हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के निगुलसरी में हुए भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारणों का अध्ययन करने लिए केंद्र सरकार की कई टीमें पहुंची है। जियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया के भू-वैज्ञानिक भूस्खलन का अध्ययन करे रहे हैं। गौरतलब है कि निगुलसरी के पास पहाड़ टूटने के हादसे के सातवें दिन मंगलवार को तीन और लोगों के शव निकाले गए थे। सभी शवों को निकाल लिया गया है। इस हादसे में मृतकों की संख्या 28 पहुंच गई है।
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। सिलेंडर पर तेल कंपनियों की ओर से 25 रूपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। एलपीजी की कीमतों में ताज़ा बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में घरेलू इस्तेमाल के लिए प्रयोग होने वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम 859.5 रुपये हो गए हैं। इससे पहले एक जुलाई को रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 25.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। जून के महीने में दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 809 रुपये थी जो कि एक जुलाई को बढ़कर 834 रुपये पर पहुंच गया था। वहीं अगर एक जनवरी से लेकर एक आज तक की बात करें तो इन आठ महीनों में सिलेंडर की कीमतों में 165 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल डिफेंस एकेडमी में लड़कियों की पढ़ाई को मंजूरी दे दी है। पांच सितंबर को एनडीए की प्रवेश परीक्षा होनी है। एनडीए में दाखिले पर फैसला बाद में होगा। लेकिन कोर्ट ने आज परीक्षा में शामिल होने पर सहमति जता दी दी है। लड़कियों को अब तकनेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि महिलाओं को ग्रेजुएशन के बाद ही सेना में आने की अनुमति है। उनके लिए न्यूनतम आयु भी 21 साल रखी गई है। जबकि लड़कों को 12वीं के बाद ही एनडीए में शामिल होने दिया जाता है। इस तरह शुरुआत में ही महिलाओं के पुरुषों की तुलना में बेहतर पद पर पहुंचने की संभावना कम हो जाती है। यह समानता के अधिकार का हनन है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को मामले पर अपना रुख साफ करने के लिए कहा था। याचिका में लिखा गया था कि सेना में युवा अधिकारियों की नियुक्ति करने वाले नेशनल डिफेंस एकेडमी और नेवल एकेडमी में सिर्फ लड़कों को ही दाखिला मिलता है। ऐसा करना उन योग्य लड़कियों के मौलिक अधिकारों का हनन है, जो सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहती है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल आए उस फैसले का हवाला दिया गया, जिसमें महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए कहा गया था। याचिका में बताया गया था कि लड़कों को नेशनल डिफेंस एकेडमी और नेवल एकेडमी में 12वीं कक्षा के बाद शामिल होने दिया जाता है। लेकिन लड़कियों के लिए सेना में शामिल होने के जो अलग-अलग विकल्प हैं, उनकी शुरुआत ही 19 साल से लेकर 21 साल तक से होती है। उनके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भी ग्रेजुएशन रखी गई है। ऐसे में जब तक लड़कियां सेना की सेवा में जाती हैं, तब तक 17-18 साल की उम्र में सेना में शामिल हो चुके लड़के स्थायी कमीशन पाए अधिकारी बन चुके होते हैं। इस भेदभाव को दूर किया जाना चाहिए।
राजस्थान के अजमेर में बड़ा हादसा पेश आया है। यहां नेशनल हाईवे-8 पर दो ट्रेलरों में जोरदार भिडंत हो गई। भिडंत इतनी तेज़ थी कि दोनों ट्रेलर आग का गोला बन गए। पुलिस के मुताबिक इस हादसे में ट्रेलर में चार सवार थे जोकि जिंदा जल गए। मरने वालों की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं ट्रेलर से एक व्यक्ति ने कूदकर अपनी जान बचा ली। पुलिस के मुताबिक यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 पर सुबह करीब छह बजे हुआ। टाइल्स पाउडर से भरा ट्रेलर जयपुर से ब्यावर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान ट्रेलर अनियंत्रित हो गया, जिससे वह ब्यावर से जयपुर की तरफ जा रहे दूसरे ट्रेलर से जा टकराया। दूसरे ट्रेलर में मार्बल की थप्पियां भरी थीं। भिडंत होते ही दोनों ट्रेलरों में आग लग गई, जिससे चालक उसी में फंस गए और जिंदा चल गए। पुलिस ने बताया कि मृतकों के शव को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार भी हंगामेदार रहा। इस मानसून सत्र की कार्यवाही 46 घंटे और 12 मिनट तक चली। बीते दाे से 13 अगस्त तक आयोजित इस सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच खूब तकरार और बयानबाज़ी होती रही। इस सत्र के पहले दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह और पूर्व चीफ व्हिप स्व. नरेंद्र बरागटा काे याद किया गया और अगले दिन से विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष द्वारा किसी न किसी एजेंडे काे हथियार बनाने की पूरी कोशिश की गई, मगर सीएम जयराम ठाकुर के मंत्रियों और विधायकों ने मोर्चा संभाले रखा। इस बार के मानसून सत्र में 10 दिन के सत्र में 2 गैर सरकारी दिवस रखे गए। सत्र में कुल 402 तारांकित प्रश्न चर्चा के लिए लगे। इसके अलावा नियम 46 का एक प्रस्ताव, नियम 61 के 3 प्रस्ताव, नियम 62 के 13 विषयों पर, नियम 130 के 5 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। नियम 101 के तहत 4 संकल्प भी सदन में लगे। इस दौरान 2 सरकारी विधेयक विधानसभा सदन पटल पर रखे गए जिनमें एक पारित किया गया और एक कमेटी को सौंपा गया। इसके अतिरिक्त 12 अन्य विषय भी सदन में उठाए गए। सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने पूर्व सांसद पंडित रामस्वरूप शर्मा की आत्महत्या को लेकर हंगामा किया और वॉक आउट किया। अगले दिन विपक्ष बेरोजगारी और भर्तियों को लेकर काम रोको प्रस्ताव लाया और वॉक आउट किया। वॉक आउट का ये सिलसिला अंतिम दिन तक चला जब विपक्ष ने स्पीकर विपिन सिंह परमार को पद से हटाने की मांग उठाई। अंतिम दिन प्रश्नकाल शुरू होने से पहले कांग्रेस के 19 विधायकों ने इस संबंध में प्रदेश विधानसभा सचिव को नोटिस दिया। प्रश्नकाल के बाद की कार्यवाही में भी कांग्रेस विधायक दल शामिल नहीं हुआ। हालांकि कांग्रेस विधायक प्रश्नकाल की घोषणा के बाद सदन से चुपचाप बाहर चले गए और इस तरह से उन्होंने बैठक का मौन बहिष्कार किया। बाहर काले बिल्ले पहनकर कांग्रेस विधायक दल विधानसभा परिसर में मुख्य गेट पर बैठ कर अपना रोष जताने लगा और स्पीकर पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने पर अड़ा रहा। हालांकि, इस नोटिस को सदन के चले होने से 14 दिन पहले नहीं देने और एक तिहाई सदस्यों की ओर से न दिए जाने जैसी तकनीकी खामियां बताकर अस्वीकार किया गया। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि स्पीकर विपिन सिंह परमार जानबूझकर विपक्ष के सदस्यों के अधिकारों और विशेषाधिकारों को बनाए रखने में असफल हो रहे हैं। उनकी सदन की कार्यवाही के संचालन की निष्पक्षता संदेहास्पद है। स्पीकर को न्यूट्रैलिटी रखनी होती है, उन्हें राजनीतिक विचारधारा का पक्ष नहीं लेना चाहिए। मानसून सत्र के दौरान मेरा भरसक प्रयास रहा कि सत्र की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण वातावरण में चले। इसके लिए मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, सभी सदस्यों का धन्यवाद करता हूं जिनकी वजह से इस सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित कर पाए। -विपिन सिंह परमार, स्पीकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा।
वैश्वीकरण के इस युग में पर्यावरणीय चुनौतियों और समस्याओं ने एक ऐसा माहौल बना दिया है जिसकी कल्पना शायद ही कभी किसी ने की हो। लगातार दरकते पहाड़ों से हिमाचल में मौत का मातम पसर गया है। पिछले एक महीने में किन्नौर में दो बड़े हादसे हुए है जिसमें कई लोगों की जान चली गई है। नेता अब सामने आकर प्रभावित हुए लोगों के परिवार वालों से सहानुभूति जता रहे है। वही नेता जो अब तक किन्नौर के पहाड़ों में गूंजती युवाओं की आवाज़ " नो मींज़ नो " को सुनकर भी अनसुना करते रहे। अब कोई विद्युत् परियोजनाओं को आपदा का कारण बता रहा है, कोई भारी बरसात को तो कोई जलवायु परिवर्तन को। कारण कोई भी हो सत्य ये है कि पहाड़ों की स्थिति ठीक नहीं है। आर्थिक विकास की खोखली नीतियों ने इन पहाड़ों को आंतरिक रूप से झकझोर कर रख दिया है जिससे इनके आंचल में बसें लोगों के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा है। हर राजनीतिक पार्टी सत्ता में आते ही विकास को गति देने की बात कहती है। प्रदेश की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए विकास ज़रूरी है, मगर अब किन्नौर में बने हाईडल प्राेजेक्ट्स संभवत: विकास की जगह विनाश का कारण बन रहे है। जिला किन्नौर में इस वक्त सतलुज बेसिन पर ही 22 छाेटे-बड़े विद्युत् प्राेजेक्ट्स बन चुके हैं और अब एक नया प्रोजेक्ट जंगी थोपन विद्युत् प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। घाटी के निवासी अप्रैल 2021 से सतलुज पर प्रस्तावित 804 मेगावाट के जंगी थोपन पोवारी जलविद्युत परियोजना (जेटीपी एचईपी) का विरोध कर रहे हैं। जानकार मानते है कि किन्नौर में सतलुज नदी के बेसिन पर 22 बिजली प्रोजेक्टों का निर्माण किया गया है जो नुक्सान का एक बड़ा कारण है। सतलुज ने 90 के दशक की शुरुआत से राज्य की जलविद्युत महत्वाकांक्षा का सबसे बड़ा भार उठाया है। जानकारी के अनुसार कुल स्थापित क्षमता में से 56 प्रतिशत विद्युत् उत्पादन (5720 मेगावाट) सतलुज बेसिन में किया जाता है। नदी की प्राकृतिक स्थिति के साथ इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी ने सतलुज बेसिन में जीवन, आजीविका और परिस्थिति को काफी प्रभावित किया है। इसके अलावा सड़कों के निर्माण के लिए होने वाले ब्लास्ट से भी पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। किन्नौर जिले के अधिकांश पहाड़ अति संवेदनशील हैं। बरसात के दौरान यह सबसे ज्यादा दरकते हैं। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के पहाड़ बिजली प्रोजेक्टों के निर्माण से खोखले हो रहे हैं। लगातार ब्लास्टिंग बढ़ने से किन्नौर जिले में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। किन्नौर की स्थिति पर भूवैज्ञानिकों का मानना है की अंधाधुंध जल विद्युत दोहन से किन्नौर के पहाड़ दरकने लग गए हैं। किन्नौर के पहाड़ अति संवेदनशील हैं। किन्नौर में पहाड़ों की बनावट कुछ ऐसी है कि इनमें बरसात में काफी ज्यादा नमी उत्पन्न होती है। ये पहाड़ छोटी-छोटी चट्टानों के टुकड़ों और मिट्टी से बने हैं। भूकंप की दृष्टि से भी यह क्षेत्र सिस्मिक जोन पांच के तहत आता है। इन प्राकृतिक हादसों से सबक लेते हुए किन्नौर को तत्काल ईको सेंसिटिव जोन घोषित किया जाना जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार सतलुज नदी किन्नौर की जीवन रेखा है। इसके बगैर किन्नौर में जीवन असंभव है। वैदिक काल की जीवनदायी शतद्रु (सतलुज) ने कभी सोचा नहीं था कि उसे अंधाधुंध विद्युत दोहन के कारण 150 किलोमीटर में दम घुटकर भूमिगत सुरंगों में बहना पड़ रहा है। किन्नौर में सतलुज और उसकी सहायक नदियों पर पहले ही पन बिजली परियोजनाओं का जाल बिछा है। अब कोई भी बिजली परियोजना इस क्षेत्र में नहीं होनी चाहिए। पर्यटन, पर्यावरण और विद्युत दोहन आपस मेें प्रतिपूरक हैं। सरकार ठंडे बस्ते से निकाले शुक्ला कमेटी की रिपोर्ट किन्नौर के पहाड़ कच्चे, खुरदरे और संवेदनशील हैं। इस कारण ये अपनी वास्तविक अवस्था से हिल-ढुल गए हैं। विशेषज्ञ मानते है कि पन बिजली परियोजनाओं के बारे में शुक्ला कमेटी की रिपोर्ट को सरकार को ठंडे बस्ते से निकाल लेना चाहिए। उस पर सरकार को अमल करना चाहिए। इस रिपोर्ट के मुताबिक ट्री लाइन से ऊपर कोई भी पन विद्युत परियोजनाएं नहीं बननी चाहिए। प्रोजेक्टों के बीच में भी एक निश्चित दूरी होनी चाहिए। रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) अभय शुक्ला ने अपनी रिपोर्ट में ये भी साफ किया था कि हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सभी तरह के प्रोजेक्ट्स पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। विशेषकर रावी, चिनाव और सतलुज बेसिन पर कोई भी प्रोजेक्ट नहीं होना चाहिए। मुख्य नदियों पर लगने वाले बड़े-बड़े हाइडल प्रोजेक्ट उत्तराखंड जैसी त्रासदी को न्योता दे रहे हैं। सरकार को बनानी चाहिए मॉनिटरिंग एजेंसी विनय चौधरी जो एक जियोलॉजिस्ट प्लस हाइड्रो जियोलॉजिस्ट है और पिछले 11 सालों से इसी फिल्ड में काम कर रह है, मानते है कि किन्नौर की इस स्थिति का मुख्य कारण प्राइवेट कंपनियों द्वारा की जा रही कंस्ट्रक्शन और ब्लास्टिंग है। ये पहाड़ यूँ तो स्थिर है लेकिन ब्लास्टिंग और कटाई के बाद ये काफी हद तक अस्थिर हो जाते है। ये साफ़ है की ज़्यादातर भूस्खलन इन हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के आसपास ही हो रहे है। किसी भी टनल के निर्माण में इंजीनियरिंग और जियोलॉजी दोनों ही महत्वपूर्ण फैक्टर्स होते है। एक जियोलॉजिस्ट का काम है की वो किसी भी निर्माण के दौरान निर्माण स्थल में किस तरह के पत्थर सामने आ सकते है इसका पता लगाए और फिर बताए की किस इंटेंसिटी से ब्लास्टिंग की जा सकती है, जो सुरक्षित होगी और पहाड़ों को नुक्सान नहीं पहुंचाएगी। लेकिन जब निजी एजेंसियां ये काम करती है तो इन बातों का कम ध्यान रखा जाता है, इसलिए गड़बड़ तो होगी ही। ब्लास्टिंग किस ग्रेड की हो रही है इसे रिपोर्ट करने के लिए सरकार द्वारा कोई मॉनिटरिंग एजेंसी बनाई जानी चाहिए। आधा किन्नौर मानव जनित आपदाओं का घर किन्नौर के चौरा बॉर्डर से लेकर नाथपा एरिया तक का भाग एसजेवीएनएल से इफैक्टिड एरिया में आता है। नाथपा से आगे करच्छम तक जेएसडब्लू कंपनी से इफैक्टिड एरिया में आता है। इसी तरह करच्छम से आगे शौगठंग तक एचपीसीएल कंपनी के कारण इफैक्टिड एरिया में है। यही क्रम आगे भी है। कहने का मतलब है आधा किन्नौर छोटे बड़े हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की वजह से प्रभावित है व आधा किन्नौर मानव जनित आपदाओं का घर बन चुका है। फिर भी सरकार में बैठे किन्नौर के नेता एवं ब्यूराेक्रेट्स चुप्पी साधे हुए हैं। हमारा यही कहना है कि नाे मींज़ नाे। -ललित माेहन मेहता, ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट। जल, जंगल, जमीन बचाने को पूरा क्षेत्र एकजुट हमारा मुख्य लक्ष्य है किन्नौर काे बचाना है। अवैज्ञानिक तरीके से ब्लास्टिंग करना गलत है। अति संवेदनशील क्षेत्र की जनता काे बचाने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण काे बचाए रखने के लिए पूरा क्षेत्र एकजुट है। इसके लिए राजनीति से उपर उठ कर काम करना हाेगा। जंगी-थाेपन बिजली परियाेजना के खिलाफ पूरा किन्नौर एकजुट है। सरकार और एसजेवीएन काे हम आगाह करना चाहेंगे कि भूल कर भी किन्नौर में बिजली परियाेजना स्थापित करने की काेशिश न करें। अन्यथा कई क्षेत्र बटसेरी और निगुलसेरी की तरह दिखेंगे। इसलिए नाे मींज़ नाे। -नरेंद्र केविल कीर्ती नेगी, शिक्षाविध एवं साेशल एक्टिविस्ट। टनल प्रोजेस्ट्स के मैं सख्त खिलाफ : सूरत वन निगम के उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता सूरत नेगी का कहना है कि किन्नौर में बनने वाले टनल प्रोजेस्ट्स के वे सख्त खिलाफ है। इन प्रोजेक्ट्स को बनाने के लिए हो रही ब्लास्टिंग ही किन्नौर के दरकते पहाड़ों का कारण है। वे इस मुद्दे को उठाएंगे और सरकार से दरख्वास्त करेंगे कि ऐसे प्रोजेक्ट्स अब किन्नौर में और न लाया जाएं । बर्दाश्त की पराकाष्ठा हुई, अब पूर्ण विराम का वक्त: भंडारी प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी ने कहा कि पहाड़ाे से छेड़छाड़ ठीक नहीं है, अब नाे मींज़ नाे। उन्हाेंने कहा कि शांत वातावरण, साफ़ सुथरी जल धारा और उपजाऊ मिट्टी जैसे वरदान हम हिमाचल वासियों के पास थे, जिस पर हम गर्व महसूस करते थे। पर आज किन्नौर की धरती पर नदी के बहाव को रोकना, पहाड़ों के बीच सुरंग खोदना और लगातार ब्लास्टिंग से पहाड़ों को काटना जैसे कई काम किए गये जिस से आज किन्नौर वासी हर पल ख़तरा महसूस कर रहे हैं। लगातार बन रहे हाईड्रो प्रोजेक्ट्स से किन्नौर और किन्नौर वासी हर पल ख़तरे में जीवन जी रहे हैं। भण्डारी कहते है कि अब बर्दाश्त की पराकाष्ठा हो गई है। अब पूर्ण विराम का समय आ गया है। युकां अध्यक्ष का कहना है कि हिमाचल सरकार हाईड्रो प्रोजेक्ट पॉलिसी में ज़रूरी बदलाव लाए और किसी भी नये प्रोजेक्ट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में आज सुबह एक होटल में भीषण आग लग गई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं इस घटना में कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है। पुलिस के अनुसार होटल में आग लगने की सूचना सात बज कर 40 मिनट पर मिली जिसके बाद फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस ने बताया कि, होटल में आग बुझाने का काम अभी भी जारी है, जल्द ही आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा। इस चार मंजिला होटल में आग की खबर फैलते ही यहां अफरातफरी का माहौल बन गया. फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हुई हैं। अब तक घटनास्थल से दो शव बरामद किए गए हैं। शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए डीडीयू अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि यह होटल द्वारका दक्षिण पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। साथ ही जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट के चलते होटल में ये आग लगी हो सकती है। पुलिस ने बताया कि यहां सेक्टर-8 में मदर डेयरी के पास स्थित इस होटल को OYO कंपनी चलाती थी। सुबह पुलिस को सूचना मिली कि इस होटल में आग लग गई है और यहां कई लोग फंसे हुए हैं.। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां और एंबुलैंस मौके पर पहुंची।
