प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये वेतन मिलेगा। साल में दस माह के लिए ही वेतन दिया जाएगा। दो माह की छुट्टियों की अदायगी नहीं की जाएगी। बुधवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने 6297 प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों के भर्ती नियम अधिसूचित किए। 21 से 45 वर्ष की आयु के बारहवीं कक्षा में 50 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले हिमाचली भर्ती के लिए पात्र होंगे। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम में दो वर्ष का डिप्लोमा या नर्सरी में बीएड होना अनिवार्य रहेगा। एक साल का डिप्लोमा करने वाले भर्ती के लिए पात्र नहीं होंगे। आउटसोर्स आधार पर इनकी भर्तियां की जाएंगी। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों (ईसीसीईटी) की नियुक्ति के लिए नियम एवं शर्तें, उनके रोजगार, पारिश्रमिक, योग्यता और जिम्मेदारियों के लिए जारी दिशा-निर्देश में बताया गया कि इन्हें चयनित सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त किया जाएगा। विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक मिलेगा। भुगतान केवल 10 महीनों के लिए किया जाएगा, जिसमें स्कूल की छुट्टियों की अवधि शामिल नहीं है। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उप निदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे। राज्य सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे। मान्यता प्राप्त संस्थान से नर्सरी शिक्षक शिक्षा, प्री-स्कूल शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम (कम से कम दो वर्ष का) में डिप्लोमा या बीएड (नर्सरी) होना चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में 5 प्रतिशत की छूट रहेगी। हिमाचल प्रदेश के बाहर के संस्थानों से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा। धोखाधड़ी को रोकने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी उम्मीदवारों की उचित स्क्रीनिंग करेगी। डिप्लोमा प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता के लिए सत्यापन किया जाएगा। एनसीटीई-मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोमा वाले उम्मीदवारों पर ही विचार किया जाएगा। किसी प्रशिक्षक के जाने की स्थिति में आउटसोर्स एजेंसी को 14 दिनों के भीतर उपयुक्त प्रतिस्थापन प्रदान करना होगा।
** यह घटना निहरी की सोझा पंचायत के शलाह में हुई घटित तातापानी/रमेश: हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले की तहसील निहरी की ग्राम पंचायत सोझा के शलाह गांव में आज सुबह 5 बजे प्राकृतिक आपदा का कहर देखने को मिला। जहां पर आसमानी बिजली गिरने से दिनेश कुमार झुलसे और घर में भारी भरकम नुकसान हुआ। दिनेश कुमार जो की एक गरीब परिवार से सम्बन्ध रखते हैऔर मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते है। उनके घर में आज सुबह ये घटना घटित हुई। वहा के स्थानीय निवासी ललित ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह जब दिनेश कुमार घर से बाहर निकले तो अचानक से आसमानी बिजली गिरने से दिनेश कुमार झुलसे और घर को भारी नुकसान पहुंचा। दिनेश कुमार को सुन्नी हॉस्पिटल ले जाया गया। हालांकि दिनेश कुमार खतरे से बाहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई है की दिनेश कुमार जो की बहुत गरीब परिवार से है उन्हें उपचार व घर की मुरम्मत के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।
धरमपुर/डिंपल: सरकाघाट उपमंडल के तहत पंचायत रखोह के कलोह गांव में बुधवार सुबह एक दंपती की कुएं में गिरने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय संजीव कुमार पुत्र नानक चंद अपने घर के पास वाले कुएं में पानी भरने गया था। इस दौरान उसका अचानक पैर फिसल गया और वह कुएं में जा गिरा। बहुत देर तक जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी नीलम कुमारी भी कुएं के पास पहुंची। वहां उसने पति को कूएं में डूबा हुआ देखा। पत्नी ने पति को बचाने की कोशिश की तो उसका भी पैर फिसल गया और वह कुएं में जा गिरी। काफी देर तक जब संजीव और नीलम घर नहीं पहुंचे तो उनकी माता लीला देवी कुएं के पास पहुंची। जैसे ही उसने दोनों को देखा तो होश खो बैठी और चिल्लाने लगी। गांव वालों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर आकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन जारी है। कुआं 35 फीट गहरा था। मृतक संजीव कुमार रखोह पंचायत का वार्ड पंच था और उसकी पत्नी नीलम कुमार आशा वर्कर थी। इनका एक 21 वर्षीय बेटा है जो एम फार्मा की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा घर पर 72 वर्षीय बुजुर्ग मां है। अब इस परिवार में सिर्फ बुजुर्ग मां और नौजवान बेटा ही शेष रह गए हैं। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। हर कोई इस घटना के बारे में सुनकर गमगीन है। क्योंकि किसी ने यह कभी नहीं सोचा था कि गांव में घर के पास जो कुआं पानी के रूप में जिंदगी की डोर को आगे बढ़ा रहा है एक दिन वहीं कुआं मौत का कुआं बनकर जीवन की डोर को तोड़ देगा।
हिमाचल में प्री और पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत 2022-23 और 2023-24 की राशि रोकी गई है। बैंक खाते से आधार नंबर नहीं जोड़ने पर 11,024 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी करने पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राशि जारी करवाने के लिए आधार नंबर को बैंक खातों से जुड़वाने के लिए अंतिम मौका देते हुए तीन माह की माेहलत दी है। विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज प्रिंसिपलोंं और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजे गए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बैंक खातों को आधार से नहीं जोड़ा गया है, ऐसे खातों में छात्रवृत्ति की राशि न जोड़ा जाए। छात्रवृत्ति आवंटन में फर्जीवाडा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 और 2023-24 के लिए प्री मैट्रिक और पाेस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के लंबित मामलों में धनराशि जारी नहीं की है। निदेशक ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में बचत खाते खोलने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कहा है। भारतीय डाक भुगतान बैंक के पास ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में विशाल नेटवर्क क्षमता है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा सभी खाते आधार नंबर से जोड़ने के बाद ही खोले जाते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ उनके अभिभावकों या संरक्षकों से भी संपर्क करने को कहा है। निदेशक ने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी ने तीन माह के बाद भी आधार नंबर को बैंक खातों से नहीं जुड़वाया तो ऐसे मामलों में छात्रवृत्ति जारी नहीं होगी।प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना में 6,549 विद्यार्थियों की राशि रुकी है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत 19,813 पात्र पाए गए। 16,408 को राशि दी गई जबकि बैंक खाते से आधार नहीं जुड़वाने पर 3,405 की राशि को रोका गया है। इसी तरह शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 19,523 विद्यार्थी पात्र थे। 16,311 को पैसा दिया गया और 3,144 की राशि रोकी गई। पोस्ट मैट्रिक योजना में 4,475 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए 23,450 विद्यार्थी पात्र पाए गए। 20,742 को राशि जारी हुई जबकि 2,708 को पैसा नहीं दिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 23,435 पात्र विद्यार्थी थे। 21,668 को राशि दी गई। बैंक खाते से आधार नहीं जुड़वाने पर 1,767 की छात्रवृत्ति रोका है।
शिमला: जस्टिस राजीव शकधर हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। आज सुबह करीब 11 बजे हिमाचल राजभवन में हुए एक कार्यक्रम में जस्टिस राजीव शकधर ने हिमाचल हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। राज्यपाल राजीव प्रताप शुक्ल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में हिमाचल सरकार के मंत्री, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, हाइकोर्ट के जज और आला अधिकारी मौजूद थे। हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में राजीव शकधर का कार्यकाल एक महीने से भी कम का होगा, क्योंकि जस्टिस राजीव शकधर 18 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव को झारखंड हाईकोर्ट का सीजे नियुक्त किया गया है। हिमाचल हाईकोर्ट के सीजे का कार्यभार संभालने वाले न्यायमूर्ति राजीव शकधर फिलहाल दिल्ली हाइकोर्ट के जस्टिस थे। दिल्ली के ही सेंट कोलंबस स्कूल से उन्होंने आरंभिक शिक्षा हासिल की हैं। उन्होंने 1984 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी-कॉम (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की थी। फिर साल 1987 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। वो नवंबर 1987 में वकील के तौर पर नामित हुए। इसी साल उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से CA की पढ़ाई पूरी की थी। साल 1994 में उन्होंने लंदन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज से लॉ का एडवांस कोर्स पूरा किया। 8 दिसंबर 2005 को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित हुए थे। न्यायमूर्ति राजीव शकधर को 11 अप्रैल 2008 को दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश बनाया गया था। फिर 17 अक्टूबर, 2011 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति की पुष्टि की गई। उन्हें 11 अप्रैल 2016 को मद्रास हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया, लेकिन फिर 15 जनवरी, 2018 को उन्हें वापस दिल्ली हाईकोर्ट में ही स्थानांतरित किया गया। मद्रास उच्च न्यायालय में सूचना और प्रौद्योगिकी समिति की अध्यक्षता की है और दिल्ली उच्च न्यायालय में भी इसी पद पर हैं। उन्हें सिविल मुकद्दमे, संवैधानिक कानून, वाणिज्यिक मुकद्दमे, कॉर्पोरेट और कराधान कानूनों पर महारात हासिल है। उल्लेखनीय है कि 18 अक्तूबर को इनकी सेवानिवृति के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को हिमाचल हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश भी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पहले ही कर दी थी। उनकी नियुक्ति न्यायमूर्ति शकधर की रिटायरमेंट के बाद होगी।
** विद्युत बोर्ड ने ऑपरेटरों को थमाया नोटिस मंडी: जिले में मंडी शहर में बिजली की खंभों पर मक्कड़जाल की तरह लटकी केबल, टेलीकॉम नेटवर्किंग की तारों को हटाने का मुद्दा शहरी निकाय के चुनावों में हर बार गुंजता है, लेकिन शहर की सरकार बनते ही हर बार यह मुद्दा गायब हो जाता है। तारों का यह जंजाल पिछले दो दशकों से विद्युत बोर्ड के लिए सिरदर्द बना हुआ है और यह जंजाल कम होने की बजाय और फैल रहा है। शहर की सरकार द्वारा मक्कड़जालनुमा इन तारों को हटाने के लिए कोई उचित कदम न उठाने के बाद विद्युत बोर्ड ने अब अपने स्तर पर ही कसरत शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले महीने 24 अगस्त को विद्युत बोर्ड के मंडी डिविजन कार्यालय द्वारा बिजली के खंभों से इन तारों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। इस नोटिस पर शहर के केबल व इंटरनेट नेटवर्किंग ऑपरेटरों ने कोई संजीदगी नहीं दिखाई, जिसके बाद अब विभाग ने 24 सितंबर को एक और अंतिम नोटिस भेजा, जिसमें 15 दिन के भीतर इन तारों को हटाने का अल्टीमेटम ऑपरेटरों को दिया गया है। विद्युत विभाग का कहना है कि यदि शहर के ऑपरेटरों द्वारा इस नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया जाता है तो आगे विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। वहीं विभाग का यह भी कहना है कि बिजली के खंभों पर झूल रही इन तारों के जंजाल से ही शहर में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। इन तारों के कारण शॉर्ट सर्किट होने से यदि कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसकी सारी जिम्मेदारी इन्हीं ऑपरेटर्ज की होगी। इस बारे में विद्युत उपमंडल-1 मंडी सहायक अभियंता नरेश ठाकुर ने बताया, "बिजली के खंभों पर बेतरतीब ढंग से लटकी इन तारों को हटाने के लिए विभाग एक्शन मोड में हैं। शहर में अनाधिकृत तरीके से लटकी इन तारों के कारण जहां विभाग के कर्मचारियों को खंभे पर लगी बिजली की तारों के रखरखाव में कई परेशानियां होती है। वहीं, शॉर्ट सर्किट होने का भी खतरा बना रहता है। बता दें कि मंडी शहर में हर ओर बिजली के खंभों पर तारों का ही जंजाल नजर आता है। तारों के ये मक्कड़जाल जहां शहर की खूबसूरती को बदनुमा दाग लगा रहे है। वहीं, शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को भी बुलावा दे रहे हैं। वहीं, अब विद्युत विभाग ने शहर वासियों को इन तारों के जाल से मुक्ति दिलाने के कवायत शुरू कर दी, जिसके तहत अनधिकृत तरीके से लटकी इन तारों को हटाने के लिए अंतिम नोटिस भी विभाग की ओर से विभिन्न ऑपरेटरों को भेजे गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिनों से मौसम शुष्क बना रहा, जिसके कारण तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग शिमला ने आज बुधवार के लिए शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने बुधवार और गुरुवार को प्रदेश के 12 में से 6 जिलों में अलग-अलग स्थान पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शिमला ने बताया कि 1 जून से 24 सितंबर तक चालू मानसून सीजन में बारिश की 21 फीसदी कमी दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में सामान्य 723.1 मिमी के मुकाबले 573.7 मिमी बारिश हुई है। लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 69% बारिश की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद ऊना में 35%, चंबा में 34%, हमीरपुर में 31%, सोलन में 21%, किन्नौर में 20%, कांगड़ा और सिरमौर में 9% और मंडी में 4% बारिश की कमी दर्ज की गई, जबकि शिमला प्रदेश में एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां 15% अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं, हिमाचल में अधिकतम तापमान में भी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से मौसम शुष्क रहने से तापमान सामान्य से 3 से 8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के केलांग में अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.9 डिग्री ज्यादा रहा, जबकि जनजातीय जिला किन्नौर के कल्पा में दिन का तापमान 25.