नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत नूरपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रमन कुमार निवासी डसौली (जवाली) व राशी निवासी पालमपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर हर्नोटा–डसौली रोड़ पर तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 212 ग्राम चरस बरामद की गई। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार महिला राशि डसौली में डील अनुसार रमन कुमार पुत्र विनोद कुमार को चरस की सप्लाई देने आई थी। पुलिस को इसकी गुप्त सूचना मिली थी जैसे ही महिला राशि ने डसौली में रमन कुमार को चरस की खेप दी तो पुलिस ने उन दोनों को रंगे हाथों धर दबोचा। इस संबंध में CASE FIR No. 27/2026 दिनांक 09.02.2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध धारा 20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत पुलिस थाना ज्वाली में मामला दर्ज कर लिया है। एएसपी नूरपुर धर्म चंद वर्मा ने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर डसौली में एक महिला राशि निवासी पालमपुर व पुरुष रमन कुमार को 212 ग्राम चरस के साथ पकड़ा है। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है तथा आगामी कार्रवाई जारी है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में अध्ययनरत 1 शोधछात्रा व 7 पूर्व छात्रों ने एन.टी.ए. द्वारा विगत दिसम्बर माह में आयोजित हुई राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में सफलता हासिल की है। उक्त जानकारी देते हुए परिसर निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी व बी.एड.(शिक्षाशास्त्री) विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यदेव ने बताया कि जे.आर.एफ. की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले छात्रों में साहित्य विभाग में शोधरत छात्रा निशा देवी, पूर्व छात्रा प्रीति, दीपिका कौशल, गौरव अत्री, राहुल व शुभम भारद्वाज शामिल हैं । वहीं नेट परीक्षा में पूर्व छात्र साहिल व रितिका नेगी ने सफलता हासिल की है। सभी छात्रों की सफलता की प्रशंसा एवं उत्साह वर्धन करते हुए परिसर निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी व सहायक निदेशक प्रो. मंजूनाथ भट्ट ने कहा कि वेदव्यास परिसर के लिए यह गौरव का क्षण है तथा परिसर में अध्ययनरत अन्य सभी छात्रों के लिए भी यह प्रोत्साहन का विषय है। इससे प्रेरित होकर भविष्य में भी छात्र बढ़चढ़ कर इस प्रकार की विविध राज्यस्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षाओं में भाग ग्रहण कर सफलता हासिल कर सकेंगे।
अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस जिला नूरपुर द्वारा खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले 24 घंटों के दौरान पुलिस जिला नूरपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर विशेष चेकिंग अभियान और नाकाबंदी की गई। इस कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में संलिप्त एक जेसीबी मशीन और चार ट्रैक्टरों को पुलिस ने कब्जे में लिया है। इसके अलावा, अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ पांच चालान भी किए गए हैं। नूरपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर के शिक्षाशास्त्रविभाग (बी. एड. विभाग) के पहले व तीसरे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (मुख्यालय) के परीक्षा विभाग द्वारा घोषित कर दिया गया। जिसमें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के 10 परिसरों में से बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर के बी. एड. विभाग के पहले सेमेस्टर के छात्र गोपालकृष्ण समूचे विश्वविद्यालय में पहले स्थान पर रहे। वहीं वेदव्यास परिसर की ही छात्रा लतीदेवी दूसरे व कंचन शर्मा, सूजल, चंद्रेश कुमारी व पल्लवी चारों छात्र छात्राएं तीसरे स्थान पर रहे। जानकारी देते हुए वेदव्यास परिसर के बी. एड. विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यदेव ने बताया कि तीसरे सेमेस्टर की छात्रा प्रियांशु, शालिनी, मनालिका, शीतल व यशपाल समूचे विश्वविद्यालय में पहले स्थान पर रहे। वहीं आशिमा कुमारी, कंचन, वेदप्रभा, अंकुर कुमार, आंचल, आशा कुमारी, अरविन कपू व अंशुल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं उन्होंने बताया कि मनोज कुमार, गौरव व विशाली देवी तीसरे स्थान पर रहे। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर की निदेशक प्रो.सत्यमकुमारी व सहनिदेशक प्रो. मंजूनाथ भट्ट के व परिसर के समस्त प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में इन छात्रों ने उत्तम श्रेणी प्राप्त कर वेदव्यास परिसर के साथ-साथ विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
ज्वालामुखी क्षेत्र में परंपरा, संस्कृति और खेल भावना का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तिहरी रोड़ स्थित धुईया दी बा मैदान में लखदाता पीर छिंज मेले का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन 14 फरवरी को पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ किया जा रहा है। जिसमें की मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शिरकत करेंगे। इस भव्य दंगल मेले में भारत के विभिन्न राज्यों से नामचीन और अनुभवी पहलवान अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही इस बार मेले को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देते हुए ईरान और नेपाल से भी मशहूर पहलवानों के आने की पुष्टि हो चुकी है, जिससे दर्शकों को उच्च स्तर की रोमांचक कुश्तियां देखने का अवसर मिलेगा। दंगल मेले के कार्यक्रम संयोजक एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रमजान खान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन केवल कुश्ती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह मेला खेल, संस्कृति, मनोरंजन और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनेगा। मेले की गरिमा को बढ़ाने के लिए विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक व्यक्तित्वों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जा रही है। मनोरंजन के क्षेत्र में भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। मेले में पंजाबी, हिमाचली तथा कश्मीरी लोक और लोकप्रिय गायकों की शानदार प्रस्तुतियां होंगी, जो पूरे माहौल को संगीतमय और उत्सवमय बना देंगी। संगीत प्रेमियों के लिए यह आयोजन यादगार बनने वाला है। दंगल मेले में भाग लेने वाले पहलवानों के लिए कुल इनामी राशि ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) रखी गई है, जिससे खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। दंगल का शुभारंभ सुबह 11:00 बजे से किया जाएगा और मुकाबले देर शाम तक चलेंगे। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला मैदान में वाहनों की पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रबंध किया गया है, ताकि दूर-दराज़ से आने वाले दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजकों ने समस्त प्रदेशवासियों, खेल प्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस भव्य दंगल मेले में शामिल हों, पहलवानों का उत्साहवर्धन करें और ज्वालामुखी की सांस्कृतिक परंपरा को और सशक्त बनाएं।
भारतीय जनता पार्टी देहरा के व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अतुल महाजन द्वारा शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श के उपरांत संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में जिला सह-संयोजक तथा विभिन्न मंडलों में संयोजक एवं सह-संयोजकों की नियुक्ति की घोषणा की गई। इस क्रम में रणजीत सिंह को जिला सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। साथ ही मंडल खुंडियां में बलदेव सिंह को संयोजक तथा हरदीप सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, सतीश कुमार एवं सरबजीत सिंह को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। मंडल ज्वालामुखी में सुरेन्द्र कौशल को संयोजक तथा श्याम बिहारी, सुमन्य सूद, निखिल चौधरी एवं रिंकू को सह-संयोजक बनाया गया है। मंडल जसवां में राजीव शर्मा को संयोजक तथा अशोक कुमार, गुरमीत सिंह, राकेश कुमार एवं मोनू शर्मा को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार मंडल प्रागपुर में राजेंद्र को संयोजक तथा भूषण, मनोज, आकाश सूद एवं प्रदीप को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंडल हरिपुर में गुरदीप कुमार को संयोजक तथा जय गणेश, नितिन मुकेश, रजनीश शर्मा एवं गुरमीत सिंह को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है, जबकि मंडल ढलियारा में सुरजीत धीमान को संयोजक तथा सतीश चौहान, रजनीश, अनमोल शर्मा एवं गुरमीत सिंह को सह-संयोजक बनाया गया है। अतुल महाजन ने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि व्यापार प्रकोष्ठ की यह नई टीम संगठन की नीतियों को व्यापारी वर्ग तक पहुँचाने, संवाद को मजबूत करने और पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने में प्रभावी भूमिका निभाएगी।
वीरवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ज्वालामुखी में एनएसएस यूनिट द्वारा पोस्टर मेंकिंग, नारा लेखन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। एनएसएस प्रभारी राजेश कुमार एवं आरती शर्मा ने बताया कि नशा निवारण अभियान के तहत बाल स्कूल ज्वालामुखी में पिछले कई दिनों से ये अभियान चला हुआ है। इस के अंतर्गत रैली, पोस्टर मेंकिंग, नारा लेखन, स्किट, भाषण प्रतियोगिता करवाई जा रही है। स्कूल के कार्यकारी प्रधानाचार्य यशपाल नरोत्रा ने बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और स्वयंसेवियों से आग्रह किया कि वो लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करे।उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टरों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि एनएसएस यूनिट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ज्वालामुखी समय समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करते रहते है। इस मौके पर नशा निवारण कमेटी के प्रभारी विकास धीमान और स्कूल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
