मंडी जिले के सुंदरनगर के बीएसएल पुलिस थाना के तहत कटेरू क्षेत्र में भलाना खूड़ी नाला के पास वीरवार देर रात एक बोलेरो (एचपी31/8349) हादसे का शिकार हो कर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर सभी वाहन सवारों को कड़ी मशक्कत के बाद सड़क तक पहुंचाया जहां से उन्हें वाहनों में डालकर सुंदरनगर तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज के लिए ले जाया गया। हादसे बारे पता चलने पर डीएसपी दिनेश कुमार तथा तहसीलदार सुंदरनगर वेद प्रकाश भी मौका के लिए रवाना हो गए तथा उन्होंने वहां पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। हालांकि रात को अंधेरा अधिक होने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि सभी वाहन सवार देव कमरूनाग के दर्शन के लिए गए हुए थे वहां से वापस लौटते समय यह हादसा पेश आया है। हादसे में घायल हुए लोगों की शिनाख्त संजीव कुमार (38)पुत्र केशव दत निवासी पंजराह तहसील सुंदरनगर, किरपा राम (38) पुत्र मजरू राम निवासी पौडा कोठी तहसील सुंदरनगर, कमल कुमार(22) पुत्र तुला राम गांव डोलधार तथा चालक अनिल दत्त(52) पुत्र रुप चन्द निवासी गांव कोलथी के रूप में हुई है। जबकि मृतकों की शिनाख्त लाला राम (50) पुत्र गंगू राम निवासी डोलधार तहसील सुंदरनगर, रूप लाल(55) पुत्र परस राम निवासी गांव डोलधार तहसील सुंदरनगर, सुनील कुमार(35) पुत्र बेशर राम गांव पंजराह गलू तहसील सुंदरनगर,गोविन्द राम (60) रघुराम निवासी डोलधार तहसील सुंदरनगर और मोहन (55) पुत्र किरपा राम निवासी कुशला डाकघर घीड़ी तहसील सुंदरनगर के रूप में हुई है। डीएसपी दिनेश कुमार ने बताया पुलिस थाना बीएसएल कॉलोनी में हादसे को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए गए है। नाचन के विधायक विनोद कुमार ने हादसे पर गहरा शोक जताया हैं। इधर, नाचन पूर्व में कांग्रेस प्रत्याशी रहे एवं हिमाचल सरकारी बैंक के निदेशक लाल सिंह कौशल ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट किए तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। लाल सिंह कौशल ने बताया प्रदेश सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार तथा घायलों को पांच-पांच हजार रुपए की फौरी सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि आगे भी परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ एवं भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। सबसे अधिक प्रभावित कुल्लू जिला तथा लाहौल-स्पिति में फंसे पर्यटकों एवं अन्य लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पिछले लगभग 60 घंटे से निरंतर बचाव अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू एवं मंडी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वह गत तीन दिनों से कुल्लू, लाहौल-स्पिति तथा मंडी में प्रभावित क्षेत्रों का दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू एवं लाहौल-स्पिति जिला के विभिन्न स्थानों पर लगभग 70 हजार पर्यटक एवं अन्य लोग फंसे हुए थे, इनमें से 60 हजार लोगों की सुरक्षित वापसी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बचाव अभियान में एक हजार कर्मचारी एवं अधिकारियों ने चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर कार्य करते हुए इसे संभव बनाया। उन्होंने कहा कि इस विपदा में सबसे चुनौतिपूर्ण बचाव अभियान के तहत लाहौल-स्पिति के चंद्रताल में फंसे पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है। लैंडिंग स्थल उपलब्ध न होने के कारण यहां वायुसेना के लिए हैलीकाप्टर उतारना संभव नहीं था। प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी तथा मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी बचाव अभियान की निगरानी के लिए भारी बर्फबारी के बीच शून्य से नीचे तापमान में तीन जेसीबी मशीनों के साथ तड़के सुबह दो बजे ग्राउंड जीरो (चंद्रताल) पर पहुंचे। इसके उपरान्त 57 वाहनों के माध्यम से लगभग 250 पर्यटकों को वहां से सुरक्षित काजा लाने के साथ ही यह अभियान पूरा हुआ। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी लोगों का उनके सक्रिय सहयोग एवं अथक प्रयासों के लिए आभार भी व्यक्त किया। अपनी गाड़ियां छोड़कर जाने को तैयार नहीं कई पर्यटक मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी तीर्थन तथा कसोल क्षेत्र में काफी संख्या में पर्यटक हैं और उनमें से अधिकांश ने अपनी गाड़ियों सहित ही घर वापसी की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि चूंकि भारी बारिश से सड़कों को व्यापक नुकसान पहुंचना है और ऐसे में इन पर यातायात सामान्य करने में समय लग सकता है। प्रदेश सरकार ने उन्हें गाड़ियां वहीं छोड़कर सार्वजनिक परिवहन सेवा के माध्यम से घर वापसी का विकल्प दिया है। पर्यटकों को उनकी गाड़ियों से संबंधित एक पावती भी जिला व पुलिस प्रशासन के माध्यम से दी जाएगी तथा इसी के आधार पर सड़क मार्ग बहाल होने पर उन्हें यह गाड़ियां वापस उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन पर्यटकों से संवाद के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी को भी कसोल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। घाटी में सभी विदेशी पर्यटक सुरक्षित एक सवाल के जवाब में सुक्खू ने कहा कि तीर्थन तथा कसोल क्षेत्र में कुछेक इजरायली पर्यटक भी हैं और इजरायली दूतावास की ओर से उन्हें अपने स्तर पर हेलिकाप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकालने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पर प्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि घाटी में सभी विदेशी पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें भोजन सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू में इतनी बड़ी विपदा के बावजूद प्रदेश सरकार ने जनजीवन सामान्य बनाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है। क्षेत्र में 48 घण्टों में बिजली तथा पानी की आपूर्ति आंशिक तौर पर बहाल करने के साथ ही मोबाइल सेवा पुन: सुचारू करने में भी सफलता हासिल की है। इसके लिए उन्होंने जिला व पुलिस प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना भी की। बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 लाख की राहत राशि जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 लाख रुपये की राहत राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राहत राशि में बढ़ौत्तरी करते हुए सभी प्रभावितों को एक-एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। किन्नौर के कड़छम, कुप्पा और सांगला में लिया नुकसान का जायजा मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिला के कड़छम, कुप्पा और सांगला घाटी का दौरा भी किया और वहां हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने टापरी उप-तहसील के चोलिंग में स्थित सेना के राहत शिविर में सांगला से सुरक्षित निकाले गए लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में बादल फटने की घटना के बाद वहां फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल ने बेहतरीन कार्य करते हुए 118 लोगों को हेलिकाप्टर की छह उड़ानों में सांगला से चोलिंग (कड़छम) सुरक्षित पहुंचाया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने जिला प्रशासन और भारतीय सेना की सराहना भी की। इस अवसर पर मंडी में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया तथा किन्नौर में उपायुक्त तोरुल रवीश सहित सेना एवं विभिन्न प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुुरुवार दोपहर प्रशासनिक अमले के साथ सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात कर उनका ढाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार बाढ़ प्रभवितों के साथ ही है। उन्होंने थुनाग बाढ़ प्रभावितों को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। सीएम ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे थुनाग व आसपास क्षेत्रो में भूस्खलन से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर जल्द जिला प्रशासन को सौंपें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लगातार भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आज लाहौल-स्पीति जिला के सिस्सू, चंद्रताल और लोसर तथा कुल्लू जिले के मनाली क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने सिस्सू और मनाली में विभिन्न क्षेत्रों में फंसे लोगों की सकुशल वापसी के बाद उनसे बातचीत की और कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने नेहरू कुंड के पास बाहंग स्थित हिमपात एवं हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) का भी दौरा कर वहां बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि घाटी में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाहौल घाटी के सिस्सू में फंसे मनाली के एक स्कूल के 52 बच्चों को सुरक्षित मनाली पहुंचाया गया है। इसके अतिरिक्त, कुल्लू तथा मनाली सहित विभिन्न स्थानों पर पिछले तीन दिनों से फंसे लगभग 25000 लोगों को आज सुरक्षित निकाल लिया गया है। उन्होंने बताया कि मनाली-चंडीगढ़ मार्ग पर यातायात धीमा है, लेकिन प्रारम्भिक सूचना के अनुसार बुधवार शाम 4 बजे तक लगभग 6552 वाहन कुल्लू को पार कर चंडीगढ़ की ओर जा चुके हैं और कसोल तथा आस-पास के क्षेत्रों से भी आज जिला प्रशासन द्वारा लगभग 3000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि ढुंखड़ा के पास भारी भूस्खलन के कारण कसोल भुंतर सड़क अभी भी अवरुद्ध है और जिला प्रशासन मलबे को हटाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इन क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को विभिन्न वाहनों में ढुंखड़ा लाया जा रहा है और वहां से उन्हें भुंतर तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव कार्यों की निगरानी के लिए जिला प्रशासन की एक टीम कसोल पहुंच गई है। जिभी-बंजार-औट से चंडीगढ़ की ओर जाने के लिए सड़क वाहनों के लिए खोल दी गई है। जिला प्रशासन को पर्यटकों और स्थानीय लोगों की शीघ्र निकासी के लिए कसोल, तीर्थन और सैंज सड़कों को साफ करने का निर्देश दिया गया है। यह सड़कें एक-दो दिनों के भीतर बहाल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य में 100 से अधिक ट्रैकर्स को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अटल टनल वाहनों के आवागमन के लिए खुली है और आज शाम 4 बजे तक 300 से अधिक वाहन इस सुरंग से निकलकर गैमन ब्रिज से मंडी की ओर भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक चंडीगढ़ जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रामशीला चौक के पास लोगों के लिए खाद्य सामग्री वितरण की व्यवस्था भी की गयी है। उन्होंने कहा कि मनाली में लोगों को 6000 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी को चंद्रताल झील में फंसे लोगों तक पहुंचने