खालिस्तान समर्थकों की धमकियों के बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी के सेरी मंच से शान से तिरंगा लहराया। 75वें राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के ढाई लाख सरकारी कर्मचारियों और सवा लाख पेंशनरों को महंगाई भत्ते (डीए) की 6 प्रतिशत किस्त जारी करने का ऐलान कर बड़ा तोहफा दिया है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को 1 जुलाई 2021 से मिलेगी महंगाई भत्ते की किश्त जारी होगी। कोविड काल में किस्तें फ्रीज करने की वजह से महंगाई भत्ता एक जनवरी 2020 से 1 जुलाई 2021 तक लंबित है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के वीरों का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता। कोविड काल में भी प्रदेश का विकास नहीं रुका। वैक्सीनशन में हिमाचल देश में पहले नंबर पर है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि शत प्रतिशत वैक्सीनेशन करने वाला पहला प्रदेश बने, हम इस ओर अग्रसर हैं। हिमाचल भाजपा सरकार की पहल जनमंच पूरे देश में सराही गई। प्रदेश में औद्योगिक मीट में 96721 करोड़ के एमओयू साइन हुए। दो माह में 10 हजार की और ग्राउंड ब्रेकिंग करने जा रहे हैं। जिससे औद्योगिक विकास के साथ रोजगार मिलेगा। भारत में जल जीवन मिशन में हिमाचल देश में पहले नंबर पर हैं।
75 वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव के संकेत दिए हैं। अपने संबोधन के दौरान जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां डी-लिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि, भविष्य में यहां जल्द विधानसभा चुनाव कराने के लिए भी तैयारियां चल रही हैं। लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "जम्मू हो या कश्मीर विकास का संतुलन अब जमीन पर दिख रहा है। जम्मू कश्मीर में ही डीलिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है। और भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारियां चल रहीं है।" लद्दाख को लेकर कही ये बात जम्मू-कश्मीर के बाद पीएम मोदी ने लद्दाख के विकास और वहां मौजूद असीम सम्भावनाओं को लेकर भी बड़ी बात कही। पीएम मोदी ने कहा,"लद्दाख भी विकास की अपनी असीम सम्भावनाओं की तरफ आगे बढ़ चला है। एक तरफ लद्दाख आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होते देख रहा है। तो दूसरी तरफ सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी लद्दाख को उच्च शिक्षा का केंद्र भी बना रही है। "
75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे अब लड़कियों के लिए भी खोले जाएंगे। देश में इस समय 33 सैनिक स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। पीएम मोदी ने बताया कि आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूं। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जाएं। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा। सैनिक स्कूलों का संचालन सैनिक स्कूल सोसायटी द्वारा किया जाता है जो रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आती है। सैनिक स्कूलों की स्थापना का उद्देश्य छात्रों को कम उम्र से ही भारतीय सशस्त्र बलों में प्रवेश के लिए तैयार करना था। "भारत के सपनों को पूरा करने से कोई भी बाधा रोक नहीं सकता" पीएम मोदी ने ये भी कहा कि 21वीं सदी में भारत के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने से कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा, 'हमारी ताकत हमारी जीवटता है, हमारी ताकत हमारी एकजुटता है। हमारी प्राणशक्ति, राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम की भावना है। यही समय है, सही समय है, भारत का अनमोल समय है। कुछ ऐसा नहीं जो कर ना सको, कुछ ऐसा नहीं जो पा ना सको, तुम उठ जाओ, तुम जुट जाओ, सामर्थ्य को अपने पहचानो, कर्तव्य को अपने सब जानो, भारत का ये अनमोल समय है, यही समय है, सही समय है।'
असम के एक स्कूल में विस्फोट से असम-मिजोरम सीमा पर फिर तनाव पैदा हो गया है। असम-मिजोरम सीमा पर शांति बहाल होने के कुछ दिनों बाद यह घटना सामने आई है। अज्ञात बदमाशों ने शुक्रवार रात को मिजोरम की सीमा के पास असम में एक स्कूल के अंदर विस्फोट कर दिया। यह घटना असम में कुछ नागरिक संगठनों द्वारा लगाए गए एक सप्ताह से अधिक समय से चली आ रही आर्थिक नाकेबंदी के बाद सीमा पर शांति बहाल होने के कुछ दिनों बाद हुई है। हैलाकांडी जिले के गुटगुटी इलाके में शुक्रवार रात पाकुआ पुंजी एलपी स्कूल में विस्फोट हुआ। जिससे इमारत को कुछ नुकसान पहुंचा है। मामला तब सामने आया जब स्थानीय लोगों ने स्कूल में विस्फोट की आवाज सुनी। पुलिस के मुताबिक, यह सीमा से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। फरवरी में इसी जिले के मुलीवाला लोअर प्राइमरी स्कूल में बदमाशों ने दो धमाके किए थे। इससे पहले, पड़ोसी कछार जिले के दो स्कूलों में भी बमबारी की गई थी।
केंद्र सरकार ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन संशोधन नियम-2021 को अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना के तहत तहत एक जुलाई 2022 से लॉलीपॉप की डंडी, प्लेट, कप और कटलरी सहित एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के तौर पर चिह्नित वस्तुओं के उत्पादन, आयात, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक होगी। बारह अगस्त को जारी अधिसूचना के मुताबिक सामान ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक बैग की मोटाई 30 सितंबर 2021 से 50 माइक्रॉन से बढ़ाकर 75 माइक्रॉन की जाएगी और 31 दिसंबर 2022 से यह मोटाई 120 माइक्रॉन होगी। इससे प्लास्टिक के बैग के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। अधिसूचना के मुताबिक 30 सितंबर 2021 से गैर बुना प्लास्टिक बैग का वजन 60 ग्राम प्रति वर्ग मीटर से कम नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया कि एक जुलाई 2022 से पॉलिस्ट्रिन और लचीले पॉलिस्ट्रिन सहित एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के उत्पादन, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक होगी। प्लास्टिक की डंडी युक्त ईयर बड, गुब्बारे की प्लास्टिक से बनी डंडी, प्लास्टिक के झंडे, लॉलीपॉप और आईसक्रीम की डंडी, सजावट में इस्तेमाल होने वाले पॉलिस्ट्रिन (थर्मेाकोल), प्लेट, कप, ग्लास, कटलरी जैसे कांटे, छुरी, चम्मच, चाकू, मिठाई के डिब्बों में इस्तेमाल प्लास्टिक, 100 माइक्रॉन से कम मोटे प्लास्टिक या पीवीसी के बैनर आदि पर रोक होगी। अधिसूचना में कहा गया कि ये प्रावधान नष्ट होने वाली प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर लागू नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि जून 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि भारत में वर्ष 2022 से एकल इस्तेमाल प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा। वर्ष 2019 में हुई संयुक्त राष्ट्र पयार्वरण सभा में भारत ने उस प्रस्ताव का नेतृत्व किया था जिसमें एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के उत्पादों से होने वाले प्रदूषण से निपटने की बात थी। इसमें स्वीकार किया गया था कि विश्व समुदाय को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। पर्यावरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चरणपद्ध तरीके से हटाए जाने वाले, चिह्नित एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के दायरे से बाहर के प्लास्टिक कचरे को, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम 2016 के तहत निर्माता, आयातक और ब्रांड मालिकों द्वारा विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी के चलते एकत्र कर उसका पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन किया जाना चाहिए। विस्तृत निर्माता जवाबदेही के प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए दिशानिर्देश बनाए गए थे और इन संशोधित नियमों में उन्हें कानूनी ताकत दी गई है। इसके अनुपयोगी प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी उत्पादक की होगी। केंद्र सरकार ने इससे पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुख्य सचिव या प्रशासक के नेतृत्व में एकल इस्तेमाल प्लास्टिक को खत्म करने के लिए कार्यबल बनाने और प्रभावी तरीके से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम को लागू करने को कहा था। संसद में दिए गए जवाब में पर्यावरण राज्यमंत्री अश्वनी चौबे ने बताया कि 23 जुलाई तक 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कार्यबल गठित कर दिया था। पर्यावरण मंत्रालय ने अपने निर्देशों में समन्वय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी कार्यबल का गठन किया है।
