सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत तहसील कल्याण अधिकारी, देहरा के सौजन्य से आज खंड विकास अधिकारी, प्रागपुर के सभागार में वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिमेंशिया एवं अल्जाइमर रोग के प्रति एक दिवसीय जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य समाज में डिमेंशिया एवं अल्जाइमर जैसे गंभीर मानसिक रोगों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को समय रहते उचित चिकित्सा परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना था, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बीडीओ प्रागपुर अशोक कुमार ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान न्यू एरा फाउंडेशन, खुंडियां की ओर से डॉ. दीक्षा ने उपस्थित लोगों को डिमेंशिया के प्रमुख कारणों, प्रारंभिक एवं उन्नत लक्षणों, संभावित जोखिम कारकों, रोकथाम के उपायों तथा उपलब्ध उपचार पद्धतियों के बारे में सरल एवं विस्तृत प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान एवं उचित देखभाल से रोग की प्रगति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है तथा इसके सामाजिक एवं पारिवारिक प्रभावों को भी कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मनोचिकित्सक डॉ. नेहा ने डिमेंशिया के निदान, प्रबंधन एवं उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने का आग्रह किया। शिविर के दौरान उन्होंने मरीजों की स्क्रीनिंग भी की, जिससे कई लोगों को प्रारंभिक स्तर पर ही परामर्श प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ नागरिकों को पहाड़ी टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। तहसील कल्याण अधिकारी विपुल शर्मा ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से इनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय व्यक्ति तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्रों ने हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर संस्थान का नाम रोशन किया है। कॉलेज की होनहार छात्रा राजकुमारी ने विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है। राजकुमारी की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों का मार्गदर्शन रहा है। कॉलेज के अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मेरिट सूची में जगह बनाई है। इन परीक्षा परिणामों में बी. फार्मेसी सातवें सत्र में तीन छात्राओं श्रुति, सृष्टि, पलक ने 9.33 सीजीपीए के साथ नौवां स्थान प्राप्त किया, जबकि सुमेश ने 9.30 सीजीपीए के साथ दसवां स्थान हासिल किया है। बी. फार्मेसी पांचवें सत्र में राजकुमारी ने 9.38 सीजीपीए के साथ प्रथम स्थान, रजत ने 8.92 सीजीपीए के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। वहीं समीर, प्रियनंदिनी, अजय ने 8.77 सीजीपीए के साथ आठवां, पियूषा, रिंचन ने 8.69 सीजीपीए के साथ नौवां तथा भूषण, हन्नी, हार्दिक, रुद्र, सिमरन, मनीष व नितिन गोरे ने 8.62 सीजीपीए के साथ दसवां स्थान प्राप्त किया। वहीं बी. फार्मेसी के तीसरे सत्र में पलक 9.25 सीजीपीए के साथ पांचवें, प्रिया 9.17 सीजीपीए के साथ छठे तथा साक्षी 8.92 सीजीपीए के साथ नौवें स्थान पर रही। बी. फार्मेसी प्रथम सत्र की जुबीन ने 9.31 सीजीपीए के साथ आठवां स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर मिनर्वा ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंधक इंजीनियर जे. एस. पटियाल, डीन अकादमिक प्रोफेसर बी. डी. शर्मा, प्राचार्य डॉ. कपिल कुमार वर्मा तथा समस्त स्टाफ ने छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर डीन अकादमिक एवं स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. बी. डी. शर्मा ने कहा कि यह सफलता राजकुमारी की कड़ी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मिनर्वा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रिंसिपल डॉ. कपिल कुमार वर्मा ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि टॉपर्स ने अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्थापित की है। हमें विश्वास है कि वे भविष्य में भी इसी तरह सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे। राजकुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं शिक्षकों को देते हुए कहा कि समर्पण और निरंतर परिश्रम से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
राजकीय महाविद्यालय इन्दौरा (GDC Indora) में विदाई समारोह का प्रतिवेदन राजकीय महाविद्यालय इन्दौरा में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के सभागार में बड़े उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, समस्त प्राध्यापकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी तथा छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्राचार्य महोदय डॉ. विवेक कुमार एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। इसके पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। मंच संचालन का दायित्व महाविद्यालय के छात्रों ने बखूबी निभाया और पूरे कार्यक्रम को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया। इस अवसर पर कनिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विदाई समारोह का मुख्य आकर्षण ‘मिस्टर फेयरवेल’ और ‘मिस फेयरवेल’ का चयन रहा। इसके लिए विभिन्न राउंड आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने आत्म-परिचय, प्रश्नोत्तर और प्रतिभा प्रदर्शन के माध्यम से अपनी योग्यता का परिचय दिया। अंततः निर्णायक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं की घोषणा की गई। विजेताओं को स्मृति चिह्न एवं सम्मान पत्र प्रदान किए गए। अंकिता को मिस फेयरवेल तथा अरुण को मिस्टर फेयरवेल चुना गया। कार्यक्रम के दौरान अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्राचार्य महोदय डॉ. विवेक ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए आगे बढ़ें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालय के द्वार सदैव उनके लिए खुले रहेंगे। अन्य प्राध्यापकों डॉ. पंकज कौशल, डॉ. रजनी, डॉ. पूनम ने भी अपने विचार व्यक्त किए और विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह सलाह दी कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करें और हमेशा नैतिक मूल्यों का पालन करें। विदाई समारोह के अंत में सभी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इसके पश्चात सामूहिक फोटो सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सभी ने एक साथ तस्वीरें खिंचवाकर इस दिन को यादगार बना लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई थी, जिसका सभी ने आनंद लिया। यह विदाई समारोह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम था, बल्कि यह भावनाओं, यादों और भविष्य की आशाओं से भरा एक यादगार दिन बन गया। इस अवसर पर जहां एक ओर अंतिम वर्ष के विद्यार्थी अपने नए जीवन की ओर अग्रसर हुए, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अपने महाविद्यालय के साथ बिताए गए अनमोल पलों को सहेज कर रखा। अंत में कहा जा सकता है कि यह विदाई समारोह अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक रहा। इसने विद्यार्थियों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत किया तथा उन्हें जीवन के अगले चरण के लिए उत्साहित किया। महाविद्यालय प्रशासन, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयास से यह कार्यक्रम अत्यंत व्यवस्थित और प्रभावशाली ढंग से सम्पन्न हुआ।
इंदौरा विधायक मलेंद्र राजन ने इंदौरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पराल का दौरा कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी की तथा अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने बताया कि ठाकुरद्वारा से मलकाना पराल पुल तथा त्योड़ा पत्तन पुल को विधायक प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इन दोनों पुलों का बजट स्वीकृत होते ही उनके निर्माण कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पराल स्कूल में शिक्षकों की कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिल सकें। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चल रहे विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और उन्हें निर्धारित समय में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और क्षेत्र के विकास के लिए वे निरंतर प्रयास करते रहेंगे। इस अवसर पर बीडीओ सुदर्शन सिंह, पूर्व प्रधान केवल कृष्ण, पूर्व प्रधान तारा चंद, पोंग बांध निदेशक विशाल ठाकुर, किसान मोर्चा के राजेश, कार्यकर्ता गगन सिंह, दिलावर सिंह, स्वदेश (सोनू) सहित अन्य व्यक्ति व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
