बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने खंड सतरीय अंडर-14 अप्पर जोन छात्र खेलकूद प्रतियोगिता में बैडमिंटन में विजेता ट्राफी का ख़िताब जीता। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि इस खंड सतरीय छात्र खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन इश्वार्मा पब्लिक स्कूल दाडलाघाट में 11 अगस्त से 13 अगस्त तक किया गया था, लगभग 305 छात्रों ने इस खेल कूद प्रतियोगिता में भाग लिया I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय से 5 बच्चों ईशान ठाकुर, आयुष, कुशल, नैतिक और कार्तिक ने बैडमिंटन प्रतियोगिता में भाग लिया था I इस खेल कूद प्रतियोगिता में लगभग 18 स्कूलों ने बैडमिंटन में भाग लिया, जिसमे उन्होंने अंतिम मुकाबले में सुल्तानपुर स्कूल को परास्त कर विजेता ट्राफी अपने नाम की I शारीरिक शिक्षक अमर देव ने बताया कि इन बच्चो का चयन जिला सतरीय खेल कूद प्रतियोगिता के लिए हुआ है I बीएल स्कूल लगातार कई सालों से बैडमिंटन ट्राफी का वर्चस्व कायम रखे हुए है I खेल कूद सपर्धा के समापन समारोह के उपरान्त सभी विजेताओं और उप-विजेताओं को अर्की विधानसभा एम्एलए व CPS संजय अवस्थी द्वारा पारितोषिक देकर सम्मानित कियाI विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष तथा अध्यापक अभिभावक संघ के सभी सदस्यों ने भी बच्चों व उनके अभिभावकों के साथ-साथ शारीरिक शिक्षक अमर देव को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है I इस खेल कूद स्पर्धा के दौरान प्रारम्भिक खेल अधिकारी जिला सोलन महेंदर सिंह ठाकुर, खेल प्रभारी सीस राम और अन्य कोच आदि भी मौजूद रहे I विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल, मुख्यध्यापिका सुषमा शर्मा और समस्त अध्यापक वर्ग ने उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी I विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि खेल कूद के क्षेत्र में भी विद्यालय और कुनिहार का नाम रोशन करते हैं I
मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन इंदौरा में स्वतंत्रता दिवस को बडे ही हर्षोल्लास उत्साह के साथ मनाया गया। इसका शुभारम्भ कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार ने ध्वजारोहण कर किया। साथ में उन्होंने मां सरस्वती एवं स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र पर माल्यापर्ण किया। शिक्षा संकाय के प्रशिक्षु अध्यापकों ने सरस्वती वंदना व राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम गाकर यह स्वतंत्रता दिवस के महोत्सव को हर्षोल्लास से मनाया। काॅलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार ने कहा कि देश के विकास तथा उत्थान में हमारे छात्रों की अहम भूमिका होती है। इस दौरान अपने विचार व्यक्त कर छात्रों से हर-घर तिरंगा लहराने की अपील की तथा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस कार्यक्रम में बी.एड के अध्यापक वर्ग और बी.एड के प्रशिक्षु अध्यापक उपस्थित रहे ।
** आलमपुर में भाजपा ने निकाली तिरंगा झंडा रैली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर आज आलमपुर में हर घर तिरंगा अभियान के तहत जयसिंहपुर भाजपा मंडल द्वारा तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। तिरंगा अभियान के तहत जयसिंहपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र राणा, पूर्व जयसिंहपुर विधायक रविंद्र रवि धीमान के नेतृत्व में आलमपुर बाजार में हर कार्यकर्ता ने हाथ में तिरंगा झंडा फहराते हुए देशभक्ति के नारे लगाते हुए रैली निकाली। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आजादी के अमृत महोत्सव पर 11 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा झंडा अभियान पूरे देश में मनाया जा रहा है और जयसिंहपुर का कार्यकर्ता पूरे देशभक्ति के जज्बे के साथ 112 बूथ पर यह कार्यक्रम की शुरुआत कर रहा है। इस कार्यक्रम में भाजपा युवा मोर्चा के बहुत से कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूर्व विधायक रविंद्र धीमान ने कहा कि तिरंगा देश की आन बान और शान है और हर व्यक्ति तिरंगा फहराते हुए गौरवान्वित महसूस करता है। इसलिए हर घर तक तिरंगा पहुंचे इसकी व्यवस्था करना हर देशभक्त का कर्तव्य है। और हम सब मिलकर अपने क्षेत्र में तिरंगा झंडा पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे।
**जयसिंहपुर और टम्बर में पुरस्कृत किए खिलाड़ी **यादविंदर गोमा बोले, खेलों से होता छात्रों का सर्वांगीण विकास जयसिंहपुर: आयुष, युवा सेवाएँ एवं खेल तथा क़ानून मंत्री, यादविंदर गोमा ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में खेल गतिविधियों के आयोजन से विद्यार्थी में सामाजिक व्यवहार के साथ-साथ बेहतर अनुशासन की भावना आती है। खेल गतिविधियों से विद्यार्थियों का शारीरिक विकास होता है वहीं मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। गोमा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टम्बर में चार दिवसीय जोनल लेवल अंडर -14 ( छात्र- छात्रा ) वर्ग खेलकूद प्रतियोगिता के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्र में पढ़ रहे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। गुणात्मक शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा व्यापक प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टम्बर स्कूल के नए भवन का निर्माण कार्य बहुत जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा । उन्होंने स्कूल के लिए पक्की सड़क, भव्य गेट, बास्केटबॉल ग्राउंड का निर्माण करवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि जिला स्तर के लिए चयनित खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखार कर और बेहतर प्रदर्शन करें। यादविंदर गोमा ने शिक्षा खण्ड चढियार के 18 स्कूलों के 220 खिलाड़ियों में से विभिन्न खेल स्पर्धाओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी वितरित किए। इससे पहले आयुष मंत्री ने स्कूल परिसर में सजावटी पौधा भी रोपित किया। इस दौरान स्थानीय विद्यालय की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। इसके उपरांत युवा सेवाएँ एवं खेल मंत्री ने राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जयसिंहपुर में शिक्षा खंड लम्बागांव के अंडर 14 जोनल लेवल ( छात्र- छात्रा ) वर्ग खेलकूद प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इसमे जयसिंहपुर में शिक्षा खंड लम्बागांव के 30 सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के 424 खिलाड़ियों ने भाग लिया। यादविंदर गोमा ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वह जिला व प्रदेश स्तर में अपनी बेहतर प्रदर्शन कर अपने स्कूल और क्षेत्र का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में लोगों की भावनाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप विकासात्मक कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर में 15 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा इसके लिए शुरुआती तौर पर 5 करोड़ पर स्वीकृत कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मैदान में दो हाई मास्ट लाइटें भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर के रामलीला कला मंच के महत्व को देखते हुए कला मंच के जीर्णोद्धार के लिए 15 लाख रुपए भी स्वीकृत किए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य संस्थानों की सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। जयसिंहपुर नागरिक अस्पताल में सप्ताह के दो 2 दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को स्कूल के लिए 6 कमरों के अतिरिक्त भवन के निर्माण के लिए बजट का प्रावधान करवाने का भी आश्वासन दिया ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और स्कूल अधोसंरचना उपलब्ध हो सके। इस दौरान एसडीएम संजीव ठाकुर, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस जसवंत डढवाल, तहसीलदार अभिषेक भास्कर, बीडीओ सिकंदर, अधिशासी अभियंता विजय वर्मा एवं संजय ठाकुर, टम्बर पंचायत उप प्रधान महेंद्र डढवाल, जयसिंहपुर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव चोपडा, विभिन्न स्कूलों के अध्यापक, प्रतिभागी खिलाड़ी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
शिमला: भारतीय सेना की अग्निवीर योजना की लिखित परीक्षा पास करने वाले युवाओं को शिमला भर्ती कार्यालय की ओर से फिजिकल टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिलों के युवा www.joinindianarmy.nic.in वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। फिजिकल टेस्ट प्रिथी मिलिट्री स्टेशन, अवेरीपट्टी, रामपुर बुशहर में 3 सितम्बर से 9 सितम्बर 2024 के बीच होंगे। युवाओं को अग्निवीर बनने के लिए 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। कम से कम छह और अधिकतम 10 चिनअप, 9 फीट गड्डे को पार करने के साथ जिग जैग बैलेंस दिखाना होगा। सेना भर्ती कार्यालय शिमला की भर्ती निदेशक कर्नल पुष्विंदर कौर ने बताया कि, 'उम्मीदवार अपने साथ दसवीं एवं बारहवीं पास की मार्कशीट, मूल निवास स्थाई प्रमाणपत्र (Bonafide / Himachali Cert), डोगरा/ माइनॉरिटी प्रमाणपत्र (Dogra Class/ Minority Cert.), जाति प्रमाणपत्र (Caste Cert.), चरित्र प्रमाणपत्र (Character Cert.) केवल नायब तहसीलदार/ तहसीलदार कार्यालय से क्यूआर कोड के साथ ऑनलाइन जारी किया हुआ ही मान्य होगा। उम्मीदवारों को ऐफिडेविट (भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार), 20 रंगीन पासपोर्ट साइज़ फोटो, जिसका बैकग्राउंड नेवी ब्लू हो और अविवाहित होने का प्रमाणपत्र लाना होगा, जिन उम्मीदवारों के पास टेक्निकल शिक्षा प्रमाणपत्र (NIELIT/ITI), एनसीसी और वैध खेल कूद प्रमाणपत्र हो तो उसे अपने साथ जरुर लेकर आएं। उम्मीदवारों के पिताजी सेवानिवृत या सेवारत हैं उन्हें उम्मीदवार ‘रिलेशनशिप सर्टिफिकेट’ एवं साथ में 'डिस्चार्ज बुक' की कॉपी लेकर भर्ती के लिए आना होगा। भर्ती निदेशक कर्नल पुष्विंदर कौर ने युवाओं से आह्वान किया है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में कोई भी दिक्कत होने से भर्ती कार्यालय शिमला में संपर्क करें। भर्ती कार्यालय शिमला ऐसे में हरसंभव मदद करेगा। साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों को दलालों से भी सावधान रहने की सलाह दी है। बता दें कि शिमला भर्ती कार्यालय की ओर से शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के युवाओं की ऑनलाइन लिखित परीक्षा विभिन्न केंद्रों पर 22 अप्रैल को आयोजित की गई थी।
