जिला में जल जीवन मिशन के तहत 1 लाख 68 हजार 465 क्रियात्मक घरेलू नल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अभी तक 1 लाख 07 हजार 456 नल लगाए गए हैं तथा समय पूर्व वर्ष 2023 तक शेष 61 हजार 9 नल लगाने का लक्ष्य पूर्ण कर लिया जाएगा। जिला जल एवं स्वच्छता कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने दी। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न योजनाओं के लिए प्रस्तावित शैल्फों को अधिकारी तुरन्त इक्ट्ठा कर प्रस्तुत करें ताकि उन पर कोई निर्णय लिया जा सके। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पानी की योजनाओं के नियोजन में भागीदारी के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु 21 एजेंसियों के आवेदन प्राप्त किए गए थे, जिनमें से 8 एजेंसियों द्वारा निविदा प्रस्तुत की गई। न्यूनतम दर के तहत महाबोध जन स्वास्थ्य एवं सर्वागीण विकास केन्द्र, विजय नगर, पटना को इसके लिए निर्धारित किया गया है। जल गुणवत्ता निगरानी के तहत समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि निर्धारित पेय जल स्त्रोतों तथा नलों की गुणवत्ता जांच के लिए 35 हजार 829 विभिन्न स्त्रोतों और नलों के पानी के नमूने जांच के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त फिल्ड टेस्ट किट के माध्यम से 19218 गांवों अथवा स्कूल, आंगनबाड़ी पेयजल स्त्रोतों के नमूनों की गुणवत्ता जांच के लिए निर्धारित किया गया था, जिनकी जांच में कमी पाई गई है तथा कोविड की वजह से कम आंका गया है। उन्होंने अधिकारियों को इसमें गति लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त किरण भड़ाना, सदस्य सचिव एवं अधिशाषी अभियंता (डीब्डल्यूएसएम) राकेश कुमार वैद्य, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजय भगवती तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
सोलन जिला की परिधि में अश्वनी खड्ड के भीतर एवं आस-पास के क्षेत्र में सभी अनाधिकृत पर्यटकों एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरन्त प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थानों जहां जल के दूषित होने की सम्भावना है, वहां पर खान-पान स्टाल, कियोस्क, ढाबा, होटल इत्यादि चलाने एवं स्थापित करने पर भी प्रतिबन्ध रहेगा। नदी में नहाना एवं पिकनिक इत्यादि गतिविधियां आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। नदी के किनारों अथवा जल में किसी भी प्रकार का कचरा फैंकने की सख्त मनाही है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सोलन शहर तथा आस-पास के क्षेेत्रों के लिए पेयजल का स्त्रोत अश्वनी खड्ड है तथा पिकनिक जैसी गतिविधियां आयोजित कर जल स्त्रोत को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधियां स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। नदी के जल स्तर में अचानक वृद्धि से ऐसी गतिविधियां जान-माल की बड़ी क्षति का कारण भी बन सकती हैं। इन आदेशों के उल्लंघन पर दोषियों के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आज से दो माह की अवधि तक प्रभावी रहेंगे।
हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव और हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुंडू ने आज दोपहर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से उनके कार्यालय शिमला में मुलाकात की. उन्होंने दोनों पड़ोसी राज्यों के पुलिस बलों द्वारा अंतर-राज्यीय सहयोग, विशेष रूप से मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और संगठित अपराध के लिए किए गए उपायों से अवगत कराया। दोनों अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उच्च स्तरीय सहयोग का आश्वासन दिया.
10 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायालय शिमला परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के सचिव रमनीक शर्मा ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, एनआई एक्ट के मामले, धन वसूली के मामले तथा सड़क दुर्घटना क्लेम के मामले, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर) भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भत्तों और सेवानिवृति से संबंधित मामलों की सुनवाई पर निपटारा किया जाएगा। कोई भी इच्छुक व्यक्ति यदि मामलों का निपटारा करवाना चाहता है तो वह 10 जुलाई से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय शिमला में सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। इस लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित मामले तथा प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 0177-2832808 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
शिमला ग्रामीण के गांव तलायल के लोग पिछले पांच दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। यह गांव पंचायत मायली झेझड़(कालीहट्टी) के अंतर्गत आता है। पेयजल सप्लाई ठप होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। ग्रामीण मुख्यमंत्री सेवा संकल्प योजना 1100 नम्बर पर भी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन अभी समस्या ज्यों की त्यों है।स्थानीय लोगो ने जल्द समस्या को दूर करने की मांग की। स्थानीय निवासी प्रवीण, राजू, राजेन्द्र,इंद्र, विक्की, सुरेश, पप्पू, टेकचंद ने कहा कि हमने इस सम्बंध में जेई को भी शिकायत की थी लेकिन अभी तक समस्या का हल नही हो पाया। इससे ग्रामीणों को सड़क किनारे लगाए गए हैंडपंपों से गुजारा करना पड़ रहा है। हैंडपम्प से भी खारा पानी आता है जो पीने योग्य नही है। लोगों का कहना है कि पीने के लिये पानी के टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं। हर मौसम में पेयजल की समस्या बनी रहती है। विभाग ग्रामीणों की समस्या को सुलझाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। उधर, विभाग के अधिशासी अभियंता आई.पी.एच ने कहा कि पंप हाउस में पंप खराब होने की वजह से पानी की सिप्लाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। मंगलवार को खराब पंप ठीक कर दिया गया है तथा सभी लोगों को अब नियमित रूप से पानी दिया जाएगा। पानी की मांग को लेकर लोगों की शिकायत आई थी। पानी की समस्या का निपटारण कर दिया गया है।
कार्टन के दाम बढ़ाने और किसान बागवानों को मुआवजा न मिलने पर मंगलवार को जिला परिषद की मासिक बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य कौशल मुँगटा सदन के बीच में आकर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच ज़िला परिषद के अन्य सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया और धरने पर बैठ गए, काफी देर तक सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और उसके बाद बैठक की कार्यवाही से वाकआउट कर बाहर निकल गए। जिला परिषद के तहत बनाई गई उद्योग व बागवानी कमेटी के अध्यक्ष कौशल मुंगटा ने कहा कि सरकार बागवानों की अनदेखी कर रही है। पहले जहाँ बेमौसमी ओलावृष्टि और बर्फबारी से नुकसान हुआ था उसका मुआवजा अभी तक नही मिला वहीं अब सेब सीजन शुरू होते ही सरकार ने बागवानों को राहत देने के बजाय उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। कार्टन के दामो में 25 रुपए तक बढ़ोतरी कर दी है, जिससे बागवानों पर इसका अतिरिक्त बोझ पढ़ने वाला है। इसको लेकर कई बार जिला उपायुक्त ओर सरकार के ध्यान में ये मामला लाया गया लेकिन सरकार इसको लेकर गंभीर नही है। उन्होंने कहा कि बागवानी का प्रदेश की आर्थिकी में बहुत बड़ा योगदान है ऐसे में सरकार का बागवानों को अनदेखा करने का रवैया किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यदि कार्टन के दाम कम नहीं हुए और मुआवजा किसानों और बाग़वानों को नहीं मिला तो वो कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे।वहीं अन्य सदस्यों ने भी सरकार से कार्टन के दाम कम करने और बागवानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की। वंही, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका ने कहा कि आज जिला परिषद की बैठक बुलाई गई थी। लेकिन बैठक में कोरम पूरा नही हो पाया। सदस्यों ने कार्टन के दाम कम करने और मुआवजा देने को लेकर धरना प्रदर्शन किया और इस मामले को लेकर जिला परिषद जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार से दामों को कम करने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि शिमला सेब बहुल जिला है। लेकिन इस बार ओलावृष्टि और बर्फबारी के चलते काफी नुकसान हुआ है और सरकार की ओर से कोई भी राहत बागवानों को नहीं दी गई है।
शारदा महिला मंडल कून्हो द्वारा गांव कून्हों में साफ-सफाई अभियान चलाया गया जिसमें महिला मड़ल महिला मंडल प्रधान संतोष शर्मा की अगुवाई में कुन्हों श्रेत्र में भांग के पौधे उखाड़े गए तथा मंदिर के समीप तालाब की साफ सफाई की गई। साथ ही महिला मंडल की महिलाओं ने वाधयंत्र के साथ लोकगीत गाकर युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी। महिला मंडल प्रधान संतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान मे महिला मंडल की बीस महिला सदस्यों ने अपना सहयोग दिया तथा शारदा महिला मंडल कुन्हों समय-समय पर इस तरह के सफाई अभियान चलाता रहता है तथा आने वाले समय में भी यह महिला मंडल इसी तरह के कार्य करता रहेगा। साथ ही उन्होने युवाओ से अपील की है कि वे नशे से दुर रहे तथा नशे जैसे बुरी प्रवृति में न पड़कर खेल-कुद मे बढ़-चढ़ भाग ले तथा देश व प्रदेश का नाम रोशन करें।
भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने ट्विटर एवं फेसबुक के माध्यम से अपनी बूट पोलिश अभियान की कुछ यादें सांझा की है। विदेश में अगर कभी भी किसी भारतीय को कोई समस्या आती है तो वह या उसके परिजन सांसद अविनाश राय खन्ना को याद करना नहीं भूलते। सांसद खन्ना राजनीति के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों का हमेशा निर्वाह करते हैं। चाहे पाकिस्तान जेल में बंद चमेल सिंह हो या सरबजीत, दोनों के मुद्दों पर सांसद खन्ना ने हमेशा ही आवाज बुलंद की। सरबजीत का मामला सदन में पहली बार अविनाश राय खन्ना ने ही उठाया था और चमेल सिंह के शव को भारत लाने में सबसे बड़ा योगदान भी इन्हीं का था। प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने बूट पॉलिश अभियान चलाकर सड़क बनवाई वे लोगों से जुड़े मुद्दों को समय-समय पर उठाते रहे हैं। वर्ष 2002 में जब वे गढ़शंकर विधानसभा से चुनाव जीत कर आए तो विधानसभा में उन्होंने होशियारपुर- गढ़शंकर मार्ग को ठीक करने के लिए आवाज़ उठाई लेकिन सरकार ने यह कह कर सड़क बनाने से इनकार कर दिया कि फंड नहीं है। तब अविनाश राय खन्ना ने कहा कि फंड वे लाकर देंगे आप सड़क बनवाओ। खन्ना ने गढ़शंकर में लगातार 13 दिन बूट पालिश अभियान चलाया और सरकार पर दबाव डाल सड़क का निर्माण कार्य करवाया। राजनीतिक में खन्ना ने न सिर्फ जन मुद्दों को सुलझाया बल्कि एक ईमानदार राजनीतिज्ञ के तौर पर भी पहचान बनाई। दो बार विधानसभा चुनाव व एक बार लोकसभा चुनाव के बाद जो फंड चुनाव के लिए एकत्र हुआ था उसमें से बची राशि को भी पार्टी फंड में जमा करवा दिया था। जनता के साथ जुड़े रहने के लिए उन्होंने एक रात जनता के साथ अभियान चलाया। जिस दौरान वे गांव में जाते और 24 घंटे वहीं व्यतीत कर उनकी समस्याएं सुनते थे। भारतीय कैदियों, जो सजा पूरी होने के बाद भी पाकिस्तान की जेल में बंद थे, उनकी वापसी के लिए भी खन्ना सदन में लगातार आवाज़ उठाते रहे हैं। इसके अलावा सांसद खन्ना ने ऐसे लोगों, जिनकी विदेश में मौत हुई है, उनके शव को भारत सरकार के खर्चे पर उनके घर तक पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला सिरमौर के शिलाई उप-मंडल के अंतर्गत पशोग गांव में सोमावार सायं हुई सड़क दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है, जिसमें नौ लोगों की मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई है ,और तीन लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने तथा घायलों को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने सिरमौर जिले के शिलाई अनुमंडल के अंतर्गत पशोग गांव में सोमवार शाम हुए सड़क हादसे पर दुख व्यक्त किया है, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई है जबकि तीन घायल हो गए हैं। भजापा प्रदेश अध्यक्ष ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के साथ अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने और घायलों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य देखभाल उपचार प्रदान करने को कहा है।