क्षेत्र के विकास को गति देते हुए विधायक मलेंद्र राजन ने सोमवार को अटाहड़ा पंचायत में विकास कार्यों की समीक्षा की तथा 10 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने वार्ड नंबर-05 में पक्के रास्ते के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त जीप योग्य रास्ते के निर्माण, ढंगा निर्माण, सुरक्षा दीवार निर्माण तथा अटाहड़ा में मुख्य रास्ते तक संपर्क मार्ग के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इस दौरान विधायक ने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो विकास कार्य चल रहे हैं या अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं, उन्हें शीघ्र शुरू करवाया जाए ताकि लोगों को समय पर सुविधाएं मिल सकें। विधायक ने कहा कि अटाहड़ा पंचायत क्षेत्र में बस सेवा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पांच इलेक्ट्रिक बसों की मांग की गई है और आवश्यकता के अनुसार रूट व समय निर्धारित कर उन्हें चलाया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गंगथ अस्पताल में डॉक्टरों के सभी छह पद भर दिए गए हैं। आने वाले समय में शेष विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए भी मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी जाएगी। विधायक ने कहा कि जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाना और पूरे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित करना ही उनकी प्राथमिकता है। इस अवसर पर बीडीओ सुदर्शन सिंह, नायब तहसीलदार प्रवेश शर्मा, कांग्रेस कार्यकर्ता जगमोहन पठानिया, हरबंस धीमान, सुरेश कुमार, सरदार अली, हरी सिंह, शमशेर सिंह, विशन सिंह, पूर्व उपप्रधान सुनील ठाकुर तथा पूर्व प्रधान तरसेम सिंह सहित अन्य व्यक्ति व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए टीम ने डमटाल थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों से 114.2 ग्राम चरस बरामद की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने बताया कि पुलिस जिला नूरपुर के तहत पुलिस टीमें गश्त और नशा विरोधी अभियान के दौरान क्षेत्र कंडवाल, भदरोया, डमटाल और छन्नी आदि में मौजूद थीं। इसी दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि दो व्यक्ति एनएच-44 के पास एक्साइज बैरियर भदरोया के समीप बैठे हुए हैं तथा उनके पास एक कैरी बैग में भारी मात्रा में चरस है और वे इसे बेचने की फिराक में हैं। सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां दो संदिग्ध व्यक्ति बैठे हुए पाए गए। पूछताछ करने पर उन्होंने अपनी पहचान बलदेव पुत्र नंद लाल, निवासी गांव मकण, डाकघर सनवाल, तहसील चुराह जिला चंबा (उम्र 44 वर्ष) तथा जीत पुत्र लोभी, निवासी गांव मकण, डाकघर सनवाल, तहसील चुराह जिला चंबा (उम्र 40 वर्ष) के रूप में बताई। पुलिस ने जब उनके कैरी बैग की तलाशी ली तो बैग के भीतर पॉलीथीन में छिपाकर रखी 114.2 ग्राम चरस बरामद हुई। इस संबंध में पुलिस थाना डमटाल में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। साथ ही पुलिस जिला नूरपुर ने आम जनता से अपील की है कि नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
विधायक मलेंद्र राजन ने सोमवार को राजकीय डिग्री कॉलेज इंदौरा के सभागार में उपमंडल स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जमीनी स्तर पर लोगों की शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक तीन माह के बाद उपमंडल स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है। विधायक ने कहा कि समिति के गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा उठाई गई समस्याओं का निर्धारित समयावधि में समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा रखे गए मुद्दों और दिए गए सुझावों पर गंभीरता से कार्य करते हुए उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर ठोस निर्णय लेना है, ताकि कम समय में लोगों की शिकायतों का समाधान हो सके और उन्हें विकास कार्यों का लाभ समय पर मिल सके। विधायक ने कहा कि अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें निर्धारित समयावधि में पूरा करने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बिजली और जल शक्ति विभाग को गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं और इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके। बैठक में एसडीएम डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, एसीएफ निशांत पराशर, डीएसपी संजीव यादव, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक महाजन, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद बलौरिया, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता संदीप सान्याल, बीडीओ सुदर्शन सिंह, एमओ डॉ. सुरेश कुमार, एसएचओ इंदौरा आशीष पठानिया, एसएचओ डमटाल विशाल ठाकुर, बीएमओ संदीप महाजन, बीएमओ नूरपुर डॉ. दिलावर, एसडीओ सॉयल विजय ठाकुर, बीईईओ किरण बाला, एसडीओ शाहनहर परमजीत सिंह, नायब तहसीलदार प्रवेश शर्मा, सदस्य सचिव नितिन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त गैर-सरकारी सदस्यों में विजय शर्मा, स्वदेश चंबियाल, विजय कुमार, सुनीता कटोच, अनिल कटोच, रणजीत पठानिया, जगन्नाथ तथा नरेश शर्मा भी बैठक में उपस्थित रहे।
सी हॉक क्रिकेट क्लब भोगरवा की ओर से आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य फाइनल मुकाबला मशापुर और हिमाचल प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट की टीमों के बीच खेला गया। इस टूर्नामेंट में कुल 40 टीमों ने भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में क्रिकेट के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में सभी टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद मशापुर और हिमाचल प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट की टीमें फाइनल तक पहुंचीं | फाइनल मुकाबले में मशापुर की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 101 रनों का लक्ष्य रखा। मशापुर के बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी हिमाचल प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट की टीम ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबले को आखिरी ओवर तक रोमांचक बनाए रखा। आखिरकार हिमाचल प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट की टीम ने मशापुर की टीम को फाइनल में हराकर टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। मैच के दौरान खिलाड़ियों का जोश और दर्शकों का उत्साह देखने लायक था। इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए पृथ्वी सलारिया को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 250 रन बनाए और 12 विकेट हासिल किए, जो टीम की सफलता में अहम साबित हुआ। फाइनल मुकाबले के अवसर पर विशेष अतिथि साहदेव ठाकुर भी मौजूद रहे, जिन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। सी हॉक क्रिकेट क्लब भोगरवा द्वारा आयोजित यह टूर्नामेंट क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हुआ, जहां उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला और खेल भावना को भी बढ़ावा मिला।
मंडल जसवां-प्रागपुर द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा अपने-अपने विषयों को कार्यकर्ताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा जनता के हित में किए गए तथा किए जा रहे कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। वहीं संजीव शर्मा ने पार्टी का इतिहास एवं उसके विकास के बारे में कार्यकर्ताओं को जागरूक किया। भावना शर्मा ने बूथ प्रबंधन तथा प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम के महत्व पर कार्यकर्ताओं से चर्चा की। इसी क्रम में जिला देहरा के महामंत्री सुशील कालिया ने पार्टी के कार्यविस्तार की दृष्टि से बूथ स्तर पर किए जाने वाले आवश्यक कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा मुनीश शर्मा ने चर्चा के माध्यम से पार्टी की कार्यपद्धति की संरचना पर प्रकाश डाला। राहुल डोगरा ने डिजिटल युग में पार्टी की भूमिका तथा इस माध्यम से हम पार्टी और देश के लिए किस प्रकार योगदान दे सकते हैं, इस विषय पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर भाजपा मंडल जसवां–प्रागपुर के पदाधिकारी, ग्राम केंद्र प्रमुख एवं मंडल मोर्चा के अध्यक्ष और महामंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इंदौरा के राजकीय महाविद्यालय सुगभटोली में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित किया गया। जिसमें विधायक मलेंद्र राजन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक ने बताया कि संत बाबा फकीर चंद जी के प्रयासों से इस क्षेत्र में कॉलेज की स्थापना संभव हो सकी है। वर्ष 1992 में स्थापित इस कॉलेज को 6 अगस्त 2016 को प्रदेश सरकार ने अपने अधीन ले लिया था। कहा कि पिछले वर्ष 100 से कम विद्यार्थियों वाले कॉलेजों को बंद करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष इस कॉलेज का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सरकार ने अधिसूचना वापस लेकर कॉलेज को जारी रखने का निर्णय लिया। वर्तमान में यहां 112 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कॉलेज में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार के समक्ष मामला उठाया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में परिवहन सुविधा को देखते हुए भविष्य में इलेक्ट्रिक बस चलाने के प्रयास किए जाएंगे। विधायक ने बताया कि चंगराड़ा से वाया मकडोली रैहन सड़क का निर्माण लगभग 12.5 करोड़ रुपये तथा टप्पा से चंगराड़ा सड़क का निर्माण लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। उन्होंने सुगभटोली वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू करवाने और क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की बात कही। इसके अलावा कॉलेज में आईसीटी लैब के लिए पांच कंप्यूटर उपलब्ध कराने और भवन की मरम्मत करवाने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नमेश कुमार, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
पुलिस थाना रैहन में शिकायतकर्ता जीवन लता निवासी गांव पंजासरा की शिकायत पर उनके घर का दरवाजा तोड़कर अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोने के गहने, एक जेंट्स अंगूठी, एक लेडीज अंगूठी, एक जोड़ी टॉप्स, भगवान सत्यनारायण की एक छोटी मूर्ति तथा कुछ नगदी चोरी कर ली गई। इस संबंध में FIR नं. 23/26 दिनांक 07-03-2026 धारा 331(4), 305 BNS के अंतर्गत पुलिस थाना रैहन में मामला दर्ज किया गया। मामले की तफ्तीश के दौरान यह पाया गया कि दिनांक 08-03-2026 को पुलिस थाना रैहन में दर्ज मु0 नं. 24/26 धारा 21, 25, 29 NDPS Act के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने उपरोक्त चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों की पहचान राजेश सिंह पुत्र कर्म सिंह कुमार निवासी वार्ड नं. 02, गांव व डाकघर रैहन, तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) तथा शुभव उर्फ शुभू पुत्र संजय कुमार निवासी वार्ड नं. 05, रैहन, डाकघर रैहन, तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) के रूप में हुई। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी हुआ सामान जिसमें एक लेडीज सोने की अंगूठी, एक सोने का झुमका लाल नग सहित व उसकी चेन, एक Key Ring, एक जोड़ी लेडीज बिछुए, एक सिल्वर अंगूठी तथा घर से चोरी किए गए 02 DVR व एक WIFI उपकरण बरामद किए गए हैं। आरोपियों से अन्य संभावित चोरियों के संबंध में गहन पूछताछ जारी है तथा उपरोक्त अभियोग में नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है ।