** मुकेश अग्निहोत्री ने साझा की जानकारी लंबे अरसे से लंबित पड़ी फ़ीना सिंह सिंचाई योजना को केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दी। क़रीब 300 करोड़ राज्य कोष से खर्च करने के बाद एक दशक से लटकी थी यह परियोजना। अब बाक़ी राशी केन्द्र उपलब्ध करबायगा। यह राशी भी क़रीब 300 करोड़ के आसपास रहेगी। यह योजना कांगडा ज़िले के लिए वरदान रहेगी। हिमाचल में सरकार बनने के बाद से इसे लगातार हम केन्द्र से उठा रहे थे। इस मंज़ूरी के लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल का आभार एवं राज्य के जल शक्ति विभाग ब सहयोगी अफ़सरों को बधाई। याद रहे यह हिमाचल के पानी विभाग का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिस के लिए लम्बा संघर्ष हुआ।
** प्रतियोगिता में 12 स्कूलों के 172 छात्रों ने लिया भाग राजकीय वरिष्ठ माद्यमिक विद्यालय कोट बेजा में शिक्षा खंड पट्टा के तहत आने वाले बारह स्कूलों के 172 छात्रों की खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूली छात्रों द्वारा कबड्डी, बैडमिंटन, बॉलीवॉल ,खो खो, मार्च पास्ट,आदि प्रतियोगिता करवाई गई। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर जिला परिषद सदस्य रीना चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। मुख्य अतिथि का स्कूल परिसर में पहुचने पर प्रिंसिपल, विद्यालय स्टाफ,अभिभावको और स्थानीय लोगो ने स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चो को बधाई देते हुए कहा कि मानव जीवन मे खेलो का बड़ा महत्व है तथा खेल हमे जीवन मे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते है उन्होंने बच्चों से आवाहन किया कि वे जीवन मे हमेशा नशे से दूर रहें व परीक्षा में अच्छे अंक लेकर अपने अभिभावको,व गुरूजनों का नाम रोशन करें। मुख्य अतिथि ने खेल प्रतियोगिता में विजेता,उपविजेता टीमो को ट्राफी देकर समानित किया। स्कूल प्रसाशन की ओर से स्कूल की प्रिंसिपल निरुपमा अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के सामने स्कूल के खेल मैदान के लिए धनराशि की मांग की, जिस पर जिला परिषद सदस्य ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की तथा साथ ही स्कूली बच्चों के लिये 5100 रुपए भी प्रदान किए । इस अवसर पर पंचयात प्रधान किरण ठाकुर, राजेन्द्र शर्मा, नरेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्तिथ रहे।
कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर द्वारा आज पौधरोपण कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के छात्रों द्वारा कंगैहन में गौशाला के पास पौधरोपण किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयोजक डॉ. विकास कालोत्रा व डॉ. हरजिंदर के नेतृत्व में किया गया। महाविद्यालय के छात्रों ने पर्यावरण का ध्यान रखते हुए इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया व हमारी धरती को हरा भरा रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अभियान में एसडीएम जयसिंहपुर संजीव ठाकुर मौजूद रहे व छात्रों को संबोधित करते हुए पर्यावरण सुरक्षा के बारे में विचार सांझा किए। साथ ही उन्होंने छात्रों द्वारा पर्यावरण संरक्षण में किए गए उनके प्रयासों की सराहना की और भविष्य मे इस प्रकार के योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता रहा, जिसके अंतर्गत लगभग 200 वृक्ष लगाए गए। संयोजक प्रो. विकास कलोत्रा ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए इस तरह के अभियान चलाए जाएगें।
हिमाचल में सुक्खू सरकार ने बड़ा फेरबदल करते हुए 27 तहसीलदारों का तबादला किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सरकार की तरफ से जारी आदेशों के मुताबिक नीलम कुमारी को चंबा से बदलकर टेंपल ऑफिसर ब्रजेश्वरी जिला कांगड़ा लगाया गया है। नीलक्ष शर्मा तहसील ऑफिस ननखडी से ट्रांसफर करके अब तहसीदाद रिकवरी डीसी ऑफिस सिरमौर का जिम्मा देखेंगे। अपूर्व शर्मा तहसील कांगड़ा भेजा गया है। बालकृष्ण को तहसील ऑफिस की जिम्मेवारी सौंपी गई हैं। डॉ आशीष शर्मा को तहसील ऑफिस भोरंज जिला हमीरपुर का दायित्व सौंपा गया है। रजत सेठी को तहसील थुनाग जिला मंडी में तहसीलदार लगाया गया है। संजीव गुप्ता को तहसील ऑफिस शिमला रूरल का जिम्मा देखेंगे। ऋषभ शर्मा को तहसील ऑफिस पांवटा साहिब में अपनी नई जिम्मेवारी संभालेंगे। वहीं, सुनील चौहान को हिमुडा शिमला में तहसीलदार लगाया गया है। परीक्षित कुमार को तहसील रामपुर जिला शिमला में अपना कार्यभार संभालेंगे। इसके अतिरिक्त हीरालाल घेजटा को तहसीलदार तहसील अर्बन होंगे। विक्रम जीत सिंह तहसील थुरल जिला कांगड़ा में अपना नया पदभार संभालेंगे। सुमेध शर्मा टीसीपी शिमला एक्स कैडर पोस्ट लगाया गया है। वहीं, जय सिंह की ट्रांसफर तहसील डडाहु जिला सिरमौर के लिए की गई है। इसी तरह से कुलताज को बदल कर तहसील नगरोटा सुरियां जिला कांगड़ा भेजा गया है। शिखा कुमारी की तहसील घनारी जिला ऊना में तहसीलदार का जिम्मा सौंपा गया है। अजय कुमार की ट्रांसफर तहसील ज्वाली जिला कांगड़ा के लिए की गई है। विनोद कुमार को तहसील होली जिला में तहसीलदार लगाया गया है। नितेश ठाकुर की तहसील भुंतर जिला कुल्लू के लिए ट्रांसफर की गई है। वहीं, प्रवीण कुमार को तहसील धर्मशाला जिला कांगड़ा के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त गिरि राज को स्टैंप सेल हिमाचल प्रदेश सचिवालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभिषेक चौहान अब तहसील कुपवी जिला शिमला में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, राजीव रांटा को एससी/एसटी कॉर्पोरेशन सोलन भेजा गया है। इसके अलावा मनोहर लाल को टेंपल ऑफिसर ज्वाला जी लगाया गया है। राहुल कुमार की ट्रांसफर तहसील ज्वालामुखी जिला कांगड़ा के लिए की गई है। कैलाश कौंडल की बदली सेटलमेंट अर्की जिला सोलन के लिए की गई है। इसी तरह से वरुण गुलाटी की ट्रांसफर तहसील करसोग जिला मंडी के लिए की गई है।
राजकीय स्नातक महाविद्यालय इंदौरा में एक भारत, सर्वश्रेष्ठ भारत के अंतर्गत छात्रों को विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया गया, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता ने की। इसमें बताया गया कि विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बीच अधिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समझ को बढ़ावा देने के लिए भारत की विविधता में एकता के प्रमाण के रूप में कैसे खड़ा है। इसके साथ ही बच्चो को अवगत करवाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल का विचार 31 अक्टूबर 2015 को सरदार पटेल की 140वी जयंती के अवसर पर उनके विचारों से प्रेरित होकर आजादी के बाद देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत में विविधता में एकता की भावना के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को सांझा करना आदि बातचीत को बढ़ावा देना, अलग-अलग प्रदेशों में भाषा सीखने, संस्कृति और परंपराओं जैसे संगीत, पर्यटन ,विभिन्न व्यंजन ,खेल ,नाटक पोस्टर बनाना ,प्रश्नोत्तरी ,प्रतियोगिता नृत्य ,पेंटिंग, दीवार पत्रिका ,गीत, कविता पाठ ,टॉकटाइम जैसी कई गतिविधियों का आयोजन करते हैं। DOSEL ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ावा देने के लिए हर महीने 30000 स्कूलों के औसतन 18 लाख छात्रों को विभिन्न शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को शामिल किया है, इसमें लगभग 50 बच्चों ने भाग लिया इस अवसर पर प्रोफेसर योगेश, डॉक्टर अवस्थी, कार्यक्रम की संयोजक प्रोफेसर रेखा पठानिया ,प्रोफेसर आरके गुप्ता ,प्रोफेसर नरेश कुमार, प्रोफेसर पूनम आदि लोग उपस्थित रहे।