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा है कि हिमफैड के जिला सोलन के परवाणू में स्थापित कंट्री लिक्कर बाॅटलिंग संयंत्र को स्थानान्तरित नहीं किया जाएगा और इसका संचालन हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम द्वारा ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। उन्होंने आज हिमफैड और हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत है तथा निगमों और बोर्डों के कर्मचारियों व अधिकारियों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। बैठक में हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी की उपस्थिति में आज यहां राजभवन में हिमाचल प्रदेश पुलिस और हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के मध्य एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने हिमाचल प्रदेश पुलिस जबकि कुलपति डाॅ. निष्ठा जसवाल ने हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन पुलिसकर्मियों को कानूनी मुद्दों पर उनके ज्ञानवर्द्धन और न्यायालय के फैसलों को समझने में सहायक सिद्ध होगा। यह सहयोग अनुसंधान, विकासात्मक गतिविधियों और प्रशिक्षण पर आधारित होगा, जिसमें न केवल विद्यार्थी व संकाय बल्कि पुलिस अधिकारी भी शामिल होंगे। पुलिस-विधि इंटरेक्शन मंच के अन्तर्गत इस समझौता ज्ञापन के उद्देश्य की पूर्ति होगी। इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत दोनों सहयोगी निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। समझौता ज्ञापन के अंतर्गत, समान मुद्दों पर संयुक्त सहभागिता के तौर पर प्रदेश पुलिस और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय द्वारा नियमित शैक्षणिक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को पुलिस विभाग की इकाइयों में इन्टर्नशिप प्रदान की जाएगी। प्रदेश पुलिस इन विद्यार्थियों के लिए पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, प्रदेश फोरेंसिक साईंस प्रयोगशालाओं, कारागारों, प्रदेश विधि सेवा प्राधिकरण और पुलिस की अन्य विशेषज्ञ इकाइयों में इन्टर्नशिप के दौरान प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करवाएगी। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पुलिस अधिकारियों के लिए विधिक मुद्दों और अन्वेषण से सम्बन्धित न्यायालयों के निर्णयों, अभियोजन और कानून की व्याख्या से सम्बन्धित प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पुलिस-लाॅ इंटरएक्शन फोरम समझौता ज्ञापन भविष्य में विधि विश्वविद्यालय के संकायों, शोधकर्ताओं व विद्यार्थियों तथा पुलिस कर्मियों के मध्य वैधिक मामलों पर एक संस्थागत व्यवस्था स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ कानूनों में कई बदलाव हो रहे हैं और कई ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जो पुलिसकर्मियों के साथ-साथ वैधिक विशेषज्ञों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी यह समझने का मौका मिलेगा कि पुलिस अटैचमेंट में काम करके कानून को कैसे अमल में लाया गया। उन्होंने कहा कि यह समझौता ज्ञापन नई मानसिकता के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह समझौता ज्ञापन हिमाचल प्रदेश पुलिस और विद्यार्थियों, विभिन्न संकायों, हिमाचल प्रदेश विधि विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के बीच संस्थागत संचार का प्रभावी माध्यम साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व हिमाचल पुलिस ने आईआईटी मण्डी के साथ भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया था, जिसके सार्थक परिणाम आए हैं। आईआईटी मण्डी के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करने के परिणामस्वरूप हिमाचल पुलिस ने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबन्धन और महिलाओं के विरुद्ध अपराध रोकने के लिए भावीसूचक रणनीति को अपनाया है।
क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता प्रदान करते हुए उनके पुनर्वास और संशय को दूर करते हुए स्मार्ट सिटी के तहत ढली में बनने वाली समानांतर सुरंग निर्माण का कार्य आरम्भ किया जाए। शहरी, विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज नगर निगम सदन के लिए सुरंग के निर्माण के संबंध में होटल होलीडे होम में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यदि टनल के ऊपर या आसपास रहने वाले लोगों को सुरंग निर्माण से कोई टूट-फूट या खतरा होता है तो उसको दूर करना ठेकेदार एवं विभाग की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्मार्ट सिटी के तहत भी प्रावधान किया जाएगा ताकि लोगों के डर को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्मार्ट सिटी के तहत भी निर्देश जारी किए जाएंगे। शिमला को आकर्षक और अधिक सुदंर बनाने, पर्यावरण को बचाने और यातायात से निजात पाने के लिए ढली में राजमार्ग समानांतर सुरंग अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। स्मार्ट सिटी के तहत अन्य कार्यों के साथ क्षेत्र में बनने वाली यह सुरंग मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के पार्षद राजेन्द्र चैहान ने लोगों के संशय और कार्य प्रारम्भ होने के उपरांत आने वाली असुविधा के संबंध में प्रश्न पूछें। लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए कम्पनी द्वारा किए जाने वाले कार्यों के प्रति जानकारी प्राप्त की। पूर्व उप-महापौर राकेश शर्मा ने सुरंग की मजबूती के संबंध में, पार्षद कमलेश मेहता ने लोगों को होेने वाले नुकसान की भरपाई के संबंध में प्रश्न पूछा, जबकि पार्षद विवेक शर्मा ने डम्पिंग साइड और अन्य समस्याओं के संबंध में तथा पार्षद डाॅ. किमी सूद ने विभिन्न अन्य सुरंगों के निर्माण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर अधीक्षक अभियंता आर.के. श्रीधर, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, सभी पार्षदगण और जिला उपाध्यक्ष संजय कालिया उपस्थित थे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंडी अर्की को ग्राम पंचायत कशलोग के पूर्व प्रधान ने 500 टाइलें दान की।कश्लोग पंचायत के पूर्व प्रधान वेद प्रकाश ने पाठशाला की सीढ़ियां बनाने के लिए 500 टाइले दान कर एक सराहनीय कार्य किया है।इससे पहले भी वह पाठशाला विकास में निरंतर योगदान देते रहे हैं।इस पुनीत कार्य के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता,स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष टेकचंद एवं समस्त विद्यालय परिवार ने वेद प्रकाश का आभार व्यक्त किया है और आशा व्यक्त की है की वह भविष्य में भी इसी तरह अपना सहयोग पाठशाला के विकास में देते रहेंगे।
ग्राम पंचायत बरायली के जालपा युवक मंडल बस्याणा (छाम्ब) के युवाओं ने चल्यावन वार्ड से पंचायत सदस्य पवन कुमार की अध्यक्षता में शमशानघाट व आसपास के गांव की साफ सफाई की। जानकारी देते हुए पंचायत सदस्य पवन कुमार ने बताया कि बारिश होने की वजह से शमशान घाट के आस पास बहुत घास हो गई थी यहां एक पानी का स्रोत है जहां लोगो के पशु पानी पीने जाते थे, परन्तु अब पशुओं के ना जाने की वजह से उस में मिट्टी और घास हो गई थी उस तालाब को समस्त युवाओं ने मिलकर साफ किया। साफ सफाई के दौरान समस्त युवाओं ने कहा कि हम सभी मिलकर जीतने भी पीने के पानी के प्राकृतिक स्रोत है उनकी सफाई करेंगे ताकि बरसात में बीमारियों से बचाव हों सके।इस अभियान में धर्मचंद,बंटू,अनिल,धर्मपाल,कार्तिक,महेन्द्र,भूपेंद्र,विनोद कुमार,सारू सहित अन्य सदस्यों ने अपना सहयोग दिया।
देश को आजाद हुए सात दशक बीत चुके हैं। देश डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ रहा है। पर,कुछ क्षेत्र ऐसे हैं,जहां आज भी विकास की किरण नहीं पहुंची है। ऐसा ही हाल ब्लॉक कुनिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरल के गांव मट्रेच का हैं। जहां आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी आज तक गांव तक पहुंचने के लिए कोई भी सड़क नहीं बनी है और न ही इस गांव तक पहुंचने के लिए ढंग के रास्ते हैं। गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,जबकि इस गांव की दूरी बेरल सड़क व मलोखर सड़क से मात्र 4 किलोमीटर है।गांव में बीमार पड़ने पर लोग पीड़ित को चारपाई पर उठाकर अस्पताल ले जाते हैं। कई बार तो सड़क तक पहुंचने से पहले ही बीमार आदमी की मृत्यु हो जाती है, ऐसा यहाँ पर कई लोगों के साथ हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार चुनाव के समय नेताओं के द्वारा सड़क बनाने का आश्वासन दिया जाता है,लेकिन चुनावों के बाद कोई भी नेता गांव की तरफ नहीं देखता है। लोगों ने बताया कि जिलाधिकारी से लेकर कई नेताओं और मंत्रियों को भी गांव में सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिया। लेकिन इसके बावजूद भी आज तक प्रशासन ने गांव में सड़क निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। वहीं ग्रामीणों में नंद लाल,किशोरी लाल,धर्मपाल,केशव राम,जगदीश,लेखराम,परस राम,पूर्ण चंद,अनन्त राम,भगत राम,कांशी राम का कहना है कि इस गांव में एक भी सार्वजनिक शौचालय तक नहीं है और न ही सरकार द्वारा कोई जहमत इस बारे उठाई गई है,यहीं से पता लग जाता है कि यहां कितना विकास हुआ है। कई बार लड़कियों को इन रास्तों से अकेले ही आना और जाना पड़ता है और डर के मारे गांव में तकरीबन 80% बच्चे लड़के और लड़कियां ऐसे हैं जो आठवीं तक भी पढ़ नहीं पाए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से लेकर स्थानीय विधायक तक फरियाद लगाई लेकिन आज तक कोई भी सुविधा इस गांव तक नहीं पहुंच पाई।वहीं जंगली रास्ता होने के चलते जंगली जानवरों के हमले का डर भी बना रहता है। पीडीएफ का राशन भी महिलाओं को सर पर ढोना पढ़ता है। जिसके चलते लोंगो में रोष है। उनकी सरकार से प्रार्थना है कि शीघ्र ही किसी भी स्रोत से उन्हें सड़क व पैदल मार्ग बनाए। गांव में सड़क नहीं होने से आने-जाने में लोगों को काफी परेशानी होती है। बीमारी की हालत में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सड़क की समस्या को देखते हुए जिला परिषद बिलासपुर से इस विषय मे बात करके व जिला उपायुक्त सोलन से सड़क की समस्या को उठाया जाएगा, ताकि गांव मटरेच के लोगों को जल्द से जल्द सड़क सुविधा मिल सके।
जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के टीम्बी- मिल्ला मार्ग पर कोटी उतरऊ लिंक के समीप बारात में शामिल पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत शिल्ला के गांव चढ़ेऊ से ग्राम पंचायत भकरास के गांव भाटयूडी दुल्हन लेने बारात पहुँची थी। वापसी में पिकअप गाड़ी नम्बर एच 17 सी- 4137 का अचानक ब्रेकफेल हो गया और गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। गाड़ी लगभग 300 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हुई है। दुर्घटना में सभी मृतक चढ़ेऊ गांव के बताए जा रहे है। इस दर्दनाक ने समूचे क्षेत्र को एक बार झंझोड़कर रख दिया है। समूचे गिरिखण्ड में शौक का माहौल है। इस दुर्घंट्ना में गाड़ी में सवार 12 व्यक्तियों में इंदर सिंह (45), अनिल(40), प्रवेश (20), यश(9), कुलदीप(20), प्रवेश कुमार(18), सुरेश (15), नीरज (15), बंटी (15) की मौके पर मौत हो गई है। जबकि गम्भीर रूप से घायल व्यक्तियों में अक्षय (21), निखिल कुमार (15), कमना राम (50) को अस्पताल उपचार के लिए भेजा गया है। बता दें कि टीम्बी-मिल्ला मार्ग पर यह पहला हादसा नही है। इससे पहले भी इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाएं घट चुकी है। हादसे की खबर के बाद शिलाई विधानसभा विधायक हर्षवर्धन चौहान, एसडीएम शिलाई राकेश सिंघा, डीएसपी पावटा साहिब वीर बहादुर सिंह ने मौका पर पहुंच कर घटना का निरीक्षण किया। शिलाई तहसीलदार निशा आजाद ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया मृतकों के परिजनों को 10-10 हजार फौरी राहत दी गई है। डीएसपी पावंटा साहिब वीर बहादुर सिंह ने बताया कि मामले को दर्ज कर छानबीन शुरू की गई है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