और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रताल में स्थिति चुनौतीपूर्ण है लेकिन राज्य सरकार वहां विभिन्न कैम्पों में मौजूद सभी 293 लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को फिर से बहाल करने के लिए त्वरित एवं ठोस कदम उठा रही है और सीमा सड़क संगठन के सहयोग से इसका कार्य पूरे जोरों पर है। उन्होंने कहा कि स्पिति घाटी में फंसे ज्यादातर पर्यटकों और आम लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और शेष लोगों को भी वहां से शीघ्र ही सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है और वह स्वयं स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की। इस अवसर पर विधायक भुवेनश्वर गौड़, उपायुक्त आशुतोष गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लाहौल-स्पिति तथा कुल्लू जिला के हवाई सर्वेक्षण के बाद आज मण्डी पहुंचे तथा भ्यूली स्थित ब्यास सदन एवं मण्डी गुरूद्धारा साहिब में स्थापित राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर उन्होंने शिविरों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों को २५-२५ हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मण्डी केे पंडोह में बाढ़ और बारिश से बड़े स्तर पर दुकानों और मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने इसके दृष्टिगत पंडोह में प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि जिला प्रशासन को राहत कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने के लिए थोड़ा समय आवश्य लगेगा। इस भीषण आपदा से प्रदेश में प्रथम दृष्टया लगभग ४ हजार करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने केन्द्र से भी वित्तीय सहायता के लिए आग्रह किया है। इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री आज भारी धुंध व मौसम खराब होने के कारण थुनाग क्षेत्र का दौरा नहीं कर पाए। उन्होंने थुनाग में बाढ़ पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा, एपीएमसी मण्डी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, जीवन ठाकुर, नरेश चौहान, लाल सिंह कौशल सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी, मण्डलायुक्त मण्डी राखिल काहलों, पुलिस अधीक्षक सौम्य साम्बसिबन, अतिरिक्त उपायुक्त निवेदिता नेगी, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी अश्वनी कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में अत्याधिक बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने राज्य पर विनाशकारी प्रभाव डाला है और कृषि विभाग के प्रारंभिक अनुमान में फसलों को 83 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य भर में हुई तबाही अभूतपूर्व है, इसलिए केंद्र को हिमाचल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर बचाव एवं राहत कार्यों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी करना चाहिए। आज आयोजित एक बैठक में चंद्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्रभावित कुल 28,495 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में से 6,978 हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन को लगभग 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मक्का, धान, रागी, बाजरा और खरीफ दलहन को लगभग 21,517 हेक्टेयर पर करीब 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, खेती की जमीन बह जाने और खेतों में आई गाद के कारण फसलों को लगभग 26 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुआ जोकि 23.38 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके बाद शिमला में 17.63 करोड़ रुपये, सिरमौर में 13.29 करोड़ रुपये, सोलन में 8.16 करोड़ रुपये, लाहौल स्पिति में 5.74 करोड़ रुपये, कुल्लू में 4.38 करोड़ रुपये, कांगड़ा में 3.99 करोड़ रुपये, ऊना में 2.99 करोड़ रुपये, चंबा में 1.53 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 1.01 करोड़ रुपये, किन्नौर में 59 लाख रुपये और हमीरपुर में 29 लाख रुपये का नुकसान हुआ। भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मृदा संरक्षण पर बल देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में मृदा संरक्षण की तकनीकों और तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले के शाहपुर निर्वाचन क्षेत्र में गज खड्ड के उचित तटीकरण और राजोल, अवाड़ी, अनसुई और डेग गांवों के निवासियों द्वारा मिट्टी संरक्षण को अपनाने के कारण हाल ही में हुई भारी बारिश से न्यूनतम नुकसान दर्ज किया गया हैै। चंद्र कुमार ने कहा कि कृषि और पशुधन के नुकसान के संबंध में उप निदेशकों को अंतिम रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है और शीघ्र ही इससे संबंधित बैठक की जाएगी। बैठक में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया, निदेशक कृषि डॉ. राजेश कौशिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कुल्लू, मण्डी तथा लाहौल स्पिति जिला में पिछले तीन दिनों में हुई भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिला के भुंतर, सैंज, कसोल तथा खीर गंगा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया। सैंज में बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने जान-माल के नुकसान पर संवेदनाएं व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने क्षेत्र के लिए एक करोड़ रुपये की त्वरित राहत राशि जारी करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में फंसे पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित निकलाने के लिए बचाव अभियान निरंतर जारी है और इसके लिए छह हैलीकाप्टर उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैंज क्षेत्र में बेहतर संपर्क सुविधा के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को मौके पर ही दो सैटेलाईट फोन भी उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से सम्पर्क व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है और प्रदेश सरकार इसे बहाल करने के लिए त्वरित एवं ठोस कदम उठा रही है। भुंतर हवाई अड्डे पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू जिला में शीघ्रातिशीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति बहाल होते ही पेजयल आपूर्ति योजनाओं को भी क्रियाशील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी मण्डी जिला में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और प्रदेश सरकार प्रभावितों को हरसंभव मद्द प्रदान करने की दिशा में सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को निकालने के लिए हवाई सेवाएं आरम्भ कर दी गई हैं और फंसे हुए शेष लोगों तक सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में हुए नुकसान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य केन्द्रीय नेताओं से चर्चा की है और सभी ने उन्हें आपदा की इस घड़ी में आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने इसके लिए सभी का आभार भी व्यक्त किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में प्रदेश में अभी तक 27 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि वृहद स्तर पर हुई इस तरह की आपदा से निपटने तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए समय की आवश्यकता रहती है। उन्होंने कहा कि चन्द्रताल में फंसे लोगों के बचाव के लिए पहली हैलीकाप्टर सेवा आज प्रात: शुरू की गई लेकिन खराब मौसम के कारण इसमें देरी हुई है। अभी तक सात लोगों को वहां से सुरक्षित भुंतर पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को वृद्ध एवं रोगियों को चन्द्रताल से बाहर निकालने में प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त भूस्खलन के कारण बाधित हुई सड़कों को बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और यातायात बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी चिन्हित किए जा रहे हैं। उन्होंने भुंतर में आपदा प्रभावितों से भी बातचीत की और आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुन्दर सिंह ठाकुर तथा कांग्रेस नेता खिमी राम और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रदेश में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचा को भारी नुकसान हुआ है। इन सभी विपरीत एवं कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वर्तमान सत्र के लिए हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी, निजी स्कूलों में मानसून अवकाश को पुनर्निर्धारित और समय से पहले/समायोजित करने का निर्णय लिया है। छुट्टियों के दिनों की कुल संख्या समान रखने के लिए हरसंभव सावधानी बरती गई है, ताकि शिक्षण दिवस यथावत रहे। सरकार के आदेशों के अनुसार स्कूलों में मानसून ब्रेक 10 जुलाई से शुरू हो गया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से कार्यालय आदेश जारी किए गए हैं। स्कूलों में अब यह रहेगा मानसून ब्रेक का शेड्यूल कुल्लू जिले के स्कूलों में अब मानसून अवकाश 10 जुलाई से 1 अगस्त तक 23 दिन का रहेगा। पहले यह 23 जुलाई से 14 अगस्त तक होना था। इसी तरह लाहौल-स्पीति जिले के स्कूलों में समर अवकाश 10 जुलाई से 20 अगस्त तक 42 दिन का रहेगा। पहले ये छुट्टियां 17 जुलाई से 20 अगस्त तक होनी थीं। जनजातीय क्षेत्र किन्नौर, पांगी व भरमौर में मानसून अवकाश 10 से 15 अगस्त तक छह दिन का रहेगा। मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक यह ब्रेक 22 से 27 अगस्त तक होना था। प्रदेश के अन्य शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में मानसून ब्रेक अब 10 से 15 जुलाई तक छह दिन का रहेगा। मौजूदा शेड्यूल के तहत मानसून ब्रेक 22 से 27 जुलाई तक होना था।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में सभी पर्यटक सुरक्षित हैं, सरकार सबका परिवार की तरह ख्याल रख रही है। उन्होंने मंगलवार को मंडी में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में यह बात कही। उन्होंने मीडिया के माध्यम से पर्यटकों के परिजनों को भरोसा देते हुए किसी प्रकार की चिंता न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम अतिथि देवो भव की नीति पर चलने वाले लोग हैं। प्रदेश में आया हर सैलानी हमारा मेहमान है। हम सभी का उसी प्रकार ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से रास्ते बंद होने के कारण पर्यटक अलग अलग जगहों पर होटल और रिसॉर्ट में रुके हैं । बिजली सप्लाई बाधित होने और मोबाइल नेटवर्क डाउन होने के कारण उनसे बात न हो पाने के कारण परिवार जनों का चिंतित होना स्वाभाविक है। पर सभी धैर्य रखें, रास्ते बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। रास्ते खुलते ही सभी को सुरक्षित उनके घरों को रवाना किया जाएगा। सभी होटल, रिसॉर्ट मालिकों को भी स्थिति सामान्य होने तक सहयोग को कहा गया है। 