क्रांति सूद। लडभड़ोल एचआरटीसी जोगिंद्रनगर में कार्यरत चालक सागर सिंह पुत्र सरद सिंह निवासी धानग तहसील बैजनाथ ने पुलिस चौकी लडभड़ोल में दर्ज शिकायत अनुसार बयान दिया कि वह बतौर चालक एचआरटीसी जोगिंद्रनगर में कार्यरत हैं तथा 22 दिसंबर को जोगिंद्रनगर से बस (एचपी 67-2580) को परिचालक संजय कुमार के साथ 4:10 बजे ग्राम पंचायत सिमस के लिए आया था औ सायं 7:10 बजे सिमस पहुंचे और बस खड़ी करके अपने कमरे में चले गए तथा खाना खाकर अपने कमरे में सो गए। उन्होंने कहा कि आज सुबह 7:35 बजे जब वह तथा परिचालक बस के पास पहुंचे, तो देखा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बस के फ्रंट शीशे को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम नहीं है कि बस का शीशा किसने तोड़ा है और किसने इस वारदात को अंजाम दिया है और किसी भी व्यक्ति पर कोई शक नहीं है। उन्होंने पुलिस से मामले की छानबीन करने की गुहार लगाई है।
मंडी के पड्डल मैदान में 18 व 19 दिसम्बर को एकल अभियान द्वारा अभ्युदय खेल कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए एकल अभियान के संभाग अध्यक्ष सुभाष जरयाल ने बताया कि एकल अभियान समय समय पर अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी क्रम में एकल अभियान द्वारा सम्भाग स्तरीय अभ्युदय खेल कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन मंडी के पड्डल मैदान में 18 व 19 दिसम्बर को करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में उत्तर हिमाचल संभाग के 20 अंचलों से अव्वल रहे 6 से 14 आयु वर्ष के 600 खिलाड़ी कबड्डी, दौड़, लम्बी कूद, ऊंची कूद व कुश्ती प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सम्भाग में भी अव्वल रहने वाले खिलाड़ियों को लखनऊ में राष्ट्र स्तरीय खेलों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
पांवटा साहिब में भाजपा के तीन बागी उम्मीदवारों के मैदान में होने से क्या निवर्तमान ऊर्जा मंत्री बेहतर कर पाएंगे, इस सवाल पर आठ दिसंबर को आये नतीजों ने विराम लगा दिया है। सुखराम चौधरी ने तमाम कयासों को गलत साबित करते हुए बड़े मार्जिन से चुनाव जीता। जयराम सरकार में कैबिनेट मंत्री सुखराम चौधरी इस सीट से छठी बार भाजपा टिकट के साथ मैदान में थे। चौधरी ने 1998 में हार के साथ शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद 2003 और 2007 में वे जीते। तब इस सीट का नाम पौंटा दून था, फिर 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट पौंटा साहिब हो गयी। 2012 में उन्हें फिर हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2017 में वे फिर जीते। इसके बाद वर्ष 2020 में हुए जयराम कैबिनेट के विस्तार में उन्हें मंत्री पद भी मिल गया। सुखराम चौधरी इस बार जीत का चौका लगाने के फ़िराक में थे और वे सफल भी हुए। सुखराम चौधरी ने 8596 मतों से जीत हासिल की। उधर, कांग्रेस ने फिर इस सीट से किरनेश जंग को मैदान में उतारा। किरनेश पहली बार 2003 में लोकतान्त्रिक मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे। फिर 2007 में कांग्रेस के टिकट पर हारे। 2012 में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया लेकिन वे निर्दलीय चुनाव जीतने में कामयाब रहे। पर 2017 में कांग्रेस टिकट पर फिर हार गए। ऐसे में इस बार कांग्रेस से उनके टिकट को लेकर संशय बना हुआ था लेकिन आखिरकार उन्हें पार्टी ने टिकट दे दिया। ये किरनेश जंग का पांचवा चुनाव था और उनके खाते में सिर्फ एक जीत है। स्वाभाविक है ऐसे में उनके लिए इस बार जीत हासिल करना बेहद जरूरी था लेकिन वे इस बार भी चुनाव हार गए। अब निसंदेह हार के बढ़ते क्रम से किरनेश जंग की राह बेहद मुश्किल होने वाली है। खेर, निवर्तमान ऊर्जा मंत्री के जीतने से पांवटा साहिब में भाजपा फिर पावर में आ गयी है
आख़िरकार कसौली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने 15 वर्षों के बाद वापसी कर ही ली। बीते तीन चुनावों की तरह इस बार भी कसौली सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस बार निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल के साथ भाजपा की पूरी टीम जीत का चौका लगाने के लिए मैदान में थे, तो दूसरी तरफ कांग्रेस और विनोद सुल्तानपुरी जीत का सूखा खत्म करने के लिए जदोजहद करते दिखे। डॉ राजीव सैजल खुद जीत को लेकर आश्वस्त थे लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी ने इस बार चुनाव जीत कर निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल के सियासी चौका लगाने के फ़िराक पर पानी फेर दिया और 6768 मतों से जीत हासिल कर ली। अतीत पर गौर करें तो कसौली निर्वाचन क्षेत्र लम्बे अर्से तक कांग्रेस का गढ़ रहा। 1982 से 2003 तक हुए 6 विधानसभा चुनावों में से पांच कांग्रेस ने जीते और पांचों बार प्रत्याशी थे रघुराज। सिर्फ 1990 की शांता लहर में एक मौका ऐसा आया जब रघुराज भाजपा के सत्यपाल कम्बोज से चुनाव हारे। 2003 में प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार बनी और वीरभद्र सरकार में रघुराज मंत्री बने। मंत्री बनने के बाद कसौली के लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ी और शायद इसी का खामियाजा रघुराज को 2007 में उठाना पड़ा, जब वे चुनाव हार गए। इसके बाद राजीव सैजल ने जीत की हैट्रिक लगाकर जयराम सरकार में मंत्री पद भी हासिल किया। वर्ष 2012 में कांग्रेस ने चेहरा बदला और युवा विनोद सुल्तानपुरी को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया। दो युवा नेताओं के बीच इस चुनाव में कांटेदार टक्कर हुई और हार व जीत का मार्जिन भी काफी करीबी रहा। राजीव सैजल ने विनोद सुल्तानपुरी को मात्र 24 मतों से शिकस्त दी। वर्ष 2017 में कांग्रेस व भाजपा दोनों दलों ने एक बार फिर इन्हीं दोनों प्रत्याशियों को चुनावी रण में उतार दिया। इस बार भी दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। हालांकि डा. सहजल ने वर्ष 2012 के मार्जिन व अपनी स्थिति को थोड़ा बेहतर करते हुए 442 मतों से जीत प्राप्त की। लगातार दो चुनावों में मामूली अंतर से हार का मुंह देख रहे कांग्रेस के विनोद सुल्तानपुरी के लिए वर्ष 2022 का चुनाव उनके राजनीतिक करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण था। कांग्रेस के टिकट चाहवानों को दरकिनार करते हुए विनोद सुल्तानपुरी एक बार फिर पार्टी टिकट पाने में कामयाब रहे। भाजपा ने भी जीत की हैट्रिक लगा चुके डा. राजीव सैजल पर ही दांव खेला। तीसरी बार विनोद सुल्तानपुरी और राजीव सैजल चुनावी मैदान में आमने सामने थे। नतीजन भाजपा के 15 सालों के तिलिस्म को तोड़ते हुए विनोद सुल्तानपुरी ने कसौली में वापसी करवाई।
रामपुर निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस का अभेद गढ़ रहा है। देश में आपातकाल के बाद हुए 1977 के चुनाव को छोड़ दिया जाएं, तो यहां हमेशा कांग्रेस का परचम लहराया है। वहीं भाजपा की बात करें तो 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद से 9 चुनाव हुए है, लेकिन पार्टी को कभी यहां जीत का सुख नहीं मिला। पर बीते कुछ चुनाव के नतीजों पर नजर डाले तो कांग्रेस और वीरभद्र परिवार के इस गढ़ में पार्टी की जीत का अंतर कम जरूर हुआ है। 1990 की शांता लहर में भी कांग्रेस के सिंघीराम यहाँ से 11856 वोट से जीते थे, लेकिन 2017 आते -आते ये अंतर 4037 वोटों का रह गया। 1993 में कांग्रेस यहाँ 14478 वोट से जीती तो 1998 में जीत का अंतर 14565 वोट था। जबकि 2003 के चुनाव में ये अंतर बढ़कर 17247 हो गया। तीनों मर्तबा यहाँ से सिंघी राम ही पार्टी प्रत्याशी थे। 2007 में कांग्रेस ने यहाँ से प्रत्याशी बदला और नंदलाल को मैदान में उतारा। नंदलाल को जीत तो मिली लेकिन अंतर घटकर 6470 वोट का रह गया। 2012 में नंदलाल 9471 वोट से जीते तो 2017 में अंतर 4037 वोट का रहा। इस बार भाजपा ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र में टिकट बदल युवा चेहरे कौल सिंह नेगी को मैदान में उतारा था जबकि कांग्रेस ने भारी विरोध के बावजूद वर्तमान विधायक नंदलाल पर ही दांव खेला। नंदलाल को लेकर क्षेत्र में एंटी इंकम्बेंसी दिखी है, मगर उनके प्रचार का ज़िम्मा खुद राज परिवार ने संभाला था। उधर कौल नेगी ने भी प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। कौल नेगी इस सीट पर कमल तो नहीं खिला पाए लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी को जबरदस्त टक्कर दे कर जीत के अंतर को न के बराबर साबित किया। इस चुनाव में नन्द लाल मात्र 567 वोट से जीत दर्ज कर गए।
जिला कांगड़ा प्रदेश की सियासत का रास्ता प्रशस्त करता है और कांगड़ा के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में सियासी पारा हमेशा से हाई रहा है। नूरपुर भाजपा के तेजतर्रार नेता राकेश पठानिया का क्षेत्र है। बावजूद इसके इस बार चुनाव से पहले ही भाजपा में काफी उठापठक और अंतर्कलह देखने को मिली। दरअसल भाजपा के जिला महामंत्री रणवीर सिंह निक्का चुनाव से पहले ही काफी सक्रिय दिखे और लगातार टिकट की मांग करते आये। निक्का ने यह तक ऐलान कर दिया था कि यदि पार्टी टिकट नहीं देती है तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। निक्का ने विभिन्न रैली और आयोजनों में उनके साथ जन समर्थन का बेहतर प्रदर्शन किया। शायद पार्टी निक्का के शक्ति प्रदर्शन से भांप चुकी थी कि निक्का अगर बागी लड़ते है तो भाजपा को इसका नुकसान होगा। नतीजन भाजपा ने रणवीर सिंह निक्का को टिकट दिया और राकेश पठानिया को फतेहपुर भेज दिया। निक्का ने बेहतरीन तरीके से चुनाव लड़ा और बड़े मार्जिन के अंतर् से कांग्रेस के प्रत्याशी अजय महाजन को हरा दिया। हालाँकि नूरपुर सीट पर तो निक्का का सिक्का चला लेकिन राकेश पठानिया फतेहपुर सीट पर चुनाव हार गए। उधर, नूरपुर निर्वाचन क्षेत्र में पिछले चार चुनाव के नतीजों पर गौर फरमाएं तो यहाँ की जनता ने हर पांच वर्ष में बदलाव किया है। 2003 के विधानसभा चुनाव में सत महाजन ने कांग्रेस को इस सीट पर जीत दिलाई। 2007 के विधानसभा चुनाव में राकेश पठानिया आज़ाद उमीदवार के रूप में मैदान में उतरे और जीत का परचम लहराया। 2012 में कांग्रेस ने अजय महाजन पर दांव खेला और जनता ने कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जताया। 2017 के विधानसभा चुनाव में राकेश पठानिया भाजपा में शामिल हुए और इस सीट पर भाजपा की जीत हुई। इस बार कांग्रेस ने फिर अजय महाजन को टिकट दिया था जबकि भाजपा ने निक्का को चुनावी मैदान में उतार था। इस चुनाव में नूरपुर में रणवीर सिंह निक्का ने जीत दर्ज की है और पहली बार विधानसभा पहुंचे, जबकि अजय महाजन विजय प्राप्त नहीं कर सके।
जिला किन्नौर में इस बार भी विधानसभा चुनाव में भरपूर रोमांच देखने को मिला। पहले दिन से ही कांग्रेस और भाजपा दोनों तरफ जमकर खींचतान दिखी। कांग्रेस में जहाँ सीटिंग विधायक और वरिष्ठ नेता जगत सिंह नेगी का टिकट अंतिम समय तक लटका रहा, तो भाजपा ने पूर्व विधायक तेजवंत नेगी का टिकट काटकर युवा सूरत नेगी को मैदान में उतारा। खफा होकर तेजवंत भी चुनावी समर में कूद गए और इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। नतीजन, भाजपा के बगावत का फायदा कांग्रेस प्रत्याशी जगत सिंह नेगी को मिला और जगत नेगी हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे। जगत सिंह नेगी को 20696 मत मिले और भाजपा प्रत्याशी सूरत नेगी को 13732 वोट प्राप्त हुए जबकि भाजपा के बागी तेजवंत नेगी ने 8574 मत लेकर भाजपा को डैमेज किया। किन्नौर के चुनावी इतिहास पर नज़र डाले तो अब तक सिर्फ ठाकुर सेन नेगी (तेते जी) ही जीत की हैट्रिक लगा सके है। ठाकुर सेन नेगी 1967 से 1982 तक लगातार चार चुनाव जीते। दिलचस्प बात ये है कि वे तीन बार निर्दलीय और एक बार लोकराज पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते। फिर वे भाजपा में शामिल हो गए और एक बार 1990 में भाजपा टिकट से भी जीतने में कामयाब हुए। ठाकुर सेन नेगी के अलावा जगत सिंह नेगी ही इकलौते ऐसे नेता है जो हैट्रिक लगाने में सफल हुए है।