पुलिस थाना नूरपुर के तहत आने वाले गांव कदरोह, डाकघर खैरयां के 13 वर्षीय बालक आयुष पठानियां के लापता होने का मामला दुखद अंत के साथ सामने आया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 मार्च 2026 को आयुष पठानियां के लापता होने की सूचना पुलिस थाना नूरपुर को मिली थी। सूचना मिलते ही नूरपुर पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से उसकी तलाश के लिए सर्च अभियान शुरू कर दिया था। तलाशी अभियान के दौरान 11 मार्च को ग्रेली खड्ड (नागनी) के पास बालक के कपड़े और चप्पलें बरामद हुईं। इसके बाद खड्ड में खोजबीन करने पर बालक का शव भी बरामद कर लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और DFU टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल नूरपुर भेजा गया। पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया है। इस मामले में पुलिस थाना नूरपुर में धारा 194 BNSS के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने आज राजकीय डिग्री कॉलेज इंदौरा के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की तथा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक मलेंद्र राजन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी शिक्षण संस्थानों को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सरकार शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाने के बजाय उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में इंदौरा लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इंदौरा क्षेत्र के तीन विद्यालयों राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इंदौरा, गंगथ स्कूल तथा ठाकुरद्वारा स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे। विधायक ने कहा कि राजकीय डिग्री कॉलेज इंदौरा की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी, उस समय कॉलेज में केवल 53 विद्यार्थी थे, जबकि आज लगभग 800 विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज के विकास में कॉलेज छात्र संघ ,ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन तथा अभिभावक-शिक्षक संघ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि वर्ष 2024 में इंदौरा उत्सव की शुरुआत स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इस उत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि जिस मंच पर राष्ट्रीय कलाकार प्रस्तुति दे रहे थे, उसी मंच पर क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों और गायकों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, जो क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। विधायक ने कहा कि कॉलेज में छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में लगभग दोगुनी है, जो इस बात का संकेत है कि बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और भविष्य में क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने युवाओं से राजनीति और सामाजिक कार्यों में भी आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इंदौरा विधानसभा क्षेत्र से चिट्टे जैसे घातक नशे को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक जन अभियान चलाया जाएगा और समाज के सहयोग से इस बुराई को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से इस मुहिम में आगे आकर सहयोग देने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक मलेंद्र राजन ने अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन की मांगों को विशेषकर शिक्षकों के रिक्त पदों जैसी मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा तथा विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र मनकोटिया, पूर्व प्रधान भूपाल कटोच, सतीश कटोच, पूर्व प्रधान सुधीर पठानिया, पूर्व प्रधान गुलशन लाला, एससी सेल अध्यक्ष राज कुमार, ओबीसी सेल अध्यक्ष केवल कृष्ण, पोंग बांध निदेशक कुलदीप शर्मा, विशाल ठाकुर, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष वजिंदर पठानिया, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कनव ठाकुर, एनएसयूआई अध्यक्ष अभिनव ठाकुर, पूर्व प्रधान जीवन सिंह, सुरजीत कटोच, रामलीला क्लब इंदौरा के पूर्व प्रधान उमाकांत सूदन, पीटीए उपप्रधान वजिंदर कंवर, अनिल कटोच, महाशू राम, नरेंद्र शर्मा, केवल कटोच, व्यापार मंडल अध्यक्ष रणजीत सिंह, केवल कृष्ण शर्मा, मनीष ठाकुर, कॉलेज के प्राचार्य कुलवंत परमार, स्वदेश सोनू, एसडीओ जल शक्ति विभाग अनिल ठाकुर तथा एसडीओ बिजली बोर्ड शंकर दयाल सहित शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
लापता व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नूरपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लापता महिलाओं को सकुशल बरामद कर लिया है। पहले मामले में वीपीओ तलारा, तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा की एक महिला, जिसकी 8 मार्च 2026 को लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी, को पुलिस थाना नूरपुर की टीम ने ट्रेस कर लिया। दूसरे मामले में गांव सनिहाल, डाकघर रामनगर, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा की एक महिला के लापता होने की सूचना 7 मार्च 2026 को थाना इंदौरा में दी गई थी। पुलिस थाना इंदौरा की टीम ने शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर ही महिला को सकुशल ढूंढ निकाला। दोनों मामलों में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिलाओं को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है नूरपुर पुलिस का कहना है। कि लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ फार्मेसी, इंदौरा (कांगड़ा) के छात्रों ने हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (एचपीटीयू) द्वारा आयोजित यूथ फेस्टिवल में फोक एक्ट श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपने संस्थान का नाम रोशन किया। यह कार्यक्रम शाहपुर स्थित हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न संबद्ध कॉलेजों के छात्रों ने कई सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। छात्रों ने “सती कथा” पर आधारित प्रस्तुति दी, जिसे अजय कुमार, तुषार शर्मा, विशाल शर्मा, अभिषेक भारद्वाज, अभिजीत सिंह, तुषार, अंकुश सिंह, कृष, तनिष्का महाजन और नंदिनी भारद्वाज ने प्रस्तुत किया। मिनर्वा कॉलेज ऑफ फार्मेसी की टीम ने अपने ऊर्जावान और प्रभावशाली प्रदर्शन से निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति में पारंपरिक सांस्कृतिक तत्वों और टीमवर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। इस शानदार प्रस्तुति के लिए उन्हें कई टीमों के बीच तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। कॉलेज के अधिकारियों जे. एस. पाटियाल (चेयरमैन, मिनर्वा ग्रुप ऑफ कॉलेजे) और डीन अकादमिक प्रोफेसर बी. डी. शर्मा ने छात्रों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके समर्पण तथा कड़ी मेहनत की सराहना की। डॉ. कपिल कुमार वर्मा ने भी छात्रों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए शुभकामनाएं दीं।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर में सोमवार को "भारतीय ज्ञान परम्परा" विषय पर व्याख्यान का आयोजन परिसर सह निदेशक प्रो. मंजुनाथ एस.जी. की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। डिजिटल लर्निंग एंड मॉनिटरिंग सेल एवं ज्योतिष विद्या शाखा के तत्वाधान में हुई इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में कवि कुलगुरु कालीदास के वास्तु विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रसाद गोखले ने शिरकत की। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा पर प्रकाश डालते हुये कहा कि प्रत्यक्षं ज्योतिषं शास्त्रं अर्थात् ज्योतिष शास्त्र प्रत्यक्ष शास्त्र है और छाया से समय का ज्ञान कर सकते हैं। उन्होंने भारतीय जीवन में ग्रहों के महत्त्व को समाज के परिप्रेक्ष्य में समझाया। प्रो. प्रसाद गोखले के अनुसार अत्यन्त धीरे-धीरे चलने वाला ग्रह शनि ग्रह है। उन्होंने ज्योतिष शास्त्र के विभिन्न नामों से परिचित करवाया जेसै प्रत्यक्ष शास्त्र, कालविधान शास्त्र आदि। उन्होंने भारतीय परम्परा में महीनों के नामों को भी बहुत बारीकी से समझाया। इससे पूर्व टोपी, शॉल व पुष्पगुच्छ दे कर मुख्यवक्ता का स्वागत किया गया। वहीं परिसर के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज श्रीमाल ने उनका वाचिक स्वागत किया। वहीं सारे कार्यक्रम में मंच का संचालन ज्योतिष विषय के सहायकाचार्य डॉ. शैलेश तिवारी ने किया। उन्होंने श्लोकोच्चारण के माध्यम से ही इस कार्यशाला की सारी रूपरेखा को समझाया। कार्यशाला के दौरान इसमें भाग लेने वाले छात्र छात्राओं एवं समिति सदस्यों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. मंजुनाथ एस.जी. ने छात्रों को मुख्य वक्ता के द्वारा प्रतिपादित ज्ञान को आत्मसात करने के लिये अभिप्रेरित किया। कार्यक्रम के अन्त में डॉ. विनोद शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम के दौरान संगणक विभागाध्यक्ष अमित वालिया सहित डॉ. हरि ओम, डॉ. यज्ञदत्त, डॉ. भूपेन्द्र कुमार ओझा, डॉ. गोविन्द शुक्ल, डॉ. दीप कुमार, डॉ. विनोद शर्मा, गोविन्द दीक्षित, कृष्ण कुमार द्विवेदी, अमरचन्द, डॉ. रूपलाल, प्रमोद कुमार एवं परिसर के कर्मचारी और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। शान्तिमन्त्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
