कांगड़ा: केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय बलाहार के विभाग द्वारा राजकीय महाविद्यालय डाडा सिबा में संस्कृत वस्तु एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय के साहित्य विभाग के सहायक प्रवक्ता पंकज ने संस्कृत भाषा के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला और नित्यौपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगा कर संस्कृत भाषा को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रो रामपाल, दविंदर, शीतल और पलक भी उपस्थित रहे।
काँगड़ा: देहरा विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती खैरियां सहकारी समिति में चुनाव की प्रक्रिया कैप्टन रामेश बैंस की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस दौरान सोसाइटी का गठन हुआ जिसमें जसबीर गुलेरिया को प्रधान पद पर नियुक्ति मिली हैं वहीं उप प्रधान मंगल सिंह बैंस व सदस्य के तौर पर शशी बैंस,परमजीत चौधरी,गुरमेल को नियुक्ति मिली। आपको बता दें कैप्टन साहब ने 15 बरसों में सोसायटी को ऊंची बुलंदियों पर पहुंचाया है व सवास्थ्य कारणों से उन्होंने अध्यक्ष पद को छोड़ा है। सोसाइटी के नव नियुक्त प्रधान जसबीर गुलेरिया ने कहा कि उन्हें सर्वसम्मति से सोसायटी का प्रधान चुना गया है वह सभी सदस्यों व खैरियांवासियों का आभार प्रकट करते हैं ओर उन्होंने सोसायटी को और मजबूती देने की बात भी कही।
कहा, देहरा में पीएमजीएसवाई की जिन सड़कों का शिलान्यास किया वह सांसद अनुराग ठाकुर की देन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत देहरा विधानसभा में लगभग 50 करोड़ की सड़के बनने जा रही है जिनका मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते दिनों देहरा दौरे के दौरान शिलान्यास किया था| मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास पर सवाल खड़े करते हुए देहरा भाजपा के नेता व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉ सुकृत सागर ने पूछा, मुख्यमंत्री बताए कि उनका प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना में स्वीकृत हुई सड़कों के लिए क्या योगदान है| यह सड़के हमारे सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रयासों से देहरा विधानसभा को मिली हैं| डॉ सुकृत ने कहा कि मुख्यमंत्री को शिष्टाचार दिखाते हुए कम से कम अनुराग ठाकुर का धन्यवाद तो करना चाहिए था लेकिन मुख्यमन्त्री देहरा के लोगों को गुमराह करते हुए श्रेय लेने के लिए चुपचाप अकेले ही इन सड़कों का शिलान्यास कर गए| उन्होंने कहा कि इन सड़कों को पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले कार्यकाल में ही स्वीकृत करवा दिया था तब मुख्यमंत्री की पत्नी देहरा की विधायक भी नहीं थी और जब इस सड़कों की स्वीकृति के लिए कार्रवाई शुरू हुई तब सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के मुख्यमंत्री भी नहीं थे| डॉ सुकृत ने कहा कि यह सही में बड़ा हास्यास्पद है कि एक तरफ़ तो मुख्यमंत्री देहरा में मंच से कह रहे थे कि केंद्र सरकार से हमे सहयोग नहीं मिल रहा है और दूसरी तरफ़ जब उसी देहरा में शिलान्यास करने चाहे तो छह में से पाँच शिलान्यास केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के करने पड़े और छठा अधीक्षण अभियंता के कार्यालय का शुभारंभ पुराने आवासीय भवन में कर दिया| इन सड़कों के लिए बजट केंद्र सरकार के ख़ज़ाने से स्वीकृत हुआ है मुख्यमंत्री को बड़ा दिल करके केंद्र सरकार व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद करना चाहिए|
करसोग में आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरिओम शर्मा के नेतृत्व में सद्भावना दिवस के अवसर पर भारत रतन स्वर्गीय राजीव गांधी की जयन्ती पर बखरोट पंचायत के कुफ़रीधार में पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व प्रभारी करसोग विधानसभा रुपेश कँवल, कांग्रेस नेता महेश राज पृथी सिंह नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में भारत रतन स्वर्गीय राजीव गांधी के जीवन पर प्रकाश डाला गया व उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उन्हें याद किया गया। इसके साथ हमारी वन संपदा को किस प्रकार से बचाया जाए इस पर भी सभी लोगो को जागरूक किया गया। भविष्य में ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने के लिए भी आए हुए कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया। सद्भावना दिवस के मौक़े पर भारत रत्न राजीव गांधी की महानता और देश के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस करसोग के सभी अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारी गोपाल सिंह दीवान, युव राज, बिहारी लाल शर्मा, संत राम धीमन, जय गोपाल गुप्ता, केवल शर्मा तिलक राज, ठाकुर सेन मेहता, हिरदा राम, सोम कृष्ण, टेक चंद नेगी, कमला वर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
** संस्कृत भाषा भारत देश के प्राण जैसी है: प्रो सत्यम कुमारी केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में संस्कृत सप्ताह महोत्सव का समापन बड़े धूमधाम से किया गया। इसमें मुख्यातिथि के रूप में ज्वाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय दिल्ली से प्रो. सन्तोष कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। उन्होंने संस्कृत की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत भाषा आज भी अपने मूल स्वरूप में वर्तमान है। इस कार्यक्रम में विशिष्टातिथि के रूप में प्रदेश खाद्य-आपूर्ति विभाग के निदेशक पुष्पेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वेदव्यास परिसर हमारे क्षेत्र की शान है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की इस संस्था ने प्रदेश को संस्कृत के अनेक विद्वान् दिए हैं। वहीं उन्होंने विश्वास दिलाया कि वेदव्यास परिसर की सभी मूलभूत आवश्यताओं को पूरा करने में राज्य सरकार का पूरा सहयोग रहेगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने की। उन्होंने सभी छात्रों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि संस्कृत भारत देश की प्राण है। यदि संस्कृत न रही तो देश को समाप्त होने में देर न लगेगी इसलिए संस्कृत का संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मञ्जुनाथ एस्.जि. ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि- संस्कृत सप्ताह के दौरान वेदव्यास परिसर द्वारा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के साथ करीब 20 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें पांच हजार से अधिक छात्रों एवं सामाजिक लोगों ने भाग लिया। संस्कृत को सभी स्थानों तक पहुंचाने में यह अभियान सफल रहा। महोत्सव के दौरान विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गई थी, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को भी परिसर प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया। संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर वेदव्यास परिसर के समस्त शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
मंडी: उपमंडल करसोग के अंतर्गत कलेहनी से एक महिला बीते 5 दिनों से गायब हैं। जानकारी के अनुसार यह महिला 15 अगस्त की रात को अपने घर से अचानक लापता बताई जा रही है। महिला के पति ने पत्नी के लापता होने की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज करवाई है। हेमन्त कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी मंजु देवी 15 अगस्त की रात को पहले पूरे परिवार को खाना खिलाकर सो गई, लेकिन पति हेमन्त कुमार जब सुबह नींद से जागा तो पत्नी घर पर नही थी। काफी समय इंतजार करने के बाद जब पत्नी वापिस नहीं लौटी तो इधर-उधर व रिश्तेदारी में ढूढना शुरू किया, लेकिन पत्नी मंजू देवी कहीं नही मिली। मंजू देवी का मोबाइल फोन भी बन्द चल रहा है। उनका एक बेटा व बेटी है। दुखी पति हेमन्त कुमार ने पत्नी मंजू देवी से घर वापसी की गुहार लगाई है। मंजू देवी अपने साथ गहने व पढ़ाई के दस्तावेज भी ले गई है। यदि इसके बारे में कोई भी जानकारी प्राप्त हो तो दिए गए नंबर पर सम्पर्क करें 90151-45806 ...महिला की उम्र लगभग 28 वर्ष है कद 5 फिट 2 इंच है। डीएसपी सुन्दरनगर दिनेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस थाना करसोग में एक महिला की गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ है जो कि बीते 15 अगस्त की रात को अचानक घर से कहीं लापता बताई जा रही हैं, जिसे लेकर पति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस द्वारा महिला को तलाश करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आज इंदौरा महाविद्यालय के अंदर बंगाल में हुई एक डॉक्टर के साथ बर्बरता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी के चलते इंदौरा महाविद्यालय व इंदौरा बस स्टैंड तक रैली निकाली गई। बस स्टैंड इंदौर में धरना प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थी परिषद ने आज डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज को बुलंद किया और ममता बनर्जी की भ्रष्ट सरकार के खिलाफ विद्यार्थियों ने एकजुट होकर बंगाल में महिला सुरक्षा को सुनिश्चित करने का आह्नान किया गया। पश्चिम बंगाल में गत अनेकों माह से महिला सुरक्षा से संबंधित घटनाएं हो रही है। ऐसे दुष्कर्मों में संलिप्त लोगों को बचाने का प्रयास पश्चिम बंगाल की ममता सरकार कर रही है। टीएमसी के गुंडों द्वारा भी ऐसे अनेकों दुष्कर्म पूर्व में किए गए परंतु उनके विरुद्ध में कोई भी कार्यवाही ममता सरकार द्वारा नही की गई। बंगाल में हो रही यह घटनाएं मानवता को शर्मसार करने वाली है। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद ने पूरे हिमाचल के साथ-साथ पूरे भारत में हर एक इकाई स्तर पर ममता सरकार के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया है व साथ ही साथ डॉक्टर के केस की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि जिस प्रदेश को माता दुर्गा का प्रदेश माना जाता हो, जिस प्रदेश को शक्ति का गढ़ माना जाता जो उस स्थान पर ऐसी घटनाओं का बार-बार होना शर्मनाक है। इस दुख की घड़ी में विद्यार्थी परिषद परिवार के साथ खड़ी है वह पूरे देश के युवाओं से यह आह्नान करती है कि ममता सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाए, ताकि बंगाल में न ऐसी घटना हो न बंगाल को शर्मसार होना पड़े।
** केके पंत को मिला अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा हिमाचल प्रदेश सरकार ने सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों पर 7 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इसको लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बकायदा अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना 20 अगस्त को जारी की गई। सेंट्रल डेप्युटेशन से लौटे केके पंत को अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा सौंपा गया है। पंत को फाइनेंशियल कमिश्नर अपील का जिम्मा भी सौंपा गया है। यह अतिरिक्त प्रभार के तौर पर रहेगा। डॉ. अभिषेक जैन को डिजिटल टेक्नॉलजी का सेक्रेटरी बनाया गया है। इसके अलावा वह फाइनेंस, प्लानिंग, 20 सूत्री कार्यक्रम के सेक्रेटरी के तौर पर भी जिम्मा संभालेगें। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी को सचिव कार्मिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसके अलावा सीपी वर्मा को राज्यपाल का सचिव लगाया गया है। राज्यपाल के पूर्व सचिव राजेश शर्मा को "ग्रामीण विकास और पंचायती राज" सचिव का जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी प्रियंका बसु इंग्टी को "सचिव श्रम एवं रोजगार, मुद्रण एवं स्टेशनरी, मत्स्य पालन और युवा सेवाएं एवं खेल" का जिम्मा सौंपा गया है। IAS राकेश कंवर को "शिक्षा, पशुपालन, भाषा, कला और संस्कृति" का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा इनके पास एमपीपी एवं पावर और एनसीईएस का अतिरिक्त कार्यभार रहेगा।