प्रकृति ने मनुष्य जीवन के हित के लिए बहुत सी प्राकृतिक संपदाएं संजोई हुई है जिन से मनुष्य अपने जीवन में सुख भोग सके और अपने जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान कर सके। फलदार पौधे,सब्जियां,जड़ी-बूटियां,खनिज इत्यादि बहुत सी ऐसी प्राकृतिक संपदाएं हैं,जो मनुष्य के सामने सुलभ है लेकिन आवश्यकता है तो केवल कर्म करने की, कर्म करने पर मनुष्य अनहोनी को भी होनी में परिवर्तित कर सकता है,ऐसा ही कर्म करने वाले अर्की उपमण्डल के घनागुघाट पंचायत के ध्यानपुर गांव के बागवान राजेन्द्र ठाकुर ने 5800 फुट की ऊंचाई पर सेब उत्पादन कर एक मिसाल पेश की है।उन्होंने सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से सेब का उत्पादन कर लोगों की सेहत का ख्याल रखा है।उन्होनें अपने बगीचे में तैयार सेब की पहली खेप 22 जून 2021 को उतर प्रदेश के एक निजी कम्पनी को भेजी है। इस कम्पनी ने 280 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सेब की खरीद की है। वहीं अगली खेप भेजने की तैयारी है। राजेंद्र ठाकुर ने जहाँ पिछले वर्ष अन्ना, द्वारफसेट गोल्डन, हरीमन, रेडलम गाला, जेरोमाइन व स्कारलेट 2 सेब की किस्मों के पौधों से पैदावार लेकर सबको आश्चर्यचकित किया था। वहीं इस वर्ष के सीजन में अर्की से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से तैयार सेब की पहली खेप बाज़ार में भेजकर एक सभी को हैरान किया है। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्होंने एसपीएनएफ से तैयार किया सेब बाज़ार में भेज दिया है। यह सेब उतर प्रदेश की एक निजी कम्पनी को सीधे उनके बगीचे से बेचा गया है,जिसका दाम 280 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गया है।उन्होनें कहा कि उनका इस वर्ष 3 टन सेब होने की उम्मीद है। राजेंद्र ठाकुर ने लॉकडाउन में अपनी नौकरी गवां चुके अर्की के युवाओं से कृषि व सेब बागवानी करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनका वातावरण व जलवायु कृषि व सेब के लिए उपयुक्त है।बस जरूरत है मेहनत व लग्न की। उन्होंने कहा कि वे ऐसा कर आत्मनिर्भर बन सकते है। बता दे कि राजेंद्र ठाकुर ने अभी तक अपने बगीचे में करीब साढ़े आठ सौ सेब के पौधें विभिन्न प्रजातियों के लगाएं है जो अच्छी पैदावार दे रहे है।राजेंद्र ठाकुर का लक्ष्य है कि वह अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक सेब की पैदावार कर लोगों को इसके प्रति प्रेरित करे ताकि अर्की उपमण्डल के पहाड़ी क्षेत्र भी सेब उत्पादन में एक नाम कमा सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने देश के लिए कोविड-19 पर केंद्रित राहत पैकेज की घोषणा करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त और काॅरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये की ऋण गारंटी योजना का पैकेज महामारी से बुरी तरह प्रभावित अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में नई गति प्रदान करेगा। इसमें से केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए 50,000 करोड़ रुपये और अन्य क्षेत्रों को 60,000 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि सूक्ष्म वित्तीय संस्थानों के माध्यम से छोटे कर्जदारों को ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई नई क्रेडिट गारंटी योजना व्यक्गित रूप से और छोटे उद्यमियों को सहायता प्रदान करने में एक बड़ा कदम साबित होगी। इस योजना के अंतर्गत किसी व्यक्ति को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित दो प्रतिशत से कम ब्याज दर पर अधिकतम 1.25 लाख रुपये का ऋण मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सौ प्रतिशत गारंटी ऋण के साथ पर्यटन को पुनर्जीवित करने की नई योजना से होटल व्यवसायियों को अपना व्यवसाय सुचारू रूप से चलाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 11,000 से अधिक पंजीकृत पर्यटक गाइडों, यात्रा और पर्यटन हितधारकों को वित्तीय सहायता से भी युवाओं को स्वरोजगार उद्यम शुरू करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को 30 जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक बढ़ाने के लिए भी केंद्र सरकार का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि लगभग 80,000 प्रतिष्ठानों के 21.4 लाख से अधिक लोग पहले ही योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मई से नवंबर 2021 तक गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया, जो महामारी की इस संकट भरी घड़ी में गरीब जरूरतमंदों की मदद करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत गरीबों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने पर लगभग 2.28 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए 23,220 करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया, जिसमें शिशु एवं बाल देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना में मानव संसाधन वृद्धि के लिए मेडिकल विद्यार्थियों, नर्सों, आईसीयू बिस्तर, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन की आपूर्ति, उपकरण और दवाओं जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
जाहू जिला मन्डी की आपार सफलता के बाद अब धरोहर गांव गरली के मेन बाजार स्थित धर्मवीर सिंह ठाकुर मेडिकल स्टोर कॉम्प्लेक्स (सिविल अस्पताल गरली के बिलकुल सामने) सोमवार 28 जून को " एक यूनिक कार बाजार " नामक शौरुम खुल गया है। जिसका उद्घाटन भाजपा प्रदेश सचिव डायरेक्टर प्रदेश सरकार वेलफेयर दिनेश भाटिया एवम बूथ अध्यक्ष मुडखर भोरंज (हमीरपुर )बरफू राम ने विधिवत ढंग से रीबन काट कर किया। वही इस उद्घाटन समारोह मे गरली के पूर्व पँचायत प्रधान एवं भाजपा मंडल उपाध्यक्ष जसवां-परागपुर ठाकुर धनबीर सिंह सिनियर मेडिकल डाकटर मनन शर्मा आदि कई गणमान्य लोगो ने खूब बढ़ चढ़ कर भाग लिया वही इस उद्घाटन समारोह पर शोरुम के मालिक मनोज भाटिया व अशीश देव ने कहा कि यहां गाडियां खरीदनें बाले प्रत्येक ग्राहक को अच्छी क्वालिटी की हर नई पुरानी गाडी वाजिव दामो पर उपलब्ध करवाना हमारी प्राथमिकता रहेगी । उप मन्डल देहरा भर के तमाम लोगो को अब किसी भी कम्पनी की नई व पुरानी गाडियां खरीदनें के लिए ऊना हमीरपुर या अन्य दूर दराज इलाको मे रुख नही करना पडेगा। गरली के मैन बाजार मे खुले इस नए शौरुम मे एक ही छत के नीचे हर किसी को नई व् पुरानी गाडिया खरीदनें का सुनहरा मौका है आलम ऐसा ही की गाडियां खरीदनें के लिए फाइनेंस व इंशोरेंस करवाने के लिए भी कही इधर उधर चकर नही काटना पडेगा वह भी खुद उक्त शौरुम के मालिक मनोज भाटिया व अशीश देव ही स्वयं गाडियों के फाइनेंस व इंशोरेंस करेगे। वही इस दौरान ठाकुर धर्मवीर सिंह ने कहा कि शौरुम प्रबंधक मनोज भाटिया व आशीष देव की बहुत अच्छी पहल है अब उपमंडल भर के लोगो को यह सुविधा गरली में उपलब्ध होगी।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि भाजपा की सेमी वर्चुअल प्रदेश कार्यसमिति बैठक 30 जून बुधवार को होने जा रही है, बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय दीप कमल चक्कर के साथ सभी 17 संगठनात्मक जिलों के मुख्यालयों में सेमी वर्चुअल माध्यम से सभी आमंत्रित सदस्यगण भाग लेंगे, इसके अतिरिक्त विधायकगण, मंत्रीगण, ज़िला प्रभारी, सह प्रभारी , जिला एवं मंडल अध्यक्षों के साथ चयनीत स्थानों पर एकत्रित हो कर इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि सभी जिला केंद्रों पर सदस्यगण प्रातः 10:30 बजे एकत्रित होंगे और प्रदेश कार्यालय दीप कमल चक्कर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप का आगमन प्रातः 10:55 पर होगा। उन्होंने बताया की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में कुल 4 सत्र होंगे । प्रथम सत्र को प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कार्य समिति के सदस्यों को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं हिमाचल पंजाब हरियाणा चंडीगढ़ के प्रभारी सौदान सिंह, भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार एवं प्रो प्रेम कुमार धूमल वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। बैठक का समापन शाम 5:30 बजे होगा। उन्होंने बताया की प्रदेश कार्यसमिति के माध्यम से आगामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत चर्चा की जाएगी और कार्यकर्ताओं को अनेकों विषयों के बारे में मुख्य वक्ताओं द्वारा संबोधित किया जाएगा।
भाजपा किसान मोर्चा मंडल जसवां:परागपुर की बैठक कालेश्वर महादेव मे सम्पन्न हुई । बेठक की अध्यक्षता प्रदेश किसान मोर्चा अध्यक्ष डॉक्टर राकेश कुमार बबली ने की । बेठक के उपरांत समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पौधारोपण भी किया गया। बैठक में जहां किसानो से जुड़ी जानकारी के बारे में चर्चा की गयी वहीं इसके अलावा 2022 में भाजपा की सरकार की विभिन्न रण नीतियों पर भी विशेष बातचीत की गई। इस दौरान जसवां:परागपुर मण्डल अध्यक्ष विनोद शर्मा हुकुम सिंह , सुदर्शन सिंह, प्रधान मनियाला सुषमा देवी, उप-प्रधान लक्की, जिला महामंत्री राजीव धीमान, प्रदेश सदस्य मिंटू और किसान मोर्चा के सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि उसे प्रदेश की नही, चुनावों में सत्ता की ज्यादा चिंता है। भाजपा प्रदेश की समस्याओं, बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी पर कोई मंथन नही कर रही है। राठौर ने धर्मशाला में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय बैठक को हनीमून ट्रिप की संज्ञा देते हुए कहा है कि भाजपा पिछले चार सालों से हनीमून ही मना रही है और प्रदेश की समस्याओं को दूर करने में उसकी कोई रुचि नही है। उन्होंने कहा है कि पिछले दिनों शिमला में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में भी भाजपा की बैठक अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर ही रही और धर्मशाला में भी यह चुनावी राजनीति तक ही सीमित रही है। उन्होंने कहा कि देश प्रदेश में कोविड के चलते प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट होकर रह गई है। प्रदेश गंभीर चुनोतियों से गुज़र रहा है। सत्ता पर बेठी भाजपा इन चुनोतियों को दूर करने व लोगों की समस्याओं को दूर करने के बारे में कोई भी बैठक या मंथन आज दिन तक जयराम सरकार ने नही किया है। राठौर ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह अपने राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार का जनकल्याण से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा है कि भाजपा नेता आपदा में अवसरों का पूरा लाभ उठा रहे है। राठौर ने कहा है कि इन दिनों अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा के नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है। शासन और प्रशासन के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है। मंत्री अधिकारियों को डराने का प्रयास कर रहें है। अपनी विफलताओं का ठीकरा अधिकारियों पर फोड़ा जा रहा है। राठौर ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह प्रशासन पर किसी भी प्रकार का अनैतिक दवाब बनाने का प्रयास न करें और न ही उन्हें डराने की कोशिश करें।
