फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला संयुक्त किसान मंच की बैठक आज शिमला में आयोजित की गई तथा इसमें 5 अगस्त को शिमला में किसानों व बागवानों के संगठनों के आह्वान पर होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। मंच ने सभी किसानों व बागवानों के संगठनों से आह्वान किया कि इस प्रदर्शन में किसानों व बागवानों की भारी संख्या में भागीदारी कर सरकार के समक्ष अपनी मांगें प्रभावशाली तरीके से रखें जाए तथा सरकार को इन मांगों को मानने के लिए बाध्य किया जाए। सभी संगठनों ने 5 अगस्त के सचिवालय के बाहर प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए गांव स्तर की बैठकें करने का निर्णय लिया तथा इसमे ज्यादा से ज्यादा किसानों व बागवानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में सरकार द्वारा 28 जुलाई को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किसानों व बागवानों के संगठनों के साथ रखी गई, बैठक जिसमें सरकार ने संयुक्त किसान मंच को भी पत्र भेजकर आमंत्रित किया है को लेकर भी चर्चा की गई और निर्णय लिया गया कि संयुक्त किसान मंच इस बैठक में भाग लेगा तथा इससे संबंधित सभी किसानों व बागवानों के संगठनों के प्रतिनिधि इसमे भाग लेंगे और इसके लिए एक मांगपत्र भी सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। यह मांगपत्र सभी संगठनों से चर्चा कर बनाया गया और बैठक में 20 सूत्रीय मांगपत्र पर भी सहमति बनाई। यह हैं मुख्य मांगे सेब व अन्य फलों, फूलों व सब्जियों की पैकेजिंग में इस्तेमाल किए जा रहे कार्टन पर GST समाप्त किया जाए व ट्रे की कीमतों में की गई भारी वृद्धि वापस ली जाए तथा इनकी गुणवत्ता पर भी सरकार नियंत्रण करें। हिमाचल प्रदेश में भी कश्मीर की तर्ज पर मंडी मध्यस्थता योजना(MIS) पूर्ण रूप से लागू की जाए तथा सेब के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत A, B व C ग्रेड के सेब के लिए क्रमशः 60 रुपए, 44 रुपए व 24 रुपए प्रति किलो समर्थन मूल्य पर खरीद की जाए। HPMC व Himfed द्वारा गत वर्षों में बागवानों से लिए गए सेब का बकाया भुगतान तुरंत किया जाए। सेब पर आयात शुल्क कम से कम 100 प्रतिशत किया जाए तथा इसे मुक्त व्यापार संधि (FTA) से बाहर किया जाए। प्रदेश की विपणन मंडियों में एपीएमसी कानून को सख्ती से लागू किया जाए। मंडियों में खुली बोली लगाई जाए व किसान से गैर कानूनी रूप से की जा रही मनमानी वसूली, जिसमें मनमाने लेबर चार्ज, छूट, बैंक डीडी व अन्य चार्जिज को तुरंत समाप्त किया जाए। किसानों से प्रदेश में विभिन्न बैरियरों पर ली जा रही मार्केट फीस वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए। शोघी बैरियर को बंद किया जाए तथा जिन किसानों से इस प्रकार की गैर कानूनी वसूली की गई है, उन्हें इसे वापस किया जाए। प्रदेश की सभी मंडियों में सेब व अन्य सभी फसले वजन के हिसाब से बेची जाए। किसानों के आढ़तियों व खरीददारो के पास बकाया पैसों का भुगतान तुरन्त करवाया जाए तथा मंडियों में ए पी एम सी कानून के प्रावधानों के तहत किसानों को जिस दिन उनका उत्पाद बिके उसी दिन उनका भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन खरीददार व आढ़तियों ने बकाया भुगतान नहीं किया है, उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। खाद, बीज, कीटनाशक, फफूंदीनाशक व अन्य लागत वस्तुओं पर दी जा रही सबसिडी को पुनः बहाल किया जाए और सरकार कृषि व बागवानी विभागों के माध्यम से किसानों व बागवानों को उचित गुणवत्ता वाली लागत वस्तुएं सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाए। कृषि व बागवानी के लिये प्रयोग में आने वाले उपकरणों स्प्रेयर, टिलर, एंटी हेल नेट आदि की वर्षों से लंबित सबसिडी तुरंत प्रदान की जाए। प्रदेश में भारी ओलावृष्टि व वर्षा, असामयिक बर्फबारी, सूखा व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से किसानों व बागवानों को हुए नुकसान का सरकार उचित मुआवजा प्रदान कर राहत प्रदान करें। किसानों व बागवानों के द्वारा विभिन्न बैंकों व संस्थाओं से लिए गए ऋण की माफी की जाए तथा बैंकों द्वारा जारी वसूली के नोटिस तुरंत प्रभाव से वापस लिए जाए। प्रदेश में सभी जिलों में आधुनिक सुविधाओं से लैस विपणन मंडियों का विकास व विस्तार किया जाए तथा पुरानी मंडियों के विस्तार व आधुनिकीकरण के लिए योजना बनाकर इनका कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रदेश में बागवानी विकास के लिए बागवानी बोर्ड का गठन कर इसमें बागवानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय कर इसे कानूनी रूप से लागू किया जाए। प्रदेश में धान, गेहूं, मक्की व अन्य फसलों की खरीद के लिए मंडिया स्थापित कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत खरीद करें। प्रदेश में अदानी व अन्य कंपनियों के CA स्टोर में लिये जाने वाले सेब के दाम तय करने व निगरानी के लिए बागवानी विश्विद्यालय, बागवानी विभाग के विषय विशेषज्ञ व बागवानों की एक कमेटी का तुरंत गठन किया जाए तथा इसके निर्माण के समय शर्तों के अनुसार बागवानो को 25 प्रतिशत सेब रखने के प्रावधान को तुरंत सख्ती से लागू किया जाए। किसान सहकारी समितियों को स्थानीय स्तर पर CA स्टोर बनाने के लिए सरकार द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाए। प्रदेश में सरकार भूमि अधिग्रहण, 2013 कानून(पुनर्स्थापना, पुनर्वास व चार गुणा मुआवजा) को लागू करें। बढ़ती महंगाई पर रोक लगाई जाए तथा मालभाड़े में की गई वृद्धि वापस ली जाए। संयुक्त किसान मंच सरकार को करीब एक वर्ष से अधिक समय से अपनी मांगों को लेकर बार बार ज्ञापन दे रहा है, परंतु सरकार ने अभी तक इस पर कोई भी गौर नही किया है, परंतु 11 जुलाई व 20 जुलाई के किसानों व बागवानों के रोहड़ू, ठियोग व प्रदेश के अन्य हिस्सों में आंदोलन के दबाव के चलते सरकार अब बातचीत के लिए तैयार हुई है। सरकार देश व प्रदेश में कृषि व बागवानी के बढ़ते संकट को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त मांगों को मानकर किसानों व बागवानों के हितों की रक्षा कर अपना दायित्व निभाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार इन मांगों पर अमल नहीं करती है, तो संयुक्त किसान मंच सभी किसानों व बागवानों के संगठनों को साथ लेकर अपना आंदोलन तेज करेगा और तब तक जारी रखेगा, जब तक कि सरकार इन सभी मांगों को नहीं मान लेती है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज द्रौपदी मुर्मू को भारत के राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। वह भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं। मुख्यमंत्री आज नई दिल्ली में संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। जयराम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कुशल मार्गदर्शन में देश नई ऊंचाइयां हासिल करेगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भारतीय सेना के डोगरा स्काउट के जवान लाहुल-स्पीति के ऊंचे पर्वत मानेरंग एक्सपीडशन 6593 मीटर को पूरा कर लिया है। 4 जुलाई को 18 सदस्यीय डोगरा स्काउट का दल रवाना हुआ था। 16 जुलाई को दल ने पीक की चढ़ाई की ओर 22 जुलाई को वापस समुदो पहुंचा। इस दल में 2 आफिसर, 2 जेसीओ और 14 अन्य रेंक के अधिकारी शामिल है। मानेरंग पर्वत का ट्रैक काफी चुनौती भरा रहा है। इससे पहले भी डोगरा स्काउट का दल मानेरंग पर्वत का ट्रैक कर चुके है। दल को कमांडर ट्राई पीक्स ब्रिगेड ने हरी झंडी देकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने दल के सदस्यों का हौंसला बढ़ाया। इस अवसर पर डोगरा स्काउट के आला अफसर मौजूद रहे। इसके अलावा कवांग ओर क्युलिंगस गांव में डोगरा स्कॉउट और काजा अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल कैम्प का आयोजन किया। इस कैंप में74 लोगों मे स्वास्थ्य चेक किया गया।।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज राष्ट्रपति भवन में देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भेंट की व ऐतिहासिक चंबा थाल देकर उनका पारंपरिक हिमाचली तौर-तरीक़े से अभिनंदन किया। अनुराग ठाकुर ने उनके सफल कार्यकाल व देशहित में लिए गए निर्णयों व कार्यों के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का आभार प्रकट किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला पर्यावरण संरक्षण की अपनी मुहिम में उमंग फाउंडेशन इस बरसात में दूसरा पौधरोपण कार्यक्रम ग्रीन चाकलू एस्टेट के साथ मिलकर बलदेयां के साथ लगते गावं कश्महल में 26 जुलाई को करेगा। इसमें देवदार के 200 पौधे लगाए जाएंगे। उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने बताया कि फाउंडेशन प्रति वर्ष बरसात में स्थानीय संस्थाओं व ग्रामीणों के साथ मिलकर शिमला ग्रामीण के जंगलों व सड़कों के किनारे पौधारोपण करता है। पिछले वर्ष उसने 800 से अधिक पौधे लगाए और उनका संरक्षण भी किया। पौधारोपण के साथ साथ फाउंडेशन ग्रामीण लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी करता है तथा लगाए गए पौधों की देखभाल भी करता है। इस बरसात में अन्य स्थानों पर भी पौधारोपण के कार्यक्रम होते रहेंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने आज हमीरपुर के नादौन से हुकुम सिंह बैंस को भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया। स्व. राकेश शर्मा बुबली के आकस्मिक निधन से यह पद रिक्त हुआ है। किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हुमकुम सिंह बैंस थे। सुरेश कश्यप ने कांगड़ा के पालमपुर से घनश्याम शर्मा को पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ का अध्यक्ष भी नियुक्त किया। घनश्याम शर्मा भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य थे।
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग से मंडी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए विशेष सहायता प्रदान करने का आग्रह किया मुख्यमंत्री ने उपाध्यक्ष से राज्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य के प्रयासों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि मंडी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने राज्य में हवाई सम्पर्क को सुदृढ़ करने के लिए वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 1000 करोड़ रुपए के विशेष सहायता अनुदान का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को तेज करने के लिए उपाध्यक्ष से औद्योगिक विकास योजना-2017 को अगले पांच वर्षों तक बढ़ाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उपाध्यक्ष को हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में परिवर्तित करने की दिशा में प्रदेश की प्रतिबद्धता से भी अवगत करवाया। जयराम ठाकुर ने राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की भी जानकारी दी और कहा कि राज्य में 1.70 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती अभियान से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश में लगभग 50,000 एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के तहत लाने और सभी 3615 ग्राम पंचायतों में प्राकृतिक खेती का एक मॉडल विकसित करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए बल्क ड्रग पार्क को स्वीकृति प्रदान करने का भी आग्रह किया, जो न केवल निवेश आकर्षित करेगा बल्कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने प्रस्तावित नौ राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए अधिसूचना जारी करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया। बैठक में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती और नीति आयोग के अधिकारी भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भेंट की। मुख्यमंत्री ने उन्हें मंडी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में सुकेती खड्ड का प्राथमिकता के आधार पर तटीकरण करने का आग्रह किया, जिससे हवाई अड्डे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के कार्य में तेजी लाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को राज्य में जल जीवन मिशन की प्रगति से भी अवगत करवाया। केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती एवं आवासीय आयुक्त कार्यालय एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सरकार विरोधी निर्णयों के चलते शनिवार को सैंकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और रैली निकाली। रैली का आयोजन दरबार परिसर से होते हुए मुख्य बाजार से बस स्टैंड तक किया गया। इसके बाद रैली को शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि आज सेब की पेटी के दाम 200 रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं, जिसकी मुख्य वजह है कि सेब पेकिंग मेटिरल को सरकार ने जीएसटी के दायरे में ला दिया गया है। एक बार भी यह नही सोचा कि ऐसा करने से प्रदेश के कितने बागवानों को और किसानों को नुकसान होगा, जिनकी आजीविका का साधन ही कृषि और बागवानी है। उन्होंने कहा कि भाजपा अंग्रेजों की चाल चल रही है, जिसका जवाब आने वाले दिनों में जनता देगी। आज प्रदेश का कर्मचारी, युवा व आम आदमी सरकार की नीतियों से परेशान हो चुका है। खाने पीने की चीजों पर जीएसटी लगाकर सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है। सरकार किसान-बगवान को जमीन में लाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस समय में बागवानों को कभी दिक्क्क्त नही थी व इनके हकों को पूरा करने के लिए पूरे हिमाचल में कांग्रेस जाने के लिए तैयार हैं। सरकार ने जीएसटी को पांच नहीं 18 प्रतिशत किया है। बागवानों को एचपीएमसी के द्वारा मात्र कुछ लाख पेटियां ही उपलब्ध करवाई जाती हैं, लेकिन 3 से 4 करोड़ की पेटी अब लोगों को जीएसटी चुका