** खुदाई से पहले ही टनल के ऊपर गिर गया पहाड़ी का बड़ा हिस्सा **बाहर खड़े कर्मियों ने भागकर बचाई अपनी जान हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में टनल गिरने से अफरा-तफरी मच गई। आज सुबह शिमला में निर्माणाधीन टनल भरभराकर गिर गई। कालका से शिमला निर्माणाधीन फोरलेन पर संजौली के चलौंठी में टिटरी टनल का काम चल रहा था। सोमवार शाम को यहां कुछ पत्थर और मिट्टी गिरनी शुरू हुई थी, इसके बाद टनल में काम में लगे कर्मचारी और मशीनरी पहले ही बाहर निकाल ली गई थी। NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर अचल जिंदल ने कहा, "जहां टनल का पोर्टल बन रहा था, वहां मलबा डंप हो गया था। पोर्टल को पक्का करने का काम चल रहा था। तेज बारिश में टनल के पोर्टल पर लैंडस्लाइड हो गया। गौरतलब हैं कि शिमला में इन दिनों टनल बनने का काम चला हुआ है। मल्याणा से चलोंठी की ओर फोरलेन की टनल बनाने का काम चल रहा है। हेलीपैड के पास बन रही यह टनल बरसात के कारण गिर जाने से लोगों में डर बैठ गया है।
बागवानों की फसल का पैसा न चुकाने के बाद बाहरी राज्यों की मंडियों में पलायन करने वाले डिफाल्टर आढ़तियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने कृषि उपज विपणन बोर्ड को ऐसे आढ़तियों के खिलाफ हुई शिकायतों का रिकाॅर्ड खंगालने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश की मंडियों में काम करने वाले कुछ डिफाल्टर आढ़तियों ने लाइसेंस का नवीनीकरण न होने के बाद हरियाणा की मंडियों में काम शुरू कर दिया है। सरकार ने बागवानों से भी पंजीकृत आढ़तियों को ही फसल देने का आग्रह किया है। बागवानों से ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। अब तक एसआईटी कुल 3,451 में से 3,076 शिकायतों का निपटारा कर चुकी है और बागवानों को करोड़ों रुपये की पेमेंट भी करवाई गई है। बाहरी राज्यों में पलायन करने वाले डिफाल्टर आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई का जिम्मा भी एसआईटी को सौंपने की तैयारी है। राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक हेमिस नेगी ने बताया कि बागवानों से आग्रह है कि अपनी फसल मंडियों में पंजीकृत आढ़तियों को ही बेचें ताकि फसल का पैसा न देने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने लोगों से आह्वान किया है कि वे प्रदेश भर में ठप पड़ी या खराब हालत की सडक़ों के बारे में जानकारी भेजें। विक्रमादित्य सिंह के इस आह्वान के बाद सडक़ों को लेकर सवाल उठाने वालों ने कुछ ही समय में हज़ारो कमेंट कर दिए, जिसमे लोगो ने अपने क्षेत्र की सड़को की जानकारी दे दी। अब पीडब्ल्यूडी मंत्री इस जानकारी के बाद आगामी कौन सा कदम उठाएंगे या सबसे पहले किस सडक़ का मुआयना करने जाएंगे, इस पर सभी प्रदेशवासियों की नजरें टिकी हुई हैं। विक्रमादित्य सिंह ने पिछले साल सडक़ ठप होने की जानकारी दूरभाष पर देने की सलाह दी थी। इसके लिए विभाग ने एक नंबर भी जारी किया था और इस नंबर पर रोजाना अनेक फोन विभाग के पास आ रहे थे। अब यह दूसरी बार है, जब मंत्री लोगों के साथ संपर्क साधकर प्रदेश की खराब सडक़ों को सुधारने का प्रयास कर रहे है और इसको लेकर अब लोगो में काफी उत्सुकता देखी जा रही हैं।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के एक ट्रक ने स्कूटी को टक्कर मारी। इससे महिला की मौत हो गई और स्कूटी चालक को गंभीर चोटें आई। घायल चालक का मेडिकल कालेज नेरचौक में उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। सूचना के अनुसार, बल्ह घाटी की महिला रमा देवी ने बीती शाम को अपने घर जाने को स्कूटी सवार से लिफ्ट ली। जैसे ही महिला अपने घर बग्गी के समीप गनियुरा पहुंची, तो पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार, टक्कर के बाद महिला ट्रक के पिछले टायर की चपेट में आ गई। जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। स्कूटी चालक राम सिंह को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि मृतक महिला नेरचौक मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मी थीं। एएसपी मंडी सागर चन्द्र ने बताया कि लोहारा बस स्टॉप के पास यह हादसा हुआ है, जिसमें ट्रक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। उन्होंने कहा कि हादसे में महिला की मौत हो गई और स्कूटी चालक गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
** संस्था ने लगभग 50 पौधे किए रोपित कुनिहार के गांव नगर सिहांवा के जंगल में संभव चेरिटेबल संस्था की अध्यक्षा प्रतिभा कंवर के नेतृत्व में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया गया, जिसमे संस्था की महिलाओ ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस पौधरोपण मुहिम के तहत संस्था ने लगभग 50 से ज्यादा पौधे रोपित किए। गौर रहे कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर संस्था हर वर्ष जहां पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित करती है तो वहीं अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी संस्था का पूरा साल भरपूर योगदान रहता है। संस्था की अध्यक्षा प्रतिभा कंवर ने बताया कि एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए संस्था ने पौधरोपण किया, जिसमे 50 के करीब औषधीय व फलदार पौधो को रोपित किया गया। तथा संस्था ने इन पौधो के सरंक्षण का भी जिम्मा लिया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान आक्सीजन की मात्रा बढ़ाने, धरती का तापमान कम करने, भूजल स्तर को ऊपर लाने और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान करने में समर्थ होगा। प्रतिभा कंवर ने इस अभियान के तहत फलदार पौधा लगाकर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया। इस अवसर पर वन विभाग से आर ओ साहिल चंदेल, वन रक्षक रीता दास, संजीव कुमार सहित कांता जोशी, कौशल्या कंवर, संतोष,मीना गर्ग, मीरा, कुसुम, विजयलक्ष्मी, लता, ओजस्विनी ठाकुर ,लोकेंद्र कंवर सहित अन्य मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बैचवाइज आधार पर नियुक्त जेबीटी शिक्षकों के स्कूलों में फिर से विद्यार्थियों की संख्या जांची जाएगी। 1,100 शिक्षकों की नियुक्तियाें के एक साथ आदेश होने के चलते कुछ कमियां रह जाने की प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को शिकायतें मिली हैं। बताया जा रहा है कि कुछ ऐसे स्कूलों में भी शिक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं जिन्हें बंद या मर्ज किया जाना है। ऐसे में निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से दोबारा से नियुक्तियों को जांचने के लिए कहा है।शिक्षा निदेशालय से जिला उपनिदेशकों को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रतिनियुक्तियों के सहारे चल रहे स्कूलों को नियुक्तियों में पहली प्राथमिकता दी जाए। देखा जाए कि इन स्कूलों में पांच से अधिक विद्यार्थी होने चाहिए। इसके अलावा सिर्फ एक शिक्षक के सहारे चल रहे 20 से अधिक विद्यार्थियाें की संख्या और बहुत अधिक नामांकन वाले स्कूलों में ही जेबीटी शिक्षकों को नियुक्त किया जाए। राज्य सरकार ने बीते दिनों ही विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 108 और पांच व पांच कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 451 स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में मर्ज करने का फैसला लिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 1,100 शिक्षकों की नियुक्तियों के एकसाथ आदेश जारी होने से कुछ कमियां सामने आई हैं। इन कमियों को ठीक करने के लिए जिला अधिकारियों से दोबारा से नवनियुक्त शिक्षकों वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या को जांचने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश में स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी महाविद्यालयों में भी शिक्षकों के युक्तिकरण की तैयारी हो गई है। जिन महाविद्यालयों में सरप्लस शिक्षक हैं, वहां से उन्हें अन्यत्र महाविद्यालयों में भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार ने उच्चतर शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी महाविद्यालयों से इस बारे में डाटा मांगा है। युक्तिकरण को लेकर कॉलेज प्रधानाचार्यों से मांगी जानकारी के बाद कॉलेज शिक्षकों में हड़कंप है क्योंकि व्यवस्था परिवर्तन का नारा लेकर सत्ता में आई प्रदेश कांग्रेस सरकार कम संख्या वाले स्कूलों को बंद करने और शिक्षकों की युक्तिकरण को लेकर पहले ही आगे बढ़ चुकी है। अब इस कड़ी में सरकारी महाविद्यालयों की बारी है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के माध्यम से जानकारी एकत्रित कर प्रदेश सरकार को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महाविद्यालयों में माइनर में तो विद्यार्थियों की संख्या सही होती है लेकिन मेजर विषय में बहुत कम विद्यार्थी हैं, जबकि मेजर विषयों के शिक्षकों की संख्या अधिक है। दरअसल प्रदेश में कई ऐसे महाविद्यालय हैं, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या नाममात्र है, लेकिन संबंधित विषय के शिक्षकों की संख्या अधिक है। विद्यार्थियों की कम संख्या के बावजूद कई शिक्षक सालों से गृह जिले में डटे हुए हैं जबकि कुछ ऐसे महाविद्यालय भी हैं, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, लेकिन वहां शिक्षकों की कमी है। जिन महाविद्यालयों में स्टाफ की कमी है वहां पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं सरकार के खजाने पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है। बीए प्रथम वर्ष, बीए द्वितीय वर्ष, बीए तृतीय वर्ष, बीएससी प्रथम वर्ष, बीएससी द्वितीय वर्ष, बीएससी तृतीय वर्ष, बीकॉम प्रथम वर्ष, बीकॉम द्वितीय वर्ष, बीकॉम तृतीय वर्ष, एमए, एमकॉम और एमएससी में विद्यार्थियों की दाखिला संख्या, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर की संख्या, शिक्षकों पर कार्यभार कितना इसकी स्वीकृत परफार्मा पर जानकारी मांगी गई है। नियमानुसार 40 विद्यार्थियों की कक्षा पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है, लेकिन कई जगह 4 से 5 शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थियों की संख्या का संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष बारीकी से अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, ताकि गलत आंकड़े की गुंजाइश बिलकुल न रहे। प्रदेश सरकार के आदेश पर शिक्षकों के युक्तिकरण को लेकर प्रदेश के महाविद्यालयों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षकों की संख्या की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
**विद्युत बोर्ड के खम्बों से तारो के जाल तुरंत हटाने के निर्देश दिए लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां नगर निगम शिमला एवं शहरी विकास विभाग के साथ आयोजित बैठक में शिमला शहर में निर्माणाधीन विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों व क्षेत्र की लंबित मांगों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत नगर निगम शिमला के तहत आने वाले क्षेत्रों में चल रही विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का ब्योरा लिया तथा विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लंबित कार्यों को तय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नगर निगम शिमला के तहत कई क्षेत्रों में विद्युत के खम्बों पर कई तरह के केबल के जाल बना दिये गए हैं। उन्होंने कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि इससे शहर की सुन्दरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही यह सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर विषय है। उन्होंने विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को इन केबल वायर को तुरंत हटाने तथा एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिमला शहर में विभिन्न स्थानों पर बन रही पार्किंग, पुल, लिफ्ट इत्यादि कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने एवं रिज मैदान के समीप क्षतिग्रस्त डंगे की तुरंत मरम्मत करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने सभी पार्षदों सेे वार्ड में पार्किंग निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव शीघ्र विभाग को भेजने को कहा, ताकि शिमला के हर वार्ड में पार्किंग की समस्या का समाधान किया जा सके। उन्होंने शिमला शहर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक क्लब व बच्चों के लिए हर वार्ड में उपयुक्त स्थान पर एक खेल मैदान बनाने के बारे में भी चर्चा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में तुरंत कार्यवाही आरम्भ की जाए। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिमला जल प्रबंधन निगम की प्रथम पेयजल योजना बल्क वॉटर सप्लाई स्कीम (सुन्नी-शकरोड़ी) शीघ्र ही आरंभ कर दी जाएगी, ताकि शहरवासियों को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जिन विभागों के पास स्वीकृति के मामले लंबित हैं, उन्हें अति शीघ्र पूर्ण किया जाए। इस अवसर पर शिमला शहरी क्षेत्र के विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, विभिन्न वार्डों के पार्षद, आयुक्त नगर निगम शिमला भूपेन्द्र कुमार अत्री, निदेशक शहरी विकास विभाग गोपाल शर्मा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) शिमला और अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाना (एआईएमएसएस) चमियाना में विभिन्न श्रेणियों के 489 नए पदों का सृजन कर भरने की मंजूरी दी है। इस पहल से जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। इन पदों में सामान्य चिकित्सा में 10 पद, बाल रोग में तीन, आर्थोपेडिक्स, आपातकालीन चिकित्सा और नेत्र विज्ञान में दो-दो पद और त्वचा विज्ञान और ईएनटी में एक-एक पद शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में इस स्टाफ की तैनाती से लोग विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाना को यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में एक-एक नए पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ देखभाल में विस्तार इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रोगियों को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने को प्राथमिकता दे रही है। आईजीएमसी शिमला के अलावा, सरकार डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में भी विभिन्न श्रेणियों के 462 पदों को भर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा पर्याप्त पैरामेडिकल और अन्य सहायक कर्मचारियों को भरने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन पदों में 400 स्टाफ नर्स, 43 ऑपरेशन थियेटर सहायक, 11 नर्सिंग ऑर्डरली-सह-ड्रेसर, दो आहार विशेषज्ञ, एक फिजियोथेरेपिस्ट और चार डेटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।
सिरमौर: जिला पुलिस लगातार नशा तस्करी पर शिकंजा कस रही है। पुलिस अब तक कई नशा तस्करों को जेल भी भेज चुकी हैं। इसके बाद नशा तस्करी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी कड़ी में जिला की पांवटा साहिब पुलिस ने एक गाड़ी से नशे की बड़ी खेप बरामद करने में सफलता हासिल की है। यहां पुलिस 98.012 किलोग्राम भुक्की/चूरापोस्त सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि जिला में चूरापोस्त के अब तक की सबसे बड़ी खेप हो सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार पुलिस थाना पांवटा साहिब को अवैध नशीले पदार्थों की सप्लाई को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद स्थानीय थाना के एसएचओ के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। देर रात कार्रवाई के दौरान भूपपुर में एक गाड़ी नंबर एचपी 85-5786 को तलाशी के लिए रोका गया। गाड़ी में सवार चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम जाकिर हुसैन (56) पुत्र बदरुद्दीन निवासी वार्ड नंबर-02 भूपपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर बताया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को तलाशी के दौरान गाड़ी की पिछली सीट पर 5 बोरियां मिलीं, जिनकी जांच करने पर भुक्की/चूरापोस्त भरी हुई पाई गई। इन बोरियों से पुलिस ने कुल 98.012 किलोग्राम भुक्की/चूरापोस्त बरामद की। एएसपी अदिति सिंह ने बताया कि इस संदर्भ में पुलिस थाना पांवटा साहिब में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
कुनिहार: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुफ़टू में डायरिया जागरूकता प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या स्मृति नेस्टा ने किया। प्रतियोगिता में कक्षा दसवी के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें उपासना, केतन और दिग्विजय की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निकिता, भौतिक और जीवेश की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि अंजलि शर्मा, रूद्र और अंकुश की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निशा कौंडल ने जल जनित रोगों पर विस्तृत जानकारी दी। क्विज मास्टर की भूमिका निशा कौंडल व कमलेश चंदेल ने बहुत ही प्रभावी ढंग से निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्या ने सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना और प्रशंसा की।
**इकाई अध्यक्ष डीडी कश्यप ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग करते हुए अपने पद से दिया इस्तीफा **डीडी कश्यप ने जगदीश शर्मा को इकाई अध्यक्ष किया नियुक्त पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ पट्टाबरावरी-हरिपुर इकाई का जनरल हाउस (अधिवेशन) पट्टाबरावरी के पंचायत भवन के सभागार में आयोजित हुआ। इसमें नई कार्यकारिणी के गठन पर सभी उपस्थित सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की और अपने विचार रखे। इस अवसर पर डीडी कश्यप ने अपने 19 वर्ष के लंबे कार्यकाल में संघ और पेंशनरों के हित में किए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। डीडी कश्यप ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग करते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया और नए सिरे से कार्यकारिणी का गठन करने की घोषणा की। इसके पश्चात चुनाव अधिकारी के तौर पर डीडी कश्यप ने जगदीश शर्मा को नियुक्त किया, जोकि पेंशनर्ज संघ पट्टा बरावरी हरिपुर यूनिट के मुख्य कानूनी सलाहकार के पद पर कार्यरत थे। सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें प्रधान पद पर जयदेव गर्ग को निर्विरोध चुना गया। वरिष्ठ उपप्रधान पद पर केश्वा राम, महासचिव भरत राम, प्रेमचंद कश्यप कोषाध्यक्ष के रूप में चुने गए, जबकि रोशन लाल कौंडल को प्रेस सचिव का दायित्व सौंपा गया। इसके बाद जगदीश शर्मा ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने पर नई कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। निवर्तमान प्रधान डीडी कश्यप ने नई कार्यकारिणी के दायित्व संभालने पर बधाई दी और भविष्य में संगठन को और बेहतरीन तरीके से संचालित करने की उम्मीद जताई। डीडी कश्यप ने पेंशनरों के हित और क्षेत्र की जनता के हित में सरकार और प्रशासन के साथ लड़ाई लड़ी है। गर्ग ने कहा कि परिस्थितियां जैसी भी रही होंगी, लेकिन डीडी कश्यप ने इस क्षेत्र के सभी पैंशनरों को एक सूत्र में पिरोए रखा। उन्होंने कहा कि डीडी कश्यप भविष्य में भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। पट्टाबरावरी-हरिपुर यूनिट में बतौर मुख्य संरक्षक के पद पर रहेंगे। रोशन लाल कौंडल मुख्य सलाहकार ने मंच का संचालन किया। केश्वा राम वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जगदीश शर्मा कानूनी सलाहकार, नेकराम कौंडल, मनीराम, किशन कौंडल, ख्यालीराम, रोशन लाल प्रेस सचिव, प्रेमचंद कश्यप, भरत राम, दुनीचंद ठाकुर ने अपने विचार रखे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही समाजहित, छात्रहित व राष्ट्रहित में कार्य करता आया है। एबीवीपी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। इस बार अभाविप हिमाचल प्रदेश की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक का आयोजन 23, 24 व 25 अगस्त को ज्वालाजी के गीता भवन में होना तय हुआ है, जिसके लिए 11 अगस्त 2024 को अभाविप संगठनात्मक जिला देहरा की व्यवस्था बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विशेष रूप से चंबा, ऊना विभाग संगठन मंत्री अमन कुमार राणा, प्रांत SFS सह प्रमुख डॉ.