प्रदेश सरकार राज्य में गुणात्मक और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान कर युवाओं को स्वावलंबन की राह पर अग्रसर कर रही है। हिमाचल सरकार प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दे रही है। प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा संस्थानों में कई नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। वर्तमान में तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कुल 363 तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान क्रियाशील हैं। प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में 5 इंजीनियरिंग कॉलेज, 4 फार्मेसी कॉलेज, 16 बहुतकनीकी संस्थान, 138 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं एक मोटर ड्राइविंग एवं हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी ऑपरेटर स्कूल तथा निजी क्षेत्र में 9 इंजीनियरिंग कॉलेज, 16 फार्मेसी कॉलेज, 9 बहुतकनीकी संस्थान, 14 डी-फार्मेसी कॉलेज एवं 151 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कार्यरत हैं। इन संस्थानों की क्षमता 58439 है। प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा के राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान रैहन में कम्प्यूटर इंजीनियरिंग और सिविल इजीनयरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया है। प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में अगले शैक्षणिक सत्र से जवाहर लाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज सुंदरनगर में कम्प्यूटर सांइस में बीटेक तथा सिविल इंजीनियरिंग में एमटेक कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान कंडाघाट में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पाठ्यक्रम तथा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान तलवाड़ में फार्मेसी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। प्रदेश में कुशल मानव संसाधन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जिला बिलासपुर के बंदला में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज और शिमला जिला के कोटला ज्यूरी में महात्मा गांधी इजीनियरिंग कॉलेज अनुमोदित किए गए हैं। प्रदेश सरकार ने मंडी जिला के करसोग और सिराज, कांगड़ा जिला के जन्दौर एवं सुलह तथा कुल्लू के दलाश में बहुतकनीकी संस्थान स्थापित करने के लिए अधिसूचना जारी की है। प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिला के सुलाह विधानसभा क्षेत्र में राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय खोलने के लिए अधिसूचना जारी की है। शिमला जिला के अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय प्रगतिनगर में डिग्री स्तर का इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग व्यवसाय (ट्रेड) वर्ष 2019 से चलाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने प्लम्बिग, वेल्डिंग, इलेक्ट्रिकल मरम्मत जैसी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए कौशल आपके द्वार योजना आरंभ की है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को न्यूनतम संभावित दरों पर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
वर्तमान में साइबर क्राइम बढ़ रहा है। रोज लोगों को चूना लगाया जा रहा है। इसी तरह का एक मामला सामने आया है। इस संबंध में साइबर सेल शिमला को एक शिकायत प्राप्त हुई। इसमें शातिर ने शिकायतकर्ता को बिजली का नया मीटर लगाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया। शातिर ने पीडि़त के मोबाइल में क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड करवाया। साथ ही बैंक संबंधी निजी जानकारी भी ले ली। इसके साथ ही उसने पीडि़त के अकाऊंट से 1,60,000 निकलवा लिए। मामले पर साइबर सेल शिमला ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1,30,000 रुपए पीडि़त के खाते में वापस करवा दिए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला खंड विकास कार्यालय सोलन में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। यह बैठक विधायक कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विधायक ने विभिन्न पंचायतों में दिए गए धनराशि और विभिन्न स्कीमों की समीक्षा की, जो पंचायतों में कार्य चल रहे हैं और जो किसी कारण से नहीं शुरू हो पाया, उस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपस्थित प्रधानों उप प्रधानों और खंड विकास अधिकारी को कार्यों में थोड़ा तेजी लाने बारे कहा गया। विधायक ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों का विकास कार्यों में अहम भूमिका होती है। बैठक में संजीव ठाकुर अध्यक्ष विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सोलन विशेष रूप से उपस्थित रहे। खंड विकास अधिकारी विजय शर्मा, राजेश आरोड़ा, सुमित ठाकुर, पंचायतों के सचिव, तकनीकी सहायक व सहित उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल भाजपा 8 मई को होटल पीटरहॉफ में मीडिया कार्यशाला का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्घाटन सत्र को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा संबोधित करेंगे, जहां वह बैठक में आए प्रतिनिधियों को टिप्स देंगे। इस कार्यशाला में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी, सह प्रभारी, जिला प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी, प्रवक्ता एवं सभी सात मोर्चा के मीडिया प्रभारी शामिल होंगे। एक सत्र को भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा संबोधित करेंगे और समापन सत्र को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला मीडिया के क्षेत्र से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं के लिए लाभकारी होगी। यह चुनावी साल है और बीजेपी अपने अभियान में काफी आक्रामक होगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रही एनटीटी अध्यापिकाओं ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती न होने से ये अध्यापिकाएं काफी परेशान है। हिमाचल में राज्य सरकार ने 4000 से ज्यादा स्कूलों में प्री नर्सरी की कक्षाएं शुरू कर दी हैं। इनमें 700 स्कूल और जोड़े जा रहे हैं। अब तक 55,000 बच्चों का एनरोलमेंट यहां हो चुका है, लेकिन इन्हें संभालने और पढ़ाने के लिए टीचर की भर्ती अब तक नहीं हो पाई है। वर्तमान में सरकार ने जेबीटी को ही ये काम दे रखा है। प्री नर्सरी कक्षाएं अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भाग हैं। इसके बावजूद अब तक शिक्षकों की भर्ती के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके लिए समग्र शिक्षा अभियान ने बजट भी दे रखा है, लेकिन भर्ती नीति फाइनल नहीं हो पा रही। एनटीटी अध्यापिकाएं इस देरी से काफी परेशान है और सरकार से नाराज भी हैं। एनटीटी प्रशिक्षित महासंघ का कहना है कि भर्ती में ये विलंब समझ से परे हैं। उनका कहना है कि काफी लंबे समय से वे इस भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, मगर सरकार द्वारा इसे लंबा खींचे जाने से वे काफी परशान है। संघ का कहना है कि पढ़ी-लिखी होने के बावजूद कई अध्यापिकाएं बेरोजगार है और आर्थिक तंगी झेल रही है। एनटीटी प्रशिक्षित महासंघ की महासचिव कल्पना शर्मा का कहना है कि इन महिलाओं ने नर्सरी अध्यापिका का प्रशिक्षण यह सोचकर प्राप्त किया था कि भविष्य में उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इनमें से अधिकतर महिला गरीब परिवार से संबंधित है और कुछ महिलाएं विधवा है। सभी महिलाओं ने मिलकर बार-बार हिमाचल सरकार से रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए आग्रह किया हैं, लेकिन प्रदेश सरकार सुध लेने को तैयार नहीं। 1996 -97 में नर्सरी अध्यापिकाओं को प्राथमिक पाठशालाओं में लगाया गया था, परंतु उसके बाद से आजतक कोई नर्सरी अध्यापिका नहीं लगाई गई है। उनका कहना है कि सरकार को हमारी मांगें जल्द पूरी करनी होगी, अन्यथा आंदोलन उग्र रूप लेगा। एनटीटी और आंगनबाड़ी वर्कर, दोनों मांग रहे नियुक्ति- एनटीटी कर चुकी महिलाएं बीते लंबे समय से उन्हें ही इन स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग कर रही हैं। उधर, आंगनबाड़ी वर्कर भी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। दोनों ही संगठनों की ओर से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन भी किए गए थे। सरकार के अनुसार ये विलम्ब नीति न बन पाने के कारण हो रहा है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के शिक्षा विभाग के अनुसार एनटीटी कोर्स की मान्यता को लेकर पूरे देश में दिक्कत आ रही है। इसलिए एनसीटीई के भर्ती नियमों में आजकल के हिसाब से कुछ बदलाव करने की जरूरत है। इससे पहले राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने दिल्ली से एनटीटी के रिकाग्राइज्ड संस्थानों की सूची मांगी थी। जवाब के बाद ये उम्मीद दिखी है कि एनसीटीई के 2018 के भर्ती नियमों में बदलाव होगा। इसमें दो साल के एनटीटी डिप्लोमा की बात की गई है, जबकि एक साल की अवधि के कोर्स वाले भी राज्य में मौजूद हैं। ये है एनटीटी की मुख्य मांगे- - प्री प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं को नियुक्त किया जाए। - प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति आरएंडपी रूल्स बनाकर की जाए। - प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति नियमित आधार पर की जाए। - आयु सीमा में छूट दी जाए। - योग्यता प्लस टू पास हो व नर्सरी का विशेष प्रमाण पत्र रखा जाए। - वार्ड ऑफ़ एक्स सर्विस मैन का कोटा दिया जाए। - प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति बैच वाइज की जाए। - उच्च शिक्षा प्राप्त प्रार्थी को शिक्षा योग्यता के अनुसार प्राथमिकता दी जाए। - प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका की नियुक्ति बिना किसी शर्त के की जाए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के 1700 पदों को भरने के लिए फिटनेस टेस्ट के बाद 27 मार्च को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें कांस्टेबल के 1334 पदों के लिए 75803 अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा दी थी। इनमें 60454 पुरुष और 14653 महिला उम्मीदवार थीं, जिसका परिणाम 5 अप्रैल को जारी कर दिया गया था, परंतु 6 मई को यह सामने आता है कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती का पेपर पहले ही लीक हो चुका था, जिस कारण यह परीक्षा परिणाम हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् इस घटना को कड़ी निंदा करती है। जिला कांगड़ा के गगल पुलिस थाना में आईपीसी की धारा-420 और 120 बी के तहत पेपर लीक को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की जिस तरह से देखने में आ रहा है कि पुलिस प्रशासन ने अभी एक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जो की एक निंदनीय विषय है। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी भी नाटियां डालने में व्यस्त हैं और इस विषय को लेकर जरा भी सख्त नहीं है। पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समाज हित के लिए कार्य करने वाले विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन होने के नाते यह मांग करती है की जल्द से जल्द इस मामले पर कार्रवाई शुरू की जाए व जो भी दोषी पाए जाते हैं, उनको कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी कोई भी इस तरह के निंदनीय कार्य करने के बारे में न सोचे। इसी के साथ विद्यार्थी परिषद पुलिस प्रशासन से यह मांग करती है कि जल्द से जल्द इस परीक्षा को पुनः करवाया जाए। यह जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने दी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज कुल्लू जिला के बंजार विधानसभा क्षेत्र में सैंज मेले के अवसर पर विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए नई राहें, नई मंजिलें योजना के अंतर्गत कुल्लू जिला के सैंज क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, सैंज में संयुक्त कार्यालय भवन निर्मित करने तथा क्षेत्र के लोगों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य स्वास्थ्य केंद्र सैंज की क्षमता 50 बिस्तरों तक करने की घोषणा की। उन्होंने 2.70 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर सैंज तथा ग्राम पंचायत कोटला में ‘हर घर नल से जल’ योजना के अंतर्गत 2.07 करोड़ रुपए की जलापूर्ति योजना लारजी का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने सैंज में खण्ड प्राथमिक शिक्षा कार्यालय भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले और त्यौहार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मेले मनोरंजन का मुख्य साधन हैं। इस तरह के आयोजनों से न केवल समृद्ध परंपराओं तथा संस्कृति को संरक्षित करने में मदद मिलती है, बल्कि इससे हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत भी समृद्ध होती है। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी संस्कृति पर हमेशा गर्व करना चाहिए। क्योंकि अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा समाज ही आगे बढ़ता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान प्रदेश के लोग केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकासात्मक कार्यक्रमों से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना व उज्ज्वला योजना इत्यादि अनेक योजनाओं का प्रदेश के लाखों लोगों ने लाभ उठाया है। इसी प्रकार गृहिणी सुविधा योजना, सहारा योजना, हिमकेयर, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से राज्य के लगभग प्रत्येक परिवार को लाभ पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय सिनहान को उच्च विद्यालय, राजकीय उच्च विद्यालय कनौन को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मनिहार एवं काइशुधार को राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठनों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्यों का अभिनंदन करते हुए कहा कि स्थानीय देवी-देवताओं के आशीर्वाद से आज मुख्यमंत्री ने सैंज में 2.70 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह के कारण ही क्षेत्र में डिग्री कॉलेज और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना संभव हो पाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। उन्होंने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों से भी अवगत करवाया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, भाजपा जिला अध्यक्ष भीम सैन शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर, भाजपा मंडल अध्यक्ष बलदेव महन्त, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, पुलिस निदेशक गुरदेव शर्मा अन्य सहित उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश बोर्ड द्वारा मेधावी छात्रों को मिलने वाली स्कॉलरशिप में बढ़ोतरी से बच्चे लाभान्वित होंगे। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार महामंत्री मामराज पुंडीर संगठन मंत्री विनोद सूद एवं समस्त प्रांत कार्यकारिणी एवं समस्त जिला कार्यकारिणी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार और हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड का आभार व्यक्त करता है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए स्कॉलरशिप की राशि में बढ़ोतरी की गई है। प्रांत मीडिया प्रमुख हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ शशि शर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में मेरिट में आने वाले छात्रों को दी जाने वाली बोर्ड छात्रवृति राशि में 10000 से 25000 तक की बढ़ोतरी बोर्ड द्वारा की गई है। लिए गए निर्णय से हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों को एक अच्छी छात्रवृत्ति मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में बोर्ड की 118 की बैठक में जो निर्णय लिया गया ।उसमें इन मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति में अच्छा लाभ होगा। प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज प्रदेश ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सिंगल गर्ल चाइल्ड को भी बोर्ड द्वारा डॉक्टर राधाकृष्ण छात्रवृत्ति के तहत कक्षा दसवीं एवं जमा दो के छात्रों को कॉरपस अमाउंट के अंतर्गत गठित ट्रस्ट के माध्यम से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। पहले यह छात्रवृत्ति साधारण और शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों को ही मिलती थी। बोर्ड द्वारा सरकारी एवम सम्बद्धता प्राप्त स्कूलों की जो अनुदान राशि प्रदान की जाती है उसमें भी बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है, जो पहले गवर्नमेंट और प्राइवेट एफिलेटेड स्कूल को 20000 रुपए की राशि व्यक्ति थी वह अब बढ़कर 50000 रुपए की राशि मिलेगी। यह जानकारी शशि शर्मा प्रांत मीडिया प्रमुख हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने दी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि जयराम सरकार को पेपर लीक सरकार करार दिया। उन्होंने प्रदेश भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में पहले पटवारी, जेओए आईटी अब प्रदेश की कानून व्यावस्था को देखने वाली पुलिस भर्ती का पेपर लीक हो गया और सरेआम प्रदेश के नौजवान युवाओं के साथ धोखा हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल हर घोटालें में मात्र एसआईटी गठित की जाती है, लेकिन उसका रिजल्ट कोई नही आता है। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग केंद्रीय विश्वविद्यालय व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में चोर दरवाजे से भर्ती कर बिना पात्रता के हजारों लोगों को भर्ती किया गया हैं। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुख्य पदों पर बैठे नोमिनेटिड मुख्यमंत्री के ओएसडी ने अपनी पत्नी सहित 8 बच्चों को चोर दरवाजे से बिना मापदंडों को पुरे किए विश्वविद्यालय के माॅडल स्कूल में नौकरी दी गई। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करती है। नेगी निगम भंडारी ने मांग की है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में चोर दरवाजे से हुई भर्तीयों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा की भाजपा की जिस भी प्रदेश में सरकारें हैं, उन प्रदेशों में इस तरह के घोटाले सरेआम हो रहें है। चाहे हरियाणा हो, यूपी हो व मध्य प्रदेश हो जहां पेपर लीेक करवा कर नौजवान युवाओं के साथ घोर अन्याय हो रहा है।
खन्ना ने पंजाब पुलिस पर उसके नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा का "अपहरण" का आरोप फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि दिल्ली भाजपा प्रवक्ता तजिंदर सिंह बग्गा की पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तारी काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। आम आदमी पार्टी विरोधियों से हिसाब चुकता करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। आप जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, वे आलोचकों के लिए बिल्कुल भी खुले नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति जनता को उनका असली चेहरा दिखाने की कोशिश करता है, तो आप शत्रुतापूर्ण तरीके से रिएक्ट करती है, जो अनैतिक है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पंजाब में डमी सरकार चला रहे हैं। यह घटना इसी आरोप की पुष्टि है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस के अधिकारियों की एक टीम ने भाजपा नेता को उनके दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्हें बग्गा की गिरफ्तारी के बारे में सूचित नहीं किया गया था और पंजाब पुलिस के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया। पंजाब पुलिस की टीम को बाद में स्थानीय पुलिस ने हरियाणा में रोका, जिसने बग्गा को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। क्या यह संभव है कि पंजाब पुलिस ने दिल्ली पुलिस को विश्वास में नहीं लिया हो? उन्होंने कहा कि 10-12 वाहनों में लगभग 50 पुलिसकर्मी बग्गा को उनके आवास से गिरफ्तार करने आए थे। क्या यह उचित है कि साइबर शिकायत के लिए इतनी बड़ी ताकत लगाई जाए? बग्गा कोई आतंकवादी नहीं, सामान्य नागरिक हालांकि पुलिस टीम को सड़क मार्ग से बग्गा को मोहाली ले जाते समय हरियाणा पुलिस ने कुरुक्षेत्र के पास रोक लिया। यह पूछे जाने पर कि पंजाब पुलिस की टीम को क्यों रोका गया। हरियाणा पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसी सूचना थी कि बग्गा को उनके आवास से "जबरन" उठाया गया था। यह दिल्ली और पंजाब में आप सरकार की गलत मंशा को दर्शाता है। पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें हरियाणा द्वारा अपने पुलिसकर्मियों को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप लगाया गया। याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। यह पूरी तरह से दिखाता है कि कैसे आम आदमी पार्टी पंजाब पुलिस को प्रभावित करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। कोर्ट से ऊपर कुछ भी नहीं है। तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी के तरीके को लेकर सवाल उठाए गए हैं। दिल्ली पुलिस, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, ने बग्गा के पिता की शिकायत के आधार पर अपहरण का मामला दर्ज किया कि दिल्ली के जनकपुरी में सुबह करीब 8 बजे कुछ लोग उनके घर आए और उनके बेटे को ले गए। मेरे संज्ञान में आया है कि जब पुलिस के जवान बग्गा के घर आए और तजिंदर को घसीटकर बाहर निकाला। जब उसके पिता ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए अपना मोबाइल फोन उठाया, तो पुलिस उसे दूसरे कमरे में ले गई और उसके चेहरे पर मुक्का मारा, यह उनकी बर्बर हरकत को दर्शाता है। अविनाश राय खन्ना ने कहा कि बग्गा को पंजाब पुलिस ने अवैध रूप से दिल्ली से गिरफ्तार किया था। भाजपा ने दिल्ली उच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है, और कथित प्रक्रियात्मक खामियां हैं। खन्ना ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है। केजरीवाल सरकार की गुंडागर्दी और निरंकुश रवैये से बीजेपी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं, हम रुकेंगे नहीं और किसी भी अन्याय का मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने पंजाब पुलिस पर भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा का "अपहरण" करने का आरोप लगाया और आरोप लगाया कि केजरीवाल राज्य पुलिस के माध्यम से प्रतिशोध की राजनीति कर रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि अगर आप किसी का असली चेहरा देखना चाहते हैं तो उस शख्स को ताकत दें, केजरीवाल का असली चरित्र और चेहरा अब सामने आ गया है।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विक्रांत शर्मा ने पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा को रद्द करने के सरकार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह कठोर परिश्रम करने वाले परीक्षार्थियों के साथ घोर अन्याय है। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। पिछले दो साल से पुलिस की इस भर्ती के लिये करीब 70 हजार युवाओं ने कड़ी मेहनत की थी, जिस पर पानी फिर गया है। कई युवा तो ओवरऐज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ न करे। उन्होंने सरकार से पूछा कि जांच के आदेश कब दिए और पेपर लीक करने में मुख्य दोषी कौन है। उन क्या कार्रवाई हो रही है। जिन्होंने पेपर लीक किया उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। करवाई न हुई तो युवा कांग्रेस सड़क पर उतर कर आन्दोलन करेगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश में सुदृढ़ होती न्यूरोसर्जरी की सुविधाएं प्रदेश सरकार के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में न्यूरोसर्जन के पांच पद सृजित किए हैं और पांचों पदों पर न्यूरोसर्जन उपलब्ध हैं। डॉ जनक राज आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, डॉ. ज्ञान चंद सहायक आचार्य, डॉ. विनीत सहायक आचार्य, डॉ. विप्लव सहायक आचार्य व डॉ. अक्षित सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त आईजीएमसी में न्यूरोसर्जरी विभाग में वर्ष 2021 से स्नातकोत्तर प्रशिक्षण भी उपलब्ध है। वर्तमान में हमारे यहां पर दो प्रशिक्षु डॉक्टर न्यूरोसर्जरी की पढ़ाई कर रहें हैं। डॉक्टर विक्रम द्वितीय वर्ष एमसीएच न्यूरोसर्जरी की पढ़ाई कर रहे हैं। डॉ. नीति मोदी एमसीएच प्रथम वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं हैं। प्रदेश के दूसरे बड़े मेडिकल कॉलेज टांडा में वर्तमान में तीन न्यूरोसर्जन कार्यरत हैं। डॉ. अमित जोशी आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, डॉक्टर मुकेश शर्मा सहायक आचार्य व डॉ. शरीश नलिन सहायक आचार्य के पद कर कार्यरत हैं। कुछ वर्ष पहले कई लोगों को सिर या रीढ़ की हड्डी की चोट और अन्य बीमारियों के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी। कई बार इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाना पड़ता था। वर्तमान में इलाज के लिए अब प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त हिमाचल में 3 न्यूरोसर्जन निजी क्षेत्र में भी कार्यरत हैं।