पैंन्शनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी द्वारा पुराना अस्पताल सायरी के समीप वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ एवं पैन्शनर्ज कल्याण संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने लगभग 30 पोधों का पौधरोपण किया। पौधरोपण करने के साथ-साथ उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे इन पौधों का रख-रखाव भी करते रहेंगें। वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ, सायरी के प्रधान जगदीश भारद्वाज व पैंन्शनर्ज कल्याण संघ के अध्यक्ष बेली राम राठौर ने कहा कि पौधों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है क्योंकि पौधे मनुष्य को शुद्ध प्राण वायु हवा के रूप में देतें हैं व पर्यावरण को भी स्वच्छ रखते हैं। दोनों संघों ने लोंगों से अधिक से अधिक क्षेत्र में पौधरोपण करने की अपील की हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाहन योग्य पुलों की रिपोर्ट मांगी है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को इस माह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग ने इंजीनियरों को पुलों का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया कि प्रदेश में पुल कितने मजबूत एवं सुरक्षित हैं? ऑडिट रिपोर्ट के बाद जो पुल मरम्मत करने योग्य होंगे, उन्हें ठीक किया जाएगा। जो बिल्कुल खस्ताहाल हैं, उनकी जगह नए पुल का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को वेली ब्रिज तैयार करने के भी निर्देश दिए है। खस्ताहाल पुलों की जगह पहले बेली ब्रिज स्थापित होंगे, उसके बाद आरसीसी के पुलों का निर्माण किया जाएगा। हिमाचल में बीते साल प्राकृतिक आपदा के चलते दो दर्जन पुल बाढ़ में बह गए, जबकि कई को नुकसान पहुंचा है। कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके चलते सरकार पुलों का ऑडिट करवा रही है। सरकार ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि जोन, मंडल या उपमंडल स्तर पर इंजीनियरों की टीमों का गठन कर सभी पुलों का निरीक्षण करें। अगर इंजीनियरों को लगा कि पुल ठीक करने योग्य है, ऐसी स्थिति में ही उसे दुरुस्त करने का प्लान तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बीते साल आपदा के चलते लोक निर्माण विभाग को 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस बार भी कुल्लू और शिमला में बादल फटने से पुलों और सड़कों को 500 करोड़ का नुकसान हो चुका है। पानी के बहाव के साथ चट्टानें और पेड़ पुलों से टकराते हैं, इससे पुलों को नुकसान होता है। ऐसे में पुलों का ऑडिट जरूरी है।
मानसून सीजन खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। सितंबर माह से मानसून लौटना शुरू करेगा, लेकिन इससे पहले एक बार मानसून रफ्तार पकड़ चुका है। हिमाचल प्रदेश में कई दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को भी बारिश देखने को मिली है। वहीं, बारालाचा, कुंजुम पास, रोहतांग दर्रा, शिंकुला सहित कई चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा को छोड़कर अन्य जिलों में 20 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और फ्लैश फ्लड को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक बारिश के कारण नदी, नाले उफान पर रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त को सबसे अधिक बारिश कांगड़ा में 39.9, मंडी में 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति में दर्ज की गई है, जबकि बीते स्पताह में कांगड़ा में सबसे अधिक 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य बना हुआ है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है। सबसे अधिक तापमान ऊना में दर्ज किया गया है। वहीं, शिमला में 20 डिग्री, सुंदरनगर में 26, केलंग में 23 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बता दें कि वहीं, प्रदेश में 107 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ। इनमें शिमला में 48, मंडी और कुल्लू में 24-24 सड़कें बाधित हैं। कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली सेबा भी बाधित हैं। सोमवार को प्रदेश में 146 सड़कों पर यातायात ठप रहा। इसके अतिरिक्त 301 बिजली ट्रांसफार्मर और 20 जल आपूति योजनाएं ठप चल रही हैं। सबसे ज्यादा सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर शिमला, कुल्लू, मंडी जिले में प्रभावित हुई थी।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में इन दिनों संस्कृत सप्ताह महोत्सव बड़ी धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है, जिसके संयोजक वेदांत विषय के विभागाध्यक्ष मंजूनाथ एस भट्ट हैं। वहीं समस्त कार्यक्रम परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की देख-रेख व उनकी अध्यक्षता में संपन्न हो रहे हैं। संस्कृत सप्ताह महोत्सव के अन्तर्गत सोमवार को परिसर के कुछ आचार्यों ने कुछ शिष्यों सहित निकटवर्ती कालेश्वर महादेव के समीप पञ्च तीर्थ में श्रावणी उपाकर्म कार्य को विधिविधान सहित सम्पन्न किया। इस अवसर पर व्याकरण विषय के सहायकाचार्य डॉ भूपेंद्र ओझा सहित डॉ शैलेश कुमार तिवारी, डॉ राजन मिश्र, डॉ योगेश व कमल किशोर शर्मा सहित अन्य शिक्षक व कुछ छात्र भी मौजूद रहे।
सेवा निवृत्ति कर्मचारी यूनियन कुनिहार इकाई ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है।आज प्रेस वार्ता में कुनिहार में कर्मचारी यूनियन संगठन इकाई के अध्यक्ष विनोद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि सचिवालय सेवाएं संगठन द्वारा उठाई गई कर्मचारियों की मांगों का कुनिहार पेंशनर एसोसिएशन भरपूर समर्थन करता है, जिसमें इकाई के सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा है कि महंगाई भत्ते की बकाया राशि शेष बची महंगाई भत्ते की 12 प्रतिशत किस्तों को जल्द जारी किया जाए। संशोधित वेतनमान की बकाया राशि का भी शीघ्र अति शीघ्र भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि सचिवालय यूनियन की ओर से उठाएं अन्य कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का भी पुरजोर समर्थन करते हैं। यदि इस विषय में संघर्ष की राह भी चुननी पड़ी तो सेवानिवृत कर्मचारी इसके लिए भी पीछे नहीं रहेंगे, जिसके लिए सभी सेवा निवृत कर्मचारी हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है।
** मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात शिमला: कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर से रेप और हत्या मामले को लेकर देशभर के चिकित्सकों में उबाल है। इन डॉक्टरों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। ऐसे में देशभर में रेप पीड़िता को न्याय दिलाने और डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर चिकित्सक हड़ताल पर हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में मंगलवार को भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। वहीं, आज शिमला में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने आईजीएमसी से सचिवालय तक पैदल मार्च किया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सचिवालय में मिलने पहुंचे। बता दें कि भारतीय चिकित्सा संघ के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। आज भी मरीजों को अस्पतालों में इलाज नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मिलने के बाद हो सकता है कि हिमाचल में डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो जाए. शनिवार से शुरू हुई हड़ताल आज मंगलवार चौथे दिन भी जारी है। ऐसे में आज भी मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ेगी। रेजिडेंट डॉक्टर के बाद हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) भी हड़ताल पर है, जिससे प्रदेश में इससे स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई है। अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं चालू रही। डॉक्टरों ने अपनी मांगों को पूरा नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों हॉस्पिटल में आज भी डॉक्टर मरीजों का इलाज नही करेंगे। यदि मरीज दूरदराज क्षेत्रों से हॉस्पिटल पहुंचे तो आज भी बिना इलाज के वापस लौटना पड़ सकता है। आईएमए के राष्ट्रीय इकाई के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को समर्थन के ऐलान के बाद हिमाचल डॉक्टर एसोसिएशन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (FORDA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FOAIA) ने मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।
साई इंटरनेशनल स्कूल में बीते कल रक्षाबंधन का पर्व स्कूल के सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्री-नर्सरी से कक्षा दो तक के विद्यार्थी पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे आए। इस मौके पर राखी मेकिंग और थाली सजावट कर नन्हें बच्चों ने पर्व मनाया। रक्षा बंधन उत्सव में शिक्षकों ने छात्रों को इस त्योहार के महत्व को समझाया। वही नर्सरी एवं किंडर गार्डन की छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांध इस त्योहार को मनाया। कक्षा 3 से कक्षा 8 तक की छात्राओं ने भी छात्रों को राखी बांधकर एकता का संदेश दिया। स्कूल प्रबंधक रमिंद्र बावा ने कहा कि हमारे त्योहार हमारी संस्कृति और परंपराओं को संयुक्त रूप से दर्शाने का काम करते हैं।
** मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि ** राजीव गांधी के योगदान को किया गया याद सद्भावना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज छोटा शिमला स्थित राजीव चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की जयन्ती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सद्भावना दिवस शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी को राष्ट्र आधुनिक भारत निर्माता के रूप में जानता है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोगों और समाज की सोच को बदलने के लिए अनेक दूरदर्शी निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के अध्यक्ष थे। एनएसयूआई की मांग पर राजीव गांधी ने युवाओं के मताधिकार के उपयोग की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की, ताकि देश का युवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सके। उनके कार्यकाल की यह सबसे बड़ी उपलब्धि थी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी के दूरदर्शी निर्णयों के फलस्वरूप आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी देश बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जब भारत की सुपर कम्प्यूटर की मांग को ठुकराया, तब उनके सशक्त नेतृत्व ने देश ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए निर्णायक कदम उठाए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं के अधिकारों की उन्होंने पुरजोर वकालत की और पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने विधानसभा और संसद में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए आवाज उठाई। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा व संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मंडी: कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के बाद देशभर में गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या के बाद से देशभर के डॉक्टर अपना रोष जाहिर कर रहे हैं। प्रदेशभर में 17 अगस्त से डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मृतक महिला डॉक्टर के लिए न्याय और अपने लिए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। मंडी जिले में लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर रखी हैं। हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ की बैठक में 20 अगस्त को भी ओपीडी बंद रखने और आपातकालीन सेवाओं को ही जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कोलकाता में महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स, प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों के डॉक्टर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। वहीं, ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि आपात स्थिति में मरीजों को हर संभंव इलाज दिया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोलकाता में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी को लेकर पूरे देश में गुस्सा है। अस्पतालों में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर अपने कार्य स्थल पर ही सुरक्षित नहीं होंगे तो उनकी सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा जरूर होता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले का राजनितिकरण नहीं होना चाहिए और इस प्रकार के जघन्य अपराध में पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन कर रही महिला चिकित्सक ने कहा कि डॉक्टरों को रात्रि सेवा के दौरान अपनी सुरक्षा की चिंता होती है और इसके कारण उनका काम भी प्रभावित होता है। डॉक्टर के ऊपर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित महिला डॉक्टर के मामले में जल्द से जल्द न्याय दिया जाए और डाक्टरों की सुरक्षा को सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
पिछले महीने बजट में सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कटौती का फैसला किया गया। इसके बाद से सोने के कीमतों में कमी आ रही हैं। इससे निवेशकों की रुची भी बढ़ रही है। कीमतों में ताजा गिरावट उन लोगों के लिए अवसर है जिन्होंने सोने में अबतक निवेश नहीं किया है। सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कटौती की घोषणा के बाद सोने की कीमतें 6 फीसदी गिरकर 69,000 रुपये प्रति ग्राम हो गई है। पिछले एक साल में सोने ने 21.10 फीसदी का रिटर्न दिया है। 20 अगस्त को भारत में सोने की कीमतें 72,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है। सबसे ज्यादा प्योरिटी वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 72,760 रुपये प्रति 10 ग्राम है। आभूषण खरीदने वाले लोग 22 कैरेट सोना खरीदते है, क्योंकि थोड़े से मिश्र धातु मिश्रण के कारण अपनी अतिरिक्त मजबूती के लिए जाना जाता है। आज 22 कैरेट सोना की कीमत 66,690 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच चांदी की कीमत 85,800 रुपये प्रति किलोग्राम है।