संजीत ठाकुर ,जिला प्रमुख डॉ.ज्योति पराशर उपस्थित रहे। इस बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी बैठक से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई व जिला देहरा के कार्यकर्ताओं को विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेवारी सौंपी गई। प्रदेश कार्यकारिणी बैठक की दृष्टि से व्यवस्था प्रमुख की जिम्मेदारी पूर्व में रहे सिरमौर जिला के संगठन मंत्री अशोक को सौंपी गई। इस बैठक में देहरा जिला से पुष्पराज, अर्चना, जागेश, अरुण, जतिन, दिव्यांश, खेमराज, नरेश, सुमित, निशांत, सत्यम, कुशाल, नेहा आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गैर सरकारी संस्था स्माइल फाउंडेशन खुंडियां ने सोमवार को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल और अमर शांति मॉडल पब्लिक स्कूल खुंडियां में विद्यार्थियों को फलदार पौधे बांट कर पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों संग वार्तालाप में ग्लोबल वार्मिंग व वन संरक्षण के महत्व पर जानकारी भी दी गई तथा प्रश्न काल के दौरान सही जवाब के लिए मौके पर पुरस्कृत भी किया। संस्था ने पौधे अपने योगदान से खरीदकर दिए। इस अवसर पर दोनों विद्यालयों के अध्यापक तथा संस्था के रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा, सूबेदार अश्वनी कुमार, राजिंद्र, बंटी, सन्नी आदि मौजूद रहे।
देहरा: राजकीय उत्कृष्ट विद्यालय बढ़ल ठौर में एसएमसी कमेटी का गठन किया गया। यह गठन सत्र 2024-25 के लिए वीरवार को स्कूल के प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें सतीश स्पेहिया को दूसरी बार एसएमसी कमेटी का प्रधान नियुक्त किया गया। वहीं सतीश सपेहिया ने कहा कि स्कूल में कोई भी समस्या न आए इसका पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा, स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर विद्यालय व छात्रों के उत्थान के लिए कार्य किया जाएगा। एसएमसी कमेटी प्रधान बनने पर प्रधानाचार्य ने समस्त नई कमेटी को बधाई दी।
हिमाचल में प्रदेश सरकार ने हाल ही मे जनता को मिलने वाली जन सुविधाओं पर कैंची चला दी है। कांग्रेस की सरकार ने 125 बिजली के मुफ्त यूनिट्स की सुविधा को बंद कर दिया है साथ ही सरकार ने महिलाओं को मिलने वाली बस किराए मे छुट को बंद कर दिया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विकास धीमान ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधा है। विकास धीमान ने कहा कि केजरीवाल को कॉपी करना आसान नहीं है। आप केजरीवाल की तरह घोषणाएं मात्र भर कर सकते हैं पर उन्हें पूरा कर नहीं सकते। प्रदेश सरकार 300 यूनिट मुफत देने की बात कर रही थी जो की 125 यूनिट भी नहीं दे पा रही। इसके साथ ही बस किराए मे मिलने वाली छूट भी बंद कर दिया हैं। यह जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वादों के साथ सत्ता मे आई थी उन्हें उन वादों को निभाना चाहिए। विकास धीमान ने कहा कि सुक्खू सरकार अगर खर्चे कम करना चाहती है तो विधायकों को मिलने वाली एक से ज्यादा पेंशन्स को बंद कर दे। मोबाइल का खर्चा बंद कर दे। जनता की सुविधाओं को बंद कर के सरकार को कोई फायदा नहीं होगा। सरकारें जनता के लिए होती हैं। विकास धीमान ने बताया कि पंजाब मे 300 यूनिट्स बिजली मुफत मिलती है। पंजाब की सरकार ने अपना किया वादा निभाया है। दिल्ली सरकार लगातार जनता को मिलने वाली सुविधाएं मुफत मे दे रही है और बजट को भी मुनाफे में रखा हुआ है। केजरीवाल की तरह सरकार चलाना सब के बस की बात नहीं। विकास धीमान ने मनीष सिसोदिया के बाहर आने पर खुशी जाहिर की। साथ ही उन्होंने कहा कि केजरीवाल भी जल्द बाहर आ जाएगें और दिल्ली की जनता की सेवा करेंगे। हरियाणा मे होने बाले चुनाव आम आदमी पार्टी के पक्ष मे होंगे।
** 31 मार्च तक वर्तमान कार्यकारणी ही करेगी कार्य आज छात्र विद्यालय कुनिहार की एस एम सी की बैठक समिति अध्यक्ष रंजीत ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा वर्तमान एस एम सी का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर नई एस एम सी का चुनाव करवाना था, लेकिन अभिभावकों की संख्या कम होनें की वजह से चुनाव प्रक्रिया के लिए कोरम पूरा नही हो सका इसलिए मौजूद अभिभावकों ने प्रधान रंजीत ठाकुर सहित वर्तमान कार्यकारणी को ही 31 मार्च 2025 तक एस एम सी का कार्यभार संभालने का प्रस्ताव पारित किया। इस मौके पर विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक, एस एम सी अध्यक्ष रंजीत ठाकुर, गोपाल चंद, सतीश शर्मा, संजीव कुमार, वीना ,रक्षा शर्मा, राजेश शर्मा, दुर्गानंद शास्त्री, लीला शंकर सहित विद्यालय स्टाफ व अभिभावक मौजूद रहे।
** बस संचालकों की मनमानी का शिकार हो रहे यात्री हिमाचल प्रदेश में निजी बस चालकों की मनमानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कुछ ऐसा ही मामला चंबा जिले से सामने आया है। जहां पहले कंडक्टर ने ठूंस-ठूंसकर बस में यात्रियों को भर लिया और जब बस में जगह नहीं बची तो कई यात्रियों को बस के डिग्गी में सामान की तरह अंदर ठूंस दिया। चंबा जिले में पैसे के लालच में निजी बस कंडक्टर यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। वहीं, किसी व्यक्ति ने यात्रियों को बस डिग्गी में बिठाने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसकी वजह से अब ये वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि, पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए बस का चालान भी काटा है। यात्रियों को बस डिग्गी में बिठाने का वीडियो पहली बार सोशल मीडिया में देखने को मिल रहा है। इतनी ही नहीं वायरल वीडियो कंडक्टर डिग्गी में बैठे यात्रियों से किराया वसूलता भी दिख रहा है।
कांगड़ा: राजकीय स्नातक महाविद्यालय इंदौरा में एंटी रैगिंग और नशा निवारण समिति द्वारा एंटी रैगिंग दिवस मनाया गया, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता द्वारा की गई। इसमें बच्चों की रजिस्ट्रेशन भी की गई तथा नशा न करने की बच्चों ने को शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर रैगिंग न करने के लिए बच्चों को जागरूक किया गया। इस मौके पर डॉ अश्वनी अवस्थी, डॉक्टर अक्षय, प्रोफेसर आरके गुप्ता, डॉक्टर कमल सिंह, प्रोफेसर सुरेश, प्रोफेसर आरती, प्रोफेसर रजनी, प्रोफेसर नीरज आदि उपस्थित रहे।
कांगड़ा: राजकीय स्नातक महाविद्यालय इंदौरा में आज पुस्तकालय के महानायक डॉक्टर एस, आर रंगनाथन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में पुस्तकालय में पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुमीक्षा गुप्ता ने की। इस अवसर पर पुस्तकालय अध्यक्षा आशा रानी और पुस्तकालय अध्यक्ष, गुरदीप एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
**मौसम वैज्ञानिक संदीप ने कहा, प्रदेश में 18 अगस्त तक मौसम रहेगा खराब हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अप्रैल से लेकर जून महीने तक पहले लोग भीषण गर्मी से परेशान हुए और अब अगस्त महीने में लगातार हो रही बारिश ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के मुताबिक 18 अगस्त तक मौसम खराब बने रहने का अनुमान है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान एहतियात बरतने की अपील की है। साथ ही लोगों से वक्त-वक्त पर जारी हो रही एडवाइजरी पर नजर बनाए रखने के लिए भी कहा है। संदीप शर्मा ने कहा की राज्य में अब तक मानसून में 22 फ़ीसदी तक कम बारिश हुई, हालांकि अगस्त महीने की बात करें, तो अगस्त महीने में अब तक ज्यादा बारिश हुई है। पहले जहां बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था वहीं, अब येलो अलर्ट जारी किया गया हैं ।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए फाइव डे वीक शुरू करने के मामले में कर्मचारी संगठनों में बहस छिड़ गई है। कोई सप्ताह में पांच दिन कार्यदिवस रखने के पक्ष में है तो कोई इस पर सबकी राय जानने के बाद ही फैसला लेने की बात कर रहा है। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन की ओर से इस मांग को उठाए जाने के बाद राज्य में इस संबंध में चर्चा का माहौल बना है। प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (प्रदीप गुट) के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर का कहना है कि महासंघ ने मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक बुलाने की मांग की है। इसके लिए मुख्यमंत्री सुक्खू को एक मांग पत्र भी दिया गया है। इसमें भी इस मांग को शामिल किया गया है कि प्रदेश में कर्मचारियों के लिए फाइव डे वीक किया जाए। यह अन्य राज्यों की तर्ज पर किया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि इसके लिए कामकाज की व्यवस्था भी ठीक उसी तरीके से हो सकती है। मसलन जहां सरकारी कार्यालय दस बजे शुरू होते हैं, उनमें यह शुरुआत नौ बजे की जा सकती है। इसी तरह काम के घंटे भी कवर हो जाएंगे। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (विनोद गुट) के अध्यक्ष विनोद कुमार ने इस संबंध में अलग राय रखते हैं। विनोद कुमार का कहना है कि इस बारे में सभी पक्षों को सुनने के बाद ही विचार करना होगा। केवल सचिवालय वाले के पक्ष को जानकर ही फैसला लेना उचित नहीं है। इसके लिए कर्मचारियों के सभी पक्षों को सुना जाना चाहिए। अगर प्रदेश में सुबह और शाम का समय बढ़ाकर फाइव-डे वीक किया जाता है तो इसमें यह देखना होगा कि क्या यह सभी कर्मचारियों के लिए उपयुक्त है कि नहीं। प्रदेश में सर्दियों में जब दिन छोटे होते हैं तो कर्मचारी न तो सुबह जल्दी तैयार हो पाते हैं और न ही शाम के वक्त ही जल्दी घर पहुंच पाते हैं। कर्मचारी महासंघ (त्रिलोक गुट) के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने कहा कि वह इससे सहमति रखते हैं। सरकारी खर्च कम होगा। अफसरों की गाड़ियां कम चलेंगी। दफ्तरों में भी कम खर्च होगा। अन्य दिनों में काम की अवधि को पूरा कर लिया जाएगा। इस संबंध में सरकार को विचार करना चाहिए। सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना से मिले कर्मचारी नेताओं ने यह मांग उठाई थी। इसके लिए सरकारी गाड़ियों का खर्चा घटाने और अन्य व्यय घटाने के तर्क दिए थे।
