-कहा, आउटसोर्स प्रचलन को कम करेगी राज्य सरकार धर्मयााला के तपोवन में पांच दिन चले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च, 2024 से पहले प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में 20 हजार युवाओं को नौकरियां दी जाएंगी। राज्य सरकार आउटसोर्स प्रचलन को कम करेगी और उनके अनुभव के आधार पर युवाओं को नौकरी देने की दिशा में बढ़ेगी। नियम-130 के तहत लाए गए प्रस्ताव सरकारी नौकरियां देने में असमर्थ और आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने बारे तथा भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की जांच और कार्यालयों के पुन: स्थापित करने बारे चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी क्षेत्र में रोजगार में संरक्षण देने का प्लान बना रही है। पेपर लीक मामले में सरकार ने की तुरंत कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक भर्ती मामले में सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आयोग को भंग कर दिया और नए आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी। इसके लिए सरकार ने सानन कमेटी का गठन किया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आयोग में मुख्य प्रशासन, प्रशासनिक अधिकारी, संयुक्त नियंत्रक वित्त, विधि अधिकारी और प्रबंधन सूचना प्रौद्योगिकी के एक-एक पद को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थियेटर सहायक समूह के 162 पदों की लिखित परीक्षा को पॉयलट आधार पर करवाने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। पदों को भरने की अगली प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। योग्यता के आधार पर एडजस्ट होंगे कोरोना वॉरियर्स मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वॉरियर्स को योग्यता के आधार पर एडजस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने यह कभी नहीं कहा कि वह सरकारी क्षेत्र में एक लाख नौकरियां देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा पांच लाख नौकरियों के अवसर पैदा करने की बात कही है और इस दिशा में सरकार ने 680 करोड़ की स्टार्टअप योजना शुरू की है, जिसके तहत ई-व्हीकल के लिए 800 युवाओं ने आवेदन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग को लेकर 34 शिकायत पत्र प्राप्त हुए, जिसके आधार पर 11 एफआईआर हुई और 34 को गिरफ्तार किया गया है। इसमें नौ शिकायतों के आरोप सिद्ध न होने पर इनकी जांच को बंद कर दिया गया है।
-लोगों को खूब पसंद आए हिमाचली व्यंजन, टोपी और अन्य उत्पाद कर्नाटक के बेलगावी में चल रहे पांच दिवसीय राष्ट्रीय रोवर रेंजर कार्निवल में हिमाचली व्यंजनों और हिमाचली टोपी की धूम मची रही। राजकीय महाविद्यालय ढलियारा की रोवर रेंजर की नौ सदस्यीय टीम इस कार्निवल में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही है, जिसका नेतृत्व महाविद्यालय के रोवर लीडर प्रो. धर्मेंद्र सिंह कर रहे हैं। पूरे प्रदेश से इस बार ढलियारा महाविद्यालय को राष्ट्रीय कार्निवल में प्रदेश का नेतृत्व करने का अवसर राज्य मुख्यालय द्वारा प्रदान किया गया है। कार्निवल में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें पूरे देश से आए प्रतिभागियों में हिमाचली वाद्य यंत्रों एवं हिमाचली टोपी पहनकर फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही। हिमाचली धाटू, मफलर और कुल्लू शॉल ने भी सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। हिमाचल की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महाविद्यालय के रोवर रेंजर हिमाचल के पारंपरिक परिधान में नजर आए, जिन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। रोवर रेंजर ने फूड प्लाजा में भी खूब वाहवाही लूटी, विशेषकर हिमाचली सिड्डू के तो सभी दीवाने हो गए। इसके अलावा कांगड़ी मदरा, गलगल का खट्टा, मंडी की सेपू बड़ी और पारंपरिक छा गोस्त भी सभी के मन को भाया। रात्रि में लोक नृत्य प्रतियोगिता में भी ढलियारा महाविद्यालय के स्काउट्स ने पारंपरिक सिरमौरी देव नाटी पूजा करनी बिज्टो री पर सुंदर नाटी डाली, जिसने पूरे देश से आए प्रतिभागियों को झूमने पर मजबूर कर दिया और दक्षिण भारत में एक बार सभी को हिमाचल दर्शन करवा दिए।
-प्रदेश विधानसभा का 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र में सदस्यों ने सरकार से पूछे 471 प्रश्न हिमाचल प्रदेश विधानसभा का 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र धर्मशाला के तपोवन में शनिवार को संपन्न हो गया। सत्र में कुल पांच बैठेंगे आयोजित की गईं। वहीं सदन की कार्यवाही कुल 33 घंटे चली। सत्र में विधानसभा के सदस्यों द्वारा सरकार से 471 प्रश्न पूछे गए, जिसमें से 348 प्रश्न तारांकित तथा 123 अतारांकित थे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि 14वीं विधानसभा का चौथा सत्र अपेक्षा अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्र में मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित दस्तावेज भी रखे तथा महत्वपूर्ण वक्तव्य भी दिए। पठानिया ने सदन की कार्यवाही संपन्न होने पर मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा सहित संसदीय कार्य मंत्री का भी धन्यवाद किया।
इंटेलेक्ट ग्लोबल रिसर्च एंड सलूशन मोहाली द्वारा बैंकिंग सेक्टर में महिला एवं पुरुष के 180 पद क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी धर्मशाला को अधिसूचित किए गए हैं। इन पदों हेतु शैक्षणिक योग्यता किसी भी विषय में स्नातक रखी गई है व आयु 21 वर्ष से 30 वर्ष तक रखी गई है। कंपनी द्वारा 18 हजार से 25 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा। इच्छुक महिला एवं पुरुष आवेदक अपने मूल प्रमाण पत्रों व पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ पहुंचकर उक्त कंपनी के समक्ष उप रोजगार कार्यालय, ज्वाली में 26 दिसंबर को उप रोजगार कार्यालय, नूरपुर में 27 दिसंबर को, उप रोजगार कार्यालय, नगरोटा सूरियां में 28 दिसंबर को, उप रोजगार कार्यालय, बड़ोह में 29 दिसंबर को, रोजगार कार्यालय, कांगड़ा में 30 दिसंबर 2023 को, क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय धर्मशाला में 1 जनवरी को, उप रोजगार कार्यालय नगरोटा बगवां में 2 जनवरी को, उप रोजगार कार्यालय पालमपुर में 3 जनवरी को, उप रोजगार कार्यालय देहरा में 4 जनवरी को साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। रोजगार अधिकारी आकाश राणा ने बताया कि अभ्यर्थी अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, मूल प्रमाण पत्र एवं अपना बायोडाटा की कॉपी व अनुभव प्रमाणपत्र, यदि हो साथ लेकर आएं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7307258117 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय साईट पर साक्षात्कार का ब्यौरा अपलोड कर दिया गया है। सभी इच्छुक आवेदकों से अनुरोध है कि वे साक्षात्कार में भाग लेने से पहले https://eemis.hp.nic.in पर अपनी ई-मेल या मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद अपने डैशबोर्ड पर दिख रही इंटेलेक्ट ग्लोबल रिसर्च एंड सलूशन, मोहाली पंजाब की रिक्तियों के लिए आवेदन करें। विभागीय साइट https://eemis.hp.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन के पश्चात ही साक्षात्कार में भाग लिया जा सकता है।
-धर्मशाला में मेहर चंद महाजन की 134वीं जयंती कार्यक्रम में लिया भाग -मेहर चंद महाजन ट्रस्ट ने एमसीएम सीआईआई आईटीआई में शुरू किया ईवी बैटरी लैब धर्मशाला में आज देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं जम्मू कश्मीर के पहले प्रधानमंत्री मेहर चंद महाजन की 134वीं जयंती का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेस) गोकुल बुटेल ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। गोकुल बुटेल ने डॉ. मेहर चंद महाजन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और सीआईआई के सहयोग से ट्रस्ट द्वारा संचालित पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लैब का उद्घाटन भी किया। उन्होंने बताया कि यह हिमाचल प्रदेश का पहला संस्थान है, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग लैब स्थापित किया गया है, जिसमें युवाओं को इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी एवं चार्जिंग स्टेशन टेक्नीशियन के कोर्स प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट ने डॉ. मेहर चंद महाजन की स्मृति में युवाओं के लिए 10 कोर्स शुरू किए हैं, जो छात्रों के भविष्य को सजाने का महत्वपूर्ण कार्य है। गोकुल बुटेल ने बताया की हिमाचल सरकार ने आयल इंडिया लिमिटेड के साथ 500 ईवी चार्जिंग स्टेशन्स के लिए समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई में सबसे मजबूत सरकार कार्यशील है और मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता से प्रदेश को आत्मनिर्भरता की ले जाने के लिये ऐतिहासिक निर्णय लिये जा रहे हैं।
शिक्षा खंड इंदौरा के अंतर्गत पड़ते मैत्री पब्लिक स्कूल शेखुपुर में आज किसान दिवस के उपलक्ष्य पर तुलसी पूजन एवं श्रीमद्भगवद् गीता पूजन किया गया। इस दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। स्कूल की प्रधानाचार्य चंद्र प्रभा ने सभी विद्यार्थियों को बताया कि साल के कुछ दिन ऐसे होते हैं, जो किसी खास व्यक्ति, खास समुदाय या फिर किसी खास वर्ग को सम्मान देने के लिए समर्पित होते हैं। आज का दिन यानी 23 दिसंबर किसानों के सम्मान के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म हुआ था। चौधरी चरण सिंह पेशे से किसान थे। उन्होंने भारत में कृषि को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए थे, यही वजह है कि उन्हें किसानों का मसीहा कहा जाता है। उनकी जयंती को राष्ट्रीय किसान दिवस के रुप में मनाया जाता है।