कुल्लू: जिला भुंतर से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर जरड़ हनुमान मंदिर से चोर 14 किलोग्राम चांदी के आभूषण उड़ा कर ले गए। चोर मंदिर से भगवान राम का सिंहासन, छत्र, शिवलिंग पर चढ़ी चांदी भी उड़ा कर ले गए। नकाबपोश चोरों ने मंदिर में लगे आठ सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए उसके बाद मंदिर का ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया। सीसीटीवी कैमरे तोड़ने से पहले नकाबपोश कैमरे में कैद हो गए थे। हनुमान मंदिर कमेटी के प्रधान प्रकाश चौधरी और उपप्रधान रामशरण ने जानकारी देते हुए बताया कि, 'जब मंदिर में सुबह पुजारी पूजा करने आया तो देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ था। मंदिर से भगवान राम का सिंहासन, मुकुट, शिवलिंग में लगे चांदी के आभूषण आदि भी गायब थे। पुजारी ने तुरंत मंदिर कमेटी को इस चोरी की घटना की सूचना दी। मंदिर कमेटी के प्रधान व उपप्रधान ने थाना भुंतर में चोरी की घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने मंदिर में जाकर मौके का जायजा लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बता दें कि भुंतर एरिया के आसपास चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। फोरलेन बनने के बाद अब दिन प्रतिदिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जरड़ में हनुमान मंदिर भी फोरलेन के साथ ही हैं। हाल ही में यहां सुंदर मंदिर बनकर तैयार हुआ है। कुछही दिनों में चोरों की काली नजर मंदिर के महंगे सामान पर पड़ गई। अब चोर मंदिरों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं. वहीं, भुंतर पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं, लेकिन चोरी की इन वारदातों से पुलिस पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
हिमाचल में राजस्व विभाग से संबंधित आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ को आज वार्ता का समय दिया है। ये वार्ता अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा के साथ दोपहर करीब 12 बजे होगी, जिसमें महासंघ की मांगों को लेकर चर्चा होगी, जिसके बाद महासंघ आज ही ऑनलाइन सेवाएं देने का फैसला लेगा। 12 जुलाई को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में पटवारी और कानूनगो को जिला से स्टेट कैडर में किए जाने का निर्णय लिया गया था, जिससे नाराज संयुक्त ग्रामीण एवं राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से लोगों को ऑनलाइन सेवाएं न देने का निर्णय लिया था। ऐसे में प्रदेश भर के नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के तहत लोगों के हिमाचली प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस आदि प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। यही नहीं प्रदेश भर में लोगों के ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो गए हैं। इससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मानवीय पहलू को देखते हुए प्रदेश में आपदा से जुड़े कार्य की इस निर्णय बाहर रखा गया है. वहीं, इसी बीच 15 अगस्त को देहरा में मनाए गए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक हुई थी, जिसमें महासंघ ने स्टेट कैडर सहित अन्य मांगों को लेकर मिले आश्वासन के बाद फिर से ऑनलाइन सेवाएं देने का निर्णय लिया था, लेकिन एक ही दिन में संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने यू टर्न लेते हुए फिर से ऑनलाइन सेवाएं बंद कर दी हैं। प्रदेश में लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार और महासंघ की आज एक बार फिर से मीटिंग निर्धारित हुई है। ये बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा के साथ होगी, जिसमें महासंघ पटवारियों और कानूनगो की लंबित मांगों को रखेगा। इस दौरान अगर इन सरकार मांगों को माने जाने को लेकर अपनी सहमति देती है तो पटवारी और कानूनगो 21 अगस्त से लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देनी शुरू कर देंगे, जिसके बाद लोगों को राहत मिल सकती है। बता दें कि प्रदेश भर में पिछले करीब 33 दिनों से लोगों के ऑनलाइन सर्टिफिकेट नहीं बन रहे हैं, जिससे प्रदेश स्तर में 2 लाख से अधिक ऑनलाइन आवेदन पेंडिंग पड़े हैं। ऐसे में लोगों के जरूरी काम लटक गए है। इस तरह से लोग भी सरकार और महासंघ के बीच चल रहे विवाद के समाप्त होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ताकि, उन्हें अधिक समस्या का सामना न करना पड़े। हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में कुछ मांगों को लेकर संशय रह गया था, जिसको दूर करने के लिए आज राज्य सचिवालय में महासंघ की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक निर्धारित हुई है, जिसमें इन मांगों को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद महासंघ अपना निर्णय सुनाएगा।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की नौहराधार शाखा में हुए चार करोड़ के गबन की जांच राज्य सहकारी बैंक ने सीबीआई से करवाने का फैसला किया है। बैंक प्रबंधन ने जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी को पूरी जानकारी दे दी है। इस मामले में प्रबंधन ने अभी तक शाखा के सात कर्मचारी निलंबित कर दिए हैं, जबकि 10 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। शाखा का अन्य स्टाफ भी बदल दिया गया है। सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। जांच में पता चला है कि शाखा के सहायक प्रबंधक ने फर्जी ऋण खाते खोलकर गबन किया है। राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने कहा कि ऐसी घटनाएं बैंक के लिए चिंतनीय व अस्वीकार्य हैं। प्रारंभिक जांच में अभी तक 4.02 करोड़ के गबन पता चला है। जांच पड़ताल पूरी होने पर ही पता चलेगा कि संबंधित कर्मचारी ने कितनी राशि का गबन किया है। बैंक प्रबंधन ने मामले को अति संवेदनशील मानते हुए और नाबार्ड की ओर से तय मानदंडों के अनुरूप जांच सीबीआई से करवाने का निर्णय किया है। उन्होंने ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी बैंक में जमा पूंजी पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। बैंक अपने ग्राहकों के प्रति पूरी निष्ठा रखता है और समर्पित भाव से सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा ने कहा कि कर्मचारी संस्था की रीढ़ हैं। उनके द्वारा इस प्रकार की धोखाधड़ी को अंजाम देना बैंक व ग्राहक समुदाय के साथ जघन्य विश्वासघात है। भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी या जालसाजी दोबारा न हो उसके लिए जो भी आवश्यक कदम या प्रावधान करने की जरूरत होगी।
मंडी: मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश से मुसीबत से बढ़ गई है। बीते दिनों हुई भारी बारिश से मंडी जिले में चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ है, जिसकी वजह से मंडी-पंडोह के बिच 4 मील के पास सड़क पर आए मलबा के कारण रोड बंद है। वहीं, सड़क बंद होने से दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है। प्रशासन और फोरलेन निर्माण कंपनी ने हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया है। मंडी जिला में देर रात से हो रही बारिश के कारण चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे एक बार फिर मंडी-पंडोह के बिच 4 मील के पास लैंडस्लाइड होने से बंद हो गया, जिस कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी है। प्रशासन और फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा मौके पर पहुंचकर हाईवे को खोलने का कार्य शुरू कर दिया गया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने कहा, "चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर 4 मील के पास पहाड़ी से हुए लैंडस्लाइड से रोड बंद हो गया है, जिसे खोलने का कार्य शुरू कर दिया गया है। मंडी से पंडोह के बीच पहाड़ियों से लगातार मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में गाड़ी ड्राइवर और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतते हुए सफर करने की अपील की गई है"। चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर फोरलेन का भी निर्माण काम चल रहा है। मंडी से पंडोह के बीच इस पैच में 4 मील, 7 मील और 9 मील के पास पहाड़ी से लगातार लैंडस्लाइड होता रहता है, जिस कारण आए दिन यहां पर हाईवे बंद हो जाता है। हाईवे बंद होने से गाड़ी ड्राइवरों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शिमला: एचआरटीसी के घाटे के 168 रूट प्राइवेट ऑप्रेटरों को दिए जाएंगे और इन रूटों पर प्राइवेट बस ऑप्रेटर्ज बसें चलाएंगे। मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो गया है। निगम के करीब 50 घाटे वाले रूट पहले निजी ऑप्रेटरों को दिए जा चुके हैं। अब 168 रूटों को निजी हाथों में देने के बाद निगम में भी बड़े स्तर पर बदलाव होगा। निगम का बस बेड़ा कम होगा, जिसके बाद कर्मचारियों की कैडर स्ट्रैंथ भी कम करनी पड़ेगी। एचआरटीसी में 12 हजार कर्मचारी हैं। इसमें 9 हजार चालक- परिचालक हैं। निगम प्रबंधन के अनुसार घाटे के रूटों पर बस सेवा बंद होने के बाद चालक-परिचालक सरप्लस हो जाएंगे। पहले चरण में युक्तिकरण की प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। इसके तहत सरप्लस स्टाफ को अन्य डिपुओं में भेजा जाएगा। अगले 5 सालों में कितने कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, कितनों की पदोन्नति देय है इसका पूरा खाका तैयार किया जाएगा। इसके अनुसार आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। यदि निगम के पास फिर भी स्टाफ सरप्लस हो जाता है तो अन्य विभागों को चालक-परिचालकों को भेजने का निर्णय लिया जा सकता है या फिर सरप्लस पूल में इन कर्मचारियों को भेजा जाएगा। निगम चालकों को तो अन्य विभागों में भेज सकता है, लेकिन परिचालकों से क्या काम लेना है इस पर अभी विचार चल रहा है।
हिमाचल के राशन डिपुओं में मिलने वाला आटा-चावल भी अब उपभोक्ताओं को महंगा मिलेगा। करीब 15 साल बाद आटा-चावल के दाम बढ़ाए गए हैं। हालांकि, प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को चावल और गेंहू केंद्र सरकार मुहैया करवाती है। लेकिन प्रदेश सरकार का तर्क है कि राशन को डिपुओं और गोदामों तक पहुंचाने की भाड़ा दरें बढ़ गई हैं। इसलिए राशन के रेट बढ़ाए गए हैं। अभी एपीएल उपभोक्ताओं को डिपुओं में आटा 9:30 रुपये से प्रतिकिलो मिल रहा है। इसे बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलो, चावल 10 रुपये से बढ़ाकर 13 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसी तरह बीपीएल (35 किलो राशन, प्रति व्यक्ति पांच किलो) वाले उपभोक्ताओं को चावल 6.85 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति किलो और आटा 7 रुपये से बढ़ाकर 9.30 रुपये किलो मिलेगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक एक सितंबर को इस नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में करीब साढ़े 19 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें से साढ़े 12 लाख के करीब एपीएल उपभोक्ता हैं, जबकि अन्य आईआरडीपी और करदाता हैं। सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को 6 किलो चावल, 10 से 13 किलो आटा, दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), चीनी और एक किलो नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है।
