हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। सदन के सभी सदस्य विधानसभा में पहुंच गए हैं और प्रश्नकाल शुरू हो चुका है। भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज ने करुणामूलक आधार पर रोजगार से जुड़ा सवाल किया, जिसके जवाब में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि रोजगार के 1415 मामले करुणामूलक आधार पर लंबित हैं। इस मामले में रोहित ठाकुर की अगुवाई में कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी की पहली बैठक में निर्णय लिया गया है कि मेरिट व एजुकेशन के आधार पर करुणामूलकों को नौकरी दी जाएगी। ये मामला लंबे समय से चला आ रहा है।
हिमाचल प्रदेश में आज यानी बुधवार को मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है। खराब मौसम को लेकर आज विभाग ने प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बीते कल यानी मंगलवार को भी भारी बारिश हुई, जिससे कई सड़क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक प्रदेश में मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुआ है और पेड़ गिरने के मामले भी सामने आए हैं, जिसके कारण से प्रदेशभर में अभी 126 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। शिमला जिले में 41 सड़कें गाड़ियों की आवाजाही के लिए बंद हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के बाद मंडी जिले में सबसे ज्यादा 59 सड़कें बंद हैं। इसके बाद सोलन में 12 सड़कें, कांगड़ा में 10 सड़कें, कुल्लू में 6 सड़कें, सिरमौर में 4 और ऊना, किन्नौर, लाहौल-स्पीति में 1-1 सड़क बंद है। इसके अलावा बद्दी में भी बुनियादी ढांचे, खासकर सड़कों को भारी बारिश से खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं, प्रदेश में 1191 बिजली और 27 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को शिमला जिले के जुब्बड़हट्टी में शाम तक सबसे ज्यादा 101 मिमी बारिश दर्ज की गई। 27 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल प्रदेश में अब तक बारिश में 23 प्रतिशत की कमी आई है। प्रदेश में औसत 591.8 मिमी बारिश के मुकाबले 453.4 मिमी बारिश हुई है। मंगलवार को शिमला जिले का नारकंडा 11.4 डिग्री तापमान के साथ हिमाचल का सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि ऊना 34 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में इन दिनों हजारों श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा के लिए चंबा पहुंच रहे हैं। इस बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में मणिमहेश की यात्रा पर निकले 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। चंबा पुलिस जांच कर रही है कि ये हादसा कैसे हुआ, बताया जा रहा है कि ये सभी लोग मणिमहेश यात्रा के लिए निकले थे। जहां इनकी कार हादसे का शिकार हुई और कार के खाई में गिरने के कारण 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 घायलों की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। जिन्हें नागरिक अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर कर दिया गया है। गौरतलब है कि चंबा में 26 अगस्त से चंबा जिले में स्थित प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा शुरू हो चुकी है। इस धार्मिक यात्रा के लिए रोजाना सैंकड़ों लोग चंबा पहुंच रहे है। आलम ये है कि भरमौर नेशनल हाइवे पर इन दिनों गाड़ियों का रेला निकल रहा है, जिसके कारण लंबा जाम लग रहा है और गाड़ियां घंटो इस जाम में फंस रही है। हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शिरकत करने के लिए पहुंचते हैं। इस साल ये यात्रा 26 अगस्त से लेकर 11 सितंबर तक चलेगी। इससे पहले 24 अगस्त को भी पठानकोट-चंबा नेशनल हाइवे पर बनीखेत के पास एक कार खाई में गिर गई थी। इस हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 3 घायलों को डलहौजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें भी चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।
हिमाचल में डीए और एरियर के भुगतान की मांग कर रहे कर्मचारी नेताओं पर सरकार ने एक्शन लिया है। प्रदेश के देहरा में आयोजित किए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डीए और और छठे वेतन आयोग का संशोधित एरियर का भुगतान की कोई घोषणा नहीं की थी, जिससे कर्मचारी सरकार से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के तहत पांच कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सचिवालय प्रांगण में जनरल हाउस किया, जिसमें डीए और एरियर का भुगतान की मांग को लेकर सरकार पर अपनी भड़ास निकाली थी। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार को वार्ता के लिए एक दिन का भी अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कर्मचारियों को वार्ता के लिए न बुलाकर सुक्खू सरकार के कैबिनेट मंत्री ने कर्मचारियों के खिलाफ बयान जारी कर आग में घी डालने का काम कर दिया, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के कर्मचारी नेता और भड़क गए और 23 अगस्त को फिर से बुलाए गए जनरल हाउस कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी पर जमकर अपना गुबार निकाला। ऐसे में सरकार ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के तहत पांच कर्मचारी संगठनों के 10 कर्मचारी नेताओं को भड़काऊ भाषण देने पर कारण नोटिस जारी किया है। इसमें पांचों कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष और महासचिव शामिल हैं। हिमाचल में स्वतंत्रता दिवस पर लाखों सरकारी कर्मचारियों को आस थी कि सरकार डीए और एरियर के भुगतान को लेकर घोषणा करेगी, लेकिन देहरा में आयोजित हुए स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने न तो चार फीसदी डीए का जिक्र किया और न ही एरियर के भुगतान की घोषणा की। हालांकि, इस दौरान सीएम ने 75 साल की उम्र पूरी कर चुके आयु के पेंशनरों के एरियर का पूरा भुगतान करने का ऐलान जरूर किया। वहीं, सीएम ने अन्य कर्मचारियों को अगले साल से चरणबद्ध तरीके से डीए-एरियर के भुगतान की बात कही थी। ऐसे में लाखों कर्मचारी सुक्खू सरकार से नाराज चल रहे हैं। प्रदेश में हिमाचल दिवस, स्वतंत्रता दिवस या दिवाली के मौके पर कर्मचारियों को सरकार कुछ न कुछ देने की घोषणा करती है। इस बार भी उम्मीद थी कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कर्मचारियों को कम से कम 4 फीसदी डीए की किस्त देने की घोषणा की जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। प्रदेश सरकार को डीए की तीन किस्त देनी है, जिसमें पहली किस्त 1 जनवरी 2023, दूसरी 1 जुलाई 2023 और तीसरी किस्त 1 जनवरी 2024 से दी जानी है। अब 1 जुलाई 2024 से चौथी किस्त भी देय होगी। वहीं, केंद्र ने अपने कर्मचारियों को तीनों किस्त जारी कर दी हैं, लेकिन हिमाचल सरकार ने डीए की एक भी किस्त नहीं दी है। इसको लेकर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलकर मांग भी की गई थी। संशोधित वेतनमान का एरियर काफी समय से पेंडिंग है। पिछली बार सरकार ने 0.025 फीसदी के हिसाब से एरियर दिए जाने की अधिसूचना जारी की थी, जिसे सभी कर्मचारियों ने नकार दिया था और सरकार को अधिसूचना वापस लेनी पड़ी थी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के चेयरमैन संजीव शर्मा का कहना है, "सरकार ने 10 कर्मचारी नेताओं को कारण बताओ नोटिस दिया है। इसको लेकर अब अगली रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीए और एरियर का भुगतान न करने के विरोध में आज से सभी काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे।
अश्वगंधा अभियान 2024 के अंतर्गत राजकीय उच्च विद्यालय घण्डरां में पौधे वितरित किए जाने का कार्यक्रम आयुष विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें आयुर्वेदिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र पनियाला से चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक शर्मा विशेष रूप से सम्मिलित हुए। उन्होंने बताया कि उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. शरत चंद्र त्रिवेदी के निर्देशानुसार उक्त विद्यालय में अध्यापकों व विद्यार्थियों में अश्वगंधा के पौधे वितरित किए गए तथा इस दौरान स्वास्थ्य कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण विषय तथा आयुर्वेद के महत्व विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी करवाई गई। मुख्याध्यापक शशि भूषण ने बताया कि उक्त प्रतियोगिता में महेश प्रथम व अंकित द्वितीय स्थान पर रहे। जिन्हें नकद ईनामी राशि से पुरस्कृत किया गया।
**सेहरा सजाने का मां का सपना टूटा, बिछड़ गई जुड़वां भाइयों की जोड़ी ** 6 साल पहले सेना में हुए थे भर्ती हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र आंजभोज के गांव भरली निवासी वीर सपूत आशीष कुमार अपने वतन की सेवा में बलिदान हो गए। मां संतरो देवी का अपने लाडले बेटे के सिर पर सेहरा बांधने का सपना था पर उन्हें क्या पता था कि होनी को कुछ और ही मंजूर है। वहीं जुड़वां भाइयों की जोड़ी भी टूट गई है। बेटे की शहादत की खबर के साथ ही मां का सपना टूट गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। गिरिपार के आंजभोज व पांवटा साहिब में शोक की लहर है। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठुंडू व पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वीर सपूत आशीष कुमार ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में ‘ऑपरेशन अलर्ट’ के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश को अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है लेकिन जवान के पूरे परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शहीद का जुड़वां भाई रोहित एक निजी कंपनी में सेवारत है। आशीष कुमार का जन्म 14 मार्च 1999 को हुआ। वर्तमान में 19 ग्रेनेडियर बटालियन के अधीन अरुणाचल प्रदेश में सेवारत थे। करीब 6 साल पहले आशीष सेना में भर्ती हुआ। बताया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश में सैन्य ऑपरेशनल गतिविधि के दौरान सेना के वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिली। इसमें गिरिपार के भरली गांव के वीर सपूत आशीष के भी शहीद होने की खबर है। शहीद आशीष की पार्थिव देह वीरवार तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठुंडू व पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र सिंह चौहान समेत पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कहा कि भूतपूर्व सैनिक संगठन लगातार 19 ग्रेनेडियर के नुमाइंदों तथा परिवार से संपर्क में है, जिससे शहीद की पार्थिव देह जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव पहुंच सके।
मणिमहेश यात्रा के दौरान सड़क हादसे में चार लोगों की मौत की सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 9:00 बजे गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। गाड़ी गिरने की आवाज सुन भरमाणी माता मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं और पुलिस जवानों ने बचाव अभियान आरंभ कर दिया। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुलबीर सिंह राणा ने सड़क हादसे की पुष्टि की है।