धर्मशाला के तपोवन में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन में तीन विधेयकों को पारित किया गया। सदन में चर्चा के बाद भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक 2023 व हिमाचल प्रदेश जल विद्युत उत्पादन पर जल उपकर संशोधित विधेयक को पारित कर दिया गया। वहीं, एक अन्य हिमाचल प्रदेश जीव अनाशित कूड़ा-कचरा नियंत्रण संशोधन विधेयक 2023 को बगैर चर्चा के पारित कर दिया गया। विधेयक के अनुसार पहली बार खनन पट्टे की लीज और कंपनी हस्तांतरण पर स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा। अब तक इस अधिनियम में कंपनियों की ओर से संपत्ति के हस्तांतरण पर स्टांप शुल्क लगाने का प्रावधान नहीं था, जिसकी वजह से कई मुकदमे सामने आते रहे हैं। इससे पहले अंतिम दिन सदन की कार्यवाही भी अलग तरह से शुरू हुई। 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई तो सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित कई भाजपा विधायक कंधे पर परने लटकाए हुए पहुंचे। दरअसल, भाजपा विधायकों ने लगातार पांचवें दिन सदन की बैठक शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर में कांग्रेस की गारंटियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रश्नकाल बगैर गतिरोध के चला।
-फलों के दाम तय करने की गारंटी को लेकर सरकार पर बोला हमला -प्रदेश के बागवानों के साथ धोखा करने के लगाए आरोप विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन भी विपक्ष ने कांग्रेस सरकार की गारंटियों को लेकर सदन के बाहर खूब हल्ला बोला। विपक्ष के विधायक सेब की पेटियां लेकर पहुंचे और सरकार से पूछा कि सरकार ने बागवानों को फलों के दाम खुद तय करने की जो गारंटी दी थी, वो कब पूरी होगी। विपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बागवानों के साथ धोखा किया है, जो बर्दाश्त नहीं होगा। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले 10 गारंटियां दी थीं, जिनमें एक गारंटी बागवानों को उनके फलों के दाम खुद तय करने की दी थी, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। किसान-बागवान जब सरकार के पास इस गारंटी को लेकर पहुंचे तो सरकार ने कहा कि दुनिया में कहीं भी ऐसा कानून नहीं है, जहां पर बागवान खुद अपने फलों का दाम तय कर सकते हों। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब ऐसा कानून ही नहीं है तो कांग्रेस ने बागवानों को यह झूठी गारंटी क्यों दी।
-धर्मशाला में ओईएम कंपनियों के साथ बैठक में बोले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) कंपनियों से हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष रूप से उपयुक्त ई-बसें निर्मित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि ई-बसों में प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप लोडिंग क्षमता और सामान इत्यादि रखने की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। आज धर्मशाला में ओईएम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को बेहतर और आरामदायक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विनिर्माण प्रक्रिया में आधुनिक प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने और उच्च गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि टाइप 1, 2 और 3 ई-बसों को चरणबद्ध तरीके से अपनाया जा रहा है ताकि 31 मार्च, 2026 तक स्वच्छ व हरित ऊर्जा राज्य बनने का लक्ष्य पूर्ण किया जा सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ई-बस खरीद के लिए निविदाएं शीघ्र ही जारी की जाएंगी, जिसमें आपूर्ति के लिए समय सीमा सख्ती से लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि लागत अनुकूलित करने और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए, राज्य ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1500 डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से बदलने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत राज्य में ई-वाहनों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परवाणू-नालागढ़-ऊना-हमीरपुर-संसारपुर, पांवटा-नाहन-सोलन-शिमला, परवाणू-सोलन-शिमला-रामपुर-लोसर, मंडी-जोगिंदरनगर-पालमपुर-धर्मशाला-कांगड़ा-पठानकोट तथा किरतपुर-बिलासपुर-मंडी-मनाली-केलंग-जिंग-जिंगबार ग्रीन कॉरिडोर की स्थापना इस दिशा में सरकार के सकारात्मक प्रयासों को प्रदर्शित करता है। बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप और ओईएम कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
साइबर ठगी का शिकार हुए ज्वालामुखी के एक पूर्व सैनिक को करीब एक साल चली कोशिश के बाद साइबर सेल नेरुपये वापस दिलाए हैं। जानकारी के मुताबिक ज्वालामुखी उप मंडल के तहत हार लुथान निवासी पूर्व सैनिक अश्वनी कुमार ने जनवरी में एक वेबसाइट पर ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी का विज्ञापन देखा था। उन्हानें इस पर क्लिक किया तो उनसेे कुछ जरूरी जानकारी मांगी गई। इसके बाद एक मोबाइल नंबर पर पूरी पेमेंट करने को कहा गया। उन्हें बताया गया कि दो दिन में स्कूूटी उसके घर पहुंच जाएगी। जब स्कूटी नहीं पहुंची तो उसने संबंधित नंबर पर संपर्क किया तो पता चला कि नंबर बंद था। वेबसाइट पर दिया लिंक भी निष्क्रिय हो चुका था। इसके बाद उसे एक लाख बीस हजार रुपये ठगे जाने का अहसास हुआ। उसने तुरंत देहरा में डीएसपी कार्यालय में स्थित साइबर क्राइम सेल में शिकायत की। शिकायत मिलते ही टीम ने संबंधित खाते को होल्ड करवा दिया। करीब एक साल चली कोशिश के बाद कुछ दिन पहले ही पूर्व सैनिक के खाते में एक लाख तीन हजार रुपये वापस आ गए।
-कार्यकर्ताओं से सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने का किया आग्रह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस कार्यकताओं से प्रदेश सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया है ताकि अधिक से अधिक लोग सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री आज धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के शताब्दी वर्ष समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेवा दल कांग्रेस पार्टी का अग्रणी संगठन है और सच्चे मन से सेवा के कार्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेवा दल के 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, जो सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांग्रेस के सभी अग्रणी संगठनों को अधिमान रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान अपनी दस गारंटियों में से तीन को पूरा कर दिया गया है। अपनी पहली गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश की आर्थिक बदहाली के बावजूद राज्य सरकार ने 1.36 सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना बहाल की, ताकि उन्हें बुढ़ापे का सहारा मिले। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक व्यवस्था परिवर्तन किया जा रहा है। अगले शैक्षणिक सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की जाएगी तथा 300 मीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों का क्लस्टर बना कर, वहां पर्याप्त अध्यापक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तीसरी गारंटी को पूरा करते हुए 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का पहला चरण आरंभ कर दिया गया है। इसके तहत युवाओं को आय का साधन प्रदान करने के लिए ई-टैक्सी खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 100 किलोवाट से लेकर 1 मेगावाट तक की सोलर परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने की एक योजना जल्द ही शुरू करने जा रही है। किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत, दूध का उचित मूल्य प्रदान करने के लिए वर्तमान सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने अत्याधिक कर्ज लिया और वर्तमान सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पूर्व भाजपा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए वर्ष 2022-23 में 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज लिया, जिसके कारण आज प्रत्येक हिमाचलवासी पर एक लाख रुपए से अधिक का कर्ज है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने के कारण केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश पर कई पाबंदियां लगाई और कर्ज की सीमा घटाकर 6600 करोड़ रुपए कर दी है, इसके बावजूद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास रंग ला रहे है। वर्तमान प्रदेश सरकार के एक वर्ष के प्रयासों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 20 प्रतिशत का सुधार आया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आज से पहले किसी भी सरकार ने नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार नियमों में बदलाव कर व्यवस्था में परिवर्तन कर रही है और कड़े फैसले ले रही है, जिसके आने वाले समय में सुखद परिणाम सामने आयेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार संसाधन बढ़ाने की दिशा में अनेक पग उठा रही है। जल प्रदेश का अमूल्य संसाधन है और इससे संबंधित उचित अधिकार प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के लिए जिला में 3000 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च की जा रही है, जिससे इस क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आएगी। जिला के ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने कांगड़ा जिले के किसानों से संबंधित पटवार सर्किल में जाकर पीएम किसान सम्मान निधि योजना की औपचारिकताएं पूर्ण कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लाभार्थियों के ई-केवाईसी, भूमि संबंधी जानकारी (लैंड सीडिंग) और बैंक अकाउंट को आधार के साथ लिंक करने की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए जिला प्रशासन 23 व 25 दिसंबर को जिले के प्रत्येक पटवार वृत्त में विशेष कैंप लगाएगा। लोगों की मदद को विशेष रूप से हेल्प डेस्क लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन विशेष कैंप में नये लाभार्थियों को भी पंजीकृत किया जाएगा। बता दें, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में आधार बेस्ड भुगतान प्रणाली अपनाई गई है। इसके लिए लाभार्थी का ई-केवाईसी और बैंक अकाउंट का आधार के साथ लिंक होना अनिवार्य है।