तपन इंडस्ट्रीज सोलन के शोरूम में रॉयल एनफील्ड की सबसे नई पेशकश" गोरिल्ला रोडस्टर को लांच किया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित अतिथियो का स्वागत करते होए तपन इंडस्ट्रीज के सी.ओ.ओ सुशांत गोयल ने सभी को जानकारी देते बताया गया की रॉयल ऍनफ़ील्ड पूरे विश्व में रायडीग कम्फर्ट और विश्वसनीयता के लिए प्रसिद्ध है। यह बाईक 452 cc की लिक्विड कूलड शेरपा इंजन में आ रहा है साथ ही इसमें डूएल डिस्क ब्रेक विद ए बी एस है, गोरिल्ला में 17 इंच के टायर्स देए गए है। इसके फ्यूल टैंक 11 लीटर की कैपेसिटी में आ रहा है। गोरिल्ला की शुरुवाती कीमत रू 2.39 लाख होगी और इसकी माइलेज लगभग 30 किलोमीटर प्रति लीटर होगी। तपन इंडस्ट्रीज दशको से मोटर डीलरशिप में एक बड़ा प्रमुख व प्रसिद्ध नाम है और रॉयल ऍनफ़ील्ड के साथ साथ हुंडई, सिटरोयन, जीप और फार्स मोटर्स जैसे अग्रणी ब्रांड्स के अधिकृत शोरूम व वर्कशॉप प्रदेश भर में मोजूद है।
राजधानी शिमला में नशेड़ियों का आतंक बढ़ चुका है। इन्हें ना तो पुलिस का डर है और ना ही कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज इनके लिए मायने रखती है। आम जनता तो छोड़िए अब पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई करने से भी इन्हें डर नहीं लगता। नशे में धुत कुछ नशेड़ी कानून के लंबे हाथों से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी शिमला से सामने आया है। जहां कुछ नशेड़ियों ने पुलिस चौकी में घुसकर पुलिसकर्मी की पिटाई की और तोड़फोड़ भी की। पुलिसवाले को पीटने के बाद ये नशेड़ी वहां से फरार भी हो गए हैं। मामला शिमला के समरहिल इलाके का है। आज सुबह समरहिल पुलिस चौकी में तीन नशेड़ी घुस गए और चौकी में मौजूद पुलिस कॉन्सटेबल के साथ मारपीट की। इन तीनों युवकों ने चौकी में प्रिंटर और मेज को भी तोड़ डाला। इन युवकों को पुलिस का खौफ रत्तीभर भी नहीं था। क्योंकि पुलिसवाले से मारपीट और चौकी में तोड़फोड़ करने के बाद ये तीनों मौके से फरार भी हो गए। हालांकि इन तीनों आरोपियों की पहचान हो चुकी है, लेकिन राजधानी शिमला का ये मामला कानून व्यवस्था की पोल भी खोल रहा है। गौरतलब है कि समरहिल में ही हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी का कैंपस है और ये समरहिल पुलिस चौकी HPU के नाम से भी जानी जाती है। चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों की शिकायत पर मामला बालूगंज थाने में दर्ज कर लिया गया है। आरक्षी सुशांत गौतम ने बताया कि "शराब के नशे में राहुल, अमन कुमार और विजय राज ने समरहिल पुलिस चौकी में घुसकर आरक्षी साहिल के साथ मारपीट की मेज और प्रिंटर तोड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना बालूगंज में धारा 132, 121(1), 352 (3)5 भारतीय न्याय संहिता और धारा 3 पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल अभी तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की है, लेकिन इस घटना के बाद अब पुलिस भी सवालों के घेरे में है। सवाल है कि जब राजधानी में पुलिस चौकी और उसके अंदर बैठे कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगी। अपराधियों को पुलिस का ही डर नहीं है। शिमला एक टूरिस्ट प्लेस है। यहां रोजाना हजारों पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में बाहरी राज्यों से आया कोई व्यक्ति किसी अपराध को अंजाम देता है तो कैसे पुलिस इससे निपटेगी। कैसे पुलिस पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखेगी।
को-आपरेटिव बैंक नौहराधार में फर्जीबाड़ा करके गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। नौहराधार में तैनात सहायक प्रबंधक ने लोगों के बैंक खातों से लगभग चार करोड़ की राशि का गबन किया है। जांच अभी भी जारी है और गबन की राशि और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बैंक में गबन के मामले का पता चलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बता दे की भारी संख्या में लोग अपनी एफडी की रसीद लेकर बैंक पहुंच रहे है। बैंक में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। लोग अपनी एफडी व खाते चैक करवा रहे है। कई लोगों के एफडी खाते से लाखों रुपए का गबन हुआ है और कईयों के खातों में जीरो बैलेंस हो गया है। जिला प्रबंधक खुद मामले की जांच करने नाहन से नौहराधार पहुंचे है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि है कि जिन लोगों के खाते से पैसा निकाला गया है उन्हें बैंक ब्याज सहित पूरी राशि मिलेगीं। बैंक के अधिकारियों की और से पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। बैंक की और से पुलिस को अभी लगभग चार करोड़ की राशि के गबन होने की जानकारी प्रदान की गई है। मामले की छानबीन अभी भी जारी है और ऐसा माना जा रहा है की गबन की राशि चार करोड़ से कही अधिक हो सकती है। प्रदेश में यह आज तक का सबसे बड़ा बैंक ज घोटाला हो सकता है, जहां बैंक के राज्य व जिला के कर्मी जांच में लगे है। पुलिस थाना संगड़ाह के डीएसपी मुकेश कुमार डडवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि संगड़ाह व नौहराधार से पुलिस की टीम मामले की छानबीन में जुटी है। बैंक के शाखा प्रबंधक ने पुलिस को जानकारी दी है कि अभी तक किए गए निरीक्षण में से करीब चार करोड़ रुपए का गबन हुआ है। बैंक अभी ऑडिट कर रही है राशि बढ़ भी सकती है। पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है। को-आपरेटिव बैंक के जिला प्रबंधक दर्शन पांडे ने बताया कि तीन अगस्त को बैंक में गड़बड़ी की सूचना मिल गई थी। आठ अगस्त को मामला पूरी तरह संज्ञान में आया। बाद जांच शुरू की गई और मामला पुलिस में दर्ज करवा गया है। जिला प्रबंध ने बताया कि बैंक के ही एक अधिकारी ने जाली खाते बना कर लगभग चार करोड़ का गबन किया है। छानबीन जारी है और गबन की राशि और अधिक बढ़ सकती है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि बैंक जमा लोगों का पैसा नहीं डूबेगा।
सोमवार को जिला कुल्लू में स्वास्थ्य सेवाएं बंद रही, जिसके चलते ढालपुर अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि शनिवार को भी देशव्यापी डॉक्टरों की हड़ताल के बाद ये स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखी गई थी, लेकिन सोमवार को भी अचानक से डॉक्टर के द्वारा सभी ओपीडी को बंद रखने का फैसला किया गया। हालांकि इस दौरान आपात सेवा चालू रही, लेकिन दूर राज के क्षेत्र से इलाज करवाने आए लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। बता दें कि कोलकाता में रेजिडेंट डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के विरोध में देशभर समेत हिमाचल प्रदेश में भी डॉक्टरों द्वारा रोष प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं, सोमवार को भी डॉक्टरों ने सभी ओपीडी बंद रखने का फैसला लिया। डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के साथ बालात्कार कर नृशंस हत्या की गई। उससे पूरे देश में डॉक्टर के अलावा समाज के सभी वर्गों में अब डर की भावना पैदा हो गई है। लोग अपनी बहन बेटियों को अकेले में बाहर भेजने से डर रहे हैं और नौकरी पेशा महिलाएं भी अब कार्यस्थल पर जाने से घबरा रही हैं कि कहीं उनके साथ भी इस तरह की घटना पेश न आए।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में देर रात को पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बेटियों ने मां को कमरे में खून से लथपथ देखा। इसके बाद तुरंत महिला को अस्पताल पहुंखया गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना मिलने पर देर रात पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच के लिए साक्ष्य जुटाए गए। जानकारी अनुसार पांवटा साहिब के शिवा कॉलोनी में पत्नी की हत्या करने के बाद रात को आरोपी पति मौके से फरार हो गया। दूसरे कमरे में सो रही दोनों बेटियों ने गेट खुलने की आवाज सुनी। इसके बाद भीतर अपनी मां के कमरे में जाकर देखा तो वह खून से लथपथ पड़ी थी। इसके बाद महिला को रात को ही सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस सिविल अस्पताल पहुंची। शहर में विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी के दौरान आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार सुबह फॉरेंसिक टीम पांवटा पहुंची। जुन्गा एफएसएल सहायक निदेशक नसीब सिंह पटियाल ने बताया मौके से भौतिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया गया है।
भंग कर्मचारी चयन आयोग के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में एक और आरोपी अभ्यर्थी परीक्षा का टॉपर है। पेपर लीक मामले में दर्ज 14वीं एफआईआर में पुलिस रिमांड पर चल रहा आरोपी अमित रावत असिस्टेंट स्टोरकीपर (पोस्ट कोड 822) भर्ती परीक्षा में 82 अंक लेकर टॉपर रहा था। मार्च 2022 में इस परीक्षा का नतीजा घोषित होने के बाद अमित बिजली बोर्ड हमीरपुर के सर्किल कार्यालय में तैनात था। वह तीन माह पूर्व ही नियमित हुआ था। अब बिजली बोर्ड प्रबंधन ने भी कर्मचारी का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया हैं। भंग आयोग के कार्यकाल में पेपरलीक का यह खेल लंबे समय से आयोग में चल रहा था। दो साल की सेवाओं के बाद आरोपी अभ्यर्थी नियमित भी हो गए थे। इस भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रदेशभर के हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया था, जबकि पेपर खरीद कर आरोपी परीक्षा में मेरिट हासिल कर नौकरी लग गया। पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी उमा आजाद का बड़ा बेटा नितिन भी आयोग की दो परीक्षा पास कर नौकरी लगा था। वह भी एक परीक्षा में टॉपर रहा था। इसके अलावा विभिन्न पोस्ट कोड में दर्ज एफआईआर में कई आरोपी अभ्यर्थी मेरिट में रहे हैं। डेढ़ साल की लंबी जांच में विजिलेंस ने 14वीं एफआईआर दर्ज की है। दो दर्जन के करीब पोस्ट कोड की परीक्षाएं विजिलेंस जांच के दायरे में हैं। कैबिनेट सब कमेटी ने विभिन्न पोस्ट कोड के नतीजे घोषित करने के आदेश नवगठित राज्य चयन आयोग को दिए हैं लेकिन जांच के दायरे में शामिल परीक्षाओं में उन पदों पर नतीजे घोषित नहीं किए जा रहे है जिनमें अभ्यर्थी आरोपी हैं। जेओए आईटी पोस्ट कोड 817 में भी पांच पदों को रिक्त रखा गया है। इस परीक्षा को पास करने वाले पांच अभ्यर्थी भी पेपरलीक में आरोपी हैं। एसपी विजिलेंस कुलभूषण वर्मा का कहना है कि जांच जारी है। कर्मचारी का रिकाॅर्ड ब्रांच से मांगा गया है। यह कर्मचारी कुछ माह पूर्व ही नियमित हुआ था। मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड प्रबंधन को जल्द इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शिमला में हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंप्लाइज यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के अध्यक्ष केडी शर्मा ने बीते कल बोर्ड की खराब हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा 53 साल के इतिहास में बिजली बोर्ड की हालत आज सबसे दयनीय है, जिसके लिए सीधे तौर प्रदेश सरकार दोषी है। बिजली बोर्ड जैसी बड़ी संस्था को सरकार पिछले डेढ़ साल से एडहॉक प्रबंधन पर चला रही है। केडी शर्मा ने कहा, लंबे समय से अस्थायी प्रबंधन की वजह से बोर्ड की हालत खराब है, जिन अधिकारियों को बोर्ड का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, उन्होंने डेढ़ साल से राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया है, जिसका खामियाजा बिजली बोर्ड के साथ कर्मचारियों व पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा प्रबंध निदेशक लंबे समय से अस्थायी तौर पर आगन्तुक की तरह 7 से 10 दिन में एक बार आ रहे हैं, जिससे बिजली बोर्ड में पूर्णकालिक निदेशक व निदेशक मंडल की बैठकें समय पर नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण निर्णय व पदोन्नतियां लटकी पड़ी हैं। पिछले साल मई महीने में सर्विस कमेटी ने जो निर्णय लिए हैं उन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसमें 20 मई 2023 को निदेशक मंडल ने बोर्ड में 1100 तकनीकी कर्मचारियों को भरने का फैसला लिया था, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। यूनियन ने अधिकारियों की वजह से डेढ़ साल में बोर्ड और प्रदेश की जनता को हुए नुकसान की चार्जशीट तैयार कर आगामी कार्रवाई को सरकार के लिए भेजी थी, लेकिन उस पर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यूनियन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा इस कुप्रबंधन के कारण बिजली बोर्ड गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है, जिस कारण कर्मचारियों व पेंशनर्ज के वित्तीय लाभ रुके पड़े हैं। स्थिति ये है कि पिछले एक साल से कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर अर्जित अवकाश व ग्रेच्युटी की अदायगी नहीं हो पाई है। आज बिजली बोर्ड कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहा है। तकनीकी कर्मचारियों को 48-48 घंटे ड्यूटी देनी पड़ रही है, जिस कारण प्रति वर्ष 30 से 45 कर्मचारी हादसे का शिकार हो रहे हैं। बीते साल 9 नियमित और 5 आउटसोर्स कर्मचारी अकाल मौत का शिकार हुए हैं। वहीं, कुल 27 कर्मचारियों को हादसे में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लोगों को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं, इसके बाद भी साल 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को अभी तक पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित रखा गया है। केडी शर्मा ने कहा इस तरह के कुप्रबंधन की वजह से बिजली बोर्ड कर्मचारियों का धैर्य अब टूट रहा है।
