ये वो दौर था जब पहलवानी जगत में हंगेरियन मूल के ऑस्ट्रेलिआई पहलवान किंग कोंग का डंका बजता था। करीब 201 किलोग्राम वजनी किंग कोंग को हराना किसी करिश्मे से कम नहीं था, पर देखते ही देखते करीना कपूर के दादा ने किंग कोंग को उठाकर रिंग से बाहर फेंक दिया। यहां हम शो मेन राज कपूर की बात नहीं कर रहे, हम बात कर रहे हैं फिल्म जब वी मेट में करीना के दादा बने दारा सिंह की। रुस्तम ए हिन्द दारा सिंह रन्धावा का जन्म 19 नवम्बर 1928 को अमृतसर (पंजाब) के गांव धरमूचक में हुआ था। 500 से ज्यादा फाइट लड़ी, कभी नहीं हारे दारा सिंह ने अपनी जिंदगी में 500 से ज्यादा फाइट लड़ी जिसमें वह एक भी मुकाबला नहीं हारे। उन्होंने 29 मई 1968 को फ्री स्टाइल कुश्ती के वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता था। साथ ही चैंपियन ऑफ मलेशिया, नेशनल रेस्लिंग चैंपियन, रुस्तम-ए-हिंद और रुस्तम-ए-पंजाब जैसे कई अन्य खिताब भी उन्होंने अपने नाम किये। 4 लाख प्रति फिल्म थी फीस कुश्ती के बाद दारा सिंह ने बॉलीवुड में भी किस्मत आजमाई और उन्हें खूब शौहरत और सफलता भी मिली। उन्होंने फिल्मों में एक्टर, निर्देशक, निर्माता के तौर पर काम किया और दर्शकों के दिलों पर छाए रहे। दारा सिंह ने 148 फिल्मों में काम किया। दारा सिंह 60 के दशक में हर फिल्म के लिए 4 लाख रुपये लेते थे, जो बड़े बड़े अभिनेताओं को भी नहीं मिलती थी। 'फौलाद', 'मर्द','मेरा नाम जोकर','कल हो ना हो' और 'जब वी मेट' जैसी फिल्में काफी पसंद की जाती है। वर्ष 1970 में दारा सिंह ने पहली बार पंजाबी फिल्म 'नानक दुखिया सब संसार' को प्रोड्यूस किया। पर दारा का सर्वश्रेष्ठ आना तो अभी बाकी था। हनुमान के किरदार ने कर दिया अमर 1980 के दशक में रामानंद सागर ने रामायण बनाने का निर्णय लिया और हनुमान जी के रोल के लिए भला दारा सिंह से बेहतर कौन हो सकता था। दारा सिंह ने 60 साल की उम्र में 'रामायण' में 'हनुमान' के किरदार को बखूबी निभाया। उस दौर में आलम ये था कि उन्हें देखकर लोग जय श्री राम के नारे लगाना शुरू कर देते थे और आशीर्वाद लेने के लिए उनके चरणों में गिर जाते थे। उनमें लोगों को साक्षात पवन पुत्र हनुमान दिखते थे। रामानंद सागर की रामायण में निभाए गए बजरंबली हुनुमान के किरदार ने दारा सिंह को सदा के लिए अमर कर दिया। 12 जुलाई 2012 को जबरदस्त कद काठी, फिल्मों में एक्टिंग के मास्टर और टेलीविजन इंडस्ट्री में हनुमान, दारा सिंह ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
मोदी सरकार भाग दो का पहला बजट शुक्रवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश कर दिया है। बजट में पेट्रोल-डीजल पर एक रूपया सेस बढ़ाने की घोषणा की गई है जिससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई पर आने वाला खर्च बढ़ जाएगा, जिसका प्रभाव लगभग हर सामान की कीमत पर होना तय माना जा रहा है।बजट में सोना पर शुल्क 10 फीसद से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया गया है। साथ ही ये भी घोषणा की गई है कि आने वाले दिनों में तंबाकू पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया हैं। बजट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर जीएसटी रेट 12 पर्सेंट से घटाकर 5 पर्सेंट कर दिया गया। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने हेतु लिए गए लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त इनकम टैक्स छूट भी देने का एलान किया है। मुख्य बिंदु... ''हर घर जल, हर घर नल'' के तहत 2024 तक हर घर में नल से होगी जल की आपूर्ति। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 1,25,000 किलोमीटर लंबी सड़क को अगले पांच सालों में अपग्रेड किया जाएगा। मार्च 2020 तक 45 लाख रुपये तक की घर खरीद पर ब्याज के पुनर्भुगतान पर 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट मिलेगी। 114 दिनों में जरूरतमंदों को घर बनाकर देने का लक्ष्य। 1.95 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य। सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी निकासी पर अब दो फीसदी टीडीएस। सोने के आयात शुल्क पर 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी की है। सालाना 2-5 करोड़ रुपये की कमाई वाले व्यक्तियों के सरचार्ज में 3 फीसदी व 5 करोड़ रुपये से अधिक की आय पर सरचार्ज में सात फीसदी का इजाफा। 400 करोड़ रुपये तक के रेवेन्यू वाले कंपनियों को अब 30 फीसदी के मुकाबले 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स देना होगा। ये हुआ सस्ता - साबुन, शैंपू, हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, डिटरजेंट वाशिंग पाउडर, बिजली का घरेलू सामानों पंखे, लैम्प, ब्रीफकेस, यात्री बैग, सेनिटरी वेयर, बोतल, कंटेनर, रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों के अलावा गद्दा, बिस्तर, चश्मों के फ्रेम, बांस का फर्नीचर, पास्ता, मियोनीज, धूपबत्ती, नमकीन, सूखा नारियल, सैनिटरी नैपकिन, ऊन खरीदना सस्ता हुआ।