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री ज्यादा रहा। प्रदेश में सबसे गर्म ऊना रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इसके अलावा सोलन में पारा सामान्य से 5.6 डिग्री ज्यादा, भुंतर में सामान्य से 5.8 डिग्री ज्यादा, धर्मशाला में सामान्य से 5.2 डिग्री ज्यादा और शिमला में सामान्य से 5.7 डिग्री ज्यादा रह। वहीं, प्रदेश में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2 से 5 डिग्री अधिक रहा।
हिमाचल में मस्जिद के अवैध निर्माण से बाहरी लोगों को लेकर उपजे विवाद के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले नगर निगम शिमला की परिधि के तहत स्ट्रीट वेंडर को रेगुलेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम मेयर सुरेंद्र चौहान, शिमला व्यापार मंडल व शहर की स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विक्रमादित्य सिंह ने नगर निगम को तहबाजारियों की पहचान करके, शहर में स्ट्रीट वेंडर जोन चिन्हित व स्ट्रीट वेंडर्स के लिए ब्लू लाइन लगाने के निर्देश दिए हैं। जहां पर वेंडिंग होगी, जिसके लिए तहबाजारियों को परमिट जारी किए जाएंगे, जिसका हर तीन साल में कमेटी की ओर से रिव्यू किया जाएगा। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वेंडिंग के लिए जोनिंग और ब्लू लाइन का कार्य पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्त को 30 दिसंबर की डेडलाइन दी गई है, जिसमें विकलांग, विधवा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को प्राथमिकता दी जाएग। इसकी बकायदा नियमित तौर पर मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी स्ट्रीट वेंडर को अपने लाइसेंस फोटो के साथ दुकान के आगे लगाने होंगे। बिना लाइसेंस वालों को शहर में नहीं बैठने दिया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नगर निगम शिमला ने अभी तक शहर में 1060 तक स्ट्रीट वेंडर की पहचान की है, जिनमें से 540 नए तहबाजारी और जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ त्रुटियां भी रह गई हैं। शहर में कई ऐसे वेंडर भी हैं, जिनकी वैरिफिकेशन हो चुकी है, लेकिन ऐसे लोग अब मौके पर नहीं बैठ रहे हैं। इनकी भी पहचान करने के लिए कहा गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्ट्रीट वेंडरों के लिए विभाग ने नगर निगम को किराया तय करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि लोअर बाजार, लक्कड़ बाहर और मिडल बाजार आदि भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक रेट और बाकी जगहों पर कम किराया रखने के लिए कहा गया है, ताकि व्यापारी व स्ट्रीट वेंडर को कोई नुकसान नहीं हो। व्यापारियों की शिकायत है कि शिमला में रविवार को संडे मार्केट सजती है, जिसमें बाहरी राज्यों से भी लोग दुकानें सजाते हैं, लेकिन उनकी ना तो कोई पहचान होती है, ना ही नगर निगम को आय होती है। ऐसे में नगर निगम आयुक्त को इन्हें रेगुलेट किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडिंग में हिमाचल के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
** एग्री ड्रोन के माध्यम से कृषि की नवीनतम तकनीक की दी जानकारी विकास खंड द्रंग की ग्राम पंचायत सियून के डायनापार्क में विदेशी सब्जी उत्पादन बारे किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र मंडी के सौजन्य से किया गया। साथ ही तरयांबली पंचायत के बासाधार में वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग पर एक अन्य जागरूकता शिविर लगाया गया। ये दोनों शिविर कृषि विज्ञान केंद्र मंडी द्वारा कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश के सहयोग से संचालित किए गए। डायनापार्क में आयोजित विदेशी सब्जी उत्पादन के शिविर में मुख्य रूप से किसानों को विदेशी सब्जियों की खेती के आधुनिक तरीकों और उनकी देखभाल व विपणन की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र की सब्जी वैज्ञानिक, डॉ. शकुंतला राही ने किसानों को विदेशी सब्जियों की उन्नत किस्मों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं, बासाधार में आयोजित वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग पर शिविर में डॉ. बृज वनिता, पशु वैज्ञानिक, ने वैज्ञानिक विधियों द्वारा डेयरी फार्मिंग के लाभ, पशुओं की देखभाल, टीकाकरण, और पोषण प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को डेयरी उद्योग से अधिक आय प्राप्त करने के लिए आधुनिक पशुपालन तकनीकों के बारे में बताया। इन दोनों शिविरों में विशेष आकर्षण के रूप में एग्रीड्रोन प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें ड्रोन पायलट पार्थ ने किसानों को खेतों में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इसके व्यावहारिक लाभों और उपयोग के तरीके दिखाए। ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई। शिविरों में कृषि विस्तार अधिकारी पधर प्रकाश ठाकुर और कृषि विज्ञान केंद्र मंडी की वरिष्ठ अनुसंधान सहकारी, रंजना ठाकुर ने भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में किसानों के सवालों का जवाब देते हुए कृषि और डेयरी से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इन जागरूकता शिविरों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह दिखाया।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2025 में होने वाली बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में 32 नंबर के आसान आर 20 नंबर के कठिन प्रश्न विद्यार्थियों से पूछेगा। इसके अलावा सामान्य स्तर के 28 नंबर के प्रश्न पूछे जाएंगे। इस दौरान प्रश्नपत्र के 40 फीसदी प्रश्न आसान, 35 फीसदी सामान्य और 25 फीसदी कठिन प्रश्न पूछे जाएंगे। मार्च में नए पैटर्न में आने वाले प्रश्नपत्रों के शिक्षा बोर्ड ने मॉडल पेपर तैयार किए हैं, जिन्हें बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा बोर्ड से परीक्षा पास करने वाले परीक्षार्थियों को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। एमसीक्यू प्रश्नों को हल करने के लिए ओएमआर सीट भी दी जाएगी। यह बदलाव तीसरी, पांचवीं, आठवीं, नौवीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रश्नपत्रों में देखने को मिलेगा। बोर्ड के नए पैटर्न के अनुसार स्कूल शिक्षा बोर्ड एक नंबर के 16 प्रश्न पूछेगा। इनमें नौ प्रश्न आसान, चार सामान्य और तीन का स्तर कठिन रहेगा। इसके अलावा दो नंबर के नौ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें पांच आसान और दो-दो प्रश्न सामान्य और कठिन श्रेणी से रहेंगे। वहीं, तीन नंबर के छह प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें आसान तीन, सामान्य दो और कठिन स्तर का एक कठिन स्तर का प्रश्न पूछेगा, जबकि चार नंबर के तीन प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें आसान स्तर का एक और सामान्य स्तर के दो प्रश्न रहेंगे। इसके अलावा पांच नंबर के दो प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका स्तर कठिन श्रेणी का रहेगा। वहीं छह नंबर एक ही प्रश्न पूछा जाएगा, जो कि सामान्य श्रेणी से आएगा। शिक्षा बोर्ड आसान स्तर के 18, सामान्य स्तर के 11 और कठिन स्तर के आठ प्रश्न परीक्षा के दौरान पूछेगा। परीक्षाओं के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के आधुनिक तकनीक के आदर्श प्रश्नपत्र, अंक विभाजन और चरणबद्ध अंक योजना तैयार की गई है। प्रदेश के छात्रों और अध्यापकों की सुविधा के लिए इन आदर्श प्रश्नपत्रों और अंक विभाजन को कक्षावार और विषयवार बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2024 सत्र के लिए सभी पाठ्यक्रमों सेमेस्टर और सर्टिफिकेट कार्यक्रमों के अतिरिक्त नए प्रवेश और पुन: पंजीकरण की अंतिम तिथि को तीस सितंबर तक बढ़ाया है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र इस बढ़ाई गई आवेदन की अंतिम तिथि तक प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। ऑनलाइन प्रवेश के लिए इग्नू के सीधे लींक ignou.samarth.ac.in और इग्नू की वेबसाइट ignou.ac.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। प्रवेश से संबंधित अधिक जानकारी के लिए छात्र इग्नू के क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र शिमला के दूरभाष नंबर 0177-262412 पर संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की ओर से यूजी डिग्री कोर्स बीए, बीएससी, बी कॉम और 2021-22 बैच बैच को प्रथम वर्ष की परीक्षा पास करने को दिए परीक्षा के अतिरिक्त गोल्डन चांस के लिए 29 सितंबर तक ऑनलाइन फार्म भरने का मौका दिया है। विवि के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. श्याम लाल कौशल ने कहा कि परीक्षा अक्तूबर में होगी। इसके लिए विवि के nexams.hpushimla.in के माध्यम से परीक्षा फार्म भर सकते हैं। यूजी डिग्री को तय पांच साल की अविधि में पूरा करने के लिए दिए गए इस मौके में बीए, बीएससी, बीकॉम और शास्त्री डिग्री के 2021-22 बैच के वो छात्र पात्र होंगे, जिनकी प्रथम वर्ष में कंपार्टमेंट है।
हिमाचल प्रदेश में एक कांस्टेबल को नौकरी से निकालने के मामले में पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, दो रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर, 3 एसपी समेत 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सक्षम अदालत के आदेश पर आईजी साउथ रेंज ने शिमला सदर पुलिस स्टेशन को केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व डीजीपी संजय कुंडू समेत अन्य 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धारा 3(1)(P), एससी-एसटी एक्ट 1989 के तहत मुकदमा रजिस्टर हुआ है। नौकरी से निकाले गए कांस्टेबल धर्म सुख नेगी की पत्नी मीना नेगी की शिकायत के आधार पर ये एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें महिला ने पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, पूर्व आईपीएस समेत अन्य पुलिस अधिकारियों पर उसके पति के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। कांस्टेबल और उसकी पत्नी जनजातीय जिला किन्नौर के रहने वाले हैं। ये मामला पूर्व भाजपा के कार्यकाल का हैं। जब संजय कुंडू हिमाचल पुलिस के मुखिया थे। महिला ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज शिकायत में बताया कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके पति धर्म सुख नेगी को नौकरी से निकाला है। महिला ने बताया है कि पुलिस अधिकारियों ने पहले उसके पति पर झूठे व मनगढ़ंत आरोप लगाए और फिर विभागीय जांच बैठा कर 9 जुलाई 2020 को जबरन बेइज्जत करके नौकरी से निकाल दिया, जबकि कांस्टेबल के तौर पर उसके पति का 8 वर्षों का सेवाकाल बचा हुआ था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पति को पुलिस हेडक्वार्टर से आवंटित सरकारी आवास का बिना वर्क आउट के 1 लाख 43 हजार 424 रुपए का रेंट वसूलने के आदेश दिए। इसके अलावा 2020 से अब तक उनकी ग्रेच्युटी, डीसीआरजी और अन्य लाखों रुपयों का रिटायरमेंट बेनिफिट्स को रोक कर रखा गया है। महिला ने बताया कि उसके पति को सरकारी आवास को खाली करने को लेकर कई बार तत्कालीन डीजीपी संजय कुंडू और एसपी वेलफेयर ने उन्हें जलील किया है। इसके लिए तत्कालीन डीजीपी और एसपी वेलफेयर द्वारा पुलिस आवासीय कॉलोनी भराड़ी व उनके पैतृक गांव रामनी, किन्नौर में बार-बार नोटिस भेजकर उनके परिवार को समाज में जलील किया गया। महिला ने शिकायत में बताया कि नवंबर 2023 को उन्होंने कोर्ट, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मुख्य सचिव, गृह सचिव और एसपी शिमला को प्रार्थना पत्र देकर उनके परिवार पर हुए अत्याचार और अमानवीय व्यवहार की जानकारी भी दी गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व डीजीपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके पति व परिवार को सामाजिक, आर्थिक व मानसिक तौर पर पीड़ा पहुंचाई है, जिससे आज उसका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। महिला द्वारा पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, रिटायर आईपीएस हिमांशु मिश्रा और अरविंदर शारदा, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, दिवाकर दत्त शर्मा, अंजू आरा खान, भगत सिंह ठाकुर, पंकज शर्मा, मीनाक्षी और डीएसपी बलदेव शर्मा शामिल हैं। मामले में शिमला पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धारा 3(1)(P) के तहत एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
