राजकीय उच्च विद्यालय रोहाड़ा की मेधावी छात्रा सोनम शर्मा ने तुलसी से कागज बनाया और सर्वे रिपोर्ट में जिलाभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब यह छात्रा अंडर-14 वर्ग में जिला कांगड़ा का प्रतिनिधित्व करेगी। सोनल शर्मा एनआईटी हमीरपुर में होने वाले प्रदेश स्तरीय बाल विज्ञान मेले में भाग लेने जा रही है। ॥ढ्ढरूष्टह्रस्ञ्जश्व की ओर से 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक मेले का किया जाएगा। सोनल ने यह सर्वे रिपोर्ट तुलसी के पत्तों से कागज बनाते समय तैयार की थी। इसमें सोनल के अभिभावकों ने उसका बहुत हौसला बढ़ाया। विद्यालय के सभी अध्यापकों एवं मुख्यअध्यापिका ने छात्रा की इस सफलता पर उसे बधाई दी।
स्वामी विवेकानंद स्कूल कंदरोड़ी की छात्रा मृणाल भनोट ने अमेरिका की नामी युनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस में एकीकृत स्वास्थ्य विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया है। मृणाल भनोट ने अपनी स्कूली शिक्षा स्वामी विवेकानंद स्कूल कंदरोड़ी से पूरी की और बाद अपनी आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका की यूनीवर्सिटी ऑफ इलिनोइस शिकागो में दाखिल हुई, जहां पर उन्होंने एकीकृत स्वास्थ्य विज्ञान में स्नातक में अपनी शिक्षा ग्रहण की और अपने सपनों को साकार किया मृणाल बचपन से पढ़ाई में दिलचस्पी रखती थी। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा दसवीं और बारहवीं में शत प्रतिशत अंक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। मृणाल भनोट के पिता पंकज भनोट व्यवसायी हैं और उनकी माता रचना भनोट एक निजी स्कूल की प्रधानाचार्य हैं। मृणाल ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने जीवन में मौजूद हर उस व्यक्ति को देना चाहा, जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी खासकर अपने अभिभावकों और गुरुजनों का आभार व्यक्त किया।
5 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग महक योजना के अंतर्गत हुआ RHRTS जाछ में संपन्न हुआ। इसमें परागपुर ब्लॉक के 20 किसानों ने भाग लिया उनके साथ एसएमएस डॉ. विवेक गर्ग, उद्यान प्रसार अधिकारी डॉ. अरुण पराशर उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के संबंध में मुख्य अतिथि एसोसिएट निदेशक डॉ. विपन गुलेरिया , डॉ. धरमिंदर, डॉ. राजेश ने सभी 20 किसानों का मार्गदर्शन किया।
9 और 10 दिसंबर को बद्दी में आयोजित 6 लीजेंड्स ताइक्वांडो प्रतियोगिता में खुंडिया के नौ बच्चों ने ताइक्वांडो प्रतियोगिता में 6 गोल्ड मेडल, एक सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीते। फाइट प्रतियोगिता में प्रांजल, अंशिका, वर्णिका, ऋषिका और मनिका ने गोल्ड मेडल जीते द्य तथा ऋषभ चौधरी ने सिल्वर मेडल जीता और दिव्यांश, शिवांश और अरशिता ने ब्रॉन्ज मेडल जीते। वहीं, बोर्ड ब्रेकिंग में प्रांजल धीमान ने गोल्ड मेडल, ऋषिका धीमान , अरशिता राणा, शिवांश राणा, दिव्यांश ने ब्रॉन्ज मेडल जीता तथा स्पीड कीकिंग में ऋषिका धीमान, दिव्यांश शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता इस खुशी के मौके पर अकादमी के संचालक सुनील कुमार और मीना कुमारी ने सब बच्चों और उनके माता-पिता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारी अकादमी के बच्चे हर बार मेडल जीत कर लाते हैं। आज तक पिछले 5 सालों से कभी ऐसा नहीं हुआ कि हमारे बच्चे बिना मेडल से आए हों। सुनील कुमार का कहना है खेल से हमारा शरीर विकसित होता है और खेल में हार जीत मायने नहीं रखती। खेल से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
हिमाचल प्रदेश के सुक्खू मंत्रिमंडल का आज विस्तार हो सकता है। कैबिनेट में बिलासपुर जिले से कांग्रेस के एक मात्र विधायक राजेश धर्माणी और कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से विधायक यादवेंद्र गोमा जुड़ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो दोनों शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। शाम 5 बजे के करीब दोनों मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं। देर रात ही यह फैसला हुआ है।राजेश धर्माणी घुमारवीं विधानसभा से विधायक हैं। घुमारवीं कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा ने उनके नाम की पुष्टि की है। धर्माणी के अलावा एक और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। कांगड़ा से गोमा के अलावा एक और विधायक को भी शिमला बुलाया गया है। सारे मंत्री भी बुलाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, आज दोपहर बाद शपथ समारोह होगा। बिलासपुर से राजेश राजेश धर्माणी और कांगड़ा से यादविंद्र गोमा मंत्री बनना लगभग तय है। फिलहाल, दो ही मंत्री बनाए जाने की सूचना है। हालांकि राज भवन सचिवालय अभी किसी भी समारोह की जानकारी से इनकार कर रहा है। कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदलने की भी संभावना कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदलने की भी तैयारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, एक ब्राह्मण, एक राजपूत और एक अनुसूचित जाति चेहरे को मंत्री बनाने की तैयारी है।
विद्युत उपमंडल-2 धर्मशाला के सहायक अभियंता रमेश चंद ने बताया कि 13 दिसंब को विद्युत लाइनों की सामान्य रख-रखाव के चलते 11 केवी बगली फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों नंदेहड़, पुराना मटौर, घुंडी, बगली, अनसोली, पटोला, घना, गंग भैरों, गगली, चैतड़ू, बनवाला, मनेड़, मस्तपुर, कंदरेहड़, चकवां ढगवार, सराह, लोअर सकोह, पुलिस लाइन सकोह तथा साथ लगते क्षेत्रों में प्रात: 9 बजे से सायं 6 बजे अथवा कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। वहीं 11 केवी दाड़ी फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों शीला चौक, भटेहड़, पास्सू, शीला, कनेड़, हरनेड़ तथा साथ लगते क्षेत्रों में भी प्रात: 9 बजे से सायं 6 बजे अथवा कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा।
-मुख्यमंत्री ने की दूध का खरीद मूल्य 6 रुपये बढ़ाने एवं गोबर खरीद योजना शुरू करने की घोषणा -विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करेगी राज्य सरकार -कांगड़ा जिला के आपदा प्रभावित 581 परिवारों को 13.58 करोड़ की पहली किस्त जारी वर्तमान राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिला कांगड़ा के धर्मशाला में आयोजित 'व्यवस्था परिवर्तन का एक सालÓ राज्य स्तरीय समारोह के अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार आम लोगों की सरकार है, जिसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों और कर्मचारियों सहित हर वर्ग को सम्मान मिल रहा है। उन्होंने लाहौल-स्पिति जिला की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को जनवरी माह से 1500 रुपए की राशि देने की घोषणा की और कहा कि सरकार निकट भविष्य में सभी महिलाओं के साथ किया गया वादा निभाएगी। जिन महिलाओं को अभी 1100 रुपए पेंशन के रूप में मिलते हैं, उन्हें भी अगले वर्ष से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अगले वित्त वर्ष से विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा भी की। उन्होंने दूध का खरीद मूल्य 6 रुपये बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनवरी, 2024 से गोबर खरीद योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों की समृद्धि की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के दृष्टिगत अनेक महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में जेओए (आईटी) की भर्ती रुकी रही, लेकिन हमारी सरकार ने इसकी बेहतर ढंग से पैरवी की और सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार के हक में फैसला आया। उन्होंने कहा कि जल्द ही पोस्ट कोड 817 व 939 का रिजल्ट भी घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ माह में वर्तमान राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में 20 हजार रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, जिनमें वन मित्र भर्ती, पटवारी भर्ती, मल्टीटास्क वर्कर, पुलिस व शिक्षक भर्ती इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में भी इतनी नौकरियां नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में अनेक फैसले ले रही है। राजस्व बढ़ोतरी के लिए कई उपाय किए गए हैं और शराब ठेकों की नीलामी से सरकार का राजस्व 500 करोड़ रुपए बढ़ा है। इस एक वर्ष में आत्मनिर्भर हिमाचल की नींव रखी गई है तथा वर्ष 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का सबसे समृद्धतम राज्य बनेगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनके परिवार का कोई सदस्य राजनीति में नहीं था, लेकिन 40 वर्ष की तपस्या को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने मुझे प्रदेश की सेवा का मौका दिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद रुटीन कार्य करने के बजाए उन्होंने अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना अपना लक्ष्य बनाया। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में आम और खास के बीच का फासला कम करने के लिए कई कदम उठाए गए। आने वाले वर्ष में सरकार की योजनाएं आम आदमी, किसानों और युवाओं से जुड़ी होंगी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में तीन गारंटियां पूरी कर दी गई हैं। बिना किसी राजनीतिक लाभ को देखते हुए पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन लागू की ताकि कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। साथ ही 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के पहले चरण के तहत ई-टैक्सी योजना शुरू की गई है। जिसके तहत ई-टैक्सी की खरीद के लिए युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है तथा उन्हें निश्चित आय भी सुनिश्चित की जाएगी। अगले सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार संवेदनशील सरकार है, जो जनता की भावना को बेहतर ढंग से समझती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में कर्मचारी चयन आयोग में पेपर बिकते रहे। भ्रष्टाचार रोकने और युवाओं केे हितों के साथ हो रहे खिलवाड़ को देखते हुए इसे भंग करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने चुनाव जीतने की नीयत से अपने अंतिम वर्ष में 14 हजार करोड़ का भारी-भरकम कर्ज लिया, जिसका खामियाजा वर्तमान कांग्रेस सरकार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति पर उप-मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कमेटी बनाकर श्वेत-पत्र लाया गया।
-जापान में एक्सपोजर विजिट पर जा सकते हैं हिमाचल के स्वयं सहायता समूह -तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर पहुंची जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा और इनागाकी -सीपीडी नागेश गुलेरियो बोले, जापान व श्रीलंका में हिमाचल जाइका वानिकी परियोजना की गूंज जाइका वानिकी परियोजना को अब भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका भी फॉलो करेगा। यह बात जाइका जापान से आई प्रतिनिधि एवं जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा ने जिला कांगड़ा के रैत में आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल में जाइका वानिकी परियोजना बेहतर कार्य कर रही है। नाकाजीमा ने कहा कि हिमाचल में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं श्रीलंका की तुलना में अच्छा काम कर रही है। वे यहां की महिलाओं की भागीदारी देख नाकाजीमा काफी उत्साहित हुई। उन्होंने यहां उपस्थित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं पुरुषों से वन-टू-वन बात की। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका में जाइका के तहत हो रहे कार्यों को सांझा किया। नाकाजीमा ने कहा कि आने वाले समय में जाइका श्रीलंका की टीम हिमाचल में एक्पोजर विजिट करेगी। इसके साथ-साथ हिमाचल के स्वयं सहायता समूहों को जापान में एक्सपोजर विजिट का ऑफर भी दिया। उन्होंने हिमाचल के बेहतरीन कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को जापान में एक्पोजर विजिट का ऑफर भी दिया। नाकाजीमा ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के नेतृत्व में हिमाचल में बेहतरीन कार्य हो रहे हैं। इस अवसर पर जाइका इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी ने भी महिलाओं को सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया। रैत में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि हिमाचल जाइका वानिकी परियोजना की गूंज आज जापान के साथ-साथ श्रीलंका तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के ऐसे स्वयं सहायता समूह जो बेहतर कार्य करेंगे उन्हें जापान में एक्पोजर विजिट पर भी ले जा सकते हैं। नागेश कुमार गुलेरिया ने जापान की प्रतिनिधियों को अवगत करवाया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी वन मंडलों में आउटलैट खोले जाएंगे। नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि जल्द ही एक आउटलैट धर्मशाला में भी खोला जाएगा। रैत में आयाजित कार्यशाला में मौजूद विभिन्न सहायता समूहों के कार्यों को देख नागेश कुमार गुलेरिया ने खूब तारीफ की। इस अवसर पर डीएफओ धर्मशाला दिनेश शर्मा, अतिरिक्त परियोजा निदेशक जाइका डीके विज, सेवानिवृत वन सेवा अधिकारी बीके यादव, जीवन लाल टांक, प्रोग्राम मेनेजर मार्केटिंग विनोद शर्मा, प्रोग्राम मेनेजर जीआईएस रजनीश कुमार, नेहा चक्रवर्ती समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पालमपुर के गोपालपुर में जाइका के आउटलैट्स जाइका वानिकी परियोजना के उत्पाद अब पालमपुर में भी खरीदने को मिलेंगे। जापान से आई जाइका जापान की प्रतिनिधि एवं जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा और जापान इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी ने गोपालपुर में आटलैट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने पूजा-अर्चना के साथ आउटलैट का शुभारंभ किया। ऐसे में अब गोपालपुर चिड़ियाघर के मुख्य द्वार पर स्थापित इस मार्केटिंग आउटलैट्स पर जाइका से जुडे स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री होगी। जहां पर ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स उपलब्ध होंगे। जाइका वानिकी परियेाजना का अपना ब्रंाड हिमट्रेडिशन के तहत इस आउटलैट में ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स, हिमाचली टोपी, शौल, आचार समेत कई अन्य उत्पादों की बिक्री होगी। नाकाजीमा और इनागाकी ने जाइका के हिमट्रेडिशन ब्रांड की भी तारीफ की। इस अवसर पर जाइका की प्रतिनिधि भी उपस्थित रही। नाकाजीमा ने महिलाओं को पढ़ाया सशक्तिकरण का पाठ जापान की जेंडर एक्पर्ट नाकाजीमा ने जाइका वानिकी परियोजना से जुड़ी सभी महिलाओं को सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे छोटे राज्य में महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूह बनाकर अपनी आजीविका को सशक्त करने में आगे आ चुकी हैं। नाकाजीमा ने कहा कि अधिक से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह जाइका वानिकी परियोजना से जुड़ेंगे तो उनकी आर्थिकी मजबूत होंगी और जहर मुक्त ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स बेच कर लोगों की सेहत का भी ख्याल रखेंगी। ड्रोन से होगी कार्यों की निगरानी जाइका वानिकी परियोजना ने शाहपुर रेंज के तहत दरिणी में ड्रोन के माध्यम से इस क्षेत्र में हो रहे कार्यों की निगरानी की गई। जाइका के पीएमयू जीआईएस रजनीश कुमार की देखरेख में यहां ड्रोन से करीब दो किलोमीटर के जंगलों को कैमरे में कैद किया। उन्होंने ड्रोन के माध्यम से हो रहे कार्यों के बारे मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया, जापान से आई प्रतिनिधियों समेत धर्मशाला वन मंडल के अधिकारियों को भी अवगत करवाया। इस अवसर पर जापान की प्रतिनिधि नाकाजीमा और इनागाकी ने इस कार्य की सराहना की।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के 1 साल पूरा होने पर मनाए जा रहे जश्न में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नहीं आना सरकार को बहुत बड़ा झटका दे गया। हालांकि प्रियंका गांधी इस कार्यक्रम के लिए पहले ही शिमला पहुंच चुकी थीं, लेकिन मुख्यमंत्री के मानने के बावजूद वह धर्मशाला के कार्यक्रम में नहीं आईं और इसका कारण बताया जा रहा है कि पार्टी हाईकमान को भी सुखविंदर सिंह द्वारा की गई गारंटियां एक वर्ष बीत जाने पर भी पूरा नहीं करना अखर गया है और पार्टी हाईकमान भी खुद को जनता का सामना करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि एक पूरा वर्ष मुख्यमंत्री ने कांगड़ा के साथ राजनीतिक भेदभाव किया और अब कांगड़ा को दिए गए जख्मों का जश्न भी कांगड़ा के मुख्यालय में मनाना कांगड़ा जिला की जनता के साथ भद्दा मजाक है। स्कूली बच्चों को और सरकारी कर्मचारियों को सरकार के दबाव में रोड शो के लिए और कार्यक्रम के लिए खड़ा रखना सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है, जबकि सरकार ने 1 साल में कई सरकारी स्कूल व कई सरकारी कार्यालय पूर्व की सरकार में खोले थे उन्हें बंद कर दिया। प्रदेश से 1000 सरकारी बसों को रैली के लिए लगाया गया और 1000 रूट बंद कर दिए गए जिससे प्रदेश की जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा और सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए का बोझ पड़ा है इसकी भरपाई कौन करेगा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। निजी बस मालिकों को दबाव बनाकर रैली के लिए मुफ्त में बसें देने के लिए मजबूर किया गया। वर्तमान सरकार का 1 वर्ष 365 झूठ के लिए जाना जाएगा क्योंकि सरकार ने हर दिन एक झूठ बोला है और जनता को ठगा है। वर्तमान सरकार का 1 वर्ष 10 गारंटियों में से एक भी पूरी नहीं कर पाने के लिए जाना जाएगा, जबकि सरकार ने पहली कैबिनेट में 1500 रुपये प्रति महीना प्रदेश की 22 लाख से अधिक महिलाओं को देने का वादा किया था और युवाओं को एक लाख रोजगार भी पहली कैबिनेट में देने का वादा किया था, लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं किया तो जश्न किस बात का है। सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस पार्टी की प्रदेश सरकार देश में पहली ऐसी सरकार होगी, जो अपनी नाकामियों का जश्न जनता के करोड़ों रुपये खर्च करके मना रही है, जबकि प्रदेश की जनता अभी भी बरसात की आपदा के दिए जख्मों को झेल रही है। धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए वन विभाग की औपचारिकता को पूरा करने के लिए दिए जाने वाला 30 करोड़ रुपये सरकार नहीं दे सकती, लेकिन करोड़ों रुपये के होर्डिंग अपने झूठे प्रचार के लिए सड़कों के ऊपर खड़े कर दिए हैं। सुख की सरकार प्रदेश में जनता के लिए दुखों की सरकार बन गई है और इस बात को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में भी महसूस किया जा रहा है इसी के चलते राहुल प्रियंका और खड़गे का नहीं आना सरकार को आईना दिखाने के लिए काफी है ।
-सरकार के एक साल के जश्न में की चौथी गारंटी को पूरा करने की घोषणा - कहा, आगामी बजट में तीन और गारंटियों को करेंगे पूरा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की व्यवस्था परिवर्तन की सरकार का आज एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया। इस उपलक्ष्य में कांगड़ा जिला के मुख्यालल एवं प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला में कार्यक्रम किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस ग्राउंड में आयोजित किया गया। हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला, प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह डिप्टी सीएम मुकेश के मंच पर पहुंचे के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मंच पर पहुंचे। उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने एक साल में 10 में से तीन गारटियां पूरी की हैं। ओपीएस को लागू किया। अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से पहली-दूसरी कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई की शुरुआत होगी।। 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना को शुरू किया। इसके तहत बेरोजगारों के लिए ई-टैक्सी योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने चौथी गारंटी के रूप में लाहौल-स्पीति में 18 वर्ष की आयु से ऊपर की सभी महिलाओं को नए साल से प्रथम चरण में 1500 रुपये मिलना शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाद में सभी जिलों में इसे लागू किया जाएगा। जनवरी से किसानों से गोबर खाद की खरीद 31 मार्च से पहले की जाएंगी हजारों भर्तियां सीएम ने कहा कि आगामी बजट में तीन और गारंटियों को पूरा किया जाएगा। सभी महिलाओं को अगले साल से 1500 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। वहीं, अगले साल पहली जनवरी से किसानों से दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर खाद खरीदी जाएगी। सुक्खू ने ऐलान किया कि अभी सरकार 31 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदती है। अब जनवरी 2024 से छह की रुपये बढ़ोतरी के साथ 37 रुपये प्रति लीटर पर दूध खरीदा जाएगा। छह रुपये बढ़ोतरी होगी। इसी साल 31 मार्च से पहले हजारों भर्तियां होंगी। जयराम सरकार में पांच साल में केवल 20 हजार भर्तियां हुई होंगी। वे भी कोर्ट के पचड़ों में फंसीं। हम एक साल में इतने पद भर रहे हैं। इससे पहले धर्मशाला पहुंच कर सीएम ने कचहरी चौक से रैली स्थल कर रोड शो किया। सीएम ने धर्मशाला पहुंचने पर सबसे पहले शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। बता दें कि प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता इस जश्न के लिए पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को आना था, लेकिन सूत्रों की मानें तो सरकारी कार्यक्रम होने के कारण वे यहां नहीं पहुंचीं।
जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र रवि धीमान ने जारी बयान में कहा कि कांग्रेस सरकार एक साल की कौन सी उपलब्धि का जश्न मना रही है। कांग्रेस सरकार को जश्न मनाने की बजाय इस बात का दुख मनाना चाहिए कि वह विधानसभा चुनावों में दी गई एक भी गारंटी को पूरा नहीं कर पाई है। कांग्रेस सरकार ने एक वर्ष-रोते- रोते व्यतीत किया है। प्रदेश की जनता को गुमराह करते हुए चुनावों के समय हिमाचल की जनता को झूठी गारंटियां दी। अब सरकार को बने एक साल हो चुका है, लेकिन कांग्रेस की एक भी गारंटी पूरी नहीं हुई है। इसके विपरीत कांग्रेस धर्मशाला में अपने एक साल का कार्यकाल पूरा होने का जश्न मना रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि एक साल के कार्यकाल का जश्न कार्यक्रम भी वहीं हो रहा है, जिस क्षेत्र से पिछले हैं एक साल में सबसे अधिक भेदभाव हुआ है। पिछले एक साल में कांग्रेस ने जिला कांगड़ा की जनता के साथ हर मोर्चे पर भेदभाव किया है। अब जश्न का कार्यक्रम जिला मुख्यालय धर्मशाला में रखकर कांग्रेस सरकार कांगड़ा की जनता से हुए भेदभाव के जख्मों पर नमक डालने का काम करने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्तासीन होने के बाद से हिमाचल प्रदेश में युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार थी तो युवाओं के रोजगार के लिए सरकार की तरफ से हर संभव प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश की जनता बरसात में हुई प्राकृतिक आपदा से उभर नहीं पाई है और सुखविंदर सिंह सुक्खू वाली कांग्रेस सरकार को जश्न की पड़ी है। कांग्रेस एक तरफ कह रही है कि सरकारी खजाना खाली है, दूसरी और जनता का करोड़ों रुपया जश्न पर उड़ा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन को सलाम, महिलाओं को 1500 का इंतजार **पुरानी पेंशन बहाल कर सरकार ने निभाया बड़ा वादा ** सुखाश्रय योजना से सुक्खू सरकार ने जीता दिल ** सियासी संतुलन बनाने में असफल रही सरकार "...सत्ता परिवर्तन का जो सियासी रिवाज हिमाचल प्रदेश में 1990 से चला आ रहा था उसे जनता ने 2022 में भी बरकरार रखा। 8 दिसंबर 2022 को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएं और कयासों के मुताबिक ही कांग्रेस सत्तासीन हुई। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दो मुख्य कारण अगर देखे जाएँ, तो सम्भवतः पहला कारण रहा भाजपा का कमजोर चुनाव लड़ना। एक तिहाई सीटों पर भाजपा के बागी मैदान में थे और ये उसकी हार का बड़ा कारण बना। दोनों पार्टियों के वोट शेयर में अंतर एक प्रतिशत से भी कम रहा, जबकि निर्दलीयों के खाते में करीब दस प्रतिशत वोट गए। इनमें अधिकांश भाजपा के बागी थे। दूसरा कारण था, कांग्रेस की गारंटियां। कांग्रेस ने भाजपा से बेहतर चुनाव लड़ा और उसका गारंटी कार्ड चल गया। ये ही कारण है कि सिमटते कैडर के बावजूद कांग्रेस ने दमदार वापसी की। कांग्रेस के खाते में 40 सीटें आई, लेकिन भाजपा भी तमाम गलतियों के बावजूद 25 का आंकड़ा छू गई। यानी सरकार बेशक कांग्रेस ने बना ली हो लेकिन पहले दिन से उस पर परफॉरमेंस प्रेशर है। फिर तारीख आई 11 दिसंबर 2022, जगह थी हिमाचल की राजधानी शिमला का रिज मैदान, सर्दी का मौसम मगर तेज़ धूप और उस धूप में उबाल खाता हज़ारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह। अर्से बाद वीरभद्र सिंह की जगह कोई और कांग्रेसी चेहरा सीएम पद की शपथ ले रहा था। जो सुखविंदर सिंह सुक्खू सालों वीरभद्र सिंह के सामने एक किस्म से अपने सियासी रसूख को बचाये रखने की लड़ाई लड़ते रहे थे, वे अब उनके बाद मुख्यमंत्री बन चुके थे। पार्टी के 40 विधायक जीत कर आए थे और इन 40 विधायकों में से सबसे ज्यादा सुक्खू के पक्ष में थे। होली लॉज खेमे के विधायक प्रतिभा सिंह और मुकेश अग्निहोत्री के बीच बंटे हुए थे। ये ही सुक्खू के पक्ष में गया था। राजधानी कांग्रेसमय दिख रही थी, मैदान खचाखच भरा था और नारे लग रहे थे 'प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, सुक्खू भाई जैसा हो। कांग्रेस में ये नए दौर की शुरुआत थी। शपथ ग्रहण मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री स्व राजा वीरभद्र सिंह की तस्वीर भी रखी गई थी, उन्हें शपथ से पहले श्रद्धांजलि दी गई और फिर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शपथ ली। धुआंधार लॉबिंग और मैराथन बैठकों के बाद सुक्खू मुख्यमंत्री तो बन गए थे लेकिन ये ताज काँटों भरा ताज है। सुक्खू सरकार के सामने पहले दिन से न सिर्फ परफॉर्म करने की चुनौती है बल्कि पार्टी के भीतर भी सामंजस्य बैठाना है। एक साल बीत गया है और कई मोर्चों पर सरकार हिट साबित हुई है, तो कई पैमानों पर अब सरकार का असल इम्तिहान होना है। " सुक्खू सरकार एक साल की हो गई है ...