आई.टी.आई. नैहरनपुखर में एक बार फिर युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है। आगामी 09 फरवरी 2026 को एल एंड टी स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, दिल्ली, वल्लभ एयर कंडीशनर, जालंधर एवं ए.आर. इंटरप्राइजेज द्वारा आई.टी.आई. नैहरनपुखर में लिखित परीक्षा एवं कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। इस रोजगार मेले में स्कूल पासआउट एवं एन.सी.वी.टी., एस.सी.वी.टी. से फिटर, टर्नर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, मशीनिस्ट, टूल एंड डाई मेकर, मैकेनिक ट्रैक्टर, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक मोटर व्हीकल, मैकेनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, कोपा, कारपेंटर, ऑटो इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर,आर० ए० सी० सहित अन्य सभी आईटीआई ट्रेडों में कोर्स पूर्ण कर चुके सभी पुरुष एवं महिला अभ्यर्थी पात्र होंगे। कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षुता (Apprenticeship) प्रशिक्षण हेतु अप्रेंटिसशिप एक्ट के अनुसार निर्धारित मानदेय प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी आई.टी.आई. नैहरनपुखर के प्रधानाचार्य ने देते हुए सभी आई.टी.आई. पास-आउट प्रशिक्षुओं से अपील की है कि वे इस मेले में बढ़-चढ़कर भाग लें। अधिक जानकारी के लिए संस्थान के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट ऑफिसर से दूरभाष नंबर 01970-292604, 8580668488 पर संपर्क किया जा सकता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर की एनएसएस इकाई द्वारा नशा विरोधी अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति के संदेश देते हुए नारे लगाए और आम जनता को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त विद्यालय में भाषण प्रतियोगिता तथा पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यालय प्रधानाचार्य जोगिंदर कुमार ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इस कार्यक्रम में एन एस एस प्रभारी शिव राम, रीना देवी व विद्यालय के समस्त अध्यापकगण उपस्थित रहे।
आम आदमी पार्टी, हिमाचल प्रदेश इकाई केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश की आर्थिक घेराबंदी किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करती है। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग में अनुमानित 49,000 करोड़ रुपए की राज्य को उसके जायज़ हक की मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान राशि को पूरी तरह समाप्त कर हिमाचल की पीठ में छुरा घोंपा है। यह न केवल संघीय ढांचे का अपमान है, बल्कि पहाड़ की जनता के अस्तित्व पर सीधा प्रहार है। प्रेस के नाम जारी एक विज्ञप्ति में आम आदमी पार्टी के राज्य समन्वय समिति के सदस्य व कांगड़ा जिला के मीडिया प्रभारी कल्याण भंडारी ने भाजपा की केंद्र सरकार से सवाल किया है कि मैदानी राज्यों के लिए केंद्र की तिजोरी हमेशा खुली रहती है, लेकिन हिमाचल की बिजली, पानी और संसाधनों के बदले हमें आज भी ‘ठेंगा’ क्यों दिखाया जा रहा है? शानन विद्युत परियोजना और पंजाब पुनर्गठन के समय से चले आ रहे हमारे अधिकारों को भाजपा ने दिल्ली की सत्ता के अहंकार में रौंद दिया है। केंद्र सरकार ने हिमाचल की आर्थिक हजामत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। वर्ष 2023 की आपदा में प्रदेश में भयंकर तबाही की नाममात्र आर्थिक राहत को दो साल बाद जारी किया। 2025 की पहले से ज्यादा प्रलयकारी आपदा से मिले जख्मों को भरने के लिए अब तक केंद्र सरकार रहस्यमयी चुप्पी साधे हुए है, जो कि आम जनमानस की समझ से परे है। आम आदमी पार्टी सूबे की कांग्रेस सरकार को प्रशासनिक अक्षमता और लाचारी के चलते इस आर्थिक बदहाली का बराबर जिम्मेदार मानती है, जो कि कांग्रेस सरकार की दिशाहीनता भी है। भंडारी ने कहा कि आँचल फैलाने से राज्य नहीं चलते। सरकार एक तरफ खजाना खाली होने का रोना रोती है, और दूसरी तरफ फिजूलखर्ची के कूड़ेदान भरने में लगी है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि सरकार अपनी प्राथमिकताएं बदले और चादर देखकर पैर पसारना शुरू करे। जब तक प्रदेश के घाटे में चल रहे सफेद हाथी रूपी उपक्रम ताली बजाते रहेंगे, तब तक आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ता रहेगा। ऐसे में प्रदेश सरकार फिजूलखर्ची बंद कर आम जनमानस को राहत देने वाले आर्थिक मॉडल पर काम करे। कल्याण भंडारी ने जहाँ राज्य सरकार के केंद्र सरकार के आर्थिक प्रहार के संबंध में कैबिनेट बैठक और एक दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित करने के कदम का स्वागत किया है, वहीं इस बाबत सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हिमाचल की जनता को विश्वास दिलाती है कि हम पहाड़ के हक की लड़ाई लड़ेंगे। जल-जंगल-जमीन का मोल केंद्र को चुकाना ही होगा। पार्टी केंद्र सरकार से तत्काल रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट की कटौती वापस लेने तथा शानन प्रोजेक्ट और वाटर सेस जैसे मुद्दों पर हिमाचल को उसका वाजिब अदा करने की पुरज़ोर मांग करती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की अस्मिता से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुवार को उत्तर क्षेत्रीय रूपक महोत्सव का शुभारम्भ हुआ। दो दिवसीय इस नाट्य महोत्सव के प्रथम दिन मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री सम्मानित तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्र उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संस्कृत के बिना भारत की कल्पना संभव नहीं है तथा सम्पूर्ण भारतीय एवं विश्व संस्कृति संस्कृत पर ही आश्रित है। यदि भारतीय संस्कृत और उसके विकास में अवरोध उत्पन्न होता है, तो यह सम्पूर्ण विश्व के लिए खतरे की घंटी सिद्ध होगा। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से नाट्य मंचन के लिए आए प्रतिभागी छात्रों को शुभकामनाएं दीं तथा वेदव्यास परिसर से जुड़ी अपनी अनेक पुरानी स्मृतियों को भी साझा किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर से साहित्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. सनन्दन कुमारी त्रिपाठी ने कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने छात्रों को साहित्य, नाट्य कला आदि क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी करने एवं विशेष रूप से संस्कृत नाटकों के मंचन हेतु प्रेरित किया। वहीं सारस्वत अतिथि के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के एकलव्य परिसर, त्रिपुरा से साहित्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुशान्तराज भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वेदव्यास परिसर बलाहर की निदेशिका प्रो. सत्यम कुमारी ने की। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. मोहिनी अरोड़ा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बलाहर परिसर में भारत के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार छात्रों द्वारा संस्कृत नाटकों का मंचन किया जा रहा है, जिससे संस्कृत का संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार व्यापक रूप से हो रहा है। उद्घाटन सत्र के उपरांत दीवान कृष्ण किशोर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, अम्बाला के छात्रों द्वारा नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सहृदयता से सराहा। इसके पश्चात केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के गंगानाथ झा परिसर, प्रयागराज के नाट्य प्रतिभागियों द्वारा संस्कृत नाटक अर्जुन उर्वशीयम् का मंचन किया गया, जिसकी प्रस्तुति अत्यंत मनमोहक एवं सराहनीय रही। शेष प्रतिभागियों की प्रस्तुतियाँ शुक्रवार को की जाएंगी। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर के समस्त शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत बहुचर्चित डाडा सीबा रियासत मामले पर बड़ी अपडेट सामने आई है। बता दें कि राजा बृजेंद्र सिंह की रियासत पर अपना हक जताने वाली महिला मीनाक्षी सिंह और उसकी बेटी सिमरन सिंह को देश की सर्वोच्च अदालत से भी राहत नहीं मिल पाई है। हाईकोर्ट शिमला में स्टे की अर्जी खारिज होने के बाद सिमरन सिंह व मीनाक्षी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, परंतु वहाँ भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। वहीं इस मामले पर राजा बृजेंद्र सिंह के पावर ऑफ अटॉर्नी अधिवक्ता अमित राणा ने बताया कि हमने शुरू से ही सही रास्ता चुना है। अदालत का जो भी फैसला हुआ, हमने उसे स्वीकार किया है। अब जब देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आ गया है, तो वह उम्मीद करते हैं कि लोग अब बरगलाना बंद करें और देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले का सम्मान करें। यह फैसला सम्मानित सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया है, जिसे अब स्वीकार कर लेना चाहिए।
ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलियार (लंघा), तहसील खुंडियां के +2 कक्षा के छात्र साहिल कुमार ने राज्यस्तरीय NSS गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन किया। साहिल कुमार ने 26 जनवरी 2026 को शिमला में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था। साहिल कुमार का चयन राज्यस्तरीय परेड के लिए कई चरणों में हुआ। सबसे पहले जिला कांगड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ोह में NSS का पाँच दिवसीय जिला स्तरीय शिविर आयोजित किया गया, जिसमें साहिल का चयन Pre-RD कैंप के लिए हुआ। इसके पश्चात जिला ऊना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय वाल ऊना में आयोजित पाँच दिवसीय Pre-RD कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर साहिल का चयन राज्यस्तरीय RD कैंप के लिए किया गया। इसके बाद शिमला जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाल पानी में दस दिवसीय राज्यस्तरीय RD कैंप आयोजित हुआ, जहाँ से साहिल कुमार को रिज मैदान, शिमला में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने का गौरव प्राप्त हुआ। गणतंत्र दिवस परेड से लौटने पर साहिल कुमार का विद्यालय परिसर में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। विद्यालय प्रशासन की ओर से राकेश राणा ने साहिल कुमार को बधाई दी इस अवसर पर प्रवक्ता सीमा देवी एवं प्रवक्ता कुलदीप सिंह राणा ने भी साहिल कुमार और उनके परिवार को बधाई दी तथा भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में प्रवक्ता अमित कुमार, रंजना राणा, शशि कुमार, अनीता कुमारी, सपना देवी, ओंकार शर्मा, जगदीश चंद, हेडटीचर अरविंद राणा, पूजा शर्मा, बबिता ठाकुर, कमलेश कुमार सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