बहु-उद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी ने पीएम केयर्स फंड के अन्तर्गत 28 पीएसए संयंत्र प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कुल स्वीकृत पीएसए संयंत्रों में से दो संयंत्र सिरमौर जिला के लिए स्वीकृत किए हैं। सुखराम चैधरी ने कहा कि सिरमौर जिले में एक पीएसए संयंत्र डाॅ. यशवंत सिंह परमार आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन जबकि दूसरा नागरिक अस्पताल पांवटा साहिब के लिए स्वीकृत किया गया है। इन दोनों संयंत्रों की क्षमता 1000 लीटर प्रति मिनट होगी। इससे वर्तमान में कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौती के समय प्रदेशवासियों विशेषकर सिरमौर जिले के लोगों को बहुत सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा प्रदेशवासियों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहे हैं और वर्तमान कोविड-19 के संकट में उन्होंने समय-समय पर केन्द्र सरकार के समक्ष प्रदेश हित के विभिन्न मुद्दों को उठाया है। यह प्रदेशवासियों की सेवा के लिए उनके समर्पण और ईमानदार प्रयासों से ही संभव हुआ है कि महामारी के इस दौर में केन्द्र ने राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन क्षमता में वृद्धि के दृष्टिगत केन्द्र सरकार से 28 पीएसए संयंत्रों की स्वीकृति एक बड़ी उपलब्धि है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रयासों को जाता है। उन्होंने प्रदेश के लिए इन पीएसए संयंत्रों की स्वीकृति के लिए केन्द्र सरकार का भी आभार व्यक्त किया है।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अभी तक डेल्टा प्लस स्ट्रेन का कोई मामला सामने नहीं आया है, हालांकि दूसरी लहर में मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से कोविड-19 के पाॅजिटिव मामलों के परीक्षण के लिए 1113 सैंपल राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), दिल्ली को भेजे गए थे। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, 109 नमूनों में यूके स्ट्रेन की उपस्थिति देखी गई है जबकि आठ सैंपल ने कापा स्ट्रेन के लिए पाॅजिटिव और 76 सैंपल डेल्टा स्ट्रेन के लिए पाॅजिटिव पाए गए हैं। हालांकि, राज्य में अभी तक डेल्टा प्लस स्ट्रेन का कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रवक्ता ने कहा कि कोविड महामारी की दूसरी लहर में पहली लहर की तुलना में 1493 अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। पहली लहर में मामलों की संख्या 58,403 थी, जो दूसरी लहर में 27 जून, 2021 तक 143262 हो गए। दूसरी लहर में पाॅजिटिविटी दर भी दोगुनी से अधिक हो गई। दूसरी लहर में 2475 मौतें हुई हैं, जबकि पहली लहर के दौरान केवल 982 मौतें हुई थीं। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर में मृत्यु दर 1.68 से बढ़कर 1.72 हो गई, जबकि पाॅजिटिविटी दर भी पहली लहर की तुलना में दोगुनी हुई। पहली लहर में 5.48 की पाॅजिटिविटी दर देखी गई जो दूसरी लहर में बढ़कर 10.73 हो गई।
पालमपुर में 30 जून किसानों कि बढ़ोतरी के करने के उद्देश्य से 30 जून को मिशन प्राकृतिक खेती वेबीनार आयोजित किया जाएगा। परियोजना निदेशक डॉ० शशि पाल अत्री ने बताया कि कृषि विभाग एवं राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई द्वारा प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य यह वेबीनार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्य अतिथि रहेंगे, जबकि उपाध्यक्ष नीति आयोग भारत सरकार डॉ राजीव कुमार और कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर विशेष रूप में उपस्थित होंगे I उन्होंने बताया कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के अविष्कारक' पदमश्री सुभाष पालेकर ' प्राकृतिक खेती के बारे में लघु किसानों को संबोधित करेंगे और अपने अनुभव सांझा करेंगे। अत्री ने बताया कि वेबिनार में कांगड़ा जिले की सभी 814 पंचायतों से प्रति पंचायत 20-22 किसान लगभग 17 हजार कृषक भाग लेंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक होगा। उन्होंने बताया कि अन्य कोई किसान जो इस वेबिनार में भाग लेना चाहता है व सादर आमंत्रित हैं। इसके लिए उन्हें नज़दीकी ब्लॉक स्तर पर कार्यरत बीटीएम/एटीएम से संपर्क करना होगा I
कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में इन दिनों जहाँ लोगों के लिए खाने की व्यवस्था करना चुनौती बनी हुई है, तो ऐसे मे कुछ दानवीर लोग गरीब लाचार पीडित परिवारों के लिए मसीहा बनकर सामने आए है। हम बात कर रहे है पालमपुर की अग्रणी समाजसेवी संस्था शनि सेवा सदन की। वह विगत कई वर्षो से लगातार गरीब, लाचार, बेसहारा लोगों को दो वक्त का खाना, बिमार को दवाई व राशन वाले गरीब को अपनी ओर से दाल आटा चावल व अन्य खाद्य समाग्री घर-घर पहुचाने में जुटे हुए है। अगर 28 जून की बात करे तो उक्त समाजसेवी संस्था ने करीब 74 किलोमीटर दूर ब्लॉक खन्ड परागपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत हार मिटां व दयाल नैहरनपुखर के 125 गरीब पीड़ित परिवारों को जहां अपनी ओर से राशन वितरित किया तो वंही, 35 मासूम स्कूली बच्चों को कापियां, पेन, फल आदि देकर इस मुहिम को सफल बनाया। वंही, इस दौरान शनि सेवा सदन के प्रबन्धक परविंदर सिंह भाटिया ने संस्था की ओर से अपना मोबाईल नम्बर 9817 64052 जारी करते हुए कहा कि कोई भी गरीब लाचार व्यक्ति राशन लेने के लिए तंग है या फिर किसी बीमारी से पीडित या अन्य किसी भी समस्या से झूज रहा है वह तुरन्त सम्पर्क कर सकता है। इस मौके पर समाजसेवी संस्था के प्रबन्धक परविंदर सिह भाटिया के अलावा गरली उपकार्यलय के रक्षपाल शर्मा, देहरा उपकार्यलय की अजंना डोगरा, दयाल नैहरनपुखर पंचायत प्रधान ममता देवी, उपप्रधान अजय कुमार, हार मिटां उपप्रधान विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
कोरोना महामारी के बीच NSUI ने प्रदेश सरकार द्वारा 28 और 29 जून को लगाई जा रहे कोरोना के टीकाकरण अभियान के बाद यूजी के अंतिम सत्र की परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की है। NSUI के राज्य महासचिव यासीन बट्ट ने बताया कि 28 और 29 जून को टीकाकरण करवाया जा रहा है जिसके चलते कम से कम 3-4 शरीर मे दर्द रहता है, ऐसे में विद्यार्थी एक जून को परीक्षाएं देने में समर्थ है।इसी बाबत उन्होंने अंतिम सत्र की डेटशीट स्थगित करने की बात कही है। इस मौके पर NSUI राज्य महासचिव यासीन बट्ट, विश्व विद्यालय उपाध्यक्ष बबिता पोजटा, अंकुश व आशीष विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी जसवां परागपुर महिला मोर्चा की मीटिंग पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अध्यक्ष सत्या सूद की अध्यक्षता में हुई। जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष निलम कुमारी ने भी शिरकत की। इस मौके पर बीजेपी की उपाध्यक्ष सुदेश कुमारी भी मीटिंग में मौजूद रही। अध्य्क्ष सत्या सूद ने बताया कि सभी 108 पोलिंग बूथों पर 20/20 महिलाओं का संगठन तैयार किया जाएगा। इस कम्पेन में 90 बूथों पर संगठन तैयार कर लिया गया है। बाकी पर काम जारी है। प्रदेश की उपाध्यक्ष नीलम कुमारी ने बताया कि 2022 के इलेक्शन में महिला वर्ग हर पोलिंग बूथ पर पिछली बढ़त को टारगेट बनाकर कार्य करेगा और 2017 की लीड के टारगेट को अचीव करके आगे बढ़ाने का काम करेगा। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष नीलम कुमारी को सम्मानित भी किया।
जिला में सेब सीज़न के सुचारू संचालन व बागवानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से सभी सम्बद्ध विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य करें। शहरी, विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सेब सीजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिला में 1 करोड़ 98 लाख 94 हजार से अधिक पेटी सेब होने का अनुमान है, जिसे मण्डियों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त वाहन सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में अधिकारी अपने क्षेत्र के बागवानों, ट्रक तथा पिकअप ऑपरेटरों यूनियन से समन्वय स्थापित कर भाड़ा निर्धारित करना सुनिश्चित करें। अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि कोई निर्धारित मूल्यों से अधिक भाड़ा न वसूले तथा किसानों और बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित की गई मात्रा दर को अखबार के माध्यम से विज्ञापित करना सुनिश्चित करें। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक जानकारी बागवानों को प्रदान करें। इसके अतिरिक्त भाड़ा दरों को नियंत्रण कक्ष, नोटिस बोर्ड तथा मुख्य स्थानों पर प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा कि सेब सीजन के दौरान सड़कों का विशेष रूप से विभाग ध्यान रखे, जिससे कि लोगों को अपनी फसल को समय से मण्डियों में पहुंचाया जा सके। उन्होंने टिक्कर से खमाड़ी सड़क की स्थिति को सही करने के विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस क्षेत्र में जिला शिमला का अधिकतर सेब मण्डियों में जाता है इसलिए बागवानों तथा किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए समयावधि में विभाग के अधिकारियों को सड़क को सुधारने के दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बागवानों की सुविधा के लिए इस वर्ष लगभग 2 करोड़ करेटों की उपलब्धता दी जाएगी। प्रौयोगिक तौर पर इसकी सफलता के उपरांत आने वाले समय में बागवानों को इस सुविधा से मण्डियों तक सेब भेजने में सुगमता होगी। कोविड-19 नियमों के तहत सेब सीजन के दौरान मानक संचालन की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए उपमण्डलाधिकारी इस संबंध में अपने-अपने क्षेत्र में बैठक करें और बाहर से आने वाली लेबर की जांच, टीकाकरण व अन्य सलाहों की अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस दौरान सैनेटाइजेशन और स्वच्छता के प्रति विभिन्न मण्डियों में एपीएमसी के अतिरिक्त स्थानीय प्रशासन भी गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वालो श्रमिकों के संबंध में उपमण्डलाधिकारी को सूचित किया जाना आवश्यक है ताकि श्रमिकों की निगरानी, टीकाकरण व अन्य जांच सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बैठक के दौरान जारी किए गए दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के प्रति विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि सेब सीजन को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रत्येक विभाग सक्रिय रूप से कार्य करेगा। प्रबंध निदेशक एचपीएमसी राजेश्वर गोयल, प्रबंध निदेशक हिमफैड के.के. शर्मा, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला, उपमण्डलाधिकारी, मुख्य अभियंता, अधिशाषी अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा बागवान, आढ़ती संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी के तत्वाधान में प्रदेश में इस वर्ष जुलाई माह के तीसरे सप्ताह में एक विशाल पौधरोपण अभियान आयोजित किया जाएगा। जिसके अन्तर्गत लगभग एक लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना महामारी के दृष्टिगत लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक भावना पैदा हुई है जिसे साकार करने की आवश्यकता है। इस प्रकार के अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए और पौधों की देखभाल के हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन अभियानों में विद्यार्थियों, महिला मण्डलों और गैर-सरकारी संगठनों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने वन विभाग को भविष्य में भी रेडक्राॅस और अन्य विभागों के समन्वय से इस प्रकार के आयोजन करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने फल और औषधीय पौधों के पौधरोपण पर विशेष बल दिया। राज्य रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण रेडक्राॅस कुछ समय से पौधरोपण जैसे अभियानों और रेडक्राॅस मेलों के आयोजन नहीं कर पाया है लेकिन इस महामारी के समाप्त होते ही इन गतिविधियों को विस्तृत रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौरान रेडक्राॅस ने जिला स्तर पर बेहतर काम किया है। उन्होंने अपील की है कि अधिक से अधिक लोगों को इस कार्य से जोड़ा जाए और उन्हें इस प्रकार की गतिविधियों से अवगत करवाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जमीनी स्तर के लोगों को पौधरोपण अभियान से जोड़ने का सुझाव दिया। प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन डाॅ. सविता ने पौधरोपण गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों और उप-मण्डलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की गई। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने पौधरोपण अभियान की रूपरेखा से अवगत करवाया।