कर देकर खरीदनी पड़ेगी। अदानी-अम्बानी को फायदा देने के लिए मिली भगति से सेब के रेट गिरा दिए हैं। भाजपा के किसी मंत्री ने सेब सीजन के दौरान आकर बागवानों से नहीं पूछा की उन्हें कोई दिक्क्क्त परेशानी तो नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में 72 हजार का ऋण कांग्रेस ने ही वापस किया था। आज किसान क्रेडिट कार्ड का ब्याज तक वसूला जा रहा है। प्रदेश में घोटाले कम नहीं हुए हैं। पुलिस भर्ती घोटाला भाजपा के लिए एक दाग है और इसे कोई नहीं मिटा सकता। युवाओं को नाैकरी देने के नाम पर धोखा दिया गया है। भाजपा को यह बताना चाहिए कि आज तक कितने युवाओं को रोजगार दिए। धर्मशाला में प्रधानमंत्री की आवभगत के लिए 15 करोड़ रुपए का तंबू लगाया गया था, लेकिन उस इन्वेस्टमेंट मिट का कोई लाभ नहीं मिला है। सरकार के विरोध में रविवार को ओपीएस कर्मचारियों का एक बहुत बड़ा सम्मेलन रामपुर में होने जा रहा है, जिससे साफ है कि कर्मचारियों के साथ सरकार ने धोखा दिया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही ओपीएस की मांगें हर हाल में पूरी की जाएगी और जिन कर्मचारियों को पेंशन से वंचित किया गया है, उन्हें पेंशन का प्रावधान किया जाएगा। विधानसभा में कांग्रेस बागवानों के लिए लड़ती आई है। सरकार न कांग्रेस व न ही बागवानों की आवाज दबाने का प्रयास कर सकती है। सरकार बनते ही युवाओं को दस लाख का लोन कांग्रेस दिलवाएगी, जो ठेकेदार सरकार के लिए दलाली का काम कर रहे हैं, उन्हें समय आने पर जवाब दिया जाएगा। भाजपा सरकार आने वाले समय में ऑक्सीज पर भी जीएसटी लगाने जा रही है। भाजपा ने नोटबंदी व जीएसटी की सर्जिकल स्ट्राइक कीऔर इसका असर आजतक देखने को मिल रहा है। भाजपा जनता को धर्म के नाम व जातिवाद के नाम पर बांट रही है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह ने प्रदेश भर में मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए कदम उठाए थे। बसों में महिलाओं को 50 प्रतिशत टिकट माफ का तोहफा भी जुमला निकला। जब भी ऑनलाइन बुकिंग करवाने चाहें तो हमेशा सीटे फुल ही मिलती है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ने मंडी को अपनी कहा था, लेकिन मंडी के लोगों ने यह साबित कर दिया कि मंडी केवल वहां की जनता की ही है। प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी जा चुके हैं और अब अगला नंबर डीजीपी का लगना तय है। इस रैली को जिला अध्यक्ष अतुल शर्मा, विधायक नंद लाल, मंडल अध्यक्ष सतीश वर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य त्रिलोक भलुनी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष दीपक सूद, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, महिला मोर्चा अध्यक्षा राजकांता के अलावा भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। रामपुर में वर्तमान विधायक नंद लाल के विरोध में खड़े दूसरे धड़े के सदस्यों को भी शांत करवाया गया। विक्रमादित्य सिंह ने सभी नाराज चल रहे लोगों से अलग बातचीत की। यहां तक कि शुक्रवार को थाने में धमकी देने की शिकायत को वापस लेने की जानकारी भी विक्रमादित्य सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक परिवार है और परिवार में कभी कभार मनमुटाव जैसी स्थिति बन जाती है, लेकिन सभी लोगों से बात कर उन्हें समझाया गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से राष्ट्रपति चुने जाने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी पृष्ठभूमि से संबंधित तथा भारत की सबसे कम उम्र की महिला राष्ट्रपति बन कर इतिहास रच दिया है। जयराम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अपनी दूरदर्शी सोच और अनुभव से भारतीय संविधान के संरक्षक के रूप में उत्कृष्ट कार्य करेंगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने सांगटी समरहिल में संगठनात्मक जिला शिमला की बैठक ली। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रवि मेहता ने की। बैठक में मंत्री सुरेश भारद्वाज, भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, संसदीय क्षेत्र के सह प्रभारी शिशु धर्म और जिला प्रभारी डेजी ठाकुर भी मौजूद थे। सौदान सिंह ने शिमला, कसुम्पटी और शिमला ग्रामीण सभी मंडलों की अलग-अलग बैठकें कीं। उन्होंने हर मंडल के प्रमुख कार्यकर्ताओं से पूरा फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि यह चुनावी वर्ष है और हमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिए हर घर में जाने की जरूरत है। बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और बूथ हमारी ताकत है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर आगामी चुनाव लड़ेंगे और चुनाव जीतने के लिए एकता किसी भी राजनीतिक दल की ताकत है। रवि मेहता ने कहा कि आज हुई बैठक काफी जानकारीपूर्ण थी और इस बैठक के माध्यम से पार्टी को मजबूत करने के लिए और काम करने के लिए नई ऊर्जा मिली है। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि ये बैठकें पूरी तरह से सफल रही हैं और कार्यकर्ता हमारे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ अद्भुत बातचीत कर रहे हैं। पार्टी को मजबूत और प्रतिक्रियाशील बनाने के लिए कार्यकर्ता भी नए-नए विचार लेकर आ रहे हैं। बैठक में राजेश शारदा, दिनेश ठाकुर और जितेंद्र भोटका ने भी भाग लिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कोलकाता में हो रही जूनियर किक बॉक्सिंग प्रतियोगता में रोहरु के पुजारली 4 के सरकारी स्कूल के छात्र हर्ष भारती ने 25 राज्य को पछाड़ते हुए हिमाचल प्रदेश के लिय स्वर्ण पदक जीत कर पूरे पदेश व अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया और इसके बाद वह अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधत्व करेगा।
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, केंद्र सरकार की तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस का रोष मार्च सरकार विरोधी आवाज को दबाने के लिए हो रहा संस्थाओं का दुरुपयोग फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। सरकार के विरोध में उठ रही आवाज को दबाने के लिए संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और केंद्र सरकार की तानाशाही के खिलाफ ही कांग्रेस ने वीरवार को शिमला में ईडी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और धरना दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को ईडी की पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। यह सब केंद्र सरकार करवा रही है। भाजपा यह न भूले कि सत्ता किसी के पास स्थायी तौर पर नहीं रहती। सांविधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के साथ भाजपा जमकर खिलवाड़ कर रही है। विपक्ष के जिन नेताओं से भाजपा को चुनौती मिल रही है, उन्हीं के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल हो रहा है। कांग्रेस ना अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के सामने झुकी, ना भाजपा सरकार की तानाशाही के सामने झुकेगी। ईडी अब प्रवर्तन निदेशालय न रहकर बदनाम निदेशालय बन गया है। इसकी बिल्कुल विश्ववसनीयता नहीं रह गई है। भाजपा नेता ईडी को अपनी उंगलियों पर नचा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष के प्रेस सचिव राजेंद्र शर्मा ने कहा कि ईडी और आयकर विभाग विभाग जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग मोदी सरकार में ही शुरू हुआ। इससे पहले कांग्रेस दस वर्ष सत्ता में रही, लेकिन कभी इस तरह के कदम नहीं उठाए। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने भी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल नहीं किया। केंद्र में इतनी कमजोर सरकार चल रही है कि अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस के खिलाफ आए दिन षड्यंत्र रचती रहती है। सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में भविष्य में भी भाजपा सरकार की हर दमनकारी नीति का विरोध किया जाएगा।
आधिकारिक परिषद की बैठक में एबीवीपी की मांगो पर लगी मोहर फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई सचिव कमलेश ठाकुर ने एक ब्यान जारी करते हुए विवि की कार्यकारिणी परिषद की बैठक में हुए फैसलों का स्वागत किया है। कमलेश ने कहा कि विवि की कार्यकारिणी परिषद की बैठक में हुए फैसले विद्यार्थी परिषद के लंबे आंदोलन की जीत है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद लम्बे समय से मांग उठाती आ रही थी कि पीएचडी में बिना प्रवेश परीक्षा के कोई भी एडमिशन नहीं होनी चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए विद्यार्थी परिषद लंबे समय से आंदोलनरत थी। विवि की कार्यकारिणी परिषद की बैठक में इस मांग पर मुहर लगी है। उन्होंने कहा कि स्नातकोत्तर (पीजी) में रिअपीयर के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की फीस घटाई जाएगी। हालांकि विवि की आधिकारिक परिषद की बैठक में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह फीस कितनी कम की जाएगी, लेकिन विद्यार्थी परिषद इसको लेकर भी जल्द से जल्द विवि प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करवाएगी। उन्होंने कहा कि विवि के छात्रावासों में रहने वाले छात्रों से छात्रावास की कोरोना काल के दौरान की आधी ही फीस ली जाएगी। इस मांग को लेकर भी विद्यार्थी परिषद लंबे समय से उठाती आ रही थी। कमलेश ने कहा कि हम विवि प्रशासन द्वारा आधिकारिक परिषद की बैठक में लिए गए फैसलों का स्वागत करते हैं एवं उम्मीद करते हैं कि विवि प्रशासन इसी प्रकार से छात्रहित में फैसले लेता रहेगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश मुखुप्रवक्त रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा बुलाई गई जांच में कांग्रेस द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन आम जनता को गुमराह करने के कांग्रेस नेताओं के स्पष्ट इरादों को दर्शाता है। "चोर मचाए शोर" का मुहावरा कांग्रेस नेताओं पर चरितार्थ करता है। अगर सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार नहीं किया है, तो वे पूछताछ से भागने की कोशिश क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केंद्रीय नेता आरोपों से घिरे हुए हैं, कांग्रेस ने अपने शासन के दौरान भारत की संपत्ति को हथियाने की कोशिश की। नेशनल हेराल्ड केस की शुरुआत कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी और यह कहना कि भाजपा बदले की भावना से काम कर रही है, निराधार है। कांग्रेस गलत तरीके से प्रवर्तन निदेशालय एक स्वतंत्र विभाग का मनोबल गिरा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनके प्रयास बेकार रहेंगे। कांग्रेस जब भी सत्ता में आई है, उसने कई घोटाले किए हैं, जिससे जनता वाकिफ है। उन्होंने कहा कि आज सोनिया गांधी से ईडी पूछताछ कर रही है और कांग्रेस पार्टी इसके विरोध में सत्याग्रह कर रही है। यह सत्याग्रह नहीं है, यह देश के कानूनों और देश की संस्थाओं के खिलाफ ईशनिंदा है। नेशनल हेराल्ड की पूरी संपत्ति यंग इंडिया को अवैध रूप से दी गई थी और नेशनल हेराल्ड के पास हजारों करोड़ की संपत्ति है। ये संपत्तियां कई शहरों में हैं, जिनकी जमीन कांग्रेस सरकारों ने सस्ते दाम पर दी थी। कांग्रेस नेता हजारों करोड़ का किराया कमाते हैं, ये है पूरा मामला। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड एक अखबार था और बाद में अखबार बंद कर दिया गया, उस पर काफी देनदारी हो गई थी। 90 करोड़ का कर्ज बहुत ही धूर्त तरीके से दिया गया और एक पारिवारिक संगठन यंग इंडिया का गठन किया गया। पूरा मामला यह है कि कांग्रेस पार्टी परिवार की 'जेबी ' संस्था बन गई है। उनके सभी नेता भी जेब में हैं। एक तरफ भाजपा वो हैं, जो कानून और संस्थाओं का सम्मान करते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस के नेताओं के व्यवहार को देखिए। उनके मुख्यमंत्री दिल्ली में बैठे हैं, सभी सांसद लोकसभा और राज्यसभा को छोड़कर ईडी और अन्य संगठनों का मनोबल गिरा रहे हैं। आज यह कांग्रेस का सत्याग्रह, सत्याग्रह नहीं है, जब परिवार पार्टी की संपत्ति को अपनी जेब में रखता है, तो उसे बचाने से परहेज होता है। भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है। सच तो यह है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी जमानत पर हैं और ये लोग हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस हार चुके हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने अंतरराष्ट्रीय होटल ठियोग में आयोजित संगठनात्मक जिला महासू की बैठक में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अजय श्याम ने की। बैठक में भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल और प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल भी मौजूद थे। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने जिला महासू के अंतर्गत आने वाले सभी मंडलों जैसे रोहड़ू, चौपाल, ठियोग, रामपुर और जुब्बल कोटखाई की अलग-अलग बैठक की। बैठक में सभी मंडल पदाधिकारियों एवं प्रमुख कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया गया। संगठन को मजबूत बनाने और बेहतर तालमेल से काम करने का रोडमैप भी रखा गया। बैठक में पार्टी के आगामी कार्यक्रमों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सौदान सिंह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राज्य में आगामी चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं। भाजपा उन चुनावों में वोट प्रतिशत बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जहां हम हिमाचल में एक मजबूत सरकार बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। भाजपा एक जन संपर्क कार्यक्रम पर काम कर रही है, जो हमारे वोट बैंक को बढ़ाने में फायदेमंद होगा। भाजपा के हर बूथ पर 100 से ज्यादा सक्रिय कार्यकर्ता हैं, जिसने हमें दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बना दिया है। देश में और हिमाचल में कांग्रेस की गणित कम हो रहा है और जल्द ही कांग्रेस गायब हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाया है और उनके उत्थान के लिए नीतियां बनाई हैं। समाज के सभी वर्गों को केंद्र और राज्य सरकार में सम्मानजनक स्थान मिले हैं। संजीव कटवाल ने कहा कि यह बैठक काफी जानकारीपूर्ण रही और हमें बहुत सारे उपयोगी इनपुट मिले हैं, जो पार्टी के लिए फायदेमंद होंगे। हम पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सभी इनपुट पर काम करेंगे। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह हिमाचल के सभी जिलों का दौरा करेंगे, जहां वह मंडलवार इसी तरह की बैठकें करेंगे। यह मंथन संगठन के बेहतर परिणाम के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला केंद्र की भाजपा सरकार ने आटा, चावल जैसी दैनिक उपभोक्त की वस्तुओं पर नए जमाने का जजिया टैक्स लगाकर पहले से महंगाई की मार झेल रहे गरीबों पर भारी भरकम बोझ लाद दिया हैं। यह बात जुब्बल नावर कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने प्रेस में जारी एक बयान में कही। रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी क्रियान्वयन जैसी गलत आर्थिक नीतियों के बाद अब आम आदमी की दैनिक उपभोग की वस्तुओं को राजस्व अर्जित करने का मुख्य साधन बना दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले केंद्र भाजपा सरकार दूसरे देशों को अनाज बांटने की बात कर रही और अब आटा, चावल व अन्य खाद्य पदार्थो पर टैक्स लगाकर गरीबों का राशन छीन रही हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि केंद्र भाजपा सरकार कृषि-बागवानी में उपयोग होने वाली कीटनाशक-फफूंदनाशक दवाइयों, खाद, कार्टन, ट्रे व उपकरण पर मनमाने तरीक़े से जीएसटी का बोझ बागवान- किसान पर लाद रही हैं। केंद्र की भाजपा सरकार 2022 तक किसानों-बाग़वानों की आय दोगुना करने की बात करती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र भाजपा सरकार के गत आठ वर्षों के कार्यकाल में कृषि- बागवानी पर लगातार लागत बढ़ती जा रही हैं, जबकि किसानों को उनकी फ़सल के दस साल पुराने दाम मिल रहे हैं। यूपीए सरकार के कार्यकाल 2014 में घरेलू गैस की कीमत 410 रुपए प्रति सिलेंडर हुआ करती थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा जीएसटी वसूल करने से आज सिलेंडर के दाम 1100 रुपए का आंकड़ा पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार की गलत नीतियों से बागवान, व्यापारी, मजदूर, पर्यटन उद्योग से जुड़े उद्यमी और पढ़े-लिखे युवा कठिन दौर से गुज़र रहे है। भारत 116 देशों के वैश्विक भुखमरी सूचकांक (जीएचआई) में पड़ोसी देशों से भी फिसलकर निचले स्थान पर आ गया है। उन्होंने कहा कि रोटी कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं जनता का अधिकार हैं, लेकिन मौजूदा सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते मंहगाई दर 15 वर्षो के सर्वाधिक स्तर पर, जबकि बेरोजगारी 45 वर्ष के सर्वोत्तम स्तर पर पहुंच गई हैं।
ईसी बैठक से पहले वीसी कार्यालय के बाहर सौंपा 10 सूत्रीय मांगपत्र आमीषा कुल्ला। शिमला छात्रों की मांगों को लेकर वीसी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी के बीच ईसी सदस्य पिछले दरवाजे से हुए दाखिल। एनएसयूआई के छात्रों ने परिसर अध्यक्ष रजत पोन्टु की अगवाई में वीसी कार्यालय के पिछले गेट पर ही सदस्यों को सौंपा मांग पत्र, जिसमें निम्नलिखित मांगे की गई। 1. UG व PG कक्षाओं के परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द घोषित किये जाए। साथ ही आगामी सत्र के लिए जल्द कॉउंसलिंग आयोजित कर एडमिशन प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। 2. सत्र 2020-21 की हॉस्टल कंटीन्यूएशन फीस माफ की जाए। साथ ही हॉस्टल मैसों में खाने की गुणवत्ता को सुधारा जाए। 3. छात्रावास आवंटन मे EWS वर्ग को भी विशेष रूप से सम्मिलित किया जाए। 4. Dept. of Lifelong Learning से जो सहायक आचार्य के एक सेंक्शन पद को पर्यावरण विज्ञान विभाग में रोस्टर सहित ट्रांसफर किया गया है उसे तत्काल निरस्त कर वापिस Dept. of Lifelong Learning में लाया जाए। और इस विभाग में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में ग्रामीण विकास/Rural Development के कैंडिडेटों को पूर्ण प्राथमिकता दी जाए। 5. विश्वविद्यालय परिसर मे खुले कामधेनु, NesCafe, hotspot व अन्य ढाबों पर लगातार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों से की जा रही लूटपाट से छात्रों को राहत दिलाने के लिए उचित कीमतों को निर्धारित व खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए विशेष कमेटी (जिसमें छात्रों का प्रतिनिधित्व भी शामिल हो) गठित कर छात्रों को राहत प्रदान करें। 6. विश्वविद्यालय परिसर मे बन रहे Alumni Bhavan को वि.वि.की अपनी भूमि में न बना कर सरकार से विश्वविद्यालय के साथ लगती किसी जगह पर बनाया जाए, क्योंकि विश्वविद्यालय के बहुत सारे विभागों के पास आज भी अपना पुरा Infrastructure व पर्याप्त मात्रा मे Classrooms नही है। 7. वि.वि. Library में बंद पड़े Aquagurads व पुराने व टूटे-फटे टेबल कुर्सियों को तुरंत प्रभाव से बदला जाए। 8. प्रदेश विश्वविद्यालय में सेनिटाइजर मशीनों के नाम पर लाखों के घोटाले की जांच की जाए व जिस भी कंपनी/ माध्यम से इन मशीनों को लगवाया गया था, उन्हीं से दुबारा सभी मशीनों को लगवाया जाए। क्योंकि 95 प्रतिशत से भी अधिक मशीनें पिछले 2-3 महीनों से खराब है। 9. विश्वविद्यालय में नए छात्रावासों का निर्माण शीघ्र किया जाए, क्योंकि प्रदेश के अधिकतम विद्यार्थी विश्वविद्यालय में आर्थिक रूप से कमजोर व माध्यम वर्गीय परिवारों से संबंध रखते हैं। 10. एचपीयू का नाम पूर्व मुख्यमंत्री स्व. राजा वीरभद्र सिंह के नाम पर रखा जाए व वीरभद्र पीठ को शीघ्र शुरू कर इसी सत्र से विद्यार्थियों को इसमें दाखिला दिया जाए। NSUI ने मांग की कि प्रदेश के उच्चतम शिक्षण संस्थान में शिक्षा व शोध की गुणवत्ता को बनाए रखने और छात्रहितों की रक्षा के लिए विवि प्रशासन इन सभी मांगो को प्राथमिकता से पूरा करें।
एबीवीपी एचपीयू इकाई ने वृक्षमित्र अभियान के तहत सरोग में रोपे 3027 पौधे आमीषा कुल्ला। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट एवं विकासार्थ विद्यार्थी (एसएफडी) प्रकल्प के माध्यम से वृक्षमित्र अभियान के तहत मिलकर शिमला जिला के सरोग में वृक्षारोपण किया।इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में शिमला जिला की प्रमुख समाजसेवी विमल सना बतौर मुख्यातिथि, विजय प्रताप बतौर मुख्य वक्ता (उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री) एवं कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में डॉ. नितिन व्यास मौजूद रहे। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबाेधित करते हुए विमल सना ने कहा कि पेड़ों के बिना धरती पर जीवन नहीं हो सकता। पौधारोपण समय-समय पर होना चाहिए। ऐसी गतिविधियों में युवाओं की भूमिका अहम है। वनों को सुरक्षित रखना और वनों का दायरा बढ़ाना हमारा कर्म और धर्म है। उन्होंने कहा कि पौधे कम ही सही, लेकिन उनको लगाना हमारा परम कर्तव्य है। पृथ्वी पर वृक्ष होंगे, तभी हमें सांस लेने के लिए शुद्ध हवा मिलेगी। छात्रों को संबाेधित करते हुए विजय प्रताप ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा से ही ऐसे कार्यों के लिए आगे रही है। हर वर्ष पौधरोपण किया जाता है। पौधों का संरक्षण भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता करते हैं। विद्यार्थी परिषद का प्रकृति से गहरा नाता रहा है। छात्रों को संबाेधित करते हुए नितिन व्यास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्ष अत्यंत महत्वूपर्ण हैं। पौधों को हमें बच्चों की तरह देखरेख कर बचा कर रखना चाहिए। आज के समय में वातावरण दूषित होता जा रहा है, जिसे बचाने के लिए व स्वच्छ रखने के लिए पौधरोपण अधिक सरल व महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में हमारा योगदान सिर्फ पौधे रोपने से नहीं होगा, बल्कि पौधों का संरक्षण कर उन्हें पेड़ बनाना होगा। वृक्षारोपण अभियान के शिमला जिला प्रमुख दलीप ने कहा कि विद्यार्थी परिषद की ने आज शिमला जिला में 10हज़ार पौधे रोपित करें, जिसमें से विद्यार्थी परिषद की विश्वविद्यालय इकाई ने 3027 पौधे रोपे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हेतु इस पहल में घणाट्टी के लोगों का विद्यार्थी परिषद को भरपूर समर्थन मिला और जिसके लिए विद्यार्थी परिषद उनका आभार प्रकट करती है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश में जयराम ठाकुर और केंद्र में मोदी सरकार ने जनता को महंगाई का एक और तोहफा दे दिया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सौरभ चौहान ने कहा कि प्रीपैक्ड प्रोडक्ट पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने से रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। इससे साधारण परिवार की रसोई का खर्च एक से दो हजार रुपए बढ़ जाएगा। सौरभ चौहान ने कहा कि प्रदेश की जयराम सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह फेल साबित हुई है। ऐसे में बेरोजगारों को रोजगार देने के स्थान पर महंगाई बढ़ाई जा रही है। सौरभ चौहान ने प्रदेश की जयराम सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस जन विरोधी फैसले को वापिस लेने के लिए केंद्र पर दवाब बनाया जाए या फिर जयराम सरकार खुद बढ़ी हुई कीमत को वहन करें। सौरभ चौहान ने कहा कि लोगों के घरों का बजट बिगड़ गया है। अब रोज उपयोग में आने वाली चीजें महंगी मिलेंगी। केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार 18 जुलाई से प्रीपैक्ड प्रोडक्ट पर 5 फीसदी जीएसटी वसूल की जाएगी। नए नियमों के तहत सभी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट के रेट भी बढ़ा दिए हैं, जहां पुराने कीमत वाले पैकेट हैं, उनसे कहा गया है कि वो उसमें 5 फीसदी जीएसटी जोड़कर ही बेचें। सौरभ चौहान ने कहा कि अब प्रदेश की जनता को अनब्रांडेड प्रोडक्ट जो 25 किलो या उससे कम की पैकिंग में है, उस पर 5 प्रतिशत जीएसटी देना होगा। इस नए टैक्स से चावल, आटा, मैदा, सूजी, पोहा, दही, छाछ, लस्सी, गुड़, चावल, चपटा या पीटा हुआ चावल, पार्ड चावल, सिंचाई किट, आर्थोपेडिक उपकरण, शरीर के कृत्रिम अंग, सर्जिकल बेल्ट जैसी मूलभत आवश्यकता वाली चीजें भी महंगी मिलेंगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा के सह मीडिया प्रभारी करण नंदा ने कहा कि कांग्रेस देश के कर मामलों के मामले में आम जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। जीएसटी परिषद ने सभी वस्तुओं जैसे दाल, गेहूं, राई, जई, मक्का, चावल, आटा, सूजी, बेसन, फूला हुआ चावल, दही को खुले में बेचे जाने पर और पहले से पैक या प्री-लेबल नहीं होने पर जीएसटी से छूट दी है। उन पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। मोदी सरकार ने घोषणा की है कि वे बुनियादी वस्तुओं पर कर नहीं लगाएंगे। निर्णय जीएसटी परिषद का है और कोई एक सदस्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल ही में, जीएसटी परिषद ने अपनी 47वीं बैठक में दाल, अनाज, आटा, आदि जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाने के दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने की सिफारिश की थी। इस बारे में बहुत सारी भ्रांतियां हैं जो कांग्रेस पार्टी द्वारा फैलाई गई हैं। कांग्रेस से मेरा प्रश्न है कि क्या यह पहली बार है, जब इस तरह के खाद्य पदार्थों पर कर लगाया जा रहा है? नहीं। जीएसटी से पूर्व व्यवस्था में राज्य खाद्यान्न से महत्वपूर्ण राजस्व एकत्र कर रहे थे। अकेले पंजाब ने खरीद कर के रूप में खाद्यान्न पर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की। इसे ध्यान में रखते हुए, जब जीएसटी लागू किया गया था, तो ब्रांडेड अनाज, दाल, आटे पर 5 प्रतिशत की जीएसटी दर लागू की गई थी। बाद में इसमें केवल उन्हीं वस्तुओं पर कर लगाने के लिए संशोधन किया गया, जो पंजीकृत ब्रांड या ब्रांड के तहत बेची गई थीं, जिस पर आपूर्तिकर्ता द्वारा लागू करने योग्य अधिकार नहीं छोड़ा गया था। इसका उन आपूर्तिकर्ताओं और उद्योग संघों द्वारा विरोध किया गया, जो ब्रांडेड सामानों पर कर का भुगतान कर रहे थे। उन्होंने इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी पैकेड वस्तुओं पर समान रूप से जीएसटी लगाने के लिए सरकार को लिखा। कर में इस बड़े पैमाने पर चोरी को राज्यों द्वारा भी देखा गया था। फिटमेंट कमेटी- जिसमें राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा और गुजरात के अधिकारी शामिल थे- ने भी कई बैठकों में इस मुद्दे की जांच की थी और दुरुपयोग को रोकने के लिए तौर-तरीकों को बदलने के लिए अपनी सिफारिशें की थीं। इसी संदर्भ में जीएसटी परिषद ने अपनी 47वीं बैठक में यह निर्णय लिया। 