युवा कांग्रेस अध्यक्ष जसवां :परागपुर शुभम नागंला व उनकी टीम ने राजा वीरभद्र सिंह के जन्मदिन के शुभ अवसर पर लोगों की सेवा की। पुरी विधानसभा जसवां प्रागपुर के स्वास्थ्य केंद्रों में टैरस,अमरोह,गरली,भरोली जदीद व नलसूहा में जहां वैकसीन लग रही थी वहाँ पर लोगो को पानी व रिफ़्रेशमेंट जूस व फल फ़्रूट बाँटकर लोगों में ख़ुशियाँ बाँटी, जिसमें विशेष तौर पर सेवादल प्रधान जगवीर सिंह व जसवां प्रागपुर युवा उपाध्यक्ष सुनील ठाकुर,राजीव टीकूं,पुश्पींदर ठाकुर,नरेश कुमार,रवींद्र कुमार,संजीव सोनू,राहुल चौधरी,विक्रांत ठाकुर,साहिल,सोनु नरयाल,रोहीत,रिमपू पंडित व काकू पंडित,जोजफ मल्होत्रा व अन्य युवा साथी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के प्रबंधित परागण घटक के तहत राज्य के मधुमक्खी पालकों के लिए 'मधुमक्खी प्रजनन' पर 21 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण का संचालन कीट विज्ञान विभाग, डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी द्वारा किया जा रहा है। ऑनलाइन प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों के 36 मधुमक्खी पालक भाग ले रहे हैं। डॉ. बलराज सिंह मधुमक्खी और परागणकों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (ए आई सी आर पी) के परियोजना समन्वयक उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि रहे। डॉ. हरीश कुमार शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक और कार्यक्रम के समन्वयक ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य के मौजूदा मधुमक्खी पालकों की क्षमता को बढ़ाना है ताकि वे गुणवत्ता वाली रानी मधुमक्खी का उत्पादन और आपूर्ति कर सकें और अपनी मधुमक्खी कॉलोनी का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन कर सकें जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल में प्रशिक्षित मधुमक्खी पालकों द्वारा परागण सेवाओं के लिए 18,000 से अधिक मधुमक्खी कॉलोनी को उपलब्ध करवाया जा रहा है। अपने सम्बोधन में डॉ. बलराज सिंह ने कॉलोनी चयन, रानी पालन और कॉलोनी रखरखाव की नवीनतम ज्ञान के साथ राज्य के मधुमक्खी पालकों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए विश्वविद्यालय और कीट विज्ञान विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैसे कृषि और बागवानी की तरह, अच्छा उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री सबसे महत्वपूर्ण है। उसी तरह एक अच्छी कॉलोनी के लिए एक अच्छी गुणवत्ता वाली रानी मधुमक्खी की आवश्यकता होती है। उनका विचार था कि वैज्ञानिकों और मधुमक्खी पालकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शहद उत्पादन को और बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि राज्य का एक बड़ा क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त है। 2016 और 2019 में देश में सर्वश्रेष्ठ केंद्र का पुरस्कार प्राप्त करने के लिए विश्वविध्यालय की सराहना की। विस्तार शिक्षा निदेशक और कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिवेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में मधुमक्खी पालकों के लिए रानी पालन की आवश्यकता और महत्व पर जोर दिया और रानी उत्पादन उद्यम के विकास के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि सेब के बगीचे में प्रबंधित परागण की भूमिका को लेकर विभाग द्वारा 2018 से अब तक कई प्रदर्शन, जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय ने कोरोना के कारण किसानों तक अपनी पहुंच को प्रभावित नहीं होने दिया है और तकनीकी फिल्मों के माध्यम से वैज्ञानिक सूचनाओं के प्रसार और ऑनलाइन प्रशिक्षण और ऑनलाइन किसान मेलों जैसी कई पहल शुरू की गई हैं। कीट विज्ञान विभाग ने मधुमक्खी प्रजनन पर दो ऑनलाइन 21-दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण और प्रशिक्षित मधुमक्खी प्रजनकों के लिए पांच दिनों के दो रिफ्रेशर पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं ताकि उन्हें रानी पालन के तकनीकी ज्ञान से लैस किया जा सके। हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत प्रबंधित परागण घटक में हिमाचल में परागणकों और परागण के महत्व को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य परागण के लिए मधुमक्खियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उद्यमशीलता विकास मॉडल स्थापित करना था। परागण घाटे के कारण फसल की विफलता को कम करने के लिए कुछ फसलों पर मधुमक्खियों के विकल्प के रूप में भँवरे जैसे अन्य परागणकों का उपयोग करने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करना है। सेब के बागों में प्रबंधित परागण के कार्यान्वयन से फ्रूट सेट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और राज्य के बागवानों की बेहतर उपज हुई है। राज्य बागवानी मधुमक्खी प्रजनक योजना के तहत एचपी-एचडीपी के प्रबंधित परागण घटक के तहत प्रशिक्षित 62 प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों को बागवानी विभाग में मधुमक्खी प्रजनक के रूप में पंजीकृत किया गया है, जबकि सात प्रशिक्षुओं को लघु स्तर पर रानी पालन शुरू करने के लिए प्रत्येक को 3 लाख रुपये का वित्त पोषण मिला है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की वर्ष 2013 बैच की अधिकारी कृतिका कुल्हारी ने आज उपायुक्त सोलन के रूप में कार्यभार सम्भाला। कृतिका कुल्हारी ने पदभार सम्भालने के उपरान्त जिला के अधिकारियों से बैठक कर विकासात्मक कार्योें एवं कोविड-19 स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीव्रतम गति से विकसित हो रहे सोलन जिला में निर्धरित मानकों के अनुरूप विकास कार्यां में आशातीत वृद्धि करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए नियमों की अनुपालना एवं शत-प्रतिशत कोविड टीकाकारण की शीघ्र प्राप्ति के लिए वे कार्यरत रहेंगी। कृतिका कुल्हारी ने बिरला इंस्टीटयूट ऑफ साईस एण्ड टैक्नोलाॅजी पिलानी से बीटैक किया है। उन्होंने अपनी परिवीक्षाधीन अवधि जिला बिलासपुर एवं सिरमौर में पूर्ण की। वे हमीरपुर एवं नाहन में उपमण्डलाधिकारी के पद पर कार्यरत रहीं। जिला सोलन के उपायुक्त का कार्यभार सम्भालने से पूर्व कृतिका कुल्हारी ऊना जिला के अतिरिक्त उपायुक्त, हिमऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा निदेशक महिला एवं बाल विकास के पद पर कार्य कर चुकी हैं।
पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान अध्यापक संघ, पालमपुर ने समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा पशुपालन व्यवसाय एवं पशु चिकित्सकों से संबंधित उत्तेजक टिप्पणी का खंडन किया है। संघ के महासचिव डाक्टर अमित कुमार शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई ऑडियो क्लिप में पूर्व केंद्रीय मंत्री बार-बार पशु चिकित्सक को अभद्र भाषा में धमका रही है तथा अपमानजनक शव्दों का प्रयोग कर रही हैं जो न केवल पशु चिकित्सकों बल्कि स्वयं संसदीय कार्य प्रणाली के लिए भी शर्मनाक बात है। भारतीय पशु चिकित्सा संघ के आह्वान पर आज 23 जून को संस्थान के पशु चिकित्सकों एवं छात्रों ने काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन किया, एवं पशु चिकित्सकों की एकता का परिचय दिया । श्रीमती मेनका गांधी ने जिस प्रकार से अत्यंत ही निंदनीय शब्दों का इस्तेमाल किया है, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संघ की मांग है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए।
हिमाचल की बेटी प्रेरणा गुप्ता ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर शिमला और पूरे प्रदेश के लोगों का नाम रोशन किया है। प्रेरणा गुप्ता हाल ही में एयर चीफ मार्शल आरएस भदौरिया की अध्यक्षता में हैदराबाद के पास डुंडीगल वायु सेना प्रशिक्षण केंद्र में 161 अधिकारियों के साथ पासिंग आउट परेड समारोह में फ्लाइंग ऑफिसर नियुक्त हुई है। प्रेरणा गुप्ता को गत वर्ष पहले ही प्रयास में एएफसीएटी और एसएसबी परीक्षा पास करने के बाद भारतीय वायुसेना में चुना गया और अकादमी में 19 जून, 2021 को अपना प्रशिक्षण पूरा किया। प्रेरणा गुप्ता ने बताया कि शिमला के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल शिमला से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और अन्नामलाई विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। प्रेरणा के पिता राज्य के राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और माता केंद्र सरकार की कर्मचारी हैं। प्रेरणा गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, समर्पण और अपने माता-पिता, शिक्षकों, दोस्तों, विशेष रूप से अपने भाई से मिले सहयोग को दिया है, जो एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है।
हिमाचल प्रदेश : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा के इस कठिन समय में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को दिवाली तक बढ़ाने पर व इसे कैबिनेट की मंज़ूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे केंद्रीय कैबिनेट का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “कोरोना आपदा के दूसरे लहर की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में संवेदनशील केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को मई और जून महीने में मुफ़्त 5 किलो अनाज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। राष्ट्र के नाम सम्बोधन में महामारी के इस समय में गरीबों को भोजन की समस्या से दो-चार न होना पड़े, इसके लिए मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को दिवाली तक बढ़ाने का निर्णय लिया जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को नवंबर तक चालू रखने को मंजूरी दे दी है। देश में प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अन्न (चावल/गेहूं) मुफ्त देने की इस कल्याणकारी योजना के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरी केंद्रीय कैबिनेट का आभार प्रकट करता हूँ”। आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “देश की 80 करोड़ जनता को इस योजना का लाभ देने के लिए मोदी सरकार अनुमानित 64,031 करोड़ रुपये की अनुमानित खाद्य सब्सिडी के रूप में खर्च करेगी जबकि अतिरिक्त खर्च के रूप में 3,234.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पिछले साल जब लॉकडाउन लगाना पड़ा तो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ देशवासियों को 8 महीने तक मुफ्त राशन दिया गया। महामारी के इस समय में, सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ, उसके साथी के रूप में खड़ी है व मोदी सरकार सुनिश्चित करेगी कि इस आपदा की घड़ी में कोई भूखा ना रहे”
रौड़ी पंचायत के अन्तर्गत रौड़ी गांव के पूर्व पंचायत सदस्य जगदीश शर्मा ने रौड़ी गांव की ओर जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग को दुरुस्त करवाया। जगदीश शर्मा ने कहा कि उस सड़क पर रोजाना सेंकडों लोग पैदल चलते हैं व सैंकड़ो छोटी बड़ी गाड़ियाँ रोजाना इस मार्ग से गुजरती हैं,इस मार्ग के किनारे बनी बरसात के पानी की निकास नालियां पिछले एक साल से पानी के साथ बहकर आई मिट्टी से बुरी तरह बन्द पड़ी थी। जिस कारण बरसात का बहता पानी और मिट्टी बीच सड़क में जमा हो रही थी।जिस कारण पैदल चलने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।जब कई दिनों तक इस मार्ग की सुध किसी ने नहीं ली तो उन्होंने अम्बुजा सीमेंट कम्पनी के अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के आधिकारियों ने तुरंत कम्पनी की लेबर भेजकर इन बन्द पड़ी नालियों को दुरुस्त किया और यहां पड़ी लगभग दो टिप्पर मिट्टी और कचरा उठवाया। ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।