26 जनवरी को देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिमला में आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस परेड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर की छात्रा अंकिता ने भाग लिया। यह गणतंत्र दिवस परेड शिविर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) लालपानी, शिमला में 18 जनवरी से 27 जनवरी तक आयोजित किया गया था, जिसमें हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों से चयनित एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया था। इस आयोजन में अंकिता की सहभागिता ने न केवल विद्यालय बल्कि समूचे क्षेत्र को गौरवान्वित किया। कड़ी अनुशासनात्मक तैयारी और समर्पण के साथ अंकिता ने परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। विद्यालय वापस लौटने पर छात्रा का प्रधानाचार्य एवं समस्त अध्यापक वर्ग द्वारा हार पहनाकर, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जोगिंदर कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करती हैं। विद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी शिव राम ने बताया कि यह उपलब्धि छात्रा की निरंतर मेहनत, अनुशासन तथा एनएसएस के मूल मूल्यों—सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण—का प्रतिफल है। इस अवसर पर विद्यालय की एनएसएस महिला कार्यक्रम अधिकारी रीना देवी सहित समस्त अध्यापकगण मौजूद रहे। सभी ने अंकिता के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएँ दीं।
कांगड़ा जिले में पालमपुर के पाहड़ा स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान की बस मंगलवार को उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जब वह बच्चों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। यह हादसा लाहट-शिवनगर मार्ग पर हुआ, जहाँ अनियंत्रित होकर बस सड़क पर ही पलट गई। जैसे ही चीख-पुकार मची, आस-पास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। प्रशासन के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने भीतर फंसे बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत पालमपुर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे में 6 बच्चे समेत 4 शिक्षक घायल हुए है। वर्तमान में सभी का उपचार जारी है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस मार्ग पर यह हादसा हुआ, उसकी हालत लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। उबड़-खाबड़ और संकरे रास्ते के कारण यहाँ अक्सर वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि दुर्घटना की असली वजह सड़क की हालत थी या फिर कोई तकनीकी खराबी।
लॉरेट फार्मेसी शिक्षण संस्थान के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब द्वारा 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में संस्थान की वीमेन सेल द्वारा “बालिकाओं को सशक्त बनाना, राष्ट्र को सशक्त बनाना” विषय पर एक सेमिनार भी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सेंट्रल यूनिवर्सिटी धर्मशाला से प्रोफेसर मृदुला शर्मा तथा अधिवक्ता भावना शर्मा रहीं। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज प्रबंधन, प्राचार्य एवं निदेशक प्रोफेसर डॉ. एम. एस. आशावत द्वारा मुख्य वक्ताओं का पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्य वक्ताओं का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की मुख्य थीम “माय इंडिया, माय वोट” रही, जिसका उद्देश्य मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को उनके मताधिकार के महत्व के प्रति जागरूक करना था। अपने संबोधन में प्रोफेसर मृदुला शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में प्रत्येक नागरिक के वोट की अहम भूमिका होती है। उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि देश के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि युवा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी न केवल चुनावी परिणामों को प्रभावित करती है, बल्कि समाज में जिम्मेदार नागरिक होने की भावना को भी सशक्त बनाती है। साथ ही उन्होंने छात्रों को डिजिटल एवं ऑफलाइन माध्यमों से मतदान प्रक्रिया की जानकारी लेने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया तथा प्रश्न-उत्तर सत्र में भी सक्रिय सहभागिता दिखाई। वहीं अधिवक्ता भावना शर्मा ने “बालिकाओं को सशक्त बनाना, राष्ट्र को सशक्त बनाना” विषय पर प्रेरक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर प्रदान करने से न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाने और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान “माय इंडिया, माय वोट” अभियान के अंतर्गत छात्रों और युवाओं ने मतदान की शपथ ली। शपथ के माध्यम से उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, मतदान के प्रति जिम्मेदार रहेंगे और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करेंगे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सीपीएस वर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने मुख्य वक्ताओं, शिक्षकों तथा सभी छात्रों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. विनय पंडित, डॉ. अमरदीप अंकलगी, डॉ. प्रतिमा आशावत, डॉ. परवीन, डॉ. अदिति कौशिक, डॉ. शिव कुमार खुशवा सहित संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
देहरा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बलाहर इकाई द्वारा युवा पखवाड़ा के उपलक्ष्य पर अयोजित कबड्डी व वॉलीबॉल प्रतियोगिता उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि रमन शर्मा भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष ने युवाओं को नशे से दूर और खेलों के पास रहने का संदेश दिया। वहीं स्वामी विवेकानंद का युवाओं के जीवन में क्या महत्व है इसका मार्गदर्शन भी किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि अभिषेक तनवाल एबीवीपी राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह संयोजक व एबीवीपी जिला देहरा संयोजक भागमल, इकाई अध्यक्ष प्रशांत शर्मा, इकाई मंत्री दिवेश शर्मा व भाजपा युवा मोर्चा प्रागपुर मंडल अध्यक्ष अक्षय अत्री, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शंशाक मेहता, युवा मोर्चा जिला कार्यालय सचिव अंशुल राणा मौजूद रहे। पहला कबड्डी का मैच बलाहर की टीम व प्रागपुर की टीम की बीच खेला गया जिसमें प्रागपुर की टीम विजय रही, साथ ही वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भी शुभारंभ भी किया।
धर्मशाला के सुलह विधानसभा क्षेत्र में मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा को लेकर कांग्रेस द्वारा बूथ स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम पंचायत भद्रोल में आयोजित कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा मजदूरों के अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुलह कांग्रेस उनके अधिकारों के लिए हर संभव प्रयास करेगी। संजय सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा योजना का नाम बदलकर इसे जड़ से खत्म करने की कोशिश कर रही है, जिसके विरोध में देशभर में रोष अभियान चलाया जा रहा है, जो अब एक संग्राम का रूप ले चुका है। इस अवसर पर खाद्य सामग्री आपूर्ति के निदेशक पुनीत मल्लि भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस इकाई और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें सुलह विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि वे संजय चौहान के साथ मिलकर इस जागरूकता अभियान को मजबूत कर सकें। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग और बीडीओ भेड़ू महादेव के सहयोग से ग्रामीणों को कृषि उपकरण भी वितरित किए गए, ताकि लोग आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं को राजनीति, पॉलिसी और नेतृत्वकर्ताओं की अगली पीढ़ी के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से आज धर्मशाला में एक लीडरशिप फेलोशिप कार्यक्रम “युवा चेंजमेकर्स” की शुरुआत की। धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश के कोने-कोने से आए वरिष्ठ पत्रकारों, प्रतिष्ठित संस्थानों और जेन-जी इन्फ्लुएंसरों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान “युवा चेंजमेकर्स” की महत्ता, आवश्यकता, उपयोगिता और इसके प्रावधानों पर विस्तृत प्रकाश डाला। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश है और भारतीय जनता पार्टी व मोदी सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने तथा भविष्य का नेतृत्व तैयार करने के लिए कृतसंकल्पित है। हाल के दिनों में हमने देखा कि विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा ने 45 वर्षीय युवा नितिन नबीन को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार 1,00,000 युवाओं को राजनीति में लाने की बात कही है। मेरे अपने हिमाचल प्रदेश के युवाओं को राजनीति में लाने, पॉलिसी की उनकी समझ को विकसित करने, नेतृत्वकर्ताओं की अगली पीढ़ी तैयार करने और उनकी क्षेत्रीय व राष्ट्रीय भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से मैं “युवा चेंजमेकर्स” नामक एक लीडरशिप फेलोशिप प्रोग्राम शुरू कर रहा हूँ। हम इस कार्यक्रम के माध्यम से राजनीति-कुशल, शासन-दक्ष, नीतिगत समझ रखने वाले और सामाजिक रूप से संवेदनशील नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम समाज के लिए जिम्मेदार, समझदार और आत्मविश्वास से परिपूर्ण युवाओं को तैयार करने की दिशा में एक पहल है, जो राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि युवा चेंजमेकर्स कार्यक्रम के चार मुख्य उद्देश्य हैं—युवा जुड़ाव, सामुदायिक प्रभाव, नेतृत्व विकास, प्रतिभा पाइपलाइन। युवाओं का चयन एक संरचित लीडरशिप प्लेटफॉर्म के लिए किया जाएगा। उन्हें वास्तविक जीवन के प्रोजेक्ट्स और मेंटरशिप से रूबरू कराया जाएगा। इसके तहत युवाओं को छोटे-छोटे माइक्रो प्रोजेक्ट्स दिए जाएंगे, जिनमें उन्हें अपने स्थानीय विधानसभा क्षेत्र या निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना होगा। इसी तरह उन्हें राजनीति, शासन और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में एक परिपक्व नेता बनने के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के पहले चरण में हिमाचल स्थापना दिवस यानी 25 जनवरी से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए 10,000 रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा गया है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जाएंगे। इसके लिए युवा हमारी वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर जा सकते हैं। हम कॉलेजों में जाकर कैंप लगाएंगे और अधिक से अधिक युवाओं को इस पहल से जोड़ेंगे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया होगी। स्टेप-1: आवेदन मूल्यांकन—नेतृत्व अनुभव, सामुदायिक जुड़ाव और कौशल के आधार पर किया जाएगा, साथ ही एक छोटा प्रेरणात्मक निबंध या वीडियो के माध्यम से यह बताया जाएगा कि युवा कौन-सा बदलाव लाना चाहते हैं। स्टेप-2: ऑनलाइन योग्यता और नेतृत्व परीक्षा—जिसमें युवाओं की क्रिटिकल थिंकिंग और समस्या-समाधान क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक जिले में लगभग 900 से 1200 उम्मीदवारों में से 100 से 150 युवाओं को जिला-स्तरीय साक्षात्कार के माध्यम से चयनित किया जाएगा। तीसरे चरण में चयनित युवा जिला युवा बूटकैंप में शामिल होंगे। चौथे चरण में पूरे प्रदेश से 200 से 300 युवा पांच दिवसीय प्रदेश-स्तरीय बूटकैंप का हिस्सा बनेंगे। इसके बाद एक बड़े कार्यक्रम में चुने गए फाइनलिस्ट युवाओं को अपने विज़न पेपर (अपने जिले या हिमाचल प्रदेश के लिए एक प्रकार का मेनिफेस्टो) प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिसका लाइव प्रसारण भी होगा। पांचवें चरण में 40 से 50 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा और अंततः इनमें से 17 या 21 युवाओं को चेंजमेकर्स की भूमिका के लिए चुना जाएगा। जिस प्रकार जनप्रतिनिधि ईश्वर और संविधान की शपथ लेते हैं, उसी प्रकार युवा चेंजमेकर भी सेवा और समर्पण के साथ समाज को ईमानदार नेतृत्व देने की शपथ लेंगे। चयनित युवा चेंजमेकर्स के लिए यह एक वर्ष का फेलोशिप प्रोग्राम होगा और वे सीधे अनुराग सिंह ठाकुर के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्र की परियोजनाओं में कार्य करेंगे। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “एक नेतृत्वकर्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि वह जनता को अपने विचारों से कैसे प्रभावित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने सबसे बड़ा उदाहरण हैं कि कैसे उन्होंने भारत की जनता को बड़े बदलावों के लिए प्रेरित किया।” इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर “युवा चेंजमेकर्स” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के टॉप 21 युवाओं को 1 लाख 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। विकसित भारत का निर्माण विकसित हिमाचल के बिना अधूरा है और हमारे ये “युवा चेंजमेकर्स” विकसित हिमाचल के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिले के सुलह विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान लगभग 76.41 करोड़ रुपये की 14 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नए तहसील कार्यालय सुलह का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने मौल खड्ड पर 12.57 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दो लेन पुल और मलाग से मलाहा लिंक रोड पर मौल खड्ड पर 3.57 करोड़ रुपये से निर्मित पुल का लोकार्पण किया। उन्होंने धीरा में 10.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त कार्यालय भवन, 5.02 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन धीरा, खरूल में 16 लाख रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य उप-केंद्र भवन, भोडा में 15 लाख रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य उप-केंद्र भवन, 25 लाख रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य उप-केंद्र भवन कोना, 89 लाख रुपये की लागत से बने पशु चिकित्सालय भवन सुलह, मूंधी में 49 लाख रुपये की लागत से बने पशु औषधालय भवन तथा 50 लाख रुपये की लागत से राजकीय उच्च विद्यालय भट्टु समूला में अतिरिक्त आवासीय सुविधा का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने तहसील पालमपुर में पेयजल आपूर्ति योजना झरेत राजहूं और पेयजल आपूर्ति योजना परौर खरोत के जल वितरण प्रणाली के 5.45 करोड़ रुपये के सुधार कार्य तथा भावरना और भेडू महादेव ब्लॉक के कुछ हिस्सों और घलून (मलनून) के लिए परौर एवं अन्य गांवों के लिए 31.69 करोड़ रुपये की लागत की जल आपूर्ति योजना का उद्घाटन किया। उन्होंने 2.87 करोड़ रुपये की लागत से गल्लू भोडा से शिवनगर मार्ग पर मोल खड्ड पर निर्मित होने वाले पुल तथा तहसील धीरा में चौधरी तारा चंद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गग्गल के दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अतिरिक्त परिसर की आधारशिला भी रखी।
कथोग के दिव्यांश धीमान ने राज्य स्तरीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर कथोग का नाम पूरे हिमाचल प्रदेश में रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से चयनित 125 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दिव्यांश धीमान दसवीं कक्षा में अध्ययनरत है और पढ़ाई में भी काफी होशियार है। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विज्ञान भारती (विभा) तथा एनसीईआरटी द्वारा यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। डीएवी भरौली में आयोजित राज्य स्तरीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन कार्यक्रम में दिव्यांश धीमान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब वह राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले नेशनल कैंप में भाग लेगा। यह दूसरा अवसर है जब दिव्यांश विद्यार्थी विज्ञान मंथन के नेशनल कैंप में भाग लेगा। इससे पहले वह आईआईटी वाराणसी में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुका है। दिव्यांश की विज्ञान विषय में गहरी रुचि है। उसने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों को दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ, जिला देहरा की संगठनात्मक मजबूती को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जिला संयोजक अतुल महाजन द्वारा शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श उपरांत व्यापार प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजकों की नियुक्ति की घोषणा की गई है। घोषित नियुक्तियों के अनुसार संदीप शर्मा, वीरेंद्र सिंह, कृष्ण ठाकुर, सुमित राणा, सुनील कुमार, विनोद कुमार, प्रदीप खंडवाल एवं शशान चौहान को व्यापार प्रकोष्ठ, जिला देहरा का जिला सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर जिला संयोजक अतुल महाजन ने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि वे संगठन की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ व्यापारियों की समस्याओं के समाधान हेतु सक्रिय भूमिका निभाएँगे तथा संगठन को और अधिक मजबूत करेंगे। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ, जिला देहरा व्यापारिक समुदाय के हितों की रक्षा, संवाद एवं संगठन विस्तार हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है।
उतराला-होली मार्ग पर सोकडू के पास बीती देर रात एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीती रात उतराला-होली मार्ग पर 5 युवक कार में सवार होकर जा रहे थे, जैसे ही यह लोग सोकडू के पास पहुंचे तो इनकी कार अनियंत्रित होकर नीचे खाई में लुढ़क गई। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग व पुलिस भी मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य में जुटे। इस हादसे में पपरोला के 35 वर्षीय शिवांक सूद व 28 वर्षीय अरुण मेहरा के अलावा फटाहर के 27 वर्षीय रोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल 24 वर्षीय सुमित ने आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल 27 वर्षीय रमन को बैजनाथ अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। इस दुर्घटना की पुष्टि करते हुए डीएसपी संदीप शर्मा ने बताया की सभी शवों का पोस्टमार्टम बैजनाथ अस्पताल में करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की छानबीन शुरू कर दी है।
ज्वालामुखी क्षेत्र के खुंडिया मंडल में रविवार को खुंडिया ज़ोन की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष संजय राणा ने की, जिसमें ज़ोन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रत्याशी ठाकुर रविंद्र सिंह रवि बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इस अवसर पर खुंडिया मंडल के युवा मोर्चा अध्यक्ष अजय राणा के सौजन्य से स्थापित युवा मोर्चा कार्यालय का उद्घाटन भी ठाकुर रविंद्र सिंह रवि द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर ठाकुर रविंद्र सिंह रवि ने अजय राणा के देशप्रेम और पार्टी के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रदेश में मंडल स्तर पर युवा मोर्चा का पहला कार्यालय है, जो अजय राणा की पार्टी के प्रति लगन और निष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने इसे सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
09 जनवरी 2026 को लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय, जालंधर में आयोजित दीक्षांत समारोह में गाँव नंगल, बीहन पंचायत निवासी अनूप सिंह जसयाल को पुस्तकालय विज्ञान विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान ग्रेट ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मेरी एलिज़ाबेथ ट्रस द्वारा प्रदान किया गया। यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश सहित समस्त क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय है। डॉ. अनूप सिंह जसयाल स्वर्गीय बलवंत सिंह जसयाल एवं स्वर्गीय विमला देवी के सुपुत्र हैं। उनकी शोध-अध्ययन का विषय हिमाचल प्रदेश के सरकारी कॉलेजों के पुस्तकालयों में ऑटोमेशन एवं नेटवर्किंग की वर्तमान स्थिति रहा है। शोध में यह तथ्य सामने आया है कि प्रदेश के अधिकांश सरकारी कॉलेजों के पुस्तकालयों में न तो संसाधनों का पूर्ण ऑटोमेशन हो पाया है और न ही नेटवर्किंग की स्थिति संतोषजनक है। शोध में यह भी उजागर हुआ है कि कई कॉलेजों के पुस्तकालयों में पुस्तकालयाध्यक्षों एवं अन्य आवश्यक स्टाफ की भी कमी है, जो शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक विषय है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी के वर्तमान युग में पुस्तकालयों का डिजिटल एवं वर्चुअल स्वरूप अत्यंत आवश्यक हो गया है। ई-पुस्तकालय एवं नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। डॉ. जसयाल का शोध यह भी दर्शाता है कि पुस्तकालय समाज को जागरूक एवं सूचनायुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि प्रत्येक पंचायत स्तर पर पुस्तकालय स्थापित किए जाएँ, तो युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। डॉ. अनूप सिंह जसयाल एक भूतपूर्व सैनिक हैं और वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय संगठन में सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने सेना में रहते हुए भी अपनी शिक्षा जारी रखी और एम.ए. (अंग्रेज़ी एवं राजनीति विज्ञान), बी.एड., मास्टर इन लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस, एम.फिल., पीएच.डी. तथा यूजीसी नेट उत्तीर्ण किया है। 09 अक्टूबर 1970 को जन्मे डॉ. जसयाल सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लंबे समय से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में देहरा जिले में बौद्धिक शिक्षण प्रमुख का दायित्व निभा रहे हैं। इसके अतिरिक्त वे मुचकुंद महादेव ग्राम सुधार सभा नंगल एवं मुचकुंद महादेव गौशाला नंगल से भी जुड़े हैं तथा प्राकृतिक खेती एवं देशी गौवंश पालन को बढ़ावा दे रहे हैं।