दिल्ली की तर्ज पर हिमाचल के किसानों-बागवानों को मुआवज़ा दे सरकार फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में मौसम की मार झेल रहे किसानों के प्रति आम आदमी पार्टी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारी ओलावृष्टि से खेतों में लगी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पहले एक ओर जहां करीब 2 माह तक बारिश की कमी के चलते सूखे के संकट से उनकी फसल खराब हुईं है, तो अब दूसरी ओर अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे में आम आदमी पार्टी प्रदेश सरकार से मांग की है कि भारी ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर किसानों और बागवानों को दिल्ली की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भारी ओलावृष्टि से कोई भी जिला ऐसा नहीं छूटा है, जहां ओलावृष्टि ने अपना कहर ना बरपाया हो। ओलावृष्टि ने जहां जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में सेब समेत जो गुठलीदार फल पौधे हैं, जिसमें आड़ू बदाम, खुमानी, पलम, चेरी को नुकसान पहुंचाया है, तो वहीं निचले और मध्य क्षेत्र जिसमें कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, कुल्लू, सिरमौर, किन्नौर जिलों के किसानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके खेतों में लगी गेहूं, जौ, मटर, टमाटर और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। गौरव शर्मा ने कहा कि किसानों और बागवानों को दूसरे राज्यों की तरह यहां की मुख्य फसल सेब और अन्य फसलों जैसे टमाटर, अदरक व मटर जैसी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बाज़ार की कीमत के मुताबिक दिया जाए। उन्होंने कहा कि एक ओर पहले ही सर्दियों में हुई बेमौसमी बर्फबारी के चलते लाखों का नुकसान हुआ है, तो अब एक बार फिर से बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के मुख्य आय के साधन व खेत मे लगी फसलों को बर्बाद कर दिया है। ऐसे में आम आदमी पार्टी प्रदेश सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द प्रभावित किसानों और बागवानों की फसलों का आकलन कर मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से आज यहां केंद्रीय इस्पात मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। केंद्रीय इस्पात सचिव संजय कुमार सिंह और राज्यपाल के सचिव विवेक भाटिया भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव संजीव ने आज यहां बताया कि आगामी 8 मई को विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर सोसायटी द्वारा रेडक्रॉस भवन, वार्नस कोर्ट (राजभवन के समीप) में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिविर प्रातः 10 बजे आरंभ होगा और सायं 4 बजे संपन्न हो जाएगा। उन्होंने लोगों से शिविर में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर रक्तदान का आग्रह किया, ताकि जरूरतमंद मरीजों के अमूल्य जीवन की रक्षा की जा सके। संजीव ने बताया कि राज्य रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा आज दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला में मरीजों व आउटसोर्स कर्मचारियों को 200 हाइजीन किट वितरित की गईं। उन्होंने बताया कि राज्य रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा जरूरतमंद लोगों तथा मरीजों की मदद के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रयास किए जाते हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। सोलन प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हिमाचल प्रदेश के युवा रोजगार के पीछे भागने की बजाय रोजगार प्रदाता बन सकें। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सोलन जिला के वाकनाघाट स्थित बाहरा विश्वविद्यालय में हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त प्लेसमेंट अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त प्लेसमेंट अभियान का आयोजन करना वास्तव में एक सराहनीय कदम है, जो राज्य के निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्राप्त करने में एक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त प्लेसमेंट अभियान में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को शामिल किया गया है। अभियान में भाग लेने वाली लगभग 50 बड़ी कंपनियों में अच्छे पैकेज पर सैकड़ों युवाओं का चयन किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने युवा उद्यमिता को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक 18 से 45 वर्ष की आयुवर्ग के युवाओं और 50 वर्ष तक की महिलाओं के लिए आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत एक करोड़ रुपए तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है, जिसके तहत युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए 25 से 30 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जाता है। अब प्रदेश सरकार ने महिलाओं और विधवाओं को 35 प्रतिशत उपदान देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक हिमाचल में 3758 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं और 10,253 लोगों को उनके घरद्वार के समीप रोजगार उपलब्ध हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य में 17 निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं और इससे हिमाचल देश का शिक्षा केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि इस एक दिवसीय प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। जयराम ठाकुर ने इस भव्य आयोजन में भाग लेने के लिए उद्यमियों को का आभार व्यक्त किया, जिसके माध्यम से राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियमन आयोग की ऑनलाइन सूचना प्रबंधन प्रणाली दिशा का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के क्रियान्वयन से निजी विश्वविद्यालयों और संस्थानों से संबंधित जानकारी, स्टाफ, पाठ्यक्रम, सुविधाएं, डिग्री से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्थानीय लोग को बल्कि प्रशिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भी लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चयनित विद्यार्थियों को जॉब ऑफर लैटर प्रदान किए। उन्होंने इस प्लेसमेंट ड्राइव में पंजीकृत उम्मीदवारों के साथ संवाद भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को मादक पदार्थों के सेवन के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक प्रणाली विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिसर में अनुशासन की अनुपालना सुनिश्चित की जानी चाहिए और विद्यार्थियों के व्यवहार की निगरानी की जानी चाहिए। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि यह प्लेसमेंट ड्राइव विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर में ही अपनी पसंद की रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यहां लगभग 50 कंपनियां कैंपस इंटरव्यू में भाग लेकर संभावित उम्मीदवारों का चयन कर रही हैं। इस अवसर पर नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अतुल कौशिक ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह प्लेसमेंट ड्राइव मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की प्रेरणा से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्लेसमेंट ड्राइव के लिए 1600 से अधिक युवाओं ने अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि यह एक सराहनीय प्रयास है कि विश्वविद्यालय के परिसर में ही विभिन्न औद्योगिक घरानों द्वारा उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। आयोग के सदस्य डॉ. शशिकांत शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। सोलन से भाजपा नेता डॉ राजेश कश्यप, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड की उपाध्यक्ष रशिम धर सूद, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सदस्य डॉ. नागेश ठाकुर, बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति गुरविंदर बाहरा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से केंद्रीय इस्पात मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री सुख राम चौधरी, सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, केंद्रीय इस्पात सचिव संजय कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. आर एन बत्ता भी उपस्थित थे।
शिमला : न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य ने आज यहां हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक भी उपस्थित थे। इस समारोह का आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में हुआ। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने शपथ समारोह की कार्यवाही का संचालन किया और न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के संबंध में भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति वारंट पढ़ा। राज्यपाल के सचिव विवेक भाटिया ने शपथ पत्र पर राज्यपाल और माननीय न्यायाधीश के हस्ताक्षर प्राप्त किए। लेडी गवर्नर अनघा आर्लेकर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीएस राणा, जीओसी-इन-सी आरट्रैक लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल, महाधिवक्ता अशोक शर्मा, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौण्डल, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, न्यायालय के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे। न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य का जन्म 22 दिसंबर, 1963 को हिमाचल प्रदेश के मंडी में हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा लेडी इरविन स्कूल शिमला और राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी शिमला से ग्रहण की है। उन्होंने राजकीय डिग्री महाविद्यालय शिमला से स्नातक व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से कानून की डिग्री प्राप्त की। वह वर्ष 1986 में बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश के साथ एक वकील के रूप में नामित हुए। उन्होंने जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों की कानून की सभी शाखाओं में अभ्यास किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम, नगर निगम शिमला और अन्य विभिन्न बोर्डों, निगमों और समितियों के लिए कानूनी सलाहकार एवं स्थायी अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ-साथ निजी पार्टियों के लिए मध्यस्थता की तथा उन्होंने कई मामलों में प्रशिक्षित मध्यस्थ के रूप में काम किया। वह विभिन्न कानूनी सहायता कार्यक्रमों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी और हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान में अतिथि के रूप में व्याख्यान दिए। उन्हें कई मामलों में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा न्याय मित्र के रूप में नियुक्त किया गया तथा 2015 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित हुए। वह हिमाचल प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए और 26 जून, 2021 को पद ग्रहण किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के जागरूकता वाहन कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में तकनीकी व्यवसायिक और शैक्षिक प्रशिक्षण को मजबूत करने के प्रयासों के लिए कौशल विकास निगम की सराहना की। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा राज्य के युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ गुणवत्तापूर्ण कौशल बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम द्वारा प्रदेश में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास परियोजना के तहत उन्नत कौशल संस्थानों का विकास किया गया है। इनमें 7 ग्रामीण आजीविका केंद्र, 5 शहरी आजीविका केंद्र, 10 मॉडल करियर केंद्र, एक महिला पॉलिटेक्निक, एक उत्कृष्टता केंद्र और एक आईटीआई शामिल है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा राज्य में लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम, ग्रेजुएट ऐड-ऑन, बैचलर ऑफ वेकेशन तथा रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। कौशल रथ के माध्यम से प्रदेश भर में युवाओं को निगम द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों की जानकारी प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर विधायक विनोद कुमार, बलबीर वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पंडा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, कौशल विकास निगम की प्रबंध निदेशक कुमुद सिंह, महाप्रबंधक सुनील ठाकुर व हर्ष अमरिंदर सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला शिमला नागरिक सभा शिमला शहर में नगर निगम शिमला व सरकार की लचर कार्यप्रणाली व पेयजल व्यवस्था के कुप्रबंधन के कारण पैदा हुए गंभीर पेयजल संकट व पानी के भारी भरकम बिलों को लेकर आज उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया तथा मांग की गई कि शिमला शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त कर शहर के सभी क्षेत्रों में हररोज नियमित पेयजल की आपूर्ति की जाए तथा जिस तरह से सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल माफ करने की घोषणा की है। उसी प्रकार से शिमला शहर व अन्य शहरी क्षेत्र में भी पानी के बिल माफ कर जनता को भारी भरकम पानी के बिलों से राहत प्रदान की जाए। प्रदेश सरकार का इस प्रकार का ग्रामीण व शहरी जनता के बीच भेदभावपूर्ण रवय्या असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक है। इस प्रदर्शन में जगत राम, अनिल ठाकुर, फालमा चौहान, सोनिया, मीना जगमोहन ठाकुर, बालक राम, हिम्मी देवी, किशोरी डटवालिया, विनोद बिसरांटा, पूर्ण, अमित ठाकुर, डॉ विजय कौशल, बंटी, अमित ठाकुर, रुक्सार, श्याम लाल, विवेक कश्यप, अंकित दुबे, राकेश, रमन थारटा, नीतीश, निरूपमा, प्रेम आदि ने भाग लिया। जबसे नगर निगम शिमला व सरकार में बीजेपी सत्तासीन हुई है, सरकार की नीतियों के कारण शिमला शहर में पीने के पानी, सफाई व्यवस्था व अन्य जनसेवाओं की दशा निरन्तर बिगड़ रही है और इनकी दरों में वृद्धि की जा रही है। बीजेपी ने पेयजल की व्यवस्था के निजीकरण के लिए कार्य करते हुए वर्ष 2018 में पेयजल की व्यवस्था के लिए कंपनी बनाकर पीने का पानी की व्यवस्था इसके हाथों में सौंप दी है। जिसके चलते जल आपूर्ति स्कीमों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद शहरवासियों को तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है और कई क्षेत्रों में तो 4-5 दिनों के बाद पानी की आपूर्ति की जा रही है। पूर्व नगर निगम के शिमला शहर की पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के सुधार के लिए किए गए प्रयासों से आज शिमला शहर में प्रतिदिन 38 से लेकर 47 MLD तक पानी की आपूर्ति की जा रही है। पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद शहर में तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो कि बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है। इससे बीजेपी की सरकार व नगर निगम शिमला की लचर व विफल कार्यशैली व पेयजल व्यवस्था के कुप्रबंधन से जनता की परेशानी बढ़ रही है और शिमला शहर में वर्ष 2018 का गंभीर पेयजल संकट भी नगर निगम शिमला व सरकार की लचर कार्यशैली का ही परिणाम रहा है, जिससे शिमला शहर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हुई थी। आगामी नगर निगम व विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा हाल ही में लोकलुभावनी घोषणाएं की गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल मुआफ़ करने की घोषणा भी शामिल है, परंतु शहरी क्षेत्रों में रह रहे लाखों लोगों को पानी के बिलों में छूट नही दी गई है। सरकार की नवउदारवादी नीतियों के कारण पेयजल जैसी जनसेवाओं के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और पानी की दरों में प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया गया है। इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है और पानी के बिलों में गत 5 वर्षों में करीब 65 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई है। इसके चलते शहरी क्षेत्रों में रहने वाली जनता पर इसका व्यापक असर देखा गया है और शिमला शहर में आज अधिकांश लोगों को हजारों व लाखों रुपए के पानी के बिल देकर इन पर सरकार द्वारा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इससे शहरी गरीब व आम जनता को पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। शिमला नागरिक सभा आम जनता से आग्रह करती है कि सरकार व नगर निगम शिमला के द्वारा लागू की जा रही इन आम जनविरोधी नीतियों को पलटने के लिए संघर्ष में शामिल हो।