जिलाधीश ने पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि विशेष कैंप में अपने जमीन और अन्य संबंधित दस्तावेजों को साथ लेकर आएं। जिन्होंने अभी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और बैंक अकाउंट को आधार के साथ लिंक कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है वे विशेष कैंप में आकर सुविधा का लाभ लें। डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि बहुत से पात्र किसान ऐसे हैं जिन्होंने पंजीकरण में जमीन संबंधी जानकारी (लैंड सीडिंग) नहीं दी है। उन्होंने बताया कि लैंड सीडिंग नहीं कराने की वजह से किसान पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण करने वाले किसानों को भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि ऐसी दिक्कत प्रमाण पत्रों के गलत अपलोड होने या गलत दस्तावेजों को दर्ज करवाने से आ रही है। उन्होंने बताया कि 23 और 25 दिसंबर को विशेष शिविरों में इस प्रकार की सभी दिक्कतों को ठीक कर पंजीकरण प्रक्रिया को दुरुस्त करने, ई-केवाईसी समेत योजना की सभी औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
अजीत मैमोरियल धौलाधार पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल योल कैंट में आज क्रिसमस के उपलक्ष्य में समारोह का आयोजन किया गया। इसमें छोटी कक्षाओं के सभी बच्चे सेंटा क्लॉज बनकर आए थे। स्कूल प्रबंधक और अध्यापकों द्वारा बच्चों को प्रभु यीशु के बारे में बताया गया और उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला गया। अंत में बच्चों को आकर्षक उपहार देकर स्मानित किया गया। स्कूल प्रबंधन और अध्यापकों ने बच्चों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
-गांव के लोगों से भेंट की और उनकी समस्याओं को भी सुना लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्या सिंह ने शुक्रवार को धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के दूर-दराज क्षेत्र के थाथरी गांव का दौरा किया। मंत्री, वरिष्ठ लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ थाथरी गांव पहुंचे। लोगों के मुताबिक थाथरी गांव में पहली बार मंत्री के पहुंचने से लोगों में खुश थे। लोक निर्माण मंत्री ने गांव के लोगों से भेंट की और उनकी समस्याओं को भी सुना। तीन सड़कों के विस्तार एवं सुधार कार्य का किया निरीक्षण विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत तीन सड़कों के विस्तार एवं सुधार कार्य निरीक्षण किया और विभाग को सड़क कार्य को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये। उन्होंने कहा कि धर्मशाला विधान सभा क्षेत्र के धर्मशाला, मैक्लोडगंज, भागसूनाग और धौलाधार के साथ लगते क्षेत्र में आकर्षक पर्यटक स्थल हैं। वर्ष में दुनिया भर से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थानों को भी बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। लोक निर्माण मंत्री ने धर्मशाला के साथ लगते सांबर लाहड़ से थाथरी गांव तक साढ़े 3 करोड़ से सड़क के सुधार कार्य का निरीक्षण किया। इस सडक के विस्तार और सुधार कार्य से धर्मशाला के अंतिम गांव की 450 आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने कोतवाली बाजार वया खड़ा डंडा मार्ग, हीरू, दसालनी से भागसूनाग सड़क के विस्तार कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बेहतर आवाजाही के लिये 5 करोड़ 14 लाख से सड़क का विस्तार और सुधार किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री ने दाड़नू से वया इंद्रु नाग से बंगोटू सड़क के विस्तार और सुधार कार्य पर भी साढ़े 5 लाख रुपये व्यय किये जा रहे हैं। साढ़े 5 किलो मीटर लम्बी सड़क से लगभग 1500 लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तीनों सड़कों का कार्य एक वर्ष में पूर्ण करने के निर्देश दिये। एक वर्ष में बनेगा हार जलाड़ी पुल लोक निर्माण मंत्री ने गुरुवार देर शाम कांगड़ा विधान सभा क्षेत्र में बनेर खड्ड पर बनने बाले पुल के कार्य का भी निरीक्षण किया। मंत्री देर रात लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे। साढ़े 3 करोड़ की लागत से 104 मीटर स्पेन पुल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने विभाग को आदेश दिये कि गुणवत्ता और समयबद्धता को ध्यान में रखकर निर्माण को पूरा करवाया जाये। उन्होंने कहा कि नवंबर 2024 में वे स्वयं इस पुल को जनता को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पुल के बनने से हार, राह, जलाड़ी, बलोल, खरट तथा राजल गांव के 8 हजार लोग लाभान्वित होंगी।
-1.1 किलोमीटर लंबे रोप वे के निर्माण पर खर्च होंगे 76.50 करोड़ रुपये -मुख्यमंत्री बोले, धार्मिक स्थलों में आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने के लिए हम प्रतिबद्ध ऊना जिले में माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर तक रोपवे के विकास के लिए रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड हिमाचल प्रदेश के निदेशक अजय शर्मा ने आज धर्मशाला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की उपस्थिति में मैसर्स स्काई हिमालय रोपवेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमिताभ शर्मा को लेटर ऑफ अवॉर्ड (कार्य पत्र) प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1.1 किलोमीटर लंबे इस हवाई रोपवे का निर्माण 76.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस अत्याधुनिक परिवहन प्रणाली से दोनों ओर प्रति घंटा 700 यात्रियों की आवाजाही सुनिश्चित होगी। साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं को एक नया यात्रा अनुभव भी होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करेगी और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। श्री चिंतपूर्णी मंदिर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है। हिमाचल प्रदेश स्थित शक्तिपीठों में इसका प्रमुख स्थान है। उन्होंने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में रोप-वे सुविधा से न केवल भीड़भाड़ से राहत मिलेगी बल्कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार तीर्थयात्रियों के लिए यादगार अनुभव और सुविधा प्रदान करने के लिए धार्मिक स्थानों में बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए विशेष अधिमान दे रही है। उन्होंने मैसर्स स्काई हिमालय रोपवेज प्राइवेट लिमिटेड को इस परियोजना को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को अतिशीघ्र बेहतर सुविधा मिल सके। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल और संजय अवस्थी, विधायक केवल सिंह पठानिया, संजय रतन, सुदर्शन बबलू, विनोद सुल्तानपुरी, आईडी लखनपाल, चैतन्य शर्मा, मलेंदर राजन, रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय गुप्ता, प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, मुख्य महा प्रबंधक आरटीडीसी रोहित ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
-मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया 'दिव्य पूजा प्रणाली' का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज राज्य की पहली ऑनलाइन पूजा प्रणाली 'दिव्य पूजा प्रणाली' का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से भक्तों को घर बैठे ही ऑनलाइन पूजा की सुविधा उपलब्ध होगी। कांगड़ा जिला के माता ब्रजेश्वरी मंदिर, माता चामुंडा मंदिर और माता ज्वालामुखी मंदिर में वेबसाइट http://kangratemples.hp.gov.in के माध्यम से वर्चुअल पूजा की सुविधा प्रदान की गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु किसी भी स्थान से ऑनलाइन पूजा और मंदिरों के लिए दर्शन पर्ची प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रणाली के माध्यम से भक्तों के लिए दान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है। दान की गई राशि की ऑनलाइन रसीद की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर विशेष अवसरों के लिए ई-पूजा बुकिंग, सराय बुकिंग, ऑनलाइन प्रसाद प्राप्त करने, ऑनलाइन दान करने के साथ-साथ मूर्तियों तथा पुस्तकों सहित धार्मिक वस्तुओं की खरीद की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। जिला प्रशासन ने भक्तों के घरद्वार तक इन वस्तुओं की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारतीय डाक विभाग के साथ समन्वय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चामुंडा नंदिकेश्वर मंदिर ट्रस्ट का वर्ष 2024 का कैलेंडर भी जारी किया। कांगड़ा के उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने ऑनलाइन पूजा प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, कैबिनेट मंत्री यादविन्द्र गोमा, पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल और संजय अवस्थी, विधायक केवल सिंह पठानिया, संजय रतन, सुदर्शन बबलू, विनोद सुल्तानपुरी, आईडी लखनपाल, चैतन्य शर्मा, मलेंदर राजन सहित अन्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