प्रागपुर: पशु चिकित्सालय की स्वीकृत राशि स्थानांतरित होने पर भड़के ग्रामीण, कोर्ट जाने की दी चेतावनी
भाजपा प्रागपुर मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार खुद कोई नई योजना नहीं दे रही है और भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत की गई योजनाओं को भी बंद कर रही है। विनोद शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के समय पंचायत दोदूँ राजपूता (तत्कालीन पंचायत कोलापुर) के दुर्गम क्षेत्र के लिए ग्रामीणों ने विधायक विक्रम सिंह ठाकुर से पशु चिकित्सालय की मांग की थी। उस समय उद्योग मंत्री रहे विक्रम सिंह ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार से इस पशु चिकित्सालय को स्वीकृत करवाया था। इसके पश्चात विभाग द्वारा जनता से संपर्क कर भूमि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया, ताकि पशु चिकित्सालय के लिए बजट जारी किया जा सके। इस पर स्वर्गीय मोहिंदर सिंह एवं उनके परिजनों ने मुख्य मार्ग पर लगभग सवा कनाल भूमि विभाग के नाम रजिस्ट्री करवाई। लेकिन विभाग के बड़े अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूमि का इंतकाल नहीं हो पाया। इसी बीच स्वर्गीय मोहिंदर सिंह एवं उनके पुत्र का देहांत हो गया, जिससे उक्त स्थान पर भवन निर्माण को लेकर समस्या उत्पन्न हो गई। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने एक बार फिर विभाग के नाम अपनी 10 मरले निजी भूमि दान कर दी। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया के दौरान लोक निर्माण विभाग ने अधिक खर्च का हवाला देकर इसे खारिज कर दिया। इसके बाद तीसरी बार ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय के लिए शांतला तथा लोक निर्माण विभाग कोटला बेहड़ के अधिकारियों को सड़क किनारे एक अन्य स्थान दिखाकर 10 मरले भूमि विभाग के नाम करवाई, ताकि भवन निर्माण कार्य शुरू हो सके। लेकिन दुर्भाग्यवश, इसी बीच पूर्व में स्वीकृत धनराशि को विभाग द्वारा धर्मशाला स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच प्रधान मुकेश कुमार, उप-प्रधान विनोद मेहता, वार्ड पंच रामकृष्ण, बाल कृष्ण, रवि कांत, रमेश कुमार, सकिंदर देवी, चमन लाल, वीरेंद्र कुमार, किशोरी लाल, बिपिन कुमार, शिव पाल, नवीन राणा, पारी, आशा राणा, शिव कुमार, राम स्वरूप, रत्तन चंद, अश्वनी कुमार, जोगिंदर कुमार एवं अनिल कुमार ने प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि आगामी बजट में इस पशु चिकित्सालय के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया, तो पंचायतवासी मजबूर होकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को यह परेशानी झेलनी पड़ी है, उन्हें नाम सहित न्यायालय में पेश किया जाएगा।
1971 के भारत–पाक युद्ध में अपनी वीरता और शौर्य का परिचय देने वाले देहरा के तहत पड़ते हरिपुर निवासी, सेवानिवृत्त वीर सैनिक नायक प्रेम चंद का निधन हो गया है। उन्होंने लंबी बीमारी के बाद 6 जनवरी 2026 को अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार हरिपुर स्थित श्मशान घाट पर किया गया। इस दौरान सैकड़ों नम आंखों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। नायक प्रेम चंद ने अपना संपूर्ण जीवन अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और अटूट देशभक्ति को समर्पित कर दिया। वे 19 जैक राइफल्स से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका बलिदान और देश के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय करोल के पैतृक गांव गरली, जिला कांगड़ा में उनकी स्वर्गीय माता निर्मला देवी के जन्मोत्सव के अवसर पर शांति पूजन एवं पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सहभागिता की। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उपस्थित रहीं। इस दौरान राज्यपाल ने माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां द्वारा दी गई शिक्षाएं जीवन का आधार होती हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मां की सेवा करता है और उनके संस्कारों को आत्मसात करता है, वह जीवन में ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। राज्यपाल ने संतों और महापुरुषों के वचनों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में दंडीस्वामी मुकुंदानंद गिरि (जोशीमठ), दंडीस्वामी स्वात्मानंदेन्द्र सरस्वती महास्वामी (विशाखापट्टनम), कनकेश्वरी देवी (मोरबी), कैलाश विजयवर्गीय (कैबिनेट मंत्री, मध्य प्रदेश सरकार), स्वामी ललितराम दास (केदारनाथ), स्वामी कृष्ण गिरि (ज्वाला देवी, जूना अखाड़ा), महंत मधुसूदनाचार्य महाराज (ब्रह्मर्षि आश्रम, इंदौरा), स्वामी कृष्णानंद महाराज (कैलाश आश्रम, प्रयागराज), विष्णु प्रयंत (अयोध्या), स्वामी अतुल कृष्ण महाराज (चंडीगढ़), दिनेश किशोर (पुजारी, रघुनाथ मंदिर, कुल्लू), देवी चंद्र (हड़िम्बा मंदिर, मनाली), कमल कैलाश शर्मा, अभिषेक शर्मा, पंडित शशिभूषण शर्मा (गरली), कृष्ण चंद्र शर्मा (गरली), अनिल (दिल्ली), शैलेश कुमार तिवारी (बलाहार), आचार्य गोविंद नारायण दीक्षित, कृष्ण कुमार द्विवेदी (केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय), महंत हरीश भारती (ग्राम नरेली) सहित कई संत एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा एसपी देहरा मयंक चौधरी भी मौजूद रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में बढ़ती अपराध की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की विफल नीतियों के कारण प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शांत माने जाने वाले हिमाचल में आज अपराध और अप्रिय घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राज्य में आम नागरिकों के भीतर असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है, जो सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य में कुल 17,385 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 16,393 थी, यानी अपराधों में 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। नशा तस्करी के मामलों में भी तेज़ इज़ाफ़ा हुआ है। 2025 में 1,967 केस दर्ज हुए, जो 2024 के 1,537 मामलों से लगभग 28 प्रतिशत अधिक हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि 2025 में 363 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 305 थी, यानी 19.02 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह किडनैपिंग और अपहरण के मामले 2024 के 453 से बढ़कर 2025 में 533 हो गए, जो लगभग 17.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाते हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के राज में माफिया बेखौफ हैं और प्रदेश में डर का माहौल बन रहा है। उन्होंने धर्मशाला की बेटी पल्लवी के दुखद निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक घटना है। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
5 जनवरी को 11 के० वी० खबली फीडर की आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव के चलते इसके अंतर्गत आने वाले गाँव खबली, पाईसा, मानगढ़, जालंधर लाहड़ की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसी प्रकार दिनांक 9 जनवरी को 11 के० वी० गुम्मर फीडर की आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव हेतु इसके अंतर्गत आने वाले गाँव जालंधर लाहड़, मुहल, करियाड़ा, गुम्मर की विद्युत आपूर्ति सुबह 9:00 बजे से कार्य समाप्ति तक बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल देहरा द्वारा दी गई है तथा उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा।
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई के लोगों को जल्द नई सीवरेज लाइन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए जल शक्ति विभाग की ओर से रिवाइज्ड सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत चालू वित्त वर्ष 2025–2026 के लिए करीब पांच करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत हुई है। इससे शाहतलाई के लोगों को लाभ मिलेगा। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए जल्द ही इसकी आधारशिला रखी जाएगी। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभाग की ओर से आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह जानकारी झंडूता कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने दी। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए राशि स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का लाभ शाहतलाई क्षेत्र की जनता को मिलेगा। विवेक कुमार ने बताया कि पहले इस प्रोजेक्ट में शाहतलाई नगर पंचायत के दो वार्ड ही शामिल थे, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट में शाहतलाई नगर पंचायत के सभी सात वार्ड शामिल कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सरकार के समक्ष रखा गया था, ताकि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सके। अब सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट के तहत राशि स्वीकृत की गई है। वहीं, जल्द ही इस सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी जाएगी। विवेक कुमार ने कहा कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र में सरकार के सहयोग से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं और लोगों की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शाहतलाई में सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के तहत अब टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही इस कार्य को आवंटित करवाने के बाद सीवरेज लाइन का कार्य शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आगामी भविष्य में भी प्रदेश सरकार के सहयोग से क्षेत्र में विकास कार्य करवाए जाएंगे, ताकि जनता को लाभ मिल सके।