देश और प्रदेश में लहसुन की मांग के साथ बीज के दाम भी बढ़ गए हैं। इस बार किसानों को पिछले वर्ष के मुकाबले 100 रुपये प्रतिकिलो अधिक दाम में लहसुन बीज की खरीद करनी होगी। इन दिनों सोलन सब्जी मंडी में जम्मू और कुल्लू का बीज पहुंचा है। यह बीज ग्रेड के हिसाब से 220 से 280 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। आने वाले दिनों में इसमें और उछाल आने की भी संभावना जताई जा रही है। इस बार किसानों को भी लहसुन के अच्छे दाम मिले हैं। इसमें 100 से 250 रुपये प्रति किलो तक लहसुन की खरीद सब्जी मंडी में की गई है। सोलन, सिरमौर, कुल्लू, सहित अन्य जिलों में सितंबर से अक्तूबर के बीच लहसुन की बिजाई का कार्य किया जाता है। सोलन में हर वर्ष लहसुन का करोड़ों रुपये का कारोबार होता हैं। बीते वर्ष सोलन मंडी में 120 से 180 रुपये प्रतिकिलो तक लहसुन का बीज किसानों को मिला था, जबकि इस वर्ष 100 रुपये महंगा मिलेगा। सोलन, सिरमौर का लहसुन सोलन मंडी से देश सहित विदेश को भी सप्लाई किया जाता हैं। सोलन में करीब 600 हेक्टेयर भूमि पर लहसुन की पैदावार की जाती हैं। कृषि विभाग भी किसानों को लहसुन का बीज देता है। इसमें विभाग ने भी निदेशालय को बीज की मांग भेज दी है। इसमें किसानों को बीज अनुदान पर प्रदान किया जाता है, जबकि अधिकतर किसान सब्जी मंडी सोलन से बीज की खरीद करते हैं। जिले भर में अधिकतर किसान जम्मू का बीज लगाते हैं। सब्जी मंडी सोलन के आढ़ती आशीष ठाकुर ने बताया कि इस बार लहसुन के बीज की मांग अधिक है, जिससे इसके दाम भी बढ़ गए है। सोलन में सिरमौर में सितंबर और अक्तूबर में बिजाई कार्य किया जाता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी के 33 मेधावी विद्यार्थियों ने एयरटेल भारती फाउंडेशन के सौजन्य से वैज्ञानिक तथा अद्यतन तकनीक को विकसित करने के दृष्टिगत साईस सिटी शोघी का शैक्षिक भ्रमण किया। मेधावी बच्चों का नेतृत्व स्वयं विद्यालय प्रधानाचार्या इन्दु व अध्यापकों ने किया। सहयोग देने वाले अध्यापको में सीमा, नितिका वंसल लेक्चरर न्यू ( वाणिज्य संकाय) एवं राम प्रताप कौंडल (कलाध्यापक) रहे। शैक्षणिक-भ्रमण को भारती फाउंडेशन के द्वारा प्रायोजित किया गया था तथा बचों ने आर्टिफैक्ट से इसके तहत सम्बन्धित बारिकियों को समझकर विज्ञान की नवीनतम प्रौद्योगिकी को भी प्रत्यक्ष जाना। प्रधानाचार्या इन्दु शर्मा ने मेधावियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों को विज्ञान विषय में रुचि लेकर अपना भविष्य बनाकर संस्था, क्षेत्र प्रदेश तथा देश का नाम ऊंचा करना चाहिए। विज्ञान संग्रहालय से बच्चों को अतीत में हुई खोज अनुसन्धान की जानकारी से भविष्य निर्माण और वैज्ञानिक सोच को बल मिलता है। इस शैक्षणिक भ्रमण की दूसरी कड़ी में धार्मिक तथा ऐतिहासिक स्थल तारादेवी में भी शीश नवाया तथा मंदिर की ऐतिहासिक, सामाजिक तथा धार्मिक महत्ता को जानकर शैक्षिक भ्रमण को सफल बनाया। प्रभारी नीतिका (एयरटेल भारती फाउंडेशन ) ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे।
**सेब के दामों में गिरावट से बागवान परेशान प्रदेश कांग्रेस सरकार की लापरवाही व नालायकी की वजह से सेब बागवान हताश और निराश महसूस कर रहा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा कि बागवानों का उत्पाद मंडियो में सस्ते दामो पर बिक रहा है। प्रदेश सरकार व APMC का हिमाचल की मंडियों में कोई नियंत्रण नही रह गया है। व्यपारियों व खरीदारों को सेब कौड़ियों के दाम खरीदने की खुली छूट दी जा रही है। बरागटा ने कहा इस तरह की कार्यप्रणाली से मिलीभगत का अंदेशा लगाया जा सकता है। सेब व्यपार के इतिहास में पहली मर्तबा सेब रिकार्ड 1000 से 1500 रुपये दो दिन के अंदर दाम गिरा है, जबकि पूर्व में 100 से 200 रुपये तक कि ही गिरावट देखने को आती थी। बहरहाल यह चिंता का विषय है,सरकार से मांग है कि तुरन्त इस मामले में हस्तक्षेप करें व बागवानों को सेब के उचित दाम दिलाने में सहयोग करें। बरागटा ने कहा की बड़ी हैरत की बात यह है कि सेब बाहुल क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले कांग्रेस सरकार में मंत्री व विधायकों ने सेब गिरावट व बागवानों को आ रही अन्य असुविधाओं को लेकर चुप्पी साधी हुई है, जबकि चुनावों में कांग्रेस से अपने घोषणा पत्र में पांचवी गारेंटी में कहा था कि बागवान तय करेंगे फलो की कीमत और आज कांग्रेस की वो गारेंटी कहां गई, बागवान ये बात जानना चाहते है। कांग्रेस ने आज तक केवल किसानों बागवानों को गुमराह करने का काम किया है, जबकि पूर्व भाजपा सरकार में पूर्व बागवानी मंत्री नरेन्द्र बरागटा ने बागवानों के हितों को देखते हुए बागवानी के क्षेत्र में अनेकों कीर्तिमान स्थापित किए है, जिसको बागवान हमेशा याद रखेंगें ।
** नियम 67 पर चर्चा न देने से विपक्ष ने किया वॉकआउट हिमाचल मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने कड़े तेवर दिखा दिए हैं। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद ही सदन में जमकर हंगामा किया नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में विधानसभा अध्यक्ष से प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा देने की मांग की, लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद विपक्ष द्वारा सदन में नारेबाजी शुरू की और सदन से वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। आए दिन घटनाएं सामने आ रही है, लेकिन प्रदेश सरकार अपराधों पर अंकुश लगाने में नाकाम हो रही है। उन्होंने कहा कि बीते दिन बद्दी में एक मारपीट का मामला सामने आए जहां पर 15 लोग लोगों ने तीन युवकों की डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी. जिसमें एक युवक की मौत हो गई है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर कोर्ट परिसर में ही फायरिंग हुई, जहां पर एक व्यक्ति घायल हुआ था और उसमें एक पूर्व विधायक का बेटा शामिल था। ऐसी कई घटनाएं हैं, जो प्रदेश भर में हो रही है। शिमला के पुलिस थाने में ही कुछ युवक घुसकर पुलिस वालों के साथ मारपीट की। प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। सरकार ने कानून व्यवस्था के लिए पुलिस नहीं बल्कि किसी और चीज के लिए पुलिस को लगाया गया है। विपक्ष के विधायकों को प्रताड़ित करने और उनके फोन की रिकॉर्डिंग करने के लिए। यही नहीं चुने हुए विधायकों को चार-चार घंटे तक थानों में पूछताछ के बहाने प्रताड़ित किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार प्रदेश कामों में पुलिस जवान न लगाकर कुछ विधायकों को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। यही नहीं पुलिस मुख्यालय में 25 के करीब अधिकारियों को रखा गया है, उन्हें बैठने तक को कुर्सी नहीं मिल रही है। इन सब मुद्दों को लेकर आज जब सदन में मामला उठाया गया तो मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि बद्दी वाला मामला चिट्टे से संबंधित मामला है और इस पर चर्चा देने से मना किया जा रहा है। जिसे प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। सदन में इतने गंभीर मामले को लेकर चर्चा नहीं दी गई जिसके चलते उन्हें वॉकआउट करना पड़ा।
**पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप शिमला: चुराह से बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के खिलाफ एक युवती से अश्लील चैट करने का गंभीर आरोप लगे थे। अब उनके खिलाफ हिमाचल में महिला कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा की अगुवाई में हिमाचल महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से विधानसभा तक मार्च निकाला। इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'बेटी को न्याय दो...न्याय दो' के नारे लगाए। इसके साथ ही उन्होंने विधायक हंसराज को जेल भेजने की मांग की है। इस दौरान बैरिकेडिंग कर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। महिला पुलिस के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की भी हुई। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी और उनके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करवाने की मांग के लिए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान सीएम सुक्खू ने उन्हें पूरी जांच का भरोसा भी दिलाया है। कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा कि, 'हिमाचल में बेटियां खतरे में हैं। बीजेपी के विधायक हंसराज पर उनकी पार्टी के ही बूथ अध्यक्ष की बेटी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक पर एफआईआर हुई थी, लेकिन उसके बाद क्या हुआ? इसका जवाब जानने के लिए हम पुलिस हेडक्वार्टर जाएंगे। क्या एफआईआर न्याय है? क्या एफआईआर के बाद हंसराज की गिरफ्तारी और पूछताछ होनी चाहिए थी या नही? उनके फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाना चाहिए था या नहीं? बेटी भारी दबाव में है, लेकिन ये मामला रफा-दफा नहीं होगा। बीजेपी का पूरा परिवार हिमाचल की बेटी के साथ नहीं अपने आरोपी विधायक के साथ खड़ा है। अब ये मामला वापस नहीं होगा। हम सरकार से मांग करेंगे कि विधायक पर आरोप लगाने वाली युवती को सुरक्षा दी जाए। इस मामले को रफा-दफा करने की बजाय तुरंत विधायक को गिरफ्तार किया जाए। बेटियों के दोषी विधायक की जगह विधानसभा में नहीं जेल में है। अलका लांबा ने कहा कि 'आरोप लगाने वाली बेटी दबाव में है, लेकिन पुलिस पर क्या दबाव है? एफआईआर को दबाने से कुछ नहीं होगा। फोन में सबूत नष्ट हो सकते हैं और सबूत नष्ट होने से बेटियों को न्याय नहीं मिलता है। हमें मालूम है प्रदेश सरकार ने अगर बीजेपी के विधायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा तो दिल्ली की सरकार यहां की सरकार को तंग करना शुरू कर देगी, लेकिन हम हिमाचल सरकार के साथ खड़े हैं। एफआईआर के बाद आरोप लगाने वाली युवती पर दबाव बनाना शुरू हुआ था। बता दें कि विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के खिलाफ एक युवती से अश्लील चैट करने का गंभीर आरोप लगाए थे। युवती की शिकायत पर जिले के महिला थाने में मामला भी दर्ज हुआ था। युवती ने विधायक से जान का खतरा बताते हुए कई संगीन आरोप लगाए थे। एसपी चंबा को इस बाबत लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद महिला थाने में FIR दर्ज भी हुई, लेकिन इसके बाद आरोप लगाने वाली युवती अपने बयान से पलट गई। युवती ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि 'सोशल मीडिया और मीडिया में चलाई जा रही खबरों के बाद मेरे पिता मेरे पास आए। 8 अगस्त 2024 को विधायक हंसराज के खिलाफ मैनें महिला थाना चंबा में रिपोर्ट दर्ज करवाई और 16 अगस्त को पुलिस ने मुझे कोर्ट में पेश किया जहां मैंने बिना किसी दबाव के अपने बयान जज के सामने दर्ज करवाए हैं, जिसमें मैंने स्पष्ट किया मेरे द्वारा विधायक पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। मैंने गलतफहमी, मानसिक तनाव और बहकावे के बाद विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। मेरी शिकायत के आधार पर चुराह कांग्रेस के नेताओं व मीडिया ने झूठी खबरें फैलाई हैं। मेरे पिता के विधायक के साथ पारिवारिक संबंध हैं। सोशल मीडिया पर विधायक और मेरे परिवार के खिलाफ झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। मेरी हाथ जोड़कर सब लोगों से विनती है कि ऐसी अफवाहें ना फैलाई जाएं। इस मामले को लेकर चुराह के विधायक हंसराज का बयान भी सामने आया है। विधायक ने कहा "मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह एक राजनीतिक साजिश है और इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा निजी अखबार को दिए इंटरव्यू के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस हो या फिर किसान संगठन दोनों कंगना रनौत के खिलाफ लामबंद हो चुके हैं। कंगना के बयान बाद हुई फजीहत के बाद भाजपा को प्रेस नोट जारी करना पड़ा कि कंगना रनौत के बयान से भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। ये बयान कंगना का निजी मत है। वहीं, कंगना को निर्देश दिए कि वो भविष्य में ऐसा कोई बयान न दे। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के पीडब्लूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कंगना रनौत पर निशाना साधा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंगना रनौत ने जो बयानबाजी किसानों के ऊपर की है और किसान आंदोलन में चीन का और अमेरिका का हाथ होने की संभावना जताई है। ये बयान काफी दुर्भाग्यपूर्ण है और मजाक का केंद्र बन रहा है। इसकी स्थिति विदेश मंत्रालय को सपष्ट करनी चाहिए कि क्या केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति इतनी कमजोर है कि हमारे आंतरिक मुद्दों में चीन और अमेरिका हस्ताक्षेप कर रहा है। वहीं, केंद्रीय नेतृत्व ने जिस प्रकार कंगना के बयान से पल्ला झाड़ा है वो इस चीज को दर्शाता है कि मानसिक दिवालियापन जो है वो भाजपा की सांसद के बयानों में झलक रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कंहना रनौत को नसीहत देते हुए कहा कि जब आप एक चुने हुए पद पर होते हैं तो गंभीरता और सोच समझकर बयान देने चाहिए। क्योंकि इनका असर भारत तक ही नहीं विदेशों तक होता है और जो विदेशों के साथ हमारी कूटनीति होती है उस पर बड़ा प्रश्नचिन्ह पैदा करती है। मैं उनको कहना चाहता हूं कि उनको ज्यादा ध्यान मंडी संसदीय क्षेत्र के मुद्दों पर देना चाहिए। जिनके लिए अभी तक उनके पास समय नहीं है। वो एक दिन के तूफानी दौरे पर आती हैं और चली जाती हैं। उनको स्थिति सपष्ट करनी चाहिए श्वेत पत्र लाना चाहिए कि वो कितना सहयोग वो दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के लिए लाई हैं खासकर मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए। उनको विवादित बयानों से और सैंसलैस बयान जो वो समय समय पर देती हैं और जिनके लिए वो जानी जाती हैं उससे उनको बचना चाहिए। सोमवार को हिमाचल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि "राजनीति की समझ आने में कंगना रनौत को अभी समय लगेगा। फिल्मों में अभी तक कंगना स्क्रिप्ट पढ़कर काम करती रही है, लेकिन राजनीति फिल्मी स्क्रिप्ट पर नहीं चलती है। मंडी से सांसद बनने के बाद अब कंगना संवैधानिक पद पर हैं। इसलिए कंगना को अब मुद्दों की गंभीरता को समझ कर बयानबाजी करनी चाहिए"। बता दें कि कंगना रनौत ने एक निजी अखबार को इंटरव्यू को में बयान दिया था कि ''अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। पंजाब में उपद्रवी किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा फैला रहे थे। वहां रेप और हत्याएं हो रही थी। कंगना रनौत के इस बयान पर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस ने कंगना पर एनएसए के तहत एक्शन लिए जाने की मांग की है।
जिला सोलन पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष एवं राज्य पैंशनर्ज कल्याण संघ कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 15 सितंबर से पहले पैंशनरों की तमाम लंबित पड़ी मांगों को पूर्ण नहीं किया तो पैंशनर्ज संघ सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हो जाएगा। इसलिए संघ सरकार से विनम्रता पूर्वक मांग करता है कि 15 सितंबर तक पैंशनरों की सभी मांगों को पूर्ण करते हुए उनके लंबित पड़े वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएं। केडी शर्मा ने कहा कि 23 अगस्त, 2024 को राज्य पैंशनर्ज कल्याण संघ की कार्यकारिणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष आत्माराम शर्मा की अध्यक्षता में शिमला में रोटरी टाउन हॉल में हुई। इसमें निर्णय लिया गया है कि प्रदेश सरकार ने यदि 15 सितंबर, 2024 तक पैंशनरों की मांगे पूर्ण नहीं की तो संघ प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल बजा देंगे। प्रदेश के पैंशनरों के हित में संघ द्वारा लिए गए इस निर्णय का केडी शर्मा ने स्वागत किया है और जिला पैंशनर्ज संघ की तरफ से राज्य कार्यकारिणी को आश्वस्त किया है कि वे पैंशनरों के हित में इस लड़ाई में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। केडी शर्मा ने मांगों को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 प्रतिशत की तीन किश्तें रोक कर रखी है और इसके साथ ही जुलाई, 2022 से मार्च, 2024 तक का महंगाई भत्ते का एरियर भी नहीं दिया है। यही नहीं, बल्कि छठे नए वेतन आयोग 2016 से मिलने वाला एरियर फरवरी, 2022 तक के पेडिंग वित्तीय लाभ जारी करने का मामला सरकार से कई बार उठाया जा चुका है, लेकिन सरकार पैंशनरों की मांगों को अनसुना करती आ रही है। केडी शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार को सत्ता में आए पौने दो साल का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है, परंतु पैंशनरों से चुनाव के दिनों में किए वादों को आज तक पूरा नहीं किया गया है। सरकार के पैंशनरों के प्रति उदासीन रवैये को लेकर प्रदेश के पैंशनर्ज वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। संघ के जिलाध्यक्ष एवं राज्य कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा व प्रदेशाध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने सरकार को 15 सितंबर, 2024 तक पैंशनरों की मांगों को पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया है। संघ पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि प्रदेश सरकार ने पैंशनरों की लंबित सभी मांगों को समय रहते पूर्ण नहीं किया तो प्रदेशभर के लाखों पैंशनर सरकार के उदासीन रवैये के विरोध में सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश हो जाएंगे। केडी शर्मा ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कई बार आश्वासन दिया कि पेंशनर्ज संघ की संयुक्त सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा और शीघ्र ही जेसीसी की बैठक भी बुलाई जाएगी। लेकिन यह सिर्फ आश्वासनों तक ही सीमित है।
कुनिहार: जवाहर नवोदय विद्यालय बनिया देवी में 27 अगस्त को विद्यालय प्रधानाचार्य के के यादव की देखरेख में प्रेरणा महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें सोलन जिले के विभिन्न स्कूलों के लगभग 50 बच्चों ने भाग लिया, जिसमें विकसित भारत 2047 जैसी विभिन्न गतिविधियों में प्रतियोगिता कराई गई। प्रधानाचार्य के के यादव ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य विषय था प्रेरणा कार्यक्रम,जो छात्रों के लिए एक अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम है, जिसे जनवरी 2024 में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा लॉन्च किया गया था। कार्यक्रम का लक्ष्य छात्रों को अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से प्रेरित करना है। हिंदी में प्रेरणा शब्द का अर्थ है "प्रेरणा" या "प्रेरित करना"। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 10 जिलों के 20 छात्रों के लिए एक सप्ताह का आवासीय कार्यक्रम शामिल है।
प्रताप वर्ल्ड स्कूल इन्दौरा की प्रिंसिपल रेणु परमार की अध्यक्षता में बच्चों ने स्टेट इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप में भाग लिया। यह चैंपियनशिप हिमाचल प्रदेश के नाहन में आयोजित हुई। जो कि 8वां स्टेट इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप थी। जो 23 अगस्त से 26 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के नाहन में हुआ, जिसमें प्रताप वर्ल्ड स्कूल इन्दौरा के जसकरन ने अंडर 12 में गोल्ड मैडल जीत कर स्कूल का नाम रोशन किया। इस अवसर पर स्कूल के अध्यक्ष भरत भूषण महाजन ने बच्चें को बधाई दी और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के 150 से भी अधिक स्कूलों ने भाग लिया था, जिसमें इस बच्चें को सफलता प्राप्त हुई 10 मीटर राइफल मे जसकरन को उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं और भविष्य में और भी अधिक सफलताओं की आशा करते हैं। उनकी लगन और कड़ी मेहनत व अध्ययन स्कूल के सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के मलाणा गांव में बादल फटने के बाद से जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। करीब 1 महीने पहले गांव में बादल फटा था, लेकिन उससे मची तबाही अभी भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव की सड़क टूट चुकी है, पुल बाढ़ में बह गया है. मलाणा पंचायत का संपर्क टूट चुका है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि झूला पुल के जरिए लोगों को राशन भेजा जा रहा है, लेकिन करीब 26 दिन बीतने के बाद भी गांव अंधेरे में डूबा हुआ है और बिजली व्यवस्था अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। ऐसे में अब एक निजी संस्था द्वारा मलाणा में रोशनी के लिए सोलर लाइट उपलब्ध करवाई गई है। संस्था द्वारा 250 सोलर लाइट गांव की ओर भेजी गई है और सोलर लाइट के जरिए अब पूरा गांव जगमगाएगा। मलाणा गांव के लोगों के लिए मेक माय ट्रिप नाम की संस्था ने सोलर लाइट उपलब्ध करवाई हैं और अब ये सोलर लाइट गांव के लिए भेज दी गई है। लिहाजा, एक दो दिनों के भीतर गांव फिर से रोशनी से जगमगाएगा। गौरतलब है कि 1 अगस्त को मलाणा नाला में बादल फटा था, जिस कारण क्षेत्र में तबाही मच गई थी और बिजली की लाइनों के साथ-साथ मलाणा-वन और दो प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा था। ऐसे में मलाणा गांव पूरी तरह से अंधेरे में डूबा है। हालांकि बिजली बोर्ड ने बिजली बहाल करने का काम जारी रखा है, लेकिन अभी तक गांव के लिए बिजली बहाल नहीं हो पाई है। कुल्लू प्रशासन द्वारा साढ़े तीन टन राशन पीडीएस के जरिए भी गांव के लोगों को मुहैया करवाया जा रहा है। ये राशन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने गांव तक पहुंचा दिया है। जो गांव में खुली सोसायटी के तहत लोगों में बांटा जाएगा। इस राशन को गांव तक पहुंचाने के लिए 52 नेपाली मजदूर लगाए गए। प्रशासन ने ग्रामीणों के लिए खाद्य वस्तुएं ले जाने का काम जारी रखा है। अब गांव तक प्रशासन ने 9 टन राशन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें अब तक करीब 8 टन राशन गांव तक पहुंचा दिया गया है, जबकि एक टन राशन अभी पहुंचाना बाकी है। गौरतलब है कि मलाणा नाले में आई बाढ़ से क्षेत्र में सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। पीडब्ल्यूडी द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां सड़क बनाने में करीब 6 महीने तक का समय लग जाएगा। लिहाजा, तब तक के लिए क्षेत्र में खाने-पीने की चीजें स्टोर करने की जरूरत है, जिसके लिए प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग लगातार कोशिश कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग शिमला ने आज मंगलवार और बुधवार को प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर आंधी और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मानसून की शुरुआत यानी 27 जून के बाद से अब तक प्रदेश में बारिश में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हिमाचल में 584.2 मिमी औसत के मुकाबले सिर्फ 439.9 मिमी बारिश हुई है। प्रदेश में बरसात के चलते सोमवार शाम तक 41 सड़कें बंद थी। कुछ इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते इन सड़कों को अभी तक पीडब्ल्यूडी विभाग बहाल नहीं कर पाया है। मंडी में सबसे ज्यादा 14 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कांगड़ा में 9 सड़कें, शिमला में 8 सड़कें, कुल्लू में 6 सड़कें और चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और ऊना जिलों में एक-एक सड़क बंद है. बारिश से प्रदेश में 211 बिजली योजनाएं बाधित हुई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 27 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री से लेकर 26 अगस्त तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 254 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 385 लोग घायल हुए हैं, जबकि 30 लोग लापता हैं. 