24 घंटे में बहाल कर ली जाएंगी पेयजल परियोजनाएं मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में अगले 24 घंटे में पेयजल की 4 हज़ार परियोजनाएं बहाल कर ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि बारिश और बाढ़ से प्रदेश में पानी की 5 हज़ार छोटी- बड़ी परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 4 हज़ार को अगले 24 घंटे में रिस्टोर कर लिया जाएगा। इसके लिए जल शक्ति विभाग के तमाम अधिकारी पूरी मशीनरी के साथ फील्ड में डटे हैं। मंडी में जल्द सुचारू होगी पेयजलापूर्ति उन्होंने कहा कि मंडी शहर में भी अगले 24 से 48 घन्टों के भीतर पेयजल आपूर्ति को पूरी तरह बहाल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण गाद भरने से मंडी शहर की दोनों बड़ी पेयजल परियोजनाएं फ़िलहाल बंद हैं। शहर में अन्य छोटी परियोजनाओं से पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को पेयजल योजनाओं के साथ साथ सीवरेज परियोजनाओं को भी यथाशीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बाढ़ पीड़ितों से मिले उप मुख्यमंत्री इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने मंडी में बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। वे मंडी के ब्यास सदन और गुरुद्वारे में बनाए राहत शिविरों में रह रहे लोगों से भी मिले और उनका दुख दर्द जाना। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को सरकारी की ओर से हर सम्भव सहायता का भरोसा दिलाया और प्रशासन को सभी हर तरह से ख्याल रखने के निर्देश दिए। बता दें, प्रशासन ने बाढ़ के खतरे के चलते 200 के करीब लोगों को राहत शिविर बना कर ठहराया है। उनके ठहरने, भोजन,पानी, दवाओं की पूरी व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से कुल्लू, मंडी व लाहौल में हुए नुकसान का मंगलवार को हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर से कुल्लू, मंडी, औट व भुंतर क्षेत्र में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लिया। चंद्रताल में फंसे 300 लोगों का आज सुबह 5:00 बजे से बचाव अभियान शुरू कर दिया था। पहली टीम मशीनरी के साथ लोसर से चंद्रताल के लिए रवाना हुई है, जबकि दूसरी टीम काजा से एडीसी राहुल जैन की अध्यक्षता में रवाना हुई है। करीब 40 लोगों का बचाव दल जिसमें पंगमो और लोसर गांव के युवा के अलावा स्पीति के अन्य गांव से युवा शामिल हैं। अब तक 10 से अधिक बुजुर्गों व छोटे बच्चों वाले परिवारों को भुंतर कुल्लू के लिए एयरलिफ्ट कर लिया गया है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद यह जानकारी दी।
बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज तड़के मंडी शहर, पंडोह और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान सीपीएस संजय अवस्थी, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया तथा डीसी अरिंदम चौधरी भी उनके साथ रहे। नेगी ने मंडी में हनुमान घाट तथा अन्य क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनसे बात की तथा उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
भारी बारिश से सड़कें बंद होने से प्रदेश भर में एचआरटीसी के 1007 रूट बंद हो गए हैं। वहीं, अलग-अलग क्षेत्रों में निगम की 452 बसें फंसी हुई हैं। इसके अलावा हिमाचल से बाहर भी कई बसें फंसी हुई हंै। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश में नाहन यूनिट की एक बस देहरादून पांवटा सड़क पर फंसी हुई है। वहीं एक बस सुंदरनगर यूनिट की सहारनपुर अंबाला के बीच फंस गई है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि मंडी का धर्मपुर डिपो सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वीडिया 2015 का है। उन्होंने बताया कि रामपुर-रिकांगपिओ बस रूट बंद है। इसके कारण रिकांगपिओ में स्थानीय बसों का संचालन बंद हो गया है। रामपुर से रोहड़ू के रूट भी भूस्खलन के कारण बंद है। शिमला शहर के अंदर एचआरटीसी बसों की आवाजाही जारी है, लेकिन शहर के साथ लगते कई क्षेत्रों में बसों की आवाजाही बंद है। नाहन में मुख्य सडक़े अलावा सभी लिंक रूट बंद है। इसी तरह सोलन में भी मुख्य सडक़ के अलावा लिंक रूट बंद है। चंबा में एचआरटीसी की सभी बस सेवाएं प्रभावित है। कुल्लू जिला के भी सभी रूट बंद है। धर्मशाला डिपो के लोकल रूट बंद है। हमीरपुर में मुख्य रूट बहाल हैं, लेकिन लिंक रूट बंद है।
हिमाचल में तीन दिन से जारी बारिश प्रदेश को गहरे जख्म दे रही है। अब तक करीब 15 लोगों को यह बेरहम बरसात लील गई है। बरसात के कारण कई जगह लोगों के घर और अन्य भवन जमींदोज हो गए हैं तो कहीं पानी अपने साथ लोगों के आशियाने बहाकर ले गया है। मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन, बादल फटने, घर ध्वस्त होने, पेड़ और बिजली गिरने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। 6 नेशनल हाईवे समेत 828 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। 4686 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। सबसे ज्यादा नुकसान कुल्लू और मंडी जिले में हुआ है। मनाली में चार लोग बहने से लापता हैं। वहीं, दो-तीन वोल्वो बसों के बहने की सूचना है। अखाड़ा बाजार में बैली ब्रिज को भारी नुकसान हुआ है। आवाजाही बंद कर दी गई है। मंडी में ब्यास नदी के उफान में 40 साल पुराना पुल बह गया है। जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रविवार देर रात तथा सोमवार सुबह को लगातार हो रही बारिश से यातायात प्रभावित है। वहीं कुछ स्थानों पर रिहायशी मकान तथा गोशालाएं गिर गई हैं। रौद्र रूप दिखा रही ब्यास बारिश से ब्यास नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी के तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। ब्यास किनारे कई घर व होटल बह गए हैं। वहीं पार्वती व तीर्थन नदी व अन्य नदी नालों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नदी किनारे बसें गांवों व घरों में पानी घुस गया है। लाहौल के तेलिंग नाला में तीन दिन से फंसे हैं 50 लोग जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बारिश ने तबाही मचा दी है। मनाली-लेह मार्ग के बीच आने वाले तेलिंग व पागलनाला में बाढ़ आने से सड़क मार्ग बंद है। यहां एचआरटीसी की चार बसों के साथ कुछ छोटे वाहन भी फंसे हैं। बसों में सवार करीब 50 लोग तीन दिनों से भूखे प्यासे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने कोई भी मदद नहीं की है। किन्नौर की भावा खड्ड में तीन मकान बहे किन्नौर जिले की भावा खड्ड में रविवार रात बाढ़ आने से तीन मकान बह गए हैं, जबकि दो मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। एक टिप्पर, एक पिकअप और एक कार बाढ़ मे बह गई है। कई सेब के बागीचों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं भावा खड्ड पर बने पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आने से बह गए हैं। जबकि कई मकान खतरे की जद में हैं। ऊना आने वाली सभी ट्रेनें रद्द ऊना आने वाली सभी ट्रेनें आज भी रद्द रहेंगी। बारिश की वजह से रेल सेवा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। वंदे भारत, जनशताब्दी, हिमाचल एक्सप्रेस सहित पेसेंजर ट्रेने भी नहीं चलेंगी। ऊना, अंब, अंदौरा व दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन भी खाली पड़ हैं। ऊना में कुल नौ ट्रेने अवगमन करतीं हैं। सीएम ने की राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। सीएम सुक्खू रात भर मंडी, कुल्लू, सोलन जिलों में हो रही तबाही की जानकारी लेते रहे। फंसे हुए लोगों को सकुशल निकालने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में फोरलेन निर्माण के दौरान मलबे के ढेर अब बर्दाश्त नहीं होंगे। एनएचएआई ने निर्माता कंपनी को सख्त निर्देश दिए हैं। चिन्हित जगह से बाहर कंपनियां मलबा फेंकती हैं, तो उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। एनएचएआई ने बरसात को देखते हुए यह कदम उठाए हैं। जगह-जगह मलबा फेंकने की वजह से सडक़ से निचले क्षेत्रों में बाढ़ आने के हालात बने हुए हैं। इन्हें देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि फोरलेन पर मलबे के ढेर अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रदेश में कालका-शिमला, शिमला-मटौर, कीरतपुर-मनाली, पठानकोट मंडी और पिंजौर-नालागढ़ समेत अन्य एनएच पर यह आदेश लागू रहेंगे। उन्होंने कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी भूमिका को बखूबी निभाएं। गौरतलब है कि केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दो दिन पहले ही इंडियन रोड कांग्रेस अधिवेशन में पेड़ों को बचाने के आदेश दिए थे। इसमें उन्होंने पेड़ काटने की जगह उन्हें उखाड़ कर दूसरी जगह स्थापित करने के निर्देश दिए थे। केंद्रीय मंत्री ने देश भर के इंजीनियरों को यह आदेश दिए थे कि वे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सडक़ों के निर्माण को विश्वस्तरीय पहचान दें। उन्होंने नए एनएच निर्माण के दौरान काटे गए पेड़ों के एवज में 68 हजार पेड़ लगाने की बात कही है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने तमाम निर्माता कंपनियों की एक अहम बैठक ली है। इस बैठक के दौरान उन्होंने एनएच के किनारे लगे ढेर को हटाने की बात कही। फोरलेन निर्माण के दौरान जो मलबा निकल रहा है उसे डंप करने के लिए जगह चिन्हित की गई हैं। इन जगहों के अलावा दूसरे स्थानों पर ढेर नहीं लगाए जा सकते हैं। कंपनी प्रबंधकों को इस बात का ख्याल रखना होगा।
प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश उच्च न्यायालय व जिला न्यायपालिका के सभी न्यायालय में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि अवकाश के स्थान पर भविष्य में किसी अन्य गैर कार्य दिवस को प्रदेश उच्च न्यायालय में कार्य दिवस घोषित किया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश इसे हिमाचल प्रदेश राज्य के बार एसोसिएशन के माध्यम से आम जनता, वादिकरियों और अधिवक्ताओं के ध्यान में लाएंगे। लगातार हो रही बारिश के कारण वकीलों, कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद ही ये आदेश जारी किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिन से बारिश का कहर जारी है। रविवार को प्रउेश में पांच लोगों की मौत हो गई। बारिश की वजह से शिमला में एक मकान गिर गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। कुल्लू में एक महिला और रामपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। कुल्लू जिले के बाहंग में एक दुकान ढह गई। कुल्लू में ब्यास के साथ पार्वती और तीर्थन नदी भी उफान पर हैं। इसके अलावा, मंडी शहर में ब्यास नदी उफान पर है। भूस्खलन की वजह से कई हाईवे बंद हैं। मौसम की मार से वंदे भारत, अम्बाला से ऊना आने वाली ट्रेन प्रभावित हैं। लाहौल में ताजा बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रामशिमला से मनाली मार्ग यातायात के लिए बंद है। सांगरी बैग से बायां तट होते हुए नग्गर मनाली तक भी यातायात के लिए बंद है। कुल्लू के ब्यासा मोड़ में कार फंस गई।