फतेहपुर भाजपा के टिकट आवंटन के बाद सबसे चर्चित सीटों में से एक है। दरअसल ये वो सीट है जहाँ भाजपा ने नजदीकी निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी इम्पोर्ट किया है। नूरपुर से विधायक और कैबिनेट मंत्री राकेश पठानिया को भाजपा ने इस मर्तबा फतेहपुर फ़तेह करने का जिम्मा सौपा है। वैसे भी डॉ राजन सुशांत के पार्टी छोड़ने के बाद से इस क्षेत्र में भाजपा कभी कांग्रेस को जोरदार टक्कर नहीं दे पाई है। बगावत मानो यहाँ भाजपा की नियति बन चुकी है। यहाँ पार्टी दो उपचुनाव सहित लगातार चार चुनाव हार चुकी है। ऐसे में पार्टी ने इस बार राकेश पठानिया को उतार कर बड़ा गैम्बल खेला है। दरअसल इस क्षेत्र में पार्टी टिकट के दो मुख्य दावेदार थे, बलदेव ठाकुर और कृपाल परमार। पिछले चुनावों को देखे तो पार्टी अगर एक को टिकट देती है, तो दूसरा नाराज हो जाता है। संभवतः पार्टी को लगा हो किसी तीसरे को लेकर पार्टी को एकजुट किया जा सकता है। पर दाव उलटा पड़ गया। कृपाल ने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा है। दिलचस्प बात तो ये है कि कृपाल को मनाने के लिए खुद पीएम मोदी का फोन आया था, जो काफी वायरल भी हुआ। पर पीएम के मनाने पर भी कृपाल माने नहीं। अब कृपाल पर मतदाताओं की कितनी कृपा रही, ये देखना रोचक होगा। तो वहीं कभी भाजपा के नेता रहे पूर्व सांसद राजन सुशांत इस बार आम आदमी पार्टी से मैदान में है। पर डॉ राजन सुशांत का प्रचार प्रसार इस बार ज्यादा आक्रामक नहीं दिखा है। पर इस क्षेत्र से वो चार बार विधायक रहे है और उनका एक सेट वोट बैंक है जिसके चलते उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। उधर कांग्रेस ने एक बार फिर भवानी सिंह पठानिया को मैदान में उतारा है। कांग्रेस में भवानी के नाम को लेकर कोई विरोध नहीं दिखा। भवानी सिंह पठानिया कॉर्पोरेट जगत की नौकरी छोड़कर अपने पिता स्व सुजान सिंह पठानिया की राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए फतेहपुर लौटे है। पर पिछले चुनाव को जीत कर भवानी ने ये साबित कर दिया था की वे राजनीति के लिए नए नहीं है। बहरहाल कांग्रेस में 'जय भवानी' का नारा बुलंद है और समर्थक तो उन्हें भावी मंत्री भी बताने लगे है। जानकारों का मानना है कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और भवानी भी ये चुनाव जीतते है तो उन्हें मंत्री पद या कोई अहम ज़िम्मेदारी मिल सकती है। बहरहाल, भवानी और विधानसभा के बीच भाजपा के बड़े नेता और मंत्री राकेश पठानिया, कृपाल परमार और राजन सुशांत जैसे दिग्गज है। अब फतेहपुर में युवा जोश की जीत होती है या अनुभव की, ये तो नतीजे ही तय करेंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। चैलचौक(मंडी) अभिलाषी यूनिवर्सिटी मंडी एट चैलचौक ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। बेहतरीन सुबिधाओं के साथ क्वॉलिटी एजूकेशन मुहैया कराने के लिए अभिलाषी यूनिवर्सिटी को नैक ने बी प्लस ग्रेड प्रदान किया है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एंव प्रत्यायन परिषद (नैक) की सात सदस्यीय पीयर टीम ने हाल ही मे 24, 25 और 26 नबंवर को अभिलाषी यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया था और इस निरीक्षण के बाद अब नैक ने अभिलाषी यूनिवर्सिटी को बी प्लस ग्रेड प्रदान किया है। नैक यूजीसी का एक हिस्सा है और इसका काम देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानो की गुणवता को परख कर रेटिंग देना है। नैक रेटिंग से छात्रों को संस्थान के बारे मे क्वॉलिटी एजूकेशन, रिसर्च, सुबिधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की सही जानकारी मिलती है। अभिलाषी यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर प्रो. एचएस बनयाल ने बताया कि अगस्त 2014 में अभिलाषी यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई थी और सात साल के छोटे से अंतराल मे यूनिवर्सिटी ने यह बड़ा मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बताया कि अभिलाषी यूनिवर्सिटी मे मौजूदा समय मे 6 डिप्लोमा, 7 यूजी, 18 पीजी और 8 पीएचडी कार्यक्रम चल रहे हैं। प्रो. बनयाल ने बताया कि प्रदेश सहित देश भर के करीब 10 राज्यों के छात्र अभिलाषी यूनिवर्सिटी मे पढ़ाई कर रहे हैं और अभिलाषी यूनिवर्सिटी के आयुर्वेदा, एग्रीक्लचर और वेटरनरी डिपार्टमेंट के बदौलत स्थानीय स्तर पर भी लोग काफी लाभान्वित हो रहे हैै। अभिलाषी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. आर के अभिलाषी और प्रो. चांसलर डॉ. ललित अभिलाषी ने इस उपलब्धि के लिए छात्रों, स्टाफ के सहयोगियों और अभिभावकों को बधाई दी। डॉ. अभिलाषी ने कहा कि आने बाले समय मे मौजूदा सुबिधाओं को और ज्यादा विकसित किया जाएगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सैंट एडवर्ड स्कूल शिमला में आठवीं कक्षा के छात्र हार्दिक शर्मा का चयन राष्ट्रीय सब जूनियर कराटे प्रतियोगिता-2022 के लिए हुआ है। हार्दिक शर्मा इस प्रतियोगिता में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु दिल्ली रवाना हुए हैं। यह प्रतियोगिता 3 और 4 दिसंबर,2022 को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। हार्दिक मूल रूप से मंडी जिला के गांव मंडल के रहने वाले हैं। उनका चयन बैजनाथ में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 45 किलोग्राम भार के वर्ग में गोल्ड मेडल प्राप्त करने पर हुआ है। हार्दिक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कराटे कोच पीएस पवार, सुनील वर्मा, स्कूल प्रधानाचार्य अनिल, स्कूल के सभी अध्यापकों और अपने माता-पिता को दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी हार्दिक शर्मा ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में 16 गोल्ड, 7 सिल्वर और 4 ब्रोंज मैडल जीते हैं।
** द्रंग में ठाकुर कौल सिंह की निगाह नौवीं जीत पर प्रदेश में अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा ? इसका जवाब तो वक्त ही देगा लेकिन फिलवक्त कई ऐसे नाम है जिनको लेकर कयासबाजी जारी है। मुख्यमंत्री पद के इन्हीं दावेदारों में शामिल है कौल सिंह ठाकुर जो लगातार अपनी वरिष्ठता और अनुभव को लेकर सीएम पद के लिए दावा ठोक रहे है। करीब 50 साल लम्बे राजनीतिक सफर में कौल सिंह ठाकुर ने पंचायत समिति से लेकर कैबिनेट मंत्री तक का फासला तय किया है। वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे है और कांग्रेस के निष्ठावान सिपाही भी है। ऐसे में जाहिर है उनका दाव कमजोर नहीं माना जा सकता। पर मुख्यमंत्री बनने से पहले कौल सिंह ठाकुर को विधायक बनना होगा। इस बार फिर कौल सिंह द्रंग विधानसभा सीट से मैदान में है और उनकी सीट पर सबकी निगाहें टिकी है। यूँ तो द्रंग विधानसभा सीट कौल सिंह ठाकुर का गढ़ मानी जाती है। कौल सिंह ठाकुर द्रंग से कुल आठ बार चुनाव जीते है और ये ही वजह है कि ये सीट कांग्रेस का अभेद दुर्ग बनी रही। कौल सिंह ठाकुर पहली बार 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते थे। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए। 1990 और 2017 के अलावा यहाँ हर बार कौल सिंह ठाकुर को ही जीत हासिल हुई है। 2017 के विधानसभा चुनाव में कौल सिंह भाजपा प्रत्याशी जवाहर ठाकुर से चुनाव हार गए थे। दरअसल तब ठाकुर कौल सिंह के खिलाफ उनके ही करीबी रहे पूर्ण चंद ठाकुर ने कांग्रेस से बगावत करके चुनाव लड़ा था, जिसका फायदा यहाँ भाजपा को मिला। अब द्रंग सीट से कौल सिंह ठाकुर एक बार फिर मैदान में है। उनके खिलाफ भाजपा ने यहां अपने सिटींग विधायक का टिकट काट कर पूर्ण चंद ठाकुर को मैदान में उतारा है। अब भाजपा का ये फैसला कितना सही साबित होगा ये तो वक्त ही बताएगा। बहरहाल, कौल सिंह ठाकुर का क्षेत्र में अपना जनाधार है और एक किस्म से वे सीएम पद पर दावे के साथ चुनाव लड़े है। इस बार वे जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे है। अब यदि समीकरण पक्ष में रहे और कौल सिंह ठाकुर चुनाव जीत गए तो उनकी निगाह निश्चित तौर पर 2012 का अपना अधूरा सपना पूरा करने पर होगी।
जोगिंद्रनगर। क्रान्ति सूद माउंट मौर्या इंटरनेशनल स्कूल जोगिंद्रनगर में डीसी मंडी अरिंदम चौधरी द्वारा मंगलवार को अटल टिंकरिंग लैब का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान स्कूल के चेयरमैन आरसी गुलेरिया निदेशक मनोज ठाकुर व एडवाइजरी कमेंटी के हेड कर्नल आरसी ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान बच्चों द्वारा डीसी को मॉडल के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जानकारियां दी गई। इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए डीसी ने कहा कि वे सभी बच्चों को उनके स्कूल में अटल टिंकरिंग लैब के शुभारंभ पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि इस लैब के स्कूल में खुले से जहां बच्चों को बहुत से विषयों को समझने में आसानी होगी। वहीं, अध्यापकों को भी बच्चों को पढ़ाने में सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने सभी बच्चों से नशे व सोशल मीडिया से दूर रहकर अपनी शिक्षा की ओर एकाग्र रहकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान भी किया।
पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान जोरो से जारी है। इसी कार्यवाही के तहत मंडी पुलिस के विशेष जांच दल ने पुंघ के पास नाके के दौरान कार में सवार दो युवकों से 12.43 ग्राम चिट्टा पकड़ा है। आरोपियों की पहचान 32 वर्षीय ओमप्रकाश निवासी गांव अंदराड डाकघर टंग नरवाणा, और राजकुमार निवासी कारंझ डाकघर बीहूं तहसील जोगिंद्रनगर के रूप में की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में सोमवार सुबह एक कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई। जानकारी के अनुसार ऐहजू बसाई सड़क के समीप कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी और कार में आग लग गई। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही की हादसे में कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ। कार में सवार एक व्यक्ति ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई जबकि एक बच्चा घायल हो गया है।
** मुश्किल हो सकती है भाजपा और आप की राह 'प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, सुक्खू भाई जैसा हो' ,चुनाव प्रचार के दौरान नादौन विधानसभा क्षेत्र में ये नारा खूब बुलंद रहा। इस बार सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक उन्हें भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे है। नादौन में जहाँ भी सुक्खू प्रचार के लिए पहुंचे, समर्थक ये ही नारा दोहराते दिखे। इस बार कांग्रेस ने बेशक सामूहिक नेतृत्व में और बगैर सीएम फेस के चुनाव लड़ा है ,लेकिन इसमें कोई संशय नहीं है कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और नादौन विधानसभा सीट से सुखविंद्र सिंह सुक्खू चुनाव जीत कर आते है तो मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सुक्खू का दावा बेहद मजबूत है। नादौन की सियासी फ़िज़ाओं में सुगबुगाहट तेज़ है कि मुमकिन है इस बार नादौन विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री मिल जाएँ। ऐसे में जाहिर है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भावी सीएम फैक्टर का लाभ इस चुनाव में सुक्खू को मिला हो। नादौन के इतिहास की बात करें तो नादौन विधाभसभा सीट यूँ तो कांग्रेस का गढ़ रही है। यहां से नारायण चंद पराशर तीन बार विधायक रहे। नारायण चंद पराशर के बाद सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस सीट पर राज किया है। 2003 से अब तक सुखविंद्र सिंह सुक्खू नादौन सीट पर तीन बार जीत चुके है, हालांकि 2012 के विधानसभा चुनाव में सुक्खू को 6750 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। पर फिर 2017 में सुक्खू ने जीत हासिल की। कांग्रेस में सुक्खू के अलावा कभी कोई अन्य चेहरा विकल्प के तौर पर नहीं उभरा। इस बीच भाजपा की बात करे तो एक बार फिर विजय अग्निहोत्री मैदान में है। अग्निहोत्री एक दफा सुक्खू को पटकनी भी दे चुके है और इस बार फिर मैदान में डटे हुए है। नादौन में भाजपा के लिए ऐसा भी कहा जाता है कि अगर यहां भाजपा एकजुट हो जाए तो शायद कांग्रेस की राह इतनी आसान न हो। अब भाजपा एकजुट है या नहीं ये तो आने वाला समय ही बताएगा। वहीँ इस बार आम आदमी पार्टी ने नादौन के सियासी समीकरण ज़रूर बदले है। दरअसल इस बार आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी शैंकी ठुकराल ने पुरे दमखम के साथ चुनाव लड़ा है। अब देखना ये होगा कि शैंकी किसके वोट बैंक में कितनी सेंध लगाते है। नादौन में फिलवक्त सुक्खू जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। सुक्खू ने भावी सीएम के टैग के साथ चुनाव लड़ा है। ऐसे में जाहिर है इसका लाभ भी उन्हें मिलता दिख रहा है। बहरहाल, जनादेश ईवीएम में कैद है और सभी अपनी -अपनी जीत का दावा कर रहे है।
क्रान्ति सूद। जोगिंद्रनगर दयानंद भारतीय पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों ने शुक्रवार को स्कूल पिकनिक का मजा लिया। इस दौरान नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी के बच्चों ने शानन में अध्यापकों अनु ठाकुर, अनीता, अल्का व रक्षा के साथ पिकनिक मनाई। वहीं, पहली से आठवीं के बच्चों ने बाबा बालकरूपी मंदिर से आगे ठारा में अपनी पिकनिक मनाई। सभी बच्चे हाथ में तिरंगा लेकर देशभक्ति गीतों की धुनों के साथ पिकनिक स्थल में पहुंचे। इस दौरान छठी से आठवीं तक के बच्चों ने अपने आप चूल्हा जलाकर तरह-तरह के व्यंजन बनाए व खूब डांस किया। वहीं, स्कूल चेयरमैन ओम मरवाह व प्रधानाचार्य ओपी ठाकुर ने शानन व ठारा में पिकनिक स्थल में पहुंचकर बच्चों को अपने संबोधन में कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन किए जाते रहेंगे।