** विद्यालय प्रधानाचार्य ने बच्चों को दी बधाई बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के छात्र -छात्राओं ने 4th इन्टर स्कूल मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल हासिल किए हैं I विद्यालय प्रधानाचार्य बोले, 4th इन्टर स्कूल मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता का आयोजन लीजेंड्स मार्शल एकेडमी बद्दी द्वारा 11 अगस्त को इंडोर स्टेडियम बी बी एन बद्दी में किया गया था, जिसमे लगभग 8 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था I उन्होंने बताया कि विद्यालय से 37 छात्र -छात्रा प्रतिभागियों ने मार्शल आर्ट्स कोच समुअल संगमा की देख रेख में प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें 15 बच्चों ने गोल्ड मैडल, 8 बच्चों ने सिल्वर मैडल और 14 बच्चों ने ब्रोंज मैडल हासिल किए I विद्यालय प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापिका ने भी सभी बच्चों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी I इसके साथ ही विद्यालय अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए सभी बच्चों और मार्शल आर्ट्स कोच समुअल संगमा को बधाई दी I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों का मनौत्साह बढता हैं और उनका सर्वंगीण विकास होता है I
**मीटर टेस्टिंग हुआ जलकर स्वाह हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के अणु में बिजली बोर्ड के ट्रांसफार्मर व एमएनटी लैब में आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग हमीरपुर की टीम मौके पर पहुंची। अभी तक आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आग की लपटें व धुएं का गुबार बेहद ज्यादा है। बिजली बोर्ड मंडल हमीरपुर के सहायक अभियंता सौरभ राय का कहना है कि आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बीते दिन ऊना और सिरमौर जिले में बारिश ने कहर बरसाया है। वहीं, मौसम विभाग ने एक बार फिर से चंबा, किन्नौर, मंडी, सिरमौर और शिमला जिले में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की आशंका को देखते लोगों से एहतियात बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक संदीप ने कहा, "हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है। अलगे चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा और कई हिस्सों में तेज बारिश होने की भी संभावना है। खासकर कुल्लू, बिलासपुर, शिमला, मंडी और कांगड़ा में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिक संदीप के अनुसार इस दौरान प्रदेश में नदी-नाले उफान पर रह सकते हैं। लोगों को नदी-दलों से दूर रहने की सलाह दी गई है। फ्लैश फ्लड को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, किन्नौर, मंडी, सिरमौर और शिमला जिले में फ्लैश फ्लड को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। हालांकि इस दौरान भारी बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी। पहले जहां बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। वहीं, अब चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया।
** ट्रैफिक वन वे होने से बढ़ी परेशानी हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन हाईवे की दशा सुधरने के बजाय और खस्ता होती जा रही है। शनिवार की रात से हो रही बारिश के कारण हाईवे पर कैंची मोड़ से ऊपर यह रोड एक बार फिर धंसना शुरू हो गया है, जिसके बाद यहां से अब ट्रैफिक को भी एकतरफा भेजा जा रहा है। मंडी जिला के पंडोह के कैंची मोड़ से लेकर दयोड़ तक यह हालात है। करीब ढेड़ किलोमीटर के इस पैच में सड़क जगह-जगह से धंस गई है, जिसका एक कारण फोरलेन निर्माणाधीन कंपनी के द्वारा सही से निकासी नालियां न बना पाना भी माना जा रहा है। कैंचीमोड़ से डयोड़ तक बने इस पैच में बीते शनिवार रात को जगह-जगह लैंडस्लाइड हुआ, जिस कारण भी यह हाईवे जगह-जगह से खराब हो गया है। हालांकि फोरलेन निर्माणाधीन कंपनी द्वारा मशीन लगाकर मलबे को हटाया जा रहा है, लेकिन हाईवे की मेंटेनेंस सही से नहीं हो पा रही है। कैंची मोड़ की पहाड़ी से बरसात का सारा पानी हाईवे पर बहता है, जिससे कुछ महीने पहले 40 करोड़ की लागत से लगाए गए डंगे के साथ सड़क को भी खतरा पैदा हो गया है। हाईवे पर पानी बहने के कारण इस डंगे के साथ सड़क में भी जगह जगह दरारें पड़ना भी शुरू हो गई है। बता दें कि पिछली बरसात के दौरान भी कैंची मोड़ से लेकर दयोड़ तक यह फोरलेन जगह-जगह से कई फीट तक धंस गया था, जिसके बाद निर्माणाधीन कंपनी द्वारा इस फोरलेन को दुरूस्त करने के लिए मात्र लीपापोती ही गई है। अब इस बरसात में भी यह हाईवे एक बार फिर से धंसना शुरू हो गया है। यहां से अब एकतरफा ट्रैफिक ही गुजर रहा है, जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति भी पैदा हो रही है।
हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 50 लाख सेब के डिब्बे की मांग बढ़ी है। पहले टेलीस्कोपिक डिब्बे तैयार होते थे, लेकिन इस बार यूनिवर्सल डिब्बे बनाए जा रहे हैं। वहीं, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पांच रुपये डिब्बे के दाम भी सस्ते हुए हैं। प्रदेश में 250 के करीब गत्ता उद्योग हैं। इसमें 100 से अधिक उद्योग सेब के डिब्बे ही तैयार करते हैं। पहले टेलीस्कोपिक डिब्बे बनते थे जिसमें 28 से 30 किलो तक सेब आ जाता था, लेकिन इस बार यूनिवर्सल डिब्बे ही बागवानों को भेजे जा रहे हैं। इस डिब्बे में 20 किलो ही सेब आता है। ऐसे पिछले वर्ष जहां पर ढाई करोड़ सेब के डिब्बे लगे थे वहीं, इस बार यह पचास लाख बढ़ कर तीन करोड़ तक पहुंच गए हैं। जिन उद्यमियों के पास पुराने टेलीस्कोपिक डिब्बे पड़े हुए थे, उन्होंने यह डिब्बे नाशपाती और आडू आदि के लिए सप्लाई कर दिए हैं। सेब के लिए सभी उत्पादकों ने नए सिरे से डिब्बे तैयार कर अच्छी गुणवत्ता के सप्लाई किए जा रहे हैं, जिसमें एक माह तक सेब खराब नहीं होगा। यही नहीं यूनिवर्सल डिब्बे के दाम भी पांच रुपये कम हैं। जीएसटी कम होने से सेब के डिब्बे के दाम भी कम हुए है और सेब उत्पादकों को 60 रुपये तक डिब्बे पहुंच रहा है। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश सरदाना ने बताया कि इस बार प्रदेश से तीन करोड़ तक गत्ते के डिब्बे तैयार होगे। कालाअंब, बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में गत्ता संचालक सेब के डिब्बे तैयार करते हैं। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व राज्य अध्यक्ष मुकेश जैन, वर्तमान अध्यक्ष आदित्य सूद ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार पांच रुपये की सेब के डिब्बे सस्ते हुए हैं। जीएसटी कम होने से रेट में कमी आई है। वहीं अब एक डिब्बे में 20 किलो सेब आने से डिब्बे की संख्या बढ़ गई है। गत्ता संचालकों को काम मिला है वहीं सेब उत्पादकों को भी कम दाम में डिब्बे मिल रहे है। वहीं यूनिवर्सल डिब्बे में सेब खराब होने का खतरा भी कम हो गया है।
मंदिर काठगढ़ में चल रही छठे दिन की शिव महापुराण कथा में आज जोगिंदर शास्त्री महाराज ने अपनी अमृत वाणी से कथा का आरम्भ किया। उन्होंने राजा हिमाचल की दो पुत्रियों एक मां गंगा और दूसरी मां पार्वती के बारे में बताया कि दोनों भगवान शिव की उपासना करती थी और उन्हें पति के रुप में अपनाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि मां गंगा का नाम लेने से 100 बार स्नान करने से 1000 पापों का निवारण होता है। इस शिव पुराण में वर्णित है कि मां गंगा के पास जब दुर्भाषा ऋषि का आगमन हुआ तो मां गंगा द्वारा उनका स्वागत नहीं किया गया, जिससे उनके द्वारा उन्हें श्राप दिया गया कि आप एक नदी के रूप में बहती रहोगी और ऋषि को जब पता चला कि इस छल के पीछे का कारण मां पार्वती है तो उन्होंने फिर मां गंगा को वरदान दिया कि गंगा नदी को भगवान शिव अपने सिर पर धारण करेंगे और मां पार्वती को श्राप दिया कि भले ही आपकी शादी शिव से हो पर आपकी संतान शिव के अंश से नही होगी। इसीलिए भोले के अंश से मां गंगा शिव पुत्र कार्तिकेय की उत्पति हुई और इस अंश को अग्निदेव द्वारा कबूतर का रुप धारण करके अपनी चोंच में लेकर गंगा में डाला। इस वजह से मां पार्वती ने कबूतर जाति को भी श्राप दिया। उन्होंने कहा कि सात वर्ष की आयु में ही भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति बनाया गया और इन्होंने सनातन धर्म की रक्षा करते हुए तारकासुर व अन्य राक्षसों को मारा। इसके साथ ही सभा के प्रेस सचिव सुरेंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि कथा रोजाना सुबह 12 से 2:30 बजे तक चलती है और सभा द्वारा भक्तो के लिए प्रसाद व लंगर की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कथा का समापन 14 अगस्त को होगा।