172 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 447 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 57 दुकानें और 433 गौशालाएं भी बरसात में क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस साल बरसात में अब तक प्रदेश को करीब 1,21,694 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को करीब 55249 लाख रुपए का नुकसान हुआ है, जबकि जल शक्ति विभाग को 48856 लाख और विद्युत विभाग को 98 लाख का नुकसान हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होते ही सड़क दुर्घटनाओं के मामले भी तेजी से बढ़ने लगते हैं। आए दिन प्रदेश के किसी न किसी हिस्से से बरसात के दौरान सड़क हादसों के मामले सामने आते हैं। वहीं, बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लैंडस्लाइड और पेड़ों के गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ताजा मामला सोलन जिले का है। जिले के सुबाथू के रडियाना में बीती देर रात एक पेड़ चलती गाड़ी के ऊपर गिर गया। हालांकि गनीमत रही की इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है और कार में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। सुबाथू के रडियाना में सोमवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच ये घटना घटी। जब कार मालिक अपने कारखाने में काम करने वालों को छोड़ने जा रहा था कि तभी तेज बारिश में एक पेड़ उनकी चलती गाड़ी पर गिर गया. जिसमें कार को खासा नुकसान हुआ हैं। खास कर कार की विंडस्क्रीन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। हादसे के समय कार में 4 लोग सवार थे, जो कि बिल्कुल सुरक्षित हैं। हालांकि गाड़ी पर पेड़ गिरने के चलते रोड बाधित हो गया है, जिसके चलते सिर्फ छोटी गाड़ियां ही यहां से गुजर पा रही हैं, लेकिन बड़े वाहन बीती रात से ही सड़क पर फंस गए हैं, जिससे सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया है। घटना की सूचना लोगों द्वारा पुलिस को दे दी गई है। ट्रक और बस यहां से नहीं निकल पा रहे हैं, जिसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बरसात के मौसम में अकसर पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने का खतरा बना रहता है। प्रदेश में 27 और 28 अगस्त को भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में प्रशासन द्वारा भी लोगों से अपील की जा रही है कि जरूरत होने पर ही घरों से निकले और पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते हुए खास सावधानी बरतें, ताकि कोई जान-माल का नुकसान न हो।
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने काउंसलिंग के आधार पर जेबीटी शिक्षकों के पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। जेबीटी की बैचवाइज भर्ती (अनुबंध आधार) के लिए विभाग की ओर से नवंबर 2023 में काउंसलिंग आयोजित की गई थी। जेबीटी पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन संबंधित जिलों के अंतर्गत मेरिट, जिलों के लिए उनके द्वारा दी गई वरीयता के क्रम के आधार पर किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश संबंधित प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों की ओर से अलग से जारी किए जा रहे हैं। निदेशालय के अनुसार विभाग की ओर से 11 अक्तूबर 2023 को विज्ञापित कुल 1161 पदों के लिए 1122 चयनित अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया गया है। उपयुक्त अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के कारण 10 पद (2 ओबीसी डब्ल्यूएफएफ और 8 एससी डब्ल्यूएफएफ) भरे नहीं जा सके। 29 पदों (अनारक्षित-13, ईडब्ल्यूएस-6, एससी-6, एससी बीपीएल-1, ओबीसी-2 और एसटी-1) का परिणाम 2023 के सीडब्ल्यूपी संख्या 9043 तथा 2023 के सीडब्ल्यूपी संख्या 9032 और 9035 में उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर सुरक्षित रखा गया है। निदेशालय के अनुसार हालांकि, परिणाम तैयार करने में पूरी सावधानी बरती गई है, फिर भी अनजाने में हुई त्रुटि/तकनीकी त्रुटि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को किसी भी समय उसमें सुधार करने का अधिकार है। नियुक्ति आदेश एवं अन्य जानकारी के लिए चयनित अभ्यर्थी संबंधित जिले के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को 11 बजे शुरू होगा। 10 दिन तक चलने वाला सत्र 9 सितंबर तक चलेगा। चौदहवीं विधानसभा के छठे सत्र के पहले दिन विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित कर हंगामा कर सकता है। सदन में सड़क-पुलों, आपदा, अपराध, नशा, स्कूलों के विलय जैसे कई विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में घमासान होगा। मानसून सत्र में 936 प्रश्न उठेंगे। इनमें से 640 तारांकित होंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री और मंत्रियों के मौखिक जवाब के लिए भेजा गया है। 296 प्रश्न अतारांकित होंगे, जिनके उत्तर लिखित में दिए जाएंगे। सत्र से एक दिन पहले भाजपा ने विधायक दल की बैठक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई, जबकि कांग्रेस विधायक दल मंगलवार सुबह पलटवार के लिए रणनीतिक बैठक करेगा। सोमवार को विधानसभा परिसर शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र में सदस्यों से कुल 936 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं। इन्हें नियमानुसार सरकार को भेजा गया है। प्रश्नों के माध्यम से जो सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, उनमें मुख्यतया स्कूलों का विलय, प्रदेश में हाल में भारी वर्षा, बाढ़, प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न हुई स्थिति, सड़कों, पुलों का निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, कॉलेजों, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों आदि का उन्नयन एवं विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल की आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रयोग की रोकथाम, बढ़ते आपराधिक मामलों, सौर ऊर्जा, परिवहन व्यवस्था, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि आदि पर आधारित हैं। सदस्यों ने प्रश्नों के माध्यम से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मुख्य मुद्दों को भी उजागर किया है। इसके अतिरिक्त नियम 62 के तहत 7, नियम 63 के तहत 1, नियम 101 के तहत 10 सूचनाएं, नियम 130 के तहत 20 और नियम 324 के तहत 4 सूचनाएं सदस्यों से प्राप्त हुई हैं। इन्हें भी आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को प्रेषित किया गया है। सत्र में इन सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी। पूर्व में पारित 5 बिलों पर राज्यपाल ने स्वीकृति दी है और इन्हें सदन के पटल पर रखा जाएगा। इन्हें अधिनियम के रूप में जाना जाएगा।
हिमाचल में सोलन जिले के बद्दी ट्रक यूनियन के समीप दो गुटों में हुई बहस मारपीट में बदल गई। इसमें डंडे के वार से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर घायल हैं। दोनों उपचार के लिए चंडीगढ़ और पंचकूला अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस के मुताबिक दोनों गुटों में मारपीट नशीले पदार्थों की सप्लाई के लेनदेन को लेकर हुई। इसकी पुलिस जांच कर रही है। मामले में संलिप्त आठ लोगों की पहचान कर ली गई है। पुलिस के अनुसार पंचकूला के सेक्टर 12 ए के मकान नंबर 119 निवासी राहुल राय, यूपी के जिला उन्नाव के 18 वर्षीय लक्ष्मी कांत पुत्र राजू और एक 17 वर्षीय नाबालिग यूनियन के पास नशीले पदार्थ (गांजे) की सप्लाई कर रहे थे। लेनदेन को लेकर कहासुनी हो गई और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। दूसरे गुट के करीब एक दर्जन लोगों ने तीनों पर डंडों से प्रहार शुरू किया। इससे राहुल राय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नाबालिग लड़का और लक्ष्मी कांत बुरी तरह से घायल हो गए। दोनों को बद्दी सीएचसी लाया गया। दोनों युवकों की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहीं मौके पर फोरेंसिक टीम ने कई जरूरी साक्ष्य भी जुटाए। एसपी इल्मा अफरोज ने जनता से अपील है कि वह किसी भी तरह की जानकारी जो इस मामले की जांच में सहायक हो, पुलिस के साथ साझा करें। उनकी दी गई जानकारी को गोपनीयता के साथ रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक आठ लोगों की पहचान की जा चुकी है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 और 3(5) के तहत मामला दर्ज जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी इल्मा अफरोज मौके पर पहुंचीं। घायल युवक लक्ष्मी कांत बद्दी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। एबुलेंस आने में एक घंटे का समय लगना था। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि एक घंटे तक यह जीवित नहीं रह पाएगा। इस पर एसपी ने बिना समय गंवाए घायल युवक को अपनी गाड़ी में पीजीआई ले जाकर स्वयं भर्ती कराया। इससे उसे समय पर उपचार मिला और युवक अब खतरे से बाहर है।
नौणी: एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) की नौणी यूनिट द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में बीते दिन वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रणजीत वर्मा, जो कि फार्म प्लस लेबोरेटरी के एमडी और वर्तमान में राज्य युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव हैं, ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। डॉ. वर्मा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं। इस अभियान के तहत कई पौधे लगाए गए जो पर्यावरण को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने में सहायक होंगे। इस अवसर पर डाॅ वर्मा ने कहा कि, "प्रकृति और हमारे आस-पास के पर्यावरण का संरक्षण करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। हमें अपने जीवन में हर संभव प्रयास करना चाहिए ताकि हम अपनी धरती माता का पोषण कर सकें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण छोड़ सकें।" उन्होंने वृक्षारोपण जैसे अभियानों को भविष्य में भी जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाया।
** मैकलोडगंज में होटल कारोबारियों के साथ आयोजित की बैठक **बोले इस वर्ष राज्य में 1.13 करोड़ पर्यटक आ चुके हैं भ्रमण के लिए धर्मशाला: पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य में समग्र पर्यटन बढ़ावा देने के लिए नए बुनियादी ढांचे का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी हो सके और पर्यटन में स्वरोजगार के अवसर भी मिल सकें। रविवार देर रात को मैकलोडगंज में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा इस वर्ष जुलाई, 2024 तक राज्य में 1.13 करोड़ पर्यटक भ्रमण के लिए आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 696.47 करोड़ रुपये की लागत से 11 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इन सभी 11 परियोजनाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में पर्यटक की आमद को बढ़ावा, जिनका उद्देश्य राज्य में पर्यटकों की आमद को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख क्षेत्र है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करता है। इसलिए उन्होंने कहा कि धर्मशाला में 161.91 करोड़ रुपये की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, पालमपुर और नगरोटा बगवां में सौंदर्यकरण कार्य 95.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, नादौन में वेलनेस सेंटर में निर्माण पर 91.42 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे। हमीरपुर जिले के बाबा बालकनाथ जी दियोटसिद्ध में पर्यटकों की सुविधा के लिए 65.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।नादौन में 64 करोड़ रुपये की लागत से राफ्टिंग कॉम्पलेक्स का विकास, शिमला जिले के बनूटी में 58.37 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर का निर्माण, मनाली में 45.25 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर, धर्मशाला में 39.51 करोड़ रुपये की लागत से आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक का निर्माण, शिमला में 34.85 करोड़ रुपये की लागत से आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक का विकास, कुल्लू में 27.76 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर का विकास तथा कुल्लू जिले में नग्गर कैसल के जीर्णोद्धार पर 11.57 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौंग डैम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ‘बर्डज पैराडाइस’ के रूप में विकसित किया जाएगा तथा यह जल क्रीड़ाओं के दृष्टिगत भी उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है, इससे क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने में प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया है तथा यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक पर्यटन अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।