प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर नुकसान की खबर है। नदी नाले उफान पर है। पहाड़ों,चट्टानों और पेड़ों के गिरने का डर है। यह क्रम अभी दो दिन तक और जारी रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा जरूरी काम न हो तो घर से बाहर न जाएं। जनता की सुविधा के लिए प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करने और सतर्क रहने के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार हर वक्त आपके साथ खड़ी है। अपना ख्याल रखें और सावधान रहें।
हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के बीच मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 10 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। पूरे प्रदेश में 14 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने हिमाचल के लाहौल-स्पीति में अचानक बाढ़, हिमस्खलन की चेतावनी भी दी है। रेड अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों व पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। विभाग के अनुसार मौसम के संबंध में जारी की गई किसी भी यातायात सलाह का पालन करें। -इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिले के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ है। वहीं, शिमला, सोलन, सिरमौर व लाहौल-स्पीति के लिए येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। उधर, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से भी लोगों को एसएमएस के जरिये सचेत रहने की सलाह दी जा रही है।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करसोग में आयोजित किए जा रहे संयुक्त वार्षिक एनसीसी ट्रेनिंग कैंप में पांचवें दिन उपमंडल करसोग के सिविल जज राहुल वर्मा ने एचपी एनसीसी शिमला के कमान अधिकारी कर्नल डीआर गार्गी के निमंत्रण पर बतौर अतिथि व मुख्य वक्ता शिरकत की। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स से संवाद भी किया। कमान अधिकारी कर्नल डीआर गार्गी ने ट्रेनिंग कैंप में एनसीसी कैडेट्स को कानून का पाठ व प्रेरक संवाद के लिए सम्मानित किया। कभी खुद एनसीसी कैडेट रहे सिविल जज राहुल वर्मा ने एनसीसी कैडेट्स को सलाह दी कि अपने लक्ष्य पर बाज की तरह नजर रखो, जो भी चीज ध्यान भटकाएं, उनसे दूर रहो, फिर चाहे वो मोबाइल फोन हो या टीवी। संक्षिप्त भाषण में उन्होंने कहा कि एनसीसी बिल्कुल सही प्लेटफार्म है, यहां से आने वाले समय में आर्मी और एयरफोर्स को ऑफिसर्स मिलने चाहिए। आप मेहनत कीजिए, परिणाम की मत सोचिए, चुनौतियों को अवसर में बदलना सीखिए। राहुल वर्मा ने हर तरह के नशे से दूर रहने की सलाह दी। कहा, नशे से देश में बहुत सारी दिक्कतें हो रही हैं। राहुल वर्मा ने एनसीसी कैडेट्स को कानून और कानून नियमों की बारीकियों बारे बताया कि नागरिकों को देश के संविधान और कानून व्यवस्था का पालन करना चाहिए। उन्होंने भारतीय संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों बारे भी एनसीसी कैडेट्स को जागरूक किया।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इससे प्रदेश में 160 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने आगे दो दिन तक हाईअलर्ट जारी किया गया है। शिमला और सोलन जिले में धुंध के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर सकती है। मौसम विभाग की मानें तो ऊना, कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और हमीरपुर जिले में कुछ स्थानों पर भारी से भी भारी बारिश हो सकती है। इसलिए इन जिलों में मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग की मानें तो बारिश होने से मौसम में गिरावट आई है। अगले 2-3 दिन में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरवाट आएगी। प्रदेश का अधिकतम तापमान औसत से 2.4 डिग्री नीचे लुढ़क चुका है। शिमला का अधिकतम पारा 22.8 डिग्री, ऊना का 33.2 डिग्री, नाहन 26.7 डिग्री, सोलन 27.4 डिग्री, मनाली 22.8 डिग्री, कांगड़ा 31.3 डिग्री, बिलासपुर 32 डिग्री और हमीरपुर 32.4 डिग्री दर्ज किया गया।
पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का कहना है कि चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी के मुद्दे को वे अपना समर्थन देते हैं लेकिन सरकार को नहीं। आज सुबह सर्किट हाउस मंडी में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि चंडीगढ़ पर प्रदेश की 7.19 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनती है और इस विषय को उन्होंने भी सीएम रहते कई बार उठाया था। इस विषय का समाधान उचित मंच पर वार्ता करके ही निकाला जा सकता है, ना कि आंदोलन करके दावेदारी हासिल की जा सकती है। जहां तक प्रदेश हित के मुद्दों की बात होगी, उसमें पहले भी हमने अपना समर्थन दिया है और आगे भी देते रहेंगे। प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमराई जयराम ठाकुर ने कहा कि 7 महीनों में प्रदेश की कानून व्यवस्था बूरी तरह से चरमरा गई है। 7 महीनों में 45 हत्याएं और 150 के करीब बलात्कार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें चंबा जैसा निर्मम हत्याकांड भी शामिल है। आज खनन माफिया के हौंसले इतने बुलंद है कि दिन दिहाड़े गोलियां चलाई जा रही हैं। इस मामले पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। सरकार क्यों ऐसे लोगों को संरक्षण दे रही है। पूर्व में नेता विपक्ष रहते हुए मुकेश अग्निहोत्री आए दिन खनन को लेकर बयान देते थे, आज प्रदेश के क्या हालात हैं और वे चुप क्यों हैं। 7 महीनों में 7 लोगों को सरकार रोजगार नहीं दे पाई सरकार जयराम ठाकुर ने कहा कि 7 महीनों में 7 लोगों को सरकार रोजगार नहीं दे पाई और 10 हजार लोगों को बेरोजगार कर दिया है। आउटसोर्स पर लगे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। यदि सरकार आउटसोर्स पर नौकरियां नहीं देना चाहती तो स्थायी नौकरियां भी नहीं दे पा रही है। पांच लाख लोगों को रोजगार देने का वादा करके कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई थी और पहली कैबिनेट में हर साल 1 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, आज क्या हालात हैं, यह सभी के सामने है।
मंडी जिला के अतिरिक्त सत्र न्यायालय एवं विशेष न्यायालय सुंदरनगर ने 2.369 किलोग्राम चरस बरामदगी मामले में तीन दोषीयों को 12-12 साल का कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं न्यायालय ने जुर्माना अदा ना करने की सूरत में दोषियों को 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार अतिरिक्त सत्र न्यायालय एवं विशेष न्यायालय सुंदरनगर पंकज शर्मा के न्यायालय में विचाराधीन मामले में दोषी कुलदीप कौशिक पुत्र भगवान निवासी बसंत बिहार लाढीत रोड रोहतक हरियाणा, लतिल उर्फ शिव नाथ पुत्र देवानन्द गांव गॅसवाला तहसील सदर गोहाना जिला सोनीपत हरियाणा और प्रेम सिहं पुत्र हुकमी राम गांव फगवाणा तहसील सैंज जिला कुल्लु हिमाचल प्रदेश को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत 12-12 साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये की सजा सुनाई है। पंजाब रोडवेज की बस से बरामद हुई थी चरस उप जिला न्यायवादी सुंदरनगर विनय वर्मा ने कहा कि वर्ष 2019 में पुलिस थाना सुंदरनगर की टीम नेशनल हाईवे-21 चंडीगढ़-मनाली पर स्थित पुंघ में मौजूद थी। इसी दौरान सुंदरनगर की तरफ से पंजाब रोडवेज की बस नंबर पीबी-65-एडी-1201 की चेकिंग के दौरान दोषी कुलदीप कौशिक के पि_ू बैग से 2.369 किलोग्राम चरस बरामद की गई। इस पर पुलिस थाना सुंदरनगर ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत एफआईआर दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा मामले में तफतीश के दौरान पाया गया कि दोषी कुलदीप कौशिक और ललित ऊर्फ शिव नाथ को प्रेम सिंह ने यह चरस भुंतर के रोपा से खरीदी थी। इस बात की पुष्टि पुलिस द्वारा दोषियों की कॉल डिटेल तथा लोकेशन खगांलने के बाद हुई थी। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में 25 गवाहों के ब्यान दर्ज करने के बाद दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्पेशल जज सुंदरनगर के न्यायालय ने आरोपी कुलदीप कौशिक, ललित उर्फ शिव नाथ तथा प्रेम सिंह को 12 साल का कठोर कारावास तथा 50 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
वन रैंक वन पेंशन पार्ट-2 की विसंगतियों के कारण खफा देशभर के पूर्व सैनिक भूख हड़ताल पर है। मंडी जिला मुख्यालय पर स्थित सेरी चाणनी परिसर में भी सैकड़ों पूर्व सैनिक भूख हड़ताल में शामिल हुए। वहीं हर उपमंडल और पंचायत स्तर पर भी इन भूख हड़तालों का आयोजन किया गया। पूर्व सैनिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष कैप्टन हेत राम शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 1 लाख 26 हजार पूर्व सैनिक, 6 हजार वीर नारियां और 21 हजार विधवाओं को सैन्य पेंशन मिलती है। लोकसभा और राज्यसभा में संवैधानिक रूप से पारित वन रैंक वन पेंशन योजना को कोशियारी कमीशन की शर्तों के अनुसार असली प्रारूप में लागू नहीं किया गया। इसकी वजह से अन्य रैंक्स और विधवाओं को तो पहले से ही पेंशन कम मिल रही थी लेकिन अब इसके पार्ट-2 से पेंशन बढ़ने के बजाय कम हो गई है।
जिला मंडी के अंतर्गत करसोग में प्रेस क्लब की बैठक का आयोजन किया गया। यहां शुक्रवार को प्रेस क्लब अध्यक्ष मित्र देव मित्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सोशल मीडिया पत्रकारिता के फैलते जाल को लेकर चिंता जाहिर की गई। इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मित्र देव मित्रा ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडया के माध्यम से हो रही पत्रकारिता प्रिंट सहित अन्य मीडिया जगत के लिए एक चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पत्रकारिता भ्रामक खबरें प्रकाशित कर रहा है,जिससे मीडिया की विश्वसनीयता भी खतरे में पड़ गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पत्रकारिता से समाज को फायदा भी हुआ है, लेकिन बहुत बार तथ्यहीन जानकारी की वजह से समाज में भ्रामकता फैलाई जा रही है। जिससे पत्रकारिता की विश्वसनीयता खतरे में पड़ गई है। वहीं सोशल मीडिया पर पत्रकारिता की आड़ में विज्ञापन भी प्रकाशित किए जा रहे हैं, जिससे सरकार को टैक्स के रूप लाखों की चपत लग रही है।