21 जून को पुरे विश्व भर में योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में भी इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। सभी ने अपने स्तर पर योग किया और कई जगहों पर ऑनलाइन माध्यम से भी योग किया गया। योग दिवस पर सोलन होम्योपैथिक कॉलेज में भी ऑनलाइन माध्यम से योग दिवस को मनाया गया। सभी स्टाफ मेंबर्स और विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से एक दूसरे से जुड़ कर योग दिवस को मनाया। वही सोलन होमेओपेथी कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया की कॉलेज के सभी स्टाफ मेंबर्स और विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से योग दिवस को मनाया और सभी ने इसमें बढ़ चढ़ कर भाग लिया। उन्होंने कहा की योग को हमे अपने दिन चर्या में शामिल करने से सभी लोग स्वस्थ रहे सकते है।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने जानकारी देते हुए कहा की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने आज छात्र मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है उन्होंने कहा लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक परिणाम घोषित नहीं हो पाए हैं जिसके चलते छात्र ना तो आगे की पढ़ाई कर पा रहे है और ना ही किसी कॉन्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर पा रहे हैं उन्होंने कहा कि b.ed सेकंड सेमेस्टर का रिजल्ट अभी तक घोषित नहीं हुआ है जिसके चलते b.ed के छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसी के साथ साथ अभी तक यूजी के छात्रों ने जो पहले तीसरे और पांचवें सत्र के रिअपीयर के एग्जाम दिए थे उसके परिणाम भी इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद घोषित नहीं हो पाए हैं रोजाना छात्रों के फोन आते रहते हैं और काफी परेशानियों से यू जी के छात्रों को जूझना पड़ रहा है नया सत्र शुरू होने होने वाला है लेकिन परिणाम कि यदि बात करें तो विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई दफा छात्र संगठन ने बात रखी है लेकिन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है ऐसी परिस्थिति में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। विशाल ने कहा कि यदि पीजी की बात करें तो पीजी परीक्षाओं के भी परिणाम अभी तक नहीं बन पाए हैं जबकि अभी तक पीजी परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो जाने चाहिए थे विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है अभी हाल ही में b.ed के छात्रों के लिए परीक्षा का शेड्यूल जारी किया है लेकिन प्रशासन ने यह ध्यान में नहीं रखा कि TET की परीक्षाएं भी होनी है और B.ED के छात्र असमंजस में है कि परीक्षाओं के दबाव को कैसे झेला जाए, इन सभी परिणामों और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक डॉ जे एस नेगी को ज्ञापन सौंपा है, परीक्षा नियंत्रक ने मांगो को जायज और वास्तविक मांग बताया है और शीघ्र परिणामों को घोषित करने का आश्वासन दिया है। वहीं इकाई अध्यक्ष सकलानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन जल्द से जल्द परीक्षा परिणामों को घोषित नहीं करता है तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
दयानंद पब्लिक स्कूल ने मनमानी करते हुए उन बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर निकाल दिया जो फीस नहीं भर पाए। स्कूल के इस निर्णय का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कड़ा विरोध करती है। प्रांत सह मंत्री शिल्पा कुमारी ने कहा कि आज जहां पूर्ण देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, बेरोजगारी ने लोगो की कमर तोड़ दी है ऐसे में गरीब विद्यार्थी जो फीस नहीं चुका पा रहे उन्हें पढ़ाई से वंचित कर देना सरासर गलत है। ऐसा करना उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने से कम नहीं होगा। इस महामारी ने जहां लोगो को आर्थिक रूप से काफी कमजोर कर दिया है वहीं यह स्कूल फीस में लगातार बढ़ोतरी करने में लगे हैं। ऐसे स्कूलों पर भी कारवाई की मांग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद करती है। परीक्षाओं के समय में विद्यार्थियों को इस प्रकार से परेशान करना बंद किया जाए व ऐसे स्कूल जो ऐसी मनमानी कर रहे हैं उन पर शिकंजा कसा जाए।
जिला हमीरपुर के धनोआ गाँव के लिये 87 लाख 22 हज़ार की धनराशि से निर्मित होने वाले सड़क मार्ग का भूमिपूजन करते हुये एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री ने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास के प्रति कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि इस गांव को आज़ादी के 74 साल बीत जाने पर भी सड़क सुविधा मुहैया नहीं थी। लेकिन प्रदेश सरकार ने लोगों की वर्षों से चली आ रही इस समस्या को दूर करके राहत प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इस सड़क की लंबाई दो किलोमीटर होगी। निगम उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कों की अपनी एक अलग और महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिये सड़कें विकास की भाग्य रेखाएं मानी जाती हैं। इसलिए मौजूदा प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सड़कों , पुलों और सुरंगों के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर पर कार्यान्वित करने पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि भले ही पिछले डेढ़ साल का समय कोरोना की वजह से संकट भरा रहा है लेकिन तब भी प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को अवरुद्ध नहीं होने दिया है। धनोआ गांव के लिये विद्युत विभाग द्वारा स्थापित 63 केवीए ट्रांसफॉर्मर का उद्घाटन करते हुये वाईस चेयरमैन अग्निहोत्री ने कहा कि गांवों में विद्युतीकरण के सुदृढ़ीकरण पर नादौन डिवीजन में 45 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च करके इसे चाक चौबंद किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नादौन विधानसभा क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या अब गुज़रे ज़माने की बात बन कर रह जायेगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस ट्रांसफॉर्मर के शुरू होने पर गांव के करीब पांच दर्ज़न परिवारों को सीधे तौर पर लाभ होगा। इस अवसर पर प्रधान आशा कुमारी,उप प्रधान अमनदीप,बीडी सी सुनील दत्त,सुलोचना देवी,हंस राज,जगदीश चंद,मोजी राम,बिहारी लाल, निकका राम,वार्ड पंच राम रत्न,मोहन शर्मा,सरस्वती देवी अमर नाथ आदि भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जुलाई माह में सोलन में आधुनिक अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर की आधारशिला रखी जाएगी। डाॅ. सैजल आज इस सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि सोलन में अत्य आधुनिक अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर के निर्माण के लिए लगभग 79 बाीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि शिलान्यास के उपरान्त अस्पताल का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा। निर्मित होने पर यह अस्पताल सोलन, शिमला एवं सिरमौर के वासियों सहित पर्यटकों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल के प्रथम चरण के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पताल निर्धारित समय में निर्मित हो ताकि लोगों को इसका यथोचित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सोलन शहर के मध्य में स्थापित अस्पताल पूर्व की भान्ति कार्यरत रहेगा। डाॅ. सैजल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि अस्पताल के गुणवत्तायुक्त एवं समयबद्ध निर्माण के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्तरों पर विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं को स्तरोन्नत कर रही है ताकि लोगों को क्षेत्रीय स्तर पर ही अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के मध्य सभी जिलों में मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बनाया जा रहा है तथा ऑक्सीजन आपूर्ति सहित आवश्यक जीवनदायिनी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए वृहद स्तर का ऑक्सीजन संयन्त्र स्थापित किया गया है। इस सयन्त्र में 1000 लीटर प्रति मिनट की दर से जीवनदायिनी ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कोविड स्पेशल आईसीयू वार्ड में 06 वैंटिलेटर स्थापित कर दिए गए हैं। अस्पताल में एक्स-रे सयन्त्र भी आरम्भ कर दिया गया है। आयुष मंत्री ने कहा कि कोविड रोगियों को पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए आरम्भ किया गया ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम सफलता के नवीन सोपान स्थापित कर रहा है। डाॅ. सैजल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि कोविड-19 से बचाव के लिए सभी वर्गों के टीकाकरण कार्य में और तेजी लाई जाए ताकि कोई भी टीकाकरण से छूटने न पाए। उन्होंने इस अवसर पर शामती बाईपास सहित जिला के अन्य विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की और विभिन्न निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पूर्व परिवहन मंत्री एम.एन. सोफत तथा प्रदेश भापजा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप ने अस्पताल निर्माण के सम्बन्ध में बहुमूल्य सुझाव दिए। डाॅ. सैजल ने तदोपरान्त आधुनिक तकनीक युक्त अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया तथा आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने इस अवसर पर जन समस्याएं भी सुनीं और इनके निवारण के लिए निर्देश जारी किए। एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, भाजपा के नन्द राम कश्यप, धर्म चन्द गुलेरिया, भरत साहनी, चन्द्रमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन के.सी.चमन, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता एस.पी. जगोता, तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एस.एल वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता अरविन्द शर्मा, भाजपा के अन्य नेता एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला कुल्लू के मनाली, बंजार और कुल्लू विधानसभा क्षेत्रों के लिए वर्चुअल माध्यम से लगभग 64 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। जयराम ठाकुर ने जिला कुल्लू के मनाली में रामशिला-नग्गर-भुंतर सैनिक चैक मोहाल में बनी सड़क पर सजला नाला पर 1.20 करोड़ रुपये की लागत से 10.37 मीटर लम्बे डबल लेन टी-बीम पुल, मनाली में रामशिला नगर भुंतर सैनिक चैक मोहाल पर प्रीणी नाला के ऊपर 1.56 करोड़ रुपये की लागत से 10.37 मीटर लम्बे टी-बीम पुल, मनाली में रामशिला-नगर-भुंतर सैनिक चैक मोहाल पर काइस नाला के ऊपर 2.28 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 20 मीटर लम्बे पुल, काइस तहसील के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में 1.66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला के अतिरिक्त भवन और मनाली तहसील में गुलाबा बैरियर पर 1.14 करोड़ रुपये की लागत से बनी पार्किंग का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने मनाली क्षेत्र में नाबार्ड के अंतर्गत 1.81 करोड़ रुपये से बस्तोरी से नथान सड़क के उन्नयन एवं पक्का करने के कार्य, नाबार्ड के अंतर्गत 4.98 करोड़ रुपये से लोरान से सरली गांव के लिए कटिंग, डंगे, क्राॅस डेªनेज तथा डम्पिंग के लिए सड़क निर्माण आदि कार्य, नाबार्ड के अंतर्गत 3.37 करोड़ रुपये से भटग्रां मोड़ से खड़िहार सड़क, कुल्लू तहसील के रायसन में ब्यास नदी पर 17.58 करोड़ रुपये से 80 मीटर लम्बे डबल लेन पुल व ब्यास नदी पर पैदल रास्ते, बंजार क्षेत्र में 5.36 करोड़ रुपये से लांगणी से छुआरा सड़क, कुल्लू जिला की