फर्स्ट वर्डिक्ट । शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज शिमला के मशोबरा स्थित क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (क्रैगनैनो) का दौरा किया। इस अवसर पर लेडी गर्वनर अनघा आर्लेकर भी साथ थीं। राज्यपाल ने सेब की 276 किस्मों, नाशपाती की 79 किस्मों और चेरी की 46 किस्मों वाले सबसे बड़े जर्मप्लाज्म केंद्र पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रयोगशाला से बागीचों तक तकनीक के हस्तांतरण पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सेब की स्थानीय किस्मों को विकसित करने के निर्देश दिए। आर्लेकर ने केंद्र में स्थापित सेब के बागीचे का भी दौरा किया। उन्होंने प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया और संस्थान के समुचित रखरखाव के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने केंद्र में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की भी सराहना की। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा के सह-निदेशक डॉ. दिनेश ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया और केंद्र की शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बागवान दैनिक बागवानी कार्यों के लिए केंद्र की सिफारिशों और अन्य सलाहकार सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीना चौहान और अन्य उपस्थित थे। राज्यपाल ने इससे पहले मशोबरा स्थित नेचर पार्क का भी दौरा किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश सरकार परवाणू क्षेत्र में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर परवाणू औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की योजना बना रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सोलन जिला के परवाणू में परवाणू इंडस्ट्रलिस्टस एसोसिएशन (पीआईए) सदन का लोकार्पण करने के उपरांत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को देश का औद्योगिक हब बनाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्यमियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए हर संभव प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि परवाणू राज्य का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ हिमाचल का सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र भी है। उद्यमियों को और अधिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि पीआईए ने समाज कल्याण कार्यों में भी प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन प्रत्येक वर्ष मानव सेवा के लिए लगभग एक हजार यूनिट रक्त एकत्रित करता है। स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। पीआईए के अध्यक्ष सुनील तनेजा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए एसोसिएशन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। सांसद सुरेश कश्यप, दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर और एसोसिएशन के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत परवाणू में लगभग 218 करोड़ की लागत से 20 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने परवाणू में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में जल शक्ति मंडल खोलने, गड़खल में 20 बिस्तरों की क्षमता वाले उपमंडल आयुर्वेदिक अस्पताल, गम्बरपुल (हरिपुर) में पशु औषधालय, भोजनगर में पशु औषधालय तथा परवाणू में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए 50 बिस्तरों वाले अस्पताल धर्मपुर में तीन चिकित्सक, दो पैरा मेडिकल स्टाफ और छह नर्स के पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही ईएसआई अस्पताल परवाणू में चिक्सिकों के 06 पद सृजित किए जाएंगे। जयराम ठाकुर ने कोटिनाम्भ सेरी (नेरीकलां), रान, मेहलन गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने पट्टाबरावरी तथा तिरडो में पटवार वृत्त तथा जाबल जमरोट में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय रौड़ी तथा राजकीय उच्च विद्यालय गनोल को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयाें में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय माध्यमिक विद्यालय करोल, नेरीकलां, दतियार, गुनाई, चामत भड़ेच को राजकीय उच्च विद्यालयों में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने कसौली विधानसभा क्षेत्र के पांच राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में वाणिज्य संकाय की कक्षाएं आरम्भ करने तथा दो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राथा में अटल आदर्श स्कूल भी स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस चौकी भोजनगर को स्थायी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की सुविधा के लिए गांव क्यारड़ को पटवार वृत्त धर्मपुर में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की दो मुद्रिका बसें संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास के बावजूद कांग्रेस के नेता प्रदेश के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने कांग्रेस पार्टी को सिरे से नकार दिया है तथा आज कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह से पराजय का सामना करना पड़ा तथा उत्तर प्रदेश में पार्टी केवल दो सीटों पर ही सिमट कर रह गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब इस वर्ष नवंबर माह में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आप पार्टी के नेता भी प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके झूठे वादों के बहकावे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य भागों के साथ-साथ परवाणू क्षेत्र का भी समग्र विकास सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल हेल्थकेयर योजना (हिमकेयर) के तहत 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। यह योजना प्रदेश के लोगों विशेषकर गरीबों और पिछड़े वर्ग के लोगांे के लिए वरदान साबित हुई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि शगुन योजना के अन्तर्गत बीपीएल परिवारों की बेटियों को शादी के समय 31,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्हांेने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अन्तर्गत राज्य के युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए एक करोड़ रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पात्र वर्गों को इस राशि पर 35 प्रतिशत तक उपदान भी प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले परवाणू के सेक्टर-2 के गेब्रियल सड़क में 75 लाख की लागत सेस निर्मित पीआईए सदन, बरोटीवाला मंधाला-परवाणू सड़क मार्ग के 11.30 करोड़ के चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य तथा लोहांजी में 4.30 करोड़ की लागत से निर्मित प्री-फेब्रिरीकेटिड क्षेत्रीय कुष्ठ अस्पताल का लोकार्पण किया। उन्होंने परवाणू में ईएसआई अस्पताल के लिए 55 लाख की लागत से निर्मित ऑक्सीजन संयंत्र, तहसील सोलन की ग्राम पंचायत नेरीकलां और इसके साथ लगते गांवों के लिए 1.27 करोड़ की लागत से निर्मित उठाऊ जलापूर्ति योजना स्योथ-कमलोग के संवर्द्धन कार्य तथा बड़ोग में 48 लाख की लागत से निर्मित ‘इन्सपेक्शन हट’ के अतिरिक्त आवास का लोकार्पण किया। उन्हांेने धर्मपुर में सहायक राज्य आबकारी एवं कराधान कार्यालय के लिए 56 लाख से निर्मित कार्यालय भवन एवं टाइप-2 क्वार्टर तथा तहसील कसौली में पुलिस चौकी गड़खल में 84 लाख रुपए की लागत से निर्मित टाइप-2 क्वार्टर और 21.70 करोड़ की लागत से निर्मित होटल न्यू रोस कॉमन कसौली का लोकार्पण किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने अपने गृह क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने कोविड महामारी की स्थिति का सफलतापूर्वक सामना किया है और हिमाचल प्रदेश इस महामारी की रोकथाम तथा कोविड टीकाकरण अभियान में देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श के रूप में उभरा है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा डॉ. डेजी ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें पिछले चार वर्षों के दौरान विधानसभा क्षेत्र में चलाए गए विभिन्न विकासात्मक कार्यों के संबंध में जानकारी दी। दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर, कालका की पूर्व विधायक लतिका शर्मा, एपीएमसी के अध्यक्ष संजीव कश्यप, जल प्रबन्धन बोर्ड के अध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. राजेश कश्यप, भाजपा मण्डलाध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, उपायुक्त कृतिका कुल्हरी सहित अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
महिलाओं के लिए एचआरटीसी बसों में यात्रा करने पर 50 प्रतिशत की छूट से मिलेगा महिलाओं को लगभग 60 करोड़ का लाभ फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सिरमौर, राज्यसभा सांसद और एचपीयू के पूर्व कुलपति डॉ सिकंदर कुमार ने पोंटा में भाजपा की विभिन्न सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा फूट डालो और राज करो की नीति का पालन किया है, लेकिन लोगों को अब एहसास हो गया है कि कांग्रेस ने हमेशा उन्हें गुमराह किया है और सिरमौर के विकास की गति को धीमा किया है। केवल भाजपा ही इस क्षेत्र के विकास को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयास से ही बाबा साहब अंबेडकर से जुड़े स्थलों को 'पंच तीर्थ' के रूप में विकसित करने में सफलता मिल रही है। प्रधानमंत्री कई मौकों पर इन जगहों का दौरा कर चुके हैं। अंबेडकर की की जन्मस्थली महू या महाराष्ट्र में इंदु मिल की जमीन खरीदने की पहल 'चैतन्य भूमि' पर स्मारक विकसित करने, नागपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दीक्षांत समारोह स्थल विकसित करने या बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण स्थल पर स्मारक बनाने की पहल दिल्ली और 15 जनपथ पर। सरकार 'पंच तीर्थ' को विकसित करने के लिए समर्पित है। यह भाजपा थी जिसने अम्बेडकर को उनको लंबे समय के बाद भारत रत्न दिया, कांग्रेस ने हमेशा समाज में अम्बेडकर को वंचित किया। केंद्र की भाजपा सरकार ने लोकसभा में भीम राव अंबेडकर की तस्वीर लगाई है, जबकि कांग्रेस ने कभी इसका समर्थन नहीं किया। हमारी जयराम सरकार ने भी अनुसूचित जाति के लाभ के लिए बहुत सारी योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हैं जिन्होंने महिलाओं के लिए एचआरटीसी बसों में यात्रा करने पर 50 प्रतिशत छूट की घोषणा की है। इससे महिलाओं को लगभग 60 करोड़ रुपये का लाभ होगा, 125 यूनिट तक के सभी उपभोक्ताओं को पहली जुलाई से शून्य बिल मिलेगा और उनसे बिजली बिल नहीं वसूला जाएगा। इस निर्णय से लगभग 11.5 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा और सरकारी खजाने पर लगभग 250 करोड़ खर्च होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी परिवारों से पानी का बिल नहीं लिया जाएगा और इससे हमारे सभी ग्रामीण परिवारों को 30 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलेगा। नागरिकों के हित में काम करती है बीजेपी राज्य सरकार ने राज्य के लोगों की शिकायतों को उनके दरवाजे पर निवारण के लिए जन मंच की मेजबानी करने की अनूठी पहल की है। अब तक 261 स्थानों पर 26 जन मंच का आयोजन किया जा चुका है और प्राप्त 55,565 शिकायतों में से नब्बे प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। 'मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100' की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी कोने से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है और एक निर्धारित समय अवधि के भीतर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता है। इस हेल्पलाइन नंबर पर अब तक लगभग 3.55 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 3.41 लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जिसकी वर्तमान में साक्षरता दर लगभग 90 प्रतिशत है और राज्य सरकार अपने बजट का 16 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र को दे रही है। हमारी शिक्षा का स्तर दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने विधानसभा पोंटा में बूथ 85 दिघाली के लिए 5 लाख की घोषणा भी की, जहां उन्होंने एक कार्यकर्ता बैठक में भाग लिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला समाचार पत्र में आज छपे समाचार से ज्ञात हुआ कि मुख्यमंत्री के द्वारा आज एसडीए कॉम्प्लेक्स कसुम्पटी, शिमला में पार्किंग का शिलान्यास करवाया जा रहा है। यह बड़े आश्चर्य की बात है कि मुख्यमंत्री के द्वारा उसी पार्किंग का दूसरी बार शिलान्यास करवाया जा रहा है, जिसका पूर्व नगर निगम के महापौर, उपमहापौर व स्थानीय पार्षद के द्वारा शिलान्यास 26 अप्रैल, 2017 को कर दिया गया था और इसके लिए अम्रुत से 62 लाख रुपए का प्रावधान भी किया गया था, परंतु 2017 नगर निगम शिमला में बीजेपी के सत्तासीन होने के बाद न तो इस पार्किंग का निर्माण किया गया और आज मुख्यमंत्री को दिखावे के लिए गुमराह कर पहले से ही आरंभ इस पार्किंग का दोबारा शिलान्यास करवाया जा रहा है। इससे प्रदेश की सरकार व नगर निगम शिमला की लचर व्यवस्था उजागर हुई है। मुख्यमंत्री को इसको संजीदगी से लेकर जो भी इसके लिए दोषी है, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। यह बात संजय चौहान पूर्व महापौर नगर निगम शिमला ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्हाेंने कहा कि गत 5 वर्षों में जबसे नगर निगम शिमला व सरकार में बीजेपी सत्तासीन हुई है, तबसे एक भी विकास की नई परियोजना शिमला शहर के लिए नहीं ला पाई है। सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम ने जो करीब 4800 करोड़ रुपए की परियोजनाएं, जिनमें मुख्यतः स्मार्ट सिटी, अम्रुत, विश्व बैंक की पेयजल व सीवरेज के जीर्णोद्धार की परियोजना, शिमला शहर के सौंदर्यीकरण, टूटीकंडी से मॉल रोड के लिए रोपवे, टूटीकंडी बहुउद्देश्यीय भवन, वेस्ट तो एनर्जी कूड़ा संयंत्र, पार्किंग, पार्क आदि शामिल है। स्वीकृत करवाई थी वह भी आज तक पूरी नहीं की गई है और कई परियोजनाएं तो अभी तक आरंभ भी नहीं की गई है। स्मार्ट सिटी की जो 2906 करोड़ रुपए की स्वीकृत परियोजना रिपोर्ट है। 5 वर्षों में उसका मात्र 9 प्रतिशत पैसा ही खर्च किया गया है तथा उसके मूल प्रारूप को दरकिनार कर केवल ढंगों को लगाने का कार्य किया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि बीजेपी सरकार प्रदेश व शहर के विकास प्रति कितनी प्रतिबंध है। गत 5 वर्षों में विकास की न केवल गति थम गई है, बल्कि शहर का विकास मात्र चेहते ठेकेदारों को फायदा देने के लिए ही किया जा रहा है। इससे शिमला शहर के सौंदर्य व इसकी ऐतिहासिक महत्व नष्ट कर दिया गया है और अब मात्र कंक्रीट व लोहे के गार्डर का शहर बनाकर रख दिया है। ऐसा तब किया जा रहा है, जब शिमला शहर के विधायक सरकार में शहरी विकास मंत्री है। शिमला शहर की जनता पहाड़ो की रानी शिमला की इस बदहाली के लिए बीजेपी की सरकार व नगर निगम शिमला को कभी भी माफ नहीं करेगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में बड़े भूकंप की स्थिति में दिव्यांगों को बचा पाना नामुमकिन होगा। प्रदेश की राज्य आपदा प्रबंधन नीति और योजना में दिव्यांगों से संबंधित आपदा प्रबंधन का जिक्र तक नहीं है। यह बड़ी गंभीर स्थिति है, क्योंकि आपदा की स्थिति में यह वर्ग सबसे ज्यादा जोखिम में होता है। संपूर्ण हिमाचल प्रदेश बड़े भूकंप के खतरे वाले हिमालय क्षेत्र में शामिल है। यह जानकारी आपदा प्रबंधन के जाने-माने विशेषज्ञ नवनीत यादव ने उमंग फाउंडेशन के एक वेबीनार में दी। वह प्राकृतिक आपदा प्रबंधन में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम( यूएनडीपी), केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करते रहे हैं तथा डूअर्स के कार्यक्रम निदेशक हैं। कार्यक्रम की संयोजक और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एमए (सोशल वर्क) की छात्रा सुमन साहनी ने बताया कि मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उमंग फाउंडेशन का यह 33वां साप्ताहिक वेबीनार था। "पहाड़ पर भूकंप का खतरा: सरकार और समाज का दायित्व" विषय पर गूगल मीट पर हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि वे आपदा प्रबंधन योजना पर पुनर्विचार के लिए सरकार से कहेंगे, ताकि उसमें दिव्यांगजनों को शामिल किया जा सके। ऐसा नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। नवनीत यादव ने भूगर्भीय हलचल की जानकारी देते हुए कहा कि समूचे हिमालय क्षेत्र में कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। हिमाचल प्रदेश का अधिकतर हिस्सा बड़े भूकंपीय खतरे के क्षेत्र (सेसमिक ज़ोन) 4 और 5 में आता है। प्रदेश में वर्ष 2011 में राज्य आपदा प्रबंधन नीति घोषित की गई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में राज्य आपदा प्रबंधन योजना तैयार की गई। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि इनमें भूकंप अथवा अन्य किसी बड़ी आपदा की स्थिति में दिव्यांगजनों के बचाव एवं राहत की योजना का कोई जिक्र तक नहीं है, जबकि यही वर्ग सबसे ज्यादा जोखिम में रहता है। आपदा से पहले की तैयारियों से जुड़ी सभी गतिविधियों जैसे कि मॉक ड्रिल व प्रशिक्षण कार्यशालाओं में दिव्यांगजनों को शामिल करने के प्रयास भी बेहद सीमित रहे हैं। नवनीत यादव ने कहा कि डिजास्टर मैनेजमेंट पॉलिसी में दृष्टिबाधित, शारीरिक विकलांग, मूक बधिर, बौद्धिक अक्षमता वाले, डेफ-ब्लाइंड एवं अन्य दिव्यांगों के बारे में कार्य योजना को शामिल किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी उन्हें जोड़ा जाए। भूकंप के बारे में प्रचार सामग्री ब्रेल, ऑडियो और साइन लैंग्वेज में भी बनाई जाए। इसके अलावा प्रचार सामग्री को हिंदी एवं स्थानीय पहाड़ी भाषाओं में भी छापा जाए। उन्होंने बताया कि मनुष्य अपनी गलतियों से भूकंप में जान माल का नुकसान करता है। यदि भूकंपरोधी भवन बनाए जाएं, घर या दफ्तर में अलमारियां और उसके ऊपर रखे सामान, पानी की टंकी व गमले आदि को गिरने से रोकने के प्रबंध हों, तो चोट एवं मृत्यु का खतरा काफी घट जाता है। भूकंप में 70 प्रतिशत लोग मलबे में दबकर नहीं, बल्कि घर के भीतर अलमारी या अन्य सामान गिरने से लगी चोट से मरते हैं या विकलांग हो जाते हैं। पहले स्वयं को बचाएं और उसके बाद दूसरों को बचाने पर ध्यान फोकस करें। भूकंप आने के बाद आग लगने का खतरा भी काफी अधिक होता है। इसलिए राहत और बचाव के प्रशिक्षण में इस पर भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार अभी भारत में भूकंप की पूर्व सूचना देने का प्रभावी तंत्र मौजूद नहीं है। जैसा कि जापान एवं कुछ अन्य देशों में है। इस बारे में रिसर्च पर अधिक फोकस की आवश्यकता है। भूकंप रोधी मकान बनाने की तकनीक भारत में आसानी से उपलब्ध है। पुराने बने भवनों को भी थोड़ा सा प्रयास करके भूकंपरोधी बनाया जा सकता है, लेकिन आमतौर पर कुछ सरकारी भवनों को छोड़कर अन्य भवन बनाने में लोग नेशनल बिल्डिंग कोड लागू नहीं करते। कार्यक्रम के संचालन में उदय वर्मा, साहिबा ठाकुर और मुकेश कुमार ने सहयोग दिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार 26 मई 2022 को अपने सफल 8 साल पूरे करेगी। केंद्र में भाजपा के इस गौरवशाली शासन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को एक मान दिलवाया है, पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में हमारा देश और पार्टी महाशक्ति बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 135 करोड़ की आबादी वाले देश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को मुफ्त में टीकाकरण एक ऐतिहासिक निर्णय है, मोदी जी के इस निर्णय के कारण, भारत दुनिया भर में प्रति 10 लाख टीकाकरण में अग्रणी रहा है और बहुत जल्दी हम लगभग सभी को टीका लगाने के लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे। केंद्र सरकार ने जुलाई और अगस्त में टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समाज के सभी वर्गों के लिए आयुष्मान भारत सीएपीएफ स्वास्थ्य देखभाल योजना, ग्राम उजाला योजना, पीएम गतिशक्ति, रेल कौशल विकास योजना, पीएम-दक्षिण योजना, आरबीआई की खुदरा प्रत्यक्ष योजना, एकीकृत लोकपाल योजना शुरू की हैं, 7,000 से अधिक गांवों में 4जी नेटवर्क कुछ प्रमुख योजनाएं हैं जो भारत को नए भारत बनने की ओर अग्रसर करवा रही है। हमारी जयराम ठाकुर सरकार ने हिमकेयर योजना भी दि है जिसके तहत 4.62 लाख परिवारों ने अपना पंजीकरण कराया है, वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा योजना 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य कवर देती है, मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री 1 बीघा योजना, सौर सिंचाई योजनाएं का जनता अधिकतम लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 51,365 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जबकि 2021-22 में 49,131 करोड़ का बजट पेश किया था, 2022-23 के बजट में गरीबों और सामाजिक सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया गया था। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महिलाओं के लिए एचआरटीसी बसों में यात्रा करने पर 50 प्रतिशत की छूट दी, 125 यूनिट तक के सभी बिजली उपभोक्ताओं को 1 जुलाई से जीरो बिल मिलेगा, जिससे 11.5 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा, जिन्हें लगभग 250 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी परिवारों से पानी का बिल नहीं लिया जाएगा, जिससे जनता को 30 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। यह सभी घोषणाएं मुख्यमंत्री ने हिमाचल दिवस पर की थी। यह स्पष्ट है कि हमारी सरकार सर्व हित समाज की नीतियों पर काम करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है और दुनिया भर में हमारे देश की छवि खराब की है। जब से मोदी जी ने प्रधान मंत्री का पद संभाला है, उन्होंने देश में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दिया है, भाजपा के पिछले 8 वर्षों के शासन में कोई भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नव नियुक्त अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह के सम्मान हेतु पांच मई को चौड़ा मैदान में अभिनदंन समारोह करवाया जा रहा है। इसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला, प्रभारी के साथ सहयोगी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव संजय दत्त, तजेंद्र पाल सिंह बिट्टू व गुरकीरत सिंह इस समारोह में विशेष तौर पर शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर,नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, प्रचार समिति के अध्यक्ष विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित प्रदेश कांग्रेस के नव नियुक्त चारों कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन,राजेन्द्र राणा, विनय कुमार व पवन काजल भी विशेष तौर पर इस सम्मान समारोह में उपस्थित रहेंगे। कांग्रेस महामंत्री संगठन रजनीश किमटा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में तैयारियों का जायजा लेते हुए पार्टी के सभी पदाधिकारियों को इस समारोह को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चौड़ा मैदान में होने वाली यह रैली प्रदेश में चुनाव का आगाज होगा, इसलिए इसमें सभी को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। यह समारोह वीरभद्र सिंह को याद करते हुए प्रतिभा सिंह के लिए पार्टी की एकता का एक संदेश भी होगा और वीरभद्र सिंह के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प दिवस भी होगा। किमटा ने सभी कांग्रेस विधायकों, पूर्व विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों जिला अध्यक्षों व ब्लॉक अध्यक्षों से समारोह में शामिल होने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सराज विधानसभा क्षेत्र की उप-तहसील छतरी में 14.09 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए, इसमें ग्राम पंचायत गतू और छतरी में 13.04 करोड़ रुपये की 6 परियोजनाओं के लोकार्पण और 1.05 करोड़ रुपये की 2 परियोजनाओं के शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मेला मैदान चपलांदी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए छतरी में महाविद्यालय खोलने, माध्यमिक पाठशाला वोहल सैंज को उच्च पाठशाला, माध्यमिक पाठशाला बगड़ाथाच को उच्च पाठशाला, प्राथमिक पाठशाला गतू गलू को माध्यमिक पाठशाला, प्राथमिक पाठशाला रूमणी को माध्यमिक पाठशाला में स्तरोनत करने और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिहणी में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत जरेहड़ व ग्राम पंचायत गतू के बेठवां में स्वास्थ्य उप-केंद्र खोलने, थुनाची के स्वास्थ्य उप-केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने, काकड़ाधार में पशु औषधालय खोलने, मैहरीधार में वन निरीक्षण कुटीर का निर्माण करने तथा चपलांदी में नई राहें-नई मंजिल के अन्तर्गत निरीक्षण कुटीर का निर्माण करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत काकड़ाधार में 80 लाख रुपये की सेरी बागा जलापूर्ति योजना के पुनर्निर्माण से गांव नेहरा, कान्ढल, भझौणी तथा गांव चावग के लोगों को पर्याप्त पेयजलापूर्ति की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत छतरी में 79 लाख रुपये की बेठवां बहाव सिंचाई योजना तथा 1.97 करोड़ रुपये की छतरी से कोहीधार बहाव सिंचाई योजना के लोकार्पण और 67 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना ब्रयोगी, गिनी निहरी तथा करगानू बगडैहन से पर्याप्त जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध होगी। कृषि उत्पादों की पैदावार में बढ़ोत्तरी होने से क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि 3.07 करोड़ रुपये की लागत से राणा बाग से बिहानी सेरी सड़क तथा 4.91 करोड़ रुपये की लागत से छतरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण होने से क्षेत्र के लोगों की मांग पूरी हुई है। उन्होंने 38 लाख रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चपलांदीधार के भवन का भी शिलान्यास किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 1.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छतरी विश्राम गृह के अतिरिक्त भवन का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्याे की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत बगड़ाथाच, झरेड़, गतू तथा ग्राम पंचायत छतरी में 1896 लाख की विभिन्न पेयजल योजनाओं तथा ग्राम पंचायत बरयोगी, काकड़ाधार, छतरी और बुंग रैल चौक में 1629 लाख की पेयजल योजनाओं का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका हैै। इन विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कर इनका लोकार्पण किया जाएगा जिससे क्षेत्र के लोगों को व्यापक स्तर पर सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए ग्रामीण उत्थान जरूरी है इसलिए ग्रामीणों के आर्थिक सुधार और सामाजिक बदलाव के लिए राज्य में गत चार वर्षो के दौरान अनेक विकासात्मक योजनाएं लागू की गई हैं।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को गृह निर्माण हेतू स्वीकृति पत्र प्रदान किए। उन्होंने सेरी से राणा बाग सड़क पर बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ग्राम पंचायत गतू के प्रधान संगत राम धीमान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए पंचायत में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