* डॉ राजीव बिंदल की नई टीम से जल्द उठ सकता है पर्दा * जिला और ब्लॉक स्तर पर भी चरणबद्ध तरीके से बदलाव तय हिमाचल में लगातार चुनाव हार रही भाजपा अब प्रदेश संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी में है। डॉ राजीव बिंदल के तौर पर नए प्रदेश अध्यक्ष की तैनाती पहले ही हो चुकी है और अब संगठन की सर्जरी की तयारी है। बताया जा रहा है पूरी कार्यकारिणी बदलने की तैयारी है और नए प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने संभावित कार्यकारिणी की लिस्ट तैयार कर मंजूरी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेज भी दी है। नड्डा की सहमति मिलते ही कई बड़े चेहरों की छुट्टी हो सकती है और हाशिए पर चल रहे कई निष्ठावानों को तवज्जो मिलेगी। निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखया जायेगा। ऐसे कई पदाधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है जिनके क्षेत्र में बीते विधानसभा चुनाव में खुलकर बगावत हुई हैं और पार्टी का ग्राफ गिरा है। हालांकि मौजूदा कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है। माना जा रहा है कि ये बदलाव सिर्फ राज कार्यकारिणी तक सिमित नहीं रहेगा। पार्टी संगठन में टॉप टू बॉटम बदलाव कर सकती है। राज्य कार्यकारिणी में आवश्यक बदलाव के बाद जिला और ब्लाक कि कार्यकारिणी में भी बदलाव होगा। अन्य मोर्चों में भी जरूरी बदलाव की तैयारी है। वहीँ विधानसभा चुनाव में बगावत का बिगुल फूंकने वाले नेताओं कि घरवापसी को लेकर अभी संभवतः पार्टी कोई निर्णय न ले लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इस पर भी विचार हो सकता है। दुनिया के सबसे बड़े राजनैतिक दल, यानी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा का डंका आज पुरे सियासी जगत में बजता है। पर उनके अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में नड्डा की चमक लगातार फीकी पड़ी है। अपने ही राज्य में नड्डा अपनी पार्टी को हारते हुए देख रहे है, निश्चित तौर पर ये बात उन्हें खलती तो होगी। जाहिर है नड्डा सियासत के माहिर खिलाड़ी है और अब कोई चांस लेने के मूड में नहीं होंगे। लाजमी है 2024 के लिए नड्डा अब नरम नहीं बल्कि गरम रुख अपनाये। ऐसे में संगठन में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। क्या नए चेहरों पर दांव खेलगी भाजपा ? 2024 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा एक्शन मोड में है। 2014 और 2019 में भाजपा ने प्रदेश में क्लीन स्वीप किया है और अब पार्टी इस प्रदर्शन को दोहराना चाहती है। मंडी लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद पार्टी के तीन सांसद है और माहिर मान रहे है कि पार्टी सीटिंग सांसदों के टिकट काटने या बदलने से भी गुरेज नहीं करेगी। ग्राउंड फीडबैक के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जायेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के अलावा अन्य डॉ सांसदों को टिकट मिलेगा या नहीं, ये कहना मुश्किल है। अनुराग की सीट बदलने को लेकर भी अटकलें तेज है। वहीँ मंडी से पार्टी उम्मीदवार के तौर पर जयराम ठाकुर और अनिल शर्मा के नाम चर्चा में है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज मंडी जिला के अंतर्गत निर्माणाधीन कीरतपुर-मनाली फोरलेन सड़क मार्ग के पंडोह से टकोली खंड के कार्य की प्रगति की समीक्षा की। फोरलेन का यह कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने जाउगी में स्थापित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने राज्यपाल को विभिन्न सुविधाओं और अन्य नियंत्रण प्रणाली से अवगत करवाया। राज्यपाल ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अटल टनल का निर्माण राज्य के विकास में एक अनूठी पहल है और अब इस फोरलेन परियोजना से भी राज्य के पर्यटन विकास सहित अन्य क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा इस परियोजना के पूरा होने के बाद सड़क मार्ग की दूरी कम होने के साथ-साथ राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने इस विकास परियोजना को स्वीकृत करने तथा राज्य के लिए क्रियान्वित करने के लिए केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा कि कीरतपुर से मनाली तक की यह फोरलेन परियोजना प्रधानमंत्री का 'ड्रीम प्रोजेक्टÓ शीघ्र पूरा होने वाला है और इससे हिमाचल में विकास को और गति मिलेगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज मंडी में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में छह बच्चों को जिला रेडक्रॉस के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की। ये बच्चे कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान अनाथ हो गए थे। उन्होंने रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों को स्वास्थ्य किट और दिव्यांग व्यक्तियों को व्हील चेयर भी प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल ने एक एंबुलेंस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लाभार्थियों और रेडक्रॉस स्वयं सेवकों के साथ बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में यह अग्रणी संस्था है। विभिन्न परिस्थितियों और आपातकालीन समय में लोगों को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने में इस रेडक्रॉस का सराहनीय योगदान है। उन्होंने रेडक्रॉस के माध्यम से रक्तदान शिविरों के आयोजन, स्वास्थ्य शिविरों तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी रेडक्रॉस स्वयं सेवकों ने बहुमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों का जिला रेडक्रॉस सोसायटी से जुड़ने का आह्वान किया ताकि इसकी गतिविधियों को और अधिक विस्तारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों को भी इससे जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कोविड-19 के कारण अनाथ हुए सरकाघाट के कुशल कुमार और विशाल तथा जोगिंदरनगर के अंश दीप को 51-51 हजार रुपये और करसोग की कुमारी ममता देवी और जोगिंदरनगर की परी रानी और सोफिया को 75-75 हजार रुपये के चेक प्रदान किए। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव ओपी भाटिया ने राज्यपाल का स्वागत किया और जिले में कार्यान्वित की जा रही सोसाइटी की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल, विधायक अनिल शर्मा और पूर्ण चंद, उपायुक्त अरिंदम चौधरी, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इससे पहले राज्यपाल ने परिधि गृह मंडी के परिसर में देवदार तथा लेडी गवर्नर ने आंवले का पौधा रोपित किया।
मंडी जिले के पनारसा में एक तेज रफ्तार कार ने पंजाब के पर्यटकों को टक्कर मार दी, जिसमें से दो की मौत हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों के शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया है। मृतकों की पहचान रविंद्र कुमार पुत्र कर्मचंद निवासी कंगनपुर रोड भारतनगर सिरसा के और सतविंद्र पुत्र अवतार सिंह निवासी गांव गिल जिला लुधियाना के रूप में हुई है। बलविंदर कुमार पुत्र जसपाल निवासी गुरु गोविंद सिंह नगर जिला लुधियाना पंजाब ने पुलिस को जानकारी दी कि वह अपनी गाड़ी में 21 जून को लुधियाना से कुल्लू मनाली घूमने के लिए आए थे। इस दौरान उनके साथ उनके रिश्तेदार व दोस्त भी थे। उसने कहा कि 25 जून को हम सभी वापस लुधियाना जा रहे थे कि उस शाम के समय पनारसा में पंजाबी ढाबा के पास चाय पीने के लिए रुक गए। हरविंदर सिंह, सतविंदर सिंह और रविंद्र सिंह होटल की पार्किंग में खड़े थे। इस दौरान एक तेज रफ्तार कार आई और इन सभी को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में सतविंदर सिंह व रविंद्र कुमार की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि यह हादसा कार चालक की लापरवाही से हुआ है। एएसपी सागर चंद्र ने मामले की पुष्टि की है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली बारिश आफत बना कर बरसी है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ आने से काफी नुक्सान हुआ है। कुल्लू-मंडी-रामपुर में बाढ़ से कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हमीरपुर में सुजानपुर के खैरी में रविवार को बादल फटने से पांच घरों में मलबा घुस गया। कांगड़ा के नगरोटा बगवां के उपरली मझेटली में बिजली गिरने से मां और डेढ़ साल का बच्चा झुलस गया। मंडी के सराज की तुंगधार और कुल्लू की मौहल खड्ड में बाढ़ से एक दर्जन वाहन बह गए और कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मंडी के शिकारी देवी में शनिवार रात 200 लोग फंस गए, जिन्हें छह घंटे बाद निकाला गया। प्रदेशभर में 85 सड़कें बंद हो गईं हैं। 55 बिजली के ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है। उधर, कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर जगह-जगह पहाड़ियों से पत्थर, मलबा और पेड़ गिरने से दूसरे दिन भी सभी ट्रेनें रद्द हो गईं। नाहन-कुमारहट्टी और पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे भी कुछ समय के लिए बंद रहा। शिलाई के गंगटोली में खड़ी गाड़ी पर पत्थर गिरे। सतौन और पुरुवाला में खड्ड का पानी दुकानों में घुस गया। जलस्तर बढ़ने से गिरि नदी पर बने जटोन डैम का एक गेट खोलना पड़ा। प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को ऑरेंज और मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
**पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला लिंगड़ स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक ख़ूबसूरती के साथ प्राकृतिक रूप से उगने वाली जड़ी-बूटियाँ और सब्ज़ियां भी भरपूर मात्रा में पाई जाती हैं। उन्हीं में से एक है लिंगड़ ( लिंगडु ,लिंगडी)की यह सब्ज़ी,यह उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के हिमालयी राज्यों में पाई जाती है। लिंगड़ का सब्ज़ी के अलावा आचार भी बनाया जाता है। अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नाम से जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू और मंडी में इसे लिगुंड , कांगड़ा घाटी में इसे कांगड़ी बोली में लुंगडू कहा जाता है, चंबा में इसे कसरोद के नाम से जाना जाता है। दार्जिलिंग और सिक्किम में नियूरो कहा जाता है। त्रिपुरा में मुइखोनचोक और उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में इसे लिंब्रा कहते हैं। इसका वानस्पतिक नाम फिडेलहेड फर्न है। लिंगड़ न केवल स्वाद में अच्छा है बल्कि यह स्वस्थ के लिए भी लाभप्रद होता है। लिंगड को सब प्रकार के विटामिन्स,मिनरल्स और माइक्रोन्यूट्रियंट्स का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। आजकल के दिनों में यह प्राय जंगलों में देखने को मिलता है और लोग इसे आचार के उपयोग के लिए प्रयोग कर रहे हैं और बाजारों में भी आजकल लिंगुड उपलब्ध है। सब्जी बनाने की विधि सही लिंगुड़े का चुनाव कर इस पर लगे रोंये को बारीकी से साफ कर पानी में अच्छी तरह से धो लें। धोने के पश्चात लिंगोड़ों को काटने के बजाय हाथ से तोड़ तोड़कर टुकड़े करें। तोड़ते समय जो रेसे निकले उन्हें सभी निकाल दें। यानि इन्हें सब्जी में न डालें। सब्जी बनाने के लिए मुलायम डंठलों और घुमावदार हिस्से को ही उपयोग में लाएं साथ ही कुछ मात्रा में मुलायम पत्तियां भी अवश्य मिलाएं। सब्जी बनाने के लिए एक लोहे का कढ़ाई ले और सरसों का तेल आवश्यक मात्रा में डालें। तेल गर्म होने पर सरसों के बीजों का डाल दें। उसके बाद तोड़े हुए लिगुडे डाल कर तब तक घुमाते रहें जब तक कि तेल सभी तोड़े हुए लिगुड़ों में अच्छी तरह से मिल जाये। एक-दो मिनट तक धीमी आंच पर कढ़ाई पर चलाते हुए पकाएँ। कुछ समय के लिए ठक्कन रख कर पकने के लिए छोड़ दें। फिर सिलबट्टे में पिसे हुए मसालों को गाढ़ा कर सब्जी में अच्छी तरह मिला लें और कुछ देर डककर पकने को छोड़ दें। समय-समय पर चलाते रहें। यदि मसाले जल रहे हो हो हल्के पानी के छोटे मार लें क्योंकि लिंगुड़े की सब्जी में पानी डालने की आवश्यकता नहीं होती है। सब्जी पकने पर सुगंध आने लगती है। सुगंध आने लगे तो आग बुझा दें और सब्जी को ढककर ही रखें। 