सत्ता पक्ष इसे 'सुख की सरकार' कह रहा है तो विरोधी 'दुख की सरकार', कांग्रेस उपलब्धियों की बुकलेट बाँट रही है तो भाजपा नाकामी के पर्चे। ये तो सियासत के रस्म-ओ-रिवाज है जो सत्ता पक्ष को भी निभाने है और विपक्ष को भी। बहरहाल एक साल की सुक्खू सरकार को लेकर भी सबका अपना-अपना विश्लेषण है। सरकार का कामकाज उसकी गारंटियों की कसौटी पर भी आँका जा रहा है, आपदा प्रबंधन पर भी और सरकार की जमीनी पकड़ भी इसका मापदंड है। कहीं शांता कुमार जैसे दिग्गज सरकार की तारीफ कर रहे है, तो कहीं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष ही सीएम को पत्र लिखकर वादे याद दिला रहे है। इस बीच सुक्खू सरकार जनता के बीच सुछवि गढ़ने के प्रयास में लगी है, तो भाजपा छवि बिगाड़ने का कोई मौका नहीं चूक रही। खेर, बनती बिगड़ती सियासी इक्वेशन अपनी जगह, लेकिन कामकाज की कसौटी पर आंके तो सुक्खू सरकार ने कई ऐसे काम किये है जो अपनी छाप छोड़ गए। पुरानी पेंशन बहाली का वादा भी सरकार ने पूरा किया और सुख आश्रय योजना से सरकार का मानवीय चेहरा भी दिखा। वहीँ आपदा में सुक्खू सरकार के कामकाज पर तो वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी ताली बजाई। हालांकि, सरकार के लिए सब हरा हरा नहीं है, महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी भी अभी अधूरी है और सियासी संतुलन बनाने में भी सरकार असफल दिखती है। पुरानी पेंशन के अलावा भी कर्मचारियों के मसले है जो अनसुलझे है। युवा एक साल में ही सड़कों पर उतर आए थे, कोई रिजल्ट मांग रहा है तो कोई नौकरी। प्रयास तो जारी है मगर फिलहाल खाली खजाना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। सरकार के बड़े काम ... अनाथ बच्चे अब 'चिल्ड्रन ऑफ़ स्टेट' हिमाचल प्रदेश के सभी अनाथ बच्चे अब 'चिल्ड्रन ऑफ स्टेट' है। ये सुक्खू सरकार का वो फैसला है जिसने सबका दिल छुआ। अनाथ बच्चों का पालन पोषण, शिक्षा, आवास, विवाह आदि का खर्चा सरकार ने उठाने का निर्णय लिया है। सुक्खू सरकार की इस मानवीय पहल को चौतरफा तारीफ मिली है। सुख आश्रय योजना निसंदेह सुक्खू सरकार का वो काम है जो सदा याद रखा जायेगा। राज्य में अब तक 4000 अनाथ बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं, जिससे अब वह मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना के तहत 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चे की देखभाल का ज़िम्मा राज्य सरकार का है। इसके साथ ही अनाथ बच्चों को क्लोथ अलाउंस व त्यौहार मनाने के लिए भत्ता प्रदान किया जा रहा है। उनकी उच्च शिक्षा, रहने का खर्च, 4000 रुपए पॉकेट मनी राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार अनाथ बच्चों को नामी स्कूलों में दाख़िला दिलाने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा घर बनाने के लिए 3 बिस्वा भूमि तथा 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। पुरानी पेंशन बहाल करके दिखाई वादे के मुताबिक सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली का तोहफा दिया है। प्रदेश की ख़राब आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों से वादा निभाया है। प्रदेश सरकार द्वारा चौथी कैबिनेट की बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाली की एसओपी को मंज़ूरी दे दी गई थी और 1 अप्रैल, 2023 से पुरानी पेंशन लागू कर दिया गया । चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा जनता को दी गई गारंटियों में से पुरानी पेंशन बहाली पहली गारंटी थी। प्रदेश की नई सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन की सबसे बड़ी टेंशन को खत्म कर दिया। हिमाचल में करीब सवा लाख कर्मचारी इस समय एनपीएस के दायरे में आते थे जिन्हे इसका लाभ मिला । इस फैसले से प्रदेश सरकार पर सालाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ गया मगर सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हटी। अब इसका सियासी लाभ कांग्रेस को होगा या नहीं, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन ये सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला है। ग्रीन हिमाचल मुहीम हरित राज्य प्रदेश सरकार ने राज्य को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिले में दो-दो ग्राम पंचायतों को पायलट आधार पर हरित पंचायत के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की है। इन पंचायतों में 500 किलोवाट से एक मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत इन परियोजनाओं की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सुक्खू सरकार ने 100 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की भी घोषणा की है। इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड करेगा। सरकार सार्वजनिक परिवहन को विद्युत परिवहन के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को सरकारी महकमों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है और इलेक्ट्रिक टैक्सी की खरीद पर सरकार सब्सिडी भी दे रही है। हिमाचल को ग्रीन राज्य बनाने में सुक्खू सरकार जुटी है, और ये सरकार की बेहतरीन पहल है। दशकों से लंबित इंतकाल के मामलों का निबटारा इंतकाल और तकसीम के दशकों पुराने मामलों को लेकर सुक्खू सरकार एक्शन मोड में है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को 24 जनवरी तक इंतकाल और तकसीम के मामलों को सुलझाने के निर्देश दिए हैं। इससे सालों से लंबित मामलों का निपटारा हो सकेगा। राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर सरकार हाज़ों मामले निबटा चुकी है। अब तक इंतकाल के लम्बित कुल 45 हजार 055 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। किलो के हिसाब से सेब, अगले सीजन से यूनिवर्सल कार्टन किलो के हिसाब से सेब बेचने का फैसला हो या अगले सीजन से यूनिवर्सल कार्टन लागू करने का निर्णय, सुक्खू सरकार ने सेब बागवानों के हितों को महफूस रखने की दिशा में इच्छाशक्ति भी दिखाई है और फैसले भी लिए है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी हर मसले पर एक्टिव दिखे है और उनकी कार्यशैली की असर साफ दिख रहा है। एचपीएमसी को लेकर भी सरकार ने बड़े बदलाव लाने की दिशा में काम शुरू किया है और उम्मीद है इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। अब 40 साल तक ही लीज पर जमीन सुक्खू सरकार ने लीज पर जमीन लेने की अवधि को 99 वर्ष से घटाकर अब अधिकतम 40 साल कर दिया है। हालांकि पुरानी लीज की अवधि नहीं बदलेगी। उद्योग लगाने और अन्य विकास परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए अब 40 साल के लिए ही लीज पर जमीन का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि अब धौलासिद्ध, लुहरी फेज-1 तथा सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को 40 वर्ष के बाद हिमाचल प्रदेश को वापिस सौंपना होगा। वाईल्ड फ्लावर हॉल होटल को वापिस पाने के लिए राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है। शानन प्रोजेक्ट को वापस लेने के लिए भी हिमाचल सरकार एक्शन मोड में दिखी है। आपदा प्रबंधन पर सुक्खू सरकार हिट... एक साल के कार्यकाल में सुक्खू सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी आपदा। आपदा में खुद सीएम सुक्खू दिन रात मैदान में डेट दिखे और हिमाचल सरकार ने बेहतरीन काम किया। वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी सरकार के काम की तरफ की। सुक्खू सरकार 4500 करोड़ का बड़ा आपदा राहत पैकेज लेकर आई और मुआवजे की राशि में भारी वृद्धि कर पीड़ितों को राहत पहुँचाने का काम किया। राजनीति से इतर कई दूसरी विचारधारा के लोगों ने भी सरकार के कामकाज को सराहा। वहीँ केंद्र से मिलने वाली मदद को लेकर भी खूब सियासत हुई। भाजपा कहती है कि केंद्र से भरपूर मदद मिली और सीएम सुक्खू खुलकर कहते है कि अगर मदद मिली है तो भाजपा बताएं। इसमें कोई संशय नहीं है कि केंद्र ने हिमाचल को कोई विशेष आपदा राहत पैकेज नहीं दिया है। वहीँ प्रदेश की आर्थिक स्थीति भी खराब है। बावजूद इसके सुक्खू सरकार ने साहस भी दिखाया और बड़ा दिल भी। बहरहाल, सीमित संसाधनों के बीच सरकार के सामने अब चुनौती बड़ी है और सुक्खू सरकार का असल इम्तिहान अभी बाकी है। बढ़ता कर्ज सबसे बड़ी चुनौती .... हिमाचल प्रदेश पर 78,430 करोड़ रुपए कर्ज है। राज्य सरकार पर डीए और एरियर के रूप में करीब 12 हजार करोड़ रुपए के करीब देनदारियां हैं। यदि इसी रफ्तार से कर्ज लिया जाता रहा तो अगले साल हिमाचल पर कर्ज का बोझ एक लाख करोड़ रुपए को पार कर जाएगा। कर्ज को लेकर सियासत भी खूब हुई है। सुक्खू सरकार विधानसभा में श्वेत पत्र लेकर इसका ठीकरा पूर्व की जयराम सरकार पर फोड़ चुकी है तो भाजपा का कहना है कि सुक्खू सरकार प्रतिमाह एक हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। बहरहाल, प्रदेश की आर्थिक हालत पतली है, केंद्र ऋण लेने की सीमा कम कर चुका है, ओपीएस का बोझ भी सरकार पर अभी पड़ना है और आपदा ने भी कमर तोड़ दी है। ऐसे में सुक्खू सरकार के लिए आने वाला समय बेहद कठिन होने वाला है। राजस्व बढ़ाने के हुए प्रयास, पर इतना काफी नहीं .... इस वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व में 1100 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। वर्तमान राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। इसके अलावा कई छोटे छोटे फैसलों से सरकार को राजस्व बढ़ोतरी हो रही है, हालंकि ये नाकाफी है। फिर भी सरकार के प्रयास जरूर दिखे है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी को पटरी पर लाने के लिए ऊर्जा उत्पादकों पर वॉटर सेस लगाने का निर्णय लिया था। वॉटर सेस की दर 0.06 से लेकर 0.30 रुपये प्रति घन मीटर तय की गई थी। राज्य जल उपकर आयोग ने सितंबर में कई ऊर्जा उत्पादकों को वाटर सेस के बिल जारी कर दिए थे। बीबीएमबी,एनटीपीसी,एनएचपीसी समेत कई अन्य ऊर्जा उत्पादकों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है। वहीँ केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 25 अक्टूबर को सभी राज्यों को एक पत्र लिख वॉटर सेस को अवैध व असंवैधानिक बताते हुए इसे शीघ्र बंद करने के निर्देश दिए हैं। सुक्खू सरकार की तरफ से पर्यटन को बढ़ावा देने के कुछ प्रयास भी दिखते है और इच्छाशक्ति भी। हालांकि आपदा ने सरकार को बड़ा झटका जरूर दिया है। अलबत्ता पर्यटन आधारभूत या पॉलिसी सुधार की दिशा में अब तक कोई बड़ी कामयाबी सरकार को नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद जरूर जगी है कि जल्द सरकार एक्शन मोड में दिखेगी। एडवेंचर टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन की दिशा में सरकार के थोड़े प्रयास दिखे है, लेकिन सरकार से अपेक्षा किसी बड़ी योजना है। माहिर भी मानते है कि पर्यटन की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाकर ही सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य की तरफ बढ़ सकती है। धर्म संकट...खाली खजाना और 1500 देने का अधूरा वादा हिमाचल में कांग्रेस पर गारंटियां पूरी करने का दबाव है। जिन दस गारंटियों के बुते कांग्रेस सत्ता में आई उनमे से एक मुख्य गारंटी थी महिलाओं को हर माह पंद्रह सौ रुपये देना। बढ़ते कर्ज के बीच सुक्खू सरकार कैसे इसे पूरा करती है , इस पर निगाह टिकी है। जाहिर है हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद हिमाचल सरकार पर आधी आबादी से किया गया वादा पूरा करने का दबाव है, लेकिन खराब आर्थिक स्थीति इसमें रोड़ा है। भाजपा इसे जमकर भुना रही है और अब ये 1500 रुपये का वादा बड़ा मुद्दा बन चूका है। लोकसभा चुनाव दस्तक दे रहे है और ये गारंटी कांग्रेस के गले की फांस बन चुकी है। खाली खजाने के बीच सरकार धर्म संकट में है। कई अन्य गारंटियां भी अभी अधूरी है जिनमें 300 यूनिट मुफ्त बिजली और पांच लाख रोजगार प्रमुख है। कैबिनेट में असंतुलन..10 विधायक देने वाले कांगड़ा को एक मंत्री पद ! एक साल में विपक्ष द्वारा सुक्खू सरकार को घेरना इतना चर्चा में नहीं रहा जितनी चर्चा अपनों की नाराजगी की हुई। किसी ने नाराजगी खुलकर जाहिर की तो किसी ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी। बात पार्टी के भीतरी संतुलन की ही नहीं, बात कैबिनेट असन्तुलन की भी हुई। सीएम सहित 9 लोगों की कैबिनेट कई पैमानों पर असंतुलित है। कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से सिर्फ एक-एक मंत्री है। ज़िलों के हिसाब से बात करें तो सबसे बड़े जिला कांगड़ा से कांग्रेस के दस विधायक है, पर मंत्री सिर्फ एक। जबकि सात विधायक वाले शिमला से तीन मंत्री है। ये असंतुलन सिर्फ सियासी मसला नहीं है, जिस जनता ने कांग्रेस को वोट दिया वो भी अपेक्षा रखती है कि क्षेत्र में कोई मंत्री होगा तो विकास को रफ़्तार मिलेगी। इसी तरह हिमाचल कैबिनेट में अभी 9 में से 6 क्षत्रिय है, जबकि ब्राह्मण, एससी और ओबीसी सिर्फ एक-एक है। पांच साल के लिए सरकार चुनी गई है और एक साल बीत चुका है लेकिन अब तक कैबिनेट पूरी नहीं हुई है। ये ही हाल बोर्ड निगमों का है। अब सरकार का रुख जल्द विस्तार का दिख जरूर रहा है लेकिन इच्छा से ज्यादा शायद मजबूरी है। तीन राज्यों की हार ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है और संभवतः अब आलाकमान भी पार्टी के भीतरी संतुलन को सुनिश्चित करे। बहरहाल मुख्यमंत्री का ताजा बयान ये है कि नए मंत्री इसी साल में मिलेंगे। कोर्ट में गया सीपीएस नियुक्ति का मामला सुक्खू सरकार ने ने छह सीपीएस नियुक्त किए थे – अर्की विधानसभा क्षेत्र से संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल बराकटा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल। इनके अलावा मुकेश अग्निहोत्री को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। भाजपा नेताओं ने इनकी नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती दे दी है।मामले की सुनवाई जारी है और कोर्ट के फैसले का इंतजार है। इस मामले में अब 20 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई है। बीजेपी नेता सतपाल सिंह सत्ती और 11 अन्य बीजेपी विधायकों ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सीपीएस और डिप्टी सीएम का ऐसा कोई पद संविधान के तहत या संसद द्वारा पारित किसी कानून या अधिनियम के तहत मौजूद नहीं है। उन्होंने याचिका में दलील दी कि सीपीएस के पदों पर नियुक्ति राज्य के खजाने पर बोझ है। याचिका के अनुसार, 91वें संशोधन में मंत्री पदों की संख्या सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत कर दी गई और इस मानदंड के अनुसार राज्य में 12 मंत्री हो सकते हैं क्योंकि विधानसभा की सदस्य संख्या 68 है।आगे आरोप लगाया गया कि 6 सीपीएस की नियुक्तियां संविधान के विपरीत हैं। उन्हें सीपीएस के रूप में नियुक्त किया गया है, जो बिना बुलाए ही वास्तविक मंत्री हैं और मंत्रियों की सभी शक्तियों और सुविधाओं का आनंद लेते हैं। बहरहाल इस मामले में, विशेषकर सीपीएस की नियुक्ति को लेकर कोर्ट का क्या फैसला आता है, इस पर सबकी निगाह टिकी है। शिमला नगर निगम चुनाव जीते ...अब सोलन ने दिया झटका सुक्खू सरकार के एक साल के कार्यकाल में शिमला नगर निगम का चुनाव हुआ जहाँ कांग्रेस को शानदार जीत मिली। इसके बाद हालहीं में चार नगर निगमों में नए मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की बारी थी। किस्मत की बदौलत कांग्रेस धर्मशाला नगर निगम में कब्ज़ा करने में कामयाब रही लेकिन सोलन में बहुमत होते हुए भी पार्टी की फजीहत हुई। कांग्रेस के दोनों अधिकृत उम्मीदवार हार गए। यहाँ मेयर पद कांग्रेस की बागी ने कब्जाया तो भाजपा को डिप्टी मेयर का पद मिल गया। वो फैसला जिसपर हुई विपक्ष ने जमकर घेरा सुक्खू सरकार ने आते ही सैकड़ों संस्थानों को डी नोटिफाई कर दिया। संस्थानों की डेनोटिफिकेशन पर भाजपा सरकार को जमकर घेरती रही है। भाजपा का आरोप है कि इस सरकार ने 10 महीने के कार्यकाल में ही हिमाचल के 1000 से अधिक चले हुए संस्थान बंद किए बंद कर दिए थे। कई शिक्षण स्थान भी बंद हुए और निसंदेह इससे कई छात्रों को कई दिक्क्तों कि खबरें भी सामने आई।
-इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन के हिमालयन फेस्टिवल में की शिरकत -बोल, दलाई लामा की शिक्षाओं पर चलते हुए इस मैत्री को और आगे लेकर जाएंगे भारत और तिब्बत एक साझी सांस्कृतिक विरासत के वाहक हैं। यह सांकृतिक विरासत दोनों समुदायों को एक परिवार के रूप में जोड़कर रखती है। यह उद्गार रविवार को मैक्लोडगंज के टिप्पा में इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन द्वारा मनाये जाने वाले हिमालयन फेस्टिवल के 27वें संस्करण में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आरएस बाली ने व्यक्त किए। इस दौरान केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग भी उपस्थित रहे। बता दें कि इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन दलाई लामा को नोबल शांति पुरस्कार मिलने की खुशी में हर वर्ष हिमालयन फेस्टिवल कार्यक्रम का आयोजन करता है। बाली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि परमपावन दलाई लामा को 1989 में नोबल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्होंने कहा कि वैसे तो दलाई लामा का व्यक्तित्व किसी भी सम्मान से ऊपर है, फिर भी उनको सम्मान मिलने की जितनी प्रसन्नता तिब्बती समुदाय को है, उतनी ही भारत और यहाँ के लोगों को भी है। उन्होंने कहा कि उनको यह सम्मान मिलने की खुशी में दोनों समुदायों के लोग इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन के बैनर तले हर वर्ष इसे मनाते हैं। बाली ने कहा कि दलाई लामा ने भारत और धर्मशाला को अपना घर माना और यहां के लोगों ने भी पूरे तिब्बती समुदाय को परिवार के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि आपको अपने परिवार के रूप में यहां पाकर हम स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि जो प्यार और सम्मान भारत तथा तिब्बती समुदाय ने एक दूसरे को दिया वह अपने आप में एक मिसाल है। बाली ने कहा कि दलाई लामा की शिक्षाओं पर चलते हुए तथा साझी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए हम इस मैत्री को और अधिक ऊंचाई पर लेकर जाएंगे। दलाई लामा आवास के परिक्रमा मार्ग में लगेंगी 40 लाइट बाली ने कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय द्वारा रखी गई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तिब्बती समुदाय ने उन्हें बताया कि वे परमपावन दलाई लामा के आवास की परिक्रमा करते हैं तथा उस मार्ग पर बहुत अंधेरा रहता है। बाली ने परिक्रमा मार्ग में 15 फरवरी से पूर्व 40 लाइटें लगाने की घोषणा की। मैक्लोडगंज मॉनेस्टरी के बाहर बनेगा भव्य द्वार कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय ने मैक्लोडगंज मॉनेस्टरी के बाहर द्वार बनाने की मांग रखी। आर.एस बाली ने उनकी इस मांग पर मोहर लगाते हुए गेट के निर्माण के लिए टूरिज्म विभाग की ओर से 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह द्वार भव्य बनना चाहिए तथा इसके लिए यदि और पैसे की जरूरत हुई तो उसे भी वे उपलब्ध करवायेंगे। मनोनीत नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ कार्यक्रम में की शिरकत इससे पूर्व बाली ने नगरोटा बगवां में नवनिर्वाचित मनोनीत पार्षदों के शपथ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। हाल ही में गिरीश धवन, मुकेश मेहता, वंदना शर्मा और शेखर कुमार को मनोनीत पार्षद चुना गया था। आरएस बाली और एसडीएम की मौजूदगी में सभी मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई गई। मुख्य अतिथि ने सभी पार्षदों को इस पद को प्राप्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन दौरान मनोनीत पार्षदों सहित सभी सदस्यों को लोगों की भलाई के लिए हर समय बिना किसी भेदभाव के कार्य करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा लोगों की भलाई करना ही एकमात्र हम सभी का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा हम सभी को माननीय मुख्यमंत्री के पद चिन्हों पर चलते हुए अंतिम पंक्ति में बैठे हुए व्यक्ति तक विकास तो पहुंचना है क्योंकि अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के विकसित होने पर ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।
-बौद्ध धर्मगुरु को मिले गिफ्ट म्यूजियम में सजे -दुनिया भर के पर्यटकों के लिए बने आकर्षण का केंद्र कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने कहा कि मकलोडगंज से धार्मिक पर्यटन के नए अध्याय का गवाह बनकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सुधीर शर्मा रविवार को मकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाइलामा के नए म्यूजियम के शुभारंभ पर संबोधित कर रहे थे। रविवार को सुबह आठ बजे मकलोडगंज में ऐसा अनूठा म्यूजियम शुरू हुआ, जिसमें परमपावन बौद्ध धर्मगुरु दलाइलामा को मिले गिफ्ट पर्यटकों के लिए सजाए गए हैं। इसमें आडियो और वीडियो डाक्यूमेंट भी दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के लिए रखे गए हैं। माना जा रहा है कि इससे हिमाचल में धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय शुरू होगा। सुधीर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया भर से पर्यटक मकलोडगंज में दलाईलामा से जुड़ी ऐतिहासिक चीजों का अवलोकन कर पाएंगे। इससे धार्मिक हाई एंड टूरिज्म को नया बल मिलेगा। सुधीर शर्मा ने कहा कि बौद्ध धर्मगुरु दलाइलामा का मकलोडगंज में होना हिमाचल समेत पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उनके कारण इस शहर को दुनिया भर में नई पहचान मिली है। दुनिया भर से पर्यटक व वीवीआईपी मकलोडगंज आते हैं। आज पर्यटन हिमाचल की रीढ़ बन गया है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला की बात करें,तो मां चामुंडा, बज्रेश्वरी व ज्वालाजी माता के दर्शनों के लिए देशी व विदेशी पर्यटक आते हैं, जिससे धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा मिला है। मंदिरों के चढा़वे में भी इजाफा हुआ है और विदेशी मुद्रा भी मंदिरों में चढ़ावे के रूप में चढ़ रही है। इसी तरह बौद्ध धर्मगुरु दलाइलामा के यहां होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। इसे हमें बनाए रखना है। सुधीर शर्मा ने आगे कहा कि धर्मशाला में ऐतिहासिक डल झील, खनियारा में अघंजर महादेव, भागसूनाग, कुणाल पत्थरी आदि धार्मिक स्थल हैं। इन्हें प्रदेश सरकार संवारेगी। स्मार्ट सिटी के कामों ने पकड़ी रफ्तार सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के कार्यों में तेजी लाई जा रही है। सभी 75 प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर के सभी 17 वार्डों में कामों को स्पीडअप करेगी। हर वार्ड में कार्यों की मानीटरिंग की जा रही है। सरकार ने लिए अच्छे फैसले सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का एक साल का कार्यकाल अच्छा रहा है। एक साल में दस में से तीन गारंटियां पूरी की है। बाकी की गारंटियां भी पूरी की जाएंगी। कांग्रेस जो कहती है, उसे पूरा करती है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में होने जा रहे कार्यक्रम को लेकर जनता में उत्साह है। पूरे हलके से लोग धर्मशाला के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को कार्यक्रम में आने वाले लोगों को हर सहूलियत देने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री के मीडिया को-ऑर्डिनेटर रहे व वर्तमान में हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आखिर लोगों के चूल्हे-चौंके उजाड़कर व खुशी छीनकर किस बात का जश्र मनाया जा रहा है। विश्च चक्षु ने कहा कि प्रदेश के लाखों परिवारों को लगातार दो माह से उचित मूल्यों की दुकान में चीनी का कोटा ही नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं डिपुओं में दालें भी न के बराबर ही मिल रही हैं। इसमें कभी एक दाल गायब होती है, तो इस बार दो-दो दालें अब तक गायब हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मूंग की दाल के बदले चने की दाल डबल देने की बात कही थी, लेकिन अब तक वो भी डिपुओं में नहीं पहुंच पाई है। भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी ने कहा कि भाजपा के समय टेंडर से पहले सस्ते राशन का कोटा जनता को उपलब्ध करवाया जाता था, जबकि कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार प्रदेश के हर परिवार को राहत की बजाय सरकार आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है। चीनी व दालें गरीब परिवारों को भी बाजारों से दोगुने से अधिक दामों में हर माह खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। चक्षु ने कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश पर इतनी आपदा आई पर प्रदेश सरकार को पता नहीं किस बात की खुशी छाई हुई है। किस चीज का जश्न मनाया जा रहा है। प्रदेश की सुक्खू सरकार आर्थिक संसाधन खुद नहीं जुटा पा रही और कंगाली का ठीकरा भाजपा सरकार पर फोड़ रही हैं। जहां पर चुनावों के समय जो प्रदेश की भोली भाली जनता को कांग्रेस ने गारंटिया दी थीं, वो पूरी नहीं हुई। गारंटियों से सीएम व मंत्री भी दूर-दूर भागते हुए नज़र आ रहे हैं। एक तरफ सरकार कह रही है कि सरकारी खजाना खाली है, दूसरी ओर जनता के करोड़ों रुपये जश्न पर उड़ाए जा रहें हैं। चक्षु ने आरोप लगाया कि ज़िला कांगड़ा के साथ भी बड़ा भेदभाव किया जा रहा है। आज प्रदेश का अधिकारी-कर्मचारी भी परेशान हैं। प्रदेश का हर वर्ग वर्तमान सरकार से त्रस्त है, परंतु सरकार मस्त है। सरकार का कोई विजन नहीं है, सुक्खू सरकार पूरी तरह से विजिनलेस है। कई विभागों, निगमों व बोर्डों में कर्मचारियों के तनख्वाह तक के लाले पड़ चुके हैं। ऐसे में जश्र में सरकारी तंत्र के लाखों रुपये जलाकर कांग्रेस सरकार एक बार फिर अपना जनता के प्रति अपने उदासीन रवैये का चेहरा आम लोगों के सामने रख रही है।
उप मंडल ज्वालामुखी के तहत गांव पंचायत अलुहा की रहने वाली अंकिता शर्मा ने एमए गणित में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इससे पहले भी अंकिता शर्मा ने डीएवी कॉलेज कांगड़ा से बीए में पहला स्थान हासिल किया था। अंकिता शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अमर शांति माडल पल्लिक स्कूल खुंडियां से शुरू की तथा आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने डीएबी कॉलेज कांगड़ा में की। बता दें कि अंकिता शर्मा जिला कांगड़ा की तहसील खुंडिया के तहत पंचायत अलुहा के कमल नयन की बेटी है व चंगर क्षेत्र में प्रतिष्ठित जय पब्बू माता सेवा सदन खुंडिया में सबसे ज्यादा रक्तदान करने वाले अंबे पंडित की भतीजी हैं। अंकिता शर्मा के माता-पिता, गुरुजनों व परिवार के अन्य लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
-कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग भी चौकस -1200 के करीब पुलिस जवान संभालेंगे सुरक्षा का जिम्मा प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने एक साल के कार्यकाल का जश्न धर्मशाला में मनाने जा रही है। 11 दिसंबर को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिस मैदान में पंडाल को सजाया जा रहा है। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग भी चौकस हो गया है और अपनी ओर से इंतजामों को पुख्ता करने में जुटा है। सरकार की रैली के लिए 1200 के करीब पुलिस जवान सुरक्षा, कानून व ट्रैफिक व्यवस्था के लिए शहर सहित जिला के आवाजाही वाले स्थानों में तैनात रहेंगे। इसके अलावा पांच ड्रोन और सीसीटीवी से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। एसपी कांगड़ा शालिनी अग्रिहोत्री ने बताया कि 11 दिसंबर को धर्मशाला शहर में ट्रैफिक व्यवस्था वन-वे रहेगी। जनसभा स्थल के लिए आने वाले वाहन कांगड़ा गगल से बाया शीला चौक होते हुए धर्मशाला में प्रवेश कर पाएंगे। अग्रिहोत्री ने बताया कि धर्मशाला से कांगड़ा की ओर जाने वाले वाहन बाया सकोह होते हुए कांगड़ा के लिए जाएंगे। इसके अलावा पठानकोट की ओर से आने वाले वाहन चंबी से बाया चड़ी होते हुए सुधेड़ व बस स्टैंड पहुंचेंगे। यह व्यवस्था सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक लागू रहेगी। हालांकि यह व्यवस्था भीड़ को देखते हुए ही की जाएगी। 11 को मालवाहक वाहनों की धर्मशाला में आवाजाही बंद रहेगी। सुरक्षा व ट्रैफिक की दृष्टि से पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने शनिवार को पुलिस मैदान धर्मशाला में पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। पैराग्लाडिंग गतिविधियों पर भी रोक इस दौरान पैराग्लाडिंग गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। समारोह के दौरान रैली स्थल पर पानी की बोतल लाने पर रोक रहेगी। धर्मशाला में रैली स्थल पर पहुंचने से पहले सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू धर्मशाला में रोड शो कर लोगों का अभिभावदन स्वीकार करेंगे। यह रोड शो सिविल लाइन से पुलिस मैदान तक होगा। इसके लिए भी पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था रहेगी। एसपी शालिनी अग्रिहोत्री ने बताया कि रैली स्थल पर खाने और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में होने वाले प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन समारोह के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। यहां-यहां होगी पार्किंग की सुविधा डीसी ऑफिस पार्किंग, जोरावर स्टेडियम, दाड़ी मैदान व चरान स्थित फुटबॉल ग्राउंड का चयन किया गया है। इसके अलावा बीएड कालेज, साई स्टेडियम और ग्राउंड के आसपास उपलब्ध स्थान पर वीआईपी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग स्थल से सभा स्थल के लिए स्टल बसों से लोगों को लाने और ले जाने की व्यवस्था रहेगी।
