ जुलाई, 2021 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने श्रेणी-ए के सभी लाभार्थियों से आग्रह किया है कि वे उपरोक्त रणनीति के आधार पर ही अपना टीकाकरण करवाएं।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी के सेवानिवृत होने के उपलक्ष्य में विदाई समारोह के अंतर्गत फुल कोर्ट रेफरेंस का आयोजन किया गया। न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी का जन्म 01 जुलाई, 1959 को कर्नाटक के जिला शिवमोगा के भद्रावती में हुआ। इन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा पेपर टाउन भद्रावती से प्राप्त की। इन्होंने बी.बी.एस. महाविद्यालय शिवमोगा से प्री युनिवर्सिटी शिक्षा तथा मैसूर विश्वविद्यालय से बी.ए. एल.एल.एम. की उपाधी प्राप्त की। वह वर्ष 1987 में कर्नाटक राज्य बार काउंसिल बैंगलूरू में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए। इन्होंने उच्च न्यायालय में रिट याचिका, सेवा मामलों, भूमि सुधार व राजस्व और जनहित याचिका आदि विषयों में उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने 1995 से 1999 तक उच्च न्यायालय में सरकार के अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। वह 4 जुलाई, 2007 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किए गए और 17 अपै्रल, 2009 को स्थाई न्यायाधीश बने। वह 18 जनवरी, 2019 से 10 मई, 2019 तक कर्नाटक उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे तथा 6 अक्तूबर, 2019 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी ने कहा कि उच्च न्यायालय के बार और रजिस्ट्री का अपेक्षाओं से अधिक सहयोग प्राप्त हुआ और उनके सहयोग के कारण वह प्रदेश के कानून और न्याय के विकास में योगदान दे पाए। उन्होंने सभी के समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमथ ने कहा कि न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी ने अपने निर्णयों द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महामारी के दौरान लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए भी इनके मार्गदर्शन में अविस्मरणीय कार्य किए गए। उन्होंने कहा कि इनके कार्यकाल में तीन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट सृजित किए गए, जिसमें शिमला, रामपुर बुशैहर तथा नाहन शामिल हैं। सिविल जज थुनाग कोर्ट का लोकार्पण भी इन्होंने किया। इसके अतिरिक्त प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में न्यायिक भवनों का निर्माण कार्य भी किया गया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी समाज के गरीब व कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 जुलाई, 2021 को सोलन के सपरून स्थित 132/33 केवी विद्युत उप केन्द्र की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। विकास गुप्ता ने कहा कि इस कारण 02 जुलाई, 2021 को सोलन शहर के विभिन्न हिस्सों, चम्बाघाट, बड़ोग तथा कण्डाघाट में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि 02 जुलाई, 2021 को सोलन शहर के माल रोड, अप्पर बाजार, पुराना उपायुक्त कार्यालय, आनंद काॅम्पलेक्स, न्यायालय परिसर, पीडब्लयूडी कालोनी, कलीन, सेर कलीन, सन्नी साईड, विवान्ता माल, मैसर्ज पैरागान, चिल्ड्रन पार्क, पुस्तकालय, मैसर्ज हिमानी, जौणाजी, शिल्ली, अश्वनी खड्ड, दामकड़ी, फशकना, फ्लाई, हरट, ब्रूरी, सलोगड़ा, मनसार, गलोथ, गण की सेर, कोधारी, कोठी, कथोग, बजरोल, नडोह, शामती, डमरोग, आॅफीसर काॅलोनी, कोटलानाला, कथेड़, मिनी सचिवालय एवं आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। चम्बाघाट क्षेत्र में 02 जुलाई, 2021 को चम्बाघाट चैक, फाॅरेस्ट कालोनी, फ्रेंडस कालोनी, करोल विहार, एनआरसीएम, बेर खास, बेर गांव तथा आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि बड़ोग में 02 जुलाई, 2021 को बड़ोग, आंजी, शमलेच, नगाली, कोरांे कैंथड़ी, लगहेचघाट, बाड़ा, कलोल, देहूंघाट, रबौण, तार फैक्ट्री, कायलर, लवीघाट, घट्टी, हाऊसिंग बोर्ड तथा आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। विकास गुप्ता ने कहा कि कण्डाघाट क्षेत्र में 02 जुलाई, 2021 को डेढघराट, परोथा, शिवालिक बाई मेटल, मही, डोलक, चायल रोड (कण्डाघाट), डुमैहर, कोठी बारा, कून, कोट कदौर, बोधन, हिन्नर, कुरगल, टिक्करी, टणांजी, कन्नौडी, घेवा, हुक्कल तथा आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने उक्त क्षेत्रों के निवासियों से उक्त अवधि में सहयोग की अपील की है।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने पर्यटन एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि उपमण्डल के साधुपुल क्षेत्र में अश्विनी खड्ड के आस-पास नियमित औचक निरीक्षण किए जाएं आर क्षेत्र में धारा 144 के उल्लघंन पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। डाॅ. सूद आज साधुपुल क्षेत्र में अश्विनी खड्ड के आस-पास क्षेत्र का निरीक्षण करने के उपरान्त स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, होटल मालिकों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सूद ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि समूचे क्षेत्र में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के कार्य कर रहे होटलों के विरूद्ध सख्त कार्रवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी होटलों में सीसीसटीवी कैमरे स्थापित होने चाहिएं। उन्होंने होटल मालिकों को निर्देश दिए कि अपने फेसबुक पेज एवं व्हाट्सएप ग्रुप में इस क्षेत्र में लागू धारा 144 तथा नदी क्षेत्र में जाने की मनाही के विषय में जानकारी दी जाए। उन्होंने होटल में भी पर्यटकों को इस विषय में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र में अश्विनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थानों पर बाड़बन्दी की जाए जहां से पर्यटक एवं वाहन नदी में जाते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मुख्य स्थानों पर धारा 144 के सम्बन्ध में सूचना पट्ट स्थापित किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को आवश्यक जानकरी मिल सके। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि अमूल्य पेयजल को दूषित होने से बचाने के लिए नियम पालन में कोई कोताही सहन नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहन कर रखें। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि मास्क न पहनने वालों तथा धारा 144 का उल्लघंन करने पर विधि सम्मत कार्रवाही अमल में लाई जाए। डाॅ. सूद ने कह कि जल को दूषित होने से बचाने के लिए प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड द्वारा पानी के नियमित सैम्पल लिए जाएंगे। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि क्षेत्र में पुलिस की नियमित गश्त सुनिश्चित बनाई जाए। इस अवसर पर ग्राम पचंायत सकोड़ी के प्रधान सुरेश कुमार, उप प्रधान राजेन्द्र, ग्राम पंचायत तुन्दल की प्रधान चित्ररेखा, स्थानीय ग्रामीण, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ शुभम, सहायक पर्यटन विकास अधिकारी सोलन करतार चन्द, थाना कण्डाघाट के प्रभारी ब्रिज लाल, रिवर ऐसोसियशन साधुपूल के प्रधान पवन ठाकुर, सदस्य सन्दीप नेगी, रमेश शर्मा, नीरज ठाकुर तथा रजनीश शर्मा एवं अन्य उपस्थित थे।
कंडाघाट स्थित कृषि विज्ञान केंद्र सोलन के वैज्ञानिक दल ने विगत सप्ताह सोलन एवं कंडाघाट खण्डों के विभिन्न गाँवों का नैदानिक दौरा किया। वैज्ञानिकों के इस दल ने डॉ जितेंदर चौहान की अगुवाई में करोल पहाड़ी पर स्थित गाँवों का दौरा किया। डॉ आरती शुक्ला एवं डॉ अनुराग शर्मा ने किसानों को टमाटर में लगने वाले रोगों एवं कीटों के निदान के उपाय सुझाए तथा किसानों के खेतों का निरीक्षण भी किया।इस वैज्ञानिक दल ने जदारी, पलहेच एवं सलुमणा गाँवों का दौरा भी किया जहां किसानों ने इस वर्ष सेब के नए बगीचे लगाए हैं। जदारी गाँव के किसान प्रदीप, पलहेच गाँव के सुरेश कुमार एवं सलुमणा के परमानंद शर्मा के आग्रह पर केंद्र के प्रभारी डॉ जितेंदर चौहान ने इन सभी बागवानों के बगीचों में जाकर समर प्रूनिंग के गुर सिखाए। वैज्ञानिकों ने खेतों के निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर शिमला मिर्च में पता झुलसा, जीवाणु धब्बा तथा मुरझान रोग व टमाटर की फसल में बॅक आई फल सड़न (काली टिक्की) जीवाणु धब्बा, फल छेदक कीट एवं सफ़ेद मक्खी रोग से ग्रसित पाया।वैज्ञानिकों ने किसानों को इन रोगों व कीटों के नियंत्रण के उपाय सुझाए। इसके अतिरिक्त अनार एवं कीवी फल से संबधित समस्याओं का भी निवारण किया गया। केंद्र के वैज्ञानिक ने धारों की धार गाँव का दौरा किया जहां के अधिकतर किसान अब सेब की खेती से जुड़े हैं। यहाँ के प्रगतिशील किसान करण सिंह ठाकुर ने बताया की क्षेत्र के बागवानों को रूट बोरर एवं जड़ सड़न की समस्या आ रही है जिसके मद्देनजर वैज्ञानिकों ने यहाँ सेब के कीट एवं रोग नियंत्रण विषय पर एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया व किसानों को इन समस्याओं से निजात पाने के तरीके बताए। रूट बोरर के नियंत्रण के लिए दवा के अतिरिक्त सौर ट्रैप तथा मैटाराइजियम एनीसोल्पी नामक फुफंद के इस्तेमाल की सलाह दी।
सोलन जिला में जुलाई माह के लिए वाहनों की फिटनेस, पासिंग व ड्राईविंग टैस्ट की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। यह जानकारी आज यहां क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने दी। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि सोलन में वाहनों की फिटनेस एवं पासिंग 12 जुलाई एवं 22 जुलाई, 2021 तथा ड्राईविंग टैस्ट 13 व 23 जुलाई, 2021 को आयोजित किए जाएंगे। चालक लाईसंेस जारी करने के लिए ड्राईविंग टैस्ट बसाल स्थित हेलीपैड में आयोजित किए जाएंगे। वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की सोलन स्थित कर्यशाला के समीप मार्ग पर वाहनों की फिटनेस जांची जाएगी। उन्होंने कहा कि कण्डघाट में वाहनों की फिटनेस एवं पासिंग 05 जुलाई, 2021 को दिन में 02.00 बजे से 05.00 बजे तक तथा ड्राईविंग टैस्ट इसी दिन प्रातः 10.00 बजे से दिन में 01.00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। ड्राईविंग टैस्ट काॅलेज मैदान में तथा वाहनों की फिटनेस एवं पासिंग पैट्रोल पम्प के समीप जांची जाएगी। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि परवाणु में ड्राईविंग टैस्ट प्रथम जुलाई, 2021 को प्रातः 10..00 बजे से दिन में 01.00 बजे तक तथा वाहनों कर फिटनेस एवं पासिंग इसी दिन 02.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक होगी। परवाणु में ड्राईविंग टैस्ट तथा फिटनेस एवं पासिंग के लिए सेब मण्डी निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि जिला के कसौली में ड्राईविंग टैस्ट 19 जुलाई, 2021 को प्रातः 10..00 बजे से दिन में 01.00 बजे तक तथा वाहनों की फिटनेस एवं पासिंग इसी दिन 02.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक की जाएगी। कसौली में ड्राईविंग टैस्ट तथा फिटनेस एवं पासिंग के लिए गढ़खल के समीप स्थान निर्धरित किया गया है।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्थानीय व्यापार मण्डलों के सहयोग से बाजार एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिए परीक्षण किए जाएं ताकि महामारी की व्यापक स्तर पर रोकथाम में सहायता मिल सके। कृतिका कुल्हारी आज यहां कोविड-19 की सम्भावित तृतीय लहर के लिए तैयारी एवं सैम्पलिंग बढ़ाने और टीकाकरण के सम्बन्ध में जिला कार्य बल की बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थीं। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न गतिविधियों के आरम्भ होने से बाजारों इत्यादि में भीड़ बढ़ रही है और ऐसी परिस्थिति में कोरोना संक्रमण पर नियन्त्रण के लिए सैम्पलिंग बढ़ाया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय व्यापार मण्डलों के साथ समन्वय स्थापित कर बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों में परीक्षण के लिए शिविर लगाए जाएं अथवा मोबाईल परीक्षण वाहन का प्रयोग किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि इस दिशा में उपमण्डलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य पूर्ण करें। उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि कोरोना पोजिटिव व्यक्तियों के प्राथमिक सम्पर्कों की पहचान एवं सैम्पिलिंग पर पूर्ण ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाना आवश्यक है। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि कोविड का खतरा अभी टला नहीं है और ऐसी परिस्थिति में सभी के लिए कोरोना से बचाव के नियमों का पालन आवश्यक है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सोलन को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों के नियमित चालान काटे जाएं। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की सम्भावित तृतीय लहर से बचाव के लिए सभी स्तरों पर तैयारी एवं नियम पालन आवश्यक है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि जिला में विभिन्न स्तरों पर कोविड-19 से बचाव के लिए बच्चों के लिए भी आवश्यक उपकरण एवं दवाओं का भण्डारण करें। उन्होंने अधिक से अधिक व्यक्तियों का टीकाकरण सुनिश्चित बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन जिला में वर्तमान में समर्पित कोविड केयर केन्द्रों में आॅक्सीजन सुविधा युक्त 378 बिस्तर उपलब्ध हैं। जिला में 305 आॅक्सीजन कन्सेनट्रेटर तथा 1336 आॅक्सीजन सिलेंडर एवं 46 वैंटिलेटर उपलब्ध हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 1000 एलपीएम (लीटर पर मिनट), नागरिक अस्पताल अर्की में 1000 एलपीएम तथा मेकशिफ्ट अस्पताल नालागढ़ में 200 एलपीएम क्षमता के पीएसए ऑक्सीजन सयन्त्र निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि सोलन जिला में अभी तक कोविड-19 जांच के लिए कुल 213444 परीक्षण किए गए हैं। इनमें 22203 व्यक्ति कोरोना पोजिटिव पाए गए। जिला में 21820 व्यक्ति कोरोना संक्रमण से ठीक हुए जबकि 311 व्यक्तियों की दुःखद मृत्यु हुई। 29 जून, 2021 तक सोलन जिला में 72 कोरोना पोजिटिव रोगी हैं। इनमें से 70 रोगियों को होम आईसोलेशल में रखा गया है जबकि 02 रोगी अस्पताल में उपचराधीन हैं। जिला में कोरोना की प्रथम लहर में अधिकतम मामले सितम्बर, 2020 में 129 जबकि द्वितीय लहर में मई, 2021 में 669 पाए गए। प्रथम लहर में सबसे अधिक 22 व्यक्तियों की मृत्यु सितम्बर 2020 में जबकि द्वितीय लहर में सबसे अधिक 173 व्यक्तियों की दुःखद मुत्यु मई, 2021 मंे हुई। जिला में कोविड-19 से बचाव के लिए अभी तक 305095 व्यक्तियों को टीके की पहली खुराक दी गई है। जिला में टीकाकरण की गति को सत्त रूप से बढ़ाया जा रहा है तथा 29 जून, 2021 को सोलन जिला में 18,000 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी सोलन डाॅ. मुक्ता रस्तोगी ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, उमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, उमण्डलाधिकारी अर्की विकास श्ुाक्ला, उमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. गगनदीप राजहंस, डाॅ. वी.के. गोयल, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अल्ट्राटेक कम्यूनिटी वेलफेयर फाउंडेशन बागा द्वारा स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर के सहयोग से ओएचएस सेंटर सराई घाट में कोविड-19 का टीकाकरण 18 से 45 वर्ष आयु समूह एवं 45 से अधिक आयु वर्ग का टीकाकरण का कार्य 4 अप्रैल 2021 से निरन्तर किया जा रहा है।अल्ट्राटेक सीमेंट के ईकाइ प्रमुख विवेक माथुर के मार्गदर्शन में कोविड-19 का टीकाकरण का कार्य ओएचएस सेंटर में किया जा रहा है जिसमे अभी तक 1148 का टीकाकरण किया जा चुका है। अल्ट्राटेक कम्यूनिटी वेलफेयर फाउंडेशन के ग्रामीण विकास प्रभारी कुलीन देशमुख ने बताया कि धार टटोह स्वास्थ्य केन्द्र से निशा शर्मा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाल देई और यासीन द्वारा टीकाकरण का कार्य किया गया जिसमें ओएचएस सेंटर प्रभारी डाक्टर राकेश शर्मा, कपिल एवं सीएसआर रीचा ठाकुर के साथ साथ समुदाय में टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने मे सीएसआर टीम महिला मंडल,स्वयं सहायता समूह एवं ग्राम पंचायत मांगल, बागा, धारटटोह का सराहनीय सहयोग रहा।
सामाजिक मूल्यों के साथ निरंतर जनसेवा कर रहे समाजसेवी, नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य और वीआर मेरीटाइम कंपनी के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर ने मानवीय संवदेनाओं की एक और मिसाल पेश की है। पिछले सप्ताह शुक्रवार को जसवां-परागपुर क्षेत्र की परागपुर पंचायत के गढ़ गांव में बिजली के करंट से पेड़ से गिरी एक महिला के उपचार में न सिर्फ आर्थिक सहायता की है, बल्कि इलाज में कोई परेशानी न हो, इसके लिए अपनी एक टीम भी टांडा मेडीकल कॉलेज में भेज दी। पराशर के आग्रह पर टीएमसी प्रशासन ने भी महिला के उपचार में यथायोग्य सहयोग दिया है। परागपुर पंचायत के गढ़ गांव की महिला आशा देवी गत शुक्रवार को पशुओं के लिए चारा काटने के लिए पेड़ पर चढ़ी थी, लेकिन पेड़ के साथ बिजली की तारें होने से करंट लगने से वह गिर गई। उसे गंभीर चोटें आईं और स्वजन उसे पहले देहरा अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए टीएमसी के लिए रेफर कर दिया गया। उधर, हादसा होने के बाद गांव के ही एक व्यक्ति ने पराशर के वाट्सएप पर एक संदेश भेजा कि गढ़ गांव के गरीब परिवार की महिला के साथ यह दुर्घटना हुई है। साथ में गुजारिश भी की कि पराशर को उक्त महिला के इलाज में मदद करनी चाहिए। इस संदेश के बाद पराशर ने तत्काल संदेश में बताए गए नंबर पर संपर्क किया तो महिला की बेटी ने बताया कि उन्हें उपचार के लिए पैसे की जरूरत है। ऐसे में पराशर ने अपनी एक टीम टांडा मेडीकल कॉलेज के लिए रवाना कर दी। चिकित्सकों से महिला के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गई और स्वजनों से अब तक हुए खर्च के बारे में पूछा गया। बुधवार तक हुए दवाईयों के सारे खर्च का जिम्मा पराशर ने उठा लिया और महिला के खाते में उक्त राशि जमा करवा दी गई। पराशर के आग्रह पर टीएमसी प्रबंधन ने भी गरीब महिला के उपचार के लिए तीन हजार रूपए की सहयोग राशि दी है। महिला की हालत स्थिर बनी हुई है और उसका आपरेशन होना है। महिला की बेटी मंजू बाला ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से संबंध रखती हैं। खेतीबाड़ी से ही परिवार का गुजारा चलता है। मां के उपचार में दिक्कत आने वाली थी, लेकिन कैप्टन संजय पराशर ने समय पर उनकी आर्थिक मदद कर दी और उनकी टीम ने खुद अस्पताल में आकर हौसला बढ़ाया। बताया कि इस भाव से की गई सहायता का उनका परिवार पराशर का आभारी रहेगा। वहीं, पराशर का कहना था कि ऐसी प्रतिकूल स्थिति में गरीब परिवार की मदद करना सबका नैतिक दायित्व भी बनता है।
बुधवार को भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा विभिन्न पंचायतों में सुभाष पालेकर जैविक खेती के बारे में वर्चुअल माध्यम से जानकारी दी गई जिसमें किसानों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया व जैविक खेती के बारे में विभिन्न जानकारियां हासिल की। विकासखण्ड खण्ड कुनिहार की कोठी पँचायत के गाँव शाकली व कुनिहार के नजदीक जाबल झमरोट पँचायत में प्रधान सीमा सहगल के नेतृत्व में किसानों ने एक जगह इकटठे होकर वर्चुअल माध्यम से मानव जीवन पर जैविक खेती के लाभ व रासायनिक खेती के नुकसान के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी हासिल की। प्रधान सीमा सहगल ने उपस्थित सभी किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती करने बारे प्रेरित किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश सचिव प्रभारी संजय दत्त ने पार्टी नेताओं को लोगों की समस्याओं को दूर करने और पार्टी की नीतियों से लोगों को अवगत करवाने के लिए एक मुहिम के तौर पर चलाने को कहा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से आज सभी परेशान है और अच्छे दिनों का सपनें, विदेशों से कालाधन वापस लाने और हर एक खाते में 15,15 लाख डालने जैसे झूठे वायदे कर सत्ता में बैठी भाजपा ने आज देश के लोकतंत्र को तार तार कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज सरकार के विरुद्ध किसी को बोलने, या लिखने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तक नही है। जो सरकार के खिलाफ बोलने की कोशिश करता है उस पर देशद्रोह जैसे संगीन मामलें बनाए जा रहें है।इन सब का मुकाबला करने के लिए सभी पार्टी जनों को एकजुटता के साथ लोगों का साथ देना है, जिससे इस दमनकारी सरकार को सत्ता से बाहर किया जा सकें। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अपने सात दिवसीय दौरे के अंतिम पड़ाव पर एनएसयूआई, अल्पसंख्यक विभाग, इंटक, युवा कांग्रेस व सोशल मीडिया विभाग के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठकों में संजय दत्त ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार चुनावों की तैयारियों में जुटी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस महामारी में सरकार ने किसी भी वर्ग की कोई मदद नही की है। उन्होंने कहा कि वह आज ही शिमला, किन्नौर, लाहुल स्पीति, कुल्लू, मंडी जिलों का क्रमवार दौरा करके आये है। लोगों में कांग्रेस के प्रति उत्साह है, कार्यकर्ताओं में जोश है। इसी उत्साह और जोश के साथ सभी को आगे बढ़ना है। संजय दत्त ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि इस दमनकारी भाजपा सरकार से लोगों को जल्द मुक्ति दिलानी है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस लोगों की इस महामारी के दौर में हर प्रकार से मदद कर रही है जबकि भाजपा ओछी राजनीति कर देश को गुमराह कर रही है। दत्त ने कहा कि देश का किसान, बागवान आज नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 6 महीनों से सड़कों में बैठा है।उन्होंने कहा कि देश मे बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी से आम लोग परेशान है।देश की अर्थव्यवस्था निम्न स्तर से भी नीचे चली गई है। भाजपा को देश की नही,केवल सत्ता की चिंता है, जिसने आज देश को बर्बाद कर दिया है। 70 सालों का हिसाब मांगने वाली भाजपा ने आज 7 सालों में देश की आधे से ज्यादा संपति को या तो गिरवी रख दिया है या फिर बेच दिया है। दत्त ने कहा कि अब भाजपा का पाप का घड़ा भर चुका है, लोगों ने इसे बाहर करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को तीनों उपचुनाव जितने है और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी जीत हासिल करनी है।इसके लिए अभी से सभी पार्टी के अग्रणी संगठनों, विभागों के पदाधिकारियों को अपने कार्यकर्ताओं के साथ पूरे तालमेल के साथ मैदान में उतरना है। इससे पूर्व दत्त ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के छात्रों के समर्थन में किये जा रहें धरना प्रदर्शन में शामिल होकर उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन किया।