ग्राम पंचायत नोहाण्डा बंजार में 10.09 करोड़ रुपये से नगलाड़ी नाला से नाहीं व घाट गांवों तक सड़क, 5.28 करोड़ रुपये से बराधा से शांगचन सड़क का उन्नयन व पक्का करने के कार्य, 4.75 करोड़ रुपये की लागत से बालू-रा-घेरा से टिपरी शाउट सड़क तक के निर्माण कार्य, अमु्रत योजना के तहत सरवरी में 54 लाख रुपये से पैदल चलने वाले रास्ते और जगराई नाला पर 2.12 करोड़ रुपये से बनने वाले पुल का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्होंने 15 विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किए, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण 64 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं को एक सादे समारोह में केवल 20 लोगों की मौजूदगी में जनता को समर्पित किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि 56 करोड़ रुपये की लागत वाली जिन परियोजनाओं का शिलान्यास आज किया गया है उनका कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व के स्वर्ण जयंती कार्यक्रमों का भव्य आयोजन करने का निर्णय लिया था, परन्तु कोरोना महामारी के कारण इन आयोजनों को स्थगित करना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने स्वर्णिम हिमाचल थीम पर आधारित कुल्लू जिला के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा गाया गया ‘स्वर्णिम हिमाचल' गीत भी जारी किया। उन्होंने जिला प्रशासन कुल्लू व जिला के कलाकारों का प्रदेश की विकास गाथा को प्रदर्शित करते हुए स्वर्णिम हिमाचल गीत प्रस्तुत करने के लिए आभार व्यक्त किया। जय राम ठाकुर ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों के दौरान सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति सुनिश्चित की है। लगभग सभी पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ दिया गया है और प्रदेश के दुर्गम इलाकों में बेहतर सम्पर्क सुविधा प्रदान करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण जारी प्रतिबंध धीरे-धीरे हटाए जाएंगे और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लोग कोविड अनुरूप व्यवहार अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस महामारी से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में 3800 से अधिक बिस्तरों की क्षमता वाले 49 समर्पित कोविड अस्पताल/ कोविड स्वास्थ्य केन्द्र हैं। पीएम केयरस के माध्यम से 500 वेंटिलेटर और विभिन्न देशों से सहायता के रूप में प्राप्त लगभग 200 अनेक ब्रांड के वेंटिलेटर का विभिन्न क्षेत्रों में वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न संस्थानों में 434 वेंटिलेटर की सुविधा प्रदान की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में स्थापित ऑक्सीजन क्षमता 123.21 मीट्रिक टन प्रतिदिन है और 20 जून, 2021 तक वर्तमान खपत लगभग 19.21 मीट्रिक टन थी। राज्य के आंचलिक अस्पताल धर्मशाला व दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला के अतिरिक्त राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पीएसए संयंत्र क्रियाशील किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु आंचलिक अस्पलाल मंडी और नागरिक अस्पताल पालमपुर में 1000 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले पीएसए संयंत्र लगाए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि कुल्लू जिला तथा विशेषकर मनाली विधानसभा क्षेत्र के लोग मुख्यमंत्री की उदारता के लिए आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश में कोविड-19 संकट के प्रभावी नियन्त्रण के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि तहसील व जिला कुल्लू के रायसन में ब्यास नदी पर पैदल रास्ते के अतिरिक्त 17.58 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 80 मीटर लम्बे डबल लेन पुल से कुल्लू-मनाली-केलंग राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात का सुचारु संचालन होगा। पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने कुल्लू क्षेत्र में करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। विधायक किशोरी लाल सागर एवं सुरेन्द्र शौरी, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष भीम सेन, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और जे.सी. शर्मा, उपायुक्त कुल्लू ऋचा वर्मा व पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला : दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ दिव्यांग विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। सभी प्रकार की परीक्षाओं में यदि विभाग उन्हें राइटर उपलब्ध नहीं कराता है तो वह किसी भी शैक्षणिक योग्यता वाले राइटर को अपने साथ परीक्षा में लिखने के लिए ले जा सकते हैं। सरकार ने यह कदम हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव द्वारा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष रखी गई मांग पर उठाया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के अलावा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा तुरंत की गई कार्रवाई के लिए उनका आभार जताया। प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना के कारण पहले ही तनाव में चल रहे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों एवं नौकरी के उम्मीदवारों की चिंता उस समय बढ़ गई थी जब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार और यूजीसी के दिशानिर्देशों का संज्ञान लिए बिना गलत गाइडलाइंस जारी कर दी। अब विभाग ने अपनी गलती को सुधार लिया है। प्रो. अजय श्रीवास्तव के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और यूजीसी को आदेश दिया था कि जब तक परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी दृष्टिबाधित एवं लिखने में असमर्थ उम्मीदवारों के लिए राइटर का पैनल न तैयार कर ले तब तक उन्हें 'एक कक्षा जूनियर' वाला राइटर लाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। ऐसे में उन्हें फरवरी 2015 वाली गाइडलाइंस के तहत परीक्षा देने की अनुमति होगी। इसके बाद यूजीसी समेत सभी केंद्रीय विभागों ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में नए दिशानिर्देश जारी किए थे। अब यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और सभी प्रकार की नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षाओं में यदि संबंधित विभाग राइटर उपलब्ध नहीं करा पाता है तो दृष्टिबाधित उम्मीदवार अपने से अधिक योग्यता वाले राइटर को भी परीक्षा में लिखने के लिए ले जा सकता है। श्रीवास्तव का कहना है कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक यह विभागों का दायित्व है कि वे दृष्टिबाधित एवं लिखने में असमर्थ विद्यार्थियों को राइटर उपलब्ध कराएं। 'एक क्लास जूनियर राइटर' ढूंढकर परीक्षा देना विद्यार्थियों के लिए बहुत मुश्किल कार्य है। कोर्ट ने ये भी कहा था कि यह सुनिश्चित करना ड्यूटी पर उपस्थित शिक्षक का दायित्व है कि राइटर वही लिखे जो दिव्यांग विद्यार्थी ने बोला हो।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन हिमाचल प्रदेश ईकाई ने प्रदेश मे बिना टीकाकरण के परीक्षाओ को करवाने की कड़ी आलोचना की| NSUI के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर महामहिम राज्यपाल को ADC(Aides-de-camp) के माध्यम से स्तिथि से अवगत करवाया, छत्तर सिंह ठाकुर ने बताया की प्रदेश सरकार ने विश्व विद्यालय के साथ मिलकर परीक्षाओ को करवाने का ऐलान तो कर दिया लेकिन टीकाकरण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है, NSUI को छात्रों के स्वस्थ्य के साथ खिलवाड़ मंजूर नही, उन्होंने बताया की सरकार को पहले छात्रों के टिकाकरण पर ध्यान देना चाहिए था। इसी को लेकर उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हे स्तिथि से अवगत करवाया और उनसे निवेदन कर मामले की गंभीरता को देखते हुए दखल देकर छात्रों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रदेश सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश देने की मांग की | NSUI के प्रतिनिधियों ने बताया की पूरे प्रदेश के छात्र NSUI से संपर्क करके अवगत करवा रहे की ऑनलाइन क्लासेज नही लगी है और उनके पाठ्यक्रम मे कटौती की जाए| उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया की सभी छात्रों को वैक्सीन जल्दी जल्दी लगवाने के लिए महाविद्यालय वक्सीनशन सेंटर बना छात्रों को वैक्सीन लगाई जाए अन्यथा NSUI के विरोध के लिए विश्व विद्यालय प्रशासन व प्रदेश सरकार तैयार रहे , NSUI छात्रहितों के मुद्दो को प्रमुखता से उठाने मे कोई कमी नही छोड़ेगी और जब तक सभी छात्रों को वैक्सीन नही लगाई जाती तब तक परीक्षाओ का विरोध जारी रखेगी| इस मौके पर NSUI प्रदेश महासचिव यासीन बट्ट ,चंदन महाजन, नितिन देष्टा विशेष रूप से उपस्थित रहे|
आज कांग्रेस पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश में राजा वीरभद्र सिंह के जन्मदिन को स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाया गया। शिलाई विधानसभा के रोनहाट लाधि क्षेत्र में 6 बार मुख्यमंत्री रहे राजा वीरभद्र सिंह का जन्मदिन बड़े हर्ष ओर उल्लास से मनाया गया। उनके समर्थको का कहना है कि शिलाई का चहुमुखी विकास आज तक वीरभद्र सिंह ने ही किया है। इस उपलक्ष में पूर्व जिला परिषद चैयरमेन दलीप चौहान, पूर्व NSUI जिला अध्यक्ष दिनेश सिंगटा, अजय चौहान जिला कांग्रेस सचिव , जगत राम शर्मा उपाध्यक्ष शिलाई मण्डल, नितिन विरसानटा युवा कांग्रेस शिलाई मण्डल उपाध्यक्ष, विक्रम चौहान युवा कांग्रेस महासचिव, यशपाल ठाकुर NSUI जिला महासचिव बाबू राम, रविन्द्र चौहान, जीवा राम, प्रताप शर्मा दीपराम शर्मा, प्रताप चौहान, बिलम सिंह व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बंगाल ने कितने ही क्रांतिकारियों को जन्म दिया है, उनमें से एक महान क्रांतिकारी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी थे। पावन बंगभूमि से पैदा हुए डॉ. मुखर्जी ने अपनी प्रतिभा से समाज को चमत्कृत किया था। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने यह बात कही है। एक देश में दो विधान दो निशान दो प्रधान के धुर विरोधी रहे डॉक्टर मुखर्जी ने सर्वप्रथम जम्मू कश्मीर में धारा 370 खत्म करने की जोरदार आवाज उठाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ॰ मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे। उस समय जम्मू कश्मीर का अलग झण्डा और अलग संविधान था। वहाँ का मुख्यमन्त्री (वजीरे-आज़म) अर्थात् प्रधानमंत्री कहलाता था। संसद में अपने भाषण में डॉ॰ मुखर्जी ने धारा-370 को समाप्त करने की भी जोरदार वकालत की। अपने संकल्प को पूरा करने के लिये वे 1953 में बिना परमिट लिये जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकल पड़े। वहाँ पहुँचते ही उन्हें गिरफ्तार कर नज़रबन्द कर लिया गया। 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिटिश सरकार के भारत विभाजन के षड्यंत्र के समय डॉ॰ मुखर्जी ने प्रस्तावित पाकिस्तान का विभाजन कराया था और आधा बंगाल व आधा पंजाब भारत के लिए बचा लिया था। अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में एक गैर-कांग्रेसी मंत्री के रूप में डॉ मुख़र्जी ने उद्योग मंत्रालय का काम संभाला। उन्होंने देश में रेल इंजन और जहाज बनाने व खाद के कारखाने स्थापित करवाए। उनके सहयोग से ही हैदराबाद निजाम को भारत में विलीन होना पड़ा। प्रो० धूमल ने कहा कि राष्ट्रवादी चिंतन और राष्ट्रीय हितों की प्रतिबद्धता को अपनी प्राथमिकता मानने वाले डॉक्टर मुखर्जी ने भारत के प्रथम मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर अक्टूबर 1951 में भारतीय जनसंघ के नाम से नई पार्टी की स्थापना की थी।