-धर्मशाला में अधिकारियों संग की बैक-टू-बैक बैठकें -कार्यक्रम स्थल में लिया व्यवस्थाओं का जायजा व्यवस्था परिवर्तन का एक साल पूर्ण होने पर धर्मशाला के पुलिस मैदान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों को उचित दिशा-निर्देश देने के साथ कार्यक्रम स्थल में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज शनिवार को कार्यक्रम के आयोजन को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक और पुलिस मैदान में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद यह बात कही। इस दौरान विधायक शाहपुर केवल सिंह पठानिया, विधायक ज्वालामुखी संजय रतन सहित मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू तथा ओएसडी राजनीतिक मामले रितेश कपरेट उनके साथ उपस्थित रहे। विभागों की जिम्मेदारियां तय राजस्व मंत्री ने सर्किट हाउस धर्मशाला में बैक-टू-बैक बैठकें कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों से तैयारियों का ब्यौरा लिया। उन्होंने सभी विभागों की जिम्मेदारियां सुनिश्चित कर अधिकारियों को उन्हें समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का एक साल कार्यक्रम के लिए कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सहित पूरी प्रदेश सरकार धर्मशाला आएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम हर लिहाज से बेहतर हो, इसके लिए सभी विभाग गंभीरता से कार्य करें। जनता को न हो दिक्कत, व्यवस्थित रहे ट्रैफिक जगत सिंह नेगी ने पुलिस विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में गाड़िया धर्मशाला में आएंगी। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का एक साल होने पर पूरी सरकार सहित प्रदेश भर से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता यहां आएंगे। इस दौरान ट्रैफिक बिलकुल सुव्यवस्थित हो, जिससे आने वाले अतिथियों के साथ स्थानीय लोगों को भी कोई दिक्कत न हो। सजावट के साथ स्वच्छता पर रहे फोकस राजस्व मंत्री ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का एक साल कार्यक्रम के लिए पूरे धर्मशाला को सुंदर तरीके से सजाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की सजावट के लिए सभी जरूरी दिशा-निर्देश संबंधित विभागों को दे दिए गए हैं। उन्होंने इस दौरान सजावट के साथ-साथ साफ-सफाई की ओर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। पुलिस ग्राउंड में जांची व्यवस्थाएं जगत सिंह नेगी ने कार्यक्रम स्थल में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान मंच के निर्माण के साथ सीटिंग अरेंजमेंट और पार्किंग की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कांगड़ा के सभी न्यायालयों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह जानकारी देते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिखा लखनपाल ने बताया कि इसमें प्री-लिटिगेशन, एन आई एक्ट, धन वसूली के मामले, श्रम विवाद, जरूरी सेवाओं संबंधित मामले (बिजली तथा जल बिल मामले आदि), दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 खर्चे के मामले, अपराधिक कंपाउडेबल मामले, मोटर दुर्घटना, दावा अधिकरण के केस, वैवाहिक मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले, राजस्व मामले, अन्यथा सिविल मामले आदि (मुकदमा पूर्व मामला तथा कोर्ट में लंबित मामले दोनों शामिल) के 9,027 केस लगाये गये थे। उन्होंने बताया कि इनमें से 3,272 केसों में समझौता किया गया तथा लगभग 10 करोड़ 29 लाख रुपये राशि प्राप्त हुई।
कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र मनकोटिया ने कहा है कि सत्ता में रहते भाजपा ने खुद को कुछ किया नहीं, लेकिन अब सुक्खू सरकार से एक साल के कार्यकाल का हिसाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि शनिवार को नलेटी में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का यह कहना पूरी तरह गलत है कि कांग्रेस सरकार ने कोई गारंटी पूरी नहीं की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कई साल से लंबित ओपीएस की मांग को कांग्रेस ने ही पूरा किया है। अब कर्मचारियों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हो चुका है। हजारों महिलाओं को मासिक 1500 रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुराग को समझना चाहिए कि सरकार का कार्यकाल एक साल का नहीं बल्कि पांच साल का होता है। इसलिए एक साल में यह कह देना कि सरकार गारंटियां पूरी नहीं कर पाई, पूरी तरह समझ से परे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व जयराम सरकार ने प्रदेश को 60 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के नीचे दबा दिया है। जबकि सुक्खू सरकार ने आपदा के बावजूद समाज के हर वर्ग को राहत पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री चंद्र कुमार कह चुके हैं कि एक जनवरी से गोबर खरीदा जाएगा। साथ ही धर्मशाला के पास स्थित ढगवार में दूध खरीदने की भी तैयारी चल रही है।
राजकीय महाविद्यालय आनी और जीजीसी हमीरपुर की ओर से विभिन्न वैश्विक और स्थानीय भागीदारों के सहयोग से आनलाइन अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 6 से 8 दिसंबर तक चले कार्यक्रम में भारत और विदेश से 500 से अधिक छात्र, शिक्षक और पेशेवर एक साथ आए। इस दौरान युवाओं का कौशल बढ़ाने और नौकरी प्लेसमेंट बढ़ाने पर चर्चा की गई। कार्यशाला में राजकीय महाविद्यालय देहरा के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. करण पठानिया ने युवल नूह हरारी की ' सेपियंस: ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ ह्यूमनकाइंड' पर विचार रखे। उन्होंने दुनिया में हमारी अद्वितीय स्थिति के साथ आने वाली जिम्मेदारियों पर विचार करने का आग्रह किया गया। कार्यशाला में डॉ. जीतेंद्र (मस्तिष्क वैज्ञानिक) और डा. रमेश ने मेमोरी लैब: शैक्षिक संस्थानों में भविष्य की तैयारी के लिए संज्ञानात्मक कौशल को बढ़ाने पर जोर दिया। डॉ. अनिरुदिता सक्सेना ने सॉफ्ट स्किल्स रिवोल्यूशन पर विचार रखे।
-समारोह में पूर्व कर्मचारी एवं कामगार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनकोटिया रहे मुख्य अतिथि लेक व्यू मॉडल हाई स्कूल नंगल चौक में शनिवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह मनाया गया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व कर्मचारी एवं कामगार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने शिरकत की, जबकि लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता एमआर दरोच विशेष अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलित करके की गई। इसमें बच्चों ने समारोह के दौरान कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। वहीं, स्कूल के मुख्य अध्यापक वरिंदर सिंह ने स्कूल की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया सत्र 22- 23 में 10वीं परीक्षा का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। मुख्य अतिथि ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने व श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों, सौम्या कौशल, कृतिका, परिणीति, आयुष, अक्षिता, अश्मि, कनिका, कनक, अनन्या, अक्षित ठाकुर, कृतिका, मानवी, शौर्य, अक्षत, अभिनव, रूद्र, रियांश, परिवेश, शनायाको पुरस्कृत किया। स्कूल के प्रबंधक सेवानिवृत्त हेड मास्टर गुरदास राम ने स्कूल में आए सभी अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने बच्चों को कड़ी मेहनत कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की सीख दी और बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जसवां परागपुर कुशल सपेहिया, ब्लॉक महिला अध्यक्ष अनुराधा सपेहिया, ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष शुभम नांगला, डाडासीबा पंचायत प्रधान परमेश्वरी दास, एसएमसी प्रधान रतन चंद कौंडल, पूर्व प्रधान धर्मचंद, व्यापार मंडल डाडासीबा के प्रधान राजिंदर सिंह गोगा, रंजीत परमार व निधि कंवर सहित अभिभावक उपस्थित रहे।
- कॉलेज में हुआ वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय महाविद्यालय देहरा में आज वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्यातिथि प्रो. करण सिंह पठानिया ने शिरकत की। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. रवींद्र सिंह गिल द्वारा मुख्यातिथि का भव्य स्वागत किया गया। वहीं, मुख्यातिथि द्वारा विद्यार्थियों को खेल भावना की शपथ दिलवाकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। विद्यार्थियों के लिए 100 व 200 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉट पुट तथा विद्यार्थियों के मनोरंजन के लिए नींबू दौड़, मटका फोड़ प्रतियोगिता, रस्साकशी, तीन पैरों पर दौड़ तथा कुर्सी दौड़ आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मंच संचालक का कार्यभार प्रो. शिवानी गुप्ता ने निभाया। इस प्रतियोगिता में 100 और 200 मीटर में श्रुति प्रथम, साक्षी और शिखा द्वितीय, तृतीय स्थान पर साक्षी और शिखा रहीं। ऊंची और लंबी कूद में सेजेल और श्रुति प्रथम, श्रुति द्वितीय तथा कशिश तृतीय स्थान पर रही। गोला फेंक में सुमित और रिया प्रथम, द्वितीय ममता और प्रियानशू द्वितीय तथा ईशा और यश तृतीय स्थान पर रहे। सर्वश्रेष्ठ धावक और धाविका यश और श्रुति को घोषित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक व अन्य सदस्य मौजूद रहे।
-सर्वश्रेष्ठ साहसिक पर्यटन गंतव्य और इको पर्यटन गंतव्य बना हिमाचल -प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने हासिल किए पुरस्कार -मुख्यमंत्री ने हिमाचल में पर्यटन क्षेत्र में उदारतापूर्वक निवेश का किया आह्वान हिमाचल प्रदेश ने शुक्रवार देर सायं नई दिल्ली में आयोजित आउटलुक ट्रैवलर अवॉर्ड्स-2023 समारोह में दो प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते। इस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। हिमाचल प्रदेश ने कांगड़ा जिले के बीड़-बिलिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ साहसिक पर्यटक गंतव्य स्वर्ण श्रेणी और लाहौल-स्पीति जिले के स्पीति के लिए सर्वश्रेष्ठ इको-पर्यटन गंतव्य स्वर्ण श्रेणी में पुरस्कार जीते। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने यह पुरस्कार प्राप्त किए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने निवेशकों से हिमाचल में पर्यटन क्षेत्र में उदारतापूर्वक निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन परियोजनओं को शीघ्र स्वीकृति की सुविधा प्रदान करेगी। हिमाचल सभी मौसमों के लिए उपयुक्त पर्यटन गंतव्य है। यहां की घाटियां, बर्फ से ढकी घाटियां, हरा-भरा वन क्षेत्र, जल निकाय और शानदार होम-स्टे पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों के यात्रा अनुभव को और शानदार बनाने के लिए प्रयासरत है और इसके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ठहरने के लिए शानदार होम-स्टे भी विकसित किए जाएंगे जिससे पर्यटक नजदीक से यहां के जन-जीवन व वादियों को निहार सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नए पर्यटन गंतव्यों को विकसित कर, पर्यटन अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण कर रही है। पर्यटकों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रही है ताकि वे अधिक अवधि तक यहां समय बिताएं और प्रदेश की आर्थिकी में वृद्धि हो। प्रदेश में हवाई सेवा में सुधार के दृष्टिगत कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के साथ-साथ सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट निर्मित्त किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिवर्ष लगभग 5 करोड़ पर्यटकों का आगमन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और राज्य सरकार कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कांगड़ा घाटी में पर्यटक अधोसंरचना विकसित करने के लिए लगभग 3000 करोड़ रुपये व्यय करेगी। वन्य जीव पर्यटन में रुचि रखने वाले पर्यटकों को प्रोत्साहित करने के लिए कांगड़ा जिला में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल धार्मिक पर्यटन का मुख्य केंद्र है, प्रदेश प्रसिद्ध शक्तिपीठों की भूमि है और शीघ्र ही प्रदेश आध्यात्मिक पर्यटन का मुख्य केंद्र बन कर उभरेगा। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में ईको-टूरिज्म को भी बड़े पैमाने पर विकसित करने पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मार्च, 2026 तक हिमाचल को देश के हरित राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है और राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अभिनव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, नवीकरण ऊर्जा के अन्य स्रोतों के दोहन पर बल दे रही है। प्रदेश सरकार डीजल वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा प्रदान कर रही है। आउटलुक ट्रैवलर की प्रकाशक मीनाक्षी मेहता ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर आउटलुक ग्रुप के सीईओ इंद्रनील राय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विभिन्न पुरस्कार विजेता राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद-सत्र आयोजित किए गए। इस अवसर पर गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी केएस बांशटू, पत्रिका की संपादक आनंदिता घोष और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिमाचल में क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी जमानत रद्द हो रही है। वहीं, एसआईटी ने अब कई अधिकारियों, कर्मचारियों और कारोबारियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है। एसआईटी ने इस मामले से जुड़े ढाई लाख आईडी का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया है। दस अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति दो करोड़ रुपये से ज्यादा है। एसआईटी ने राजस्व विभाग और बैंकों से इनकी डिटेल मांगी गई है। आरोप तय होने पर इनकी संपत्तियां भी जब्त की जा सकती हैं। बता दें कि 2,500 करोड़ रुपये के इस घोटाले के मुख्य आरोपी सुभाष, हेमराज, अभिषेक और सुखदेव की संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की देहरा शाखा की बैठक हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग रेस्ट हाउस देहरा में हुई, जिसमें जिला प्रधान विजय नाग विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ धर्मशाला ब्लॉक के प्रधान मंजीत कुमार हैप्पी, जिला प्रेस सचिब सुभाष और सलाहकार बलदेव और देहरा ब्लॉक के प्रधान अमित कौशल भी उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें मुख्यत: 11 दिसंबर को धर्मशाला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का स्वागत करने को लेकर चर्चा की गई। बैठक में विजय अशरफ को जिला का वरिष्ठ उप प्रधान नियुक्त किया गया।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल सरकार अपनी सभी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। शुक्रवार को शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के रैत में व्यवस्था परिवर्तन का एक साल कार्यक्रम को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार बनते ही पहली गारंटी बजट में एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान कर एक लाख 30 हजार कर्मचारियों को पेंशन देकर पूरी की है। उन्होंने बताया कि सरकार रोजगार की गारंटी को भी पूरा करने की दिशा में कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में हजारों पद भरे जा रहे हैं, इसके लिए चयन प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में भारी आपदा आई है, लेकिन वर्तमान सरकार ने अपने संसाधनों से 4500 करोड़ का आपदा राहत पैकेज जारी कर आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनहितैषी सरकार है तथा व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त किया जा रहा है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकें। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का एक साल का राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कांगड़ा जिला में आयोजित किया जा रहा है इसमें प्रदेश भर से तीस हजार से भी ज्यादा लोग शमिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि धर्मशाला में आयोजित होने वाली व्यवस्था परिवर्तन के एक साल के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शाहपुर विस क्षेत्र से हर पंचायत तथा हर गांव से युवा, महिलाएं तथा अन्य नागरिक बढ़चढ़ कर भाग लेंगे इस के लिए पंचायत स्तर तक कमेटियां गठित की गई हैं जो लोगों के व्यवस्थित तरीके से आने जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में आयोजित होने वाला कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा। इस अवसर पर उप मंडलधिकारी करतार चंद, तहसीलदार राकेश कुमार,खंड विकास अधिकारी कंवर सिंह वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवदत्त शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत राणा, कांग्रेस नेता ओंकार सिंह राणा, ठाकुर बरयाम सिंह,ठाकुर गबर्धन सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष नीना ठाकुर, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुशील शर्मा,नरेश विधान रिटायर कृषि विभाग, मास्टर बंसी लाल, मेघराज शर्मा, कैप्टन बली राम एसटी प्रकोष्ठ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, मदन राणा, अनूप सिंह बलोरिया, अश्वनी चौधरी पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, कैप्टन निर्मल भंद्राल पूर्व सैनिक सेल ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, सुभाष चंद एससी प्रकोष्ठ अध्यक्ष, प्रभात चंद एससी प्रकोष्ठ महासचिव, रीना पठानिया, नम्रता चंबियाल, सूबेदार उत्तम सिंह चंबियाल, विक्रम राणा कांग्रेस सेवादल जिला यूथ ब्रिगेड अध्यक्ष, आयुष भानु पठानिया एनएसयूआई कैम्प्स अध्यक्ष, दिव्यांश कटोच,सुषमा देवी, जानवी महाजन, संजू देवीप्रधान,चंगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरजन सिंह, शशिपाल शर्मा धार कंडी कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष, डॉक्टर यशपाल शर्मा, पूर्व उप प्रधान सुदर्शन कटोच, लाल सिंह पूर्व प्रधान ओमप्रकाश गुलेरिया, विक्रम राणा, जन्म सिंह ,सुमन मेहरा लंज कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आदि गणमान्य सम्मानित कांग्रेस जन मोजूद रहे।
-निबंध लेखन में संजना एवं भाषण प्रतियोगिता में साइना कुमारी रही प्रथम कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज सड़क सुरक्षा क्लब के द्वारा भाषण एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन सड़क सुरक्षा क्लब के सदस्य प्रोफेसर सचिन के द्वारा किया गया, जिसमें उन्होंने सर्वप्रथम सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। इस प्रतियोगिता में विभिन्न प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा भाषण व निबंध लेखन के माध्यम से सभी छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में अवगत करवाया। महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं ने भी अपनी भागीदारी निभाई। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विभिन्न प्रतिभागियों ने भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में होने वाले विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं के ऊपर प्रकाश डाला व इसके कारण और प्रभावों पर भी चर्चा की। निबंध लेखन प्रतियोगिता में संजना कुमारी बीए द्वितीय वर्ष ने प्रथम स्थान, हिमांशु बीकॉम प्रथम वर्ष ने दूसरा स्थान तथा तनीषा बीए द्वितीय वर्ष ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा भाषण प्रतियोगिता में साइना कुमारी बीएससी द्वितीय वर्ष ने प्रथम स्थान, अंबिका बीए द्वितीय वर्ष ने दूसरा स्थान तथा अभिषेक बीए तृतीय वर्ष ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर प्रदीप कुमार कौंडल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ इस प्रकार की गतिविधियों में भाग लेना चाहिए, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा क्लब के संयोजक डॉ. खुशी राम भगत, प्रोफेसर अरविंद, प्रोफेसर सचिन व प्रोफेसर सरजनी मौजूद रहे व निर्णायक मंडल में प्रोफेसर अंशु व प्रोफेसर ललिता मौजूद रहे।
-कोसरी स्कूल के बच्चों के लिए करवाई गई पेंटिंग प्रतियोगिता -एक शहीद कमांडो लायंस नायक विवेक कुमार युवा स्पोर्ट्स क्लब का गठन करने को डाला प्रस्ताव शहीद कमांडो लायंस नायक विवेक कुमार को उनकी तीसरी पुण्यतिथि पर उनकी माता आशा देवी, पिता रमेश चंद, पत्नी प्रियंका देवी व बेटे विवांश द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। ग्राम पंचायत अप्पर ठेहडू के प्रधान विनोद कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोसरी के प्रधानाचार्य-प्राध्यापकों व आयुर्वेदिक अस्पताल कोसरी के डॉक्टर्स, सहकारी सभा के सचिव एवं युवक मंडल प्रधान विनोद टंडन आदि ने भी उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोसरी के बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता करवाई गई और बच्चों को इनाम भी दिये गये। वहीं, एक शहीद कमांडो लायंस नायक विवेक कुमार युवा स्पोर्ट्स क्लब का गठन करने के लिए प्रस्ताव भी डाला गया। इस मौके पर अप्पर ठेहडू के प्रधान विनोद कुमार द्वारा युवाओं को देश एवं समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया गया और नशे से दूर रहने की अपील की गई। --------जयसिंहपुर से नरेंद्र डोगरा की रिपोर्ट
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी इंदौरा की बैठक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दविंदर सिंह मनकोटिया की अध्यक्षता में विश्राम गृह कंदरोड़ी में संपन्न हुई, जिसमें स्थानीय विधायक मलेंद्र राजन व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कर्ण सिंह पठानिया विशेष रूप से उपस्थित हुए। इस अवसर पर समस्त कांग्रेस कमेटी ने सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष होने पर 11 दिसंबर को धर्मशाला में होने वाली कांग्रेस की व्यवस्था रैली को सफल व ऐतिहासिक बनाने की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि आज प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में विकास के नए अध्याय लिखने की ओर निरंतर बढ़ रहा है। मलेंद्र राजन ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा ने प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबा दिया है। प्रदेश की जनता ने भाजपा की नीतियों से तंग आकर ही प्रदेश को भाजपा मुक्त करके सुख की सांस ली है। विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि प्रदेश में आई विपदा पर भाजपा ने कोई भी मदद नहीं की और साफ मुंह फेर लिया। अब जनता का मोह भाजपा से पूरी तरह भंग हो चुका है। मलेंद्र राजन ने कहा की इंदौरा कांग्रेस द्वारा धर्मशाला में कांग्रेस की रैली को ऐतिहासिक बनाया जायेगा और प्रदेश मुख्यमंत्री इस रैली में बाढ़ पीड़ितों के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं व राहत पैकेज घोषित करेंगे। आगामी लोकसभा चुनावों पर बोलते हुए मनमोहन कटौच ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस चारों सीटों पर भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी।
-कहा, धर्मशाला में होने जा रहा सरकार का कार्यक्रम विकास पर, न कि भाजपा की रैलियों की भांति जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कर्ण सिंह पठानिया ने भाजपा पर हमला बोलने हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की व्यवस्था परिवर्तन की लहर में भाजपा नेता परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं तथा वे सरकार पर तथ्यहीन बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने की नाकाम कोशिश में लगे हुए हैं। प्रेस को जारी एक बयान में कर्ण सिंह पठानिया ने कहा कि धर्मशाला में 11 दिसंबर को सरकार के एक साल के कार्यकाल पर होने जा रहे कार्यक्रम पर भी भाजपा नेता घटिया राजनीति करने से बाज नही आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा के दौर के बाद भी कांग्रेस सरकार ने विकास कार्यों को रुकने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में होने वाला कार्यक्रम विकास व व्यवस्था परिवर्तन का जश्न है, न कि भाजपा की भांति वोट की राजनीति के मकसद से की जाने वाली रैली की तरह है। पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की घोषणा की है, जिसमें कांगड़ा के बनखंडी में 300 करोड़ की लगात से चिड़ियाघर का निर्माण, जिले में हेलीपोर्ट का निर्माण, शिमला से कांगड़ा तक मटौर सड़क को पूरी तरह से फोरलेन की मंजूरी, कांगड़ा जिले को टूरिज्म कैपिटल बनाने का ऐलान, कांगड़ा हवाई अडडा का विस्तारीकरण का कार्य भी जल्द शुरु कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स के निर्माण की दिशा में भी सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। स्थानीय कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए पर्यटक ग्राम की स्थापना की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त सरकार जिला कांगड़ा में पींग डेम में वाटर स्पोर्ट्स शिकारा, क्रूज याट इत्यादि की व्यवस्था की कर रही है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। पर्यटन विकास हेरिटेज साइट के सौंदय करण, ईको टूरिज्म एवं पर्यटन सुविधाओं पर 113 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने को लेकर कांग्रेस सरकार धौलाधार के आधार शिविर टेंट सिटी के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार पर काम कर रही है केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तावना लिए पर्याप्त भूमि और सड़क संपर्क सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसमें सभी विलासिता और आराम के साथ 200 से अधिक शिविर होंगे। कर्ण सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कांगड़ा को घूरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के पसदींदा पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
जिला पुलिस नूरपुर ने मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़कर पंजाब से चोरी किए तीन मोटरसाइकिलों को भी बरामद किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 5 दिसंबर को रोहित शर्मा पुत्र पवन शर्मा ने मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राजिंदर कुमार व विशाल को गिरफ्तार कर उसी दिन चोरी हुआ मोटरसाइकिल बरामद कर लिया था। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो एक अन्य आरोपी कर्ण सिंह को 6 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया। तीनों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो आरोपियों ने जाहिर किया कि उन्होंने पंजाब से भी तीन मोटरसाइकिल चोरी किए हैं। पंजाब से चोरी कर लाए तीनों मोटरसाइकिलों को 7 दिसंबर को धमेटा से बरामद कर लिया गया। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी नूरपुर अशोक रतन ने बताया कि पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा पंजाब से चोरी किए गए तीन मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल चोर गिरोह के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