वामपंथी पार्टियों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सीपीआईएम ने हिमाचल प्रदेश के जिला व ब्लॉक मुख्यालयों पर भारी महंगाई के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किए। ये प्रदर्शन शिमला, रामपुर, रोहड़ू, ठियोग, निरमण्ड, टापरी, कुल्लू, सैंज, आनी, मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, करसोग, छतरी, बालीचौकी, धर्मशाला, चम्बा, नाहन, ऊना, हमीरपुर व सोलन आदि में हुए। शिमला में पार्टी कार्यकर्ता डीसी ऑफिस शिमला पर एकत्रित हुए व जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोअर बाजार होते हुए नाज चौक शिमला तक भारी महंगाई के खिलाफ रैली निकाली।नाज चौक पर हुई जनसभा को डॉ ओंकार शाद, डॉ कुलदीप तंवर, विजेंद्र मेहरा, जगत राम, सत्यवान पुंडीर, बाबू राम, रमन थारटा, अनिल ठाकुर, कविता कंटू व रॉकी ने सम्बोधित किया। पार्टी राज्य सचिव डॉ ओंकार शाद ने प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में महंगाई आसमान छू रही है। कोरोना काल में ऑक्सफेम की रिपोर्ट के अनुसार 97 प्रतिशत जनता के आय के साधन कम हुए हैं। ऐसे में सरकार को सभी व्यक्तियों को 10 किलो मुफ्त राशन प्रतिमाह देना चाहिए था। डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा मिलनी चाहिए थी। इस समय आयकर मुक्त व्यक्तियों को 7500 रुपये मासिक आर्थिक मदद सुनिश्चचित करनी चाहिए थी। परन्तु सरकार ने कोरोना काल में उपजी भारी बेरोज़गारी व गरीबी में जनता पर भारी महंगाई थोप दी। मई से लेकर अब तक 22 बार पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद भी देश में पेट्रोल व डीज़ल की कीमतें आज तक के इतिहास में सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। इस से एक तरफ दोपहिया व चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करने वालों पर भारी मार पड़ी है वहीं दूसरी ओर इस से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हो गयी है। खाद्य वस्तुएं जनता की पहुंच से बाहर हो गयी हैं। खाने के तेल,दालों व अन्य वस्तुओं की कीमतों में बाज़ार व राशन के डिपुओं में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीज़ल में प्रति लीटर पर 53 रुपये एक्साइज डयूटी व वैट के रूप में वसूले जा रहे हैं जोकि कुल कीमत का लगभग साठ प्रतिशत है। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल डीजल पर एक्साइज डयूटी व वैट की दर घटाई जाए। उन्होंने रसोई गैस के सिलेंडर में सब्सिडी बढाने व खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कटौती करने की मांग की। उन्होंने कहा है कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नवउदारवादी पूँजीपतिपरस्त व गरीब विरोधी नीतियों के कारण महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है। रसोई गैस की कीमत भी बेतहाशा बढ़ चुकी है। गैस सिलेंडर की कीमत 906 रुपये तक पहुंच गई है। पेट्रोल की कीमत 96 से 100 रुपये व डीज़ल की कीमत 88 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। सरसों का तेल बाजार में 180 रुपये व डिपुओं में 160 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। डिपुओं में दालों की कीमतों में हाल फिलहाल 10 रुपये की वृद्धि की गई है। पिछले महीने की अपेक्षा इस महीने डिपुओं में आटा की मात्रा 14 किलो से घटाकर 11 किलो प्रति कार्ड कर दी गयी है। इस से जनता भारी परेशानी में हैं। प्रदेश में इस कारण सुजानपुर, हमीरपुर व कांगड़ा में आत्महत्याएं तक हुई हैं। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल, डीज़ल व खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित किया जाए व इसमें कटौती की जाए। उन्होंने रसोई गैस पर सब्सिडी बढाने की मांग की है। उन्होंने कालाबाजारी, जमाखोरी व मुनाफाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने राशन डिपुओं में दालों,तेल व खाद्य वस्तुओं की कीमतों में की गयी वृद्धि को वापिस लेने की मांग की है।
एचआरटीसी के पीस मिल कर्मचारियों के लिए बीओडी में कोई चर्चा नहीं की गयी। परिवहन मंत्री के द्वारा केवल यह कहा गया कि जब कभी लॉकडाउन लगेगा तो ₹275 हर दिन के अनुसार कर्मचारियों को दिया जायेगा। इसके अलावा कर्मचारियों को काम के अनुसार पैसे मिलते हैं वो पैसे मिलते रहेंगे। पीस मिल कर्मचारियों का भविष्य दाव पर लगा है। इनमे से अधिकतर की उम्र 45 साल से पार हो गई है। 410 पीस मिल कर्मचारी 2017 से पहले रेगुलर हो चुके हैं लेकिन वर्तमान सरकार बाकि कर्मचारियों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश के 28 डिपो में एचआरटीसी की बसों की मरम्मत करने वाले यह कर्मचारी बहुत ही दुविधा में है की वह कब कॉन्ट्रैक्ट बेसिस से रेगुलर होंगे। बीओडी में इनको एआस्थी की कुछ कर्मचारियों को जरूर अनुबंध में लिया जाएगा जो पांच-छह वर्षो से नीति चली आ रही है जिसमे आईटीआई होल्डर को 5 साल और जो विनायक है कि उन्हें 6 साल के बाद अनुबंध में लिया जाता है मगर इस बीओडी में भी इन कर्मचारियों को निराशा ही हाथ लगी है। वर्तमान सरकार से कर्मचारियों को उम्मीद थी लेकिन उन्हें एक बार फिर निराशा हाथ लगी।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट व नम्होल यूनिट के अध्यक्ष सुखराम नड्डा व महासचिव प्रेम केशव ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए अजय कोचर के चुन्ने जाने पर बधाई दी। महासचिव प्रेम केशव ने बताया कि अजय कोचर गरीब लोगों के अलावा कर्मचारी हितैषी रहे हैं, उन्होंने गरीबों व कर्मचारियों के हितों के लिए जिला न्यायालय से उच्च न्यायालय तक पैरवी करके लोगों को उचित न्याय दिलाया। एसोसिएशन के अन्य सदस्यों में गीता राम, प्रेम केशव, नंद लाल शर्मा, कपलास, शांता, संतराम, रविदत्त, मदनलाल, परसराम, गोरखु राम, फुल राम, जगन्नाथ शर्मा, तुलसीराम सहित अन्य सदस्यों ने अजय कोचर को अध्यक्ष बनने पर बधाई दी।
बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला (शहरी) ममता पाॅल ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत बाल विकास परियोजना शिमला (शहरी) के अधीनस्थ संचालित किए जा रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका के रिक्त पदों को साक्षात्कार द्वारा भरने के लिए 29 जून, 2021 को गठित चयन समिति द्वारा साक्षात्कार के आधार पर आंगनबाड़ी केन्द्र भगवती नगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर सुषमा पत्नी मेला राम निवासी हरि नन्द कलौनी, भगवती नगर झंझीड़ी, शिमला, टूटू में सहायिका के पद पर ललिता कौर पत्नी अशोक कुमार निवासी गर्ग निवास सन व्यू काॅटेज एयरपोर्ट रोड लोअर टूटू शिमला तथा चलौंठी में सहायिका पद के लिए तनु कुमारी पत्नी सरबजीत निवासी पांडा बिल्डिंग चलौंठी शिमला को इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका के पदों पर चयनित किया गया है।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the National Webinar on Realization of Mission Natural Farming among Smallholders' organized by the State Project implementing Unit, Prakritik Kheti Khushhal Kisan Yojna of Department of Agriculture, from Shimla today said that the State was promoting natural farming in a big way so as to double the income of the farmers by end of 2022. Jai Ram Thakur said that in order to promote natural farming in the State, the State Government was implementing Prakritik Kheti Khushhal Kisan Yojna. He said that this would not only boost yield of the crops but also reduce farming inputs in a big way. He said that Subhash Palekar Natural Farming was emerging a favourite for agricultural practices to reduce farmers direct cost while boosting yields and farm health through the use of non-synthetic inputs sourced locally. Chief Minister said that NITI Aayog has also appreciated the steps taken by the State Government for promoting natural farming in the State. He said that during the first budget presented by the State Government in 2018, a provision of Rs. 25 crore was made to promote natural farming. He said that this would go a long way in realizing the dream of Prime Minister Narendra Modi to double the farmers' income by 2022. Jai Ram Thakur said that the State Government was endeavouring to motivate all the 9.61 lakh farmers of the State to adopt natural farming so that Himachal could become a natural farming State of the country. He said that as many as 1.28 lakh farmers have already been trained in natural farming and were motivating other to adopt the same. He said that it was matter of satisfaction that Himachal Pradesh has emerged as model State in the sector for bigger States of the country. Chief Minister said that the land holdings in the State were limited and most of the farmers falls under small and marginal category. He said that the natural farming not only yields better crops but also fetch good prices to the farmers. Jai Ram Thakur said that Himachal Pradesh was known as Apple Bowl of the country but the over use of chemical fertilizers by apple growers was matter of concern. He said that fortunately more and more apple growers were now adopting natural farming which was fetching them good prices of their produce. He said that the Government was also endeavouring to evolve a mechanism for certification of natural products so that they could be better prices of their produce. Agriculture Minister Virender Kanwar said that the Subhash Palekar Natural Farming was being promoted in the State in a big way. He said that natural farming was not only beneficial to the farmers but also environmental friendly. Vice Chairman NITI Aayog Dr. Rajiv Kumar appreciated the efforts of the Chief Minister Jai Ram Thakur in promoting natural farming in the State. He said that NITI Aayog would provide all possible help to the State in promotion of natural farming. He said that data must also be prepared regarding farmers adopting natural farming and impact on their economy. Padamshri Subhash Palekar virtually detailed various benefits of natural farming over chemical and organic farming. Secretary Agriculture Dr. Ajay Sharma presented vote of thanks. State Project Director Rakesh Kanwar welcomed the Chief Minister and conducted the proceedings of the Webinar. Additional Chief Secretary J.C. Sharma and Executive Director Prakritik Kheti Khushhal Yojna Rajeshwar Singh Chandel were present with the Chief Minister at Shimla while Senior Advisor NITI Aayog Dr. Neelam Patel and progressive farmers of the Stated joined the event virtually.