-विपक्ष ने नियम 67 के तहत रोजगार पर चर्चा करने की उठाई मांग -संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष की इस मांग को ड्रामा दिया करार रोजगार के मुद्दे पर जहां आज विधानसभा के सदन के बाहर भाजपा का जबरदस्त विरोध देखने को मिला, वहीं इस मामले को लेकर सदन भी काफी गर्माया। सुबह 11 बजे विपक्ष प्रश्नकाल रोककर विपक्ष ने नियम 67 के तहत रोजगार पर चर्चा मांगी, इस पर दोनों पक्षों में नोकझोंक बढ़ती गई और हंगामा शुरू हो गया। करीब 20 मिनट तक चली इस नोकझोंक के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर लिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती, रणधीर शर्मा और विपिन सिंह परमार ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया, ताकि प्रदेश के सबसे बड़े मुद्दे रोजगार को लेकर चर्चा की जा सके, लेकिन ऐसे गंभीर विषय पर संसदीय कार्य मंत्री उठ खड़े हुए और विपक्ष की इस मांग को ड्रामा करार दे दिया, जिसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट करने का फैसला किया।
डाडासीबा तहसील के अंतर्गत आने वाली बठरा कृषि सेवा सहकारी सभा के प्रधान व अन्य कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव 18 जनवरी को होने सुनिश्चित हुए हैं। यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा सभा सचिव मलकियत सिंह ने दी। उन्होंने बताया की नामांकन 2 जनवरी को भरे जाएंगे। उन्होंने सभी सभा सदस्यों से निवेदन किया है कि वे चुनाव प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें।
-सत्र के चौथे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ किया प्रदर्शन धर्मशाला के तपोवन में चल रहे विधानसभा शीतकालीन सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को भाजपा विधायक दल ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष ने कांग्रेस सरकार को पांच लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा याद दिलाया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में विपक्ष ने सरकार पर युवाओं को रोजगार नहीं देने का आरोप लगाकर तपोवन विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी विधायकों ने अपनी डिग्रियों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से विधानसभा परिसर में बीजेपी विधायकों ने अपनी डिग्रियां फाड़ी और जलाईं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ने कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी नहीं दे रही है। आज प्रदेश के युवाओं का यही हाल है। वहीं, इसके जवाब में सत्तापक्ष के विधायकों ने भी विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये, सालाना दो करोड़ नौकरी का वादा पूरा करने की मांग की।
-प्रतिनिधिमंडल ने विधायक जनक राज के नेतृत्व शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन -कहा, स्कूल में न तो कोई साइंस अध्यापक और न ही कॉमर्स का धर्मशाला के तपोवन में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान चंबा जिले के उप मंडल भरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सुनारा में शिक्षकों की कमी को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन स्थानीय लोगों ने विधायक डॉ. जनक राज व स्कूल के एसएमसी प्रधान रोशन लाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को बताया कि स्कूल में न तो विज्ञान संकाय का कोई शिक्षक है और न ही कॉमर्स का है। स्कूल में आर्ट्स संकाय के भी कुछ शिक्षक नहीं हैं, जिस कारण स्कूल के करीब 400 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री और प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि बच्चों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए सरकार स्कूल में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को जल्द से जल्द भरे, ताकि सैकड़ों बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने से बच सके।
-मंत्री ने मटौर कॉलेज और हार जलाड़ी पुल के कार्य का लिया जायजा लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री, विक्रमादित्य सिंह ने वीरवार की कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणधीन परियोजना कार्यों का निरीक्षण किया। लोक निर्माण मंत्री ने राजकीय महाविद्यालय मटौर के भवन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस भवन के निर्माण के लिये 11 करोड़ 10 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं और कॉलेज के शेष कार्य को गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश विभाग को दिये गए हैं। इसके उपरांत लोक निर्माण मंत्री ने कछियारी से सिंबल खोला सड़क मार्ग का भूमिपूजन किया। इस सड़क के विस्तार और सुधार कार्य पर नाबार्ड के अंतर्गत लगभग 4.50 करोड रुपये व्यय किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ना और प्रदेश में बेहतर सड़क सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कछियारी से सिंबल खोला सड़क के विस्तार और सुधार कार्य से लोगों को आवाजाही की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क मार्ग का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश विभाग को दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और उत्थान के लिये दलगत राजनीति से उपर उठकर हमें मिल कर जन कल्याणकारी कार्य करने चाहिए, ताकि हर व्यक्ति का विकास पहुंच सके। उन्होंने इसके पश्चात हार जलाड़ी में बनेर खड्ड पर बन रहे 104 मीटर स्पैन ब्रिज कार्य का भी निरीक्षण किया। इस अवसर विधायक कांगड़ा पवन काजल, पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कांगड़ा नागेश्वर मनकोटिया लोक निर्माण और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गुलेर निवासी एडवोकेट शिवेेंद्र सैनी ने कहा कि पौंग बांध विस्थापितों और पौंग बांध के किनारे बसे लोगों के साथ बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है। आज से 50 साल पहले भी बांध बनाकर हम लोगों की बहुत उपजाऊ भूमि से वंचित किया और एक फलते-फूलते व्यापारिक केंद्र हल्दून घाटी का नाम मिटा दिया गया। राजस्थान में अभी तक सभी विस्थापितों को भूमि भी नहीं दी गई है और अब ईको सेंसिटिव जोन से लोगों को उठाने के फरमान ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। पौंग झील के किनारे बसे गांवों को सेंसिटिव जोन में डालने से यहां के लोगों में भारी रोष है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट शिवेंद्र सैनी ने लोगों से अपील की है कि अब क्षेत्र के लोगों को एक बड़े संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा और अब एक आवाज बनकर आगे आना होगा।
-अधिकारियों को एक वर्ष में कार्य पूरा करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के चैतड़ू में लगभग 17 करोड़ की लागत से दो एकड़ भूमि पर निर्माणाधीन आईटी पार्क का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 100 कंपनियों ने इस पार्क में अपने कार्यालय स्थापित करने में रुचि दिखाई है तथा कंपनियों को प्लग एंड प्ले आधार पर काम करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क के निर्माण से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार कांगड़ा जिला को आईटी हब के रूप में विकसित करने के प्रयास कर रही है, ताकि राज्य के विकास को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा वर्ष 2024 तक आईटी पार्क का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन कांगड़ा को यहां सड़क, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर प्रदान करने को कहा, ताकि यहां आने वाली कंपनियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल ने मुख्यमंत्री को निर्माणधीन आईटी पार्क के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक केवल सिंह पठानिया, निदेशक डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस मुकेश रेप्सवाल, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-भवन निर्माण पर खर्च होंगे 5.36 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिला के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रैत में 5.36 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले खंड विकास अधिकारी के कार्यालय भवन का शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में तीन गारंटियां पूरी की हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल मेें केवल मात्र प्रदेश की जनता को ठगने का ही कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 1400 पद भरने की स्वीकृति प्रदान की है। एक वर्ष में सरकारी क्षेत्र में ही 20 हजार से अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार कर्ज पर कर्ज लेती रही लेकिन लोगों की भलाई के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मात्र एक वर्ष में 20 प्रतिशत तक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में कामयाब हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजस्व लोक अदालत में 45 हजार लंबित इंतकाल के मामलों को निपटारा किया, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का राज्य सरकार का प्रयास है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार होम स्टे पर भी कानून लाई है, जिससे इसके संचालकों को फायदा होगा। रविदास भवन, ओबीसी भवन, गद्दी भवन तथा राजपूत भवन निर्माण का भी दिया आश्वासन मुख्यमंत्री ने विधायक केवल सिंह पठानिया के आग्रह पर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में रविदास भवन, ओबीसी भवन, गद्दी भवन तथा राजपूत भवन निर्माण का भी आश्वासन दिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि विधायक केवल पठानिया के प्रयासों से ही शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में बीडीओ कार्यालय का नया भवन स्वीकृत हुआ। यह भवन रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार होगा, ताकि स्थानीय निवासियों को इसका भरपूर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों का निर्माण कॉरपोरेट सेक्टर की तर्ज पर किया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों को कार्यालय में बेहतर कार्य परिवेश मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने पंचायत घरों के निर्माण के लिए मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 1.14 करोड़ किया है। इसके साथ ही आपदा में लोगों को राहत प्रदान करने के लिए उनके विभाग ने 1085 करोड़ मनरेगा के माध्यम से स्वीकृत किए हैं।