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले जम्मू कश्मीर में आतंकियों की बड़ी साजिश नाकाम हो गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों की साजिश स्वतंत्रता दिवस पर मोटरसाइकिल आईईडी का इस्तेमाल कर हमले की थी। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से यह नाकाम हो गई। जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबल लगातार आतंकियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इसके तहत जम्मू पुलिस ने जैश के चार आतंकियों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। ये आतंकी ड्रोन से गिराए गए हथियारों को इकट्ठा करने और उन्हें घाटी में एक्टिव जैश के आतंकियों तक इन्हें पहुंचाने की साजिश रच रहे थे। साथ ही ये लोग 15 अगस्त से पहले वाहन में आईईडी लगाकर हमला करने की फिराक में थे। देश के अन्य शहरों में भी यह आतंकी टारगेट की रेकी कर रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। नेशनल हाइवे पर हमले की साजिश रच रहे एक पाकिस्तानी आतंकवादी के कुलगाम जिले में एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। वहीं किश्तवाड़ जिले से हिज्बुल मुजाहिदीन के एक आतंकवादी को गिरफ्तार भी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले आतंकवाद की राह पर निकले मुजम्मिल शाह को पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान में पतिमुहल्ला पालमार के कुलना वन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक ग्रेनेड, एक मैगजीन और एके-47 राइफल की 30 गोलियां बरामद की है। अधिकारियों के मुताबिक, डेक्चन थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि कुलगाम में रात भर चली मुठभेड़ उस समय शुरू हुई थी जब एक इमारत में छिपे दो आतंकवादियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीएसएफ के काफिले पर 'अंधाधुंध' गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की आवाजाही की निगरानी के लिए ड्रोनों की मदद ली।
पुलिस थाना परवाणु के अंतर्गत परवाणु से वाया जंगेशू संपर्क मार्ग पर मुकाम काली मिट्टी सैक्टर 2 परवाणु के समीप दो मोटरसाइकिलों HP15B-2668 व HR49D-8377 की आमने-सामने से टक्कर हो गई। जिस कारण मोटरसाइकिल न० HP15B-2668 पर सवार चालक को टक्कर लगने के कारण वह उछल कर पीछे से आ रहे टैंकर के पिछले टायर की चपेट में आ गया। टायर के नीचे आने के कारण चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान रोहित आयु करीब 21 वर्ष, हाल रिहायश गांव अंबोटा, डाकघर टकसाल तहसील कसौली जिला सोलन के रूप में हुई है। इस सड़क दुर्घटना में घायल बुलेट मोटर साइकिल न० HR49D-8377 पर सवार राइडर को मामूली चोटें आईं हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में पहाड़ टूटने के हादसे के बाद जारी खोज एवं बचाव अभियान के चौथे दिन दो और शव बरामद हुए हैं, मृतकों की संख्या 19 हो गई है। अभी भी राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इससे पहले, तीसरे दिन शुक्रवार को तीन शव निकाले गए थे। हादसे का शिकार हुई एचआरटीसी बस के 11 यात्री अब भी लापता हैं। घटनास्थल पर पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को दोपहर बाद 4:38 बजे हाईवे से गुजर रही एचआरटीसी की बस पर पत्थर गिरने से महिला और युवक यात्री घायल हो गए थे। 200 मीटर खड़ी चढ़ाई पर सड़क बनाकर दोनों तरफ से लापता लोगों को खोजा जा रहा है। सर्च अभियान में जुटीं टीमों के लिए सतलुज जल विद्युत निगम खाने-पीने की व्यवस्था कर रहा है। लापता लोगों के परिजनों के ठहरने की भी व्यवस्था की गई है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा-डंडी रूट पर चलने वाली निजी बस तेलका के पास काली मोड़ पर पैरापिट से टकराकर गहरी खाई के ऊपर हवा में लटक गई। गनीमत यह रही कि बस खाई में गिरने से बच गई। हादसे के समय बस में करीब 12 सवारियां बैठी थीं। वहीं, बस की टक्कर से धराशायी होकर खाई में गिरे पैरापिट की चपेट में आने से एक गाय की मौत हो गई। हालांकि, कोई भी ग्रामीण पैरापिट की चपेट में नहीं आया। बस जैसे ही पैरापिट से टकराई, सवारियों में अफरातफरी मच गई। लेकिन चालक की सूझबूझ से बस खाई में गिरने से बच गई। वहीं, बस को हवा में लटकता देख आसपास के लोग मदद के लिए वहां पहुंच गए। उसके साथ किहार थाने की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हादसा किस कारण हुआ, इसको लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस की जांच में ही इस बात का पता लग पाएगा ।
राज्यसभा में कल हुए हंगामे को लेकर आज विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद से विजय चौक तक पैदल मार्च किया। मार्च में विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। विपक्ष के इन आरोपों पर अब बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा है कि विपक्ष ने लगातार हंगामा करके संसद को सड़क बना दिया। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘’जिस प्रकार का व्यवहार आज कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी पार्टियां सड़क पर उतरकर कर रही हैं। जिस प्रकार अराजकता संसद के अंदर विपक्षी पार्टियों और खासकर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने दिखाया है, उससे पूरा देश और लोकतंत्र शर्मसार हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि एक सुरक्षाकर्मी भी हताहत हुई है। वो भी अस्पताल में है। ये वही विपक्षी हैं जो कह रहे थे कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाना चाहिए, मगर जब सत्र चल रहा था, कोरोना पर एक दिन भी चर्चा नहीं होने दी।’
सोने की कीमतों में कल से कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्थानीय वायदा बाजार में आज सोने का भाव 46,280 रुपये प्रति 10 ग्राम है। हालांकि वैश्विक सोने की कीमतों में 0.18 फीसदी का उछाल आया है। वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। चांदी 0.06 फीसदी गिरकर 25.2 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गई। MCX पर भारत में सोने की कीमत 46342 प्रति 10 ग्राम रही, जिसमें 9.3 रुपये का बदलाव हुआ। साथ ही, भारतीय हाजिर बाजार में 24 कैरट सोने की कीमत 46280 प्रति 10 ग्राम है।
हिमाचल प्रदेश में 10वीं से 12वीं कक्षाओं के लिए नौ दिन पहले दो अगस्त से खोले गए स्कूलों को कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच 11 से 22 अगस्त तक फिर बंद कर दिया गया है। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वालों के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने का प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया है। प्रदेश और बाहरी राज्यों के लिए चलने वाली बसें भी अब 50 फीसदी सीटिंग क्षमता के साथ दौड़ेंगी। ये दोनों फैसले 13 अगस्त से लागू माने जाएंगे। मंगलवार देर शाम को विधानसभा सचिवालय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में ये फैसले लिए गए हैं। पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूलों में शिक्षकों से परामर्श लेने के लिए पूर्व में की गई व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। शिक्षकों का स्कूलों में आना अनिवार्य रहेगा। शिक्षक स्कूलों से ही विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाएंगे। 16 अगस्त से कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने को लेकर दो-तीन दिन में फैसला लिया जाएगा। वहीं, आईटीआई और कोचिंग सेंटरों को लेकर बैठक में कोई भी बात नहीं हुई। लिहाजा, ये पूर्व की तरह खुले रहेंगे। शिक्षा विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में अलग-अलग आदेश जारी कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि बीते एक सप्ताह के दौरान स्कूलों में 150 से ज्यादा विद्यार्थी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
कांग्रेस ने कड़े तेवर दिखाते हुए विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों राकेश पठानिया, वीरेंद्र कंवर के अतिरिक्त विधायक राजेश ठाकुर व इंद्र सिंह गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगत सिंह नेगी के साथ हाथापाई करने का प्रयास किया है । इसके अलावा सदन में वीरेंद्र कंवर ने गाली-गलौच भी की। इसी बाबत कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्रवाई को चलने नहीं दिया जाएगा। सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा की जा रही तानाशाही के खिलाफ विधानसभा के अंदर व बाहर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस आशय की जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन चौहान ने दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने निर्णय लिया गया है कांग्रेस पूरी तरह से आक्रमक तेवर दिखाएगी प्रश्नकाल के दौरान कार्यवाही नहीं चलने देगी। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर भेजा गया है।