शिमला: हिमाचल में जिला शिमला के तहत लोक 16 मील धामी में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की 262 वीं शाखा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान लोगों की मांग पर अब तक 22 ब्रांचों को खोलने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य सहकारी बैंक आम-जनमानस के साथ-साथ किसानों- बागवानों वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे सहकारी बैंक की आमदनी में भी बढ़ौतरी हो रही है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक की ओर से विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ गरीब परिवारों के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई गई है, जिसके जरिए लोगों को बहुत कम दरों पर ऋण दिया जा रहा है। इस दौरान अगर कोई भी संस्था या व्यक्ति नियमित रूप से ऋण की अदायगी करता है तो उनके ऋण ब्याज में और कमी का प्रावधान भी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक के राजस्व में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है, जिसमें अब तक 26 हाजर करोड़ रुपए का टर्नओवर शामिल है, जिस कारण ये बैंक अच्छे काम के कारण देश के सभी सहकारी बैकों की सूचि में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हर घर को सड़क सुविधा से जोड़ना हमारा दायित्व है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 70 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। सरकार अब चौथे चरण का कार्य शुरू करने जा रही है। जिसमें सभी गावों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि टुटु के पास नई सब्जी मंडी बनकर तैयार है, जिसका जल्द ही शुभारंभ किया जाएगा, जाठिया में हिमालयन काॅलोनी नाम से एक बड़ा शहर बनाने के लिए केन्द्र सरकार से शीघ्र परियोजना स्वीकृत करने का आग्रह किया गया हैं। उन्होंने बताया कि शिमला-कांगड़ा फोरलेन को तारादेवी-बडैहरी-रैहल होते हुए घनाहटी के लिए जोड़ने के लिए एलाइनमेंट का काम जारी है। अगर किसी की मलकीयती जमीन सड़क में आती है तो उसके लिए उचित मुआवजे का प्रावधान किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि हीरानगर के पास करीब 5.50 करोड़ की लागत से खंड विकास अधिकारी कार्यालय का नया भवन बनाया जाएगा, जिसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर राज्य सहकारी बैंक देवेंद्र श्याम ने कहा कि सहाकारी बैंक की इस नई शाखा में 9 करोड़ रुपए का डिपोजिट है, जिसे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक की ओर से 11 हजार किसानों-बागवानों को केसीसी बैंक ऋण प्रदान किए गए हैं।
देश के कई हिस्सों से मानसून विदा होने लगा है लेकिन हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मानसून से राहत नहीं मिलने वाली है। हिमाचल में 25 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इस दौरान कई हिस्सों में ओलावृष्टि और गर्जन के साथ बारिश भी हो सकती है। सोमवार को शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ बना हुआ है पिछले दो-तीन दिनों से बारिश न होने के चलते तापमान में भी काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है खासकर राजधानी शिमला में तापमान 28 डिग्री तक पहुंच गया है जो कि इससे सीजन का सबसे ज्यादा तापमान रिकार्ड किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हुई है और राजस्थान, गुजरात में भी 24 घंटे में मानसून विदा हो सकता है। हिमाचल प्रदेश की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में फिलहाल अभी मानसून जारी रहेगा और 25 सितंबर से फिर से बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम खराब बना रहेगा और इस दौरान ओलावृष्टि गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है और इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते तीन-चार दिनों से मौसम साफ बने रहने से तापमान में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है दो दिन पहले शिमला में तापमान 26 डिग्री तक पहुंच गया आज मौसम साफ बना रहेगा तो 28 डिग्री तक अधिकतम तापमान पहुंच जाएगा जो की सीजन का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया जाएगा।
** कहा, हम आपदा फंड देते हैं, तो यह सीएम राहत कोष में नहीं, सोनिया गांधी के खाते में जाता है मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मनाली के शलीन गांव में रविवार को आयोजित भाजपा के सदस्यता अभियान कार्यक्रम में आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार कर्ज लेती है और इसे कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को देती है, जिससे राज्य का खजाना खाली हो रहा है। सुक्खू सरकार पर हमला करते हुए कहा, आपदाओं और कांग्रेस सरकार ने राज्य को दशकों पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा, अगर हम आपदा निधि देते हैं तो वह मुख्यमंत्री राहत कोष में जानी चाहिए, लेकिन सभी जानते हैं कि वह सोनिया राहत कोष में जाती है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर कटाक्ष करते हुए कंगना ने कहा, मेरे खिलाफ चुनाव लड़ने वाले राजा के बेटे की हरकतें सभी को पता हैं। लोग सड़कों पर गड्ढों से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा, मैं अपने क्षेत्र के लिए जितना संभव होगा, उतना करूंगी, लेकिन पीडब्ल्यूडी मंत्री को भी कुछ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक युगपुरुष हैं और वे बेहद सुलझे हुए ढंग से समस्याओं से निपटते हैं। कंगना ने भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया कि हर कोई जानता है कि भ्रष्टाचार व्याप्त है और कांग्रेस शासित राज्य सरकारों ने अपने-अपने राज्यों को खोखला कर दिया है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि कांग्रेस चुनावों पर इतना अधिक खर्च कैसे करती है। कंगना ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्राथमिक स्कूलों की खेलों को बंद करने का जो फैसला लिया है, वह गलत है। युवाओं को खेलों में आगे लाने के लिए वह जल्द ही मंडी संसदीय क्षेत्र में एक भव्य खेल ऑडिटोरियम का निर्माण भी करवाएंगी। जनसभा में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिस तरह से प्राथमिक स्कूलों में खेलों को बंद किया है, वह गलत है। प्रदेश सरकार एक और तो कर्ज पर कर्ज ले रही है और दूसरी ओर कर्मचारियों को वेतन और पेंशन समय पर नहीं दे पा रही।
हिमाचल प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि या तो सांसद कंगना यह साबित करें कि प्रदेश सरकार की ओर से सोनिया गांधी को पैसा दिया जा रहा है, अन्यथा उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड ने कंगना की फिल्म को बैन किया हुआ है, इसका दुख मनाने सांसद आजकल हिमाचल में आई हुई हैं। कहा कि कंगना का बयान दर्शाता है कि उनका मानसिक दिवालियापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि कंगना ज्यादा शिक्षित नहीं है। इसलिए वह बार-बार ऐसे बयान देती रही हैं। कंगना ने बीते कल कहा था कि केंद्र से जो मदद आ रही है, वह सोनिया गांधी को दी जा रही है। इस पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंगना या तो इसके प्रमाण दें, ऐसा नहीं किया तो सोनिया गांधी की छवि खराब करने के लिए मानहानि को तैयार रहें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इससे मूर्खतापूर्ण कोई बयान नहीं हो सकता है। केंद्र से जो बजट मिलता है, उसका खर्च लाइन ऑफ क्रेडिट(एलओसी) के आधार पर होता है। उन्होंने कंगना को चैलेंज किया कि कंगना एक रुपये की हेराफेरी साबित करके दिखाए। उन्होंने कहा कि ये वही सांसद है, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी का हाईकमान फटकार लगा चुका है कि संवेदनशील मुद्दों पर ऐसी बयानबाजी न करें। समय के साथ वक्फ बोर्ड सहित हर संगठन, ट्रस्ट व धार्मिक संस्था में बदलाव व सुधार होना चाहिए। विक्रमादित्य ने कहा कि जिस तरीके का एक माहाैल हिमाचल में बना हुआ है। हम सब चाहते हैं कि सब लोग शांति के साथ रहे, भाईचारे व प्रेम के साथ रहे। प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखना यह सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन जिस तरीके के सवाल जमीन आवंटन को लेकर उठ रहे हैं, उसको देखते हुए समय के साथ हर संगठन, ट्रस्ट व धार्मिक संस्था में बदलाव व सुधार होना चाहिए। विक्रमादित्य ने कहा कि भीमाकाली मंदिर भी पहले उनकी निजी संपत्ति थी, लेकिन पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने इसे सरकार के अधीन लाया ताकि इसमें पारदर्शिता आए। इसलिए वक्फ बोर्ड सहित अन्य संगठनों में भी पारदर्शिता आनी चाहिए। हिमाचल के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर ने सांसद कंगना रणाैत पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कंगना रणाैत की बातें अनपढ़ जैसी होती हैं कि उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। कांग्रेस की बैठक में भाग लेने पहुंचे कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि चुनाव से पहले और चुनाव के बाद जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करना चाहिए, लेकिन वे तो लापता हैं, सिर्फ एक बार अपने इलाके की जनता से मिलीं और उसके बाद उनका कोई पता नहीं है। उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त कंगना कहीं नजर नहीं आईं, सिर्फ एक दौरा किया। इस बीच हिमाचल प्रदेश सरकार आपदा प्रभावितों के बीच में रही। हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि सांसद कंगना बिना तथ्य के बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कैसे सोच सकता है कि केंद्र से आ रही सहायता और राज्य के लिए लिया जा रहा कर्ज सोनिया गांधी के खाते में जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान उनकी मानसिकता को दर्शाता है। इस तरह का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
** अध्यक्ष हरीओम शर्मा बोले, कंगना द्वारा लगाए गए आरोप हैं निराधार करसोग/राज सोनी: ब्लॉक करसोग कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरी ओम शर्मा ने मंडी लोकसभा से भाजपा सांसद कंगना रनौत के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस तरह से मंडी लोकसभा से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, सुक्खू सरकार और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं वह बिलकुल निराधार हैं और राजनितिक सोच से परे है। यह सांसद की अज्ञानता व तुच्छ मानसिकता को प्रदर्शित करती है। कंगना ने कहा कि हिमाचल में आपदा रिलीफ फंड का पैसा सोनिया गांधी के राहत कोष में जाता है, इस तरह के वक्तव्य कोई जाहिल और गंवार व्यक्ति ही दे सकता है। कंगना रनौत भूल जाती हैं कि अब वह एक फ़िल्मी अदाकारा ही नहीं बल्कि एक सांसद भी हैं और अपने क्षेत्र के प्रति वह प्रतिबद्ध हैं। सांसद होने के बाद उनके दायित्व भी हैं, जिनका उन्हें निर्वाहन करना चाहिए। जो व्यक्ति चुना हुआ जनता का सांसद होता है वह इस तरह से जनता के बीच अपना पक्ष नही रखता है, जिसका कोई भी आधार न हो। सभी चुने हुए सांसद व विधायक जानते है कि जो राशी केन्द्र से आती है वह किस तरह से राज्य के विभिन्न प्रकार के विकास व योजनाओं में कैसे वितरित की जाती है। सभी जानते है कि उनकी व्यानबाज़ी हमेशा ही तथ्य से विपरीत रहती हैं। अभी हाल ही में उन्होंने एक चैनल पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति को राम नाथ कोविड कहा था। सांसद महोदया को लगता है कि अभी भी वो मायानगरी के मोहपाश में बंधी हुई हैं और राजनितिक पृष्टभूमि को भी वो किसी फिम्ली कथा के रूपांतरण के रूप में देख रही हैं, जिस कारण से जो उनके मन में आ रहा है उसे वह पटकथा की तरह से ही दोहरा रही है। कंगना के इस आरोप का ब्लॉक कांग्रेस कमेटी करसोग पुरज़ोर खंडन करती है व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेत्रित्व से मांग करती है कि लोकतंत्र में इस तरह के अनाप-शनाप आरोप लगाना बिलकुल भी सही नहीँ है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को सांसद महोदया से जवाब तलब करना चाहिए ताकि भविष्य में वह इस तरह की टिपण्णी किसे पर भी न करे।
** होटलों और होमस्टे में एडवांस बुकिंग दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए किन्नौर और लाहौल-स्पीति सैलानियों की पहली पसंद बन गए हैं। 5 अक्तूबर के बाद किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बजट होटल 50 फीसदी एडवांस बुक हो गए हैं, अन्य होटलों में भी 30 फीसदी कमरे बुक हैं। शहरों के शोर-शराबे से दूर साफ-सुथरी आबोहवा सैलानियों को आकर्षित कर रही है। किन्नौर में बर्फ से लकदक पहाड़ और सेब से लदे बगीचे सैलानियों को अपनी ओर खींच रहे हैं।दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए इस साल शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी के मुकाबले किन्नौर और स्पीति के लिए सैलानियों का अधिक रुझान देखने को मिल रहा है। सैलानी सराहन, सांगला, छितकुल, कल्पा, ताबो, काजा और केलांग के होटलों में बुकिंग करवा रहे हैं। किन्नौर के निचले इलाकों में सेब सीजन शुरू हो गया है। बगीचों में पौधे सेब से लदे हैं और चोटियों पर बर्फ है। साल दर साल किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। किन्नौर के होटल कारोबारी मोहन प्रकाश नेगी का कहना है कि मौजूदा समय में ट्रैकिंग के लिए टूरिस्ट किन्नौर पहुंच रहे हैं। दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए कमरों की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। सैलानी किन्नौर की प्राकृतिक खूबसूरती का लुत्फ उठाना चाहते हैं लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण समस्या पेश आ रही है। हिमाचल के अन्य पर्यटन स्थलों के मुकाबले सैलानी किन्नौर और लाहौल-स्पीति जाना अधिक पसंद कर रहे हैं। शहरों से दूर साफ-सुथरी आबोहवा सैलानियों को आकर्षित कर रही है। किन्नौर और स्पीति के बजट होटलों में 50 फीसदी कमरे एडवांस बुक हो गए हैं हिल्सक्वीन शिमला में बंगाली सैलानियों की चहलपहल बढ़नी शुरू हो गई है। दुर्गा पूजा की छुट्टियां शुरू होने से पहले ही बंगाल के कारोबारी अपने परिवारों के साथ शिमला पहुंच रहे हैं। इन दिनों शिमला के कालीबाड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में बंगाल के टूरिस्ट पूजा अर्चना करते देखे जा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में विभिन्न विभागों की करीब 70 योजनाओं के टेंडर रद्द किए गए हैं। निविदा की राशि का सही आकलन नहीं करने पर अलग-अलग विभागों ने इस संबंध में फैसले लिए हैं तो कुछ मामलों में दस्तावेजों के पूरा न होने और अकेले बोलीदाता के आने पर भी इन्हें रद्द किया गया है। राज्य सरकार की सख्ती के बाद सभी प्रशासनिक सचिवों ने विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि विभिन्न योजनाओं के टेंडर लगाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाए कि फिजूलखर्ची न हो। अच्छी स्पर्धा करवाकर ही टेंडर लगाए जाएं। ऐसे में कई टेंडर दस्तावेजों में अनियमितताएं और अधूरापन पाए जाने पर उन्हें रद्द किया गया है। कुछ टेंडरों में दस्तावेज पूरे न होने की वजह से भी इन्हें खारिज किया गया है और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इन्हें दोबारा लगाया जाएगा। बस स्टैंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुब्बल के लिए बस स्टैंड से रास्ता बनाने, जिला बिलासपुर की तहसील सदर में सोलग जुरासी से धार टटोह के लिए लिफ्ट इरिगेशन वाटर सप्लाई स्कीम, ज्वालामुखी में विभिन्न खड्डों में वर्षा जल संग्रहण ढांचे बनाना, तहसील घुमारवीं में नए स्रोत मनी खड्ड से जलापूर्ति योजना मालयोर, देवनगर से मूलबारी सड़क के लिए लिंक रोड में मेटलिंग और टारिंग, पॉलिटेक्निक कॉलेज हमीरपुर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग ब्लॉक का निर्माण, राजकीय डिग्री कॉलेज सलूणी में बैडमिंटन कोर्ट और वॉलीबाल कोर्ट निर्माण, सुमन फाइलिंग स्टेशन रामपुर में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का निर्माण, धर्मशाला में सिद्धपुर मोहाली फेज-दो में हाउसिंग कॉलोनी का निर्माण, ज्वाली में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर बनाने, देहरा में न्यायिक कोर्ट परिसर का निर्माण, भावानगर में गानवी खड्ड से सिल्ट हटाने, नादौन के रैल में पीएचसी निर्माण, टांडा कॉलेज में न्यूरो सर्जरी के लिए उपकरण खरीद, नूरपुर में सामुदायिक भवन निर्माण, सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में हॉस्टल निर्माण सहित कई कामों के टेंडर रद्द किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार की उचित मूल्यों की दुकान यानी राशन के डिपुओं पर मिलने वाले राशन के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। आटा-चावल के दामों में इसी महीने से बढ़ोतरी की गई है, जबकि तेल के दाम पिछले महीने से ही बढ़ा दिए गए थे। सुक्खू सरकार ने एपीएल के साथ-साथ बीपीएल कोटे के राशनकार्ड धारकों की दरों में भी बढ़ोतरी की है। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा डिपो के राशन में की गई इस बढ़ोतरी से मंडी की जनता खुश नजर नहीं आ रही है। मंडी शहर के उपभोक्ताओं का कहना है कि तेल के दामों में अत्यधिक बढ़ोतरी हो गई है। बाजार में भी इसी कीमत पर तेल उपलब्ध है। उपभोक्ताओं का कहना हैं कि सरकार राशन की गुणवत्ता पर ध्यान दे और निम्न वर्ग के लिए रियायतों को जारी रखे, ताकि सरकारी राशन से ऐसे परिवारों का गुजर-बसर सही ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश के सभी लोगों के बारे में सोचना चाहिए। वहीं, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला मंडी के नियंत्रक विजय सिंह हमलाल ने बताया कि तेल की नई दरें पिछले महीने से जबकि आटा और चावल की नई दरें इस महीने से लागू कर दी गई हैं। सरसों तेल पहले 113 रूपए प्रति लीटर की दर से मिलता था, जोकि पिछले महीने से 123 रूपए प्रति लीटर कर दिया गया है। तेल के दाम एपीएल और बीपीएल के लिए एक जैसे ही हैं। इसके अलावा एपीएल कोटे में पहले आटा 9 रूपए 30 पैसे प्रति किलो की दर से मिलता था, उसमें अब 2 रूपए 70 पैसे की बढ़ोतरी करके 12 रूपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है। चावल पहले 10 रूपए में मिलता था, इसमें 3 रूपयों की बढ़ोतरी करके 13 रूपयों में दिया जा रहा है। बीपीएल श्रेणी को दिए जाने वाले एकस्ट्रा राशन की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। निर्धारित कोटे की दरों में कोई बदवाल नहीं किया गया है, लेकिन एकस्ट्रा राशन लेने की जो लिमिट तय की गई है, उसकी दरों में इजाफा किया गया है। बीपीएल श्रेणी को आटा पहले 7 रूपए प्रति किलो की दर से मिलता था, जिसमें 2 रूपए 30 पैसे की बढ़ोतरी करके 9 रूपए 30 पैसे कर दिया गया है। इसी तरह से चावल पहले 6 रूपए 85 पैसे प्रति किलो की दर से मिलते थे, जिसमें अब 3 रूपए 15 पैसों की बढ़ोतरी करके 10 रूपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है।
** मंडी में रोजाना बढ़ी 20 हजार लीटर खरीद हिमाचल प्रदेश सरकार ने मिल्क फेडरेशन के जरिए खरीदे जाने वाले दूध के दामों में बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद मंडी में पशुपालकों के चेहते खिल उठे हैं, जिससे मंडी में मिल्क फेडरेशन के द्वारा खरीदे जा रहे इस दूध में रोजाना 20 हजार लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। बता दें कि इस साल सरकार ने दूध के दामों में 13.20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब गाय के दूध को 45 रुपए जबकि भैंस के दूध को 55 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। प्रदेशभर के स्थापित मिल्क फेडरेशन के 11 संयंत्रों पर दूध की खरीद सामान्य से अधिक हो गई है। हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन के मार्केटिंग मैनेजर संदीप ठाकुर ने बताया, "प्रदेश में जहां रोजाना 1.40 लाख लीटर दूध खरीदा जाता था। उसका आंकडा अब 1.90 लाख लीटर रोजाना तक पहुंच गया है। इसमें प्रदेश में 50 हजार लीटर प्रति दिन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंडी जिले के चक्कर स्थित मिल्क प्लांट में पहले हर रोज 50 हजार लीटर दूध खरीदा जाता था, जिसमें 20 हजार की बढ़ोतरी होने के बाद अब यह आंकड़ा 70 हजार लीटर तक पहुंच गया है। संदीप ठाकुर ने बताया कि दूध की खरीद बढ़ने के साथ ही मिल्क फेड द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पशुपालकों ने इसके लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया है। पशुपालक पितांबर शर्मा, राजकुमार और दया राम ने बताया कि पहले वे अच्छे दामों के लिए दूध को मंडी शहर या फिर अन्य स्थानों पर बेचने के लिए ले जाते थे। उसके लिए इन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन जबसे प्रदेश सरकार ने दूध खरीद के दामों में बढ़ोतरी की है तभी से ही अब ये सारा दूध मिल्क फेडरेशन के सेंटर पर बेच रहे हैं। इन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार ने दूध के दामों में जो और बढ़ोतरी करने का वादा किया है उसे भी जल्द ही पूरा किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने चुनावों से पहले अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा। हालांकि अभी ये आंकड़ा कही गई बात के आधे तक ही पहुंच पाया है। पशुपालकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जल्द ही सरकार अपना वादा पूरा करके पशुपालकों को लाभांवित करेगी, लेकिन इतना जरूर है कि पहले के मुकाबले दामों में बढ़ोतरी हुई है और अब मिल्क फेडरेशन भी रोजाना 50 हजार लीटर अतिरिक्त दूध खरीद रहा है।
** ग्रामीणों को प्रति कनेक्शन चुकाने होंगे 100 रुपये हिमाचल में आर्थिक तंगी से उबरने के लिए सुक्खू सरकार ने लोगों का मुफ्त बिजली पानी बंद कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व की जयराम सरकार ने लोगों को जो फ्री पानी की सुविधा दी थी। सुक्खू सरकार ने इस सुविधा को वापस ले लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 1 अक्टूबर से पानी के प्रति कनेक्शन 100 रुपए चुकाने होंगे। अगर किसी ने पानी के अपने नाम दो कनेक्शन लिए हैं तो ऐसे उपभोक्ताओं को हर महीने पानी 200 रुपये पानी का बिल भरना होगा। सरकार ने पानी व सीवरेज का नया दाम तय कर दिया है। अब नई दरों पर लोगों को पानी मिलेगा। वहीं, कनेक्शन, मेंटेनेंस पर भी लोगों को अब पैसा देना होगा। इस बारे में जल शक्ति विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं, जो 1 अक्टूबर से लागू होंगे। प्रदेश सरकार ने पानी का टैरिफ रेट निर्धारित कर दिया है। अब 0 से 20 किलोलीटर पानी खर्च करने पर 19.30 रुपए, 20 से 30 किलोलीटर पर 33.28 रुपए, 30 किलोलीटर से अधिक पर 59.90 रुपए प्रति किलोलीटर की दर निर्धारित की गई हैं। पानी के कनेक्शन पर मिनिमम मेंटेनेंस चार्ज 110 रुपए प्रति माह लगेगा। मीटर खराब होने पर तीन महीने का एवरेज बिल आएगा और 444.07 रुपए प्रतिमाह की दर से वसूली होगी। यह सभी दरें ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू होंगी। प्रदेश में बड़े होटलों के लिए नई दरें 0 से 30 किलोलीटर पर 106.30 रुपए, 30 किलो लीटर से 75 किलोलीटर तक 141.76 रुपए, 75 किलोलीटर से ऊपर 194.85 रुपए की दर से बिल वसूला जाएगा। इसी तरह से होटलों के लिए मिनिमम मेंटेनेंस चार्ज 220 रुपए प्रति महीना तय किया गया है। वहीं, खराब मीटर पर 7779.70 रुपए के हिसाब से पैसा वसूला जाएगा। नॉन डोमेस्टिक, नॉन कमर्शियल कनेक्शन के लिए दरें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 153.07 रुपए प्रति किलोलीटर तय की गई हैं। खराब मीटर में 7072.45 रुपए की दर से हर महीने वसूली होगी। इसी तरह से सीवरेज कनेक्शन के लिए भी नई दरें तय की हैं। सीवरेज का एडिशनल कनेक्शन लेने में दोगुनी राशि वसूल की जाएगी। डोमेस्टिक के लिए यह चार्ज 500 रुपए तय किया गया है। कॉमर्शियल के लिए 1 हजार रुपए और नॉन डोमेस्टिक नॉन कमर्शियल पर 2500 रुपए लिए जाएंगे। शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज पर वाटर चार्जिज का 30 फीसदी पैसा लिया जाएगा। शहरों में कुछ संस्थानों की ओर से अपने वाटर सोर्सेज का इस्तेमाल होता है उनसे सीवरेज का प्रति शीट 25 रुपए वसूलेंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में वाटर सप्लाई में अतिरिक्त पेयजल कनेक्शन लेने के लिए घरेलू उपभोक्ताओं का रेट 200 रुपए होगा। कमर्शियल रेट 500 रुपए निर्धारित किया गया है। नॉन डोमेस्टिक नॉन कमर्शियल को यह दर 2500 रुपए तय की गई है। शहरों में डोमेस्टिक एडिशनल कनेक्शन 1 हजार रुपए में मिलेगा। कमर्शियल कनेक्शन को 1500 रुपए देने होंगे। वहीं, नॉन कमर्शियल नॉन डोमेस्टिक में 2500 रुपए रखे गए हैं। जल शक्ति विभाग ने कमर्शियल उपभोक्ताओं व संस्थाओं के लिए भी नई दरें तय की हैं। सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, स्कूल, धर्मशाला, धार्मिक स्थलों, ढाबों, दुकानों, वॉशिंग सेंटरों, होम स्टे, प्राइवेट अस्पतालों, निजी स्कूलों, निजी कार्यालयों, रेस्तरां व अन्य सामान्य होटलों के लिए 0 से 20 किलोलीटर पानी 19.30 रुपए प्रति किलोलीटर, 20 से 30 किलोमीटर पानी पर 33.28 रुपए, 30 से 50 किलोलीटर पर 59.90 रुपए, 50 किलोलीटर से 100 किलोलीटर पर 106.30 और 100 किलोलीटर से अधिक पानी की खपत पर 150 रुपए प्रति किलोलीटर की दर तय की गई है। इनसे मिनीमम मेंटेनेंस चार्ज 110 रुपए फिक्स किए गए हैं। खराब मीटर पर 444.07 रुपए की दर से वसूली होगी। नगर निगम सोलन और पालमपुर के लिए बल्कि वाटर सप्लाई की दर 100 रुपए प्रति किलोलीटर निर्धारित की गई है। वहीं, सिंचाई योजनाओं पर 75 रुपए के हिसाब से रेट लिया जाएगा। सरकार ने शहरी निकायों व पंचायती राज संस्थाओं को कुछ इंसेंटिव भी तय किया है। उनके एरिया में वाटर चार्जिज की बेहतरीन कलेक्शन यानी यदि 75 फीसदी से 100 फीसदी तक राजस्व जुटाते हैं, तो उनको कुल कलेक्शन का 15 फीसदी पैसा दिया जाएगा। यही उनकी कलेक्शन 50 से 75 फीसदी तक रहती है, तो 10 फीसदी पैसा मिलेगा और यदि 50 फीसदी तक कलेक्शन रहती है, तो पांच फीसदी का इंसेंटिव इन संस्थाओं को दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कुछ श्रेणियों के लिए फ्री पानी की सुविधा को जारी रखा है। इनमें विधवाओं, तलाकशुदा महिलाएं व दिव्यांगजन शामिल हैं। वहीं, जिन परिवारों की वार्षिक आय 50 हजार रुपए तक की है। उनसे मौजूदा पानी की दरों की 50 फीसदी राशि ही वसूल की जाएगी।
** कहा, हिमाचली हैं बहुत अच्छे लोग लेकिन अपनी जमीन और बेटियों की रक्षा जरूरी शिमला: सांसद कंगना रनौत ने हिमाचल में बाहर से आने वाले लोगों को लेकर सवाल किया है। उन्होंने कहा "हिमाचली अच्छे लोग होते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि लोग अपनी जमीन की रक्षा ना करें। हमने देखा है कि भारत में बाहर से आने वाले लोगों की घुसपैठ हमेशा रही है। लोग यहां नकली नाम का प्रयोग कर दूसरे धर्म के नाम पर व्यवसाय चला रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में बाहर से आने आने वाले लोगों का मुद्दा यहां के स्थानीय लोगों ने उठाया है। इससे प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को खतरा है जो एक बड़ा मुद्दा है। हमने अक्सर यह देखा है कि वोट बैंक के लिए यह सब किया जाता है, जबकि सरकार निकम्मी बैठी है। कश्मीर में भी 90 के दशक में क्या हुआ था। किस तरह से डेमोग्राफी को बदला गया था। जमीन और बेटियों की अगर कोई रक्षा नहीं कर पाए तो हमने इसका परिणाम देखा हुआ है। वहीं, कंगना रनौत ने सांसद राहुल गांधी पर भी जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा "राहुल गांधी विदेश में जाकर भारत के खिलाफ बातें करते हैं। वह अपनी सत्ता के लिए देश के टुकड़े करने से नहीं हिचकिचाते। उनकी देश के प्रति भावना सभी को पता है। कंगना रनौत ने कहा "इमरजेंसी बहुत बड़े बजट की फिल्म है। इसको लेकर हम सभी को नुकसान हो रहा है। सेंसर बोर्ड को अब दायित्व लेकर इस फिल्म को जल्द से जल्द रिलीज करवाना चाहिए। सांसद कंगना रनौत ने कहा, मैनें जिस तरह से ये फिल्म बनाई है मुझे फिल्म इंडस्ट्री का कोई साथ नहीं मिला।
जिला मंडी के सुंदरनगर शहर में बढ़ती चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं पर रोकथाम के लिए संयुक्त व्यापार संगठन ने बिना पंजीकरण रहने वाले बाहरी राज्य के लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बाहरी राज्यों के लोगों का अब शहर में बिना पंजीकरण रहना आसान नहीं होगा। व्यापार संगठन के दबाव के बाद पुलिस ने बाहरी राज्यों के लोगों को कमरा या दुकान किराए पर देने से पहले मकान मालिक द्वारा उनका पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने पर मकान मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। उपमंडल पुलिस ने बिना पंजीकरण यहां रहने वाले बाहरी राज्य के लोगों के पंजीकरण के लिए अब एक प्रवासी पंजीकरण शिविर लगाने का फैसला लिया है। संयुक्त व्यापार संगठन के प्रदेश सचिव सुरेश कौशल ने कहा कि पुलिस प्रशासन से शिविर लगाने का आग्रह किया गया है, ताकि सभी बाहरी राज्य के लोगों का पंजीकरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से आए हुए कई लोग बिना रजिस्ट्रेशन के शहर में व्यापार कर रहे हैं। शहर में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए बिना पंजीकरण के रह रहे लोगों की जांच करवाई जाए, जिसको लेकर डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण को ज्ञापन सौंपा गया।