**शुक्रवार रात से यहां फंसे थे सेबों के ट्रक उपमंडल रामपुर में तकलेच क्षेत्र के डमराली में बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुई सड़क को बहाल कर दिया गया है। सड़क बहाली के बाद डीसी शिमला और एसपी शिमला ने भी तकलेच में निरीक्षण किया। बता दें कि यहां पर 16 अगस्त की रात से सेब के ट्रक फंसे हुए थे। सड़क बहाल होने के बाद ही इन ट्रकों की आवाजाही शुरू हो पाई है। वहीं, डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि डमराली तक पहुंचने वाले मार्ग के बहाली के काम में तेजी लाई जाए। इसके अलावा स्थानीय पंचायत को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। तकलेच के डमराली में 16 अगस्त को बादल फटा, जिससे साथ लगते नालों में फ्लैश फ्लड आ गया और यहां की सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क के अलावा यहां पर कई जगह कलवट टूटे गए थे। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बताया, "तकलेच तक सड़क बहाल हो चुकी है। यहां फंसे हुए सेब के ट्रकों को निकाल दिया गया है। डमराली तक सड़क बहाल करने का काम चला हुआ है। यहां पर मशीन की मदद से कटिंग करके मार्ग तैयार किया जा रहा है।" इस दौरान डीसी शिमला के साथ एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी, एसडीएम रामपुर निशांत तोमर, डीएसपी नरेश शर्मा, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों समेत स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं, इस मौके पर डीसी अनुपम कश्यप और एसपी संजीव कुमार गांधी ने समेज त्रासदी में लापता लोगों के लिए चलाए गए सर्च ऑपरेशन को लेकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी और सीआईएसएफ की टीमों का विशेष आभार व्यक्त किया। डीसी अनुपम कश्यप ने कहा, "इस बड़े सर्च ऑपरेशन में सभी टीमों का काम काबिले तारीफ रहा है। 85 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन को चलाया गया। टीम के हर सदस्य ने सर्च ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है। अभी तक कई शवों को बरामद कर लिया गया है, जबकि कई शवों की शिनाख्त कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। बाकी बचे कुछ शवों का डीएनए मिलान जारी है। "इस दौरान डीसी शिमला अनुपम कश्यप और एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने एनडीआरएफ यूनिट के कोटला कैंप, सीआईएसएफ के झाकड़ी और आर्मी के अवेरीपट्टी कैंप में पूरी टीम के साथ बैठक करते हुए आभार जताया। उन्होंने सभी यूनिटों से भविष्य में आपदा के समय सतर्क रहने और सहयोग करने की अपील की। इस दौरान संबंधित यूनिट के आला अधिकारी भी बैठक मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने आज और आगामी दो दिनों के लिए भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार मंडी, कुल्लु, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिले में अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला और सोलन जिले में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम विभाग ने हल्की बारिश को लेकर आशंका जाहिर की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज 19 अगस्त और 20-21 अगस्त को प्रदेश में मौसम खराब रहेगा और अलग-अलग जगहों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश में आगामी दिनों में मैदानी और निचले पहाड़ी और मध्य पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। वहीं, इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी ज्यादा बदलाब दर्ज नहीं किया गया है। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान सामान्य रहा जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 9.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान धौलाकुआं में 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिमला में 24.0, कांगड़ा में 32.0, धर्मशाला में 29.4, सोलन में 30.0, नाहन में 28.7, सुंदरनगर में 32.9, कुल्लू में 34.6, मनाली में 27.7, बिलासपुर में 33.4 और ऊना में 34.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
घुमारवीं: बिलासपुर जिले के नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड-2 में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक नवजात बच्ची का सव खेत के साथ पानी की निकासी के लिए बनाई गई नाली में मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने बताया कि नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड-2 में एक किसान रविवार शाम करीब 4 बजे अपने मक्की के खेतों की ओर गया था। उस दौरान उसे खेत के किनारे पानी की निकासी के लिए खोदी गई नाली में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। किसान ने पड़ोस के एक व्यक्ति को फोन कर मौके पर बुलाया। इसके बाद कुछ और लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी पुलिस थाना घुमारवीं को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात बच्ची को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। किसान ने पुलिस को बताया कि बारिश बंद होते ही वो अपने खेतों में घास लेने के लिए आया था। जब वह अपने खेत में पहुंचा तो उसने एक नवजात बच्चे का शव पड़ा हुआ देखा। खेतों में शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई है। आज सोमवार को नवजात का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। हालांकि अस्पताल में जांच के दौरान पाया गया कि बच्चे की नाड़ी भी उसके साथ ही लगी हुई थी।
हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के 20 लाख कनेक्शन लगे हैं। अब इन्हें जल शक्ति विभाग की ओर से हर महीने पानी का बिल आएगा। जल शक्ति विभाग ने उपभोक्ताओं का आंकड़ा जुटा लिया है। 50 फीसदी ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास दो-दो कनेक्शन हैं। लोगों को अब इन दोनों कनेक्शनों के बिलों की अदायगी करनी पड़ेगी। प्रति कनेक्शन हर महीने 100 रुपये बिल आएगा। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद जल शक्ति विभाग ने बिल कैसे वसूलना है, इसे लेकर होमवर्क शुरू कर दिया है।उपभोक्ताओं ने पहले जल शक्ति विभाग से पानी के कनेक्शन ले लिए थे। इसके बाद जल जीवन मिशन के तहत भी पानी का अतिरिक्त कनेक्शन ले रखा है। सरकार ने बीपीएल, एकल नारी, विधवा महिला, दिव्यांग श्रेणी के लोगों को निशुल्क पानी देने का फैसला लिया है। ऐसे लोगों की पहचान स्थानीय स्तर पर ही होगी और इसका पूरा डाटा विभाग के बिलिंग सॉफ्टवेयर में फीड किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व जयराम सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले मई 2022 में ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क पानी देने का फैसला लिया था। जबकि सुक्खू सरकार ने प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति का तर्क देकर मुफ्त पानी देने की योजना को सीमित कर दिया है। राज्य सरकार की आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी के मीटर लगाने की योजना है। जल शक्ति विभाग गांवों में पानी के मीटर भी लगाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में होटल, होम स्टे, ढाबा और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही हैं, उनके लिए पानी का बिल व्यावसायिक होगा।
** 70 घरों के परिवारों ने समीर रस्तोगी का जताया आभार हिमाचल प्रदेश का अति दुर्गम क्षेत्र देमुल को जाइका वानिकी परियोजना ने थ्रेशिंग मशीनों की सौगात दी। काजा से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देमुल गांव के लोग दरअसल जौ की फसल को ताड़ने के लिए गदों का इस्तेमाल करते थे। इससे निजात दिलाने के लिए यहां के ग्रामीणों ने जाइका वानिकी परियोजना के समक्ष थ्रेशिंग मशीनों की मांग की थी, जिसे पूरी हो गई। देमुल 70 घरों वाला गांव है और जाइका वानिकी परियोजना ने डीजल से ऑपरेट होने वाली दो थ्रेशिंग मशीनें वितरित की। वण्य प्राणी मंडल स्पीति के एसीएफ चमन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में यहां के लोगों को थ्रेशिंग मशीनें बांटी। देमुल के ग्रामवासियों ने उनकी जटिल समस्या का समाधान करवाने के लिए जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी और जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा का आभार व्यक्त किया। बता दें कि समीर रस्तोगी बीते 1 मई को अपनी टीम के साथ देमुल गांव पहुंचे तो वहां के बाशिंदों ने थ्रेशिंग मशीनों की मांग की थी। मुख्य परियोजना निदेशक ने आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान करेंगे। ऐसे में अब यहां के लोगों की मांग पूरी हुई तो पूरे गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि जाइका वानिकी परियोजना के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा अक्तूबर 2023 को देमुल गांव के दौरे पर पहुंचे तो वहां के लोग गदों से जौ की थ्रेशिंग करते दिखे। उसी दिन वहां की जनता ने पहली बार डा. एसके काप्टा से थ्रेशिंग मशीनों की मांग थी। ऐसे में जाहिर है कि जाइका वानिकी परियोजना ने अति दुर्गम क्षेत्र की जनता के दर्द को समझते हुए दो थ्रेशिंग मशीनें भेंट की।
जिला मुख्यालय के साथ लगते खनियारा-खड़ौता सड़क मार्ग पर एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके चलते कार चालक की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों को हल्की चोटें आई हैं। मृतक पंजाब के जालंधर का रहने वाला था और परिवार सहित योल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था। जानकारी के अनुसार शनिवार रात को खनियारा-खड़ौता सड़क मार्ग अरुण कुमार उर्फ विपन पुत्र धर्मपाल निवासी मकान नंबर 987 अर्जुन नगर लाडोवाली रोड जालंधर सिटी पंजाब अपने परिवार सहित जा रहा था। इस दौरान जब वह गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सड़क से नीचे लुढ़क गई। इस कार में उसकी पत्नी, बच्चे और उसका पिता सवार था। दुर्घटना के बाद चालक अरुण कुमार की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि अरुण का पिता गाड़ी के बाहर ही था। इस दौरान अचानक से गाड़ी की हैंडब्रेक छूट गई, जिसके चलते गाड़ी सड़क से नीचे लढ़की है। अरुण कुमार अपने परिवार के साथ योल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने धर्मशाला में घूमने की योजना बनाई और वह खड़ौता की ओर जा रहा था कि रास्ते में यह हादसे पेश आ गया। वहीं मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी कांगड़ा हितेष लखनपाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुर्पुद कर दिया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीएम ने प्राथमिक अध्यापकों को वितरित किए टैबलेट, मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना का किया शुभारम्भ