मंगलवार अक्षय तृतीया के दिन समाज सुधार ब्राह्मण सभा समिति के सदस्यों द्वारा भगवान परशुराम जयंती को बड़े धूम धाम से मनाया। ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने रामपुर बाजार स्थित ठाकुर श्री सत्यनारायण मंदिर में परशुराम कथा का पाठ और क्षेत्र में बन रही सूखे की परिस्थित से निकलने के लिए वर्षा हेतु विशेष हवन का आयोजन किया। तत्पश्चात ब्राह्मण सभा के सदस्यों ने अध्यक्ष नंदलाल शर्मा की अगुवाई में रोगी कल्याण समिति अध्यक्ष सुरेंद्र मोहन (SDM रामपुर) को 2 व्हील चेयर्स भेंट की। इसके बाद सदस्यों ने खनेरी हॉस्पिटल में उपचाराधीन मरीजों को फल वितरित किए। इस अवसर पर ब्राह्मण सभा से अध्यक्ष नंदलाल के इलावा, राजू कश्मीरी, विनय शर्मा, अंजली कुमार गोस्वामी, बली भद्र शर्मा, तन्मय शर्मा, विष्णु शर्मा आदि उपस्थित रहे।
राज्यसभा सांसद और पूर्व अध्यक्ष भाजपा प्रदेश एससी मोर्चा डॉ सिकंद्रर कुमार का ठियोग निर्वाचन क्षेत्र के चैला होली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। सिकंदर कुमार ने ठियोग में जिला अनुसूचित जाति मोर्चा, भाजपा जिला पदाधिकारियों और एक बूथ स्तरीय बैठक में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक राजनीतिक पार्टी है, जो साल भर 365 दिन काम करती है। बूथ स्तर पर हमारा मजबूत संगठनात्मक ढांचा है और यही हमारी मुख्य ताकत है। उन्होंने कहा कि मैंने हिमाचल के अधिकांश हिस्सों का दौरा किया है और मैंने कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह देखा है। मुख्यमंत्री के रूप में जयराम ठाकुर ने राज्य का समग्र विकास किया है। जनता हमारी सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 6,35,375 हितग्राहियों को 280 करोड़ रुपए की तीन माह की पेंशन हस्तांतरित की है। यह हमारी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सात वर्षों में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी है और कोई भी निर्णय लेने पर उसकी मंशा पर सवाल नहीं उठा सकता है। मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उन्होंने देश की विकास प्रक्रिया में 60 करोड़ लोगों को लाया है, जो स्वतंत्रता के बाद से अन्यथा इससे वंचित थे और इस लोगों का लोकतंत्र में विश्वास बढ़ाने में मदद की। 60 करोड़ लोग ऐसे थे, जिनके पास बैंक खाता नहीं था, उनके पास बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन या स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। इसने देश को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित किया है और विकास को बाधित किया है। कांग्रेस पार्टी पर उनके साथ-साथ उनके सहयोगियों पर, 2जी, बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सहित कई घोटालों का आरोप लगाया गया है। इसमें महाराष्ट्र सिंचाई, कॉमनवेथ खेल, कोयला घोटाले और बहुत से घोटाले चर्चा में रहे हैं। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा सचिव तिलक राज और जिलाध्यक्ष अजय श्याम भी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने आज यहां प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने निष्पादन एजेसियों को सभी परियोजनाएं समयबद्ध पूर्ण करने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यों को पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित की तथा समय-समय पर निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 2591 किलोमीटर लम्बे 19 राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जिसमें से 1025 किलोमीटर की मरम्मत एवं विकास कार्य हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। विश्व बैंक पोषित ग्रीन हाइवे के तहत स्वीकृत 213 किलोमीटर केन्द्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, 784 किलोमीटर एन.एच.ए.आई. के तहत तथा 569 किलोमीटर का मरम्मत व विकास कार्य बी.आर.ओ. द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय उच्च मार्ग विंग को सौंपे गए राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए पुलों के निर्माण, भूस्खलन से प्रभावित सड़कों पर निर्माण कार्य, चट्टान स्थिरीकरण, रॉक फॉल शमन तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए भी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शिमला-मटौर सड़क पर शिमला से घंडल, ब्रह्मपुखर से कन्दरौर पुल वाया घाघस और हमीरपुर से नादौन तक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। मुख्य सचिव ने पठानकोट-चक्की-मंडी सड़क पर नूरपुर के समीप खुशीनगर और मंडी के समीप खलियार, चंडीगढ़-मंडी-मनाली सड़क पर बिंद्रावणी से जवाहर नवोदय विद्यालय पंडोह तक सड़क के मरम्मत कार्य में तेजी लाने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राम सुभग सिंह ने सभी सम्बन्धित विभागों को निर्माण स्थलों का संयुक्त निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए ताकि आपसी समन्वय से निर्णय कर कार्यों में और तेजी लाई जा सके। बैठक में प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, राष्ट्रीय उच्च मार्ग, एन.एच.ए.आई., केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, वन, हि.प्र. राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। प्रदेश के विभिन्न जिलों के उपायुक्त एवं केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर तथा मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ईद-उल-फितर के अवसर पर प्रदेश के लोगों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय को बधाई दी है। इस अवसर पर राज्यपाल ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि यह त्यौहार देश में शांति, एकता तथा भाईचारे को सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईद का त्यौहार पवित्र रमजान के महीने के अंत में उत्साह एवं खुशहाली लेकर आता है। उन्होंने कहा कि यह त्यौहार अच्छाई का संदेश देता है।
मुख्य सचिव राम सुभग सिंह से आज यहां जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ आरट्रैक, लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल, एवीएसएम, वीएसएम ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आजादी के अमृत महोत्सव के संबंध में एक मीटिंग हुई। यह मीटिंग कैच द रेन कार्यक्रम के तहत जिले में बनने वाले 75 अमृत सरोवर की पहचान करने के संबंध में हुई। इस मौके पर डीसी ने कहा कि जिला शिमला में बनने वाले सभी 75 अमृत सरोवर की पहचान की जा चुकी है, जिसका निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर 15 अगस्त से पहले पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि जिला में कैच द रेनÓ कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी जगहों में प्राथमिकता के आधार पर 75 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के दृष्टिगत इसे आजादी का अमृत महोत्सव के साथ जोड़ा गया है। इन अमृत सरोवरों पर 15 अगस्त को क्षेत्र के 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजन अथवा किसी शहीद के परिजन द्वारा तिरंगा फहराया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजय भगवती, डीएफओ शिमला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष पर ‘‘कैच द रेन’’ कार्यक्रम के तहत जिले में बनने वाले 75 अमृत सरोवर की पहचान करने के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जिला शिमला में बनने वाले सभी 75 अमृत सरोवर की पहचान की जा चुकी है, जिसका निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर 15 अगस्त से पहले पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने कहा है कि जिला में ‘कैच द रेन’ कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी जगहों में प्राथमिकता के आधार पर 75 अमृत सरोवर बनाए जायेंगे, ताकि प्राकृतिक जल स्त्रोतों को रिचार्ज कर भू-जल के स्तर को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के दृष्टिगत इसे आजादी का अमृत महोत्सव के साथ जोड़ा गया है। इन अमृत सरोवरों पर 15 अगस्त को क्षेत्र के 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजन अथवा किसी शहीद के परिजन द्वारा तिरंगा फहराया जाएगा। उन्होंने जिला के संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए अमृत सरोवरों के नए स्ट्रक्चर बनाए जाएं और वहां तिरंगा फहराने की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजय भगवती, डीएफओ शिमला एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
राजधानी में आने वाले पर्यटकों को अब मोटर बाइक किराए पर लेकर घूमने की सुविधा शुरू की गई है। पर्यटक अब अपने मनमर्जी के स्थानों पर घूम सकते हैं। ्रपर्यटन से जुड़े नौजवान उधामियों ने पर्यटकों को अपनि सुविधा अनुसार तथा अपनी च्वाइस के अनुसार मोटर बाइक किराए देने की सुविधा शुरू की है। इन मोटर बाइक उद्यामियों को बाइक किराए पर देने के लिए हिमाचल प्रदेश ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन्हें विभाग द्वारा पंजीकृत किया गया है। इनके द्वारा किराए पर देने वाले मोटर बाइक्स को भी ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा सरकार की रेंट ए बाइक स्कीम के अंतर्गत रजिस्टर किया गया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि नई दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा रही हैं, सरकारी अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों में खराब स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन हिमाचल की राजनीति में व्यस्त हैं। देवभूमि में जैन स्वयं राजनीतिक अनैतिक पर्यटक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हम उन्हें सलाह देते हैं कि हिमाचल की राजनीति के बजाय दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनके मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा चलाई जा रही आम आदमी पार्टी की सरकार की जमीनी हकीकत काफी दयनीय है। बच्चों और बुजूर्गो की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा दी जाने वाली "तथाकथित विश्व स्तरीय" स्वास्थ्य सेवाओं का पर्दाफाश किया है। इससे पहले मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टरों द्वारा गलत दवा दिए जाने से कई बच्चों की मौत भी हो चुकी है। दिल्ली में भाजपा नेताओं ने दिल्ली उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश से जांच कराने और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के इस्तीफे की मांग की है। यहां तक कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री भी सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए नहीं जाते हैं, वे सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी अस्पतालों को तरजीह देते हैं। जहां आम आदमी पार्टी को स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करना चाहिए, वे विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सहयोगी दीपक मदान ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और आप नेता सत्येंद्र जैन पर 2022 के दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले भ्रष्टाचार और उत्पीड़न का आरोप लगाया। दीपक ने दावा किया कि सत्येंद्र जैन ने दिल्ली नगर निगम चुनाव का टिकट जारी करने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह समाचार सम्मानित प्रकाशनों में प्रकाशित हुआ था। भाजपा सवाल करती है, क्या वह दावेदारों को टिकट जारी करने के लिए हिमाचल में भी पैसे मांगेंगे? कश्यप ने दावा किया कि दिल्ली में आप दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली परिवहन निगम और अन्य विभागों में भ्रष्टाचार में लिप्त है और उसके मंत्री सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है। भाजपा ने आरोप लगाया कि आप पंजाब में अपनी भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन का प्रचार कर रही है, जबकि दिल्ली में यह बंद पड़ी है। कश्यप ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उनके प्रदेश अध्यक्ष और अन्य पहले ही ऐसा कर चुके हैं, कल सोशल मीडिया प्रभारी ने भी देश विरोधी मांगों को ट्वीट किया और बाद में पार्टी से उन्होंने निष्कासित कर दिया गया। देवभूमि के लोग ऐसी राष्ट्रविरोधी पार्टी के पक्ष में नहीं हैं और उनको हिमाचल में जमने नहीं देगे।