** बंजर भूमि से एक साल में कमाए चार लाख पधर/कृष्ण भोज: मंडी जिला के किसान कड़ी मेहनत एवं सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं से सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं। पधर उपमंडल के गांव मसेरन के दुनी चंद ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं को अपनाकर खेती से एक साल में ही लगभग 4 लाख की कमाई अर्जित की है। हिन्दुस्तान साल्ट लिमिटेड से वर्ष 2020 में सेवानिवृत होने के बाद पेंशन न होने के कारण जब उनके पास परिवार के भरण-पोषण का कोई जरिया न रहा तो वह खेती करके आय का स्रोत ढूंढने लगे। परन्तु बंदरों, आवारा पशुओं और जंगली जानवरों द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने के कारण इसमें सफल नहीं हो पाए। ऐसी मायूसी में जब उन्हें एक किसान जागरूकता शिविर में कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी मिली तो उन्होंने खेतों की बाड़बंदी के लिए आवेदन किया। उनका आवेदन स्वीकार होने पर मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना से उनकी 4 बीघा जमीन की बाड़बंदी हो गई। इसके उपरांत खेती का कार्य शुरू करने पर उन्होंने पक्षियों और ओलों से फसल को बचाने के लिए कृषि उत्पाद संरक्षण योजना से एंटी हेलनेट लगवाया और बेमौसमी सब्जी उत्पादन के लिए पॉलीहाऊस भी लगवा लिया। दुनी चंद का कहना है कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्होंने ऐसी जमीन पर जिस पर खेती करने से अभी तक शून्य कमाई हो रही थी, वहां एक साल में ही 4 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर ली। उन्होंने पॉलीहाऊस में विभिन्न बेमौसमी फसलें, एंटी हेलनेट में प्राकृतिक खेती से मौसमी सब्जियां तथा कोदरा, माह और मक्की की खेती की। खेतों में काम करने के लिए उन्होंने दो लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है।दुनी चंद ने बताया कि वह कृषि विभाग से मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना, मुख्यमंत्री नूतन पॉलीहाऊस योजना और कृषि उत्पादन संरक्षण योजना का लाभ लेकर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इससे पहले खेती से कोई आय नहीं हो रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार की योजनाएं उनके लिए वरदान साबित हुई हैं। वर्तमान में उन्होंने पॉलीहाऊस में टमाटर, खीरा और शिमला मिर्च की फसल उगाई है। नेट के अन्दर टमाटर लगाया है। खेत में तैयार सभी सब्जियां व अन्य फसलें खेत में ही बिक जाती हैं। दुनी चंद ने खेती से अच्छी आय होने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को अपनाने से खेती करके अच्छी आय अर्जित करने में सफल हुए हैं। उन्होंने किसानों, बागवानों और बेरोजगारों से अपील करते हुए कहा कि वे कृषि प्रोत्साहन योजनाएं अपनाकर उनका भरपूर लाभ उठाएं। इससे वे मेरी तरह अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं। द्रंग के कृषि विषयवाद् विशेषज्ञ सोनम कुमारी ने बताया कि दुनी चंद को मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत 2,19,459 रुपए और मुख्यमंत्री नूतन पॉलीहाउस योजना में 1,40,649 रुपए कृषि उत्पादन संरक्षण योजना में 1,00,800 रुपए तथा पॉलीहाउस हाउस नवीकरण के तहत 20,482 रुपए का अनुदान प्रदान किया गया है। कृषि विभाग खंड द्रंग के ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक ललित कुमार ने बताया कि आत्मा परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती की जानकारी दी जाती है। प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत किसानों को लाभ प्रदान करने के साथ ही दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाता है प्राकृतिक खेती के लिए प्लास्टिक ड्रम 200 लीटर 75 प्रतिशत उपदान पर किसानों को दिया जाता है। देसी गाय साहीवाल आदि के लिए 50 प्रतिशत उपदान, गौशाला का फर्श पक्का करने, जिसमें देसी गाय का गोबर गोमूत्र इकट्ठा कर लें, उसके लिए 80 प्रतिशत उपदान तथा प्रदर्शनी प्लांट में किसानों को फ्री बीज बांटा जाता है।
** टेस्ट करवाने के बाद लौट वापस घर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की तबीयत एक बार फिर खराब हो गई है। आज सुबह स्वास्थ्य जांच के लिए सीएम सुक्खू आईजीएमसी अस्पताल शिमला पहुंचे। जहां डॉक्टरों द्वारा उनका हेल्थ चेकअप किया गया एवं जरूरी टेस्ट लिए और उसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। दरअसल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज शनिवार सुबह 6 बजे आईजीएमसी अस्पताल पहुंचे। उन्हें पेट दर्द की शिकायत थी, जिसके चलते वो जांच के लिए अस्पताल आए थे। जहां सीएम का अल्ट्रासाउंड किया गया और जरूरी टेस्ट किए गए, जिसके बाद उन्हें वापिस भेज दिया गया। गौरतलब है कि पिछले साल भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बीमार हो गए थे। उन्हें पेट में दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद वो 25 अक्टूबर को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल शिमला में एडमिट रहे थे। उसके बाद भी जब उनकी तबीयत ठीक नहीं हो पाई थी तो वो इलाज के लिए एम्स दिल्ली चले गए थे और 27 अक्टूबर से लेकर 10 नवंबर तक एम्स में एडमिट रहे थे। सीएम सुक्खू एम्स में 15 दिनों तक एडमिट रहे थे। जहां से सेहत में सुधार होने के बाद सीएम सुक्खू वापस हिमाचल प्रदेश लौट आए थे। हालांकि फिलहाल आईजीएमसी के डॉक्टरों ने बताया कि सीएम सुक्खू का स्वास्थ्य ठीक है और डॉक्टरों द्वारा इसे एक रूटीन चेकअप बताया जा रहा है।
** 300 यूनिट से ज्यादा खर्च करने पर सब्सिडी बंद हिमाचल में 90 हजार करोड़ कर्ज के बोझ के नीचे दबी प्रदेश सरकार ने आर्थिक सेहत सुधारने के लिए लोगों की जेब से पैसा निकालना शुरू कर दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले जिस कांग्रेस में लोगों को 300 यूनिट फ्री बिजली देने की गारंटी दी थी। प्रदेश की सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बनी उसी कांग्रेस की सरकार ने उपभोक्ताओं को महंगाई का करंट देना शुरू कर दिया है। महंगाई का ये झटका अक्टूबर से 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं की जेब को लगेगा। ये इसलिए कि सुक्खू सरकार ने 300 से ज्यादा यूनिट बिजली खर्च होने पर सब्सिडी बंद करने का फैसला लिया है। इस बारे में सरकार के आदेशों के बाद हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग को टैरिफ बढ़ाने के लिए पत्र लिखा हैं। ऐसे में अब सरकार के फैसले के बाद घरेलू उपभोक्ताओं को 300 से ज्यादा यूनिट बिजली खर्च करने पर पहले के मुकाबले अब महंगी बिजली मिलेगी। बिजली बेचकर देश के दूसरे राज्यों को रोशन करने वाले ऊर्जा राज्य हिमाचल में ही उपभोक्ताओं को अगले महीने से बिजली महंगी मिलेगी। प्रदेश में अभी 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1.03 रुपये सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को 300 यूनिट से ज्यादा बिजली की खपत करने पर 5.22 रूपये का टैरिफ लगता है, लेकिन प्रदेश सरकार की वित्तीय हालत ठीक नहीं है। ऐसे में सरकार ने अब अधिक बिजली खर्च करने पर दी जाने वाली 1.03 रुपये यूनिट सब्सिडी को खत्म करने का फैसला लिया है। इस तरह से अब 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च होने पर टैरिफ बढ़कर 6.25 रुपये हो जाएगा। यानी इस दर से अधिक बिजली खर्च करने पर घरेलू उपभोक्ताओं को बिल थमाया जाएगा। अब अगर उपभोक्ता महंगाई की मार से बचना चाहते हैं तो उन्हें बिजली की अधिक खपत पर नियंत्रण रखना होगा, ताकि हर महीने बिजली के यूनिट 300 से कम रहे। तभी उपभोक्ता महंगाई की मार से बच पाएंगे। सरकार की बिजली महंगी करने का फैसला अक्टूबर महीने से प्रभावी हो जाएगा। प्रदेश में 300 से अधिक यूनिट बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 92 हजार से अधिक है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 780 मेगावाट की जंगी थोपन पोवारी जलविद्युत परियोजना को एचपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपने की मंजूरी दी गई। 1630 मेगावाट की रेणुकाजी और 270 मेगावाट की थाना प्लाउन पंप स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाओं को हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पक्ष में आवंटित करने का भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (डॉ.) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में एक कैबिनेट उप समिति के गठन को मंजूरी दी, जिसमें ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और आयुष मंत्री यदविंदर गोमा शामिल होंगे। रोगी कल्याण समितियों को मजबूत करने के लिए सिफारिशें प्रदान करना। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को पोस्ट कोड 903 और 939 के परिणाम घोषित करने के लिए अधिकृत किया है, जबकि जांच और अदालती कार्यवाही के अंतिम परिणाम आने तक पोस्ट कोड 903 के तहत पांच पद और पोस्ट कोड 939 के तहत छह पद खाली रखे हैं। इसने शैक्षणिक अनुसंधान को बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से सोलन में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को राज्य स्तर पर स्कूल और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए शीर्ष संस्थान के रूप में पदोन्नत करने को भी मंजूरी दे दी। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने शिक्षकों के लिए व्यावसायिक विकास प्रदान करने के लिए 12 जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों (डीआईईटी) को मजबूत करने का निर्णय लिया। 'डॉ.' के लाभों को बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। 'यशवंत सिंह परमार ऋण योजना' विदेशी शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने के इच्छुक पात्र मेधावी छात्रों के लिए है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार एक प्रतिशत की ब्याज दर पर शैक्षिक ऋण प्रदान करती है। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा और सिरमौर जिले के सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दे दी, जिससे उन्हें आधुनिक देखभाल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। देहरा में एचपीएसईबीएल के अधीक्षण अभियंता और खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। वन विभाग में सहायक वन रक्षकों के 100 रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया गया। मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 33 पद भरने को मंजूरी दी गई। इसमें लाहौल-स्पीति जिले के सिस्सू में एक नया पुलिस स्टेशन खोलने के साथ-साथ इसे कार्यात्मक बनाने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 18 पदों के सृजन और भरने पर सहमति व्यक्त की गई। चम्बा जिले के हटली में नई खुली पुलिस चौकी के लिए विभिन्न श्रेणियों के छह पद सृजित करने और भरने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा, जिला जेल मंडी में पुलिस उपाधीक्षक के दो पद, डिस्पेंसर का एक पद, सहायक निदेशक (जीव विज्ञान और सीरोलॉजी) का एक पद और गृह में प्रयोगशाला सहायक (रसायन विज्ञान और विष विज्ञान) के तीन पद भरने का भी निर्णय लिया गया। विभाग। हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता कार्यालय में विभिन्न श्रेणियों के 10 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में शिमला जिले के शोघी और सोलन जिले के कसौली, जाबली, बरोटीवाला, नालागढ़ और बद्दी के ईएसआई स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा अधिकारी (दंत) के छह पद सृजित करने और भरने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने अपनी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए फोरेंसिक सेवा विभाग को छह मोबाइल फोरेंसिक वैन प्रदान करने की मंजूरी दे दी।
मंडी: विद्युत बिल की अदायगी में लेट लतीफी बरतने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ महकमा शीघ्र ही कार्रवाई अमल में लाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति काट दी जाएगी, जिसके लिए महकमे ने उपभोक्ताओं को 25 सितंबर से पहले विद्युत बिल जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। विद्युत विभाग उप मंडल पधर के सहायक अभियंता नितिन चंदेल ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने अपने विद्युत बिल अभी तक जमा नहीं कराए हैं। 25 सितंबर से पहले जमा करवाएं। उसके बाद बिना किसी सूचना के आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