धर्मशाला के तपोवन में चल रही 14वीं विधानसभा के चौथे सत्र के तीसरे दिन आज राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सलियाणा के 40 छात्र-छात्राओं ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया। इन प्रशिक्षणार्थियों ने लोकतंत्र की विभिन्न परम्पराओं और सदन की कार्यवाही की वारिकियों को विस्तार से समझा। प्रधानाचार्य तनुज शर्मा ने चेयरमैन सुरेश ठाकुर का इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए आभार जताया। क्षेत्र के नवनियुक्त युवा मंत्री यादविंदर गोमा ने इन प्रशिक्षणार्थियों से मुलाकात करके इनका हौसला बढ़ाया व विधानसभा के कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
-बोले, नशे के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने की जरूरत प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र धर्मशाला के तपोवन में चल रहा है। सत्र का तीसरा दिन गैर सरकारी कार्य दिवस के लिए तय किया गया था। इस कारण वीरवार को विधायकों की ओर से सदन में विभिन्न विषयों पर संकल्प प्रस्तुत किए गए। आज सत्ता पक्ष के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने राज्य में बढ़ते नशे को लेकर संकल्प पेश किया और चिंता जताते हुए कहा कि विदेशों से हिमाचल में आ रहा नशा युवाओं को खोखला कर रहा है। उन्होंने इसे युद्ध करार देते हुए इसके खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की। चर्चा का जवाब डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री देंगे। ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में नशे के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने एनआईटी हमीरपुर में हुए प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि नशे के सौदागर शिक्षण संस्थानों में भी युवा पीढ़ी को पंगु बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह नशा बाहरी देशों से लाया जा रहा है। विदेशी ताकतें देश की नई पीढ़ी को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं। इसके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोअर लंबागांव के अमन चौहान ने वर्ष 2023 की शुरुआत स्वर्ण पदकों से की थी और साल का अंत में भी स्वर्ण पदकों से किया है। हिमाचल प्रदेश पावर लिफ्टर एसोसिएशन द्वारा राज्य स्तरीय पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप भवारना में आयोजित की गई, जिसमें नौ जिलों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया। स्पर्धा में लंबागांव के अमन चौहान ने अपने बॉडी वेट पर दो स्वर्ण पदक हासिल किए। बता दें कि अमन ने इस वर्ष राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में 13 स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। अमन ने इसका श्रेय अपने कोच जीवन कुमार और माता मीता चौहान एवं पिता मनमोहन चौहान को दिया है।
-भाजपा विधायकों ने तपोवन में किया अजब-गजब प्रदर्शन -सरकार को याद दिलाई 100 रुपये किलो दूध लेने की गारंटी कांगड़ा जिले के तपोवन में चल रहे विधानसभा सत्र के तीसरे दिन भी विपक्ष ने कांग्रेस सरकार को उनकी गारंटियों को लेकर घेरा। भाजपा विधायक किसानों की तरह पगड़ी बांधकर और हाथों में दूध के बर्तन लेकर प्रदर्शन करने लगे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा विधायकों ने कांग्रेस को चुनाव के समय गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये में किलो खरीदने की गारंटी को याद दिलाया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जिन गारंटियों के दम पर कांग्रेस सत्ता में आई, आज उन्हीं गारंटियों से कांग्रेस सरकार भाग रही है। सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है, लेकिन अभी तक एक भी गारंटी को यह सरकार पूरी तरह से लागू नहीं कर पाई है। जनता सरकार से गारंटियां पूरी करने की उम्मीद लगाए बैठी है, परन्तु इंतजार लंबा होता जा रहा है।
-40 देशों में फैल चुका है नया वेरिएंट जेएन-1, भारत में 21 केस हिमाचल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि देश के कुछ राज्यों में कोरोना के नए वेरिएंट जेएन 1 के कुछ मामले ध्यान में आने से प्रदेश स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है और केंद्र के दिशा-निर्देशों की अनुपालन की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस वेरिएंट को लेकर संवेदनशील है। गौर रहे कि कोरोना का नया वैरिएंट जेएन 1 दुनिया के 40 देशों में फैल चुका है। भारत में अब तक इसके 21 केस आ चुके हैं। गोवा में 19 और केरल-महाराष्ट्र में 1-1 मामला आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से इसको लेकर बुधवार को वर्चुअल बैठक की गई थी। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, मनसुख एल मंडाविया ने की थी। इसमें सभी राज्यों को सतर्क रहने के दिशा-निर्देश दिए गए थे।
-राजस्व के लंबित मामले निपटाने को ली जाएंगी सेवानिवृत्त पटवारियों, कानूनगो व नायब तहसीलदारों की सेवाएं बुधवार देर शाम धर्मशाला के तपोवन स्थित परिसर में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य विभाग में पैरा मेडिकल स्टाफ के 1,500 पद भरने का फैसला लिया गया है। ये भर्तियां ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) सहित अन्य श्रेणियों के विभिन्न पदों पर होंगी। ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट की भर्ती राज्य चयन आयोग के माध्यम से पायलट आधार पर होगी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने की। मीटिंग में निर्णय हुआ कि राजस्व विभाग में लंबित मामलों के निपटारे के लिए सरकार सेवानिवृत्त पटवारियों, कानूनगो और नायब तहसीलदार को सेवाओं पर रखेगी। इन्हें दिया जाने वाला मानदेय भी तय किया गया। पटवारी को 20,000 रुपये प्रतिमाह, कानूनगो को 25,000 और नायब तहसीलदार को 35,000 रुपये मानदेय मिलेगा। यह राजस्व विभाग में निशानदेही, इंतकाल आदि के लंबित मामले निपटाएंगे। इनकी नियुक्तियों से लोगों को राहत मिलेगी। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना की ड्राफ्ट अधिसूचना मंजूर मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार योजना की ड्राफ्ट अधिसूचना को भी मंजूरी दी। यह भी फैसला लिया गया कि अगले शैक्षणिक सत्र से पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू होगी। यह कांग्रेस की गारंटी में शामिल है। इसे पहले ही तय किया जा चुका है। यह भी निर्णय हुआ कि स्कूल अपने स्तर पर स्मार्ट वर्दी खरीद पाएंगे। ऊर्जा और राज्य चयन आयोग की भी दो प्रस्तुतियां दी गई। कुछ विधेयकों के ड्राफ्ट को भी मंजूरी मिली है। यह आगामी दिनों में शीत सत्र में ही पेश किए जाएंगे।
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर 15 जनवरी, 2024 को जनसुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है। प्रशासक पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन व अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी रोहित राठौर ने आज बताया कि पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा तहसील कांगड़ा एवं तहसील शाहपुर में स्थित गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 के अंतर्गत 10 जुलाई, 2023 को राजपत्र में घोषित की गई थी, जिसे समाचार पत्रों में 21 जुलाई, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इस अधिसूचना के अनुसार अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, कांगड़ा स्थित धर्मशाला को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन का प्रशासक नियुक्त किया गया है। प्रदत्त शक्तियों के आधार पर सर्वेक्षण उपरांत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का एक प्रारूप बनाया गया है, जिसका भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 16(5) एवं हिमाचल प्रदेश भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन (पुनर्वासन और विकास योजना) 2017 के नियम 7 के तहत ग्राम सभा में जनसुनवाई की जानी अपेक्षित है, जिसकी तिथि 15 जनवरी, 2024 को निर्धारित की गई है। अत: सर्वसाधारण जो प्रभावित है (जुगेहड, रछियालू, भडोत, क्यिोडी, भेडी, ढुगियारी खास, गगल खास, झिकली इच्छी, बरसवालकड, गुगंरेहड, सहौडा, सनौर, बाग, बल्ला के ग्रामवासी) प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में, को सूचित किया जाता है कि आप उपरोक्त दर्शाई गई तिथि को सम्बन्धित पंचायत घर में जनसुनवाई में भाग लेने हेतु आमंत्रित है। पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना के प्रारूप की प्रति संबंधित पटवार खाना, कानूनगो भवन, तहसील कार्यालय, उपमंडलाधिकारी कार्यालय एवं जिलाधीश कार्यालय में समीक्षा हेतु भी उपलब्ध है।