उपमंडल सरकाघाट की ग्राम पंचायत गैहरा में रविवार को जिला परिषद वार्ड थौना से भारी मतों से विजयी होने के बाद चंद्र मोहन शर्मा पहली बार पंचायत गैहरा में लोगों का धन्यवाद करने के लिए पहुंचें। इस मौके पर उनके साथ जिला परिषद अध्यक्ष जिला मंडी पाल वर्मा और जिला पार्षद प्रियंता का भी भव्य स्वागत किया। साथ ही सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र सिंह विशेष तौर पर उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पंनयाली पटडीघाट सड़क जो गैहरा पंचायत की मुख्य सड़क है लगभग 4 करोड की लागत से इसका काम पूरा हो चुका है, कास से टकरेहड सड़क के लिये विधायक ने साढ़े चार करोड़ नाबार्ड से स्वीकृत करवाये, कुफरू-डबरोग-गैहरा वाया खडाहर-गुहड मझवाड सड़क को एमएलए प्रायोरिटी में डालने के लिये और सैलग सवाणी जालपा सड़क को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में डालने के लिये उनका आभार जताया। ग्रामीणों ने पंचवटी योजना के तहत गैहरा के गाँव कास मे 9,13000 की लागत से बनने वाले पार्क के लिये भी आभार जताया। ग्रामीणों ने पंचायत में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोलने की मांग रखी। विधायक ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्दी गैहरा को आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी मिलेगी। इस दौरान जिला पार्षद चंद्र मोहन शर्मा ने गैहरा बाजार में पब्लिक टॉयलेट के लिए एक लाख रुपए, शैलग गांव में महिला स्नानागार के लिए 50000 रूपये, पंचायत गैहरा के हरेक महिला मंडल को 50-50 कुर्सियां देने की घोषणा की । साथ ही गदयाहडू गांव की गरीब महिला जयवंती देवी को दस हजार रूपये की आर्थिक मदद और भदरोता वैली कैटीन भवन के लिये 50000 रूपये की राशि चेक के माध्यम से दी। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष जिला मंडी पाल वर्मा, जिला पार्षद वार्ड रिवालसर प्रियंता, भाजपा मंडल अध्यक्षा निशा ठाकुर,भाजपा मंडल महामंत्री चदरमणी, भाजपा मंडल सचिव संदीप जसवाल, राजकुमार भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य , युवा मोर्चा उपाध्यक्ष अश्वनी, लोक निर्माण विभाग कनिष्ठ अभियंता रतन सिंह, जल शक्ति विभाग कनिष्ठ अभियंता अमित व् बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता चरणजीत भी उपस्थित रहे।
वक्त की मार ने एक दृष्टिबाधित एवं मनोरोगी बुजुर्ग महिला स्वर्णा देवी के पास सब कुछ होते हुए भी दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर कर दिया है। पति की मौत के बाद 10 बीघा जमीन, 4 कमरों का मकान, दो भाइयों और माँ के जीवित होने के बावजूद वह दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज है। 'बेहद जर्जर और असुरक्षित हो चुके मकान में रह रही इस बेसहारा बुजुर्ग महिला के पास शौचालय ,पेयजल और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। घर के चारों तरफ गंदगी और झाड़ियां दिखती हैं। वह नर्क से बदतर जीवन जीने पर मजबूर है। बता दें कि यह बेसहारा बुजुर्ग महिला नारकंडा के नजदीक जादौण पंचायत के गांव बटाड़ा की स्वर्णा देवी (60) है। उनके पति मंगतराम की 30 साल पहले हुई मृत्यु से वह उभरी भी न थी कि इकलौते बेटे की भी मौत हो गई। उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्यारा में अंशकालिक जलवाहक के पद पर भी सेवाएं दी। लेकिन सदमे ने उनका मानसिक संतुलन कमजोर कर दिया और वक्त के साथ नजर भी काफी हद तक जाती रही। शायद यही कारण था कि विद्यालय ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। अब उन्हें सिर्फ विधवा पेंशन का सहारा है। बिजली बिल का भुगतान न होने के कारण बिजली विभाग ने उनके जर्जर हो चुके मकान का कनेक्शन काट दिया। अब वहां अंधेरा पसरा रहता है। वह अपना खाना खुद नहीं बना सकतीं। दो वक्त पेट भरने के लिए पड़ोसियों पर निर्भर रहना पड़ता है। उनके भाई का कहना है कि वह स्वर्णा देवी को अपने पास लाए भी थे। लेकिन मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण वह परिवार में एडजस्ट नहीं हो सकीं। दस दिन पहले प्रो. अजय श्रीवास्तव ने शिमला जिला प्रशासन से स्वर्णा देवी को रेस्क्यू कराने और वृद्ध आश्रम में भेजने का अनुरोध किया था। इसके बाद कुमारसेन के तहसील कल्याण अधिकारी को मौके पर छानबीन के लिए भेजा गया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट भी शिमला भेज दी। लेकिन रिपोर्ट के कागज कहीं फाइलों में उलझे रह गए और बुजुर्ग महिला किस तरह वक्त की मार झेल रही है, इसका अंदाज़ा इन तस्वीरों से लगाया जा सकता है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज पूर्वी लद्दाख के कुन्गयाम से देश के आठ राज्यों में सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित 63 पुलों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया, जिनमें से तीन पुल हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं। इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने में सीमा सड़क संगठन की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए बेहतर सड़क सम्पर्क सुविधा महत्त्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सीमावर्ती राज्यों में पुलों को समर्पित करने के लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए समर्पित तीनों पुल महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे राज्य के दुर्गम क्षेत्रों को सम्पर्क सुविधा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि पवारी-पूह सड़क पर 4.27 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 40 मीटर लम्बा पांगी पुल वर्षभर सम्पर्क सुविधा प्रदान करेगा और सैनिकों का मनोबल बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि किरण खड्ड पर 5.55 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया गया है। यह पुल सम्पर्क सुविधा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सैनिकों के लिए विभिन्न सामग्री की निर्बाध आपूर्ति करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक व आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूह-कौरिक सड़क पर 2.16 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 30 मीटर लम्बा टाइटन पुल सीमावर्ती क्षेत्र में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। यह सड़क भारत व चीन सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए जीवन रेखा का काम करती है। महानिदेशक सीमा सड़क संगठन, लै. जनरल राजीव चैधरी ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया और सीमा सड़क संगठन द्वारा निष्पादित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। लै. गवर्नर आर.के.माथुर केन्द्रीय रक्षा मंत्री के साथ मौजूद थे जबकि उत्तराखण्ड, अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम और नागालैंड के मुख्यमंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।
कुछ माह पहले प्रदेश युवा कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। चुनाव में पूर्व अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी समझे जाने वाले निगम भंडारी प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए और निगम भंडारी से हारने वाले युवा नेता थे यदुपति ठाकुर, जिन्हें वीरभद्र गुट का माना जाता है। तब संतुलन बनाये रखने के लिए कांग्रेस ने नया फॉर्मूला ईजाद किया था, चुनाव हारने के बाद भी यदुपति को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। अब फिर युवा कांग्रेस के ये दोनों नेता चर्चा में है, और कारण है मंडी संसदीय उप चुनाव के लिए उनकी दावेदारी। दोनों नेताओं के समर्थक सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय है और अपने -अपने नेता के लिए टिकट की मांग कर रहे है। टिकट आवंटन पर आखिरी फैसला तो पार्टी हाईकमान को ही लेना है पर इन दोनों युवा नेताओं की तरफ से प्रयास जारी है। फिलवक्त टिकट की ये यह जंग सोशल मीडिया पीछे चल रही है। निगम भंडारी इस मसले पर खुल कर कह भी चुके है की अगर हाईकमान चाहे तो वो चुनाव लड़ने के लिए तैयार है, हालाँकि यदुपति ठाकुर ने चुनाव लड़ने को लेकर खुद कुछ नहीं कहा, पर उनके समर्थक लगातार उनके लिए टिकट मांग रहे है। दिलचस्प बात तो ये है की जहां युवा कांग्रेस के नेता चुनाव लड़ने के लिए इतने उत्सुक दिख रहे है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के बड़े नेता टिकट की दावेदारी से भागते दिख रहे हैं। अब क्या कांग्रेस किसी वरिष्ठ नेता को मैदान में उतारती है, पिछले चुनाव लड़े आश्रय पर भरोसा जताती है या फिर इन दोनों युवाओं में से किसी एक को आगे लाती है, ये देखना दिलचस्प होगा। रजत का दावा, क्या गंभीरता से लेगी भाजपा भाजपा की ओर से मंडी संसदीय उप चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी एक पीएटी अध्यापक ने जताई है। प्राथमिक अध्यापक रजत शर्मा एबीवीपी और संघ के कार्यकर्ता रह चुके है। इसी हैसियत से रजत शर्मा ने भाजपा से टिकट की दावेदारी जताई है। रजत ने बीते दिन शिमला में पत्रकार वार्ता कर अपना दावा रखा। हालांकि भाजपा से कई दमदार चेहरे टिकट के प्रत्याशी माने जा रहे है। ऐसे में रजत के दावे को पार्टी कितना गंभीरता से लेगी, ये देखना रोचक होगा।
हिमाचल प्रदेश में 34 विभागों की 248 सेवाएँ लोकसेवा गारंटी एक्ट के दायरे में है। हाल ही में स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए गठित मंत्रिमंडल की उप-समिति की बैठक में लोक सेवा गारंटी एक्ट को और क्रियाशील बनाने की हिदायत दी गई। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 34 विभागों द्वारा 248 जन सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। ये सेवाएं समयबद्ध रूप से लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हर विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली जन सेवा के लिए समय अवधि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि 248 जन सेवाओं में से 110 सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से, 30 सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से और 80 सेवाएं व्यवसाय में सुगमता के तहत प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं करवाने पर एक से पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। सुरेश भारद्वाज ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शहरी विकास मंत्री ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए आरक्षित बैकलाॅग पदों को तुरन्त भरने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि इस बारे में की गई कार्यवाही के बारे में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा कोटे का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाए: भारद्वाज सुरेश भारद्वाज ने बताया कि शिकायत निवारण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए भी विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य की दी गई है। सुशासन बने स्वर्णिम हिमाचल का आधार के तहत जन अधिकार पुस्तिका का प्रकाशन कर इसे योजना विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है तथा इसका अद्यतनीकरण किया जा रहा है।सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ई-प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल-सीएम डैशबोर्ड बनाया जा चुका है और इसका प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने मेलों की अनुदान राशि में बढ़ोतरी की है। सरकार ने अब प्रदेश में आयोजित होने वाले जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेलों की अनुदान राशि में इजाफा कर दिया है। राज्य सरकार ने जिला स्तर के मेलों को अब 50 हजार रूपये अनुदान राशि देने का निर्णय लिया है, पहले सरकार द्वारा जिला स्तर पर आयोजित होने वाले मेलों को 30 हजार रूपये अनुदान राशि दी जाती थी, इसके साथ ही राज्य स्तरीय मेले की अनुदान राशि में भी इजाफा किया गया है, अब राज्य स्तरीय मेलों को सरकार द्वारा 1.5 लाख रूपये दिए जाएंगे। बता दें की पहले सरकार द्वारा पहले इन मेलों के लिए 1 लाख रूपये दिए जाते थे, राष्ट्रीय स्तर के मेलों की दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा के नूरपुर के जन्माष्टमी मेले को राज्यस्तरीय मेला अधिसूचित कर दिया है। ये मेले होते है आयोजित हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय मेलों में लवी मेला रामपुर, मंडी शिवरात्रि, कुल्लू दशहरा, सुजानपर होली मेला आदि शामिल हैं। प्रदेश में धार्मिक मेलों में मारकंडेय मेला, नयना देवी नवरात्र मेला आदि हैं। ऊना जिले में चिंतपूर्णी, कांगड़ा में ज्वालाजी तथा बज्रेश्वरी देवी के प्रमुख मेले हैं। शूलिनी मेला सोलन, रेणुका मेला सिरमौर, बाबा बालक नाथ मेला दियोटसिद्ध हमीरपुर, बाबा बड़भाग सिंह मेला ऊना जिले का मैडी, मणिमहेश मेला चंबा और नलवाड़ी मेला बिलासपुर का प्रमुख मेला है। सरकार द्वारा बढ़ाई गई अनुदान राशि से अब मेला कमेटी को मेले आयोजन करने में आसानी होगी। सरकार ने मेलों की अनुदान राशि में तो बढ़ोतरी कर दी है लेकिन, कोरोना के चलते करीब दो वर्षों से प्रदेश में किसी भी मेला का बड़े स्तर पर आयोजन नहीं किया गया है, लेकिन कोरोना खत्म होने के बाद सरकार द्वारा बढ़ाई गई अनुदान राशि की सहायता मेला कमेटी को होगी।
हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष 24 मई 2020 से साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के प्रसारण की शुरुआत की गई। अकादमी का यह कार्यक्रम फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर रोजाना 7:00 बजे नियमित रूप से प्रसारित हो रहा है। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक लगभग 500 कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें प्रदेश, देश और विदेश से साहित्यकारों, कलाकारों का भरपूर योगदान, समर्थन, सहयोग प्राप्त होता रहा है। कार्यक्रम की श्रंखला में कुछ ऐसे सहयोगी मिले जो बिना किसी स्वार्थ के निरन्तर अपना योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाने में दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं। कुछ ऐसे भी मिले जो अपना कोई स्वार्थ लेकर शामिल हुए और कार्यक्रम मे कुछ अनुभव हासिल करके अपना अलग चैनल चलाकर व्यस्त हो गए। कुछेक साथियों ने मनमाफिक इस कार्यक्रम को चलाना चाहा, जो नहीं हो पाया तो अलग हो गए। कुछ एक को यह फॉर्मेट अच्छा नहीं लगा, तो दूरी बनाए रहे। कुछेक ने अपना सुनाया और दूसरों का सुनने के समय किनारा कर लिया परंतु फिर भी साहित्य कला संवाद का कारवां लगातार चलता रहा। इस उतार-चढ़ाव के बीच भी हजारों दर्शक और श्रोता साहित्य कला संवाद को अपना प्यार देते रहे। उन्हीं की बदौलत यह कार्यक्रम निरंतर आगे बढ़ता चला जा रहा है। एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है और यह कार्यक्रम निरन्तर हर रोज प्रसारित किया जा रहा है। कार्यक्रम के श्रोताओं दर्शकों की अपेक्षा और सुझावों के अनुसार कार्यक्रम में समय-समय पर बहुत सारे परिवर्तन भी होते रहे। जहां प्रदेश, देश, विदेश के नामी-गिरामी साहित्यकारों, कलाकारों ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर के अपने विचार सांझा किए और अपनी रचनाओं का पाठ किया, संवाद में भाग लिया उनके सकारात्मक सहयोग का यह कार्यक्रम सम्मान करता है। बच्चों, युवाओं, महिलाओं, समाजसेवियों ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हमारा सहयोग दिया, साहित्य, कला, संस्कृति, पहाड़ी भाषा एवं साहित्य, मनोरंजन, गीत-संगीत, लोक साहित्य, सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित परिसंवाद, कवि सम्मेलन और युवाओं के विभिन्न कार्यक्रम इस संवाद की यात्रा को शिखर की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध हुए। कुछ समय पहले वेद व्याख्यान, वैदिक और संस्कृत साहित्य पर केंद्रित व्याख्यानमाला का प्रारंभ किया गया।वर्तमान में पुराण कथा पर आधारित व्याख्यान की श्रृंखला चल रही है। बाल रंगमंच से लेकर प्राचीन लिपियों पर सेमिनार प्राचीन लिपियों, बाल रंगमंच और चित्रकला प्रशिक्षण के लिए भी इसी दौरान कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिंदी सप्ताह, संस्कृत सप्ताह, स्मृति दिवस, अकादमी के विभिन्न साहित्यिक आयोजन और रंगमंच कार्यशालाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं इन सभी कार्यों के निष्पादन में अकादमी के सदस्य डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. इन्द्र सिंह ठाकुर, भारती कुठियाला, डॉ. नंदलाल ठाकुर, डॉ रीता सिंह का सहयोग और परामर्श हमारा संबल बना रहा।अधिकांश कार्यों के संयोजन में डॉ. कृष्ण मोहन पाण्डेय, दक्षा शर्मा, डॉ. चेतना, डॉ.ओम प्रकाश राही, अभिमन्यु वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका और योगदान रहा। इन के सहयोग के बिना साहित्य संवाद की सफलता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आगामी दिनों में भी अकादमी के कार्यक्रम ऑनलाइन इसी तरह आयोजित किए जाते रहेंगे और यह कार्यक्रम बाल, युवा, महिला, पुरस्कार, सम्मानित सभी लेखकों कलाकारों के लिए समर्पित रहेगा। साहित्य कला संवाद के कार्यक्रमों की यात्रा को और अधिक सफल बनाने के लिए आप सभी के सहयोग की अपेक्षा रहेगी। हितेंद्र शर्मा का रहा महत्वपूर्ण याेगदान साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के सम्पादन में हितेन्द्र शर्मा का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। बताया गया कि उन्होंने लेखकों, साहित्यकारों के साथ सम्पर्क बनाते हुए उन्हें कार्यक्रम में शामिल करने, कार्यक्रम के पोस्टर निर्माण, लाइव कार्यक्रम का संचालन, नियंत्रण और प्रसारण करना। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम की वीडियो को फेसबुक तथा यूट्यूब पर अपलोड करते हुए और हिमाचल अकादमी के लिए हार्ड डिस्क में कार्यक्रम सुरक्षित रखना, समय-समय पर कार्यक्रमों मे विशेष प्रस्तुतिकरण सहित परिचर्चा मे भाग लेते हुए सभी कार्यो के निर्वाह में रात दिन परिश्रम करते रहना उल्लेखनीय है जो इस कार्यक्रम की अभूतपूर्व सफलता का मूल आधार रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भविष्य में कार्यक्रम की रूपरेखा भी इन्हीं सब सहयोगियों के परामर्श से तैयार की जा रही है। सभी के सहयोग से हिमाचल अकादमी का फेसबुक पेज और दो यूट्यूब चैनल मोनोटाइज हो चुके हैं इसलिए इनका निरंतर संचालन अकादमी की एक नैतिक जिम्मेवारी बन गई है।
हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा राज्य में हरित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक िहमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा हरित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक चार सर्टिफिकेट कोर्स व प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में पहले सर्टिफिकेट कोर्स में ‘पीपल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर व पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें 11 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत दो सर्टिफिकेट कोर्स ‘बायोडायवर्सिटी रजिस्टर की तैयारी’ और ‘भारत सरकार-यूएनडीपी-जीईएफ परियोजना-सिक्योर हिमालय के तहत पीबीआर पर केंद्रित पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषयों पर आयोजित करवाए जा चुके हैं। इन दोनों पाठ्यक्रमाें में 23 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है। वर्ष 2020-21 में हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र ने ‘मूल्य संवर्धन और एनटीएफपी (पशु मूल) का विपणन-जंगली मधुमक्खी पालन और प्रसंस्करण’ विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत 14 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली ने राज्य के लिए इन प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात बहुत से युवाओं को निजी व सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ है और अन्य स्वरोजगार से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य कुशल जनशक्ति को रोजगार व स्वरोजगार की सुविधा प्रदान करना है। हरित कौशल विकास कार्यक्रम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के कौशल भारत मिशन के अनुरूप है। यह कार्यक्रम तकनीकी ज्ञान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता वाले हरित कौशल श्रमिकों को विकसित करने का प्रयास करता है। यह कार्यक्रम पूरे देश में पर्यावरण सूचना केंद्र के विशाल नेटवर्क और विशेषज्ञताओं का उपयोग कर रहा है। युवाओं काे स्वराेजगार प्राप्त करने में सक्षम हरित कौशल विकास कार्यक्रम भारत वर्ष के युवाओं को पर्यावरण और वन क्षेत्र में लाभकारी रोजगार तथा स्वरोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु कौशल विकास एक पहल है। आधुनिकीकरण के युग में अधिकांश व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘साॅफ्ट’ या ‘ग्रीन’ कौशल के बजाय यांत्रिकी या तकनीकी कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि हरित कौशल स्थायी भविष्य के लिए पर्यावरणीय गुणवत्ता को संरक्षित करने में योगदान देता है और इसमें ऐसे रोजगार शामिल हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा करती है तथा ऊर्जा, अपशिष्ट और प्रदूषण को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं। बताया गया कि हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र की स्थापना भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय सूचना के महत्व को समझते हुए एक योजना कार्यक्रम के रूप में की गई थी। पर्यावरण सूचना केंद्र का प्रयास महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवसों को मनाना तथा निर्णय निर्माताओं, नीति नियोजकों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों, अनुसंधान कार्यकर्ताओं आदि को पर्यावरण संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
कोविड-19 के खिलाफ चुनौतीपूर्ण लड़ाई में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित की जा रही एंबुलेंस-108 और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम-102 (जेएसएसके-102) सेवा कोरोना संक्रमित हजारों लोगों के जीवन को बचाने का माध्यम बनी हैं। प्रदेश में कोविड महामारी के आरंभ से ही संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचाने व स्वस्थ्य होने वाले मरीजों को वापस घर पहुंचाने का जिम्मा राज्य सरकार द्वारा एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा को सौंपा गया और इस कार्य के लिए कुल 123 एंबुलेंस तैनात की गई। जिन्होंने सरकार के दिशा-निर्देशानुसार प्रभावी कार्य करते हुए आपातकालीन स्थितियों में कोविड मरीजों को अस्पताल पहुंचाने संक्रमित मरीजों के ठीक होने पर उन्हें वापस घर छोड़ने के साथ-साथ दुर्गम व ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 टेस्ट करने में भी एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 108 नंबर पर डायल कर कोविड-19 की किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के आरम्भ से ही मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 60 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा-108 को तैनात किया गया था। जिन्हें कोविड-19 के गंभीर मरीजों को आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। कोविड ड्यूटी के लिए तैनात की गई इन सभी एंबुलेंस ने प्रदेश भर के सभी जिलों में अभी तक 41945 कोविड पाॅजिटिव मरीजों को विभिन्न स्थानों से कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचा कर उन्हें समय पर उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने में अपना योगदान दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोविड मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा जहां एंबुलेंस-108 को सौंपा गया, वहीं एंबुलेंस सेवा जेएसएसके-102 को इस बीमारी से स्वस्थ्य होने वाले मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों से वापस घर छोड़ने का कार्य भी सौंपा गया। जिसे जेएसएसके-102 सेवा ने बखूबी निभाते हुए बीमारी से स्वस्थ्य होने वाले लोगों की ओर से मांग आने पर अब तक लगभग 5003 लोगों को उनके घर पहुंचाने में अपना योगदान दिया हैं। इस कार्य के लिए सरकार द्वारा 42 जेएसएसके-102 एंबुलेंस तैनात की गई है। अब तक 21922 सैंपल एकत्रित किए दुर्गम व ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 की जांच के लिए सैंपल एकत्रित करने का कार्य भी जेएसएसके-102 एम्बुलेंस को राज्य सरकार द्वारा सौंपा गया है। जिसके लिए सरकार द्वारा अप्रैल, 2020 में महामारी के आरम्भ में ही राज्य में 21 जेएसएसके-102 एम्बुलेंस तैनात की गई है। जिनके माध्यम से अब तक कुल 21922 सैंपल कोविड-19 की जांच के लिए एकत्रित किए गए हैं। इस सेवा के अलावा, दूरदराज के क्षेत्रों में घरों के निकट लोगों के कोविड सैंपल एकत्रित करने के लिए जीवन धारा मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का भी प्रयोग किया जा रहा है, जिनके माध्यम से 8148 सैंपल एकत्रित किए जा चुके हैं। किस जिलें में कितनी एंबुलेंस तैनात कोविड-19 ड्यूटी के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में आवश्यकतानुसार एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 को कोविड ड्यूटी के लिए तैनात किया गया है। जिला बिलासपुर में 7, चंबा में 13, हमीरपुर में 11, कांगड़ा में 17, किन्नौर में 2, कुल्लू में 8, लाहौल-स्पीति में 2, मंडी में 15, शिमला में 17, सिरमौर में 11, सोलन में 12 और जिला ऊना में 8 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। विभिन्न जिलों में कोविड ड्यूटी में एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा में 1050 कर्मचारी दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड मरीजों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाने में एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 के अलावा स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों व परियोजनाओं की एंबुलेंस भी आवश्यकतानुसार अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। जिसके परिणाम स्वरूप राज्य सरकार प्रदेश में हजारों लोगों को कोविड-19 की आपातकालीन स्थितियों में अस्पताल पहुंचाकर उनका बहुमूल्य जीवन बचाने में सफल हुई है।