मेष गलतफहमी और लगातार असहमति परिवारिक माहौल को निराशाजनक बना सकती है। यह स्थिति आपको तनावग्रस्त कर सकती हैI भाग्यशाली संख्या : 3 वृष आज आपकी नये कार्यों में रूचि बढ़ेगी, जिससे आपको कुछ नया सिखने को मिलेगा। आपका आर्थिक पक्ष पहले की अपेक्षा और भी अधिक मजबूत होगा। भाग्यशाली संख्या : 2 मिथुन सकारात्मक विचार बनाये रखें। धन की लेनदेन या पूंजी निवेश करते समय ध्यान रखें। हो सकता है आपको भौतिक सुख की प्राप्ति तो हो जाये लेकिन आत्मिक संतुष्टि न मिले। भाग्यशाली संख्या : 8 कर्क आप लोकप्रियता हासिल करेंगे, व्यापार से आपकी कमाई बढ़ेगी और आपको अधिकारियों से पूर्ण सहयोग मिलेगा। भाग्यशाली संख्या : 4 सिंह आज किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। ऑफिस का माहौल थोड़ा अलग हो सकता है, जिससे आपको थोड़ी परेशानी महसूस हो सकती है। आपको अपने खान-पान में थोड़ी सावधानी रखने की जरूरत है। भाग्यशाली संख्या : 5 कन्या कार्यक्षेत्र में आपकी बहुत प्रशंसा हो सकती है। अगर आप सामूहिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, तो आप नए दोस्त बना सकते हैं। भाग्यशाली संख्या : 9 तुला आज जायदाद सम्बंधित मामलों में चतुराई से निपटने की ज़रूरत है। सम्पति निवेश आपको अपेक्षित लाभ नहीं दिला पाएगा । भाग्यशाली संख्या : 7 वृश्चिक आज आपकी इच्छाओं की पूर्ति हो सकती है। बिजनेस के सिलसिले में आपको यात्रा करनी पड़ सकती है। भाग्यशाली संख्या : 4 धनु जरूरी कार्य आज आसानी से पूरा कर लेंगे। परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करने से बचें। भाग्यशाली संख्या : 8 मकर आज कई क्षेत्रों में समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। आपकी सेहत की स्थिति बिगड़ सकती है और आप भावनात्मक रूप से परेशान भी हो सकते हैं। भाग्यशाली संख्या : 1 कुंभ आज परिवार का पूर्ण स्नेह और सहयोग प्राप्त होगा। आज आपके कुछ मित्र मददगार साबित होंगे। ऑफिस में आपके काम की प्रशंसा होगी। भाग्यशाली संख्या : 3 मीन यह दिन मौज-मस्ती में व्यतीत होगा। मेहनती लोग आज अपनी मेहनत के बलबूते पर बहुत लाभ प्राप्त करेंगे, इसलिए मेहनत से पीछे मत हटें। भाग्यशाली संख्या : 5 पंडित शशि पाल डोगरा वशिष्ठ ज्योतिष सदन शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राजस्व् मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम, 1972 (1973 का अधिनियम संख्यांक 19) का और संशोधन करने के लिए विधेयक को पुर:स्थापित करने के लिए पेश किया गया। जिसे हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा(संशोधन) विधेयक, 2021 रखा गया। हालंकि अभी सदन में इस विधेयक पर चर्चा भी हाेनी है और उसके बाद इसे पारित किया जाएगा। ऐसे में बिल पारित हाेने के बाद भूखंडों में फैले हिमाचल प्रदेश के चाय बागान सरकार में निहित होंगे। इस कड़ी में धर्मशाला-पालमपुर से लेकर चौंतड़ा-जोगिंद्रनगर तक के टी-गार्डन सरकार के राडार में आ जाएंगे। यानी चाय बागान काे नहीं बेचा जा सकेगा। बताया गया कि धर्मशाला और पालमपुर में पांच से 10 हजार बीघा तक के टी गार्डन एक ही परिवार के राजस्व रिकार्ड में दर्ज हैं। इस संशोधित विधेयक के पारित हाेने से एचपी सीलिंग ऑफ लैंड होल्डिंग एक्ट 1972 की धारा-6ए व 6-7 को समाप्त कर दिया जाएगा। साफ है कि इस विधेयक के पारित होने के बाद चाय बागान सीलिंग एक्ट के दायरे में आ जाएंगे। इसके बाद लाखों बीघा चाय बागानों काे काेई भी नहीं बेच सकेंगे। यदि सरकार से अनुमति मिलती है ताे ही बेचने की मंजूरी दी जाएगी। धर्मशाला से जाेगिंद्रनगर तक फैला है चाय बागान हिमाचल में चाय बागानों के बड़े भूखंड धर्मशाला से लेकर जोगिंद्रनगर तक फैले हैं। इस फेहरिस्त में प्रदेश के दो प्रतिष्ठित परिवारों के पास हजारों बीघा टी-गार्डन की जमीनें हैं। इस विधेयक के लागू होने के बाद सरकार में निहित होने वाली टी-गार्डन की जमीनों के प्रयोग पर भी दिलचस्पी रहेगी। बता दें कि सीलिंग एक्ट से बाहर होने के बावजूद वर्तमान में चाय बागानों को बेचने व खरीदने की अनुमति नहीं है। इसके लिए बाकायदा राज्य सरकार से मंजूरी लेना आवश्यक है। प्रदेश सरकार के पास अब तक सैकड़ों बार चाय बागानों को बेचने व खरीदने के प्रस्ताव आ चुके हैं। क्या है लैंड सीलिंग एक्ट 1972 के इस एक्ट में एक व्यक्ति के नाम 151 बीघा यानी 302 कनाल से ज्यादा भूखंड नहीं हो सकता है। इससे ज्यादा जमीन को सरकार में निहित करने का प्रावधान है। चाय बागानों को इस कानून के दायरे में बाहर रख असंख्य भूखंड रखने का हक है। अब इसी में संशोधन किया जा रहा है। चाय बागानों की प्रति यूनिट 151 बीघा से अधिक जमीन को सरकार में निहित कर इसका प्रयोग कर सकती है। इस आधार पर टी गार्डन की जमीन पर कृषि-बागवानी से जुड़े अनुसंधान केंद्र या प्रदेश के बड़े संस्थान निर्मित हो सकते हैं।
प्रदेश में जयराम मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार को विधानसभा सत्र के बाद विधानसभा सचिवालय में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे। बैठक में स्कूल खोलने के फैसले की समीक्षा हो सकती है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि सरकार कोरोना के बढ़ते मामलों के मध्यनज़र सख्ती बढ़ सकती है। विधानसभा में पेश करने से पहले कुछ बिलों को भी मंत्रिमंडल के सामने पेश किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि बैठक में स्वास्थ्य विभाग बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की सिफारिश कर सकता है। ऊना, मंडी, कांगड़ा मेें कोरोना एक्टिव मामलों की संख्या में इजाफा हुआ है। इन जिलों में कोरोना के नियमों को सख्ती से लागू किया जा सकता है।
लगातार पांच दिन की गिरावट के बाद देश में सोने और चांदी की कीमतों में आज मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर गोल्ड की कीमत आज 0.50 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 46,089 रुपये प्रति दस ग्राम दर्ज की गई। जबकि कल 1.3 फीसदी की गिरावट के साथ इसके दाम पिछले 4 महीने के निचले स्तर तक आ गए थे। मंगलवार को चांदी के दामों में भी बढ़त देखने को मिली है। आज इसके दाम 0.90 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 63,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं। पिछले सेशन में चांदी के दाम 62,637 रुपये प्रति दस ग्राम दर्ज किए गए थे। वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। आज यहां स्पॉट गोल्ड 1,730.47 डॉलर प्रति औंस के साथ अपने रिकॉर्ड निम्न स्तर पर पहुंच गया है। वहीं यूएस गोल्ड की कीमत में आज 0.4 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है और ये 1,732.90 डॉलर प्रति औंस हो गया ह। बता दें कि, भारत में सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करती हैं। एमसीएक्स ट्रेडिंग में सोने और चांदी की मांग भी इन धातुओं की कीमतों पर काफी असर डालती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के 9.75 करोड़ से ज्यादा किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त जारी की है। अगस्त से नवंबर के लिए किस्त के तौर पर सभी योग्य किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपए भेजे गए। मोदी सरकार की ओर से इस बार की किस्त के लिए कुल 19,500 करोड़ से ज्यादा पैसा खर्च किया गया है। संख्या के लिहाज से देखें तो इसका सबसे ज्यादा फायदा उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला है। राज्य के कुल 2.23 करोड़ से ज़्यादा किसानों के खाते में सीधे दो हजार रुपए भेजे गए। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र रहा, जहां के करीब 1.12 करोड़ किसानों को उनके खाते में किस्त की रकम भेजी गई है। हालांकि सबसे ज्यादा उछाल बंगाल से इस योजना का फायदा लेने वाले किसानों की संख्या में दर्ज की गई।
प्रदेश में बरसात से लगातार भारी नुकसान हो रहा है। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 मंगलवार सुबह क्यारीबंगला के समीप भूस्खलन होने से करीब दो घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं, पहाड़ी दरकने से सड़क पर खड़ी पोकलेन मशीन मलबे की चपेट में आ गई। गनीमत रही कि इस मशीन में कोई सवार नहीं था। सूचना मिलने के बाद पुलिस व फोरलेन निर्माता कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे को बहाल कर लिया गया। जानकारी के अनुसार भूस्खलन सुबह करीब आठ बजकर 30 मिनट पर हुआ। उस दौरान फोरलेन निर्माता कंपनी की टीम पहाड़ी से मलबा हटाने का कार्य शुरू के रही थी। अचानक पहाड़ी से मलबा व पत्थर सड़क पर गिरने लगे। इसके बाद अचानक ट्रैफिक को रोका गया और थोड़ी ही देर में पूरी सड़क मलबा आने से बंद हो गई। इसके बाद फोरलेन कंपनी ने करीब साढ़े 10 बजे तक हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया।