केन्द्रीय विद्यालय नलेटी में सत्र 2021-2022 के लिए कक्षा प्रथम के प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी तय समयानुसार दोपहर 12.30-1.30 के मध्य निकाली गई। लॉटरी का प्रसारण फेसबुक व यूट्यूब पर भी किया गया। ऑनलाइन लॉटरी का ड्रॉ अमित शर्मा, तहसीलदार रक्कड़, तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य विशाल चौहान तथा कक्षा प्रथम हेतु आवेदित अभिभावक अदिति शर्मा, सपना के समक्ष निकाला गया। विद्यालय प्राचार्या स्वाति अग्रवाल ने कहा कि अभिभावकों के लिए पोर्टलजनित विभिन्न श्रेणियों में क्रमानुसार व्यवस्थित प्रोविजनल चयनित सूचियां केन्द्रीय विद्यालय नलेटी की आधिकारिक वेबसाइट https://naleti.kvs.ac.in एवम् विद्यालय सूचनापट्ट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। प्राचार्या महोदया ने समस्त अभिभावकों को वर्चुअल व प्रत्यक्ष रूप में कहा कि कोविड की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मास्क पहने, उचित सामाजिक दूरी का पालन करते हुए, जिस समय आपको विद्यालय बुलाया जाएं कृपया उसी समय पर आकर दस्तावेजों का पुष्टिकरण कराएं।
शिमला राष्ट्रीय एकता व अखंडता के पर्याय, महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने उनको प्रदेश कार्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस है। आज हम सभी उस महान आत्मा को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। वे आजाद भारत के उन नेताओं में से एक रहे जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनका संपूर्ण जीवन उपलब्धियों के साथ साथ त्याग से भी भरा हुआ था। उन्होंने कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त हो उसके लिए आंदोलन चलाया था और एक निशान, एक विधान, एक प्रधान का नारा दिया था। देश की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन लगाया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि ये ही है कि हम उनके बताए मार्ग पर चलें, विचार के साथ जुड़े और विचार को आगे बढ़ाने का काम करें। उनसे प्रेरणा लेकर भाजपा कार्यकर्ता देश को मजबूत बनाने के लिए अग्रसर हैं। उन्होंने कहा देश के जितने भी राजनीतिक दल हैं वो राजनीति के अलावा कुछ नहीं करते। लेकिन भाजपा अकेली ऐसी पार्टी है, जो समाज के प्रति अपने दायित्व को भी निभाती रही है। समाज सेवा के कार्यों से हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के लिए भी अपने कार्यकर्ता को तैयार करते हैं। कार्यक्रम में भाजपा उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, सचिव पायल वैद्य, कुसुम सदरेट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा, पार्षद किरण बावा, चेयरमैन गणेश दत्त विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कुनिहार : जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिला अध्यक्ष के डी शर्मा ,महासचिव जगदीश पंवर व प्रेस सचिव डी डी कश्यप ने एक प्रेस नोट रिलीज करते हिमाचल सरकार से आग्रह किया है कि प्रदेश सरकार सेवा निवृत्त कर्मचारियों को पंजाब के तर्ज पर छटे वेतन आयोग की सिफारिशों को शीघ्र लागू करें। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार से यह भी आग्रह करता है कि सेवा निवृत्त कर्मचारियों के 65,70 व 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर दिए जाने वाले 5,10 व 15 प्रतिशत भत्ते मुल पेंशन में पंजाब सरकार के तर्ज पर जोड़ने के आदेश पारित करें। यह पेंशनरों की बहुत पुरानी मांग है जिसे सरकार को जल्द पूरा करना चाहिए।
हमीरपुर के टौणीदेवी मार्ग पर एक पंजाब नंबर की कार को तालाशी के लिए रोका गया। इस दौरान कार में सोने के आभूषण पाए गए। जिनकी कीमत 24 लाख रुपये से ऊपर बताई जा रही है। एक्साइज विभाग की टीम ने पंजाब के कारोबारी को आभूषणों से संबंधित बिल प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन कारोबारी कोई बिल इत्यादि पेश नहीं कर पाया। इस पर विभाग ने जीएसटी अधिनियम के तहत कारोबारी से 1.44 लाख रुपये जुर्माना वसूला। यह कार्रवाई विभागीय टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी अनुराग गर्ग, राज्य कर अधिकारी कुलदीप ठाकुर, राज्य कर अधिकारी संजीव मेहरा, सहायक राज्य कर अधिकारी विकास शर्मा और राजेश कुमार ने की है। उधर, उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी हमीरपुर विशाल गोरला ने कहा विभाग की टीम ने मंगलवार को हमीरपुर-टौणीदेवी मार्ग पर पंजाब के एक कारोबारी को बिना जीएसटी बिल कारोबार करने पर पकड़ा है। कारोबारी से 1.44 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने जिले के समस्त कारोबारियों से आग्रह किया है कि वह बिना बिल के कोई कारोबार न करे, अन्यथा आने वाले समय में इससे भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कोरोना रोगियों के स्वास्थ्य लाभ हेतु प्रदेश सरकार द्वारा शुरु किया गया आयुष घर द्वारा कार्यक्रम आम जनता के लिए वरदान साबित हो रहा है। देहरा उपमंडल में इस कार्यक्रम के तहत शुरुआत में प्रतिदिन सैंकड़ों कोरोना संक्रमितों ने भाग लेकर योग के माध्यम से घरों में रहकर कोरोना को मात दी। उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी देहरा डाॅ. बृजनंदन शर्मा ने बताया की जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डाॅ.अंजली शर्मा के निर्देशानुसार उपमंडल में प्रत्येक आयुर्वेदिक संस्थान के माध्यम से कुल 58 वट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं। इन वट्सऐप ग्रुप के माध्यम से प्रतिदिन 400-450 कोरोना रोगियों को सुबह और शाम दो सत्रों में योग और प्राणायाम करवाया जाता था। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के शिक्षक स्वाती और विजयलक्ष्मी ने इन सत्रों के माध्यम से प्रतिदिन कोरोना रोगियों को योग करवाने का कार्य किया। आयुष घर द्वार कार्यक्रम के पहले भाग में लोगों की बढ़ती रूची को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा 2 जून से इसका द्वितीय चरण शुरु किया गया। डाॅ. बृजनंदन शर्मा बताते हैं कि दूसरे चरण में कोरोना रोगियों के अलावा आम लोागों को भी इन समुहों में जोड़ा गया। जिनमें छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान करवाने वाली स्त्रियों और मोटापे से ग्रस्त लोगों तथा अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोगों को योग अभ्यास करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष घर द्वार कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों द्वारा बीमारियों को लेकर ऑनलाइन लेक्चर दिया जाता है और सेशन में जुड़े लोगों से सीधे संवाद किया जाता है। देहरा उपमंडल में आयुष विभाग के डाॅ. सोनिका शर्मा और डाॅ. पल्लवी चैहान द्वारा गर्भवती महिलाओं, डाॅ परमजीत सिंह और डाॅ. पल्लवी सिंह द्वारा बुजुरगों, डाॅ. मनमोहन एस और डाॅ. अंकुश द्वारा मोटापे, डाॅ कुलदीप सिंह और डाॅ. सुनिल कुमार द्वारा उच्च रक्तचाप, डाॅ. अरूण संधू और डाॅ. संजीव कुमार द्वारा मधुमेह, डाॅ. शिल्पी शर्मा और डाॅ. वरूण अरोड़ा द्वारा कोरोना उपरांत योग, डाॅ. मोनिका राणा और डाॅ. शिप्रा द्वारा प्राणायाम, डाॅ. निधि शर्मा और डाॅ. शैलजा राणा द्वारा युवाओं के शरीर और मस्तिक्ष हेतु योग, डाॅ. अदिति शर्मा और डाॅ. अनामिका द्वारा योग निद्रा, डाॅ. धीरज शर्मा और डाॅ. अंकिता द्वारा परीक्षा के दिनों में विद्यार्थियों के लिए योग और डाॅ. रूचि एवं डाॅ. शगुन द्वारा सूर्य नमस्कार विषयों पर विभिन्न दिनों में लेक्चर दिया गया और योग करवाया गया। आयुष घर द्वारा भाग दो में कोरोना संक्रमितों के साथ आम जनमानस के सम्मिलित होने से देहरा उपमंडल में प्रतिदिन इन 58 वट्स ऐप ग्रुप के माध्यम से 500 से 700 लोग इन सत्रों में जुड़कर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के साथ-साथ योगाभ्यास करते हैं। प्रदेश सरकार की इस नई पहल ने जहां लोगों को घर-बैठे आयुर्वेदिक चिकित्सकों से परामर्श का रास्ता उपलब्ध करवाया है, वहीं हजारों लोग प्रतिदिन इसके माध्यम से योग और प्राणायाम को अपना कर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मंडल कोटला बेहड़ उपमंडल प्रागपुर के तहत पड़ने वाले नलसुहा गांव में संपर्क मार्ग मंडवाड़ा से करोल बाया चनॉरिया बस्ती बाया ब्लोटु मंदिर सुकेड डडारी से सड़क मार्ग मंजूर हुआ है। जिसकी लंबाई करीब 5.870 किलोमीटर है । इस मार्ग पर निर्माण के लिए करीब 600.43 लाख रुपए खर्च होंगे । इस सड़क मार्ग में काफी मलकीत ई भूमि आ रही थी । लेकिन इस सड़क में आने वाली भूमि को भूमि मालिकों ने आज लोक निर्माण विभाग को इस सड़क के लिए दान दे दिया । दान देने वाले भूमि मालिकों रमेश, सुरेंद्र भाटिया, गुरुचरण, कमला देवी, शकुंतला देवी, ब्रह्म दास, मान चंद राणा, कुलदीप राणा, राफेल चंद राणा, प्रमोद राणा, सुरेंद्र राणा, संसार चंद राणा, संजीत राणा, सुरेश राणा आदि ने आज पराजपुर में भूमि की विभाग के नाम रजिस्ट्री करवा दी। इस मौके पर पंचायत उप प्रधान कुलबीर सिंह, नरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार नजीर हुसैन, क्लर्क राहुल कुमार, पटवारी राजीव कुमार, लोक निर्माण विभाग से कौर चंद मौजूद रहे। नायब तहसीलदार नासिर हुसैन ने बताया कि करीब 1 कनाल 10 मरले भूमि विभाग को दान दी गई है।
शिमला - प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चैयरमेन विधायक हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गो की खस्ता हालत पर सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन मार्गो के रखरखाव के प्रति कतई गंभीर नही है। हर्षवर्धन ने आज यहां कहा कि केंद्रीय भूतल मंत्री नितिन गडकरी जो अब फिर से मंडी संसदीय क्षेत्र के उप चुनाव के दृष्टिगत प्रदेश के दौरे पर आ रहें है, उन्होंने पिछले चुनावों के दौरान अपनी जनसभाओं में प्रदेश को 65 हजार करोड़ के जो 68 राष्ट्रीय राजमार्ग दिए थे वह सब आज दिन तक खटाई में पड़े है, उन्हें उस बारे में भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।।उन्होंने कहा कि इन सब राजमार्गो की घोषणाएं हवा हवाई साबित हुई है।गडकरी को झूठ बोलने के लिए प्रदेश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। हर्षवर्धन ने कहा है कि शिमला धर्मशाला फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य भी धीमी गति से चल रहा है और उन्हें नही लगता कि यह अपने निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा।उन्होंने कहा है कि गडकरी को प्रदेश में घोषित सभी राष्ट्रीय राज मार्गो की समीक्षा करते हुए अपनी सभी घोषणाओं को अमली जामा पहनाना चाहिए। हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार ने अभी तक न तो इसके विपणन की कोई पुख्ता व्यवस्था ही की है और न ही मंडियों की ।उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ही किसान व बागवान विरोधी रही है और यही कारण है कि देश का किसान व बागवान कृषि के तीन काले कानूनों को लेकर पिछले छह महीनों से सड़कों पर बैठा है।उन्होंने कहा है कि कांग्रेस हमेशा ही किसानों, बागवानों व आम लोगों की हितकारी रही है और इनके हितों से कभी भी खिलवाड़ सहन नही करेगी।
उपमण्डल देहरा के अंतर्गत पुलिस थाना देहरा मे एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा कि ढलियारा मे अचानक PB 10 FL 3136 ने बाईक को गलत साईड यानी लाहपरवाही से अपनी कार चलाकर जोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी कार चालक लुधियाना का बताया जा रहा है। वही इस हादसे मे न केवल बाईक को भारी क्षति पहुंची है बल्कि बाईक चालक महेन्द्र सिंह सुपुत्र जगदीश चन्द्र गांव सूरजपुर (ढलियारा )के सिर पर गहरी चोटें आयी है वहीं बुरी तरह जख्मी हुए महेन्द्र सिंह को उपचार हेतु सिविल अस्पताल देहरा पहुंचाया गया। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अंकित शर्मा ने बताया कि पुलीस ने मामला दर्ज कर लिया है और उक्त कार चालक को चिंतपूर्णी में पकड़ लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से तफ़्तीष कर रही है।