'प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, सुक्खू भाई जैसा हो' ,चुनाव प्रचार के दौरान नादौन विधानसभा क्षेत्र में ये नारा खूब बुलंद रहा। इस बार सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक उन्हें भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे है। नादौन में जहाँ भी सुक्खू प्रचार के लिए पहुंचे, समर्थक ये ही नारा दोहराते दिखे। इस बार कांग्रेस ने बेशक सामूहिक नेतृत्व में और बगैर सीएम फेस के चुनाव लड़ा है ,लेकिन इसमें कोई संशय नहीं है कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और नादौन विधानसभा सीट से सुखविंद्र सिंह सुक्खू चुनाव जीत कर आते है तो मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सुक्खू का दावा बेहद मजबूत है। नादौन की सियासी फ़िज़ाओं में सुगबुगाहट तेज़ है कि मुमकिन है इस बार नादौन विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री मिल जाएँ। ऐसे में जाहिर है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भावी सीएम फैक्टर का लाभ इस चुनाव में सुक्खू को मिला हो। नादौन के इतिहास की बात करें तो नादौन विधाभसभा सीट यूँ तो कांग्रेस का गढ़ रही है। यहां से नारायण चंद पराशर तीन बार विधायक रहे। नारायण चंद पराशर के बाद सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस सीट पर राज किया है। 2003 से अब तक सुखविंद्र सिंह सुक्खू नादौन सीट पर तीन बार जीत चुके है, हालांकि 2012 के विधानसभा चुनाव में सुक्खू को 6750 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। पर फिर 2017 में सुक्खू ने जीत हासिल की। कांग्रेस में सुक्खू के अलावा कभी कोई अन्य चेहरा विकल्प के तौर पर नहीं उभरा। इस बीच भाजपा की बात करे तो एक बार फिर विजय अग्निहोत्री मैदान में है। अग्निहोत्री एक दफा सुक्खू को पटकनी भी दे चुके है और इस बार फिर मैदान में डटे हुए है। नादौन में भाजपा के लिए ऐसा भी कहा जाता है कि अगर यहां भाजपा एकजुट हो जाए तो शायद कांग्रेस की राह इतनी आसान न हो। अब भाजपा एकजुट है या नहीं ये तो आने वाला समय ही बताएगा। वहीँ इस बार आम आदमी पार्टी ने नादौन के सियासी समीकरण ज़रूर बदले है। दरअसल इस बार आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी शैंकी ठुकराल ने पुरे दमखम के साथ चुनाव लड़ा है। अब देखना ये होगा कि शैंकी किसके वोट बैंक में कितनी सेंध लगाते है। नादौन में फिलवक्त सुक्खू जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। सुक्खू ने भावी सीएम के टैग के साथ चुनाव लड़ा है। ऐसे में जाहिर है इसका लाभ भी उन्हें मिलता दिख रहा है। बहरहाल, जनादेश ईवीएम में कैद है और सभी अपनी -अपनी जीत का दावा कर रहे है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में युवाओं के लिए भारतीय वायुसेना में अग्निवीर भर्ती के लिए 23 नवंबर शाम 5 बजे तक आवेदन करने के लिए आखिरी दिन है। भारतीय वायुसेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर (वायु) के लिए भर्तियां निकाली गई है। युवक और युवतियों को इसके लिए वायुसेना के बैव पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 23 नवम्बर शाम 5 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। भर्ती के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार 17 से 21 वर्ष तक के युवा -युवतियां इसके लिए आवेदन कर सकते है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 152.5 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 152 सेंटीमीटर रखी गई है। अग्निवीर वायु की भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षाएं 18 जनवरी 2023 से शुरू होंगी। अधिक जानकारी के लिए अग्नि पथ वायु डॉट सीडैक डॉट इन पर लॉग इन किया जा सकता है। इस पद के लिए चुने जाने वाले प्रत्याशी को प्रति माह 30 हजार रुपए वेतन दिया जाएगा और 4 साल के लिए नियुक्ति की जाएगी। सेवा मुक्त होने पर 10.04 लाख रुपए भी दिए जाएंगे।
राज सोनी । करसोग हिमाचल प्रदेश के कोने कोने व यहां के कण-कण में देवी-देवताओं का वास है, यहां हर गांव में देवी-देवताओं के मंदिर हैं। इनके समागम व सम्मान में यहां इनके हर महीने मेले व त्योहार लगे रहते हैं। जिला मंडी के करसोग उपमंडल के च्वासी क्षेत्र के महोग तथा खन्योल च्वासी मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए बूढ़ी दीवाली का आयोजन 23-24 नवंबर को बड़े हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा। जानकारी देते हुए च्वासी क्षेत्र के युवा समाज सेवी व कारदार च्वासीगढ़ टीसी ठाकुर ने बताया कि हर वर्ष यहां दीवाली के एक महीने बाद अमावस्या की रात को बूढी दीवाली का त्याेहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बूढ़ी दीवाली महोग व खन्योल च्वासी मंदिर में मनाई जाती है। मान्यता है कि जब श्रीराम भगवान अयोध्या को वनवास से वापस लौटे थे, तो इसकी जानकारी एक माह बाद ग्रामीणों को मिली थी। उन्होंने बताया कि बूढी दीवाली सैकड़ों वर्ष पुराने देव इतिहास का गवाह है। इसी रात्रि में देर रात को देरची निकाली जाती है, जिसमें आग की बड़ी-बड़ी मशालें लेकर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए फेरी (परिक्रमा) दी जाती है। इसमें देवता के भागी लोग शामिल होते हैं। मशालों को लेकर दीवाली गीत व नृत्य किया जाता है। इसी कड़ी में आज भी ग्रामीण लोग इस पौराणिक संस्कृति को जिंदा रखे हुए हैं। बूढ़ी दीवाली को गढ़पति श्री नाग च्वासी सिद्ध जी तथा नाग हुंगलू अपने रथों पर विराजमान होते हैं और लोगों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते है। शाम के समय भव्य आरती होती है व देर रात को दीवाली गीत गाए जाते हैं। दोनों ओर से मंदिर कमेटी के प्रधान महोग ध्यान सिंह ठाकुर तथा फिल्लौर सिंह ठाकुर ने कहा कि इस दीवाली पर्व बड़े धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के करसोग स्थित देवो के देव ममलेश्वर महादेव मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए विश्वविख्यात बूढ़ी दिवाली का आयोजन 23 नवंबर को बड़े हर्ष उल्लास के साथ किया जाएगा। बता दें कि हर वर्ष यहां दिवाली के 1 महीने बाद अमावस्य की रात बुढ़ी दिवाली का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। यह पर्व देेेव दवाली जिनकी कोठी ममलेश्वर महादेव के मंदिर के पीछे स्थित है, उनके जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस पावन मौके पर मंदिर के मुख्य द्वार के पास देव दवाली द्वारा अपने मंत्रियों के साथ देव परंपरा अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए लोगों का स्वागत किया जाएगा। बूढ़ी दिवाली पर ममलेश्वर महादेव मंदिर में ममलेश्वर महादेव, देव लैढी और नाग कजौणी भी अपने देेव रथ पर विराजमान रहेगें। शाम के समय भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा। और पूरी रात्रि देव गुरुद्वारा अग्नि में खेलकर सैकड़ों लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे। मंदिर के प्रधान हंसराज का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बूढ़ी दिवाली का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा और बूढ़ी दिवाली के अगले दिन विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के इन इलाकों में बीती रात महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 4.1 रही तीव्रता
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बीती रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए। बुधवार रात करीब 9:33 बजे मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, बिलासपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिला मंडी के जोगिन्दरनगर में भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गए है। भूकंप का केंद्र जोगिन्दनगर में जमीन के भीतर पांच किलोमीटर की गहराए में था। वहीं इस दौरान कुछ लोग घरों से बाहर भी निकल गए। वहीं डीसी मंडी अरिंदर चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा की भूकंप से कहीं भी नुकसान की सूचना नहीं है।
करसाेग : व्यय पर्यवेक्षक ने करसोग, नाचन व सराज के प्रत्याशियों के व्यय संबंधी खातों का किया निरीक्षण
राज साेनी। करसाेग विधानसभा चुनाव-2022 के दृष्टिगत तीन विधानसभा क्षेत्रों 26-करसोग, 28-नाचन और 29-सराज के लिए नियुक्त व्यय पर्यवेक्षक विनोद कुमार की अध्यक्षता में एसडीएम कार्यालय करसोग के सभागार में सभी पार्टियों के व्यय प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यय पर्यवेक्षक ने तीनों निर्वाचन क्षेत्रों के सभी पार्टियों के व्यय प्रतिनिधियों से चुनावी गतिविधियों पर किए गए व्यय की रिपोर्ट ली और उनके व्यय संबंधी खातों का निरीक्षण भी किया। व्यय पर्यवेक्षक का प्रत्याशियों द्धारा चुनावी गतिविधियों पर किए गए व्यय का यह दूसरा निरीक्षण था। गौरतलब है कि भारतीय चुनाव आयोग की ओर से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए चुनाव खर्च की लिमिट 40 लाख रुपए तय की गई है। कोई भी प्रत्याशी निर्धारित सीमा से अधिक खर्च चुनाव संबंधी गतिविधियों पर नहीं कर सकता, जिसके अंतर्गत ही चुनाव आयोग की ओर से विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की निगरानी करने के लिए चुनाव व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रत्याशियों के चुनावी व्यय संबंधी खातों का निरीक्षण समय-समय पर व्यय पर्यवेक्षक द्वारा किया जाना आवशयक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुंदरनगर के ज्वाहर ग्राउंड में जनसभा को सम्बोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने मंडी आना था, लेकिन बारिश की वजह से नहीं आ पाए थे। इसके लिए उन्होंने लोगों से क्षमा मांगी। उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता के निधन पर शोक जताया। इससे पहले PM महाराणा प्रताप चौक से ज्वाहर पार्क तक रोड शो निकाला। लोगों ने PM फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने गाड़ी में बैठे-बैठे लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पीएम ने कहा कि देवभूमि से मेरा नाता इतने निकट रहा है की यहां आना बहुत होता था। निहरी की चढ़ाई भी चढ़ी है। कांगड़ा, मंडी, शिकारी की पहाड़ी भी पैदल मापी है। बीबीएमबी झील कैसे भूल सकता हूं। जब भी यहां आता तो चाय पीता था। दुकानदारों से गपशप मारता था। ठाकुर गंगा सिंह, दिले राम, दामोदर जी से बहुत कुछ सीखा। देश के पहले मतदाता श्याम सरण नेगी के निधन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 106 वर्षीय श्याम सरण नेगी ने 30 से ज्यादा बार मतदान किया था। दुनिया को अलविदा कहने से पहले भी उन्होंने वोट डालकर अपना कर्तव्य निभाया। श्याम सरण नेगी ने दो दिन पहले ही अपना कर्तव्य निभाया और पोस्टल बैलेट से मतदान किया। हर देशवासी, युवाओं और हर नागरिक को सदा सर्वदा उनसे प्रेरित होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भावुक मन से श्याम सरण नेगी को श्रद्धाजंलि देता हूं और परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि 12 नवंबर को पड़ने वाला वोट अगले 25 साल की विकास यात्रा तय करेगा। नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि विरोधियों ने 5-5 साल में सरकार बदलने की बात आप लोगों के दिमाग में भर रखी है। इससे हिमाचल का आपका नुकसान हो रहा है। पीएम ने कहा कि आप अगर सरकार से जवाबदेही चाहते है, तो हिमाचल में भाजपा सरकार को दोबारा मौका दीजिए। उन्होंने कहा कि अगर आपने यहां ऐसे लोगों को बिठा दिया जो आगे ही न बढ़ने दें, तो काम में रुकावट आएंगी। कांग्रेस ने अपने शासन में हिमाचल का जितना नुकसान किया है, उसकी भरपाई के लिए भाजपा को बार बार जिताना जरूरी है।