कांगड़ा जिले के धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की मौत पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के आरोपों पर कॉलेज के प्रोफेसर और तीन छात्राओं पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि रैगिंग और प्रोफेसर द्वारा प्रताड़ना के चलते छात्रा डिप्रेशन में चली गई थी और फिर तीन महीने इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। डाइंग डिक्लेरेशन में छात्रा ने कहा कि "अशोक सर, बहुत बुरे सर थे। वो पीछे पड़ जाते थे और अजीब-अजीब हरकतें करते थे और शरीर को टच करते थे।" जानकारी के अनुसार, परिजनों की शिकायत पर धर्मशाला पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 75, 115 (2), 3 (5) और एंटी रैंगिग कानून की धारा-3 के तहत केस दर्ज किया गया है। छात्रा के पिता ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है। पिता की शिकायत के अनुसार, 19 वर्षीय बेटी धर्मशाला कॉलेज में सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी। 18 सितंबर 2025 को कॉलेज की 3 छात्राओं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और डराया धमकाया था। पिता ने कहा कि कॉलेज के प्रोफेसर ने भी बेटी के साथ अश्लील हरकतें की। इस वजह से बेटी मानसिक रूप से बीमार हो गई और फिर उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। पिता ने बताया कि कई अस्पतालों में बेटी का इलाज करवाया। हालांकि, 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने कहा कि बेटी की बीमारी की वजह से वह पुलिस को मामले की सूचना नहीं दे पाए थे। हालांकि, 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी।
प्रारंभिक शिक्षा खंड रक्कड़ के अंतर्गत स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस राजकीय प्राथमिक पाठशाला बंडोल में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा एवं शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी अरुण शर्मा द्वारा की गई। पंचायत प्रधान हिरण ममता ठाकुर, उपप्रधान कमांडेंट हरि सिंह एवं पंचायत सदस्य, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरजीत चौधरी व सदस्य केहरो देवी, रीता कुमारी, प्रिया वाला, समाजसेवी सूबेदार रूप सिंह ठाकुर व बाबू राम, मुख्य अध्यापक हाई स्कूल सुमन कुमार एवं स्टाफ, प्राथमिक पाठशाला बंडोल के मुख्यशिक्षक रजनीश भूरिया, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सुनील धीमान, कविता राणा, अनीता चौधरी और काजल चौधरी, 150 बच्चे व 125 अभिभावक कार्यक्रम में शामिल रहे। खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा संवाद एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा कार्यक्रम को नई शिक्षा नीति 2020 का महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने अभिभावकों और अध्यापकों को बच्चों की सर्वांगीण विकास आधारित एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने की बात कही, जिसमें बच्चों का बौद्धिक विकास, शारीरिक विकास, भावनात्मक विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास शामिल हो। मुख्य अतिथि ने बताया कि प्राथमिक पाठशाला बंडोल अध्यापकों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के आपसी तालमेल और सहयोग का एक सुंदर उदाहरण है। मुख्यशिक्षक रजनीश भूरिया ने कहा कि यह कार्यक्रम एक ऐसा मंच प्रदान करता है, जहाँ प्रशासन, अध्यापक, अभिभावक और स्थानीय समुदाय बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं पाठशाला के विकास से जुड़ी चुनौतियों, समस्याओं और उनके समाधानों पर चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्कूल समिति द्वारा पाठशाला के विकास में सहयोग देने वाले स्थानीय समुदाय के लोगों को सम्मानित किया गया।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने देहरा स्थित दिल्ली कॉन्वेंट स्कूल, सुनेहत के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि बच्चों में ही देश और प्रदेश का भविष्य निहित है। आज जो प्रतिभाएँ मंच पर दिखाई दे रही हैं, वही आने वाले समय में समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी शहर या सुविधा की मोहताज नहीं होती, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपार प्रतिभाएँ मौजूद हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलना चाहिए। अपने प्रेरक संबोधन के दौरान उन्होंने बच्चों को जीवन से जुड़ी कई प्रेरणादायी कहानियाँ सुनाईं और मेहनत, अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। नेता प्रतिपक्ष ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजन बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने और उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में जयराम ठाकुर ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह, देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह, प्रबंध निदेशक प्रवीण राजपूत, प्राचार्य गुंजन परमार, भाजपा प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी संजीव शर्मा व विश्व चक्षु, मंडल अध्यक्ष अविनाश धीमान समेत विद्यालय परिवार, अभिभावकगण एवं क्षेत्र के अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
राजकीय स्नातक महाविद्यालय मझीन में करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में “निष्पक्ष पत्रकारिता: समाज में भूमिका एवं करियर अवसर” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को पत्रकारिता के महत्व, उसकी सामाजिक जिम्मेदारियों तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं से अवगत कराना था। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शुभम शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसका मूल उद्देश्य जनता के मुद्दों को निर्भीकता एवं ईमानदारी के साथ सामने लाना है। उन्होंने बताया कि एक सच्चा पत्रकार सत्ता, दबाव और व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर सत्य के पक्ष में खड़ा होता है। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग, अफवाहों और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में पत्रकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। उन्होंने एक पत्रकार के कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों को पत्रकारिता की रीढ़ बताया। साथ ही उन्होंने पत्रकारिता में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, कंटेंट राइटिंग और फील्ड रिपोर्टिंग जैसे विभिन्न करियर अवसरों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और पत्रकारिता से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर वक्ता ने सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से दिया। कार्यशाला के समापन अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों द्वारा मुख्य वक्ता शुभम शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।
विद्युत विभाग उप-मंडल परागपुर द्वारा लंबित बिजली बिल समय पर अदा न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसके तहत सुनेहत, नेहरणपुखर, गरली और परागपुर क्षेत्रों में बड़े अमाउंट के बिजली बिल समय पर जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन अस्थायी रूप से काटे जा रहे हैं। बता दें कि आगे यह कार्रवाई और भी सख्ती से की जाएगी। जैसा कि विदित है, विभाग के वित्तीय वर्ष की समाप्ति को मद्देनज़र रखते हुए यह कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। यह जानकारी इंजीनियर विक्रम जीत सिंह, सहायक अभियंता, विद्युत उप-मंडल परागपुर द्वारा दी गई। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से निवेदन किया कि वे अपने-अपने बिजली बिल समय पर जमा करें।
लॉरिएट इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में “एप्लाइड पाइथन फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग” विषय पर आयोजित 7 दिवसीय कार्यशाला का समापन भव्य वैलिडिक्टरी समारोह के साथ किया गया। यह कार्यशाला स्किल्ड इंडिया, AI–ML इन एजुकेशन एवं विकसित भारत 2047 के विज़न को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की उभरती तकनीकों से सशक्त बनाना था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रण सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर, लॉरिएट इंस्टिट्यूट ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आज की शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के BCA विद्यार्थियों के लिए ये तकनीकें रोजगार एवं नवाचार के नए द्वार खोलती हैं। उन्होंने इस प्रकार की व्यावहारिक एवं कौशल-आधारित कार्यशालाओं के आयोजन के लिए संस्थान की सराहना की। कार्यक्रम में डॉ. एम. एस. आशावत, कैंपस डायरेक्टर, लॉरिएट इंस्टिट्यूट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि लॉरिएट कैंपस में कंप्यूटर साइंस के साथ-साथ फार्मेसी जैसे विषयों में भी तकनीकी एवं अनुसंधान-आधारित कार्यशालाओं का आयोजन समय की आवश्यकता है और संस्थान भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करता रहेगा। कार्यशाला के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष (कंप्यूटर साइंस) प्रो. जसबीर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि यह कार्यशाला AICTE के नवीन दिशानिर्देशों एवं वर्तमान उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप डिज़ाइन की गई थी। इस कार्यशाला में लॉरिएट इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, राजकीय महाविद्यालय दौलतपुर चौक तथा राजकीय महाविद्यालय ऊना के कुल 71 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सत्रों में भाग लिया और AI–ML से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के अन्य शिक्षकों में प्रो. सी.पी.एस. वर्मा, सहायक प्राध्यापक विजय धीमान, अक्षु धीमान, भुवनेश कुमार, ज्योति बंसल, तन्वी, अक्षय तथा स्टाफ सदस्य अंकुश और रिम्पी राणा भी उपस्थित रहे।
जसवां-प्रागपुर: सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, बोलें हिमाचल के साथ हुआ अन्याय
पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के वाइस चेयरमैन सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि आपदा राहत के नाम पर हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला और भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2023 और 2025 की आपदाओं में प्रदेश को ₹13,500 करोड़ का भारी नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र से अब तक केवल ₹2,100 करोड़ की सहायता मिलना देवभूमि के साथ अन्याय की पराकाष्ठा है। मनकोटिया ने बताया कि 2023 की आपदा में हुए ₹12,000 करोड़ के नुकसान की राहत दो साल बाद 2025 में महज ₹1,500 करोड़ के रूप में दी गई, जबकि 2025 की आपदा पर बार-बार गुहार लगाने के बाद सिर्फ ₹600 करोड़ जारी किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा शासित राज्यों को आपदा राहत दिल खोलकर दी जाती है, तो हिमाचल को हर बार देरी और कटौती का सामना क्यों करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि हजारों प्रभावित परिवारों के दर्द, उजड़े घरों और छीने गए रोज़गारों का है। यह दोहरा मापदंड हिमाचल के स्वाभिमान पर सीधा हमला है। मनकोटिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र की बेरुखी और राजनीतिक अड़चनों के बावजूद उन्होंने प्रदेश को संभालकर रखा है। ₹11,400 करोड़ के शेष नुकसान की भरपाई का दबाव राज्य सरकार पर आ गया है, जिसके कारण कई योजनाओं और मदों में वित्तीय चुनौतियां सामने आ रही हैं, फिर भी हिमाचल आगे बढ़ रहा है उन्होंने कहा, “हिमाचल मुश्किलों में भी झुका नहीं है। संकट बड़ा है, लेकिन हौसला उससे कहीं बड़ा क्योंकि बंदे में दम है।”