5 मिनट के बाद आप स्वादिष्ट लिगुडे की सब्जी का आनंद ले सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के जाने-माने प्रतिष्ठित सुरों के सरताज हनी नेगी और डोनी चौहान सोमवार को जब पांगणा विद्यालय पहुंचे तो बच्चे, अध्यापक और सभी स्टाफ सदस्य स्टार कलाकारों को अपने बीच पाकर आश्चर्यचकित रह गए। हिमाचली लोक संस्कृति को अपनी नाटियों और गीतों से देश - विदेश में प्रसिद्धि और अलग पहचान देने वाले हनी और डोनी दोनों ने स्कूली बच्चों को हिमाचली संगीत, नाटियों और संगीत के क्षेत्र से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को संगीत के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करते हुए बताया कि सफलता किसी की मोहताज नहीं होती। अगर प्रतिभा को सही मंच और स्थान मिले तो छोटी जगह और गांव से भी बड़े कलाकार उभर सकते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार और राजनीतिक शास्त्र प्रवक्ता ललित ठाकुर सहीत सभी स्टाफ सदस्यों ने उनका विद्यालय में अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि स्टार कलाकारों जिनको बच्चे यू-ट्यूब और सोशल मीडिया साइट पर देखते हैं, उनका विद्यालय में आना प्रोत्साहित और सकारात्मकता प्रदान करता है। जिस से प्रभावित होकर बच्चे भी संगीत के क्षेत्र में नया सीख कर आगे बढ़ सकते हैं।
पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर न कहा कि चंबा में युवक की हत्या मामले पर कांग्रेस सरकार खुद राजनीति कर रही है जबकि जिम्मेदार विपक्ष के नाते वे नैतिक जिम्मेदारी का पालन कर रहे हैं। पंडोह में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि युवक की हत्या के बाद अभी तक सरकार का कोई भी नुमाईंदा दिवंग्त के परिवार से मिलने उसके घर नहीं पहुंचा। जब विपक्ष वहां जाने लगा तो रास्ते में रोक दिया गया। इससे यही प्रतीत हो रहा है कि उल्टा कांग्रेस की इस मामले पर राजनीति कर रही है। कांग्रेस इस प्रकरण के माध्यम से एक वर्ग विशेष को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। हिमाचल में पहली बार हेडलेस हुआ पुलिस विभाग जयराम ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार पुलिस विभाग हेडलेस हो गया है। पुलिस को मुखिया लंबी छुट्टी चला गया है और सरकार के पास इस दायित्व को किसी दूसरे अधिकारी को सौंपने का समय ही नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ बहुत से अधिकारी इस पद पर बैठने की ताक में नजर आ रहे हैं। इससे पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति कभी उत्पन्न नहीं हुई। जयराम ठाकुर ने शिमला में सिरमौर और शिमला के टैक्सी चालकों के विवाद पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे प्रदेश के लोगों का है। यहां के लोगों को पूरे प्रदेश और देश में काम करने का अधिकार है। लेकिन कुछ मंत्री गलत बयानबाजी करके माहौल को गर्माने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे लोगों में विरोधाभास उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने सीएम को नसीहत दी कि वे अपने मंत्रियों को ऐसी बयानबाजी से रोकें।
पंजाब के सीएम भगवंत मान द्वारा बीबीएमबी के पानी पर हिमाचल को एनओसी न लेने की शर्त में केंद्र सरकार द्वारा दी गई छूट के मामले पर प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रतिक्रिया दी है। मंडी में मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल के पानी पर हिमाचल का हक है। इसपर हम बात करने के लिए भी तैयार हैं और अगर लड़ाई लड़नी पड़ी तो उसके लिए भी तैयार हैं। पंजाब पुर्नगठन के तहत हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनती है जिसके हजारों करोड़ रूपए अभी तक लेने को बकाया हैं। इन सभी विषयों पर राज्य सरकार बात करने को भी तैयार है और लड़ाई लड़ने के लिए भी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वाटर सेस लगाना भी राज्य सरकार का विशेषाधिकार है। इस विषय पर राज्य सरकार बिलकुल भी पीछे हटने वाली नहीं है। केंद्र सरकार की तरफ से जिस तरह से अडंगा अडाया जा रहा है वो उचित नहीं है। केंद्र सरकार ने कह दिया है कि कोर्ट में जाकर लड़ाई लड़ो तो उसके लिए भी राज्य सरकार तैयार है। इसमें यदि सरकार चाहे तो वार्तालाप किया जा सकता है लेकिन हकों को लेने में प्रदेश पीछे नहीं हटेगा। इससे पहले उन्होंने मंडी में एडीबी और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके एशियन डेलेल्पमेंट के आगामी प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एडीबी के माध्यम से 1062 करोड़ की ग्रामीण पेयजल सुधार एवं आजीविका परियोजना प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई है। इससे 10 जिलों की 3.96 लाख जनसंख्या लाभांवित होगी। इस प्रोजेक्ट को 2024 की पहली तिमाही में शुरू कर दिया जाएगा और 2028 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
उपमंडल करसोग की ग्राम पंचायत बेलरधार के सालानानाला में घास काटने गई 35 वर्षीय महिला की ढांक से गिरने के कारण मौत ही गई। महिला लगभग 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। महिला के गिरने की सूचना साथ में घास काटने गई एक लड़की ने दी। आसपास के स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर महिला को गंभीर हालत में उपचार के लिए करसोग अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। माहिला की पहचान सत्या देवी पत्नी भास्कर राम उम्र लगभग 35 वर्ष गांव धार परिणी बेलरधार के रूप में हुई है। वहीं, डीएसपी करसोग गीतांजली ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
करसोग के युवा विधायक दीप राज इन दिनों करसोग विधानसभा क्षेत्र की हर पंचायत में जाकर जनता का आभार व्यक्त कर रहे हैं इसी कड़ी में बेलरधार में आभार कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनता की मांगों प्रमुखता से पूरा करते हुए लाखों रुपये की सौगातें दीं। विधायक अपनी मासिक तनख्वाह को भी जनता के कार्य में लगा रहे हैं। दीप राज ने इससे पूर्व नाविधार में मंदिर जीर्णोद्धार के लिए अपनी एक माह की पूरी सैलरी दे दी, वहीं कुठेड़ ग्राम पंचायत में भी अपनी एक माह की सैलरी मंदिर के लिए दान कर दी, जिससे विधायक लोगों में बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। ग्राम पंचायत बेलरधार में जनता, युवक मंडल व महिला मंडलों ने विधायक का भव्य स्वागत किया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। विधायक ने देव धड्यास सलाना मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 4 लाख, उच्च पाठशाला बेलर के खेलमेदान के लिए एक लाख, 6 महिला मंडलों को बीस -बीस हजार सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को 21 हजार व साथ में 14 वर्दियां भी प्रदान की, जबकि युवा शक्ति युवक मंडल बेलर के लिए 21 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की साथ जिला परिषद द्वारा प्राथमिक पाठशाला बेलर के लिए वाटर कूलर लगाने की घोषणा की।
देश में कई मौके ऐसे आएं है जब सरकारों ने अपने पक्ष में माहौल देखकर समय से पहले चुनाव करवा दिए। क्या आगामी लोकसभा चुनाव भी अपने तय वक्त से पहले हो सकते हैं, ये सवाल इन दिनों सियासी गलियारों में खूब गूंज रहा है। दरअसल, इसी साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। क्या मोदी सरकार इन्हीं के साथ लोकसभा चुनाव करवाने पर विचार कर रही है? क्या सरकार का नौ साल की उपलब्धियों के प्रचार में ताकत झोंकना इसका संकेत है? ये अहम सवाल है। 'सेवा सुशासन और गरीब कल्याण' के नारे के साथ भाजपा आक्रामक तरीके से मैदान में उतर चुकी है, मानो चुनाव की घोषणा हो चुकी हो। संभवतः सरकार और पार्टी के शीर्ष स्तर पर लोकसभा चुनावों को लेकर गंभीर मंथन हो रहा है। बीते 6 महीनो में हिमाचल प्रदेश और कर्णाटक में सत्ता से बेदखल हुई भाजपा निश्चित तौर पर आत्ममंथन जरूर कर रही होगी। हालांकि पूर्वोत्तर के नतीजों ने भाजपा को कुछ उत्साहित जरूर किया है। पर पार्टी को इस बात का भी इल्म है कि बीते कुछ समय में कांग्रेस पहले से ज्यादा नियोजित दिख रही है और एंटी इंकम्बैंसी को पूरी तरह खारिज करना भी गलत होगा। ये कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा कुछ असहज है। ऐसे में भाजपा के रणनीतिकारों को सोचने की जरुरत है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव इसी साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ कराने का विचार हो रहा है। इसके पीछे एक तर्क ये हो सकता हैं कि विपक्ष अपनी तैयारी अगले साल मार्च-अप्रैल के हिसाब से कर रहा है और उसे समय नहीं मिलेगा। एक तर्क ये भी हैं कि अगर विधानसभा चुनावों में भाजपा को अनुकूल नतीजे नहीं मिले तो कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा, बल्कि अगर दोनों चुनाव साथ हो जाते हैं, तो पीएम मोदी की लोकप्रियता का लाभ राज्यों के चुनावों में भी होगा। मुद्दे भांप रही हैं भाजपा ! कांग्रेस और भाजपा, दोनों तरफ सियासी पैंतरेबाजी तेज हो चुकी है। अगला लोकसभा चुनाव अमीर बनाम गरीब, हिंदुत्व बनाम सामाजिक न्याय और बेतहाशा बढ़ी अमीरी के मुकाबले गरीबी रेखा के नीचे की आबादी में बढ़ोत्तरी जैसे मुद्दों के बीच देखने को मिल सकता हैं। जातीय जनगणना भी बड़ा मुद्दा बन सकती हैं। शायद भाजपा इसे समझ रही हैं और ऐसे में जल्द चुनाव से इंकार नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का फीडबैक भी कारण ! मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से मिलने वाले फीड बैक भाजपा के लिए अच्छा नहीं बताया जा रहा है। राजस्थान में जरूर पार्टी अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट के झगड़े में लाभ तलश रही हैं लेकिन वसुंधरा राजे अगर नहीं साधी गई, तो मुश्किलें शायद भाजपा के लिए अधिक हो। उधर गहलोत सरकार की लोकलुभावन योजनाओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता। इसी तरह बिहार, प. बंगाल और महाराष्ट्र में पिछले लोकसभा चुनावों के प्रदर्शन को न दोहरा पाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
मंडी जिले के धर्मपुर के मंडप में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने से जेसीबी मशीन गयूण खड्ड में बह गई। वहीं पुल के पिल्लर को लगी करीब 200 लोहे की प्लेटें मलबे में दब गईं। गयूण-द्रमण सड़क पर पुल का कार्य चला हुआ था। घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया है। वहीं चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बनाला के पास भूस्खलन होने से बंद हो गया है।