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर में शिक्षा विभाग की दो महत्त्वकांक्षी पहलों प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को टैबलेट वितरण और मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के शिक्षा एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा प्रदान करने के प्रयासों के तहत प्रदेश में 17,510 प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को टैबलेट दिए जाएंगे। इस नवीन पहल का उद्देश्य शिक्षण कार्यों में आधुनिकरण को बढ़ावा देना, डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करना और उपस्थिति दर्ज करने और डाटा अपडेट करने जैसे प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाना है। इस सुविधा से शिक्षा में गुणात्त्मक सुधार होगा और शिक्षक बच्चों के लिए शिक्षा संबंधी सामग्री को प्रभावी तरीके से पेश करेंगे। इसके अतिरिक्त इन टैबलेट के माध्यम से अध्यापक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर अपना ज्ञानवर्धन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के लिए तैयार की गई अभिनव योजना ‘मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना’ का भी शुभारम्भ किया। यह योजना मौजूदा मिड-डे-मील की पूरक होगी और राज्य के 15,181 स्कूलों के नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में राज्य में 5,34,293 बच्चे मिड-डे-मील योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना के आरम्भ होने से बच्चों को अब अतिरिक्त पौष्टिक आहार मिलेगा। योजना के अंतर्गत बच्चों की पसन्द को ध्यान में रखते हुए सप्ताह में एक बार उबले हुए अंडे या फल दिए जाएंगे और स्थानीय बाजार से ताजे फल खरीदे जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना के लिए 12.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार की गलत नीतियों के फलस्वरूप प्रदेश गुणात्त्मक शिक्षा क्षेत्र की रैंकिंग में फिसलकर 18वें स्थान पर पहुंच गया है। लेकिन वर्तमान सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार करने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करते हुए बच्चों को गुणात्त्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार करने के लिए प्रदेश सरकार तीन स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणात्त्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। इसके अंतर्गत शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण पर विदेश भेजा जा रहा है, प्रथम चरण में नवीन शिक्षण प्रणालियों जानने के लिए 217 शिक्षकों को सिंगापुर भेजा गया, प्रदेश में शिक्षा अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य की प्रत्येक विधानसभा में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन और उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और शिक्षक महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए समाज में शिक्षकों का स्थान महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का स्थानांतरण वर्ष में एक बार करने का निर्णय लिया है। इससे पहले, 5000 अध्यापक वर्षभर स्थानांतरण की प्रक्रिया में घिरे रहते थे। स्कूल संबंधी लैटर्ज के लिए आउट सोर्स आधार पर स्टाफ की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पांच से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा के लिए 20000 रुपये भी व्यय किए जाएंगे। पिछली भाजपा सरकार के बिना स्टाफ की उपलब्धता के 400 से अधिक शिक्षण संस्थानों के खोलने के निर्णय की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य स्कूलों से अध्यापकों को नए खोले गए स्कूलों में भेजा गया जिससे शिक्षा का स्तर गिरा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को शून्य नामांकन वाले स्कूलों को बंद करना पड़ा। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए महाविद्यालयों का भी युक्तिकरण किया जाएगा। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पिछली भाजपा सरकार के पास कड़े निर्णय लेने का साहस नहीं था। उन्होंने केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए सम्पन्न परिवारों के बिजली और पानी के बिल माफ किए। मुफ्त में बांटने की यह प्रक्रिया अगर इसी प्रकार जारी रहती तो प्रति व्यक्ति कर्ज दो लाख रुपये तक पहुंच जाता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकट आर्थिक स्थिति के बावजूद राज्य सरकार ने कर्मचारियों को सात प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान किया है और इस वर्ष 75 वर्ष से अधिक आयु के 28 हजार पेंशनभोगियों को एरियर का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी मेरे परिजनों के समान है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए अभी छः माह का और समय लगेगा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने पर एरियर और मंहगाई भत्ते प्रदान किए जाएंगे। केंद्र सरकार के पास एनपीएस फंड का नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक का पैसा फसा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से यह धनराशि वापिस लाने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 850 शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्टता केन्द्रों में स्तरोन्नत कर रही है। सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अन्तर्गत 6 हजार अनाथ बच्चों को चिल्डर्न ऑफ दे स्टेट के रूप में अपनाया है। इस योजना में 27 वर्ष की आयु तक इन बच्चों की शिक्षा देखभाल, वार्षिक यात्रा का खर्च और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के कण्डाघाट में लगभग 300 विशेष रूप से सक्षम बच्चों को विशेष शिक्षा प्रदान करने के लिए उत्कृष्टता केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए 500 मीटर के दायरे के संस्थानों में कलस्टर सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षण संस्थानों में न्यू एज कोर्सिज जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डाटा लर्निंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल मशीन, तकनीशियन मैकेट्रॉनिक्स, फाइबर-टू-होम टैक्नॉलिजी, सोलर टैक्नॉलिजी और इंटरनेट ऑफ थिंगस (आईओटी) तकनीशियन ट्रेनिंग जैसे पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश गुणात्त्मक शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर है, जिसमें हमीरपुर जिला पूरे राज्य में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके दृष्टिगत सरकार को कुछ कठोर निर्णय भी लेने पड़े हैं, जिसके भविष्य में ठोस परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि पांच से कम विद्यार्थियों को निकटवर्ती स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों को टैबलेट प्रदान करने की योजना के सकारात्मक परिणाम भविष्य में सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार को विरासत में खराब आर्थिक व्यवस्था मिली थी। इसके बावजूद सरकार द्वारा प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। शिक्षा विभाग 7 हजार पदों को भरने जा रहा है, जिसमें 2300 पद भरे जा चुके हैं। इसके अलावा, जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है उन स्कूलों में अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक सुरेश कुमार, कैप्टन रणजीत सिंह राणा और विवेक शर्मा, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष रामचन्द्र पठानिया, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, पूर्व विधायक अनिता वर्मा, सोहन लाल और मनजीत डोगरा, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेन्द्र वर्मा, सुभाष ढटवालिया और नरेश ठाकुर, उपायुक्त अमरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत सिंह, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान राजेश शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती और अन्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज झमाझम बारिश हो रही है। वहीं, राजधानी शिमला और मंडी में शनिवार को जोरदार बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज हुआ। रविवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश होने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 23 अगस्त तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। एक से 17 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से 10% अधिक बादल बरसे हैं। हालांकि मानसून सीजन में अभी भी 22 फीसदी की कमी चल रही है। शुक्रवार रात को शिमला, सुंदरनगर, धर्मशाला, ऊना, नाहन, पालमपुर, मनाली, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, सराहन, पांवटा साहिब, जुब्बड़हट्टी में बादल झमाझम बरसे।मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के सात जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। जिसमें ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा शिमला, सोलन, सिरमौर शामिल है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू, मंडी किन्नौर और लाहौल स्पीति में मौसम विज्ञान केंद्र ने मौसम के साफ रहने का की संभावना जताई है।
रामलीला जनकल्याण समिति कुनिहार की अहम बैठक ठाकुर द्वारा मन्दिर हाल में समिति के संयोजक देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में नवरात्रों में रामलीला के मंचन बारे विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें पिछली कार्यकारिणी को ही सर्व सम्मति से कार्य करने के लिए चुना गया। कार्यकारणी में रितेश जोशी प्रधान,उप प्रधान अमन अत्रि,सचिव अभिनव झाँजी, सह सचिव दीपक करीर,कोषाध्यक्ष राधा रमन शर्मा। देवेन्द्र कुमार उपाध्याय को सयोंजक का दायित्व सौंपा गया। समिति में अरविन्द जोशी अजय जोशी को सह संयोजक का दायित्व दिया गया। मंच संयोजक प्रदीप पुरी को बनाया गया। राकेश झांजी, दिनेश सैनी, संजय जोशी मुख्य सलाहकार, आशीष द्ववेदी, संदीप जोशी, मुकेश शर्मा, प्रद्युमन शर्मा को सलाहकार बनाया गया। बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें सर्व सम्मति से प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर के रख रखाव के लिए ग्राम पंचायत हाटकोट से मांग करती है की रामलील जन कल्याण समिति को मंदिर का जिमा दिया जाए। वहीं राम लीला की रिहर्सल 4 सितंबर से मंदिर हाल में आरम्भ की जाएगी। इस बार रामलीला का मंचन पिछले कई वर्षों से अलग किया जाएगा। वहीं खेल समिति का अध्यक्ष साहिल व शोर्य जोशी को बनाया गया अंत में सभी ने निर्णय लिया की इस वर्ष ठाकुर द्वारा मंदिर में आगामी नवरात्रों में मां दुर्गा के विषेश पाठ करवाए जाएंगे, जिसमें राम लीला के सभी सदस्यों को इस कार्य की जिम्मेदारियां दी गई। इसके अलाव हर्षित भारद्वाज,आशीष वशिष्ठ, कर्ण खुराना,प्रिंस खुराना, प्रथम शर्मा,कुश शर्मा, कर्ण अत्री, हैपी कुमार, रूपेश शर्मा, पुलकित शर्मा, सुमित योगिराज, कार्तिक भारद्वाज,मनीष जोशी, पार्थ,प्रियांशु, हन्नी झांजी, राहुल जोशी, कान्हा,सूर्यांश गर्ग,। शोर्य, गोलू, रूपेश शर्मा, हनी जोशी, आदित्य जोशी, आयुष झांजी, भूपेंदर भारद्वाज, मृदुल शर्मा को समिति सदस्य बनाया गया।
उपमंडलाधिकारी कार्यालय में बीते कल रेड क्रॉस मेले के आयोजन को लेकर बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी डॉ मेजर शशांक गुप्ता ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 24 व 25 अगस्त को रामलीला मैदान में रेड क्रॉस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न खेल कूद प्रतियोगिताएं, लोक नृत्य, मैराथन दौड़ और रस्सा कस्सी का आयोजन किया जायेगा, ज़िले में युवाओं को नशे से दूर रहने के सन्देश से जुड़ी इस मैराथन दौड़ में स्कूली बच्चों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के अंडर -14 , अंडर -19 प्रतिभागी भाग ले सकते हैं। इसके आलावा 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागी भी इस मैराथन दौड़ में भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस मेले के दौरान वॉलीबाल खेल का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम 10 हज़ार रूपये का नकद पुरुस्कार तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 07 हज़ार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। वॉलीबाल प्रतियोगिता व अन्य खेल कूद गतिविधियों में भाग लेने वामी टीमें 22 अगस्त 2024 दोपहर 12 बजे तक जिला युवा सेवाएं एवं खेल कूद विभाग के कार्यालय में फुटबॉल कोच विक्रम बिष्ट के पास अपना पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। उपमंडलाधिकारी ने बताया कि वॉलीबाल प्रतियोगिता के लिए प्रति टीम एक हज़ार रूपये प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है।