27 दिसंबर, शनिवार को बाबा कांशीराम राजकीय महाविद्यालय, डाडा सीबा में सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दूसरे दिन डीएसपी राजकुमार ने मुख्य अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन के तौर पर शिरकत की। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. देविंदर सिंह ने डीएसपी राजकुमार का बुके और टोपी देकर स्वागत किया। तत्पश्चात डीएसपी राजकुमार ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयंसेवियों को नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने तथा सामाजिक जागरूकता लाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों से विद्यार्थियों को नई सीख लेकर आदर्श समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए। तत्पश्चात प्रो. देविंदर सिंह ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रो. जतिंदर कुमार, डॉ. रामपाल, खेम चंद, पलक सिंह तथा सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष अंजना भी उपस्थित रहीं।
पूर्व उद्योग मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आपदा की हर घड़ी में हिमाचल प्रदेश अकेला नहीं है। पीएनडीए के तहत प्रदेश को ₹601 करोड़ की अतिरिक्त राहत राशि जारी कर केंद्र सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और जनजीवन को पटरी पर लाने का मजबूत आधार दिया है। बिक्रम ठाकुर ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन नेताओं के निरंतर प्रयासों के कारण ही हिमाचल को संकट के समय केंद्र से भरपूर सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को आपदा राहत के रूप में लगभग ₹5800 करोड़ की सहायता दे चुकी है, जो यह दर्शाता है कि मोदी सरकार प्रदेश के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पूर्व मंत्री ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि इस राहत राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और तत्परता से किया जाए, ताकि आपदा प्रभावित परिवारों तक शीघ्र लाभ पहुंचे और पुनर्वास व विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि भाजपा हर स्तर पर आपदा पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।
काँगड़ा विंटर कार्निवाल की पाँचवीं संध्या यानि 28 दिसम्बर को, पहाड़ी स्टार नाइट व ड्रोन शो आकर्षण का केंद्र होंगे। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने जानकारी देते हुए बताया कि कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 की पाँचवीं संध्या 28 दिसम्बर, रविवार को सायं 5 बजे से भव्य रूप में आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर माननीय उप मुख्य सचेतक, हिमाचल प्रदेश सरकार केवल सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। पाँचवीं संध्या को पहाड़ी स्टार नाइट के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें हिमाचल की समृद्ध लोक-संस्कृति, संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। विशेष प्रस्तुतियों में नाटी किंग कुलदीप शर्मा, राज जैरी, पूनम भारद्वाज, रमेश्वर शर्मा, सुनील मस्ती तथा अनिता ठाकुर (चंबा डांस ग्रुप) द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि इसके अतिरिक्त, कार्निवाल के अंतर्गत दिन में धर्मशाला साइकिल राइड का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करना तथा चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि साइकिल राइड में देश-विदेश के लगभग 200 राइडर्स भाग लेंगे, सुबह 7 बजे एथलेटिक मैदान से साइकिल राईड को फ्लैग ऑफ किया जायेगा। इसके अलावा क्रिकेट मैच सहित अन्य खेल गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। उपायुक्त ने बताया कि रात्रि 9ः30 बजे भव्य ड्रोन शो का आयोजन भी किया जाएगा, जो आधुनिक तकनीक और रोशनी के अद्भुत संगम के माध्यम से दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। उन्होंने जिला वासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में उपस्थित होकर कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 की पाँचवीं संध्या के कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं।
बी.के.आर. राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जतिंदर कुमार की अध्यक्षता में किया गया। इस विशेष शिविर में महाविद्यालय के 50 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में प्रो. जतिंदर कुमार ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. जतिंदर कुमार ने कहा कि चार साहिबजादों का त्याग और बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनसे प्रेरणा लेकर स्वयंसेवकों को समाज के उत्थान, सांस्कृतिक विरासत एवं धरोहर के संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। इस सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्देश्य सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज में चेतना का प्रसार करना तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण हेतु प्रेरित करना है। यह शिविर 1 जनवरी 2026 को संपन्न होगा। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. दविंदर सिंह, डॉ. रामपाल, खेम चंद, शीतल, सहायक पलक सिंह, कार्यालय अधीक्षक कुंता देवी तथा पुस्तकालयाध्यक्ष अंजुना कुमारी सहित महाविद्यालय का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा।
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् CSIR को उसके प्रमुख कार्यक्रम "CSIR अरोमा मिशन" के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 के तहत "विज्ञान टीम पुरस्कार (कृषि विज्ञान)" श्रेणी में सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारतीय कृषि को वैज्ञानिक नवाचार, किसान सशक्तिकरण और सतत आजीविका के माध्यम से रूपांतरित करने में मिशन के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। CSIR हिमालय जैव सम्पदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर ने विशेष रूप से हिमालयी और पर्वतीय क्षेत्रों में अरोमा मिशन के सफल क्रियान्वन में नेतृत्वकारी और कार्यान्वयन भूमिका निभाई है। संस्थान ने उन्नत सुगन्धित फसलों की किस्में, कृषि तकनीकें, आसवन प्रक्रियाएं और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने वाले उपाय विकसित किए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण समुदायों को मिला हैं। अरोमा मिशन के अंतर्गत CSIR - IHBT ने उच्च मूल्य वाली सुगन्धित फसलों की 4500 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खेती को बढ़ावा दिया हैं। संस्थान ने पर्वतीय और समशीतोष्ण क्षेत्रों के लिए स्थान-विशिष्ट कृषि तकनीकें विकसित की हैं, 66 ऑन-फॉर्म और सामुदायिक स्तर के आसवन इकाइयां स्थापित की हैं विशेष रूप से आकांक्षी जिला चम्बा में और किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त किया हैं। इसके साथ ही, आवश्यक तेलों की मूल्य-श्रृंखला और बाजार से जुड़ाव को भी मजबूत किया गया हैं। मिशन के माध्यम से लगभग 4500 किसानों को फसल विविधकरण, आय वृद्धि, जोखिम में कमी और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता मिली हैं, जो किसानों की दोगुनी करने, आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास लक्ष्यों जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। मिशन के तहत इन गतिविधियों से लगभग 50 करोड़ रुपए की राजस्वा प्राप्ति हुई हैं। CSIR-IHBT के वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों ने अन्य CSIR प्रयोगशालाओं, राज्य सरकारों और उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर यह दिखाया हैं कि विज्ञान आधारित हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर ठोस सामाजिक-आर्थिक प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 CSIR अरोमा मिशन टीम की सामूहिक वैज्ञानिक उत्कृष्टता, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और क्षेत्रीय प्रभाव की राष्ट्रीय मान्यता हैं जिसमें CSIR-IHBT ने भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में सुगंधित फसलों पर आधारित कृषि उद्यमों को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। CSIR-IHBT विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से समावेशी विकास, सतत कृषि और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
गरली स्थित बालिका आश्रम एक बार फिर सवालों के घेरे है। आश्रम से एक बार फिर नाबालिग छात्राओं के लापता होने की घटना सामने आई है। बता दें कि मंगलवार दोपहर दो नाबालिग छात्राओं के अचानक आश्रम से गायब हो जाने से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया था। मंगलवार दोपहर स्कूल से छुट्टी के बाद गरली आश्रम में तैनात सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी में करीब 20 छात्राएं आश्रम परिसर की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान दो नाबालिग छात्राएं सुरक्षा गार्ड को चकमा देकर फरार हो गईं। दोनों छात्राएं बेसहारा बताई जा रही हैं और मूल रूप से एक हमीरपुर तथा दूसरी नूरपुर क्षेत्र की रहने वाली हैं। छात्राओं के लापता होते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले कि जांच शुरू कर दी पहले नूरपुर और हमीरपुर क्षेत्रों में छानबीन की गई। जब कोई सुराग नहीं मिला, तो एफआईआर दर्ज कर व्यापक तलाश अभियान छेड़ा गया। पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने मामलें की पुष्टि की और बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों छात्राएं पठानकोट से बस में सवार होकर शिमला पहुंच गई थीं। तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने शिमला में दोनों नाबालिग छात्राओं को सुरक्षित ट्रेस कर लिया और विधिवत प्रक्रिया के तहत उन्हें गरली आश्रम वापस लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में किसी भी आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है। छात्राओं का कहना है कि वे अपने किसी रिश्तेदार के पास जाने के इरादे से आश्रम से निकली थीं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने आश्रम प्रबंधन, और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं।
समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) के अंतर्गत बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय देहरा, जिला कांगड़ा के तत्वावधान में बुधवार को देहरा स्थित टाउन हॉल कॉम्प्लेक्स में 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए “पोषण भी पढ़ाई भी” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेंद्र कुमार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए “पोषण भी पढ़ाई भी” की अवधारणा, आवश्यकता एवं महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संज्ञानात्मक विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने “पोषण भी पढ़ाई भी” के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत संतुलित आहार एवं पोषण, आयु के अनुरूप खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण, भाषा विकास, संज्ञानात्मक कौशल का विकास, सामाजिक-भावनात्मक विकास, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवहार, स्थानीय संसाधनों का उपयोग तथा बच्चों के अनुकूल सीखने का वातावरण तैयार करना प्रमुख रूप से शामिल है। साथ ही नवचेतना एवं आधारशिला पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों में सीखने की मजबूत नींव रखने पर विशेष बल दिया गया। राजेंद्र कुमार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल को वे अपने-अपने आंगनवाड़ी केंद्रों में दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाएं, ताकि बच्चों को पोषण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके और आंगनवाड़ी केंद्रों को उत्कृष्ट प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस कार्यालय के सांख्यिकी सहायक सुशील कुमार शर्मा द्वारा पोषण, विकास निगरानी, प्रारंभिक शिक्षा तथा विभागीय दिशा-निर्देशों से संबंधित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। वहीं परियोजना के पर्यवेक्षकों द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण अनुसूची के अनुसार सत्रों का संचालन करते हुए व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की दक्षता एवं कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण स्तर में सुधार तथा प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में सोमवार 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के लगभग 200 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पावर पॉइंट प्रस्तुतियों, प्रश्नोत्तरी, भाषण तथा अन्य बौद्धिक एवं मंथन गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या-समाधान क्षमता तथा गणित के प्रति रुचि विकसित करना था। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजू आर. चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस प्रकार की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दैनिक जीवन में गणित के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के विश्लेषणात्मक एवं आलोचनात्मक चिंतन को विकसित करने में सहायक होते हैं। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग दिया।
व्यापार मंडल डाडा सीबा के सौजन्य से आज छठा रक्तदान शिविर स्थानीय आदर्श स्वास्थ्य संस्थान नागरिक अस्पताल में आयोजित किया गया। डाडा सीबा व्यापारी मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस शिविर में ब्लड सेंटर मेडिकल कॉलेज टांडा से आए डॉ कनुप्रिया की टीम ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई। वहीं इस दौरान कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने ब्लड डोनेट किया। स्थानीय दुकानदारों के अलावा क्षेत्रभर के लोगों ने खूब बढ़चढ़ कर भाग लिया। व्यापार मंडल प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा ने बताया कि इस रक्तदान शिविर में करीब 61 यूनिट ब्लड जमा किया गया है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सभी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस दौरान व्यापार मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा आदि पदाधिकारियों ने रक्तदान दानवीरों का धन्यवाद किया। इस मौके पर व्यापार मंडल के उप प्रधान सूरज वर्मा, सचिव सुनील शर्मा, कोषाध्यक्ष कृष्ण दत्त सरोच, पूर्व प्रधान धर्मचंद, सेवानिवृत्ति सहायक अभियंता विमल शर्मा सहित अन्य सैंकड़ो लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की अध्यक्षता में आज लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह, ज्वाली में उपमंडल स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ज्वाली उपमंडल के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति तथा विधायक प्राथमिकताओं के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कृषि मंत्री ने सभी विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि जनता को अधिकतम लाभ मिल सके। कृषि मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को ज्वाली डिग्री कॉलेज भवन के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस शीघ्र पूर्ण करवाने तथा भूमि को शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि टेंडर प्रक्रिया जल्द आरंभ कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने ज्वाली खेल मैदान निर्माण के लिए वन विभाग को तुरंत एनओसी जारी करने तथा राजस्व विभाग को खेल मैदान की भूमि खेल विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को ज्वाली अस्पताल की पुरानी इमारत के मरम्मत कार्य, 50 बिस्तरों वाले नए भवन के निर्माण तथा नगरोटा सूरियां अस्पताल भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। कृषि मंत्री ने बताया कि पीएमजीएसवाई-III के तहत विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से सड़कों के उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगरोटा सूरियां से देहरा सड़क पर अधिक ट्रैफिक को देखते हुए इसे डबल लेन किया जा रहा है, ताकि जनता को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि 87 करोड़ रुपये की लागत से गज्ज खड्ड पर बनने वाले पुल की मिट्टी की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अनूही में देहर खड्ड पर प्रस्तावित पुल को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की गई। उन्होंने सड़कों के किनारे उचित जल निकासी के लिए नालियों के निर्माण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल शक्ति विभाग से विधानसभा क्षेत्र की पेयजल योजनाओं की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट ली गई। कृषि मंत्री ने बताया कि ज्वाली शहरी क्षेत्र में अमृत-2 योजना के तहत 15.50 करोड़ रुपये की लागत से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्यूबवेल, स्टोरेज टैंक तथा पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही घाड़ जरोट क्षेत्र की 16 पंचायतों के 45 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 29.65 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं की पाइपलाइन रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरनी थी, जिसके लिए रेलवे से अनुमति लेकर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने नगरोटा सूरियां में 34 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सीवरेज प्रणाली के निर्माण कार्य को भी गति प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में देहर खड्ड में अत्यधिक पानी आने से लोगों की भूमि को नुकसान होता है, इसलिए इसके तटीकरण एवं चैनलाइजेशन के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट नाबार्ड को भेजी गई है। बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने नगरोटा सूरियां क्षेत्र में कुछ स्थानों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए राजस्व विभाग को तुरंत निशानदेही कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ गंभीरता से लेने तथा उनके त्वरित समाधान के लिए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास को जनसरोकारों से जोड़कर आगे बढ़ रही है और हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मोहिंदर धीमान, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय ठाकुर, अधिशासी अभियंता मनोहर लाल शर्मा, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता विशाल पात्रवाल, तहसीलदार ज्वाली विनोद कुमार, तहसीलदार नगरोटा सूरियां ज्ञान चंद, डिग्री कॉलेज ज्वाली के प्रिंसिपल दिनेश शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी भीष्म शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ज्वालामुखी में पूर्व सैनिक संघ खुंडियां द्वारा शनिवार को मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन खुंडियां में किया गया। जिसमें तहसील खुंडियां एवं कांगड़ा के अलग अलग क्षेत्रों से पूर्व सैनिक शामिल हुए। करोना काल के बाद यह आयोजन पहली बार हुआ। इस कार्यक्रम में 150 के करीब पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों के वेलफेयर से संबंधित जानकारियां कर्नल एम सी शर्मा सेवानिवृत (ज्वालामुखी), एवं कैप्टन जे एस पटियाल (वाइस चेयरमैन हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक संघ) एवं पूर्व सैनिक संघ खुंडियां के चेयरमैन कैप्टन रमेश राणा ने दी। सभी पूर्व सैनिकों ने इस कार्यक्रम को सालाना करवाने हेतु सुझाव भी दिए। पूर्व सैनिक संघ खुंडियां के इस कार्यक्रम में कैप्टन देश राज राणा, कैप्टन ओम प्रकाश ,कैप्टन दिलीप सिंह, कैप्टन रोशन लाल, सूबेदार मेजर माधो राम, कैप्टन बलवंत सिंह, कैप्टन रमेश चन्द ,सूबेदार रविन्द्र ,कैप्टन रणवीर सिंह राणा ,कैप्टन अनिल राणा लगडू ,सूबेदार रॉय सिंह ,नायब सूबेदार सरवण सिंह छिलगा ,इंस्पेक्टर कुलदीप चंद बीएसएफ (बंनगल) ,हवलदार सुभाष चन्द (कुंदली हार) ,सूबेदार करतार सिंह, कैप्टन रणजीत सिंह ,कैप्टन संसार चन्द, कैप्टन जय चन्द (रोल) एवं नायक ए डी शर्मा (खुंडियां) विशेष रूप से शामिल हुए।
देहरा स्वास्थ्य खंड में 21 दिसंबर को ‘दो बूंद जिंदगी’ पल्स पोलियो अभियान के तहत बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। खंड चिकित्सा अधिकारी देहरा डॉ. हरिंदर पाल सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे 0 से 5 वर्ष की आयु वर्ग के अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलवाएं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य खंड देहरा में लगभग 6,115 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी, जिसके लिए कुल 68 बूथ स्थापित किए गए हैं। सिविल अस्पताल देहरा में भी एक विशेष बूथ बनाया गया है। यह अभियान 14 सुपरवाइजरों की देखरेख में चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मी, आशा वर्कर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तैनात रहेंगे। 21 दिसंबर को बूथों पर दवा पिलाई जाएगी, जबकि 22 और 23 दिसंबर को घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी।


















