** पधर: पनारसा, गोहर, पधर और सदर जॉन ने जीते वॉलीबॉल मुकाबले ** खोखो में बल्ह ने धर्मपुर और करसोग ने माहूंनाग जॉन हराया **कबड्डी में सुंदरनगर, पनारसा, सदर, बल्ह, जोगेंद्रनगर और साइगलू जॉन जीते पधर: नेता जी सुभाष चंद्र मेमोरियल उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर में आयोजित की जा रही अंडर-19 छात्र वर्ग जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के दूसरे दिन एक से बढ़कर एक रोचक मुकाबले दर्शकों को देखने को मिले। दूसरे दिन वॉलीबॉल, कबड्डी और खोखो के मुकाबले हुए। जिला स्कूली क्रीडा संगठन (डीएसएसए) मंडी के एडीपीओ सुखदेव ठाकुर ने कहा कि गुरुवार को हुए वॉलीबॉल मुकाबलों में पनारसा जॉन ने जोगेंद्रनगर, गोहर ने लडभड़ोल, पधर ने सराज और सदर ने भराड़ी जोन को शिकस्त दी, जबकि क्वार्टर सेमी मुकाबले में गोहर ने माहूंनाग और साइगलू ने जय देवी जॉन को हरा अगले चरण में प्रवेश किया। वहीं खोखो में करसोग ने बलद्वाड़ा, सदर ने सराज को हराया। क्वार्टर सेमी मुकाबले में बल्ह ने धर्मपुर और करसोग ने माहूंनाग को हरा कर अगले चरण में प्रवेश किया, जबकि कबड्डी के क्वार्टर सेमी मुकाबले में सुंदरनगर ने भराड़ी, पनारसा ने गोहर, सदर ने जयदेवी, बल्ह ने माहूंनाग, जोगेंद्रनगर ने सराज, साइगलू ने करसोग और सदर ने मेजबान पधर जॉन को हराकर सेमी फाइनल में जगह बनाई। शुक्रवार को खिलाड़ियों के अन्य रोचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। शनिवार 21 सितंबर को प्रतियोगिता का समापन होगा, जिसमें पूर्व सीपीएस एवं पूर्व विधायक सुंदरनगर सोहनलाल ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
** हिमाचल में उपजे विवाद से करवाया अवगत ** सीएम को फोन कर घटनाओं को रोकने के केसी वेणुगोपाल ने दिए निर्देश हिमाचल प्रदेश के शिमला में मस्जिद विवाद के बाद पूरे प्रदेश में हिंदू संगठनों द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन किए जा रहे है। प्रदेश भर में मस्जिदों के बाहर नारेबाजी की जा रही है, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है। वही इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष इकबाल मुहमद की अगवाई में एक मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली पहुचा, जिसमे कई मस्जिदों के इमाम भी शामिल थे । प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी से मुलाकात की और उन्हें प्रदेश की स्थिति से अवगत करवाया ओर कहा कि हिमाचल में खास कर एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है आए दिन मस्जिदों के बाहर प्रदर्शन किए जा रहे है, जिससे मुस्लिम समुदाय में डर का माहौल बनाया जा रहा है और माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। वही इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रतिनिधि मंडल को कांग्रेस महासचिव कैसी वेणुगोपाल के पास लेकर पहुचा और हिमाचल में एक समुदाय के खिलाफ हो रही घटनाओं को रोकने की अपील की। वही मौके से ही वेणु गोपाल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह से फोन पर बात की और इन घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए। केसी वेणुगोपाल ने आश्वासन दिया कि कॉंग्रेस पार्टी आपसी सौहार्द के लिए प्रतिबद्ध है और राहुल गॉंधी के मुहब्बत के नारे के साथ न्याय करने के लिए पुरज़ोर कोशिश कर रही है।
** प्राइवेट होटलों में दिया जा रहा डिस्काउंट हिमाचल प्रदेश में अब बर्फ से ढकी चोटियां पर्यटकों को आकर्षित करने लगी हैं। लाहौल-स्पीति और मनाली की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिसके चलते पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी है। जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में अब ऑक्यूपेंसी 30 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। इसके अलावा अन्य राज्यों से आने वाले टूरिस्ट व्हीकल का आंकड़ा भी 500 के पार हो गया हैं। इस वीकेंड में पर्यटन कारोबारियों को ऑक्यूपेंसी बढ़ने की उम्मीद है। अन्य राज्यों से मनाली पहुंचने वाली लग्जरी बसें का आंकड़ा 35 के पार हो गया। वहीं, रोहतांग पास में भी पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी है। बीते दिन भी लगभग 115 टूरिस्ट व्हीकल रोहतांग पहुंचे। इसके अलावा सैलानियों को कुल्लू-मनाली के निजी होटलों में 30 से 40 प्रतिशत तक डिस्काउंट दिया जा रहा है। वहीं, पर्यटन कारोबारी भी दशहरा सीजन को लेकर आकर्षक पैकेज बनाने में जुट गए हैं। मनाली के पर्यटन कारोबारी दलीय, चुनी लाल, प्रताप व प्रेम ने बताया कि बीते दिन मनाली में पर्यटकों की बाहरी राज्यों से 35 लग्जरी बसें पहुंचीं। बरसात के चलते पर्यटन कारोबार चौपट गया था। सितंबर के पहले सप्ताह में लग्जरी बसों की संख्या 10 तक रह गई थी। इससे पहले अगस्त में मनाली के होटलों में ऑक्यूपेंसी 15 प्रतिशत थी, जो कि अब 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि इस वीकेंड पर इसमें और ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है। मनाली में अब पर्यटन कारोबारी नवरात्रि की तैयारी में जुटे है। स्नो वैली रिजॉर्ट के एमडी विम्पी बक्शी, मनाली ग्रैंड के मैनेजर हैप्पी, ग्लेशियर रिजॉर्ट के मैनेजर किशन व माहीन काटेज के मैनेजर राजू ने बताया कि कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान पर्यटन कारोबार में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि निजी होटलों में 30 से 40 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। होटल एसोसिएशन मनाली के उपाध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि इस बार दशहरा सीजन बेहतर चलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मनाली के पर्यटन कारोबारी दशहरा व दिवाली सीजन की तैयारी में जुट गए हैं।
** न्यायमूर्ति राजीव शकधर की सिफारिश निरस्त शिमला: पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। इससे पूर्व न्यायमूर्ति राजीव शकधर को हिमाचल हाईकोर्ट का सीजे नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी। इस सिफारिश को अब निरस्त किया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया के नाम की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को वर्ष 2011 में 30 सितंबर को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इस समय हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव हैं। न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव का स्थानांतरण हुआ है। उनके स्थान पर नया सीजे नियुक्त होना है। इसके लिए पहले न्यायमूर्ति राजीव शकधर के नाम की सिफारिश हुई थी। न्यायमूर्ति राजीव शकधर इसी साल 18 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट से सेवानिवृत हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने इसी साल 11 जुलाई को राजीव शकधर के नाम की सिफारिश हिमाचल हाईकोर्ट के सीजे के तौर पर की थी। उस सिफारिश को अब निरस्त किया गया है। अब नई सिफारिश के अनुसार न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को नियुक्त करने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार से ये सिफारिश की है कि न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को 18 अक्टूबर को न्यायमूर्ति राजीव शकधर की रिटायरमेंट के बाद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाए। यहां बता दें कि हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति एमएस रामचन्द्र राव ने मई 2023 में कार्यभार संभाला था। पिछली सिफारिश के तहत उन्हें झारखंड के मुख्य न्यायाधीश बनाने की बात कही गई थी। तब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के सात राज्यों में हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की थी।
** प्रदेशभर में खोले 19 खरीद केंद्र हिमाचल में खरीफ सीजन में तैयार हो रही धान की फसल को बेचने के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। किसानों को घर द्वार पर धान की फसल बेचने की सुविधा मिल सके, इसके लिए सरकार ने 19 खरीद केंद्र खोले हैं। इन केंद्रों में किसान अपनी सुविधा के मुताबिक धान की फसल को बेच सकते हैं। यही नहीं किसान समय पर अपनी फसल को बेच सके, इसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने धान की फसल की खरीद करने के लिए बुकिंग का पोर्टल भी खोल दिया हैं। इस तरह से किसान धान की फसल बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। धान की खरीद के लिए पोर्टल खुलने के साथ ही किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। विभाग ने किसानों का पंजीकरण करने के लिए hpappp.nic.in पोर्टल का लिंक तैयार किया हैं। हिमाचल में किसानों से सरकार धान की फसल खरीदेगी। विभाग के इस पोर्टल पर धान खरीद से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध है। प्रदेश भर में स्थापित किए गए 19 केंद्रों में 10 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक धान की खरीद की जाएगी। किसानों की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए सरकार ने अबकी बार धान की फसल का खरीद मूल्य 2320 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। हिमाचल प्रदेश में धान खरीद के लिए 19 केंद्र बनाए गए है। इसमें एचपीएससीएससी चिड़गांव जिला शिमला, अनाज मंडी फतेहपुर, पांवटा साहिब धौलाकुंआ जिला सिरमौर, एपीएमसी रामपुर, मलपूर बद्दी जिला सोलन, रियाली, एचपीएससीएससी गोडाऊन कवार, एचपीएससीएससी गोडाऊन सलूणी जिला चंबा, एचपीएससीएससी गोडाऊन शिलाई, एचपीएससी एससी गोडाऊन तीसा, मार्केट यार्ड नालागढ़, एचपीएससीएससी गोडाऊन ददाहू, एचपीएससीएससी गोडाऊन हरिपुरधार जिला सिरमौर, मार्केट यार्ड टकारला, मीलवां, नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा, रियाली, औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल जिला ऊना में धान खरीद केंद्र बनाए हैं।
मंडी/डिंपल शर्मा: चोलथरा आर्य समाज के संस्थापकों में से एक बंसी लाल आर्य का पिछले कल निधन हो जाने से आर्य समाज तथा उनके अपने क्षेत्र में शोक की लहर है । 88 वर्षीय बंसी लाल आर्य हमेशा आर्य समाज पद्धति के पक्षधर रहे और उन्होंने आर्य समाज के नियमों में रहकर कट्टर आर्य समाजी बनकर अपना जीवन जिया। बंसी लाल आर्य, आर्य समाज चोलथरा के मुख्य संस्थापक गोविंद राम आर्य के सबसे छोटे भाई थे। बंसी लाल आर्य काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। कल उन्होंने पंचकुला के सरकारी अस्पताल में अंतिम सांस लेते हुए अपनी संसारिक यात्रा पूरी की। आज उनके पैतृक गांव कोठी में डी ए वी ग्रयोह के शास्त्री कमलेश आर्य ने वैदिक रीति नीति से उनका दाह संस्कार संपन्न करवाया । उनके पार्थिव शरीर को उनके पुत्र विजय कुमार, संजय कुमार तथा दीप कुमार आर्य ने मुखाग्नि दी। उनके निधन पर धर्मपुर के विधायक चंद्र शेखर, भाजपा नेता रजत ठाकुर, बीडीसी सदस्य विजय कुमार, प्रधान मेहर चंद, उप प्रधान विजय बनयाल पूर्व बीडीसी कुसुम वर्मा, पूर्व बीडीसी एवं समस्त गायत्री परिवार, पुरोहित संजीव कुमार, सुरेश ठाकुर, मुंडखर प्रधान गोवर्धन सिंह ठाकुर, मुख्य सलाहकार खूब सिंह पंडवाल, सह मीडिया प्रभारी प्रवीण वर्मा, ग्राम पंचायत सरौन प्रधान पवन ठाकुर, मनसा आर्य, वेद प्रकाश, सत्य प्रकाश, कमलेश, सीता वर्मा, कुसमी आर्य, सरवन सिंह, रमेश राणा, अर्जुन सिंह, महिला मंडल प्रधान शीला ठाकुर, डॉक्टर दिनेश ठाकुर, संजीव आर्य, शांता आर्य, शीला आर्य, कांता आर्य, राजीव, बीरी सिंह, चोलथरा बाजार एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष बिहारी लाल ठाकुर ने गहरी संवेदना प्रकट की है।
हिमाचल प्रदेश के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुंदरनगर में आयोजित अंडर-14 छात्र एवं छात्रा वर्ग खेलकूद प्रतियोगिता में चौहारघाटी के देव पशाकोट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरोट के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए हैंडबॉल ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। बेहतर प्रदर्शन रहने पर स्कूल की सात खिलाड़ी छात्राओं और एक छात्र का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। प्रधानाचार्य राज कुमार ने बताया कि हैंडबॉल प्रतियोगिता में स्कूल की खिलाड़ी छात्राएं जिला स्तर पर विजेता रही। वही 200 मीटर दौड़ में खिलाड़ी सलोचना ने दूसरा और लॉन्ग जंप में प्रथम स्थान हासिल किया। खिलाड़ी दिया ने शॉट पुट में प्रथम और चक्का फेंक में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि खिलाड़ी छात्र नितिन सकलानी ने 400 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया। पाठशाला प्रधानाचार्य राजकुमार और स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष वंदना ठाकुर ने विजेता खिलाड़ी छात्र-छात्राओं, डीपीई हुक्म चंद और पीईटी राजकुमार सहित अन्य स्टाफ को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