शिमला के रहने वाले पीयूष शर्मा ने हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में 27-30 अप्रैल 2022 तक आयोजित राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भाग लिया। उन्होंने अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश के लिए व्हीलचेयर श्रेणी में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीता। वह लगातार दो बार पैरा टेबल टेनिस में पदक जीतने वाले राज्य के एकमात्र खिलाड़ी हैं। इस बार राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश के 3 पैरा टेबल टेनिस खिलाडिय़ों की कुल भागीदारी रही। पीयूष एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्हीलचेयर टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं, जो शिमला से हैं। वह न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए भी खेलते हैं। पिछले वर्ष उन्होंने कांस्य पदक जीता था और पैरा टेबल टेनिस के अपने व्हीलचेयर श्रेणी में भारत को फिर से तीसरे स्थान पर बनाए रखा है। पीयूष ने शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल स शिक्षा और एनआईटी हमीरपुर से प्रौद्योगिकी में स्नातक और फिर प्लाक्षा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर फेलोशिप की है। वर्तमान में वह बैंगलोर में बीसीजी के साथ एक प्रौद्योगिकी सलाहकार के रूप में काम करते हैं। उनका मत है कि जीवन में बाधाएं ही चुनौतियों को और भी रोचक बनाती हैं।पीयूष बताते हैं कि बुनियादी ढांचे और समर्थन की कमी के कारण भारत में पैरा स्पोट्र्स खेलना कितना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से राज्य में पैरा स्पोट्र्स के उत्थान पर ध्यान आकर्षित करने का आग्रह किया है ताकि अधिक से अधिक पैरा एथलीटों को पहाड़ों की कठोरता से बाहर निकलने में सक्षम बनाया जा सके। पीयूष ने कहा कि मेरा मकसद स्पोट्र्स कोटे से कोई नौकरी नहीं पाना है। मैं पैरा स्पोट्र्स खेलता हूं, क्योंकि मैं इसके लिए काफी जुनूनी हूं। मैं अपने बेहद व्यस्त काम और कई अन्य पहलों के साथ भी दो पदक जीतने में कामयाब रहा। मैं अपने मुख्यमंत्री से केवल यह अनुरोध करता हूं कि कृपया कम से कम मेरे पैरा टेबल टेनिस खेल के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले स्पोट्र्स व्हीलचेयर, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले टेबल टेनिस उपकरण और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के प्रायोजन के लिए मुझे समर्थन दिया जाए। उन्होंने अनुराग ठाकुर से भी अनुरोध किया है कि उनकी मांग पर विचार किया जाए।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि विभाग ने अप्रैल, 2022 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 497 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया है, जो एक माह में अब तक का सर्वाधिक है। जीएसटी संग्रह 426 करोड़ रुपए से बढ़कर 497 करोड़ रुपए गया है।इसमें 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में विभाग ने कुल 4390 करोड़ रुपए का जीएसटी संग्रहण किया जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग 248 करोड़ रुपए अधिक है। प्रवक्ता ने कहा कि विभाग ने जीएसटी संग्रह में सुधार के लिए क्षमता और राजस्व वृद्धि के लिए एक परियोजना की परिकल्पना की है। इस परियोजना का उद्देश्य मुख्य रूप से विभाग के आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) के बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कर अधिकारियों के सतत क्षमता निर्माण के लिए जीएसटी प्रशिक्षण प्रकोष्ठ स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। विभागीय पुनर्गठन के कार्यान्वयन को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और अच्छी तरह से प्रशिक्षित कर अधिकारियों के सहयोग से आने वाले वित्तीय वर्ष में जीएसटी राजस्व संग्रह में और वृद्धि की उम्मीद है। प्रवक्ता ने बताया कि विभाग रिटर्न फाइलिंग में सुधार और तेजी से जांच, जीएसटी ऑडिट समय पर पूरा करना और विभाग के निरंतर सुदृढ़ीकरण पर मुख्य रूप से ध्यान दे रहा है। विभाग ने गत वर्ष रोड चैकिंग अभियान के तहत लगभग 2.5 लाख रुपए बिल सत्यापन के विपरीत इसमें और वृद्धि करने का लक्ष्य रखा है। विभाग टैक्स हाट कार्यक्रम के तहत हितधारकों के मुद्दों के समयबद्ध निवारण के साथ स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार के लिए भी प्रतिबद्ध है।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि विभाग ने अप्रैल, 2022 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 497 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया है, जो एक माह में अब तक का सर्वाधिक है। जीएसटी संग्रह 426 करोड़ रुपए से बढ़कर 497 करोड़ रुपए गया है।इसमें 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में विभाग ने कुल 4390 करोड़ रुपए का जीएसटी संग्रहण किया जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग 248 करोड़ रुपए अधिक है। प्रवक्ता ने कहा कि विभाग ने जीएसटी संग्रह में सुधार के लिए क्षमता और राजस्व वृद्धि के लिए एक परियोजना की परिकल्पना की है। इस परियोजना का उद्देश्य मुख्य रूप से विभाग के आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) के बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कर अधिकारियों के सतत क्षमता निर्माण के लिए जीएसटी प्रशिक्षण प्रकोष्ठ स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। विभागीय पुनर्गठन के कार्यान्वयन को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और अच्छी तरह से प्रशिक्षित कर अधिकारियों के सहयोग से आने वाले वित्तीय वर्ष में जीएसटी राजस्व संग्रह में और वृद्धि की उम्मीद है। प्रवक्ता ने बताया कि विभाग रिटर्न फाइलिंग में सुधार और तेजी से जांच, जीएसटी ऑडिट समय पर पूरा करना और विभाग के निरंतर सुदृढ़ीकरण पर मुख्य रूप से ध्यान दे रहा है। विभाग ने गत वर्ष रोड चैकिंग अभियान के तहत लगभग 2.5 लाख रुपए बिल सत्यापन के विपरीत इसमें और वृद्धि करने का लक्ष्य रखा है। विभाग टैक्स हाट कार्यक्रम के तहत हितधारकों के मुद्दों के समयबद्ध निवारण के साथ स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार के लिए भी प्रतिबद्ध है।
शैक्षिक महासंघ ने सीएम काे भेजी अपनी मांगाें की प्रतिलिपी फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीच राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने अपनी मांगाें की प्रेस विज्ञप्ति प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर काे भेजी है। इसमें उन्हाेंने बताया है कि हिमाचल सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवाएं दे रहे 45 हजार से ज्यादा सी एंड वी और जेबीटी अध्यापकों के लिए ट्रांसफर नीति बनाकर बहुत बड़ी राहत दी थी, जिससे शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अध्यापक और अध्यापिका ओं अपने जिला में ट्रांसफर करने का शुभ अवसर प्रदान हो सके, परंतु आज यह नीति शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। 19 जनवरी को हिमाचल प्रदेश शिक्षा महासंघ ने एक डेलिगेशन मुख्यमंत्री से मिलवाया था, जिसमें 3 वर्ष से ज्यादा समय पूरा कर चुके शिक्षकों को नियमितीकरण नहीं होने के कारण आपसे एक नीति में संशोधन का आग्रह किया था। उसके बाद यह विषय कैबिनेट में लाया गया, परंतु फिर कार्मिक विभाग से परामर्श हेतु इसे कार्मिक विभाग को भेजा दे दिया गया। इस प्रक्रिया में 4 महीने लग गए और कार्मिक विभाग द्वारा 13 अप्रैल को जारी आदेश से 7 जिलों में जो शिक्षक नियमित हो गए थे, उनके नियमितीकरण काे रद्द कर दिया जाएगा और उनकी नई जिला में जॉइनिंग फ्रेस मानी जाएगी, यह शिक्षक पहले ही 3 वर्ष से ज्यादा सेवाएं दे चुके हैं। उन्हाेंने बताया कि पूर्व शिक्षा सचिव द्वारा की गई गलतियों का खामियाजा हमारे शिक्षक साथी भुगत रहे हैं। यह मुद्दा दो बार विशेष कैबिनेट में जा चुका है, हमने शिक्षा मंत्री, मुख्यसचिव, अतिरिक्त मुख्यसचिव शिक्षा सचिव से बार-बार आग्रह किया है कि इनकी नियमितीकरण में बाधा इनकी वरिष्ठता आ रही है। आपसे निवेदन है कि ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन कर इनकी वरिष्ठता 2 वर्ष पूरे कर चुके सभी शिक्षकों को नियमित किया जाए तथा इनको जनवरी 2022 से पूरे लाभ दिए जाएं। आज हालात यह है कि इन से एत वर्ष बाद लगे अध्यापक इनसे पहले रेगुलर हो चुके हैं और इनकी वरिष्ठता इनसे पहले हो चुकी है। उन्हाेंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बहुत सहज है और समय-समय पर समस्याओं का निवारण किया है। हिमाचल प्रदेश में डाइट के माध्यमों से जेबीटी की ट्रेनिंग करवाई जाती है, परंतु 2022 से इन अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हो पाई, जिसकी वजह से प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों में काफी रोष है हैरानी की बात यह है कि सरकार की छवि को खराब करने का काम कुछ सरकारी संस्थाओं में तैनात शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने इसे कोर्ट तक ले जाने का काम किया है। अतः आपसे निवेदन है कि इन शिक्षकों को नियुक्ति देकर रात प्रदान करें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला आज नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ द्वारा शिमला रिज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह रक्तदान शिविर स्व. सुरेश गौतम की याद में अर्धसैनिक बलों को समर्पित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर व महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि कर्मचारी संगठन द्वारा हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह रक्तदान शिविर राज्य स्तरीय शिमला में किया गया। रक्तदान शिविर में प्रदेश के विभिन्न कोनों से कर्मचारियों ने 100 यूनिट रक्तदान किया। हालांकि बहुत सारे कर्मचारी बिना रक्तदान किए वापस लौटे। क्योंकि आईजीएमसी से आई टीम द्वारा 100 यूनिट ब्लड ही लिया गया। प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि यहां लगभग 600 कर्मचारी ब्लड डोनेशन के लिए आए थे, लेकिन शिमला और प्रदेश के लगभग सभी ब्लड बैंक में ब्लड बहुत अधिक मात्रा में पड़ा है, जिस कारण सभी ब्लड बैंक द्वारा रक्त लेने से मना किया गया। संगठन द्वारा सभी ब्लड बैंक में ब्लड डोनेट करने के लिए संपर्क किया गया था। उन्होंने आईजीएमसी से आए स्टाफ का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संगठन के कर्मचारी हमेशा सामाजिक गतिविधियों में भी आगे रहे हैं। हालांकि संगठन पुरानी पेंशन बहाली के लिए बना है, जिसके लिए संगठन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान के साथ-साथ समाज के विभिन्न लोगों की आर्थिक सहायता करना, कोविड-19 के समय संगठन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में 2400000 की आर्थिक सहायता दी गई। विभिन्न ब्लड डोनेशन कैंप लगाए गए, कई तरह के सामाजिक कार्यक्रम संगठन द्वारा किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का हर एक कर्मचारी हमेशा सेवा भावना के साथ कार्य करता है, जिसके लिए पूरा संगठन एकजुट होकर करता है। इस मौके पर इस मौके पर राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरव वैद, कोषाध्यक्ष शशि पाल शर्मा, संविधान पर्यवेक्षक श्यामलाल गौतम, मुख्य प्रवक्ता नित्यानंद, अनिरुद्ध गुलेरिया, जावेद इकबाल, उपाध्यक्ष बलदेव बिष्ट, दीपक ओझा, सचिव निर्मल राज, अतिरिक्त महासचिव अंकुर शर्मा, संगठन सचिव घनश्याम, आईटी सेल प्रभारी संदीप चंदेल, कानूनी सलाहकार विद्यासागर, रिटायर्ड प्रोफेसर कन्हैया लाल सैनी, डॉ ब्रह्मी, मीडिया प्रभारी पंकज शर्मा, अलका गिल, चंबा के अध्यक्ष सुनील जरियाल, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष राजिद्र मन्हास, जिला हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश कुमार, जिला बिलासपुर के अध्यक्ष राजेंद्र वर्धन, जिला मंडी के अध्यक्ष लेखराज, जिला शिमला के अध्यक्ष कुशाल शर्मा, जिला सोलन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर, जिला किन्नौर के वीरेंद्र जिंटो, महासचिव मोती नेगी, जिला शिमला के महासचिव नारायण हिमराल, विश्वविद्यालय के अध्यक्ष कुशाल ठाकुर, विनीत सोंगखला, राकेश रिंकू ठाकुर, अमरदेव, उत्तम ठाकुर, भवारना ब्लॉक अध्यक्ष कुलदीप, पालमपुर ब्लॉक अध्यक्ष राजीव शर्मा, देहा ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान, महिला विंग संगठन सचिव पूजा सभरवाल, जिला शिमला महिला विंग अध्यक्ष सुनीता मेहता, महिला विंग जिला मंडी अध्यक्ष मंजुला बर्मा, उर्मिला कुमारी, ममता, जिला सिरमौर से राजेंद्र सिंह, बलदेव सिंह, चंद्रमणि, धर्म सिंह, देवराज, जिला लाहौल स्पीति से नीमराज, रिवालसर ब्लॉक अध्यक्ष कृष्ण यादव, रजनीश ठाकुर, उमा चंद भंडारी व धर्मपाल इत्यादि कर्मचारी उपस्थित रहे।