पूर्वाभ्यास में लगभग 600 कर्मचारियों ने लिया भाग राज सोनी। करसोग विधानसभा चुनाव-2022 के दृष्टिगत निर्वाचन क्षेत्र 26-करसोग में चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाने के उद्देश्य से चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात कर्मचारियों के लिए दूसरा पूर्वाभ्यास आयोजित किया गया। राजकीय महाविद्यालय करसोग में आयोजित इस दूसरे पूर्वाभ्यास में रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम करसोग सुरंेद्र ठाकुर ने लगभग 600 पीठासीन अधिकारियों, सहायक पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों को चुनाव करवाने संबंधी जानकारी प्रदान की। चुनाव पूर्वाभ्यास दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें सुबह के सत्र में पीठासीन अधिकारियों व सहायक पीठासीन अधिकारियों जबकि सायं के सत्र में मतदान अधिकारियों को चुनाव संबंधी पूर्वाभ्यास करवाया गया। रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम करसोग सुरेंद्र ठाकुर ने इस अवसर पर उपस्थित सभी पीठासीन अधिकारियों, सहायक पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों को ईवीएम व वीवीपैट मशीनों की जानकारी प्रदान की। इसके अलावा, मतदाता पहचान करने वाले 12 प्रकार के पहचान-पत्रों, मतदान केंद्र में तैनात टीम के सभी सदस्यों द्वारा किए जाने वाले कार्यो, मतदान केंद्र स्थापित करना, वीवीपैट मशीनों का ट्रांसपोटेशन करना, वैब कास्टिंग, वोटिंग कम्पार्टमेंट स्थापित करना, माॅक पोल करवाना, पीठासीन अधिकारी द्वारा माॅक पोल संबंधी रिपोर्ट तैयार करना और सुबह 8 बजे से सायं 5 बजे तक मतदान समय के संबंध में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर चुनाव ड्यूटी में तैनात सभी कर्मचारियों को आई कार्ड उपलब्ध करवाएं गए। पीठासीन अधिकारियों को पीठासीन अधिकारी डायरी उपलब्ध करवाने के अलावा सभी कर्मचारियों को उनके विधानसभा क्षेत्र संबंधी ड्यूटी आदेश भी प्रदान किए गए, जहां पर उन्हें चुनाव ड्यूटी देनी है। रिटर्निंग अधिकारी ने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी व शान्तिपूर्ण तरीके से विधानसभा चुनाव संपन्न करवाने के लिए मतदान केंद्र से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का कोई चुनाव प्रचार नहीं होगा, जबकि मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में कोई भी राजनीतिक दल अपना कार्यालय स्थापित नहीं कर सकता। इसका सभी कर्मचारियों को विशेष ध्यान रखना होगा। उन्होंने पीठासीन अधिकारियों, सहायक पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों द्वारा मतदान वाले दिन व उससे पूर्व मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाने के लिए अपनाई जाने वाली कार्य प्रणाली के बारे में भी अवगत करवाया। इस अवसर पर कर्मचारियों को ईवीएम व वीवीपैट मशीनों को ऑपरेट करने संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए पोस्टल बेल्ट पेपर के माध्यम से मतदान करने का आयोजन भी किया गया। खंड विकास अधिकारी करसोेग अमित, इलेक्शन कानूनगो बलबंत कुमार और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभा को सम्बोधित करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज दुनिया में पीएम नरेंद्र मोदी के कारण देश की तस्वीर बदल गई है आज मोबाइल उत्पादन में भारत दूसरे नंबर पर है, स्टील उत्पादन में भारत दूसरे नंबर पर है, सौर ऊर्जा में हम पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं, ब्रिटेन को पछाड़ कर भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि आज न तो हरियाणा में कांग्रेस की सरकार है और न ही हिमाचल और पंजाब में। जेपी नड्डा ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश को बल्क ड्रग पार्क मिल रहा है। आने वाले समय में फार्मा में हिमाचल प्रदेश का बल्क ड्रग पार्क दुनिया के नक्शे पर देखा जाएगा। यही नहीं, यहां मेडिकल डिवाइस पार्क के साथ-साथ विकास के कई कार्य किए जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल गिहारी वाजपेयी ने हिमाचल इकोनॉमिक पैकेज दिया लेकिन 7 साल में कांग्रेस ने छीन लिया और कहा कि हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हमारी सरकार है तो हिमाचल को हम अकेले नहीं दे सकते।
राज सोनी। करसोग रिटर्निग अधिकारी एवं एसडीएम करसोग सुरंेद्र ठाकुर ने बताया कि उपमंडल मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर मोबाइल मतदान टीम नंबर-6 ने अपनी जान की परवाह किए बिना, अपने चुनाव संबंधी कार्य को प्राथमिकता देते हुए देशी झूले की मदद से सतलुज नदी को पार कर मंडी जिला के दूरदराज क्षेत्र के मगान गांव में पहुंच कर 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के दो वृद्ध मतदाताओं से घर पर सफलता पूर्वक मतदान करवाया है। रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के चिन्हित मतदाताओं से घर पर मतदान करवाने के अंतर्गत क्षेत्र के लिए गठित मोबाइल पोलिंग टीम नम्बर 6 ने किसी भी स्थिति में गांव तक पहुंचकर मतदान करवाने का निर्णय लिया। टीम करसोग से तत्तापानी, शिमला जिला के सुन्नी से होते हुए जस्सी बराड़ नामक स्थान पर पहुंची, जहां से गाड़ी को छोड़ कर सतलुज नदी को पार करने का निर्णय लिया और नदी पर बने एक पुराने देशी झूले की मदद से नदी को पार किया। उसके पश्चात टीम ने गांव तक पहंुचने के लिए लगभग 2 घंटे तक पहाड़ी रास्ते पर पैदल चलकर लगभग 12 किमी सफर आने-जाने का तय कर, गांव में स्थित 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के दो मतदाताओं भजन लाल और प्रीतम सिंह का घर पर ही सफलता पूर्वक मतदान करवाया। मोबाइल टीम में पीठासीन अधिकारी कृष्ण कुमार, गोपाल सिंह, माईक्रो ऑब्जर्बर पंकज कुमार, सुरक्षा कर्मी मोहन लाल और विडियोग्राफर बालकृष्ण शामिल थे। मोबाइल पोलिंग टीम के सदस्यों ने बताया कि मंडी जिला के दूर-दराज के मगान गांव तक तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग नहीं होने के कारण पोलिंग टीम के सभी सदस्यों ने सतलुज नदी को देशी झूले की मदद से पार कर गांव तक पहुंचने का निर्णय लिया, जो गांव तक पहुंचने के लिए सबसे छोटा रास्ता था, जिसमें सभी सफल भी रहे। रिटर्निग अधिकारी एवं एसडीएम करसोग सुरंेद्र ठाकुर ने बताया कि दूर-दराज के मगान गांव तक पहुंच कर मोबाइल टीम ने सफलता पूर्वक गांव में स्थित 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के दो मतदाताओं की लोकतंत्र के इस उत्सव में भागादारी सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि टीम का यह प्रयास बेहद सराहनीय है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सरकाघाट विधानसभा में आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा का प्रचार करने पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दिलीप ठाकुर के पक्ष में वोट करने की अपील लोगों से की। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण को शुरू करते हुए हिमाचल प्रदेश के ऋषि-मुनियों और देवी-देवताओं को प्रणाम किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देव कार्य के साथ-साथ हिमाचल वासियों को राष्ट्रीय कार्य करने का भी मौका मिला है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों को जनता के सामने रखा और बताया कि देश व प्रदेश में भाजपा की सरकार ने अद्भुत अविश्वसनीय विकास किया है। इसके बाद योगी ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को संजोए देव भूमि हिमाचल प्रदेश की पावन धारा पर आज मैं आप सबके बीच पहुंचा हूं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार इस बार भी हिमाचल में बनने वाली है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और भाजपा की सरकार द्वारा पिछले 500 वर्ष से चली आ रही गुलामी को समाप्त करके अयोध्या में राम मंदिर की राह खोली गई है।
करसोग राज। सोनी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खील में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर "राष्ट्रीय एकता दिवस" मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने वाद-विवाद तथा भाषण प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ कर भाग लिया और सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया। इस दौरान विद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा मतदाता जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया और लोगो को रैली के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास किया गया। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य डोलमा ने छात्रों को सन्देश दिया की हमें सरदार पटेल के जीवन व कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और देश के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह राष्ट्र की एकता बनाये रखने में अपना योगदान दें। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग, जिसमें अजीत कुमार, नरसिंह दत्त, प्यारे लाल, सीमा, नीलमा, कुसुम लता व अन्य उपस्थित रहे।
राज सोनी। करसोग हिमाचल के पहाङी क्षेत्राें में स्थानीय देवी देवताओं का महत्व सबसे अधिक है। प्रतिवर्ष इन देवताओं के सम्मान व समागम के लिए मेलों का आयोजन किया जाता है। इसी कङी में हर वर्ष की भांति छत्तरी सिराज में पहली नबंवर 2022 से 4 नबंवर 2022 तक चलने वाले मगरू व मानगढ़ क्षेत्र के सुप्रसिद्ध छत्तरी लवी का आयोजन किया जा रहा है। छत्तरी लवी में श्रीमगरू महादेवजी व स्थानीय देवी देवताओं का अलग ही महत्व है। इस वर्ष देव प्रेमियों के लिए एक खुशी की खबर है कि छत्तरी लवी में इस वर्ष लवी 2022 में करसोग घाटी के च्वासी क्षेत्र के तीन आराध्य देवता शिरकत करेंगे, जिसमें गढ़पति श्री नाग च्वासी सिद्धजी, दो गढ़ वजीर श्री झाकङु नाग हुंगलूजी, गंगा पुत्र भीष्म श्री नाग पोखी जी यह पहला मौका है की जब च्वासी क्षेत्र के देव पहली बार मगरू व मानगढ़ क्षेत्र में किसी मेले शिरकत कर रहे है। जानकारी देते हुए मगरू महादेव मंदिर प्रबन्धन समिति के कारदार सुरेंद्र राणा व भण्डारी गोविंद राम ने बताया कि कमेटी द्वारा इन देवताओं को छत्तरी लवी में सम्मिलित होने के लिए निमंत्रण दिया गया है। मंदिर कमेटी महोग व कारदार संघ महोग की ओर से मंदिर के मुख्य भण्डारी हुक्म चंद ठाकुर, कारदार ओम वर्मा मंदिर प्रबंधन कमेटी प्रधान ध्यान सिंह ठाकुर व च्वासी क्षेत्र के युवा समाज सेवी कारदार च्वासीगढ़ टीसी ठाकुर, खन्योल च्वासी से भंडारी बालक राम प्रधान फिल्लौर सिंह ठाकुर तथा पोखी से भंडारी आशा राम कारदार भवानी दत प्रधान नरेंद्र शर्मा ने बताया कि छत्तरी लवी को लेकर स्थति स्पष्ट हो गई है। कारदार टीसी ठाकुर ने बताया कि गढ़पति श्री नाग च्वासीजी पहली नम्बर 2022 को अपने मंदिर महोग से छत्तरी के लिए प्रस्थान करेंगे और नाग हुंगलू जी व नाग पोखी जी 2-11-2022 को प्रस्थान करेंगे। उन्होंने ने संयुक्त रूप से बताया कि समस्त च्वासी की जनता से निवेदन किया है कि आप सभी कारदार, हारू बसनू, बाजीदार, रैत पजैत तथा समस्त च्वासीवासी जिसमें देवता प्रस्थान करेंगे को सुबह मंदिर में हाजिर हो जाएं। सभी देव प्रेमियों के लिए खुशी की बात है कि इस वर्ष छत्तरी लवी में समस्त मगरू व मानगढ़ वासियों तथा अन्य श्रद्धालुओं को च्वासी क्षेत्र के तीन देवता के दर्शन व आशीर्वाद का सौभाग्य प्राप्त होगा।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर मंडी सांसद का व्यवहार व टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण, माफी मांगे कांग्रेस अध्यक्ष आशीष आजाद। मंडी पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद प्रतिभा सिंह द्धारा पत्रकारों के साथ किए दुर्व्यवहार पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा संज्ञान लिया है। मीडिया को जारी बयान में प्रदेश भाजपा सचिव और मंडी संसदीय क्षेत्र सह प्रभारी बिहारी लाल शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश के कुछ नेता अभी भी राजशाही सोच से बाहर नहीं निकल पाए हैं और जनता के साथ साथ मीडिया को भी अपने परिवार की जागीर समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले इनके पुत्र का कर्मचारियों के खिलाफ टिप्पणी करना उसके बाद भाजपा महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी ये सब रजवाड़ा शाही का परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता भी लगातार अमर्यादित व्यवहार व भाषा का जहर मुख्यमंत्री के खिलाफ उगलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सार्वजनिक रूप से ऐसा व्यवहार सहन योग्य नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व द्धारा प्रतिभा सिंह को ज्यादा तरहीज ना देने से वे बौखलाहट में है और उनके व्यवहार में चिड़चिड़ापन और गुस्सा स्थान कर गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सगंठन कांग्रेस सांसद के इस क्रूर व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करती है और मांग करती है कि वे पत्रकार बंधुओं से सार्वजानिक रूप से माफी मांगे, क्योंकि ऐसे अपशब्द स्वस्थ लोकतंत्र के लिए उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रतीभा सिंह सच्चाई से भाग रही हैं। क्याेंकि पुत्रमोह और परिवारवाद कांग्रेस पार्टी के काले चरित्र की काली सच्चाई है।