मंडी की सांसद और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने डेढ़ साल के कार्यकाल में सांसद निधि से पांच करोड़ 31 लाख 65 हजार की राशि स्वीकृत की है। खास बात यह है कि नेताप्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र में भी 35 लाख 30 हजार रुपए के विकास कार्य सांसद निधि से पूरे किए गए हैं, जबकि सबसे अधिक धनराशि रामपुर विधानसभा क्षेत्र में खर्च हुई है। रामपुर में प्रतिभा सिंह ने 56 लाख 50 हजार रुपए अलग-अलग विकासात्मक गतिविधियों को पूरा करने के लिए सांसद निधि से दिए हैं। मंडी के सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो मनाली को 43.20 लाख, आनी को 35 लाख, लाहुल-स्पीति को 35.70 लाख, भरमौर को 39.50 लाख, जोगिंदरनगर को 27 लाख, कुल्लू को 42 लाख, किन्नौर को 16.95 लाख, मंडी सदर को 32.50 लाख, सरकाघाट को 15 लाख, द्रंग को 35 लाख, सराज को 35.30 लाख, बल्ह को 35 लाख, सुंदरनगर को 12 लाख, नाचन को 31.50 लाख, करसोग 38.85 लाख, बंजार को 12.15 लाख और रामपुर को 56.50 लाख रुपए की विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। प्रतिभा सिंह ने हाल ही में लाहुल-स्पीति में 10 बड़ी योजनाओं को 22 लाख 50 हजार रुपए जारी किए हैं। यह धनराशि सांसद निधि से जारी की गई है। प्रतिभा सिंह के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने बताया कि सांसद प्रतिभा सिंह ने इस संदर्भ में मंडी संसदीय क्षेत्र के उपायुक्त, जो इस संसदीय क्षेत्र के नोडल अधिकारी भी हैं, को इस राशि का स्वीकृति पत्र भेज दिया है। इन विकास योजनाओं के तहत केलांग खंड के तोजिंग ग्राम पंचायत में सिंचाई योजना, खंगसर टिनान में साइफन सिंचाई योजना, कारिंग गांव की सिंचाई योजना को तीन-तीन लाख स्वीकृत किए हैं।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर स्थित शानन प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन को लेकर इसके कायाकल्प के लिए 200 करोड़ का बजट पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड ने जारी किया है। 2024 की लीज अवधि समाप्त होने से पहले परियोजना की 2026 की प्रस्तावित योजनाओं के लिए इस बजट को स्वीकृति मिली है। परियोजना प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार पावर हाउस के संपूर्ण जीर्णोद्धार के साथ आधुनिक मशीनरी भी स्थापित होगी। इससे विद्युत उत्पादन बढ़ेगा और पंजाब राज्य की आमदनी भी बढ़ेगी। बुधवार को 110 मेगावाट शानन प्रोजेक्ट के रेजीडेंट इंजीनियर सतीश कुमार ने बताया कि पावर हाउस के स्विचयार्ड और ट्रांसफार्मर के नवीनीकरण के लिए भी करोड़ों का बजट खर्च किया गया है। 2024 से 2026 की प्रस्तावित योेजनाओं के लिए दो सौ करोड़ के बजट खर्च करने की स्वीकृति परियोजना के उच्चाधिकारियों से मिली है।
देश का सम्मान बढ़ाने वाली महिला रेस्लर के साथ हुए यौन उत्पीड़न तथा प्रताड़ना के खिलाफ हिमाचल किसान सभा की जोगिंदर नगर कमेटी द्वारा कई स्थानों पर प्रदर्शन कर आरोपी सांसद बृजभषण के पुतले जलाये गए। अलग-अलग स्थानों पर हुए प्रदर्शनों का नेतृत्व हिमाचल किसान सभा की ब्लॉक कमेटी के अध्यक्ष एवं टिकरी मुशैहरा पंचायत के प्रधान रविंदर कुमार, चौंतड़ा जोन कमेटी की अध्यक्ष एवं बीडीसी सदस्य नीलम वर्मा, मकरीड़ी जोन कमेटी सदस्यों एवं वार्ड सदस्य संतोष कुमारी व जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने किया। जोगिंदर नगर के 16 स्थानों पर ये प्रदर्शन किए गए। किसान नेताओं ने कहा कि देश के लिए कई मेडल जीतने वाली महिला पहलवानों ने शिकायत करते हुए साफ कहा कि भारतीय रेस्लिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण ने उनका यौन उत्पीड़न किया है, लेकिन बड़े शर्म की बात है कि देश की सम्मान व गौरव बढ़ाने वाली इन बेटियों की एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई। बाद नें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही दिल्ली सरकार ने एफआईआर दर्ज की। किसान सभा ने मांग की है कि आरोपी भाजपा सांसद बृजभूषण को तुरंत गिरफ्तार किया जाए तथा महिला रेस्लरों को न्याय दिलाया जाए।
जोगिंदर नगर के विधायक प्रकाश राणा ने रविवार सैंथल में निर्जला एकादशी पर आयोजित मेले का समापन किया। विधायक प्रकाश राणा का सैंथल में पहुंचने पर मेला कमेटी और जनता द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं और हमें इन्हें सहेज कर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेले जब आते हैं तो हम एक दूसरे से खुशी से मिलते हैं और इनका साथ मिलकर आनंद लेते हैं। उन्होंने कहा कि वे समस्त मेला समिति का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्हें इस मेले में बतौर मुख्य अतिथि समापन कार्यक्रम में बुलाया। विधायक ने मेला कमेटी को 31000 रुपये एवं मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने व खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी 40 महिला मंडलों और राजकीय प्राथमिक एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सैंथल को विधायक प्रकाश राणा ने पांच 5000 रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने महिला मंडल द्वारा पेश किए गए संस्कृत कार्यक्रमों की प्रशंसा की। उन्होंने मेले में गायत्री परिवार द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया। साथ ही मेले के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता टीमों को मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा मंडल जोगिंदर नगर महामंत्री अजय सकलानी सहित अनेकों भाजपा कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रदेश में आठवीं कक्षा के लिए हुई नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप (एनएमएमएस) परीक्षा का परिणाम एससीईआरटी ने घोषित कर दिया है। इसमें राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगना के चार बच्चे भी चयनित हुए हैं, जिनमें 9वीं कक्षा की उर्वशी, मोहन सिंह, मोहन लाल और हर्षा शामिल हैं। परीक्षा में विषयों की पढाई के अलावा सामान्य दक्षता, मानसिक दक्षता पैटर्न धारणा, संख्यात्मक श्रृंखला आदि प्रश्न आते हैं। इसके लिए बच्चों ने कड़ी मेहनत कर परीक्षा को पास किया है। बच्चों को माध्यमिक शिक्षा में प्रोत्साहन के लिए उन्हें आर्थिक सहायता के रूप में 10+2 तक की पढ़ाई के लिए सालाना 12000 रुपए की स्कॉलरशिप दी जाती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार , स्कॉलरशिप इंस्टिट्यूटनल नोडल ऑफिसर प्रवक्ता इंग्लिश उत्तम चंद शर्मा, स्कॉलरशिप इंचार्ज टीजीट आर्ट्स विद्याधर, स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष नारायण सिंह सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने विद्यार्थियों को शाबाशी, शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।
एक समय ऐसा भी था, जब सड़कों पर इन वाहनों की भीड़भाड़ नहीं, बल्कि दो पहिया साइकिल ही लोगों की शान की सवारी हुआ करती थी। लेकिन समय की इस दौड़ और चकाचौंध में कब यह साइकिल का हैंडल ओर पैडल लग्ज़री और एसी कंफर्ट गाड़ियों के बीच कहीं पीछे छूट गए पता ही नहीं चला। अब अगर साइकिल कहीं सड़कों पर देखने के लिए मिलती है तो वो उन्हीं लोगों के पास जो अपनी फिटनेस के लिए साइक्लिंग करना पसंद कर करते हैं, लेकिन अगर हमें इस भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को फिट रखना हैं और दूषित होते पर्यावरण को भी बचाना हैं तो आवश्यकता है कि एक बार फिर से हम साइकिल को अपनी रोज की सवारी में जरूर शामिल करें, जिस तरह से हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के जसप्रीत पॉल ने किया है। जसप्रीत पॉल का सितंबर 2020 से शुरू हुआ साइक्लिंग का यह सफर 2 मई 2023 तक 15,585 किलोमीटर तक पहुंच चुका है और इसमें उन्होंने साइक्लिंग के माध्यम से 3,40,540 मीटर एलिवेशन गेन किया हैं, जो कि इतने कम समय में प्रदेश में अबतक का सबसे अधिक एलिवेशन हैं। जसप्रीत ने भले ही कोरोना काल में लगे लॉक डाउन में अपनी फिटनेस के लिए साइक्लिंग करना शुरू किया लेकिन अब उनकी साइकिल उनकी लाइफ का एक अहम हिस्सा बन गई हैं और उनका उद्देश्य भी की वह प्रदेश के युवाओं को साइक्लिंग से होने वाले फायदों के बारे में जागरूक कर सके साथ ही प्रदेश सरकार के ग्रीन स्टेट मिशन में भी साइक्लिंग की कितनी अहम भूमिका को सकती है इसे लेकर जागरूकता ला सकें। साइक्लिंग में आए दिन नए रिकॉर्ड बनाने वाले मंडी के साइकिलिस्ट जसप्रीत पॉल ने एक नई पहल की शुरुवात की हैं। जसप्रीत अपनी साइकिल पर ही हिमाचल सहित मंडी के दूर-दराज के गांव-गांव जा कर वहां बच्चों ओर युवाओं को फिटनेस, खेलों ओर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक कर रहे हैं। जसप्रीत हर रविवार को अपनी साइकिल पर प्रदेश के अलग- अलग जगहों को एक्स्प्लोर करने के लिए राइड पर निकलते हैं। इस दौरान जहां वह साइकिल से ही 100 से 150 किलोमीटर का सफर तय करते हैं तो वहीं अपने लक्ष्य पर पहुंचकर वहां के बच्चों और युवाओं को भी अब सरकार की फिट इंडिया मूवमेंट के बारे में जागरूक करने के साथ ही उन्हें पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक करने का काम कर रहे हैं। वहीं, रोजना वह 20 से 25 किलोमीटर तक कि राइड अपनी फिटनेस के लिए साइकिल से पूरा करते हैं। जसप्रीत पॉल ने बताया कि खुद को फिट रखने के उद्देश्य से उन्होंने साइक्लिंग करना शुरू किया था लेकिन अब यह उनका जनून बन गया हैं। साइकिल के माध्यम से नई-नई जगहों को घूमना और अपने फोटोग्राफी के प्रोफेशन से उन जगहों को अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर हाईलाइट कर हिमाचल के पर्यटन को बढ़ावा देना उनका मुख्य उद्देश्य हैं। इसके साथ ही वह साइक्लिंग के माध्यम से सरकार के फिट इंडिया मूवमेंट के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी सभी लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। जसप्रीत साइक्लिंग में बना चुके हैं क़ई रिकॉर्ड जसप्रीत पॉल ने अभी हाल ही में अगस्त माह में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मिशन कारगिल में भाग लेकर मनाली से कारगिल तक का सफर जांस्कर घाटी से होते हुए सात दिनों में साइकिल से पूरा कर एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। छह लोगों के दल ने इस मिशन कारगिल के 585 किलोमीटर के सफर को साइकिल से फ़तह किया था जिसमें जसप्रीत पॉल भी शामिल थे। फायरफ़ॉक्स-फ़ायरस्ट्रोम चैलेंज 2021 में देश में पहला स्थान जसप्रीत हासिल किया है। इसके साथ ही कई जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं में भी वह विजेता रह चुके है। इसके साथ ही उन्होंने तीन प्रमुख यात्राएं साइकलिंग के माध्यम से पूरी की है, जिसमें की पहली यात्रा मंडी के थूनाग से चंद्रताल, रोहतांग पास से होते हुए चार दिन में पूरी की है। वहीं, दूसरी यात्रा मनाली से चंबा वाया उदयपुर, किलाड़ से होते हुए साच पास दर्रे को भी साइकिल पर पार किया है। तीसरी यात्रा उन्होंने शिमला से चांसल पास तक कि साइकिल पर पूरी की है। इसके साथ ही साइकिल चैंपियनशिप की बात की जाए तो जसप्रीत पॉल ने 23 जून से 26 जून तक आयोजित हुई फर्स्ट एमटीवी हिमाचल चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया है। वहीं हाल ही में जसप्रीत ने मंडी जिला की सबसे ऊंची चोटी शिकारी देवी जो की 3358 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है उसे भी अपनी साइकिल के माध्यम से फ़हत किया हैं। उन्होंने एक ही दिन में मंडी से साइकिल पर शिकारी देवी तक जाने और वापिस मंडी आने का रिकॉर्ड भी दर्ज किया हैं। जसप्रीत की इस उपलब्धि पर उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने भी उन्हें बधाई दी हैं। जसप्रीत मंडी जिला के दुर्गम क्षेत्रों की क़ई ऊंची चोटियां भी अपनी साइकिल के माध्यम से फ़तह कर चुके हैं। जसप्रीत पहले ऐसे साइकलिस्ट हैं जो जिला मंडी के प्रसिद्ध देव स्थल कमरुनाग तक साइकिल से पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही मंडी से शेटाधार जो कि एक प्रसिद्ध देव स्थल हैं वहां तक का सफर थलौट, थाची, शेटाधार,चेत, थुनाग, चैल चौक, डडौर होते हुए मंडी तक का 72 किलोमीटर का सफर जसप्रीत ने साइकिल से एक दिन में पूरा किया हैं। कमरुनाग सहित मंडी जिला के साथ ही कुल्लू तक के दुर्गम क्षेत्रों की राइड साइकिल से एक ही दिन में पूरा करने के क़ई रिकॉर्ड भी जसप्रीत अपने नाम कर चुके हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह 4 जून को दोपहर 12 बजे मंडी के भियुली स्थित भीमाकाली मंदिर प्रांगण में पूर्व मुख्यमंत्री स्व.