मेष गलतफहमी और लगातार असहमति परिवारिक माहौल को निराशाजनक बना सकती है। यह स्थिति आपको तनावग्रस्त कर सकती है। भाग्यशाली संख्या : 9 वृष आज आपका कोई सोचा हुआ काम पूरा हो जायेगा। आपकी सेहत बेहतर बनी रहेगी। कारोबार में कुछ लोग मददगार साबित होंगे। भाग्यशाली संख्या : 6 मिथुन बिजनेस और नौकरी में परिवार से सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर सोच-समझकर बोलें। उन्नति के रास्ते खुलेंगे। भाग्यशाली संख्या : 5 कर्क आज पारिवारिक समस्याओं से मन विचलित हो सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि के योग है । भाग्यशाली संख्या : 4 सिंह इस माह आपको भाग्य के साथ शानदार परिणाम मिलेंगे। आप प्रभावशाली लोगों से संपर्क स्थापित करेंगे। भाग्यशाली संख्या : 4 कन्या करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर भी सामने आएंगे| संतान पक्ष की ओर से आपको सुख की प्राप्ति होगी। अपने कार्यों में संतान से पूरी मदद मिलेगी। भाग्यशाली संख्या : 6 तुला कर्ज से छुटकारा मिल सकता है। अपने काम पर पूरी नजरे रखें। अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। भाग्यशाली संख्या : 3 वृश्चिक आज आपकी घरेलू जिम्मेदारियों में धन खर्च होने की संभावना है, प्रयासरत कोई महत्वपूर्ण कार्य हल होने से मन प्रसन्न होगा। भाग्यशाली संख्या : 8 धनु आर्थिक रूप से यह बहुत अच्छी अवधि है। व्यापारी वर्ग वांछित परिणाम प्राप्त करेंगे और अपने कार्य क्षेत्र में अपने लिए जगह बनाएंगे। भाग्यशाली संख्या : 8 मकर पारिवारिक मामलों में आपको भागदौड़ करनी पड़ेगी। ऑफिस में काम धीमी गति से पूरे हो सकते हैं, इससे आपकी परेशानी थोड़ी बढ़ सकती है। भाग्यशाली संख्या : 4 कुंभ बिजनेस में आत्मनिर्भरता रहेगी। नए लोगों से कॉन्टैक्ट बनेंगे। कामकाज बढ़ेगा। साथ के लोगों से सहयोग मिल सकता है। भाग्यशाली संख्या : 9 मीन अपने परिवार के साथ रुखा व्यवहार न करें। यह पारिवारिक शान्ति को भंग कर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखे। भाग्यशाली संख्या : 5 -पंडित शशि पाल डोगरा वशिष्ठ ज्योतिष सदन शिमला
चीन सीमा से सटी एलएसी की रखवाली करने वाली इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस यानि आईटीबीपी में पहली बार महिला अफसरों की भर्ती की गई है। पहले बैच में दो महिला अफसरों ने आईटीबीपी ज्वाइन की है। रविवार को मसूरी स्थित आईटीबीपी एकेडमी में इन दोनों महिला अफसरों को अस्टिटेंट कमांडेंट की रैंक प्रदान की गई। आईटीबीपी में अभी तक महिलाओं की जवान के पद पर तो भर्ती तो होती रही थी, लेकिन ऑफिसर रैंक में कोई महिला नहीं थी। वर्ष 2016 में आईटीबीपी ने यूपीएससी की परीक्षा के माध्यम से भर्ती होने वाले अस्टिटेंट कमांडेंट पद के लिए महिलाओं को भी इजाजत दी थी। उसके तहत दो महिला-कैडेट्स ने आईटीबीपी को ज्वाइन किया था। करीब 52 हफ्तों के कॉम्बेट कोर्स (ट्रेनिंग) के बाद रविवार को दोनों महिला अस्टिटेंट कमांडेंट्स, प्रकृति और दीक्षा ने अपने बाकी 51 पुरूष साथियों के साथ आईटीबीपी को ज्वाइन किया। ये सभी महिला और पुरूष अधिकारी कंपनी कमांडर के तौर पर अपनी सेवाएं आईटीबीपी में शुरू करेंगे और चीन सीमा से सटी लाइन ऑफ एक्चुयल कंट्रोल (एलएसी) की रखवाली करेंगे। रविवार को मसूरी स्थित आईटीबीपी एकेडमी में पीपिंग-सेरेमनी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य-अतिथि थे। धामी ने आईटीबीपी के महानिदेशक, एसएस देसवाल के साथ सभी नई अधिकारियों के कंधे पर रैंक और बैज लगाकर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में विधिवत तौर पर शामिल किया।
हिमाचल प्रदेश के शिमला के गाला वैरायटी के सेब ने न्यूजीलैंड से आयातित गाला सेब को रेट में मामले में पछाड़ दिया है। शनिवार को जयपुर की टर्मिनल मार्केट मुहाना में शिमला के मड़ावग का गाला वैरायटी का सेब 187 से 212 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड रेट पर बिका। जबकि न्यूजीलैंड गाला को 200 रुपये प्रति किलो ही रेट मिले। शिमला के मड़ावग घडीन के युवा बागवान अरुण रचाईक ने 65 हाफ बॉक्स जयपुर भेजे थे, जिन्हें 2800 रुपये प्रति बॉक्स दाम मिले हैं। झूड़ामल ट्रेडर्स बी-27, टर्मिनल मार्केट मुहाना, सांगानेर के संचालक सन्नी चेलानी ने बताया कि शिमला के गाला को न्यूजीलैंड गाला से ज्यादा रेट मिल रहा है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में मणिकर्ण के ब्रम्हगंगा नाले में बादल फटने से लापता ब्रम्हगंगा निवासी 25 वर्षीय पूनम का पंडोह डैम में 11 दिन बाद शव बरामद हुआ है। शव की पहचान उसके परिजनों ने की है। परिजन पिछले 11 दिनों से पार्वती नदी किनारे लापता पूनम और उसके चार साल के बेटे की तलाश कर रहे थे। रविवार सुबह जब पंडोह डैम में शव को पानी में तैरते हुए देखा गया तो इसकी सूचना को दी गई। पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकाला और विभिन्न थानों को शव मिलने की सूचना दी। पूनम के परिजन जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने शव की शिनाख्त की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मंडी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि पूनम के चार वर्षीय बेटे निकुंज सहित कुल तीन लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। एसपी गुरदेव शर्मा ने कहा कि मणिकर्ण के बादल फटने से लापता एक शव मिला है। लापता लोगों की तलाश जारी है।
हिमाचल सरकार ने टोक्यो ओलंपिक में पदक विजेताओं को दिया तोहफा, निगम के होटलों में निशुल्क रहने का ऑफर
हिमाचल प्रदेश सरकार ने टोक्यो ओलंपिक पदक विजेताओं को एक बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने घोषणा की है कि प्रदेश के किसी भी पर्यटन विकास निगम के होटल में टोक्यो ओलंपिक पदक विजेताओं को तीन दिन निशुल्क रहने का ऑफर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को ओलिंपिक विजेताओं का अभिनन्दन करने में प्रसन्नता होगी। ओलंपिक पदक विजेता प्रदेश में कहीं भी एचपीटीडीसी के किसी भी होटल में तीन दिन निशुल्क ठहर सकते हैं। यहां की संस्कृति और सुहावने मौसम का आनंद ले सकते हैं। सीएम ने ओलंपिक पदक विजेताओं को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक लाने वाली हॉकी टीम के सदस्य खिलाड़ी मूलरूप से चंबा जिले के डलहौजी के रहने वाले वरुण कुमार को हिमाचल प्रदेश सरकार एक करोड़ रुपये नकद इनाम और डीएसपी के पद पर नौकरी देगी। सीएम ने कहा कि हमें प्रसन्नता है कि हॉकी टीम ने ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित थप्पड़ कांड के बाद से निलंबित चल रहे एसपी गौरव सिंह और पीएसओ बलवंत सिंह को सरकार ने बहाल कर दिया है। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय ने बहाली के अलग-अलग आदेश जारी कर दिए हैं। तैनाती होने तक दोनों का मुख्यालय शिमला निर्धारित किया गया है। गौरव को चार्जशीट कर जवाब मांगा गया है। जवाब के आधार पर ही उन्हें सजा देने या न देने का फैसला लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 23 जून को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कुल्लू दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के सामने एसपी कुल्लू रहे गौरव सिंह, एडिशनल एसपी सीएम सुरक्षा बृजेश सूद और मुख्यमंत्री के पीएसओ बलवंत सिंह भिड़ गए थे। एसपी गौरव ने बृजेश को थप्पड़ मार दिया और बलवंत ने एसपी को लातें मारी थीं। इसका वीडियो सोशल मीडिया के जरिये देश दुनिया में वायरल हो गया था। प्रारंभिक जांच के बाद 25 जून को गौरव और बलवंत को निलंबित कर दिया गया था। बाद में आईजी मंडी रेंज ने विस्तृत जांच कर पुलिस मुख्यालय के जरिये सरकार को रिपोर्ट भेजी। तब से गौरव सेंट्रल रेंज मंडी से अटैच थे जबकि बलवंत सिंह को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। बृजेश सूद को जांच में दोषी न पाए जाने पर सरकार ने बहाल कर फिर से सीएम सुरक्षा में लगा दिया था।