-सभी जिला मुख्यालयों में पायलट आधार पर ट्रैफिक वालंटियर योजना शुरू प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में अब ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक वालंटियर भी ट्रैफिक कंट्रोल करते दिखाई देंगे। इसी कड़ी में प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने वीरवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पायलट आधार पर ट्रैफिक वालंटियर योजना का शुभारंभ किया। राज्य में यातायात के बेहतर प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और जन जागरूकता के लिए इस योजना को शुरू किया गया है। यदि जिला मुख्यालयों में ट्रैफिक वलंटियर योजना सफलतापूर्वक संचालित होती है तो इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। स्कीम के तहत राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के स्वैच्छिक लोगों का एक समूह होगा, जो सेवा की भावना से यातायात प्रबंधन और जागरूकता में भाग लेगा और विभिन्न यातायात कार्यों को नि:शुल्क करने में योगदान देगा। स्वयंसेवकों का अनुरोध प्राप्त होने के बाद जिला एएसपी, डीएसपी मुख्यालय व एसडीपीओ उन्हें बातचीत के लिए बुलाएंगे और सत्यापन करेंगे। इसके बाद जिला एसपी की मंजूरी के बाद ट्रैफिक वालंटियर की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। ट्रैफिक जन जागरूकता के लिए योजना में लड़कियों व महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। जिला एसएसपी द्वारा रिफ्लैक्टिव सुरक्षा जैकेट, टोपी और आईडी कार्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस पर प्रमुखता से ट्रैफिक वालंटियर लिखा होगा, ताकि आम जनता को उनकी पहचान ट्रैफिक पुलिस से अलग दिखे।
-पांच साथियों के साथ क्लस्टर बनाकर चार एकड़ में कर रहे खेती -खुद भी कमा रहे और 12 लोगों को भी दे रहे रोजगार प्रदेश के अधिकतर किसान-बागवान आज भी परंपरागत खेती कर रहे हैं जोकि सारा साल मौसम पर निर्भर रहते हैं। लेकिन मौसम की बदलती परिस्थितियों के बाद अब किसानों का रुझान आधुनिक तकनीक से खेती करने की ओर बढ़ा है। ऑफ सीजन सब्जियों की बाजार में बढ़ती मांग और अच्छे दाम मिलने पर अब ग्रीनहाउस और पॉलीहाउस जैसी तकनीक को अपनाकर किसान-बागवान बेमौसमी फल व सब्जियां उगाकर अच्छा उत्पादन व मुनाफा कमा रहे हैं। जिला कांगड़ा के इंदौरा ब्लॉक के इंदपुर से संबंध रखने वाले चेतन ठाकुर एक ऐसे ही बागवान हैं, जिन्होंने इस योजना से लाभ लेकर पॉलीहाउस लगाया, जिससे वह बेमौसमी सब्जियों का अच्छा उत्पादन कर आज लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। चेतन ठाकुर ने होटल मैनेजमेंट की डिग्री लेने के बाद बड़े-बड़े होटलों में चार साल तक काम किया, लेकिन वह अपने प्रदेश में ही अपना कारोबार शुरू करने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार उपलब्ध करवाना चाहते थे। उनके पिता कृषि से सेवानिवृत्त हुए हैं, जिसके कारण शुरू से ही चेतन शर्मा की खेतबाड़ी में गहरी दिलचस्पी थी। अपने पिता से प्रेरणा लेकर उन्होंने कृषि क्षेत्र में ही अपना रोजगार शुरू करने का मन बनाया। कृषि तथा बागवानी विभाग से मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद चेतन ठाकुर ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन से लाभ लेकर एक एकड़ जमीन पर पॉलीहाउस लगा कर सब्जियाँ उगाना शुरू की । उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी इस संरक्षित खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। जिसके चलते आज चेतन ठाकुर पांच अन्य किसान साथियों के साथ क्लस्टर बना कर चार एकड़ एरिया में पॉलीहाउस में संरक्षित खेती कर रहे हैं। चेतन ठाकुर का कहना है कि बाकी किसान साथियों के साथ क्लस्टर बना कर काम करने से उन्हें सब्जियों को मंडियों तक पहुंचाने, बीज,खाद,उपकरण इत्यादि सामान लाने तथा ले जाने में पैसों की बचत के अलावा खेती में अपना-अपना अनुभव साझा करने में भी मदद मिलती है। विभाग से मिली 85 प्रतिशत सब्सिडी चेतन ठाकुर को पॉलीहाउस लगाने में बागवानी विभाग द्वारा 85 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की गई है। इसके अलावा सोलह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में स्वचलित सिंचाई सुविधा लगाने पर 80 प्रतिशत, पॉवर टिलर पर 50 प्रतिशत,ग्रेडिंग मशीन पर 2 लाख 50 हजार, वाटर स्टोरेज टैंक पर 50 प्रतिशत तथा अन्य कृषि उपकरणों पर अनुदान प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी तथा प्रशिक्षण के बिना संरक्षित खेती करना अत्यंत मुश्किल काम है। इसके साथ ही हर पांच साल बाद पॉलीहाउस की शीट बदलने में भी सरकार द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान दिया गया। पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना ज्यादा मुनाफा चेतन ठाकुर पॉलीहाउस में फरवरी से सितंबर माह तक खीरा तथा अगस्त से जून के सीजन में लाल-पीली शिमला मिर्च का उत्पादन करते हैं। वह सीजन में दो एकड़ जमीन से सोलह सौ क्विंटल खीरा तथा 2 एकड़ जमीन से 500-500 क्विंटल लाल व पीली शिमला मिर्च का उत्पादन करते हैं। इसके अलावा सर्दियों के मौसम में पॉलीहाउस के बीच की खाली जगह पर ब्रोकली तथा लैट्यूस(सलाद पत्ती)का उत्पादन करते हैं। युवाओं के लिए बने प्रेरणास्त्रोत आज चेतन ठाकुर तथा उनका प्रत्येक किसान साथी पॉलीहाउस में सब्जियां उगा कर सालाना कम से कम सात-सात लाख रुपये से अधिक का मुनाफा कमा रहे हैं जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना ज्यादा है। वह स्वावलंबी बनने के साथ बारह और स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करवा रहे हैं। चेतन ठाकुर अपने व्यवसाय के क्षेत्र को निकट भविष्य में व्यापक स्तर पर बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। आज चेतन ठाकुर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। पॉलीहाउस में खेती के फायदे पॉलीहाउस के अंदर का मौसम जैसे तापमान,नमी और यहां तक कीटों की उपस्थिति आदि किसान के नियंत्रण में रहती हैं, जिससे कीटनाशकों और उर्वरकों का उपयोग कम होने के साथ इसकी देखभाल करना भी आसान हो जाता है। पॉलीहाउस में उगाए गए फल, सब्जियां और पौधे ताजा रहते हैं जिससे मार्किट में इनके अच्छे दाम मिलते हैं। क्या कहते हैं बागवानी विभाग के उप निदेशक बागवानी विभाग के उप निदेशक डॉ. कमलशील नेगी का कहना है कि इस योजना के तहत राज्य सरकार किसानों को पॉलीहाउस लगाने के लिए 85 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। इसके अलावा सिंचाई सुविधा लगाने, पॉवर टिलर खरीदने, ग्रेडिंग मशीन की खरीद, वाटर स्टोरेज टैंक तथा अन्य कृषि उपकरणों पर 50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान कर रही है।
हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी चुनावी गारंटी के तहत अब पशुपालकों से 1 जनवरी से दो रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खाद की खरीद शुरू करेगी। यह बात कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज जवाली विधानसभा क्षेत्र के नगरोटा सूरियां में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि गोबर से जैविक खाद तैयार की जाएगी। खाद को सरकारी उपक्रम हिमफेड के माध्यम से किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस खाद का उपयोग कृषि व बागवानी विभाग के फार्मों में भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बागवानी व सेब बाहुल्य क्षेत्रों में भी इस खाद की बिक्री कृषि व बागवानी विभाग के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी ताकि लोगों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जा सके। ऊंची कीमतों पर खरीदी जाएंगी फसलें उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जैविक खाद से फसल तैयार करने वाले किसानों को चिन्हित करने के साथ उनसे ऊंची कीमतों पर फसलों को खरीदा जाएगा। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के वादे पर कार्य कर रही है, जिसके तहत सभी विभागों में भर्ती प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़कों के सुधार व बेहतर रखरखाव के लिए करोड़ों रुपये के बजट का प्रावधान करवाया गया है। उन्होंने बताया कि नगरोटा सुरियां में गज खड्ड पुल तथा सुखाहार नहर परियोजना के निर्माण के लिए भी जल्द राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। 11 दिसंबर को मनाया जाएगा एक वर्ष के कार्यकाल का जश्न कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार 11 दिसंबर को अपना एक वर्ष का सफल कार्यकाल पूरा करने जा रही है। इस वर्ष प्रदेश में घटित भयंकर आपदा के बावजूद प्रदेश सरकार ने अनेक जनहितैषी योजनाएं धरातल पर लागू करने के साथ प्रदेश हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सत्ता संभालने पर लोगों से पारदर्शी प्रशासन देने का जो वादा किया था उस पर प्रदेश सरकार खरा उतरी है। कृषि मंत्री ने इस अवसर पर जनसमस्याएं भी सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए ताकि लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं घरद्वार के नजदीक उपलब्ध हो सकें।
-बोले, सभी जिलों में स्थापित होंगे हेलीपोर्ट पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य सरकार चाय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कारगर कदम उठाएगी इस के लिए आवश्यक कार्य योजना तैयार की जाएगी। वीरवार को कांगड़ा में अपने आवास पर लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार साहसिक धार्मिक एवं ईको-टूरिज़्म के विस्तार के लिए पर्यटन अधोसंरचना को विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि ज़िला कांगड़ा को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 3 हजार करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि सभी ज़िलों में हेलीपोर्ट स्थापित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही स्टार्ट-अप योजना के तहत राज्य में कृषि और मत्स्य पालन विभागों की एक एकीकृत परियोजना शुरू की जाएगी, जो इस क्षेत्र में राज्य के लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए उन्हें सब्सिडी के रूप में 680 करोड़ रुपये प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित कर रही है तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित निदान करने के लिए भी कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से लम्बित राजस्व मामलों की बड़ी संख्या पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कड़ा संज्ञान लेने के बाद प्रदेश में राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है तथा अब तक इंतकाल के लंबित कुल 45,055 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार, वर्षों से लम्बित राजस्व मामलों का निपटारा कर प्रदेश के आम लोगों की समस्याओं का हल करने के प्रयास कर रही है।
जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्षद संजीव ठाकुर को प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा का महामंत्री चुना गया है। प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा महामंत्री बनने पर उन्होंने पूर्व विधायक रविंद्र रवि धीमान, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र राणा, ब्लॉक समिति चेयरमैन कुलवंत राणा के साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने संजीव ठाकुर को बधाई दी। पार्षद संजीव ठाकुर ने कहा कि सभी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे वे अपने क्षेत्र में किसानों की समस्याओं का निराकरण और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद कर सकें।
-सरकार ने सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताई प्रदेश सरकार सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे नित नए प्रयोग, तकनीक और अनुसंधानों का उपयोग कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य में इस क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए, सरकार प्रदेशभर में 40 शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर स्थापित करने पर विचार कर रही है। यह केंद्र राज्य के लोगों को घर-द्वार के समीप आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में नई आशा की किरण साबित होंगे। प्रत्येक शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर में एक समर्पित स्वास्थ्य टीम होगी, जिसमें एक चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट, सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का विस्तार और सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। सार्वभौमिक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर बल देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, मरीजों की संख्या और मृत्यु दर कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे दूसरे और तीसरे स्तर के ईलाज की आवश्यकता कम होती है, जिससे उपचार पर होने वाला खर्च भी कम होता है। वर्तमान में, एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 50,000 व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इस दूरदर्शी और महत्त्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य प्रत्येक शहरी स्वास्थ्य वेलनेस केन्द्र द्वारा लगभग 20,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रणनीतिक पहल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।इन शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना एक मजबूत और समावेशी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह नवीन प्रयास शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और आजीविका के लिए अन्य राज्यों से आए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। यह पहल हालिया कोविड-19 महामारी के दौरान देखी गई फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यबल की कमी का भी समाधान प्रदान करेगी। सुक्खू ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना सर्वजन तक बेहतर स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध करवाने में मील पत्थर साबित होगी, जिसके माध्यम से शहरों में स्वास्थ्य क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