18 जुलाई, 2022 से इन वस्तुओं पर केवल जीएसटी लगाने के तौर-तरीकों में बदलाव किया गया था, जिसमें 2-3 वस्तुओं को छोड़कर जीएसटी के कवरेज में कोई बदलाव नहीं किया गया था। यह निर्धारित किया गया है कि कानूनी माप विज्ञान अधिनियम के प्रावधानों को आकर्षित करने वाली "प्री-पैकेज्ड और लेबल वाली" वस्तुओं में आपूर्ति किए जाने पर इन सामानों पर जीएसटी लागू होगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि दाल, गेहूं, राई, जई, मक्का, चावल, आटा, सूजी, बेसन, फूला हुआ चावल, दही जैसी चीजें, जब खुले में बेची जाती हैं और पहले से पैक या पहले से लेबल नहीं की जाती हैं, तो इनपर कोई जीएसटी लागू नहीं होगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज बिलासपुर में 4.92 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस का शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा लोकार्पण किया। इसका शिलान्यास वर्ष 2020 में किया गया था और इस वेयरहाउस को रिकॉर्ड समय अवधि में तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में ईवीएम वेयरहाउस स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि विशिष्ट मापदंडाें के साथ ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को एक साथ एक स्थान पर रखा जा सके। जयराम ठाकुर ने ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस के निर्माण संबंधी मामला भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इससे न केवल मशीनों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से पूरा करने में भी सुविधा प्रदान होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को राजकीय महाविद्यालयों या स्कूल परिसरों में रखा जाता था और इस स्थिति में इन मशीनों के लिए सुरक्षा संबंधी व्यवस्था करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षण संस्थानों के कमरों का लंबे समय तक उपयोग होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान देते हुए उनके उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश में 75 कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इन अवधि के दौरान प्रदेश में हुई प्रगति को दर्शाने में सहायक सिद्ध होंगे। इस अवसर पर ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस बिलासपुर की मुख्य विशेषताओं पर एक प्रस्तुति भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजिंद्र गर्ग, विधायक सुभाष ठाकुर, जेआर कटवाल और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा बिलासपुर में उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना के बयान से इस वर्ष जीतने वाले प्रत्याशी को ही भाजपा टिकट देगी। जहां पूरे प्रदेश में टिकट के चाहवान सक्रिय हो गए हैं। वहीं, रोहडू विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा के भीतर टिकट की आस लगाए नेता अपनी खोई हुई जमीन तलाशने में लगे हैं । क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेत्री व वर्तमान विधायक मोहन लाल के मध्य 2017 के आम चुनाव में लगभग दस हजार वोटों का अंतर रहा था। 2017 में ठीक चुनाव से पहले पुलिस की नौकरी छोड़ने वाले राजेंद्र धिरटा का टिकट एन वक्त पर पार्टी ने शशिबाला को देकर अचंभित कर दिया था। राजिंद्र धिरता उस समय भी वर्तमान मंडल अध्यक्ष बलदेव रांटा की पहली पसंद थे, परंतु धिरटा तत्कालीन भाजपा मंडल अध्यक्ष का आशीर्वाद प्राप्त करने में असफल रहे थे। पिछले तीन वर्षों में भाजपा में कुछ ऐसे भी चेहरे रहे हैं, जो अब पूरी तरह से इस दौड़ से बाहर हैं। इनमें खषधार जिला परिषद वार्ड के सदस्य रहे वह 2017 में भाजपा मंडल रोहड़ू की पहली पसंद अरविंद धीमान भाजपा से दूरी बनाए हुए है। वहीं, गोंसारी से लगातार चौथी बार प्रधान वह पूर्व में अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष ज्वार सिंह की सक्रियता चौंकाने वाली है। क्योंकि पंचायती राज में लगातार अपना जलवा कायम करने वाली इस शख्सियत की सादगी के कायल प्रदेश भाजपा के आला नेता भी हैं। इन सब में एक चेहरा ऐसा भी है, जो क्षेत्र में अपनी सक्रियता न दिखाकर संगठन के कार्य को अधिमान दे रहा है, वह है पूर्व अनुसूचित जाति मोर्चा के महामंत्री वह वर्तमान में मोर्चा के जिला अध्यक्ष विनोद बुशेहरी। यदि इस प्रकार की लड़ाई हुई थी। विनोद बुशेहरी आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा में चौंकाने वाला नाम हो सकते हैंl यदि भाजपा की कार्यप्रणाली पर नजर दौड़ाई जाए, तो भाजपा में कुछ भी संभव है। बहरहाल ये सारा घटनाक्रम वर्तमान नेत्री के लिए किसी भी प्रकार पक्ष में होता नहीं दिखता।
चौपाल से लगभग 30 किलोमीटर दूर मढांह लाणी, जहां से चुडधार के लिए पैदल रास्ता जाता है में करीब 6:30 बजे शाम चार ढारो/ढाबों में अचानक आग लगने से चारों ढाबें जल कर राख हो गए है। इन ढाबों के साथ सड़क पर एक ऑल्टो व एक मोटरसाइकिल भी खड़ी थी, जो आग की चपेट में आ गई है । प्राप्त जानकारी अनुसार ऑल्टो कार खजान सिंह ठेकेदार की बताई जा रही है। खजान सिंह जिला सिरमौर के शिलाई के रहने वाले बताए जा रहे है, तथा चूडधार मंदिर में ठेकेदारी का कार्य करते है, तथा मोटरसाइकिल मालिक का अभी तक कोई पता नहीं चला है। जिन लोगों के ढाबों में आग लगी है उनके नाम श्याम सिंह गांव ठाणा पुलवाहल, प्रताप सिंह गांव ठाणा पुलवाहल, राकेश गांव हनल, गजटा सरांह। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस आगजनी से कोई भी जानी नुक़सान नहीं हुआ है। इस आगजनी के बारे में थाना चौपाल को भी सूचित कर दिया गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोगों की सुविधा के दृष्टिगत बीबीएमबी को मंडी जिला के नाचन क्षेत्र की बग्गी-धनोटू-सुन्दरनगर सड़क की मेटलिंग और टारिंग का कार्य करने को कहा। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुंदरनगर में थवाल पुल के काम में तेजी लाई जानी चाहिए और बीबीएमबी को उसके द्वारा निर्मित 40 मीटर मंगलाह पुल के साथ सड़कों के निर्माण पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे मंडी जिले के सुंदरनगर, नाचन, बल्ह और सराज विधानसभा क्षेत्रों की कई पंचायतों के लोगों को सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीबीएमबी अधिकारियों को परियोजनाओं से उपजाऊ भूमि तक गाद के फैलने को रोकने के लिए एक तंत्र विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की बेशकीमती जमीन को बचाने के लिए उपयुक्त दीवार लगाने के साथ-साथ अन्य सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए नहर के किनारे क्रैश बैरियर भी लगाए जाएं। उन्होंने बीबीएमबी प्राधिकरण को पंडोह के पास बाखली पुल की मरम्मत और रखरखाव के अलावा पंडोह में इको पार्क की उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। मुख्यमंत्री ने बीबीएमबी के अधिकारियों को लोगों की सुविधा के दृष्टिगत पौंग बांध की बाहरी सीमा के साथ सुरक्षा दीवारों के निर्माण के अलावा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए भी कहा। नाचन के विधायक विनोद कुमार, सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल और देहरा के विधायक होशियार सिंह ने बीबीएमबी परियोजनाओं के संबंध में अपने विभिन्न मामले उठाए। बीबीएमबी के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि बोर्ड परियोजना क्षेत्र से संबंधित सभी मुद्दों को सही परिप्रेक्ष्य में लेगा और चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करना भी सुनिश्चित करेगा। बैठक में मुख्य सचिव आरडी धीमान, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा, राज्य सरकार और बीबीएमबी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अमीषा कुल्ला। शिमला एसएफआई आरकेएमवी इकाई अध्यक्ष मोनिका ने कहा कि ABVP द्वारा लगातार कैंपस का माहौल खराब किया जा रहा है और दाखिला लेने आने वाले लोगों के साथ बेतमीजी की जा रही है और ABVP के द्वारा एसएफआई के लोगों को धमकियां दी जा रही हैं। ईकाई सचिव दीपिका ने कहा कि एबीवीपी के द्वारा एसएफआई के लोगो को बार बार धमकाया जा रहा है। एसएफआई जहां कैंपस के अंदर शैक्षणिक माहौल बनाना चाह रही है। वहीं, दूसरी ओर एबीवीपी लगातार कैंपस का माहौल खराब कर रही है। एसएफआई मांग करती है कि जल्द से जल्द ABVP के ऊपर एक्शन लिया जाए, अन्यथा एसएफआई आने वाले समय में ABVP के खिलाफ छात्राओं को लामबंद करते हुए प्रदर्शन करेगी।
दही और अनाज को भी नहीं छोड़ा, आम आदमी की दुश्मन बनी मोदी सरकार कांग्रेस करेगी पुरजोर विरोध, सरकार जनहित में वापस ले निर्णय फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डिब्बा बंद, मार्का वाले अनब्रांडेड खाद्य पदार्थों पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई से दाल, चावल, आटा, दही, गेहूं समेत सभी अनाज अब और महंगे हो जाएंगे। महंगाई पहले ही सातवें आसमान पर है, इन पदार्थों के दाम बढ़ने से आम आदमी की कमर ही टूट जाएगी। सुक्खू ने कहा कि इन पदार्थों पर अभी तक कोई जीएसटी नहीं लगता था। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आम जनता की दुश्मन बन गई है। कांग्रेस इन पदार्थों पर जीएसटी लगाने का पुरजोर विरोध करती है। केंद्र सरकार इस निर्णय को वापस लें। अन्यथा जनता को मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। सरकार लोगों को महंगाई से राहत देने की बजाय और बोझ डालती जा रही है। गृहणियों को घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि दाल-दलहन एवं अन्य खाद्यान्नों पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का व्यापारी भी जोरदार विरोध कर रहे हैं। आम लोगों को इसलिए भी नुकसान हैं, क्योंकि घर के लिए 5, 10 किलो पैकिंग में ही आटा खरीदा जाता है। 25 किलोग्राम की पैकिंग पर ही जीएसटी में छूट रहेगी, लेकिन घर के लिए कोई इतना आटा इकट्ठा नहीं खरीदता। उन्होंने कहा कि मछली, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर और मुरमुरे पर भी पांच प्रतिशत जीएसटी लगा दिया गया है। टेट्रा पैक और बैंक की तरफ से चेक जारी करने पर 18 प्रतिशत और एटलस सहित नक्शे तथा चार्ट पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। 5,000 रुपए से अधिक किराये वाले अस्पताल के कमरों पर भी जीएसटी देना होगा। इसके अलावा 1,000 रुपए प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल कमरों पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। यह घोर अन्याय है। कांग्रेस पार्टी जनहित के मद्देनजर किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला वर्तमान सरकार की लचर प्रशासन व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। पराला में बनने जा रही सेब प्रोसेसिंग यूनिट इसका जीता-जागता उदाहरण है। प्रोसेसिंग यूनिट के लिए न तो पानी का उचित प्रबंधन हो पाया है और न ही प्रोसेसिंग से निकलने वाले एप्पल वेस्ट का। इन मूलभूत सुविधाओं के आभाव में ही सीएम जयराम को इस प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन करने की जल्दी लगी है। भाजपा सरकार केवल राजनीतिक लाभ के लिए बागवानों को गुमराह करने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सौरव चौहान ने जयराम सरकार को घेरते हुए कहा है कि सेब सीजन की शुरुआत में ही भाजपा सरकार के लचर प्रशासन के कारण पराला मंडी में बागवानों की दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। सीजन की शुरूआत में ही ट्रैफिक जाम की समस्या सामने आने लगी है। जाम की समस्या को हल करने के लिए प्रशासन द्वारा उचित खाका नहीं किया गया, यहां तक कि बाजार के अंदर पीने के पानी तक कि व्यवस्था नहीं है, सेब के डिब्बे उतारने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। सेब बाजार के बाहर लगे लंबे जाम ने सेब उत्पादकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।सौरव चौहान ने राज्य के सेब उत्पादकों के प्रति उदासीन रवैये के लिए जयराम के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया है। सरकार 5000 करोड़ की सेब अर्थव्यवस्था के बारे में कतई चिंतित नहीं है। सरकार द्वारा इस उचित प्रबंधन की कमी के कारण राज्य के बागवानों को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि चुनावी स्टंट के रूप में भाजपा सरकार पराला में स्थापित सेब प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन करने के लिए बेताब है, लेकिन प्रसंस्करण संयंत्र की वास्तविकता यह है कि इसके लिए उचित सड़क की हालात खस्ता है। सरकार ने प्रसंस्करण संयंत्र से वेस्ट मैनेजमेंट के मेकेनिजम के लिए कोई पर्याप्त खाका नहीं है और प्रोसेसिंग यूनिट के लिए पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं है। सौरव ने कहा है कि सरकार द्वारा ट्रकों और अन्य वाहनों के लिए उचित पार्किंग उपलब्ध नहीं कराने के कारण यात्री घंटों जाम में रहते हैं और इसलिए लोग अपने वाहनों को सड़क पर पार्क करते हैं, जिससे रोजाना लंबा जाम लग रहा है। पिछले साल भी पराला मंडी में ट्रैफिक जाम के कारण एक एंबुलेंस के फंस जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पिछले वर्षों में हुई अनहोनी से सबक न लेते हुए सरकार को अभी भी इस बात का एहसास नहीं है कि सड़क को हर समय खुला रखना कितना महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियों की समीक्षा की फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत हर घर तिरंगा अभियान, हिमाचल के गठन के 75 वर्षों के आयोजन और विशेष टीकाकरण अभियान के दृष्टिगत सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी 14.83 लाख घरों, अधिकारिक भवनों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी प्रतिष्ठानों में जन भागीदारी से 13 से 15 अगस्त तक तिरंगा फहराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत हमारे राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से हर घर तिरंगा अभियान आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह, युवक मंडल, महिला मंडल और अन्य गैर सरकारी संगठनों को विस्तृत स्तर पर शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों को भी इसमें अवश्य शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों के पास राष्ट्रीय ध्वज की उपलब्धता के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें सम्बन्धित जिलों में वितरित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी सरकारी वैबसाइटों के होम पेज पर 22 जुलाई से राष्ट्रीय