विश्व प्रसिद्ध अटल टनल रोहतांग के बाद अब एक और कीर्तिमान सीमा सड़क संगठन रचेगा। दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग 15 हजार फुट की ऊंचाई में अब श्रृंकुला दर्रे में बनेगी। जो सवा चार किलोमीटर लंबी होगी तथा इसके बन जाने से मनाली से लेह की दूरी 104 किलोमीटर घटेगी, वहीं दर्रे का सफर डेढ घण्टे कम होगा। यह जानकारी बीआरओ के अटल टनल रोहतांग के मुख्य अभियंता इंजीनियर वीके सिंह ने दी है। उन्होंने कहा है कि यह सुरंग तीन वर्षों में बन कर तैयार होगी। उन्होंने बताया कि अटल टनल का मुख्यालय धुंधी में है। वह अब लाहुल के जिस्पा में बीआरओ के 70 आरसीसी के डेट के बगल में ही खुलेगा, जिसके लिए जगह चिन्हित हो गई है। कुछ ही दिनों में धुंधी की भांति अस्थाई शेड बनने का कार्य शुरू होगा और अक्तूबर माह तक कार्यलय जिस्पा शिफ्ट हो जाएगा।उन्होंने आगे बताया कि बरालचला 14 किलोमीटर, तंगलंगला 8 किलोमीटर तथा लाचुंगला 12 किलोमीटर सुरंगों का डीपीआर भी प्रगति पर है जिसे बीआरओ के इसी परियोजना की देखरेख में बनाया जाएगा। मुख्य अभियंता ने कहा कि सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इन सुरंगों के बन जाने से जहां राष्ट्र की सरहदों में सेना की सहूलियतें बहुत बढ़ेगी, वहीं लाहौल, जांस्कर तथा लेह-लदाख की सुंदरता का दीदार भी लोग करेंगे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के मौचवा इलाके में एक मुठभेड़ में एक अलबद्र आतंकवादी को मार गिराया और दूसरे को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद, एके राइफल, पिस्तौल और आईईडी बरामद किया गया। आतंकवादियों की मदद करने वाले एक ट्रक चालक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारा गया आतंकवादी विभिन्न आतंकवादी अपराध मामलों में शामिल समूहों का हिस्सा था और उसके खिलाफ कई आतंकवादी अपराध के मामले दर्ज किए गए थे। शाकिर बशीर पहले प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर के साथ एक आतंकवादी सहयोगी के रूप में काम कर रहा था और हाल ही में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-बद्र के आतंकवादी समूहों में शामिल हो गया। आईजीपी ने कहा कि जब अभियान चल रहा था, तब पता चला कि घेराबंदी करते हुए एक अन्य आतंकवादी मुठभेड़ स्थल से भागने में सफल रहा और सूचना को अवंतीपोरा पुलिस के साथ साझा किया गया।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में ऊना जिले ने पहला स्थान हासिल किया है। स्वास्थ्य विभाग ने ऊना जिला में 99.1 प्रतिशत पात्र परिवारों का पंजीकरण किया है। ऊना जिले में 24 हजार 241 परविार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ ले रहे हैं। इन परिवारों को चार करोड़ 70 लाख 77 हजार 286 रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अक्तूबर 2020 तक 17 हजार 281 परिवार 70.66 प्रतिशत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में पंजीकृत किए गए थे। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 24 हजार 456 परिवारों का पंजीकरण कर 99.10 प्रतिशत पंजीकरण का कार्य पूरा कर लिया है, जो प्रदेश भर में पहले स्थान पर है।
हिमाचल प्रदेश के राशन कार्ड धारकों को इस माह से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आटे का अतिरिक्त कोटा मिलेगा। प्रदेश सरकार ने एपीएल राशन कार्ड धारकों को एक किलोग्राम अतिरिक्त आटा देने का निर्णय लिया है। जिसके चलते अब राशन कार्ड धारकों को प्रति राशन कार्ड 12 किलोग्राम आटा मिलेगा। जबकि पूर्व में प्रति राशन कार्ड 11 किलोग्राम आटा दिया जाता था।
रवींद्रनाथ टैगोर एक ऐसी शख्सियत हैं जिनका नाम देश का हर बच्चा जानता है। राष्ट्रगान 'जन गण मन अधिनायक' के रचयिता रवींद्रनाथ टैगोर की आज 80वीं पुण्यतिथि है। 7 अगस्त 1941 को उन्होंने इस संसार को त्याग दिया था। वह एक बहुआयामी प्रतिभा की शख्सियत के मालिक थे। टैगोर ने कविता, साहित्य, दर्शन, नाटक, संगीत और चित्रकारी समेत कई विधाओं में प्रतिभा का परिचय दिया। टैगोर, महात्मा गांधी का बहुत सम्मान करते थे। हालांकि, कई बार ऐसा हुआ है जब दोनों के बीच कई विषयों को लेकर अलग राय होती थी। टैगोर का दृष्टिकोण तार्किक ज्यादा होता था। टैगोर ने ही गांधी को महात्मा की उपाधि दी थी और महात्मा गांधी ने रबींद्रनाथ को 'गुरुदेव' की उपाधि दी थी। रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में हुआ था। वह 13 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके पिता ने उनका पालन पोषण किया। बचपन से ही उन्हें लिखने का बहुत शौक था। आठ साल की उम्र में ही कविताओं की रचनाएं शुरू कर दी थी। आगे चलकर टैगोर देश के एक महान कवि, उपन्यासकार, नाटककार, चित्रकार और निबंधकार बने। साल 1980 तक टैगोर ने कई उपन्यास, कविताएं और कहानियां लिख डाली, जिसे बंगाल के कई पब्लिशर्स ने पब्लिश भी किया। इसके बाद रवींद्रनाथ टैगोर बंगाल में काफी चर्चित हो गए थे। उनकी रचनाओं की वजह से उन्हें हर कोई जानने लगा था। अपनी रचनाओं के जरिए टैगोर ने समाज के गलत रीति रिवाजों और कुरीतियों के बारे में लोगों को जागरुक भी किया था।
हिमाचल प्रदेश की सरकार ने ‘श्रावण अष्टमी नवरात्र’ के दौरान राज्य के मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 आरटी-पीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट या पूर्ण टीकाकरण प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया है। मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जो लोग नौ अगस्त से 17 अगस्त तक चलने वाले ‘श्रावण अष्टमी नवरात्र’ त्योहार के दौरान विभिन्न मंदिरों में दर्शन करने जाने को इच्छुक हैं, उन्हें राज्य और जिले की सीमा पर पूर्ण टीकाकरण प्रमाण पत्र या अधिकतम 72 घंटे के भीतर आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण मुक्त होने का प्रमाण पत्र दिखाने पर ही प्रवेश दिया जाएगा। राम सुभाग सिंह ने कहा कि यह फैसला कोविड-19 महामारी की संभावित तीसरी लहर की चिंता के मद्देनजर उठाया गया है। सिंह ने कहा कि इस दौरान सभी राज्यों के विभिन्न मंदिरों और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ जमा होने की संभावना है। आदेश में कहा कि सीमित स्थान पर में ऐसे समागम ‘बड़े पैमाने पर संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है और राज्य और देश के कई हिस्सों में संक्रमण फैल सकता है। सिंह ने कहा कि मेला अधिकारी और मेला पुलिस अधिकारी इस अवधि में ‘मास्क नहीं तो दर्शन नहीं’ नीति का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। सिंह ने कहा कि सभी धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार पर तापमान मापने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए और हाथ धोने या सेनिटाइजर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। हॉकी टीम के इस शानदार प्रदर्शन से हिमाचल का भी मान बढ़ा है। हॉकी टीम के खिलाड़ी वरूण कुमार हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के डल्हौजी के मूल निवासी हैं। हिमाचल सरकार वरूण कुमार को 1 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान करेगी। इसके साथ ही वरूण कुमार को पुलिस विभाग में DSP के पद पर नियुक्त किया जाएगी। ये घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को विधानसभा में की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 41 साल बाद देश को हॉकी में पदक मिला है। वरुण कुमार को 1 करोड़ दिया जाएगा। वरूण कुमार को उनकी योग्यता के अनुसार पुलिस विभाग में डीएसपी की नौकरी देने की भी सदन में घोषणा की। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। हॉकी टीम के इस शानदार प्रदर्शन से हिमाचल का भी मान बढ़ा है।
इस हफ्ते लगातार पांचवें दिन सोने के भाव में गिरावट देखी गई है। आज 22 कैरेट वाले दस ग्राम सोने के भाव 46,940 रुपये है। इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा चांदी के भाव में गिर गए। आज चांदी का भाव 66,800 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लगातार तीसरे दिन चांदी की भाव गिर गए है। अभी -0.117 डॉलर की गिरावट (-0.46%) के साथ 25.175 डॉलर प्रति आउंस तक पहुंच गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी रेट्स के मुताबिक कल सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 41 रुपये की गिरावट के साथ खुला। वहीं चांदी के दाम में 669 रुपये की कमी देखने को मिली। 22 कैरेट गोल्ड का भाव 43 हजार 976 है जबकि 18 कैरेट सोने का भाव 36 हजार 007 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। अगर 14 कैरेट की बात करें तो इसका भाव 28 हजार 085 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार पहुंच गया था। आपको बता दें कि सोना अपने ऑल टाइम हाई 56 हजार 254 रुपये से करीब 8 हजार 245 रुपये नीचे खिसक चुका है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी भाव और आपके शहर के भाव में 500 से 1000 रुपये का अंतर देखने को मिल सकता है। सोमवार को सोने की कीमत 48 हजार 86 रुपये रहा जबकि मंगलवार को 47 हजार 864 रुपये, बुधवार को 47 हजार 892 रुपये, जबकि गुरुवार को 47 हजार 845 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
भारत में खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाले सबसे बड़े सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस अवार्ड का नाम अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया जा रहा है। पीएम मोदी ने ट्ववीट में कहा कि, ''देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद।'' इस अवार्ड को 1991-92 में शुरू किया गया था। तब इसका नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था। इस अवार्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता फैलाना है। साथ ही खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है, ताकि वह समाज में और ज्यादा सम्मान प्राप्त कर सकें।