** कटल नदी पर बड़ा पुल: हरप्रीत सिंह सैनी की राज्य सरकार से अपील बीते 20 अगस्त 2024 को ब्लॉक रामशहर, पंचायत बहेरी में भारी बारिश के चलते कटल नदी के ऊपर बने छोटे पुल पर एक गंभीर हादसा हुआ था। इस पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण गांव मंजयारी के निवासी रामस्वरूप शर्मा के पुत्र, शशिपाल शर्मा, अपनी मोटरसाइकिल समेत नदी के तेज बहाव में बह गए, जिससे उनका दुखद निधन हो गया। दुर्भाग्यवश, शशिपाल का दूसरे दिन 2 किलोमीटर दूर शव मिला। इस दुखद घटना के तुरंत बाद, हरप्रीत सिंह सैनी ने परिवार के साथ शोक व्यक्त किया और हादसे वाली जगह पर स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। हरप्रीत सिंह सैनी ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पुली की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की और आम जनों की जान माल की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस दुर्घटना को गहरे दुख के साथ संज्ञान में लेते हुए इसे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की कमी का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना दर्शाती है कि इस क्षेत्र में एक मजबूत और बड़ा पुल बनाना अत्यंत आवश्यक है। हरप्रीत सिंह सैनी ने इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि कटल नदी पर मौजूद छोटे पुल की जगह एक बड़ा और सुरक्षित पुल बनाया जाए, जो भारी बारिश और बाढ़ के समय में सुरक्षित रूप से पानी के प्रवाह को संभाल सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इस परियोजना को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सके। सैनी ने राज्य के लोक निर्माण विभाग से इस पुल के निर्माण के लिए जल्द से जल्द एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने और उसे मंजूरी के लिए आगे बढ़ाने की अपील की है। हरप्रीत सिंह सैनी ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर दृढ़ हैं और राज्य सरकार से इस मांग को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने स्थानीय निवासियों को आश्वस्त किया कि वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और इस दिशा में राज्य सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे।
** स्पीकर की बुलाई बैठक से बीजेपी का किनारा, संसदीय कार्य मंत्री भड़के हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र शांति पूर्वक चल सके इसके लिए विधानसभा स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, लेकिन इस बैठक में विपक्ष का कोई भी नेता नहीं पहुंचा। इससे विधानसभा सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। विधानसभा सत्र से पहले स्पीकर की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाना आम प्रक्रिया है। बैठक के दौरान पक्ष-विपक्ष कैसे शांतिपूर्ण तरीके से सदन को चलाए सदन की कोई कार्रवाई हंगामे की भेंट ना चढ़े और ज्यादा से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हो इसके लिए स्पीकर की ओर से सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है, लेकिन बीजेपी ने बैठक में शामिल न होकर अपने तेवर दिखा दिए हैं। वहीं, उद्योग एवं संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि, 'सर्वदलीय बैठक में नहीं आना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ये परंपरा रही है कि सत्र से पहले स्पीकर सभी दलों को बुलाते हैं। सभी पक्षों के लोग अपना पक्ष रखते हैं, लेकिन बीजेपी की तरफ कोई बैठक में नहीं आया है। ये अच्छी परंपरा नही हैं। स्पीकर का कार्यालय निर्दलीय है और दलगत राजनीति से ऊपर है। सदन में कौन किन मुद्दों को रखना चाहता है इस पर चर्चा होती है। आमतौर पर मानसून सत्र 5 से 6 दिन का रखा जाता है, लेकिन पहली बार ये सत्र दस दिन तक रखा गया है, क्योंकि सरकार की मंशा है कि हर सदस्य अपना पक्ष रखे और कोई सकारात्मक सुधार कोई सरकार को देता है उसे सरकार मानेगी। बैठक से पहले उन्होंने नेता विपक्ष से बात की थी। सरकार चाहती है कि सदन एकदम अच्छे से चले।
**राधा कृष्ण मंदिर में उमड़ी कृष्ण भक्तों की भीड़, भजनों से गुंजायमान हुआ मंदिर देश भर में आज कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। शिमला के राधा कृष्ण मंदिर गंज बाजार में सुबह से कृष्ण भक्तों की भीड़ लगी हुई है। कृष्ण जन्माष्टमी की शिमला में खासी धूम देखने को मिल रही है। लोग कृष्ण भक्ति में रंग गए हैं। आज सुबह से ही श्रद्धालु शहर के मुख्य कृष्ण मंदिर गंज बाजार में माथा टेक रहे हैं। वहीं, कृष्ण के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया है। शिमला में कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी कई दिन पहले ही शुरू हो गई थी। बाजारों को आज फूल मालाओं से सजाया गया है। राधा कृष्ण मंदिर गंज शिमला के पुजारी उमेश चंद्र नौटियाल ने बताया कि इस बार कृष्ण जन्माष्टमी पर काफी दुर्लभ सयोंग बना हुआ है। मंदिर में सुबह षोडशोपचार पूजन किया गया। विभिन्न प्रकार के फल भगवान को अर्पण किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करने से जन्म जन्मांतरों के पाप नष्ट हो जाते हैं आज सोमवार के दिन कृष्ण जन्माष्टमी और रोहिणी नक्षत्र से आज के दिन का विशेष महत्व हो जाता है। ऐसे में आज के दिन कृष्ण भक्ति में डूबने का दिन हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में रात्रि 12 बजे कृष्ण जन्म के बाद दो बजे तक इसी तरह भजन कीर्तन चलता रहेगा।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सेशन कल यानी मंगलवार से आरंभ होगा। इस बार मानसून सेशन दस दिन का होगा। ये 27 अगस्त से 9 सितंबर तक चलेगा। पूर्वाह्न 11 बजे से आरंभ हो रहे सेशन में सबसे पहले दिवंगत सदस्यों के प्रति शोक उद्गार रखे जाएंगे। सदन के पूर्व सदस्यों टेक चंद, नारायण सिंह स्वामी व दौलतराम चौधरी की स्मृतियों को साझा किया जाएगा। उसके बाद प्रश्नकाल में सहारा योजना, मंडी हवाई अड्डा, आपदा से नुकसान, स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सवाल आएंगे। इसके अलावा कुछ विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर व अन्य नियम-130 के तहत प्रस्ताव लाएंगे कि सदन में बरसात से हुए नुकसान पर चर्चा की जाए। इस प्रस्ताव में पहली बार विधायक बनी लाहौल-स्पीति की अनुराधा राणा भी शामिल होंगी। इसके अलावा नियम-62 के तहत भी दो प्रस्ताव पहले दिन की कार्यवाही की लिस्ट में हैं। मंडी जिला के धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर हमीरपुर-मंडी नेशनल हाईवे की खराब हालत और नेशनल हाईवे के निर्माण से सिंचाई योजनाओं के प्रभावित होने और घरों को पहुंचे नुकसान पर ध्यान आकर्षित करेंगे। इसी प्रकार, भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार नगरोटा बगवां के ट्रांसपोर्टर से करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार न करने पर नियम-62 के तहत सदन का ध्यान आकर्षित करेंगे। प्रश्नकाल में तारांकित व अतारांकित दोनों को मिलाकर कुल 54 सवाल लिस्टेड हैं। इनमें 36 सवाल तारांकित हैं। सदन की पहले ही दिन की कार्यवाही हंगामेदार होने के आसार हैं। प्रश्नकाल में अधिकांश सवाल युवा विधायकों की तरफ से पूछे जाएंगे। भाजपा के दीप राज, डॉ. जनक राज व लोकेंद्र की तरफ से कई सवाल पहले दिन की कार्यसूची में शामिल हैं। ये अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं को उठाएंगे। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए और फिर उपचुनाव जीतकर आए इंद्र दत्त लखनपाल व सुधीर शर्मा के सवाल भी पहले दिन की कार्यसूची में शामिल हैं। इसके अलावा बरसात के दौरान हुए नुकसान को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार के आसार हैं। सदन की कार्यवाही से पहले स्पीकर के कक्ष में सर्वदलीय बैठक होगी। हिमाचल में दो ही दल हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा अन्य किसी दल का यहां कोई सदस्य नहीं है। पिछली बार सदन में अवश्य राकेश सिंघा के रूप में एक विधायक माकपा से थे। ऐसे में सर्वदलीय बैठक में भाजपा और कांग्रेस के ही सदस्य होंगे। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील करेंगे। भाजपा एवं कांग्रेस के विधायक दल की अलग-अलग मीटिंग होगी। दोनों दल सदन में अपनी रणनीति पर चर्चा करेंगे। सत्ता पक्ष सेशन में विपक्ष की तरफ से उठाए जाने वाले मुद्दों पर तर्कपूर्ण उत्तर देने की रणनीति तैयार करेगा। कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग की अगुवाई सीएम सुक्खू करेंगे और भाजपा की बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर करेंगे। इस बार सेशन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी अतिरिक्त रूप से की गई है। सैकड़ों पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होंगे। करीब 600 जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। परिसर में एक एंबुलेंस भी डॉक्टर की सुविधा के साथ मौजूद होगी।
हिमाचल में लाखों एपीएल परिवारों के लिए इस बार भी राहत की खबर है। सरकार ने सितंबर महीने के लिए डिपुओं में दिए जाने वाले सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। इसके मुताबिक प्रदेश के पांच हजार से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने दिए जाने वाले राशन के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। एपीएल परिवारों को सितंबर महीने में भी 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा। राहत की बात ये है कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों को दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। हिमाचल में उससे पहले हर दो तीन महीने में सस्ते राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता था, लेकिन अब एक साल से राशन की मात्रा में कोई फेरबदल नहीं किया जा रहा है, जिससे लाखों एपीएल परिवारों ने कुछ राहत मिलेगी। हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा रहा है। इस बार भी समय पर बारिश न होने से बुआई पर असर पड़ा है, जिससे बाजार में डिमांड और सप्लाई में अंतर नजर आ सकता है। ऐसे में खुले बाजार में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे लोगों की डिपुओं पर निर्भरता अधिक बढ़ गई है। उपभोक्ता अब डिपुओं में मिलने वाले सस्ते राशन का कोटा नहीं छोड़ते हैं। ऐसे उचित मूल्य की दुकानों में सस्ते राशन की लिफ्टिंग 100 फीसदी पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने सितंबर माह के लिए राशन कोटे का आवंटन किया है। प्रदेश भर में अगले महीने उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से एपीएल परिवारों के लिए 20,952 मीट्रिक टन राशन वितरित किया जाएगा, जिसमें 14,490 मीट्रिक टन गेहूं का आटा और 6,382 मीट्रिक टन चावल की मात्रा शामिल है। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को 29 अगस्त से सस्ते राशन के परमिट जारी होंगे। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 है, इसमें एपीएल परिवारों की कुल संख्या 12,24,448 है। इसमें 11,52,003 एपीएल परिवार है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की कुल संख्या 72,445 है। इसके तहत एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है. जिसमें एपीएल परिवारों आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में मनाली-काजा मार्ग पर लोसर के पास चिचोंग में स्पीति नदी पर बना पुल रविवार को क्षतिग्रस्त हो गया। यह हादसा तब हुआ जब इस पुल से एक डंपर गुजर रहा था। बैली ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से डंपर बीच में फंस गया। हालांकि, इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। बैली ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही बीआरओ 108 आरसीसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे बीआरओ ने डंपर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। बीआरओ की 108 आरसीसी के ऑफिसर कमांडिंग राज कुमार प्रकाश ने बताया कि डंपर किसी स्थानीय व्यक्ति का है और डंपर में अधिक भार होने के कारण बैली ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ है। डंपर मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही न्यू इंडिया कंपनी क्षतिग्रस्त बैली ब्रिज को जल्द ठीक कर देगी। उन्होंने कहा कि यही कंपनी इस जगह डबल लेन पुल का निर्माण कर रही है, जिसका कार्य भी शुरू हो गया है। वही, मौके पर मौजूद न्यू इंडिया कंपनी के अधिकारी प्रवेश मलिक ने बताया कि क्षतिग्रस्त बैली ब्रिज तीन दिन के भीतर ठीक कर लिया जाएगा। तीन चार दिन में इस पर से वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। बैली ब्रिज टूटने को लेकर विधायक अनुराधा राणा ने लोगों और पर्यटकों से अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक क्षतिग्रस्त पुल ठीक नहीं हो जाता, तब तक लोसर से बाया कियोमो होते हुए काजा के लिए आवाजाही करें। गौरतलब है कि रविवार को हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में एनएच 505 पर लोसर और काजा को जोड़ने वाला ब्रिज ढह गया। वहीं, पुल ढहने के दौरान पुल पर से गुजर रहा एक डंपर नदी में गिर गया।
जिला मुख्यालय हमीरपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में पीजी की तीसरी मंजिल से गिरकर नीट की कोचिंग ले रहे एक छात्र की मौत हो गई है। छात्र बिलासपुर के हटवाड़ क्षेत्र का निवासी है। मृतक छात्र के परिजन भी सदर थाना हमीरपुर में पहुंच गए हैं। देर रात रविवार को यह घटना सामने आई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि छात्र ने कूदकर जान दी है अथवा गिरने से ये हादसा हुआ। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि छात्र पढ़ाई के चलते डिप्रेशन में था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह आत्महत्या है अथवा हादसा। एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।
**'मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना' लागू करने का मंत्रिमंडल ने लिया फैसला हिमाचल प्रदेश में अब विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और विकलांग माता-पिता के बच्चों के पालन पोषण और शिक्षा के लिए हिमाचल सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। बीते कल मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमे ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ को लागू करने का फैसला लिया गया। इसका उद्देश्य एकल महिलाओं और विकलांग माता-पिता को अपने बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को 18 साल की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए 1,000 रुपये का मासिक अनुदान मिलेगा। इसके अलावा, इस योजना के तहत ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के साथ उच्च शिक्षा के लिए पढ़ाई का खर्च और हॉस्टल के खर्च के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
पुलिस कर्मियों के रियायती सफर के एवज में अब एचआरटीसी को हर महीने करीब 9 करोड़ रुपये मिलेंगे। बीते 15 सालों से पुलिस कर्मियों केे रियायती यात्रा सुविधा के एवज में एचआरटीसी को 110 रुपये के हिसाब से महज 1.98 करोड़ मिल रहे थे। एचआरटीसी प्रबंधन ने प्रदेश सरकार को इसे भी निगम के घाटे का बड़ा कारण बताया था। मंत्रिमंडल की बैठक में रियायती यात्रा सुविधा के एवज में 110 रुपये मासिक के स्थान पर 500 रुपये लेने का फैसला लिया है। पिछली मंत्रिमंडल की बैठक में पुलिस कर्मियों की एचआरटीसी बसों में रियायती यात्रा सुविधा बंद कर दी गई थी। निर्णय लिया गया था कि पुलिस जवानों को परिवहन निगम की बसों में यात्रा करते हुए टिकट लेकर यात्रा करनी होगी। ऑन ड्यूटी बस सफर करने पर पुलिस जवान अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह टीए-डीए क्लेम कर सकेंगे। बीते 15 सालों से पुलिस कर्मी मासिक महज 110 रुपये देकर निगम की बसों में रियायती सफर कर रहे थे। एचआरटीसी प्रबंधन का दावा था कि पुलिस विभाग से निगम को मासिक महज 1.98 करोड़ रुपये मिल रहे हैं और भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। पुलिस की मुफ्त यात्रा बंद होने से हर महीने 35 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी। रियायती यात्रा सुविधा वापस लेने के बाद पुलिस कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से मिलकर यात्रा सुविधा बहाल रखने की मांग की थी। इस बीच परिवहन निगम ने सभी कर्मचारियों को बसों में रियायती सफर करने वाले सभी वर्गों के यात्रियों को जीरो टिकट जारी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे निगम की बसों में रियायती यात्रा का लाभ लेने वाले लोगों का सही आंकड़ा मिल सके और सरकार को इससे अवगत करवाया जा सके।
प्रदेश में सोमवार को मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 27 और 28 अगस्त को अधिकांश जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 29 से 31 अगस्त तक प्रदेश में फिर से साफ रहने के आसार हैं। रविवार को राजधानी शिमला में सुबह के समय मौसम साफ रहा। दोपहर बाद बादल झमाझम बरसे। शाम को फिर शहर में मौसम साफ होने के साथ धूप खिली। धर्मशाला, ऊना, सोलन, कुफरी, नारकंडा, जुब्बड़हट्टी में भी बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में रविवार को मौसम मिलाजुला रहा। 29.9, नाहन में 29.2, मनाली में 24.8 और शिमला में 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
लोकसभा चुनावों के तुरंत बाद भाजपा ने संगठन को मज़बूत करने की क़वायद शुरू कर दी है। भाजपा पहली सितंबर से पूरे देश भर में सदस्यता अभियान शुरू करने जा रही है इसी कड़ी में आज भाजपा के संगठनात्मक ज़िला देहरा की बैठक ज़िलाध्यक्ष संजीव शर्मा की, अध्यक्षता में जसवाँ के ग्रीन वैली रिसोर्ट में हुई। इस बैठक में मुख्य तौर पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, विधायक बिक्रम ठाकुर व सदस्यता अभियान के हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के संयोजक व पूर्व विधायक राजेश ठाकुर उपस्थित रहे। बैठक में कार्यकर्ताओं को सदस्यता अभियान के बारे जानकारी देते हुए संजीव शर्मा ने बताया कि चार माध्यमों से, जिसने क्यू आर कोड, मिसिड काल, नमों ऑप तथा भाजपा की वेबसाइट से कोई भी व्यक्ति जिसकी आयु 18 वर्ष से ऊपर है पार्टी का सदस्य बन सकता है। संजीव शर्मा ने सदस्यता अभियान का कॉल नंबर 8800002024 जारी करते हुए बताया कि उपरोक्त नंबर पर कॉल आने वाले परफ़ॉर्मा को भर कर भाजपा की सस्यता ग्रहण की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए ज़िला में एक टिम का गठन किया गया है, जिसके ज़िला अध्यक्ष संजीव शर्मा के साथ मान सिंह राणा, विजय मेहता, विनोद शर्मा व पूनम धीमान सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि पहली सितंबर को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी की पहली सदस्यता लेंगे, जिसके उपरांत 2 व 3 सितंबर को प्रदेश का नेतृत्व सदस्यता ग्रहण करेगा और 4 सितंबर से पूरे देहरा ज़िला में सदस्यता अभियान शुरू होगा।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत पड़ते पुलिस थाना खुंडिया के अंतर्गत पड़ते ठम्वा के समीप एक व्यक्ति की स्कूटी स्किट हो जाने से मौत की खबर सामने आई है। बता दें कि देव राज पुत्र ज्ञान चन्द गांव ठम्वा डाकघर व तहसील खुण्डिया बिजली विभाग से सेवानिवृत होने के पश्चात ठम्वा में अपनी दुकान चलाता था तथा रोज अपनी स्कूटी, जिसका नंबर एचपी 83 3108 पर घर से दुकान जाता था। बताया जा रहा कि वहीं समीप एक जगह पर उनकी स्कूटी स्किट हुई थी और वह सड़क पर अचेत अवस्था में गिरे हुए थे, जिसके बाद उनके बेटे विजय कुमार व अन्य लोग उन्हें इलाज के लिए खुण्डियां अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने देव राज को मृत घोषित कर दिया। मामले की पुष्टि में थाना प्रभारी खुंडिया रणजीत परमार ने बताया कि पुलिस ने उनका पोस्टमार्टम करवाया है तथा शव को परिवारजनों को सौंप दिया है।
प्रदेश कांग्रेस सरकार ने डाडा सीबा अस्पताल को बडा़ तोहफा दिया है इलाके भर के लोगो की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने एक साथ 6 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद स्वीकृत किए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अतिरिक्त 200 पदों को भरने की अधिसूचना की गई । इसी के चलते नागरिक अस्पताल डाडा सीबा में 6 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद स्वीकृत किये गए। जिससे अब इस संस्थान में कुल डॉक्टरों की संख्या 12 बीएमओ सहित 13 हो गई है,जबकि देहरा हॉस्पिटल के लिए भी 9 विशेषज्ञ डॉक्टर के पद स्वीकृत किए गए, जिससे डाडा सीबा क्षेत्र आसपास के इलाके की 20 पंचायतों के लोग लाभान्वित होंगे। डॉक्टरों के पद बढ़ाएं जाने को लेकर स्थानीय लोगों कृष्ण दत्त शर्मा, प्रवीन मेहता ,राजेंद्र सिंह, अजय कुमार, रितेश कुमार व विजय कुमार सहित ने मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह मनकोटिया का तहे दिल से आभार जताया है।
जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के अंतर्गत 8 मई को पुलिस द्वारा थाना डमटाल के चक्की खड्ड नजदीक गौशाला में गुप्त सूचना के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई थी, जिसमें कर्ण कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी विष्णुनगर लमीणी तहसील जिला पठानकोट के कब्जे से तलाशी के दौरान 8.45 ग्राम चिट्ठा बरामद किया गया था , जिस पर उपरोक्त आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर अभियोग की धारा 21 एनडीपीएस पंजीकृत किया गया था। जिला पुलिस नूरपुर द्वारा इस अभियोग में पेशेवर ढंग से कारवाई करते हुए 12 जून को इस अभियोग के एक अन्य आरोपी गौरव पुत्र सुभाष चंद निवासी पठानकोट को जो कि उपरोक्त वरामदशूदा चिट्टे की तस्करी में शामिल था, उसको पठानकोट से गिरफ्तार किया गया था। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रत्न ने बताया कि जिला पुलिस नूरपुर द्वारा उपरोक्त अभियोग में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से की गई पूछताछ के आधार पर तथा लाई गई आगामी जांच में पाया गया था कि इस अभियोग में दो अन्य आरोपी विशाल कुमार पुत्र सोहन लाल व अभिषेक पुत्र अश्वनी कुमार दोनों निवासी छन्नी तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा जो कि चिट्टा तस्करी में शामिल थे, जिन दोनों आरोपियों की तलाश जारी थी जिन्हे पुलिस द्वारा चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पुलिस द्वारा उपरोक्त अभियोग के तहत नियमानुसार आगामी कारवाई अमल में लाई जा रही है।