जिला कांगड़ा के साथ लगते देहरा विधानसभा क्षेत्र में भटहेड़ पंचायत के आईटीबीपी जवान सुरेश कुमार की जम्मू में बस में यात्रा के दौरान हृदयगति रुकने से मौत हो गई। मृतक सुरेश कुमार आईटीबीपी की 15वीं बटालियन में उधमपुर में तैनात थे और 15 दिन की छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर जा रहे थे। जम्मू पहुंचने पर बस में सभी सवारियां उतर गईं, लेकिन मृतक जवान सीट पर ही बैठ रहा। इसके बाद कंडक्टर ने जवान को उठाने की कोशिश की, लेकिन शरीर में कोई हलचल न होने पर उन्हें जीएमसी जम्मू ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बस के स्टाफ ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी और पुलिस ने इसकी सूचना उनकी बटालियन को दी। आज सुरेश कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भटहेड़ पंचायत के भेड़ी गांव में सैनिक सम्मान के साथ किया गया। सुरेश कुमार की दो बेटियों ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। सुरेश कुमार अपने पीछे बूढ़ी मां शीला देवी उम्र 85 साल, पत्नी कमलेश कुमारी और दो बेटियां कनिक्षा और तनिशा को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी स्नातक की पढ़ाई कर चुकी है, जबकि छोटी बेटी लंज कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। जवान सुरेश कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासन की तरफ से कोई भी प्रतिनिधि-अधिकारी नहीं पहुंचा। अंतिम संस्कार के दौरान सैन्य टुकड़ी ने सुरेश कुमार को सलामी दी। एएसआई विजय कुमार और मदन लाल ने बटालियन उधमपुर की तरफ से मृतक जवान सुरेश कुमार को सलामी देकर अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव में शोक की लहर थी। पूरे क्षेत्र के लोगों ने नम आंखों के साथ अपने बेटे को अंतिम विदाई दी।
देश-दुनिया से कटे मलाणा के लिए हेलिकॉप्टर से राशन पहुंचाने की कोशिश सफल नहीं हो पाई। प्रशासन ने हेलिकॉप्टर से राशन मलाणा पहुंचाना था। इसके लिए भुंतर एयरपोर्ट से राशन लेकर हेलिकॉप्टर ने उड़ान भी भरी। लगातार दूसरे दिन हेलिकॉप्टर मलाणा में अस्थायी हेलीपैड पर नहीं उतर पाया। मलाणा गांव के सामने वाली पहाड़ी पर हेलिकॉप्टर से राशन सामग्री फेंकी गई लेकिन कई राशन के पैकेट जमीन पर गिरने के बाद फट गए। हेलिकॉप्टर के हेलीपैड में उतरने की मलाणा के ग्रामीण उम्मीद लगा बैठे थे, लेकिन उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने बिना किसी मशीनरी की सहायता से अस्थायी हेलीपैड तैयार किया था। इसके लिए पहाड़ी जैसी दिखने वाली जगह को समतल किया गया। एक सप्ताह तक गांव के लोग जगह को समतल करने में लगे रहे। अस्थायी हेलीपैड बनने के बाद प्रशासन ने यहां के लिए राशन हेलिकॉप्टर से भेजने का निर्णय लिया। शनिवार को हेलिकॉप्टर जैसे ही मलाणा पहुंचा तो पायलट ने उतारने में जोखिम समझते हुए नहीं उतारा। मलाणा के लोग शनिवार को हेलिकॉप्टर को देखने के लिए यहां पहुंचे थे। मलाणा पंचायत के प्रधान राजू राम ने कहा कि हेलीकॉप्टर दूसरे दिन भी नहीं उतर पाया। उन्होंने प्रशासन से समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि लोगों तक जल्द राशन पहुंचाया जाए तो परेशानी न हो।एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि अब तक मलाणा में 15 क्विंटल राशन पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हेलिकॉप्टर की बजाय पैदल मार्ग से राशन मलाणा पहुंचाया जाएगा।
शिक्षा विभाग के आदेशानुसार प्रदेश के हर विद्यालय में 8 अगस्त से 17 अगस्त तक शिक्षा सप्ताह मनाया गया। इसी कड़ी में छात्र विद्यालय कुनिहार में भी शिक्षा सप्ताह मनाया गया, जिसका शनिवार को अतिथि भोजन के साथ समापन हुआ। विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक ने बताया कि नई शिक्षा नीति की चौथी वर्षगांठ पर यह शिक्षा सप्ताह मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से बच्चों के अभिभावकों व आम जनता को नई शिक्षा नीति के तहत जो नए परिवर्तन व नए सुधार सुझाए गए है बारे जानकारी देकर उन्हें जागरूक करना था। उन्होंने ने बताया कि पूरे सप्ताह प्रत्येक दिन किसी विशेष थीम को मध्य नजर रखते हुए मनाया गया, जिसमे शिक्षा, खेलकूद, पर्यावरण संरक्षण, पोधरोपण व अन्य गतिविधियों से सबको रूबरू करवाते हुए विद्यार्थियों का कौशल विकास, खेल-खेल में सीखना, शिक्षा को विद्यार्थियों के लिए सरल व रोचक बनाना, डिजिटल टेक्नोलॉजी से जोड़ना, जिससे बच्चो का सर्वांगीण विकास हो सके पर पूरा सप्ताह सभी शिक्षकों ने कार्य किया। इस दौरान गोद लिए गांव पुलहाड़ा में बच्चो द्वारा पौधरोपण भी किया गया। इस अवसर पर प्रधान ग्राम पंचायत हाटकोट जगदीश अत्री, उप प्रधान रोहित जोशी, एस एम सी अध्यक्ष रंजीत ठाकुर, सदस्य गोपाल चंद, रक्षा शर्मा, संजू देवी, माला देवी व अभिभावकों आदि लोगो ने विद्यालय पहुंचकर शिक्षा सप्ताह की गतिविधियों के बारे में जाना व अतिथि भोजन में शामिल हुए।
राजधानी शिमला में आईजीएमसी के मेडिकल हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरकर युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को आधी रात के समय आईजीएमसी के लक्कड़ बाजार स्थित मेडिकल गर्ल्स हॉस्टल में एक युवक चौथी मंजिल से गिर गया, जिसे एंबुलेंस 108 से इलाज के लिए आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने जांच करने के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। आईजीएमसी के सीएमओ डॉ. महेश ने बताया कि देर रात लोगों को गर्ल्स हॉस्टल के बाहर कुछ गिरने की आवाज आई, तो सभी हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने जब बाहर देखा तो दीवार के साथ लगकर एक युवक गिरा पड़ा था। मौके पर मौजूद लोगों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया और युवक को तुरंत आईजीएमसी लाया गया, लेकिन सर पर चोट लगने के कारण युवक की मौत हो चुकी थी। युवक की पहचान करण पटियाल (उम्र 22 साल) के तौर पर हुई है। वो एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट था और पालमपुर का रहने वाला था। वहीं, अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर युवक गर्ल्स हॉस्टल की चौथी मंजिल पर देर रात पहुंचा कैसे? वहीं, इस घटना के बाद हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, अब पुलिस हॉस्टल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुट गई है, जिससे पता किया जा सके की आखिर युवक चौथी मंजिल तक कब और कैसे चढ़ा और कैसे वहां तक पहुंचा। वहीं, राजधानी में गर्ल्स हॉस्टल में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है।
**मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड का अलर्ट दिया है। यहां आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जिन पांच जिलों के लिए इस तरह की चेतावनी दी गई है उनमें चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला व सिरमौर हैं। यह अलर्ट रविवार को दोपहर 11.30 बजे तक के लिए दिया गया है। राज्य में अगले पूरे सप्ताह के दौरान मॉनसून सक्रिय रहेगा। मौसम विज्ञान केन्द्र द्वारा प्रदेश में 23 अगस्त तक अनेक स्थानों पर बारिश होने का अलर्ट दिया है। उक्त अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की भी चेतावनी जारी की गई है। वहीं किन्नौर व लाहौल स्पीति में कम बारिश होने का पूर्वानुमान है। मगर शेष जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश होने का अलर्ट है। राजधानी शिमला की बात करें तो शुक्रवार को जहां सूर्य देव के दर्शन हुए वहीं शनिवार सुबह भी मौसम ठीक था। शिमला धुंध की आगोश में नहीं था मगर शनिवार को दोपहर में मौसम बिगड़ गया और बारिश हुई। दोपहर के समय यहां तेज बारिश हुई है। शिमला के साथ कुल्लू, मंंडी, चंबा, सिरमौर में भी एक दो स्थानों पर तेज बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि मैदानों सहित पहाड़ों पर सुबह की शुरूआत धूप खिलने के साथ हुई थी। मगर दिन के समय बादलों के घिरने के चलते कई स्थानों पर बारिश हुई है, जिससे तापमान में भी गिरावट आई है। प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान भी राज्य के कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई है। हमीरपुर में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां पर 76.0 मिलीमीटर बारिश हुई है। ऊना में 67.2 मिलीमीटर बारिश आंकी गई है। धर्मशाला में 40 .2, मंडी में 34.6, बिलासपुर में 40.8, जोगिन्द्रनगर में 35.0 और शिमला के सराहन में 31.0 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश के चलते जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में कई स्थानों पर नुकसान हुआ है। ऐसे में अगर अगामी दिनों के दौरान भी भारी बारिश होती है तो लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
99 स्कूलों में जीरो एडमिशन, 361 में पांच से कम रही छात्रों की संख्या **शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने जारी की अधिसूचना **मल्टी टास्क वर्कर पर भी सरकार ने लिया फैसला **बच्चों की ट्रांसफर की डिप्टी डायरेक्टर से सेंटर हैड टीचर तक की जिम्मेदारी तय **बंद स्कूलों की जमीन और भवन होंगे शिक्षा विभाग के अधीन हिमाचल मंत्रिमंडल में हुए फैसले के बाद शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कुल 460 सरकारी स्कूलों को बंद करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इनमें से 99 प्राइमरी और मिडिल स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी एडमिशन नहीं थी। इन्हें डीनोटिफाई कर दिया गया है, जबकि 361 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को जहां छात्र संख्या पांच से कम थी, नजदीकी दूसरे स्कूल में मर्ज किया गया है। बंद किए गए इन सरकारी स्कूलों के स्टाफ, छात्रों, ऑफिस रिकॉर्ड और भवनों का क्या होगा? इसे लेकर अलग से दिशा निर्देश लिखित में जारी हुए हैं। इन निर्देशों के अनुसार शिक्षा सचिव ने कहा है कि बंद होने वाले स्कूल का वर्तमान स्टाफ नजदीक के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में जाएगा और ये टीचर विद पोस्ट ट्रांसफर होंगे। इस ट्रांसफर के लिए पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। बंद होने वाले स्कूल के मल्टी टास्क वर्कर या वाटर करियर को संबंधित ब्लॉक एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर के डिस्पोजल पर जाएगा। बंद होने वाले स्कूल के बच्चों को नजदीकी स्कूल में ट्रांसफर करने के लिए डिप्टी डायरेक्टर से लेकर सेंटर हैड टीचर तक जिम्मेदारी होगी। डीनोटिफाई हुए स्कूलों का ऑफिस रिकॉर्ड सेंटर स्कूल में रखा जाएगा, जबकि मर्ज हुए स्कूलों का जिस स्कूल में मर्ज हुए हैं, उस स्कूल में रखा जाएगा। बंद होने वाले स्कूलों का फर्नीचर, किताबें या अन्य सामान उसी कॉ प्लेक्स के ज्यादा एनरोलमेंट वाले स्कूलों को दिया जाएगा। बंद होने वाले स्कूलों में जिला कैडर यानी जेबीटी इत्यादि की सेंक्शन पोस्ट डिप्टी डायरेक्टर के कॉमन पूल में डाल दी जाएगी, जबकि टीजीटी जैसी स्टेट लेवल की पोस्ट डायरेक्टरेट लेवल के कॉमन पूल में रखी जाएगी। ये पद बाद में एक्सीलेंस स्कूलों को दिए जा सकते हैं। बंद किए गए स्कूलों की जमीन और भवन शिक्षा विभाग के तहत ही रहेंगे, लेकिन लोकल ग्राम पंचायत या अर्बन लोकल बॉडी इन्हें लाइब्रेरी, जिम, स्पोट्र्स कंपलेक्स इत्यादि के लिए इस्तेमाल कर सकती है।। जीरो एनरोलमेंट वाले 99 प्राइमरी-मिडल स्कूलों पर एक्शन प्राइमरी स्कूल जीरो एनरोलमेंट के कारण बंद किए गए, उनमें घुमारवीं ब्लॉक-1 के प्राइमरी स्कूल रंदौह, भरमौर ब्लॉक के बैलमुंह, सिहुंता ब्लॉक के भतलैहरी, गरौला ब्लॉक के सुनकर, हमीरपुर ब्लॉक के दरवाना गुरजन, हमीरपुर ब्लॉक का खतवीन, बैजनाथ का सुनपुर, भरवाना का जैंद, डाडासीबा का बधल नॉन, देहरा का कियोरी, इंदौरा का रत्नगढ़, कवाली का सौहरा, कोटला ब्लॉक का थारु और गुजरेहरा, कांगड़ा का बदी बेहरी, लंबागांव का अंबोटू छत, नगरोटा सूरियां का भतर, नूरपुर का बासादबियाला, पंचरूखी का अपर रजौत, पालमपुर ब्लॉक का जुगैहर, राजा का तलाब ब्लॉक का सरगोतरन, रक्कड़ ब्लॉक का नौरी, रेट एट शाहपुर का कुरेला, धीरा ब्लॉक का अच्छर, निचार का कंगरग, निरमंड का चंबू और कटमोर, कुल्लू वन-टू और थ्री ब्लॉक के बडियाणा, सरली, प्रभी, केलांग ब्लॉक वन के कोलोंग, सुरथंग और पेयोकर, केलांग ब्लॉक टू के नैनघर, उदयपुर का अघर और ंाजार, सैगालु ब्लॉक का छलाहर, चौंतड़ा ब्लॉक का कुफरू और जरल सहाज, धर्मपुर ब्लॉक का वन और टू ब्लॉक का फागुल, शेरपुर, बेरी, सिराज ब्लॉक की सेरीमनबढ़, करसोग वन ब्लॉक की धनियारा, दंग्र वन और टू ब्लॉक की संतोग, कदूंड, समलंग और नशधारा, ऑट ब्लॉक के शेगलीधार, निहरी ब्लॉक के छैओरी, देहा ब्लॉक के माईपुल, खरौरी, कलहार और कठियाणा, जुब्बल ब्लॉक का शमोट, कोठु, नदल, चौपाल ब्लॉक का कोट और कुपवी, टिक्कर ब्लॉक का सेरिधार और टांगरी, कुमारसैन का कोट, मशोबरा ब्लॉक का कोट, सिपुर, नेरी, बदफर सुन्नी ब्लॉक का नवी और नालाह, ननखड़ी का शोला, बियोट, कुंठ और टुटू, रामपुर सराहन टू का पशहाड़ा,कंधार, किन्फी, पैशगांव, रणर ब्लॉक की मगवानी, गवास, रामपुर ब्लॉक के कांडी, कुहल, परोग,कुपवी ब्लॉक का चुरांह, कफोटा ब्लॉक का गुजोन और रांगुवा, राजगढ़ ब्लॉक के शड़ पजोगा, शड़ोग, नेरीजांगला और नारग के सरहोग स्कूल शामिल है। 