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में बाबर नाले के पास संदिग्ध ड्रोन से हथियार गिराए गए हैं। सुरक्षाबलों को दो पिस्तौल और पांच मैगजीन मिली हैं। इस घटना के बाद से इलाके में सेना और सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। जम्मू कश्मीर में 5 अगस्त से लेकर हाई अलर्ट है। जिस नाले के पास से हथियार मिले हैं, वो आतंकियों की घुसपेठ के लिए पहले भी इस्तेमाल होता रहा है। इसी के आस पास तलाशी के दौरान एक पैकट मिला। इसे सुरक्षाबलों ने खोल कर देखा तो उसमें आतंक का समान बरामद हुआ। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है। बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब पाकिस्तान की ओर से सीमा पर भारत के खिलाफ साजिश रची गई हो। जम्मू एयरबेस पर ड्रोन से हमले के बाद भी कई बार पाकिस्तान ने भारत की सीमा पर ड्रोन भेजे हैं। लेकिन हर बार भारत के सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान की साजिश को नाकाम किया है।
भारतीय मूल की अमेरिकी छात्रा नताशा पेरी को दुनिया का सबसे प्रतिभाशाली छात्र घोषित किया गया है। 11 वर्षीय नताशा पेरी को 84 देशों के 19,000 छात्रों के बीच उच्च ग्रेड-स्तर के परीक्षण के परिणामों के बाद यह खिताब दिया गया। खिताब मिलने के बाद उन्हें दुनिया के ‘सबसे प्रतिभाशाली’ छात्रों की सूची शामिल किया गया है। यह खिताब जॉन्स हॉपकिन्स सेंटर की ओर से नताशा को दिया गया है। बता दें कि जॉन्स हॉपकिन्स सीटीवाई दुनिया भर के प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करने और उनकी वास्तविक शैक्षणिक क्षमताओं को दुनिया के सामने लाने के लिए इस ग्रेड-स्तरीय परीक्षण का उपयोग करता है। जॉन्स हॉपकिन्स सीटीवाई टेस्ट का मैथेमेटिकल क्वांटीटिव सेक्शन में व्यक्त मात्राओं के बीच संबंधों को देखने की क्षमता को मापता है। यह ओरल और शब्दों के अर्थ और उनके बीच संबंधों की समझ का भी आकलन करता है। गौरतलब है कि नताशा पेरी ने स्प्रिंग 2021 में जॉन्स हॉपकिन्स टैलेंट सर्च का टेस्ट दिया था। उस वक्त नताशआ ग्रेड 5 में थी। ओरल और क्वांटीटिव वर्गों में उसके रिजल्ट उन्नत ग्रेड 8 प्रदर्शन के 90 प्रतिशत के साथ थे।
मध्य प्रदेश के रहने वाले अनुभव दुबे ने अपने हौसलों से यह साबित करके दिखाया है कि इंसान चाहे तो कुछ भी कर सकता है। भारत में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां चाय न बनती हो। देश में ज्यादातर लोगों को इसकी लत होती है। चाय के बिजनेस में बड़ा अवसर देखकर मध्य प्रदेश के रहने वाले अनुभव दुबे और उनके दोस्त आनंद नायक ने चाय के बिजनेस में हाथ आजमाने का फैसला किया। आज ना सिर्फ इस बिजनेस से वह करोड़ो कमा रहे हैं बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दे पा रहे हैं। अनुभव दुबे ने अपनी 8 वीं कक्षा तक की पढ़ाई गांव से की है। इसके बाद उनके पिताजी ने उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए इंदौर भेजा। वहा अनुभव दुबे की दोस्ती आनंद नायक से हुई। दोनों ने कई सालों तक एक साथ पढ़ाई की लेकिन, बाद में आनंद ने पढ़ाई छोड़ दी और अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर एक बिजनेस शुरू किया। अनुभव के माता-पिता उन्हें IAS बनना चाहते थें इस कारण उन्हें पढ़ने के लिए दिल्ली भेज दिया। दिल्ली में अनुभव ने IAS बनने की तैयारी शुरू कर दी। एक दिन अनुभव को उनके दोस्त आंनद का कॉल आया और दोनों ने मिलकर एक बिजनेस शुरू करने का मन बना लिया। चाय के बिजनेस के बारे में अनुभव बताते हैं कि हमारे देश में पानी के बाद सबसे ज्यादा चाय पी जाती है। इसलिए इसका बिजनेस बहुत फायदेमंद है। इस बिजनेस में उन्हें ज्यादा लागत भी नहीं लगी। दोनों ने बिजनेस प्लान करते समय यह सोचा की वह इस बिजनेस में यूथ को टारगेट करेंगे। अनुभव और आनंद ने मिलकर इंदौर में 3 लाख की लागत से पहली दुकान खोली और अपना बिजनेस शुरू किया। लोगों ने चाय की दुकान खोलने पर कई बार उन्हें ताना भी मारा पर उन्होंने कभी ध्यान नहीं दिया। उनकी दुकान चाय सुट्टा बार की आज 165 से ज्यादा आउटलेट्स हैं। उनके बिजनेस का आज 100 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर है। वह 250 कुम्हार परिवारों को भी रोजगार भी देते हैं।फिलहाल उनके 18 लाख से ज्यादा रोजाना के कस्टमर्स हैं।
राजधानी शिमला में एक बार फिर तेंदुए का आतंक देखने को मिला है , इस बार तेंदुए ने 5 साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाया है घटना शिमला के कनलोग इलाके की है जहां तेंदुए ने एक बच्ची पर हमला कर दिया और उसे उठाकर जंगल की और ले गया। जानकारी के अनुसार कनलोग में बने ढारे में रहने वाली यह बच्ची रात को अपने घर से बाहर निकली और उस समय तेंदुआ बच्ची को उठा कर साथ लगते जंगल में ले गया। बच्ची की दादी को जैसे ही इसका पता लगा उन्होंने तुरंत शोर मचाया, लेकिन तब तक तेंदुआ बच्ची को लेकर जंगल की ओर भाग गया। घटना की जानकारी न्यू शिमला थाने में दी गई। पुलिस ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। पुलिस और वन्यजीव विभाग ने साथ लगते जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। देर रात तक बच्ची का कोई पता नहीं चल पाया है। शुक्रवार सुबह बच्ची का सिर मिला है।
लाहौल-स्पीति के तोजिंग नाला में आई बाढ़ में बहे बीआरओ के जेई का शव नौ दिन बाद बरामद कर लिया गया है। पुलिस और सेना के खोजी कुत्तों की मदद से तोजिंग नाला में चिनाव नदी के किनारे जेई का शव मिला है। चाचा ने मृतक की पहचान की है। दो लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों को खोजी कुत्तों की मदद से तलाश किया जा रहा है। दूसरी ओर ब्रह्मगंगा नाले में बाढ़ में बहे चार लोगों का अभी कोई पता नहीं चल सका है। उधर, ब्रह्मगंगा में लापता लोगों का पता लगाने के लिए गुरुवार को रेस्क्यू टीम और परिजन डटे रहे। पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने कहा कि लापता लोगों की तलाश जारी है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राम सुभग सिंह को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। गुरुवार को नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। राम सुभग सिंह 1987 बैच के हिमाचल काडर के आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले उनके पास अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग, परिवहन, श्रम एवं राजेगार विभाग का कार्यभार था। इससे पहले गुरुवार सुबह हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव अनिल खाची को पद से हटा दिया। प्रदेश सरकार ने अनिल खाची को राज्य चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्ति दी है। इस संबंध में नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। हिमाचल सरकार ने 1986 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल कुमार खाची को दिसंबर 2019 में मुख्य सचिव नियुक्त किया था।
राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह मंडी जिला में आयोजित किया जाएगा। इस मौके मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सुबह 11 बजे मंडी के सेरी मंच पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के संबंध में हुई बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने सभी अधिकारियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समय रहते सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी इत्यादि दलों के आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी लेने के उपरांत प्रदेशवासियों को अपना संदेश देंगे। समारोह में प्रदेश की सामाजिक एवं संस्कृतिक उपलब्धियों को भी दर्शाया जाएगा। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इस मौके अतिरिक्त उपायुक्त जतिन लाल, अतिरिक्त जिलादंडाधिकारी राजीव कुमार, एसडीएम रितिका सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी डिपुओं में मिलने वाली दालों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। एक किलो उड़द में 100 से 150 ग्राम कंकड़ निकल रहे हैं। मामला जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की जामना पंचायत में सामने आया। यहां सस्ते राशन की दुकान पर उड़द की दाल में भारी मात्रा में कंकड़ निकल रहे हैं। जब ग्रामीणों ने विभाग से शिकायत की तो अधिकारी जांच करने भी नहीं आए। उनका कहना था कि पांवटा-शिलाई सड़क बंद है। ग्रामीणों ने बताया कि निम्न गुणवत्ता का राशन देकर सरकार लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है। राशन की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो ग्रामीण विभाग और सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा। डिपो होल्डर से बात की तो डिपो होल्डर ज्ञान सिंह ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। खाद्य आपूर्ति विभाग के पांवटा स्थित निरीक्षक राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें इस बारे में शिकायत मिली है। एनएच 707 बड़वास में बंद है, जिस कारण जामना में जाना संभव नहीं है। सड़क खुलते ही जामना में जाकर सैंपल लिए जाएंगे।


















