** रात 12 बजे निकाली जाएगी कृष्ण भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी ठाकुर द्वार मन्दिर कुनिहार में मंदिर कमेटी द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि मन्दिर में रात 9 बजे से 12 बजे तक भजन संध्या का आयोजन होगा व हर वर्ष की भांति रात ठीक 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव के समय कृष्ण भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी निकाली जाएगी, जिसमे समस्त क्षेत्र वासी झूमते ,नाचते गाते हुए बाल गोपाल के दर्शन कर इस क्षण का भरपूर आनंद लेंगे। उन्होंने बताया कि मन्दिर परिसर में आयोजित की जा रही सात दिवसीय भागवत कथा में प्रतिदिन सैंकड़ों लोग कथा श्रवण करने पहुंच रहे है। 27अगस्त को इस कथा का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक रहेगा, उसके उपरांत हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विराम दिया जाएगा। 27अगस्त को क्षेत्र वासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी क्षेत्र वासियों से इन कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील की है।
** 15 घंटे ट्रैफिक जाम में फंसे श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश में सोमवार, 26 अगस्त से आधिकारिक तौर पर उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा शुरू हो रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग मणिमहेश यात्रा के लिए चंबा जिले के भरमौर पहुंच रहे हैं। वहीं, यात्रा के अधिकारिक तौर पर शुरू होने से भरमौर नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की मानों बाढ़ आ गई हो। नेशनल हाईवे पर पिछले करीब 15 घंटो से मणिमहेश यात्री ट्रैफिक में फंसे हुए हैं। लूणा से लेकर दुनाली, खड़ा मुख से भरमौर तक जगह-जगह जाम लगा हुआ है। इस जाम में सैकड़ों के हिसाब से गाड़ियां व मोटरसाइकिल फंसे हुई हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा भी मौके पर लगातार ट्रैफिक को बहाल किए जाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हाईवे पर गाड़ियां इतनी ज्यादा तादाद में हैं कि अभी तक जाम की स्थिति बनी हुई है, जिसमें यात्री भी खासे परेशान हो रहे हैं। बता दें कि मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी पर्व पर उम्मीद से कहीं ज्यादा यात्री भरमौर की ओर पहुंच रहे हैं। पहाड़ी इलाका, सड़क के कई हिस्से तंग होने और दोनों तरफ से बड़े वाहनों की आवाजाही के कारण यहां पर पिछले तीन दिन से लोग यूं ही जाम की समस्या का सामना कर रहे हैं। मगर शनिवार शाम को नेशनल हाईवे पर जो जाम लगा वो अभी तक बहाल होने का नाम नहीं ले रहा है। जन्माष्टमी के पहले ही जाम को बहाल करने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। आलम ये है कि यहां पर लोग अपनी गाड़ियों को छोड़कर पैदल ही मणिमहेश की ओर रुख करने को मजबूर हो गए हैं। हर साल मणिमहेश यात्रा के सफल आयोजन को लेकर कई बैठकें की जाती हैं, जिसमें सड़कों की दशा को सुधारने की ओर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है, लेकिन पिछले करीब 10 सालों से यहां पर एनएच द्वारा सड़क चौड़ीकरण का काम चला हुआ है, जो कि कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है। सरकार और प्रशासन द्वारा भी अभी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिसके कारण हर साल यहां पर श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बग्गा से लेकर भरमौर तक सड़क की खराब दशा यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को परेशानी में डाल रहा है।
सांईं इंटरनेशनल स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी का एक भव्य और रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नन्हें मुन्हें बच्चों ने राधा और कृष्ण की वेशभूषा में सजीव होकर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।कक्षा प्री-नर्सरी , नर्सरी केजी और कक्षा प्रथम के बच्चे पारंपरिक रूप से राधा और कृष्ण के वेश में आए। बच्चों द्वारा नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। इस अवसर की शोभा बढ़ाने के लिए 'दही हांडी' का भी आयोजन किया गया। स्कूल चेयरमैन रमिंदर बावा ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी।
**पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा यूपीएस के उपरान्त कर्मचारियों के मन से सेवानिवृति के बाद आर्थिक असुरक्षा की शंका का भाव हुआ समाप्त ** धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को यूनिफाइड पेंशन स्कीम की मंजूरी पर धन्यवाद व्यक्त किया वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी देने के फैसले का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय को कर्मचारियों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया, जिससे सरकारी कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित और संरक्षित रहेगा। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चात यूनिफाइड पेंशन स्कीम द्वारा मिलने वाले वित्तीय सुरक्षा लाभों से कर्मचारी और अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा। 25 वर्ष नौकरी करने के पश्चात कर्मचारियों को उसकी एवरेज बेसिक पे का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा और यदि कर्मचारी 10 साल नौकरी करता है तो उसको कम से कम ₹10000 पेंशन प्रतिमाह जरूर मिलेगी यही नहीं सेवानिवृत कर्मचारियों की मृत्यु के पश्चात उसकी पत्नी को 60% पेंशन मिलेगी। यूनिफाइड पेंशन स्कीम आने के उपरांत जो कर्मचारी और अधिकारियों के मन में सेवा निवृत्ति के पश्चात आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक शंका का माहौल बना हुआ था वह समाप्त होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि UPS के तहत कर्मचारियों के भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस योजना के अंतर्गत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों द्वारा अंशदान किया जाएगा, जो एक केंद्रीय कोष में जमा होगा। इस कोष का सुरक्षित और पारदर्शी निवेश किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को उनकी सेवा के बाद पेंशन के रूप में एक स्थिर आय प्राप्त होगी। यह स्थिरता कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा का आधार बनेगी। प्रो धूमल ने कहा कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम में पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी और स्थिर बनाया गया है। सरकार द्वारा कोष का प्रबंधन किया जाएगा, जिससे पेंशन की राशि का निर्धारण निष्पक्ष और संतुलित तरीके से होगा। इससे कर्मचारियों को पेंशन के मामले में किसी भी तरह की असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि UPS ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बीच के अंतर को समाप्त कर दिया है। यह समायोजन सभी कर्मचारियों को एक समान पेंशन का अधिकार देता है, जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी असमानता का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह समायोजन विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जो पुरानी और नई पेंशन योजनाओं के बीच भ्रमित थे। उन्होंने कहा कि UPS के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। पेंशन की राशि को इस प्रकार से निर्धारित किया गया है कि वह कर्मचारियों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो। इससे कर्मचारियों को वित्तीय स्वतंत्रता मिलेगी और वे सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने जीवन को सम्मानजनक तरीके से जी सकेंगे। प्रो धूमल ने कहा कि यह योजना न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी। UPS के माध्यम से कर्मचारियों को पेंशन की गारंटी मिलने से उनके परिवार के सदस्य भी सुरक्षित और संरक्षित महसूस करेंगे। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह योजना कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि UPS न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें उनके योगदान को उचित सम्मान देने में भी सहायक होगी। प्रो. धूमल ने आशा व्यक्त की कि इस योजना से कर्मचारियों को आत्मविश्वास मिलेगा और वे अपनी सेवाओं को और भी अधिक समर्पण और उत्साह के साथ निभा सकेंगे।
हमीरपुर: पूर्व विधायक राजेंद्र राणा द्वारा सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जुबानी हमला बोलने के बाद अब सुजानपुर के विधायक रंजीत राणा ने पलटवार किया है। विधायक रंजीत राणा ने कहा, "पूर्व विधायक राजेंद्र राणा अपने कद के अनुसार ही बयानबाजी करें। वो पहले भी प्रधानमंत्री पर सवाल उठाते आए हैं और अब मुख्यमंत्री पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के बारे में ही बोलना चाहिए."विधायक रंजीत राणा ने राजेंद्र राणा पर तंज कसते हुए कहा कि सुजानपुर के पूर्व विधायक के पास अभी ऐसी कोई जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने अपने ऊपर ऐसे ही पूरे जिले और प्रदेश का बोझ उठा लिया है कि मैं ऐसा करने वाला हूं और मेरे संपर्क में इतने विधायक हैं। यह सब झूठा सोशा डालने के लिए और लोगों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। विधायक रंजीत राणा ने कहा, "राजेंद्र राणा की राजनीति अभी जमीन में काफी नीचे चली गई है। लोगों को जो पहले झूठे आश्वासन देते थे, उनसे लोगों का पूरा भरोसा उठ गया है। अभी उन्हें जो हार मिली है, उसी की यह बौखलाहट है कि वह मीडिया में छाए रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर अपने से ऊपर वालों को टारगेट कर रहे हैं। "विधायक ने कहा कि 15 सालों से जो काम सुजानपुर में नहीं हुए हैं वह दो महीने में शुरू हो गए हैं। इनमें टौणी देवी में डिग्री कॉलेज बन रहा है। ऊटपुर में करोड़ों रुपए की आईटीआई बन रही है। सुजानपुर शहर में सामुदायिक भवन (टाउन हॉल) बन रहा है। ख्याह-धंगोटा करोड़ों रुपए की पानी की स्कीम का उद्घाटन मुख्यमंत्री जल्द करने वाले हैं। इसके अलावा लौंगणी पानी की स्कीम भी जल्द चालू होने वाली है। पांच सड़कों के काम इस टाइम सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में जोरों पर लगे हुए हैं। करोड़ों रुपए में सुजानपुर से संधोल डबल लेन सड़क बनेगी, जिसकी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और टेंडर लग चुके हैं। रंजीत राणा ने कहा कि यही नहीं हमीरपुर में भी विकास की कोई कमी नहीं रही है। 620 करोड़ रुपए का कैंसर अस्पताल हमीरपुर में बन रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने जहां हमीरपुर बस स्टैंड का पत्थर रखा था, बीजेपी सरकार ने इसमें एक ईंट तक नहीं लगाई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सबसे पहले हमीरपुर बस स्टैंड का काम शुरू करवाया है। शहर की बिजली की तार अंडर लाइनों के टेंडर भी जल्द ही नगर परिषद में होने जा रहे हैं। इसके अलावा शहर के गांधी चौक व शौचालयों को भी सुंदर ढंग से बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के लक्कड़ बाज़ार में स्थित IGMC डॉक्टर हॉस्टल (ब्लॉक A) के साथ तेंदुए का एक मारा हुआ शावक मिला है। शावक मिलने से आस-पास रहने वालों में डर का माहौल बना हुआ है। रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिलो कि लक्कड़ बाजार में डॉक्टर हॉस्टल के साथ तेंदुए का एक शावक मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग को भी सूचित कर दिया। वन विभाव की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने मरे हुए शावक को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। तेंदुआ का मरा हुआ शावक मिलने से आस-पास डर का माहौल बना हुआ है। डॉक्टर देर रात तक ड्यूटी के लिए आईजीएमसी आते जाते हैं। आस पास क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी यहां से गुजरते हैं। इससे लोगों के मन में अब तेंदुआ का डर बैठा हुआ है। गौरतलब है कि शिमला में कई जगहों पर तेंदुआ देखा जा चुका है। अब कई वार्डों में भी तेंदुआ दिख रहा है। संजौली,छोटा शिमला, कनलोग, चक्कर में तेंदुआ कई बार दिख चुका है। बीते सप्ताह तारा देवी के आईटीबीपी कैंप में तेंदुआ आया था, जो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ था। यही नहीं तेंदुआ दो बच्चों को अपना शिकार भी बना चुका है। तेंदुआ डाउन डेल और कनलोग