5 वर्षों में जवाहर ने क्षेत्र का तो नहीं, लेकिन खुद का किया बहुत विकास : कौल सिंह ठाकुर आशीष आजाद। मंडी प्रदेश में इन दिनों सियासी गहमागहमी प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जिससे नेताओं का एक-दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप लगना भी शुरू हो चुके हैं।विधायक जवाहर ठाकुर ने मंडी में प्रेस वार्ता के दौरान कौल सिंह ठाकुर से पूछा कि वे किस श्रेणी के नेता है और इस बार उन्हें टिकट मिल भी रहा है या नहीं साथ ही जवाहर ठाकुर ने उनके 40 वर्ष के कार्यकाल पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कौल सिंह ठाकुर कई तरह के मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में विकास के लिए कुछ भी कार्य नहीं किए हैं, जितने कार्य उनके 40 वर्ष में नहीं हो पाए, उससे अधिक विकास के कार्य 5 वर्ष की भाजपा सरकार में हुए हैं। जवाहर ठाकुर के आरोपों का जवाबी हमला देते हुए कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि जवाहर ठाकुर अपने टिकट की चिंता करें कौल सिंह को नहीं पड़ता कोई फर्क मेरा टिकट हाईकमान से फाइनल हो चुका है, तो आप अपने टिकट की चिंता करें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ भाजपा और जवाहर ठाकुर की बौखलाहट है कि वह खुद की जीत की जगह मेरे टिकट की चिंता कर रहे हैं, बल्कि जवाब ठाकुर भी जानते हैं कि उन्हें टिकट मिलने ही नहीं वाला और यदि मिल भी जाता है, तो उनकी हार निश्चित है। उन्होंने कहा कि पूरे 5 वर्ष में कभी भी जवाहर ठाकुर जनता के बीच में नहीं गए। साथ ही उन्होंने कहा कि वह 40 वर्ष के कार्यकाल पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि द्रंग के लिए आईटीआई और बहुत सारे ऐसे कार्य है कि जीने में गिनाने पर आऊं तो अगले 5 साल भी कम पड़ जाए। उन्होंने कहा कि जवाहर ठाकुर ठीक ही कहते हैं कि 5 वर्षों में जितना विकास उन्होंने भाजपा सरकार में रहकर खुद का किया है, उतना किसी का नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि मैं भी दिल से ये ख्वाहिश रखता हूं कि भाजपा द्रंग से टिकट जवाहर ठाकुर को ही दें, ताकि मैं अपनी हार का बदला जवहार ठाकुर से ले सकूं, उन्होंने कहा द्रंग की जनता ने मन बना लिया है। इस बार द्रंग की सीट कांग्रेस की झोली में होगी और जवाहर ठाकुर बुरी तरह से हारेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर कहता हूं जवाहर ठाकुर मेरी छोड़ो अपनी फिक्र करें। क्योंकि उन्हीं के खिलाफ भाजपा के ही नेता ने द्रंग से हो टिकट के लिए अपनी दावेदारी भी ठोकी है। मेरी उनसे यही सलाह रहेगी कि आप पहले अपनी चिंता करें फिर मेरे बारे में सोचें।
अदालत ने लगाई ईडी को फटकार, किस आधार पर जज को बदला, भाजपा सरकार की साजिश हुई बेनकाब सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले भाजपा नेता नड्डा, जयराम और अनुराग ठाकुर अब क्या कहेंगे, मांगे सार्वजनिक माफी आशीष आजाद। मंडी आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता पंकज पंडित ने कहा कि हिमाचल के प्रभारी और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली हाईकोर्ट ने बेनामी संपत्ति के आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत के निर्णय से सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले भाजपा नेताओं के मुंह पर तमाचा लगा है। अदालत ने साफ कहा कि बेनामी संपत्ति के आरोप कहीं स्टैंड नहीं करते हैं। यह सब झूठे आरोप हैं और इसे खारिज किया जाए। पंकज पंडित ने अदालत के फैसले को आम आदमी पार्टी के विचारों की जीत बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता कट्टर ईमानदार है और हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। आम आदमी पार्टी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से भाजपा नेताओं की नींद उड़ी है। हिमाचल प्रदेश के प्रभारी बनते ही सत्येंद्र जैन ने बहुत तेज गति से आम आदमी पार्टी को मजबूत किया। आम आदमी पार्टी को हिमाचल की जनता का समर्थन मिलने लगा तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सत्ता की कुर्सी का खतरा नजर आने लगा, जिससे एक साजिश के तहत जो आदमी हिमाचल हिमाचल के गांव-गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य की बात कर रहा था, उसे जेल में डाल दिया गया। भाजपा की केंद्र सरकार ने ईडी और सीबीआई को दुरुपयोग कर सत्येंद्र जैन के खिलाफ झूठा केस दर्ज कर जेल में डाला, लेकिन आम आदमी पार्टी ने पहले भी कहा कि हमें अदालत पर भरोसा है और आज सच्चाई जनता के सामने हैं। जब भाजपा की साजिश जनता के सामने आई है। पंकज पंडित ने कहा कि सत्येंद्र जैन जल्द से जेल से बाहर आएंगे और हिमाचल में आम आदमी पार्टी को और मजबूत करेंगे। पंकज पंडित ने कहा कि सत्येंद्र जैन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को फटकार लगाते हुए पूछा कि किस आधार पर जज को बदला गया। जब कोई जज भाजपा सरकार के हिसाब से काम नहीं करता, तो उसे बदल दिया जाता है। ऐसा ही मामला सत्येंद्र जैन के केस में हुआ। जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को फटकार लगाते हुए सवाल किया कि किस आधार पर जज को बदला गया है। ईडी को सत्येंद्र जैन केस के मामले में जज पर ही भरोसा नहीं था। जिसके कारण जज को बदला गया है। आम आदमी पार्टी को अदालत पर भरोसा है और सच्चाई की जीत हुई है। पंकज पंडित ने सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पर हमला बोलते हुए कहा कि अब वह अदालत के आदेश के बाद जनता के सामने क्या बयान देंगे। खासतौर से अनुराग ठाकुर लगातार सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे। पंकज पंडित ने कहा कि सत्येंद्र जैन पर रैलियों में भाषण देकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले भाजपा नेता सार्वजनिक रुप से सत्येंद्र जैन से माफी मांगे। पंकज पंडित ने भाजपा नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि हम कांग्रेसी नहीं हैं, जो बिक जाएं, डर जाएं और भाजपा में शामिल हो जाएं। आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता कट्टर देशभक्त है, वो न बिकने वाला है और न ही डरने वाला है। आप नेताओं पर जितने ज्यादा केस दर्ज करोगे, उतनी ही मजबूती के साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता काम करेंगे। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बहुत ही कम समय में प्रदेश के 4.5 लाख लोगों के घर तक केजरीवाल की गारंटियों को पहुंचा दिया है। पंकज पंडित ने कहा कि चुनावों के समय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी में ही भाजपा सबसे कमजोर दिख रही है। कहीं प्रधानमंत्री को बुलाया जा रहा है, तो कहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाया जा रहा है। पांच साल तक जयराम ठाकुर ने कुछ नहीं किया। अब चुनावों के समय पिछले 15 दिनों से विकास पागल हो गया है। मुख्यमंत्री एक दिन में कई विधानसभा क्षेत्र के लिए करोड़ों के शिलान्यास कर रहे हैं। लगातार कैबिनेट बैठक बुलाकर झूठी घोषणाएं कर रहे हैं। भाजपा सरकार की झूठी घोषणाओं से अब प्रदेश की जनता गुमराह होने वाली नहीं है। प्रदेश की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। आम आदमी पार्टी मजबूत विकल्प के रुप में जनता के सामने हैं, जिसे जनता का समर्थन प्राप्त हो रहा है।
सतलुज घाटी क्षेत्र के अंतर्गत सुकेत क्षेत्र में गोपूजा के वैदिक पर्व "माड़" का आज भी पारम्परिक ढंग से आयोजन होता है। सुकेत संस्कृति साहित्य एवम् जन-कल्याण मंच पांगणा के अध्यक्ष डाॅक्टर हेमेंद्र बाली "हिम" का कहना है कि "माड़" का पर्व गोपूजा का पर्व है। इसका आयोजन भव सागर से मुक्ति के निमित किया जाता है। चूंकि सुकेत में "माड़" पर्व पर गाये जाने वाले "माड़" गीतों में गोमाता से अपनी मुक्ति की कामना की जाती है। "माड़" पर्व वैदिक पर्व है, ऋग्वैदिक काल में राजा भी गोधन को प्राप्त करने के लिये युद्ध किया करते थे, जिसे "गविष्टि" कहा जाता है। पुरातत्व चेतना संघ मंडी द्वारा स्वर्गीय चंद्रमणी कश्यप पुरातत्व चेतना राज्य पुरस्कार से सम्मानित डाक्टर जगदीश शर्मा का कहना है कि ऐतिहासिक नगरी पांगणा में यूं तो हर मौसम में अलग-अलग पर्व मनाए जाते है। लेकिन पशुधन से संबंधित "माड़" पर्व मनाने का तरीका कुछ अलग ही है। इस पर्व की शुरुआत "माड़ पुन्या" से आठ दिन पहले हो जाती है। रात को महिलाएं भोजन आदि से निवृत्त होकर किसी एक घर में इकट्ठी होकर "तू ता "माड़े" केता देशा आई हो-2, हां ता "माड़े" कुुल्लू कलंदरा देशा आई हो-2, "माड़" "नैहरी कुल्ह" गीत गाती हैं। यह दौर "माड़"की पूर्व रात्रि तक चलता है। आज "माड़" के पावन अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर महिला-पुरुषों-बच्चों ने जागते ही उत्साह में भर मशालों की रोशनी के साथ पशुधन को खेतों में चरने छोड़ा। खेतों में अलाव जलाकर-"माड़ो"-"माड़ो"-"माड़ो" के उद्घोष उच्चारित कर खुशियां मनायी। "माड़ो"-"माड़ो" की स्वर धाराओं से लगा कि पहाड़ों की संस्कृति के अद्भुत अध्याय में"माड़" भी एक है। चारों ओर अलाव ही अलाव, एक दूसरे से बढ़कर अलाव। ऐसे में पांगणा की पहाड़ियों मे अलावों से प्रकृति की अनुपम छटा बिखर गई। इस दौरान महिला-पुरुष गौशाला की सजावट में जुट जाते हैं।सूर्योदय से पूर्व पशुधन के चरागाह से लौटते ही प्रमुख रुप से गाय को फूलों की मालायें पहनाकर कुंकुम, अक्षत, पुष्प से पूजा की गई। इसके उपरांत गाय को नवान्न मिलाकर चोकर खिलाई गई। गौ पूजा के बाद अन्य पशुधन की पूजा-अर्चना कर उन्हें "दाड़ा" (चोकर) खिलाई गई। कहा जाता है कि जिन घरों मे "माड़"के अवसर पर गाय की पूजा होती है, उस घर मे कामधेनु मां की कृपा अवश्य होती है। मन्नोवाञ्छित फल देने वाली मां कामधेनु अपनी अलौकिक प्रकाश के साथ उस घर मे नित्य विराजमान रहती है। "माड़" पर्व से घर में श्रद्धा भक्ति का विकास होता है। मन्नोवाञ्छित फल देने वाली मां कामधेनु अपनी अलौकिक प्रकाश के साथ उस घर मे नित्य विराजमान रहती है। "माड़" पर्व से घर में श्रद्धा भक्ति का विकास होता है। सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती की जिला सलाहकार लीना शर्मा, रमेश शास्त्री, व्यापार मंडल पांगणा के अध्यक्ष सुमित गुप्ता व अध्यापक लक्ष्मी दत्त चौहान का कहना है कि आज के भौतिक युग में जहां गोधन सड़कों पर भटकने के लिये अभिशप्त है ऐसे में सुकेत-पांगणा का माड़ पर्व गोधन रक्षा व पूजन के लिये समर्पित है।