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग ने अप्रैल, 2022 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 497 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया है, जो एक माह में अब तक का सर्वाधिक है जीएसटी संग्रह 426 करोड़ रुपये से बढ़कर 497 करोड़ रुपए हो गया है। इसमें 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में विभाग ने कुल 4390 करोड़ रुपए का जीएसटी संग्रहण किया जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग 248 करोड़ रुपए अधिक है। प्रवक्ता ने कहा कि विभाग ने जीएसटी संग्रह में सुधार के लिए क्षमता और राजस्व वृद्धि के लिए एक परियोजना की परिकल्पना की है। इस परियोजना का उद्देश्य मुख्य रूप से विभाग के आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) के बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कर अधिकारियों के सतत क्षमता निर्माण के लिए जीएसटी प्रशिक्षण प्रकोष्ठ स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। विभागीय पुनर्गठन के कार्यान्वयन को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और अच्छी तरह से प्रशिक्षित कर अधिकारियों के सहयोग से आने वाले वित्तीय वर्ष में जीएसटी राजस्व संग्रह में और वृद्धि की उम्मीद है। प्रवक्ता ने बताया कि विभाग रिटर्न फाइलिंग में सुधार और तेजी से जांच, जीएसटी ऑडिट समय पर पूरा करना और विभाग के निरंतर सुदृढ़ीकरण पर मुख्य रूप से ध्यान दे रहा है। विभाग ने गत वर्ष रोड चैकिंग अभियान के अन्तर्गत लगभग 2.5 लाख ईवे बिल सत्यापन के विपरीत इसमें और वृद्धि करने का लक्ष्य रखा है। विभाग टैक्स हाट कार्यक्रम के तहत हितधारकों के मुद्दों के समयबद्ध निवारण के साथ स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार के लिए भी प्रतिबद्ध है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र में स्तरोन्नत किए गए 17 विद्यालयों का शुभारंभ किया। इनमें राजकीय प्राथमिक पाठशाला से राजकीय माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत किए गए विद्यालय सुरांगी, काऊ, कांढी, कोठडा और मझाण शामिल हैं, जबकि राजकीय माध्यमिक पाठशाला से राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत किए गए स्कूलों में झौट, शालागाड, बाहवा, रैंनगलू, कल्हणी और नारायणबन तथा राजकीय उच्च पाठशाला से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत किए गए स्कूलों में धरोटधार, माणी, सेरी-बटवाड़ा, बागी-भनवास, सुधराणी, लांबसाफड और चपलान्दीधार शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी स्तरोन्नत विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों को संबाेधित करते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों की पाठशाला आने-जाने की समस्या के समाधान के साथ-साथ उन्हें सुविधा भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि सभी स्तरोन्नत विद्यालयों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त भवनों का निर्माण किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के हर क्षेत्र का समान एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के सशक्त प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों के नवनिर्मित भवनों में कई नवोन्मेष पहल की गई है। वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 50 राजकीय महाविद्यालयों, 50 विद्यालयों और 20 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सौर ऊर्जा पैनल सिस्टम स्थापित किए जाने का प्रावधान किया गया है। वन विभाग तथा आयुष विभाग के सहयोग से वर्ष 2022-23 में 200 राजकीय विद्यालयों तथा 50 राजकीय महाविद्यालयों में आयुष वाटिकाओं की स्थापना की जाएगी, जिनमें दुर्लभ औषधीय पौधों तथा जड़ी-बूटियों का रोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है। प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को बाहरवीं तथा स्नातक के उपरान्त मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। दसवीं कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर 11वीं कक्षा में पढ़ रहे 100 मेधावी विद्यार्थियों को व्यवसायिक या तकनीकी कोर्स में प्रशिक्षण के लिए एक लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री के साथ कार्यक्रम में शिमला से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पंडा तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. आरएन बत्ता, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा उपस्थित थे, जबकि सराज से वर्चुअल माध्यम से जिला परिषद सदस्य द्रोपदी देवी, पंचायत समिति अध्यक्ष शेर सिंह व देवेंद्र रावत, मंडल अध्यक्ष भागीरथ शर्मा, महामंत्री भीष्म ठाकुर व टिक्कम राम, भाजपा नेता गुलजारी लाल, उपायुक्त अरिदंम चौधरी, संगठन के पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली स्थित तीन मूर्ति एस्टेट में प्रधानमंत्री संग्रहालय का भ्रमण किया। संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं में देश के सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन और कार्यकाल का विस्तृत विवरण है। इसका लोकार्पण हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रशंसनीय पहल हमारे सभी प्रधानमंत्रियों के बारे में लोगों विशेषकर युवाओं में जागरूकता पैदा करने में दूरगामी भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हमारे सभी प्रधानमंत्रियों के गौरवशाली जीवन और प्रयासों के बारे में जानने के लिए सभी को संग्रहालय का भ्रमण करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों का विरोध करते हुए कहा कि 8 अगस्त को मंडी के कन्सा चौक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के जेबीटी औऱ सी एंड वी अध्यापकों के लिए हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के मंच से अंतर जिला स्थानांतरण नीति की घोषणा की थी, जिससे प्रदेश के 40 हजार शिक्षकों को अपने जिलो में वापिस आने का मौका मिलेगा। इस फैसले से प्रदेश के शिक्षकों में खुशी की लहर है। इस नीति से प्रदेश के हजारों शिक्षकों को अपने जिला में वापिस आने का मौका मिला। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रान्त अध्यक्ष पवन कुमार, महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ,संगठन मंत्री विनोद सूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय शंकर ठाकुर, मीडिया प्रभारी शशि शर्मा तथा प्रान्त व जिले के सभी अध्यक्ष व कार्यकारिणी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि जब पॉलिसी बनी तो तत्कालीन शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने इसको कार्मिक विभाग को क्यो नही भेजा। उनकी इस गलती से आज हमारे शिक्षकों को 4 साल होने को है, परन्तु नियमित नहीं हो पाए। प्रान्त महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि 29 जनवरी को यह विषय मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, शिक्षा निदेशक के ध्यान में लाया गया था। हम कई बार इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, मुख्यसचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान शिक्षा सचिव से मिल चुके हैं। यह विषय दो बार कैबिनेट में लाया गया है। परन्तु कार्मिक विभाग का रवैया कर्मचारियों के हित मे नही दिख रहा। डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि 3 अप्रैल को हम मुख्यमंत्री के ध्यान में इस नीति को लाए थे और 7 तारीख की कैबिनेट में यह नीति लाई गई थी। हैरानी की बात है कि इस में सहमति बनी थी, कि इनको नियमित कर दिया जाएगा। 13 अप्रैल को कार्मिक विभाग द्वारा आदेश जारी कर उसमे ट्रांसफर हुए जिलो से शिक्षको को फ्रेश माना जाएगा, जिससे शिक्षकों में रोष है। कार्मिक विभाग का दायित्व है कि किस प्रकार इन शिक्षको के हितों को सुरक्षित रखा जाए। हैरानी की बात है कि यह शिक्षक 3 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और हिमाचल सरकार की नीति के अनुसार 2 वर्षो के बाद नियमित होने होते है। इनसे एक वर्ष बाद वाले नियमित हो गए। डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि जब कार्मिक विभाग ने नीति में संशोधन नही करना था, तो इसको कैबिनेट में क्यो ले गए। कैबिनेट के दिन हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने शिक्षामंत्री, मुख्यसचिव, अतिरिक्त मुख्यसचिव, प्रधान शिक्षा सचिव से मुलाकात कर अपना रोष दर्ज करवा दिया है। मुख्यमंत्री इन दिनों हिमाचल प्रदेश से बाहर है। उनके वापिस आने पर हम उनको स्थिति से अवगत करवाएंगे। डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के आने से पहले इस विषय को हल किया जाएगा। अन्यथा हम मुख्यमंत्री दरबार में इस विषय को लेकर उन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे, जिनकी गलती से आज हमारे अध्यापक दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मण्डल (एसोचैम) द्वारा ऊर्जा विभाग के सहयोग तथा ऊर्जा दक्षता ब्यूरो केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय के तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश के लिए लघु और दीर्घावधि (2030 तक) के लिए राज्य ऊर्जा दक्षता कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसके अन्तर्गत पहली हितधारक कार्यशाला का आयोजन आज ऊर्जा विभाग, शिमला में किया गया। निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा ने कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए कहा कि कार्य योजना में उन क्षेत्रों का पता लगाया जाना चाहिए, जिनमें सभी हितधारक विभाग काम कर रहे हैं और ऊर्जा दक्षता को लागू करने के लिए पहल कर रहे हैं। इस कार्यशाला में स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति- 2021 के सफल कार्यान्वयन, हिमाचल प्रदेश विद्युत वाहन नीति, पीएटी योजना के सफल कार्यान्वयन, ईसीबीसी के कार्यान्वयन, सरकारी भवनों के एनर्जी ऑडिट, हाइड्रोजन ईंधन उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। कार्यशाला में इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि ऊर्जा दक्षता के लिए राज्य में नीतियों और उनके प्रभाव को सूचीबद्ध कर कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। इनके प्रभाव का भी विश्लेषण कर राज्य के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे तथा ऊर्जा दक्षता को बढ़ाने के प्रयासों में तेजी लाई जाएगी। भारत सरकार के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से कार्यशाला में भाग लिया। परियोजना समन्वयक आशीष कुदल और विपुल शारदानन्दन ने एसोचैम की ओर से सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और प्रदेश के लिए राज्य ऊर्जा दक्षता कार्य योजना को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। ऊर्जा विभाग के मुख्य अभियंता खेम सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता मनोज चौधरी, एसोचैम के जोनल लीडर बलकार सिंह ने हितधारक विभागों को कार्य योजना में सहयोग प्रदान करने और सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में विभिन्न हितधारक विभागों के 30 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। एसोचैम ने कार्य योजना में शामिल किए जाने वाले हितधारकों के इनपुट और सुझावों के लिए स्थापना रिपोर्ट और सर्वे प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मेलन का शुभारम्भ किया और उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों का संयुक्त सम्मेलन देश के नागरिकों को त्वरित न्याय प्रदान करने के प्रयासों के प्रभावी समन्वय के लिए आयोजित किया जाता है। एक दिवसीय सम्मेलन के दौरान कार्यपालिका और न्यायपालिका इस दिशा में प्रयासों के तालमेल के लिए साझा आधार खोजने के तरीकों पर चर्चा करते हैं। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू और भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन.वी. रमना ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक, प्रधान सचिव गृह भरत खेड़ा और प्रधान सचिव विधि राजीव भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने आज यहां बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के सामग्री घटक व प्रशासनिक व्यय के अन्तर्गत प्रदेश को वर्ष 2022-23 के लिए 316.80 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राशि प्राप्त होने से मनरेगा के कार्यों में गति आएगी और लम्बित देनदारियों का निपटारा भी किया जा सकेगा( वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश में मनरेगा के अन्तर्गत बेहतर कार्य किया जा रहा है और ग्रामीण विकास तथा आर्थिकी के उत्थान में यह उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर कोरोना काल में मनरेगा ग्रामीण आर्थिकी के लिए सम्बल बनी है और इसके माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में मनरेगा के अन्तर्गत 330 लाख कार्य दिवसों के विरूद्ध 336.10 लाख कार्य दिवस अर्जित किए गए तथा 988.95 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई। इसी प्रकार वर्ष 2021-22 में 343 लाख लक्षित कार्य दिवसों के विपरीत 370.87 लाख कार्य दिवस अर्जित किए गए तथा 1091.31 करोड़ की धनराशि व्यय की गई। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 में मनरेगा के अन्तर्गत 6.36 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया। वर्ष 2021-22 में 7.07 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अन्तर्गत वर्ष 2020-21 में 75 हजार 814 कार्य पूर्ण किए गए तथा वर्ष 2021-22 में 80 हजार 957 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।


















