-गांव पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने किया भव्य स्वागत डॉक्टर विशाल ने एक बार फिर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। डॉ विशाल ने इस बार पालमपुर में आयोजित पावर लिफ्टिंग स्पर्धा में गोल्ड व ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर एशिया ट्रायल के लिए अपना नाम दर्ज करवाया है। गौर रहे कि पावर लिफ्टिंग के 82.5 किलो ग्राम कैटेगरी में पालमपुर में ओपन पावरलिफ्टिंग स्टेट प्रतियोगिता में इंदपुर के डॉक्टर विशाल धीमान ने पावर चेस्ट में गोल्ड मेडल तथा पावर लिफ्ट डेड में ब्रॉन्ज हासिल कर इंदपुर गांव पर माता-पिता का नाम रोशन किया है। डॉक्टर विशाल धीमान का इंदपुर गांव पहुंचने पर उनके सहयोगियों ने भव्य स्वागत किया। डॉ. विशाल के पिता डॉक्टर गणेश धीमान इंदौरा में अपनी प्रेक्टिस करते हैं तथा माता गृहिणी हैं। विशाल ने पंचकूला से कॉलेज की शिक्षापूरी की है व 2019 में उन्होंने डॉक्टर की डिग्री हासिल की। डॉ. विशाल एक कोच हैं, जिन्होंने 600 से अधिक युवाओं को देश-विदेश में कोचिंग दी है और अभी उन्होंने अन्य प्रदेशों में भी मिस्टर चंडीगढ़, मिस्टर पंचकूला, मिस्टर ट्राइसिटी व अन्य टाइटल जीतकर हिमाचल व इंदौरा का नाम रोशन किया है।
-प्लांट से इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में आएगा आशातीत बदलाव: हर्षवर्धन चौहान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कंदरोड़ी में 268 करोड़ की लागत से बनने वाले वरुण बेवरेजेस लिमिटेड के पेप्सी बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में इतने बड़े निवेश से लगने वाला यह पहला उद्योग है। इससे क्षेत्र में विकास को नई रफ्तार और आर्थिकी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस उद्योग के माध्यम से दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने इंदौरा के औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए पर्याप्त बजट प्रदान करने का आश्वासन दिया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे देश में निवेश के लिए एक उपयुक्त स्थल है। राज्य सरकार निवेशकों को अपने उद्योग स्थापित करने के लिए अनेक सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश पर 75 हजार करोड़ का कर्ज है और 10 हजार करोड़ रुपये की सरकारी कर्मचारियों की देनदारियां बकाया है। प्रदेश कभी भी कर्ज के सहारे नहीं चल सकता है, इसीलिए राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार दिन-रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के प्रत्येक निवासी पर एक लाख रुपए से अधिक का ऋण है, इसके बावजूद आगामी चार वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पिछले एक वर्ष में 20 प्रतिशत तक सुधार आया है और राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और वर्ष 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में राज्य की उद्योग नीति में भी बदलाव करने जा रही है, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांगड़ा जिला में कई बड़े उद्योग लगाए जाएंगे। वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि आज का दिन कांगड़ा जिला के लिए महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह प्लांट इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में आशातीत बदलाव लाएगा। इस प्लांट को स्थापित करने के लिए सभी औपचारिकताएं तीन माह में पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में हिमाचल प्रदेश में 10 हजार करोड़ का निवेश आया है। वर्तमान राज्य सरकार कांगड़ा जिला के विकास पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है तथा जिला को हिमाचल प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। प्रदेश सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए प्रयास कर रही है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आ सकें। युवाओं को रोज़गार प्रदान करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विधायक मलेंद्र राजन ने सीएम का जताया आभार विधायक मलेंद्र राजन ने इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में पेप्सी के मेगा प्लांट लगाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार के अनेक अवसर पैदा होंगे तथा कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इंदौरा विधानसभा क्षेत्र आर्थिक रूप से सम्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के मलोट में उद्योगों की स्थापना के लिए 102 करोड़ रुपये प्रदान किए गए थे, जिससे यहां औद्योगिक निवेश आरंभ हुआ। उन्होंने कहा कि इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में किन्नू, संतरा आदि का अत्याधिक उत्पादन होता है तथा प्लांट की स्थापना से क्षेत्र के बागवानों को भी लाभ मिलेगा। प्लांट से क्षेत्र में आएगी आर्थिक उन्नति : रविकांत वरुण बेवरेजिज लिमिटेड के चेयरमैन रविकांत जयपुरिया ने कहा कि यह पेप्सी प्लांट लगभग एक वर्ष में बनकर तैयार होगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक उन्नति आएगी। उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए भी कंपनी सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने उद्योग की स्थापना में राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।
राजकीय महाविद्यालय शिवनगर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में सात दिवसीय शिविर का आज शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. विवेकानंद शर्मा ने प्राचार्य, प्राध्यापक वर्ग, विषय विशेषज्ञ और स्वयंसेवियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का आरंभ किया। प्रथम दिवस के मुख्यातिथि प्राचार्य प्रो. उपेंद्र शर्मा ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए अपने अनुभव के आधार पर कार्यक्रम को सफल बनाने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए और सभी को शुभकामनाएं दीं। उसके बाद विषय विशेषज्ञ के रूप में क्षेत्र के होनहार युवा और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना में एमटेक के छात्र ऋषभ रनौत ने स्वयंसेवियों को संबोधित किया। अंत में विवेकानंद शर्मा ने मुख्य अतिथि, विषय विशेषज्ञ और सभी प्राध्यापकों का धन्यवाद करते हुए स्वयंसेवियों का सात दिवसीय शिविर में स्वागत किया।
-कहा, सरकार कर रही पारदर्शिता से काम, विपक्ष के पास नहीं मुद्दा -प्रदेश भाजपा ने केंद्र से मदद दिलाने के लिए नहीं किया कोई प्रयास हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने स्टोन क्रशर को बंद करने को लेकर सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, जिसको लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 करोड़ का स्टोन क्रशर घोटाला, जो कि पूर्व सरकार के समय में हुआ है, जिसको लेकर वर्तमान सरकार ने पर्दाफाश किया। उसी का दर्द भाजपा को हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नियमों को ताक पर रखकर स्टोन क्रशर चल रहे थे, अब नियमों के अनुसार ही चलेंगे। सरकार पारदर्शिता से काम कर रही है। सीएम ने कहा कि भाजपा विधायकों ने आपदा के समय हिमाचल को किसी भी तरह की मदद दिलाने के लिए प्रयास नहीं किया उल्टा रोड़े अटकाने का काम ही किया है।
-भाजपा ने हिमाचल प्रदेश को क्या दिया, जनता सब जानती जिला कांगड़ा के धर्मशाला में चल रहे हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन हाउस में हिमाचल में आई आपदा को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 633 करोड़ रुपये आने की बात की जा रही है। 'मैं बता दूं कि प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र सरकार को 9905 करोड़ का मेमोरेंडम ऑफ लॉस दिया गया। केंद्रीय नियमों के अनुसार कम से कम 1605 करोड़ रुपये मिलने चाहिए थे। इसमें से भी 216 करोड़ रुपये पहले से ही दिए गए थे। अब तक 398 करोड़ रुपये की धनराशि ही केंद्र से आई है। यह कुल नुकसान का 6.40 प्रतिशत ही है।' मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने हिमाचल प्रदेश को क्या दिया, जनता सब जानती है। केंद्र से विशेष पैकेज की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सीएम सुक्खू ने कहा कि सांसद दिल्ली जाते हैं तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मिलने से घबराते हैं। मैं इस महीने के अंतिम सप्ताह प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलने जाऊंगा। वहां हिमाचल के हितों की बात को फिर से उठाया जाएगा। सुक्खू ने कहा कि अगर अभी भी भाजपा विधायक चाहें तो उनके साथ दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिल सकते हैं। हिमाचल के लोगों को आपदा से जो नुकसान हुआ है, एक-एक पाई करके उनके लिए मदद दी जाएगी। वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अगर केंद्र से जारी राशि को देखें तो हिमाचल के लिए सबसे बड़ी है। केंद्र ने यह नहीं कहा कि आगे मदद नहीं मिलेगी। अपनी बात को केंद्र से ठीक तरह से रखें। ताली दोनों हाथ से बजती है। विकसित भारत यात्रा शुरू की गई है, जिससे भारत आने वाले समय में विकसित राज्यों में आएगा। ये बदले की भावना से काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं को बंद कर रहे हैं। केंद्र से मदद आने के बावजूद कुछ नहीं किया। ऐसा कहना सही नहीं है। आगे लोकसभा चुनाव है। उसके लिए यह ऐसा कर रहे हैं। ये भाजपा सरकार पर कर्ज लेने का आरोप लगाते थे। अब ये 12 हजार करोड़ का कर्ज ले चुके हैं। इसके जवाब में सीएम सुक्खू ने कहा कि अभी 340 करोड़ रुपये ही आए हैं। आप दिल्ली चलिए। आप जो टाइम निकालेंगे, मैं उसी वक्त आने को तैयार हूं। पेन निकालिए और टाइम दीजिए। हमने 2023-24 में कोई 12 हजार करोड़ का कर्ज नहीं लिया है।