हमीरपुर :केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने रविवार दोपहर बाद हमीरपुर के सर्किट हाउस में आम लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकांश जनसमस्याओं का मौके पर ही निवारण कर दिया, जबकि अन्य जनसमस्याओं का भी अतिशीघ्र निवारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए। इस दौरान कई क्षेत्रों के जनप्रतिनिधिमंडलों ने भी केंद्रीय मंत्री से भेंट की तथा उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं एवं मांगों से अवगत करवाया। इस अवसर पर विधायक नरेंद्र ठाकुर, पूर्व विधायक एवं जिला भाजपा अध्यक्ष बलदेव शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी, उपाध्यक्ष नरेश कुमार, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के समन्वयक नवीन शर्मा, उपायुक्त देबश्वेता बनिक, एडीएम जितेंद्र सांजटा, अन्य अधिकारी, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, भाजपा पदाधिकारी नरेंद्र अत्री, जिला महामंत्री हरीश शर्मा, अभयवीर लवली और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री अन्य भाजपा नेताओं के साथ स्थानीय विधायक नरेंद्र ठाकुर के घर भी गए और उन्होंने बीते दिनों हुए नरेंद्र ठाकुर की माता के देहावसान पर शोक व्यक्त किया।
देहरा विधानसभा की धार पंचायत से संबंध रखने वाले नितिन ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में प्रदेश सचिव पर नियुक्त करने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है, और प्रदेश नेतृत्व का आभार प्रकट किया ।नितिन ठाकुर 2003 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े ,2004 -2005 में धर्मशाला महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इकाई अध्यक्ष रहे ,2005-2006 में केंद्रीय छात्रसंघ के अध्यक्ष (SCA PRESIDENT)के पद पर चुनाव जीते। 2007 से लेकर 2009 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रांत सह मंत्री के दायित्व पर रहे ।2009 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। 2009 के उपरांत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऊना जिला संगठन मंत्री का दायित्व निभाया। नितिन ठाकुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम वर्ष प्रशिक्षित हैं। 2016 से लेकर 2020 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा संगठनात्मक जिला देहरा के अध्यक्ष के पद पर रहे। 2020 में पुनः भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला देहरा के जिला अध्यक्ष नियुक्त हुए। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित ठाकुर द्वारा नितिन ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा प्रदेश सचिव के पद का दायित्व दिया। इसके के सभी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व का आभार प्रकट किया। 2016 से लेकर 2021 तक आप देहरा विधानसभा की धार पंचायत के उप प्रधान के पद पर भी रहे हैं। नितिन ठाकुर पेशे से देहरा में एडवोकेट हैं। महाविद्यालय समय नितिन ठाकुर का झुकाव राष्ट्रवादी विचारधारा को मानने वाले संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ रहा। पूर्व में 2 बार संगठनात्म जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं । मंडल देहरा युवा मोर्चा अध्यक्ष अंकित चंबियाल , उपाध्यक्ष व मूहल पंचायत प्रधान संजय कुमार ,जिला उपाध्यक्ष रोहित शर्मा ,जिला उपाध्यक्ष विक्रांत मिन्हास ,जिला उपाध्यक्ष अपराजित, जिला उपाध्यक्ष और बीडीसी पंकज राणा ,जिला उपाध्यक्ष अंकुश जंबाल ,जिला सचिव रमणीक सिंह जिला सचिव अश्वनी राणा,जिला सचिव विकास पटियाल ,अंकुश सपिया मंडल उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार ,उप प्रधान भटेहर पंचायत दिलवर सिंह ,मनीष कुमार,संदीप ,राजेश ,अखिल गुलेरिया ,विशाल ,निशेष रमन सुशील ,अतुल ,सुमित विपन, राहुल ,विकास ,अश्वनी ,आदि कार्यकर्ताओं ने आभार प्रकट किया है । अपने नए दायित्व के लिए नितिन ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ,हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ,केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, हिमाचल प्रदेश के उद्योग व परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ,देहरा के पूर्व विधायक रविंद्र सिंह रवि, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भाई अमित ठाकुर, संगठनात्मक जिला देहरा के अध्यक्ष संजीव शर्मा ,जिला महामंत्री अभिषेक पाधा, जिला महामंत्री जगदीप डडवाल ,देहरा मंडल अध्यक्ष निर्मल जसवाल,जसवां प्रागपुर मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा ,ज्वालामुखी मंडल अध्यक्ष मान सिंह राणा व समस्त भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और जयराम ठाकुर की हिमाचल प्रदेश में सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को आम जनमानस तक पहुंचाना उन नीतियों का फायदा आमजनमानस को मिले। केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार के द्वारा जनहित में किए गए कार्यों और उपलब्धियों को हर बूथ के घर-घर तक पहुंचाना। प्रदेश के अंदर हर बूथ तक भारतीय जनता पार्टी और युवा मोर्चा को मजबूत करना और नए कार्यकर्ताओं को अपने साथ जोड़ना, हर बूथ पर पुराने व नए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना। जिससे कि 2022 में भारतीय जनता पार्टी के मिशन रिपीट को कामयाब करते हुए पुनः एक बार हिमाचल प्रदेश के अंदर भारतीय जनता पार्टी सत्ता पर काबिज होकर सरकार बनाये प्रदेश हित में जनहित में कार्य कर सके ।उन्होंने कहा है कि देहरा विधानसभा की समस्त जनता के प्यार से ही उन्हें यह दायित्व मिला है वह उनकी इच्छाओं के अनुरूप वे सब कार्य करेंगे ।
जसवां:परागपुर चलाली गांव में बिस्तर पर पड़े एक गरीब परिवार के घर मुकेश ठाकुर ने आर्थिक मदद पहुंचाई । मुकेश ठाकुर को गरीब परिवार के बारे में पता चला कि घर को चलाने वाला व्यक्ति रवि कुमार घर की छत से गिर पड़ा था व उसके बाद उसे काफी चोट आई व जिसका उपचार अस्पताल में चल रहा है । वहीं व्यक्ति के पिता पहले ही मरीज हैं व चारपाई पर हैं व घर में बच्चे अभी छोटे हैं। घर के हालात इतने खराब हो चुके हैं कि घर में खाने पीने की व्यवस्था भी ठीक नहीं हैं। मुकेश ठाकुर की टीम को देखकर व्यक्ति के पिता रो पड़े क्योंकि घर की अर्थव्यवस्था बुरी तरह बिगड़ चुकी है। वहीं समाजसेवी मुकेश ठाकुर ने परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाई व आश्वासन दिया कि जब भी उन्हें जरूरत हो मुकेश ठाकुर व उनकी टीम परिवार की सहायता करेगी। समाजसेवी मुकेश ठाकुर रोटी ,कपड़ा ,मकान ,पढाई व दवाई की कमी ना हो का सपना लेकर चले है। उन्होंने दो और लडकियों की शादी के लिये शगुन व आर्थिक मदद दी । वहीं जसवां परागपुर के युवाओं को खेलकूद के प्रति प्रेरित करने के लिये अलग अलग पंचायतों में खेल किटें बांटी ।
ज्वालामुखी के रविंद्र नाथ टैगोर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के बच्चों के लिए हिमाचल सोशल डिफेंस सामाजिक संस्था की ओर से एक वेबीनार करवाया गया जिसमें मर्चेंट नेवी में रोजगार की संभावनाएं और इसमें प्रवेश किस प्रकार करें, और कहां से इस विषय में ठीक जानकारी प्राप्त करें इसकी जानकारी उपलब्ध करवाई गई। इस वेबीनार में वीआर मैरिटाइम शिपिंग कंपनी के प्रबंध निदेशक और केंद्रीय जहाजरानी बोर्ड के सदस्य संजय पराशर ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। संजय पराशर और उनकी टीम में शामिल नजीर वाडिवाल तकनीकी निदेशक वीआर मैरिटाइम, कैप्टन प्रकाश सुमन प्रिंसिपल मरीन अकैडमी, और अन्य विशेषज्ञों ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक रमेश कुमार और प्राचार्य ओमप्रकाश विशिष्ट ने अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर हिमाचल सोशल डिफेंस सामाजिक संस्था के संयोजक एडवोकेट अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि है अपनी संस्था के माध्यम से समाज के लिए काम करते रहते हैं और भविष्य में भी बच्चों को उनके कैरियर के लिए जानकारी मिलती रहे इसके लिए विशेषज्ञों ऐसे बच्चों की मुलाकात करवाते रहेंगे।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशंवत छाजटा ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार दीमक की तरह देश को खोखला कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल झूठे सपने और झूठे वायदे करने तक सीमित होकर रह गई है और आम जनता की परेशानियों से उसको कोई लेना देना नहीं है। छाजटा ने जारी बयान में कहा है कि कोरोना महामारी से खतरनाक कोई बीमारी है तो वह भाजपा है । करोना का उपचार, तो दवा, नियमों का पालन और वैक्सीन से हो सकता है लेकिन भाजपा का इलाज करने के लिए सभी को कांग्रेस के साथ एकजुट होकर चलना होगा। छाजटा ने कहा की पेट्रोल के दामों ने देश में जहां सैकड़ा मार लिया है वहीं पर हिमाचल में दाम 96 रुपए के आसपास पहुंच गए है। यही हालात डीजल की कीमतों के भी है। इसके साथ ही खाद्ध वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आज आम जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहकर महंगाई का अलाप रागने वाले बीजेपी नेता आम मंहगाई के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। छाजटा ने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे कम है लेकिन सरकार निरंतर पेट्रोल डीजल के दामों में निरंतर वृद्धि कर आम जनमानस पर मंहगाई थोप रही है। इसके साथ ही बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा देने के उद्देश्य से सरकार आए दिन आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि कर रही है।। छाजटा ने कहा कि भाजपा सरकार जनता की मुसीबतों को बढ़ा रही है। केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से आम जनमानस पहले से ही बुरे दौर में गुजरा है। विधानसभा चुनाव में सत्ता से विदाई तय छाजटा ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों से ही महंगाई बढ़ रही है। मोदी सरकार अच्छे दिन के सपने दिखा कर सत्ता में आई थी जबकि आज आम जनमानस खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता से भाजपा का बाहर होना तय है। कोरोना संकट काल में भी सरकार जनता को कोई भी राहत नहीं दे पाई,जिससे स्पष्ट होता है कि ये सरकार कितनी जनहितैषी है।
देहरा :पुलिस थाना हरिपुर के अंतर्गत मयोल पंचायत में एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने फंदा लगाकर अपनी इहलीला समाप्तल कर दी। मृतक की पहचान करम चंद(50) पुत्र बलकू राम गांव मयोल डाकघर बनखंडी के रूप में हुई है। वहां मौजूद लोगो ने बताया कि उक्त व्यक्ति मेहनत मजदूरी करके घर का भरण पोषण करता था। प्रधान मंजू बाला ने बताया की उक्त व्यक्ति ने अपने घर की छत के गार्डन के साथ चुन्नी से लटक कर जीवनलीला समाप्त कर ली है। जानाकरी मिलते ही मौके पर हरिपुर-रानीताल पुलिस द्वारा पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई गयी। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी अंकित शर्मा ने बताया कि करमचंद मिस्त्री का कार्य करता था उसने फंदा लगा लिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी पुलिस ने मौके पर जाकर मृतक के शरीर को पोस्टमॉर्टम हेतु देहरा अस्पताल भेज दिया गया है।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला के सूक्ष्म रूप से सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है। कृतिका कुल्हारी ने मेले के सफल आयोजन के लिए विशेष रूप से सोलन एवं आस-पास के क्षेत्रों के निवासियों, पुजारी वर्ग, कल्याणा वर्ग, व्यापारी वर्ग तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट के समय विभिन्न नियमों का पूर्ण पालन करते हुए मां शूलिनी की शोभा यात्रा सभी के सहयोग से ही निर्विघ्न सम्पन्न हुई है। उन्होंने आशा जताई कि मां शूलिनी की असीम कृपा से आने वाला समय सभी के लिए सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य एवं आशा की नई किरण लाएगा और जन-जन को कोरोना संक्रमण से मुक्ति प्राप्त होगी।
उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने रविवार को लघु सचिवालय देहरा के प्रांगण में लगभग 12.50 लाख की लागत से स्थापित 100 फुट ऊँचे तीरंगे झंडे का लोकार्पण किया। दरअसल पिछले वर्ष मई माह में कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए देहरा से संबंध रखने वाले मेजर अनुज सूद वीरगति को प्राप्त हुए थे। इसके पश्चात उनके पिता सेवानिवृत ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद ने बलिदानी पुत्र के सम्मान में देहरा में तिरंगा लगाने की मांग की थी। जिसके बाद जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने उन्हें इसके लिए आश्वस्त किया और देहरा उपमंडल में 100 फुट ऊँचा तीरंगा लगाने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए व वितिय सहायता उपलब्ध करवाई। उद्योग मंत्री ने कहा कि मेजर अनुज सूद और देश के लिए सर्वस्व नयौछावर करने वाले देहरा उपमंडल के समस्त बलिदानी वीरों के सम्मान में इस तीरंगे की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश को देव भूमि होने के साथ-साथ वीर भूमि होने का भी सौभाग्य प्राप्त है। इसलिए बलिदानी वीरों के सम्मान के लिए प्रदेश के लोग और सरकार सदैव प्रयासरत रहती है। उन्होंने कहा कि 100 फुट ऊँचा लहराता यह तिरंगा क्षेत्र की जनता को सदैव वीरों के बलिदान की याद दिलाता रहेगा और युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करेगा। जसवां परागपुर में किया 1.35 करोड़ के सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन उद्योग मंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र जसवां परागपुर में ग्राम पंचायत शांतला के अंतर्गत 1.35 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली दो सड़कों के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसके तहत उन्होंने 60 लाख रूपये की लागत से बनने वाले जिझर से मगरू वाया सिहोटी संपर्क मार्ग और 75.11 लाख की लागत से बनने वाले लेर से ठां संपर्क मार्ग का कार्य प्रारंभ करवाया। उन्होंने कहा कि आज जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों की लागत से सड़कों के निर्माण एवं सुधारिकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा क्षेत्र में आज ऐसे-ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान उपलब्ध करवाए गए हैं, जिससे आने वाले समय में जसवां परागपुर का नाम पूरे प्रदेश में प्रमुखता से लिया जाएगा। उद्योग मंत्री ने इस अवसर पर ग्राम पंचायत शांतला में स्थानीय लोगों के साथ मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सुना। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर रक्कड़ और परागपुर में 129 लाभार्थीयों को बांटे 28 लाख के चेक उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने रक्कड़ और परागपुर में लगभग 129 पात्र लाभार्थीयों को लगभग 28 लाख की सहायता राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में चल रही हिमाचल प्रदेश सरकार हर पात्र व्यक्ति की सहायता के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से सबसे ज्यादा सहायता राशि यदि किसी क्षेत्र में उपलब्ध करवाई गई है, तो वह जसवां परागपुर विधान सभा क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त उनके स्वयं के डिस्क्रीश्नरी ग्रांट से भी करोड़ों रूपये की सहायता राशि जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में पात्र परिवारों को सहायता के रूप में दी गई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में दी गई सहायता राशि में से ज्यादातर राशि गंभीर रूप से बिमार चल रहे रोगियों के उपचार हेतु आवंटित की गई है। इसके अतिरिक्त पात्र बच्चों की पढ़ाई, सड़क दुर्घटना में मारे गए व्यक्तियों के परिवारों की आर्थिक सहायता, कन्याओं के विवाह, घरों के सुधार एवं निर्माण हेतु तथा गरीबों को आर्थिक सहायता हेतु यह राशि वितरित की गई है। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि वह कोई भी कार्य मानवता को आधार मानकर करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका ध्यय केवल जसवां परागपुर की जनता को हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध करवाना है और इसके लिए वह कभी भी किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की जाति या राजनीतिक दल नहीं पुछते। उन्होंने कहा कि शायद इसी कारण आज पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा सहायता राशि के चेक उनके विधान सभा क्षेत्र के पात्र परिवारों और व्यक्तियों को वितरित किए गए हैं। इसके पश्चात उद्योग मंत्री ने जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकत्म समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी को समर्पित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला आज विधिवत रूप से संपन्न हुआ। कोविड-19 नियमों के तहत सूक्ष्म पूजा अर्चना के उपरांत मां शूलिनी गंज बाजार स्थित प्राचीन मंदिर में अपनी बहन से मिलने के बाद वापिस अपने पीठ पधारी। जिला प्रशासन सोलन ने कोविड-19 संकट के मध्य सोलन में आस्था एवं नियमों के बीच सन्तुलन बनाते हुए मां शूलिनी की शोभा यात्रा को सूक्ष्म रूप से निर्विघ्न सम्पन्न करवाकर धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन तथा आमजन के विश्वास को बनाए रखने का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। सोलन की नव नियुक्त उपायुक्त कृतिका कुल्हारी ने मां शूलिनी की शोभा यात्रा को कोविड-19 नियमों के तहत निर्विघ्न सम्पन्न करवाने के लिए यह सुनिश्चित किया कि शोभा यात्रा न केवल सूक्ष्म रूप से आयोजित हो अपितु कोविड-19 से सुरक्षा के लिए स्थापित नियमों का पूर्ण पालन भी हो। जिला दण्डाधिकारी ने कोरोना महामारी के मध्य आयोजन को सफल बनाने के लिए मां की शोभा यात्रा के आने-जाने के समय पर उन क्षेत्रों में कफ्र्यू लगाने के आदेश दिए जहां से सामान्य रूप से माता की शोभा यात्रा निकलती है। सोलन की जनता ने इन आदेशों का पूर्ण पालन किया। इससे न केवल शोभा यात्रा सफल रूप से आयोजित हुई आयोजित हुई अपितु लोगों की अटूट आस्था भी अक्षुण्ण रही। मां शूलिनी की वापिसी के समय आज उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, उपपुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, उपपुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा, तहसीलदार गुरमीत नेगी, मन्दिर के पुजारी तथा कल्याणा वर्ग के नुर्माइंदे उपस्थित रहे।
प्राकृतिक उत्पादों के प्रति लोगों की बढ़ती रूचि के परिणामस्वरूप औषधीय पौधों का अंतरराष्ट्रीय बाजार में महत्व बढ़ा है। औषधीय पौधे स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के लिए प्रमुख संसाधन हैं। आयुष प्रणालियों की राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर पहुंच और स्वीकार्यता, गुणवत्तापूर्ण औषधीय पौधों पर आधारित कच्चे माल की निर्बाध उपलब्धता पर निर्भर है, जिससे औषधीय पौधों का व्यापार निरन्तर बढ़ रहा है। हिमाचल समृद्ध जैविक विविधता से सम्पन्न प्रदेश है। औषधीय पौधों एवं सम्बन्धित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य औषधीय पादप बोर्ड प्रदेश में आयुष विभाग के तत्वावधान में कार्य कर रहा है। इसके अन्तर्गत आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण के लिए आर्थिक आवश्यकताओं और औषधीय पौधों की सुगम उपलब्धता पर बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा औषधीय पौधों के संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों को इन पौधों की खेती करने और उनकी आय में वृद्धि हेतु प्रोत्साहित करने के लिए अनेक नीतियां तैयार कर कार्यान्वित की जा रही हैं। हिमाचल प्रदेश को औषधीय पौधों के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए, राज्य सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत औषधीय पौधों की खेती के लिए विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके लिए विभिन्न किसान समूह बनाए गए हैं। वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त करने के लिए एक किसान समूह के पास कम से कम दो हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए। एक किसान समूह में 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले तीन गांव शामिल हो सकते हैं। इन औषधीय पौधों की खेती के लिए गिरवी रखी गई भूमि का भी उपयोग किया जा सकता है। योजना के अन्तर्गत जनवरी 2018 से अब तक औषधीय पौधों की खेती के लिए 318 किसानों को 99.68 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। राष्ट्रीय आयुष मिशन ने राज्य में औषधीय पौधों की खेती के लिए वर्ष 2019-20 में लगभग 128.94 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसमें से 25 लाख रुपये एक आदर्श नर्सरी के लिए, 12.5 लाख रुपये दो छोटी नर्सरीज के लिए, 54.44 लाख रुपये अतीस, कुटकी, कुठ, शतावरी, स्टीविया और सर्पगंधा की खेती के लिए, 20 लाख रुपये ड्राईन्ग शेड एवं भण्डारण गोदाम के निर्माण हेतु और 17 लाख रुपये अन्य व्यय के लिए आवंटित किए गए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिला मंडी के जोगिंदरनगर, जिला हमीरपुर के नेरी, जिला शिमला के रोहड़ू और जिला बिलासपुर के जंगल झलेड़ा में औषधीय उद्यान स्थापित किए हैं। विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के अनुसार विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे इन औषधीय उद्यानों में उगाए जा रहे हैं, जिनका उपयोग अनेक बीमारियों की विभिन्न दवाएं तैयार करने के लिए किया जा रहा है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने जिला मण्डी स्थित भारतीय चिकित्सा प्रणाली अनुसंधान संस्थान जोगिंदरनगर में उत्तरी क्षेत्र क्षेत्रीय के सह-सुविधा केंद्र की स्थापना की है। यह केंद्र पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश सहित छः पड़ोसी उत्तर भारतीय राज्यों में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है और राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के कार्यों का प्रचार-प्रसार कर रहा है। प्रदेशवासियों में औषधीय पौधों के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए प्रथम चरण में दो सप्ताह के लिए पौधरोपण अभियान ‘चरक वाटिका’ चलाया गया, जिसमें 1167 आयुर्वेदिक संस्थानों में चरक वाटिकाओं की स्थापना की गई और लगभग 11,526 पौधे लगाए गए। 7 जून, 2021 को चरक वाटिका अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया है। विविध जलवायु परिस्थितियों वाला राज्य होने के फलस्वरूप प्रदेश के चार कृषि-जलवायु क्षेत्रों में औषधीय पौधों की लगभग 640 प्रजातियां पाई जाती हैं। जनजातीय जिले-किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू तथा कांगड़ा व शिमला जिलों के 2,500 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक उपयोगी औषधीय पौधों का उत्पादन होता है। इनमें से कुछ में पतीस, बत्सनाभ, अतीस, ट्रेगन, किरमाला, रतनजोत, काला जीरा, केसर, सोमलता, जंगली हींग, चर्मा, खुरसानी अजवायन, पुष्कर मूल, हौवर, धोप, धामनी, नेचनी, नेरी, केजावो, धोप चरेलू, शार्गेर, गग्गर और बुरांश शामिल हैं।प्रदेश सरकार औषधीय पौधों के संरक्षण के लिए पारिस्थितिक क्षेत्र की नियमित निगरानी के अतिरिक्त, विभिन्न प्रजातियों की मूल पारिस्थितिकियों में स्थापना और संरक्षण और भारतीय हिमालयी क्षेत्र के अन्य भागों में इस पद्धति को अपनाने पर बल दे रही है। लोगों में जैव विविधता मूल्यों के बारे में विभिन्न माध्यमों से जागरूकता उत्पन्न की जा रही है और जैविक संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।


















