प्रदेश में कांगड़ा पुलिस के नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बैजनाथ थाना पुलिस ने 135 ग्राम चरस के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें नाकाबंदी के दौरान पकड़ा गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 7/8 मार्च 2026 की रात बैजनाथ पुलिस थाना की टीम अवाही नाग मोड़ के पास यातायात चेकिंग के लिए नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान घट्टा की ओर से आ रही स्कूटी नंबर HP40F-5509 को जांच के लिए रोका गया। स्कूटी चालक और उसके साथ बैठे युवक पुलिस को देखकर घबराए हुए नजर आए, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। नियमानुसार तलाशी लेने पर स्कूटी की डिग्गी से 135 ग्राम चरस बरामद की गई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान अनीश ठाकुर (19) निवासी मोहल्ला जुलाहखड़ी, वार्ड नंबर-6, डाकघर, तहसील व जिला चंबा और नमन (20) निवासी गांव व डाकघर इच्छी, तहसील व जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद चरस के साथ स्कूटी को भी कब्जे में ले लिया है। इस संबंध में पुलिस थाना बैजनाथ में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 व 29 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। कांगड़ा पुलिस ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी है, जिसके तहत गश्त, नाकाबंदी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
नई दिल्ली में बिक्रम ठाकुर ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से शिष्टाचार भेंट की। बिक्रम ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विधानसभा क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित की जा सकने वाली विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई। साथ ही इस बात पर भी विचार-विमर्श किया गया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ क्षेत्र के लोगों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र को दिए गए सहयोग और स्वीकृत विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अनुराग ठाकुर ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हमेशा हिमाचल प्रदेश के विकास और जनहित के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के हर क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए कार्य कर रही है और हिमाचल प्रदेश के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा। बैठक में क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी ने मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति देने और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।
पुलिस जिला नूरपुर की CIA टीम ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डमटाल क्षेत्र के अंतर्गत गाँव छन्नी में एक घर पर दबिश देकर 12.76 ग्राम हेरोइन बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार CIA नूरपुर की टीम डमटाल क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान NDPS अधिनियम की धारा 41(2) के तहत प्राप्त वारंट के आधार पर गाँव छन्नी स्थित एक घर की तलाशी ली गई। तलाशी की कार्रवाई नियमानुसार गवाहों की मौजूदगी में की गई। तलाशी के दौरान घर के एक कमरे में रखे फूलदान के अंदर से 12.76 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान बबली (29), पत्नी सुरिंदर उर्फ झांडी, निवासी गाँव छन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा के रूप में की है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में पुलिस थाना डमटाल में NDPS अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मादक पदार्थ की तस्करी में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के सौदागरों के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC) इंदौरा की अदालत ने NDPS एक्ट के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में थाना इंदौरा के अंतर्गत पुलिस ने संजीव कुमार उर्फ प्रिंस पुत्र अशोक कुमार, निवासी वार्ड नंबर-3 डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा को 3.90 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस टीम ने मामले की गहन जांच कर पुख्ता साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने 5 मार्च 2026 को आरोपी संजीव कुमार को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार दोषी संजीव कुमार एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ डमटाल और इंदौरा क्षेत्रों में चोरी, मारपीट, अवैध शराब तस्करी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। नूरपुर पुलिस का कहना है कि इस सजा से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों को कड़ा संदेश गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें। अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए हिमाचल पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
तहसील खुंडियां के गांव बलाहड़ की कौशल्या देवी का सेना सहारा बनी। फरवरी 1972 में उनके माता-पिता ने उनका विवाह किया था। कुछ समय तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में उनके पति की नौकरी चली गई और परिवार का गुजारा मेहनत-मजदूरी से होने लगा। दिसंबर 2009 में अचानक उनके पति का निधन हो गया, जिसके बाद कौशल्या देवी अपने माता-पिता पर निर्भर हो गईं। कोरोना काल के दौरान अप्रैल 2020 में उनके पिता लाल सिंह का देहांत हो गया और चार साल बाद जून 2024 में उनकी माता विद्या देवी भी चल बसीं। इससे कौशल्या देवी पूरी तरह अकेली रह गईं और आर्थिक संकट का सामना करने लगीं। पूर्व सैनिक लीग खुंडियां के चेयरमैन एवं समाजसेवी रिटायर्ड कर्नल एम.एस. राणा ने बताया कि जुलाई 2024 में डीएससी रिकॉर्ड के माध्यम से कौशल्या देवी की डिपेंडेंट पेंशन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी। रिकॉर्ड में उनकी जन्म तिथि और सिविल दस्तावेजों में अंतर पाया गया, जिसे ठीक करवाने में लगभग एक वर्ष का समय लगा। सितंबर 2025 में पूर्व सैनिक लीग खुंडियां की टीम ने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर जिला सैनिक कल्याण विभाग धर्मशाला के माध्यम से रिकॉर्ड कार्यालय भेजे। इसके बाद सेना की ओर से कौशल्या देवी को लगभग 18 हजार रुपये की मासिक डिपेंडेंट पेंशन स्वीकृत कर दी गई, जिससे उन्हें आर्थिक सहारा मिला है। कौशल्या देवी ने इस सहयोग के लिए भारतीय सेना, जिला सैनिक कल्याण विभाग धर्मशाला के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल गोपाल सिंह गुलेरिया तथा पूर्व सैनिक लीग खुंडियां की टीम—कर्नल एम.एस. राणा, कैप्टन कर्म सिंह, कैप्टन कश्मीर सिंह, सूबेदार मेजर माधो राम, सूबेदार मेजर रणबीर सिंह और नायब सूबेदार अमर सिंह—का निस्वार्थ सेवा के लिए आभार व्यक्त किया है। कर्नल राणा ने बताया कि ऐसे मामलों में उन्हीं बेटियों को डिपेंडेंट पेंशन मिलती है जिनके परिवार की मासिक आय नौ हजार रुपये से कम हो और जो अन्य निर्धारित शर्तों को भी पूरा करती हों। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक लीग खुंडियां सैन्य परिवारों के कार्यों में मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहती है और खुंडियां के अलावा बाहरी क्षेत्रों के परिवार भी यहां से अपने कार्य करवाने आते हैं।
पठानकोट से संबंध रखने वाले युवा इशित महाजन ने मुंबई में पंजाब का नाम रोशन किया है। उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में राष्ट्रीय स्तर की डिजाइनिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इशित के पिता रॉकी एक टेलर हैं और पठानकोट में रॉकी स्टूडियो नाम से टेलरिंग की दुकान चलाते है, जबकि इशित एटलस स्किल टेक युनिवर्सिटी मुंबई में फैशन डिजाइनिंग के छात्र हैं और भारत भर से फैशन डिजाइनिंग में 10 हजार डिजाइनर में से पहले उसने टॉप 16 में जगह बनाई और अब प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल पठानकोट बल्कि पूरे पंजाब का नाम मुंबई में चमकाया है। उन्होंने लिवा प्रोटेज विनर का खिताब अपने नाम किया है।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा के करियर एवं मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा करियर पॉइंट अकादमी डाडासीबा के सहयोग से महाविद्यालय परिसर में एक विशेष करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम प्रभारी डॉ. राम पाल द्वारा स्वागत भाषण के साथ किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहने तथा समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रजनी संख्यान ने अपने संबोधन में छात्र जीवन में करियर के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में सही मार्गदर्शन, निरंतर परिश्रम और उचित रणनीति के माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संसाधन व्यक्ति मनोज कुमार, निदेशक-सह-स्वामी, करियर पॉइंट अकादमी डाडासीबा ने करियर के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति तथा समय प्रबंधन के महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। विद्यार्थियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राम पाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रोफेसर दविंदर सिंह, प्रोफेसर खेम चंद, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अंजना देवी तथा अधीक्षक ग्रेड–II कुंता देवी सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
हरिपुर में 27 फरवरी को सुबह 09:00 बजे से सायं कार्य समाप्त होने तक 11 के.वी. दौलतपुर फीडर के जरूरी रखरखाव हेतु फीडर के अंतर्गत आने वाले गांवों जोकि दौलतपुर, तकीपुर, जलाडी, कुल्थी, धमेड, जन्यांकड़, घट्टा, जतेहर, चौंदा, कोपर लाहड, टल्ला, तर्खानकर, रसूह तथा फर्ना आदि की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियंता आदित्य सूद ने दी। साथ ही धीरा में भी विद्युत उपमंडल डरोह के अंतर्गत आने वाले विद्युत अनुभाग कार्यालय धीरा की 11 के.वी. काहनफट फीडर की नई 11 के. वी. लाइन के दूसरे चरण का कार्य आरंभ किए जाने के कारण भदरोल, काहनफट, पनयाली, लाहरु आदि गांवों में 27 फरवरी को सुबह 9:30 बजे से लेकर कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता सुभाष कुमार ने दी।