उठाऊ पेयजल योजना ढलियारा धनोटू बल्ला बहाव जल योजना ढलियारा की पानी की सप्लाई 24 जून को 1 दिन के लिए बंद रहेगी । टैंकों की साफ सफाई व मरम्मत के कार्य के चलते इस योजना से गांव ढलियारा घरथेडू डेह पुखर टिंडी सूरजपुर खड्ड भरानी आदि गॉंवों की सप्लाई बाधित रहेगी। यह जानकारी कनिष्ठ अभियंता नरेश कुमार व कार्य निरीक्षक अशोक कुमार द्वारा दी गयी है।
प्रदेश में क्लीनिकल साईकोलाॅजिस्ट और फिजियोथैरेपिस्ट की कमी को पूरा किया जाना आवश्यक है ताकि दिव्यांगजनों को इनकी सेवाओं से वंचित न रहना पडे़। विशेष ओलंपिक भारत की अध्यक्ष डाॅ. मल्लिका नड्डा ने कला संस्कृति, भाषा अकादमी के साहित्य कला संवाद के दौरान चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि विलम्बित दिव्यांग अधिकार कानून दिसम्बर, 2016 में लागू किया गया, जिसके तहत दिव्यांगजनों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रति बल दिया गया। इसके तहत 3 प्रतिशत से बढ़ाकर इनके लिए 4 प्रतिशत नौकरियों में आरक्षण की सुविधा की गई है तथा दिव्यांग पात्रता की 7 श्रेणियों से बढ़ाकर इसमें 21 श्रेणियां शामिल की गई है, जिसके प्रति जागरूकता और जानकारी होना आवश्यक है। विशेष ओलंपिक भारत के तहत देश के विशेष बच्चों को एक नई पहचान दिलवाने के उद्देश्य से विभिन्न खेलों का राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन किया गया। लगभग 10 हजार से अधिक विशेष एथेलिट हिमाचल प्रदेश के अध्याय से पंजीकृत है और यह खिलाड़ी नियमित तौर पर राज्य, राष्ट्रीय व विश्व स्तर के खेलों में भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त देश के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी इससे प्रोत्साहन मिला है। डाॅ. मल्ल्किा नड्डा ने राजनीतिक परिवेश से संबंध होने के बावजूद सामाजिक परिवर्तन और व्यक्ति निर्माण की दिशा में कार्य करने के प्रति अपना योगदान प्रदान करने के लिए अपना प्रेरणा स्त्रोत सदा शिव देवधर जी को बताया। नई शिक्षा नीति के तहत चर्चा करते हुए बताया कि इसमें दिव्यांगजनों को 6 से 18 वर्ष तक मुफ्त शिक्षा, स्कूलों में स्पैशल एजुकेटर की नियुक्ति करने ताकि उन्हें सामान्य बच्चों के साथ पढ़ने का अवसर मिल सके तथा अन्य संगठनात्मक व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का निर्णय इसमें लिया गया है ताकि उनका शैक्षणिक विकास संभव हो सके। इस अवसर पर अकादमी के सचिव डाॅ. कर्म सिंह ने डाॅ. मल्लिका नड्डा द्वारा समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में दिव्यांग कलाकारों को भी संवाद कार्यक्रम के माध्यम से मंच प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय में डाॅ. वाईएस.परमार चेयर के प्रमुख डाॅ. ओम प्रकाश ने डाॅ. मल्लिका नड्डा द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रेरक बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सम्पूर्ण देश के दिव्यांग खिलाड़ियों अपितु प्रदेश के खिलाड़ियों को भी सम्मान मिला है। कार्यक्रम के संपादक हितेन्द्र शर्मा ने डाॅ.मल्लिका नड्डा का सम्पूर्ण परिचय दिया और चर्चा के दौरान उनके द्वारा सांझा किए गए अनुभवों को अत्यंत लाभकारी बताया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन भारती कुठियाला द्वारा किया गया, जिन्होंने विविध विषयों के संबंध में डाॅ. मल्लिका नड्डा के विचारों से अवगत करवाया।
स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए गठित मंत्रिमण्डल की उप-समिति की बैठक आज यहां शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 34 विभागों द्वारा 248 जन सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। ये सेवाएं समयबद्ध रूप से लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हर विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली जन सेवा के लिए समय अवधि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि 248 जन सेवाओं में से 110 सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से, 30 सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से और 80 सेवाएं व्यवसाय में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के तहत प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं करवाने पर एक से पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। सुरेश भारद्वाज ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शहरी विकास मंत्री ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए आरक्षित बैकलाॅग पदों को तुरन्त भरने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि इस बारे में की गई कार्यवाही के बारे में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा कोटे का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए भी विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य की दी गई है। सुशासन बने स्वर्णिम हिमाचल का आधार के तहत जन अधिकार पुस्तिका का प्रकाशन कर इसे योजना विभाग की वैबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है तथा इसका अद्ययतनीकरण किया जा रहा है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ई-प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल-सीएम डैशबोर्ड बनाया जा चुका है और इसका प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र के तहत विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से सभी उपमण्डलाधिकारियों के साथ कोविड-19 की तीसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी उपमण्डलाधिकारियों से जिला में कोविड-19 की स्थिति तथा जिले के अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड-19 के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं पर समीक्षा की गई। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को जिला में जांच प्रक्रिया को बढ़ाने के निर्देश दिए, जिसमें आरटीपीसीआर जांच प्रक्रिया को कम से कम 50 प्रतिशत रखना होगा। उन्होंने बताया कि जिला में सभी ग्राम पंचायतों में जांच प्रक्रिया का एक दौर पूर्ण किया जा चुका है तथा दूसरे दौर के संबंध में पंचायती राज संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने उपमण्डलाधिकारियों से अस्पतालों में नए लगने वाले ऑक्सीजन प्लांट तथा पाईप लाईन प्रक्रिया का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर पर बेहत्तर तैयारी के साथ ही नियंत्रण किया जा सकता है, जिसके लिए अभी से कार्य योजना व प्रयास किए जा रहे हैं। कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नागरिक अस्पताल एवं अन्य अस्पतालों में समय रहते सभी मूलभूत सुविधाओं को पूरा किया जाएगा, जिसमें आॅक्सीजन की आपूर्ति, बिस्तरों व सिलैंडरों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को अपने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर अस्पतालों में स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए तथा तीन से चार दिन के भीतर कार्य योजना रिपोर्ट कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में डाॅक्टरों की कमी को दूर करने के विषय को सरकार के समक्ष रखा जाएगा ताकि इसका कोई जल्द हल निकल सके। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) विनय धीमान, समस्त उपमण्डलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
प्रदेश की जनता को जल्द अपनी समस्याओं, सुझावों और आपत्तियों को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से निजात मिलने वाला है। जल्द ही राज्य सरकार सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों पर सुनवाई करेगी। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मुद्दों पर भी सरकार अब स्वयं संज्ञान लेगी। आम जनता की शिकायतों के निवारण को प्रदेश सरकार ऑनलाइन मैकेनिजम स्थापित करने जा रही है। इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने को लेकर कवायद भी शुरू हो गई है। निजी कंपनियों से ऑनलाइन मैकेनिजम तैयार करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इलेक्ट्रानिक कॉरपोरेशन के माध्यम इसके टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्वीटर, इंस्ट्राग्राम आदि का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। शिकायतों की सुनवाई के लिए जल्द ही लोग सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। समस्या बताने के लिए लोगों को मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित विभाग को अपनी पोस्ट से टैग करना होगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस भी कंपनी को इसका काम दिया जाएगा, उसके द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट अपलोड होते ही उसके निवारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित विभाग के अधिकारियों को उससे अवगत करवाया जाएगा।
A meeting of the Cabinet sub-committee constituted for the implementation of Swarnim Himachal Drishti Patra-2017 was held here today under the chairmanship of Urban Development Minister Suresh Bhardwaj. In the meeting, various issues pertaining to Swarnim Himachal were discussed in detail. On this occasion, Suresh Bhardwaj said that 248 public services have been notified by 34 departments of the State under the Public Service Guarantee Act. These services are being made available to the people in a time-bound manner. The time period has been fixed for the public services provided by every department. He said that out of 248 public services, 110 services are being provided through online medium, 30 services through e-district, and 80 services under ease of doing business. He said that provision has also been made for imposing fines ranging from rupees one thousand to five thousand for not providing the services within the stipulated time period. He said that this will not only improve the efficiency of governance but also provide a strong foundation for good governance. Suresh Bhardwaj directed the officers to take appropriate steps to make people aware of the various services provided under the Public Service Guarantee Act. He said that maximum publicity of the provisions of this Act should be ensured. The Urban Development Minister directed to fill the backlog posts reserved for Scheduled Castes, Scheduled Tribes, Other Backward Classes, and specially-abled persons immediately. He directed the departments to submit the action taken report in this regard within 15 days. He also directed to ensure implementation of the existing quota for ex-servicemen in government jobs. He also gave various directions to further improve the grievance redressal system. He said that the e-tender process has been made mandatory to bring transparency to the government working system. Suresh Bhardwaj said that to ensure transparency and accountability in administration through e-governance and information technology, an online portal- CM Dashboard has been created and its implementation is being ensured in an effective manner. Additional Chief Secretary Prabodh Saxena and other senior officers were also present on the occasion.