रविवार को भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के पदाधिकारियों द्वारा आपातकालीन बैठक बीआर कौंडल की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि प्रस्तावित 11 अक्टूबर को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में सरकार फोरलेन प्रभावितों को चार गुणा मुआवजा नहीं देती है तो पुरे प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। मंच ने कहा कि प्रदेश सरकार भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 को लागु करवाने व चार गुना मुआवजा, पुनर्वास व पुनर्स्थापन के मुद्दे पर पिछले 5 वर्षो से किसानों को हमेशा कैबिनेट कमेटियों के माध्यम से आश्वासन देती आ रही है कि वे किसानों के पक्ष में सोच विचार और जल्द फैसला लेने की बात करती आई है, लेकिन इस वादाखिलाफी के विरूद्ध लोगों में अब भारी आक्रोश है। मंच के संयोजक जोगिन्दर वालिया ने कहा कि जयराम सरकार हर बार कमेटियों की बैठक के बाद यही कहती आई है कि वे फोरलेन से प्रभावितों किसानों के बारे में चिंतित एवं संवेदनशील है, लेकिन चार गुणा मुआवजा के बारे में आनाकानी व टालमटोल की निति लगातार अपना रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों से वादाखिलाफी का मुल्य सरकार को चुकाना पड़ेगा और आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ेगा। इस बैठक में अध्यक्ष बेलीराम कोंडल और सयोंजक जोगिन्दर वालिया के अलावा कुल्लू-मंडी के पदाधिकारी, नरेश कुकू, काँगड़ा से राजेश पठानिया, शिमला से जय शिव, मंडी से प्रशांत मोहन, भूपेंदर सिंह, बिलासपुर से मदन शर्मा और सोलन से जेसी शर्मा ने हिस्सा लिया।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोमवार को मंडी संसदीय क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। यह जानकारी भारतीय जनता पार्टी प्रदेश महामंत्री राकेश जमवाल ने मीडिया को जारी बयान में दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश चाहे एक छोटा सा प्रदेश है, परंतु राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा कद रखता है। उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा अपनी मेहनत और त्याग के कारण राजनीति के उच्चतम स्थान पर पहुंचे हैं और यह प्रत्येक हिमाचलवासी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं और अन्य जन प्रतिनिधि विकास का आधार होते हैं और जनता से सीधे तौर पर जुड़े हुए होते हैं। इनके बिना सरकार द्धारा शुरू की गई विकास योजनाओं की सफलता की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा का राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ हिमाचल के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि पूरे मंडी संसदीय क्षेत्र से लगभग दो हजार जन प्रतिनिधि जिनमें पंचायत, प्रधान, उप प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के पार्षद भारतीय जनता पार्टी द्धारा अयोजित इस पंच परमेश्वर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और जगत प्रकाश नड्डा के विचारों को सुनेंगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मझवाड़ का सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर शनिवार को संपन्न हो गया। पाठशाला के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर पठानिया ने इसका विधिवत समापन करते हुए शिविर में प्रतिभागी रहे स्वयंसेवियों को एनएसएस मैडल पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने स्वयंसेवियों से आह्वान किया कि वह आजीवन जनकल्याण तथा राष्ट् सेवा के कार्यों में अपनी सहभागिता करें। यह शिविर एनएसएस प्रभारी नवीन कुमार प्रवक्ता संस्कृत तथा सुनीता कपूर की देख रेख में चला, जिसमें हर दिन कोई न कोई ऐसी गतिविधि की गई जिसका समाज सेवा व जनहित के साथ सरोकार हो। सात दिन के इस आवासीय शिविर के समापन पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। प्रभारी ने इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
महिला मंडल मझवाड़ ने प्रधान मीना देवी की अगुवाई में गांव के नर्वदेश्वर महादेव मंदिर परिसर की साफ सफाई की। इस मौके पर्व वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के प्रधान हेम राज शर्मा व धर्म चंद भी मौजूद रहे। इस साफ सफाई अभियान में पूरे मंदिर परिसर में उगी झाड़ियों, कांटों, घास को उखाड़ा गया। वहीं आसपास पड़े कूड़े को भी एकत्रित करके ठिकाने लगाया गया। इस सफाई अभियान में महिला मंडल की सचिव प्रियंका, सदस्य मनदीप, तारा देवी, मखमली भारद्वाज, रीना व कुंता देवी के अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राधा देवी व सरला देवी भी मौजूद रही।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रंधाड़ा के सात दिवसीय स्वयं सेवा योजना शिविर का समापन शनिवार को प्रधानाचार्य राजन गुलेरिया द्वारा किया गया। शिविर में प्रभारी रहे भूप सिंह व दक्षिणा गुप्ता ने बताया कि इस शिविर में 25 स्वयंसेवी लड़के लड़कियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस शिविर का मुख्य उदेश्य स्कूल परिसर की साफ-सफाई, गांव में सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करना, बावड़ियों का उचित रखरखाव, पर्यावरण की शुद्धता में लगाए गए पेड़ों की देखभाल तथा स्वयंसेवियों का सर्वांगीण विकास था। इस दौरान प्रधानाचार्य व प्रभारियों ने स्वयंसेवियों का मार्गदर्शन किया व उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
जिला मंडी में युवा कांग्रेस द्वारा पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र ठाकुर और युवा कांग्रेस जिला मंडी प्रवक्ता डिम्पल शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता रखी गई। आश्रय शर्मा द्वारा पिछले कल कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया गया और कांग्रेस पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। इसको लेकर युवा कांग्रेस के जिला प्रवक्ता डिम्पल शर्मा ने कहा कि आश्रय शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी दुखद है। उन्होंने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस पार्टी ने कई अहम पदों पर रखा आज वे अपनी महत्वाकांक्षा के चलते संगठन के वरिष्ठ नेताओं पर उंगली उठा रहे। वहीं युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र ठाकुर ने आश्रय शर्मा के परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह ठीक कहा करते थे कि 'ये आया राम गया राम है'। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने पंडित सुखराम का सम्मान करते हुए आश्रय शर्मा को 2019 में लोकसभा का प्रत्याशी बनाया, परंतु यह तो लगभग साढ़े चार लाख वोटों से हारते हैं ,और अब 2022 में फिर से पार्टी छोड़कर अब उन्हीं पर आरोप लगा रहे है।
बड़े दुखी होकर आश्रय आखिरकार कांग्रेस से निकले, जाते हुए बहुत निकले दिल के मलाल लेकिन फिर भी कम निकले....आखिरकार आश्रय शर्मा ने कांग्रेस को अलविदा कह ही दिया। वैसे जिस दिन अनिल शर्मा ने भाजपा के साथ रहने का ऐलान कर दिया था, उसी दिन ये तय हो गया था कि आश्रय भी जल्द कांग्रेस को अलविदा कह देंगे और हुआ भी ऐसा ही। जाते-जाते आश्रय अपनी दिल की भड़ास भी निकाल कर गए। उनके चुनाव लड़ने से लेकर अब तक कांग्रेस में उनपर क्या बीती,आश्रय ने प्रेस कांफ्रेंस में तमाम सितम बयां किये। इस 'दर्द-ए-आश्रय' के एपिसोड में वीरभद्र सिंह, कौल सिंह ठाकुर और कांग्रेस के तमाम वो नेता जो आश्रय के अनुसार उनके साथ नहीं खड़े थे, उन सभी का ज़िक्र हुआ। विशेषकर आश्रय ने वीरभद्र सिंह परिवार और कौल सिंह को लेकर भड़ास निकाली। अपने विदाई भाषण में आश्रय ने कहा कि पंडित सुखराम की आखिरी इच्छा थी कि उनकी अंतिम सांस उस पार्टी में निकले जहाँ उन्होंने ताउम्र काम किया है, इसलिए 2019 में वे कांग्रेस में वापस आएं। आशर्य ने ये भी कहा कि जब कांग्रेस के तमाम दिग्गज लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार नहीं थे तो राहुल गाँधी ने पंडित सुखराम से उन्हें चुनाव लड़ाने का आग्रह किया। फिर आश्रय ने वीरभद्र सिंह और ठाकुर कौल सिंह पर उनके विरोध में चुनाव में काम करने का आरोप भी जड़ा। साथ ही एक ऑडियो टेप का हवाला देकर वीरभद्र सिंह परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगा दिए। बहरहाल आश्रय का कांग्रेस में 'आश्रय' ठीक उसी तरह समाप्त हुआ, जैसा अपेक्षित था। पुराना है आने -जाने का ये सिलसिला एक दल से दूसरे में आने जाने का सुखराम परिवार का सिलसिला पुराना है। पहले पंडित सुखराम ने कांग्रेस छोड़कर हिमाचल विकास कांग्रेस बनाई थी जिसके चलते 1998 में कांगेस की सत्ता वापसी नहीं हो सकी थी। पांच साल भाजपा के साथ गठबंधन सरकार में रहने के बाद सुखराम परिवार कांग्रेस में लौट आया और 2017 तक कांग्रेस में रहा। पर विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 2017 में पंडित सुखराम का परिवारकांग्रेस पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हुआ था। अनिल शर्मा ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत के बाद उन्हें प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री का पद मिला था। पर 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले पंडित सुखराम और आश्रय शर्मा ने कांग्रेस में वापसी कर ली थी, जबकि अनिल शर्मा भाजपा में रह गए थे। इसके बाद आश्रय ने कांग्रेस टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। इसके चलते अनिल शर्मा को मंत्रीपद से हाथ धोना पड़ा था और अनिल शर्मा भाजपा में होकर भी एक किस्म से भाजपा में नहीं थे। इस बीच बीती 24 तारीख को अनिल शर्मा ने भाजपा के साथ आगे बढ़ने का फैसला लिया था और उनके बेटे आश्रय ने भी कांग्रेस को अलविदा कह दिया।
राज सोनी । करसोग ऐतिहासिक नगरी पांगणा की पुरातन संस्कृति की पहचान लिए दुर्गाष्टमी पर आयोजित होने वाला 'आठी मेला' धूम-धाम से संपन्न हो गया। पांगणा में लाहौल मेले के बाद यह दूसरा मेला है। इस मेले में सुकेत अधिष्ठात्री राज-राजेश्वरी महामाया पांगणा और छण्डयारा महामाया के देव रथो ने ढाढी बाजगियो तथा हार के जातरूओ सहित भाग लिया। आठी मेले का मुख्य आकर्षण छण्डयारा से लगभग छह किलोमीटर दूरी पर स्थित पांगणा तक की रथ शोभायात्रा तथा महामाया मंदिर से दोनों देवियो की मेला स्थल देहरी तक की ढोल-नगारो संग निकलने वाली शोभायात्रा है। इस अवसर पर पांगणा ही नहीं अपितु पूरे सुकेत क्षेत्र, जिला, प्रदेश व देश की समृद्धि और सुख शांति के लिए प्राचीन परंपरा के अनुसार नारियल की बलि दी गई। पुरातत्व संरक्षण के लिए पुरातत्व चेतना संघ मण्डी द्वारा स्वर्गीय चन्द्रमणी कश्यप पुरातत्व राज्य पुरस्कार से सम्मानित डाक्टर जगदीश शर्मा, महामाया मंदिर समिति के अध्यक्ष कुशल महाजन महासचिव अनुपम गुप्ता का कहना है कि शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर सुकेत की आदि राजधानी पांगणा के देहरी मंदिर में सात्विक विधान से महामाया पांगणा की पूजा संपन्न हुई। दुर्गाष्टमी के अवसर पर कभी पांगणा के पश्चिम में देहरी नामक स्थान पर भैंसे की बलि देने की परम्परा थी, लेकिन लगभग डेढ़ दशक से भैसे की बलि बंद है। देहरी मे कोलकाता (कालकूट) से यहां प्रतिष्ठित महाकाली रूपा महामाया का मंदिर है। सुकेत रियासत के राजवंश के 52 चंद्रवंशी शासक देहरी वाली कलकत्ता काली के उपासक रहे है। इतिहासकार, साहित्यकार व सुकेत संस्कृति-साहित्य और जन कल्याण मंच पांगणा के अध्यक्ष डॉ. हिमेंद्र बाली 'हिम' का कहना है कि स्थानीय उपलब्ध लिखित साहित्य के अनुसार देहरी के समीपस्थ ढुंगरू गांव में लगभग 1500 वर्ष पूर्व साईबेरिया की बर्बर 'डुंगर' जाति रहती थी। इस जाति की बर्बरता से जब लोग त्रस्त हुए, तो उसी काल में बंगाल का राजकुमार बीरो हिमालय में अपने लिए नए राज्य की खोज में यहां पहुंचा। उत्पीड़ित लोगों के आग्रह पर राजकुमार ने बर्बर डुंगर जाति के नाश के लिये अपनी इष्ट देवी कालकूट की महाकाली का आह्वान किया। इनका कहना है कि 'आठी उत्सव' हमारी पुरातन संस्कृति व सामुदायिक सहयोग की पहचान है।खुशहाली की किरणें फैलाते ऐसे-ऐसे उत्सवों का संरक्षण करना ही हमारी पहचान है। पांगणा की कला-संस्कृति के वैभव, लोक उत्सव, लोक गीत, लोक गाथाओं और लोकोत्सवों को बचाने के लिए सरकार व कला संस्कृति व भाषा विभाग को भी प्रयास करने चाहिए।