हिमाचल प्रदेश के जो युवा पुलिस कांस्टेबल बनने की इच्छा पाले हुए हैं, उनके लिए एक सुख की खबर है। हिमाचल प्रदेश राज्य लोकसेवा आयोग जल्द ही कांस्टेबल के करीब 1250 पदों की भर्ती विज्ञापित करने वाला है। इसके लिए प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इस तरह एक साल बाद इंतजार खत्म होने वाला है। सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने 14 सितंबर 2023 को 1226 पद भरने के कैबिनेट में फैसला लिया था। उसके बाद कई अड़चनों के कारण भर्ती नहीं हो सकी। बाद में पदों की संख्या भी बढ़ाई गई और आयु सीमा में भी छूट दी गई। पहले ये भर्ती पुलिस विभाग अपने स्तर पर करता था, लेकिन पूर्व की जयराम सरकार के समय हुए विवाद के बाद पुलिस मुख्यालय ने भर्ती प्रक्रिया से हाथ खींच लिया था। उसके बाद भर्ती का जिम्मा राज्य लोकसेवा आयोग को दिया गया। आयोग ने इसके लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार करने का फैसला लिया। इसके लिए आयोग ने एनआईसी (नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर) की मदद ली है। ये सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है। आयोग ने इस सॉफ्टवेयर को विभिन्न स्तरों पर परखा है। अब लोकसेवा आयोग इस सॉफ्टवेयर की प्रक्रिया से संतुष्ट है और जल्द ही पदों को विज्ञापित किया जाएगा। विज्ञापन के समय भर्ती संबंधी सभी शर्तों को जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि इसी महीने के अंत में पद विज्ञापित हो जाएंगे। हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग पहली बार क्लास थ्री पदों पर भर्ती कर रहा है। पुलिस कांस्टेबल के ये पद क्लास थ्री के तहत आते हैं। आयोग के चेयरमैन कैप्टन रामेश्वर सिंह ठाकुर खुद आईपीएस रह चुके हैं। वे भारतीय सेना में कैप्टन भी रहे है। अपनी स्वच्छ छवि, भारतीय सेना की बैकग्राउंड और आईपीएस अफसर की सेवा के अनुभवों के कारण कैप्टन रामेश्वर सिंह ठाकुर फूल प्रूफ सिस्टम तैयार करने में विश्वास रखते हैं। वे तकनीकी मामलों में भी सिद्धहस्त हैं इसलिए किसी भी प्रकार के सॉफ्टवेयर की जानकारी रखते हैं। उनकी अगुवाई में आयोग पहली बार क्लास थ्री पदों की भर्ती कर रहा है। ऐसे में युवाओं में भी आयोग की भर्ती प्रक्रिया में भरोसा है। इस बार सुखविंदर सिंह सरकार ने कांस्टेबल भर्ती में महिलाओं का कोटा बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया है। महिला कांस्टेबल के कुल 292 पद होंगे। इस बार की भर्ती में ग्राउंड टेस्ट में 100 मीटर दौड़ को भी जोड़ा गया है। आयु सीमा में एक साल की छूट दी गई है। इसके अलावा पुरुष कांस्टेबल के पदों की संख्या 870 रहेगी। चालकों सहित अन्य पद भी भरे जाने है। राज्य सरकार ने इस साल जून महीने में हुई कैबिनेट भर्ती में 1226 पदों में 30 पद और जोड़े हैं। पहले ये पद जिलावार विज्ञापित होते थे और जिलावार ही भर्ती भी होती थी, लेकिन इस बार भर्ती स्टेट वाइज होंगीं। इस भर्ती में पूर्व की तरह ही फिजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट्स की जांच आदि भी पुलिस ही करेगी।
शिमला: विधानसभा मानसून सत्र के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया ने अतारांकित प्रश्न संख्या 996 में आयुष मंत्री से सवाल पूछा था कि अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकार कितनी धनराशि ईनाम के तौर पर प्रदान कर रही है। खिलाड़ियों को दैनिक भत्ते के रुप में कितनी धनराशि और अन्य कौन-कौन सी सुविधाएं सरकार की ओर से प्रदान की जाती हैं। सरकार की ओर से लिखित जानकारी में बताया गया कि हिमाचल प्रदेश में खिलाड़ियों के लिए स्वर्ण जयंती खेल नीति-2021 बनाई गई है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकार की ओर से इनाम राशि प्रदान की जा रही है। हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों को विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए दैनिक भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। खिलाड़ियों को रोजाना डाईट मनी भी दी जाती है। खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों को डाईट राशि 250 रुपये प्रतिदिन की दर से निर्धारित की है। खिलाड़ियों को विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 200 किलोमीटर की दूरी की यात्रा के लिए थर्ड एसी के किराये की प्रतिपूर्ति की जाती है। 200 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी के लिए इकॉनमी क्लास की हवाई यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही है। विभिन्न श्रेणी के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के अर्न्तगत विभिन्न सरकारी विभागों/ बोर्डों/निगमों में 3 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। वर्ष 1999 से अब तक कुल 889 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उक्त योजना के अर्न्तगत रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को बीमा चिकित्सा सुविधा एवं खेल किट इत्यादि प्रदान की जा रही है। विभाग में खिलाड़ी कल्याण कोष की स्थापना की गई है, जिसके अर्न्तगत अर्न्तराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्पर्धाओं में प्रशिक्षण प्राप्त करते समय यदि किसी खिलाड़ी को चोट लगती है तो उसे 10 हजार से 25 हजार रूपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
** मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट ** 24 सितंबर के बाद मॉनसून की विदाई की संभावना हिमाचल प्रदेश में अभी मॉनसून की बौछारों से राहत मिलने के आसार नही है। भले ही प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, बावजूद इसके सितंबर माह में जमकर बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 18-19 सितंबर को येलो अलर्ट जारी किया है। 20 सितंबर के बाद बारिश के इस क्रम से राहत मिलने की संभावना है, लेकिन मध्यवर्ती क्षेत्रों में 24 सितंबर तक कुछ क्षेत्रों में मौसम विज्ञान केंद्र ने बारिश की संभावना जताई है। वहीं प्रदेश से मानसून की विदाई 24 सितंबर के बाद होने की संभावना है।राजधानी में आज दिनभर बादलों की लुक्का छिप्पी जारी रही और रुक रुक कर हल्की वर्षा होती रही मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने कहा कि गत 24 घण्टों के दौरान सोलन, सिरमौर, मंडी, बिलासपुर, शिमला व कांगड़ा में हल्की बारिश दर्ज की गई है।
** 283 करोड़ की लागत बनकर होगा तैयार जिला कुल्लू में विरोध के बावजूद भी बिजली महादेव रोपवे को वन संरक्षण अधिनियम (FCA) के तहत पहले चरण की अनुमति मिल गई है।अनुमति मिलते ही अब रोपवे बनने का रास्ता साफ हो गया है। रोपवे का निर्माण नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड करेगी। निर्माण कंपनी को काम अवार्ड कर दिया गया है। वहीं, अब जिला कुल्लू की खराहल घाटी में स्थित बिजली महादेव मंदिर तक पहुंचने के लिए लोगों को ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से दो-चार नहीं होना पड़ेगा और पर्यटक भी आसानी से यहां पहुंच पाएंगे। एफसीए के तहत परमिशन मिलने के बाद अब जल्द यहां पर रोपवे तैयार किया जाएगा. वहीं, रोपवे के बन जाने से घाटी के पर्यटन को भी पंख लगेंगे। इस रोपवे के बनने से 36 हजार पर्यटक एक दिन में बिजली महादेव के दर्शन कर सकते हैं और यहां के पर्यटन को भी इससे काफी लाभ होगा। दशकों से लटके बिजली महादेव प्रोजेक्ट को अब जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। इसके लिए काम किया जा रहा है। ऐसे में कुल्लू जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ये एक अहम कड़ी का काम करेगा। पांच मार्च 2024 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वर्चुअल हमीरपुर से रोपवे का भूमि पूजन किया गया था। रोपवे बन जाने के बाद पर्यटक बिजली महादेव का सफर आसानी से कर सकेंगे। रोपवे ब्यास नदी के किनारे नेचर पार्क मौहल के साथ बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 2.33 किलोमीटर होगी। अभी तक बिजली महादेव के दर्शन करने के लिए 25 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार बिजली महादेव का दौरा तब किया गया था, जब वह प्रदेश भाजपा के प्रभारी थे। उन्होंने चार जून 2000 को बिजली महादेव मंदिर में माथा टेका था। पांच नवंबर 2017 को वह कुल्लू आए थे। इस दौरान एक जनसभा में बिजली महादेव का जिक्र भी किया था। बिजली महादेव मंदिर के लिए रोपवे बनाने का उनका ये सपना जल्द पूरा होने वाला है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि बिजली महादेव रोपवे के बन जाने से स्थानीय लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा। कुल्लू से वाया रामशिला होते हुए रास्ते में जिन लोगों की दुकानें, ढाबे, होटल, रेस्तरां आता है, उन सभी को रोजगार चौपट हो जाएगा। इसके अलावा रोपवे के लिए पेड़ों का भी कटान किया जाएगा, जिससे पर्यावरण पर प्रभाव पड़ेगा, जबकि इसका लाभ बड़ी कंपनी को मिलेगा। इसके लिए ग्रामीणों ने कई बार रोपवे के विरोध में प्रदर्शन किया है।
** न्यू शिमला पुलिस थाना भी पैदल हाल ही में हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सेशन संपन्न हुआ है। इस बार सेशन में 480 तारांकित व 299 अतारांकित सवाल पूछे गए। वहीं, सेशन में सरकार ने कुल 25 बिल पारित किए हैं। कांगड़ा जिले की इंदौरा विधानसभा से कांग्रेस विधायक मलेंद्र राजन ने 10 सितंबर को 999 प्रश्न संख्या (क) के तहत मुख्यमंत्री सीएम सुक्खू से प्रदेश के पुलिस थानों में स्थायी वाहनों को लेकर सवाल किया। विधायक ने सीएम से डिटेल मांगी थी कि प्रदेश में ऐसे कितने पुलिस थाने हैं, जिनके पास स्थायी वाहन नहीं है। अपने एक अन्य सवाल में विधायक ने पूछा था कि क्या यह सत्य है कि पुलिस थाना इन्दौरा में स्थायी वाहन नहीं है, यदि हां तो वाहन कब तक उपलब्ध करवाया जाएगा। सीएम सुक्खू ने इन दोनों प्रश्नों का जवाब देते हुए डिटेल दी और कहा प्रदेश में कुल 23 पुलिस थाने ऐसे हैं जिनके पास स्थाई वाहन नहीं है। दूसरे सवाल के जवाब में सीएम ने कहा जी हां पुलिस थाना इन्दौरा के पास अपना स्थायी वाहन नहीं है। पुलिस थाने को वाहन उपलब्ध करवाने के लिए मामला प्रगति पर है।
रुके लाभ जारी न होने के विरोध में 23 को सरकाघाट से भेजेंगे मांगपत्र और 10 अक्टूबर को मंडी में होगा विरोध मनरेगा एवं निर्माण मज़दूर यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने राज्य श्रम कल्याण उप कार्यालय सरकाघाट में बोर्ड के रुके कार्यों को पुनः बहाल करने के लिए बोर्ड के फैसलों को जल्द लागू करने बारे बोर्ड कर्मचारियों से चर्चा की। जिसका नेतृत्व सीटू के ज़िला प्रधान व श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्य भूपेंद्र सिंह ने किया। बोर्ड सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मंडी ज़िला में सबसे ज्यादा मज़दूर धर्मपुर खण्ड के बोर्ड से पंजीकृत हैं जिनकी संख्या 19 हज़ार से अधिक हैलेकिन पिछले दो साल बोर्ड का काम लगभग बन्द रहा और मनरेगा मज़दूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण रोक दिया गया था लेकिन अब ये रोक हट गई है इसलिए सीटू से सबंधित यूनियन ने अगले एक महीने में पात्र मजदूरों का नवीनीकरण करवाने के लिए क्षेत्र स्तर पर शिविर आयोजित करने की योजना बनाई है।जिसके चलते 16 सितंबर को कांगो का गहरा 17 को सजाओपीपलु 19 को लखरेहड़ 20 को टिहरा 21 को धर्मपुर 24 को संधोल और 28 को बरोटी में शिविर आयोजित किए जाएंगे,जिनमें नवीनीकरण बारे पूर्ण जानकारी मज़दूरों की दी जायेगी।अगले चरण में अक्टूबर माह में पंचायत स्तर पर भी ऐसे शिविर व बैठकें आयोजित किये जायेंगे ताकि अगले दो महीनों में सभी मजदूरों का नवीनीकरण हो सके।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बोर्ड से पिछले तीन साल की लम्बित वित्तिय सहायता अभी भी सही तरीके से व समय पर जारी नहीं हो रही है और जो आवेदन बोर्ड राज्य कार्यालय शिमला को भेजे जाते हैं उन्हें बार बार ऑब्जेक्शन लगा कर वापिस लौटाया जा रहा है।मंडी ज़िला श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय में 31 हज़ार मज़दूरों के फ़ार्म लंबित पड़े हैं और जो सात हज़ार बोर्ड कार्यालय को स्वीकृति के लिए भेजे थे उन्हें तीसरी चौथी बार वापिस लौटा दिया गया है इसलिए यूनियन बोर्ड की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ 23 सितंबर को सभी खण्डों से बोर्ड को ज्ञापन भेजेगी और 15 दिनों में ये लाभ जारी नहीं होते हैं तो 10 अक्टूबर को मंडी ज़िला के साथ साथ प्रदेश के सभी ज़िलों में बोर्ड के ख़िलाफ़ यूनियन प्रदर्शन करेगी। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने इसके विरोध में गत बोर्ड बैठक की प्रोसिडिंग को भी अनुमोदित नहीं किया है और अध्यक्ष को तीन पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज़ करवाया है लेकिन बाबजूद उसके कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है इसलिए अब मज़बूरी में आंदोलन करने के लिए निर्णय लेना पड़ा है लेकिन यूनियन अभी भी बोर्ड की कार्यप्रणाली को चुस्त दुरुस्त करने और लंबित लाभ जल्द जारी करने की मांग करती है।गत 5 अगस्त को हुई बोर्ड की बैठक में अगले तीन महीने में ये सभी लाभ जारी करने का फ़ैसला हुआ है लेकिन अभी तक मंडी ज़िला के एक भी मज़दूर की वित्तिय सहायता जारी नहीं कि गयी।
पधर(मंडी)। द्रंग मंडल भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 74वां जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भाजपा महामंत्री सुरेश कटारिया की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सिविल अस्पताल पधर में उपचाराधीन रोगियों को फल बांट शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस दौरान मंडल महामंत्री सुरेश कटारिया ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार देश का नेतृत्व कर पूरे विश्व में लोकप्रिय नेता उभर कर सामने आए हैं। उनके कुशल नेतृत्व में भारत विश्व गुरु उभर कर सामने आया है। देश में आम व्यक्ति के लिए कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई है। जिससे समूचे देश की जनता लाभान्वित हुई है। इस दौरान जिला परिषद सदस्य शारदा ठाकुर, महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष सपना ठाकुर, सचिव ममता मितल, अनुसूचित जाति मोर्चा प्रवक्ता राजकुमार, हुसन ठाकुर और कपिल कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से कम बरसा है, लेकिन बीते सप्ताह जमकर बादल बरसे है। 10 से 16 सितंबर के बीच सामान्य से 48 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। इस अवधि में किन्नौर जिले में नॉर्मल से 169 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है और अधिक ऊंची चोटियों पर सीजन पर पहला हिमपात भी हुआ। वहीं सोलन जिले में नॉर्मल की तुलना में 160 प्रतिशत अधिक, शिमला में 139 प्रतिशत ज्यादा, बिलासपुर में 142 प्रतिशत, कांगड़ा में 52 प्रतिशत, कुल्लू में 75 प्रतिशत, मंडी में 87 प्रतिशत और सिरमौर में 66 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। पूरे मानसून सीजन में 18 प्रतिशत कम बारिश पूरे मानसून सीजन की बात करें तो इस बार सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 1 जून से 16 सितंबर के बीच 692.1 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 567.2 मिलीमीटर बादल बरसे हैं। आज धूप, कल बारिश मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में आज भी बारिश के आसार नहीं है और ज्यादातर भागों में आज भी धूप खिलने का पूर्वानुमान है। बुधवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश व बूंदाबांदी हो सकती है। अन्य जिलों में मौसम साफ रहेगा। परसों से यानी 19 से 22 सितंबर तक मौसम साफ रहेगा।