Industries Minister Bikram Singh Called on Union Minister for Railways, Commerce, and Industry Piyush Goyal at New Delhi today. Bikram Singh thanked the Union Minister for an announcement of a survey on the Jagadhari- Paonta Sahib railway line and enhancing budgetary provisions in 2021-22 for Bhanupali -Bilaspur- Beri and Chandigarh- Baddi railway line. This would attract more investment in the State, he added. He requested to expedite works on these projects. Bikram Singh also urged the Union Minister to provide financial assistance for the proposal submitted under the Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES) for setting up the Pharma Testing Lab at Baddi which would not only augment productivity and boost exports but also improve the quality standards of the Pharma units in the State. He also requested for the extension of the Industrial Development Scheme for at least two more years up to 2024 and to grant similar incentives to the State as granted to UT of Jammu and Kashmir. This would boost the industrial growth of the state, he added. He further apprised the Union Minister about the industry-friendly environment in the State and added that the State would like to join the national program of industrial corridors for creating sustainable infrastructure to meet the requirements of the industries. He requested for including Baddi-Barotiwala-Nalagarh as Industrial Node under Amritsar Kolkata Industrial Corridor ( AKIC ) so that the area could witness growth at a faster pace. Piyush Goyal assured of all possible assistance to the state. Senior officers of the Ministry were also present in the meeting.
भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव एवं प्रभारी हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस तथा सचिव एवं सहप्रभारी की स्वीकृति से हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष की संस्तुति पर विधानसभा क्षेत्र युवा कांग्रेस रोहडू की कार्यकारिणी के विस्तार को अनुमोदित करते हुए उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, सहसचिव व जोन अध्यक्षों की नियुक्तियां की है। उपाध्यक्ष पद पर रमन चौहान, प्रवीण चौहान व रानू भाप्टा को बनाया गया है। महासचिव पद पर राकेश चौहान(संगठन), बनवारी लाल, जोगिन्द्र नेगी, अरविंद शौंगी, पृथ्वी राज संगटान, दिपिश बंटियान, प्रवीण चौहान व बाॅबी ठाकुर को बनाया गया है। सचिव पद पर प्रदीप नेगी, सौरभ ठाकुर, राजेश कश्वान, अकाश सेवक, ककिन्द्र मेहता, यशवंत रंजन, मोनिका ठाकुर, पवित्रा खुराना, हरिश कायथ, सौरभ कायथ, प्रवीण चौहान, अंकुश केस्टा, अजय ठाकुर, रोबिन ठाकुर, अनिल कुमार व हरदेव को बनाया गया है। सहसचिव बून्नी चटांटा, दिक्षित, पृथ्वी राज, अजित बिष्ट, कपिल मांटा, रोहित चौहान, शूभम बांश्टू, शशि काल्टा, अशिष झामटा, शांता कुमार, रोहन कायथ, मोसिम, मनोज भालू, अमित मेहता, अनूप शौंगी, नितिश शौंगी व अशिश नेगी को बनाया गया है। जोन अध्यक्षों में एमसी रोहडू के लिए राजन सनभेल, मढ़लगढ़ के लिए पंकज ठाकुर, समरकोट के लिए राहुल कायथ, स्पैल के लिए अनिल काल्टा, बठोलीगढ़ के लिए हरदीप गेष्टा, नावर के लिए मोहन केस्टा, डोडरा क्वार के लिए सतीश पितान, टिकराल के लिए दिनेश किचान्टू, जिगाह के लिए विक्की क्वाल्टा, एनपी चिरगांव के लिए विवेक सेवक और रनसर के लिए लायक राम मेहता को बनाया गया है।
छात्र अभिभावक मंच ने शिमला के एक निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा टयूशन फीस में की गई पचास प्रतिशत फीस बढ़ोतरी व अभिभावकों द्वारा बढ़ी हुई मनमानी फीस जमा न करने पर बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर करने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है। मंच ने शिक्षा निदेशक व उपायुक्त शिमला से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर किये गए बच्चों को न्याय मिले व उनकी मानसिक प्रताड़ना बन्द हो। मंच ने ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों को बाहर करने के खिलाफ़ निजी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिक्षा निदेशक,अतिरिक्त शिक्षा निदेशक व उपायुक्त शिमला को ज्ञापन प्रेषित किया व स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, भुवनेश्वर सिंह, योगेश वर्मा, कमलेश वर्मा, हेमंत शर्मा, राजकुमार व अमित राठौड़ ने कहा है कि निजी स्कूल की मनमानी फीसों व पचास प्रतिशत टयूशन फीस बढ़ोतरी के खिलाफ मंच के प्रतिनिधि 28 अप्रैल व 18 जून को शिक्षा निदेशक से मिले थे व इस संदर्भ में ज्ञापन भी सौंपे थे, लेकिन स्कूल पर कोई भी कार्रवाई न होने से स्कूल प्रबंधन के हौंसले बुलंद होते चले गए व उन्होंने मनमानी फीस वसूलने के साथ ही बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर करना शुरू कर दिया। स्कूल ने दर्जनों छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर कर दिया है। इस से छात्र व अभिभावक भारी तनाव में हैं। उन्होंने उपायुक्त शिमला की भूमिका पर गम्भीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि स्कूलों की तानाशाही व मनमानी फीसों पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने शिकायत निवारण कमेटियों के माध्यम से उपायुक्तों को शक्तियां दी हैं। उपायुक्त कार्यालय के बेहद नजदीक स्थित निजी स्कूल की तानाशाही पर उपायुक्त शिमला खामोश हैं। वह इस स्कूल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वह बताएं कि वह अपनी शक्तियों का प्रयोग करके स्कूल प्रबंधन की तानाशाही पर रोक क्यों नहीं लगा रहे हैं। वह क्यों चुप हैं। क्या वह अभिभावकों व छात्रों की मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर किसी अनहोनी होने पर ही जागेंगे। उन्होंने हैरानी व्यक्त की है कि शिमला के उपायुक्त निजी स्कूलों की मनमानी को रोकने में पूर्णतः विफल रहे हैं। इस से जिला प्रशासन की स्कूल प्रबंधन से मिलीभगत प्रतीत हो रही है।
उपमंडल सरकाघाट के तहत आने वाली रिस्सा पंचायत में 18 से 44 वर्ष के आयु वाले लोगों का आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी केन्द्र रिस्सा में मंगलवार को 104 लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण किया गया है। अब तक उपमंडल सरकाघाट कि लगभग 34 पंचायतों में मंगलवार तक यह वैक्सीन लग चुकी है जिनमें से सोमवार को 18 पंचायतों में और मंगलवार को 16 पंचायतों में वैक्सीन लगाई गई। वहीं ग्राम पंचायत रिस्सा प्रधान लता शर्मा ने डॉ कुमुन्द भल्ला से बात करके आश्वस्त किया कि जल्द ही दोबारा इसी पंचायत में टीकाकरण शिविर रखा जाएगा। वहीं ग्राम पंचायत चौरी,रखोटा, खुडला, कसमैला,कोट, बरच्छवाड, नवाही,थाना, समसौह,चल्होग, गौटां, दारपा, पौटां, अप्पर बरोट, देव गलू में बुधवार को वैक्सीन लगेगी।
हिमाचल प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा सार्थक होता नहीं दिख रहा है। बेटियों को या तो गर्भ में मार दिया जाता है या फिर उन्हें पैदा होने के बाद लावारिस छोड़ दिया जाता है। ऐसा ही एक ताजा मामला हिमाचल के सिरमौर जिले से सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के शिलाई उपमण्डल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला पेश आया है। माँ ने एक बच्ची को जन्म देने के बाद खेत में गोबर के ढेर के पास फेंक दिया है। फ़िलहाल अभी तक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। लेकिन जैसे ही पुलिस को इस बात की सुचना मिली पुलिस ने बच्चे को रेस्क्यू करके ईलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दरसल जब रोनहाट उपतहसील की शंखोली पंचायत के कमियारा नामक स्थान पर मंगलवार सुबह एक व्यक्ति अपने खेत मे काम करने गया तो उसने देखा कि गोबर के ढेर से कुछ अजीब आवाज निकल रही है। पहले वो शख्स घबरा गया, मगर हिम्मत जुटा कर जब नजदीक गया तो उसने देखा कि ये आवाज खून से सने एक नवजात शिशु की है। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस की टीम भी सीएचसी रोनहाट में तैनात डॉक्टर को साथ में लेकर तत्काल मौके पर पहुंची और नवजात शिशु को प्राथमिक उपचार देने के बाद आगामी ईलाज और देखभाल के लिए 108 एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल शिलाई पहुंचाया गया। लिहाजा, फिलहाल बच्ची को जन्म देने के बाद उसे खेत में गोबर के ढेर के पास लावारिस छोड़ने वाली माँ का पता नहीं चल पाया है। शिलाई पुलिस थाना के प्रभारी मस्त राम ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता इस नन्ही परी की जान बचाना है। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद उसे लावारिस छोड़ने वाली माँ का भी जल्द पता लगाया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को अब मनरेगा की तर्ज पर चलाया जाएगा। इसके लिए एक्ट बनाने की तैयारी है। जॉब कार्ड जारी होने के 15 दिनों के भीतर शहरी स्थानीय निकायों के निवासियों को 120 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। अगर काम न मिला तो 75 रुपये प्रतिदिन बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि इस योजना के तहत बीते अप्रैल से अब तक 1300 लोगों का पंजीकरण किया गया है। 50 फीसदी से अधिक पंजीकरण 7 मई के बाद लॉकडाउन के दौरान किए गए हैं। वर्तमान में लॉकडाउन के दौरान इस योजना के तहत 500 से अधिक लोग काम कर रहे हैं जबकि 800 से अधिक लोगों को जॉब कार्ड दिए गए हैं। इस वर्ष मार्च तक 5000 लोगों को पंजीकृत किया है, जिनमें से 4800 को जॉब कार्ड दिए हैं जबकि 4500 लोगों को रोजगार दिया गया है। इस वित्त वर्ष के लिए बजट में इसके लिए चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