सिरमौर: जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर हंसराज की अदालत ने आरोपी सुनील कुमार पुत्र बाबूराम निवासी मोतीपुर, जिला लखीमपुर (उत्तर प्रदेश) को पत्नी की मौत के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 306 के तहत दोषी को 5 साल की साधारण कैद और 20,000 रुपए का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 4 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने दोषी को आईपीसी की धारा 201 के तहत 1 साल की साधारण कैद व 5,000 रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 498 के तहत भी 1 साल की साधारण कैद व 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत में मामले की पैरवी जिला न्यायवादी चंपा सुरील ने की। मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी चंबा सुरील ने देते हुए बताया कि आरोपी सुनील कुमार अपनी पत्नी के साथ जिला सिरमौर के पुरुवाला में किराए का कमरा लेकर रहता था। 4 मार्च 2021 को पुलिस को सूचना मिली कि सुनील कुमार ने अपनी पत्नी के साथ कुछ गलत किया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके कमरे का दरवाजा खुलवाया। कमरे में एक लोहे का बक्सा मिला, जिसमें उसकी पत्नी का शव था। पुलिस जांच में पता चला कि सुनील कुमार अपनी पत्नी पर शक करता था और अकसर उसके साथ लड़ता था। 2 मार्च 2021 को सुनील कुमार ने अपनी पत्नी के साथ लड़ाई की और उसकी पत्नी ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आरोपी ने शव को लोहे के बक्से में छिपा दिया था। इस मामले में अदालत ने 27 गवाहों और तमाम साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और दोषी पति को उपरोक्त सजा सुनाई।
** कार्यक्रम में रोपे गए लगभग 80 फलदार वृक्ष कुमारहट्टी के निरंकारी मिशन के अनुयायियों और संत निरंकारी मिशन की ब्रांच धर्मपुर कसौली ने टीवी सेंटोरियन धर्मपुर में पौधरोपण किया। इस पौधरोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रेंज ऑफिसर केवल राम पंडित, डॉक्टर भूपेंद्र सह मोनिका और सारिका, संत निरंकारी मिशन के मुखी गौरी दत और मुखी जगत राम शर्मा एवं कसौली धर्मपुर और कुमारहट्टी संत निरंकारी मिशन सेवा दल के भाई-बहनों ने मिलकर इस टीवी सेंटोरियन के परिक्षेत्र में पौधरोपण किया। इस कार्यक्रम में लगभग 80 फलदार वृक्ष रोपे गए। और पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की देखने की गई और इसके साथ ही परिक्षेत्र को साफ-सुथरा किया गया।
पंजाब के जेजो खड्ड में आई बाढ़ में बारातियों की गाड़ी बह गई है। ये बाराती हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हैं। जिला ऊना के देहला गांव के लोग इनोवा गाड़ी से पंजाब के होशियारपुर जिले के महालपुर में शादी के लिए जा रहे थे। पंजाब की जेजो खड्ड में पानी के तेज बहाव से गाड़ी समेत 10 लोग बह गए। अभी तक 9 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। वहीं, एक शख्स अभी लापता है, जिसकी तलाश की जा रही है। वहीं, हादसे के वक्त एक युवक किसी तरह बचकर पानी से बाहर निकल आया था। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि लापता लोगों की तलाश जारी है। पुलिस ने 9 लाशें बरामद कर ली हैं। ये लोग हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। हिमाचल के जिले ऊना के देहला से ये लोग गाड़ी में सवार होकर पंजाब के नवांशहर आ रहे थे। इस दौरान खड्ड पार करते हुए यह हादसा हुआ।
हिमाचल प्रदेश में नशे का खात्मा करने के इरादे से प्रदेश की सुक्खू सरकार जिला सिरमौर में राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र खोलेगी। रविवार को प्रदेश सरकार ने यह नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया है। ये केंद्र सिरमौर जिला के पच्छाद उपमंडल के कोटला बड़ोग में स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के स्थापित होने से मादक पदार्थों की लत से जूझ रहे लोगों की सहायता की जाएगी और उन्हें नशीली दवाओं पर अपनी निर्भरता से उबरने और आत्मनिर्भरता के साथ समाज में फिर से एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को नशे से निपटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि, 'राज्य सरकार ने युवाओं को मादक पदार्थों के खतरे के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य उन्हें नशे की लत से बचाना है। इसी के चलते कोटला बड़ोग में सरकार राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र को स्थापित करेगी। आज के दौर में युवाओं को नशे से दूर रखना सबसे बड़ी चुनौती है। समाज को भी नशे की लत से जूझ रहे लोगों का मनोबल बढ़ाना चाहिए, ताकि वो दृढ़ इच्छाशक्ति से मादक पदार्थों का सेवन छोड़ सकें। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सिंथेटिक मादक पदार्थों के सेवन को खत्म करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नशा मुक्ति केंद्र का उद्देश्य एक ही परिसर में सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करके इसेे संकट से उत्पन्न गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य मुद्दों से निपटना है। नशा मुक्ति केंद्र में कमरे, शौचालय, भोजन की व्यवस्था, मनोरंजन स्थल, पुस्तकालय, व्यायामशाला, खेल, ध्यान और योग की सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त केंद्र में कौशल विकास व व्यावसायिक प्रशिक्षण और इन-हाउस उपचार, भोजन, कपड़े और लॉन्डरी जैसी अनिवार्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस समग्र दृष्टिकोण का उद्देश्य नशे की लत से जूझ लहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहायता और पुनर्वास सेवाओं का मानकीकरण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे से जूझ रहे पुरुष और महिलाओं के लिए इस केंद्र में 100 बिस्तरों की सुविधा होगी। इस केंद्र का उद्देश्य राज्य के युवाओं को नशे से दूर रखना और समाज में सकारात्मक योगदान सुनिश्चित करना हैं। नशा मुक्ति केंद्र के लिए चयनित स्थल 157 बीघा और 07 बिस्वां में फैला हुआ है। यहां मौजूदा इमारतों को मामूली मरम्मत के साथ फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की योजना भी तैयार की गई है। लोक निर्माण विभाग को कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना मादक पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने और ऐसे लोगों को मुख्यधारा में लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, राज्य सरकार आदर्श नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि मुहैया कराएगी। इसके अतिरिक्त केंद्र में नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों की उचित देखभाल के लिए पर्याप्त स्टाफ भी सुनिश्चित किया जाएगा। बता दें कि सिरमौर जिला तीन राज्यों के साथ सटा है। 225 किलोमीटर में से 223 किलोमीटर की सीमा हरियाणा और उत्तराखंड को छूती है, जबकि दो किलोमीटर का एरिया यूपी के साथ भी लगता है। ऐसे में यहां राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करना सरकार का सराहनीय प्रयास है। इससे काफी हद तक नशे की लत में जा चुके लोगों को लाभ मिल सकेगा।
**समेज क्षेत्र में बिजली और पेयजल आपूर्ति हुई बहाल समेज त्रासदी में लापता लोगों को परिजनों से मिलाने के लिए पुलिस की डीएनए मिलान तकनीक मददगार साबित हो रही है।अभी तक पहचान न हुए शवों में से दो शवों की पहचान डीएनए के माध्यम से हो चुकी है। इनमें संतोष कुमारी पत्नी सूरत राम गांव कनराढ़ डाकघर सुघा तहसील रामपुर उम्र 54 वर्ष की पहचान इनके पुत्र राजेश कुमार के डीएनए से हुई है। इसके साथ ही रूप सिंह सुपुत्र सुखराम डाकघर सरपारा तहसील रामपुर उम्र 52 वर्ष की पहचान इनके पुत्र साहिल के डीएनए मिलान करके हुई है। पुलिस ने 37 के करीब डीएनए सैंपल लिए हुए है। इन्ही के आधार पर डीएनए मिलान हो रहा है।उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि कई शव क्षत-विक्षत हालात में मिले है, जिनकी पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन हमने ऐसे लापता लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए है। फिर शवों के डीएनए सैंपल से मिलान करवा रहे है। इनमें से दो शवों के डीएनए मिलान कर लिए गए है। यह दोनों व्यक्ति शिमला जिला के क्षेत्र में रहते थे।पुलिस ने डीएनए सैंपलिंग बहुत शानदार तरीके से की हुई थी। इसी की वजह से शवों की पहचान हो पाई है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि सर्च आपरेशन के दौरान मिलने वाले हर शव की पहचान हो। इसी कड़ी में हमने वैज्ञानिक तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से जांच को प्रभावी बनाया जाता है। डीएनए मिलान से ही परिजनों को शव मिल पा रहे है। क्योंकि कई शवों की पहचान बिना डीएनए के संभव ही नहीं थी। हमने पूरी योजना से डीएनए सैंपल प्रोफाईलिंग की है। इसी तरह अन्य शवों की पहचान करने में लगे है। समेज त्रासदी से प्रभावित क्षेत्र में बिजली एवं पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। करीब दस दिन बिजली और पेयजल आपूर्ति को बहाल करने में लग गए। कई जगह से पाईपें, बिजली के खंबे एवं तारें पूरी तरह गायब हो गई थी। ऐसे में संबधित विभागों ने नई तारें, खंबे और पानी की पाईपें बिछाई है। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि समेज में बिजली और पेयजल की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। दोनों विभागों ने दिन रात मेहनत करके कार्य को तीव्र गति से अंजाम दिया है।