पुलिस थाना रक्कड़ की टीम ने विभिन्न इलाकों में गश्त के दौरान मूहीं चौक रेन शेल्टर में मूहीं निवासी 29 वर्षीय रजत कुमार पुत्र यशपाल से 2.42 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। जानकारी के अनुसार थाना के एएसआई अनिल कुमार देर रात चेकिंग व गश्त पर थे। इस दौरान उन्होंने इस युवक से यह चिट्टा बरामद किया है। मामले की पुष्टि करते हुए रक्कड़ थाना प्रभारी गुरदेव सिंह ने कहा कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। नशे के सौदागरों को पुलिस किसी भी सूरत में बख्शेगी नहीं।
शिक्षा में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग और गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य के 762 स्कूलों में आवश्यक हार्डवेयर तथा साफ्टवेयर उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके। यह उद्गार विधायक संजय रत्न ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घलौर के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लाइब्रेरी रूमस स्थापित किए जाएंगे इसके साथ ही दस हजार मेधावी छात्रों को टेबलेट्स दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य ध्येय वर्तमान शैक्षणिक संस्थानों के आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना है जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। उन्होंने छात्रों से विद्यार्थी जीवन का आनन्द लेने के साथ-साथ जीवन में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए परिश्रम करने का आह्वान भी किया। विधायक संजय रत्न ने घल्लौर स्कूल के ग्राउंड बनाने के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया। विद्यालय के ममता भाटिया ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और स्कूल की वार्षिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। .. इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी ज्वालाजी डॉक्टर संजीव शर्मा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग अरुण वशिष्ठ , अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर, बीडीओ देहरा कुलदीप शर्मा, एसएचओ विवेक कुमार ,, राजिंदर सिंह , अरविंद शर्मा सहित स्कूल के विधार्थी उपस्थित रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी डीसी डा निपुण जिंदल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दिनाँक 01.01.2024 कीे अर्हता तिथि के आधार पर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 करवाया जा रहा है तथा इस फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को आधार मानकर आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का संक्षिप्त पुनरीक्षण जो 9 दिसम्बर, 2023 तक चलेगा इसका भरपूर लाभ उठायें तथा जो मतदाता पंजीकरण हेतू शेष है उन्हें तुरन्त पंजीकरण हेतू प्रोत्साहित करें, ताकि लोकतन्त्र के पर्व में वह भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित् कर सकें। उन्होंने कहा कि फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को अद्यतन करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दिनांक 01-01-2024 को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु पूर्ण कर चुके पात्र मतदाताओं का नाम फोटोयुक्त मतदाता सूची में दर्ज करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने जिला काँगड़ा के सभी पंजीकृत मतदाताओं से आग्रह किया है कि वह अपना, अपने परिवार तथा सगे सम्बन्धियों के नामों की पुष्टि घर बैठे विभाग द्वारा आॅन लाईन सुविधा (मतदाता हैल्पलाईन, राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल) या सम्बन्धित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एस0डी0एम0) के कार्यालयों में जाकर अवश्यमेव जाँच कर लें, ताकि भविष्य में होने वाले लोकसभा निर्वाचन-2024 में वह अपने-अपने मत का प्रयोग कर सकें। इसके साथ ही अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय, धर्मशाला के काॅल सेन्टर मंे निःशुल्क टेलीफोन सेवा 01892.1950) पर कार्यालय समयावधि प्रातः 10ः00 बजे से सांय 5ः00 बजे तक लैण्डलाईन या मोवाईल फोन से सम्पर्क करके विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
एमएस पब्लिक स्कूल मलोट में तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कई विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं व रंगारंग कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मेडल व ईनाम जीते। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिविटी बहुत जरूरी है। इसी प्रकार एमएस पब्लिक स्कूल हमेशा पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिविटीज भी करवाता है, ताकि बच्चों के अंदर हुनर को पैदा किया जा सके। इस दौरान स्कूल के चेयरमैन राजिंदर सिंह व प्रिन्सिपल आरती वर्मा के द्वारा सभी विजेताओं को मेडल व इनाम दिए गए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष, कांगड़ा-चंबा के प्रभारी एवं सुलह के विधायक व कार्यक्रम के संयोजक विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश भर सहित सबसे बड़े जिला कांगड़ा में झूठ की गांरटियों पर सवार कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन कांगड़ा में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की कसौटियों पर पूरी तरह से कांग्रेस सरकार फेल हो गई है और एक बार फिर से लोक लुभावन कार्यक्रम आयोजित कर आम जनता को ठगने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व विस अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह से फेल रही है। प्रदेश की स्वास्थय व्यवस्था में बड़ा मील का पत्थर हिमकेयर योजना को अधर में लटका दिया गया है। हर विकास कार्य के लिए तंगहाली-बजट का रोना रो रही सरकार ने अब जनता को बहकाने के लिए बड़े कार्यक्रम में लाखों बहाने की योजना बनाई है। भाजपा के कांगड़ा जिला के कार्यक्रम संयोजक विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस के काले अध्याय के खिलाफ भाजपा 18 दिसंबर को धरना-प्रदर्शन कर आक्रोश जताएंगे।
बाबा काशीराम राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाडासीबा में प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार की अध्यक्षता में समस्त दिव्यांग बच्चों को लेकर स्पेशल फिजियोथैरेपी कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में लगभग 36 बच्चों व अभिभावकों ने भाग लिया व फिजियोथैरेपी करवाई। इस कैंप में बतौर विशेषज्ञ डॉक्टर साहिल ने सेवाएं दी। इस मौके पर डाडा सीबा के बीपीओ परमिंदर डडवाल स्थानीय पाठशाला की शिक्षक अभिभावक व पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा के 36 विद्यार्थियों व अभिभावकों ने भाग लिया। इस मौके पर सेवानिवृत्ति ड्राइंग मास्टर एवं समाजसेवी अनूप धीमान, चक्षु शर्मा, अजय कुमार ,डॉक्टर साहिल चौधरी, सुदर्शन कुमार व रविंद्र सिंह इस मौके पर उपस्थित रहे।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ खंड इंदौरा की मह्त्वपूर्ण बैठक खंड प्रधान सुरिंदर शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें विभिन्न पदाधिकारियों व अन्य अध्यापक साथियों ने अपने विचार रखे और सरकार व विभाग द्वारा जारी की गई क्लस्टर सिस्टम की अधिसूचना का संघ इंदौरा द्वारा एकमत में कड़ा विरोध किया गया। इसके साथ ही इसके तहत जो मध्याहन भोजन व 300 से 500 मीटर दायरे के बीच सभी स्कूलों की प्रार्थना सभा को एक के छत नीचे करवाने का पूरजोर विरोध किया है। संघ ने कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई के समय की बर्बादी व छोटे बच्चों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ होगा। कलस्टर सिस्टम लागू होने से सभी प्राथमिक शिक्षकों के पदोन्नति पद प्रभावित हो जाएंगे और इसके साथ संघ ने मांग की प्री प्राइमरी एनरोलमेंट को भी बुनयादी ढांचे के साथ जोड़ा जाए। इस अधिसूचना के लागू होने से प्राथमिक शिक्षा का समस्त ढांचा तहस नहस हो जाएगा, क्योंकि इससे प्राथमिक शिक्षक अपनी रिपोर्टिंग अपने उच्च विद्यालयों के प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक, स्नातक अध्यापको के पास करेंगे। बैठक में यह भी सरकार से मांग की गई की इस अधिसूचना में प्राथमिक शिक्षकों के हितों को मद्देनजर रखते हुए इसमे आवश्यक बदलाव किए जाए, अन्यथा संघ आगामी कड़ा कदम उठाने के लिए विवश होगा।
उपमंडल के तहत पड़ते कस्बा रैहन में ज़िला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा 15 दिसम्बर को निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने दी। शिविर की तैयारियों को लेकर फतेहपुर में बैठक कर उचित दिशा निर्देश दिए गए हैं । एसडीएम ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में स्वास्थ्य विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा लोगों का चेकअप करने के साथ निशुल्क टेस्ट भी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें मुफ्त दवाईयां भी दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। इस मौके पर पात्र लोगों के लिए दिव्यांगता बोर्ड शिविर भी लगाया जाएगा । उन्होंने बताया कि मेले में लोगों को विभिन्न रोगों के बारे में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ समय पर टेस्ट तथा उपचार करवाने बारे भी परामर्श दिया जाएगा। इस मौके पर डॉक्टरों द्वारा स्वस्थ व खुशहाल जीवन जीने के लिए उचित खानपान एवं व्यवहार अपनाने के बारे में भी मूलमंत्र दिया जाएगा। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि वे इस स्वास्थ्य मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर लाभ उठायें।
नीरज राणा एनएसयूआई प्रभारी ने राजकीय महाविद्यालय खुंडियां में जाकर छात्र छात्राओं को छात्र संगठन एनएसयूआई के बारे में अवगत करवाया। नीरज राणा का कहना है कि उन्हें हाल ही में एनएसयूआई की ओर से प्रभारी की कमान सौंपी गई है वहीं उनकी प्राथमिकता रहेगी कि राजकीय महाविद्यालय खुंडिया में जल्द ही स्टाफ पूरा किया जायेगा कॉलेज विद्यार्थियों को जिन भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है सभी का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा । नीरज राणा ने कहा कि जल्द ही खुंडिया कॉलेज में एनएसयूआई इकाई का गठन किया जाएगा । इस दौरान उन्होंने कॉलेज प्राचार्य अनिल जरयाल व कैंपस के प्राध्यापकों का आभार भी व्यक्त किया है
बाबा कांशी राम राजकीय महाविधालय डाडासिबा में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. जतिंदर कुमार की अध्यक्षता में करवाया गया। इस दौरान राजकीय वरिष्ठ विद्यालय डाडा सिबा के प्रधानाचार्य सुदर्शन शर्मा और रविंद्र पीजीटी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान क्रमश 100, 400 और 800 मीटर की दौड़, गोला फेंक, लम्बी कूद- ऊंची कूद रस्साकशी, म्यूजिकल चेयर जैसी प्रतियोगियों का आयोजन किया गया। 100 मीटर दौड़ के बॉयज के मुकाबले में विशाल शर्मा, अमित ठाकुर, ऋषभ राणा ने प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मीटर दौड़ में विशाल शर्मा, सचिन सहोत्रा, अमित ने क्रमशः प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 800 मीटर के रोचक मुकाबले में सचिन सहोत्रा गौरव और विशाल शर्मा ने प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुख्य अतिथि और विशेष अतिथि ने विजेताओं को मेडल पहना कर उनका उत्साह वर्धन किया। इस इन प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में प्रो रामपाल, दविंदर, पलक और कार्यालय लिपिक रामदयाल ने विशेष सहयोग किया।
नीरज राणा एनएसयूआई प्रभारी ने राजकीय महाविद्यालय खुंडियां में जाकर छात्र छात्राओं को छात्र संगठन एनएसयूआई के बारे में अवगत करवाया। नीरज राणा का कहना है कि उन्हें हाल ही में एनएसयूआई की ओर से प्रभारी की कमान सौंपी गई है वहीं उनकी प्राथमिकता रहेगी कि राजकीय महाविद्यालय खुंडिया में जल्द ही स्टाफ पूरा किया जायेगा कॉलेज विद्यार्थियों को जिन भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है सभी का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा । नीरज राणा ने कहा कि जल्द ही खुंडिया कॉलेज में एनएसयूआई इकाई का गठन किया जाएगा । इस दौरान उन्होंने कॉलेज प्राचार्य अनिल जरयाल व कैंपस के प्राध्यापकों का आभार भी व्यक्त किया है।
डाडा सीबा तहसील के अंतर्गत कस्बा जागीर पंचायत के गांव डुहकी में बिना मां बाप के जीवन यापन कर रही तीन बेटियों और एक बेटे की आर्थिक मदद के लिए किनर समुदाय आगे आया है। इस परिवार के बारे में जैसे ही चिन्तपुरणी की किन्नर कशिश महंत को पता चला तो वो तुरन्त उनके घर डूहकी पहुंची। महंत ने 5100 रुपये की आर्थिक मदद और बच्चो को राशन भी दिया। महंत ने लोगों से अपील की है कि इस परिवार की मदद करें और उन्होंने पंचायत प्रधान प्रशासन मुख्यमंत्री से अपील की है इन बच्चों की सहायता की जाए ताकि यह समय पर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें


















