में एक बच्ची को उठा कर ले गया था। इसके बाद लोगों में दहशत का माहौल था। अब लक्कड़ बाजार में शावक का शव मिलने से लोगों में फिर डर बैठ गया है। वहीं, अब इस मामले में वन विभाग जांच में जुट गया है कि शावक मौत कैसे हुई है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि, 'लक्कड़ बाज़ार में एक मृतक शावक मिला है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल में प्रदेश सरकार जहां करोड़ों के बल्क ड्रग फार्मा पार्क के निर्माण के लिए प्रयासरत है, वहीं हर महीने फेल हो रहे दवाओं के सैंपल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हिमाचल में बन रही दवाओं के लगातार फेल हो रहे सैंपल से फार्मा हब के नाम से मशहूर हिमाचल का नाम खराब हो रहा है। हिमाचल में करीब 600 फार्मा कंपनियां सालाना 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करती हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में एक के बाद एक हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल फेल हो रहे हैं। इस साल अब तक प्रदेश में बनी 85 से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। बीते साल भी जनवरी से लेकर जुलाई तक 107 दवाओं के सैंपल फेल हुए थे। इसके बाद सरकार ने टास्क फोर्स गठित कर दोषियों पर कार्रवाई करने का दावा किया था, बावजूद इसके दवाओं के सैंपल फेल होने का सिलसिला लगातार जारी है। दवा निर्माता कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए सब स्टैंडर्ड दवाएं बना रही हैं। हिमाचल में बीबीएन, पांवटा साहिब, कालाअंब, सोलन, संसारपुर टैरेस, गगरेट, मेहतपुर व कुमारहट्टी औद्योगिक क्षेत्र हैं। जीवन रक्षक दवाओं के अलावा हार्ट, किडनी, बुखार, मधुमेह, एलर्जी, दर्द, सर्दी-जुकाम, बीपी, गैस, उल्टी, हड्डियों के दर्द, कान, आंख व दांतों के दर्द जैसी दवाओं के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं। केंद्रीय दवा मानक एवं नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने प्रदेश में बनने वाली दवाओं के सैंपल फेल होने पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएसओ) हर महीने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रग अलर्ट जारी करता है। इसमें जिन दवाओं के सैंपल फेल होते हैं, उनकी सूची जारी की जाती है। बाजार में ये दवाएं उपलब्ध होने के कारण लोग इन दवाओं का सेवन कर लेते हैं क्योंकि सैंपल फेल होने के बाद ही इन दवाओं का स्टॉक वापस मंगवाया जाता है। इससे पहले यह दवाएं बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होती हैं। प्रदेश में अगस्त में 20 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इन सभी दवाओं के स्टॉक को बाजार से वापस मंगवा लिया है। सभी दवा उत्पादकों को नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। एक सप्ताह में सभी दवाएं वापस कंपनी में पहुंच जाएंगी। जिन कंपनियों में दवाओं के अधिक सैंपल फेल हुए हैं, अब वहां के कर्मचारियों को एक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं दवा नियंत्रक अधिकारियों का कहना है कि सैंपल फेल होने के कारण गुणवत्ता ही नहीं कई अन्य कारण भी होते हैं। कई बार लेबल सही नहीं होता है। यही नहीं जहां पर स्टोर में दवा रखी होती है वहां पर तापमान की कंडीशन क्या है, इससे भी सैंपल फेल होना निर्भर करता है। अधिकारियों के अनुसार हिमाचल में दवाओं के सैंपल फेल होने की रेशो अन्य राज्यों से कम है। प्रदेश में केवल एक फीसदी दवाओं के ही सैंपल फेल हुए हैं जोकि अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम हैं। हिमाचल में दवा कंपनियों के 90 फीसदी सैंपल लिए जाते हैं जबकि देश के अन्य राज्यों के केवल दस फीसदी ही सैंपल लिए जाते हैं। हिमाचल की कंपनियों की बनी दवाओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है। यही कारण है कि हिमाचल की 250 दवा कंपनियों को विदेशी एजेंसियों ने अप्रूवल दी है। प्रदेश में दवाओं के सैंपल लेने की रेशो अन्य राज्यों से 9 गुणा अधिक है। 90 फीसदी सैंपल प्रदेश से उठाए जाते हैं। केवल 10 फीसदी सैंपल अन्य राज्यों से लिए जाते हैं। सैंपल फेल होने के बाद सभी दवाइयां बाजार से वापस मंगवाई जाती हैं। फेल होने के कारणों का पता लगाया जाता है। दोबारा सैंपल फेल न हों इसके लिए विभाग की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय प्रभारी व पूर्व में उद्योग मंत्री रहे विधायक बिक्रम ठाकुर ने NPS औऱ OPS के बीच का संशोधित रास्ता निकाल प्रधानमंत्री द्वारा एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू करने के लिए आभार व्यक्त किया है। पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लाई गई एकीकृत पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए एक वरदान है। इस योजना से 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें सुरक्षित भविष्य की गारंटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) की तरह ही है, जिसमें सरकारी कर्मियों को रिटायरमेंट के बाद औसत मूल वेतन की 50 फीसदी राशि मिलेगी। ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता के कारण ही ऐसी योजनाएं संभव हो पा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस योजना के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि भाजपा पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए बल्कि देश के विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी पार्टी ने हमेशा सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा की है और आगे भी करती रहेगी।
हिमाचल परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर व अर्की इकाई के अध्यक्ष बलबीर चौधरी ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि कल्याण मंच , सचिवालय कर्मचारी महासंघ द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों का पुरजोर समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि सरकार 1जनवरी 2016 से नए वेतनमान की बकाया राशि व महंगाई भत्ते की बकाया राशि, शेष बची महंगाई भत्ते की 12 प्रतिशत किस्तों को जल्द जारी करे। परिवहन से सेवा निवृत कर्मचारियों की बकाया देनदारियों का भुगतान शीघ्र कर अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो कल्याण मंच, सचिवालय कर्मचारी महासंघ के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ा है। और कल्याण मंच अपनी लंबित मांगों के लिए आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने सरकार को चेताया कि समय रहते पेंशनरों की सभी देनदारियां व मांगे पूरी की जाए अन्यथा परिणाम गंभीर होगें, जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
जिला शिमला के अंटी के पास लापता डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था का शव बरामद हो गया है। 22 अगस्त को जुब्बल तहसील के अंटी भालू क्यारी घेली के पास एक स्विफ्ट कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था लापता हो गई थी, जिसे रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार ढूंढा जा रहा था। शनिवार को सुंदरनगर से गोताखोर टीम आई और उन्होंने नदी से बच्ची के शव को ढूंढ निकाला। गौरतलब है कि बीते गुरुवार शाम को करीब 6:10 पर जुब्बल क्षेत्र के अंटी भालू क्यारी घेली प्रोजेक्ट सड़क पर एक स्विफ्ट कार (नंबर HP N10 9397) गाड़ी नदी में गिर कर हादसे का शिकार हो गई। स्थानीय लोगों ने नदी में जोर से कुछ गिरने की आवाज सुनी। लोग घटना स्थल की तरफ दौड़े तो देखा एक स्विफ्ट कार पब्बर नदी में गिरी है। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और खुद भी रेस्क्यू करने लगे। गाड़ी में सुशील कपरेटा (उम्र 29 साल) और उनकी पत्नी ममता (उम्र 27 साल) और डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था सवार थी। हादसे में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी और उनका शव भी बरामद हो गया था, लेकिन उनकी बच्ची लापता हो गई थी। पुलिस ने पानी में भी सर्च किया लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं लगा। अंधेरा होने के चलते सर्च ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहा था।
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक आज संडे को होने जा रही है। प्रदेश सचिवालय में दोपहर 12 बजे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले 8 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों में सैकड़ों पदों को भरने का निर्णय मुहर लगी थी। अब मानसून सत्र से ठीक दो दिन पहले होने जा रही मंत्रिमंडल की बैठक में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान बैठक में विभिन्न विभागों के कई एजेंडे लाए जा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार वर्तमान में खराब वित्तीय हालत से जूझ रही है। सरकार का खजाना खाली है, जिससे सरकार के पास कर्मचारियों का डीए और एरियर के भुगतान तक पैसे नहीं हैं। ऐसे में 15 अगस्त को कर्मचारियों को डीए की किस्त जारी न होने से कर्मचारी नाराज चल रहे हैं, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी परिसंघ सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ डीए और एरियर के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कर्मचारी नेता अफसरशाही और नेताओं की फिजूलखर्ची को लेकर उठा सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सरकार का तर्क है कि वित्तीय संकट के कारण डीए और एरियर के भुगतान को अभी खजाने में पैसे नहीं है। ऐसे में आज होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में खराब वित्तीय हालातों से पार पाने पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान कैबिनेट में कई कड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं, ताकि कर्मचारियों को देनदारियां को कम किया जा सके। प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की देनदारी के साथ बेरोजगारी भी एक बहुत बड़ी समस्या है, जिससे निपटने के लिए कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नए पद सृजित करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, विभिन्न विभागों में खाली चल रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के खाली पदों को भरने के लिए भर्तियां करने पर फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस बीच कैबिनेट की बैठक मानसून सत्र से दो दिन पहले होने जा रही है, जिसमें मानसून सत्र में विपक्ष के सवालों को लेकर रणनीति तैयार की जा सकती है।
जयसिंहपुर: जल शक्ति विभाग उप मंडल पंचरुखी के अंतर्गत ग्राम पंचायत वयाडा में एक विशाल पानी का टैंक विभाग के द्वारा निर्मित किया गया है। टैंक को बने हुए 2 वर्ष से ज्यादा समय बीत चुका है परंतु विभाग टैंक में पानी डालना भूल गया है । ग्रामीणों ने बताया कि टैंक में पानी का स्रोत क्या होगा यह अभी तक पता नहीं है जब टैंक का प्रपोजल बना था उसमें विभाग ने बताया था कि कोई बड़ी बोरिंग की जाएगी मगर अभी तक ना कोई बोरिंग हुई ना ही अन्य पानी का स्रोत देखने को मिला । ऊपर से इस खंडहर होते हुए विशाल टैंक को बदरो ने अपना घर बना कर रखा है तथा रास्ते से गुजरने वाले बच्चों व महिलाओं पर हमला बोल देते हैं, जिससे आम जनता परेशान है। मौके पर पहुंचे किसान नेता एवं समाजसेवी मनजीत डोगरा ने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से बने इस विशाल टैंक में पानी नहीं डालने से जनता को तो पानी की दिक्कत का सामना करना ही पड़ रहा है ऊपर से जनता के पैसों का भी सही इस्तेमाल नहीं होने के कारण क्षेत्र की जनता में रोष व्याप्त है। मनजीत डोगरा ने कहा कि अगर विभाग ने तुरंत इस वाटर टैंक में पानी डालने तथा इस टैंक को सुचारु नहीं किया तो आम जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी ।

















