देश में कोरोना संक्रमण के भयवाह रूप को देखते हुए वैक्सीनेशन अभियान को रफ़्तार देने के लिए प्रत्येक राज्य के मंत्री सतर्क हो चुके है। इसी के चलते हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी जुलाई तक राज्य की पूरी जनता को पहली डोज लगाने का लक्ष्य बनाया है। सीएम जयराम ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य की 100% आबादी को 25 जुलाई तक वैक्सीन की पहली डोज लगाना है। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, यहां वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। सीएम जयराम ने ये भी बताया कि 18 से 45 साल की आयु के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो गया है और राज्य में अबतक 27.35 लाख डोज दी जा चुकी हैं। वहीं वर्तमान में लगभग 5 लाख डोज उपलब्ध हैं। सीएम के मुताबिक 25 जून तक उनका लक्ष्य लाहौल-स्पीति जैसे आदिवासी क्षेत्रों और अन्य क्षेत्रों में भी पहली डोज के साथ 100 प्रतिशत आबादी का वैक्सीनेशन करना है। गौरतलब है कि राज्य में अब तक 27.35 लाख डोज प्रशासित किए जा चुके हैं, जिसमें लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या को पहली डोज लग चुकी है।
प्रदेश में जुलाई में माह में शुरू होने वाले सेब सीज़न से पहले प्रदेश के बागवानों को बड़ा झटका लगा है । बागवानी मंत्री ने कोरोना काल में सेब कार्टन के दाम न बढ़ाने का आश्वासन दिया था लेकिन कंपनियों ने कच्चा माल और कागज महंगा होने की दलील देकर कार्टन के दाम पांच से 10 रुपये तक बढ़वा लिए हैं। सोमवार को हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विधायन एवं विपणन निगम ने दाम तय कर दिए हैं। प्रति बीस किलो के सफेद कार्टन की दरें 60 से 70 रुपये निर्धारित की गई हैं। ब्राउन कागज के कार्टन 54 से 62 रुपये में बागवानों को मिलेंगे। पिछले साल एचपीएमसी ने 350 लाख कार्टन उपलब्ध कराए थे। एचपीएमसी ने इस बार 17 कंपनियों को कार्टन आपूर्ति का काम सौंपा है। पिछले साल 24 कंपनियों ने कार्टन बेचा था। पिछले साल कार्टनों के रेट में कोई वृद्धि नहीं की थी। पिछले साल प्रदेश में सेब की फसल काम थी। लेकिन इस साल करीब चार करोड़ पेटी सेब होने का अनुमान है। हालंकि इस साल बागवानों को मौसम की मार भी झेलनी पड़ी जिससे उन्हें खासा नुकसान हुआ। वंही इस बार ट्रक भाड़ा भी बढ़ेगा डीजल महंगा होने के कारण अब ट्रक मालिक सेब की ढुलाई का भाड़ा 15 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी में है।
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री 23 जून को कुल्लू दौरे पर आएंगे। इस दौरान कुल्लू वासियों को बड़े तोहफे मिलने की उम्मीद है। अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री जलोड़ी टनल, औट-आनी-सैंज हाईवे-305, भूभू टनल के साथ भुंतर-मणिकर्ण मार्ग के विस्तारीकरण का तोहफा दे सकते हैं। ये सभी प्रोजेक्ट कई सालों से लटके हुए हैं। प्रदेश में अगले साल विस चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसे में लोगों को उनके दौरे से बड़ी उम्मीद है। साल में करीब छह माह तक जिला मुख्यालय से अलग-थलग रहने वाले बाह्य सराज की 69 पंचायतों की 1.30 लाख आबादी 80 के दशक से जलोड़ी दर्रे के नीचे से टनल की मांग कर रही है। पिछले दो दशकों से प्रदेश की सरकारों ने जलोड़ी टनल बनाने की कई घोषणाएं की। लेकिन सब घोषणाएं हवा हवाई साबित हुई हैं। 2014 में टनल के साथ औट-आनी-सैंज हाईवे का मुंबई की ध्रुव नामक कंपनी ने सर्वे किया। लेकिन तब से लेकर अब तक 4.2 लंबी किमी टनल और करीब 97 किलोमीटर लंबे हाईवे की डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली है। कुल्लू की लगघाटी की भूभू जोत को भेदकर बनने वाली भूभू टनल सरकार की फाइलों में बंद पड़ी है। भूभू टनल से कुल्लू से जोगिंद्रनगर की दूरी करीब 70 किलोमीटर कम होगी। इसका भी सर्वेक्षण किया गया है। उधर, धार्मिक नगरी मणिकर्ण तथा विदेशी सैलानियों की पहली पसंद रही पार्वती घाटी को जोड़ने वाली 35 किलोमीटर लंबी भुंतर-मणिकर्ण सड़क का विस्तारीकरण भी दो दशकों से लटका है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री गडकरी के कुल्लू दौरे में दशकों से लटके इन प्रोजेक्टों को हरी झंडी मिलने की पूरी संभावना है। इन प्रोजेक्टों से न केवल जिले के हजारों लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यटन को भी पंख लगेंगे। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री के दौरे से न केवल प्रदेश सत्ताधारी सरकार को बड़ी उम्मीदें हैं, बल्कि उनके दौरे पर विपक्षी दल कांग्रेस की भी नजर रहेगी।
प्रदेश सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को बड़ी रहत दी है। परिवहन विभाग ने 50 फीसदी टोकन टैक्स और विशेष पथ कर माफ करने की अधिसूचना जारी कर दी है। यह टैक्स अगस्त 2021 तक माफ़ किया जाएगा। अधिसूचना के मुताबिक निजी बस ऑपरेटरों को वर्किंग कैपिटल स्कीम के तहत 2 से 20 लाख रुपये तक लोन भी दिया जाएगा। निजी बस ऑपरेटर टैक्स माफी को लेकर हड़ताल पर चल रहे थे। इस बीच यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला था। इसके बाद मामले को बीती कैबिनेट की बैठक में लाया गया था। जिस राज्य सरकार टैक्स माफ़ करने को हरी झंडी दिखाई।
प्रदेश में आज मंत्रिमंडल की बैठक राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में होगी। इस बैठक में कोरोना की वजह से बंद मंदिरों को खोलने पर फैसला हो सकता है। साथ ही हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के अंक निर्धारण के लिए बनाए गए फॉर्मूले को भी मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिल सकती है। बोर्ड ने सीबीएसई के अंक निर्धारण के फॉर्मूले में कुछ बदलाव किया है। नए फार्मूले के तहत अप्रैल में हुई 12वीं कक्षा के अंग्रेजी कक्षा की परीक्षा और फर्स्ट व सेकेंड टर्म की परीक्षाओं के अंकों को भी शामिल किया गया है। बैठक में स्कूलों को खोलने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। स्कूलों में बरसात की छुट्टियां देने के बारे में भी चर्चा हो सकती है। शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार 15 जुलाई से ग्रीष्मकालीन स्कूलों में अवकाश दिया जा सकता है। शीतकालीन स्कूलों में अगस्त के दौरान छुट्टियां देने की योजना है। कोरोना को लेकर बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी एक प्रस्तुति दी जाएगी। कोरोना बंदिशों में और छूट दिए जाने से प्रदेश में कोरोना के मामले फिर से बढ़ सकते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में बाहरी राज्यों के लिए बसें न चलाने, मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए न खोलने की सिफारिश करेगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि प्रदेश में इस समय 2500 से ज्यादा एक्टिव मामले हैं। जब तक यह आंकड़ा एक हजार से नीचे नहीं आ जाता, ढील देना भारी पड़ सकता है। महकमे ने कैबिनेट के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें स्वास्थ्य सचिव कोरोना की वास्तविक स्थिति के बारे में प्रस्तुति देंगे। वंही बैठक में पंजाब के छठे वेतन आयोग के बारे में चर्चा हो सकती है। राज्य से बाहर और अन्य राज्यों से हिमाचल के लिए अंतरराज्यीय बसें शुरू करने व बाहर से आने वाले लोगों के पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी फिर से बात होगी। इस प्रक्रिया में अधिक ढील देने पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के फिर से फैलने की आशंका है। ऐसे में सख्ती की जा सकती है। कारोबारी कह रहे हैं कि उन्हें पांच बजे के बाद भी दुकानें खोलने की अनुमति दी जाए। इस बारे में भी विचार हो सकता है।
बीएल स्कूल ने योग दिवस के उपलक्ष पर वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को योग करवाया। बच्चों को इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया गया कि योग करने से कोई भी व्यक्ति रोगी नहीं बन सकता, अगर कोई रोग आ भी जाए तो दोबारा से निरोगी बन जाता है। योग एक साधना पद्धति के साथ-साथ चिकित्सा पद्धति है। योग को जीवन शैली का अनिवार्य अंग बनाना चाहिए। मैनेजर वीना बक्शी ने बताया कि योग करने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से तंदुरुस्त रहता है। प्रधानाचार्या रुचिका बक्शी ने रोग को समाप्त करने के लिए कहा कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन प्रातः काल योग करना चाहिए। चेयरमैन अशोक ने बताया कि योग हमें नकारात्मकता से सकारात्मकता का रास्ता बनाने में सहायता करता है। इसलिए हम सब को प्रातः काल योग करना चाहिए।