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद के एनेक्सी भवन में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज़ ली। अनुराग ठाकुर ने अपनी बारी के अनुसार सभी से वैक्सीन लेने व देशवासियों को कोविड से बचने के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए सभी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां कृषि विभाग की प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की राज्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा रिलायलाइजेशन ऑफ मिशन नैचुरल फार्मिंग अमंग स्माॅलहोल्डर्ज विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वैबिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि वर्ष 2022 के अन्त तक किसानों की आय को दोगुना किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना का क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल फसलों की पैदावार बढ़ेगी बल्कि किसानों की लागत में भी कमी आएगी। किसानों की लागत को कम करने में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती पद्धति उभर कर सामने आई है। इस पद्धति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पदार्थों का उपयोग करके पैदावार उपज और कृषि स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की नीति आयोग ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए पहले बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया था। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के सपने को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी 9.61 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रही है ताकि हिमाचल देश का प्राकृतिक कृषि प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि 1.28 लाख किसान पहले से ही प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और वे अन्य लोगों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सन्तोष का विषय यह है कि हिमाचल प्रदेश देश के बड़े राज्यों में इस क्षेत्र में आदर्श राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मंे कृषि योग्य भूमि सीमित है और अधिकतर किसान लघु और सीमान्त श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल अच्छी पैदावार मिलती है बल्कि किसानांे को भी अच्छे दाम मिलते है। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश में सेब राज्य के रूप में भी जाना जाता है, परन्तु सेब उत्पादकों द्वारा रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि सौभाग्यवश अधिक से अधिक सेब उत्पादक अब प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं, जिससे उन्हें अपने उत्पादों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक उत्पादों के प्रमाणीकरण करने के लिए एक तंत्र विकसित करने का भी प्रयास कर रही है ताकि वे अपने उत्पादों का अच्छा मूल्य प्राप्त कर सके। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि राज्य में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों के लिए लाभदायक है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डाॅ. राजीव कुमार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नीति आयोग प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों और उनकी आर्थिकी पर होने वाले प्रभावों के संबंध में भी डाटा तैयार किया जाना चाहिए। पद्मश्री सुभाष पालेकर ने रासायनिक और जैविक खेती की जगह प्राकृतिक खेती करने से होने वाले विभिन्न लाभों के बारे में वर्चुअली माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की। कृषि सचिव डाॅ. अजय शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्य परियोजना निदेशक राकेश कंवर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और वैबिनार की कार्यवाही का संचालन किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और कार्यकारी निदेशक प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे, जबकि नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार डाॅ. नीलम पटेल और राज्य के प्रगतिशील किसान इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बुधवार को भारत सरकार के कृषि मन्त्रालय द्वारा विभिन्न पंचायतों में सुभाष पालेकर जैविक खेती बारे वर्चुअल माध्यम से जानकारी दी गई जिसमें किसानों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया व जैविक खेती बारे विभिन्न जानकारियां हासिल की। विकासखण्ड खण्ड कुनिहार की कोठी पँचायत के गाँव शाकली व कुनिहार के नजदीक जाबल झमरोट पँचायत में प्रधान सीमा सहगल के नेतृत्व में किसानों ने एक जगह इकटठे होकर वर्चुअल माध्यम से मानव जीवन पर जैविक खेती के लाभ व रासायनिक खेती के नुकसान बारे विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी हासिल की। प्रधान सीमा सहगल ने उपस्थित सभी किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती करने बारे प्रेरित किया।
हमीरपुर : जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक बुधवार को परिषद के सम्मेलन हॉल में बबली देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान परिषद के सदस्यों की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों और समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अध्यक्ष बबली देवी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परिषद के सदस्यों की ओर से उठाई गई जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें। 15वें वित्त आयोग की धनराशि पर चर्चा के दौरान बबली देवी ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे इसके लिए अपने शैल्फ भेजें। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों के अनुसार ही ये शैल्फ भेजें तथा संबंधित क्षेत्रों के लोगों के साथ चर्चा के बाद ही ये शैल्फ तैयार करें। जलशक्ति मंडल बड़सर में पेयजल समस्या के संबंध में जिला परिषद अध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे इसके निवारण के लिए एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम उठाएं। बैठक में ग्राम पंचायत कड़साई में मान खड्ड के कारण स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानियों तथा इनके निवारण का मुद्दा भी उठाया गया। अध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ग्राम पंचायत डेरा के गांव चकलह, ग्राम पंचायत जंदड़ू के गांव सुखानी और ग्राम पंचायत जोल के गांव समौना में सडक़ की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। मनोह-लगमनवीं सडक़ की मरम्मत और मनोह-बस्सी सडक़ पर नई पुलिया के निर्माण को लेकर भी लोक निर्माण विभाग को दिशा-निर्देश जारी किए गए। लदरौर बाजार में बिजली लाईनों की केबलिंग करने, हनोह पंचायत की पेयजल समस्या, ग्यारह ग्रां की सिंचाई योजना की समस्या, पंचायतीराज विभाग में कर्मचारियों की कमी, बेसहारा पशुओं की समस्या और कई अन्य मुद्दों पर भी बैठक में व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीएम जितेंद्र सांजटा ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे परिषद के सदस्यों की ओर से उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए त्वरित कदम उठाएं। बैठक के दौरान जिला परिषद के सचिव एवं जिला पंचायत अधिकारी हरबंस सिंह ने विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। परिषद के उपाध्यक्ष नरेश कुमार दर्जी और अन्य सदस्यों ने भी बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
कृषि विभाग एवं राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई द्वारा प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत किसानो की आय को दोगना करने के उद्देश्य को साकार करने के लिए व उन्हें स्वावलंबी बनाने के मकसद से विचार विमर्श के लिए 30 जून 2021 को वर्चुअल मोड के माध्यम से मिशन प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया I एकदिवसीय संगोष्ठी में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश के किसान-बागवान भी जुड़ें I यह संगोष्ठी कृषि सचिव, डॉ. अजय शर्मा के स्वागत भाषण से शुरू हुई और उसके बाद कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर किसान-बागवान बंधुओं को संबोधित किया और जिला कांगड़ा की प्राकृतिक खेती मार्गदर्शिका का बिमोचन भी इस अफसर पर किया गया जो कि प्राकृतिक खेती अपना रहे किसानो के लिए काफी लाभप्रद सिद्ध होगी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तोर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिरकत की साथ ही डॉ राजीव कुमार उपाध्यक्ष नीति आयोग भारत सरकार विशेष रूप में उपस्थित रहें I कार्यक्रम में पदम सुभाष पालेकर भी उपस्तिथ रहे उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में लघु किसानों को प्राकृतिक खेती से होने वाले गुणो के बारे में संबोधित किया तथा विधि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस संगोष्ठी में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्यसचिव जेसी शर्मा ने भी अपना अनुभव साझा करा । उक्त वेबिनार में कांगड़ा जिले की सभी 811 पंचायतों से लगभग 16,268 कृषको ने भाग लिया जिसमें 10258 महिलाए तथा 6010 पुरुष ने भाग लिया 3 साल पहले राज्य में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान’ योजना शुरू की गई जिसमें जिला कांगड़ा में अभी तक प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत लगभग 30,000 किसानो को प्रशिक्षित किया गया है जिसमें 29,350 किसान 764.11 हैक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती द्वारा फल-सब्जी व खाद्यान्न का उत्पादन किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती कर रहे 5368 किसानो को ऑन-फार्म इनपुट जनरेशन में (प्लास्टिक ड्रम ) दिये गए है तथा 450 किसानो की गोशाला की परत (Lining of Cowshed) दिया गया है 146 प्राकृतिक खेती संसाधन भंडार जिला कांगड़ा में सचारु रूप से काम में लगे हैं और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 73 देसी गाय पर अनुदान दिया गया है वर्ष 2021-22 में जिला कांगड़ा में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत ग्राम स्तर पर 2 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें लगभग 540 प्रशिक्षण कार्येकर्म आयोजन किया जाएगा जिसमें 11,000 किसानो प्रशिक्षण कार्येकर्म को प्रशिक्षित किया जाएगा I 75 प्रभावशाली किसानो के खेत पर प्रदर्शन प्लाट लगाए जाएगे I 1575 स्कूली बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंग्ये जिसमें 'सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती की महतबा बताई जाएगी और हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत देसी गाय की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है। इसके अतिरिक्त आदान निर्मिति के लिए ड्रम खरीद, गौशाला के नालीकरण एवं संसाधन भंडार खोलने के लिए भी प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान-बागवान इस कम लगात वाली, मौसम के अनुकूल और स्थानीय संसाधन आधारित खेती से जुड़ सकें। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती का विस्तार कर हिमाचल को प्राकृतिक राज्य के रूप में पहचान दिलवाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने गत सांय यहां सोलन जिला की वर्ष 2021-22 की 3985 करोड़ रुपए की वार्षिक ऋण योजना का विमोचन किया। यह वार्षिक योजना राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक की संभाव्यता आधारित योजना के अनुरूप जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा तैयार की गई है। कृतिका कुल्हारी ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 2021-21 में सोलन जिला में बैंकों के लिए कुल 3985 करोड रुपए के ऋण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए 972.95 करोड़ रुपए, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग क्षेत्र के लिए 1609.55 करोड़ रुपए, अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए 562.50 करोड़ रुपए तथा गैर प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए 840 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गत वर्ष सोलन जिला के लिए 3630.22 करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना जारी की गई थी। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में ऋण के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को जिला की सभी 240 ग्राम पंचायतों एवं प्रत्येक गांव तक बैंकों की पहुंच सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही वित्तीय योजनाओं से सभी को लाभान्वित किया जा सकता है। कृतिका कुल्हारी ने जिला के विभिन्न बैंकों से आग्रह किया कि कृषि क्षेत्र तथा अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध करवाएं। इससे जहां इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा वहीं बैंक अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विकास की अपार सम्भावनाएं हैं और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में बैंकों को अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने पर बल देना चाहिए। जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल ने इस अवसर पर कहा कि ऋण योजना को भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार नाबार्ड द्वारा तैयार की गई संभावना आधारित योजना (पीएलपी) को आधार मानकर तैयार किया गया है। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के महा प्रबन्धक राजीव कुमार, जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल, डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान, यूको आरसेटी के निदेशक रोहित कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न बैंको के प्रबंधक तथा प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने कहा कि यूको बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) को ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल के आधार पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यान्वित करने चाहिएं जो अधिक से अधिक लोगों को रोज़गार प्रदान करने में सक्षम हों। कृतिका कुल्हारी गत दिवस यहां यूको आरसेटी सलाहकार समिति की 36वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) द्वारा प्रदान किए जा रहे स्वरोज़गार परक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का महत्व पहले की तुलना में अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि संस्थान को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करना चाहिए ताकि अधिक से अधिक पात्र इनसे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने संस्थान को प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक रोहित कश्यप ने इस अवसर पर संस्थान की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा अप्रैल, 2020 से मार्च 2021 तक 14 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अन्तर्गत 363 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि युवाओं को मश्रूम उत्पादन, मोमबत्ती बनाने, वूमेल टेलर, पापड़, आचार तथा मसाला पाउडर बनाने की विधि, ब्यूटी पार्लर प्रबन्धन, जूट से निर्मित उत्पादों तथा साॅफ्ट ट्वाॅय मेकिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यूको आरसेटी द्वारा मशरूम खेती, जूट उत्पाद, डेयरी फार्मिंग एवं केंचुआ खाद बनाना और रेशम कोष उत्पादन के सम्बन्ध में भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर जिला अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल, डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न बैंको के प्रबंधक तथा प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने सोलन जिला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में सुधार के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं का सरल शब्दों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें। कृतिका कुल्हारी गत दिवस यहां जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा निर्धारित जिला सलाहकार समीति की 163वीं त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थी। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि वित्तीय योजनाओं के प्रसार के लिए सोशल मीडिया का समुचित उपयोग सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को योजनाओं की औपचारिकताओं के विषय में अवगत करवाया जाए ताकि लोग समय पर योजनाओं से लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बैंकों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीण स्तर तक योजनाओं की सही जानकारी पंहुचे। उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण वर्तमान में युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत शीघ्र ऋण स्वीकृत करने पर बल दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना का गांव-गांव तक प्रयार एवं प्रसार करने के लिए बैंकों को योजनाबद्ध कार्य करना होगा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला में 31 मार्च 2021 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 223218 खाते खोले गए हैं। 31 दिसम्बर, 2020 तक इस योजना के तहत 211444 खाते खोले गए थे। 31 मार्च, 2021 तक इन खातों में 8683.42 लाख रुपए जमा किए गए हैं। लगभग 64 प्रतिशत खाता धारकों को रूपे कार्ड जारी कर दिए गए हैं जबकि 88.20 प्रतिशत खातों को आधार संख्या से जोड़ा गया है। इस अवधि तक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 273963 लाभार्थियों को जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 143196 तथा अटल पैंशन योजना से 44741 लाभार्थी जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सोलन जिला में मार्च 2021 तक 20107 खाते खोले गए हैं। योजना की शिशु श्रेणी के तहत 7998 लाभार्थियों को लगभग 3447 लाख रुपए, किशोर श्रेणी में 8635 व्यक्तियों को लगभग 21875 लाख रुपये तथा तरूण श्रेणी के तहत 3474 लाभार्थियों को लगभग 24622 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बैठक में अवगत करवाया गया कि मौन पालन, कुक्कुट पालन सहित कृषि व्यापार केन्द्र एवं कृषि प्रसंस्करण जैसी आय सृजन करने वाली गतिविधियां प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पात्र हैं। जिला में मार्च, 2021 तक 30424 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। इस अवधि में जिला में 1010 स्वंय सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। प्रधानमन्त्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत सोलन जिला में जिला उद्योग केन्द्र द्वारा 230 मामले स्वीकृत किए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबन्धक स्वर ग्रोवर ने बैंकों को समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की जानकारी दी तथा इनकी अनुपालना का आग्रह करते हुए सभी बैंक अधिकारियों से खंड स्तरीय बैंकर्ज समिति की प्रत्येक कार्यशाला में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के महा प्रबन्धक राजीव कुमार, जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक के प्रबन्धक केके जसवाल, डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान, यूको आरसेटी के निदेशक रोहित कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न बैंको के प्रबंधक तथा प्रतिनिधि उपस्थित थे।
Chancellor Bahra University Sh.Gurvinder singh Bahra welcome Dr. B S Nagendra Parashar on joining as VC Bahra University. Dr.Parashr is Doctorate from National institute of engineering Bengluru. He has experience of more than 30 years in Education. Dr. Parashar has written two text books on (Elements of manufacturing process and cellular manufacturing systems as integrated approach) along with 50 research papers published in reputed international and national journals.Dr Parashar has served with top educational institutions of country like BITS Pilani, PES University Bengluru, Presidency University Bengluru, KL University Guntur Andhra Pradesh, GMR Foundation. Parashar has a expertise in Academics, industrial tie-ups and designing various programmes. He added that he feels lucky to serve in Himachal The land of gods and dieties and serve the people of state.along he stressed on to make sure with all his past experience to take Bahra University to next- gen level so that students specially from Himachal can get world class education at their door steps with high class infrastructure and affordability. PRO Bahra University Gaurav Bali added that University is lucky enough to serve under such a dynamic leader. On this ocassion Registrar Vineet Kumar, Director admissions and marketing Bahra University Anurag Avasthi, were present along with University staff.
सोलन के वाकनाघाट स्थित बाहरा विश्वविद्यालय के नए वाइस चांसलर डॉ बीएस नागेंद्र पराशर ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। डॉक्टर पराशर द्वारा कई किताबें लिखी जा चुकी है और उनके 50 से अधिक रिसर्च पेपर भी छप चुके हैं। बाहरा विश्वविद्यालय के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा की उपस्थिति में नए वाइस चांसलर ने अपना कार्यभार संभाला। इस मौके पर उन्होंने आश्वासन दिया कि वे गुणात्मक शिक्षा पर बल देंगे और विश्वविद्यालय वह यहां पर शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य को तैयार करने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सफल होती है जब शिक्षा ग्रहण करने के बाद इंसान अपनी योग्यता से अपना अच्छा कैरियर बनाने में कामयाब होता है। डॉ पराशर इससे पहले सीसीएस यूनिवर्सिटी बेंगलुरू में बतौर प्रो वाइस चांसलर वर्ष 2019 से लेकर सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले वर्ष 2015 से 2018 तक 3 साल के लिए वे प्रेसीडेंसी विश्विद्यालय में बतौर वाइस चांसलर कार्यत रहे हैं। वर्ष 2012 से 2015 तक आंध्र प्रदेश की जीएमआर वारालक्ष्मी फॉउंडेशन में डायरेक्टर (एजुकेशन), वर्ष 2009 से 2012 तक केएल विश्वविद्यालय गुंटुर में प्रो वाइस चांसलर व डीन एकेडमिक्स के तौर पर कार्य कर चुके हैं। डॉ पराशर ने 11 साल 1998 से लेकर 2009 तक असिस्टेंट डीन के तौर पर बीटीएस पिलानी में अपनी सेवाएं दी थी। बाहरा विश्वविद्यालय के नए वाईस चांसलर के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा ने उम्मीद जताई कि डॉ पराशर का अनुभव विश्वविद्यालय के स्टाफ व छात्र छात्राओं को मिलेगा और आगामी समय में इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे।