-तीन जिलों में ही क्रशर बंद करने पर उठाए सवाल -सुक्खू सरकार पर लगाया तानाशाही का आरोप धर्मशाला के तपोवन में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन हाउस में स्टोन क्रशरों को बंद करने को सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी नोक-झोंक हुई। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए सदन से विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। प्रश्नकाल में इस मामले में पहला प्रश्न सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने किया। उन्होंने कहा कि स्टोन क्रशर बंद करने के मामले में केवल तीन जिलों को ही टारगेट किया गया है। इस पर मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि ब्यास और उसकी सहायक नदियों के इर्द-गिर्द बहुत नुकसान हुआ। इस कारण ब्यास बेसिन में आने वाले क्रशरों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कमेटी ने लगभग 80 क्रशरों को रद्द किया है। अब कुछ क्रशरों को खोल दिया गया है। जब वे कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करेंगे तो उनकी बहाली की जाएगी। वहीं, अनुपूरक सवाल में भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ने कहा कि 112 क्रशर बंद किए गए हैं। रेत, बजरी के रेट तीन गुना हो गए। कई लोग बेरोजगार हो गए। इनको कांगड़ा और यह क्षेत्र ही नजर आया। सोलन और सिरमौर में क्रशर बंद क्यों नहीं किए गए। यह कहना सही नहीं है कि राजस्व नुकसान नहीं हुआ। मंत्री और मुख्यमंत्री के जवाब से असंतोष जताते हुए विपक्ष ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए सदन से विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। वहीं, सीएम सुखविंदर सिंह सूक्ख ने कहा कि सरकार कायदे-कानूनों से चलती है। 128 क्रशर ब्यास बेसिन पर थे। ब्यास नदी ने तबाही मचाई। अधिसूचना के अनुसार क्रशर 15 सितंबर तक होते हैं। क्रशर खोलने के लिए नियमों को पूरा करने की जरूरत होती है। सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है। सरकार बजरी का रेट कोस्ट ऑफ प्रोडक्शन से हिसाब से तय करने पर विचार कर रही है, जिससे जनता पर बोझ न हो।
हिमाचल प्रदेश शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कि शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने धमाकेदार एंट्री की। विपक्ष लगातार कांग्रेस सरकार को चुनाव से पहले दी गई गारंटियों को लेकर घेर रहा है। सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष के सभी विधायक गोबर के साथ विधानसभा परिसर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हम सरकार को उनकी गारंटियां याद दिला रहे हैं। एक-एक कर सभी गारंटियां याद दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों ने एक साल से खेत में गोबर डालना बंद कर दिया, इस उम्मीद के साथ के सुक्खू भाई आएंगे और गोबर खरीदेंगे, लेकिन सरकार अब गारंटियां भूल गई है। सेशन के पहले दिन भी विपक्ष ने कांग्रेस की गारंटियों का चोला पहनकर तपोवन धर्मशाला में प्रदर्शन किया था।
-मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम में हुई तीखी बहस धर्मशाला। कांगड़ा जिले के धर्मशाला के तपोवन में हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज सुबह 11 बजे शुरू हुआ। यह शीतकालीन सत्र पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के साथ काफी गर्मा गया। सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष के विधायक विधानसभा परिसर में पोस्टर्स पहने हुए कांग्रेस सरकार की गारंटियों को लागू न करने के विरोध में नारेबाजी करने लगे। हालांकि सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें पोस्टर पहनकर विधानसभा सत्र में जाने नहीं दिया गया। वहीं, 11 बजे बैठक शुरू हुई तो भाजपा दोपहर तक शांत नजर आई। लेकिन जब सवा दो बजे मुख्यमंत्री सुक्खू ने वाटर सेस पर केंद्र सरकार को कोसा तो इस पर विपक्ष भड़क उठा और सदन में हंगामा शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधा कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश के हित बेचने का काम किया। भाजपा सरकार की ओर से एसजेवीएन को दी तीन बिजली परियोजनाओं के समझौते को वर्तमान सरकार को इसी वजह से रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में जहां पर भाजपा की सरकारें हैं, वहां वाटरसेस लिया जा रहा है, जबकि प्रदेश में इसे लागू नहीं होने दिया जा रहा है। इसके लिए केंद्र कोर्ट चला गया है। इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और विपक्ष के अन्य विधायकों ने कहा कि सच यह नहीं है। केंद्र सरकार की सभी राज्यों के लिए वाटरसेस पर एक ही नीति है। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आमने-सामने हो गए और सदन में खूब हंगामा हुआ।
-इंदौरा के मलोट में सीएम कल रखेंगे पेप्सी प्लांट की आधारशिला -स्थानीय विधायक मलेंद्र बोले, 2000 युवाओं को घर-द्वार मिलेगा रोजगार कांगड़ा जिला के इंदौरा विधानसभा हलके के औद्योगिक क्षेत्र मलोट में पेप्सी का मेगा प्लांट स्थापित किया जा रहा है। 268 करोड़ रुपये से स्थापित होने जा रहे इस प्लांट की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 20 दिसंबर यानी कल भूमि पूजन करने के बाद आधारशिला रखेंगे। इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि यह प्लांट लगभग एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा और इस प्लांट के चलने से इंदौरा क्षेत्र के युवाओं को घर द्वार रोजगार प्राप्त होगा। पेप्सी कंपनी लगभग 30 एकड़ में इस प्लांट को स्थापित करने जा रही है। अगर रोजगार की बात करें, तो परोक्ष रूप से लगभग दो हजार युवाओं को इसमें रोजगार मिलने की संभावना है। इसके साथ कई अन्य लोगों को भी इस उद्योग के यहां स्थापित होने से लाभ होगा। ज्ञात रहे कि इससे पहले जिला कांगड़ा में इतने बड़े स्तर का उद्योग स्थापित नहीं हुआ है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा कांगड़ा मंडल स्तरीय बैठक का आयोजन उपायुक्त कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता आयोग की सदस्य डॉ. अंजू बाला ने की। बैठक में आयोग से निदेशक एवं डीआईजी सनमीत कौर, अनुसंधान अधिकारी अरुणाभा भटाचार्य, बीके भोला उपस्थित रहे। बैठक में कांगड़ा, चंबा और ऊना जिला में भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा, स्टार्टअप, जनधन योजना, छात्रवृत्तियों, मनरेगा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना इत्यादि योजनाओं की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मंडलायुक्त ए शायनामोल, उपायुक्त चम्बा अपूर्व देवगन, अतिरिक्त उपायुक्त ऊना मोहिंदर गुर्जर, अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा सौरव जस्सल, पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रत्तन, पुलिस अधीक्षक चंबा पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सेन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांगड़ा हितेश लखनपाल सहित लीड बैंक, ऊना, कांगड़ा तथा चंबा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सिरमौर जिले के श्री रेणुकाजी विधानसभा हलके से विधायक विनय कुमार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया है। सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उन्हें सर्वसम्मति से डिप्टी स्पीकर चुना गया। इस संबंध में सदन में तीन प्रस्ताव रखे गए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पीकर की अनुमति के बाद विनय कुमार को उपाध्यक्ष बनाने के लिए पहला प्रस्ताव रखा, जिसका डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने समर्थन किया। दूसरा मंत्री चंद्र कुमार ने रखा, मंत्री शांडिल ने इसका अनुमोदन किया। तीसरा जयराम ठाकुर ने रखा, इसका हंसराज ने अनुमोदन किया। उपाध्यक्ष चुनने पर विनय कुमार ने सदन का धन्यवाद किया। विनय कुमार इससे पहले वर्ष 2012 से लेकर 2017 तक की वीरभद्र सरकार में सीपीएस रह चुके हैं।
-विधानसभा के गेट पर की नारेबाजी, सरकार पर गारंटियां पूरी नहीं करने का जड़ा आरोप धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही है। विपक्षी दल भाजपा के विधायक कांग्रेस की गारंटियों के पोस्टर पहनकर आए और गेट पर नारेबाजी की। हालांकि सुरक्षा कारणों से इन्हें पोस्टर पहनकर सदन में जाने की अनुमति नहीं दी गई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह प्रदर्शन प्रदेश कि कांग्रेस सरकार को याद दिलाने के लिए है कि उन्होंने जनता को दस गरंटियां दी थीं, लेकिन एक साल का समय हो गया अभी तक प्रदेश सरकार ने अपनी गारंटी पूरी नहीं की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा प्रभारी राजीव शुक्ला सभी कांग्रेस नेता पहली कैबिनेट में सभी गरंटियां पूरी करने का दावा करते रहे, लेकिन अब गारंटियों को 5 साल में पूरा करने का बहाना लगा रहे हैं। कांग्रेस ने 5 लाख युवाओं को रोजगार देने, 300 यूनिट बिजली फ्री, महिलाओं को 1500 रुपये, दो रुपये किलो गोबर खरीदने के साथ ही अन्य दस गरंटियां दी थीं और सभी गारंटियों को पहली कैबिनेट की बैठक में पूरा करने का वादा किया था, लेकिन अब कांग्रेस की सरकार 5 साल में गरंटियां पूरी होने का बहाना लगा रही है। कांग्रेस की गारंटियों का छत्तीसगढ़ और राजस्थान गारंटी का क्या हश्र हुआ है वे देश की जनता ने देख लिया है। उन्होंने कहा कि देश में केवल एक ही गारंटी मान्य है गारंटीयों को पूरा करने की गारंटी और वह है नरेंद्र मोदी की गारंटी।