भारतीय मजदूर संघ हिमाचल प्रदेश इकाई ने विभिन्न मजदूर संगठनों के साथ नूरपुर, व फतेहपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने फतेहपुर सब्जी मंडी से हाड़ा बाजार होते हुए फतेहपुर बाजार तक रैली निकाली और तहसीलदार फतेहपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। वहीं नूरपुर में जिला मजदूर संघ प्रधान पुरुषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में मजदूरों नें विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर जोरदार हल्ला बोला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर रोष जताया। मंजदूर संगठन ने मुख्यमंत्री हिमाचल ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को एस डी एम नूरपुर के माध्यम से 24 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए कर्मचारियों तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ पदाधिकारियों के अनुसार 20–21 दिसंबर 2025 को ऊना और मेहतपुर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कर्मचारियों व श्रमिकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। ज्ञापन में असंगठित क्षेत्र एवं योजना कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी कर्मचारियों को EPF, ESI और HRA का लाभ देने तथा HRA की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। इसके अलावा आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने तथा 5 लाख रुपये ग्रेच्युटी देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। संघ ने राज्य कर्मचारियों के लंबित एरियर और महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने तथा सातवें वेतनमान के लाभ सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही कर्मचारियों के हित में समान वेतन नीति लागू करने और विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने पर भी जोर दिया गया। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है। संघ ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया है। इसके अतिरिक्त परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं को उठाते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान, समय पर वेतन भुगतान तथा वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की गई है। ज्ञापन में विभागवार मांगें भी शामिल हैं, जिनमें पदोन्नति प्रक्रियाओं में तेजी, आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करना, पंचायत चौकीदारों व टेलरिंग टीचरों को नियमित करना तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन व मेडिकल बिलों का समय पर भुगतान करना प्रमुख है। संघ ने कहा कि मांगों पर जल्द निर्णय न होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की उपस्थिति में आज ज्वाली में इलेक्ट्रिक बस का सफल ट्रायल रन किया गया। इस अवसर पर एसडीएम नरेंद्र जरियाल, एचआरटीसी के डीएम पंकज चड्डा, आरएम विजय चौधरी,अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि इनके संचालन खर्च भी पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में कम होते हैं। उन्होंने बताया कि इन बसों के संचालन से यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित एवं सुगम सफर की सुविधा मिलेगी। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये बसें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार द्वारा और अधिक इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी, जिन्हें प्रदेश के अंतरराज्यीय रूटों पर चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को सुविधाजनक एवं पर्यावरण हितैषी परिवहन उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा और सतत विकास को प्राथमिकता दे रही है तथा सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण हितैषी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
विधानसभा क्षेत्र ज्वालामुखी के अंतर्गत अंब पठियार स्थित राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रत्न राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी किए जाने के मामले में सवाल उठना शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर एक नोटिस भी वायरल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रणजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने नोटिस के माध्यम से वर्ष 1905 से 1947 तक पंडित सुशील रत्न के योगदान संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या महाविद्यालय में कोई लाइब्रेरी या रिकॉर्ड उपलब्ध है, जहां उनके सम्मान और उपाधियों का उल्लेख हो। यदि गलत तथ्यों के आधार पर कॉलेज का नामकरण किया गया है तो यह गंभीर विषय है। वहीं, पंचायत की वर्तमान प्रधान सुमन लता ने कहा कि पंचायत को इस संबंध में पूर्व सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की गई थी, जिसके बाद नामकरण किया गया। उधर, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन भारद्वाज ने इसे किसी की शरारत करार दिया है। उनका कहना है कि सभी औपचारिकताएं और सरकारी नोटिफिकेशन पूरे होने के बाद ही नामकरण किया गया है। इस मामले में विधायक संजय रत्न ने कहा कि ऐसा कोई भी नोटिस उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। पिता ने देश के लिए अपना बलिदान ओर योगदान दिया है। कॉलेज का नाम सरकार की ओर से रखा गया है। नोटिस का कोई औचित्य ही नहीं है। देश में हजारों ऐसे संस्थान है, जहां बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के ऊपर कॉलेज स्कूलों के नाम रखे गए हैं।
पुलिस ट्रेनिंग काॅलेज डरोह में प्रशिक्षण ले रही प्रशिक्षु महिला कांस्टेबल को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में इसी संस्थान में तैनात हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक डीआईजी उत्तरी रेंज सौम्या सांबशिवन ने तत्काल प्रभाव से हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की और विभागीय जांच के आदेश जारी किए। सूत्रों के अनुसार महिला कांस्टेबल ने पांच दिन पहले डीआईजी नॉर्थ रेंज को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि हेड कांस्टेबल की ओर से उसे व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक और अश्लील मैसेज भेजे जा रहे हैं। शिकायत में स्क्रीन शॉट और डिजिटल साक्ष्यों का भी उल्लेख बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने पर हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या हेड कांस्टेबल ने अपने पद का दुरुपयोग किया और क्या आईटी एक्ट तथा अन्य प्रासंगिक धाराएं लागू होती हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि डिजिटल माध्यम से होने वाले उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस विभाग में प्रशिक्षण के लिए आई युवती के याैन उत्पीड़न की शिकायत पर डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, वह काबिलेतारीफ है। उम्मीद है कि मामले की सही जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।
जोगिंदरनगर नेरोगेज रेल लाइन के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लगभग तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चक्की रेलवे का नवनिर्मित पुल पूरी तरह तैयार हो गया है। करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस आधुनिक और सुदृढ़ पुल का यातायात नियंत्रण कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस), नॉर्दर्न सर्कल दिनेश देसवाल ने रेल डिवीजन जम्मू के डिवीजनल मैनेजर विबेक सहित तकनीकी टीम के साथ गहन निरीक्षण किया और इसे संचालन के लिए हरी झंडी दे दी। निरीक्षण के दौरान सीआरएस दिनेश देसवाल ने पुल की संरचनात्मक मजबूती, ट्रैक फिटिंग, लोड क्षमता, सुरक्षा उपकरणों और अन्य सभी तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की। उन्होंने निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता वाला बताते हुए रेलवे इंजीनियरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चक्की रेल ब्रिज पूरी मजबूती से बनाया गया है तथा शेष औपचारिकताएं पूरी होते ही इस रूट पर रेल संचालन शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में आई भारी बारिश और चक्की खड्ड में आए तेज बहाव ने पुराने रेलवे पुल को क्षतिग्रस्त कर बहा दिया था, जिससे पंजाब के पठानकोट से कांगड़ा घाटी तक का रेल संपर्क पूरी तरह टूट गया था। लगभग तीन वर्षों तक नेरोगेज रेल सेवा बंद रहने से हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और पर्यटन उद्योग को भी बड़ा झटका लगा। सीआरएस की मंजूरी के बाद अब पठानकोट–कांगड़ा–बैजनाथ नेरोगेज रेल लाइन पर ट्रेनों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि कांगड़ा घाटी में फिर से रेल की सीटी गूंजेगी, जिससे आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, रोजगार व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