एसडीएम कार्यालय देहरा में बुद्धवार को उपमण्डलीय आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा रोगी कल्याण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर द्वारा बैठक की अध्यक्षता करते हुए रोगी कल्याण समिति से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अनुमानित बजट भी पेश किया गया। बैठक में उपमंडलीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ बृजनंदन शर्मा ने कहा कि आयुर्वेदिक अस्पताल में गैर सरकारी सहायता प्राप्त समिति है और इस अस्पताल में वर्ष 2020-21 में रोगी कल्याण समिति के माध्यम से अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर 3 लाख 35 हजार रुपये खर्च किया गए, जबकि चालू वित्तवर्ष के लिये 6 लाख 50 हजार रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया जिसे समिति द्वारा पारित किया गया। अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अस्पताल में बीपीएल परिवारों के अलावा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी अस्पताल में मुफ्त दवाईयाँ मुहैया करवाईं जाएंगी। जिसके लिए लगभग 1.50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में क्षारसूत्र विधि के विशेषज्ञ डाॅ. बीरबल ठाकुर द्वारा गुदामार्गगत रोगों जैसे कि बवासीर, भगंदर आदि का उपचार भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षारसूत्र विधि शल्य चिकित्सा की बहुत प्रमाणिक विधि है, जिसका अनुसरण आज देश के बड़े अस्पताल भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन रोगों से ग्रस्त रोगियों का भी उपचार देहरा अस्पताल में किया जाएगा। इससे संबंधित उपकरण और यंत्रके क्रय हेतु भी 1.50 लाख रूपये का प्रावधान रोगि कल्याण समिति द्वारा किया गया। डॉ शर्मा ने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में वर्ष 2020- 21 में 7113 ओपीडी और 341 आईपीडी रही। इसके अलावा क्षारसूत्र विधि से 493 रोगियों का उपचार किया गया। बैठक में एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने कहा कि कोरोना के संकट काल में आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों की महता सबको समझ में आई है। योग और आयुर्वेद ने जहा लोगों को इससे लड़ने की शक्ति दी, वहीं जीवन को एक अच्छी दिशा भी दी है। उन्होंने कहा शरीर को स्वस्थ और अंदर से मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद की बहुत आवश्यकता है और कोरोना के बाद से लोगों का भी रूझान इस ओर बढ़ रहा है। अतः विभाग को ओर अधिक उर्जा से कार्य करना पड़ेगा। इस अवसर पर नगर परिषद् अध्यक्षा सुनीता कुमारी, उपाध्यक्ष मलकीयत परमार, जिला परिषद् सदस्य मोनिका कुमारी, एसडीओ जलशक्ति विभाग आई.डी धीमान, बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा रवि कुमार, कनिष्ठ अभियंता लोक निर्माण विभाग दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता खंड विकास कार्यालय अमरजीत सिंह, राजेश वैद सहित आयुष विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी शिमला राकेश धौटा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय शिमला में नोडल क्लब योजना के तहत वर्ष 2019-21 की अवधि जुलाई, 2021 में समाप्त हो रही है व वर्ष 2021-23 के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में नोडल क्लबों व युवा स्वयंसेवियों एवं जिला मुख्यालय का चयन किया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए प्रत्येक विकास खण्ड में आवेदन प्राप्त नहीं हुए है, इसके लिए आवेदन 09 जुलाई, 2021 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि 09 जुलाई, 2021 से पहले अपना आवेदन अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में जमा कर सकते है, युवा सेवा एवं खेल विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा पिछले कई वर्षों से सभी जिलों में नोडल क्लब योजना चलाई जा रही है, इस योजना के अंतर्गत जिलों के सभी विकास खण्डों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा मण्डल को नोडल क्लब के रूप में चयनित किया जाता है, जिसके अंतर्गत उस युवा मण्डल को 2 वर्ष तक सांस्कृतिक तथा खेल सामग्री प्रदान की जाती है व चयनित नोडल क्लब के एक उत्कृष्ट युवा को सामाजिक, खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को चलाने के लिए युवा स्वयंसेवी के रूप में चयनित किया जाता है। उन्होंने बताया कि युवा स्वयं सेवी चयन में उन युवाओं/युवतियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो निम्न लिखित शर्तों को पूरा करते हो :- -जैसे ब्लाॅक स्तर पर रखे गए युवा स्वयंसेवी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो या इसके समकक्ष होनी चाहिए -उसकी आयु 31 मार्च, 2021 को 28 वर्ष से कम होनी चाहिए -वह पंजीकृत क्लब का कर्मठ सदस्य होना चाहिए -युवा स्वयंसेवी का चयन किसी विशेष जाति, वर्ग व लिंग के आधार पर नहीं किया जाएगा -नियमित छात्र एवं वे युवा जो किसी अस्थाई या अंशकालीक सेवा में हो, वो युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए योग्य नहीं होंगे तथा उक्त युवा स्वयंसेवी को दो वर्ष के लिए अनुबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि इस अवधि के दौरान कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया तो उसकी सेवा को 15 दिन के नोटिस पर उपयुक्त रूप से सचेत किए जाने के पश्चात समाप्त किया जा सकेगा, उनका ये पूर्ण कार्य स्वैच्छिक सेवा के रूप में माना जाएगा। ब्लाॅक स्तर पर रखे गए युवा स्वयंसेवी 3 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिए जाएंगे। इस पद पर रहते हुए उन्हें युवा एवं खेल विभाग के समस्त कार्यक्रम व गतिविधियों के अतिरिक्त हिमाचल सरकार द्वारा अन्य विभागों के माध्यम से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के कार्यन्वयन में तथा समाज सेवा के क्षेत्र में स्वैच्छिक रूप से योगदान देना होगा। युवा स्वयंसेवी उसी विकासखंड का स्थाई निवासी होना चाहिए जिस विकासखंड से वह आवेदन कर रहा है। किसी अन्य संबंधित गतिविधियों की विशेष उपलब्धियों को भी आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर रखे जाने वाले यूथ वाॅलेंटियर की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक होनी चाहिए तथा वह कम्प्यूटर में दक्ष होना चाहिए। जिला मुख्यालय पर रखे जाने वाले यूथ वाॅलेंटियर को 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिया जाएगा। वह पंजीकृत क्लब का कर्मठ सदस्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नोडल क्लब उसी क्लब को बनाया जाएगा जो हिमाचल प्रदेश सोसायटी अधिनियम के अधीन पंजीकृत हो। नोडल क्लब के तौर पर उसी क्लब को चुना जाएगा जो विभागीय गतिविधियों व सामाजिक कार्यों में भाग लेता हो व अपने क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहा है। नोडल क्लब का चयन दो वर्ष के लिए किया जाएगा। नोडल युवा क्लब की मान्यता को उक्त क्लब के सदस्यों के आपत्तिजनक व्यवहार के कारण समाप्त किया जा सकता है। सरकार विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण भी नोडल युवा क्लब की मान्यता रद्द किया जा सकता है। इच्छुक पार्थी एवं क्लब जो उपरोक्त शर्तों को पूरा करते हो वह अपना आवेदन 09 जुलाई, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय शिमला में कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0177-2803981 पर सम्पर्क करें।
हमीरपुर पुलिस दिन प्रतिदिन लोगों को पार्किंग को लेकर जागरूक करती है लेकिन लोग फिर भी नहीं मानते हैं जहाँ लोगों का मन करता है वहीं गाड़ी खड़ी कर देते हैं और अपने अपने कामों को निकल जाते हैं इसी का एक उदाहरण आज जल शक्ति विभाग हमीरपुर के बाहर बनी फुटपाथ देख सकते है। वहां पर लोग अपनी अपनी बाइके फुटपाथ पर खड़ी करके चले गए जिससे राहगीरों और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताते चलें कि फुटपाथ पर जगह ना होने के कारण लोगों को रोड पर चलने के लिए मजबूर होना होना पड़ता है। लेकिन राहगीर चले तो चले कहा क्योंकि फुटपाथ पर तो लोगों ने गाड़ियां खड़ी की है। इस सबंध में ट्रैफिक इंचार्ज एसआई पाल सिंह ने बताया की हमने लोगों को कई बार में समझाया है कि गाड़ियां हमेशा पार्किंग स्थल पर ही खड़ी करें लेकिन लोग नहीं मानते हैं जिसके चलते हमें नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों का चालान करना पड़ता है। इसलिए लोगों को भी चाहिए कि फुटपाथ और नो पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ी न करके पार्किंग स्थल पर गाड़ी खड़ी करें जिससे एक तो लोगों को चलने के लिए कोई परेशानी नहीं होगी और साथ ही लोग चालान से भी बचे रहेंगे।
विकासखण्ड सोलन की पट्टाबरावरी पँचायत के पँचायत कार्यालय में मंगलवार को 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को सपॉट बुकिंग के तहत वैक्सीन लगाई गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टाबरावरी की चिकित्सा अधिकारी डॉ कृतिका गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को टीकाकरण अभियान में पटाबरावरी व आसपास के गांवों से आए 120 पुरुषों व महिलाओं को वेक्सीन लगाई गई। उन्होंने क्षेत्रवासियों से वैक्सीन लगाने व मास्क, सैनिटाइजर, सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की। तथा समय समय पर सरकार व प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करने की भी लोगों से अपील की ताकि हम व हमारा समाज कोरोना से बचा रहे। इस टीकाकरण शिविर को सफल बनाने में हैल्थ वर्कर करूणा तनवर, डाटा ऑपरेटर चंचल, आशा वर्कर दिब्या व गीतादेवी का सहयोग रहा। शिविर की यह जानकारी पूर्व बीडीसी सदस्य एवं अध्यक्ष पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबरावरी - हरिपुर डी डी कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
भारतीय जीवन बीमा निगम अभिकर्ता संगठन हिमाचल प्रदेश शाखा मंडी व संपर्क शाखा जोगिंदर नगर के सभी अभिकर्ताओ ने प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष कुलदीप राठौर को जोगिंदर नगर अभिकर्ता संगठन के अध्यक्ष मनजीत परमार की अध्यक्षता में एक मांग पत्र सौंपा। जिसमें प्रदेश कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व और पार्टी हाईकमान से निवेदन किया हैं कि, पूर्व में भारतीय जीवन बीमा निगम अभिकर्ता संगठन हिमाचल प्रदेश में 4 बार निर्विरोध रहे अध्यक्ष और वर्तमान में अभिकर्ता संगठन उत्तर प्रदेश महासचिव व हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी में लगातार पिछले 30 वर्षों से पार्टी सेवा में समर्पित, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी में सचिव राकेश चौहान को मंडी संसदीय क्षेत्र से लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी का टिकट उनको मिले। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी राकेश चौहान को इस चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाती है तो हिमाचल प्रदेश के लगभग 35 हजार अभिकर्ता पार्टी विशेष से ऊपर उठ कर तन मन धन से उनकी जीत के लिए वचनबद्ध है। क्योंकि हिमाचल प्रदेश में राकेश चौहान ने अभिकर्ताओं और उनके परिवारों के हितों के लिए निस्वार्थ भावना व पूरी निष्ठा और लगन के साथ काम किया है और निरंतर सतर्कता के साथ अभिकर्ताओं से संबंधित उनके हितों की लड़ाई लड़ने में अहम भूमिका निभाई है। हिमाचल प्रदेश के सभी अभिकर्ता हमेशा उनके सम्मान में दिन रात खड़े है। राष्ट्रीय स्तर पर भी ,भारतीय जीवन बीमा निगम राष्ट्रीय अभिकर्ता संगठन का प्रयास है कि देश के 13 लाख अभिकर्ताओं की लड़ाई केंद्र के समक्ष लड़ने वाला हर प्रदेश से हमारे बीच का प्रतिनिधि चुन के जाएं, उनके हित की बात पूरी क्षमता के साथ रखें ।अभिकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व कांग्रेस पार्टी हाईकमान से आग्रह किया कि गहन विचार करके राकेश चौहान के पक्ष में यह निर्णय दिया जाए।