एसएमसी अध्यापक संघ जिला कांगड़ा का एक प्रतिनिधिमंडल आज शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिला और आगामी बजट सत्र में उन्हें रेगुलर करने की मांग उठाई। जिला कांगड़ा अध्यक्ष विकास ठाकुर ने बताया कि इलेक्शन से पूर्व एसएमसी अध्यापक संघ ने कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया था और सरकार ने भी एसएमसी अध्यापकों को आश्वस्त किया था कि सत्ता में आते ही एसएमसी अध्यापकों को रेगुलर किया जाएगा और कांग्रेस सरकार ने घोषणा पत्र में भी रेगुलर करने का वादा किया है। प्रदेश के सभी जिलों के 2555 एसएमसी अध्यापकों ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। विकास ठाकुर ने कहा किएसएमसी अध्यापकों की भर्ती 2012 में हुई थी। उस समय बीजेपी सरकार ने हार्ड और ट्राइबल एरिया में 200 एसएमसी अध्यापकों की भर्ती करवाई। 2014 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पूरे प्रदेश में 2000 एसएमसी अध्यापकों की भर्ती करवाई। आज से पहले भी इस तरह की कई भर्तियां होती रहीं, जिसमें पंजाबी, उर्दू एसएमसी अध्यापक भर्तियां शामिल हैं। आज ये सभी शिक्षक रेगुलर हैं, लेकिन एसएमसी अध्यापक 11 सालों से शोषण का शिकार हो रहे हैं। एसएमसी अध्यापक आरएंडपी नियम आरटीई के लिए जरूर सभी शैक्षणिक योग्यता टेट आदि। सभी एसएमसी अध्यापक की नियुक्तियां शिक्षा उप निदेशकों की अनुमति पर उप मंडल अधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी ने की हैं। अधिकतम एसएमसी शिक्षक की नियुक्ति दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में की गई है। विकास ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी एसएमसी भर्ती को सही ठहराया है। एसएमसी अध्यापक संगठन जिला कांगड़ा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और पूरी सरकार से मांग की है कि इस बजट सत्र में एसएमसी अध्यापकों को रेगुलर किया जाए ओर रेगुलर अध्यापक के समान सारे बेनिफिट दिए जाए।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में बीएड द्वितीय वर्ष की परीक्षा में छात्रों का शानदार प्रदर्शन रहा। कॉलेज के सभी प्रशिक्षओं ने प्रथम श्रेणी में आकर कॉलेज का नाम रोशन किया है। 28 छात्रों ने 65 से 70 प्रतिशत, 33 छात्रों ने 70 से 75 प्रतिशत, 28 छात्रों ने 75 से 80 प्रतिशत और 9 छात्रों ने 80 से 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। कॉलेज की अमनदीप कौर ने 82.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान व अनुष्का शोम ने 80. 8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा ईशा देवी ने 80.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया। मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चेयरमैन जे. एस पटियाल ने सभी छात्रों और अध्यापक वर्ग को बधाई दी और कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि कॉलेज के छात्रों ने हर साल की तरह इस बार भी अच्छे अंक प्राप्त कर कॉलेज का नाम रोशन किया है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत कुमार ने सभी विद्यार्थियों को उनके भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया और कहा कि आपको चुनौतियों का सामना करते हुए बुलंदियों को छूना है।
राज्य स्तरीय बाल विज्ञान मेले का आयोजन एनआईआईटी हमीरपुर में 14 से 17 दिसंबर तक किया गया, जिसमें बालकरूपी स्कूल के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया। स्कूल के 14 विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ। इसके साथ ही स्कूल के रसायन प्रवक्ता तिलक राज राणा को बेस्ट स्किट स्सिप्ट राइटर का अवॉर्ड मिला। प्रधानाचार्य राजिंद्र कुमार ने स्कूल पहुंचने पर बच्चों का जोरदार स्वागत किया। स्कूल के सभी शिक्षकों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने अपने कार्यालय कक्ष में शीतकालीन सत्र से पूर्व सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में सत्ता पक्ष, प्रतिपक्ष तथा निर्दलीय विधायकों से शीतकालीन सत्र के संचालन में रचनात्मक सहयोग देने की अपील की है। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, बीजेपी विधायक सुखराम चौधरी तथा निर्दलीय विधायक होशियार सिंह उपस्थित थे। बैठक के दौरान कुलदीप सिंह पठानिया ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा की अपनी एक गरिमा है तथा इसका गौरवमयी इतिहास रहा है। अत: इसके अनुरूप सभी सदस्य नियमों की परिधि में अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएं तथा उस पर सार्थक चर्चा करें और सरकार से उसका उत्तर पाएं। उन्होंने सत्ता पक्ष से अनुरोध किया कि वे सदस्यों को उनकी सूचनाओं का तथ्यों सहित शीघ्र जवाब दें। पठानिया ने कहा कि उनका भरसक प्रयास रहेगा कि वे सभी को अपनी-अपनी बात रखने का मौका देंगे ताकि सदन का समय सार्थक तथा व्यावहारिक चर्चा में व्यतीत हो। श्री पठानिया ने इस अवसर पर कल सदन में लाए जाने वाले विषयों पर जानकारी भी दी ओर यह आश्वस्त किया कि वे जनहित में उठाए जाने वाले विषयों पर सभी को चर्चा का मौका देने का प्रयास करेंगे।
-विधायक ने कोतवाली बाजार स्कूल के होनहारों को किया पुरस्कृत धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा जिम्मेदार नागरिक बनाना है जो देश एवं प्रदेश के विकास में योगदान देने के साथ-साथ अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम हों। यह बात विधायक ने राजकीय उच्च पाठशाला कोतवाली बाजार के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का विकास कार्यों को आत्मसात करना और अपने परिवार, समाज तथा शिक्षकों द्वारा सिखाए गए नैतिक मूल्यों का अनुसरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभ्य, संस्कारित एवं अनुशासित युवा पीढ़ी ही अपने परिवार, समाज तथा देश को विकास पथ पर अग्रसर कर सकती है। इसके लिए आवश्यक है कि अभिभावक एवं अध्यापक बच्चों की गतिविधियों का नियमित अनुश्रवण करें। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, क्योंकि संवादहीनता की स्थिति सभी के लिए घातक है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी और आशा जताई की अन्य भी इनके प्रदर्शन से प्रेरित होंगे। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 25 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
-अध्यक्ष कुलदीप पठानिया बोले, आयोजन की तैयारियां पूरी, चाक-चौबंद रहेगी सुरक्षा तपोवन विधानसभा सचिवालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा का चतुर्थ सत्र 19 दिसंबर यानी कल पूर्वाहन 11 बजे आरंभ होगा। सत्र के प्रथम दिन पूर्व विधायक बाल कृष्ण चौहान के निधन पर शोकोदगार होगा तथा मुख्यमंत्री मंत्री परिषद के दो नवनियुक्त सदस्यों का सदन में परिचय करवाएंगे। यह सत्र 23 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में कुल 5 बैठकें होंगी। 21 दिसंबर का दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित किया गया है। 23 दिसंबर को शनिवार के दिन भी सत्र आयोजित किया जाएगा। पठानिया ने कहा कि विधानसभा सचिवालय तपोवन शीतकालीन सत्र के आयोजन के लिए पूरी तरह सजग है तथा तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। मानसून सत्र के दृष्टिगत विधान सभा की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने हेतु 4 दिसंबर को जिला कांगड़ा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए थे। परिवहन, सुरक्षा तथा पार्किग व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। कार्यवाही देखने के लिए स्कूली छात्रों को दी जाएगी प्राथमिकता पठानिया ने कहा कि सदन की कार्यवाही देखने के लिए स्कूली छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। स्थान की उपलब्धता अनुसार अनुमति प्रदान की जायेगी। आज के बच्चे कल का भविष्य है और उन्हें लोकतांत्रिक प्रणाली का ज्ञान होना भी बहुत जरूरी है। सदन की दर्शक दीर्धा से सदन की कार्यवाही देखने पर उनके ज्ञान में निश्चित तौर पर वृद्धि होगी तथा लोकतंत्र की मजबूती का मार्ग प्रश्सत होगा। आम आदमी भी स्थान की उपलब्धता पर अपना पास बनवाकर सदन की कार्यवाही देख सकेंगे। तपोवन भवन तथा परिसर में प्रवेश केवल उन्हें मिलेगा, जिन्हें विधानसभा सचिवालय से अधिकारिक पास जारी होगा। बिना पास कोई भी प्रवेश की कोशिश न करें अन्यथा कढ़ी से कढ़ी कार्रवाई होगी। पठानिया ने कहा कि उनका सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के माननीय सदस्यों से अनुरोध रहेगा कि वे जनहित से जुड़े मुद्दों को ही सदन में उठाएं तथा हिमाचल प्रदेश विधान सभा की परंपराओं तथा गरिमा का सम्मान करते हुए नियमों की परिधि में रहकर जनहित से संबंधित विषयों पर सदन में सार्थक चर्चा करें तथा सत्र संचालन में अपना रचनात्मक सहयोग दें।
-तमिलनाडु के श्रीपुरम बेलूर में 26 से 30 दिसंबर तक होगा टूर्नामेंट आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल ज्वालामुखी की केशवी और गणेश बहादुर स्कूली चेस नेशनल टूर्नामेंट में भाग लेंगे। दोनों बच्चे पीईटी श्यामा कुमारी के नेतृत्व में आज सुंदरनगर के लिए रवाना हो गए। वहां पर ये कोचिंग कैंप में भाग लेंगे और तमिलनाडु के लिए रवाना होने वाली हिमाचल की चेस टीम का हिसा बनेंगे। तमिलनाडु के श्रीपुरम बेलूर में स्कूली नेशनल टूर्नामेंट 26 दिसंबर से 30 दिसंबर तक आयोजित होगा। स्कूल प्रधानाचार्यर् मीना कुमारी ने कहा कि ये गर्व की बात है कि बाल स्कूल ज्वालामुखी से अंडर 19 में केशवी और गणेश बहादुर का स्कूली नेशनल चेस टूर्नामेंट के लिए चयन हुआ है। इसके लिए उन्होंने उनके माता-पिता और उनके अभिभावकों को बधाई दी है।


















