** यूनिवर्सल कार्टन के माध्यम से बागवानों ने 1 करोड़ 11 लाख 92 हजार से अधिक पेटी सेब मंडियों में भेजा यूनिवर्सल कार्टन की व्यवस्था प्रदेश में सेब बागवानी के क्षेत्र में बहुआयामी प्रयास है, जिससे बागवानों के उत्पाद की गुणवत्ता की सुरक्षा के साथ उन्हें बेहतर दाम प्राप्त करने में मदद मिल रही है। सरकार के इस कदम से बागवानों को नई दिशा व आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है। प्रदेश में बागवानों को पैकिंग समाधान की आवश्यकता और सेब की गुणवत्ता को बनाए रखने व बेहतर दामों की आवश्यकता के तहत यूनिवर्सल कार्टन की उपयोगिता कारगर साबित हो रही है। पारम्परिक कार्टन के उपयोग से फसलों को नुकसान की शंका व कीमतें गिरने की समस्या से भी निजात मिलेगी। यूनिवर्सल कार्टन से बागवानों को मानकीकृत, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली पैकिंग सुविधा प्राप्त हुई है जिससे फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई व बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। इससे सेब को होने वाली क्षति से बचाया जा सकता है व गुणवत्ता बनी रहती है। इससे जहां बागवानों को सेब की कीमत तय करने का अधिकार मिला है वहीं बिचौलियों और व्यापारियों की निर्भरता से बागवान का बचाव होगा। यूनिवर्सल कार्टन के माध्यम से बागवान सीधे अपने उत्पाद की पैकिंग बेहतर रूप से करके अधिक मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए विशेष मानक भी निर्धारित किए गए हैं जिसमें आकार, तहों की संख्या, वजन अथवा क्षमता आदि मानकों का पालन कर उच्च गुणवत्ता वाले कार्टनों के माध्यम से फलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा इसे लागू करने के लिए बागवानों का समर्थन, कार्टन की उपलब्धता, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था के माध्यम से कार्टन का सही उपयोग करने के प्रति जानकारी व जागरूकता प्रदान की गई। स्थानीय स्तर पर कार्टन निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहित कर बागवानों को कार्टन उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया। बागवानों की आय में वृद्धि तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सल कार्टन महत्त्वपूर्ण कदम है। अन्य फसलों के लिए भी ये पहल एक आदर्श के रूप में देखा जा रही है। इस वर्ष सेब सीजन के दौरान प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 11 लाख 92 हजार 542 यूनिवर्सल कार्टन से सेब की फसल अभी तक देश की विभिन्न मंडियों में पहुंचाई जा चुकी है। हिमाचल प्रदेश में कृषि उत्पाद विपणन समिति के अन्तर्गत मंडियों द्वारा तथा समितियों के माध्यम से स्थापित नियंत्रण कक्षों एपीएमसी में मंडियों के बाहर से जाने वाले माल के पंजीकरण के तहत अभी तक शिमला एवं किन्नौर समिति में 71 लाख 48 हजार 757, सोलन से 19 लाख 47 हजार 511, कुल्लू एवं लाहौल-स्पिति कृषि उत्पाद विपणन समिति द्वारा 13 लाख 1668 यूनिवर्सल कार्टन के माध्यम से सेब देश की मंडियों में भेजा गया। कांगड़ा विपणन समिति से 5,201, सिरमौर 1312, ऊना समिति द्वारा 918, बिलासपुर 456 तथा हमीरपुर के माध्यम से 1921 व चम्बा कृषि उत्पाद विपणन समिति द्वारा 30 पेटी यूनिवर्सल कार्टन का कारोबार भी किया गया। एचपीएमसी द्वारा भी लगभग 50 हजार यूनिवर्सल कार्टन प्रदेश की विभिन्न मंडियों में भेजे गए हैं।
**MLA अनिल शर्मा बोल, मंडी सौंदर्यीकरण में सुक्खू सरकार से मिल रहा पूरा सहयोग मंडी शहर के छोटा पड्डल मैदान में खेलों इंडिया अभियान के तहत प्रस्तावित इंडोर स्टेडियम के लिए सदर विधायक अनिल शर्मा ने कसरत शुरू दी है। खेल विभाग के नाम जमीन होने के बाद शनिवार को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वास्तुकार विभाग की टीम ने प्रस्तावित जगह का दौरा किया। इस दौरान सदर विधायक अनिल शर्मा टीम के साथ पड्डल ग्राउंड पर पहुंचे और उसके बाद पूरी टीम के साथ विचार विमर्श कर इसका प्रारूप बनाने के लिए दिशा निर्देश दिए। सदर विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि मंडी के पड्डल में आधुनिक इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा, जिसमें लगभग 6 खेल कोर्ट प्रस्तावित हैं, जिसमें वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, हैंड बॉल व बैडमिंटन के कोर्ट शामिल हैं। इसके साथ ही यहां पर पार्किंग स्थल भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बारे में देवता समिति के साथ भी वार्ता हो चुकी है, जिसके तहत मेले के दौरान इंडोर स्टेडियम को देवताओं के लिए खुला रखा जाएगा। अनिल शर्मा ने बताया कि इससे बच्चों को हर मौसम में खेलों से जुड़े रहने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि इंडोर स्टेडियम का प्रस्ताव कैबिनेट से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और जल्द ही इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोटली में बड़े खेल मैदान का कार्य शुरू कर दिया गया है और आने वाले समय में शहर के रघुनाथ के पधर में भी एक बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ने वाली है। वहीं, अनिल शर्मा ने बताया कि वह खेलों के बढ़ावा देने के साथ ही मंडी शहर के सौंदर्यीकरण के लिए भी भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें उन्हें हिमाचल प्रदेश सरकार का सहयोग भी मिल रहा है। विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि पर्यटन विभाग की तरफ से मंडी के कांगनी धार में बनने वाले शिवधाम प्रोजेक्ट के लिए 18 करोड़ की राशि जारी कर दी है। इसके साथ ही सीएम सुखविंदर सिंह ने शिवधाम के लिए अतिरिक्त 125 करोड़ जारी करने की भी बात कही है।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में वर्ष भर तीज त्यौहार हर्षों-उल्लास के साथ मनाए जाते हैं। जिनका अपना विशेष महत्व है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन त्यौहारों की अपनी विशिष्ट पहचान है। जहां ग्रामीण बड़े शौक से इन त्यौहारों के आने की तैयारियां करते हैं। इनमें सायर पर्व एक बड़े त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। मंडी जनपद में सायर पर्व का बड़ा महत्व है। यह त्यौहार बरसात खत्म होते ही अश्विन माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। जिसमें सबसे पहले सायर पूजन होता है। परिवार के सभी सदस्य ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करने उपरांत सैर की पूजा करते हैं। देवताओं को नई फसलों और फल आदि का भोग लगाया जाता। इनमें धान की बाली, भुट्टा (गुल्लू), खट्टा (बड़ी नीबू), ककड़ी और अखरोट आदि की पूजा की जाती है। उसके बाद परिवार के छोटे सदस्य अपने से बड़ों को दृभ देकर आशीर्वाद लेते हैं। मंडी जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे और बड़े सभी सैर की द्रुभ का खासा आनंद लेते हैं। बच्चे टोलियों में निकल कर गांव गांव जाकर द्रुभ देकर बड़ों से आशीर्वाद लेते हैं। सैर त्यौहार की पूर्व संध्या को सग्रांद पर्व मनाया जाता है। जिसमें तरह तरह के व्यंजन पकाकर ग्रामीण एक दूसरे को मेहमानबाजी की दावत देते हैं।
हिमाचल प्रदेश में अब गिफ्ट डीड लैंड पर ही सड़कों का निर्माण नहीं होगा। गिफ्ट डीड का पहले विभाग के नाम पर म्यूटेशन करवाया जाएगा। उसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई शुरू करेगा, ताकि कोई भी लैंड होल्डर बाद में कोर्ट में मुआवजे की मांग न कर सके। इस मामले पर कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सालों पहले लोग गांव में सड़क निर्माण करते समय गिफ्ट डीड पर लैंड देते थे। सालों से ऐसा ही चलता आ रहा था। हमने भी उसी परंपरा का पालन किया। प्रदेश के अधिकतर गांवों में लोक निर्माण विभाग द्वारा गिफ्ट डीड के आधार पर सड़के निकाली गई हैं, लेकिन कई सालों बाद अब लोग इस गिफ्ट डीड से साफ इंन्कार करते हुए मुआवजे के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे है। कोर्ट के आदेशों के बाद प्रदेश सरकार को यह मुआवजा भी देना पड़ रहा है। इस मुआवजे के कारण प्रदेश सरकार की आर्थिक हालत और खराब होती जा रही हैं। प्रदेश के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस तरह के मामले आने के बाद सरकार ने सीख ली है और अब गिफ्ट डीड की गई जमीन पर बिना म्यूटेशन के सड़क नहीं बनाई जाएगी। इसे लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी आदेश जारी किए गए हैं। मंडी जिला के सराज विधानसभा के जंजैहली में सराज टेलेंट एवं टूरिज्म फेस्टिवल के शुभांरभ के मौके पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सराज के जंजैहली में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इस साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी भी बढ़ी है। इस क्षेत्र के लिए अलग से पॉलिसी बनाई जाएगी, ताकि कुल्लू मनाली की तरह इस क्षेत्र को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सके।
प्रदेशभर में हिंदू संगठनों द्वारा अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर आवाज उठाई जा रही है। विश्व हिंदू परिषद ने आज हिमाचल बंद का ऐलान किया है। दोपहर 1:30 बजे तक सभी दुकानें बंद रखने की अपील की है। वहीं, कुल्लू जिले में भी व्यापार मंडल ने आधे दिन के लिए कुल्लू और भुंतर में बंद का आह्वान किया है। मंडी में अवैध मस्जिद को तोड़ने के लिए नगर निगम ने 30 दिन का अल्टीमेटम दिया है, जबकि सुन्नी में आज हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसे देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि कानून व्यवस्था न बिगड़े।
हिमाचल: विश्व सहयोग आर्थिक मंच और ग्रामीण भारत के गैर सरकारी संगठनों के परिसंघ ने पूर्व शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा को वैश्विक पुरस्कार नेताजी सुभाष चंद्र वैश्विक नेतृत्व पुरस्कार से सम्मानित किया है। 13-14 सितंबर को तिब्बती इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स मैक्लोडगंज में देश के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से WCo-OPEF की ओर से आयोजित 'सहकारी आर्थिक ढांचे के माध्यम से असमानता को कम करने के लिए वैश्विक सहमति बनाने पर एशिया-प्रशांत सम्मेलन' में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने उन्हें यह सम्मान दिया है। सार्वजनिक नीति में विधायक सुधीर शर्मा के नेतृत्व और सामाजिक कार्य, खेल और हिमालयी बागवानी में विशेष रुचि से ग्रामीण भारत के विकास के लिए उनकी उत्कृष्ट और अदम्य सेवा के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया। मूल रूप से एक कृषक होने के नाते वे पहाड़ी कृषि के प्रति किसानों की क्षमता निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उन्होंने शहरी विकास के लिए अपनी गहरी सोच के लिए महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त योगदान दिया है। मौजूदा वक्त में सुधीर शर्मा भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। साल 2003 में वे पहली बार विधायक का चुनाव जीते थे। सुधीर शर्मा हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पांचवीं बार के विधायक हैं। राज्य में तत्कालीन वीरभद्र सरकार के दौरान साल 2012 से साल 2017 तक सुधीर शर्मा शहरी विकास मंत्री भी रह चुके हैं। उनके पिता पंडित संत राम राज्य के कद्दावर नेता रहे हैं। विधायक सुधीर शर्मा ने इस सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए इसे धर्मशाला की जनता को समर्पित किया है।
** आधा दर्जन पंचायतों के सैकड़ों लोग हुए धरना प्रदर्शन में शामिल ** विधायक ने सरकार को चेताया, शीघ्र चौकी खोलने की उठाई मांग मंडी के द्रंग की आधा दर्जन पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के बाद द्रंग में पुराने पुलिस थाने के पुराने भवन की नीलामी को स्थगित कर दिया गया है। पंचायत प्रधान टांडू शुभम शर्मा की अगुवाई में आयोजित धरने में ग्राम पंचायत पाली, शीलग, टांडू, मैगल, तरयांबली और कटिंडी के सैकड़ों लोग शामिल हुए। वहीं विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने भी उपस्थिति दर्ज करवाई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि द्रंग में पुलिस चौकी खोलने की मांग को लेकर व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा। अगर तब भी बात नहीं बनी तो आमरण अनशन पर बैठा जाएगा। बता दें कि द्रंग से पुलिस थाना डेढ़ साल पहले पधर शिफ्ट हो गया है। पुलिस चौकी ने द्रंग पुलिस थाना के पुराने भवन को अनसेफ घोषित कर दिया है। पुलिस विभाग द्वारा पुरानी इमारत की लकड़ी, पत्थर और अन्य सामग्री की बोली शुक्रवार को रखी गई थी। लेकिन जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के विरोध पर स्थगित कर दी गई। लोग पुराने पुलिस थाना भवन में चौकी खोलने की मांग कर रहे हैं। धरने की अगुवाई कर रहे टांडू पंचायत प्रधान शुभम शर्मा ने कहा कि यह जनता के संघर्ष की जीत है और आगामी लड़ाई के लिए भी जनता तैयार है। शुभम ने कहा कि पुलिस चौकी सही मायने में स्थानीय पंचायतों की आवश्यकता है। सरकार को जल्द इस बारे अधिसूचना जारी करनी चाहिए। इस मौके पर उपस्थित रहे द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने कहा कि यह आंदोलन अब जन आंदोलन बन गया है। इस बारे व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा। अगर तब भी बात नहीं बनी तो आमरण अनशन पर बैठा जाएगा। इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य कृपाल,पदम आदि मौजूद रहे।


















