चिकित्सको की पेन डाउन स्ट्राइक आज तीसरे दिन भी जारी रही। पंजाब में कल से लागू हो रहे छठे पे कमीशन को प्रदेश में भी जारी करने की मांग पर चिकित्सक दो घण्टे की पेन डाउन स्ट्राइक पर है। कुनिहार नागरिक चिकित्सालय में भी इस का असर देखने को मिल रहा है। रूटीन की ओपीडी बन्द है व सिर्फ आपातकाल सेवाएं ही जारी है। इस दो घण्टे की स्टाइक के कारण मरीजो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हॉस्पिटल में मरीज व तीमारदारों की काफी भीड़ इकठा होने के कारण 11.30 पर ओपीडी खुलने पर कोविड काल मे सामाजिक दूरी बना पाना जटिल समस्या बन सकती है। सिविल हॉस्पिटल कुनिहार के इंचार्ज डॉ सिद्धार्थ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कल से पंजाब में छठा पे कमीशन लागू हो रहा है व प्रदेश के चिकित्सको की यही मांग है कि प्रदेश सरकार पंजाब की तर्ज पर छठे पे कमीशन को जल्द लागू करे।स्वास्थ्य सुविधाओं पर उन्होंने बताया कि जनरल ओपीडी दो घण्टे तक बन्द है व सिर्फ आपातकाल सेवाएं ही दी जा रही है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक और प्रदेश प्रवक्ता अक्षय सिंह डडवाल ने कहा पिछले 4 वर्षों में जब से होशियार सिंह विधायक बने हैं देहरा लगातार विकास की दौड़ में पिछड़ता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी आज भी प्रासंगिक है और आने वाले समय में भी रहेगी क्योंकि हमेशा जन सरोकार के मुद्दे युवाओं छात्रों से जुड़े हुए मुद्दों के लिए संघर्ष करती आई है। विधायक ने ना कोई संघर्ष किया है ना कभी किसी संगठन में काम इसलिए हाल के बयान देकर सुर्खियों में बना रहना चाहते हैं। चाहते हुए भी भाजपा उन्हें ले नहीं रही इसलिए वह आने वाले चुनाव में अपनी हार को देखते हुए बौखला रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में 2022 में कांग्रेस की सरकार बनना तय है और देहरा में भी कांग्रेस पार्टी के विधायक विजय प्राप्त करेगा। देहरा भाजपा और निर्दलीय दोनों को देख चुका है। होशियार सिंह ने कहा था कि वह सीमेंट के दाम कम करवा देंगे, देहरा में युवाओं के लिए रोजगार आयाम खुलवा देंगे, आज 4 वर्ष के बाद बताएं कि कितने युवाओं को रोजगार मिला है ? सीमेंट का कितना दाम कम हुआ है। विधायक होशियार सिंह पहले 4 वर्ष का हिसाब दे।
भाजपा सेमी वर्चुअल प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई, बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उपस्थित रहे । इसी के साथ बैठक में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार एवं प्रो प्रेम कुमार धूमल वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
उपमण्डल देहरा के अंतर्गत मनकोटिया भोजनालय के समीप एक पंजाब नम्बर का टेम्पो अचानक पलट गया जिससे टेम्पो बुरे तरीके से क्षत्रिग्रस्त होने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है गाड़ी नम्बर PB 11 CJ 2263 लुधियाना से धर्मशाला की ओर जा रही थी कि अचानक ढलियारा एनएच503 पर टेम्पो का एक्सल टूटने से टायर खुल गया वहीं मौके पर ही गाड़ी पलट गई है। टेम्पो में बैठे चालक एव परिचालक तो बच गए परन्तु टेम्पो बहुत ही बुरे तरीके से क्षतिग्रस्त हो गया। चालक की पहचान हरभजन निवासी लुधियाना के रूप में हुई है। चालक हरभजन ने बताया कि गाड़ी में ऐसी लोड किये हुए थे जिन्हें धर्मशाला पहुंचना था परन्तु ढलियारा के समीप ही यह हादसा हो गया। जब इस संदर्भ में डीएसपी देहरा अंकित शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पुलीस को अभी तक इस मामले की कोई सूचना नहीं मिली है।
शिमला नगर निगम के अंतर्गत जितनी भी महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित हुई है भाजपा ने उन मूर्तियों को सफाई करने का विशेष अभियान चलाया है यह निर्देश भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने जिला शिमला की बैठक जो कि पीटरहॉफ में हुई थी उसमें जारी किए थे। आज रिज मैदान शिमला पर राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई की गई इस अभियान में भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मेहता, भाजपा सह मीडिया प्रभारी करण नंदा, भाजपा कोषाध्यक्ष संजय सूद, मंड़ल अध्यक्ष राजेश शारदा, मंडल महामंत्री गगन लखनपाल, विभूति डडवाल, सुदीप, जगजीत सिंह राजा, हितेश शर्मा, अनिता सूद, चंद्रशेखर, युवा मोर्चा से अजय चौहान, तरुण राणा, रमा, अंजना शर्मा, राहुल, सत्य प्रकाश, श्याम शर्मा उपस्थित थे। इससे पूर्व में अटल बिहारी वाजपेई, भीम राव अम्बेडकर एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं की सफाई हो चुकी है। भाजपा जिला शिमला के अध्यक्ष रवि मेहता ने बताया कि जिस प्रकार से आज महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई हुई है उसी प्रकार आने वाले समय में 1 जुलाई को इंदिरा गांधी की प्रतिमा, 2 जुलाई को लाल बहादुर शास्त्री, 3 जुलाई को रानी झांसी, 4 जुलाई को डॉ यशवंत परमार और 5 जुलाई को जनरल दौलत सिंह की प्रतिमा की सफाई की जाएगी। इन सभी कार्यक्रमों के लिए प्रभारी नियुक्त किये गए है जो अपने अपने कार्यक्रमों की चिंता करेंगे। भाजपा सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि कांग्रेस छोटी छोटी बातों पर राजनीति करती है पर भाजपा राजनीति से ऊपर उठकर जनहित मे कार्य करती है। भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित राजनीतिक दल है जो समाज के एकत्रीकरण एवं शशक्तिकरण के उद्देश्य से काम करता है। यह सफाई अभी इस बात का बड़ा उद्धरण है।
बणी पँचायत में प्रत्येक वार्डो के एक समान कोरोना टेस्ट करवाने के पश्चात अब मगंलवार को 18 से 45 आयु के 252 लोगो को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई गई। पँचायत प्रधान बिन्दू ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस वैक्सीन अभियान को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ता, स्वास्थय कर्मी व विभाग की ओर से आई डाकटरों की टीम ने पूरी मेहनत की। वही जानकारी देते हुए बीएमओ डाडासीबा सुभाष ठाकुर ने बताया कि सरकारी आदेेशो के अनुसार उक्त केटागिरी के लोगो को भिन्न भिन्न स्वास्थ्य केन्द्रो में कोरोना वैक्सीन लगवाई जा रही है।
परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने हिमाचल सड़क परिवहन निगम के निदेशक मण्डल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निगम की कार्य प्रगति की समीक्षा की और कार्यों की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए समर्पण के साथ करने पर बल दिया। उन्होंने एचआरटीसी के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के इस समय में निगम प्रतिबद्धता और समर्पण की भावना से लोगों को अपनी सेवाएं दे रहा है। परिवहन मंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1 जुलाई से 317 अंतरराज्यीय बसें शुरू की जाएंगी। इनमें 15 वाॅल्वो बसें, चार डीलक्स और 298 साधारण बसें शामिल होंगी। अंतरराज्यीय बसों में कोविड-19 दिशा-निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नौ वर्ष पूरे करने वाली और जीरो बुक वैल्यू बसों को अनुपयोगी घोषित करने की सिफारिश की जाएगी। बसों की संख्या को बनाए रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिगत जल्द ही नई बसों की खरीद की जाएगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि 86.15 करोड़ रुपये की लागत से कुल 205 डीजल बसें खरीदी जाएंगी। इनमें 115 सामान्य 47 सीटर बसें, 30 सामान्य 37 सीटर बसें, 50 एसी बसें, पांच एसी सुपर लग्जरी बसें और चम्बा जिले के भरमौर के लिए पांच टेम्पो ट्रेवलर शामिल हैं। बिक्रम सिंह ने कहा कि ऊना बस स्टैंड में व्यावसायिक परिसर व पार्किंग का निर्माण कार्य आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को एचआरटीसी और परिवहन विभाग के तहत सुविधाओं के उन्नयन और सुधार कार्य के लिए शिमला और धर्मशाला में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत धन का उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिमला के टुटीकंडी, कांगड़ा, चिंतपूर्णी और ऊना बस अड्डों की पीपीपी आधार की परियोजनाओं के लाभार्थियों को वार्षिक रियायत शुल्क में राहत दी जाएगी। यह राहत कोविड-19 की पहली लहर के दौरान वार्षिक रियायत शुल्क पर लागू होगी। नगरोटा बगवां में बस स्टैंड प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण के सिविल विंग को फिर से खोला जाएगा और विंग में तकनीकी कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए जिला मंडी के धर्मपुर और जोगिन्द्रनगर बस डिपो को शीघ्र कार्यशील किया जाए। इसके अलावा जिला मण्डी के जंजैहली में बस सब-डिपो के लिए कार्योत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के संसारपुर में नया बस स्टैंड कार्यशील किया जाएगा। कांगड़ा के बैजनाथ और जसूर में पीपीपी मोड पर बस अड्डों का निर्माण किया जाएगा। बैठक में बस स्टैंड बिलासपुर के आधुनिकीकरण के अलावा स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कांगड़ा जिले की धर्मशाला और शिमला जिले की ढल्ली में एचआरटीसी की कार्यशालाओं का आधुनिकीकरण करने का निर्णय भी लिया गया। इससे पूर्व हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार ने परिवहन मंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। एचआरटीसी के निदेशक मण्डल के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा नुकसान एचआरटीसी और पर्यटन विभाग को हुआ है। उन्होंने निदेशक मण्डल की नियमित बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि एचआरटीसी से सम्बन्धित मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जा सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन राम सुभग सिंह, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप सहित निदेशक मण्डल के अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मंगलवार को चिंतपूर्णी की ओर से मोईन गांव की सड़क मार्ग पर गंगोट पंचायत घर के लिए टाइलें लेकर आ रहा ट्राला पलट गया। गनीमत यह रही ट्राला चालक को बहुत ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आई है। ट्राले के पलटने से करीब 70000 की टाइलें टूट गई है। मौके पर मौजूद लोगों ने 108 पर फोन किया और ड्राइवर को गाड़ी से बाहर निकाला। वहीं स्थानीय युवक वरुण ने 108 का इंतजार ना करते हुए ड्राइवर को तत्काल सिविल हॉस्पिटल चिंतपूर्णी पहुंचाया। डॉक्टर परमवीर सिंह ने बताया कि ड्राइवर को सिर में टांके लगाए हैं और शरीर में मामूली चोटें का उपचार किया गया है। स्थानीय भाजपा आईटी संयोजक राजेश पराशर ने कहा कि पिछले 2 सालों से समनोली बाईपास सड़क का निर्माण कार्य चला हुआ है। इस दौरान मुख्य सड़क से लेकर मोइन शिव मंदिर तक सड़क की हालत काफी खस्ता हो गई है। दोपहिया चालकों को वाहन चलाने में काफी कठिनाई होती है। यह घटना भी सड़क की दुर्दशा के कारण हुई है। इसकी शिकायत उद्योग मंत्री के माध्यम से पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सन को भी गई थी। परंतु आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी बाबत एक्सन एचएल शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के कारण कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास लेबर की कमी है, इस कारण काम नहीं हो पाया। इस सड़क मार्ग को जल्दी ही ठीक कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राज्य में अवैध खनन सम्बन्धी गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को राज्य में अवैध खनन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि ऊना जिला की स्वां नदी और जिला कांगड़ा का मंड क्षेत्र अवैध खनन की दृष्टि से अधिक संवेदनशील है। राज्य सरकार ने खनिज ढुलाई और अवैध खनन को रोकने के लिए ऊना जिला के गगरेट, पंडोगा, बठेरी, पुलियान और मैहतपुर में पांच पड़ताल चैकियां स्थापित की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नगर निगम/समितियों के अधिकार क्षेत्र के दो किलोमीटर के दायरे और नगर पंचायत के एक किलोमीटर दायरे में सम्बन्धित निगम/समिति से अनापत्ति प्रमाण-पत्र के बिना खनन पट्टे को अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के सीमावर्ती क्षेत्रों में और अधिक खनन पड़ताल चैकियां स्थापित करने पर विचार करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि अवैध खनन को रोकने और वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित खनन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने कहा कि अवैध खनन के मामलों से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को अधिक कानूनी शक्तियां प्रदत्त की जाएंगी। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार और जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव के.के. पन्त, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