ध्वज दिखाई देना चाहिए तथा नागरिकों को भी फेस बुक, इंस्ट्राग्राम, ट्वीटर और अन्य सोशल मीडिया अकाऊंट्स पर तिरंगा प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग, युवा और किशोर मिल कर भारत माता के गौरव में गीत गाएं और जनता में देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए गांवों में तिरंगा लेकर प्रभातफेरी निकालें। जयराम ठाकुर ने कहा कि सूचना एवं जन संपर्क विभाग विज्ञापन के माध्यम से इस आयोजन को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाए, ताकि इस आयोजन को जन आन्दोलन बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अपने अस्तित्व के 75 वर्ष मना रहा है, इसलिए राज्य के 75 स्थानों में जन सम्पर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन 15 दिनों की अवधि में होगा और प्रतिदिन 5 से 6 कार्यक्रम करवाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को शामिल कर, इसे जन आन्दोलन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए सभी आयोजन स्थलों पर प्रदर्शनियां भी लगाई जानी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य पर्यटन विभाग सूचना, शिक्षा और सम्प्रेषण सामग्री के मुद्रण के लिए नोडल विभाग होगा और विभिन्न विभागों की योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश की पिछले 75 वर्षों की विकास यात्रा को प्रदर्शित करते हुए एक बुकलेट/लीफलेट तैयार की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रदेश द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए विकास का तुलनात्मक विवरण तैयार करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 15 जुलाई से 30 सितंबर, 2022 तक लोगों को निःशुल्क एहतियाती खुराक उपलब्ध करवाने के लिए कोविड वैक्सीन अमृत महोत्सव नाम से एक नई पहल की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने टीके की पहली और दूसरी खुराक लगाने में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, इसलिए राज्य को एहतियाती खुराक लगाने में भी बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने उपायुक्तों को टीकाकरण की एहतियाती खुराक लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए शिक्षण संस्थानों में भी विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए और इस संबंध में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि टीकाकरण से वंचित लोगों के टीकाकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए और एहतियाती खुराक के बारे में लोगों को जागरूक करने और लाभार्थियों को टीकाकरण केेद्रों तक पहुंचाने के लिए स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुख्य सचिव आरडी धीमान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्रवाई का संचालन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि इन तीनों आयोजनों को सफल बनाने में अधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तुती दी। प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभासीष पंडा ने कोविड-19 की एहतियाती खुराक पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सभी जिला उपायुक्तों ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रदान किए। प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, आरडी नजीम, डॉ. रजनीश, देवेश कुमार, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार, निदेशक ग्रामीण विकास ऋग्वेद ठाकुर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक हेमराज बैरवा, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, निदेशक भाषा कला एवं संस्कृति डॉ. पंकज ललित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्य ओलंपिक खेलें अगस्त माह के आखिरी सप्ताह से सितंबर माह के पहले सप्ताह तक प्रदेश के ऊना एवं कांगड़ा के धर्मशाला में आयोजित की जाएंगी, जिसमें लगभग 2000 खिलाड़ी एवं तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे। यह जानकारी आज हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पंचायती राज एव पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने इस संबंध में आयोजन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उनका कहना है कि हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ से संबद्ध 14 खेलें, जिनमें एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, जूडो, कबड्डी, खो-खो, शूटिंग, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, रेसलिंग, पुरुष व महिलाओं की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के नामों की सूची संबद्ध खेल एसोसिएशन उपलब्ध करवाएगा। बैठक में इस आयोजन के लिए विभिन्न आवश्यक समितियों का गठन भी किया गया। उन्होंने बताया कि यह खेलें अंतरराष्ट्रीय मानकों के मद्देनजर आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में अर्जुन अवार्ड, पद्मश्री एवं द्रोणाचार्य अवार्ड खिलाड़ियों एवं कोचों को भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले उदयीमान खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सभी 14 खेल संघों को अपने अपने खेल से संबंधित खिलाड़ियों, रेफरी, जजों एवं कोच व मैनेजर के नामों की सूची आगामी 5 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा नामित आयोजन समिति को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित हिमाचल प्रदेश बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव राजेश भंडारी को आगामी 27 जुलाई से 8 अगस्त तक इंग्लैंड के बर्मिंघम में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलो (कॉमनवेल्थ गेम्स) के लिए देश की टीम का नेतृत्व करने के लिए नियुक्ति (चीफ डीमिशन) नियुक्त होने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि न केवल देश बल्कि प्रदेश के लिए भी यह गौरव की बात है के अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशासक एवं खिलाड़ी को भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में ईश्वर रौहाल( शूटिंग), सुमन रावत मेहता (एथलेटिक्स, अर्जुन अवॉर्डी), तेज प्रकाश चोपड़ा, नंदकिशोर, भरत सैनी, जागीर सिंह, सुरेंद्र कुमार शांडिल्य( बॉक्सिंग), विनोद कुमार (ताइक्वांडो), रंजीत सिंह, डॉ. संजय यादव कुलदीप शर्मा (जिला खेल अधिकारी उन्ना), चंद्रेश शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, एलआर वर्मा, देवी दत्त तंवर, योगेश्वर (ताइक्वांडो) शुभम गुरुंग (फुटबॉल) ने भाग लिया।
कराटे एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित स्टेट चैंपियनशिप में शिमला के हार्दिक शर्मा ने 2 मेडल जीते हैं। यह चैंपियनशिप 16 और 17 जुलाई 2022 को जिला कांगड़ा के बैजनाथ में आयोजित की गई थी। हार्दिक शर्मा ने 13 वर्ष आयु वर्ग की प्रतियोगिता के 45 किलो कैटेगरी के मुकाबले में गोल्ड मेडल जीता और 10 से 13 वर्ष के आयु वर्ग की कराटे प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल किया। हार्दिक शर्मा मूलतः मंडी जिला के मण्डप गांव से संबंध रखते हैं और शिमला के सैंट एडवर्ड स्कूल में कक्षा 8 के विद्यार्थी है। हार्दिक शर्मा ने अब तक 14 गोल्ड मेडल, 5 सिल्वर मेडल और 6 ब्रॉन्ज मेडल विभिन्न प्रतियोगिताओं में जीते हैं। हार्दिक ने अपनी सफलता का श्रेय कराटे कोच पीएस पवार, सुशील वर्मा, रेखा सिंह पवार तथा स्कूल प्रधानाचार्य फादर अनिल सिकेरा, अपने माता-पिता और विशेषकर अपनी दादी लज्जा देवी को दिया है।
ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्यपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित राज्यों के कृषि एवं बागवानी मंत्रियों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के उपरांत आज यहां बताया कि सम्मेलन में हिमाचल में कृषि व बागवानी विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय को दोगुना करने के विज़न को साकार करने के लिए कृषि की दशा और दिशा तय करने पर सार्थक चर्चा की गई। प्रदेश ने इस सम्मेलन के माध्यम से कृषि से जुड़े विभिन्न विषय केन्द्रीय कृषि मंत्री के समक्ष उठाए। हिमाचल में हिमालय क्षेत्र की प्राकृतिक कृषि पद्धति पर शोध एवं विकास के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का संसाधन केन्द्र स्थापित करने का आग्रह किया गया। प्रदेश में बीज आलू के उत्पादन का विषय उठाते हुए उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व सिस्ट नेमाटोड से प्रभावित होने के कारण प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में इसका उत्पादन रोक दिया गया था। उन्होंने अनुरोध किया कि इसका उत्पादन पुनः शुरू करना आवश्यक है और प्रदेश के उन क्षेत्रों में जहां सिस्ट नेमाटोड का प्रकोप नहीं है, वहां भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा वित्तपोषित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाए। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्राकृतिक कृषि निश्चित रूप से रसायनिक कृषि का ऐसा विकल्प है, जो खाद्य सुरक्षा से पोषण सुरक्षा और समृद्ध किसान से आत्मनिर्भर भारत की ओर ले जाने का माध्यम बन सकता है। हिमाचल ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। प्रदेश ने प्राकृतिक खेती में पहल करते हुए जून, 2018 से अब तक एक लाख 74 हजार किसानों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्रदान किया है और एक लाख 71 हजार किसानों ने 10 हजार हेक्टेयर भूमि में रसायनमुक्त खेती शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इसी वर्ष से जापान और भारत की सहायता से एक हजार करोड़ रुपये की लागत से जाइका चरण दो फसल विविधिकरण का कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। वर्ष 2029 तक चलने वाले इस कार्यक्रम के अन्तर्गत किसानों की आय को बेसलाइन पर प्रति हेक्टेयर 62409 रुपये से बढ़ाकर दो लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम से लगभग 10 हजार किसानों को लाभ होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि उन्होंने सम्मेलन में एकीकृत कृषि मॉडल के विषय पर चर्चा करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्यपालन, ग्रामीण विकास एवं अन्य सम्बद्ध गतिविधियों को एक समग्र दृष्टि से देखते हुए एकीकृत मॉडल की दिशा में आगे बढ़ना होगा। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि किसान परिवार को एक ही है, जो खेती करता है लेकिन अलग-अलग विभाग उसके लिए विभिन्न योजनाएं चलाते हैं, जो बहुत बार समानान्तर, विरोधाभासी, आपस में प्रतियोगी या किसान हित से परे हो जाती हैं। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों की चुनौती से पार पाते हुए प्रदेश के मेहनतकश किसानों ने बेमौसमी सब्जियों, फूलों, परम्परागत अनाजों और फलों के उत्पादन में अपनी अलग पहचान बनाई है। हिमाचल प्रदेश कश्मीर के बाद देश में सबसे बड़ा उत्पादक है। डबल इंजन सरकार की किसान बागवानों के लिए कल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करने में भी हिमाचल अग्रणी रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश को कृषि कर्मण पुरस्कार और ई-नाम में पीएम एक्सीलेंस इन सिविल सर्विस अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ भूमि अधिग्रहण मुआवजा फैक्टर के संबंध में गठित मंत्रिमण्डलीय उप समिति की बैठक आज ओक ओवर शिमला में आयोजित की गई। उप समिति ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही विभिन्न फोरलेन एवं अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुद्दों के बारेे में अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमण्डलीय उप समिति को संशोधित मुआवजा फैक्टर के दृष्टिगत वित्तीय पहलुओं पर विस्तृत रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 से विभिन्न फोरलेन और अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों की समुचित रूप से पहचान की जाए ताकि किसी भी तरह के अभियोग अथवा परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से बचा जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस पूरे मामले को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के समक्ष भी उठाया जाएगा। बैठक में प्रभावित परिवारों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से जुड़े मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री एवं मंत्रिमण्डलीय उप समिति के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ठाकुर, समिति के अन्य सदस्य शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, वन मंत्री राकेश पठानिया, ऊर्जा मंत्री सुख राम, मुख्य सचिव आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस 16 जुलाई के उपलक्ष्य पर कृषि विज्ञान केंद्र लाहौल-स्पीति-ii स्थित ताबो ने गांव लोसर में कार्यक्रम का आयोजन किया। इस उपलक्ष्य पर किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम के आयोजन में मुख्यता स्पीति घाटी के किसानों की दुगनी आय के बारे में चर्चा की गई। इस उपलक्ष पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का संबाेधन भी ऑनलाइन माध्यम से प्रसारित किया उन्होंने किसानो की आय को दोगुना करने में कृषि विज्ञानं केंद्राें के योगदान को सराहा तथा किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र द्बारा समय-समय पर कृषि संबंधी दिए गए सुझावों, परामर्श व नवीनतम तकनीकों को अपनाने के लिए आग्रह किया। कृषि विज्ञान केंद्र द्बारा इस उपलक्ष्य पर स्पीति घाटी के किसानों को पशुपालन, फसल विविधता एवं प्राकृतिक खेती द्बारा आय वृद्धि पर जागरूक किया गया। स्पीति में चारे की कमी रहती है। इस संदर्भ में कृषि विज्ञान केंद्र ताबो के द्बारा किसानों को मिनरल मिक्सचर वितरित किया गया। इस विषय में प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. सुधीर वर्मा कृषि विज्ञान केंद्र ताबो ने मिनरल मिक्सचर की उपयोगिता के बारे में किसनों को महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा दूध उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय को बढ़ाने में मिनरल मिक्सचर की उपयोगिता बताई। इसके उपरांत डॉ. उपेंद्र शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती से किसनों की आय को दाेगुना करने के उपायों का वर्णन किया। डॉ. निधीश गौतम ने इस उपलक्ष्य पर फसल विविधता के द्बारा किसानों को अपनी आय दाेगुना करने के सुझाव दिए। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने कृषि विज्ञानं केंद्र ताबो के द्बारा किए गए प्रयासों को सराहा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि कांग्रेस एक डूबता जहाज है और इसमें शामिल होने वाले नेता भी जल्द ही डूबेंगे। उन्होंने कहा कि दो कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा कमजोर नहीं होगी। दोनों नेता काफी समय से पार्टी में निष्क्रिय थे। उन्होंने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां एक छोटा कार्यकर्ता प्रदेश का अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन कांग्रेस केवल एक परिवार द्वारा शासित होती है। कांग्रेस में शामिल होने वाले लोगों को जल्द ही दोनों पार्टियों के बीच अंतर का एहसास होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष भी नहीं चुन सकी, ऐसी पार्टी अनुशासनहीनता का पर्याय है। भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित राजनीतिक दल है और कांग्रेस एक परिवार आधारित राजनीतिक दल है। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस में शामिल होने वाले लोगों को एक छोटी-सी सलाह देना चाहूंगा कि राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूथ स्तर तक के कोई भी भाजपा नेता कांग्रेस में शामिल हों, वो कभी भी बड़े नेते नहीं बन सकते।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस हमीरपुर का लोकार्पण किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस को 3.80 करोड़ रकी लागत से निर्मित किया गया है। इसका शिलान्यास 6 दिसंबर, 2019 को किया गया था और लोक निर्माण विभाग ने इसे रिकॉर्ड समय में बना कर तैयार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में ईवीएम वेयरहाउस बनाए जा रहे हैं, ताकि ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को एक साथ एक स्थान पर ही रखा जा सके। जयराम ठाकुर ने कहा कि इससे पहले, ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को राजकीय महाविद्यालयों और स्कूल परिसरों में रखा जाता था और ऐसी स्थिति में मशीनों के सुरक्षा संबंधी प्रबंध करने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए शिक्षण संस्थानों के कमरों का लंबे समय तक उपयोग होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए वेयरहाउस के संबंध में संक्षिप्त प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री के साथ प्रधान सचिव शिक्षा एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग शिमला में मौजूद रहे, जबकि विधायक नरेंद्र ठाकुर ने हमीरपुर में समारोह में उपस्थित रहे।
भारत में कई राज्यों में कोरोना के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। इस बीच हिमाचल प्रदेश में भी कोरोना वायरस के आंकड़े एक बार फिर डराने लगे हैं। यहां भी कोविड-19 के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 438 पॉजिटिव मामले सामने आये हैं, जबकि संक्रिमित 2 मरीजों की मौत हुई है, जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 4128 तक पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मामले बढ़कर 2043 तक पहुंच गए हैं। जून महीने की शुरुआत में एक वक़्त ऐसा भी था जब हिमाचल में एक्टिव मामले घटकर महज 42 रह गए थे। हिमाचल प्रदेश में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले कांगड़ा में 481 और चंबा में 408 दर्ज किए गए है। इसके अलावा शिमला में 265, मंडी में 204, सिरमौर 142, कुल्लू में 132 केस सामने आए हैं। इसके साथ ही हमीरपुर में 116, सोलन में 106, बिलासपुर 79, ऊना में 50, किन्नौर 42 जबकि लाहौल स्पीति में 18 एक्टिव मामले सामने आए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान 3660 नमूने जांच के लिए गए हैं, जिनमें से 438 पॉजिटिव पाए गए। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी प्रदेश में लगातार बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की है। सीएम ने ये भी कहा कि भले ही कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हो रही है, लेकिन अस्पताल में दाख़िल होने का आंकड़ा बहुत कम है। सरकार लगातार इस पर नज़र रखे हुए है। कैबिनेट में भी इसको लेकर चर्चा हुई है। बढ़ते मामलों के बीच ढिलाई नहीं बरती जा सकती। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के लिए राहत की बात ये है कि राज्य दोनों वैक्सीन लगाने वाला पहला राज्य है। यहां अधिकतर लोगों को दोनों डोज लग चुकी है। जबकि करीब 5 लाख लोगों को बूस्टर डोज़ भी लगाई जा चुकी है। अब 18 जुलाई से प्रिकॉशन डोज़ निशुल्क कर दी गई है, ऐसे में हिमाचल इसकी तैयारियों में जुट गया है।
बागवानों से भद्दा मजाक कर रही भाजपा सरकार फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सौरभ चौहान ने कहा की भाजपा सरकार बागवानों के साथ धोखा कर रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सेब के पैकिंग मैटेरियल पर 6 प्रतिशत जीएसटी की कटौती करने वाली घोषणा महज एक छलावा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के इशारों पर बागवानी मंत्री ने प्रदेश के सैकड़ों बागवानों के साथ भद्दा मजाक किया है। सेब पैकिंग मैटेरियल उपलब्ध करवाने के मामले में एचपीएससी और दूसरी सरकारी एजेंसियां बागवानों की मांग कभी पूरा नहीं कर पाई है ऐसे में बागवान मजबूरी खुले बाजार से पैकिंग मैटेरियल खरीदना पड़ता है और सरकार ऐसे में कोई राहत प्रदान नहीं कर पा रही है। ऐसे में बारदाने पर 18 प्रतिशत जीएसटी के स्थान पर 12 प्रतिशत जीएसटी की पुरानी दर पर ही उपलब्ध करवाने का वादा एक छलावा है। बागवानों को खुले बाजार से ही खरीद करनी पड़ेगी और ऐसे में सरकार कोई राहत प्रदान नहीं कर रही है। सौरभ चौहान ने कहा कि सेब, आम और नींबू प्रजाति के फल जैसे किन्नू, माल्टा, संतरा तथा गलगल की खरीद के लिए समर्थन मूल्य में एक रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ोतरी बेहद कम है। इस बार सेब का साइज अपेक्षाकृत छोटा रहने का अंदेशा है। ऐसे में सरकार को इस बार समर्थन मूल्य में उचित बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। सौरभ चौहान ने प्रदेश की जयराम सरकार पर आरोप लगाया है कि वह जानबूझकर कर सेब बागवानों की उपेक्षा कर रहें है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच हजार करोड़ की सेब आर्थिकी पर आज जो संकट के बादल छाए है, वह सब भाजपा सरकार की बागवानों के प्रति नकरात्मक सोच का ही नतीजा है। सौरभ चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा सोची समझी रणनीति के तहत सेब बागवानी की कमर तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि आज सेब की लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि खाद से लेकर कीट नाशक व फफूंद नाशक दवाएं भी आज बागवानों को बडी महंगी दरों पर खरीद करनी पड़ रही है। इसी तरह पेकिंग के लिए ट्रे और कार्टन पिछले साल की अपेक्षा इस साल डबल रेट पर बागवानों को खरीदने पड़ रहे हैं। सरकार की ओर से बागवानों को कोई भी राहत व सहायता प्रदान नहीं की जा रही है। सरकार ने सेब को जीएसटी के दायरे में लाकर बागवानों की कमर तोड़ने का पूरा प्रयास कर दिया है। सौरभ चौहान ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने बागवानों की समस्याओं को जल्द नही सुलझया, तो कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के लोगों को उनके घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 500 पद भरने का निर्णय लिया गया। इन 500 पदों में से चिकित्सा अधिकारियों के 300 पद एक माह के भीतर वॉक-इन-इंटरव्यू और 200 पद हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। मंत्रिमंडल ने प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्राें में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के 880 पद अनुबंध आधार पर भरने का भी निर्णय लिया। बैठक में दंत स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में दंत चिकित्सा अधिकारियों के 19 पद अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय लिया गया। इनमें से 50 प्रतिशत पद हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से और 50 प्रतिशत बैचवाइज आधार पर भरे जाएंगे। बैठक में सिरमौर जिला के कफोटा में खण्ड चिकित्सा कार्यालय खोलने और इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 18 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने वर्ष 2022 के लिए सेब, आम और नींबू प्रजाति के फल जैसे किन्नू, माल्टा, संतरा, गलगल की खरीद के लिए मंडी मध्यस्थता योजना के विस्तार को मंजूरी प्रदान करने के साथ गत वर्ष की तुलना में खरीद में एक रुपए प्रति किलोग्राम वृद्धि को भी मंजूरी प्रदान की। इस योजना के अंतर्गत आम की सभी किस्मों के लिए 250 मीट्रिक सीडलिंग, 500 मीट्रिक टन ग्राफिटिड और 500 मीट्रिक टन आचारी आम 10.50 रुपए की दर से खरीदे जाएंगे। इन्हें हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम लिमिटेड और हिमफैड के माध्यम से 1.30 रुपए प्रति किलो हैंडलिंग शुल्क की दर के साथ खरीदा जाएगा। मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत लगभग 144936 मीट्रिक टन सेब की खरीद 10.50 रुपए प्रति किलो दर से तथा 2.75 रुपये प्रति किलो हैंडलिंग शुल्क के साथ की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत फल उत्पादकों की मांग के अनुरूप 305 खरीद केंद्र खोले जाएंगे, जिनमें से 169 केंद्र हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम लिमिटेड द्वारा और 136 संग्रह केंद्र हिमफैड द्वारा खोले और संचालित किए जाएंगे। इसी प्रकार 500 मीट्रिक टन किन्नू, माल्टा और संतरा बी ग्रेड 9.50 रुपए की दर से और सी ग्रेड 9 रुपए प्रति किलो की दर से तथा 100 मीट्रिक टन गलगल 8 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। इसके तहत सिट्रस फलों के लिए हैंडलिंग चार्ज 2.65 रुपए प्रति किलो और गलगल के लिए एक रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने 18 से 27 जुलाई, 2022 तक 10 दिनों के लिए स्थानांतरण पर लगी रोक को हटाने का निर्णय भी लिया। बैठक में हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र 10,11,12 और 13 अगस्त, 2022 तक बुलाने के लिए राज्यपाल को संस्तुति करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने प्रदेश के प्रत्येक घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए हिमाचल प्रदेश ग्रामीण जल सुधार एवं आजीविका परियोजना को बाह्य सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार के आर्थिक कार्य विभाग के माध्यम से एशियन विकास बैंक के साथ 1098.89 करोड़ रुपए का ऋण समझौता हस्ताक्षरित करने को मंजूरी प्रदान की। यह परियोजना एशियन विकास बैंक के 760.77 करोड़ के ऋण और हिमाचल प्रदेश सरकार की 338.12 करोड़ की निधि द्वारा वित्त पोषित है, जिसमें एशियन विकास बैंक का भाग 69.2 प्रतिशत और प्रदेश सरकार का 30.8 प्रतिशत होगा। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के थुनाग में जल शक्ति वृत्त खोलने सहित इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 24 पद सृजित करने को मंजूरी प्रदान की। बैठक में जल शक्ति विभाग में सीमित सीधी भर्ती के माध्यम से लिपिक के 26 पद भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में हिमाचल प्रदेश सचिवालय में जूनियर स्केल आशुलिपिकों के 25 पदों को अनुबंध आधार पर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के रक्कड़ और कोटला बेहड़ में उपमंडल कार्यालय (नागरिक) खोलने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मंडी जिला की औट तहसील के किगस, बमसोई और ओडीधार में आवश्यक पदों के सृजन के साथ तीन नए पटवार वृत खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में सिरमौर जिला की पांवटा साहिब तहसील के अंतर्गत मौजूदा पटवार वृत्तों के पुनर्गठन को मंजूरी प्रदान की गई। क्षेत्र के लोगों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से देवी नगर, गौंदपुर, छछेटी, पटलियोन, बैकूं, शमशेरपुर, मानपुर देवरा, खोदरी, मोहकमपुर नावदा, बनौर और दंडन में 11 नए पटवार वृत्त के अतिरिक्त राजपुरा और भटनवाली में दो नए कानूनगो वृत तथा राजपुर और खोरोवाल में दो नई उप तहसीलें खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पांवटा साहिब तहसील में कुल 23 पटवार वृत और 4 कानूनगो वृत हो जाएंगे।