जिला कांगड़ा के राजकीय मांडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहपुर के बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले ऑटोमोबाइल विषय के छात्र लक्ष्मण ने कबाड़ और पुराने वाहनों के पार्ट्स से एक अनोखा वर्किंग मॉडल तैयार कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यह उपकरण ट्रैक्टर की तरह दिखता भी है और चलता भी है। खास बात यह है कि यह पेट्रोल से संचालित होता है और पूरी तरह कार्यशील है। सीमित संसाधनों के बावजूद छात्र ने अपनी तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच का बेहतरीन परिचय दिया है। लक्ष्मण ने पुराने इंजन पार्ट्स, बेकार पड़ी धातु सामग्री और अन्य अनुपयोगी ऑटो पार्ट्स को एकत्र कर उन्हें नई संरचना में ढालते हुए यह मॉडल तैयार किया। उनका कहना है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और प्रयोग का अवसर मिले तो वे कबाड़ से भी उपयोगी और नवाचारी उपकरण बना सकते हैं। यह प्रयास ‘वेस्ट टू बेस्ट’ की अवधारणा को साकार करता है और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है। ऑटोमोबाइल के शिक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि छात्र ने अपनी मेहनत और लगन से इस मॉडल को तैयार किया है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। वहीं शिक्षक प्रमोद सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि व्यावसायिक शिक्षा स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के लिए सार्थक सिद्ध हो रही है। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थी व्यावहारिक रूप से भी सक्षम बन रहे हैं। विद्यालय स्टाफ एवं शिक्षक युद्धबीर, नरदेव सिंह, पंकज, नीतू शर्मा, मनजीत कौर और पूजा चौधरी ने भी छात्र की इस उपलब्धि की सराहना की। क्षेत्रवासियों ने लक्ष्मण के प्रयास को सराहा और उम्मीद जताई कि भविष्य में वह अपने क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, इंदौरा के विद्यार्थियों ने “युवा चेंज मेकर्स” नेतृत्व विकास कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह कार्यक्रम हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में किया गया, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया 25 जनवरी 2026 से आरंभ हुई। एक वर्ष की इस फेलोशिप का उद्देश्य युवाओं को राजनीतिक समझ, सुशासन की दक्षता तथा सामाजिक संवेदनशीलता से युक्त नेतृत्व के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के विभिन्न चरणों के उपरांत 40 से 50 युवाओं का चयन किया जाएगा, जिनमें से अंतिम चरण में 17 से 21 “चेंज मेकर्स” चुने जाएंगे। चयनित प्रतिभागी सीधे सांसद के साथ क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं पर कार्य करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 21 युवाओं को ₹1,21,000 की प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव ग्रांट) प्रदान की जाएगी। इस पहल के अंतर्गत कॉलेज के विद्यार्थियों ने युवाओं का ऑनलाइन पंजीकरण एवं नामांकन भी करवाया। छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं के लिए सार्वजनिक जीवन में प्रवेश का एक सशक्त एवं संरचित मंच सिद्ध होगा, जिससे वे अपनी नेतृत्व क्षमता का विकास कर समाज और राज्य के समग्र विकास में सक्रिय योगदान दे सकेंगे। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र में इस प्रकार की पहल करे, तो प्रत्येक क्षेत्र की प्रगति देश की समग्र उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, इंदौरा के बी.फार्मेसी छठे सत्र के छात्रों के लिए एक दिवसीय औद्योगिक दौरे का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों ने अमृतसर में स्थित एकअग्रणी फार्मास्युटिकल कंपनी एस्पेन लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड का दौरा किया, जिस से उन्हें वास्तविक औद्योगिक वातावरण तथा दवा निर्माण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। इस औद्योगिक भ्रमण में कॉलेज के दो प्राध्यापक मिस्टर अजय शर्मा व मिस कोमल कश्यप भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्रों ने विभिन्न विभागों का अवलोकन किया तथा उद्योग विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को फार्मास्युटिकल उद्योग की कार्यप्रणाली, नवीनतम तकनीकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। छात्रों ने कंपनी के विभिन्न विभागों जैसे उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और उन्नत उपकरण संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। औद्योगिक दौरे के दौरान, छात्रों को वास्तविक जीवन की औद्योगिक प्रक्रियाओं को नज़दीक से देखने का अवसर मिला, जिस से उनके शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ा जा सका। कॉलेज प्रबंधक इंजीनियर जे.एस.पटियाल का मानना है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के औद्योगिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं, इसलिए संस्थान हमेशा ऐसे आयोजनों के लिए तत्पर रहता है। मिनर्वा ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस के डीन अकादमिक प्रोफेसर बी.डी.शर्मा का कहना है कि ऐसे दौरे छात्रों के लिए भविष्य के करियर हेतु भी महत्वपूर्ण सीख प्रदान करते हैं, और यह उनकी औद्योगिक समझ तथा व्यावसायिक कौशलों को निखारने में सहायक होते हैं। कॉलेज प्राचार्य डॉ. कपिल कुमार वर्मा का कहना है कि औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में एक सक्षम और जिम्मेदार फार्मासिस्ट बन सकें।
ऑनलाइन साइबर ठगी के मामलों में नूरपुर पुलिस ने सफलता हासिल की है। जिला नूरपुर में वर्ष 2023 एवं 2024 के दौरान पुलिस थाना नूरपुर में ऑनलाइन साइबर ठगी के दो मामले दर्ज हुए थे। जिसमें पहला मामला 23.03.2023 को IPC की धारा 420 के तहत शिकायतकर्ता हरबंस सिंह निवासी तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से 03 लाख रुपये की ठगी के आरोप में दर्ज किया गया था। वहीं दूसरा मामला 18.01.2024 को IPC की धारा 420 के तहत शिकायतकर्ता शिमला देवी निवासी तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) से अज्ञात आरोपियों द्वारा फोन कॉल के माध्यम से कुल 3,20,000/- रुपये गूगल पे के माध्यम से ठगने के आरोप में दर्ज किए गए थे। दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जिला नूरपुर द्वारा विशेष रणनीति के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग, बैंक लेन-देन की जांच तथा अन्य राज्यों में दबिश देकर लगातार कार्रवाई की। टीम के सतत प्रयासों से पहले मामले में शिकायतकर्ता हरबंस सिंह को 03 लाख रुपये वापस दिलाने में सफलता प्राप्त हुई है। दूसरे मामले में जांच के दौरान पुलिस टीम जब आरोपी की गिरफ्तारी हेतु बिहार पहुंची तो मुख्य आरोपी महाबीर कुमार निवासी पश्चिम चंपारण, बिहार वहां से फरार होकर गुजरात भाग गया। पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए आरोपी को सूरत (गुजरात) से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है तथा इन मामलों में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन ने हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले बड़े-बड़े मंचों से घोषणा की गई थी कि आधुनिक रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा आम लोगों को राहत देने के लिए लाई जाएगी और इसे हिमकेयर के दायरे में शामिल किया जाएगा, लेकिन आज स्थिति यह है कि न केवल रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ा दी गई है बल्कि सामान्य उपचार भी महंगा कर दिया गया है। यह सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात है, जिनके लिए ये योजनाएं जीवनरेखा मानी जाती थीं। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर मुफ्त इलाज का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर आयुष्मान भारत और हिमकेयर के तहत अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा। करोड़ों रुपये की देनदारी लंबित होने के कारण कई अस्पताल योजनाओं के मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं या फिर आधा-अधूरा इलाज कर उन्हें बाहर से दवाइयां और इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार की प्रशासनिक विफलता और आर्थिक कंगाली का परिणाम है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में कैंसर, हृदय रोग, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों की जीवनरक्षक दवाइयों की भारी कमी बनी हुई है। मरीजों को हजारों रुपये के इंजेक्शन और जरूरी दवाइयां निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। गरीब परिवार, जो इन योजनाओं के सहारे इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, उन्हें निराशा हाथ लग रही है। कई मामलों में ऑपरेशन टल रहे हैं, जांचें बाहर करवानी पड़ रही हैं और मरीज आर्थिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील व्यवस्था के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जब सरकार ने खुद रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा का प्रचार किया, तो उसे यह भी सुनिश्चित करना चाहिए था कि उसका लाभ गरीबों तक पहुंचे। लेकिन अब फीस बढ़ाकर इसे आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है और उसे न तो मरीजों की चिंता है और न ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की कोई ठोस योजना। उन्होंने मांग की कि हिमकेयर और आयुष्मान के तहत लंबित सभी भुगतान तुरंत जारी किए जाएं, अस्पतालों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और रोबोटिक सर्जरी की बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस लिया जाए। यदि सरकार ने शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो भाजपा इस जनविरोधी नीति के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को अपनी विफलताओं का जवाब देना ही होगा।
सीएसआईआर-आईएचबीटी (CSIR-IHBT), पालमपुर के वैज्ञानिकों के दल ने 'सीएसआईआर स्मार्ट विलेज मिशन मोड प्रोजेक्ट' के तहत 8 से 10 फरवरी, 2026 तक केंद्रपाड़ा (ओडिशा) के कुसुनपुर गाँव का दौरा किया। यह पहल प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इस दौरे के दौरान, टीम ने आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने और तकनीकी प्रसार की रणनीतिक संभावनाओं की पहचान करने के लिए ग्रामीणों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत अधिकारियों, 'नेचर्स क्लब' के सदस्यों, शिक्षकों और छात्रों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में सीएसआईआर-आईएचबीटी की परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों पर तकनीकी व्याख्यान और प्रदर्शनी-सह-प्रदर्शन भी आयोजित किए गए। स्थानीय स्तर पर इन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए, टीम ने समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाले फूलों के बीज और पोषण से भरपूर खाद्य उत्पाद वितरित किए। चर्चाओं से यह निष्कर्ष निकला कि व्यावसायिक पुष्पकृषि, शुष्क पुष्प तकनीक, मधुमक्खी पालन और स्थानीय जैव-संसाधनों का मूल्यवर्धन, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा, टीम ने महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिक हस्तक्षेपों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम का समापन किसानों के लिए उठी हुई नर्सरी क्यारी तैयार करने के व्यावहारिक प्रदर्शन के साथ हुआ।