जिला सिरमौर के टिम्बी-मिल्ला लिंक मार्ग पर दुर्घटना के शिकार हुए 12 लोगो में से 11 लोगों का अंतिम संस्कार हिंदू रीतिरिवाजों के साथ पूर्ण किया गया है, चढ़ेऊ गांव के 8 युवाओं का एक साथ टिम्बी मोक्षधाम पर दाहसंस्कार किया गया है, बंटी का कांडों गांव में तथा अक्षय व निखिल का पावटा साहिब के यमुनाघाट में अंतिम संस्कार किया गया है। दर्दनाक दुर्घटना में मृतक यश व अक्षय माँ के इकलौते चिराग थे, चढ़ेऊ गाँव मे बलिराम के दोनों बेटे सुरेश व प्रवेश के अतिरिक्त 8 युवा 21 वर्ष से छोटे दुर्घटना के शिकार हुए है, दुर्घटना ने समूचा क्षेत्र झंझोड़ कर रख दिया है। क्षेत्र में चारो तरफ मातम का माहौल है, सड़क दुर्घटना में किसी ने बेटा, किसी ने भाई, किसी ने पति तो किसी के घरों को संभालने वाले चिराग भुजा दिए है, हरकोई स्तब्ध है कि यह कैसे हो गया, खुशियों की बारात पलभर में दुःखो का पहाड़ लेकर आ गई है, पिता, भाई, बहन, माता, दोस्त व रिशेतदारों की आखों में आंसू नही, इंतजार नजर आता है कि उनकी आँखों के तारे अब लौटकर कभी नही आएंगे।
सिराज विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड बालीचौकी में मंगलवार को भारत की जनवादी नौजवान सभा इकाई नलौन ने सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग बाली चौकी को पीने के पानी की मांग को लेकर मांग पत्र सौंपा। गौरतलब है कि पिछले लगभग एक महीना से समूचे नलौन क्षेत्र में पीने की पानी की लगातार किल्लत आ रही है लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है एक तरफ पानी की कमी है तो दूसरी तरफ विभाग की लाइने कई जगह से क्षतिग्रस्त है और जुगाड़ स्वरूप रबड़ की पाइपों को जगह-जगह में जोड़ा गया है जिनमें लगातार पानी की लीकेज हो रही है और लोग जहां मर्जी से पाइपर खोल रहे हैं। इस वजह से पानी का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है । इसलिए नौजवान सभा ने यह मांग की है कि शीघ्र अति शीघ्र क्षेत्र में पीने के पानी की लाइन को दुरुस्त करते हुए पानी की व्यवस्था की जाए। यदि 7 दिन के अंदर पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होती है तो नौजवान सभा लोगों को लामबंद करते हुए विभाग का घेराव करेगी ।प्रतिनिधि मंडल में हेम सिंह ठाकुर, कुशबन्त ठाकुर, देवेन्द्र भारद्वाज, हेमराज ,नौजवान सभा जिला अध्यक्ष महेंद्र राणा उपस्थित थे ।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में मंगलवार को प्रदेश सरकार तथा मैसर्ज एसएमपीपी प्राइवेट इण्डिया लिमिटेड के बीच प्रदेश में टैंक और तोपों के लिए एम्यूनिशन निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 5000 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया। प्रदेश सरकार की ओर से निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति तथा मैसर्ज एसएमपीपी प्राइवेट इण्डिया लिमिटेड की ओर से प्रबंध निदेशक डाॅ. एस.सी. कांसल ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस औद्योगिक परियोजना से लगभग 8500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार मिलेगा। समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह के अवसर पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, संयुक्त निदेशक उद्योग नरेश शर्मा, मैसर्ज एसएमपीपी प्राइवेट इण्डिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक आशीष कांसल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सासंद प्रतिभा सिंह व शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सिरमौर जिला के शिलाई में हुई एक सड़क दुर्घटना में 10 लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट किया है। कांग्रेस नेताओं ने दिवंगत आत्मओं की शांति की प्रार्थना भगवान से करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। वीरभद्र सिंह ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को हर संभव आर्थिक सहायता देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।
जैसे जैसे लॉक डाउन खुल रहा है वैसे वैसे क्षेत्र में चोर भी सक्रिय होने शुरू हो गए हैं। चोरों ने मन्दिरो को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शिव गुफा के समीप विश्वकर्मा मन्दिर व वहीं नव निर्मित शिव मंदिर के ताले तोड़कर उसमे रखी कुछ नगदी ले जाने में चोर कामयाब रहे। जानकारी के अनुसार रविवार रात्री चोर कई मंदिरों की रैकी करते रहे। उनका प्रमुख निशाना यहां की प्रसिद्ध शिव तांडव गुफा का दानपात्र व अन्य कीमती स्थान था। विश्वकर्मा मंदिर का ताला तोड़कर जब चोर शिव गुफा परिसर में प्रवेश कर गए तो वहां पर सोए सेवादार जाग गए उनके ललकारने पर चोरी करने आए दो युवक वहां से अंधेरे में झाडिय़ों में भाग गए। पुलिस सोमवार को मौके पर पहुंची तथा वहां से साक्ष्य एकत्रित किए। थाना प्रभारी कुनिहार इंसपेक्टर अंकुश डोगरा ने कहा कि शक के आधार पर कुछ लोगो से पूछताछ की जा रही है तथा भविष्य में ऐसी वारदातों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस गश्त को बढ़ाया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश NSUI व युवा कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले लंबे समय से NSUI व युवा कांग्रेस लगातार UG की परीक्षाओ मे सुरक्षा को लेकर वैक्सीन के टीकाकरण के लिए प्रदेश सरकार से उचित प्रबंध करने की मांग कर रही थी, जिसके बाद 28 और 29 जून को विशेष टीकाकरण का नियोजन किया गया, लेकिन प्रेस वार्ता मे NSUI प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने टीकाकरण के नाम पर खानापूर्ति का आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया, उन्होंने बताया की प्रदेश सरकार की प्रशासन पर पकड़ नही है बहुत सारे महाविद्यालय मे वैक्सीन का टीका लगाने का कोई प्रावधान प्रदेश सरकार के निर्देशों के बावजूद भी नही किया गया, उन्होंने टीकाकरण की नीति पर प्रदेश सरकार को लताड़ लगाई और कहा की प्रदेश सरकार को छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए | वही युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने बताया की बीते दिनों NSUI व युवा कांग्रेस ने ट्विटर पर अभियान #PramoteHPUStudentWithoutVaccination चलाया था जिसमे प्रदेश महाविद्यालय के छात्रों ने एक लाख पचास हज़ार tweet अभियान के समर्थन मे किए | वही प्रेस वार्ता के दौरान नेगी निगम भंडारी ने बताया की सभी Hpu, Hptu, Hptsb के प्रथम व द्वितीय सत्र के विद्यार्थीयो को प्रमोट किए जाने और अंतिम सत्र के विद्यार्थीयो की online परीक्षाएं करवाने का निवेदन प्रदेश सरकार से किया। प्रेस वार्ता के बाद शिमला मे उपायुक्त कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस व NSUI के कार्यकर्ता दो दिन की संकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे जिसमे पहले दिन युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी, युवा कांग्रेस सोशल कोऑर्डिनेटर ज्यवर्धन खुराना, NSUI के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर ठाकुर, रजत राणा हड़ताल पर बैठे वही इस मौके पर युवा कांग्रेस लीगल सेल चेयरमैन प्रशांत सैन प्रदेश महासचिव ऋतिका ठाकुर, शिमला शहरी अध्यक्ष अंकुश, उपाध्यक्ष संदीप चौहान, NSUI प्रदेश महासचिव यासीन बट्ट, मोहित ठाकुर, नितन, सूरज जोंगा आदि उपस्थित रहे |
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि श्रेणी-बी यानी 18-44 वर्ष के आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए 30 जून, 2021 को आयोजित किए जाने वाले टीकाकरण सत्र रद्द कर दिए गए हैं और इस श्रेणी के टीकाकरण के लिए जुलाई माह के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि 30 जून, 2021 को केवल श्रेणी-ए के लाभार्थी यानि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कोविशील्ड की पहली व दूसरी खुराक के लिए सभी पात्र लाभार्थी, भारत सरकार द्वारा नामित स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता और अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली व दूसरी खुराक लगाने और हिमाचल सरकार द्वारा अधिसूचित सभी प्राथमिकता समूह वाले लाभार्थियों को कोविड-19 टीकाकरण की पहली व दूसरी खुराक लगाने के लिए टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि जो लोेग शिक्षा के उद्देश्य या फिर टोक्यो ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले भारतीय दल का हिस्सा हैं और विदेश यात्रा करने के इच्छुक हैं, वे कोविड वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र के लिए कोविन पोर्टल पर अपने पासपोर्ट विवरण को अपडेट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान विदेश यात्रा करने के इच्छुक लोगों को देश और देश से बाहर यात्रा के दौरान सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की जानकारी हासिल करने के लिए ऐसे लोग स्वास्थ्य मंत्रालय की विशेष हेल्पलाइन सेवाओं का भी उपयोग कर सकते हैं, जो 01123978046, ncov2019@gmail.कॉम और ncov2019@gov.in पर उपलब्ध है।
राजस्व जिला सोलन के टोल नाका परवाणु व शेष बचे आबकारी ठेकों का वर्ष 2021-22 के लिए आबंटन ऑक्शन कम टैंडर के माध्यम से आज किया गया। यह आवंटन उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव की अध्यक्षता में किया गया। यह जानकारी आज यहां उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी सोलन हिमांशु पंवर ने दी। हिमांशु पंवर ने कहा कि सोलन जिला की एक आबकारी इकाई (देहूंघाट व जाबली परवाणु) की ऑक्शन कम टैंडर के माध्यम से अधिकतम निविदा मै. राजेश एण्ड कम्पनी द्वारा मु. 8,51,00,000 रुपए दी गई। परवाणु टोल नाका के लिए अधिकतम निविदा मु. 9,41,54,940 रुपए जो कि आरक्षित मूल्य से 21 प्रतिशत अधिक है, जितेन्द्र सिंह पार्टनर ऑफ मै. जितेन्द्रा एसोसिएटस द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विनोद कश्यप, समाहर्ता संयुक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी (मुख्यालय), पर्यवेक्षक वसुन्धरा उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी (मुख्यालय), वे स्वंय तथा विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।


















