10 मिडल स्कूल भी इसी कारण बंद किए गये हैं। इनमें पांगी का परेग्राम, निचार का गारसू, निरमंड का मोइन, आनी का कास्था, स्पीति का गियू, चौंतड़ा टू का भ्रां, दं्रग वन का अंदरालू, सिराज टू का कांडी कोछरा, सुंदरनगर टू का बढू और मझास स्कूल शामिल हैं। 58 मिडिल स्कूल बंद नयनादेवी ब्लॉक में देहानी, सदर ब्लॉक में धामना, चंबा वन ब्लॉक में ककैला, भोरंज ब्लॉक में सैंड, बिझड़ी ब्लॉक में अंबोटा, कोदरा, सुजानपुर ब्लॉक में भेड़ा, बैजनाथ ब्लॉक में चोबू, थाथी, चढिय़ार ब्लॉक में चढिय़ार खास, धीरा ब्लॉक में चरखोला, धर्मशाला ब्लॉक में दियारा, पंचरूखी में अप्पर दत्तल बोहाल, कोटला ब्लॉक में सिहुणी, भरवांड़ा, पूह में रोपा और सुनम, कल्पा ब्लॉक में पोवारी, निरमंड ब्लॉक में थंथल, काजा ब्लॉक में कियाटो, धर्मपुर-2 ब्लॉक में ढलारा और शेरपुर, सुंदरनगर ब्लॉक में घेरा, गोपालुपर-वन में छतर टंडोह, सैगालु ब्लॉक में लगधार, जुब्ब्ल ब्लॉक में ढडोट, जरशाली, सैंसंग-2, तूरन, कोटखाई ब्लॉक में कोटी, मरुथू, सपोहिल, कुमारसैन ब्लॉक में चलाण, कुपवी ब्लॉक में बागी, संत, ननखड़ी ब्लॉक में शिला, नेरवा में धमरोली, रामपुर ब्लॉक में रदौली, उरमन, जांगला में भगवारी, मंगहारा, सुन्नी में हिमरी, चौहारा में जगनोटी, शिमला में गवाही-2, सुन्नी ब्लॉक में मचरेणा, कुमारसैन ब्लॉक में चलान, कोटखाई ब्लॉक में स्पोयल, जुब्ब्ल में खरशाल, रोहडू़ में शालावत, नेरवा में थनगार, रामपुर फस्र्ट में पेट, कफोता में श्माह, पटटा महलोग ब्लॉक में शेरला, अंब ब्लॉक में राजपुर जसवां, बंगाड़ा ब्लॉक में हथवाना और जोल ब्लॉक में चरोली स्कूल को मर्ज किया। 361 प्राइमरी स्कूलों पर ताले घुमारवीं वन और टू ब्लॉक में दोहरु, सोनखर, कसारू, भंडल, लुहनू, जोल देखतर, गुलानी, कुहू मझवार, बदरौण, सथाली, झंडूता ब्लॉक में कोहली, ठिहरा, जौहर देहानी, सदर ब्लॉक में चिकरी, बरनू, पंचहैली, धमना, चरौल जतन, बैंग चैंमबियारा, नयनादेवी ब्लॉक में बधराण, सवारघाट ब्लॉक में धधराणा, नैलन, गौला, पट्टा, बनीखेत ब्लॉक में दूहका, चौंतड़ा, भरमौर ब्लॉक में लमनौथ और पलानी, चंबा वन में चैली, चुवाड़ी ब्लॉक में खोपरु, ढडियारु, बनोई, गरोला ब्लॉक में धोनी, लुहानी, जूवन, भूजनली, टूह, तियारी, मगलून, घेरा ब्लॉक में धार, मेहला टू ब्लॉक में थलोल, सिहुंता ब्लॉक में चैलेरिया, खडेंद्र, दूरधाला, भौंट, खनौरा, अनैन, धनून, सुंधला ब्लॉक में मंझली, छतरैल, तैलरु, खुहंड, भोरंज ब्लॉक में ककरोल, जिजविन, बडियाना, कोट रिसवान, मतलाना, बिझड़ी ब्लॉक में घुमारवी, नलवाड़ बहतर, भूतण, खजियान, मनजारा, थाना, समन कोटी, अंबोटा, ब्रिसविन ब्लह, जलौड़ी में प्लासी, जिआना, बल्ह, हमीरपुर ब्लॉक में थाना लोहारन, हलाना, रोपा कोट, करोष, सुजानपुर ब्लॉक में दारला, बजरोल, निहारी, खोलू, बैजनाथ ब्लॉक में करनारठू, करोट, सरमन, भरवाणा ब्लॉक में सिहोल, चंद्र, भरौड़ा टू, लोहर मलंग, चडिय़ार ब्लॉक में कथौन, कांगड़ी, तैंबर, तंबारु, डाडासीबा ब्लॉक में बरवारा, लग थकरन, नियार, बधल, लोहर नेरी, लोअर बसलैहर, देहरा में कलरू और दंग्र अंब, धर्मशाला ब्लॉक में घियाना खूरड़, सिकना द मोड, भतड़, धीरा ब्लॉक में टिका ब्लह, हरबरल, नेनॉन, कहांपठ, तोरु, घंघारा, फतेहपुर ब्लॉक में लरहूं, झरोली, हड़वाल, ज्वाली में बधैला,बनहारा, जैशर चटवांडा, जंड्ऱोह, कांगड़ा में सुरानी, मैहालू, बाला मटौर, पैहग, अब्दुलपुर, खुंडियां का जमूली, कोटला का बधरैला, लंबागांव का काथला, सुभाषनगर, त्रिंडा, नगरोटा बगवां का नेरा और अबांरी, नूरपुर का बासा वजेरियन, पालमपुर का गडियारा, बगौरा, कुसमल, रामरछन, पंचरूखी का तोरान, होल्सू, अप्प दत्तल, बडैहर, खजुरनु, थाला, किहली, राजा का तालाब ब्लॉक का घरनोट, मकरोली, बासा पठानिया, डडवारा, कुतन, रक्कड़ ब्लॉक का कुरियल घेरा, धार खरोटी, थूरल का पूर्बा-2, भिला, कल्पा ब्लॉक के छिन्नी, कश्मीर सांग्ला, निचार ब्लॉक के पुनांग, करसीम, कुफनू कोलोनी, पुह ब्लॉक में स्वेडन और हैंगमठ, आनी ब्लॉक में मुंगरी, रोपा, ओलवा, भूतिबहन, बशावल, धैर, बंजार ब्लॉक में शारुनगर, मनहम, कुल्लु वन और टू ब्लॉक के धारी, टिक्कर, रशकर, जिआनी, पलयानी, डिंगडिंगी, त्रिसारी, नगर ब्लॉक के कास्टा, गौर, सैंज ब्लॉक के हुरला टू, बिहाली, काजा ब्लॉक लंगजा टू, ताबो, कुंगरी घोंपा, तांगटी योगमा, सैलिंग लोसर टू,काजा टू और गुलिंग, उदयपुर के झोलिंग टू, शकोली, सलपत, उडग़ोज, औट के शाहनी, बाता, बल्ह के खियुरी, बलवानी, छातरु, ट्रोह, चचियोट ब्लॉक के भुरला, चौंतड़ा वन और टू ब्लॉक में कुंकर, पाबो, नरहोली, सनन खेरा, कलेहारू, खजूर, कोहन, मठी बनवार, दुंग वन और टू ब्लॉक में गवालान, खलैल, छहतर, बड़ागांव, छैला पन, त्रयोकना, तिलि पटन, जककरकुट, भटोग, त्रसवन, गोपालपुर वन और टू ब्लॉक के सरौली, गेहरा, रेशर हैवेन, कठोगां, भाहनू, हवानी, जनीन कास बरी मतोली, बदौं, सलोआ, करसोग वन और टू ब्लॉक में चनयाणा, फंडोल, सेयोग, कुंठरी, कांडा, रशोग, मेरोठ, कामनू, बगैण, नराहां, थोगी, निहरी ब्लॉक में सोझा, जबराश, रिवाल्सर ब्लॉक में सनगन, सदर ब्लॉक में पंजैहटी,रखून, काशला, सैगालू ब्लॉक में ढलवाहां, सलवाहां ब्लॉक के सीढ़, सिराज वन और टू ब्लॉक में धनयार, मातला, सढिय़ार सुंदरनगर ब्लॉक एक के खरोटा और सिहरल , सुंदरनगर ब्लॉक दो के कोटला, चौहारा ब्लॉक के गोक्सवारी, चौपाल ब्लॉक के टिकरी और मामवी, देहा ब्लॉक के जोए, कलहर, पलाना, डोडरा कवार ब्लॉक के लागनू और पट्टा डोबू, जुब्बल ब्लॉक के कैरी और बाकन, कसुम्पटी ब्लॉक के बाथमाना, कोटखाई ब्लॉक के किआरवी, बनोल, रूखाला, बरामू, केहमली, सारंधार, खोला, भारोन, जोले, कुमारसैन ब्लॉक के भूतकंडा, एम. चंगाधार, बहाली, बनकोटी, लौघा, जेल्ठी, चिमला, चरूथी, मनडोली, रोपा, कुमारसेन के नगरोट, कुफरबाग, मतियाना का बिशरी, ननखड़ी ब्लॉक के खमाली खलेट, जुन्नी, बस्ताधार, नेरवा का केवली, रामपुर ब्लॉक के प्रांदली, मंढोंग, तलाई, रामपुर-1 के जगुनी, शैलीबमोद, रांसर जांगला का रनोल, रोहड़ू ब्लॉक के कोटसारी, कपरीधार, बार्टू, खगटेड़ी, कंद्रोरा, सराहन के तालरा, निन्वी छल्लड़ी, सराहन बुशहर के दुगीसेरी, शिमला का लझून, सुन्नी ब्लॉक के दमोग, खोब, भराउ, रिओग, पन्याली, कंदौला, मकराचा, ठियोग के कुफ्टा, ढली, बकरास ब्लॉक के दुरेच, शलियान, कफोटा ब्लॉक के केरका गुइना, च्योग, भट्टड़, खोरनवाला का रुंदाना, माजरा का कटल, नाहन के नोगली, नारग के नोमचट, चानालाग, राजगढ़ के पंति दवंग, हिडुता, संगड़ाह के शज खिल, रनवा, सतौन के ददुआ काइला, बाग तिलवाड़ी, शिलाई के जिमटवाड़, सेरखी, सुरला के डोलसरी, बाकारला, अर्की के बंबिरा, सरली, पेओठा, सेरी, धर्मपुर ब्लॉक के नकीयार, अलोब्रा, धुंडन के निचला समलोह, घ्याना याना, शौग, कंडाघाट के कश्मीरी चायमा, कदौर, कुठड़ के राजपुरी, साई मंझ, एंजी डी, नालागढ़ केधार, चंबा धरल, रामशहर ब्लॉक के पंजाल, भलसी, अंब के राजपुर जस्वान, बंगाणा ब्लॉक के पनेड़, खनेड़, भरमौट, गुगहां कलां, गगरेट-1 ब्लॉक के घनाड़ी अप्पर, सलोह बेरी एलटी, तराली, कुठैड़ा जस-जी, जोल के बुहाना, कुद को बंद कर दिए गए है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय( तालाब )कुनिहार में विद्यालय प्रबंधन समिति की आम सभा की बैठक का आयोजन प्रधानाचार्य दीपिका शर्मा की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें नई विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से कृष्ण चंद को एसएमसी का अध्यक्ष तथा सुनीता को उपाध्यक्ष चुना गया। प्रधानाचार्या दीपिका शर्मा ने नवनिर्वाचित एसएमसी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में आज स्नेहलता (रिटायर्ड भाषा अध्यापिका) और सुनीता नेगी के सौजन्य से अतिथि भोजन का आयोजन किया गया, जिसमे विद्यालय की छात्राओं, स्टाफ , एसएमसी सदस्यों व अन्य अतिथियों ने भोजन ग्रहण किया।
हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान ने भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद और इसके सहभागी लैंडस्टैक एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। हिप्पा के निदेशक शुभ करण सिंह और लैंडस्टैक एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दीपक सानन की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य संयुक्त तौर पर ‘समावेशी भूमि सुधारों को समावेशी भू-प्रशासन में बदलने के लिए राज्य क्षमता का निर्माण’ परियोजना पर कार्य करना हैै। इसका उद्देश्य भू-प्रशासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भू-प्रशासन में सुधार और नागरिक सेवाओं व जनकल्याण के क्षेत्रों में सार्वजनिक नीति लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सके। इस परियोजना से जहां ज्ञान व कौशल का आदान-प्रदान होगा, वहीं हिपा को प्रशिक्षुओं के बड़े समूह के लिए नेतृत्व और वार्ता कौशल के क्षेत्र में सहयोग मिलेगा। संस्थान में प्रशिक्षुओं के लिए अब विश्व स्तरीय मानक प्रबंधन दक्षताओं की पहुंच सुनिश्चित होगी।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि समय पर ऋण प्रदान कर लक्षित वर्गों की आर्थिकी को मज़बूत करने में बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मनमोहन शर्मा गत दिवस ज़िला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा आयोजित जिला सलाहकार समीति की त्रैमासिक एवं ज़िला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि व्यक्तिगत एवं सामाजिक स्तर पर आर्थिकी को सुदृढ़ करने में बैंक अहम हैं। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि ज़िला के आमजन तक वित्तीय योजनाएं पंहुचाने के लिए सशक्त एवं प्रभावी प्रचार सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि जन-धन खाते में आधार व मोबाइल सीडिंग निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने भविष्य में बैंकर्स से लाभार्थियों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कृषि तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल बीमा तथा पशु बीमा करवाने के लिए किसानों को प्रेरित करें ताकि लाभार्थियों को समय पर इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर लघु प्रसंस्करण संयत्र स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएं ताकि किसानों की आर्थिकी मज़बूत करने में सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर बैंक शाखाओं में कार्यरत बैंकिग कॉरसपोडेंट का मोबाईल नम्बर व जानकारी पंचायत स्तर पर प्रदर्शित करें ताकि ग्रामीणों को समयबद्ध अपनी बैंक सम्बन्धी समस्या का समाधान मिल सके। मनमोहन शर्मा ने ज़िला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को निर्देश दिए कि लम्बित पड़े ऋण मामलों को शीघ्र निपटाएं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने के लिए प्राप्त आवेदनों पर पात्रता अनुसार शीघ्र कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि युवा उद्यमी समय पर लाभ प्राप्त कर अपना व्यवसाय आरम्भ कर सकें। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह ऋण सम्बन्धी मामलों के अविलम्ब निपटारे के लिए बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करें। उपायुक्त ने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रसंस्करण के माध्यम से उत्पाद की शेल्फ लाईफ बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में यूको आरसेटी को कृषि व्यवसाय से सम्बन्धित प्रशिक्षण कार्यक्रम आरम्भ करने की सम्भावनाएं तलाशनी चाहिएं। यूको ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने चाहिएं जो युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्रदान कर सकें। यूको आरसेटी को विभिन्न विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण शिविर तथा किसान क्रेडिट कार्ड के लिए मेलों का आयोजन समय-समय पर करते रहना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण लोग लाभान्वित हो सकें ज़िला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, यूको आरसेटी की निदेशक मीनू रियां, नाबार्ड के ज़िला विकास प्रबंधक अशोक चौहान, पशु पालन विभाग सोलन के अतिरिक्त निदेशक डॉ. विजय कुमार पाठक, विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित बैंकों के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे।


















