अटल शिक्षा कुञ्ज, कालूझिंडा स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में सोमवार, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के पदाधिकारिओं, शिक्षकों व गैर-शिक्षक कर्मचारिओं सहित सभी छात्रों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रमाणित योग प्रशिक्षक डॉ० रणधीर कदम ने सभी को वर्चुअल माध्यम से वज्र आसन, गऊमुख आसन, भुजंग आसन, नौकासन, सहित अनुलोम, विलोम, कपालभाती और प्राणायाम द्वारा आधुनिक युग के तनाव को झेलने और आत्मविश्वास बढ़ाने के गुर सिखाये। उन्होंने अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग-आसन, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए सांस लेने की तकनीक और समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए ध्यान लगाना भी सिखाया। योग गुरु ने इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों के उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी मिलकर काम करने की बात कही। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति भी उपस्थिति रहे। उन्होंने योग को आज के दिन के लिए सीमित न रखते हुए इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार अपने चहेतों को चोर दरवाजे से नौकरी दे रही है और सभी नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रही है। प्रदेश के उद्योग मंत्री और उनके विभाग के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री और ऑल इंडिया कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बताएं कि कैसे मंत्री के हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम ( HPSIDC) विभाग में एक रिटायर सुपरिटेंडेंट इंजीनियर को बिना किसी कंपटीशन के नियुक्त कर दिया और 62000 रुपये प्रति माह तनखा भी फिक्स कर दी। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाते हुए बताया कि उपरोक्त इंजीनियर जिनका नाम अयूब चौधरी है, इसी विभाग से दो महीने पहले सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के तौर पर रिटायर हुए थे और नौकरी पाने का जुगाड़ कर रहे थे। उन्होंने विभाग के उपाध्यक्ष राम कुमार पर भी इस मे शामिल होने के आरोप लगाए। सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा है कि ऐसे कैसे हो सकता है बिना मुख्यमंत्री की मर्जी से इतनी बड़ी फाइल चल पडी और नियुक्ति भी हो गई। सुधीर शर्मा ने कहा कि कॉंग्रेस इस नियुक्ति के खिलाफ जनता के बीच जाएगी और सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करेगी और इस नियुक्ति की जांच की मांग करेगी और अगर सरकार ने इसे रद्द नहीं किया तो न्यायालय भी जाएगी।
योग भारतवर्ष की पूरे विश्व को एक बहुत अमूल्य देन है। इस मौके पर मदर टच स्कूल के बच्चों ने अपने घर में योग किया। प्रधानाचार्य एवम अध्यापकों द्वारा बच्चों को दो मिनट में वर्चुअल माध्यम से अधिक से अधिक बार सूर्य नमस्कार आसन करने की चुनौती दी गई। बच्चों ने बड़ी उत्सकता से अपने घर में सूर्य नमस्कार आसन और अन्य आसन किए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने योग दिवस का महत्व समझाया और बच्चों ने रोज प्राणायाम और योग करने का प्रण लिया। मदर्स टच स्कूल में ऑनलाइन पढाई को अतिंत प्रभावशाली और दिलचस्प बनाया गया है । मदर्स टच के नर्सरी से पांचवी कक्षा तक की शिक्षाओं के लिये विद्यार्थी हर रोज दिलचस्पता से अपनी ऑनलाइन कक्षा लगाने के लिए तत्पर रहते हैं। बता दे मदर्स टच स्कूल में पढाई के अलावा बच्चों के चहुँमुखी विकास को भी महत्त्व दिया जाता है।पालमपुर के हर सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्कूल के बच्चे प्रथम स्थान हासिल करते है।
कांग्रेस युवा मंडल ने सोमवार को डाडासिबा मे निर्जला एकादशी के उपलक्ष्य पर छबील लगाई। वहीं इस दौरान खासकर सोमवार 21 जून को 18 से 44 वर्ष के युवाओं को सिविल हॉस्पिटल के सौजन्य से वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाडा सीबा में टीकाकरण हो रहा है इसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं रिम्पू पंडित, अंकुश मनकोटिया, रोहित कुमार , अंशुल, नितीश, बिक्रम कँवर, शुभम आदि ने टीकाकरण में शामिल होने वाले लोगों को पानी पिलाया ।
योग व प्राणायाम एकमात्र ऐसी पद्धती है जो मानव को न केवल शारिरिक अपितु मानसिक व आध्यात्मिक स्वास्थ भी प्रदान करती है। योग की इसी उपयोगिता को देखते हुए आज विश्वभर में लोग, विशेषकर युवा इसके प्रति आकर्षित हो रहे हैं। सातवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य पर देहरा उपमंडल में वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी डाॅ. बृजनंदन शर्मा ने यह शब्द कहे। उन्होंने बताया कि कोरोना की बंदिशों के चलते भी उपमंडल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को पूरे उत्साह से मनाया गया। डाॅ. बृजनंदन ने बताया कि देहरा उपमंडल में स्थित सभी आयुर्वेदिक संस्थानों में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। उन्होंने बताया कि सुबह 6ः55 पर आयुष विभाग के समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने वर्चुल माध्यम से योग किया। इसके अतिरिक्त उपमंडल के लगभग 450 लोगों ने कोरोना नियमों के तहत आयुर्वेदिक संस्थानों और वर्चुल माध्यम से अपने घरों से इस कार्यक्रम में उपस्थित रहते हुए योग अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों में आयुष विभाग के कर्मचारियों के अतिरिक्त उपमंडल से लगभग 450 लोगों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 150 पुरुष, 250 महिलाएं और 50 बच्चे सम्मिलित हुए। डाॅ. बृजनंदन शर्मा ने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में विश्वभर में मनाना भारत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हर प्रकार से स्वस्थ और प्रकृति के साथ सद्भावना का व्यवहार रखने की पद्धती भारतीय मनिषियों ने हजारों वर्ष पूर्व हमें दी थी। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस संकट काल में मनुष्य को योग और उससे जुड़ी पद्धतियों का महत्व और अधिक समझ में आने लगा है। उन्होंने कहा कि सब प्रकार के विशेषज्ञ आज मानते हैं कि प्रतिदिन योगाभ्यास से कोरोना जैसी महामारी के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त भविषय में भी हर प्रकार के रोग से बचने के लिए सभी को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेना चाहिए।
जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तहसील रक्कड़ के बाशिंदों ने जसवां प्रागपुर कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष जगवीर सिंह गगी के नेतृत्व में सोमवार को क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों के बारे में तहसील रक्कड़ कार्यालय में नायब तहसीलदार सतीश कुमार के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें रक्कड़ में नागरिक उपमण्डल कार्यालय खोलने, रक्कड़ स्थित सीएचसी में 24 घण्टे स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने, कालीनाथ कालेश्वर मन्दिर में पूजा अर्चना, साफ़-सफाई की व्यवस्था, स्टोरकीपर एवं माली और अस्थि विसर्जन के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था करना। इसके अलावा क्षेत्र में अवैध खनन को रोकने हेतु उचित कदम उठाये जाएं। उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार इन मुद्दों के बारे में प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि इन मुद्दों के ऊपर यथाशीघ्र प्रदेश सरकार ध्यान दे नहीं तो क्षेत्रवासी अपनी उपरोक्त मांगों को लेकर अनिश्चित्कालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष सोनू नरयाल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष शुभभ नांगला, ओबीसी अध्यक्ष कैप्टन सोमराज, जिला इंटक के सुभाष, भरोली जदीद पँचायत के प्रधान अनीश धीमान, सुरेश पटियाल, उप प्रधान सन्नी ठाकुर, पूर्व उपप्रधान नरेश , मोनू पटियाल, रविन्द्र हैप्पी, व रीनू सहित अन्य मोजूद रहे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा जसवां:प्रागपुर क्षेत्रवाद की राजनीति करने पर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है । युवा मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि जसवां प्रागपुर में कई नेताओं ने घटिया राजनीति की ओर पिछले 10 वर्षों में क्षेत्रीय रंग देने का षड्यंत्र रचा । कभी यह कहा गया कि विक्रम ठाकुर जो वर्तमान में उद्योग मंत्री हैं जसवां से हैं , प्रागपुर से नहीं है। इस बारे युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा के कांग्रेसी लोगों को गुमराह करने की राजनीति ना करें। उन्होंने कहा की उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर व प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जसवां-प्रागपुर का एक समान विकास करवाया है । जहां पीडब्ल्यूडी डिविजन रक्कड़ में खोला, वही आईपीएस डिवीजन प्रागपुर में खोला । आईपीएच सब डिविजन रक्कड़ में खोला । वही पीडब्ल्यूडी सब डिविजन प्रागपुर में खोला । यह सब जनता की सुविधा के लिए ही है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा की कांग्रेसी शिलान्यास को ही विकास समझते रहे हैं। शिलान्यास करने से विकास नहीं होता कहना है 135 किलोमीटर सड़के जसवा प्रागपुर में पहली बार पक्की हुई है एक नया रिकॉर्ड है। युवा मोर्चा के जिला देहरा मीडिया प्रभारी अविनाश सेठी का कहना है कि जसवां-परागपुर के विकास में उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने कोई कसर नहीं छोड़ी है ।


















