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की अति आवश्यक बैठक वीरवार 15 अगस्त को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अति आवश्यक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि इस बार की बैठक में हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारीयो की रोष रैली 20 जुलाई से हर जिले में शुरु हो चुकी है, जिसके लिए जिला की आगामी रणनीति बनाई जाएगी, जिसके लिए 15 अगस्त को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति के बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
हिमाचल प्रदेश में आगामी कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा मौसम विभाग ने आंधी तुफान को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शिमला ने प्रदेश भर में 16 अगस्त तक भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और लैंडस्लाइड और बाढ़ के कारण प्रदेशभर में 135 सड़कें बंद रहीं। मौसम विभाग ने आज रविवार को भी चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में तेज हवाओं और जलभराव के कारण बागानों, फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति, चंबा और सिरमौर जिले में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड के कारण भारी नुकसान हुआ है। हालांकि गनीमत रही की इन घटनाओं में कोई भी हताहत नहीं हुआ है। लाहौल-स्पीति पुलिस ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ज्यादा सावधानी बरतने और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है। जिले में तेजी से नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। बीते कुछ दिनों में प्रदेश भर में भारी बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार शाम से सबसे ज्यादा 168.3 मिमी बारिश सिरमौर के नाहन में दर्ज की गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, सिरमौर में 42, कुल्लू में 37, मंडी में 29, शिमला में 17, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में 4, लाहौल और स्पीति जिले में एक सड़क बंद है। प्रदेशभर में 135 सड़कें बंद हैं, जबकि बारिश के कारण 24 बिजली और 56 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से ताल्लुक रखने वाले लांस नायक प्रवीण शर्मा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए हैं। महज 26 साल की उम्र में प्रवीण शर्मा ने शहादत पाई है। मां भारती की रक्षा में अपने प्राणों को न्यौछावर कर देने वाले प्रवीण शर्मा की शहादत के बाद उनके परिवार सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। शहीद प्रवीण शर्मा उपमंडल राजगढ़ के हाब्बन क्षेत्र के पालू गांव के रहने वाले थे। दरअसल शनिवार दोपहर को शुरू हुई इस मुठभेड़ में शहीद प्रवीण शर्मा ऑपरेशन रक्षक का हिस्सा थे। देर शाम भारतीय सेना ने शहीद प्रवीण के परिवार को उनकी शहादत की सूचना दी। सिरमौर प्रशासन को फर्स्ट पैरा के प्रवीण शर्मा की शहादत की सूचना मिल गई थी। इसके बाद शहीद के परिवार से भी संपर्क किया गया। सोमवार को पार्थिव शरीर के घर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। शहीद प्रवीण अपने पीछे मां रेखा शर्मा और पिता राजेश शर्मा को छोड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार ऑपरेशन रक्षक जून 1990 में जम्मू और कश्मीर में उग्रवाद के चरम पर शुरू किया गया एक आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन है। शहीद प्रवीण शर्मा को भी इसके लिए चुना गया था। इसी बीच अदम्य साहस का परिचय देने के दौरान वह वीरगति को प्राप्त हो गए।
कुनिहार की शिव ताण्डव गुफा में कल 12 अगस्त सावन के अंतिम सोमवार को भी गुफा विकास समिति व शंभू परिवार के सौजन्य से विशाल भंडारा व अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने जानकारी देते हुए बताया कि आज रविवार से गुफा में दो दिवसीय अखंड राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ हुआ, जिसे कल सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोपहर 1 बजे से विशाल भंडारा क्षेत्र वासियों के लिए आरंभ कर दिया जाएगा। गुफा परिसर में भजन कीर्तन भी निरंतर चलता रहेगा। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है। साथ ही सभी भक्तो से अपील की गई है कि गुफा के अंदर कोई भी धूप न जलाए और शांति पूर्वक कतार बध होकर गुफा में प्रवेश करे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हिमाचल की पंचायती राज संस्थाओं के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद 59.34 करोड़ रुपये का पर्याप्त अनुदान जारी किया है। इसे पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को दिया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि सरकार या विभाग इसे अपने पास रोककर नहीं रख सकेंगे। केंद्र से प्राप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर यह पैसा संबंधित संस्थाओं को नहीं दिया गया तो इस पर ब्याज देना होगा। इसे कर्मचारियों के वेतन और स्थापना व्यय पर खर्च नहीं करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में मंत्रालय के वित्त आयोग प्रभाग के निदेशक चिन्मय पुंडलीकराव गोटमारे ने राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव को पत्र भेजा है। यह निधि ग्रामीण स्थानीय निकाय मूल अनुदान अनटाइड के तहत पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों का हिस्सा है। इसका उपयोग जमीनी स्तर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से राज्य सरकार को भेजे गए पत्र से इसकी पुष्टि हुई है। यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहली किस्त के रूप में जारी की गई है। राज्य सरकार को 2011 की जनगणना के आधार पर सामान्य और विभिन्न मदों से बाहर किए गए क्षेत्रों में 90 और 10 प्रतिशत के क्रमवार भार के साथ अनुदान वितरित करने की सलाह दी गई है। निधियों की प्राप्ति के दस कार्य दिवसों के भीतर इन्हें संबंधित संस्थाओं को हस्तांतरित किया जाना चाहिए। अन्यथा बाजार की दरों पर औसत ब्याज दर वसूली जाएगी। पंचायती राज मंत्रालय ने इन निधियों के उपयोग के लिए विशिष्ट दिशा-निर्देशों की रूपरेखा तैयार की है। अनुदान अनटाइड है, जिसका अर्थ है कि इसका उपयोग स्थानीय निकायों की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न विकास गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। राज्य सरकार को निधियों के पारदर्शी और कुशल प्रबंधन के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) से जुड़े पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदानों के लिए अलग-अलग बैंक खाते खोलने का अधिकार है।
हिमाचल प्रदेश में बंद और मर्ज होने वाले 560 सरकारी स्कूल सितंबर से नजदीकी शिक्षण संस्थानों में शिफ्ट होंगे। इस प्रक्रिया में सरप्लस होने वाले 750 शिक्षकों को नए स्कूलों में नियुक्ति के बाद ही 560 स्कूलों के विद्यार्थी नजदीकी स्कूलों में शिफ्ट किए जाएंगे।शून्य नामांकन वाले 108 स्कूल बंद करने और पांच व पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 452 स्कूल मर्ज करने का सरकार ने फैसला लिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से 10 दिन में शिक्षकों को नई जगह नियुक्ति देने की सूची मांगी है। इस सूची के तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। इस माह पहले की तरह ही इन सभी 560 स्कूलों में पढ़ाई करवाई जाएगी। जिन स्कूलों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया गया, वहां सरप्लस शिक्षकों को लगाया जाएगा। इसी माह इस बाबत सूची बनाकर शिक्षा सचिव से मंजूरी लेने का लक्ष्य रखा है। इन स्कूलों में सेवारत शिक्षकाें को किस स्कूल में तैनाती दी जानी है, इसका अंतिम फैसला शिक्षा सचिव राकेश कंवर लेंगे। शिक्षकों को आसपास के स्कूलों में भी एडजस्ट न किया जा सके, इसके लिए शिक्षा सचिव ने तैनाती का अंतिम अधिकार अपने पास रखा है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि बंद और मर्ज होने वाले स्कूलों से जलवाहकों, मल्टी टास्क वर्करों सहित अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को अन्य जगह तैनाती देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब गैर शिक्षकों और शिक्षकों की सूची तैयार करने को कहा गया है। अगले सप्ताह से यह काम शुरू हो जाएगा। शिक्षा निदेशक ने बताया कि लक्ष्य रखा गया है कि सितंबर से सरकार का फैसला पूरी तरह से लागू कर विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट कर दिया जाए।
हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए हिमुडा प्रदेश में पहला ऊर्जा दक्षता आधुनिक व्यवसायिक परिसर बनाएगा। शिमला के विकासनगर में करीब 100 करोड़ की लागत से व्यवसायिक परिसर बनाया जाएगा। इस भवन में ऊर्जा की खपत घटाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सहयोग से आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। नगर नियोजन, आवास और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने दिल्ली में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। धर्माणी ने बताया कि तीन महीने के भीतर भवन का नक्शा तैयार कर इसी साल निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य है। अगले दो साल के भीतर आधुनिक व्यवसायिक परिसर बनकर तैयार हो जाएगा। भवन में कार्यालय, रिटेल चेन, मल्टीपर्पज हॉल, बैंक्वेट हॉल, फूड कोर्ट सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन की पूरी बिजली सोलर सिस्टम से उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप हाई बिल्डिंग रैंकिंग हासिल करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज नगरोटा जिला कांगड़ा के वास्तुकला विभाग और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के बीच तकनीकी ज्ञान साझा करने के लिए भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। उन्होंने प्रदेश में हिल आर्किटेक्चर में विशेषज्ञ पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर भी चर्चा की। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर दिल्ली के निदेशक प्रो. वीके पॉल ने एमओयू हस्ताक्षरण कार्यक्रम की कार्यवाही का संचालन किया।इस मौके पर हिमुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।


















