देहरी का मंदिर भारतीय कला की धरोहर माना जाता है। यहा पर सूर्य देव की ईरानी कला से प्रभावित मूर्ति तथा वरुणदेव की मूर्ति भी प्रकट हुई है। यह मंदिर आज जर्जर हालत में है। प्रदेश सरकार, पुरातत्व विभाग तथा पर्यटन विभाग यदि भारतीय संस्कृति की इस धरोहर को संरक्षित करें, तो यह पर्यटकों, पुरातत्व प्रेमियों तथ शोद्धार्थियों की पहली पसंद बन सकता है। सूर्यास्त के साथ ही देवी के दोनों रथों ने भावपूर्ण अंतिम मिलन कर अपने साजिंदाे, कारदारों सहित विदाई लेकर अपनी-अपनी देव कोठियो को प्रस्थान कर दिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 43वां प्रांत अधिवेशन सोलन जिला में हो रहा है। आज इस अधिवेशन के दूसरे दिन कई सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अधिवेशन के दूसरे दिन विद्यार्थी परिषद की पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नव कार्यकारिणी का गठन करने की घोषणा की गई। जिसमें केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के प्राध्यापक डॉक्टर सुनील ठाकुर जी को प्रांत अध्यक्ष व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र आकाश नेगी को प्रांत मंत्री के रूप में चुना गया। इस दौरान प्रांत छात्रा प्रमुख डॉ सीमा ठाकुर जी बतौर चुनाव अधिकारी उपस्थित रहीं। इसके पश्चात अधिवेशन का उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बिहार के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा जी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रफुल्ल आकांत जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारत के गौरवमयी इतिहास की चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत आजादी के 75 वर्ष मना रहा है और इस समय हम सबका लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए जिसमें युवाओं की भूमिका अहम है। साथ ही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश सिन्हा जी ने बताया कि वह भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं चुके हैं। इस दौरान उन्होंने भारत की भूमिका के बारे में चर्चा की। छात्र आंदोलनों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आज तक कई सारे बड़े आंदोलन इस देश में किए हैं, जो समाज के हित के लिए हमेशा ही काम आए हैं। उद्घाटन सत्र के बाद शोभा यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें सभी जिलों से आए हुए कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया यह शोभायात्रा पुलिस ग्राउंड सोलन से लेकर ओल्ड बस स्टैंड तक निकाली गई, जहां पर परिषद द्वारा खुले अधिवेशन का आयोजन किया गया। बस स्टैंड में आयोजित किए गए खुले अधिवेशन में विभिन्न कार्यकर्ताओं ने विभिन्न विषयों को लेकर अपना वक्तव्य रखा।
कहा, हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री मानते हैं अपना दूसरा घर, प्रदेश में हर हाल में होगा मिशन रिपीट फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक जिला मंडी की विशेष बैठक परिधि गृह मंडी में जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश सचिव और मंडी संसदीय क्षेत्र के सह प्रभारी बिहारी लाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में तय किया गया कि संगठनात्मक जिला मंडी से बिलासपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल रैली में हर मंडल अपनी उपस्थिति दर्ज करेगा और जिला से 10 हजार से ज्यादा की संख्या बिलासपुर पहुंचेगी। बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर मानते हैं और हिमाचल के लोगों के साथ उनका एक विशेष लगाव रहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर रैली भव्य और विशाल होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार है और बड़ी जीत को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की विकाशात्मक सोच और कार्यों से जनता ही नहीं अपितु विपक्ष के नेता भी आकर्षित हो रहे हैं। यही कारण है कि कांग्रेस के बड़े बड़े नेता लगातार कांग्रेस छोड़ भाजपा में सम्मिलित हो रहें हैं और कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अनेकों नेता लगातार भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व से संपर्क में हैं। बैठक में जिला उपाध्यक्ष पंकज शर्मा, जिला महामंत्री महेंद्र पाल, उप महापौर वीरेंद्र भट्ट, जिला मीडिया प्रभारी प्रशांत शर्मा, सह मीडिया प्रभारी कर्त्तव्य वैद्य, मंडी मंडल अध्यक्ष मनीष कपूर, मंडल महामंत्री बालक राम और जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन ठाकुर उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती के शुभ अवसर आज नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के स्थापना दिवस के मौके पर संगठन द्वारा सभी जिला में गांधी जी से प्रेरणा लेकर संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए एनपीएस हिमाचल छोड़ो अभियान शुरू किया गया। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि यह अभियान सभी जिला में आज से शुरू किया गया है। इस मौके पर वह स्वयं मंडी में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि गांधी जी के पद चिन्हों पर चलकर चरखा भी चलाया गया। उन्होंने बताया कि चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। चरखे के माध्यम से गांधी जी विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार व स्वदेशी वस्तुओं के प्रति लगाव की भावना को जागृत करना चाहते थे। उनके पद चिन्हों पर चलकर हम भी एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन बहाली चाहते हैं, जिसके प्रयास लगातार जारी है। हमें पूरा विश्वास है हम जल्द पेंशन बहाल करवाने में जरूर कामयाब होंगे। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय के साथ-साथ अन्य स्थानों पर भी हुआ। मंडी में संगठन द्वारा इस मौके पर रैली निकालकर गांधी जी को पुष्प अर्पित किए गए। उसके पश्चात प्रदेश अध्यक्ष व अन्य कर्मचारियों द्वारा चरखा चलाकर पेंशन बहाली के संघर्ष को गांधी जी के पद चिन्हों पर चलकर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नई पेंशन एक गंभीर बीमारी है, जिसे दूर करना जरूरी है। जिस तरह से गांधी जी ने अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए सत्य-अहिंसा और स्वदेशी को अपनाया था, उसी तरह एनपीएस को भगाने के लिए भी संगठन द्वारा उन्हीं के पद चिन्हों पर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि गोरे अंग्रेजों के बाद वर्तमान समय में जो लोग सत्ता पर बैठे हैं, वह कर्मचारियों की पेंशन खत्म करके खुद पेंशन ले रहे हैं, जो कि सरासर गलत है। उन्होंने मांग की है कि यदि जल्द पेंशन बहाल नहीं हुई, तो संगठन द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के लिए और बड़े आंदोलन किए जाएंगे। यदि चुनावों तक भी पेंशन बहाल नहीं होते, तो इस बार कर्मचारी अपना वाेट पुरानी पेंशन बहाली के लिए ही देगा। इस मौके पर जिला मंडी के अध्यक्ष लेखराज राज, सलाहकार कन्हैया राम सैनी, सचिव नसीब सिंह, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ अवस्थी, महिला विंग अध्यक्ष मंजुला वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय शर्मा, महासचिव प्रवीण धीमान, महिला विंग महासचिव वनिता सकलानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रेखा शर्मा, अतिरिक्त महासचिव भारती बहल व संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मज़दूर-किसान विरोधी नीतियों को रोकने करने के लिए जनता का संघर्ष ज़रूरी फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी सीटू का दो दिविसिय 14वां राज्य सम्मेलन आज मंडी में शुरू हुआ, जिसमें सीटू से जुड़ी 65 यूनियनों के तीन सौ प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन की अध्यक्षता विजेंद्र मेहरा, जगत राम, भूपेंद्र सिंह, जोगिंदर कुमार और बिना शर्मा कर रहे हैं। स्वागत समिति के अध्यक्ष कामरेड देवीदास ने सभी मेहमानों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया, जिसका उदघाटन सीटू के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद तपन सेन ने किया। उन्होंने कहा कि देश गंभीर हालत से गुज़र रहा है, जिसमें सरकार की विनाशकारी नीतियों के कारण एक तरफ़ जनता महंगाई व बेरोज़गारी से परेशान है, तो दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था संकट में है, जिसमें रोजगार बढ़ने के बजाए कम होते जा रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार लगातार मज़दूर, किसान और आमजनता विरोधी नीतियां लागू कर रही है। सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण आज हमारे देश की संपत्तियां मुठी भर पूंजीपतियों को लुटाई जा रही है, जिसका परिणाम ये है कि अडानी आज दुनिया का दूसरे नंम्बर का धनवान बन गया है, जबकि गरीबी में हम नाइजीरिया से भी नीचे चले गए हैं। मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र को राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाईपलाईन योजना के नाम पर अपने मित्र पूंजीपतियों को कौड़ियों के भाव बेचने की नीति लागू की है।रेल, कोयला ,हवाई जहाज, बैकं, बीमा क्षेत्र के साथ साथ अब तो सरकार ने फ़ौज में सैनिकों की भर्ती को भी पार्ट टाइम आधार पर शुरू कर दिया जिसके चलते अब अग्निवीर भर्ती किये जायेंगे।सरकार सभी प्रकार के रोज़गार स्थायी के बदले पार्ट टाइम और कांट्रेक्ट पर उपलब्ध कराने की नीति लागू कर रही है।सरकार ने मज़दूरों के हकों की रक्षा के लिए बने श्रम कानूनों को पूंजीपतियों और बड़ी कारपोरेट घरानों के पक्ष में बदलने का फैसला लिया है, जिसका सीटू और अन्य मज़दूर संगठन विरोध कर रहे हैं। सरकार ने काम के घंटे आठ से बढ़ाकर 12 करने का फैसला किया है। मोदी सरकार आज़ादी के 75वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित किए जा रहे अमृत महोत्सव के नाम पर समाज में जहर घोल रहे हैं और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। इस सरकार के कार्यकाल में धर्म व जाति के आधार पर बंटवारा बढ़ा है और महिलाओं और दलितों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रहे हैं।इसलिए इन विनाशकारी नीतियों को लागू होने से रोकने का एक ही मंत्र है कि मज़दूर, किसान,कर्मचारी और अन्य मेहनतकश जनता को संगठित होकर इस सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष तेज करना होगा।हमें जनता को इस सरकार की जनविरोधी नीतियों के बारे जागरुक करने की बहुत ज्यादा ज़रूरत है। सम्मेलन को मज़दूर संगठन एटक के राज्य उपाधयक्ष लेख राम वर्मा, जनवादी महिला समिति की अध्यक्षा विना वैद्या, नौंजवान सभा के सुरेश सरवाल किसान सभा के जोगिंदर वालिया और एस एफ आई के उपेंद्र और हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के भीम सिंह और एचपीएम आर के जगदीश ठाकुर ने भी अपने संगठन की ओर से सम्मेलन के लिए शुभकामनाएं दी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मपुर (मंडी) मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में गत पौने 5 वर्ष प्रदेश में कोरोना महामारी के अवरोध के बावजूद एक समान संतुलित विकास सुनिश्चित किया गया। यह बात जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने आज शुक्रवार को 100 करोड़ रुपए की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ग्राम पंचायत टिहरा, कोट, ग्रयोह, चोलथरा, सधोट,सज्जाओ पिपलू व डरबाड़ के लिए ऊठाऊ सिंचाई योजना का भूमिपूजन करने के उपरांत जनससमूह को संबोधित करते हुए कही। महेन्द्र सिंह ठाकुर ने 115 करोड़ से निर्मित जलजीवन मिशन के तहत बहुग्राम ऊठाऊ पेयजल योजना, 12 करोड़ से निर्मित मिनी सचिवालय, टिहरा का लोकार्पण भी किया। उन्होंने 33 लाख की लागत से बनने वाले पंचायत घर, कोट का भूमि पूजन, 27 लाख रुपए की लागत से बनने वाले जल गुणवत्ता प्रशिक्षण केंद्र, कोट का भूमि पूजन, 80 लाख की लागत से बनने वाली संपर्क सड़क गांव टिक्कर, 67 लाख की लागत से बनने वाली संपर्क सड़क तनिहार से बाबा कमलाहिया, 41 लाख रुपए की लागत से बनने वाली संपर्क सड़क तनिहार से लोअर तनिहार का भूमि पूजन किया तथा 1.25 करोड़ से निर्मित धलौण-राख सड़क पर 170 फीट स्पैन वैली पुल का लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थय केंद्र स्कोह का भी शुभारंभ किया। महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि टिहरा मंे मिनी सचिवालय बनने से यहां स्थित विभिन्न विभागों के कार्यालय एक भवन के छत के नीचे लाए गए हैं, ताकि लोगों को विविध कार्यालयों की सुविधाएं इस मिनी सचिवालय में मिल सके। उन्होंने कहा कि टिहरा के सिविल अस्पताल भवन के बनने से यहां के लोगों को 50 बिस्तर के अस्पताल की सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में सभी तमाम सुविधाएं लोगों की सहूलियत के लिए मुहैया कराने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने उन्हें पिछले 35 वर्षाें में राजनीतिक मजबूती प्रदान की तथा उन्होंने भी स्वयं उनके विश्वास पर खरा उतरने का भरपूर प्रयास किया है। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि शीघ्र ही 11 करोड़ की लागत से कोट, रोसो, थाना गांवों के लिए मल निकासी योजना बनाई जाएगी, जिससे यहां के बाशिंदे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि लोगों व अधिकारियों की सुविधा हेतु धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर बढ़िया व बेहतर सुविधा प्रदत 25 रेस्टहाऊस निर्मित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में सभी आधारभूत सुविधाओं को लोगों को सुनिश्चित किया गया है। जल शक्ति मंत्री ने लोगों से आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बागबानी के क्षेत्र में 1300 करोड़ के शिवा प्रोजेक्ट को अपनाने की सलाह दी, जिसमें किसानों-बागबानों को सरकार द्वारा भरपूर मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में 75 कलस्टर इस प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जहां अभी कलस्टर नहीं बने ऐसे लोगों को बंजर पड़ी जमीन को फलोत्पादन के तहत लाने का आग्रह किया। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि 100 करोड़ से बनने वाली संधोल से टिहरा तथा 100 करोड़ से ही चोलथरा से बरच्छबाड़ तक निर्मित होने वाली सिंचाई योजना से क्षेत्र के खेतों के लिए पानी की कमी नहीं रहेगी, जिससे बेहतर पैदावार किसान-बागवान कर सकेंगे। उन्होंने टिहरा को उप तहसील का दर्जा देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया, पंचायत प्रधान कोट रीना कुमारी, प्रधान टिहरा अंजू, बीडीसी सदस्य मनीषा शर्मा, वाईस चेयरमैन बीडीसी देव राज, पूर्व बीडीसी अध्यक्ष विनोद ठाकुर, पूर्व प्रधान यश पठानिया, रमेश ठाकुर, एसडीएम करतार धीमान, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति रोहित दुबे, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति राकेश पराशर, अधिशाषी अभियंता विद्युत सुनील चंदेल, क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी नरेंद्र शर्मा, एसएमएस बागबानी रामेश ठुकराल, भू-संरक्षण अधिकारी धर्मपाल, डॉ. सतपाल वर्मा, पंचायती राज संस्थानों के पदाधिकारी, पार्टी पदाधिकारियों सहित विभिन्न भागों के अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 43वां प्रदेश अधिवेशन इस वर्ष माता शूलिनी की पावन धरा सोलन में होने जा रहा है। यह अधिवेशन जिला सोलन के पुलिस ग्राउंड में आयोजित होगा। अधिवेशन का आयोजन 2, 3 व 4 अक्तूबर 2022 को होगा, जिसमें पूरे प्रदेश से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 800 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। अभाविप सोलन विभाग के विभाग संयोजक मनीष बिरसानटा ने बताया कि इस कार्यक्रम की तैयारी में जिला सोलन के कार्यकर्ता बीते दो महीनों से दिन रात मेहनत कर रहे हैं। अधिवेशन की तैयारियां के लिए विभिन्न टोलियों का गठन कर उन्हें काम सौंपे गए हैं व सभी कार्यकर्ता पूरी लगन से कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। दीवार लेखन, पोस्टर चिपकाने, फ्लेक्स लगाने सहित प्रचार प्रसार में कार्यकर्ता रातों में भी निरंतर कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में अभाविप हिमाचल प्रदेश की साल भर में प्रदेश में हुई गतिविधियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। अधिवेशन के दूसरे दिन राज्यसभा सांसद प्रो. राकेश सिन्हा मुख्यतिथि के रूप में शिरकत कर के कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में 03 अक्तूबर को शोभायात्रा के साथ शक्ति प्रदर्शन कर प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर विभिन्न भाषण भी छात्र नेताओं द्वारा संचालित किए जाएंगे। इस अधिवेशन में प्रदेश की वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य व वर्तमान स्थिति पर चिंतन कर, नई रणनीति बनाई जाएगी। अधिवेशन के अंत में वर्ष 2022-23 की नई कार्यकारणी भी बनाई जाएगी।
सीटू का 14वां राज्य सम्मेलन कल से फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी मज़दूर संगठन सीटू का 14वां दो दिवसीय राज्य सम्मेलन पहली व 2 अक्तूबर को दीप पैलेस रामनगर मंडी में शुरू हो रहा है, जिसकी अध्यक्षता सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा करेंगे। सम्मेलन के लिए मंडी नगर का नामकरण दिवगंत सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्यामल चक्रवती नगर से किया गया है और सम्मेलन हाल का नामकरण रघुनाथ हाल और मंच का नाम रंजना नरूला के नाम से किया गया है। इस सम्मेलन में सीटू से जुड़ी विभिन्न यूनियनों के 300 प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए सीटू के ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस सम्मेलन के उद्घाटन के लिए पूर्व सांसद व सीटू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन भाग लेंगे और राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह सम्मेलन का सम्मापन करेंगे। सम्मेलन के आयोजन के लिए गठित स्वागत समिति के अध्यक्ष देवी दास प्रदेश भर से आये प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे और बिरादराना मजदूर संगठनों को भी इस सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है। राज्य महासचिव प्रेम गौतम पिछले तीन वर्ष की रिपोर्ट पेश करेंगे, जिस पर सभी प्रतिनिधि चर्चा करेंगे और अगले तीन वर्ष के कार्यों का निर्धारण करेंगे सम्मेलन में कुल दस प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जिसमें आंगनवाड़ी वर्करों को एनटीटी भर्ती में प्राथमिकता देने मनरेगा मजदूरों को 350 रुपए दैनिक मज़दूरी देने तथा बोर्ड से मिलने वाले सभी लाभ पूर्व की भांति देने की मांग की जाएगी।आउटसोर्स मजदूरों व कर्मचारियों को संबंधित विभागों में नियोजित करने तथा सरकारी महकमों में रैगुलर आधार पर रोजगार देने की नीति लागू करने की मांग की जाएगी। इसके अलावा मिड-डे-मील वर्करों, रेहड़ी-फहड़ी मजदूरों, फोर लेन मज़दूरों, सीमेंट, निर्माण, बीआरओ, बिजली व जलशक्ति विभाग में नियुक्त मज़दूरों को न्यूनतम वेतन अदा करने की भी मांग की जाएगी। मंत्रिमंडल में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार द्धारा एक और सरकारी कंपनी बनाने के फ़ैसले के बारे में भी रणनीति तैयार की जाएगी।सम्मेलन में अगले तीन वर्षों के लिए नई राज्य कमेटी का भी चयन किया जाएगा।
मंडी के पड्डल मैदान में भाजपा की युवा विजय संकल्प रैली में युवाओ का जन सैहलाब उमड़ा। दूर दराज से लोग रैली में पहुचे। वही, भरमौर से टिकट की दावेदारी पेश कर चुके डॉक्टर जनकराज भी सैकड़ो समर्थको के साथ पारंपरिक परिधान पहनकर रैली स्थल तक पहुचे। इस दौरान समर्थको ने जनकराज के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भरमौर ओर पांगी से 70 गाडियो 357 लोग उनके साथ रैली में शामिल होने पहुचे। वहीं, डॉक्टर जनकराज ने कहा कि हमारी संस्कृति और समाज काफी महत्वपूर्ण है और इसलिए लोगो ने ये फैसला लिया कि अपने स्थानीय परिधानों में काफी उत्साहित हो कर पीएम मोदी का स्वागत करने पहुचे है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते है और उनके स्वागत के लिए प्रदेश के कोने कोने से लोग यहां पहुचे है। बता दे कि डॉ जनकराज प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएसमी के एमएस है और न्यूरोसर्जन है। इस बार डॉ जनकराज ने भरमौर से टिकट की दावेदारी पेश की है और नौकरी छोड़ने का नोटिस सरकार को दे दिया है और लंबे समय से भरमौर पांगी में जनसम्पर्क अभियान चलाया है जहा लोगो का उन्हें काफी समर्थन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बल्क ड्रग फार्मा पार्क स्वीकृत करने के लिए किया आभार व्यक्त फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से मंडी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान में प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित विशाल युवा विजय संकल्प रैली को संबाेधित करते हुए कहा कि केंद्र की गठबंधन सरकारें लोगों को विकास प्रदान करने में विफल रही, जिससे विश्व में भारत की क्षमता पर संशय पैदा हुआ। इसलिए निर्बाध विकास के लिए स्थिरता समय की मांग है। प्रधानमंत्री को खराब मौसम के कारण मण्डी का दौरा रद्द करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के आत्मविश्वास और कुशलता से भारत को बहुत लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के युवाओं को देश के विकास में भागीदार बनने के लिए अधिकतम अवसर प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। देश के विकास और सुरक्षा में हिमाचल प्रदेश के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विकास और स्वतंत्रत संग्राम में इस पहाड़ी प्रदेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश के विकास में हिमाचल प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा का निरंतर उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वासन दिया कि प्रदेश के लोगों का आर्शीवाद और स्नेह प्राप्त करने के लिए आगामी दिनों में वह प्रदेश का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए रिकॉर्ड धन राशि आवंटित की है और प्रदेश के सिरमौर जिला के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में स्थान प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले आठ वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश को विभिन्न राष्ट्रीय संस्थान स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित होने वाले बल्क ड्रग फार्मा पार्क और मेडिकल उपकरण पार्क युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव और रिश्ता है। वह जब भी प्रदेश का दौरा करते हैं, उन्हें अपने दूसरे घर में आने की भावना का अहसास होता है। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही आगामी दिनों में प्रदेश का दौरा करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेशवासियों के लिए यह गौरव का क्षण होता कि छोटी काशी मंडी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया जाता, लेकिन खराब मौसम के कारण प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से मंडी नहीं आ सके। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का प्रदेश में बल्क ड्रग फार्मा पार्क को सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पार्क प्रदेश के लोगों के लिए कई मायनों में लाभदायी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क में लगभग 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश अनुमानित है और लगभग 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना लागत का 90 प्रतिशत जिसकी अधिकतम सीमा 1000 करोड़ रुपये है, भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल देश के उन तीन राज्यों में से एक है जिन्हें बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए चयनित किया गया है। यह प्रदेश के प्रति प्रधानमंत्री के स्नेह को दर्शाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लोग सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री का स्नेह प्राप्त है। प्रधानमंत्री प्रदेश की विकासात्मक आवश्यकताओं के प्रति हमेशा संवेदनशील रहते हैं। प्रदेश की जनता का भी प्रधानमंत्री के साथ विशेष लगाव है, जो राज्य की सबसे बड़ी सम्पति है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए प्रधानमंत्री द्वारा मेडिकल डिवाइस पार्क स्वीकृत किया गया है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा प्रदान करने के साथ हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाएगा। इस अवसर पर सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने भी अपने विचार साझा किए और इस आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रदेश के युवाओं का आभार व्यक्त किया। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कहा कि पहाड़ी युवाओं में समाज में गुणवत्तापूर्ण बदलाव लाने की क्षमता है। इस अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अमित ठाकुर ने अपने विचार प्रस्तुत किए और रैली को सफल बनाने के लिए युवाओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, भाजपा के उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना, मंत्रीगण, विधायक, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उपस्थित थे।


















