वीरभद्र सिंह मेमोरियल चिल्ड्रन पार्क का लोकार्पण करेंगी। उसके बाद सराज विधानसभा क्षेत्र के बारा के लिये रवाना होगी,जहां वह एक जन सभा को संबोधित करेंगी। रात्रि विश्राम मंडी परिधि गृह ही रहेगा। कांग्रेस अध्यक्ष के राजनैतिक सचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित पाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 5 जून को प्रतिभा सिंह मंडी जिला में सांसद निधि से चल रहे विकास कार्यो की अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक करेंगी। उसके उपरांत मंडी में बनने वाले बहुद्देश्यीय स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण से जुड़े अधिकारियों की भी एक बैठक लेंगी। इसी दिन दोपहर बाद 1 बजे बंजार विधानसभा क्षेत्र के गरसा में जिला स्तरीय गरसा मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता करने के बाद प्रतिभा सिंह शिमला लौट आएंगी।
लोक निर्माण विभाग लडभड़ोल के सहायक अभियंता राहुल ठाकुर ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की भूमि में लडभड़ोल बाजार में जो अतिक्रमण हुए हैं, उन्हें हटाने की पहले भी मुहिम चली थी। उस दौरान कुछ लोगों ने कहा था कि विभाग द्वारा पहले निशानदेही की जाए और फिर अतिक्रमण हटाने का कार्य किया जाए। राहुल ठाकुर ने बताया कि इसके लिए विभाग के द्वारा लगभग 2 महीने पहले निशानदेही के लिए राजस्व विभाग में कागजात जमा करवाए गए थे। अब राजस्व विभाग द्वारा 3 जून की तारीख निश्चित की गई है। उस दिन लडभड़ोल बाजार की निशानदेही दी जाएगी। उस निशानदेही में खसरा नंबर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने अतिक्रमण किया है, उन लोगों को नोटिस जारी किए हैं कि वे जगह में मौजूद रहें, ताकि एक सही तरीके से उस जगह की निशानदेही हो और उस निशानदेही के ऊपर ही आगामी कार्रवाई कर सके।
जिला मंडी के उपमंडल करसोग में वीरवार सुबह ममेल-भनेरा-मैहड़ी रोड पर सरकारी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जो कि सड़क से लगभग 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। बस दुर्घटनाग्रस्त होने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं स्थानीय लोग घायलों को सड़क तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं। प्रशासन द्वारा तुरंत प्रभाव से मौके के लिए पुलिस व एंबुलेंस रवाना कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार बस नंबर Hp03B 6211, जो कि मैहंडी से करसोग की तरफ आ रही थी कि खरोड़ी के पास अचानक 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। बताया जा रहा है कि चालक-परिचालक को हल्की चोटें आई हैं, बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं, जिनको की प्राथमिक उपचार के लिए नागरिक चिकित्सालय करसोग लाया जाएगा। फिलहाल मौके पर पुलिस पहुंच चुकी है और आगामी कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की।मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री से 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप हिमाचल के जिला मंडी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए 1000 करोड़ रुपये और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 400 करोड़ रुपये देने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के अंतर्गत नये ऋणों पर सीमा लगाने के निर्णय की समीक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करने से विभिन्न क्षेत्रों की विकासात्मक गतिविधियों में सहायता मिलेगी। उन्होंने बाह्य वित्त पोषण के लिए आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा संस्तुत छह प्रस्तावों के ऋण समझौतों पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री से वर्तमान वित्त वर्ष के लिए नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) अंशदान की राशि के बराबर राज्य की अतिरिक्त कर्ज लेने की सीमा को कम करने के निर्णय की समीक्षा करने आग्रह किया। उन्होंने सामरिक महत्व की भानुपल्ली-बिलासपुर-लेह रेल परियोजना को सौ प्रतिशत केंद्रीय वित्तपोषित परियोजना घोषित करने या बेरी तक विस्तार के दृष्टिगत राजस्व साझा करने की प्रणाली की संभावना तलाशने के लिए भी आग्रह किया। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में मई माह में हुई ठंड ने पिछले 36 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सामान्य तापमान में 4 डिग्री से 6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले साल 1987 में मई के महीने में तापमान में इतनी अधिक गिरावट दर्ज की गई थी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की मानें, तो जून माह में भी हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के हर जिले में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 3 जून तक प्रदेश में बारिश और अंधड़ का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। उधर, चंबा जिले में हिमस्खलन की सूचना है। जानकारी के अनुसार बैरागढ़-साचपास-किलाड़ मार्ग पर कालाबन के समीप हिमस्खलन से आवाजाही कर रहे यात्री बाल-बाल बचे। सोलन, कांगड़ा, केलांग, किन्नौर, ऊना, सिरमौर, डलहौजी, नारकंडा और धौलाकुआं में भी जमकर बारिश हुई। बुधवार को भी अधिकतम तापमान में सामान्य से छह डिग्री की कमी दर्ज हुई।
*कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward * कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुनैना कश्यप। फर्स्ट वर्डिक्ट सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward
वो लोग जो बेहतर की उम्मीद में साथ छोड़ कर गए थे, शायद आज वापस हाथ पकड़ने की सोचते होंगे। हम बात कर रहे है कांग्रेस के उन तमाम नेताओं की, जिनका पूर्वानुमान एक दम गलत साबित हुआ। वो नेता जो चुनाव से पहले सत्ता में आती हुई कांग्रेस का साथ छोड़ सत्ता से बाहर होती हुई भाजपा के खेमे में जा मिले थे। इस फेहरिस्त में काँगड़ा से विधायक पवन काजल, नालागढ़ से पूर्व विधायक लखविंदर राणा और हर्ष महाजन मुख्य तौर पर शामिल है। ये वो नेता है जिनका कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, मगर परिणाम सामने आए तो झटका इन्हें ही लग गया। सर्विदित है कि अगर ऐसा न हुआ होता तो निजी तौर पर आज इनके लिए सियासी परिस्थितियां बेहतर हो सकती थी। हिमाचल प्रदेश में सत्ता की चाबी रखने वाले कांगड़ा जिले के ओबीसी नेता पवन काजल किसी समय कांग्रेस पार्टी की आंखों का 'काजल' माने जाते थे। मगर विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले भाजपा ने कांग्रेस के इस 'काजल' को अपनी आंखों का 'नूर' बना लिया था। यूँ तो काजल भाजपा से ही कांग्रेस में आए थे, मगर काजल की ऐसे भाजपा में वापसी होगी ये किसी ने नहीं सोचा था। दरअसल पवन काजल ने वर्ष 2012 में भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर बगावत करते हुए बतौर निर्दलीय कैंडिडेट चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। विधानसभा चुनाव में तब पवन काजल पहली बार जीते थे। पवन काजल के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उन्हें कांग्रेस में ले आए। वीरभद्र सिंह ने ही वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पवन काजल को कांगड़ा से कांग्रेस का टिकट दिया। पवन काजल भी वीरभद्र सिंह के भरोसे पर खरा उतरे और लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। काजल अक्सर ये कहा भी करते थे कि वे कांग्रेस के साथ नहीं वीरभद्र सिंह के साथ है। कांग्रेस ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाया, मगर काजल ने कांग्रेस को छोड़ जाना सही समझा। काजल तो चुनाव जीत गए, मगर भाजपा चुनाव हार गई। माना जाता है कि अगर काजल पार्टी न छोड़ते तो उनका मंत्री पद तय था। बात लखविंदर राणा की करें तो राणा तीन बार कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ विधानसभा पहुंचे थे । वर्ष 2010-11 में नालागढ़ के तत्कालीन विधायक हरिनारायण सैणी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में लखविंद्र राणा कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे और पहली बार विधायक चुने गए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में राणा हार गए। वर्ष 2017 में उन्होंने एक बार फिर नालागढ़ सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। मगर 2022 के विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए। भाजपा ने उन्हें टिकट दिया मगर भाजपा में बगावत के चलते राणा चुनाव हार गए। इन दो विधायकों के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहे जाने वाले हर्ष महाजन भी चुनाव से पहले भाजपा के हो गए थे। शायद ही किसी ने सोचा हो कि वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले हर्ष महाजन और कांग्रेस की राह अलग भी हो सकती है। हर्ष महाजन होलीलॉज के करीबी थे और वे कई बार वीरभद्र सिंह के चुनाव प्रभारी भी रह चुके थे। कहते है कि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाने में हर्ष महाजन का सबसे बड़ा योगदान रहा था। इस चुनाव से पहले भी कांग्रेस द्वारा इन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, मगर कांग्रेस पर नज़रअंदाज़गी का आरोप लगाते हुए महाजन भाजपा में शामिल हो गए थे। हालंकि अब भाजपा में हर्ष महाजन को कितनी तवज्जो मिल रही है, ये वे ही जानते होंगे। अगर महाजन कांग्रेस में रहते तो शायद बात कुछ और होती।


















