मंत्रिमंडल ने सिरमौर जिला की नाहन तहसील के काला अम्ब, शिमला जिला की चिड़गांव तहसील के अंतर्गत धमवाड़ी, शिमला जिला की रोहड़ू तहसील के अंतर्गत समरकोट में और कांगड़ा जिला की पालमपुर तहसील के चचियां में नई उप तहसील खोलने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के धर्मपुर और संधोल में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए सरकारी भूमि को एक रुपए प्रतिवर्ष की लीज पर 99 वर्षों के लिए हस्तातंरित करने/लीज पर देने का निर्णय लिया। बैठक में धर्मशाला और मंडी के रेंज मुख्यालयों में 2 नए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन खोलने को भी मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में मंडी जिला के सराज क्षेत्र के देवधार, कुल्लू जिला के कटराईं क्षेत्र और सिरमौर जिला के शिलाई क्षेत्र के टिम्बी में जल शक्ति विभाग की तीन निरीक्षण कुटीर बनाने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति मंडल थुरल के अंतर्गत डूहक और टम्पा में नए जल शक्ति अनुभाग खोलने को मंजूरी प्रदान की। इन अनुभागों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के आठ पदों के सृजन को भी मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के परिसर में बोटेनीकल सर्वे आफ इंडिया का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने के लिए विश्वविद्यालय की 6.6 एकड़ भूमि 99 वर्षों के लिए एक रुपए टोकन लीज पर बोटेनीकल सर्वे आफ इंडिया के पक्ष में करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने जिला बिलासपुर के नव-अधिग्रहित राजकीय संस्कृत महाविद्यालय डंगार में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विभिन्न श्रेणियों के चार पद सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल की बैठक में जिला मंडी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निशु में वाणिज्य कक्षाएं शुरू करने और यहां तीन पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में ऊना जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सन्हाल व धमांदरी में वाणिज्य कक्षाएं शुरू करने और यहां 5 पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने किन्नौर जिला के राजकीय उच्च विद्यालय पनवी को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने के साथ विभिन्न श्रेणियों के 6 पद सृिजत कर भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (स्नातकीय सोवा रिग्पा महाविद्यालयों और संलग्न अस्पतालों के लिए न्यूनतम मानक की अपेक्षाएं) विनियम-2017 के प्रावधानों के तहत बेचलर ऑफ सोवा रिग्पा मेडिसन एंड सर्जरी प्रदान करने के लिए जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित परमपावन दलाई लामा के संस्थान मेन-त्सी-खांग सोवा रिग्पा कॉलेज एवं अस्पताल तथा तिब्बती चिकित्सा एवं खगोल संस्थान को मान्यता हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में सिरमौर जिला के कलाथा में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने सहित तीन पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने शिमला जिले के कसुम्पटी क्षेत्र के सीपुर में नया आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केेंद्र खोलने व विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों को सृजित कर भरने को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में कारागार एवं सुधार सेवा विभाग में डिस्पेंसर के तीन पदों को भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने जिला फोरेंसिक इकाई बिलासपुर, नूरपुर और बद्दी में फिंगर प्रिंट एग्जामीनर के तीन पदों को साईंटिफिक अस्सिटेंट में परिवर्तित करने का भी निर्णय लिया। बैठक मंे मंडी में लोक निर्माण विभाग का नया विद्युत तृतीय वृत्त खोलने और आवश्यक पदों का सृजन कर उन्हें भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के मकरिड़ी में लोक निर्माण विभाग का नया उप-मंडल खोलने और नौ पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। बैठक मंे राज्य के 53 अस्पतालों में वेब आधारित अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली के डिजाइन, विकास और क्रियान्वयन के लिए सेंटर फॉर डिवेल्पमेंट ऑफ एडवांस्ड कम्प्यूटिंग, नोएडा को चयनित करनेे को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जोल में नया उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मंडी जिला के चियूणी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने और विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र संदासू को 50 बिस्तरों वाले स्वास्थ्य संस्थान में स्तरोन्नत कर, विभिन्न श्रेणियों के 16 पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। बैठक में शिमला जिला की ग्राम पंचायत मशोबरा के कनोला में नया उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल की बैठक में कांगड़ा जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने के साथ ही दो पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने जिला सिरमौर के तातियाना, खड़काहन और शिल्ली अधोग में आवश्यक पदों के सृजन के साथ उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में कुल्लू जिला की मनाली तहसील के बबेली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के साथ, विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए कुल्लू जिला की बंजार तहसील के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुशैणी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र जिभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला के सूरी में नया उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमलेहड़ और बधेहड़ा राजपुताना को स्तरोन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने और विभिन्न श्रेणियों के सात पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने लोगों की सुविधा के लिए सिरमौर जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरखुवाला-2 को 10 बिस्तरों वाले स्वास्थ्य संस्थान में स्तरोन्नत करने को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंज को 50 बिस्तरों वाले स्वास्थ्य संस्थान में स्तरोन्नत करने और यहां विभिन्न श्रेणियों के 27 पद सृजित कर भरने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल की बैठक में जिला सिरमौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार को नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने के साथ ही इस स्वास्थ्य संस्थान के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 26 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में सिरमौर जिला के उप स्वास्थ्य केंद्र जरग को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में सिरमौर जिले में 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर को 50 बिस्तरों वाले स्वास्थ्य संस्थान में स्तरोन्नत करने और इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बडूखर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने के साथ ही विभिन्न श्रेणियों के चार पद सृजित कर भरने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल की बैठक में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए कुल्लू जिला के रायसन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिस्तर क्षमता बढ़ाकर 30 बिस्तर करने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज राजभवन मे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से भेंट कर उन्हें हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के लिए बधाई दी। उन्होंने इस अवधि में उनके द्वारा प्रदेश के विकास के लिए मिले मार्गदर्शन के लिए भी आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व, मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह, पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू, अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी राजभवन आकर राज्यपाल को बधाई दी। राज्यपाल ने एक वर्ष के अपने कार्यकाल को पूरा करने पर राजभवन में हवन किया और परिसर में मेपल का पौधा रोपित किया। उन्होंने इस दौरान प्रदेशवासियों का उनको दिए गए सहयोग और विभिन्न कार्यों में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष का उनका कार्यकाल सुखद और संतोषजनक रहा।
शिमला,हिमाचल प्रदेश पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपी सब इंस्पेक्टर सदर थाना शिमला में तैनात है, और एक क्रिमिनल केस के इन्वेस्टिगेशन अधिकारी के तौर पर इसने इस रिश्वत की मांग की थी। यह कार्रवाई को स्टेट विजिलेंस एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अंजाम दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि विजिलेंस की टीम ने थाना में घुसकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह मामला दोपहर दो से अढ़ाई बजे के बीच का बताया जा रहा है। आरोपी सब इंस्पेक्टर कृष्ण लाल मंडी के सुंदरनगर उपमंडल के रहने वाला है। बताया जा रहा है, कि आरोपी के खिलाफ एक महिला ने शिकायत की थी। आरोपी शिकायतकर्ता महिला के भाई को आपराधिक मामले से बचाने की एवज में 50 हजार की रिश्वत की मांग कर रहा था। आरोपी द्वारा गिरफ्तारी को भी टाला जा रहा था। जिसके चलते स्टेट विजिलेंस व एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सदर पुलिस थाना के आइओ रूम में दबिश दी और पुलिस अधिकारी को काबू किया। विजिलेंस आरोपी सब इंस्पेक्टर की चल व अचल संपत्ति के अलावा बैंक खातों को भी खंगाल सकती है। मंडी के सुंदरनगर उपमंडल के रहने वाले आरोपी 56 वर्षीय सब इंस्पेक्टर कृष्ण लाल को अदालत में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं विजिलेंस की पुलिस अधीक्षक अंजुम आरा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपी को 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश किया जाएगा।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने विधायक आपके द्वार घार जनोल में शिरकत करते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को दूर करना उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा है कि किसी भी समस्या के लिये उनके घर हॉली लॉज के दरवाजे हमेशा खुले है। उन्होंने कहा कि जो प्रेम व सेवाभाव वीरभद्र सिंह पीछे छोड़ कर गए है उसी विरासत को वह आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास कर रहें है। विक्रमादित्य सिंह ने लोगों का आह्वान किया कि भाजपा की जम विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होना है। उन्होंने कहा कि भाजपा बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी पर कभी कोई बात नही करती। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आते ही लोगों की समस्यों को दूर करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में कर्मचारियों की मांगों को पूरा करते हुए उनकी पुरानी पेंशन को लागू करेगी। विक्रमादित्य सिंह ने इस दौरान क्षेत्र की लोगों की समस्याओं को सुना और उन्हें दूर करने का आश्वासन दिया। विक्रमादित्य सिंह ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की विभिन्न मांगों को स्वीकृति करते हुए 10 लाख के विकास कार्यो की स्वीकृति भी प्रदान की।
एक बार फिर किया प्रदेश का नाम रोशन प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि दो महिला क्रिकेटरों का चयन टीम इंडिया में हुआ है। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल क्रिकेट में भारत की ओर से प्रदेश की दोनों क्रिकेटर खेलेंगी।इंग्लैंड के बर्मिंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल चर्चा में है। पहली बार T20 क्रिकेट प्रतियोगिता इसमें शामिल कि जा रही हैं जहां हिमाचल क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रेणुका ठाकुर और हरलीन देओल भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा होंगे। इसी के साथ दोनों महिला राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाली पहली क्रिकेटर बन जाएगी। सूत्रों से पता चला है कि यह खेल 29 जुलाई से शुरू होंगे। टीम इंडिया को ग्रुप ए में शामिल किया गया है। शिमला की रेणुका जहां एक तरफ तेज गेंदबाज है वहीं दूसरी और पंजाब की हरलीन अपने बल्ले का जादू दिखाते नजर आती हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में अन्य शामिल होने वाली टीम में बारबाडोस, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल है। श्रीलंका के खिलाफ रेणुका ने छोड़ी छाप: हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ तीन एक दिवसीय मैचों की सीरीज में रेणुका ने गेंदबाजी से छाप छोड़ी है। दूसरे एक दिवसीय मैच में चार विकेट लेकर रेणुका प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शिक्षकों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अध्ययन और सफलतापूर्वक इसका कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। राज्यपाल आज यहां मान्यता प्राप्त उच्चतर शिक्षण संस्थानों की राज्य स्तरीय विश्लेषण की नैक रिपोर्ट जारी करने के बाद संबाेधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि उनके विचार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति हमारे शिक्षा क्षेत्र को उपनिवेशवाद के प्रभाव से मुक्त करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि केवल घोषणा मात्र से इस नीति का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित नहीं होगा। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने इस दिशा में प्रशासन के उच्चाधिकारियों को कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में साक्षरता दर लगभग 87 प्रतिशत है और प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र सराहनीय प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने विशेष बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से सम्बन्धित पुस्तकों के अलावा अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापकों की भावना की अहम भूमिका होती है। इस अवसर पर प्रधान सचिव शिक्षा मनीष गर्ग ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए नैक रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल देश का पांचवां राज्य है, जहां राज्यवार नैक रिपोर्ट जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में प्रदर्शन पर आधारित ग्रेडिंग का उल्लेख किया गया है, जो यह दर्शाता है कि प्रदर्शन के अनुसार हमारी स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि सभी महाविद्यालयों की नैक की रैंकिंग में भाग लेना चाहिए, ताकि भविष्य में समिति के मापदंडों के अनुरूप कार्य किया जा सके। नैक की सहायक निदेशक डॉ. विनीता साहू ने भी प्रदेश के व्यावसायिक महाविद्यालयों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. चंद्र मोहन परशीरा ने भी अपनी प्रस्तुति दी। नैक के सहायक निदेशक श्याम सिंह इंदा ने कहा कि यह रिपोर्ट प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रदान की जा रही शिक्षा पर आधारित है और गुणवत्ता मानक का संकेतक है। निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा ने इस अवसर पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
शिकावरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र स्थित शिकावरी में देव विष्णु मतलोरा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को उनके घरद्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए शिकावरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत शिकावरी में 5.12 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित उठाऊ सिंचाई योजना से क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से किसान नकदी फसलों की खेती का विकल्प चुन सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां प्रत्येक गांव के अपने देवता होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की देव संस्कृति न केवल अद्वितीय है, बल्कि प्रदेश के लोगों का जीवन में इसका बहुत प्रभाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना, सहारा योजना, हिमकेयर, शगुन योजना जैसी कई योजनाएं वरदान साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 400 करोड़ की तुलना में वर्तमान प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने में 1300 करोड़ व्यय कर रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने आज मंडी जिला की थुनाग तहसील के शिकावरी में आठ करोड़ से अधिक लागत की पांच विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत शिकावरी में 5.12 करोड़ लागत से निर्मित उठाऊ सिंचाई योजना, एलओपी शिकावरी में 66 लाख से जलापूर्ति योजना के संवर्द्धन और शिकावरी में 1.05 करोड़ से निर्मित जल शक्ति विभाग के निरीक्षण कुटीर का लोकार्पण किया। उन्होंने जल शक्ति निरीक्षण कुटीर के परिसर में देवदार का पौधरोपण भी किया। जयराम ठाकुर ने शिकावरी गांव के खेड़ी में बखाली खड्ड के ऊपर 90 लाख की लागत से निर्मित होने वाले 35 मीटर स्पेन जीपयोग्य पुल और रत्ती धार में 39 लाख से निर्मित होने वाले पंचायत सामुदायिक केंद्र लेहथाच का शिलान्यास किया। सीडी कॉपरेटिव वेल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष कमल राणा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी और हिमाचल प्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा डॉ. साधना ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
विवि छात्रावासों में छात्रों को आ रही दिक्कतों को लेकर एबीवीपी ने उपकुलपति को सौंपा ज्ञापन फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने मंगलवार दोपहर को विश्वविद्यालय के प्रति उपकुलपति को छात्रावास की मांगों को लेकर आज ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से मांग उठाई कि छात्रों से सम्बंधित इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इकाई सचिव कमलेश ठाकुर ने अपनी मांगों को विस्तार से बताते हुए कहा कि आज एबीवीपी एचपीयू इकाई के कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल में छात्रों को आ रही समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। अपनी मांगों को लेकर कमलेश ने कहा छात्रावासों में खाने की गुणवत्ता में लगातार गिरावट आ रही है। इसीलिए छात्रों को गुणवत्ता से भरपूर भोजन उपलब्ध करवाया जाए। अपनी दूसरी मांग को लेकर कमलेश ने कहा कि शहीद भगत सिंह और श्रीखंड हॉस्टल में जल्द से जल्द रेनोवेशन का कार्य पूरा किया जाए। अपनी तीसरी मांग को लेकर कमलेश ने कहा कि हॉस्टलों में व्यायामशाला के सभी उपकरण उपलब्ध करवाए जाए। अपनी चौथी मांग को लेकर कमलेश ने कहा कि हॉस्टलों में 24 घंटे पानी की व्यवस्था की जाए तथा हॉस्टल के शौचालयों, बाथरूम में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। कमलेश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि विवि प्रशासन जल्द से जल्द इन मांगों को पूरा करें। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए भी कहा कि अगर इन मांगों को प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी।
अमीषा कुल्ला। शिमला नौ जुलाई को जयपुर में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे 22 वर्ष के छात्र रोहडू के अमन बरागटा ने अपने छात्रावास में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र अमन बरागटा का शव सुबह कॉलेज के कोठारी छात्रावास के उसके कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला जिसके बाद मामला पुलिस के हाथों में गया और तफ़्तीश शुरू हुई। अब इस मामले में नया मूवी आया है, जहां अमन ने अपने आईपेड में लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस 5 पेज के सुसाइड नोट में उसने अपना दर्द बयां किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमन ने खुद को निर्दोष बताते हुए किसी युवती पर भी गलत होने का आरोप लगाया है। अमन ने लिखा, मैं गलत था तो तू भी सही नहीं थी। सुसाइड नोट अंग्रेजी और हिंदी दोनों ही भाषा में लिखा है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर अमन के दोस्तों से पूछताछ कर रही है। सुसाइड नोट में क्या लिखा आई एम सॉरी मम्मा पापा, आशा, भानिये, सिमरन, सुरेश और योगेश, सिमरन रियली सॉरी, तूने समझाया था। मैं नहीं माना, मैं उस परिवार से आता हूं, जहां उनकी सेल्फ रिस्पेक्ट जिंदगी से प्यारी है। तुम्हारे मुताबिक यह छोटी बात होगी, लेकिन मैं बहुत परेशान हो गया हूं। मेरी गलती नहीं है, उसने मुझे छोड़ दिया। यही वो चाहती थी। उसने सब कुछ तहस नहर कर दिया। कितना भी झूठ बोल ले, मेरी गवाही मेरी जिंदगी दे रही है। सुसाइड नोट अमन ने लिखा कि मुझे फंसाया गया है और मैं गलत नहीं हूं। 25 वर्ष के शिमला जिले रोहड़ू के अमन बरागटा ने बीते शनिवार को राजस्थान के जयपुर में एसएमएस मेडिकल कॉलेज में सुसाइड कर लिया था। एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले अमन फंदा लगाकर खुदकुशी की थी. अमन थर्ड ईयर का स्टूडेंट था और शिमला के रोहडू जिला का रहने वाला था। बीते शनिवार को उसका शव मेडिकल कॉलेज के पास स्थित हॉस्टल के बंद कमरे में मिला। शनिवार सुबह 11 बजे तक छात्र कमरे से बाहर नहीं लौटा, तब उसके साथी स्टूडेंटस को चिंता हुई। उन्होंने कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा, तो मेडिकल स्टूडेंट कमरे में पंखे के कड़े से फंदे पर लटकता हुआ नजर आया था। फिलहाल, सुसाइड नोट से पता चलता है कि पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
कोटखाई, ढांगवी के प्रोग्रेसिव बागवान व द एप्पल मिरर के संस्थापक सुनील चौहान द्वारा 10 जुलाई को फार्म फेस्ट एवं ऑर्चर्ड विजिट का आयोजन किया गया। इस फार्म फेस्ट में सेब की खेती, टॉप ग्राफ्टिंग, गुणवत्ता उत्पादन, पोषण प्रबंधन, एवं बागवानी प्रैक्टिसेज के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और सेब बागवानी में आ रही चुनौतियों व कई अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। इस फेस्ट में प्रदेश के लगभग 300 बागवानों ने भाग लिया एवम बागवानी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इस फार्म फेस्ट में यूएचएफ नौणी के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। उन्होंने फल उत्पादकों के सेब बागवानी से संबंधित विभिन्न प्रश्नों के जवाब दिए। नौनी के वैज्ञानिकों ने द एप्पल मिरर एवम सुनील चौहन का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बागवानों के लिए सीखने का बहुत अच्छा अवसर है। बागवानी में अपना कैरियर तलाश कर रहे युवा इस तरह के फेस्ट में आ कर सेब की विभिन्न किस्मों की प्रैक्टिकल जानकारी प्राप्त कर भविष्य के लिए सेब की किस्मों का चुनाव कर सकते हैं। नौणी के वैज्ञानिकों की टीम ने द एप्पल मिरर तारीफ करते हुए कहा कि सुनील चौहान ने जिस तरह के उत्पादन प्राप्त करने में सफलता पाप्त की है वो एक दम अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के मानकों के बराबर है। वहीं द एप्पल मिरर के संस्थापक सुनील चौहान ने कहा कि इस तरह के आयोजन साथी बागवानों के साथ ज्ञान साझा करने के प्रयास का एक महत्वपूर्ण और अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि द एप्पल मिरर आने वाले समय मे बागवान और विश्वविद्यालय के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला आम आदमी पार्टी का बदलाव मार्च अभियान पूरे प्रदेश में जोरों-शोरों से चल रहा है। इसी कड़ी में आप कार्यकर्ता जगह-जगह बदलाव मार्च और जन संवाद कार्यक्रम के साथ साथ प्रभात फेरी का आयोजन भी किया जा रहा है। राजधानी शिमला के भराड़ी में भी आप कार्यकर्ताओं घर-घर जाकर पार्टी का प्रचार प्रसार किया। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने लोगों से आम आदमी पार्टी का समर्थन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस और बीजेपी की जन विरोधी नीतियों और पांच-पांच वर्ष की बारियों से आम आदमी परेशान है और इस बार हिमाचल में भी आम आदमी पार्टी को जिस तरह का प्यार, स्नेह और आशीर्वाद मिल रहा है, उससे आम आदमी पार्टी प्रदेश में लोगों की पहली पसंद बन गई है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस बार एक बार सेवा करने का मौका मांग रही है। यदि एक बार मौका मिलने के बाद काम नहीं करेंगे, तो अगली बार दोबारा मौका मत देना। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जो लोगों से वायदा करती है, उसे पूरा करके ही दम लेती है, इसका नतीजा पहले दिल्ली में और अब पंजाब में देखने को मिल रहा है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के संगठन मंत्री विजय सिंह मट्टू, नरेंद्र ठाकुर, ममता चंदेल, प्रेम ठाकुर, साहिल, योगेश, गौरव सरसवाल, संदीप, यश शर्मा, गोपाल शर्मा राहुल और रवि सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।इस मौके पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार देश के इतिहास में काला अध्याय जोड़ रही है। हाल ही में महाराष्ट्र की सरकार में तोड़फोड़ कर शिव सेना के विधायकों की खरीद फरोख्त कर अपनी सरकार बनाई है और अब गोवा में कांग्रेस के विधायकों को खरीदा जा रहा है, जो लोकतंत्र की हत्या कर रही है। भाजपा अब पूरे देश में विधायकों की खरीद फरोख्त कर रही है, जो किसी भी देश के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि भाजपा अपने आपको विश्व की सबसे बड़ी पार्टी कहलाती है, लेकिन सता में आने के लिए कुछ भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। यह जुमलेबाजी और दिखावा करने में विश्वास रखती है। आज देश की जनता महंगाई से त्रस्त है, लेकिन भाजपाई एक भी शब्द बोलने को तैयार नहीं है। आज देश में जगह-जगह प्रदर्शन हो हैं, लेकिन भाजपा के नेता अपनी सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद फरोख्त कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। अब समय आ गया है कि भाजपा को प्रदेश से लेकर केंद्र तक सत्ता से बाहर करना है। इसके लिए आम आदमी चुनावों का इंतजार कर रही है, ताकि इसका जबाव चुनाव में दिया जाए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज हिमाचल भवन, चंडीगढ़ में लगभग 43.27 लाख की लागत से निर्मित सम्मेलन हॉल जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 33 प्रतिभागियों की क्षमता के इस हॉल मेें आधुनिक ध्वनि प्रसार संयंत्र और डिसप्ले स्क्रीन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आपसी संवाद और बैठकों का प्रचलन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। इसी के दृष्टिगत आधुनिक सुविधाओं से युक्त आधारभूत ढांचे के सृजन पर विशेष बल दिया जा रहा है। कोविड संकटकाल के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा अधिकांश बैठकों का संचालन वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से किया गया और सभी दायित्वों का निर्वहन बखूबी सुनिश्चित हुआ। आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी तकनीक ने कार्यपद्धति को बदला है और इससे समय की बचत भी सुनिश्चित हो रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित किए जा रहे अधिकांश कार्यालय भवनों और अन्य महत्वपूर्ण इमारतों में नवीनतम प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर विशेष बल दिया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह इमारतें इको-फ्रेंडली होने के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी पूर्ण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल भवन, चंडीगढ़ में इस सम्मेलन हॉल से सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, चंडीगढ़ में बसे हिमाचलवासियों, विभिन्न संघों, प्रेस व मीडिया सहित अन्य लोगों को भी अपनी बैठकों व सम्मेलनों के आयोजन के लिए सुविधा उपलब्ध होगी। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें पर्यटन निगम की विभिन्न नवोन्मेषी परियोजनाओं की जानकारी प्रदान की।


















