देहरा क्षेत्र में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय देहरा को अवैध खनन के संबंध में एक शिकायत भाजपा नेता डॉ. सुकृत सागर नाम से प्राप्त हुई। उक्त शिकायत के आधार पर मामले को आगे थाना हरिपुर को मार्क भी कर दिया गया। इसी प्रकार की एक शिकायत माइनिंग विभाग को भी भेजी गई, जिसे संबंधित अधिकारियों ने बिना सत्यापन के अग्रेषित कर दिया। मामले ने तब तूल पकड़ा जब डॉ. सुकृत सागर ने स्पष्ट किया कि उक्त शिकायतें उन्होंने नहीं भेजी हैं और इन पत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। उन्होंने इसे उनके नाम का दुरुपयोग बताते हुए गंभीर आपत्ति जताई। डॉ. सुकृत सागर ने कहा कि यह उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की घटनाएं राजनीति में गिरते स्तर को दर्शाती हैं, जहां जनसेवा और मुद्दों की बहस के बजाय व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मेरे नाम से झूठी शिकायतें भेजना एक धोखाधड़ीपूर्ण कृत्य है, जिसका उद्देश्य मेरी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। लेकिन मैं ऐसी साजिशों और रंजिशों से डरने वाला नहीं हूं।” डॉ. सुकृत सागर ने इस संबंध में थाना हरिपुर में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है और अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
डाडा सीबा क्षेत्र के अंतर्गत आरा चौक स्थित खतरनाक यू-टर्न मोड़ पर रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 6:30 बजे के करीब संसारपुर टैरस से बाया जौड़बड होते हुए हमीरपुर की ओर जा रही बेकरी के सामान से लदी एक पिकअप गाड़ी मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही पिकअप आरा चौक के तीखे मोड़ पर पहुंची, चालक ने ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन ब्रेक सही तरीके से काम न करने के कारण वाहन मोड़ नहीं काट सका और सड़क से नीचे उतराई वाले कच्चे रास्ते की ओर चला गया। गाड़ी पास के मकानों के नजदीक पत्थरों से टकराकर रुक गई। गनीमत यह रही कि उस समय सामने से कोई अन्य वाहन नहीं आ रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। चालक ने बताया कि अचानक ब्रेक कम लगने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि वाहन को आंशिक क्षति पहुंची है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आरा चौक का यह यू-टर्न पहले भी कई दुर्घटनाओं का कारण बन चुका है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और क्रैश बैरियर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में सोसाइटी ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन & रिसर्च द्वारा आयोजित 15वें वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी के छात्र ने शानदार सफलता हासिल की। सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मोनिका गुलाटी डॉ. जी डी. गुप्ता तथा डॉ. उपेंद्र नगीच उपस्थित रहे। इस सम्मेलन में पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में कुल 138 प्रतिभागियों ने भाग लिया। लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी के एम. फार्मेसी (फार्मास्यूटिक्स) के छात्र अभिषेक शर्मा ने अपने उत्कृष्ट शोध कार्य के माध्यम से पोस्टर प्रेजेंटेशन में द्वितीय स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि पर संस्थान के प्रबंधक एवं निदेशक डॉ. रण सिंह तथा प्राचार्य एवं निदेशक डॉ. एम. एस. अशावत ने छात्र को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। फार्मास्यूटिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय पंडित ने भी अभिषेक शर्मा को उनकी सफलता पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके अतिरिक्त, संस्थान से एम. फार्मेसी के 25 तथा फार्म.डी. के 30 विद्यार्थियों ने भी इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। डॉ तरुण डॉ स्वाति सहायक प्रोफेसर केशव भी इस कांफ्रेंस मैं मौजूद रहे।
धर्मशाला के दाडी फीडर में 21 फरवरी को बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। यह जानकारी विद्युत उपमंडल नंबर-2 के सहायक अभियंता रमेश चंद ने दी है उन्होंने बताया कि विद्युत लाइनों के सामान्य रखरखाव कार्य के चलते 11 केवी दरी फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि पासू, भाटेड़, पंतेहड़, शीला चौक, शीला तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक अथवा कार्य पूर्ण होने तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मौसम खराब रहता है तो निर्धारित शटडाउन अगले दिन किया जाएगा। सहायक अभियंता ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि रखरखाव कार्य सुचारु रूप से संपन्न करने के लिए उपभोक्ता निर्धारित समय के दौरान आवश्यक प्रबंध कर लें।
कालेश्वर इलेवन टीम ने बाबा ब्लोटू क्रिकेट टूर्नामेंट सीज़न 2 का फाइनल मुकाबला जीता। यह क्रिकेट मैच नलसुहा वॉरियर्स और कालेश्वर इलेवन के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में कालेश्वर इलेवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम कालेश्वर इलेवन को 11,000 रुपये की नकद राशि और बड़ी ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। साथ ही टीम के सभी खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। उपविजेता नलसुहा वॉरियर्स को 7,100 रुपये की धनराशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। इस टूर्नामेंट का आयोजन नलसुहा के युवाओं ने मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया था। टूर्नामेंट में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर में एचआर इंडस्ट्रीज 21 फरवरी, 2026 को कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से युवकों का चयन स्थायी नौकरी के लिए करेगी। यह जानकारी देते हुए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह कंपनी कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से 18 से 30 वर्ष तक के 100 अभ्यर्थियों का चयन नौकरी के लिए करेगी। वहीं संस्थान के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी ने बताया कि इस कैंपस साक्षात्कार में वे सभी युवक-युवतियाँ भाग ले सकते हैं जिन्होंने मशीनिस्ट, फिटर, वेल्डर, टर्नर, टूल एंड डाई मार्कर, ग्राइंडर, एलेक्ट्रोप्लेटिंग, इलेक्ट्रिकल तथा अन्य ट्रेड में आईटीआई की हो तथा जिनका उत्तीर्ण वर्ष 2020 से 2025 तक का है। कैंपस साक्षात्कार वाले दिन पर्सनल इंटरव्यू तथा मेडिकल चेक-अप के बाद कंपनी के अधिकारियों द्वारा अंतिम चयन किया जाएगा। कंपनी द्वारा चयनित होने पर अभ्यर्थियों को मासिक ₹18,697/- वेतन दिया जाएगा। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 21 फरवरी, 2026 को सुबह 10:00 बजे अपने साथ 10वीं, 10+2, आईटीआई प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साइज फोटो तथा इन सभी की फोटोस्टेट प्रतियां लेकर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) में पधारें तथा इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएँ।
उत्तम संकल्प एजुकेशन लिमिटेड ने दो दिवसीय मेगा स्कूल किट वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सलोचना देवी के कुशल नेतृत्व में दिनांक 16 एवं 17 फरवरी 2026 को किया गया था। इस सामाजिक पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 450 से अधिक स्कूल किट (स्कूल बैग, कॉपियाँ, पेंसिल, शार्पनर एवं रबर) का वितरण लगभग 10 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को किया गया। यह वितरण कार्यक्रम बेहर, बस्सी, थेडू, जम्बल, कनोल, चपलाह तथा तियामल स्थित विद्यालयों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम समन्वयक सीए मस्तान सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें ज्ञानार्जन एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सलोचना देवी ने अपने संदेश में कहा कि,“शिक्षा ही वह आधार है जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा भी तय करती है।” इस आयोजन को सफल बनाने में जसवंत सिंह, शेली राजपूत, महेश जांगड़ा, राजन तथा अन्य सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालयों के शिक्षकों एवं स्टाफ ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं सराहनीय कदम बताया।
गरली में स्थित लोटस इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल के पांच छात्रों ने जेईई मेन परीक्षा पास की है। शबस्तिक शर्मा, रितुल वशिष्ठ, आयुष ठाकुर, कार्तिक और आयुष ने जेईई मेन परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय के निदेशक अश्विनी कुमार, सचिव गुरपाल सिंह पठानिया तथा प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को जाता है। प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि ये पांचों विद्यार्थी अब जेईई एडवांस परीक्षा में भी शामिल होंगे और उसके परिणाम के आधार पर उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।
जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के अंतर्गत दिनांक आज यानि 16.02.2026 को पुलिस चौकी सदवां क्षेत्र में नशा तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई। नाकाबंदी एवं वाहन चेकिंग के दौरान समय करीब 05:15 बजे सदवां चौक पर एक मोटरसाइकिल नंबर HP-48B-6260 (Honda Shine) को जांच हेतु रोका गया। पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें मौके पर काबू किया गया। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति के पिट्ठू बैग से 717 ग्राम चरस/कैनाबिस बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थ तथा मोटरसाइकिल को पुलिस के कब्जे में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लाल हुसैन पुत्र नेक मोहम्मद निवासी गांव मलेठी, डाकघर सिलाघराट, जिला चम्बा, उम्र 20 वर्ष तथा मोहम्मद शरीफ पुत्र मूसा निवासी गांव भलू, डाकघर सिलाघराट, जिला चम्बा, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई। इस संबंध में थाना नूरपुर में FIR नंबर 47/2026 दिनांक 16.02.2026 के तहत धारा 20, 25 व 29 ND&PS एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश में नवाचार आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स (टीजीआई), ढलियारा, कांगड़ा में विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट, हरियाणा के सहयोग से एक आधुनिक मेमोरी लैब औपचारिक रूप से स्थापित की गई है। यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मस्तिष्क-आधारित शिक्षण प्रणाली और वैज्ञानिक संज्ञानात्मक प्रशिक्षण पद्धतियों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। यह मेमोरी लैब विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति, एकाग्रता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, निर्णय क्षमता तथा समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें संरचित मनोवैज्ञानिक आकलन उपकरण, माइंडफुलनेस अभ्यास तथा आधुनिक न्यूरो-लर्निंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यह परियोजना देश में कौशल-आधारित शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और वैज्ञानिक शिक्षण पद्धतियों पर बढ़ते राष्ट्रीय फोकस को भी दर्शाती है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. राजेश ठाकुर, प्रबंध निदेशक, ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, डॉ. जीतेंद्र कुमार जांगड़ा, संस्थापक निदेशक, विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट, प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. करण पठानिया, डॉ. बी. एस. चौहान, डॉ. विशाल राणा, तथा टीजीआई के संकाय सदस्यों और शैक्षणिक स्टाफ की उपस्थिति में हुआ। उनकी उपस्थिति ने इस पहल के शैक्षणिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. राजेश ठाकुर ने कहा कि आधुनिक शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की मानसिक शक्ति, रचनात्मकता और भावनात्मक संतुलन के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीआई में मेमोरी लैब की स्थापना संस्थान की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को उन्नत शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान कर उनका बौद्धिक और व्यक्तिगत विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। डॉ. जीतेंद्र कुमार जांगड़ा ने बताया कि मेमोरी लैब की अवधारणा मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस और व्यवहारिक अध्ययन के वैज्ञानिक शोध पर आधारित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और मानसिक संरचना अलग होती है, जिसे सही आकलन और प्रशिक्षण द्वारा पहचाना और विकसित किया जा सकता है। यह लैब विद्यार्थियों को ओवरथिंकिंग कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा मानसिक अनुशासन विकसित करने में सहायता करेगी और शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की सीखने की शैली समझने में मदद करेगी। प्रो. करण पठानिया ने इस पहल को भविष्य-दृष्टि वाली शैक्षणिक सुधार पहल बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में स्मरण क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच, भावनात्मक स्थिरता और संचार कौशल का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मेमोरी लैब अनुशासित, आत्मविश्वासी और सक्षम विद्यार्थियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ. बी. एस. चौहान ने भी मुख्यधारा की शिक्षा में मनोवैज्ञानिक जागरूकता और वैज्ञानिक शिक्षण उपकरणों के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों के सामने तनाव, ध्यान भंग और सूचना का अत्यधिक दबाव बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिनसे निपटने में इस प्रकार की सुविधाएँ अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी। डॉ. विशाल राणा ने कहा कि यह पहल शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है क्योंकि इससे विद्यार्थियों के व्यवहार, सीखने की प्रवृत्तियों और प्रेरणा के स्तर को समझने में सहायता मिलेगी, जिससे कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनेगा। कार्यक्रम के दौरान टीजीआई के संकाय सदस्यों ने इस सहयोग का स्वागत किया और मेमोरी लैब गतिविधियों को शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में शामिल करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर मेमोरी लैब के कार्यप्रणाली की झलक भी प्रस्तुत की गई, जिसमें स्मरण शक्ति बढ़ाने के अभ्यास, ध्यान सुधार तकनीक, व्यवहारिक आकलन तथा संज्ञानात्मक प्रशिक्षण सत्र शामिल थे। यह मेमोरी लैब विद्यार्थियों को स्मरण शक्ति और सीखने की गति में सुधार, एकाग्रता बढ़ाना और परीक्षा तनाव कम करना, प्राकृतिक प्रतिभा और योग्यता क्षेत्रों की पहचान, आत्मविश्वास, प्रेरणा और सकारात्मक सोच का विकास, करियर जागरूकता और जीवन कौशल विकास जैसे लाभ प्रदान किए। शिक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार की लैब देश के प्रगतिशील संस्थानों में तेजी से अपनाई जा रही हैं और यह वैज्ञानिक, कौशल-आधारित तथा मनोवैज्ञानिक रूप से सहायक शिक्षा प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के प्रबंधन ने क्षेत्र में उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने हेतु निरंतर नवाचार और छात्र-समर्थन पहलों को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मेमोरी लैब की स्थापना को संस्थान के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट ने देशभर के स्कूलों और कॉलेजों को भी इस मिशन से जुड़कर समान मेमोरी लैब स्थापित करने और शिक्षा परिवर्तन अभियान का हिस्सा बनने का आमंत्रण दिया है।
देहरा उपमंडल के चनौर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील वर्कर की दिन-दहाड़े बच्चों के सामने हत्या के विरोध में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला देहरा द्वारा एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। जिस विद्यालय में बच्चे शिक्षा और सुरक्षा की भावना लेकर आते हैं, वहां इस प्रकार की जघन्य वारदात होना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। धरने में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। जिला संयोजक भागमल ने कहा कि—“जब विद्यालय परिसर में खुलेआम हत्या हो सकती है तो सरकार की कानून-व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए? बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़े प्रभाव की जिम्मेदारी कौन लेगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और प्रशासन केवल घटना के बाद औपचारिक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है।
ग्राम पंचायत सुरानी में वीरवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान वेल्फेयर अधिकारी खुंडिया मुजुल ठाकुर व उनके सहयोगी प्रीतम चन्द ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, एकल नारी योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में लोगों को अवगत करवाया। उन्होंने पात्र व्यक्तियों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर पंचायत सचिव सुरानी उदय सिंह, पंचायत के पूर्व प्रधान बीरबल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने योजनाओं से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को रखा, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं की सही जानकारी पहुँचाना तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना रहा।
नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत नूरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 11/12 फरवरी 2026 की मध्य रात्रि को गश्त एवं नाकाबंदी के दौरान भलूण पुल के समीप एक संदिग्ध वाहन स्कार्पियो (HP-01C-3118) की तलाशी ली गई, जिसमें से 200 ग्राम चरस बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश शर्मा उर्फ विक्की निवासी जिला चंबा और अनिल कुमार निवासी जिला चंबा के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध पुलिस थाना नूरपुर में FIR नं. 44/2026 के तहत ND&PS एक्ट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है।
श्रम कल्याण अधिकारी, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड कांगड़ा ने सूचित किया है कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से 28 फरवरी से पूर्व करवाई जानी है। ई-केवाईसी पूर्ण न करने की स्थिति में श्रमिक बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत किसी भी प्रकार का लाभ प्रदान नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया श्रम कल्याण कार्यालय, देहरा, आंगनबाड़ी कार्यालय के सामने, हरिपुर रोड़ पर नजदीक बस स्टैंड देहरा के कार्यालय में करवाई जा सकती है। उन्होेंने कहा कि सभी श्रमिक ई-केवाईसी करवाते समय अपने साथ कामगार कल्याण बोर्ड की पंजीकरण पुस्तिका अनिवार्य रूप से लेकर आए।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल ज्वालामुखी में विज्ञान एवं गणित से संबधित विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। सीनियर सेकेंडरी विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में अवनी का मॉडल प्रथम, सौरभ का द्वितीय, सुजल का तृतीय रहा। साइंस क्विज में सौरभ और अवनी ने प्रथम, महक और अक्षित ने द्वितीय, अभिषेक और आकृति ने तृतीय स्थान हासिल किया। मैथ्स ओलिंपियाड में पायल और सौरभ ने प्रथम, अक्षित और अभिषेक ने द्वितीय, हिमांशु और अक्षरा दोहर ने तृतीय स्थान हासिल किया। सीनियर वर्ग में विज्ञान मॉडल में इशांत का मॉडल प्रथम, हर्ष का द्वितीय और लखन का तृतीय रहा। मैथ्स ओलिंपियाड में हर्ष और इशांत ने प्रथम, अनवर और अर्जुन द्वितीय, आदित्य और लखन ने तृतीय स्थान हासिल किया। स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य यशपाल नरोत्रा ने बच्चों को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने का आह्वान किया जिससे उनकी विज्ञान एवं गणित के प्रति रुचि बढ़े। इस मौके पर राष्ट्रीय आविष्कार अभियान की प्रभारी सुखदा सूद प्रवक्ता गणित, रजनीश शर्मा प्रवक्ता रसायन विज्ञान, सुरजीत कुमार प्रवक्ता भौतिकी, अंकिता शर्मा प्रवक्ता जीव विज्ञान, प्रिया गुलेरिया टी जी टी विज्ञान, शशि पाल टी जी टी विज्ञान एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहा।


















































